सूरज की पहली किरण यह है एक गौरव भूमि जहां हर जानवर आजादी से अपना जीवन जीते हैं इस फिल्म में आपको अपनापन प्यार धोखा और बलिदान हर एक चीज देखने को मिलेगी क्योंकि यह कहानी है एक शेर की जो इस पावन धरती का राजा है जिसका नाम मुफसा है जिसके नाम में ही राजा है आज मुफसा के पुत्र का अभिषेक है एक बंदर जो वर्षों से मुफसा के परिवार का हिस्सा है यह बच्चा जो अपने पिता के बाद अगला सम्राट बनेगा जिसका नाम सिंबा है बंदर सिंबा को सभी जानवरों को यह बताता है कि यह
है हमारा नया सम्राट और दूसरी तरफ था मुफसा का मुंह बोला भाई जिसका नाम स्कार था जो हमेशा से राजा बनना चाहता है जिसमें छल था स्कार के पास मुफसा आता है और कहता है स्कार तुम सिंबा के अभिषेक में क्यों नहीं आए स्कार कहता है मुझे याद नहीं था वरना मैं जरूर आता महाराज मुफसा कहता है मुझे कभी धोखा मत देना स्कार क्योंकि तुमसे एक छोटी उम्मीद है वैसे भी मेरे बाद मेरा बेटा सिंबा राजा बनेगा स्कार कहता है भला मैं आपको धोखा क्यों दूंगा वैसे भी आपको धोखा देना मौत से खेलना है बंदर
इसी पेड़ पर रहता है वह एक धूल उड़ाता है जिससे सिंबा का चेहरा बन जाता है जानवरों में सबसे ज्यादा खुशी किसी और और को नहीं बल्कि इसी बंदर को थी ये एक प्यार था अब सिंबा को दिखाया जाता है जो अभी नादान है सिंबा अपने पिता को जगाता है क्योंकि मुफसा ने कहा था कि वह सिंबा को घुमाने लेकर जाएगा मुफसा सिंबा को पहाड़ की ऊंचाई पर लेकर जाता है और बताता है देखो बेटा जहां तक सूरज की किरण है वहां तक ये मेरा साम्राज्य है एक दिन ऐसा भी आएगा जिस दिन सूरज की
तरह मेरी जिंदगी भी डूब जाएगी और नई किरण के साथ तुम्हारा राज होगा सिंबा कहता है पिताजी क्या सच में इस पूरी धरती का राजा मैं बनूंगा और काली घाटी का भी राजा बनूंगा मुफसा कहता है भूल लक भी काली घाटी की तरफ मत जाना सिंबा कहता है पिताजी राजा तो कहीं भी जा सकता है ना मुफसा कहता है बेटा सबके अपने उसूल होते हैं राजा का उसूल यही होता है कि वह अपनी और इस गौरव भूमि की रक्षा करें तभी यहां एक पक्षी आता है यह पक्षी मुफसा के परिवार का खबरी था जो बहुत
ज्यादा बकबक करता था जिस वजह से मुफसा सिंबा से कहता है इसे सबक सिखाओ सिंबा धीरे-धीरे पक्षी की तरफ जा रहा था और उछलकर उसे पकड़ लेता है जिस पर मुफसा जोर से हंसता है तभी पक्षी बताता है महाराज लकड़बग्घे शिकार के लिए निकल चुके हैं इतना सुनते ही मुफसा पक्षी को कहता है है सिंबा को अपने साथ घर ले जाओ लेकिन सिंबा एक कीड़े के साथ खेलने लग जाता है और खेलते खेलते स्कार के पास चला जाता है स्कार कहता है इस तरह से शिकार करोगे तो एक झींगुर भी नहीं पकड़ पाओगे सिंबा कहता
