नमस्कार मैं रवीश कुमार क्या अमेरिका में अदानी के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी हो गया है नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मांग कर दी है कि अमेरिका से पहले अदानी को भारत में ही अरेस्ट कर लिया जाए द हिंदू रॉयटर्स और एबीसी ऑस्ट्रेलिया ने कोर्ट के दस्तावेजों के आधार पर रिपोर्ट किया है अदानी के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किए गए हैं हालांकि अमेरिका की कोर्ट ने उन्हें इनडाइज किया है इसका मतलब होता है आरोप फ्रेम किया गया है आद समूह ने कहा है कि कोर्ट में लगे आरोप आधारहीन हैं बेबुनियाद हैं लेकिन उन्हें यह सारी
बातें कोर्ट में साबित करनी होंगी और आप एक-एक शब्द को ध्यान से सुनिए वीडियो लंबा है होगा ही आखिर तक देखिए औरों को भी दिखाइए यह आरोप बेहद गंभीर हैं इन्हें समझने की जरूरत है एबीसी ऑस्ट्रेलिया की रिपोर्ट है कि कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार जज ने चाचा अदानी और भतीजा सागर अदानी के खिलाफ गिरफ्तारी के वारंट जारी किए हैं अभियोजन पक्ष इस आदेश को विदेशी जांच एजेंसियों के हवाले कर देगा अदानी और अन्य अभी दोषी नहीं पाए गए हैं अगर दोषी पाए गए तो सिक्योरिटी फ्रॉड के ही मामले में 20 साल की जेल हो
सकती है इसकी साजिश में शामिल होने के आरोप में 5 साल तक की जेल हो सकती है वायर फ्रॉड के मामले में दोषी पाए गए तो 20 साल तक की जेल हो सकती है फॉरेन करप्ट प्रैक्टिस एक्ट में दोषी पाए गए तो 5 साल तक की जेल होगी और हर सजा के साथ भारी जुर्माना भी देना होगा दोषी पाए जाने पर अदानी को अमेरिका जाना पड़ेगा उनके प्रत्यागत अदानी और भतीजा सागर अदानी पर 265 मिलियन डॉलर की रिश्वत देने की योजना बनाने के आरोप हैं भारतीय रुपए में 2260 करोड़ अभी तक गौतम अदानी के साथ
भाई विनोद अदानी का नाम आता था अब तो चाचा के साथ भतीजा सागर अदानी का भी नाम आ गया चाचा भतीजा ने इतनी बड़ी रकम 2000 करोड़ की रकम किस-किस को बांटी कौन-कौन बिक गया इस बेसब्री को कैसे कंट्रोल किया जाए लेकिन दो हजार करोड़ घूस में बट रहा है अगर यह साबित होता है अमेरिका की अदालत में तब फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका सामना कैसे करेंगे अमेरिका की अदालत ने फ्रॉड करने के पांच आपराधिक मामलों में अदानी पर मुकदमा चलाने के योग्य समझा है उन पर अभियोग दर्ज हुआ है जिसे अंग्रेजी में नडाइमेंशनलज के
अरेस नहीं होगी और इसलिए नहीं होगी क्योंकि हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री अदानी जी के पीछे खड़े हुए हैं और उनके प्रोटेक्टर हैं आप लोग हिंदुस्तान के युवा आप लोगों को रोजगार नहीं मिलता महंगाई बढ़ती जाती है छोटा सा कोई क्राइम करता है जेल चला जाता है मगर अदानी कुछ भी कर ले हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री और एक नेटवर्क जिस नेटवर्क को हम एक्सपोज करके देश को दिखाएंगे यह एक व्यक्ति नहीं है यह अलग-अलग पोजीशन में लोग बैठे हुए हैं और एक एक करके हम आपको दिखाएंगे कौन लोग हैं माधवी बुज का हमने आपको क्लियर दिखाया है और
आगे भी हम आपको रिवील करेंगे यह लोग कौन हैं जिन्होंने हिंदुस्तान को हाईजैक किया है सेबी चीफ माधवी बुज को जांच करनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने किया क्या अमेरिका की अदालत के अभियोग पत्र में इस बात का जिक्र है कि अदानी ने भारत के स्टॉक एक्सचेंज को झूठ बोला गलत जानकारी दी इस बात की जांच की जिम्मेदारी सिर्फ सेबी की है बताइए अमेरिका का कोर्ट बता रहा है कि अदानी समूह भारत के स्टॉक एक्सचेंज को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को सही जानकारी नहीं दे रहा है अभियोग पत्र की इन पंक्तियों पर लिखा
