व्हाट इज अप गाइस आप देखने वाले हो रियल हिट का एक लाइव पॉडकास्ट जो कि हुआ था हॉरर कॉन में और ऐसा ही एक मजेदार लाइव पॉडकास्ट होने वाला है कल 18 दिसंबर को नोएडा में जिसकी डिटेल्स डिस्क्रिप्शन में है टिकट्स डिस्क्रिप्शन में है और गेस्ट होने वाले हैं आप सबके फेवरेट परमीश वर्मा पाजी तो गाइस आ जाओ लाइव इंटरेक्ट करो परमीश पाजी के साथ हमारे साथ आपके जो भी क्वेश्चंस है वो हम रिकॉर्ड करेंगे आप इंटरेक्ट करोगे एक मजेदार सा लाइव पॉडकास्ट सेशन होगा कुछ सरप्राइज भी है आपके लिए तो जो लोग भी फ्री
हैं गाइस टिकट्स बुक कर लो डिस्क्रिप्शन में टिकट्स हैं आ जाओ लाइव मिलते हैं कल नोएडा में दोनों चलते चलते आ रहे थे तभी अचानक से उसको बहुत तेज ठ लगती है बहुत ज्यादा तेज ठन लगती है वो कांपने लती है पूरी तरह से उसको कांपता हुआ देखकर प्रिया बोलती है क्या हुआ तेरे को वो कुछ बोल ही नहीं पा रही थी वो देखती है शमशान में पास में पकड़ती है उसको लेकर जाती है घर के बा जैसे शमशान की बाउंड्री क्रॉस करता है बिल्कुल नॉर्मल सी हो जाती है वापस रात को एकदम से दोनों
के दोनों सेम टाइम पर चलने लग गई बहुत तेज निर्मला मुझे मत मारो निर्मला मुझे मत मारो मैंने कुछ नहीं किया निर्मला मुझे मत मारो दोनों को एक ही जगह लाया गया दोनों को एक ही जगह बिठाया गया और एक पंडित जी को बुलाया गया उन्होंने बैठकर सीमा को हिप्नोटाइज किया जैसे उन्होंने उससे पूछा कि क्या देख रही है तो बोल रही कि मुझे निर्मला अपनी कब्र के ऊपर बैठी हुई दिख रही है उसने वही कपड़े पहन रखे जिसमें उसको गाड़ा गया था और मुझे देखकर एक बहुत ही क्रीपी सी मतलब बहुत डरावनी सी हंसी
हंस रही है तब एकदम से निर्मला बहुत तेज भाग के इनके घर की तरफ आना शुरू करती है और आकर वो घर के बाहर खड़ी हो गई है और वो बस उसी को को दिख रही थी किसी और को नहीं दिख रही थी फिर उन्होंने आके दोनों बच्चियों के ऊपर कुछ किया लॉकेट वगैरह उनको दिया और बोला कि अभ ये ठीक है आज का तोन को लड़की दिखाई नहीं देगी उन्होंने कहा कि तुम लोग ना गलती से उस रास्ते में मत जाना वरना फिर ये सब खत्म हो जाएगा वापस क्या हाल है करे हैं जिम
करे हैं तो आज जो हमारे गेस्ट हैं पॉडकास्ट के वो वन ऑफ द बेस्ट हॉरर स्टोरी नरेट हैं और टीचर भी है मिस्टर प्रिंस सिंह तालिया हो जाए तालिया [संगीत] स्वागत है सर आज हमारे लिए बढ़िया एंटिटीज की क ले यल प्रिंस सर यार बच्चों को सब टीचर्स बताते हैं डरने बरने की जरूरत नहीं है और आप डरा ही रहे हो टीचर हो के क्या सीन है सीन क्या है जरा थोड़ा बताओ इसके सीन सीन भाई कुछ भी नहीं है सीन बहुत सिंपल है कि दुनिया में अलग लोगों के साथ अलग अलग चीजें होती है
और मैं हमेशा एकही कहता हूं जिसके साथ होता है उसी को पता लगता है सही बात तो हां मतलब अलग-अलग एक्सपीरियंस है लोगों के जो शेयर करते हैं लोग और हम उनको आपके आपको शेयर करते हैं हमारे थ्रू सही सो द पॉइंट इ होता है नहीं होता है हम बहुत बार डिबेट कर चुके हैं और इस थक डिबेट करने की जरूरत है भी नहीं ब इट्स ल अबाउट की कुछ लोगों के साथ बड़े अजीब से एक्सपीरियंस होते हैं जो कि अन एक्सप्लेनेबल होता है और उसको साइंस एक्सप्लेन नहीं कर सकता इसलिए शद उसका नाम पैरानॉर्मल
साइंस रखा गया है तो आज आप क्या स्टोरी लेकर आए हो ऑडियंस के लिए आज आज मैं एक बहुत शायद पहली क बार कुछ लोग इस चीज का नाम सुनेंगे स्टोरी के अंदर एक तंत्र यूज हुआ है आई कांट रिवील इट राइट नाउ लेकिन दो बहुत ही जिनका बोलते हैं ना ओपी ऐसे एंटिटीज ओवर पावर्ड एंटिटीज है एंटिटी ओपी चैट में स्पैम कर दिया जाली चलो दोस्तों शुरू करते हैं एक बार तालिया हो जाए प्रिंस सर के लिए थ चलिए तो आज की कहानी जो है वो बेसिकली एक तांत्रिक के परिवार की है तो तांत्रिक
बहुत अलग तरीके के होते हैं आप सभी तांत्रिक वर्ड आते ही सब लोग लगता है कि एक आदमी होगा जो किसी को भी वश में कर ले कुछ भी कर लेगा सकरण याद आता है मुझे हां वशीकरण भी होता है मतलब कभी भी आपको अगर आपके घर के बाहर कोई आ जाए बोल दे कि मैं तांत्रिक हूं तो आपके हाथ पर एक बार फूल जाएंगे कि इसको अंदर बुलाऊ या नहीं बुलाऊ तो खैर इनकी अलग-अलग कैटेगरी होती है तो यहां पर एक तांत्रिक का परिवार रहता था महाराष्ट्र कीय स्टोरी है ये एक परिवार था इनकी
पीढ़ियों तक मतलब सब लोग तांत्रिक िया करते थे तो इनके फादर जो एक लड़की निर्मला और जिसके साथ ये सब इंसीडेंट हुआ जिसकी फैमिली के अंदर सब इंसीडेंट हुआ तो इनके जो फादर थे वो भी एक बहुत अच्छे सिद्ध तांत्रिक थे उनके दादाजी थे वो भी बहुत पहुंचे हुए तांत्रिक ये किसी से कोई पैसा चार्ज नहीं करते थे चीजों को ठीक करने का आसपास के एरियाज में कहीं दूर भी जाना हो तो जाते थे लेकिन इन लोग की एक खास आदत थी कि कहीं भी गए और कुछ भी उनको मिला कोई एंटिटी वगैरह मिली तो
उसको बांध के अपने साथ ले आते थे ऐसे बहुत सारे लोग करते हैं मैंने कई लोगों से सुना है ऐसा तो उसको बांध के ले आते थे और ताकि दोबारा किसी को परेशान ना करे और किसी से एक सिंगल रुपया भी नहीं लेते थे लेकिन जिस गांव में रहते थे उ गांव में इनका जो घर था सबसे लविश सबसे आलीशान घर घर के अंदर गांव के हिसाब से सारी सुख सुविधाएं उसको देख के ऐसा लगता था कि इनके घर में इनका कोई बिजनेस चल रहा होगा साइड में जिसे इनकम आती इनका रेंट आ रहा हैय
लग रहा हो हां तो अब रेंट कहां से आ रहा था कहां से तो किसी को नहीं पता लेकिन गांव वाले य बोलते थे कि इन लोगों ने कुछ ना कुछ चीज बांध ली है जिससे य पैसा कम कोई ना कोई तरीके से उस तो ये चल रही थी इनकी लाइफ बढ़िया चलती थी तो इनकी फैमिली के अंदर ये दो लोग थे दोनों तांत्रिक थे बाप बेटा उनके चार बच्चे थे एक लड़का और तीन लड़कियां तो इन्होंने कोशिश की अपने अगली जनरेशन को ये सब चीजें सिखाने की लेकिन उनका उसमें कोई इंटरेस्ट नहीं था कि
हमको ये सब नहीं सीखना तुम लोग करते रहो अपना अपना अगली जनरेशन होती है ऐसी है ना पुराना जो बाप काम कर रहा होता वो करना ही नहीं चाहते थे अगला वो कुछ नया करना चाहते हैं कुछ तूफानी करना चाहते हैं अप लाफ जब तक बाप अंबानी ना हो पर भाई यहां तो था ही ना य बिना काम के पैसा आ रहा था यार आपको अच्छा एक बताओ आपको अगर ऐसी कोई विद्या पावर मिल जाए कि बिना काम के पैसा आता रहे तो आप क्या करोगे वही करेंगे भाई घर लौटेंगे हम तो आप लोग क्या
करोगे वैसे अगर आप लोगों को मैं एक ऐसी विद्या ऐसा कुछ सिखा दूं जिसे बस बैठा है घर पर आराम से ऐसे ऑर्डर देना है है ना अपन कते ना जेप्टो करते हैं पैसा ले आओ 500 की गड्डी लेकर आओ घूमने जाना है शॉपिंग पर जाना है आप लोग ट्राई करोगे स्टोरी सुन लो फिर देखते हैं सो द पॉइंट इज कि उनके पास य सब कुछ था अभी ये जो लड़की थी निर्मला इसका अपने पड़ोस के एक लड़के से अफेयर चल रहा था उसका नाम था रमेश रमेश को इनकी पूरी फैमिली के बारे में सब
