अब सवाल यह है आपसे कमलजीत किसी भी देश की जो जनता है वो एक तरह से ताकत है उसकी सरकार की लोगों के भीतर कोई खौफ नहीं है लेकिन जनता भी इस बार ना इस नरसंहार के बाद ऐसी नजर आई ऐसी एकजुटता और इस एक सुर में सवाल उठाया गया और कहा गया कि शांति बहुत जरूरी है लेकिन कायर नहीं हो सकते। इस बार जवाब देना बहुत जरूरी है। वहीं दूसरी तस्वीर की हम बात करें जो रात भर देखी गई है। अलग-अलग शहरों में पाकिस्तान के भीतर बहुत जबरदस्त भागदौड़, बहुत ज्यादा घबराहट लोग घरों के
बाहर निकल आए थे। यहां तक कि मस्जिदों से बार-बार ऐलान करना पड़ रहा था कि आप घरों के भीतर जाएं और बत्तियां बुझाएं। लोग बहुत ज्यादा खौफ में नजर आए। देखिए खासतौर पे जो नियंत्रण रेखा के पार रहते हैं वह भी टेंशन में रहते हैं और इस वजह से हमने देखा है कि खासतौर पे जब भारत का एक्शन हुआ पाकिस्तान में जिस तरह का एक केस और कन्फ्यूजन था और जैसे अशरफ कह रहे हैं क्योंकि ये कन्वेंशनल वॉरफेयर है अब इस्तेमाल किया जा रहा है ड्रोंस का और खासतौर पे इस तरह का जो ड्रोन अटैक
है पहले भारत ने किया तो वहां पे जो रिस्पांस था वो रिस्पांस था कन्फ्यूजन का खासतौर पे ये जो मिलिट्री एसेट्स हैं खा आपको बता दें कि प्रोवोकेशन क्या थी पहला प्रोव प्रोवोकेशन था पहलगा। दूसरा प्रोवोकेशन था जो आर्टिलरी स्ट्राइक की गई है खासतौर पे पुज में, उडी में, बाकी इलाकों में। तीसरा प्रोवोकेशन था कि किस तरह से उन्होंने 15 जो सिटीज हैं उनको निशाना बनाने की कोशिश की। वहां पे जो मोटार्स हैं और जहां पे हमने देखा है कि जो लो रेंज मिसाइल्स हैं उनको न्यूट्रलाइज किया गया। तब भी अमृतसर में गुरदासपुर में धमाकों
की आवाज सुनाई दी। खासतौर पे वहां पे जैसे हम बात कर रहे हैं मजीठिया के पास वहां पे अगर हम बात करें टिबड़ी के पास गुरदासपुर में तो हर जगह वहां पे कोशिश की गई कि कहीं ना कहीं नापाक इरादे रहे पाकिस्तान के पर कहीं ना कहीं जो रात को यानी देर रात तक जो हम बात करें ड्रोन की एक सिंबॉलिक सेंस जरूर है क्योंकि कोई मिलिट्री एसेट कोई डैमेज नहीं कोई कैजुअल्टी नहीं कोई इंजरी नहीं लेकिन साथ ही साथ आपको बता दें पाकिस्तान ने एक डिनाबिलिटी भी रखी है क्योंकि लगातार वो बोल रहे हैं
कि ये फॉल्स फ्लैग है यह भारत ने खुद करा है। तो अजीबोगरीब बातें करता है पाकिस्तान क्योंकि पहलगाम के बारे में भी उनका यही कहना था और यहां पर जहां पे सबूत हैं खासतौर पे जो टेरा स्ट्राइक्स हैं या जो टेरा कैंप्स वहां पर हैं लॉन्च पैड्स हैं। ये जो सारी जानकारी है अक्सर भारत ने साझा की है। इंटरनेशनल प्लेटफार्म पे भी की है। पाकिस्तान को भी की है। लेकिन कारवाई नहीं हुई है। मौलाना मसूद असर हैं। हाफिज सईद हैं। और ये यूएन प्रोस्राइब्ड आतंकी हैं। इनके ऊपर लाखों रुपए का इनाम है। उसके बावजूद हमने
देखा है कि किस तरह से पाकिस्तान ने कोई काम नहीं किया। कोई कार्रवाई नहीं की। ओसामा बिन लादन की बात करें। तो वहां पे एक जो पाया गया जी बोटाबाद में। तो यहां पे जो इंफॉर्मेशन है कि पाकिस्तान में हमेशा से एक अह सॉफ्ट टेरर अप्रोच रहा है खासतौर पे वहां पे। और जब अह टेरर साइट्स को टारगेट किया गया। तब भी यह जानकारी आई कि जो कमांडर्स हैं लश्कर ताबा के और जैश-ए-मोहम्मद के, उन्होंने मुलाकात की थी पाकिस्तान के कमांडर से और उस वक्त भी यह वाली बात थी कि यहां पे जो आतंकी घूम