है कि 19 मार्च 2024 को अदानी समूह ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से झूठ बोला इस रिपोर्ट में लिखा है कि इस साल 19 मार्च को तीन अलग-अलग वित्तीय संस्थाओं को यही पत्र ईमेल किया गया इन पत्रों में गलत जानकारी दी गई कि अदानी एनर्जी को अमेरिकी न्याय विभाग से कोई नोटिस नहीं मिला है जबकि नोटिस मिल चुका था इस पत्र में इतना ही कहा गया है अदानी एनर्जी को इस मामले में थर्ड पार्टी के द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की जानकारी है इस तरह से बात को घ माप फिराक छिपाई गई कांग्रेस
नेता प्रवीण चक्रवर्ती ने लिखा है अपने ट्वीट में कि आदा समूह ने जानकारी छिपाकर भारतीय निवेशकों के साथ धोखाधड़ी नहीं की क्या सेबी इस मामले में कार्रवाई कर पाएगी इसलिए राहुल गांधी ने सेबी की चीफ को तत्काल हटाने की मांग की है क्या यह शर्म की बात नहीं कि भारत की सिक्योरिटीज एक्सचेंज एजेंसी से भी चुप है और अमेरिका की सिक्योरिटी एक्सचेंज एजेंसी जांच कर रही है कथित चोरी पर पकड़ रही है इस बार सबूत पक्के हैं मार्च 2023 से यह मामला अमेरिका में चल रहा था एफबीआई जांच कर रही थी अमेरिका के कोर्ट से
समन के आदेश आ रहे थे एफबीआई ने सागर अदानी को सर्च किया है क्या आपको गोदी मीडिया ने बताया कि अमेरिका में चाचा अदानी के भतीजे सागर अदानी के ठिकानों की जांच हुई सागर अदानी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को एफबीआई ने अपने कब्जे में ले लिया है मार्च 2023 में ही यह सब हो चुका था उसी दिन उन्हें सर्च वारंट की कॉपी भी थमाई गई इस वारंट में अमेरिकी सरकार द्वारा चिन्हित कई आरोप दर्ज थे फ्रॉड और अन्य षड्यंत्र से जुड़ी सारी जानकारियां दे दी गई थी यह भी लिखा था कि ऐसे कोई भी सबूत जब्त
किए जा सकते हैं जिनसे पता चले कि भारतीय अधिकारियों को किसी प्रकार की घूस दी गई है या फायदा पहुंचाया गया है ताकि वे बदले में अदानी की बिजनेस में सहायता कर सकें कांट्रैक्ट दे सक अमेरिका की ब्रुकलिन कोर्ट का जो आदेश है उसमें एक और बड़ी बात है एफबीआई 17 मार्च 2023 को सागर अदानी से पूछताछ करती है उसके अगले दिन गौतम अदानी ने सारे कागजात खुद को ईमेल कर लिए जो सागर को दिए गए थे यह बड़ा सबूत है अभियोग पत्र में लिखा है डिटेल में इसकी जानकारी है जिससे यह संबंध बनता है
कि दोनों चाचा भतीजा एक ही मामले में शामिल रहे और दोनों को सारी बातों की जानकारी थी अभियोग पत्र में लिखा है कि 29 अप्रैल 2022 को अहमदाबाद के अदानी के मुख्यालय में विनीत जैन सागर अदानी और गौतम अदानी की मीटिंग होती है इस मीटिंग में गौतम अदानी रिश्वत देकर कांट्रैक्ट पाने की योजना के बारे में बताते हैं यह भी लिखा है कि इस मीटिंग में गौतम अदानी कहते हैं कि उन्होंने खुद भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए क्या-क्या कदम उठाए सारी बातें अभियोग पत्र में डिटेल के के साथ लिखी हैं राहुल गांधी का
कहना है गौतम मदानी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए जेपीसी इज इंपोर्टेंट जेपीसी होनी चाहिए मगर अब सवाल यह है कि अदानी जी जेल के बाहर क्यों है अगर कोई भी क्राइम करता है तो नरेंद्र मोदी का कहना है वह उसको अंदर कर देते हैं और यह जो व्यक्ति है जिनको अमेरिकन एजेंसी ने कहा है कि इन्होंने क्राइम किया है और अमेरिकन एजेंसी कहा है कि इन्होंने हिंदुस्तान में क्राइम किया है ब्राइब दी है पावर को महंगा बेचा है यह सब वहां बोला जा रहा है और प्रधानमंत्री यहां कुछ नहीं कर रहे और मैं आपको बताता
हूं कुछ नहीं कर सकते अगर वह करना भी चाहे वह नहीं कर सकते हैं क्योंकि वह अदानी जी के कंट्रोल में है यह मेरा मेन मैसेज देश को यह है तो क्या अदानी को गिरफ्तार किया जाएगा हम अमेरिक को की प्रक्रिया के जानकार तो नहीं है लेकिन बड़ा सवाल है क्या अदानी का प्रत्यारोपण होगा क्या अमेरिका की जांच एजेंसियां इस मामले में अंकिल अदानी और नेफ्यू सागर अदानी से कहां आएंगी पूछताछ करने वह भारत आएंगी या चाचा भतीजा अमेरिका जाएंगे यह सब अभी क्लियर होना बाकी है टाइम्स ऑफ इंडिया ने लिखा है कि भारत और
अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण की संधि है हो सकता है भारत अदानी का बचाव करे तब आप देखिएगा सारी सरकार अदानी का बचाव कैसे करती है लेकिन अगर सजा हो गई इन मामलों में तो अदानी को जेल की हवा खानी पड़ेगी गौतम अदानी और सागर अदानी के खिलाफ एफबीआई जांच कर रही है अमेरिका की अदालत में केस चल रहा है क्या आपको भारत के गोदी मीडिया ने बताया था इतनी बड़ी खबर और कोई रिपोर्टिंग नहीं लेकिन गौतम अदानी को तो पता होगा कि कोर्ट में मामला चल रहा है उन्हें पेश होने के लिए आदेश जारी किया
गया था अमेरिकी कानूनी शब्दावली में इसे सब पीना कहा जाता है कि जांच में आकर सहयोग कीजिए गौतम अदानी के भतीजे सागर अदानी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सर्च वारंट जारी हुआ था आदेश दिया गया था कि गौतम अदानी सागर अदानी या विनीत जैन के खिलाफ कोई भी आपराधिक सबूत मिलता है उसे जब्त कर लिया जाए यह सब चल रहा था और गौतम अदानी ट्रंप की जीत पर बधाई का ट्वीट कर माहौल बना रहे थे ऐसी-ऐसी बातें लिख रहे थे जैसे व्यक्तिगत रूप से उनके मित्र रहे हो ऐलान ही कर दिया कि अदानी समूह अमेरिका में
10 बिलियन डॉलर के निवेश करेगा और अमेरिका में 15000 नौकरियां पैदा करेगा 13 नवंबर का उनका ट्वीट देखिए अमेरिका और भारत की दोस्ती की गहराई का हवाला दे रहे हैं लेकिन उसी अमेरिका की अदालत का एक आदेश है रिश्वत देने के मामले में अदानी पर मुकदमा चलेगा सोचिए 10 बिलियन डॉलर अमेरिका में निवेश करने की बात कर रहे थे इस आदेश के बाद अमेरिका नहीं जा सकेंगे यही वह फोटो है जिसके संसद में दिखाने पर बीजेपी हंगामा कर देती है लेकिन यह फोटो तो भारत भारत की राजनीति का ऐतिहासिक दस्तावेज है 2014 में दोनों ने
अदानी के विमान में उड़ान भरी 10 साल बीतते बीतते इनका जहाज कहां-कहां लैंड कर रहा है देखिए सजा हो गई तो एक का जहाज अमेरिका की जेल में लैंड कर जाएगा क्या भारत की सरकार अदानी का प्रत्यागमन जांच एजेंसी के सामने उन्हें अपने सवालों के जवाब देने होंगे भारत का इससे नाम होगा या भारत की नाक कट जाएगी की एक अदालत ने अदानी और उनकी कंपनी के सात लोगों पर रिश्वत देने के मामले में अमेरिकी निवेशकों के साथ फ्रॉड करने के मामले में अमेरिकी बैंकों से जानकारी छुपाने के मामले में अभियोग चलाने का आदेश दिया
है उन पर मुकदमा चलेगा भारत की जांच एजेंसियां और अदालतों ने अदानी के मामले में क्या किया आपके सामने है केनिया की अदालत ने अदानी समूह के साथ 736 मिलियन डॉलर के करार पर रोक लगा दी यह करार भी अदानी एनर्जी सोलूशंस और केनिया की सरकार के बीच हुआ था बांग्लादेश के हाई कोर्ट ने भी अदानी समूह के साथ किए गए बिजली समझौते की समीक्षा करने के लिए एक हाई पावर कमेटी के गठन का आदेश दिया है अमेरिका में मामला भी सौर ऊर्जा से संबंधित है कुल आठ लोग हैं गौतम अदानी को मिलाकर जिन पर
अभियोग चलाया जाएगा यानी मुकदमा चलेगा कुछ गुमनाम आरोपी भी हैं अब अदानी को निर्दोष साबित करना है तब तक वे निर्दोष कहे जाएंगे जैसा कि उनके समूह के प्रवक्ता ने कहा है कि हर आरोप का जवाब दिया जाएगा वह जवाब देते रहेंगे उनका खंडन कोर्ट का आदेश नहीं है अमेरिकी कोर्ट का आदेश यह है कि अदानी पर 2200 करोड़ की रिश्वत देने के आरोप की अब जांच होगी जो भी अदानी समूह का जवाब है उसे अमेरिका की अदालत में साबित करना होगा जांच एजेंसी से सहयोग करना होगा अगर सहयोग नहीं करेंगे तो यह अदालत की
अवमानना मानी जाएगी यह खबर हिंडन बर्ग की नहीं है कि मोदी सरकार के मंत्री और आईटी सेल माहौल बना दें भारत तरक्की कर रहा है इसलिए उसकी आर्थिक शक्ति पर हमला हो रहा है मंत्री लोग फिलहाल चुप हैं भारत की अर्थव्यवस्था पर हमला टाइप बयान अभी नहीं आया है लेकिन राहुल और सोनिया की फोटो लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कर रहे थे संवित पात्रा दोनों बेल पर हैं क्या संवित को नहीं पता कि बेल पर होने का मतलब दोषी होना नहीं होता सब जादू की तरह भारत में मैनेज हो जाता है यह आदेश जॉर्ज सोरोज
