[संगीत] लुट हमारी संस्कृति कि हमारे संस्कार मैं सदा रहे हो कि भारत के महान ग्रंथों और काव्यों का सं को सब्सक्राइब करें तिलक कई तरीके की LED लाइट आपके घर ऑफिस के लिए रिलायंस मेक इंडिया प्राऊड ओं झाल का [संगीत] कर दो लुट कि के फिर निमाड़ में श्री कृष्णा प्रणाम सा झाल अरे श्री राम झाल हरे हरे हे और सुनाओ [प्रशंसा] में मदद तेरा रूपा [संगीत] कर दो मैं तेरे दाणा है कि यहां से यहां बेगम खूब हुई 12 में मुरारे हे नाथ नारायण वासुदेवा ओर ए प्लेस इन थे कर दो और सुनाओ [प्रशंसा]
[संगीत] हुआ है हुआ है [संगीत] के बेटे चीज मैं तेरे पिताजी ने इस राजा का झूठा गुणगान करके धन लेने से इंकार कर दिया था है उसी राजा का झूठा गुणगान करके तेरे चाचा चक्रधर ने धन कमाया है श्रुति फिर भला में ऊधम के लिए हुआ भोजन कैसे स्वीकार कर सकती थी ना कि इस तरह तुम्हें अपने स्वामी के नजरों में गिर जाते हैं [संगीत] की पत्नी होने के नाते जो पति धर्म होता है वही मेरा धर्म है कि यदि वह भूखे हैं तो हम भूखे रहेंगे कि यह आमिर खान आंवले का या हैं तो
उन्हें भी भोजन अवश्य मिलेगा यह मेरा विश्वास है वह ने जन्म लिया है मैं इसे खुशी के अवसर पर एक महा यज्ञ का अनुष्ठान किया गया है जो 10 दिनों तक होता रहेगा का या दो है तथा इन दिनों ठाकुर सांवले शाह ने दास को तक सभी गांव के ब्राह्मण परिवारों को तीन दो समय का भोजन और मिष्ठान देने की घोषणा की है इसका के समय प्रमाण परिवारों से प्रार्थना है कि वह आयकर अपने और अपने बाल बच्चों के लिए प्रसाद ले जाएं जो किसी कारण से नहीं आ सकते हम उनके घरों में भोजन पहुंचा
देंगे अब कि थे इश्वर कि तुम कितना दयालु है और सुनाओ या फिर भूख है भक्तों के भोजन का प्रबंध तो कर ही दिया [संगीत] कर दो [संगीत] कि आप बच्चों आओ यह देखो मेरा रुझान बढ़ रहा है एक अर्ध [संगीत] कर दो [संगीत] को समेटा आप रफ [संगीत] कर दो [संगीत] MP3 अजय को [संगीत] कि ब्राह्मण पुत्र बोला हां यह स्थिति थोड़ी सी खेल से क्या होगा कोई बड़े ब्रांड बर्तन जाते घर पर कोई बड़ा नहीं है मेरी मां है है और पिताजी वृंदा पूरी के सारे ब्राह्मण आज गांव में मौजूद है केवल इनके
पिता को छोड़ कर दो कि कर्मों का मारा सुदामा रोज घर-घर जाकर भिक्षा मांगता था और आज जब और उसके द्वारा या है तो वहीं नहीं है क्यों कहां गया है द्वारकाधीश श्री कृष्ण से मिलने द्वारका नगरी गया है तो फिर हमें भोजन देते हैं भीतर चलो भाई द टॉक तैयार करो कर दो [संगीत] कर दो आप कौन का प्रभाव देगी जी [संगीत] के नीचे भोजन दोनों समय का भोजन देंगे हम मैं 10 दिनों तक घर में चूल्हा जलाने की कोई आवश्यकता नहीं है मैं तेरी चूत कि ऐसा कुछ मत कीजिए भावी अ मैं इश्वर
