अस्सलाम वालेकुम दोस्तों मेरा नाम है प्रकाश शहद और आप देख रही है टीवी 200 से बहुत से लोग पीस वीडियोस देखते रहते होंगे यह एक ऐसी जगह है जहां हर कोई जाकर पूरी कहना आपको देखना चाहता है लेकिन सिर्फ इस नोट सीख सलामी जाकर अलग-अलग कि कुछ रखिए अधीन कर इसमें देख सकते हैं आज के इस वीडियो में मैं आपको स्पेस में देखी जाने वाली है सबसे मिट्टी के चीज़ों के बारे में बताने जा रहा हूं तो शुरू करते हैं अपना अकाउंट ऑन सब्सक्राइब करें यदि TV को और बेल आइकॉन को दबाएं इंफोर्मेटिव वीडियो सबसे
पहले देखने के लिए नंबर सेवन फीस और मौज़ू आप सपने मौत का नाम तो सुना होगा यह हमारे समय की तरह यह प्लेट है और इसे रेड प्लैनेट कहा जाता है इससे चेहरे पर एक ऐसी जगह मौजूद है जिसको जमीन से टेलीस्कोप लगा कर देखा जा सकता है एहसास था उन्होंने इस जगह को साइड दुनिया का नाम दिया है 25 जुलाई 1977 को नासा ने अपना एक और ट्विटर मांस पर भेजा था जिसका नाम विपिन था इससे नासा को जो तस्वीरें मिलती है इनमें से एक तस्वीर पर इंसानी फीस बना हुआ था इस प्रेस की
कुल लंबाई 105 किलोमीटर थी जैसा कि आप देख सकते हैं कि बिल्कुल एक इंसान का प्यारा लगता है जब यह पिक्चर्स इंटरनेट पर वायरल हुई तो पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया और यह बिल्कुल नेचुरल फेस मीडिया का बन गया था चैनल की न्यूज़ चलाने में होने लगे थे बुक्स लिखी गई इससे लोगों की मां और बढ़ गई करना शुरू हो गए थे कि इंसान भी रहते होंगे यह चेहरा बनाया होगा जो भी हो यह सच में बहुत मिस्टीरियस था से हमारी गैलेक्सी और इससे बड़ी है ऐसे ही घूमते हैं जैसे कि मार्स जूपिटर
प्लैनेट करते हैं हमारी जमीन में से एक है यह सब हमारी गैलेक्सी का हिस्सा है लेकिन रिसेंटली में एक बहुत ही पत्थर की डिस्कवरी की है 2019 में पहली हु इस रोग की पिक्चर्स कैप्चर की गई थी इसकी शैंपू स्ट्रक्चर बहुत ही अजीबोगरीब है इस टोन 3000 मी लंबा है और एंड से इसकी शिव को देखकर ऐसा लगता है जिसकी तेल हो इसका कलर गिरि है वहीं बाय से सफेद रंग की चमकदार थे में कंवर्ट है फायदों का कहना है कि स्टोन हमारी गैलेक्सी के स्टोंस बिल्कुल मुफ्त लेफ्ट ऐसा लगता है कि कोई एक हम
स्टोन है जो किसी और गैलेक्सी से हमारी गैलेक्सी में आ गया है इस पत्थर की एक और स्ट्रेंज बात यह है कि इसकी स्पीड बहुत ही फास्ट है यह जमीन से भी कई गुना तेज स्पीड में सूरज के गिर्द घूमता है कोई साइंटिस्ट अभी तक इस बात का पता नहीं लगा पाया कि क्या चीज है और कहां से आई है रिसेट की रिसर्च के मुताबिक अभी स्टोन आहिस्ता-आहिस्ता सूर्य से दूर हो रहा है मुरशिद कुछ सालों तक यह बिल्कुल डिसेपीयर हो जाएगा बहरहाल यह जो भी चीज है यह भी लिए बहुत स्ट्रेन है नंबर फाइव