के दादा के यहां से नहीं आया है कोर्ट से आया है तो जाहिर है आईटी सेल को समझ नहीं आ रहा होगा कि भारत की जनता का ध्यान भटकाने के लिए किसकिस तरह का झूठ चलाया जाए तो यह राहुल जी का एक तरीका है भारतवर्ष के पर हमला करने का और भारत के जो स्ट्रक्चर्स भारत को बचाते हैं उसके ऊपर हमला करने का गौतम अदानी भारत में इस वक्त जो चाहे खरीद सकते हैं अमरूद से लेकर केला तक सारा ठेला भी खरीद सकते हैं जिस अपार्टमेंट में रहता हूं उसे भी खरीद सकते हैं लेकिन अमेरिका
जाने का टिकट इस वक्त नहीं खरीद सकते यह बड़ी खबर है भारत के सबसे धनिक इतनी कंपनियों के मालिक चैनलों के मालिक अमेरिका नहीं जा सकते वहां उनके खिलाफ रिश्वत देने निवेशकों से फ्रॉड करने के मामले में में सबूत मिले हैं अब उन्हें अमेरिकी जांच एजेंसी के साथ सहयोग करना पड़ेगा इतनी बड़ी खबर है गोदी मीडिया को भी इसका कवरेज करना पड़ रहा है लेकिन इस खबर को दबाने के लिए क्या-क्या नहीं किया जाएगा आप इस पर भी ध्यान रखिएगा इस वीडियो को शेयर करते रहिएगा देश हित में यह सबसे बड़ा काम है देखिए ही
नहीं 10050 लोगों को दिखाइए मगर पहले ध्यान से देखिए समझिए कि क्या गेम हुआ है आरोप में क्या-क्या कहा गया है दुनिया के तमाम अखबार इस खबर से रंग गए हैं कि अमेरिका की अदालत ने गौतम अदानी को भी आरोपी पाया है ंगे कि इस तरह से खबर छपी है या नहीं आज की खबर आने के बाद से अदानी समूह को बाजार में 30 बिलियन डॉलर यानी लगभग 50 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है आज और 22 नवंबर के अखबार जरूर देखिएगा आप नाम जानना चाहते हैं वो अफसर कौन था जिसे अदानी मिले थे
कहां मिले थे अपने घर पर दिल्ली वाले घर पर या अहमदाबाद या किसी और घर पर उन लोगों के नाम क्या है जिनके बीच 2000 करोड़ की राशि बांटी गई होगी किया क्या है गौतम अदानी ने और आरोप क्या है यह तो जानना है आपको पांच मामले क्या हैं जिसे लेकर अदानी और सात अन्य लोगों की जांच होगी तो अब सीट की बेल्ट बांध लीजिए ध्यान से सुनिए कि इन सब विभूतियों पर अमेरिका की अदालत ने अभियोग चलाने के लायक क्यों समझा अमेरिका की ब्रुकलिन की अदालत मानती है कि अमेरिका के निवेशकों के साथ फ्रॉड
किया गया अधिकारियों को रिश्वत दी गई सिक्योरिटी और वायर फ्रॉड किया गया झूठे दावे कर अमेरिकी और ग्लोबल निवेशकों से पैसे लिए गए फंड लिया गया वायर फ्रॉड क्या होता है जब आप फोन या कंप्यूटर का इस्तेमाल इंटरनेट का इस्तेमाल वित्तीय फ्रॉड के लिए करते हैं तो ऐसे मामलों को वायर फ्रॉड कहा जाता है इधर का पता नहीं उधर अमेरिका में इसे वायर फ्रॉड कहते हैं फिनेंशियल टाइम्स ने लिखा है अभियोजकों ने आरोप लगाया है कि जितने भी आरोपी हैं उन्होंने अपने कारनामों का भी रिकॉर्ड रखा है अपने मोबाइल फोन पर पावर पॉइंट प्रस्तुतियों पर
और एक्सल शीट पर उनके जित जितने भी भ्रष्ट कारनामे हैं सबके बराबर सबूत हैं इसका भी योरा है कि रिश्वत की रकम दी गई और किस-किस तरह से दी गई नियमों के मुताबिक इस मामले में संबंधित कंपनी को समय-समय पर अमेरिका के सिक्योरिटीज और एक्सचेंज कमीशन को रिपोर्ट देनी होती है किसी भी कंपनी को तो जांच अधिकारियों ने देखा ही होगा कि कि अदानी समूह ने अपनी एनुअल रिपोर्ट में क्या-क्या कहा है अमेरिका की सिक्योरिटी एक्सचेंज को क्या जानकारी दी गई है और बही खाते में क्या हिसाब है सिक्योरिटी फ्रॉड मतलब शेयर बाजार के निवेशकों
के साथ धोखाधड़ी के आरोप यह रिश्वत देने से भी ज्यादा संगीन है शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों के साथ आप चीटिंग नहीं कर सकते अपने घर पर अमित शाह शरद पवार या किसी के भी साथ आप मीटिंग कर सकते हैं अब सोचिए यह काम भारत की नियामक संस्था सेवी को करना था चेक करने का उल्टा सेब चीफ माधवी बुज पर कितने आरोप लग गए उन्हीं की जांच नहीं हुई तो क्या अदानी की कंपनियों के ला भारत भूमि पर निष्पक्ष जांच हो जाएगी यहीं पर आप समझिए राहुल गांधी का वह पोस्टर एक है तो सेफ