है मुझे शिकार करना आता है और मैं गौरव भूमि का राजा बनने वाला हूं उसके बाद तो आप मेरा हुक्म मानोगे यह सुनकर स्कार को बहुत गुस्सा आता है और कहता है तुमने काली घाटी के बारे में सुना है सिंबा कहता है पिता ने वहां जाने से मना किया है लेकिन स्कार सिंबा को उकता ताकि सिंबा काली घाटी चला जाए एक दिन सिंबा और उसकी दोस्त नाला खेलते खेलते काली घाटी पहुंच जाते हैं जहां बड़े बड़े जानवरों की हड्डियां थी ये बेहद डरावनी जगह थी नाला उसे घर चलने को कहती है लेकिन सिंबा उसकी बात
नहीं मानता दोनों घाटी के अंदर चले जाते हैं तभी वहां बहुत सारे लकड़बग्घे आ जाते हैं जो बहुत खूंखार थे लकड़ बग्गों की सरदार दोनों को खाने को कहती है और दोनों पर हमला कर देती है दोनों यहां से भागने लगते हैं लेकिन आगे चलकर लकड़बग्घे दोनों को घेर लेते हैं सिंबा अपनी दहाड़ से उनको डराता है लेकिन अभी उसकी आवाज में वह दहाड़ नहीं थी जिस पर लकड़बग्घे जोर-जोर से हंसने लगते हैं लेकिन सिंबा इस बार गहरी दहाड़ निकालता है सभी लकड़बग्घे घबरा जाते हैं क्योंकि वह आवाज मुफसा की थी मुफसा वहां पहुंच गया
था वह सभी लकड़ बग्गों को नोच नोच कर फेंक देता है किसी में इतनी हिम्मत नहीं थी कि मुफसा का मुकाबला कर सके मुफसा कहता है तुम्हारी इतनी हिम्मत कि तुम मेरे बेटे पर नजर डालो लकड़बग्घे मुफसा से माफी मांगते हैं मुफसा दोनों को वहां से लेकर चला जाता है यही कारण है कि शेर को ही जंगल का राजा कहा जाता है उसकी गर्ज और चाल में एक अलग ही रुतबा होता है मुफसा सिंबा को समझाता है बेटा मेरे मना करने के बाद भी तुम काली घाटी चले गए जानता है मेरी तो जान ही निकल
गई थी तुम्हें कुछ हो जाता तो मैं क्या करता सिंबा कहता है पिताजी मैं दिखाना चाहता था कि मैं डरपोक नहीं हूं मुफसा कहता है जब तुम बड़े हो जाओगे तो बहादुरी दिखाने के बहुत मौके मिलेंगे अब इस कार को दिखाया जाता है जो लकड़ बग्गों के पास दोस्ती करने आया था और सभी से कहता है तुम लोग उन दोनों का शिकार नहीं कर पाए लानत है लकड़बग्घे कहते हैं तो तेरा ही शिकार करके अपना पेट भर लेते हैं स्कार कहता है मैं तुमको जीवन भर की दावत देने आया हूं और तुम मेरा शिकार करके
क्या करोगे लकड़ बे कहते हैं जब तक मुफसा जिंदा है हम यह सोच भी नहीं सकते स्कार कहता है क्यों ना मुफसा का ही शिकार करें सोचो जब मुफसा नहीं रहेगा तो हम पूरी गौरव भूमि पर राज करेंगे और मैं तुम सबका राजा बनूंगा यह बात सुनकर अब लकड़बग्घे तैयार हो जाते हैं एक भाई ने अपने ही भाई को मारने की योजना बनाई अगले दिन स्कार सिंबा को एक पहाड़ी पर लेकर आता है और बताता है इस जगह पर सभी शेर अपनी दहाड़ लगाने आते हैं जो दहाड़ पहाड़ों से टकरा कर गूंजती है इतना बोलकर
स्कार वहां से चला जाता है तभी सिंबा एक कीड़े को देखता है जिसे एक गिरगिट अपना भोजन बना लेता है जिसके बाद सिंबा को गिरगिट पर बहुत गुस्सा आता है सिंबा उस पर जोर से चिल्लाता है तभी सिंबा को एक गड़गड़ाहट सुनाई पड़ती है और उसने देखा पहाड़ के ऊपर से जंगल भैंसों का झुंड तेजी से नीचे आ रहा था सिंबा यह देखकर घबरा गया और भागने लगा ये भगदड़ लकड़ बग्गों ने करवाई थी एक दिन अपने ही दूसरों के साथ मिलकर अपना ही गला घोंट देते हैं जिनकी बुद्धि में लालच घुस जाती है सिंबा