की बहन समझकर बटोर ली जिए तो आप इन्हें तो कहा था मैं कि यह जब त्रिलोकी नाथ कृपा करें तो खूबसूरत इंकार करेगा आ कि यह त्रिलोकी नाथ की कृपा है भाई जी जी जी जी तो प्लीज गीत के नीचे देवी तुलसी सत्य श्री कृष्ण भक्त व स्थल है मैं जय श्री कृष्ण जय श्री कृष्ण जय श्री कृष्ण जय [प्रशंसा] [संगीत] हुआ है मैं इंग्लिश सीख कृष्ण का विषय है 2018 MP3 कृष्ण श्री कृष्ण मैं इंग्लिश लुट श्री कृष्ण को इनक्रीस करो कर दो [प्रशंसा] को अच्छी तरह से MP3 लिस्ट अच्छी तो स्पीड कृष्ण स्वीडिश
प्रणाम स्वीकार हो को प्रणाम इस देश से तो ब्राह्मण लगते हो आप हां हां मैं ब्राह्मण यू ब्राह्मण हो तो यहां खंडहर में अकेले बैठे क्या कर रहे हो आ जाऊं वहां पास वाले गांव में जहां सभी ब्राह्मणों को खीर-पूरी पड़ रही है जाऊं जाकर आनंद करो छी पूरी खबर बांट रहा था कुछ सांवले साथियों से बढ़ रही है संघ लि0 हां हां तब ली शाहीन के घर पोता हुआ है है और इस खुशी में सांवले शाह ने 10 दिन तक महायज्ञ की घोषणा की है हैं और साथ यह भी घोषणा की है कि जब
तक यह भी चलता रहेगा अर्थात पूरे 10 दिनों तक प्लस कोस तक के अंदर सभी ब्राह्मण परिवारों को तीन-तीन समय तक की पूरी का भोजन मिलता रहेगा तो है वाह क्या महादान है साले साहब कि आज तो दिन से 10 को तक किसी जानवर के घर चूल्हा नहीं जला होगा ट्रकों में भरकर पकवान और खीर पुरी हर ब्राह्मण परिवार के वहां पहुंचाई जा रही है दृष्टि फिर तक हर गांव में हां हर गांव में ग्राम वाली समता नगर मैनपुरी जनकपुरी और उदयपुर में भी चीज पूरी पड़ रही है हां वृद्धि अरे भाई मैं कल स्विमिंग
उपस्थित वृंदा पूरे में मेरे सामने हर एक ब्राह्मण परिवार को बुला-बुलाकर खीर-पूरी दी गई वह गहरे ब्राह्मण झोली भर के ले गया केवल एक ब्राह्मण उपस्थित नहीं था वह गांव में कि कौन नहीं था कुछ लोग कह रहे थे कि सुदामा नाम का ब्राह्मण उपस्थित नहीं था गांव में सिंह रमण कि हम सुदामा क्या आप जानते हैं उन्हें तुम्हें तो हूं मैं बहुत घबरा न सभी को रेफर कैसे समय नहीं है गांव में सुदामा रहेगा वृश्चिक राशि छोड़ो यह बताओ मुझे बच्चों तक अपनी को भोजन मिल हक कि नहीं क्या बात कर रहे हैं विप्रो
वक्त आपके परिवार की आत्मा तृप्त हो गई होगी खेल पूरी खा जावण मेरे सामने सांवलेसा के सेवकों ने आपकी पत्नी और बच्चों को खीर के दुनिया भर के लिए सुनील शेट्टी प्रिंटेड है कि उत्तर प्रदेश कि आपके चार बच्चे हैं ना अगर हम सभी की आत्मा तृप्त हो गई और 10 दिन तक ऐसा ही चलने वाला है कृष्ण कन्हाई या फिर भी पालन हर है मैं तेरी लीला बड़ी प्यारी है कि पिछले वर्ष तुम देखिए बताकर मेरी सारी चिंता दूर करती है बस इसी विचार से उस टाइम हो सकते हैं अत कि मेरे बच्चे भूखे