है यहां सब एक दूसरे को बचाने के लिए एक नजर आते हैं राहुल गांधी का वह वीडियो तो आपने देखा होगा जिसमें वे तथ्यों के आधार पर समझा रहे हैं कैसे सब मिले हुए हैं बस जांच नहीं होती होती है तो लीपापोती हो जाती है और मीडिया इन आरोपों को प्रमुखता से नहीं छाप होता जनता के बीच नहीं पहुंचाता गौतम मदानी और उनके सहयोगियों पर आरोप है कि इन लोगों ने अमेरिकी जांच प्रक्रिया में बाधा डाली है सहयोग नहीं किया 2020 से प्लान बना रहे थे रिश्वत देकर कांट्रैक्ट किसी तरह से हासिल कर लेना है
लिखा है कि भारत सरकार के अधिकारियों को रिश्वत दी गई और यह जानकारी अमेरिकी सरकार से भी छिपाई गई न्यूयॉर्क की एक अदालत की जांच में बाधा डाली गई एफबीआई की एक जांच को बाधित किया गया अमेरिका के सिक्योरिटी और एक्सचेंज कमीशन की जांच को भी उलझाने का प्रयास किया गया यह सब आरोप लगाए गए हैं अमेरिक अदालत के पास पर्याप्त सबूत हैं कि अदानी समूह से जुड़े सरील कबाने सौरभ अग्रवाल रूपेश अग्रवाल दीपक मल्होत्रा और षड्यंत्र कर्ता नंबर एक ने आपस में मिलकर तय किया जांच से जुड़े दस्तावेजों को नष्ट कर देंगे या फिर
दबा देंगे यह भी तय किया कि अमेरिकी सरकार को झूठे दस्तावेज देंगे इन चारों ने स्कीम से जुड़े ईमेल मैसेज और विश्लेषण भी मिटा दिए यह सब पकड़ा जा चुका है और इन मामलों में मुकदमा चलेगा आरोप के अनुसार इन लोगों ने अमेरिका के फॉरेन करप्ट प्रैक्टिसेस एक्ट का उल्लंघन किया है फ्रॉड तरीके से वित्तीय लेनदेन और फर्जी स्टेटमेंट देने के भी आरोप लगे हैं अमेरिकी बैंक से लोन लिया और अमेरिकी बैंक से ही जानकारी छिपाई गौतम अदानी उनके भतीजे सागर अदानी और विनीत जैन ने देनदार और निवेशकों से घूसखोरी की बात छिपाई ताकि अदानी
ग्रीन एनर्जी के लिए 3 अरब डॉलर का लोन मिल सके अमेरिका में घूस देकर बिजनेस करना बड़ा अपराध है पकड़े गए तो जुर्माना और जेल दोनों आप जानते हैं भारत में यह सब रोज आसानी से मैनेज हो जाता है लेकिन अगर अमेरिका की किसी कंपनी ने दुनिया में कहीं भी रिश्वत दी है तो उस पर अमेरिका में मुकदमा चल सकता है अमेरिका में मामला इसलिए दर्ज हुआ क्योंकि प्रोजेक्ट में अमेरिका के निवेशकों का पैसा लगा था और अमेरिकी कानून के तहत उस पैसे को रिश्वत के रूप में देना अपराध माना जाता है केवल गौतम एस
अदानी नहीं सागर आर अदानी भी है जो गौतम अदानी के भतीजे विनीत अस जैन रजीत गुप्ता सिरिल क बनेश सौरभ अग्रवाल दीपक मल्होत्रा रूपेश अग्रवाल कुल आठ लोग हैं जिनके खिलाफ अभियोग चलेगा आरोप यह है कि इन लोगों ने एक डील की प्लान बनाया अगले 20 साल तक दो अरब डॉलर का मुनाफा कमाया जाएगा इसके लिए कांट्रैक्ट की डील की जाएगी तो भारत सरकार के अफसरों को राज्यों के अफसरों को घूस दी जाएगी और घूस देने का प्लान बना दूसरी सरकारों को भी रिश्वत दी गई घूस की रकम 50 मिलियन डॉलर बताई गई है इस
रिपोर्ट में यानी 2260 करोड़ 2000 करोड़ की राशि कहां-कहां बटी होगी कौन-कौन अवसर होगा माल लेकर कितना माला माल हो गया होगा इसकी कल्पना में आप गुदगुदा रहिए लेकिन यह जरूर लिखा है कि गौतम अदानी एक भारतीय अधिकारी से मिले थे वह अधिकारी कौन था उनके घर पर शरद पवार अमित शाह अजीत पवार मीटिंग कर सकते हैं यह खबर आई क्या भारत सरकार के अफसर भी अदानी के घर मिलने लगे हैं आरोप के अनुसार इतनी बड़ी रकम रिश्वत के रूप में दी गई और बैंक से छिपाई गई मतलब आपकी कंपनी का बहीखाता सही नहीं है
हर पैसे का हिसाब उस बही खाते में नहीं है कथित रूप से यह सब आरोप लगाए गए आरोप पत्र में कहा गया है घूस देने का उद्देश्य यही था कि भारतीय अवसर निवेशकों बैंकों से झूठ बोले ताकि अदानी समूह करोड़ों के लोन ले सके इस मामले में जांच प्रक्रिया को बाधित करने के लिए रिश्वत दिए जाने के आरोप हैं तो जांच ठीक से ना हो रोकने के लिए भी भाई लोगों पर रिश्वत देने के आरोप लग गए हैं संयोग और प्रयोग छोड़िए सीधे खबर देखिए इकोनॉमिक टाइम्स ब्लूमबर्ग की यह सब बिजनेस अखबार हैं अमेरिका की