मिस्टीरियस वीडियो दोस्तों अगर आप पीस वीडियोस देखते रहते हैं तो आपने अपोलो मिशन के बारे में सुना होगा और नासा ने चांद पर रिसर्च करने के लिए बहुत फ्लैश लाइट्स पीस लें भेजी थी जिनमें से छह सक्सेसफुल रही थी बोलो 69 का सेकंड लास्ट मिशन था सोलह अप्रैल 1978 में तीन एस्ट्रोनॉट चांद पर रिसर्च करने के लिए गए थे जब Bigg Boss में 11वां दिन था तो इन आंकड़ों पर रहेगी पूरी चीज देखी थी यह क्राफ्ट था जिसका स्ट्रक्चर एक बॉल की तरह नजर आ रहा था यह किसी 11:00 के सिर की तरह लगता था
इन यह क्राफ्ट सिर्फ चंद सेकेंड के लिए नजर आया था लेकिन इन्होंने इसकी वीडियो रिकॉर्ड कर लेती है लेकिन अनफॉर्चूनेटली है वह वीडियो कहीं गुम हो गई थी इन्होंने इसे बहुत ही ढूंढा लेकिन वह कहीं नहीं मिली थी इस साल तक यह वीडियो ऐसे ही लापता रही है और फिर एक दिन जॉनसन स्पेस सेंटर में काम करने वाले एक वर्कर को इजी वीडियो मिल गई यह क्राफ्ट जिसकी से बहुत ही बीयर से बॉईल से और छोटे गोल्डन और वह सरकार से कवर था आज तक कोई भी साइंटिस्ट एक्सप्लेन नहीं कर सकता कि चीज क्या थे
जो कि स्पेस में इस तरह के किसी भी ऑब्जेक्ट का होना और मोसे पॉसिबल है वह आप जो भी हो चीज वाकई में बहुत ही मिस्टीरियस थी फोन नंबर पोटेंट पिसारो दूसरा हमारे ऑर्बिट में दो तरह की चीजे ट्रेवल कर रही है इनमें से एक मीरवाइज़ होते हैं जो कि छोटे-छोटे पत्थर होते हैं और इन आंसू और प्लैनेट्स भी कहा जाता है और दूसरी चीज को मे सोते हैं यह आईएस और रोक से मिलकर बनते हैं जब यह कमेंट सूरज की रोशनी से बहुत ज्यादा गर्म हो जाते हैं तो इनके पीछे एक व्यक्ति डिटेल से
बन जाती है आसफ इसमें जितनी भी ऑब्जेक्ट्स डिस्कवर किए गए हैं इन सबमें चीज पाई जाती है लेकिन यह जो प्लैनेट आप देख रही है यह दूसरे तमाम प्लैनेट्स से मुख्तलिफ है इसे पहली दफे ज़ोर मार्स और जूपिटर के सेंटर में डिस्कवर किया गया था यह प्लेट कमेंट और मीरवाइज दोनों बिल्कुल डिफरेंट है इसकी स्पीड है दूसरे प्लानेट जैसी नहीं है और यह बहुत ही शाइनी है इसकी तेल भी काफी लंबी है अभी तक साइट इस बात का पता नहीं लगा पाए कि चीज आकर है क्या लिखने ऐसा लगता है इस प्लानेट पर पहुंची भी
मौजूद है जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि शायद हमारी अर्थ पर भी यह पहली दफा पानी इसी तरह आया होगा सेट इस प्लैनेट्स पर एक्सप्रो भेजने की तैयारी करेंगे इसे 2028 में भेजा जाएगा कोई 5 साल के बाद इस प्लैनेट पर पहुंच जाएगा इसकी लाइक असेंबल से शायद ही बात समझने में आसानी हो कि हमारी जमीन कैसे वजूद में आई थी यार के लिए अनबिलीवेबल है नंबर थ्री मैग्नेटिक रूप लेने 200 अलार्म शुरू से ही है पीस में जिनकी तलाश कर रहा है कि शायद कोई ऐसा प्लैनेट मिल जाए जहां जिंदगी अब बात
की जा सकती है लेकिन अभी तक इस तरह का कोई प्लेनेटरी साफ नहीं हो पाया है जबकि इस तरह टूटता है तो इसमें से गैस और धूल निकलती है और इस डस्ट से प्लैनेट्स वजूद में आते हैं रिश्ते की 2017 में एक्टर नोट्स और साइंटिस्ट ने मिलकर एक अनछुए डिस्कवरी की है यह आप देख रहें हैं इससे मैग्नेटिक रूप लेने का नाम दिया गया है रिसर्च के मुताबिक यह प्लैनेट्स हमारी अर्थ से बहुत सस्ता मिलता जुलता है संहिताओं का मानना है कि असली प्लैनेट में ज़मीन की तरह ही अपनी मैग्नेटिक फील्ड मौजूद है क्योंकि आज