कुछ पता था क्योंकि निर्मला जो थी उसको बताया करती थी चीजें तो उसने कई बार उससे पूछा भी था उसने बताया भी था कि बाबा और बाबा मतलब दादाजी और पापा दोनों जब भी कहीं बाहर जाते हैं तो वो कुछ ना कुछ आते हैं सीधे घर में किसी से कोई बात नहीं करते और हमारे घर के अंदर एक कमरा है तो कमरा ऐसे एक कमरा फ उसके अंदर एक और कमरा और उसके अंदर एक और छोटा सा कमरा है करीबन 7 बा आ का 50 60 स्क्वायर फीट का जिसके अंदर सिर्फ दो आदमी आराम से
बैठ सकते हैं तो जब भी आते हैं वह सीधा उस कमरे के अंदर जाते हैं आधे एक घंटे से पहले बाहर नहीं निकलते तो उसने पूछा कि इस कमरे में है क्या तो बोले मेरे को तो नहीं पता लेकिन एक बार मैंने अपनी मम्मी से पूछा था तो मम्मी ने बताया कि बेटा यह अपने घर का एक बहुत बड़ा राज है हमारा य जो घर चल रहा है हम जो भी कुछ कर रहे हैं हमारी जिंदगी चल रही है वो सब उसी कमरे से चलती है तुम्हारे पापा तुम्हारे बाबा जब भी कोई चीज करके आते
हैं किसी का इलाज करके आते हैं तोन चीजों को वहीं पर बांध के रखते पर ये बात तो किसी को मत बताना अब इंसान प्यार में हो राज ना बताए तो ऐसा हो ही नहीं सकता थोड़ा वैसा सा कमरा लग रहा है जैसे कंजरिंग में एडन लोरेन का कमरा नहीं था जहां पर वो गोस्ट सारे एक साथ रख हा हा एकट ये वाकई में रियल में होता है ऐसा मतलब आप लोग शायद विश्वास नहीं करोगे बट मतलब मेरे को एक है हमारे जानकार भैया उन्होंने बताया था कि उनके साथ काम करते थे वो लेकर आते
थे अपने घर में चीजों तो ऐसे होता है कई लोग लेकर आते उनसे अलग-अलग काम करवाते तो ये भी वही फैमिली थी बड़ किसी को नुकसान नहीं करती ी ठीक है सब कुछ बढ़िया चल रहा था दोनों का अपना बातचीत हुआ करती रोजाना रमेश जो था बड़ा ही क्यूरियस था उसको बड़ा मजा था सुनने में देखने में जानना चाहता था कि वाकई में तंत्र मंत्र कुछ होता है लोग पागल बनाते हैं और ऐसी कोई अगर एंटिटी है ऐसी कौन सी एंटिटी है जो भाई आपको दौलत देती रहेगी बैठे बैठे बिना कुछ की तो उसको बहुत
इंटरेस्ट था वो बार-बार निर्मला से यही बातें किया करता था फिर एक रात की बात है मतलब एक दिन सुबह सब लोग उठे तो सुबह उठ थे तो इनके जो दादाजी थे उनकी मौत हो गई थी व रात को अपना पूजा पाठ करके सोए थे और सुबह जब वो उठे तो उनकी डेड बॉडी उन लोगों को मिली और उस डेड बॉडी को देखकर ये साफसाफ लग रहा था कि एक नेचुरल डेथ नहीं है उनकी जो डेड बॉडीज को देख ले था उसके प्राण किसी ने पकड़ के खींच लिया हो बाहर तो अब सब लोगों घर
वाले सब समझते थे सबको पता था क्या है तो देखते समझ गए कि ये नेचुरल डेथ नहीं है लेकिन वो पूरे गांव में इस चीज को बता नहीं सकते थे कि क्या हुआ है क्या नहीं हुआ उन्होंने बात को शांत रखा पूरे गांव में बताया गया कि डेथ हो गई है और उसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया अब जो इनका बेटा था उसका दिमाग चल रहा था कि ऐसा कैसे हो सकता पिताजी की एकदम से मौत हो गई और जो डेड बॉडी थी उसको देखकर उसको लग गया था कि कुछ ना कुछ तो चक्कर है
तो उसने बहुत जानने बहुत उसने साधना की रात को बैठकर पूजा की लेन उसको कोई हिंट नहीं मिल रहा था कि क्या हुआ क्या नहीं हुआ तो फिर उसने सोचा कि अब मुझे दूसरा रास्ता अपनाना पड़ेगा तो कुछ दिनों बाद अमावस्या थी तो उसने अमावस्या का वेट किया और उसे एक रात पहले अपनी फैमिली से बोलता है कि सुनाओ तुम लोग एक काम कर तू बच्चों को लेकर माइके चली जा मुझे पता करना है कि पिताजी की मौत कैसे हुई है और दूसरा अपने परिवार के ऊपर कोई खतरा तो नहीं है व समझ गए बोले
ठीक है वो गए अगले दिन वो अपना सारा सामान लेकर आया और अपने को कमरे में बंद कर लिया और कमरे में बंद करने के बाद उसके पास जितनी एंटिटीज बंधी हुई थी सबको एकएक को बुला बुलाकर वो इन्वेस्टिगेट कर रहा था कि आखिर मेरे बाबा की मेरे पिताजी की मौत कैसे हुई उसको पता ही नहीं चल पा रहा कोई जवाब देने में था ही नहीं कोई बता नहीं पा रहा था फिर उसने अल्टीमेटली लास्ट में अपने पिताजी को बुलाया उनसे संपर्क स्थापित किया और उनसे पूछा कि क्या हुआ आपके साथ एकदम से उन्होंने बताया
कि कई साल पहले मैं एक एंटिटी को पकड़ के लेकर आया था और मैंने उसको बांध दिया था और कई साल उसको बंधा हुआ था तो बनते बनते वह बहुत ज्यादा फियर्स हो गया था बहुत ज्यादा उसकी शक्तिया बहुत ज्यादा बढ़ गई थी और पता नहीं कैसे व एकदम से आजाद हो गया तो जैसे वो आजाद हुआ रात को तो मैंने उसको पकड़ने की कोशिश की दोबारा लेकिन अब मुझ में इतनी क्योंकि वो बूढ़े हो चुके थे कि मुझ में इतनी शक्ति नहीं थी और मैं तुझे बताता इतना उसने मुझे समय नहीं दिया तो उसने
बोला कि अब मैं तेरे पूरे परिवार को खत्म कर दूंगा तो उसने बोला उन्होंने बोला उससे कि मेरे परिवार को मत खत्म कर तू बोल तेरा दुश्मनी मुझसे तो एक काम कर अपन दोनों अपने बीच में सौदा कर लेते हैं कि तू मुझे मार दे लेकिन मेरे परिवार को बख देना तो उसने बोला ठीक है उसने उसको मार दिया और मारने के बाद जो हुआ सबके सामने था तो उसने बोला कि कौन थी एंटिटी बोलता वो एक कच्चा कलवा था कौन था कचा कलवा आप लोग जानते हो कच्चा कलवा ये क्या मतलब होती कैसे बनता
कैसे शायद आप में से कई लोगों को नहीं पता कि मेरे दादा जी भी तांत्रिक रहे हुए हैं ज्योतिष एन तांत्रिक आई होप कई लोगों ने सुना होगा तो उन्होंने मुझे बताया था मैंने उनके साथ बात की थी एक बार एक पॉडकास्ट किया छोटा सा तो उनसे बात की थी तो उन्होंने बताया था कि कच्चे कलवे में क्या करते हैं लोग जैसे अब तो नहीं होता यह सब तंत्र पहले हुआ करता था बहुत ज्यादा क्योंकि अब तो बहुत सारे लोग होते हैं तो एक छोटा बच्चा जिसकी दो महीने चार महीने पाच महीने या एक साल
से कम हो उसकी जब डेथ हो जाती है तो उसको जनरली दफनाया जाता है तो वो लोग रैकी करते हैं पूरी कि कहां दफनाया गया कहां नहीं और जब सब चले जाते हैं उसके बाद व उसकी बॉडी को निकालते हैं उसको नहला हैं बढ़िया से अपने घर में लेकर आता है व उसको बिठा है कोने के अंदर और फिर उसके अंदर मंत्र फूंक जब मंत्र फकते हैं साधना करते पूरी प्रॉपर उसके अंदर बॉडी के अंदर मूवमेंट आने लग जाते है वो मूवमेंट आने के बाद बेसिकली एक तरह से कुछ सिद्ध करते हैं और उसको उसकी
बॉडी के अंदर लेकर आते हैं एनर्जी को और फिर वो एनर्जी आके उनसे बोलती है कि बताओ क्या काम एक तरह के उनका काम करती हो जो भी आप उससे करवाना चाहते तो उन्होंने मुझे बताया था कि ऐसे इस तरह को सिद्ध कर और फिर उसके बाद आपको जो काम करवाना है वो करवाओ लेकिन ये बहुत एक तो ये बच्चा है वो बॉडी एक्चुअली जिंदा हो जाती है ऐसा होता है या फिर कैसे होता है कहते हुए कि बॉडी के अंदर मूवमेंट आते है तो क्लियर हो गया कि आपने समद इंडिकेशन होगा कि बॉडी के
अंदर अगर मूवमेंट आ गया तो आपका वो एंटिटी सिद्ध हो गई उसके बाद तो बॉडी का क्या करते पता नहीं तो ये एनर्जी एनर्जी किसी और की होती है कोई और एंटिटी होती है फिर वो बच्चा ही होता है कोई और कोई और एंटिटी हो बच्चा नहीं होता बच्चा इज द मीडियम ऐसे मांगती भी है ये वापस की जैसे मुझे कुछ फायदा लेना है इससे बता रहा हूं वो उसका उसका बहुत सिंपल है बच् क्या मांगेगा बच्चे की एनर्जी है तो आजकल किंडर जॉय चल रहा है हा भाई यह बहुत सही था लेकिन मैंने एक्सपेक्ट
