नमस्कार मैं रवीश कुमार आप सभी को बहुत-बहुत बधाइयां ईडी के चंगुल से एक और नेता को मुक्ति मिल गई है बेदाग निकल कर आ गए हैं इस बार बेदाग होने वाले नेता का नाम है चंद्रबाबू नायडू पढ़िए पढ़िए और ठीक से पढ़ लीजिए टाइम्स ऑफ इंडिया के यू सुधाकर रेड्डी एडिटर इन्वेस्टिगेशन की इस रिपोर्ट में पर्दाफाश कर दिया गया है ईडी ने चंद्रबाबू नायडू को क्लिन चिट दे दी है आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू लेडीज एंड जेंटल मर्द आप दोनों ही ताली बजाकर इस खुशी का स्वागत कीजिए चंद्रबाबू नायडू ईडी के चंगुल से मुक्त
हो गए तिरुपति के लड्डू ना मिले तो किसी भी हलवाई की दुकान से दो लड्डू न्यूनतम खरीद कर खा लीजिए क्योंकि चंद्रबाबू नायडू को ईडी के झंझट से मुक्ति मिल गई है 371 करोड़ के घोटाले में जेल गए थे ईडी को कोई सबूत नहीं मिला ईडी ने उन्हें क्लिन चिट दे दी है है ना खुशी की बात तो बजाइए ताली मिस्टर नायडू भूल मत जाना ईडी से बचना है तो एनडीए में चले आना मिस्टर नायडू जेल मत जाना यहां तुम्हें कल भी है आना भ्रष्टाचार मिटाने के नाम पर एक बार फिर आप देशवासी मूर्ख बनाए
गए हैं इस खुशी में भी ताली बजाइए और खुशी के मारे फट जाइए एक और नेता बेदाग निकल कर आ रहे हैं स्वागत स्वागत एंड ऑफ कोर्स डोंट फॉरगेट तालियां जनरेट बाय योर ओन हैंड मिलेगा मिलेगा आपको भी ऐसा ही गुलदस्ता मिलेगा बस आप गुलदस्ता लेकर इधर आ जाइए जिधर खड़े हैं कौन कौन कौन प्रधानमंत्री मोदी सोचिए अमित शाह ने क्याक कहा था नायडू के करप्ट होने पर मित्रों वो आंध्र के अन्याय की बात करते हैं मैं इस मंच से चंद्र बाबू नायडू को चैलेंज देना चाहता हूं आप इतने साल मुख्यमंत्री रहे जिस कांग्रेस की
गोद में बैठे इसकी 55 साल सरकार हुई चली है केंद्र की ओर से एक 55 साल कांग्रेस पार्टी के और एक और भारतीय जनता पार्टी के 5 साल आंध्र प्रदेश को हमने कांग्रेस पार्टी के 55 साल से 10 गुना ज्यादा मदद करने का काम य भारतीय जनता पार्टी की नरेंद्र मोदी सरकार ने किया एक मुख्यमंत्री को क्लिन चीट मिली है क्या इस पर धूम धड़ाका नहीं होना चाहिए प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं होनी चाहिए थी मगर सन्नाटा पसरा है टाइम्स ऑफ इंडिया के एडिटर इन्वेस्टिगेशन की रिपोर्ट है कि ईडी ने चंद्रबाबू नायडू को क्लिन
चीट दी है यू सुधाकर रेड्डी ने तो यह भी लिखा है कि चंद्रबाबू नायडू ने क्लिन चट प्राप्त कर ली है ईडी की हैदराबाद यूनिट ने इस मामले में 235 करोड़ की संपत्ति अनंतिम रूप से कुर्क की है टाइम्स ऑफ इंडिया के सुधाकर रेड्डी ने यह भी लिखा है कि कौशल विकास योजना के कथित घोटाले में कुछ भी ऐसा नहीं मिला जिससे नायडू की भूमिका सामने आती हो इसके बाद फ्री प्रेस जर्नल ने इस रिपोर्ट को को प्रकाशित किया है न्यूज़ 18 ने लिखा है कि ईडी के सूत्रों ने बताया है कि नायडू की कोई