अदालत से फैसला आने वाला है कुछ घंटे पहले अदानी अपना बॉन्ड बेच देते हैं अमेरिकी कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट से 00 मिलियन डॉलर अर्थात भारतीय रुपए में 00 करोड़ बॉन्ड बेचकर निकाल लेते हैं भारत के नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री कौन है प्रहलाद जोशी कम से कम उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस की उम्मीद तो आप कीजिए ही इस विभाग में पिछले 10 साल में कौन-कौन अफसर रहे सचिव रहे उनका नाम मैं नहीं लूंगा लेकिन संदेह की सुई उनकी तरफ घूम जाएगी क्योंकि इस विभाग से ठेके लेने के लिए ही 2000 करोड़ की रिश्वत का प्लान बना था आरोप पत्र में
लिखा है कि रंजीत गुप्ता ने 2020 में चाचा गौतम अदानी भतीजा सागर अदानी अदानी पावर एंड इंफ्रा के प्रबंध निदेशक विनीत जैन के साथ मिलकर एक योजना बनाई और भारत सरकार के अधिकारियों को रिश्वत खिलाई यह सब क्यों किया जा रहा था एसोसिएटेड प्रेस में माइकल आर सिसक और जेनिफर फर पेल्स की रिपोर्ट के अनुसार अभियोजकों का आरोप है कि अदानी और अन्य आरोपियों ने 2020 या 21 में रिश्वत देने की योजना इसलिए बनाई ताकि अदानी ग्रीन और एक अन्य फर्म को सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यह भारत सरकार की पीएसयू है इसके लिए उत्पादन
करने के लिए गारंटी मिल सके अदानी ग्रीन ने अपनी कीमत ज्यादा रखी इस कारण सरकारी बिजली वितरक शुरू में प्रभावित नहीं थे नहीं करार करना चाहते थे मगर अदानी को यह प्रोजेक्ट हासिल करने की ज जरूरत थी इसलिए रिश्वत की पेशकश की गई ऐसा अभियोजक ने कहा है अभियोजकों ने यह भी कहा कि रिश्वत की पेशकश के बाद 202122 में पांच भारतीय राज्यों और क्षेत्रों में बिजली वितरकों ने उनकी ऊर्जा खरीदने के लिए करार कर लिया अदानी की कंपनी ने एक बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने अपने सौदों को दुनिया का सबसे बड़ा बिजली खरीद
समझौता बताया था अरविंद गुणा शेखर पत्रकार हैं उन्होंने ट्वीट किया है कि आरोप पत्र में लिखा है आंध्र प्रदेश सरकार के अधिकारियों को भी रिश्वत खिलाई गई और सौर ऊर्जा की सप्लाई का ठेका लिया गया आंध्र प्रदेश की सरकार के किस-किस अधिकारी ने रिश्वत खाई कितने करोड़ किस-किस को मिले आरोप है कि इन लोगों ने नवीन ऊर्जा मंत्रालय के तहत आने वाले एसईसीआई जो पीएसयू है उसे मजबूर किया कि वह राज्यों से भी सप्लाई का ठेका दिलवाए ताकि अदानी की सौर ऊर्जा कंपनी को सप्लाई की गारंटी मिल जाए और उनके रेट पर ही ये गारंटी
मिले इस खबर को देखिए दिसंबर 2021 में अदानी ग्री ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के साथ करार किया या एक जगह से बिजली खरीदने की दुनिया की सबसे बड़ी घोषणा थी आज के पर्दाफाश से क्या यह डील संदिग्ध नहीं हो जाती अदानी ग्रुप ने 2030 तक इस सेक्टर में देश की सबसे बड़ी कंपनी बनने का लक्ष्य रखा है कंपनी का मार्केट कैप 1.85 लाख करोड़ बताया गया था यह पूरा मामला जुलाई 2021 से फरवरी 2022 के बीच का है जुलाई 2021 से फरवरी 2022 के बीच का है और उस समय जो चार राज्य में
एसडीसी स्टेट डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी वह स्टेट की प्रॉपर्टी होती है स्टेट गवर्नमेंट की छत्तीसगढ़ की सरकार छत्तीसगढ़ में किसकी सरकार थी कांग्रेस पार्टी की भूपेश बघेल जी की सरकार छत्तीसगढ़ में उस समय मौजूद थी डॉक्यूमेंट में भी मज उस समय आंध्र प्रदेश में जहां सबसे ज्यादा लेनदेन के विषय में चर्चा हुई दि आर ल एलिगेशन य जो तथाकथित लेनदेन के विषय में बातचीत हुई है सर्वाधिक आंध्र प्रदेश में हुई है किसकी सरकार थी आंध्र प्रदेश में क्या भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी नहीं क्या हमारी समर्थित सरकार थी नहीं किसकी सरकार थी वाईएसआरसीपी