नहीं किया था टॉप आएगी बीच में तो बहुत अनकंट्रोलेबल होता है तो जसे काम करवा लेते हैं ना तो बोलते और काम दो बताओ और क्या करना है तो ऐसे कहते कि डंडा लगा देते है परस बोलते डंडे प ऊपर नीचे घूमता रहे अगर उसे वो काम नहीं दिया तो जिसने उसको सिद्ध किया उसको भी खा जाएगा इतना फियर्स होता है वो इतनी अनकंट्रोलेबल अच्छा एक चीज और अगर जैसे मान लो उन्होंने सिद्ध कर लिया उसको कोई तांत्रिक अगर सिद्ध करता है तो अगर किसी को कंट्रोल कर लिया तो उसको अगर वो उसके ऊपर हावी
होता है उल्टा तो उसको भी तो वो कंट्रोल कर ही सकता है उस पावस तो होनी चाहिए उसके पास लेकिन जब एज होती है ना एक टाइम होता है और एक लगातार आप इंटरेक्ट कर रहे हो कांटेक्ट कर रहे हो या आप अपनी साधना कर रहे हो तो आपके पास उतनी एनर्जी होती है धीरे-धीरे टाइम के साथ-साथ मैं उसको बांध रखा था आप एक छोटे बच्चे को एक कमरे में बांध दो 10 दिन फिर देखो कितना खुखार हो जाता है समझ रहे हो मेरी बात को तो उसको कितने सालों से बांध रखा हु छोटी सी
एंटिटी है वो और वो उसके पास बहुत एनर्जी थी व अनकंट्रोल एनर्जी थी वो बंधी हुई है तो धीरे-धीरे धीरे-धीरे हो सकता है वो और एनर्जी लाता था उनसे वो एनर्जी लेकर कुछ भी करके तो एक बहुत फियर्स एंटिटीज में से एक होती है कच्चा गलवा उसको कंट्रोल करना इतना आसान काम नहीं होता ब्रह्म राक्षस ज्यादा डेंजरस है इससे ओबवियसली ब्रह्म राक्षस को पकड़ना इतना आसान काम नहीं है वो एक अलग लेवल है यह एक अलग वो इसमें तो बिल्कुल रॉ है आपको जो करना है कर दो जो भरना है भर दो जो काम करवाना
है वो करवा दो तो इस इस तरह से उनकी डेथ का उसको पता लगा कि भाई ये कच्छा गलवा था और अब उसने उन्होने ये बताया कि अभी भी गया नहीं है ये आसपास ही कहीं घूम रहा है और अभी भी खतरा है क्योंकि बच्चा है बच्चे की जबान नहीं होती बच्चे ने कुछ बोल दिया ये नहीं करूंगा उसका तो तो कर देगा उनको समझ में आ गया कि भाई मेरा परिवार खतरे में है और पिताजी तो गए ठीक है इसके बाद उसने सब कुछ सेटल किया वापस से अपना परिवार आया अगले दिन उनको सारी
बात बताई निर्मला को भी बताई और निर्मला ने ये बात रमेश को बताई तो इस तरह से इनके बीच में स कि दादाजी की जो डेथ हुई है वो इस एंटिटी की वजह से हुई ठीक है साहब अब अगले ही दिन वापस से जिनके पिताजी ने पता किया सब कुछ नेक्स्ट रात को सब लोग सो रहे थे अचानक से इनके घर की छत के ऊपर किसी के दौड़ने की आवाज कोई पैर पटक पटक कर दौड़ रहा हो और किसी और की हिम्मत तो थी नहीं तो इनके जो पिताजी थे वो गए ऊपर वो ऊपर गए
किसी को बताया भी नहीं उने वो गए सब लोग सो रहे थे अपना अपना उनको आवाज आई तो वो ऊपर गए ऊपर जाकर श वापस नहीं आए सुबह जब ये उठे उठ के छत प पहुंचे ढूंढते ढूंढते के पिताजी कहां गए मतलब में कहीं नहीं मिले तो छत प छत प डल रहे होंगे तो वहां पर उनकी डेड बॉडी पड़ी हुई और उनको देखकर ऐसा लग रहा कि उनको जहरीले कीड़े ने काट लिया मुंह से झाग निकल रहे थे पूरा शरीर नीला पड़ा हुआ था तीन चार पाच सात दिन के अंदर ही बाप और बेटे
दोनों की मौत पूरे घर गांव के अंदर खबर फैल गई कि यार इस तरह से दोनों बाप बेटे की डेथ हो चुकी है अब सिलसिला तो शायद यही रुक जाना चाहिए था लेकिन रुका नहीं इसके बाद एक-एक करके एक-एक करके इनकी फैमिली के हर मेंबर की एक साल के अंदर-अंदर डेथ होना शुरू कोई बीमारी से मर रहा है कोई एक्सीडेंट से मर रहा है और लास्ट में बची निर्मला निर्मला की तबीयत भी बहुत खराब रही एक डेढ़ महीने से वह बेड पर ही थी जब उसका लास्ट टाइम आ गया तो उसने रमेश को बुलाया और
रमेश से कहा कि सुनो रमेश मेरा शायद अंत आ गया है और मेरी एक इच्छा है बस तुम वह पूरी कर देना तो बोलता है बताओ तुम्हारी क्या इच्छा है मैं जरूर पूरी करूंगा बोलता तुम मुझे जलाना मत मेरा अंतिम संस्कार वैसे मत करना मुझे दुल्हन की तरह कपड़े पहनाना और पूरा तैयार करके दुल्हन विदा होती है वैसे मुझे विदा मतलब जलाने की जगह तु मुझे शमशान में दफना देना तो उसकी इच्छा सबको बताई गई सबने क ठीक है जैसा बोल रही वैसा करते हैं इसके लिए अच्छा इस बीमारी के दौरान निर्मला के बाल उड़
गए थे सिर के सारे तो वह सिर के ऊपर एक कपड़ा बांध के रखती थी वाइट कलर का उसी सेम फॉर्म में उसको दफनाया गया दफना दिया दफनाने के करीबन सात आठ दिन के बाद ही निर्मला का दिखना शुरू हुआ और सबसे पहले निर्मला दिखती है रमेश की दो बहनों रमेश की दो ने थी एक का नाम था सीमा और एक का नाम था उर्मिला ऐसे ही रमेश का एक दोस्त था विमल जुवा केसरी वाला नहीं तो उसका एक दोस्त था विमल तो विमल जो था वो इसका बहुत अच्छा फ्रेंड था इसके सब चीजों में
रहता था और उसकी भी दो सिस्टर्स थी तो इन्होंने क्या किया एक दिन ये रमेश की बहन और उसकी बहन दोनों फैमिली टर्म्स थे बहुत अच्छे तो दोनों मार्केट जा रही थी तो मार्केट जो रास्ता था उसमें वही शमशान पड़ता था जहां पर उसको दफनाया गया गया तो जब वो वापस आ रही थी मे का टाइम था दिन के शायद चार या 5:00 बज रहे होंगे जब वो वापस आ रही थी तो आते-आते एकदम से जो सीमा थी वो शमशान वाली साइड थी और जो उसकी सिस्टर थी दोस्त की सिस्टर वो इस तरफ थी प्रिया
नाम था उसका तो वो दोनों चलते चलते आ रहे थे तभी अचानक से उसको बहुत तेज ठंड लगती है बहुत ज्यादा तेज ठंड लगती है वो कांप ती है पूरी तरह से उसको कांपता हुआ देखकर प्रिया बोलती है क्या हुआ तेरे को तो कुछ बोल ही नहीं पा रही थी वो देखती है शमशान है पास में पकड़ती है उसको लेकर जाती है घर के पास जैसे शमशान की बाउंड्री क्रॉस करता है बिल्कुल नॉर्मल सी हो जाती है वापस उसने पूछा क्या हुआ हो जाए तो बोलते कि यार मेरे को बहुत ते ठंड लग रही थी
उस टाइम पर तो बोलते ठंड लग रही थी ठीक है कोई बात नहीं नॉर्मल हो गई घर पहुंची आराम से खाना वाना खाया दोनों ने रात को एकदम से सीमा को बहुत तेज बुखार आया बहुत ज्यादा तेज बुखार बिल्कुल तप रही थी वो और बिल्कुल निढाल हो चुकी थी बुखार आने के पा 10 मिनट के अंदर जाने नहीं उसके शरीर के अंदर तो घर वाले घबरा गए उसको देखकर तो उन्होंने बोला कि इसको हॉस्पिटल लेकर चलते हैं तो गांव था तो ऑटो बुलाया गया हॉस्पिटल के लिए ऑटो का इंतजार उसके पिताजी बाहर खड़े होकर कर
रहे थे जैसे वो बाहर निकले देखा पड़ोस वाले घर में यानी जो विमल था उसके घर में भी कोहराम मचा हुआ है सब रो रहे हैं तो उसने कहा क्या हुआ अंदर जाके देखता हूं उसने पूछा कि भाई साहब क्या हुआ तो बोलता है कि इसकी देखो तबीयत खराब हो रही है एकदम से अभी रात को सोते-सोते उठ गई और बोलने लगी निर्मला मुझे मत मारो निर्मला मुझे मत मारो मैंने कुछ नहीं किया है बोलते ये क्या बात कर रहे हो बोले हां पता नहीं उस मरी हुई लड़की का नाम लेके बोल रही है तो