भूमिका नहीं थी ईडी ने 16 अक्टूबर के 3 बजे एक ट्वीट किया है कि कौशल घोटाला मामले में 25 करोड़ रुपए की चल अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है मगर चंद्रबाबू नायडू को क्लिन चिट दी गई है या नहीं इस ट्वीट में कोई जानकारी नहीं ईडी के प्रेस नोट में भी नहीं बताया गया है कि उन्हें क्लिन चिट दी गई है एक मुख्यमंत्री को अगर क्लिन चिट दी गई है तो यह खबर चुपचाप क्यों छप रही है बीजेपी ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देती कि उनके सहयोगी चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ईमानदार पाए गए
हैं नायडू ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देते कि उन्हें बेवजह फंसाया गया ईडी का दुरुपयोग किया गया अब वे ईमानदार पाए गए हैं तभी कहा कि नायडू के बरी होने पर आप खुशी मनाएं क्योंकि नायडू तो मना नहीं सकते क्या वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे ईडी को भला बुरा कहेंगे शायद नहीं लेकिन इतनी खुशी तो होगी ही कि एनडीए को सपोर्ट देने से मुकदमे से छुटकारा तो मिला जो खुशी नायडू नहीं मना सकते वह खुशी हम चाहते हैं आप मनाइए कितने उदाहरण दूं तब आप जाकर यकीन करेंगे कि ईडी का इस्तेमाल किस तरह से हो रहा है
कितनी ही बार विपक्ष ने कहा ईडी के सहारे विपक्ष की राजनीति खत्म की जा रही है एनडीए में आते ही नायडू बरी हो गए क्या अब भी आपको संदेह होता है सतीश आचार्या का कार्टून देखिए इंडिया गठबंधन की कार पर टोल ना का बैरियर गिरा दिया गया है और बगल से ईडी सीबीआई के निकल जाने के लिए बैरियर हटा लिया गया है इसका तो यही मतलब हुआ जहां चुनाव वहां ईडी का छापा और फिर वही सब खेल शुरू ईडी ने 10 साल में कार्टून बनाने वालों को खूब प्रेरित किया है यहां तक कि कांग्रेस भी
कार्टून बनाने लगी है और यह रही वही वाशिंग मशीन जहां से नायडू धुल करर निकल रहे हैं इस वाशिंग मशीन के अंदर चमकते हुए नायडू खड़े हैं और प्रधानमंत्री मोदी की तरफ मुड़कर नमस्ते कर रहे हैं कांग्रेस ने ट्वीट में लिखा है है मोदी वाशिंग मशीन दाग धुले छुट्टियों में और भी कांग्रेस ने इस तरह के पोस्टर और वीडियो बना डाले हैं नरेंद्र मोदी के पास एक कमाल की वाशिंग मशीन है उस वाशिंग मशीन का नाम है बीजेपी जिस जिसको वह भ्रष्टाचारी कहते हैं जिस जिसके ऊपर भ्रष्टाचार की तोहमत लगाते हैं जब वह लोग बीजेपी
की वाशिंग मशीन में शामिल हो जाते हैं तो धुल करर पाक साफ होकर उनके धाग धग मेंे सब धुल जाते हैं और वो गंगा के पानी में गोता लगा लेते हैं कुछ ऐसा ही चंद्रबाबू नायडू के साथ हुआ उनको आज ईडी ने क्लीन चिट दे दी आपको याद होगा सितंबर 2023 में चंद्रबाबू नायडू जेल गए थे उनके ऊपर करीब 300 करोड़ से ऊपर के एक स्किल डेवलपमेंट घोटाले का आरोप था जिसके चक्कर में वो जेल गए लेकिन अब उन्होंने बीजेपी को समर्थन दे दिया है तो उनके साथ वही हुआ जो तमाम लोगों के साथ हुआ
