तो आदाब नमस्कार गुड इवनिंग सत श्री अकाल एक बार फिर आप तमाम लोग का स्वागत है कम तक की कहानी के इस एपिसोड में उम्मीद है पूरी फैमिली अच्छी होगी अपना और अपनों का ख्याल रख रही होगी आज की कहानी की शुरुआत करू उससे पहले एक तस्वीर आपको दिखाना चाहता हूं यह तस्वीर पूरी दुनिया ने देखी यह उस वक्त की तस्वीर है जब अफगानिस्तान में पावर शिफ्ट हुआ था यानी के तालिबान ने कब्जा किया काबुल पर तालिबानी हुकूमत आई तालिबान की सरकार बनी और उसके बाद अमेरिका ने अपने ट्रूप्स को वापस बुलाने का प ऐलान
कर दिया था तो जो भी अमेरिका के बाकी बचे हुए ट्रूप्स थे फौज के लोग अमेरिकी सेना के लोग उन्हें वापस अफगानिस्तान से निकालकर अमेरिका ले जाया जा रहा था और तब सी 17 इस यूएस के आर्मी का प्लेन उसका इस्तेमाल किया गया था काबुल के रनवे पर जब ये प्लेन उड़ान भरने के लिए तैयार था त बहुत सारे अफगानी सिटीजन तालिबान से अपनी जान बचाने के लिए एयरपोर्ट के अंदर कूद गए थे रनवे तक दौड़े कुछ प्लेन पर ही चढ़ गए बाहर में प्लेन ने टेक ऑफ किया कुछ ऊपर से गिरे तो बड़ी दर्दनाक
तस्वीर थी अब यह प्लेन और यह तस्वीर में आपको क्यों दिखा रहा हूं य आगे आप समझ जाएंगे लेकिन अब दूसरी तस्वीर दिखाऊं उससे पहले एक साल पुरानी एक बात है यह बात है अमेरिका के जॉर्जिया के स्टूडेंट्स की एक स्टूडेंट जिसका नाम था लेकिन रिले लेकिन रिले एक जॉर्जिया की रहने वाली यूएस की कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी 22 फरवरी 2024 को वह कॉलेज में ही जॉगिंग कर रही थी कॉलेज कैंपस में और उसी दौरान एक वेनेजुएला का एक सिटीजन वहां पहुंचता है और लेकन रेले को मार देता है लेकिन रेले कॉलेज कैंपस
के अंदर जॉगिंग करते उसका कत्ल हुआ उसको लेकर अमेरिका में बड़ा हंगामा हुआ मीडिया ने इस खबर को बहुत दिखाई और फिर पता चला कि जिस जो कातिल था वेनेजुएला कंट्री का वो इलीगल तरीके से अमेरिका में रह रहा था उस वक्त उसको लेकर बहुत सारी बातें हुई 22 फरवरी 2024 की बात है धीरे-धीरे वक्त बीता अब अमेरिका में प्रेसिडेंट के चुनाव की बारी थी जोरो शोर से कैंपेन चल रहा था और तभी डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐलान किया उन्होंने कहा कि अग व पावर में आते हैं अगर वह दूसरी बार अमेरिका के प्रेसिडेंट बनते
हैं तो अमेरिका में जो इलीगल तरीके से रह रहे दूसरे देशों के लोग हैं उन्हें व बाहर निकालेंगे डोनाल्ड ट्रंप ने इस बारे में कहा था कि उनकी नजर में जो बाहर के लोग यहां कर लीगल तरीके से बिना डॉक्यूमेंट के या वीजा एक्सपायर होने के बाद भी रह रहे य स्टूडेंट वीजा पर गए उनकी पढ़ाई खत्म हो गई फिर छुपकर रह रहे हैं इस तरह के क्राइम कर रहे हैं उनकी नजर में यह लोग क्रिमिनल है और ऐसे क्रिमिनल से अमेरिका सख्ती से निपटे यह बात उन्होंने कही उसके बाद चुनाव हुआ ट्रंप चुनाव जीत
