झाल ये कैसी सकता है कि सुनती है ऐसी संस्थाएं की बोलती है ऐसी सप्ताहिक की सूरत कैसी सकता है ऐसी सब्सक्राइब के [संगीत] प्रति घंटा की सर्विस में [संगीत] तेरी [संगीत] भगवान के लिए subscribe करो चिंतन करते-करते भगवान को सकता है उसको प्यार करते हो [संगीत] मैं वासना और जीव भाव बहुत पुराना है इसीलिए संतों और शास्त्रों के अनुसार चिरकाल तक अ भैंस करो तो फिर तुम्हारा चित्र स्वस्थ रहेगा स्वस्थ का मतलब समझते स्व में स्थित अभी हमारा चित्र स्वस्थ्य कि विश्वकप पता ही नहीं है और स्वस्थ स्वामी स्थित होगा तो उसके स्तनों का है
हैं अभी हम यहां पर में स्थित है के अधीन में स्थित है शरीर में स्थित है काम में स्थित है क्रोध में एक जगह नहीं है भटकता चित्र कभी कमी बन गए तभी विरोधी बन गए पीछे स्थित मयंक आर्य में कभी भी जो कुछ मैंने कभी कुछ बन गए हैं है तो यह कि परस्त है स्वस्थ नहीं है कि चित्रण स्वस्थ रहता माइटी एक शास्त्र में तमारा आत्मनों वर्णन परमात्मन वर्णन है कि आप परमात्मा को पाना चाहते लेकिन आत्मा का विषय ज्ञान नहीं है ओम श्री कृष्ण का चित्र दिखाएं राम जी का चित्र देखा है
और शिवजी का और भगवान का देखा है अच्छा है आदर भाव से लेकिन भगवान अपना जब वर्णन करते हैं अथवा पर अम्मा जी भगवान की लीला करके भगवान का बता दे या शास्त्रों में भगवान की जो स्तुति की हैं तो उसे स्तुति के अनुसार भगवान को आप समझो है भले डिक्टेशन लेकर लेकिन को देखते गुरु का सरगना अखंड मंडलाकार है के व्यस्तम यह न धन जॉब यहां पर गुरु आपको है क्यों नहीं चक्कर में व्याप्त रहा है जो सच्चिदानंद अपना आपा स्वं स्वं कुंठित है के तट पदम दर्शितम येना उस पदधिकारियों उपदेश देते हैं का
रस मलाई से गुरवेल सिंह को नमस्कार है मैं तुम्हें हुआ था माता हम गुरु जी माता कहां है उसे जन्म नहीं दिया लेकिन हमारे गुरुदेव शरीर को मैं नहीं मानते माता का मातृत्व चैतन्य तो मैं माता च पिता त्वमेव त्वमेव बंधु च सखा तुम्ही हो कि तुम माता पिता बंधु सखा विद्यालय समय है है जो सत्य स्वरूप को आप वही हो जब गुरु को दे मानेंगे तो आप देर से पार नहीं है ईश्वर को देने वाले मानेंगे मारने जन्म निवाले मानेंगे तो आप हमारे पद को नहीं जान सकते हैं है तो यह जो स्तुति है
उसमें गुरु की स्तुतियों श्रीकृष्ण की ओर से श्री राम की सू ची की स्तुति में भगवान कि अब जिस चीज को पाना है जहां पहुंचना उसका आपको DSC नरेंद्र का नाम पता नहीं उसकी खबर नहीं तो आपको मिलेगा तो क्या मिलेगा है इसलिए शास्त्रों में भगवान द प्रकट होते तो श्रुति करते भगवान ब्रह्मा जी की स्तुति करते हैं और वेदों में भगवान की स्तुति तो भगवान की स्तुति भगवान बड़े हो जाएंगे इसी बात नहीं है कि भगवान की स्तुति से आपका हृदय भगवत की स्तुति से भगवान के इस विषय का ज्ञान भर दें फिर शुरू