की सरकार थी उस समय तमिलनाड में क्योंकि तमिलनाड का नाम भी इसमें आता है उनके स्टेट डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी का नाम आता है किसकी सरकार थी डीएम के आपके सहयोगी स्टालिन जी की सरकार थी डीएमके की सरकार थी उस समय उड़ीसा में किसकी सरकार थी बीजेडी की सरकार थी तो स्वाभाविक रूप से यह चारों राज्य जिसका जिक्र डॉक्यूमेंटेशन में सामने आया है यूएस में सामने आया है उन चारों राज्य में ना तो हमारे मुख्यमंत्री थे और ना ही हमारी समर्थित सरकार थी कांग्रेस और उनके यक दलों की सरकार थी और आज राहुल जी ने अपने प्रेस
कॉन्फ्रेंस में कहा है कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं यदि किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री से या उनके पूर्व नेता से पूछताछ हो तो ठीक है भूपेश बघेल जी से पूछताछ हो हमें भी कोई आपत्ति नहीं है यह सब सुनकर आपको लगेगा कि संविद पात्रा ने क्या जवाब दिया किस तरह से घेर लिया राहुल गांधी को मगर ध्यान रखिए कि इस रिपोर्ट के अनुसार जम्मू कश्मीर में भी अदानी समूह का कांट्रैक्ट हुआ था तब तो वहां लेफ्टिनेंट गवर्नर का राज चल रहा था तो संवित पात्रा के अनुसार वहां क्या हुआ होगा वहां भी तो संदेह है इस
समय आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री कौन है चंद्रबाबू नायडू वह अब बीजेपी के सहयोगी हैं क्या चंद्रबाबू नायडू इस डील की जांच कराएंगे और अगर इसमें रिश्वत की बात सही पाई जाती है तो यह डील रद्द करेंगे जगन रेड्डी से पूछताछ करेंगे मान लीजिए अगर नायडू ने जांच कराई और सच निकल आता कि रिश्वत देकर आंध्र प्रदेश की सरकार के साथ अदानी समूह ने डील की तो क्या संवित पात्रा अदानी को गिरफ्तार करने की मांग करेंगे क्या संवित पात्रा अदानी के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लेंगे यह इतना आसान है संवित पात्रा इस मामले को राज्यों की
तरफ ले जा रहे हैं लेकिन यह मामला तो केंद्र की पीएसयू एसईसीआई से डील का है क्योंकि केंद्र की इस पीएसयू के बिना इस करार का कोई मतलब नहीं हर करार इस एसईसीआई से होकर निकलता है भारत सरकार की कंपनी सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया एसईसीआई के साथ अदानी समूह का करार होता है अमेरिकी कोर्ट के अभियोग पत्र में लिखा है सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के अधिकारियों पर अदानी का प्रभाव था लिखा है कि एससीआई की प्रक्रिया को गुप्त रूप से प्रभावित किया जा रहा था यह कंट्रोल क्या आध्यात्मिक था भभूत बांटकर हो रहा
था या रिश्वत खिलाकर हो रहा था कैसे पता चलेगा ऐसी सीआई पर अदानी का इतना प्रभाव कहां से आ रहा था अदानी समूह पर भारत के स्टॉक एक्सचेंज से झूठ बोलने के आरोप हैं इनकी जांच कौन करेगा और अभी तक इसकी जांच हुई क्यों नहीं 18 मार्च 2024 की यह खबर भारत में छप गई थी इकोनॉमिक टाइम्स में कि अमेरिका में अदानी के खिलाफ जांच चल रही है संवित पात्रा और मोदी सरकार को बताना चाहिए कि इस खबर का उन्होंने संज्ञान लेकर जांच क्यों नहीं बिठाई सेबी ने संज्ञान क्यों नहीं लिया क्यों नहीं पता किया
कि रिश्वत लेकर कौन-कौन गोल हो चुका है पत्रकार अरविंद गुणा शेखर ने ट्वीट किया है ध्यान से सुनिए यूपीए सरकार के समय में भी ऐसा एक मामला आया था अमेरिकी न्याय विभाग और इसी कमीशन ने आरोप लगाया कि यूपीए के समय में की गई डील में एंब्रॉयड करप्ट प्रैक्टिसेस एक्ट का उल्लंघन किया है तब उस मामले में 2016 में यानी मोदी सरकार ने सीबीआई ने जांच बिठाई थी तो इस मामले में मोदी सरकार ने जांच क्यों नहीं बिठाई क्या ईडी सीबीआई जांच करेगी अदानी के खिलाफ मार्च में चुनाव चल रहे थे जून में सरकार बन