गए ट्रंप जब चुनाव जीत गए तो फिर 20 जनवरी को उन्होंने शपथ ली अमेरिका के प्रेसिडेंट की और शपथ लेते ही जो उन्होंने पहली चीज साइन की व वही जिसका उन्होंने चुनाव में वादा किया था कि वो अमेरिका की सरजमीन पर रह रहे गैर कानूनी तरीके से किसी भी देश के वो लोग उन्हें बाहर कर देंगे और उसके लिए उन्होंने एक नया कानून बनाया और उस कानून का नाम रखा लकन रिले वही लड़की जिसका कत्ल जॉर्जिया में कॉलेज कैंपस के अंदर हुआ था उसका नाम था लकन रिली और लकन रिले के नाम पर ट्रंप ने
यह कानून बनाया और यह कानून एक पावर देता है वहां की अथॉरिटी को कि अगर अमेरिकी सरजमीन पर कोई भी लीगल तरीके से रह रहा है उसे पकड़कर जेल भेजो या फिर उसके देश और उन्होंने 20 जनवरी को शपथ लेते ही इस कानून को पास कर दिया अब इस कानून के पास होते ही हड़ कम बच गया क्योंकि अमेरिका वह देश है जहां पर दुनिया में सबसे ज्यादा गैर कानूनी तरीके से माइग्रेंट्स या प्रवासी जिसे हम कहे व रह रहे इस वक्त लगभग उनकी तादाद 1.2 करोड़ है जो रह रहे अगर टॉप फाइव कंट्री की
बात करें तो उनमें नंबर वन पर मेक्सिको जो अमेरिका का पड़ोसी है करीब 41 लख 41 लाख लोग मेक्सिको के हैं जो अमेरिका में गैर कानूनी तरीके से बिना किसी वैद दस्तावेज के रह रहे हैं नंबर टू पर है एल साल्वाडोर एल साल्वाडोर के करीब 8 लाख लोग अमेरिका में रह रहे हैं और बदकिस्मती से तीसरे नंबर पर हमारे देश का नाम है यानी इंडिया 7.25 लाख लोग मतलब सा लाख ऐसे हिंदुस्तानी ऐसे भारतीय ऐसे इंडियन अमेरिका में रह रहे हैं जिनके पास ट्रेवल डॉक्युमेंट्स नहीं है या जिनका वीजा था खत्म हो गया फिर भी
ठहरे हुए हैं इनमें बहुत बड़ी तादाद स्टूडेंट्स की भी है जो एव वीजा पर गए उसके बाद फिर वो वही रह गए बहुत सारे ऐसे लोगों की है जो टूरिस्ट वीजा पर गए टूरिस्ट वीजा पर रहने की एक मियाद होती है सिक्स मंथ उसके बाद व गायब हो गए कई ऐसे हैं जो वहां किसी क्राइम में पकड़े गए और उनको जेल हुआ फिर पेरोल पर आए और व गायब हो गए और अमेरिका में ही छुप कर रह रहे हैं तो 7वा लाख लोग इस वक्त अमेरिका में ऐसे इंडियन की तादाद है जो गैर कानूनी तरीके
से अमेरिका में रह रहे और यह तीसरे नंबर पर है चौथे नंबर पर ग्वाटेमाला है 7 लाख लोग रह रहे हैं और पांचवे नंबर पर होंडुरास साढे लाख लोग अब ये लोग जो इलीगल तरीके से रहते हैं ट्रंप ने ये कानून क्यों बनाया था एक तो वजह ये कि इस जो लेकिन रिले का कत्ल हुआ उसको लेकर बड़ी चर्चा हुई थी मीडिया में और जिस दिन ये उन्होंने कानून पास किया था लेकिन रिले एक्ट इसका नाम दिया जो भी इलीगल तरीके से यूएस में रह रहा है उसको बाहर करने के लिए जो कानून बना उसका
नाम है लकन रिले एक्ट और जिस दिन उन्होंने ये दस्तखत किया इस कानून पर उस दिन लेकन रिले के पेरेंट्स मां बाप और बहन उनके साथ थे अब ये अथॉरिटी मिली और पहला फरमान कि इन तमाम लोगों को बाहर करो एक करोड़ से ज्यादा लोग है लेकिन अब उन्हें चुनना है कौन-कौन तो पहली खेप में जो चुने गए उनमें से करीब 18000 इंडियन 18000 अब 18000 इंडियन को चुना गया उनकी लिस्ट बनाई गई है उनके नाम सब कुछ है अब इन लोगों को एक एक कर भारत भेजना है इन 18000 में से जो सबसे पहली