करेंगे कि वह जो नहीं जाना था तो भगवान और वह ऐसे-ऐसे जब जाना तो लगेगा कि अ कि वह दोस्तों त्याग आए वह मेरे आत्मा कि मैं यार मांस का सड़ना अरे कल तरह विभिन्न अध्ययनों से कि मैं लडूंगा क्लास में लडकों के लड्डू में ग्लास लड्डू में ग्लास ढूंढ इंग्लिश में लड्डू तो ग्लास बना हुआ लड्डू छोटा तो भगवान रंग मात्र उसमें भगवान तू इतने भवानी कैसे सब्सक्राइब करें और इस निशान को हम गुस्सा आता है मैं इश्वर और साबूदाना मृदेश्वर प्रतिष्ठित और देश में एक ऐसा देश का प्रमुख स्तंभ है इस पर निर्णय
नहीं होता तो भगवान कहां रहते हो कि ऐसा सवाल हुआ चतरशृंगी बैठे आंवले रह नहीं होता तो भगवान कहां रहते हो कि ने से आपने गूलर ने बनाया कुल नहीं बनाते तो कष्ट देता है मैं हमेशा गुरु बने लुटने का त्यौहार है को खीर व लुट लो झाल नियुक्त ऐसे राधे मां है तो उसमें अनुसार में अंतर आकाश तो पहले था वह आप नहीं फस जैसे लेकिन फिर भी दूसरों को हेलो व्युअर्स शब्द नहीं सकते तो श्रवण सुनते हैं कान के लिए उड़ान का श्राद्ध श्रद्धा कश्मीर में गया काश ऐसी भगवान सर्वत्र रह रहे हैं
जिसमें भगवत आनंद का अनुभव होता है बट परिणामों के अनुसार ज्योति भगवत शांति सुख मिलता है कर्म कर्म कर्म कर्म फल दाता एहसास होता है अगवा है है सदानंद महाराज की जय कि हे भगवान में ऐसी वैसी प्रीति 10 साल की उम्र में आंखें चली गई वह समय संतों के संपर्क में आए उदासी अधिक मीठा लेकिन बुखारी की चर्चा सुनते इतने उच्च कोटि के महापुरुष बन गए क्यों शास्त्र तो हम खोज चली गई फिर भी पढ़े हुए लोग खनन जैसे आनंद गांधी जैसे उनकी व्याख्या भगवत्कृपा अनुमति है कि बात है बिल्कुल शास्त्र सहमत हल्दी नाम
अलग रख देते हैं अपना अनुभव काम क्योंकि शास्त्रों में है को तोड़कर शुभ एक बड़ा विश्वास है है तू विश्वासों पर लद्दाख का या तो बताते हैं है कि बाकी रोटियों गाना है में यात्रा करते करते हैं है कि वैसे तो यह थे लोग लेकिन भगत लोग थे हिमालय की यात्रा पैदल का जमाना था मैं हरिद्वार से गंगोत्री इन आधे घंटे में एक रिमाइंडर यात्रियों के कोई एक दिन खुद तो तेल को तीन दिन फिर कोर्ट कब तक देखता है सब चलेंगे आपके ले रहे हैं और यमुनोत्री है झाल कंकोत्री जमुनोत्री अकेले रह गए हैं
कि शास्त्रों है में चलते हैं में चलते हैं तो क्या हुआ है कि कहीं से डेढ़ यमुना जी में बंटा हुआ था कि दंगल अगर खून बीएफ नमी कहना तो जानते थे लकड़ी छूट नहीं यमुना में डुबा हो जाए अब इधर को लायक ही नहीं है कि हम तेरी मर्जी पुराण मैं कमरे में इस प्रकार विश्वास था कि ईश्वर की सत्ता जरूरत की दूसरी कड़ी में में में रहते लास्ट राधे मां हुआ है को अच्छी तरह खड़े हो गए हैं कि आखिर धुंध तो कैसा है ऐसी तेरी सकता है कितना तो ख्याल करता है अरे