बोलते उधर भी कुछ ऐसे ही उसको बुखार रखा है एक काम करो ये बातचीत कर रहे थे मैं ऑटो आ गया बोले चलो चलो दोनों को हॉस्पिटल लेकर चलते दोनों को ले बिठाया गया ऑटो के अंदर दोनों फादर बैठे हॉस्पिटल लेकर गए और जब रास्ता एक ही था वो शमशान वाला ही उससे गुजर रहे थे तो दोनों जैसे उस बाउंड्री में घुसे वापस से बहुत तेज कांपने लग गई और कुछ कुछ बढ़ाने लग गई उनको देखकर उनको समझ में आ गया कि सिर्फ मेडिकल प्रॉब्लम नहीं है लेकिन पहले डॉक्टर को दिखा दो वहां गए रात
भर उनको एडमिट रखा बुखार उखर उतारा सुबह वापस आए सुबह वापस आए सब कुछ नॉर्मल कोई दिक्कत नहीं सब बढ़िया दिन अच्छे से गुजरा दोनों हते खेलते रही खाना वाना खाया सब कुछ था शाम हुई सोई और रात को शायद 7:30 8 ही बजे हो गे एकदम से दोनों के दोनों सेम टाइम पर चलने लग गई बहुत तेज निर्मला मुझे मत मारो निर्मला मुझे मत मारो मैंने कुछ नहीं किया निर्मला मुझे मत मारो सारे घर वाले आ इ हो गए और वो बैठ के जैसे बोल रही थी उनको समझ में आ गया कि पड़ोस वाले
घर में से उधर से भी आवाज आ रही थी तो दोनों को एक ही जगह लाया गया दोनों ग एकही जगह बैठाया गया और एक पंडित जी को बुलाया गया म पंडित जी नहीं थे जिनके पास में रहते थे एक अंकल जिनको थोड़ी बहुत विद्या आती थी तो व आए और उससे उनके बुलाते ही एक और जो दूसरे बड़े पंडित थे उनको भी फोन मन कर दिया था उन्होंने बुलाने के लिए तो आए उन्होंने बैठकर सीमा को जो उसकी बहन थी रमेश की उसको हिप्नोटाइज किया म कुछ कनेक्शन बिठाया और देखा कि वो क्या देख
रही है तो उन्होंने उससे पूछा कि क्या देख रही है तो बोल रही कि मुझे निर्मला अपनी कब्र के ऊपर बैठी हुई दिख रही है उसने वही कपड़े पहन रखे जिसमें उसको गाड़ा गया था और मुझे देखकर एक बहुत ही क्रीपी सी मतलब बहुत डरावनी सी हंसी हंस रही है बोल र और क्या हो रहा है बोले बस वो बैठी हुई है और मुझे डराने की कोशिश कर रही है तभी एकदम से निर्मला बहुत तेज भाग के इनके घर की तरफ आना शुरू करती है वो बता ही देती उसकी कमेंटरी में बता रहा तो बहुत
तेज निर्मला भागती हुई आ रही है और आकर वो घर के बाहर खड़ी हो गई है तो वो जो थे जिनको थोड़ा बहुत नॉलेज था उन्होंने घर को बांध लिया था थोड़ा मंत्र तोव अंदर नहीं आ पा रही थी और वो बस उसी को दिख रही थी किसी और को नहीं दिख रही थी व बोल र कि बहुत तेज गुस्से में वो खड़ी हुई है और घर के ऊपर वो पत्थर पत्थर मार रही बहुत तेज पत्थर फेंक रही है तो इतना सब कुछ चल रहा था इतने में वो बड़े पंडित जी आ गए बड़े पंडित
जी आए तो उन्होने अपना साइड हो गए ये खुद ही जानते थे उनको ये फिर उन्होंने आके दोनों बच्चियों के ऊपर कुछ किया कुछ लॉकेट वगैरह उनको दिया और बोला कि अभी ठीक है आज के बा दिन को लड़की दिखाई नहीं देगी उन्होंने कहा कि तुम लोग ना उस रास्ते से मत जाना मब तुह कहीं भी जाना है गलती से उस रास्ते प मत जाना वरना फिर ये सब खत्म हो जाएगा वापस से ठीक है उसके बाद निर्मला उनको दिखना बंद हो चार पांच दिन गुजरे उसके बाद से निर्मला वापस दिखना शुरू हुई लेकिन अब
उनको नहीं पूरे गांव वालों को निर्मला का पूरा परिवार समाप्त हो चुका था उसके घर में कोई नहीं रहता था लेकिन रात को उसके घर में लाइट जला करती ी बर्तन उठा के रखने की सेसे कुछ रख रहे हो आप कुछ हटा रहे हो उनके घर में खिड़कियां जो थी ना वो स्लाइडर वाली थी खुलने वाली नहीं थी तो खिड़की अपने आप खुल जाती थी दिन में बंद है और रात के टाइम किड़ी खुल जाती थी कई बार लोगों को छत के ऊपर घूमते हुए घर के आसपास घूमते हुए निर्मला दिखाई देती थी सबको दिखाई
देने लगी तो सब लोग सोच रहे ये कैसे हो रहा है कैसे पॉसिबल है बट फिर भी ठीक है लोग इग्नोर करते हैं कि ठीक है दिख रही होगी अपने जब तक कुछ होता नहीं इंसान एक्ट नहीं करता उस फिर एक दिन जो इसकी बहन थी ले दिन की बात है जब होली का टाइम आ गया था धीरे धीरे तीन चार महीने में सेटल हो गए थे उन दोनों को दिखना बंद हो गई थी कभी-कभी लोगों को दिखती थी फिर एक बार होली का दिन आया तो होली के दिन में क्या था कि यह जो
इसके रमेश के सॉरी हा रमेश के माता-पिता इनको जाना था अपने स्तरों से मिल ले दूसरे गांव में तो ये लोग दूसरे गांव में गए गांव में जाने के बाद अ व लोग लेट हो गए किसी फंक्शन में अटक गए थे तो उन्होंने बोला कि भाई हम लोग आज घर नहीं आएंगे तुम लोग सब ध्यान से रहना वहां पर और अब कुछ दिखता नहीं था तो वो लाइट थे उनका भाई भी घर पे ही था तो उन्होंने बोल दिया ठीक है हम कल आएंगे सुबह तो जो भाई था वो होली के त्यौहार के चक्कर में
निकल गया और उसकी जो दोनों बहनें थी वो घर पे थी तो दो बहनें थी और एक उसकी कजिन सिस्टर आई हुई तो जो सीमा है वो अपने अंदर रूम में बैठ के अपनी कजन सेस के साथ बातें कर रही थी कमम कर रही थी पढ़ रही थी अपना और उनकी जो बड़ी बहन है उर्मिला वह किचन के अंदर खाना बना रही थी तो खाना बनाते बनाते उसे फील हुआ कि घर के आसपास कोई चल रहा है एक्चुअली उसे बहुत धीरे से पायल के चलने गया गई जैसे कोई पायल पहन के चलता उने ध्यान दिया
तो उसे लगा कि वाकई में कोई पायल पहन के चल रहा है अब उसने उसकी किचन में जो खिड़की थी उसको उसने बंद कर रखा था क्यों क्योंकि उसके आगे कुछ स्थान नहीं एक ही घर था और वो एक घर किसका था निर्मला का वो आवाज जब आई तो उस खिड़की के पास गई थोड़ा सा उसने इसे खोल के देखा फटी की फटी रह गई सामने निर्मला खड़ी हुई उसी को घूर रही थी वो देखते पीछे आई बहुत तेज चिल्लाई उसके चिल्लाते ही उसकी दोनों बहने भागती हुई वहां पर तो बोला क्या हुआ क्या हुआ
तो बोलती कि निर्मला सामने खड़ी हुई बाहर खड़ी हुई है वो दोनों भी डर गई वो दोनों पहुंची अंदर उन पंडित जी ने उनको एक मंत्र दिया था उन्होंने मंत्र पढ़ना शुरू किया और जैसे उन्होंने मंत्र पढ़ना शुरू किया उनकी छत के ऊपर भी वैसे कोहराम शुरू हो गया कोई भाग रहा तेज तेज तेज उन्होंने फटाफट से फन उठा के अपने भाई को फोन किया और लगातार उन्होंने मंत्र उच्चारण शुरू रखा उसका भाई सुनते ही भागते हु आया घर पे जब तक वो आया तब तक वो तीनों एक ही जगह थी और सब कुछ शांत
हो चुका था कुछ भी नहीं था उसने चारों तरफ चक्कर लगाया कि देखता हूं कौन है कौन नहीं है पर वहां पर कोई भी नहीं था फिर उसके बाद उन्होंने बोला कि ठीक है जो भी हो गया खाना खाते हैं सोते हैं चुपचाप वो सोए वो सोते थे एक हॉल के अंदर उस हॉल में एक छोटा सा रोशनदान बना हुआ था स्क्वायर टाइप का वो लोग सोए रात को हॉल में चारों एक ही साथ सोए ज सो रहे थे तो उस हॉल से जो रोशनी आती है उसकी परछाई बन र थी दीवार पर और उस
परछाई के अंदर कोई बैट केन मतलब किसी का सर रखा हुआ था ऐसे मान सकते हो अब सिर दिख रहा था और सिर पर बाल नहीं दिख रहे थे मतलब किसी ने कपड़ा बांध रखा हो बिल्कुल ऐसा रहता ना उस तरह का सिर दैट मींस पूरी रात उनको उस दीवार की परछाई पर निर्मला दिख रही थी लेकिन वह अंदर नहीं आ पा रही थी किस वजह से किसी को नहीं पता चारों ने जैसे तैसे रात काटी सुबह इनके मम्मी पापा आए आते उन्होंने सारी बात बताई तो उसकी मम्मी ने बोला कि यार देखो ऐसे नहीं