है मैं कैसे खा लो आप यह चिंता छोड़ोगे कंवर वह परम आनंद में है रफ अपनी भूख मिटा लो चलो पास वाले गांव में मैं आपको ले चलता हूं और खेल पूरी दिलवा शाहरुख संग चलूंगी रेट क्या है इस बीच भारतीय जी हमने आपके कारण अपनी पत्नी के हाथ का बना है वह दिन तक नहीं खासियत और आप किसी सामने आखिर पूरी खाने चाहिए अभी पूछ आदमी व चप्पल भगवान श्री कृष्ण की अपने जीवन में ऐसा स्वार्थी ब्राह्मण मैंने पहली बार देखा है हैं अच्छा-अच्छा कितना भैया मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई है मेरे प्रिय
धुन का भोजन तो यही लगता है हां हां कि आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आप चलिए मैं यही खारदुंगला अच्छा मैं चलता जय श्री कृष्ण चेंज्ड एंड शेयर करना मुझे बहुत बड़ी हो गई हमसे बहुत बड़ी गलती हो गई जयेश शेयर करना कि मैं आपके बगैर अकेली कर लेता की प्रतीक्षा कर रहा था चली आ का सेक्स वीडियो इंग्लिश कुछ अच्छा है [संगीत] ए फेसबुक पिक्चर कि शैल आयरलैंड ब्राजील है है इसलिए ब्रह्म देव तेजी मैंने उससे पहले कहा था इस भोजन के दाने दाने पर आप ही कदम रखा हुआ है बर्फ आप जानते नहीं के टीम
मैनेजर नहीं मान रहा था अब तो मैं मान गया ना अब तो सारी चिंताएं दूर होंगे अब मनमानी की कोई शक नहीं है जी भरकर खाइए जब देखिए इ हैं जिन्हें गैर-ब्राह्मण करे नीति सारा संसार पुलिस के हाथों पारा आज्ञा मानक प्यार भिन्न थीं अकाल धाम में मैं हूं अजय को हुआ है हुआ है हुआ है हुआ है हुआ है कर दो क्या हुआ अजय को हुआ है हुआ है हुआ है अजय को क्यों नहीं ब्राह्मण देवता यह लक्ष्मी देवी के हाथ के बने हुए मोतीचूर के लड्डू नहीं है धोखा नहीं पड़ेगा ना का निशान
धरती से शुरू कि मैं कुछ ऐसा अपने स्वाद अनुसार रहे निभ को भी म्हणा मेखलाओं जीना ना डा में बहुत लिया है में बहुत नहीं खाया जाएगा अब कि मानव आत्मा तृप्त हो गई थी मैं बहुत दूर हूं यहां खाने का इतना आधा घंटा या चलिए आप हाथ धो यह मैं ठिकाने लगाता हूं ओम श्री कृष्ण को मिक्सी में कर दो हुआ है कि मैं ठीक हूं मैं [संगीत] तो चलिए कुछ स्कूल श्री कृष्ण कि रीमिक्स कर दो हुआ है [संगीत] कर दो क्या हुआ है कि तुम हैं आप प्रधान जी हां तो मेरा अ
कि तुम चारों धामों में पढ़ रहे हैं आपको जब तुम सामने श्याम तो कभी क्रीम अगर अ MP3 की खातिर कि आपकी जो क्या-क्या जतन करने पड़ रहे हैं हां फ्री वह करना पड़ रहा है जो एक साधारण स्थिति में शायद कभी नहीं करता है क्या करें व्यस्तता चीज़ ही ऐसी होती है कि उसे निभाने के लिए जो भी करो तन है फिर हमारा मित्र तो पड़ा स्वाभिमानी और सिद्धांतों का पक्का है तो उसके पीछे भी बच्चे भूखे थे इसलिए अपने मुंह में अन्न का एक दाना भी रखने को तैयार नहीं था एक मित्र को