देव भगवान की कृपा करुणा से अब हम इसे रैप पावन हो गया था अबे सुनाते हैं ए नाइस डे कि मैं तो चले साधु बन के प्रति चले गए अकेली मार रहते हैं 11 अप्रैल था उसे क्रिएटिविटी का शीट के घोल लेती हूं है हॉलीवुड चेहरा है का सुझाव बैंक का परिणाम था सुनें कि तुम बैंक लुट जाती है ओ क्लॉक बंद देख लो फलों में ऑफिस के पास तो वह है जरा दिखाना चाहते हैं कि तुम भूमाफिया जमीन छीनने वाले घर चलने वाले असामाजिक तत्व भी आए हैं मैं तुम्हारी घबराई थी कि हमारे आंखों
से कैसे जो है भास्कर ए तो कृपया सूचित हो ये सब तो यह भी जा रहा है खेत और घर इन लोगों ने कहा ज्ञान है में चल बेटा कहां चलेंगे ना और बंधे हुए बालों को कहते हैं आप संभोग सब आनंद है ये सब फोन कहां चलेंगे आप सबों की आंखों में देखा तो सब वह आप सबों के हादसे में छुपे हुए हिमांशु परमेश्वर ने सुना है संभोग या आंखें लाल हो गई है कि शाहरुख खान की ए बंधन खोला उठा उनका चढ़ाई हूं कि घर के चारों तरफ ऐसा करो से घुमा इसी को
सिंह और आखिरी मुलाकात मराठी किसी को डर है कि किसी को दो सिंह कोई गिरा कोई चोट न लग सके वह सब परमेज़न हमारी रक्षा करने में समर्थ मित्रों के द्वारा छात्रों द्वारा पिता कैसे हम अपने तक पहुंचाने में नियुक्त चलता रहता है जहां भी नियुक्त अब स्कूल ना अब मोगरे मोदी के अपनी सुगंध तुलसी के अपने बिल्डर न है तो एक अ कि जहां-जहां जाता है जैसा मित्र है [संगीत] तो सब्सक्राइब करें सब्सक्राइब कि अ कि खजूर लेट्यूस अरे कमलापुरम बताएं पानी की बूंद पिता की एक-एक बूंद से है और शरीर मन और शरीर
में कैसा-कैसा कला है ये कैसी सकता है कि सुनती है ऐसी सकता है कि बोलती है कैसी सप्ताहिक की सूरत कैसी सब्सक्राइब कैसी सब्सक्राइब की सृष्टि करता की सर्विस परमेश्वर कैसी तेरी झाल [संगीत] कि महारास्ट्र एवं महाराणा पर मेष सत्तू के वजह से में उन्नति शांत परिचय हुए चोदता रहा रोज मारा वालों ने कई पेड़ मने खबर नहीं है हैं परंतु मेज़ पे हो है तू पहले वृद्ध एक अच्छी सी कि मेट्रो जाकर से खोज में नहीं मैं तुझे कैसे बताऊं मैं नहीं जानता लेकिन तू मुझे अपनी प्यास कैसे दे तू जानता और इस जगह
जगह मिले तो [संगीत] जानता नहीं मिला था किस तरह मिला तो लग रहा है [संगीत] अ क्वेश्चन आएंगे गोविंद जगत मिलता है पालक परमेश्वरा है एक महात्मा के पास कोई खेलेंगे नहीं कि अ मैं अकेला बालों बाबा ने खेला पक्का उठाए चीला गिरी गिरी कि आत्मा की आंखों से प्रेम त्याग सुपर से है कि नाम बढ़िया हलवा इतनी सारी ज्वेलरी ऐसी खबर में छुपा कर दो में रखी और यहां तक लाने की उसे प्रणाम ये कैसा प्रभाव पीस लें उसमें मिठास है कि एक कवर कैसे बना है कि ऐसा सब्सक्राइब सुहावना कोमल कोमल खेलें का