चलेगा बच्चे बहुत परेशान हो गए तुम इस घर का शुद्धीकरण करवाओ तो उसके पिताजी को लगा हार करवाना चाहिए तो उन्होंने उनके घर का शुद्धिकरण करवा दिया शुद्धीकरण करवाने के बाद दोबारा निर्मला किसी को दिखाई नहीं दी पाच छ महीने गुजर गए अब किसी चीज को पाच छ महीने गुजर जाते तो आप नॉर्मल हो जाते हो कि हां ठीक है अब सब ठीक हो गया है कोई दिक्कत नहीं है ओके रिपोर्ट है हां उसको लगता तो हो गया सब सटल है कोई दिक्कत ही नहीं है तो वही उनके साथ चल रहा था पाच छ महीने
भी गुजर गए कुछ नहीं हुआ फिर एक दिन की बात है कि सीमा और उर्मिला दोनों फोन पर बात कर रही थी अपने फ्रेंड से पास में उनके घर के पास में एक घर का मकान का कंस्ट्रक्शन शुरू हो गया था और उसके जस्ट पीछे निर्मला का घर था तो बात करते करते रात 10 10:30 बज गए थे खाना वाना खा के घूम रहे थे दोनों तो बात करते करते थोड़ा आगे निकल गई एक बहन और एक बहन चली गई उस अंडर कंस्ट्रक्शन घर के पास में तो वहां पर घूम रही थी तो आपने देखा
गांव में जो घर बनते खिड़कियां बहुत बड़ी-बड़ी होती है बहुत बड़ी खिड़की थी करीबन आठन फीट की तो ऐसे बात करते करते घूम रही थी तभी उसकी उसको ऐसा लगा कि कोई उसको उधर से खड़ा हो के देख रहा है नजर घुमाई तो सामने वापस से निर्मला खड़ी हुई थी उन्हीं कपड़ों के अंदर और वो उसी को घूर रही थी और वो घूरते घूरते उसके साथ साथ चल ही थी मतलब जैसे उसने उसको देखा उसका फोन मन छूट के बिल्कुल बहुत तेज कांप लगे डर के मारे उसकी मुंह से आवाज नहीं निकल रही थी और
वो निर्मला उसको वहीं खड़ी-खड़ी घूर रही थी आराम से घूमते घूमते घूमते उधर जो सीमा थी जिस जिसको पहले देखी थी शुरू में निर्मला उसकी फोन प बात खत्म उसने अपनी बहन को देखा तो बिल्कुल डर रही और कांप रही बरी से वो भागती उसके पास क्या हुआ और इधर सामने देखा तो कुछ भी नहीं था वहां पे तो उसकी बहन ने इशारा किया उधर देख रही थी वहां पे तो उधर कुछ भी नहीं था उसको लेकर आई फटाफट से घर पर पानी वानी पिला उससे पूछा क्या हुआ तो बोलती कि मैं फोन पर बात
कर रही थी तो सामने मेरी निर्मला खड़ी वो देख के सब घबरा गए मम्मी पापा वापस से कैसे आ गई तो अब जब वापस आ गई तो फिर सब लोग को लगा या सब कुछ करवा लिया कुछ भी नहीं हो रहा तो उन्होंने रमेश को फोन किया रमेश याद है आप लोगों को रमेश भाई उसी की वजह से तो शुरू हुई थी बादशाह तो उन्होंने रमेश को फोन किया कि बेटा ऐसी ऐसी बात है हम लोगों ने सब कुछ करवा लिया लेकिन यह लड़की जो है बार-बार दिखाई देती है तू कुछ करवा अच्छा रमेश के
बारे में आपको बताना भूल गया जब निर्मला की मौत हुई तो उसकी मौत का सदमा व ल नहीं पाया और वह अपने दोस्त विमल के साथ शहर चला गया कि यहां रहूंगा तो उसकी याद आएगी वहीं जाकर कुछ काम करूंगा तो रमेश शहर में काम कर रहा था और घर पे बढ़िया खर्चे के व पैसे से भेजा करता तो उसने बोला कि ठीक है मैं एक बहुत जानकार मेरे पंडित जी हैं बहुत बड़े मैं उनको भेजता हूं वो इस चीज का इलाज करें तो उसने फोन किया फोन किया अगले दिन पंडित जी आए पंडित जी
आए तो उसने बोला पंडित जी से कि पंडित जी ऐसी ऐसी बात है और वो वाला घर है आप जाके देखो उसमें क्या दिक्कत है कि मैं आ नहीं पाऊंगा मेरा थोड़ा काम से मैं बिजी हूं पर आप जो भी हो मेरे को बताना मैं फोन पे ही हूं तो फोन प बात करते करते ही पंडित जी वहां अंदर पहुंचे अंदर पहुंचने के बाद उन्होंने चीजों को अच्छा उनके साथ-साथ उनके फादर मदर रमेश के फादर मदर दो चार लोग और थे सब लोग साथ में गए पंडित जी के साथ उनके चेले भी थे अंदर पहुंच
के उन्होंने देखा कि अंदर बुस्से ने बोला कि इस घर में कुछ ना कुछ तो गड़बड़ है तो उसने बताया रमेश ने कि ये घर तांत्रिक का है और वो ऐसे ऐसे करके कुछ एंटिटीज को बांध के रखते थे और उसी से वो पैसा कमाते थे तो सारा कुछ वो है बोला हां लग भी ऐसा रहा लेकिन लग रहा है यहां पर किसी ने कुछ खोल दिया है तो उसने बोला हां उनकी मौत हुई थी तब ऐसा कुछ हुआ होगा मेरे को बताया था निर्मला ने बोला हां लग तो रहा है चलो ठीक है देखते
हैं वो अंदर पहुंचता हैं अंदर पूरा छानबीन करते हैं और छानबीन करने के बाद वो उस कमरे में पहुंचते हैं जो वो कमरा था उस कमरे में ताला लगा हुआ देखते हैं तो रमेश से पूछते हैं फोन पे कि यह ताला ये कमरा कौन सा है तो बोलता है ये वो कमरा है जिसके अंदर वो सारी चीजों को बांध के रखते थे और बोले जो ताला लगा हुआ है ना यह ताले की कोई चाबी नहीं है तो उस कमरे में बहुत भारी लकड़ी का गेट था एक पीतल का इतना मोटा ताला था जिसके ऊपर यंत्र
बने हुए थे अजीब जीब से और उसमें कोई चाबी लगाने की बोलता एक छोटा सा पर चाबी नहीं थी उसकी तो उसने बोला कि महाराज उसकी चाबी तो उन दोनों के पास ही थी वो दोनों तो मर गए अभी ताला तो नहीं खुल सकता तो पंडित जी बोलते हैं नहीं नहीं ऐसी बात नहीं है यह ताला खुल सकता है बोले ताला कैसे खुल सकता है बोले ताला काक तंत्र से खुलता है का का आपने नाम सुना है कभी काक तंत्र नहीं भाई काक का मतलब समझते हो आप कौवा तो उन्होंने बो उसने बो काक तंत्र
क्या होता है बोले ये वो तंत्र है जिससे उस ताले को ही खोला करते थे तो रमेश को समझ में नहीं आर ये क्या नया वो है बताओ काक तंत्र क्या होता है तो उन्होने बताया कि देखो काक तंत्र एक बहुत पुरानी विद्या है जिसमें जिस आदमी को यह तंत्र करना होता है उसको पूरा नंगा होकर दिन में 12 बजे के टाइम एक कौवे का घोसला ढूंढना होता है वो कौवे के घोसले को लाकर वैसे कौवा मैं बता दूं आपको कौवा अपना घोसला बनाता नहीं है पर जहां भी उसने कभी अंडा मंडा दिया हो या
कहीं रखा हो जहां पर वो बैठा हो उसको ले को उठाकर लाना होता है क्यों डिफिकल्टी इसलिए कवे का घोसला ढूंढना आसान काम नहीं है जनरली य कहते हैं कि कौवा घोसला नहीं बनाता कोई कबूतर का घोसला उठ ऐसे कवे के बारे में एक और इंटरेस्टिंग चीज बताऊ मैं आपको आपने आज तक एक भी कौवे को सॉरी भाई थोड़ा अंदर चला गया था आपकी बात को इग्नोर कर गया नहीं नहीं सही है सर कोई नहीं सर वो इग्नोर करने लायक [हंसी] बात आप में से किसी ने कौवे को नेचुरली मरते हुए देखा है बुड्ढा होके
एक ऐसा एक भी इंसान नहीं हो जिने कौवे की नेचुरल डेथ देखी होगी कौवा हमेशा एक्सीडेंट में ही मरता है कौवे की कहानी जितना मैंने सुना ढूंढा पता किया उसके हिसाब से बता रहा हूं आपको शायद ही कोई इंसान ऐसा मिले जो कौवे को नेचुरली मरते हुए देखा हो किसीने कौवे का मास कोई दूसरा जानवर नहीं खाता आपने कभी कौवे का शिकार करते हुए देखा हो किसी भी दूसरे चील बाज गत किसी को भी और हर जानवर का हर पक्षी का शिकार करते हैं कवे का शिकार नहीं करते कवे इ वेरी मिस्टीरियस क्रिएचर उसी के
हिसाब से वह बनाया गया है आप लोग के पास जवाब हो तो जरूर बताना इस चीज का मुझे तो नहीं मिला मैंने थोड़ा बहुत ढूंढा था बट मिला नहीं ज्यादा डीप में जा नहीं पाया सन्ने बताया कि वो घोसला उसको ढूंढना होता है फिर एक जलती हुई चिता में उस घोसले को जलाना होता है उसकी राख बनानी होती है उस राख को वापस लेकर आना होता है और 11 दिनों तक उस राख को अभिमंत्रित करना होता है जिस ताले को खोलना उस ताले के साथ और तब जाकर बिना चाबी के सिर्फ उस राख से वो