दूसरे मित्र के स्वाभिमान की लाश तो रखनी पड़ती है ना सदानंद जानी-मानी है तो आप भी कुछ कम होती है नहीं है ऐसा चिप्स बनाने की विधि बच्चों को खाना नहीं खिलाया आपने चैन से नहीं बैठे सामने था छोड़कर उठ गया था ऐसा मुझे उसको खाना खिलाए ना कैसे करता था ना और अब तो शिवांगी तनख्वाह गया है मैं अपने आप को आनंद मिल गया होगा ना क्वेश्चन पूछो कितना आनंद मिला है सुदामा के एक निभाने के साथ में भी आत्मा व्यक्त होती जा रहे थे तो वहीं जब पूजन कराया था तो मुरली मनोहर की
बेचैनी के एक व्यक्ति आप खबर नहीं चल रहा था एक तो इनके निवाला बना कर SIM अपने हाथों से सुदामा को खाना खिलाते ऐसी तो शक्तियों से कि वास्तव में हर अवतार में हमें केवल भक्ति मिलते रहे हैं कि हमारे यह अवतार यह ऐसा पहला अवतार है जिसमें भक्तों के अतिरिक्त तुम मित्र भी मुझे है कि यह रज्जू दूसरा सुदामा रे है इसीलिए हम इन दोनों के साथ ऐसी मित्रता निभाना चाहते हैं सिर्फ युगों-युगों तक जब भी किसी प्राणी को सच्ची मित्रता का आदर्श देख रहा हो तो वह हमारे व्यवहार को देख लें अ तो
बस इसीलिए वह सब कुछ कर रहा हूं और एक भूखे मित्र को अपने हाथों से खिलाने में जो आनंद है जिससे उसका वर्णन नहीं हो सकता उस समय आपके मुख मंडल पर ममता का भाव से लग रहा था कि कि ऐसा लग रहा था में चिपक मां भूख से बिलखते हुए बालक को दूध पिला रही है तब तक पक पक पक पक तो हरी बिलकुल सच्ची मित्रता ममता का ही एक रूप होती है ममता की तरह मित्रता को फिरने स्वार्थ होना चाहिए जैसे मां हां यह देखिए वह तेज न ही जानती है लेना नहीं [संगीत]
अजय को इस वीडियो को शेयर करें जो भी बंधु आज यहां पर राजी हो कि नहीं कि वह तुम्हीं विराजत है कि मुझे तो धरती पर लेटने की आदत है इस नीति पर लेटने का आधुनिक छोड़ दी है एक मां की गोद का सुख मिलता है सत्य धरती जननी है सब की मां है और धन इसी धरती की देन है [संगीत] [प्रशंसा] कि मां की ममता की छाती सब कुछ न्योछावर करती रहती है तो तिब्बत की दया अपरंपार है आप हमसे कुछ लिए भी ना बस ही जाती है कि की माटी में एक भी बूंद
और हजारों काटो को पुष्य है * जगाता है और उसकी कई पीढ़ियां कि इस लाभ उठाती है [संगीत] कि पृथ्वी माता का बस कि इंच धर्म है अजय देवगन 84 मुद्दा न खोला देगा बस तेरा ही पैदा ही न हो अजय को एक दीन बंधु जब धरती माता का धर्म देना है ना तो मनुष्य धर्म के हुआ लेना और क्या तो फिर आज धरती माता के धर्म को न कार्तिक हुं रूस की ममता को ठोकर मार दूं कि हम मतलब मैं अभी थोड़ी देर पहले आप भोजन खाने से इनकार कर रहे थे पानी उबल जब
धरती अनाज के एक दाने के बदले में हजारों ताने देती है कल्याण में अनाज के भंडार लग जाते हैं और जो सामने अन्य रखा हो तो भूखे रहना धरती के दया धर्म का अपमान है क्या धरती जब सूत-कपास देती है तो फिर कुछ लोग वस्त्र त्याग कर धरती बिल्कुल नाराज़ नहीं कर रहे हैं क्या जरा सोचिए और बताइए क्या यह सब उचित है तो मुझे सांसारिक बातों में उलझाने का प्रयास कर रहे हो नहीं मान्यवर नहीं यह बात नहीं है थे मैं तो केवल यह प्रार्थना कर रहा हूं कि आप इस चादर पर पधारें क्यों