गई थी और मार्च के महीने में इकोनॉमिक टाइम्स में इसकी खबर छप गई थी मार्च जून से लेकर नवंबर तक मोदी सरकार क्यों चुप रही समृत पात्रा को बताना चाहिए था भारत सरकार की कंपनी सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के साथ अदानी समूह का करार होता है अमेरिकी अदालत के आरोप पत्र में लिखा है कि इस महा घोटाले में और लोग शामिल होते चले गए अमेरिकी रेगुलेटर ने शिकायत की है कि सागर अदानी सिरिल कबानो उस की कंपनी और उसके अधिकारियों से मिलकर रिश्वत खिलाने की योजना बनाता रहा तो भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय
ऊर्जा मंत्रालय से ठेका मिलता रहे इसके लिए भतीजे सागर अदानी ने कथित रूप से रिश्वत खिलाने की योजना बनाई कितना कुछ निकल आता है अदानी समूह के मामले में और कितनी रिपोर्ट आएगी और कितनी बार इसे अनदेखा किया जाएगा खबरों को मैनेज करते-करते भी खबरें फिसल करर बाहर आ जाती हैं अदानी समूह के कथित कारनामों के बारे में बोलना आसान नहीं कब कौन से अलग-अलग मामलों में जेल में डाल दिया जाए पता नहीं राहुल गांधी की सदस्यता चली गई राहुल गांधी लगातार बोलते रहते हैं हर प्रेस कॉन्फ्रेंस में अदानी को लेकर नई बातें रखते हैं
मगर अखबार कम छापते हैं टीवी कम दिखाते हैं संजय सिंह लगातार बोलते रहे जेल चले गए महुआ महित्रा ने अभियान चलाया उनके खिलाफ मुकदमा हो गया उनकी सदस्यता चली गई इन सबके खिलाफ अलग-अलग मामले में मुकदमा हुआ कारवाई हुई लेकिन कॉमन बात इन सब में यही है कि तीनों अदानी समूह के खिलाफ लगातार बोलते हैं इनमें सबसे अधिक मुखर राहुल गांधी हैं अभी रांची में राहुल गांधी ने कहा था अदानी को चोरी नहीं करने देंगे अमेरिका से खबर आती है रिश्वत के मामले में अदानी से पूछताछ होगी जांच होगी कि गौतम अडानी का भतीजा सागर
अडानी जिन अधिकारियों को भारत में उसने रिश्वत खिलाई उनकी फोटो ली फोटो के नीचे अमाउंट लिखा यह अधिकारी इसको इतनी रिश्वत खिलाई गई यह अधिकारी इसको इतनी रिश्वत खिलाई गई यह अधिकारी इसको इतनी रिश्वत खिलाएगी उसके मोबाइल में वह सारे साक्ष्य मिले उसका पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन तैयार था उसको दिखाया जाता था कि हुजूर हमने इ अधिकारियों को इतनी इतनी रिश्वत खिलाई यह सारे साक्ष मिले भारत में जांच नहीं हुई दो साल से जांच चल रही है भारत में कोई कारवाई नहीं हुई अब वह प्रधानमंत्री जी के दोस्त भी जो अमेरिका में है वह भी नहीं
बचा पाए अडानी को तो अडानी के खिलाफ और सागर अडानी के खिलाफ अमेरिका में वारंट जारी हुआ है और एक बात मैं आपको और बता दूं अडानी ग्रीन एनर्जी को गुजरात में ठेका मिला मध्य प्रदेश में ठेका मिला राजस्थान में ठेका मिला कई राज्यों में ठेका मिला आंध्र प्रदेश में ठेका मिला और दिल्ली में अरविंद केजरीवाल जी की सरकार में भी उन्होंने घुसपैठ करने की कोशिश की यहां भी रिश्वत खिला के अडानी ग्रीन एनर्जी के माध्यम से बिजली की सप्लाई करने की कोशिश की लेकिन अरविंद केजरीवाल जैसे ईमानदार व्यक्ति यहां के मुख्यमंत्री थे उन्होंने अडानी
को दिल्ली में घुसने नहीं दिया अमेरिका से आने वाली यह खबर भारत और उसकी छवि के लिए बिल्कुल अच्छी नहीं है इसलिए अच्छी नहीं है कि भारत की जांच एजेंसियां सेबी जैसी संस्था साहस नहीं दिखा सकी जांच करने की एक बार नहीं एक मामले में नहीं अदानी के समूह से जुड़े कई मामलों में बड़ी-बड़ी खबरें आई लेकिन का वाई के नाम पर अदानी के खंडन को ही अंतिम सत्य मान लिया गया और देश को एंटी मुस्लिम नफरत की आंधी में झोक दिया गया आम आदमी इसकी कल्पना में लगा दिया गया मुसलमान ऐसे होते हैं वैसे
होते हैं हम तो जी ऐसे होते हैं वैसे होते हैं वो लोग वैसे होते हैं और आम आदमी के खजाने पर घात लगा दिया जाता है पीछे से बिजली महंगी हो जाती है किसी को फर्क नहीं पड़ता इस पर बात ना हो इसलिए मोदी सरकार के मंत्री और बीजेपी के नेता मुसलमानों की आबा बढ़ जाने घुसपैठ बढ़ने की बात जोर-जोर से करते हैं ताकि उसके शोर में यह खबर दब जाए आपका सत्यानाश हो चुका है इस वीडियो को सेव कर लीजिएगा नमस्कार मैं रवीश कुमार