ताला खोल सकता है जैसा उन्होंने बताया तो सब पहुचा कह र ये क्या होता है हमने तो आज पहली बार सुना है तो उसने बोला कि अभी खुलेगा कैसे बोले अगर ताला यहां है ना तो उसकी चाबी भी इसी घर के अंदर होगी तो बोला आप ढूंढो बो मैं ढूंढता हूं उन्होंने सबको साइड किया बैठ गए नीचे 10 मिनट आंखें बंद की फिर खड़े हुए और चलते रहे पूरे घर के अंदर ढूंढते ढाते पता नहीं कहां से अकेले गए किसी को साथ में लेकर नहीं गए शायद किसी की हिम्मत भी नहीं थी एक पोटली उठाकर
लाए उस पोटली को उठाया उसमें से राख निकाली उस ताले पर डाली और ताला खुल गया ताला जैसे ही खुला तो तो अंदर कौन जा सकता है तो गुरुजी अंदर गए उनके साथ उनके तीन-चार चेले थे वो अंदर गए बाकी सब लोग बाहर खड़े रहे 15-20 मिनट के बाद गुरुजी बाहर निकले बाहर निकल कर बोलते हैं कि रमेश बिल्कुल सही कह रहा था इन लोगों ने इस घर इस कमरे के नीचे बहुत सारी चीजें बांध रखी है और जो भी कुछ यहां पर चल रहा है वो इन चीजों की वजह से चल रहा है तो
इस पूरी इ हर एक चीज को मुक्त करना पड़ेगा और घर का शुद्धीकरण करना पड़ेगा लेकिन खर्चा आएगा बड़ा तो बोलते कितना खर्चा आएगा बोले ₹ लाख रप तो रमेश को फोन मिलाया था कि भाई ढ लाख का खर्चा आएगा बोलता कोई चिंता नहीं है मैं कल ही भेज दूंगा आप तो काम शुरू करो ठीक है अगले दिन पंडित जी आए वो बैठे उन्होंने एक-एक करके पूरा पूजा की हर एक एंटिटी को उन्होंने बाहर निकालना शुरू किया करीबन सात आठ घंटे काम करने के बाद वो बाहर आए और बोलते हैं कि अब ये घर बिल्कुल
ठीक है इस घर में कोई दिक्कत नहीं है सारी जो एंटिटीज थी मैंने यहां से फ्री कर दी है अब किसी को कुछ दिखाई नहीं देगा अब आप लोग कोई भी चाहे तो इसमें रह भी सकता है वो दिन है और आज का दिन है उस घर में कभी कोई दिखाई नहीं दिया ना निर्मला दिखाई थी ना कुछ और दिखाई दिया वो घर आज भी वहीं का वहीं है ऐसे के ऐसे एक नॉर्मल घर की तरह है रमेश कभी दोबारा अभी गांव नहीं आया है वह एक शहर में अपना रह रहा है बहुत पैसा हो
चुका उसके पास को बहुत कम टाइम में बहुत सारी दौलत उसने कमा ली है उसका दोस्त विमल जो उसके साथ गया तो गांव वापस लौट गया उसको आज तक पता नहीं कि रमेश क्या काम करता है रमेश हमेशा नाइट शिफ्ट में ही काम करता है रोज रात को 10:00 बजे अपने घर से बाहर निकलता है और सुबह 6 7:00 बजे के आसपास ही वापस आता है विमल ने दो तीन बार य जानने की कोशिश की कि इतना पैसा कहां से कमा रहा है लेकिन विमल को इसके बारे में कोई पता नहीं चल पा जब भी
उसका पीछा करता कहीं ना कहीं उसकी आंखों से ओझल हो जाता और आज तक विमल को ये नहीं पता है कि रमेश इतना पैसा कैसे कमा रहा है क्या आप लोगों को पता है कि रमेश इतना पैसा कैसे कमा रहा है कुछ नहीं कह सकते वही कच्चा कल हुआ वो नहीं नहीं नहीं ऐसा नहीं है बट भाई ये निर्मला का सीन समझ नहीं आया ये क्यों दिख रही थी उसकी बहनों को ही क्यों दिख रही थी मुझे मेरे पास भी इतनी है इसमें कुछ मैंने आगे एडिट नहीं किया या जोड़ा नहीं है बट जो मैं
सोचता हूं कि निर्मला चाहे उसे कुछ आता नहीं हो लेकिन वो वो ब्लड लाइन थी उसकी ब्लड लाइन में नॉलेज आती है तो हो सकता है उसके पिताजी ने उसके दाजी ने उससे कनेक्ट किया और उसे बताओ कि भाई हमारे मरने का कारण कोई और नहीं है रमेश है जाने के बा उनको पता लग गया हो कि वहां का ताला किसने खुलवाया है तो उसने रमेश से स्पेसिफिकली बुला के बोला कि मुझे एक सुहागन की तरह दफनाना जलाना मत अच्छा वरना मैं वापस कैसे आऊंगी सर जैसे आपके पास स्टोरीज आती है सब्सक्राइबर्स आपको भेजते हैं
कुछ स्टोरी में लूप होल दिखता है जैसे बिल्कुल पूछा निर्मला क्या बना वो कैसे दिख क्यों रही थी वो तो आप आगे से नहीं क्रॉस क्शन करते उनसे करता हूं ब कंप्लीट करने के लिए एक्चुअली क्या होता है ना ये थर्ड पर्सन वो रहता है भाई कोई भी जिस अब ये ऐसी डीप चीज कोई घर वाला नहीं बताएगा तो जो पड़ोस में रहते हैं जो गांव में बात चल रही है वो लोग बताते कि ऐसा ऐसा यहां पर हुआ है तो जितना वो बताते हैं कहीं-कहीं ब्रोकन होती है स्टोरी तो वहां प पॉइंट्स ऐड करने
होते हैं ब अब मैं चाहता तो इसको और स्ट्रेच कर लेता मैं अभी निर्मला को और बुला लेता रमेश को मरवा देता बट वो हुआ ही नहीं है स्क्रिप्ट राइटर तो बहुत बैठ हैं सही बात है हां वो हुआ ही नहीं है तो फिर मैं कैसे बनाऊं उसको मतलब नहीं उस चीज को बनाने का वैसे जैसे अभी पूरी आपकी जो भी है रियल स्टोरी थी इसमें सम शन घाट में जाने का भी जिक्र हां तो अगर कोई बाय चांस मैं आपसे पूछना चाह रहा हूं कोई गलती से चला गया या फिर कोई गुज र है
किसी को पता है कि भाई मेरे रास्ते में आता ही आता है तो क्या प्रिकॉशन वो ले सकता है कि जिससे उसके ऊपर नेगेटिविटी ना आए भाई आपका जो क्वेश्चन है मैं अभी अगली स्टोरी प काम कर रहा हूं जो मैं करने वाला हूं जाके उसमें यही बताया गया है कि शमशान में ऐसा नहीं कि आप जाओ और आपको भूत दिख जाएंगे ये जो तांत्रिक्स होते हैं ना रात को वहां पे इसलिए जाते हैं कि डिस्टरबेंस बिल्कुल जीरो होता है अभी अपने शहर के शमशान की बात मत करो आप आप किसी गांव साइड जाओ ूप
अंधेरा होता है कोई नहीं होता आसपास में तो वहां वो जाते हैं इसलिए जाते हैं कि डिस्टरबेंस ना हो उनको परेशान करने ना आए पहली बात दूसरी बात जो मैं स्टोरी प काम कर रहा हूं उसम बताया गया है कि उसके द्वार खोलने होते हैं वो जो डायमेंशन होता है ना उसके डायमेंशन को ओपन करना पड़ता है आप डायमेंशन ओपन करोगे तभी इंटरेक्ट कर पाओगे ऐसे आप जाओ घूम फिर के आ जाओ आपको कुछ भी नहीं होगा अनटिल अनलेस आपका रा बट डाउन है आपके जो ग्रह नक्षत्र है वो इतने बर्बाद है सकता कि मिलेगा
ही मिलेगा तो आपको कुछ दिख सकता है कुछ हो सकता है बाकी 99 पर आप सोचो ना मैं मैं भी थोड़ी देन पहले एक जंगल में गया था भाई रात को 7:30 बजे खप अंधेरा वहां अपने आप ही भूत दिख रहे थे दिमाग दिखाता है उनको लग रहा कोई आ रहा है कोई जाएगा तो आपको मैं अगर रात को 2 बजे शमशान में छोड़ दूं नॉर्मल आदमी को तो उसको दिखना ही दिखना है उसने वैसे भी उन्होंने इतनी कहानियां सुन ली अपनी तो दिखेगा ही दिखेगा पक्की सही बात है भाई सर वैसे आप खुद का
रा स्ट्रंग करने के लिए कुछ करते हो नहीं भाई बस बजरंग बली की पूजा और कुछ नहीं उस वही बहुत है वैसे मोर देन सफिशिएंट हनुमान चाले सा सुन लो हां अरे आप मतलब मैं तो मैं वैसे मैं बताऊं मेरे लिए केस में तो मैं इतना नहीं डरता हूं मैंने एक दो बार एक्सपीरियंस भी किए चीजें बट आपके तो बहुत क्लोज फैमिली हां मेरे तो चलता ही रहता है अभी भी बीच-बीच में होता रहता है कुछ ना कुछ अभी हो रहा है नहीं अभी तो नहीं हो रहा बीच में हुए थे एक दो बार इंसिडेंट