लिस्ट बनी उसमें से 200 से ज्यादा की लिस्ट नाम थे उसमें लेकिन फिर यह हुआ कि अभी 104 लोगों को भेजते हैं अब 104 लोगों को कैसे भेजेंगे तो फोथ फेब 4 फरवरी की सुबह 3 बजे अमेरिका के टेक्सस के सैन एंटोनियो एयरपोर्ट से सी 17 प्लेन उड़ान भरती यह वही सी 17 प्लेन है जिसका जिक्र मैंने शुरू में आपको अफगानिस्तान की वह तस्वीर दिखाई थी यह दोनों तस्वीर अफगान के लोग अमेरिकी अथॉरिटी के साथ अपनी जान बचाकर तालिबान से भागना चाहते थे अफगान से उसम कई लोगों की जान गई और यहां सी 17 प्लेन
फोर्थ फेप को अमेरिका के टेक्सस के सैन एंटोनियो एयरपोर्ट से इंडिया के अमृतसर एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरता है फर्क यह है कि इस बार इसमें 104 ऐसे हिंदुस्तानी थे जो अमेरिका में इलीगल तरीके से रह रहे थे जिसे हम हिंदी में अप्रवासी भारतीय भी कहते हैं जो अवैध तरीके से रह रहे थे इनमें औरतें थी बच्चे थे बुजुर्ग थे जवान थे लेकिन इनका जुर्म यह था कि इनके पास वैलिड ट्रेवल डॉक्यूमेंट नहीं था इनमें से कुछ ऐसे थे जिन्हे ट्रेवल एजेंट ने ठगा उसने पैसे तो ले लिए 20 2 30 लाख के हम तुम्हें
वैलिड वीजा देंगे यूएस का वीजा दिया नहीं कुछ लोगों को मेक्सिको के रास्ते कुछ को किसी और रास्ते यूएस के अंदर दाखिल करा दिया कुछ ऐसे थे जो वैलिड वीजा पर गए लेकिन मियाद खत्म हो गए फिर भी ठहरे हुए कुछ ऐसे थे जो टूरिस्ट वीजा पर गए लेकिन वहां काम करने लगे और वहीं छुप गए कुछ ऐसे थे जो पढ़ाई के लिए गए थे और उनका एजुकेशन उनका कोर्स खत्म हो गया लेकिन वह लौटे नहीं तो इन तमाम लोगों को 104 लोगों को वहां से पहली खेप में यह हुआ जो सवा सा लाख लोग
इंडियन जिनको अभी कहा गया है कि यूएस में रह रहे हैं उनमें से पहली लिस्ट 18000 इंडियन की बनी और उनमें से पहली खेप 104 इंडियन की जो 5 फरवरी यानी कल दोपहर करीब दो बजे अमृतसर अमृतसर एयरपोर्ट पर सी 1 प्लेन य लैंड करता है और यह सारे उतरते हैं इंडियन यह तस्वीर पूरे देश में इस वायरल है अब होता यह कि आमतौर पर जब कोई देश किसी से अपने नागरिकों को या दूसरे नागरिक जो लीगल तरीके से रहते हैं डिपोर्ट करते हैं उसका तरीका य है कि आप कमर्शियल फ्लाइट उसको भेजते हैं और
वो पहुंच जाता है लेकिन चूंकि ट्रंप ने कहा कि ये लोग जो गैर कानूनी तरीके से रह रहे हैं ये किसी क्रिमिनल से कम नहीं है तो जिसको लेकर सबसे ज्यादा तकलीफ और सबसे ज्यादा इस वक्त बातें हो रही है वो ये कि सी 17 प्लेन में जब इ 104 हिंदुस्तानियों को बिठाया गया औरतों और बच्चों को छोड़कर बाकी जितने मर्द थे या नौजवान थे उन सभी के हाथों में हथकड़ियां थी और पैरों में बेड़ियां थी अमेरिका से अमृतसर तक का सफर बीच में एक जगह रुका रिफ्यूलिंग के लिए करीब करीब 30 घंटा 30 घंटे