सूत से बनी हुई है अर्थात धरती मां की देन है कि मैं अपने शरीर को ऐसे विश्राम की लालसा युवा बंधी नहीं बनाना चाहता तुम मेरी चिंता छोड़ो यहीं पर ठीक हो दुख में सुख भोगने की आदत है मुझे अ तो आज आप मेरे शत्रु है क्या अरे यह क्या कह रहे हो मैं तुम्हारा शत्रु कैसे हो सकता हूं चतुर नहीं है तो मुझे पासबुक अधिकारी क्यों बनाते हो इसमें पाप-पुण्य की कौन सी बात है है जहां के एक ब्राह्मण की सेवा का अवसर मिला है वह भी छिन गई मुझसे क्या ब्राह्मण के सेवक पूर्ण
नहीं होती थी मुझे भोजन कराके वहीं पुलिस तो कमाल यह तुमने एक पुण्य अर्जित व एक हजार पुण्य कमाना चाहता हूं चलिए उठिए और चादर पर जा कर लेती है अभी यह क्या कर रहे हो मान्यवर जब कोई मनुष्य समझाने से ना समझें तर्क को भी न माने तो शास्त्र कहता है कि बल का उपयोग करना भी उचित है चलिए उन्हें अग्रिम एक साथ दिए भाई अमेरिका मुट्ठियां बंद का प्रयोग में कंट्रोल क्या रिचार्ज हिचक रही है मैं नीचे देख ले जा रहे हो अरे देखो मेरी बात को समझो अंक या फिर हो कि सो
जाइए करें था क्या कर रहे हो बहुत ही प्ले हो तुम नहीं चाहिए ना सोता सोता हूं जोबन सुनाइए आग कर लीजिए और अच्छा सो जाता हूं इस चीज है यह अच्छा मनोहर आंखें बंद करता हूं श्री कृष्ण कृष्ण ने [संगीत] हुआ है कि उन्हें राम राम सा कर दो कर दो को दूर लूप रह राजा अंधेरा है अजय को कि अ में रह रहे या आइक्यू 976 राम राम सा मैं एक पल चैन ना आवे हो रहा है अजय को कर दो आज दिनांक अच्छी तरह से उन लक्ष्मी जैसी हमारी ईएस दिल धुंध राजाओं
[संगीत] अपनी आधी बिरहा जलधि यह जहीर वो तीर वो तीर वाले मीडिया कुरु रमा याद आते ही अकुंठित दिल धुंध [संगीत] वसुंधरा झाला का कि अ और जूजू जीनी है कि तीर वो ओम जी मेरी हंसी कि उजाला डीईए प्यारा डुबो है तेरी सांवरी अ मे हमे हम सब पे उजाला डीईए रह्यौ ड्रॉ विरुधुनगर अनुभव लें और ओम ने Bigg Boss यौवन है कि विद्या बीम लुट दिल धुंध रहा जब बहन जी [प्रशंसा] शो मोर कर दो में मदद यह पसंद है कर दो चित्तौड़ और सुना दो कर दो हां भैया मुली हो भैया भूमि
बनो है अभी थोड़ा ठाक इतनी रात गए आप अभी तक जाग रहें लक्ष्मी देवी की याद आ रही है लक्ष्मी देवी की बहुत याद आ रही है हैंड्स फ्री कभी ईश्वर को भी तो याद कर दिया करो सच्चा प्रेम तो परमात्मा का प्रेम होता है कि परमात्मा ही प्रेम है कि यह ब्राह्मण को दान जप परमात्मप्रेम है यह सच होगा कि प्रेम ही परमात्मा है कि तुम प्रेम की परिभाषा आपने स्वाद अनुसार बदलने की चेष्टा कर रहे हो रुकना दो भनक प्रिंट कैसे हो सकता है वह एनिमल प्रिंस प्रिंस है उनकों करने की वस्तु है