आपने एक किस्सा बताया था कि कोई पैर से सक कर रहा कीले निकल रही है हां तो यह रियल पॉसिबल है ये तो मैंने अपनी आंखों से देखा है अच्छा और ये एक बार नहीं किसी और के से भी सुना है मैंने बट वो तो मेरे आंख को देखा ये आपका पैर है यहां से मुला खींचा और ऐसे नहीं कि एक या दो ऑल पिन 1015 ऑल पिन एक बार में निकलती है और चलो सब कुछ ठीक होता है मैं मैं मैं इसमें वो था कि चल नहीं पा रहा था इंसान वो जब प्रोसेस तीन
बार हुआ ना हफ्ते में तीन दिन किया था उन्होंने चौथे दिन से बेटर हो गया और आज तक दोबारा कभी बीमारी नहीं आई जबक कोई दवाई नहीं ली उसकी दवाई लेले के थक गए थे पता नहीं क्या था बट इसका मैं आई विटनेस हूं लेकिन समझ में आता है जैसे आपने खुद देखा आप कह रहे आई विटनेस हूं लेकिन बहुत से ढोंगी बाबा भी किसी को मतलब नो फस ू एनीबडी लेकिन जैसे बहुत से बाबा हमने सुना कि वो लोग सक करके कैंसर निकाल रहे हैं उनके मुह में पहले से कुछ तो कुछ तो होता
है पहले से कुछ तो कुछ तो होता है तो जननली ऐसा मब आपने खुद से देखा था लेज नहीं ऐसा कभी नहीं होता मैं आपको मतलब गलत पॉइंट प शक कर रहे हो कितना भी गलत हो कैंसर नहीं निकल सकता हमारी ऑडियंस में किसी के साथ हुआ है कुछ य एक्सपीरियंस कोई शेयर करना चाहे अगर शमशान घाट में गया है कोई भाई वहां से कोई बंदा हाथ उठा रहा बोलो ना भाई बताओ ना खड़े हो जाओ आ जाओ स्टेज प आ जाओ आ जाओ एक्सपीरियंस अच्छा होना चाहिए भाई देख लो प्रेशर बन गया आप प
इतने सारे लोगों को सुनाओ गया आप भाई बहुत-बहुत तालियों स्वागत करें इनका इधर आ जाओ बीच में ताकि आप सब सब आपको देख पाए क्या नाम है भाई आपका हेलो मेरा नाम है मागर का निर्प और मैं बिहार से हूं अच्छा बिहार पटना तो क्या हुआ था भाई आपके साथ ऐसा होता ऐसा है ना कि जब तक खुद के साथ ना हो जाए लोग मानते नहीं है ऐसा विश्वास है या फिर सही बात बात पटना में जहां अभी भी हम लोग व रहते हैं क्वार्टर था हम लोग का सरकारी क्वार्टर मेरे पापा इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में
काम करते हैं तो वहां क्वार्टर है हम लोग का और वहां मैं मेरी मां मेरी बहन और मेरे पापा हम चार लोग वहां रहा करते थे तो जब वहां क्वार्टर हुआ था हम लोग का तो पहले से पता था कि मतलब वहां पहले एक मां और बेटी रहा करते थे इनका कुछ प्रॉब्लम था जिसके वजह से उन लोगों ने सुसाइड किया था वहां पर बट वहां पर यह था कि हम लोगों को लोगों ने मना किया था कि आप वहां मत जाओ रहने के लिए क्योंकि बहुत लोगों ने कुछ वहां पर देखा था बट होता
यही है कि जब तक सामने वाले देख लगता ऐसा ही है कि कहानी सुनाया जा रहा है बट सच्चाई तो सच्चाई है तो फिर वहां हम लोग सब कुई रह रहे थे और एक बार नहीं कई बार हम लोगों को एक्सपीरियंस हुआ तो सबसे मेजर जो हुआ वो मैं बताता हूं तो खासकर मेरे जो पापा है व इन सब पर कभी विश्वास नहीं करते हैं जबकि उनको भी एक्सपीरियंस होता है बताया जाता है पर नहीं करते हैं क्योंकि बहुत लोग होता है कि अगर डर लगता है तो लोग उस चीज को हटाने के लिए माइंड
डायवर्ट करते हैं तो हुआ क्या रात का समय था हम लोग सभी सो रहे थे हमारे रूम में एसी लगा हुआ है तो उसके वजह से खिड़की दरवाजा सारा बंद होता है तो रात का समय था हम लोग लेट नाइट मूवी देख रहे थे और सोने जा रहे थे तो जब हम लोग रूम गए लगभग 11:30 बज रहा था मेरे पापा जी सवेरे सो जाते क्योंकि सुबह ऑफिस जाते हैं तो वो रूम में चले गए थे मेरी मम्मी रूम में थी मेरी बहन रूम में थी फिर मैं भी रूम में गया दरवाजा क्योंकि अंदर से
लगता है इसी की वजह से तो दरवाजा अंदर से जब लगा दिया गया उसके बाद रात को मेरे पिताजी उठते हैं वॉशरूम जाने के लिए और दरवाजा जब खोलने की कोशिश करते हैं तो दरवाजा एक्चुअली बाहर से बंद हो चुका था और हम लोग के घर में कोई भी मतलब बाहर का आया हुआ नहीं था बाहर का मेन गेट अंदर से लॉक था और जो लोग के रूम का गेट है वो बाहर से लॉक हो चुका था ऑटोमेटिक खुद से अब मेरे पापा जी दरवाजा खींच रहे हैं खोलने का बहुत कोशिश कर रहे दरवाजा खुल
ही नहीं रहा है हम लोग भी सारे उठ के हम लोग बहुत परेशान थे अब इसमें एक्चुअली क्या होता है ना कि मेरे साथ जब कुछ फरड होता है ऐसा है मुझको मजा आता है बहुत ज्यादा डर नहीं लगता मैं एंजॉय करता हूं बहुत मजा आता है तो मेरे फैमिली में सारे लोग बहुत परेशान हो गए क्योंकि दरवाजा खुल ही नहीं रहा था आप बोल रहे हो लड़ो लड़ो थोड़ी देर चल र हां खुल ही नहीं रहा था तो अब ऐसे सिचुएशन में भगवान ही याद आते हैं आपको तो मजे आते आप तो भगवान को
लेट बुलाते हो हनुमान जी रुक जाओ अभी मजा आ रहा है थोड़ा हा तो तो हम माता जी को बहुत मानते हैं माता जी शिव जी हनुमान जी तो सबका जाब शुरू हो गया रूम में मेरी मम्मी मेरी बहन और पापा जी दरवाजा तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं बुरा के खुले खुले लेकिन फिर क्या हुआ कि बाहर से मतलब ऐसा आवाज आया को दरवाजा खोल दिया हो जब कुछ हुआ नहीं और उसके बाद अचानक से फिर खुल भी गया फिर बाहर गए हम लोग सारे चेक वेक किए वहां कुछ नहीं था तो वहां पर
अक्सर क्या होता था हम लोग के बगल में एक और रूम है 240 नंबर का तो वहां पर जो है मतलब ऊपर कोई भी व रहने आता है तो वहां पर रात को कभी कभी बहुत तेज आवाज आती है जैसे कोई सामान फेंकता है पटकता है उस तरह का बहुत तेज आवाज तो हम लोग मतलब अक्सर सुना करते थे बट फिर इग्नोर करते थे क्योंकि आदत हो चुका था मजा आ रहा था हां मजा आता था मुझको मजा आता था बाकी मेरी मम्मी बहुत डरती थी अभी भी डरती है खासकर हम लोग के लिए परेशान
थी कि कुछ ज्यादा खास ना हो उसके बाद फिर मेरे मामा जी हैं वो भी बहुत मतलब पूजा पाठ में रहते हैं तो वह भी बहुत कुछ करवाए बहुत कुछ बताए उसके बाद हम लोग ने आखिर बाद में वो घर छोड़ दिया अब किराया लेकर दूसरी जगह रह रहे हैं तो यह सारा चीज बहुत मतलब ऐसा है कि होता है यह नहीं है कि अंद विश्वास है और जब होता है तो जब विटनेस होता है खुद के साथ तो पता चलता है कि है क्योंकि ऐसे स्टोरी सुनने में जो है लगता है कि नहीं ऐसे
किसी का लिख कर स्क्रिप्ट करके बता दिया गया बात बाहर से मतलब सिर्फ कुंडी लगी बाहर से बंद हु आप कोई भूत आया हां अब वो जो भी हो होता है भूत नहीं होता अच्छा प्रिंस सर मुझे ना आपसे ये जेनन बात पूछनी है क्योंकि कई लोग जैसे हम काफी हॉरर पॉडकास्ट करते हैं आप भी इंटरेक्ट करते हो तांत्रिक से कई लोग ऐसा कहते हैं कि ये जो एनर्जी होती है आपको फिजिकली हार्म नहीं कर सकती आपके रा के आसपास आपके आसपास रहती है कई चीजें होती है कि यह फिजिकल टच भी नहीं कर सकती
फॉर्म भी नहीं है तोय कुंडी लगा देना या सामान गिरा देना य एक्चुअली पॉसिबल होता होगा या फिर यह नहीं होता एकली व ना अलग-अलग एनर्जी के सोर्सेस है कितनी स्ट्रांग है वो उसके ऊपर डिपेंड करता है तो मूव करवाना चीजों को हो सकता है लाइट से इंटरेक्ट करना हो सकता है लेकिन मैं तो हमेशा बोलता हूं कि आप एक बताओ हाथ का दर्द कितने दिन रहेगा आपके अगर हाथ में दर्द है तो तो दिन पास दिन दिमाग का दर्द जिंदगी भर रहता है तो आप जो भी चीज इंटरेक्ट करती आपके माइंड को ल करती