से ज्यादा की जर्नी और इस सफर के दौरान हाथों में हथकड़ियां और पैरों में बेड़िया और उनके साथ अमेरिका अमृतसर लाता है और उनको नीचे उतारता है इस पूरे सी 1 प्लेन में सिर्फ एक टॉयलेट आप अंदाजा लगाइए 30 घंटे से ज्यादा का सफर अमेरिका से भारत तक का एक टॉयलेट हथकड़ी और बेड़िया और यहां पहुंचे जब उतरे यहां तो उन्होंने अपनी अपनी कहानी सुनाई कि कैसे किस तरीके से जैसे उनके साथ एक से जानवरों जैसा सुलूक हुआ र यहां उतरे उसके बाद जो इसमें से जो लोग थे अलग अलग कुछ पंजाब के थे कुछ
गुजरात के थे कुछ यूपी के थे तो जो पंजाब के लोग थे उन्हें पंजाब की सरकार ने गाड़ियों में बिठाकर उन उनके गांव छोड़ दिया जो गुजरात के थे उनको दूसरी फ्लाइट से गुजरात भेजा गया हरियाणा के भी हरियाणा और गुजरात से कुल 33 33 लोग थे 333 पंजाब के कुल 30 थे महाराष्ट्र के तीन उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ के दो लोग इन 104 लोगों में इन सभी को इनके अपने अपने घरों पर भेज दिया गया अब बहुत सारे लोगों ने सवाल पूछा कि क्या सिर्फ भेजने से यह काम हो गया इनके ऊपर कुछ मुकदमा
भी चलेगा तो मुकदमा इनके ऊपर कुछ चलेगा नहीं और कोई कारवाई इनके खिलाफ होगी नहीं उसकी य कि अगर इनका जुर्म भी है कि लीगल तरीके से रह रहे थे तो व अमेरिका की सरजमीन पर उन्होंने जुर्म किया और अमेरिका ने उनको अपने देश से निकाल दिया तोब यहां इंडिया में इनके ऊपर कोई मुकदमा चलेगा नहीं दूसरा इनम से ज्यादातर की कहानी यही है कि ट्रैवल एजेंट ने इन्ह लूटा कुछ लोग यह थे कि वैलिड वीजा और ट्रेवल डॉक्यूमेंट के साथ गए तो फिर तो यहां से ठीक गए पर वो एक्सपायर हो गया फिर भी
रह रहे हैं छ महीना टूरिस्ट वीजा पर रह सकते हैं आप उसके बाद गायब हो गए तो ऐसे लोगों के खिलाफ इंडिया में इनको पकड़कर कोई मुकदमा चले और इनके खिलाफ कोई कारवाई हो ऐसा मुमकिन नहीं है हां यह हवाला के जरिए पैसे दिए या बाकी कुछ और चीजों में इवॉल्व है तो अलग बात है लेकिन फिलहाल एक तो जिस तरीके से उनको भेजा गया वो वैसे ही उसका जिक्र हो रहा है तोब इनके खिलाफ कुछ मुकदमा नहीं चलेगा और ये जो 104 लोग हैं इन सभी की कहानी है इनमें से कुछ वो हैं जो
वाकई इलीगल तरीके से गैर कानूनी तरीके से अमेरिक सरजमीन के अंदर दाखिल हुए और इन सबकी कहानी यह है कि इन्ह ट्रैवल एजेंट ने बेवकूफ बनाया 20 30 लाख रुपए लिए फिर कहा हम यहां से ले जाएंगे उसके बाद किसी को कहीं और ले गए फिर वहां से पानी के रास्ते किसी और रास्ते चोरी छुपे अमेरिका के अंदर ले जाकर छोड़ दिया और वो जिसके बलबूते पर गए थे फिर वो वहां रहने लगे तो सबकी कहानी एक जैसी थी अब 18000 लोगों में से 104 लोग आ चुके हैं अब बाकी सबको आना है इनके आने
पर एक इंडियन को अमेरिका से यहां भेजने पर करीब च लाख रुप का खर्चा है अगर 18 के 18 हजार लोगों को इसी तरीके से अमेरिकी सेना के विमान से य भेजा जाए तो उसका कुल खर्चा करीब 360 करोड़ रुप बैठता 360 करोड़ अब सवाल य पैसे किसने दिए तो जो लोग आए उनमें से किसी ने नहीं दिए उनमें से ज्यादातर के पास थे भी नहीं भारत सरकार देगी नहीं क्योंकि भारत सरकार ने कहा नहीं कि आप भेजो हमें तो अमेरिका को ही निकालना था तो अमेरिकी सरकार ने दिया ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने दिया कायदे से