था जो भी बीजेपी का दामन थामे वो पाक साफ होकर निकल जाएगा नरेंद्र मोदी की आंखों में वो भ्रष्टाचारी नहीं रहेगा उनकी पालतू एजेंसी ईडी सीबीआई इनकम टैक्स उसके खिलाफ सारे केस बंद कर देंगी और हमने देखा भी है इलेक्टोरल बॉन्ड हो या लोगों को जबरन बीजेपी में शामिल करना हो हर चीज का इस्तेमाल किया गया है और यही काम अब चंद्रबाबू नायडू के साथ हुआ है पहले ये हेमंत विश्व शर्मा के साथ हुआ था नारायण राने के साथ हुआ था सुवेंदु अधिकारी के साथ हुआ था तमाम ऐसे लोग हैं एक बड़ी लंबी फेहरिस्त है
जो बीजेपी का दामन थाम लेता है उसके जो भ्रष्टाचार के आरोप ये बीजेपी वाले खुद ही लगाते थे वो सब खत्म हो जाते हैं तो कुछ ऐसा ही जादू चंद्रबाबू नायडू के साथ हो गया मनी लरिंग के केस में जिस तरह से विपक्ष के लोग जेल में डाले जा रहे हैं और उनके पाला बदलते ही बरी किए जा रहे हैं इस पर कोई लाफ्टर शो बना सकता है बनाना चाहते भी होंगे लेकिन बेचारे की हंसी गायब हो जाती होगी कि कहीं उसे ना जेल में डाल दिया जाए किस-किस को ईडी ने जेल में नहीं डाला
कोर्ट से डांट खा खाकर छोड़ना पड़ा वरना तो जो गए थे कभी बाहर ही नहीं आते ऐसे में जब जेल में रहने का मिनिमम और मैक्सिमम टाइम का अंतर ही मिट जाए कौन ईडी को लेकर लाफ्टर शो बना सकता है ईडी का सोचकर हंसी गुम हो जाती होगी इमेजिन कीजिए हिंदी में कल्पना कीजिए नायडू को इसी महीने मगर पिछले साल 53 दिनों के लिए जेल में बंद कर दिया गया था कैलेंडर पर दिन बदलते जा रहे थे लेकिन नायडू जेल में सड़ते जा रहे थे मंडे आया संडे आया फिर से मंडे आया फिर से संडे
आया करते-करते 53 दिन बीत गए उस दर्द को समझिए जो ईडी ने नायडू को दिया मनी लरिंग का केस लगाकर नायडू जेल से बाहर आए बरी होने पर जश्न भी नहीं मना सकते आंख के ऑपरेशन के लिए बेल मिली थी 53 दिनों के बाद लेकिन लगता है बाहर आते ही नायडू को वह सब दिख गया जो आज की सच्चाई है नारा लोकेश बेटे हैं चंद्रबाबू नायडू के विधायक भी है जाहिर है पिता को जेल में देखकर सहन नहीं कर पाए होंगे तड़प गए होंगे बयान ही दे दिया सिविल वॉर की जरूरत हुई तो वो भी
करेंगे मगर नायडू को बाहर निकालेंगे गृह युद्ध की नौबत तो नहीं आई लेकिन गृह युद्ध की धमकी देने वाले नारा लोकेश एनडीए के अब पार्टनर हैं आप अपनी डायरी के किसी कोने में लिख दीजिए गृह युद्ध तो 5 साल के लिए भारत के खिलाफ साजिश रचने के आरोप में जेल में डाल दिए जाएंगे यहां तो नारा लोकेश गृह युद्ध की धमकी दिया करते थे और एनडीए में 5 साल रहने का जुगाड़ खोज लिया है बहरहाल आंख के ऑपरेशन के लिए जब जमानत मिली तो बाहर आने पर इस तरह से जश्न मनाया गया देखते देखते नायडू