है और आपकी लाइफ में नेगेटिविटी को पुल करती है जैसे मैं आपको कभी भी क्या होता है ना आदमी जब एक बार नेगेटिविटी शुरू होती है तो हर चीज में वो नेगेटिव नेगेटिव नेगेटिव नेगेटिव होना शुरू कर देता है र उसका कारण यही नहीं है बट इन जनरल जब इंटरेक्शन होता है किसी का ऐसा तो मोस्टली यही होता है कि वो पहला माइंड कंट्रोल होता है बाद में मतलब आप एनर्जी सोर्स हो अगर आपसे कोई एनर्जी ले रहा है धीरे-धीरे तो वो ग्रो करता है मेनिफेस्टेशन उसी को बोलते है तो मेनिफेस्टेशन कुछ नहीं आपने थॉट
पा ली और उस थॉट को आप धीरे-धीरे नर्चर कर रहे हो आप उसको फीड कर रहे हो जैसे आपने पॉजिटिव थॉट पा ली और आपने पॉजिटिव थॉट को नर्चर करना शुरू कर दिया मैं यह करूंगा मैं वो बनूंगा ऐसे करूंगा वैसे करूंगा प्लान बनाना शुरू कर दिए और ऐसे आपने एक नेगेटिव थॉट पा ली और उसको नर्चर करना शुरू कर दिया तो वह आपका मेनिफेस्टेशन है उसी को मेनिफेस्टेशन बोलते हैं कई बार वह इतना स्ट्रांग होता है कि आप कंट्रोल में आकर आपको चीज दिखना शुरू हो जाती है लेकिन कई बार रियल में इतना होता
है कि मूवमेंट्स भी होते हैं बहुत अलग-अलग तरह की चीजें हैं मतलब देखो मैं सपोर्ट नहीं करता मैं खुद व हूं बट लोगों के मेरे को समझ में नहीं आता ऐसे एक्सपीरियंस मतलब इवन मैंने डॉक्टर्स के भी एक्सपीरियंस सुने एक साइकोलॉजिस्ट उनसे बात की थ उन्होने मुझसे य कहा था कि कुछ कुछ केसेस में होता है पैरानॉर्मल हर जगह नहीं होता ल राइट भाई थैंक यू सो मच इनके लिए तालिया हो जाए यार थ थैंक यू भाई भाई बहुत प्यार मजा आ गया आपसे मिलके किसी के साथ हुआ है कुछ रियल एक्सपीरियंस आ जाओ सर
आ जाओ आ जाओ सर आ जाओ अरे ये तो बाहर वाली चेहर है सर दारू की डिमांड ना वेलकम सर वेलक कहां का है भाई किस्सा यह आपके सा पर्सनली हुआ है क्या हुआ है थोड़ा बताओ इट वा अ चाइल्ड स्टोरी मत चाइल्ड इंसिडेंट हेलो एवरी बडी माय नेम इज अभिषेक आई वाज इन एट स्टैंडर्ड मैं सीधा स्टोरी प आता हूं इंसिडेंट पे आई वाज इन एट स्टैंडर्ड रात के दो बजे थे तो एक मेडिकल इमरजेंसी हुई रात के 2 बजे क्योंकि मांसी प्रेग्नेंट थी तो मुझे अर्जेंटली नानी को बुलाने जाना था पर वो नानी
का घर था 500 मीटर दूर तो वहा पर कोई ई वहा कोई था नहीं तो मुझे सडली खुद ही जाना पड़ा अकेले क्योंकि मैं वहां पर था मासी के पास और बाकी लोग सो सो रहे थे तो बाकी सबको जगा के मैं चला गया नानी को बुलाने अर्जेंटली तो वहा पर कोई था नहीं रात के दो बजे थे मैंने सारी तरफ देखा मेरी एक्चुअली फट रही थी क्योंकि दो बजे थे और मैं आई वा स्टैंडर्ड और मैंने चार चारों तरफ देखा कि सारे स्टेट पर कोई भी नहीं है मैं अकेला हूं मैंने वेरीफाई कर लिया
तो जैसे ही मैं दो तीन कदम आगे चला सडन सडन शी केम बैक फ्रॉम बा बैक साइड शी ग्रब मा हैंड इतना जोर से पकड़ा उसने कि मैं छड़ा छुड़ाने की कोशिश कर रहा था पर इतना जोर से पकड़ा था मैं छोड़ छोड़ छोड़ ही नहीं पा रहा था तो थोड़ा देर चलता रहा आगे चलता रहा आगे उसने मुझे पूछा कि आप कहां जा रहे हो मुझे लगा मैंने मैंने कहा कि मुझे नानी के घर जाना है उन्होंने कहा कि मुझे वही जाना है तो ने ठीक वो मुझे डर लग रहा है तो आप वहां
तक मुझे छोड़ दो तो ठीक है मैंने कहा ठीक है तो थोड़ा थोड़ जैसे जैसे मैं आगे चलता जा रहा तो मैं छोड़ने की हाथ छोड़ने की कोशिश कर रहा हूं पर वो मेरा हाथ छोड़ ही नहीं रही है तो फिर मैंने आगे इधर इधर उधर देखा कोई है कोई नहीं कोई कोई भी नहीं था तो मैंने उनके पैर सीधा मेरी नजर उनके पैर की तरफ गई तो अभी अभी पता नहीं व कितना रियल है कितना नहीं रियल है पर जैसे मैंने उनके पैरों की तरफ देखा उनके पैर मुझे दिखे नहीं क्योंकि साड़ी पहनी थी
उन्होंने तो पैर आगे दिखे नहीं शायद शायद पीछे तरह हो सकते हैं तो मैं जैसे जैसे मैंने जैसे नानी का घर आया मैंने उनका हाथ छोड़ा के ऐसा झपटा मारा के भागा नानी दरवाजा खोलो नानी दरवाजा खोलो नानी दरवाजा खोलो पर वो दरवाजा खोलने में टाइम लग गया और उन्होने जैसे दरवाजा खोला मैं सीधा बेड के नीचे घुस गया और नानी को बोला बाहर जाके देखो कोई तो भी है उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा जबरदस्ती खींच के लाया यहां पे उन्होंने बाहर जाके देखा तो वहां पे कोई भी नहीं था बस दैट वाज द इंसिडेंट हैपन
टू मी अभी कभी-कभी लगता है कि मेरा माइंड का इल्यूजन था या शायद मेरे माइंड के ऊप थी पर अभी अभी जैसे मैं बड़ा हो तो मुझे इन चज प विश्वास नहीं है तो मुझे लगता है कभी-कभी ये इल्यूजन था मेरे माइंड को आपको तो होना चाहिए आपके साथ हो रखा है इन चीजों प मुझे विश्वास नहीं है एक्चुअली पर मेरे साथ हो चुका है ये यंग एज में तो ऐसे एक्सपीरियंस होते ही क्योंकि हमको हम छोटी जज में बहुत डरते हैं ना चीजों से क्योंकि अननोन जो भी होता है वो हमारे को दिमाग से
बाहर होता है तो मुझे ऐसा लगता है कि शायद आपको उस टाइम प इल्यूजन ही हुआ है वो कुछ ना कुछ आपने उससे दो-तीन दिन पहले कुछ ना कुछ ऐसा सुनाया हॉरर सुना होगा या कुछ ना कुछ ऐसा हुआ होगा आप कभी कनेक्ट करोगे ना आपको दिखेगा मैं मतलब काफी कंफ्यूज हो मतलब अगर इल्यूजन होता तो शायद मैं भूल भी जाता अभी तक याद के सेम पर जिसने आपका हाथ पकड़ा था आपने शकल वकल देखी थी उसकी कुछ याद नहीं मुझे कुछ नहीं है मुझे इतना याद है औरत थी साड़ी पहनी थी भाई वैसे मुझे
समझ नहीं आता ये साड़ी में ही की होती है वाइट वाइट बिकिनी में क्यों से पूछो भाई अमेरिका चलते हैं इस सवाल का जवाब वहां मिलेगा आपको ऑलराइट भाई थैंक यू सो मच आपकी स्टोरी सुन के मजा आ गया हमको आप यार जोरदार ताली हो जाए भाई के लिए यार तालिया तालिया भाई ने अपनी स्टोरी अच्छी नरेट करी वो मेन कैरेक्टर को इंट्रोड्यूस करना भूल गए कह रहे मैं चलते चलते जा रहा था उसने मेरा हाथ पकड़ लिया पीछे से कौन थी क्या थी कुछ नहीं पता चलो गाइस थैंक यू सो मच एंड यू आर
अ ग्रेट ऑडियंस एक बार अपने लिए जोरदार तालिया गाइस थैंक यू सो मच फॉर कमिंग एंड प्रिंस सर थैंक य सो मच क्वेश्चन है मेरा आपसे ऐसे रात को चलते थे आपका कोई हाथ पकड़ ले तो भाई अगर वो प तो घर ले जाएंगे भाई किसके अप भाई अगर रात को कोई हाथ पकड़ ले करना तो बनता है क्यों प्रिंस भाई हम लौंडे नहीं हेल्प करेंगे चाहे भूत हो कोई हो यार सर मेरा भी आपसे एक सवाल है अगर आपका किसी ने हाथ पकड़ लिया आप क्या करेंगे आप तो शादीशुदा भी हो मोस्ट मैं तो
मतलब सर कह रहे हैं सर कह रहे हैं मैं पब्लिकली क्यों बताऊं नहीं नहीं मैं पब्लिकली बता सकता हूं सर वैसे ऐसी सिचुएशन में रिएक्ट कैसे करे आदमी मतलब आप भाई वो विद द फ्लो जाए या फिर क्या करें वो वो वाली बात है ना शेर आपके सामने हो गया तो आप क्या करोगे जो करेगा शेर ही करेगा फ तो सही बात कोई पकड़ ले तो बैंड बज जाएगी मेरी तो सही बात चलो जी थैंक यू सो मच थैंक यू सो मच गाइ थैंक यू सो मच गाइ सर के लिए एक बार जोरदार तालिया हो
थैंक यू सो मच थैंक यू