से पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगाम इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली। यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9
जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 किमी की दूरी पर है। साबा कटमा के सामने मार्च 2025 में
जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को की जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल
कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड वाले 10 हुआ है टारगेट एनक्लोज़र सेम ही है। इट इज़ हिट द टारगेट। हां [संगीत] हां दो। [संगीत] ओके। [संगीत] अभी अभी हुआ है। अभी राइट [संगीत] मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक
क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन ऑफ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ एनश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज़्म ऑफ़ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड
कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म्ड फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन। जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच। लेडीज एंड जेंटलमेन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंडजेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज़ स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चन्स एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शॉर्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय
हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद
लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से
अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए
इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी
समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस
टीम के योजनाकारों और उनके समर्थों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें
इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय
के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का
जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया
गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लुडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 2008 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क्ड बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी वि द
विक्टिम्स मोस्टली किल्ड विथ हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेरेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट
फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूड क्रॉस बॉर्डर टेररिज़्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम
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बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैकर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तानस लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरर इंडिया व्हिच इज वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एज़ अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विथ इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन
एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट ग्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ इंडिया फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विथ अ सेट ऑफ़ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विथ इन पाकिस्तान यू आर ऑल अवेयर
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अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीएम एस वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दीज़ एकशंस वर मेजर्ड नॉन एस्कलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसेबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th एप्रिल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पॉन्सर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट।
इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एक्शंस अर्लियर दिस मॉर्निंग। आवर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह। आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू। [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 की रात रात 1 बज :5 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए
विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरेस कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजे के दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म फोर्सेस टू डिलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स
वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स, पाकिस्तान हैज़ सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज़ वेल एज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्युपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर
हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वर सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ़्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइव्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन। पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी। सबसे पहले सवाई
नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगाम इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ
यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 किमी की दूरी पर है। साबा कटमा के सामने मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस
के चार जवानों को की जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली
भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड वाले गेट 10 हुआ है इसमें भी टारगेट 10 हुआ एनक्लोजर सेम ही है इट हिट द टारगेट हां [संगीत] हां आ [संगीत] गया ओके [संगीत] अभी अभी हुआ है अभी राइट [संगीत] मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह
की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रसीजन कैपेबिलिटी एज शोन टू यू अ नीच टेक्नोलॉजी वेपन्स विथ केयरफुल सिलेक्शन ऑफ़ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ एनश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड इच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग ओर अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड इंडिया
हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया आई आस्क योर इंडजेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज़ स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चंस एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक
यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें
वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो
करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ
कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तबा और जैश-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे
छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस
ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फ़ोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का
मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों
को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार
हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर
जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी वि
द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड विथ हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड
क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूड क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम्ड रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग
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नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तानस लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरिटरी इंडिया व्हिच इज़ वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिज़र्व्ड रेपुटेशन एज़ अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन
पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट क्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडिबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर ऑल अवेयर ऑफ द
डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द 22 अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्टनाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्जड्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ़ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वास दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीएम अर्लियर दिस मॉर्निंग
एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीएम एज वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दीज़ एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसेबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया। यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पॉन्सर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस
शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एक्शंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 की रात रात 1:05 5 मिनट से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए विभत्स आतंकवादी हमले
के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरेस्ट कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म्ड फोर्सेस टू डेलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली
डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स, पाकिस्तान हैज़ सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज़ वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागवलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों
की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेट्रेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वाज़ सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर्स एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइव्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो
कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 किमी दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनम्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगाम इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले
में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिमबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटमा के सामने है। मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों
को कि जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन
हुए थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड वाले 10 हुआ है। टारगेट 10 हुआ है। एनक्लोजर सेम ही है। इट एट द टारगेट। हां हां [संगीत] [संगीत] ओके साइड [संगीत] अभी अभी कॉल हुआ है। अभी राइट [संगीत] मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर ये इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इन डॉक्ट्रिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की
रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रसीजन कैपेबिलिटी एज शोन टू यू अ नीच टेक्नोलॉजी वेपन्स विथ केयरफुल सिलेक्शन ऑफ़ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ इंश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड इच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग ओर अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट
इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच लेडीज़ एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया आई आस्क योर इंडल्लजेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज़ स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चंस एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार।
इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्याधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को
करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक
कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले
की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के
माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के
योजनाकारों और उनके समर्थनों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी
को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वह जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे
में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने
और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था।
भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क्ड बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी विथ द विक्टिम्स मोस्टली
किल्ड विथ हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेरेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड
फॉर कंटिन्यूएड क्रॉस बॉर्डर टेररिज़्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द
यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एज़ अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जैश-ए-मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एज़ एज़ द टीआरएफ पाकिस्तानंस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन टू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रिपोस्टिंग बाय नोन सोशल
मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तान लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरिटरी इंडिया व्हिच इज वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एस अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़
बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट ग्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ़ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट
वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्टाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ़ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वास दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीएम अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड
बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीएम एज वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दीज़ एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशननेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसएबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया। यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पोंसर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन
इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एक्शंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विथ ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 25 की रात रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगांव में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों
व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरेस कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म फोर्सेस टू डिलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट
थ्री डेकेड्स पाकिस्तान हैज़ सिस्टमेटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज़ वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्युपाइड ऑक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा
सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वाज़ सो सिलेक्टेड टू अवॉइड डैमेज टू सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइफ्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन
ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर ततबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगाम इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी
को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जन कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 किमी की दूरी पर है। साबा कटवा के सामने मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को की जो हत्या की
गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया
कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड वाले टारगेट 10 हुआ है इसमें भी टारगेट 10 हुआ है एन क्लोज सेम ही है द टारगेट हां हां [संगीत] ओके [संगीत] अभी अभी कॉल हुआ है। अभी राइट [संगीत] मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 कि.मी. दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद।
द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू अ नीच टेक्नोलॉजी वेपन्स विथ केयरफुल सिलेक्शन ऑफ़ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ इंश्योर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलैटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड इच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग ओर अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट
बी सेड दैट द इंडियन आर्म्ड फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया आई आस्क योर इंडल्जेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज़ स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक टेक क्वेश्चंस एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने
के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों
के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले
का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह
समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तबा और जैश-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को
संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थों की
जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फ़ोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित
कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के
एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका
प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस
कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी वि द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड वि हेड शॉट्स फ्रॉम
क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूड क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म
फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम्ड रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन
मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एस अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जयश मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एस द टीआरएफ पाकिस्तानस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इंटू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रीपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा
स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तानस लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरिटरी इंडिया व्हिच इज़ वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिज़र्व्ड रेपुटेशन एज़ अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द
वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट क्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडिबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़
अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द 22 अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्टनाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्जड्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ़ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स, इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वास दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीएम अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स
राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीएमप्ट एज वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दिस एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसेबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया। यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पॉन्सर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी
फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एक्शंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 की रात रात 1:05 5 मिनट से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को
न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरिस्ट कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म्ड फोर्सेस टू डेलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेेड्स, पाकिस्तान हैज़
सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज़ वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास
ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेट्रेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वाज़ सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ़्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइव्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30
किमी दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनम्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगाम इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया
था। [संगीत] बरनाला कैंप बिमबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटमा के सामने है। मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को कि जो हत्या की गई थी उन
आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग सेकंड [संगीत]
[संगीत] सेकंड 10 हुआ है टारगेट एनक्लोज़र सेम ही है। इट इज़ एट द टारगेट। हां हां [संगीत] [संगीत] ओके [संगीत] अभी अभी कॉल हुआ है। अभी [संगीत] राइट मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन
थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन ऑफ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ इंश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज़्म ऑफ़ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म फोर्सेस आर
फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिस्पोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन। जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच। लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंडल्जेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चंस एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शार्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप
सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्याधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के
इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस
संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर
तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल
को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थकों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में
सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम
स्वरूप वह जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र
या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है।
यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड
मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क्ड बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी विथ द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड विथ हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली
मेंबर्स वर डेलीबेरेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूएड क्रॉस बॉर्डर टेररिज़्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो
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अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जयश मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एज़ एज़ द टीआरएफ पाकिस्तानस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन टू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रिपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द
अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तान लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरिटरी इंडिया व्हिच इज वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एस अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द
फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट ग्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ़ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट
द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्ट नाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ़ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वास दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीएम अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीएम एज वेल
एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दीज़ एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसएबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया। यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पोंसर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एक्शंस अर्लियर
दिस मॉर्निंग आर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विथ ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर विमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 25 की रात रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगांव में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था।
इस कारवाही में नाइन टेरेस कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजे के दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म फोर्सेस टू डिलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स पाकिस्तान हैज़ सिस्टमेटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ
कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज़ वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्युपाइड ऑक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और
सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस ज़ सो सिलेक्टेड टू अवॉइड डैमेज टू सिविलियन इंफ़्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइफ्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर ततबा
का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगाम इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिबर यह एलओसी