को सब दिखने लगा और वे एनडीए के साथ आ गए फरवरी से चर्चा चली साथ आने की और मार्च 2 24 में टीडीपी का बीजेपी से गठबंधन हो गया राज्य में टीडीपी ने सरकार बनाई और केंद्र में टीडीपी के सहारे बीजेपी ने सरकार बना ली 9 मार्च को बीजेपी के अंतरिम अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट किया टीडीपी का परिवार में स्वागत है टीडीपी आंध्र प्रदेश और देश के विकास को लेकर समर्पित है जगनमोहन रेड्डी की सरकार ने चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दर्ज कराए सीआईडी ने तो इसी अप्रैल महीने में स्थानीय अदालत में
चार्जशीट भी दायर कर दी सीआईडी के चीफ एन संजय ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी चंद्रबाबू नायडू मुख्य साजिश करता हैं 4 महीने बाद नायडू अब बरी हो गए उस प्रेस कॉन्फ्रेंस का क्या हुआ आंध्र प्रदेश स्किल डेवलपमेंट बोर्ड विवाद की शुरुआत 2014 में बोर्ड के गठन से होती है मुख्यमंत्री बनने के कुछ महीने बाद नायडू एपीएस डीबी बोर्ड की स्थापना करते हैं ताकि युवाओं का स्किल प्रशिक्षण हो सके इसके तहत अलग-अलग जिलों में क्लस्टर बनाए जाने थे जिसमें बेरोजगार युवाओं को स्किल ट्रेनिंग मिलनी थी सेमेंस कंपनी समेत अन्य कंपनियों के साथ एपीएसएसडीसी करार करती
है पूरे प्रोजेक्ट की लागत 3356 करोड़ बताई गई जिसमें से राज्य सरकार ने 10 प्र देने का वादा किया बाकी निवेश सेमेंस का होना था जनवरी 2015 में नायडू राज्य में 17 स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोलते हैं लेकिन मार्च 2021 में जगन रेड्डी सदन में आरोप लगाते हैं कि यह स्कीम स्कैम थी और नायडू ही इसके मुख्य षड्यंत्र कर्ता और लाभार्थी हैं आरोप लगा सेमेंस के बिना एक भी रुपया निवेश किए राज्य सरकार ने स्कीम के लिए 371 करोड़ जारी किए जिसमें से फर्जी बिलों के सहारे 2241 करोड़ शेल कंपनियों में लगा दिया गया दिसंबर 2021
में सीआईडी एफआईआर दर्ज करती है और जांच शुरू हो जाती है अब टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट है इन्हें ईडी ने क्लिन चीट दे दी है इसी के बाद इसी मामले में ईडी भी शामिल हो गई और मनी लन रिंग का भूत खड़ा कर दिया गया अप्रैल 2023 में ईडी ने 110 पन्नों की अंतरिम चार्जशीट दायर कर दी नायडू को आंध्र प्रदेश पुलिस के क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट ने 9 सितंबर 2023 को गिरफ्तार कर लिया 31 अक्टूबर तक नायडू जेल में रहे फिर हाई कोर्ट से मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत मिली इसके कुछ दिनों बाद 20
नवंबर को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में जस्टिस राव की बेंच ने उन्हें यह कहते हुए नियमित जमानत दे दी कि कथित घोटाले के दर्ज होने के 22 महीने बाद उसमें नायडू का नाम आरोपी के तौर पर जोड़ा गया है चंद्रबाबू नायडू सितंबर में जेल जाते हैं मार्च में बीजेपी से हाथ मिलाते हैं जून में सरकार बनाते हैं अक्टूबर में बरी हो जाते हैं बीजेपी में जाने का रास्ता जो ईडी से निकल कर आता है google3 दिन हैं अब मैं इनके बारे में सोच रहा हूं जगन रेड्डी इनकी सलामी तो देखिए कितनी टाइट है मुख्यमंत्री रहते