एक सूखे पेड़ को पकड़ कर बैठा था स्कार भागता हुआ मुफसा के पास आता है और बताता है सिंबा की जान खतरे में है इतना सुनते ही मुफसा दौड़ पड़ता है अपने बेटे की तरफ सिंबा के पास वहीं पक्षी आता है और कहता है कसक पकड़े रहना महाराज आ रहे हैं मुफसा वहां पहुंच चुका था वह चट्टान से नीचे भगदड़ में कूद जाता यह था एक पिता का अपने बेटे से प्रेम सिंबा अपने पिता को देख लेता है मुफसा सिंबा के पास आ गया था लेकिन भगदड़ से पेड़ टूट जाता है दोनों भीड़ में गिर
जाते हैं और स्कार ऊपर से तमाशा देख रहा था मुफसा अपने बेटे को उठाकर एक सुरक्षित जगह पर रख देता है लेकिन फिर से भगदड़ की चपेट में आ जाता है सिंबा घबरा गया था लेकिन मुफसा बहादुर था वह चट्टान पर चढ़ने लगता है एक पिता ने अपना कर्तव्य पूरा किया सिंबा की जान को बचा लिया लेकिन ऊपर उसका दुश्मन लालची भाई खड़ा था मुफसा अपने भाई से मदद मांगता है बचपन से और जवानी तक स्कार ने मुफसा की जान कई बार बचाई थी लेकिन इस बार वह अपने भाई के पंजे को दबाकर धक्का मार
देता है सिंबा अपने पिता को गिरता देख जोर से चिल्लाता है कुछ देर बाद सब शांत हो गया सिंबा अपने पिता को ढूंढता है उन्हें आवाज लगाता है तभी सिंबा के पिता दिखाई देते हैं वह अपने पिता के पास जाकर उन्हें जगाता है और कहता है पिताजी उठो आपने कहा था कि घूमने चलेंगे लेकिन नादान बच्चे के पिता मर चुके थे सिंबा अपने पिता के पास सो जाता है तभी स्कार आता है और कहता है तुमने क्या किया सिंबा अपने ही पिता को मार डाला बच्चा कहता है चाचा यहां भगदड़ मची थी पिताजी मुझे बचाने
आए थे स्कार कहता है तुम्हारी मां पर क्या बीतेगी जब उन्हें पता चलेगा कि उनकी मौत तुम्हारी वजह से हुई है सिंबा घबरा गया था और कहता है मैं क्या करूं स्कार कहता है भाग जाओ यहां से फिर कभी लौट कर मत आना इस पावन धरती पर सिंबा यहां से भाग जाता है तभी लकड़बग्घे वहां आते हैं स्कार आदेश देता है खत्म कर दो उस पिल्ले को सभी लकड़बग्घे सिंबा के पीछे दौड़ पड़ते हैं सिंबा अपनी जान बचाकर भागता है भागते भागते वह पहाड़ से नीचे गिर जाता है लकड़ बग्गों को लगता है कि इतनी
ऊंचाई से गिरने के बाद वह मर गया होगा लेकिन सिंबा अभी जिंदा था वह बहुत उदास था एक आखिरी बार वह अपनी गौरव भूमि की तरफ देख है और हमेशा के लिए यहां से चला जाता है पिता का दर्द क्या होता है यह तो जाने के बाद ही पता चलता है और यहां स्कार एक और चाल चलता है स्कार सिंबा के परिवार से कहता है गौरव भूमि के महान राजा मुफसा अब हमारे बीच नहीं रहे उनके साथ सिंबा भी भगवान को प्यारा हो गया मुझे बहुत दुख है काश मैं समय पर पहुंच पाता तो दोनों