से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जन कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 किमी की दूरी पर है। साबा कटवा के सामने मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को की जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया
था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड वाले टारगेट 10 हुआ है।
इसमें भी टारगेट 10 हुआ है। एनक्लोोज सेम ही है। इट ह द टारगेट। हां हां [संगीत] ओके [संगीत] अभी अभी हुआ है अभी राइट मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज़
शोन टू यू अ नीच टेक्नोलॉजी वेपन्स विथ केयरफुल सिलेक्शन ऑफ़ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ इंश्योर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलैटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड इच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग ओर अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म्ड फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड
टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया आई आस्क योर इंडल्जेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज़ स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक मेक क्वेश्चंस एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं
22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से
परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र
में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा
हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तबा और जैश-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी
काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद
को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फ़ोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित
पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण
वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली,
नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू
ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी वि द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड विद हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेरेटली ट्रोमेटाइज्ड
थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूड क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव
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एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तानस लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरिटरी इंडिया व्हिच इज़ वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिज़र्व्ड रेपुटेशन एज़ अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस
इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट क्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडिबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द
22 अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्टनाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्जड्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ़ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वास दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीएम अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीएम एज वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर
अटैक्स दिस एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसेबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया। यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पॉन्सर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एक्शंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आर कर्नल सोफिया कुरैशी
एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 25 की रात रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरेस्ट कैंप्स
को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म्ड फोर्सेस टू डेलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स, पाकिस्तान हैज़ सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स,
ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज़ वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द
सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेट्रेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वाज़ सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर्स एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइव्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 किमी दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024
सोनम्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगाम इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिमबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर
हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटमा के सामने है। मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को की जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट।
यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड 10 हुआ है टारगेट एनक्लोज़र सेम ही है। इट इज़ एट
द टारगेट। हां हां [संगीत] ओके [संगीत] अभी अभी कवर हुआ है। अभी [संगीत] राइट मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन
ऑफ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ इंश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज़्म ऑफ़ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिस्पोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस
सिचुएशन। जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच। लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंडल्जेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चन्स एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शार्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान
प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें
यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा
जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर
2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए
पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थनों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी
जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि
पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के
लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर
को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन
अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया। दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीज इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई द अटैक इन पहलगाम वास् मार्क्ड बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी विथ द विक्टिमस मोस्टली किल्ड विथ हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज फैमिली मेंबर्स वेर डेलिब्रेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एक्सर्टेशन
दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर इन पर्टिकुलर इट वाज़ डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ़ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रिजुमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूड क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कॉर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड
द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ़ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फोइयल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम रिस्पांसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एस अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड
इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जैश-ए-मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एस द टीआरएफ पाकिस्तानंस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन टू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रीपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज
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शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 25 की रात रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगांव में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेररिस्ट कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद
किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म्ड फोर्सेस टू डेलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स, पाकिस्तान हैज़ सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स
फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागवलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन
क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेट्रेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वर सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ़्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइफ्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन। पीओ जेके के टारगेट किलोमीटर दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनम्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगांव इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग
एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिमबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था।
इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटवा के सामने है। मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को कि जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट
एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग कमिंग [संगीत] [संगीत] सेकंड 10 हुआ है टारगेट एनक्लोज़र सेम ही है। इट इज़ एट द टारगेट। हां हां [संगीत] [संगीत] ओके [संगीत] अभी अभी कवर हुआ है। अभी [संगीत] राइट मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद
का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन ऑफ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ इंश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ
स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ़ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिस्पोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन। जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच। लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंडल्जेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज
स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चंस एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शार्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट
उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति
को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष
राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे
पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तबा और जैश-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए
गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप
से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी
ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त
राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड
इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी वि द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड विथ हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलिबेरेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वास क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट
वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूड क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द
रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम्ड रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एस अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जयश मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एस द टीआरएफ पाकिस्तानस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल
25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन टू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रीपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद
पाकिस्तानस लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरिटरी इंडिया व्हिच इज़ वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिज़र्व्ड रेपुटेशन एज़ अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट क्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम
हैज़ अंडरस्टैंडिबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द 22 अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्टनाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर
इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्जड्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ़ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स, इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वास दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीएम अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीएम एज वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दिस एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसेबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया। यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th
अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पॉन्सर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एक्शंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आवर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज
आपको 6 से 7 मई 2025 25 की रात रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरेस्ट कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल
थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म्ड फोर्सेस टू डेलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स, पाकिस्तान हैज़ सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज़ वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर
लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागवलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेट्रेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वाज़ सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर्स एंड लॉस ऑफ़
एनी सिविलियन लाइव्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 किमी दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनम्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगांव इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग
का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिमबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी।
अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटवा के सामने है। मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को कि जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप
से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड 10 हुआ है इसमें भी टारगेट एनक्लोज़र सेम ही है। इट इज़ एट द टारगेट। हां हां [संगीत] [संगीत] ओके [संगीत] अभी अभी कॉल हुआ है। अभी राइट मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर ये इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग
व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन ऑफ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ इंश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स।
ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ़ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिस्पोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन। जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच। लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंडल्जेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर
फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चंस एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शार्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर
2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया
गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के
उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर
के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तबा और जैश-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात
सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने
से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फ़ोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर
कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के
विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले
पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन
नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी वि द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड वि हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलिबेरेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वास क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे
ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूड क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम्ड रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द
अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एस अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जयश मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एस द टीआरएफ पाकिस्तानस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़
नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन टू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रीपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तानस लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस
बॉर्डर टेरिटरी इंडिया व्हिच इज़ वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिज़र्व्ड रेपुटेशन एज़ अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट क्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडिबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू
एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द 22 अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्टनाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्जड्ड
इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ़ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स, इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वास दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीएम अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीएम एज वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दीज़ एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसेबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया। यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट
ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पॉन्सर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एक्शंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर विमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 की
रात रात 1:05 5 मिनट से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरेस्ट कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत
जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म्ड फोर्सेस टू डेलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स, पाकिस्तान हैज़ सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज़ वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्युपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन
द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागवलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वाज़ सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर्स एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइव्स। दिस वास डन
विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनम्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगांव इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप
कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिमबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के
टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटवा के सामने है। मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को कि जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया
था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] ये दूसरा आया। सेकंड सेकंड कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड 10 हुआ है टारगेट 10 हुआ एनक्लोजर सेम ही है इट इज़ एट द टारगेट हां हां [संगीत] [संगीत] ओके अभी हुआ है अभी राइट [संगीत] मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी
था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन ऑफ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ इंश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड
विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज़्म ऑफ़ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिस्पोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन। जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच। लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंडल्जेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू
टेक क्वेश्चंस एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शार्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद
यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर
से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था।
इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की
भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको
रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थनों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके
अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी
उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो
सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी
किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया। दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द
लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीज इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई द अटैक इन पहलगाम वास् मार्क्ड बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी विथ द विक्टिमस मोस्टली किल्ड विथ हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज फैमिली मेंबर्स वेर डेलिब्रेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एक्सर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर इन पर्टिकुलर इट वाज़ डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ़ द इकॉनमी टूरिज्म विद
अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रिजुमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूड क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कॉर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ़ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फोइयल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम रिस्पांसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज अ
फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एस अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जैश-ए-मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एज द टीआरएफ पाकिस्तानस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन
टू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रीपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तानस लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरर इंडिया व्हिच इज वेल
डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एस अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट क्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स
ऑफ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द 22 अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्टाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर
इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ़ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वास दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीएम अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीम एज वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दीज़ एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसएबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया। यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग
एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पॉन्सर्स ऑफ दिस रेपहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एकशंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आवर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई मई 2025 की रात रात 1:05 से 1:30
बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगांव में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरिस्ट कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं।
ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म फोर्सेस टू डिलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स पाकिस्तान हैज़ सिस्टमेटिकली बिल्ड टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्युपाइड ऑक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई
नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्सिममेटली 21 एंडिंग एट भागवलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वर सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर्स एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइफ्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड
फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगाम इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर
था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीथ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जल
कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटवा के सामने मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को कि जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से
18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया। [संगीत] [संगीत] अगले 10 हुआ है इसमें भी टारगेट 10 हुआ एन क्लोजर सेम ही है इट एट द टारगेट हां हां [संगीत] ये [संगीत] ओके अभी हुआ है अभी राइट [संगीत] मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना
चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेस कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन ऑफ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ एनश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ़ द
इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्ज़क्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म्ड फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन। जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच। लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंडल्लजेंस टुडे। इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चन एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर
मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शॉर्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम
नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का
मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना
चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत
ने इस टीम को लश्कर तयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न
जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थकों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क
फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की
गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफ़िया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद
आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों,
फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लुडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया
सिंस द 26 नवंबर अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क्ड बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी वि द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड वि हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेरेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन
प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूड क्रॉस बॉर्डर टेररिज़्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज
नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एज़ अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जयश मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एस एज़ द टीआरएफ पाकिस्तानस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इंटू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स
ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रीपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैकर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तानस लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरर इंडिया व्हिच इज वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन
एज़ अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विथ इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट क्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ इंडिया फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड
विथ अ सेट ऑफ़ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विथ पाकिस्तान यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द 22 अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्ट नाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी ऑर ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर
अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वाज़ दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीम। अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीएम एस वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दीज़ एकशंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसेबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th एप्रिल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स
एंड स्पॉन्सर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एक्शंस अर्लियर दिस मॉर्निंग। आवर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह। आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू। [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 की रात रात 1 बज :5 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए
गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरेस कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजे के दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म फोर्सेस
टू डिलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स, पाकिस्तान हैज़ सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज वेल एज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्युपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21
एंडिंग एट भागलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वर सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ़्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइव्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी
शोन टू यू वन बाय वन। पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी। सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगाम इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी
पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6
कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटमा के सामने मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को की जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008
के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड वाले गेट 10 हुआ है इसमें भी टारगेट 10 हुआ एनक्लोजर सेम ही है द टारगेट हां हां [संगीत] ओके [संगीत] अभी अभी लिखा हुआ है। अभी राइट [संगीत] मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी
सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रसीजन कैपेबिलिटी एज शोन टू यू अ नीच टेक्नोलॉजी वेपन्स विथ केयरफुल सिलेक्शन ऑफ़ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ एनश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड इच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग ओर अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द
प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया आई आस्क योर इंडजेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज़ स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चंस एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स
शली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि
से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप
से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को
विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर
तबा और जैश-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य
सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को
जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक
समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह
जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को
जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208
अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी वि द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड वि हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलिबेरेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वास क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग
ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूड क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम्ड रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड
गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एस अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जयश मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एस द टीआरएफ पाकिस्तानस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन टू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड
टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रीपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तानस लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरिटरी इंडिया व्हिच इज़ वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिज़र्व्ड रेपुटेशन एज़ अ हेवन फॉर
टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट क्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडिबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ
इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द 22 अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्टनाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्जड्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ़ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स, इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग।
देयर वास दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीएम अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीएम एज वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दिस एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसेबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया। यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पॉन्सर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल
एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एक्शंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 25 की रात रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में
जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरेस्ट कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म्ड फोर्सेस टू डेलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़
पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स, पाकिस्तान हैज़ सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज़ वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्युपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागवलपुर टू द साउथ। इन
लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेट्रेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वाज़ सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर्स एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइफ्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके
के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 किमी दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनम्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगांव इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023
को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिमबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटवा
के सामने है। मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को कि जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी
यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड 10 हुआ है इसमें भी टारगेट एनक्लोज़र सेम ही है। इट इज़ एट द टारगेट। हां हां [संगीत] [संगीत] ओके [संगीत] अभी अभी कवर हुआ है। अभी [संगीत] राइट मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर ये इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया
और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन ऑफ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ इंश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ़ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो
मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिस्पोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन। जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच। लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंडल्लजेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चन्स एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शार्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर
जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का
हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप
सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने
खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित
किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान
भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थनों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना
जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले
के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने
इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे
में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम
वाज़ मार्क बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी वि द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड वि हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबरेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी
वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूड क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम्ड रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द
हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एस अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जैश-ए-मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एस द टीआरएफ पाकिस्तानंस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन टू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस
फ्रंट एंड दे आर रीपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तानस लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरर इंडिया व्हिच इज वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एस अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब
टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट ग्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ इंडिया फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विथ अ सेट ऑफ़ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विथ पाकिस्तान
यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द 22 अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्टाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी। ओर ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वाज़ दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर
एंड टू प्रीएम। अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रिए एस वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दीज़ एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसएबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पों्सर्स ऑफ दिस रेप्रहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू
जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एकशंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आवर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई मई 2025 की रात रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगांव
में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरेस्ट कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजे के दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म फोर्सेस टू डिलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन
टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेेड्स पाकिस्तान हैज़ सिस्टमेटिकली बिल्ड टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज़ अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ़ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स। ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज वेल एज़ पाकिस्तान ऑक्युपाइड ऑक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्सिममेटली 21 एंडिंग एट भागवलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के
आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वर सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ़्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइफ्स। दिस वाज़ डन विथ ड्यू डलीजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड डेयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन। पीओ जेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी।
सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगांव इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून
2024 को तीथ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिंबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटवा के सामने मार्च 2025 में जम्मू
एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को कि जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब
व डेविड हडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया। सेकंड कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड 10 हुआ है इसमें भी टारगेट 10 हुए क्लोजर सेम ही है इट एट द टारगेट हां हां [संगीत] ये [संगीत] ओके अभी हुआ है अभी राइट मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक
क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेस कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन ऑफ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ एनश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ़ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड
कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म्ड फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन। जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच। लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंडल्लजेंस टुडे। इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चन एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शॉर्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय
हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्याधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद
लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से
अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए
इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी
समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस
टीम के योजनाकारों और उनके समर्थनों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें
इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय
के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का
जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया
गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क्ड बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी विथ द
विक्टिम्स मोस्टली किल्ड विथ हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेरेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट
फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूएड क्रॉस बॉर्डर टेररिज़्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम
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नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तान लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरिटरी इंडिया व्हिच इज़ वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एस अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन
पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट ग्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ़ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर ऑल अवेयर ऑफ द
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शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरेस कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजे के दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म फोर्सेस टू डिलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली
डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स पाकिस्तान हैज़ सिस्टमेटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज़ वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्युपाइड ऑक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों
की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वर सो सिलेक्टेड टू अवॉइड डैमेज टू सिविलियन इंफ़्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइफ्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो
कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर ततबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगाम इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले
में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जन कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 किमी की दूरी पर है। साबा कटवा के सामने मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को
की जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए
थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड वाले टारगेट 10 हुआ है इसमें भी टारगेट 10 हुआ है एनोज सेम ही है इट एट द टारगेट हां हां [संगीत] [संगीत] ओके [संगीत] अभी अभी हुआ है। अभी [संगीत] राइट मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट
नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज शोन टू यू अ नीश टेक्नोलॉजी वेपन्स विथ केयरफुल सिलेक्शन ऑफ़ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ इंश्योर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलैटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड इच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग ओर अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन
इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म्ड फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया आई आस्क योर इंडल्जेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज़ स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक टेक क्वेश्चंस एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार।
इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्याधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को
करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक
कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले
की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के
माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के
योजनाकारों और उनके समर्थकों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी
को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वह जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे
में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने
और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था।
भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क्ड बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी विथ द विक्टिम्स मोस्टली
किल्ड विथ हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेरेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड
फॉर कंटिन्यूएड क्रॉस बॉर्डर टेररिज़्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द
यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एज़ अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जयश मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एस एज़ द टीआरएफ पाकिस्तानस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन टू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रिपोस्टिंग बाय नोन
सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तान लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरिटरी इंडिया व्हिच इज वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एस अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान
हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट क्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ़ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर
ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल इंस्टेड ऑल इट ह्याज़ इंडल्ज्जड्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशन। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग देयर वाज़ दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीम। अर्लियर दिस मॉर्निंग एज़ यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीएम एस वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स। दीज़ एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी। प्रोपोशननेट एंड रिस्पांसिबल। दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसेबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया। यू वुड आल्सो
रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स ऑर्गेनाइज़र्स फाइनेंसियर्स एंड स्पॉन्सर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एक्शंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आवर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और
मेरे साथ विंग कमांडर विमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 की रात रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरेस्ट कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स
ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजे के दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म्ड फोर्सेस टू डिलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स, पाकिस्तान हैज़ सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज़ वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्युपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम
ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागवलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेट्रेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वाज़ सो सिलेक्टेड टू अवॉयड
डैमेज टू सिविलियन इंफ़्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइव्स। दिस वाज़ डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन। पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी। सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगांव इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है।
यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिमबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी
15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सरजल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। सांबा कटवा के सामने है। मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को की जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस
पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड 10 हुआ है इसमें भी टारगेट एनक्लोज़र सेम ही है। द टारगेट हां हां [संगीत] [संगीत] ओके [संगीत] अभी अभी कॉल हुआ है। अभी राइट [संगीत] मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय
था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन ऑफ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ इंश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग
और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज़्म ऑफ़ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन। जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच। लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंडल्जेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज स्टिल एन
इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चन्स एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शार्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया
गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्याधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित
करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों
में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित
आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे
और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर
पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फ़ोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान
के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत
दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, अनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा
परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे
मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क बाय एक्सट्रीम बाबेरिटी वि द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड वि हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेरेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़
टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूड क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट
हैज़ क्लेम्ड रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एज़ अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जयश मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एस द टीआरएफ पाकिस्तानंस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन
सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इंटू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रीपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैकर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तानस लॉन्ग ट्रैक
रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरिटरी इंडिया व्हिच इज वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एज़ अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट क्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड
डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द 22 अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्टनाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड
ऑल इट हैज़ इंडल्ज्जड्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ़ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वास दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्री अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पॉन्ड एंड प्रीएम एस वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दीज़ एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसेबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया। यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड
इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पॉन्सर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एक्शंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से
7 मई 2025 की रात रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरेस्ट कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और
पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म फोर्सेस टू डिलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स, पाकिस्तान हैज़ सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज़ वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्युपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन
सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागवलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेट्रेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वाज़ सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ़्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइव्स। दिस
वाज़ डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन। पीओ जेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी। सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगांव इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी
था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिमबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान
के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटवा के सामने मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को की जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट
किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड 10 हुआ है इसमें भी टारगेट एनक्लोज़र सेम ही है। द टारगेट हां हां [संगीत] [संगीत] ओके [संगीत] अभी अभी हुआ है। अभी [संगीत] राइट मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष
आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन ऑफ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ इंश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड विद क्लीनिकल
एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज़्म ऑफ़ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन। जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच। लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंडल्जेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चन्स
एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शार्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत
में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था
का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय
सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने
आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तयबा और जैश-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया
जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान
ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों
से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं।
अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था।
जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर
ऑफ सिविलियन कैजुलिटीज़ इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी वि द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड वि हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ़ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वास क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड
23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रजुमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूड क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर
द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ इयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एस अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जयश मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एस द टीआरएफ पाकिस्तानस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन टू
द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रीपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तानस लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरिटरी इंडिया व्हिच इज़ वेल डॉक्यूमेंटेड
एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एस अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट क्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडिंगली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ
इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द 22 अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्टनाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस
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आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पॉन्सर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एकशंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आवर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर विमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 25 की रात रात 1:05 से 1:30 बजे
के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेररिस्ट कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन
सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म्ड फोर्सेस टू डेलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स, पाकिस्तान हैज़ सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला
इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागवलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेट्रेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वर सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर्स एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइव्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर
टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनम्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगांव इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था।
लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिंबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जल कैंप
सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटवा के सामने मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को कि जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18
से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] ये दूसरा आया। सेकंड सेकंड कमिंग कमिंग सेकंड सेकंड [संगीत] [संगीत] इंपैक्ट 10 हुआ है इसमें भी टारगेट 10 हुआ एन क्लोजर सेम ही है द टारगेट हां हां [संगीत] [संगीत] ओके अभी हुआ है अभी राइट [संगीत] मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं
आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन ऑफ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ इंश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द
प्रोफेशनलिज्म ऑफ़ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्ज़क्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म्ड फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिस्पोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन। जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच। लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंडल्जेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चन एंड आंसर्स टुडे बट वी विल
कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शॉर्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में
मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था।
इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों
को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर
2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद
गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थकों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और
फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23
अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना
दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य
के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लुडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीस इन अ टेररिस्ट
अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 2008 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क्ड बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी वि द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड विथ हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेरेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली
लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़बबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूएड क्रॉस बॉर्डर टेररिज़्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम्ड रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप
लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एज़ अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जयश मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एस एज़ द टीआरएफ पाकिस्तानस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन टू द पहलगाम टेरर अटैक हैव
ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रिपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैकर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तान लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरिटरी इंडिया व्हिच इज वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो
हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एज़ अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विथ इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट ग्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ इंडिया फॉलोइंग द अटैक्स द
गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विथ अ सेट ऑफ़ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विथ इन पाकिस्तान यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द 22 अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्ट नाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी ऑर ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ पाकिस्तान
बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वाज़ दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीएम। अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीएम एस वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दीज़ एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्कलेटरी प्रोपोशननेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसएबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द
नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पॉन्सर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ़ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एक्शंस अर्लियर दिस मॉर्निंग। आवर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह। आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू। [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 की रात रात 1 बज 5 से 1:30 बजे के बीच
भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगांव में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरेस कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्चपड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजे के दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़
लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म फोर्सेस टू डिलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स, पाकिस्तान हैज़ सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज़ अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज़ वेल एज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्युपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द
नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वर सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइव्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड
देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगाम इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर ततबा
का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सजल कैंप सियालकोट। यह
अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 किमी की दूरी पर है। साबा कटवा के सामने मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को की जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25
किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड वाले 10 हुआ है इसमें भी टारगेट एनक्लोज़र सेम ही है। इट इज़ हिट द टारगेट। हां हां [संगीत] [संगीत] ओके अभी हुआ है अभी राइट [संगीत] मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर ये इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट, ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि
किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज शोन टू यू अ नीच टेक्नोलॉजी वेपन्स विथ केयरफुल सिलेक्शन ऑफ़ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ एनश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलैटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड इच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग ओर अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ द इंडियन आर्म फोर्सेस
इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म्ड फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया आई आस्क योर इंडजेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज़ स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चंस एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड
मोर ब्रीफिंग्स शली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या
की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्याधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे
प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन
प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंक्शंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम
को लश्कर तयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को
उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फ़ोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय
मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि
यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया।
आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों
के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26
नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी वि द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड विद हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेरेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़
दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूड क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम्ड रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट
इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एज़ अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जयश मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एस द टीआरएफ पाकिस्तानंस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इंटू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन
एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रीपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैकर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तानस लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरिटरी इंडिया व्हिच इज वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एज़ अ हेवन
फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विथ इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब्ड टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट क्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट
ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द 22 अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्टाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ़ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर
इंपेंडिंग। देयर वास दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्री अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पॉन्ड एंड प्रीएम एस वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दीज़ एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसेबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया। यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पॉन्सर्स ऑफ दिस
रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एक्शंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 की रात रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में
जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरेस्ट कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म्ड फोर्सेस टू डिलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़
पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स, पाकिस्तान हैज़ सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज़ वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्युपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागवलपुर टू द साउथ। इन
लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेट्रेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वाज़ सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ़्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइव्स। दिस वाज़ डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन। पीओ
जेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी। सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगांव इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल
2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिमबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सरजल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा
कटमा के सामने मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को की जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी
यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड 10 हुआ है टारगेट एनक्लोज़र सेम ही है। द टारगेट हां [संगीत] हां ये [संगीत] ओके [संगीत] अभी अभी कॉल हुआ है। अभी [संगीत] राइट मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक
किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन ऑफ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ एनश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज़्म ऑफ़ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर
टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन। जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच। लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंडल्जेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चन्स एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शार्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस
मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण
था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं
सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस
फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तयबा और जैश-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो
टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है।
हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद
मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और
उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के
सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की
आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क बाय
एक्सट्रीम बारबेरिटी वि द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड वि हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलिबरेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वास क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रजुमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप
इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूड क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ इयरली रिपोर्ट
टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एस अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जयश मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एस द टीआरएफ पाकिस्तानस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन टू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड
दे आर रीपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तानस लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरर इंडिया व्हिच इज़ वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एस अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग
इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट क्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर
ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द 22 अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्टनाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ़ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वास दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू
प्रीएम अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीएम एज वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दीज़ एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसेबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया। यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पॉन्सर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन
कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एकशंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आवर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 25 की रात रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगांव में हुए
विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेररिस्ट कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्चपड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म्ड फोर्सेस टू डेलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड
एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स, पाकिस्तान हैज़ सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागवलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि
आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेट्रेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वर सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर्स एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइफ्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप
मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनम्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगांव इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के
बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिंबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटवा के सामने मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार
जवानों को कि जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां
ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया। सेकंड सेकंड कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड 10 हुआ है इसमें भी टारगेट 10 हुआ एन क्लोजर सेम ही है द टारगेट हां हां [संगीत] [संगीत] ओके अभी हुआ है अभी राइट [संगीत] मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है।
धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन ऑफ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ इंश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ़ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्ज़क्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस।
हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म्ड फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिस्पॉन्ड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन। जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच। लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंडल्जेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चंस एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शॉर्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में
शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और
उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे।
इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली
है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी
गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके
समर्थनों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने
मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए।
हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने
तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज
की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुएल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क्ड बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी विथ द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड विथ हेड
शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूएड क्रॉस
बॉर्डर टेररिज्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम्ड रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस
कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एज अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जैश-ए-मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एज एज़ द टीआरएफ पाकिस्तानस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन टू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रिपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ
द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तान लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरर इंडिया व्हिच इज वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एस अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू
विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट ग्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ़ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन
द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्टाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ़ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वास दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीएम अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया
एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीम एज वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दीज़ एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसएबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया। यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पोंसर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट।
जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एकशंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आवर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विथ ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 की रात रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगांव में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को
न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेररिस्ट कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म्ड फोर्सेस टू डिलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स पाकिस्तान हैज़
सिस्टमेटिकली बिल्ड टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्युपाइड ऑक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास
ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वाज़ सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइफ्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30
कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगाम इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीथ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया
था। [संगीत] बरनाला कैंप बिंबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली [संगीत] यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जन कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटमा के सामने मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को कि जो हत्या की गई थी उन
आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया सेकंड कमिंग कमिंग
सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड्स वाले 10 हुआ है इसमें भी टारगेट 10 हुआ है एन क्लोजर सेम ही है इट इज़ एट द टारगेट हां हां [संगीत] [संगीत] ओके [संगीत] अभी हुआ है अभी राइट [संगीत] मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर ये इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट, ट्रेनिंग व इनडॉक्ट्रिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द
स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एस शोन टू यू अ नीश टेक्नोलॉजी वेपन्स विथ केयरफुल सिलेक्शन ऑफ़ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ एनश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलैटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड इच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी
सेड दैट द इंडियन आर्म्ड फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच लेडीज़ एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया आई आस्क योर इंडल्जेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज़ स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक टेक क्वेश्चंस एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के
लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्याधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के
सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का
मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह
संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित
कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थकों की जानकारी
जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर
दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक
पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध
करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही
को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लुडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क्ड बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी वि द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड विथ हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज
एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेरेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूएड क्रॉस बॉर्डर टेररिज़्म फ्रॉम पाकिस्तान।
द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड
नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एज़ अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जयश मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एस एज़ द टीआरएफ पाकिस्तानस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन टू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रिपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा
स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैकर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तान लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरिटरी इंडिया व्हिच इज वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एज़ अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विथ इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द
वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट क्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ इंडिया फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विथ अ सेट ऑफ़ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विथ इन पाकिस्तान यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23
ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द 22 अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्ट नाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी ऑर ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वाज़ दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीएम। अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया
एक्सरसाइज इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीएम एस वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दीज़ एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्कलेटरी प्रोपोशननेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसेबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रिल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पॉन्सर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ़ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट।
जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एक्शंस अर्लियर दिस मॉर्निंग। आवर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह। आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू। [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 की रात रात 1 बज 5 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगांव में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके
परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरेस कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्चपड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजे के दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म फोर्सेस टू डिलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स,
पाकिस्तान हैज़ सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज़ वेल एज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्युपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और
यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वर सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइव्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल
से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगांव इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर ततबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन
किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सजल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 किमी की दूरी पर है। साबा कटवा के सामने मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को की जो हत्या की गई थी
उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग सेकंड
[संगीत] [संगीत] सेकंड वाले 10 हुआ है इसमें भी टारगेट एनक्लोज़र सेम ही है। इट इज़ हिट द टारगेट। हां हां [संगीत] ओके। [संगीत] अभी अभी रिकॉर्ड हुआ है। अभी राइट [संगीत] मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर ये इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर
कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन ऑफ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ एनश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ़ द इंडियन आर्म्ड फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन
आर्म्ड फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन। जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच। लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंटेल्ज टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चन्स एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शॉर्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद।
जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी
गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह
था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी
आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तबा और जैश मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस
संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थों की जानकारी जुटाई है। इस हमले
की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर
अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी
पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार
का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में
देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुलिटीज़ इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी वि द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड वि हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट
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आवर एकशंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आवर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर विमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 25 की रात रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च
किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेररिस्ट कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म्ड फोर्सेस टू डेलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स, पाकिस्तान हैज़ सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट
इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागवलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष
नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेट्रेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वर सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर्स एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइव्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक
लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनम्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगांव इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिंबर
यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सर्जल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटवा के सामने मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को कि जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन
किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] ये दूसरा आया। सेकंड कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड 10
हुआ है इसमें भी टारगेट 10 हुआ एन क्लोजर सेम ही है द टारगेट हां हां ये [संगीत] ओके अभी हुआ है अभी राइट मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर यह इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज़ शोन
टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन ऑफ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ इंश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ़ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्ज़क्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म्ड फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिस्पोंड टू
पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन। जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच। लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंडल्जेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चंस एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शॉर्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल
2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के
सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास
और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है।
यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस
वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थनों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम
देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया।
इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों
में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी,
आुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर
जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क्ड बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी विथ द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड विथ हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू
द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूएड क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ
प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम्ड रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एज अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड
टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जैश-ए-मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एज एज़ द टीआरएफ पाकिस्तानस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन टू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रिपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स
एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तान लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरर इंडिया व्हिच इज वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एस अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस
इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट ग्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ़ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द
अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्टाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ़ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वास दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीएम अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीम एज वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स
दीज़ एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसएबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया। यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पोंसर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एकशंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड
विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विथ ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 की रात रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगांव में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेररिस्ट कैंप्स को टारगेट
किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म्ड फोर्सेस टू डिलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स पाकिस्तान हैज़ सिस्टमेटिकली बिल्ड टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज
फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्युपाइड ऑक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ
दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वाज़ सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइफ्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24
अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगाम इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिंबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग
आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सजल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटवा के सामने मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को कि जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से
12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया सेकंड कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड वाले टारगेट 10 हुआ है इसमें भी टारगेट 10 हुआ है एन क्लोजर
सेम ही है इट इज़ एट द टारगेट हां हां [संगीत] [संगीत] ओके [संगीत] अभी हुआ है अभी राइट [संगीत] मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर ये इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट, ट्रेनिंग व इनडॉक्ट्रिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एस शोन टू यू अ नीच
टेक्नोलॉजी वेपन्स विथ केयरफुल सिलेक्शन ऑफ़ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ एनश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलैटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड इच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म्ड फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ
एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच लेडीज़ एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया आई आस्क योर इंडल्जेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज़ स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक टेक क्वेश्चंस एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर
तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर
आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को
नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है
कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ
के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थनों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान
के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट
उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की
इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी
पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग।
एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क्ड बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी विथ द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड विथ हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ
द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूएड क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड
बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम्ड रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एज अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर
टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जैश-ए-मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एज एज़ द टीआरएफ पाकिस्तानस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन टू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रिपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज
अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तान लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरिटरी इंडिया व्हिच इज वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एस अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद
मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट ग्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ़ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द अप्रैल अटैक बी
ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्टाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ़ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वास दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीएम अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रिएम एज वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दीज़ एक्शंस वर
मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसएबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया। यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पोंसर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एकशंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका
सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विथ ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 की रात रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगांव में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेररिस्ट कैंप्स को टारगेट किया गया और
पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म फोर्सेस टू डिलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स पाकिस्तान हैज़ सिस्टमेटिकली बिल्ड टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड
रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्युपाइड ऑक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर
ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वाज़ सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइफ्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग
22 अप्रैल 2025 पहलगाम इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल
सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सजल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटवा के सामने है। मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को कि जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट यह 18 से 12 कि.मी.
आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड वाले 10 हुआ है इसमें भी टारगेट चलो एनक्लोोजर सेम ही है। इट इज़ हिट द
टारगेट। हां हां [संगीत] ओके [संगीत] अभी अभी रिकॉर्ड हुआ है। अभी राइट [संगीत] मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर ये इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसिजन कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन ऑफ
वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ एनश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ़ द इंडियन आर्म्ड फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म्ड फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन।
जय हिंद एंड थैंक यू वेरी मच। लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंडल्लजेंस टुडे। इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चन्स एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शॉर्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित
आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह
नसीहत भी दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए
और पाकिस्तान से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024
में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान
के दबाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थनों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी
हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम
में हुए इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए
कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को
समाप्त करने और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल
22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लूडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुएल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 208 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क्ड बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी विथ द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड विथ हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देयर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट
दे शुड टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूएड क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द
रेस्ट ऑफ द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम्ड रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एज अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म
द मॉनिटरिंग टीम अबाउट लश्कर एंड जैश-ए-मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एज एज़ द टीआरएफ पाकिस्तानस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन टू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रिपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज
हैज़ आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैककर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तान लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरर इंडिया व्हिच इज़ वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एस अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विद इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़
डिक्लेयर्ड डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट ग्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ़ इंडिया। फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विद अ सेट ऑफ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विद पाकिस्तान। यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्टाइट हैविंग
पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी और ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ़ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वास दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीएम अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज्ड इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीम एज वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दीज़ एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्केलेटरी प्रोपोशनेट एंड रिस्पांसिबल दे
फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसएबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया। यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पोंसर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एकशंस अर्लियर दिस मॉर्निंग आवर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह आई विल रिक्वेस्ट देम टू शेयर
सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विथ ऑल ऑफ यू [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 की रात रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगांव में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेररिस्ट कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इसे बर्बाद किया गया।
पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्च पैड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजेके दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म्ड फोर्सेस टू डिलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स पाकिस्तान हैज़ सिस्टमेटिकली बिल्ड टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स।
दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज वेल ऐज़ पाकिस्तान ऑक्युपाइड ऑक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़ बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस
इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वाज़ सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइफ्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025 पहलगाम इन हमलों के
आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर तयबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीथ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था। अब्बास कैंप
कोटली [संगीत] यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सजल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। साबा कटमा के सामने मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को कि जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट। यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था। हिजबुल मुजाहदीन का
बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया सेकंड कमिंग कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड वाले टारगेट 10 हुआ है इसमें भी टारगेट 10 हुआ है एन क्लोजर सेम ही है इट इज़ एट द टारगेट हां
हां [संगीत] [संगीत] ओके [संगीत] अभी हुआ है अभी राइट [संगीत] मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर ये इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट, ट्रेनिंग व इनडॉक्ट्रिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रसीजन कैपेबिलिटी एस शोन टू यू अ नीच टेक्नोलॉजी वेपन्स विथ केयरफुल सिलेक्शन ऑफ़ वॉर हेड्स वाज़
एनश्यर्ड दैट देयर वाज़ एनश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलैटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड इच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म्ड फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन जय हिंद एंड
थैंक यू वेरी मच लेडीज़ एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया आई आस्क योर इंडल्जेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज़ स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक टेक क्वेश्चंस एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तैयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने
भारत में जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्याधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी
दी गई कि वे वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान
से लगातार होने वाले सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त
राष्ट्र की 1267 कमेटी की सेंशंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव
पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थकों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है।
जिसके लिखित और स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए
इस हमले से जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट
कदम नहीं उठाया गया है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, आनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने
और भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025
पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तैबा कैरिड आउट अ सैवेज अटैक ऑन इंडियन टूरिस्ट एट पहलगाम इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इंडिया दे मर्डर्ड 26 पीपल इंक्लुडिंग वन नेशनल ऑफ नेपाल कॉजिंग द लार्जेस्ट नंबर ऑफ सिविलियन कैजुअल्टीस इन अ टेररिस्ट अटैक इन इंडिया सिंस द 26 नवंबर 2008 अटैक्स इन मुंबई। द अटैक इन पहलगाम वाज़ मार्क्ड बाय एक्सट्रीम बारबेरिटी वि द विक्टिम्स मोस्टली किल्ड विथ हेड शॉट्स फ्रॉम क्लोज रेंज एंड इन फ्रंट ऑफ देर फैमिलीज़। फैमिली मेंबर्स वर डेलीबेरेटली ट्रोमेटाइज्ड थ्रू द मैनर ऑफ द किलिंग अकंपनीड बाय द एग्जॉर्टेशन दैट दे शुड
टेक बैक द मैसेज। द अटैक वाज़ क्लियरली ड्रिवन बाय द ऑब्जेक्टिव ऑफ अंडरमाइनिंग द नॉर्मल सी रिटर्निंग टू जम्मू एंड कश्मीर। इन पर्टिकुलर इट वास डिज़ टू इंपैक्ट द मेन स्टे ऑफ द इकॉनमी टूरिज्म विद अ रिकॉर्ड 23 मिलियन टूरिस्ट विजिटिंग द वैली लास्ट ईयर। द कैलकुलेशन प्रज़्यूमबली वाज़ दैट हार्मिंग ग्रोथ एंड डेवलपमेंट इन द यूनियन टेरिटरी वुड हेल्प कीप इट बैकवर्ड एंड क्रिएट फर्टाइल ग्राउंड फॉर कंटिन्यूएड क्रॉस बॉर्डर टेररिज़्म फ्रॉम पाकिस्तान। द मैनर ऑफ द अटैक वाज़ आल्सो ड्रिवन बाय एन ऑब्जेक्टिव ऑफ प्रोवोकिंग कम्युनल डिस्कर्ड बोथ इन जम्मू एंड कश्मीर एंड द रेस्ट ऑफ
द नेशन। इट इज़ टू द क्रेडिट ऑफ द गवर्नमेंट एंड द पीपल ऑफ इंडिया दैट दीज़ डिज़ वर फॉइल्ड। अ ग्रुप कॉलिंग इटसेल्फ द रेजिस्टेंस फ्रंट हैज़ क्लेम्ड रेस्पोंसिबिलिटी फॉर द अटैक। दिस ग्रुप इज़ अ फ्रंट फॉर द यूएन प्रोस्क्राइब्ड पाकिस्तानी टेररिस्ट ग्रुप लश्कर तैबा। इट इज नोटेबल दैट इंडिया हैड गिवेन इनपुट्स अबाउट द टीआरएफ इन द हाफ ईयरली रिपोर्ट टू द मॉनिटरिंग टीम ऑफ द यूएस 1267 सेंशंस कमिटी इन मई एंड नवंबर 2024 ब्रिंगिंग आउट इट्स रोल एज़ अ कवर फॉर पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट ग्रुप्स अर्लियर टू इन दिसंबर 2023 इंडिया हैड इनफॉर्म द मॉनिटरिंग
टीम अबाउट लश्कर एंड जयश मोहम्मद ऑपरेटिंग थ्रू स्मॉल टेरर ग्रुप्स सच एस एज़ द टीआरएफ पाकिस्तानस प्रेशर टू रिमूव रेफरेंसेस टू टीआरएफ इन द अप्रैल 25 यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस स्टेटमेंट इज़ नोटेबल इन दिस रिगार्ड इन्वेस्टिगेशंस इन टू द पहलगाम टेरर अटैक हैव ब्रॉट आउट दी कम्युनिकेशन नोट्स ऑफ टेररिस्ट इन एंड टू पाकिस्तान द क्लेम्स मेड बाय द रेजिस्टेंस फ्रंट एंड दे आर रिपोस्टिंग बाय नोन सोशल मीडिया हैंडल्स ऑफ द लश्कर तैबा स्पीक फॉर देम देमसेल्व्स आइडेंटिफिकेशन ऑफ द अटैकर्स बेस्ड ऑन आई विटनेस अकाउंट्स एज वेल एज अदर इनेशन अवेलेबल टू लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज हैज़
आल्सो प्रोग्रेस्ड आवर इंटेलिजेंस हैज़ डेवलप्ड एन एक्यूरेट पिक्चर ऑफ द प्लानर्स एंड बैकर्स ऑफ दिस टीम द फीचर्स ऑफ़ दिस अटैक आल्सो टाई इन विद पाकिस्तान लॉन्ग ट्रैक रिकॉर्ड ऑफ परपेट्रेटिंग क्रॉस बॉर्डर टेरिटरी इंडिया व्हिच इज वेल डॉक्यूमेंटेड एंड बियनड क्वेश्चन पाकिस्तान आल्सो हैज़ अ वेल डिर्व्ड रेपुटेशन एज़ अ हेवन फॉर टेररिस्ट फ्रॉम अराउंड द वर्ल्ड विथ इंटरनेशनलली प्रोस्क्राइब टेररिस्ट एंजॉयंग इंप्यूनिटी देयर। इन एडिशन पाकिस्तान हैज़ बीन नोन टू विलफुली मिसलीड द वर्ल्ड एंड इंटरनेशनल फोरम्स सच एज़ द फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ऑन दिस इशू। द साजिद मीर केस इन व्हिच दिस टेररिस्ट वाज़ डिक्लेयर्ड
डेड एंड देन इन रिस्पांस टू इंटरनेशनल प्रेशर ब्रॉट बैक टू लाइफ फाउंड अलाइव एंड अरेस्टेड इज़ द मोस्ट क्लेरिंग एग्जांपल द लेटेस्ट अटैक इन पहलगाम हैज़ अंडरस्टैंडेबली जनरेटेड डीप एंगर इन जम्मू एंड कश्मीर एंड इन अदर पार्ट्स ऑफ इंडिया फॉलोइंग द अटैक्स द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नेचुरली रेस्पोंडेड विथ अ सेट ऑफ़ इनिशियल मेजर्स रिलेटिंग टू आवर इंगेजमेंट विथ इन पाकिस्तान यू आर ऑल अवेयर ऑफ द डिसिशनंस दैट वर अनाउंस्ड ऑन द 23 ऑफ़ अप्रैल। हाउएवर इट वाज़ डीम्ड एसेंशियल दैट द परपेट्रेटर्स एंड प्लानर्स ऑफ द 22 अप्रैल अटैक बी ब्रॉट टू जस्टिस। डिस्पाइट अ फोर्ट
नाइट हैविंग पास्ड सिंस द अटैक्स। देयर हैज़ बीन नो डेमोंस्ट्रेबल स्टेप फ्रॉम पाकिस्तान टू टेक एक्शन अगेंस्ट द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ऑन इट्स टेरिटरी ऑर ऑन टेरिटरी अंडर इट्स कंट्रोल। इंस्टेड ऑल इट हैज़ इंडल्ज्ड इन आर डिनाइल्स एंड एलिगेशंस। आवर इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग ऑफ पाकिस्तान बेस्ड टेररिस्ट मॉड्यूल्स इंडिकेटेड दैट फर्दर अटैक्स अगेंस्ट इंडिया वर इंपेंडिंग। देयर वाज़ दस अ कंपल्शन बोथ टू डिटर एंड टू प्रीएम। अर्लियर दिस मॉर्निंग एस यू वुड बी अवेयर इंडिया एक्सरसाइज इट्स राइट टू रेस्पोंड एंड प्रीएम एस वेल एस डिटर मोर सच क्रॉस बॉर्डर अटैक्स दीज़ एक्शंस वर मेजर्ड नॉन एस्कलेटरी प्रोपोशननेट एंड
रिस्पांसिबल दे फोकस्ड ऑन डिस्मेंटलिंग द टेररिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिसेबलिंग टेररिस्ट लाइकली टू बी सेंट अक्रॉस टू इंडिया यू वुड आल्सो रिकॉल दैट द सिक्योरिटी काउंसिल ऑन 25th अप्रैल 2025 हैड इशूड अ प्रेस स्टेटमेंट ऑन द पहलगाम टेरर अटैक अंडरलाइनिंग एंड आई कोट द नीड टू होल्ड परपेट्रेटर्स, ऑर्गेनाइज़र्स, फाइनेंसियर्स एंड स्पों्सर्स ऑफ दिस रेप्रेहेंसिबल एक्ट ऑफ़ टेररिज्म अकाउंटेबल एंड ब्रिंग देम टू जस्टिस ऑन कोर्ट। इंडियास लेटेस्ट एक्शंस शुड बी सीन इन दिस कॉन्टेक्स्ट। जॉइनिंग मी फॉर दिस ब्रीफिंग ऑन आवर एक्शंस अर्लियर दिस मॉर्निंग। आवर कर्नल सोफिया कुरैशी एंड विंग कमांडर वमिका सिंह। आई विल रिक्वेस्ट देम
टू शेयर सम डिटेल्स रिगार्डिंग ऑपरेशन सिंदूर विद ऑल ऑफ यू। [संगीत] सुप्रभात देवियों और सज्जनों मैं कर्नल सोफिया कुरैशी और मेरे साथ विंग कमांडर वमिका सिंह आज आपको 6 से 7 मई 2025 की रात रात 1 बज 5 से 1:30 बजे के बीच भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देंगे। ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगांव में हुए विभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों व उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ल्च किया गया था। इस कारवाही में नाइन टेरेस कैंप्स को टारगेट किया गया और पूरी तरह से
इसे बर्बाद किया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है। इस इसमें रिक्रूटमेंट इन डॉक्ट्रिनेशन सेंटर्स ट्रेनिंग एरियाज व लॉन्चपड शामिल थे। जो पाकिस्तान और पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पीओजे के दोनों में फैले हैं। ऑपरेशन सिंदूर वाज़ लॉन्च्ड बाय इंडियन आर्म फोर्सेस टू डिलीवर जस्टिस टू द विक्टिम्स ऑफ़ पहलगाम टेरर अटैक एंड देयर फैमिलीज़। नाइन टेररिस्ट एम्स वर टारगेटेड एंड सक्सेसफुली डिस्ट्रॉयड। ओवर द लास्ट थ्री डेकेड्स, पाकिस्तान हैज़ सिस्टमैटिकली बिल्ट टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर। इट इज अ कॉम्प्लेक्स वेब ऑफ रिक्रूटमेंट एंड इनडॉक्टिनेशन सेंटर्स, ट्रेनिंग एरियाज फॉर इनिशियल एंड रिफ्रेशर कोर्सेज एंड
लॉन्च पैड्स फॉर हैंडलर्स। दीज़ कैंप्स आर लोकेटेड बोथ इन पाकिस्तान एज़ वेल एज़ पाकिस्तान ऑक्यूपाइड ऑक्युपाइड जम्मू एंड कश्मीर एरियाज़। सम ऑफ़ द वेल नोन ट्रेनिंग कैंप्स आर लोकेटेड एज़ यू कैन सी ऑन द स्क्रीन। दे आर डिस्ट्रीब्यूटेड फ्रॉम सवाई नाला इन द नॉर्थ काउंटिंग टू अप्रोक्समेटली 21 एंडिंग एट भागलपुर टू द साउथ। इन लक्ष्यों का चयन विश्ववसनीय इंटेलिजेंस सूचनाओं के आधार पर हुआ ताकि आतंक गतिविधियों की रीड तोड़ी जा सके और यह खास ध्यान दिया गया कि निर्दोष नागरिकों और सिविलियन इंस्टॉलेशन को नुकसान ना पहुंचे। द सिलेक्शन ऑफ दी टारगेट्स फॉर ऑपरेशंस सिंदूर वाज़
बेस्ड ऑन क्रेडिबल इंटेलिजेंस इनपुट्स एंड रोल ऑफ दीज़ फैसिलिटीज़ इन परपेटिंग द टेरर एक्टिविटीज़। द लोकेशनेशंस वर सो सिलेक्टेड टू अवॉयड डैमेज टू सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड लॉस ऑफ़ एनी सिविलियन लाइव्स। दिस वास डन विद ड्यू डेलिजेंस एंड द कैंप्स सिलेक्टेड फॉर टारगेटिंग एंड देयर एंगेजमेंट विल नाउ बी शोन टू यू वन बाय वन पीओजेके के टारगेट मैं आपको बताना चाहूंगी सबसे पहले सवाई नाला कैंप मुजफराबाद जो कि पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल से 30 कि.मी. दूर है। यह एक लश्कर तयबा का ट्रेनिंग सेंटर था। 20 अक्टूबर 2024 सोनमर्ग 24 अक्टूबर 24 गुलम्ग 22 अप्रैल 2025
पहलगांव इन हमलों के आतंकियों ने यहीं से प्रशिक्षण लिया था। सैयदना बिलाल कैंप मुजफराबाद यह एक जैश-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है। यह हथियार विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था। गुलपुर कैंप कोटली यह एलओसी से 30 कि.मी. दूर था। लश्कर ततबा का बेस था जो रजौरी पुछ में सक्रिय था। 20 अप्रैल 2023 को पुछ में और 9 जून 2024 को तीर्थ यात्रियों के बस हमले में यहीं से आतंकी को ट्रेन किया गया था। [संगीत] बरनाला कैंप बिबर यह एलओसी से 9 किमी दूर है। यहां पर हथियार हैंडलिंग आईडी व जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण
केंद्र था। अब्बास कैंप कोटली यह एलओसी से 13 किलोमीटर दूर है। लश्कर तयबा का फिदाइन यहां तैयार होता था। इसकी कैपेसिटी 15 टेररिस्ट को ट्रेन करने की थी। अब मैं पाकिस्तान के अंदर के टारगेट से अवगत कराना चाहूंगी। पहला सजल कैंप सियालकोट। यह अंतरराष्ट्रीय सेना सीमा से 6 किमी की दूरी पर है। साबा कटवा के सामने मार्च 2025 में जम्मू एंड कश्मीर पुलिस के चार जवानों को की जो हत्या की गई थी उन आतंकवादियों को इसी जगह पर ट्रेन किया गया था। दूसरा मेहमूना जाया कैंप सियालकोट यह 18 से 12 कि.मी. आईबी से दूर था।
हिजबुल मुजाहदीन का बहुत बड़ा कैंप था। यह कठवा जम्मू क्षेत्र में आतंक फैलाने का नियंत्रण केंद्र था। पठानकोट एयरफोर्स बेस पर किया गया हमला भी इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था। मरकज तबा मुरीद के यह आईबी से 18 से 25 किलोमीटर दूरी पर है। 2008 के मुंबई हमले के आतंकी भी यहीं से प्रशिक्षित हुए थे। अजमल कसब व डेविड हेडली भी यहां ट्रेन हुए थे। [संगीत] दूसरा आया कमिंग सेकंड [संगीत] [संगीत] सेकंड वाले 10 हुआ है इसमें भी टारगेट एनक्लोज़र सेम ही है। इट इज़ हिट द टारगेट। हां हां [संगीत] ओके। [संगीत]
अभी अभी रिकॉर्ड हुआ है। अभी राइट [संगीत] मरकज सुभान अल्लाह भावलपुरलपुर ये इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किलोमीटर दूर है। जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था। यहां पर रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग व इनडॉक्टिनेशन का केंद्र भी था। शीर्ष आतंकी अक्सर यहां आते थे। मैं आप सबको बताना चाहती हूं कि किसी भी सैन्य ठिकाने का निशाना नहीं बनाया गया और अभी तक किसी तरह की नागरिक क्षति की रिपोर्ट नहीं है। धन्यवाद। जय हिंद। द स्ट्राइक ऑन द टेरर कैंप्स वर अंडरटेकन थ्रू प्रेसीजन कैपेबिलिटी एज़ शोन टू यू। अ नीश टेक्नोलॉजी वेपंस विद केयरफुल सिलेक्शन ऑफ वॉर हेड्स वाज़ एनश्यर्ड दैट देयर
वाज़ एनश्यर्ड सो दैट देयर विल बी नो कोलटरल डैमेज। द पॉइंट ऑफ़ इंपैक्ट एंड ईच ऑफ़ द टारगेट वाज़ अ स्पेसिफिक बिल्डिंग और अ ग्रुप ऑफ़ बिल्डिंग्स। ऑल द टारगेट्स वर न्यूट्रलाइज़्ड विद क्लीनिकल एफिशिएंसी एंड द रिजल्ट्स रीइटरेट द प्रोफेशनलिज्म ऑफ़ द इंडियन आर्म फोर्सेस इन द प्लानिंग एंड एग्जीक्यूशन ऑफ़ देयर ऑपरेशंस। नो मिलिट्री एस्टैब्लिशमेंट्स वर टारगेटेड। इंडिया हैज़ डेमोंस्ट्रेटेड कंसीडरेबल रिस्ट्रेंट इन इट्स रिस्पांस। हाउएवर इट मस्ट बी सेड दैट द इंडियन आर्म्ड फोर्सेस आर फुल्ली प्रिपयर्ड टू रिसोंड टू पाकिस्तानी मिस एडवेंचर्स इफ एनी दैट विल एस्केलेट दिस सिचुएशन। जय हिंद एंड थैंक यू वेरी
मच। लेडीज एंड जेंटलमैन फ्रेंड्स इन द मीडिया। आई आस्क योर इंजेंस टुडे इन व्यू ऑफ़ द फैक्ट दैट दिस इज स्टिल एन इवॉल्विंग सिचुएशन। वी विल देयर फॉर नॉट बी एबल टू टेक क्वेश्चन्स एंड आंसर्स टुडे बट वी विल कम बैक फॉर मोर अपडेट्स एंड मोर ब्रीफिंग्स शॉर्टली। थैंक यू ऑल वेरी मच फॉर जॉइनिंग अस दिस मॉर्निंग। थैंक यू। जय हिंद। नमस्कार। इस ब्रीफिंग में शामिल होने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जैसा कि आप सभी जानते हैं 22 अप्रैल 2025 को लश्कर तयबा से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारत में जम्मू और
कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया। 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक को कायरतापूर्ण मौत के घाट उतार दिया गया। मुंबई के 26 नवंबर 2008 के हमलों के बाद यह भारत में हुई किसी आतंकवादी हमले में मारे गए आम नागरिकों की संख्या की दृष्टि से सबसे गंभीर घटना है। पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था। जिसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और उनके परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। हत्या के इस तरीके से परिवार के सदस्यों को जानबूझकर आघात पहुंचाया गया। साथ ही उन्हें यह नसीहत भी दी गई कि वे
वापस जाकर इस संदेश को पहुंचा दें। यह हमला स्पष्ट रूप से जम्मू और कश्मीर में बहाल हो रही सामान्य स्थिति को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। क्योंकि पर्यटन फिर से अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन रहा था। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसे प्रतिकूल रूप से प्रभावित करना था। पिछले वर्ष आप सभी जानते हैं सवा दो करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर आए थे। इस हमले का मुख्य उद्देश्य इसलिए संभवत यह था कि इस संघ राज्य क्षेत्र में विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर इसे पिछड़ा बनाए रखा जाए और पाकिस्तान से लगातार होने वाले
सीमा पार आतंकवाद के लिए उपजाऊ जमीन बनाने में सहायता की जाए। हमले का यह तरीका जम्मू और कश्मीर और शेष राष्ट्र दोनों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से भी प्रेरित था। इसका श्रेय सरकार और भारत के सभी नागरिकों को दिया जाना चाहिए कि इन प्रयासों को विफल कर दिया गया। एक समूह ने खुद को रेजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ कहते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी समूह लश्कर तैयबा से जुड़ा हुआ है। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी
की सेंक्शंस मॉनिटरिंग टीम को अर्धवार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। जिसमें टीआरएफ के बारे में साफ इनपुट दिए गए थे। इससे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के लिए कवर के रूप में टीआरएफ की भूमिका सामने आई थी। इससे पहले भी दिसंबर 2023 में भारत ने इस टीम को लश्कर तयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बारे में सूचित किया था जो टीआरएफ जैसे छोटे आतंकवादी समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इस संबंध में 25 अप्रैल को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल प्रेस वक्तव्य में टीआरएफ के संदर्भ को हटाने के लिए पाकिस्तान के दबाव पर भी ध्यान दिया
जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच से पाकिस्तान के साथ आतंकवादियों के संपर्क उजागर हुए हैं। रेजिस्टेंस फ्रंट द्वारा किए गए दावे और लश्कर तबा से ज्ञात सोशल मीडिया हैंडल द्वारा इसको रीपोस्ट किया जाना इसकी पुष्टि करता है। चश्मदीद गवाहों और विभिन्न जांच एजेंसियों को उपलब्ध अन्य सूचनाओं के आधार पर हमलावरों की पहचान भी हुई है। हमारी इंटेलिजेंस ने इस टीम के योजनाकारों और उनके समर्थों की जानकारी जुटाई है। इस हमले की रूपरेखा भारत में सीमा पार आतंकवाद को अंजाम देने के पाकिस्तान के लंबे ट्रैक रिकॉर्ड से भी जुड़ी हुई है। जिसके लिखित और स्पष्ट
दस्तावेज उपलब्ध हैं। पाकिस्तान दुनिया भर में आतंकवादियों के लिए एक क्षण स्थल के रूप में पहचान बना चुका है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी सजा पाने से बचे रहते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर विश्व और फाइनेंसियल एक्शन टास्क फ़ोर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों को जानबूझकर गुमराह करने के लिए भी जाना जाता है। साजिद मीर का मामला जिसमें इस आतंकवादी को पाकिस्तान ने मृत घोषित कर दिया था और फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिणाम स्वरूप वो जीवित पाया गया। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। यह स्वाभाविक है कि पहलगाम में हुए इस हमले से जम्मू
और कश्मीर के साथ-साथ भारत के अन्य भागों में भी आक्रोश देखा गया। हमलों के बाद भारत सरकार ने स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर कुछ कदम उठाए। आप सभी उन निर्णयों से अवगत हैं जिसकी घोषणा 23 अप्रैल को की गई थी। तथापि यह आवश्यक समझा गया कि 22 अप्रैल के हमले के अपराधियों और उनके योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। हमलों के एक पखवाड़े के बाद भी पाकिस्तान द्वारा अपने क्षेत्र या अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादियों की इंफ्रास्ट्रक्चर के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया
है। उल्टे वो इंकार करने और आरोप लगाने में ही लिप्त रहा है। पाकिस्तान आधारित आतंकवादी मॉड्यूल्स पर हमारी खुफिया निगरानी ने संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं। अतः इनको रोकना और इनसे निपटना दोनों को बेहद आवश्यक समझा गया। आज सुबह जैसा कि आपको ज्ञात होगा भारत ने इस तरह के सीमा पार हमलों का जवाब देने और उन्हें रोकने तथा उनका प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह कार्यवाही नपीतुली, नॉन एस्केलेटरी, अनुपातिक और जिम्मेदारी पूर्ण है। यह आतंकवाद की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त करने और भारत में भेजे
जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने पर केंद्रित है। आपको यह भी स्मरण होगा कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर एक प्रेस वक्तव्य जारी किया था। जिसमें आतंकवाद के इस निंदनीय कार्य के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों के को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। भारत की आज की इस कार्यवाही को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। गुड मॉर्निंग। थैंक यू ऑल फॉर जॉइनिंग दिस ब्रीफिंग। एस यू आर ऑल अवेयर ऑन अप्रैल 22 2025 पाकिस्तानी एंड पाकिस्तान ट्रेन
टेररिस्ट बिलोंगिंग टू द लश्कर तबा कैरिड आउट