हुए इन्हीं की सरकार के समय नायडू के खिलाफ केस किया या ईडी भी आ गई क्या यह भी राजनीति की इस कीचड़ में धसे हुए हैं यहां तक इस हद तक इस प्लॉट के लेखक यही हैं या वही हैं जिनका नाम मुझसे लिया नहीं जा रहा है और आप बिना लिए समझते जा रहे हैं चंद्रबाबू नायडू दावा करते रहे कि गुजरात दंगों के वक्त नरेंद्र मोदी से इस्तीफा मांगने वाले पहले व्यक्ति थे नायडू बयान दे रहे थे कि प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी अल्पसंख्यकों पर फिर से हमले करने की कोशिश कर रहे हैं इसके बाद
भी नायडू 2014 से 2018 के बीच मोदी सरकार शामिल रहे लेकिन उसके बाद निकलते ही उन्ह आतंकवादी भी कहने लग गए अ नरेंद्र मोदी कर उग्रवादी मंचवा का अ मा ंद ना लो मनी नरेंद्र मोदी की ते सम गु 2019 के चुनाव से पहले नायडू तो दिल्ली के चक्कर लगा रहे थे कभी केजरीवाल से कभी राहुल गांधी से मायावती से यशवंत सिन्हा से सबसे मिल रहे थे इस तस्वीर में देखिए इंडिया गठबंधन के नेता कितनी गंभीरता से नायडू को ले रहे हैं और नायडू भी इस बैठक में कितनी गंभीरता से नजर आ रहे हैं मोदी
के खिलाफ मोर्चा बनाने निकले थे मोदी के साथ ही शामिल हो गए शरद पंवार से भी मिल रहे हैं तब प्रधानमंत्री मोदी नायडू को यू टन बाबू कहा करते थे कहते थे आंध्र की संस्कृति को यूटर्न बाबू से खतरा है अब वही बाबू चंद्र बाबू नायडू यूटर्न लेकर मोदी जी के साथ आ गए हैं वह बारबार मुझे यह याद दिलाते हैं कि वह मुझसे बहुत सीनियर है इसमें क्या विवाद है आप सीनियर है इसलिए आपके सम्मान में मैंने कभी कोई कमी नहीं छोड़ी है आप सीनियर है दल बदलने में आप सीनियर है नए नए दलों
से गठबंधन करने में आप सीनियर है अपने खुद के ससुर की पीठ में छुरा भोंकने में अरे आप सीनियर है एक चुनाव के बाद दूसरे चुनाव में हारने में एक चुनाव के बाद दूसरे चुनाव में हारने में और मैं तो उसमें सीनियर हूं नहीं सितंबर 2023 में नायडू जेल जाते हैं मगर साल भर के उनके दिन बदल गए इस देश में इतनी तरक्की तो किसी ने नहीं की जेल से सरकार बनाने तक का सफर साल भर के अंदर ही तय कर लिया नौ महीने भी नहीं लगे नायडू काफी परेशान थे रोने लग गए कि उनकी
पत्नी को विधानसभा की बहसों में घसीटा जा रहा है उनके खिलाफ बातें की जा रही है इसे मैं सहन नहीं कर सकता य प्रगड़ा मामी ससु ार राज के [संगीत] अड़प राज केल पस्त लेद पटड़ा तरवाता ना मुख्यमंत्री नेन सुधीर कालो समझ सकते हैं बिल्कुल समझ सकते हैं एक झूठे केस में फसाए जाने की पीड़ा कौन नहीं समझ सकता है संजय राउत को भी ईडी ने अवैध रूप से गिरफ्तार कर लिया हरियाणा चुनाव से पहले कांग्रेस के नेता को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया 68 दिनों तक जेल में रहे नाम जानते हैं उनका पंजाब हरियाणा