तक किसी और शहर में नहीं देखी गई यह साइज में जुपिटर सेम 11 गुना बड़ा है वैसे अगर टेक्निकली देखा जाए तो यहां पर है लेकिन पॉसिबल है लेकिन फिर भी यह सांपों की गई सबसे रेडिस्कवरी में से एक है यह कहां है कि स्टार से बना है यह बहुत ही जानता लेकिन यह बहुत ही में अन्न की अस्मत का मुगालता सबूत है नंबर टू हां मियां दूसरा हमारी गैलेक्सी अनगिनत प्लैनेट्स से भरी पड़ी है लेकिन यह जो कि यह आप देख रहें हैं इस तरह का प्लैन एक टैक्सी में आज तक नहीं देखा गया
मोस्टली है जब कोई चेहरा बनता है तो इसकी शेल्फ फिजिकल होती है लेकिन यह जो यह आप देख रहें हैं इसकी जिप वह है उस से छिपी नहीं है बल्कि हर चीज बहुत भीड़ है इस प्लैनेट पर दो मूंग पाए जाते हैं इसे दिसंबर 2004 में डिस्कवर किया गया था इस प्लैनेट का सूरज से फैसला ज़मीनों सूरज के फैसले से पीड़ित और इस गुना ज़्यादा है यह सूरज के गिर्द अपना चक्कर 250 आदमी कंपलीट करता है पूरी निगरानी समिति में इससे ज्यादा फास्ट प्लैनेट आज तक कोई नहीं देखा गया इसकी स्पीड इतनी तेज है कि
जमीन के चार घंटों में अपना एक दिन पूरा कर लेता है ऐसे फास्टेस्ट फ्लैशलाइट ऑफ होम शुरू समीक्षा जा रहा है सूरज की रोशनी को इस तक पहुंचने में 6 घंटे लगते हैं आज तक कोई भी संस्थान इस बात का पता नहीं लगा पाया कि प्लैनेट इतना अजीब क्यों है इसे सिर्फ अलग-अलग की कुदरती कहा जा सकता है यह सच में बहुत ख्याल है नंबर वन सोलर टर्मिनेटर इवेंट सूरज अल्लाह ताला के सबसे अधिक कृषि में से एक है यह बात तो हम सब जानते हैं कि एक और का गोला है इस और के गोले
पर हर सेकेंड धमाके होते रहते हैं वह इतनी पावरफुल होते हैं कि इन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी न्यूक्लियर पॉवर को भी पीछे छोड़ दिया है लेकिन कोई भी साइंटिस्ट इस बहुत ही एक्सप्लेनेशन नहीं दे पाया कि अगर सूर्य के ऊपर ऐसा होता क्यों है वहां पर इतनी जगह धमाके क्यों होती हैं क्योंकि यह इस्लाम ऐसे ही चलता रहा है और खत्म होने में आता ही नहीं है रिश्ते की 2014 में सुरेश की जो लेटेस्ट पिक्चर्स ली गई है इससे एक नई डिस्कवरी सामने आई है असल में यह सोलर इवेंट्स होते हैं जो कि बार-बार सूरज
को भड़काते हैं इन कि 501 सूर्य के अंदर आग आ जाती है और सूर्य की सतह भड़कती है और खत्म होती है इसलिए क़ुदरती चक्कर का एक हिस्सा है सूत्रों का कहना है कि टर्मिनेटर इवेंट्स मई होते हैं जो सन सपोर्ट सर्कल को खत्म कर देते हैं यही वजह है कि सूरज हमारी ज़मीन से कई हजार मील दूर होने के बावजूद भी है इतनी सदा ही छोड़ देता है क्योंकि हमें अल्लाह ताला का इकरार है और इंसानी समझ से बाहर है तो ग्रुप में रिकॉर्डिंग चैनल को सब्सक्राइब करना चाहते हैं तो इस आइकॉन पर क्लिक
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