हलवा कैसे हो आज से तू अकेला नहीं देता है भगवान का प्रसाद दिखता है मात्र शाहरुख खान दुग्गल वाले कोट सब्सक्राइब [संगीत] प्रताप अधिक खाने की सब्सक्राइब परमेश्वर जिस कारण भगवान भगवान भगवान का चिंतन करते-करते सकता है है जिसमें वह यॉर्क तीव्र रखा है 1994 की शक्तिं तो फिर मैं क्या है यार मैं नहीं आ के पैर में नहीं देगा स्टेटमेंट नहीं है है प्रेगनेंसी मीटिंग का पेठा कैफे में कौन है वेदांत शास्त्र का अभ्यास करते समय कौन-सा हुआ है मैं इसको खोजता है कि शरीर पंच बहुत थिक है पांच स्कूल भूत 25 प्राण को
मजबूत धमका और को अच्छी तरह से मुक्ति का है कि पृथ्वी जल तेज वायु पांच भूत 25 ग्र ग्रीन 25 सुख में इंडियन ज्ञानेंद्रियां पांच कर्मेंद्रियां पहुंचता है 25 मुहूर्त i20 मन बुद्धि चित्त अहंकार 124 इस समय प्रकृति उसमें सकते हैं कि ने से फूल यह सब चीजों अलग-अलग लेकिन सत्ता उसमें सूर्य सूर्य अपने स्थान पर उठते हुए यहां मिला हुआ है पिंपल के कुछ नहीं सब मिला है सबको छोड़ देता है तुझे नमस्कार सब्स्क्राइब पांच भूतों को छोड़ देता है तुम सबको छोड़ दे रखे हैं कि हे जल देवता तुझे नमस्कार जैसे इश्वर समग्र
स्वरूप ऐसे तुरंत देता अग्निदेव तुझे नमस्कार जैसे स्वस्थ चिंतन से सारे ऐसे सब्सक्राइब करें मनोरथ पूरे तुम्हारा उपयोग करने से सांय पांच भूत निराकार ईश्वर तत्व इस प्रकार ज्ञान दृष्टि श्रवण श्रवण ईश्वर चिंतन मनन करें अपने व्याख्यान में है का ज्ञान उन जाने कुनैन फिर कोई माप-तोल करता नहीं लेखक एवं समाधान संभव है कि यह 24 तथा आफ थिस इन सैफरन पर्सन को एवं पुरुष व यह 24 तो बदलते रहते बदलता है बदलता है बदलता है बदलता नियुक्तियां सब्सक्राइब लाइक सबस्क्राइब और से जुड़ी बदसूरत लाख सितम बदला रुख बदला मित्र बुध शत्रु बदले अपने जगह-जगह
लाइक सबस्क्राइब चिंतन करके सब्सक्राइब टो है जो नहीं बदला वह मैं व्हाट्सएप बदलता है वह अच्छी तो मरेगा तो शरीफ करेगा मैं तुम्हें दुखी होता तो मन चिंता मिट्यो चित करते हैं इस प्रकार को चिंता के बीच सब्सक्राइब सब्सक्राइब स्थिति में मनुष्य जीवन फिर तो आप जो बोलेंगे वह इस मंत्र को जाएगा जिस वस्तु को छोड़ेंगे हम प्रशांत क्षेत्र आपके लिए समय जरूर सब्सक्राइब आप इतने पवित्र में आ अजय को में ही दमदार थम विदाउट थम राम विटामिन सहा आत्म प्रथम न जानंति को प्रमुख सचिव यह बनाना पेड़ कल्पवृक्ष फॉरेस्ट वालों ने नाम क्यों परेशान
[संगीत] होते हो में उठे तब भी आप के अंतर्गत मकदमपुर अक्षरों का कल्पवृक्ष तुम्हारे में अपनी श्रद्धा आस्था मंत्र वृद्धि होगी तो वहां से मिलने का यहां से मिलेगा तो फिर यही है तो यहां से ले लो है नहीं तो जाकर पेड़ के नीचे बैठ हो वह इतनी तत्परता से वह भी तुम्हारी चाहिए ओम नमो भगवते वासुदेवाय तो पहले भी मंत्र लोगों ने सुना था दूर ने सुना और लग गए तो कल्पवृक्ष रूपी परमात्मा सिद्ध हो गई है ऐसे परमात्मा बनकर बैठे बैठे कहानी यंगिस्तान की ए ट्रेस रहते तो रह में बैठे तो डॉक्टर खुद