को बचा सकता था अब पूरी गौरव भूमि की जिम्मेदारी मेरे ऊपर है इसी वजह से मैं तुम सबका राजा हूं लेकिन अकेले संभालना मुश्किल था इसलिए लकड़बग्घे भी उसके साथ थे एक कायर जिसने अपने भाई की जान अपने ही हाथों ले ली आज वही राजा बन गया और इस तरह सत्य की हार हुई थी अब सिंबा को दिखाया जाता है जो बेहोश हो चुका था उसके आसपास गिद्ध मंडरा रहे थे आज वह हालत थी कि शेर को गिद्धों ने घेर लिया था तभी दूर से कोई आता हुआ दिखाई देता है वे गिद्धों को भगा देते
हैं वो दोनों सिंबा को देखकर डर जाते हैं क्योंकि वह शेर का बच्चा था लेकिन सूअर ने नेवले को समझाया वह अभी बच्चा है तभी सिंबा को होश आता है वह बहुत उदास था सिंबा दोनों को सारी बात बताता है इस पर सूअर कहता है सिंबा यह जीवन है एक दिन सबको ही मरना है इसीलिए हमें खुलकर जीना चाहिए यह बात सुनकर सिंबा थोड़ा अच्छा महसूस करता है दोनों उसे अपने हरे भरे जंगल में लेकर आते हैं यह जंगल बेहद सुंदर था सिंबा को इस जंगल में बहुत अच्छा लगता है इस जंगल के सभी जानवर
शेर के बच्चे को देखकर हैरान थे क्योंकि इस जंगल में एक भी शेर नहीं था सभी जानवर मिलकर भोजन करते थे सिंबा भी उनके साथ खाना खाता था इसी तरह कई साल बीत जाते हैं सिंबा बड़ा हो चुका था वह बिल्कुल मुफसा की तरह दिख रहा था और यहां स्कार ने गौरव भूमि को तबाह कर दिया था लकड़ बग्गों के साथ मिलकर जानवरों का शिकार कर रहा था सिंबा का परिवार डर कर जी रहा था क्योंकि स्कार ने अपना दबदबा बना रखा था नाला बड़ी हो चुकी थी वह कहती है हमें कुछ करना होगा हद
से ज्यादा शिकार कर रहा है तभी एक लकड़ बग्घा आता है और सराबी को कहता है तुम्हें महाराज बुला रहे हैं सराबी मुफसा की पत्नी थी स्कार कहता है अब किसका इंतजार कर रही हो तुम्हारा गीदड़ पति तो मर चुका है कब तक अकेले जीवन बिताओ गी सराबी कहती है वह गीदड़ नहीं थे बल्कि तुम गीदड़ हो यह सुनकर स्कार को गुस्सा आता है वह कहता है आज के बाद ताजा शिकार लकड़बग्घे खाएंगे और जो बचेगा वह तुम और तुम्हारा परिवार खाएंगे सभी लकड़बग्घे भोजन पर टूट पड़ते हैं उसी रात नाला भोजन की तलाश में
वहां से निकल पड़ती है और उधर सिंबा अब पूरी तरह से बदल चुका था उसे अपने परिवार की याद तक नहीं आ रही थी वह बस जंगल के जानवरों के साथ मस्ती करता था सिंबा के कोई सपने नहीं थे लेकिन रात के समय सिंबा को अपने पिता की याद आती थी वह बहुत उदास हो जाता था सिंबा अपना सिर झटक है जिससे उसका बाल उड़कर एक नदी में गिर जाता है उस बाल को एक चिड़िया उठाकर अपने घोंसले में ले जाती है लेकिन दूसरी चिड़िया उस बाल को घोंसले से बाहर फेंक देती है क्योंकि वह
जानती थी कि यह जानवर का बाल है वह बाल एक बबूल के पेड़ पर अटक जाता है वहीं एक जिराफ बबूल के पत्तों के साथ सिंबा के बाल को भी खा लेता है अगले दिन जिराफ जिराफ के मल को एक कीड़ा लेकर जा रहा था जिराफ का मल लुड़क कर टूट जाता है जिसमें से सिंबा का बाल बाहर निकल आता है उस बाल को एक चींटी उठा लेती है और वहीं वह बंदर उस बाल को देख लेता है उसने पहचान लिया था कि यह सिंबा का बाल है इस वजह से बंदर बहुत खुश होता है