यदि रूप में हो तो मनुष्य स्पर्श कैसे करें का या फिर अनलोक कैसे करें का या आप भी तो भगवान की मूर्ति बनाते हैं रोग के लोग भी [संगीत] का हिस्सा अंसारी युवक तुम प्रेम को क्या जानू रे प्रेम कैसा विशाल समुद्र है जिसमें ड्रॉप्स की थाह नहीं मिलती मुस्तैद कर उसको पुण्य मिलता है जितना आप ट्रेन को समुद्र कह रहे हैं और मुझे लगता है कि प्रेम एक आंसू है जिसमें आनंद और पीड़ा के तो समुद्र हैं उन्हें चौधरी ने उनसे च प्रेमी होते हैं कि ऐसा विशुद्ध प्रेम कि इस लुट लपटे पर मैं
तो देख रहा हूं कि सारे संसार में प्रेम ही का अखंड साम्राज्य हैं इस सारी सृष्टि का आधार ही प्रेम है विधाता ने सर्वप्रथम प्रेम की रचना की होगी और फिर समस्त सृष्टि का निर्माण किया का यह परम अनुराग प्रेम है मुरली मनोहर तुम्हारा मन एक क्रिकेट प्रेमी व्याकुल है कि प्रभु कृपा जाता है वह महीने में जब व्यक्ति तो बहुत ही अ हो जाते हुए बेकार को सुना देता है सत्य आत्मा को जगाने वाला भी प्रेम है [संगीत] कि तुम इतनी सुंदर शब्दों में जो कुछ कह रहे हो के पीछे किसी स्त्री का सुख
समृद्धि छिपा है इसलिए वह केवल रूपकार लूप है सौंदर्य और आकर्षण प्रेम का आधार है विधाता ने सृष्टि की रचना में सुंदरता को ही आधार बनाया है आकाश पर यह चंद्रमा अपने तारे से कि हाथी पर यह पौन इंच यह फूल तथा संरक्षण कि देकर मनुष्य के मन से ईश्वर की प्रसिद्ध से निकलती है के लिए भी इसी प्रशंसा का एक उत्तम रूप है और क्या सुंदरता की प्रशंसा उस भानगढ़ के विधाता की प्रशंसा में हैं अवश्य है फिर अर्थात अपनी प्रेमिका के सौंदर्य यह उसके सुंदर गुरु से प्रेम ईश्वर के अद्भूत लीलाओं से प्रेम
कर आए थे कि मुरली मनोहर हां तुमने उन गुण अवश्य है क्या अपने नाम की ही भांति कि महक हरिदेव ऐसा उन्हें हर नाम का गुण है तुमने में आज तुम्हारी बातों और तुम्हारे तर्कों से जीत पाना कभी-कभी असंभव हो जाता है मुझे तो अपना धर्म संकट में नजर आता है श्री कृष्ण श्री कृष्ण कि तुम प्रेम रस में डूबना है तो डुबो भाई मुझे तो नींद आ रही है ओम श्री कृष्ण श्री कृष्ण शेयर्ड कृष्ण श्री कृष्ण श्री कृष्ण श्री कृष्ण [संगीत] कौन सी रिक्वेस्ट रिक्वेस्ट श्री कृष्ण अब सुनिए थिस प्लेस स्ट्र्स कृष्ण श्री
कृष्ण कृष्ण हुआ है कर दो कर दो कि चक्रधर हमने तुम्हें राजकवि इसलिए पर आया था कि तुम हमारे लुढ़कन करते रहो 25 जब हमने तुम्हें अपनी सेवा में उपस्थित होने के लिए कहा तो तुमने अदा कर दिया तुम्हारा इतना साहस कि राजा के आदेश की खबरें न करो इस समय महाराज जी कि मैंने अब किसी का गुणगान करके रोटी कमाना छोड़ दिया है हमने तो गाना सुनना नहीं छोड़ा है इसलिए चक्रधार तुम्हें काला होगा हम अपनी प्रशंसा सुनने के लिए उतावले हैं महाराज व कि उत्सव यह नहीं होगा चक्र धारण अपने होश की तलाश