इन्ह भेजना चाहिए था कमर्शियल फ्लाइट से लेकिन ट्रंप ने चक कह दिया कि एक तरह के अपराधी है कैदी है बंदी है इसीलिए मिलिट्री के प्लेन से इनको भेजा गया अब जो बाकी है जिनकी पहचान हो गई उनका क्या कर रहे हैं तो कुछ लोगों को तो इधर उधर रखा गया है लेकिन ट्रंप और सखत उन्होंने कहा बाकी जो है और जो जिस तरीके से य र रहे इलीगल रह रहे तो भी उनकी नजर में क्रिमिनल है उन्होंने कहा कि उनके लिए वो गवाता बे जेल में 300 और बेड बना रहे हैं इसके अलावा और
भी जेल है तो वैसे लोगों को जेल भेजने की भी तैयारी हो रही है और गवाता बे की डिटेल मैंने आपको कहानी सुना रखी है कि दुनिया के सबसे खूनखार और सबसे ज्यादा खौफनाक जेलों में से एक इसका शुमार होता है इसकी गिनती होती है हालांकि क्यूबा मानता है कि यह जो जेल है जिस जगह पर अमेरिकन नेवी ने का ये अड्डा था तो क्यूबा कहता है कि हमारी जमीन अमेरिका ने इलीगल कब्जा कर रखा है अमेरिका का यह था कि क्यूबा ने इसे लीज पर दिया था जब फेडरल कास्ट्रो उसके डिक्टेटर हुआ करते थे
अब यहीं पर यह जेल और दुनिया में सबसे ज्यादा जो ह्यूमन राइट्स वाले कहते हैं लेशन होता है व गवाना ब भी होता है ना हो अमेरिका का या फिर जितने बड़े क्रिमिनल हो बहुत बड़े टेररिस्ट हो चाहे वो आईएसआई के हो अलकायदा के हो इसी ताना बे रखते यही व रेंज कलर का कपड़ा कैदियों को पहनाते हैं तोब ट्रंप ने कहा कि ऐसे लोगों हम नताना ब जेल भेजेंगे उनका यह भी कहना कि इनम से तो बहुत सारे ऐसे हैं जि शायद उनका देश भी ना ले तो जब वो लेगा नहीं तो हम करेंगे
क्या तो इसलिए हम उनको जेल में रखेंगे अब अभी जो भेजे गए उसमें इंडियन गवर्नमेंट को लिस्ट दी गई थी आपको पता है जि दिन ट्रंप प्रशासन ने शपथ ली ट्रंप ने बतौर प्रेसिडेंट तब उसम हमारे फॉरेन मिस्टर जयशंकर जी भी शामिल थे और जयशंकर जी ने वक्त यूएस के जो एक्सटर्नल अफेयर्स मिनिस्टर है वहा के उनसे बात की थी और यूएस ने इशू उठाया था क्या आपके बहुत सारे ऐसे सिटीजन है जो हमारे य लीगल रह रहे हैं तो जयशंकर ने कहा था ठीक है जो इलीगल रह रहे हम उन्ह वापस देने को तैयार
है तो यहां पर कुछ लोगों ने यह सवाल पूछा था कि क्या इसमें भारत सरकार की मर्जी है या भारत सरकार के विरोध के बावजूद ट्रंप अमानी करके भेज रहे हैं तो ऐसा नहीं है इसमें इंडियन गवर्नमेंट की मर्जी है अगर इंडियन गवर्नमेंट ये स्टैंड ले लेती कि नहीं हम इन्ह वापस नहीं लेंगे तो फिर अमेरिका क्या करता क्योंकि अगर इंडियन गवर्नमेंट स्टैंड लेती तो फिर वह अमेरिका का व जो मिलिट्री प्लेन है व अमृतसर में क्या हिंदुस्तान के किसी भी ऊपर आसमान में या किसी एयरपोर्ट पर तो लैंड कर ही नहीं सकता था उसके
लिए इजाजत मिली क्या आप आइए लैंड कीजिए तभी वह आए तो अगर भारत सरकार यह मना कर देती कि नहीं आप गलत कर रहे हो जुल्म कर रहे हो यह लोग तो सही है हम नहीं लेंगे वापस तो अमेरिका नहीं भेज पाता लेकिन इन लोगों के आने में बाकी जो 18000 लोगों की लिस्ट है उनमें 7.25 लैक्स जो पूरी लिस्ट है इंडियन की जो कहते हैं कि यूएस में लीगल तरीके से रह रहे हैं उनकी इन सबके बारे में जब तक भारत सरकार अमेरिका को अपनी सहमति नहीं देगा अमेरिका नहीं भेज सकता लेकिन ऐसा होगा