देखते हैं वह नहीं है तो थोड़ा नहीं रहने की जगह आंखों से वह दिखता नहीं ज़ूम मरता है है तो एयर टाइट का सच में रखा तब भी दिखानी है कि पृथ्वी है को शुद्ध उसका नंबर होता है प्रेत योनि में जानते होंगे इसी में आप तो कैसे कहां से पूछते कितने सुख में अपने बोलते हैं ऐसा हुआ ऐसा हुआ या तो उससे तो नाक से और कितना ज्ञान बोलते हैं एक ऐसी लिया है हुआ है के साथ-साथ कमरों के अंदर हम मेट्रो ट्रैक ने वचन दिया कि मैं आऊंगा सुख में सभी वाहन तपस्या तालिबान
में शामिल हो गया दूसरा पीछे बैठे पांच गंदा गाना सब्सक्राइब करे सुपरहॉट के निकट 500 कब बड़े हो गए बैंक का में तेल और मोटा पतला मोटा प्रॉब्लम भ्रमण जो तो कैथल ऑटो पंजू इतना बड़ा पंजा पंजा अड़ाकर इसको पकड़ लो तो पंजाब है तो मैं लिंबू की तरह हो तो कृपया राम-राम राम-राम राम-राम राम-राम राम-राम तो मैं तो करता हूं कर दो के साथ मौजूद लेंगे ऐसे जुटने वाले संतोष कुमारी नहीं बड़े अभिनंदन करता है के कारण कुंडल मुकुट रेसिपी बस कि सौरभ की विष्णु का काल एवं कि पहले तो आए थे साधारण आदमी
जैसे कुछ खाने को अनम्यूट साधारण मनुष्य क्या हम थी उसे मैं स्वस्थ के कोण का गठन अध्यक्ष हैं बड़े विशाल हाथ लंबा राम राम थोड़ी देर से खुली तो एक-एक करके साबरमती की 140 किलोमीटर है थे कंट्री हस ए कि यह सागर भती कठिन है वह मैं घर में घुसते हैं जैसे यहां है ने बिगाड़ नदी नीचे हनु पर वह खान उठते में चार बुक्स में पांचवा आधा घुस आए रिसर्च हाथ अंदर एक बेहतरीन मां गधे दाणा नहीं हम गंधर्व विचरण करते हुए तुम्हारे लिए है का प्रयास से 15 किलोमीटर होगा को व्हाट्सएप बड़ा साबरमती
के चुना है को तुम भुला ना फिर सिलेक्ट करेंगे जरूर करें और जो अलार्म बंद कर देना पड़ा का कौन है थोड़ा दूध लेने वालों को थोड़ा सा ने जब रात्रि को वहीं रहेंगे गुरू ने कहा कि आश्रम में रह रहे हैं श्री राधे अंदर गाड़ आवाज है चतुर्वेदी चतुर्वेदी चला जाए उस रेखा तंबू के बाहर कोई है तो नहीं निकले हैं कि फिल्म में ट्रिम माला करने चतुर्वेदी ने में चला जाए तो हैरान है बंद कर देंगे अब हम भगवान का भजन करते हैं रन ऑन करें सुना अनसुना करके बैठ गए देखा तो शहरी
तंबुओं में बिच्छू बिच्छू भी की थी कि यह तो मंत्री तो नहीं तो जाएगी करके तो बिच्छू ने काट लिया मारो बिट्टू की बहू है में दाखिल हुई मुझे कल याद कराना है में मददगार साबित जिनका भागवत लिखवा कौन-कौन सी पुस्तक लिखी हुई ए फ्लाइंग जट्ट वीडियो झकास है संत प्रधान तो फिर तंबू को लौटा ख्वाब कैसे दिखता कुछ नहीं पिछड़ों हो गए कुछ नहीं हो रहा आप [संगीत] उसको प्यार करते हो कि चतुराई छोड़ो कपट चूरू एक कप डोंट मन में नहीं सब्सक्राइब बहाव नारायण दास की लगे किनारे है