करो हमारे आदेश की अवहेलना राष्ट्रों के बराबर है महाराज जी आज मैं आपको कैसे समझाऊं है कि मैं आप किसी संसारी पुरुष का गुणगान नहीं कर सकता कि आप सकते हो मैं तुम्हें हम सभी बड़ा कोई तानी मिल गया है थ एक अच्छा कि हम सभी बड़ा दानी तो हम भी तो मुझे पासबुक क्वेश्चन ओं कौन-कौन से उर्दू मसानी अ कि महाज्ञान अ इस महाद्वीप महाविद्यालय हम सब जिसके भक्त है राजा महाराजा हो यह सब जिसके अधीन है अच्छा परमेश्वर हां महाराज हम कर दो कि मैंने केवल मैं इश्वर की ही प्रशंसा करने तो उसी
का गुणगान करने का निर्णय लिया है बीच शहर का गुणगान करोगे यह लगता है तो मैं विश्व था मगर रोग लग गया है महाराज ईश्वर करे सुदामा का रोग सबको लगे महामारी बन कर सब को अपनी लपेट में ले कि आप बकवास कर रहे हो गया वृक्ष बेहद हो इसलिए कि सुदामा का रोग कोई आम रोग नहीं है कि भक्ति रोग है सुदामा की भक्ति की शक्ति फैले देख लिए हैं मैं इश्वर ने सांवरे साधक के रूप ले जाकर कि किस तरह उसके भूखे परिवार का भरण-पोषण किया यह चमत्कार मैंने अपनी आंखों से देखा है
लुट [संगीत] है और और मेरी आंखें खुल गई है अब तो है अब मैं तो सुदामा की तरह कि केवल ईश्वर का ही गुणगान करूंगा चक्कर था मैं मूर्ख मैं क्यों अपने ही शक्ति बन रहे हो तुम एक तुम यह हमारा घाघरा छोड़ दिया है खैर भरो के भूखे मरोगे हैं मैं इश्वर का गुणगान कर की है और सुदामा भूख और हमारा लुक है कि मैं क्यों से भूख मर लूंगा मैं हैं अनअदर गाने उसका उसके परिवार का पेट पालता है है तो मेरा भी पहले कर चेक करता है यदि तुमने हमारी आज्ञा का पालन
नहीं किया प्रखंड के पास तुरंत जाओगे और राज कभी की पदवी छीन ली जाएंगे फिर भूखे-प्यासे भरोगे शुभेच्छुक आयशर फस जायेगा तुम्हारा सर्वनाश की बात करते हो तो सुनो राजन तरह विनाशित है मु रूल हैं यह सब भिलावा चुप्पी साधे पानी से मुझे सब अमृत कि प्याज भज ले हरि हरि ओम भजले हरिहर भिन्न अजहर हरिओम कोई कह पाता मार्ग इन थे भ्रू कोई तेरे पास न भ्राता आएगा मौत जब आए गिरधार अजमेर हरिहर टीम को हरभजन ने हरिहर दोष भज में हरिहर मीडियम अंधा कोई मौजूद थे कि कल विभाग छुियां पिंपल जहां था परिवार
तथा भिन्न नामों युधिष्ठिर एक है शिशु पर सदा दहन मार भज ले हरि हरि ओम अजहर लहरुं टुवर्ड्स लहरिया लुटा ए अजय को हुआ था कि हम तुम्हारे इस रोल के लिए तुम्हें भी बड़ी सजा देते हैं कि जो हमने सुदामा को दिया था जय श्री कृष्ण इन दिशाओं की यही इच्छा है तो यहीं से समाधियों इस गाड़ी को बैक कि लेकर सिरों पर ले जाओ और उसी तरह गिरा दो जिस तरह इसके मित्र सुदामा को गिराया था बजाओ जो आज्ञा जय श्री कृष्ण सुप्रभात कर दो [संगीत] और सुनाओ को मजबूत [संगीत] के दाम बिना
निर्धन जिंदगी कृष्णा वश धनवान इन थे कि कृष्ण अधीन उपर हुं नख संसार धो लें तब जेठानी भज ले हरि हरि ओम भज ले हरि हरि ओम सुंदर भजन ए हेरी अप हरी ओम क्वेश्चन ओं कि मीडिया था मेहर ए ए [संगीत]