उसे फिर से एक नई उम्मीद मिल चुकी थी यहां जंगल में सभी जानवर झूमते हुए गाना गा रहे थे तभी अचानक एक शेर उन पर हमला कर देता है सभी जानवर अपनी जान बचाकर भागते हैं सूअर की जान खतरे में थी वह शिकार होने ही वाला था तभी सिंबा लपक कर उस शेर को दबोच लेता है दोनों लड़ने लगते हैं तभी सिंबा उसे नाला कहकर पुकारता है नाला भी सिंबा को पहचान जाती है दोनों वर्षों बाद मिलकर बहुत खुश होते हैं नाला शिकार के लिए इस जंगल में आई थी सिंबा कहता है नाला अब हम
दोनों पूरी जिंदगी एक साथ बिताएंगे लेकिन नाला कहती है सिंबा मुझे जाना होगा स्कार ने पूरी गौरव भूमि बर्बाद कर दी है तुम्हें भी चलना होगा तुम हमारे राजा हो सिंबा कहता है अब से यही मेरा घर है चलो मैं तुम्हें जंगल की सैर कराता हूं यहां बहुत सुकून है सिंबा नाला को पूरा जंगल घुमाता है नाला को यह जंगल बहुत प्यारा लगता है जिसमें सचमुच एक सुकून था जंगल घूमने के बाद नाला कहती है सिंबा तुम जिंदा थे तो घर क्यों नहीं आए तुम्हें हमारी याद नहीं आई सिंबा कहता है मुझे किसी की याद
नहीं आती यही मेरा घर है वैसे भी अब तुम्हारा राजा स्कार है यह सुनकर नाला को बहुत बुरा लगता है नाला कहती है तुम अपने पिता का खून हो ही नहीं सकते तुम तो एक कायर हो इतना कहकर नाला वहां से चली जाती है सिंबा उदास होकर घूम रहा था तभी सिंबा को वही बंदर दिखाई देता है लेकिन सिंबा बंदर को नहीं पहचानता था इस वजह से नजरअंदाज करके जाने लगता है बंदर सिंबा के सामने आ जाता है और कहता है पहचानो खुद को लेकिन सिंबा जाने लगता है तभी बंदर कहता है मुफसा के बेटे
को मैंने गोद में खिलाया आया है यह सुनकर सिंबा रुक जाता है और कहता है तुम मेरे पिता को कैसे जानते थे बंदर कहता है मुफसा को मैं बचपन से जानता हूं तुम्हारे पिता जिंदा हैं सिंबा बंदर के पीछे भागने लगता है यह जानने के लिए कि उसके पिता जिंदा हैं या नहीं बंदर सिंबा को पानी में देखने को कहता है सिंबा पानी में अपने चेहरे में अपने पिता मुफसा का चेहरा देखता है तभी आसमान से एक आवाज आती है ये मुफसा की आवाज थी वह कहते हैं राजा का काम अपनी प्रजा और गौरव भूमि
की रक्षा करना होता है ना कि कायर की तरह छुपकर जीना इतना सुनते ही सिंबा में एक जुनून आता है वह निकल पड़ता है अपनी गौरव भूमि को ब जाने सिंबा एक ऊंची दहाड़ लगाता है और निकल पड़ता है अपनी मंजिल की ओर सिंबा एक ही पल में एक फौलाद बन चुका था उसके दोस्त उसे जाते हुए देख रहे थे हर किसी के अंदर एक शेर होता है जब वह जाग जाता है तो वह शख्स कुछ भी कर सकता है रास्ते में उसे नाला मिलती है दोनों निकल पड़ते हैं लेकिन जब सिंबा अपनी गौरव भूमि