रहे हैं तकरीबन 140 से 70 जम्मू में बताए जाते हैं और तकरीबन 70 कश्मीर घाटी में और वहां पे उन्होंने कहा कि एक संकेत देके यहां पे भी एक हमला करवाने की साजिश रच सकते हैं। तो वहां पे पाकिस्तान का उनको रेस्ट्रेंड यह था कि मिलिट्री कार्रवाई होगी और इसका एस्केलेशन और एक बड़ा जवाबी कार्रवाई-h भारत की तरफ से हो सकता है और इसी वजह से उनको बोला गया लेकिन जो सूत्र हमें बता रहे हैं कि ये आतंकी ज्यादा कंट्रोल में पाकिस्तान सेना के भी नहीं है। कुछ समय तक तो सुनेंगे। लेकिन कहीं ना कहीं
कोई ना कोई कारवाई कर सकते हैं और यह जानकारी है कि जम्मू कश्मीर में चाहे हम बात करें सुरक्षा ठिकानों पर बात करें या कई जगह जहां पे मंदिर हैं या फिर जो रिवर के इंस्टॉलेशंस हैं, डैम के इंस्टॉलेशंस हैं उनको निशाना बना सकते हैं। तो अगले कुछ दिन सतर्क रहने की बहुत जरूरत है। और शायद इसी वजह से एक हाइटेड अलर्ट है। 14 दिन हो चुके हैं। उसके बाद हम बात करें चाहे जम्मू कश्मीर और पंजाब है। ये दो इलाके हैं वो ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि ये पाकिस्तान के साथ लगे हुए हैं। लेकिन राजस्थान,
गुजरात ये इलाके हैं और खासतौर पे हिंटलैंड के इलाके हैं। वहां पे भी एक हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। बिल्कुल कमलजीत बने रहे हमारे साथ। श्रेया आपसे समझना चाहेंगे कि क्या साफ हो पाया कि रक्षा मंत्री के साथ सीडीएस और बाकी के तीनों ही सेनाओं के प्रमुखों की जो मीटिंग होने जा रही है उसका क्या समय रखा गया है और क्या कोई और भी प्रेस कॉन्फ्रेंस हम एक्सपेक्ट कर रहे हैं आज? देखिए जैसा कि हम रात भर अपेक्षा कर रहे हैं। अभी भी हम लोगों को वो ऑफिशियल कंफर्मेशन और टाइमिंग मिलना बाकी है।
लेकिन क्योंकि तमाम ऐसे सरकार या फिर सरकार के नेताओं के हैंडल से ट्वीट आई है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस की इंतजार कीजिए। तो इसमें कोई डाउट नहीं है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। कुछ ही देर में हमें टाइमिंग भी पता लग जाएगा। जहां तक बात है रक्षा मंत्री के साथ सीडीएस और अन्य सेना प्रमुखों की मीटिंग की उसकी भी हमें समय पता लग जाएगा क्योंकि बात है जवाब देने की कि क्या-क्या हुआ है और आखिर में कारवाई किस तरीके से की गई है। बिल्कुल एक बार फिर से अपने दर्शकों को बता दें कि अलग-अलग जो तस्वीरें सामने
आ रही हैं। आज का दिन बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होने जा रहा है। रक्षा मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के रक्षा मंत्री ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण मीटिंग बुलाई है जिसमें सीडीएस होंगे। तीनों ही सेना के प्रमुख होंगे और कहा यह भी गया था निशिकांत दुबे की तरफ से भी आधी रात को कि आप सुबह का इंतजार करिए सरकार की तरफ से भी साफ किया जाएगा कि आखिर रात भर हुआ क्या है। आपको यह भी बता दें कि अलग-अलग जगहों पर धमाकों की आवाें रात भर आती रही हैं और उमर अब्दुल्ला अलग-अलग जगहों पर वो आज
विजिट करेंगे पहुंचेंगे कि कहां कितना नुकसान हुआ है यह जानने के लिए। हमारे साथ हमारे सभी संवाददाता लगातार बने हुए हैं और आपको यह भी बता दें कि आज का दिन कुल मिलाकर बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होने जा रहा है हर लिहाज से। कमलजीत एक बार फिर से हम आपका रुख करेंगे। साथ ही साथ हमारे साथ बृजेश दोषी भी जुड़ गए हैं। बृजेश गुजरात के बारे में हमें पो्स के बारे में जानकारी दीजिए। किस तरह की जानकारी वहां से मिल पा रही है? देखिए अभी हम फिलहाल भूज में हैं जो कच्छ जिला है जो पाकिस्तान
से सबसे सटा हुआ है। जमीनी तौर पे और समुद्री तौर पे दोनों जगह से। पाकिस्तान से सबसे नजदीकी जो जिला है वो कच्छ है। तो कल रात जो है पांच से छह ड्रोन देखे गए थे और उसमें से तकरीबन ज्यादातर ड्रोन जो है वो गिरा दिए गए थे। रक्षा सूत्रों की जो माने तो सारे ड्रोनस जो है वो डिस्ट्रॉय कर दिए गए थे। शायद एक ही ड्रोन जो है वो वापस जा पाया था। जब शाम को 8:30 से 9:30 के बीच में जब ड्रोन अटैक हुआ पूरे वेस्टर्न भारत पे तो पश्चिमी शोर पे जितने भी