हाई कोर्ट ने कहा इनकी गिरफ्तारी ही अवैध हुई है जेल से रिहा किया जाए सदमा कितना गहरा होगा वक्त चुनाव का था क्या सुरेंद्र पंवार ने बाहर आते ही धुआधार प्रेस कॉन्फ्रेंस की अवैध गिरफ्तारी को मुद्दा बनाया क्या-क्या उन्होंने किया यह सब आप उन्हीं से पूछिए यह तो कांग्रेस को भी सोचना चाहिए लेकिन सदमा तो लगा ही होगा कि अवैध रूप से अरेस्ट कर 3 महीने के लिए जेल में डाल देना इतना आसान नहीं तो विधायक बनकर भी क्या हासिल विधायक तो थे ही इस बार भी कांग्रेस ने टिकट दिया और सुरेंद्र पंवार 30000 वोटों
से हार जाते हैं सुरेंद्र पंवार का उदाहरण इस सवाल को उठाने के लिए दिया कि क्या चंद्रबाबू नायडू बरी होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे ईडी को लेकर भला बुरा कहेंगे जो हाल है इस देश का कब फर्जी मामले में जेल में डाल दिए जाएंगे उससे अच्छा है जब ईडी गिरफ्तार करने आए तो उसी में मिल जाइए जिसमें मिल जाने से निर्दोष होने का मौका आपको मिल जाता है यह बात झारखंड के मंत्री मिथिलेश ठाकुर को कौन समझाए चुनाव वहां होने हैं तो कुछ दिन पहले ईडी ने छापा मारा मंत्री के भाई के यहां सचिव
के यहां और एक आईएस अफसर मनीष रंजन के यहां ईडी आईटी सबका छापा पड़ा फिर से मनी लरिंग का वही भूत खड़ा किया गया टीवी पर चलेगा अखबारों में छपे मंत्री का घर रिश्तेदार का घर आईएएस का घर घोटाला ही घोटाला माहौल बनते देर नहीं लगेगी मिथिलेश ठाकुर जी एक बार सोच लीजिए फाइनल मत बोलिए कि बीजेपी में नहीं जाएंगे वरना चुनाव भर यही खबर छपे गी ईडी का ताबड़तोड़ एक्शन इतने ठिकानों पर छापा मनी लरिंग का केस केस केस वगैरह वगैरह जल जीवन मिशन में घोटाला लगता है कि मिथिलेश ठाकुर झारखंड मुक्ति मोर्चा के
इस ट्वीट को देखकर जोश में आ गए हैं बहकावे में आ गए हैं झारखंड मुक्ति मोर्चा ने लिखा है हर कोई दगाबाज नहीं होता हर कोई बिकाऊ नहीं होता हर कोई अपमान और ठेस की बात क आस्तीन का सांप नहीं होता गैरत बड़ी चीज होती है कुछ लोग अपने उसूलों से डिग नहीं सच्चा झारखंडी कभी झुकता नहीं मिथिलेश ठाकुर जिंदाबाद लेकिन सोचना चाहिए मिथिलेश ठाकुर को पाला बदल लेने से केस मुकदमा सब पाला बदल लेगा ऐसा कौन करता है छापा पड़ रहा है कहे जा रहे हैं बीजेपी में नहीं जाएंगे क्या उन्हें नहीं पता कि
हेमंत सोरेन को कमजोर सबूतों के आधार पर पा महीने तक जेल में डाला गया हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने भी सही माना लेकिन पा महीने की जेल क्या होती है आप 3 दिन जेल में रहने वाले चंद्रबाबू नायडू से पूछिए मिथलेश ठाकुर जी तो निशाना कहां है आप लोग अच्छी तरह से समझ रहे हैं और इसके तो हम लोग अब यूज टू हो गए इससे अब किसी तरह का हम लोगों को अब नहीं लगता कि कोई क्योंकि ये तो कहीं से भी ईडी की रेड नहीं है यह पूरी तरह से राजनीतिक रेड