देखता है तो हैरान हो जाता है पूरी गौरव भूमि तबाह हो चुकी थी नाला कहती है अब क्या करोगे सिंबा कहता है वही करूंगा जो एक राजा करता है अपनी भूमि की रक्षा करूंगा और अपने पिता का सपना पूरा करूंगा सिंबा के दोनों दोस्त भी यहां आ चुके थे सिंबा दोनों को वहां से वापस जाने को कहता है लेकिन सूअर कहता है हम भी इस लड़ाई में तुम्हारे साथ लड़ेंगे तभी सिंबा ने देखा कि सामने लकड़बग्घे बैठे थे सिंबा अपने दोस्तों से उनका ध्यान भटकाने को कहता है नेवला उनका ध्यान भटका है जिससे लकड़बग्घे दोनों
के पीछे पड़ जाते हैं सिंबा और नाला दूसरे रास्ते से निकल पड़ते हैं और बंदर भी अपना वह हथियार उठाता है जिसे उसने वर्षों पहले मुफसा के मरने के बाद छोड़ दिया था बंदर भी लड़ाई में सिंबा के साथ था और स्कार शराबी पर अपनी मनमानी कर रहा था वह कह रहा था तुम मेरी रानी बन जाओ इतना घमंड ठीक नहीं है मर चुका है वह डरपोक सराबी कहती है वो डरपोक नहीं थे डरपोक तो तुम हो तुम्हारे अंदर कोई काबिलियत नहीं है इतना सुनते ही स्कार सराबी से लड़ने लगता है जिसकी नियत ही गंदी
हो वह राजा क्या बनेगा तभी दहाड़े हुए सिंबा आता है यह देखकर स्कार डर जाता है उसे लगता है कि वह मुफसा है सिंबा कहता है दूर हटो मेरी मां से सराबी वर्षों बाद अपने बेटे को देखकर बहुत खुश होती है सिंबा आज अपने पिता का कर्तव्य पूरा करने आया था स्कार कहता है मुझे खुशी हुई तुम्हें देखकर सिंबा कहता है कोई एक वजह बताओ कि तुम्हें मैं जिंदा छोड़ दूं स्कार कहता है भूलो मत कि मैं तुम सबका राजा हूं तभी नाला कहती है अब से हमारा राजा है इसके लिए भले ही हमें युद्ध
क्यों ना करना पड़े सिंबा का पूरा परिवार युद्ध के लिए तैयार था स्कार कहता है तुम भूल गए कि तुमने अपने पिता की जान ली थी बताओ अपने परिवार वालों को कि तुम्हारी वजह से हमारे महाराज आज हमारे बीच नहीं रहे सिंबा इस बात को कबूल कर लेता है स्कार को एक मौका मिल जाता है वह कहता है जो अपने सगे बाप का ना हुआ वह क्या राजा बनेगा स्कार सिंबा पर दबाव डालते हुए उसे पीछे की ओर ले जाने लगता है स्कार कहता है झुकाओ अपना सिर तभी सिंबा का पैर फिसल जाता है सिंबा
चट्टान पर लटक जाता है एक जोर की बिजली गिरती है जिससे आग लग जाती है आज एक पापी का अंत तय था स्कार कहता है यही नजारा मैंने पहले भी देखा था मुफसा ने मरने से पहले ऐसे ही देखा था स्कार उछलकर उसके पंजों को दबा लेता है और कहता है एक राज की बात बताऊं मारा तेरे बाप को मैंने ही इतना सुनकर सिंबा अपने पिता को याद करने लगता है फिर अपने जबड़े से स्कार के बाल पकड़कर ऊपर आ जाता है और कहता है इसी ने मेरे पिता को मारा है तुम कैसे भाई हो
जिसने अपने ही भाई की जान ले ली स्कार कहता है ये बिल्कुल झूठ है मैंने नहीं मारा तभी सराबी कहती है अगर तुमने मुफसा को नहीं मारा तो उनकी आंखों में कैसे देखा स्कार सभी लकड़ बग्गों को हमला करने का आदेश देता है सभी लकड़बग्घे सिंबा पर टूट पड़ते हैं सिंबा सभी को नोच नोच कर फेंक रहा था नाला अपने परिवार को हमला करने को कहती है सिंबा का पूरा परिवार लकड़ बग्गों पर टूट पड़ता है यह था एक भीषण युद्ध जो सत्य और असत्य के बीच हो रहा था सिंबा के दोस्तों को लकड़ बग्गों