की स्पॉट्स थे जैसे कि सुबह में भी रक्षा मंत्रालय की जो प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी उसमें कहा गया था कि 15 लोकेशन है जहां आर्मी बेस है वहां पे जो है अटैक पाकिस्तान करना चाहता था तो उसी इलाकों में जो है वो ड्रोन अटैक हुए थे और उसके बाद यहां से रिटेलेट किया गया और सारे ड्रोन जो है वो तोड़ गिराए गए थे पर अभी भी जो है अलर्ट है यहां पे ब्लैकआउट कर दिया गया था कच्छ के सीमावर्ती बाकी जितने भी गांव हैं सभी जगह ब्लैकआउट कर दिया गया था। कच्छ, बनासका और पाटन ये
तीन जिले हैं जिसकी सरहद जो है वो पाकिस्तान से जुड़ती है। तो वहां पे जितने भी गांव हैं सभी गांव को ब्लैक आउट करवा दिया गया था। साथ ही जो समुद्री सीमा है चाहे वो कच्छ का समुद्र हो या द्वारका जामगर पोरबंदर हो सभी जगह पर जो है वो एजेंसी अलर्ट पे रही है। कहीं पर भी कोई हताहत की खबर नहीं है। पर सबसे ज्यादा जो इफेक्ट हुआ था वो कच्छ में ही हुआ था। कच्छ में ही हमला करने की कोशिश की गई और वहां पे सारे ड्रोन गिराए गए थे। कल देर रात अह राज्य
के गृह मंत्री ने एक इमरजेंसी मीटिंग भी ली थी। हालात का जायजा लिया था। किस तरह की स्थिति है और किस तरह हम आने वाली स्थिति को जो है वो कंट्रोल कर सकते हैं। लोगों में पैनिकिक ना हो उसके साथ जो है लोग गंभीरता से इस बात की भी ध्यान रखें कि हमला कभी भी वक्त हो सकता है। तो ये सारी चीजें लोगों को बतानी है और इसके लिए सरकार की तरह से पूरी तैयारी करी है। आज की आज भी जो है सुबह राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल जो है वो एक मीटिंग करेंगे जिसके अंदर
प्रशासन को जो है वो अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। प्रशासन की सारी छुट्टियां जो है वो रद्द कर दी। पुलिस की तो छुट्टियां पहले ही रद्द कर दी गई थी। अब सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई है और किसी भी हालात को पहुंचने के लिए सब तैयार रहे। ये सूचनाएं जो है सभी अधिकारियों को दी गई हैं। बिल्कुल बृजेश एक और चीज जिस तरीके से आप कह रहे हैं ना कि सायरन की आवाज है और जिस तरीके से ब्लैकआउट किया गया। अलग-अलग जगहों से कुछ इसी तरह की खबरें आई। तो
जो सीमावर्ती इलाके हैं वहां के लोगों से आपकी बात हुई क्या? उनका क्या रिएक्शन था? देखिए बिल्कुल जब कल सुबह ही एक ड्रोन जो है कच्छ के एक इलाके में गिरा था जिसके बाद वहां के लोगों से बात हुई थी। उन्होंने ड्रोन को देखा भी था वहां पे कि जो है किस तरह से ड्रोन उड़ता हुआ आया और एक बिजली के खंभे में फंस गया और उसके बाद वो गिर गया। तो जो स्थानीय लोग हैं उन्होंने जो है वो ड्रोन देखे थे। पर रात के जो ड्रोन जो थे वो कच्छ की सीमा के अंदर आ
पाते उससे पहले उसे गिराए गए थे। तो लोगों ने जो है वो ड्रोन नहीं देखे हैं क्योंकि वो जो है बैरन लैंड है वहां पे जो है वो वहां पे बीएसएफ फ्रंट लाइन पे है और उसके बाद जो है गांव शुरू होते हैं लोगों की बस्तियां शुरू होती हैं। तो वहां तक ड्रोन पहुंचे उससे पहले उसे गिरा दिया गया था। तो रात के जो ड्रोन अटैक था वह लोगों ने जो है नहीं देखा और ना ही उसके कोई जो विजुअल्स जो है वह कैप्चर हुए हैं। सत्तावर तौर पे जो है सूत्रों ने जो सरकारी सूत्र
है उन्होंने ये कंफर्म किया था कि छह ड्रोन जो है वो कच्छ के सीमावर्ती इलाकों में देखे गए थे और उनको मार गिराया गया