नहीं क्योंकि भारत सरकार को सहमति देनी पड़ेगी वजह यह है कि अमेरिका एक सुपर पावर है ट्रंप का ये चुनावी मुद्दा था और इस मुद्दे से वो पीछे अभी हटेंगे नहीं तोब किस्तों में यह शुरू हो गया है अलग-अलग देश के जितने लोग हैं उनको भेजना और उसमें एक भारत है भारत के लोग भी आ रहे हैं और इसीलिए इसमें सरकार की मर्जी शामिल है बिना सरकार की मर्जी और सहमति के यह लोग यूं नहीं आ पाते क्योंकि हम उनको लैंड करने देते ही नहीं तो अब बाकी लोग अभी आएंगे और उनको एकएक करके भेजा
जाएगा अब सवाल ये कितनी बड़ी तादाद में लोग हमारे य से अमेरिका जाते ही क्य मैंने ऐसे बहुत सारे लोगों को देखा जो अमेरिका गए पढ़ाई के नाम पर घूमने के लिए और वहां जाते उनका उनकी पूरी राय नजरिया बदल जाता व कहते हैं रहने के लिए देश ठीक है और यही बसना चाहिए यही रह अब वहां रहना भी मुश्किल है एक तो अभी तक यह था कि अगर कोई अमेरिका में बच्चा पैदा होता है चाहे मां-बाप अमेरिकन ना हो सपोज को इंडियन ही जॉब करने के लिए गया और वहां वो बच्चा पैदा हो गया
तो बाय बर्थ वो अमेरिकन सिटी होगा और ऐसी बहुत बड़ी तादाद है अपने इंडियन लोगों की बहुत बड़ी तादाद है जो पति पत्नी दोनों हिंदुस्तानी है लेकिन उनका बच्चा वहां पैदा हुआ इसलिए वो अमेरिकी सिटीजन हो गया मेरी अपनी फैमिली में है ट्रंप ने अभ ऐलान कर दिया कि यह अब नहीं चलेगा अब अगर मां और बाप में से कोई अमेरिकन नहीं हुआ अमेरिकन सिटीजन नहीं हुआ तो फिर वो जो बच्चा पैदा होगा उसको बाय बर्थ सिटीजनशिप का जो राइट मिला हुआ है अब नहीं मिलेगा यानी कि अगर मान लीजिए इंडियन हस्बैंड वाइफ वहां जाते
हैं और वहां बच्चा पैदा होता है तो उसको अमेरिकन सिटीजनशिप या पासपोर्ट नहीं मिलेगा हां अगर कोई अमेरिकन सिटीजन या तो हस्बैंड हो या वाइफ मान लीजिए अमेरिकन हस्बैंड हो वाइफ इंडियन हो तो फिर पॉसिबल है वाइफ अमेरकन हो हस्बैंड इंडियन हो तो भी पॉसिबल है लेकिन अगर दोनों बाहर के हैं तो नहीं मिलेगा तो दूसरा यह भी कानून आ गया तो बहुत बड़ी वजह एक तो यह है कि अमेरिका कनाडा यह सब जैसे देश है यहां पर लोगों को लगता है जिंदगी बहुत अच्छी है मौके अच्छे हैं रोजगार के और यह सच भी है
मौके अच्छे हैं वहां पर कैपिटा इनकम भी ज्यादा है जो हमारे य हमारे य ऐसे कई करोड़ लोग है जिनका पर डे का इनकम न डलर है अगर अभी तो डॉलर के रेट रुपए के मुकाबले बहुत मतलब रुपया हमारा गिरा हुआ है तो 87 मान तो हमारे ऐसे कई करोड़ लोग रहते हैं जिनके पर डे की इनकम एक डॉलर है या उससे भी कम 87 र से भी कम तो इसीलिए फिर उन्हें अमेरिका और ऐसे देश अपनी तरफ खींचते हैं वह जाते हैं व उ ठीक ठाक नौकरी मिलती है जिंदगी अच्छी रहती है माहौल ठीक