है ये जब इन लोग जब जनता की अदालत में देखते हैं कि जनता की अदालत में हम पूरी तरह से फेल हो गए जनता ने इन्ह नकार दिया है पूरी तरह से तब ये इस तरह का अपना हथकंडा अपनी केंद्रीय एजेंसियों को लगाते हैं लेकिन मैं यह कहना चाहूंगा आपके माध्यम से कि ईडी अगर पूरी पारदर्शिता के साथ काम करे तो पूरा सहयोग हम लोग करने के लिए तैयार है पूरा सहयोग जहां भी जाच करना है जो भी जा लेकिन कठपुतली ना बने और इशारों पर नहीं नाचे और यह जो रेड है यह पूरी तरह
से क्योंकि मेरे ऊपर बहुत लंबे समय से लोकसभा के पहले से भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का दबाव विभिन्न माध्यमों से मैं तो कहूंगा कि जो मीडिया चैनल के लोग हैं वो लोग भी मेरे ऊपर दबाव बना रहे थे कि भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो जा मैंने कहा कि फांसी पर चढ़ जाऊंगा पूरा खानदान जेल में सड़ जाएगा समझाइए आप लोग भी मिथिलेश ठाकुर को चले जाएं शांति रहेगी वहां लेकिन ये भी कमाल है कई लोग डरे नहीं ईडी ने जेल भेजा जेल चले गए कोर्ट से लड़े पाच महीना लगा पाच महीना जेल
में रहे 17 महीने लगे 17 महीना जेल में रहे लेकिन जेल में रहे यहां बेल रद्द वहां बेल रद्द लड़ते रहे और बाहर आ गए दोदो मुख्यमंत्री को जेल में डाला गया अब और कितना न्याय चाहिए इस देश में आपको बाहर तो आ गए सब भारत में किसी को फर्जी केस में फंसाना अवैध रूप से अरेस्ट करना यही सब तो यहां होता है फर्जी मामले में अवैध रूप से अरेस्ट होकर कई महीनों के बाद जेल से बाहर आने पर इंसाफ की जीत होती है इसके बाद अन्याय करने वाली वही एजेंसी दूसरे शिकार की तलाश में
निकल जाती है आंध्र में बरी तो झारखंड में छापे की लड़ी इसलिए कहा कि आप सभी मिलकर झारखंड के मंत्री मिथिलेश ठाकुर को समझाइए इतना इमोशनल होने की जरूरत नहीं यह सब क्या छपरा है क्या बोल रहे हैं यह सब क्यों कह रहे हैं कि फांसी पर चढ़ जाएंगे पूरा खानदान जेल में सड़ जाएगा मगर झुकेंगे नहीं नहीं झुकेंगे तो फिर केस मुकदमा का फायदा तो कुछ हुआ नहीं सच-सच बताइएगा रोना आया या हंसी आई हम तो हंसाना चाहते थे लेकिन पता है हंसा नहीं पाए भारत का लोकतंत्र कैसे-कैसे दरका जा रहा है इस पर
कौन कॉमेडी कर सकता है और किसे हंसी आ सकती है आपके बच्चों को डीजे बजा बजा कर उकसाया जा रहा है जुलूस में ले जाया जा रहा है उनमें नफरत की हवा भरी जा रही है वे नाच रहे हैं किसी के घर के आगे किसी की दुकान के आगे डीजे के शोर में उन्हें कुछ भी सुनाई नहीं देता दिखाई क्या देगा जो बच्चे नफरत की राजनीति के रास्ते पर नाचने निकल चुके हैं उन्हें अब इन सवालों से कोई मतलब नहीं कि ईडी का इस्तेमाल कर देश के लोकतंत्र में विपक्ष को खत्म किया जा रहा है
ईडी को लेकर अब क्या-क्या कहा जाए चंद्रबाबू नायडू को क्लिन चट मिली है भारत की राजनीति में चीट बाजी चल रही है सवाल कोई पूछ रहा है जवाब कोई और लिखकर दे रहा है नमस्कार मैं रविश कुमार