ने घेर लिया था हमेशा से सूअर लकड़ बग्गों से डरता आया था लेकिन आज वह मुकाबला करने के लिए तैयार था सूअर सभी लकड़ बग्गों को दौड़ा दौड़ा कर मार रहा था हर किसी के अंदर एक शेर छुपा होता है और समय आने पर वह दिख भी जाता है यहां नाला का सामना लकड़ बग्गों की स सरदार से होता है लेकिन नाला अब बड़ी हो चुकी थी दोनों भिड़ जाते हैं और नाला लकड़ बग्गों की सरदार को मार गिराती है वह पक्षी भी उछल उछल कर मार रहा था बंदर भी अपने हथियार लेकर मैदान में
उतर जाता है सभी को भगा भगा कर मार रहा था सभी लकड़बग्घे मैदान छोड़कर भाग रहे थे यहां बूढ़ा शेर मैदान में अकेला खड़ा था उस पर तरस आ रहा था क्योंकि उसे अब भगवान भी नहीं बचा सकते थे तभी सिंबा ने देखा कि स्कार वहां से भाग रहा था सिंबा उसके पीछे जाता है और एक पहाड़ी पर उसे घेर लेता है स्कार के पास भागने का कोई रास्ता नहीं था सिंबा उसके सामने खड़ा था स्कार कहता है मुझे माफ कर दो सिंबा ये सब उन लकड़ बग्गों ने मुझसे करवाया था मैं मजबूर था लकड़बग्घे
स्कार की बातें सुन रहे थे सिंबा कहता है कितना झूठ बोलोगे चाचा कभी तो सच बोल दिया करो स्कार कहता है सिंबा तुम अपने चाचा को मारोगे सिंबा कहता है मैं तुम्हारी तरह नहीं हूं यह सुनकर स्कार खुश हो जाता है और कहता है बताओ महाराज मैं आपके लिए क्या कर सकता हूं सिंबा कहता है चले जाओ यहां से फिर कभी लौटकर मत आना स्कार वहां से जाने लगता है तभी धोखे से वह सिंबा पर हमला कर देता है बुरे इंसान को कितनी भी अच्छाई की राह दिखाओ लेकिन वह बुराई की राह पर ही चलता
है स्कार को एक नई जिंदगी मिली थी लेकिन उसकी जिंदगी में केवल मौत लिखी थी स्कार पहाड़ से नीचे गिर जाता है सिंबा को अभी भी अपने चाचा के मरने का दुख था लेकिन स्कार बच गया था तभी उसके सामने लकड़बग्घे आते हैं स्कार कहता है चिंता मत करो हम फिर से अपना साम्राज्य खड़ा करेंगे लकड़बग्घे कहते हैं तू तो एक नंबर का कायर है स्कार हमने तेरा साथ दिया और तूने हमें ही गलत ठहराया स्कार चाहकर भी खुद को नहीं बचा सकता था दूसरा लकड़बग्घा कहता है तूने ही कहा था स्कार कि लकड़ बग्गों
का पेट अंधा कुआं होता है इतना बोलकर सभी लकड़बग्घे स्कार पर टूट पड़ते हैं इस तरह एक ई का अंत हुआ हमेशा की तरह इस बार भी सत्य की ही जीत हुई सिंबा अपने परिवार वालों से मिलता है और उस बंदर से भी जिसने सिंबा को हिम्मत दी थी आज बरसात के साथ सभी पाप धुल गए थे एक सच्चा राजा वही होता है जिसमें ईमानदारी समझदारी और अपनी प्रजा की हिफाजत करने की शक्ति हो सिंबा एक वीर योद्धा था वह एक वीर सम्राट था सिंबा गहरी दहाड़ लगाता है और इस गौरव भूमि का राजा बन
जाता है जानवरों में खुशी की लहर दौड़ जाती है एक जीता जागता हंसता खेलता जानवरों का परिवार और सिंबा और नाला के प्यार से एक शेरनी का जन्म होता है जिसका नाम नाम कियारा रखा जाता है इसके बाद फिर लौटेंगे एक प्यारी कहानी लेकर जिसमें मफास