है आपको कहते हैं पोलूशन नहीं है बहुत सारी चीजें फिर एजुकेशन हो मेडिकल हो बाकी तो अमेरिका अपनी तरफ खींचता है लोग भागते चले जाते हैं ना अमेरिका की तो अपनी खुल आबादी 35 करोड़ के करीब है और उनमें से एक करोड़ से ज्यादा लोग दुनिया भर के अलग अलग देशों के व मतलब इलीगल तरीके से रह रहे बाकी की तो और भी पॉपुलेशन अलग है तोब ट्रंप को यह था कि यह जो बाहर से लोग आकर यहां रह जाते हैं बस जाते हैं व दो तीन काम करते हैं एक सबसे जरूरी कि अमेरिकन की
जो अपनी जो नौकरी है वो वो हड़प लेते हैं अब बाकी जो आते हैं होते नौकरी ले लेते हैं तो उनके रोजगार पर बाकी उनकी बहुत सारी बेसिक जो फैसिलिटी है व दूसरे देश के लोग उसका खूब फायदा उठाते हैं और अमेरिकन कहीं ना कहीं पीछे रह जाते हैं तो इसीलिए अमेरिका फर्स्ट का यह नारा ट्रंप ने दिया और कहा कि पहले अमेरिकन बाद में बाकी तो उसी वजह से यह सारी चीज शुरू हुई है और अब यह सिलसिला आगे कितने दिन तक चलेगा पता नहीं लेकिन जिस तरीके से कैदियों की तरह भेजा गया है
वो अपने आप में बड़ा अफसोस और मतलब क्या कहा जाए इसको लेकर हमारे राज्यसभा में बाकायदा हमारे विदेश मंत्री फॉलन मिस्टर जयशंकर जी ने जयशंकर जी ने बयान दिया क्योंकि मीडिया में खबर आई लोगों के बयान है जो अमेरिका से आए थे कि हमारे हाथों में हथकड़िया थी पैरों में बेड़िया थी तो उन्होंने बाकायदा राज्यसभा में रिकॉर्ड पर यह माना है जयशंकर जी ने उन्होंने कहा कि हां जब भी एक तो चकि वह कमर्शियल फ्लाइट में भेजे नहीं गए थे मिलिट्री फ्लाइट में थे तो जब भी डिपोर्टेशन किया जाता है किसी को डिपोर्ट किया जाता
है तो उस डिपोर्ट का जो एक प्रोसेस है प्रक्रिया है रूल है लॉ है वो यही है कि फिर उसके हाथों में हथकड़ियां और बेड़ियां होती है सिर्फ और सिर्फ जब वो वॉशरूम जा रहा होता है उस वक्त उसको व खोला जाता है बाकी वह पूरा हाथों में हथकड़ियों के साथ ही रिपोर्ट किया जाता है हां औरतों और बच्चों को इससे अलग रखा जाता है तो उन्होंने कहा कि ऐसा हुआ है यह माना उन्होंने उन्होंने यह भी माना कि ये लोग जो आए हैं ये लीगल तरीके से वहां रह रहे थे और भारत सरकार को
जो अमेरिका ने लिस्ट दी उन्होंने लिस्ट को देखा और उन्होंने माना कि हां ये अमेरिका सही कह रहा है और आने वाले वक्त में भी जिस तरह से ये लिस्ट आएगी तो भारत का स्टैंड यही होगा ठीक है भाई आप भेजते जाओ हम लेते जाएंगे यही होगा तो ऐसा नहीं है कि हम अमेरिका के खिलाफ खड़े होकर विरोध करेंगे और दूसरा यह भी है कि चलिए हम विरोध भी कर ले तो उधर फिर ट्रंप ये कहेंगे कि ठीक है मत लो इनको जेरो में डालो सबको वो पता नहीं फिर कब तक जेल में रहेंगे गना
बे जैसे जेलो में पहुंच गए तो फिर क्या होगा आप भी जानते हैं हम भी जानते हैं ठीक है जी कशमकश है इस वक्त यह नई सरकार के आने के बाद जो अब तक सब कुछ ठीक चल रहा था खासतौर पर हम भारतीयों के लिए कि इतने सारे लोग छोटे-छोटे बच्चे हैं औरतें हैं वो इस तरीके से अब अमेरिका से भारत लाए जा रहे हैं हालांकि इसका दूसरा पहलू एक ये भी है कि कहीं ना कहीं हम भी गलत है हमें पता है दुनिया में कहीं भी जाने का एक तरीका होता है वैलिड दस्तावेज होते
हैं ट्रेवल डॉक्यूमेंट होता है तो उसी हिसाब से जैसे हमारे घर में अगर हमारे देश में कोई घुस पैटी आएगा तो हम उसके साथ यही बर्ताव करेंगे तो उसमें महिलाओं बच्चों को भी दाव पर लगा देना और इस तरीके से जाना जो डंकी के तरीके से कबूतरबाजी जिसको कह लीजिए य सारे वर्ड यूज होते हैं जो इलीगल तरीके से जाते हैं दूसरे देशों में और कितने लोग तो इस प्रोसेस में मारे गए उनको टैंकर में और किसकिस में भरकर भेजा जाता है भेड़ गाय की तरह भेड़ बकरियों की तरह भेजकर जाने ली गई है तो
यह हमें भी सोचना चाहिए कि ठीक है अच्छी जिंदगी जीने का खाब हर एक को होना चाहिए लेकिन जिंदगी को द पर लगाकर कौन सी अच्छी जिंदगी आप खरीदने जा रहे हो तो कहीं ना कहीं हम भी इसके लिए गुनहगार है लेकिन यह है कि कुछ चीजें ऐसी हो वहां के कई कोर्ट में भी यह मामला गया है और यह भी हो सकता है कि शायद बाकी देश दबाव डाले तो थोड़ा सा ट्रंप नरम पड़े लेकिन क्या होगा पता नहीं फिलहाल तो लिस्ट है सावा सा लाख लोग हमारे टीम के मतलब हमारे देश के हैं
18000 की लिस्ट बन चुकी बाकी और देश क्या होता है पता नहीं लेकिन जो हो अच्छा हो यही दुआ है तो इसी के साथ कहानी में आज इतना ही लेकिन कहानी खत्म करू उससे पहले वही अपना सिलसिला सानवी सानवी का पहला बर्थडे हैप्पी बर्थडे सानवी आप हमेशा अच्छी रहो खुश रहो सेहतमंद रहो यही दुआ है और सानवी असल में हमारे संकल्प भाई की बिटिया है संकल्प श्रीवास्तव हमारे ब्लैक एंड वाइट की टीम उसमें बड़े ही सीधे सज्जन इंसान और टैलेंटेड भी है और इन्होंने मुझे मिठाई भी खिलाई तो हैप्पी बर्थडे सानवी एंड संकल्प भाई आपको
बहुत बहुत बधाई भाभी जी को भी एंड देव भरत द्विवेदी इनका भी बर्थडे है तो हैप्पी बर्थडे देवव्रत जी और ये इनकी वाइफ प्रतिमा पांडे जी ने भेजा और इत्तफाक से देवव्रत और प्रतिमा पांडे इन दोनों की मैरिज एनिवर्सरी भी एक ही दिन आती है यानी देवव्रत जी का बर्थडे और इन दोनों की एनिवर्सरी तो डबल डबल बधाई डबल धमाका देव ब्र जी हैप्पी बर्थडे एंड प्रतिमा जी एंड देव ब्रत जी हैप्पी एनिवर्सरी साथी कविता वर्मा इनका भी आज बर्थडे है तो हैप्पी बर्थडे कविता और यह भेजा है श्रीनिवास बिश्नोई ने अंजलि इनका भी जन्मदिन
तो बड़े अंजली भेजा सुरेंद्र पाल ने है साथ ही प्रीति एंड अभय तिवारी इन दोनों की एनिवर्सरी है तो प्रीति जी एंड अभय जी आप दोनों को बहुत-बहुत बधाई दीपक कुमार ने भेजा है सलोनी पाटिल एंड उत्तम पाटिल इन दोनों की भी एनिवर्सरी है तो सलोनी जी और उत्तम जी आपको भी बहुत बहुत बधाई इसके अलावा पूजा कमर एंड गणपत सिंह इन दोनों की भी एनिवर्सरी तो पूजा जी एंड गणपत जी आपको भी बहुत बधाई वैष्णवी कोक थैंक यू सो मच एंड सनातन बल्कि सॉरी शांतन इन्होंने यह आज की स्टोरी बहुत सारे लोगों ने कहा
था उनमें से एक ये भी थे तो कहानी में आज इतना ही अब आपसे मुलाकात होगी कल रात 9 बजे किसी नई कहानी के साथ तक अपना और अपनों का ख्याल रखिएगा थैंक यू वेरी मच