अगर आपके पेट में गलती से एक रेजर ब्लेड चला गया तो आपने ये बात सुना होगा कि आपके पेट का हाइड्रोक्लोरिक एसिड उसको गला देगा कई लोग हाइड्रोक्लोरिक एसिड को इसलिए सलूट करते हैं ठीक है पेट सब कुछ को ही ब्रेक डाउन कर देता है एक बचपन की बात बता रहा हूं मेरी सिस्टर ने पायल पायल का एक गोल वाला पार्ट गलती से मुंह में निगल लिया था तो कुछ दिन बाद डॉक्टर को दिखाने के बाद यह पता चला कि उस पायल को पेट ने गला दिया है और वो मल के साथ बाहर निकल गया
है ठीक है मेटल को गला दे रहा है ब्लेड को गला दे रहा है सोना जाएगा वो भी गला देगा सब कुछ को ब्रेक डाउन कर देगा पर जहर को ब्रेक डाउन क्यों नहीं कर पाता है ऐसा क्यों होता है कि जो पॉइजन पीते हैं उनका पॉइजन ब्रेक डाउन नहीं कर पाता है अजीब बात नहीं है तो इसका जो कारण है ना वो आप जान जाओगे आपको मजा आ जाएगा और जिंदगी भर इसको याद रख लेना देखो पेट में कुछ भी जाता है तो सबसे पहले वो स्टमक एरिया यानी ये पेट वाले एरिया में जाता
है और उसके बाद नीचे जो पाइप बना रहता है ना ये इंटेस्टाइन जो पाइप की तरह दिखता है इसमें फाइनल पाचन होता है पेट वाले एरिया में जाके सिर्फ खाना टूटता है और पचता है इंटेस्टाइन वाले एरिया में इस पाइप वाले एरिया में पर हमारे दुनिया में ऐसी कई चीजें हैं जिसको पचाने के लिए उतना नीचे नहीं जाना पड़ता है यहां से मुंह में गया गया गया गया गया यहां आया बस यहीं पे वो पच जाता है ब्लड में मिल जाता है स्टमक लाइनिंग आपका जो स्टमक का जो बाउंड्री है उसपे कुछ चीजें जब टच
करती है तो वो डायरेक्टली ब्लड में घुस जाती है जैसे अल्कोहल दारू जब कोई पीता है तो वो पेट में जाके तुरंत कुछ मिनट्स में ही 20 मिनट में ही नशा इसलिए होने लगता है क्योंकि वो पेट के स्टमक लाइनिंग में ही एब्जॉर्ब होता है उसको इंटेस्टाइन तक नहीं जाना पड़ता है बिल्कुल भी कई दवाइयां भी यहीं पे अब्जॉर्ब हो जाती है तो जो पॉइजन होता है या कोई भी जहरीली चीज वो जैसे आपके फूड पाइप से नीचे जाने लगता है यहीं पे वो एब्जॉर्ब होना शुरू हो जाता है इसलिए आपका जो सेवियर है हाइड्रोक्लोरिक
एसिड वो नहीं तोड़ पाता है उसको और वही कोई लोहा जाता है पेट के अंदर तो वो तो पेट के वॉल को ब्रेक नहीं कर पाएगा उसको तो नीचे ही जाना पड़ेगा और इसलिए हाइड्रोक्लोरिक एसिड मेटल को पचा देता है इसलिए ऐसा नहीं कि लोहा का कोई टुकड़ा किसी के अंदर चल गया तो उसका मरना पक्का है ऐसा नहीं होता है पेट बचा लेता है अच्छा खासा लेकिन ये जो गीला गीला चीज होता है अल्कोहल पॉइजन कई दवाइयां एस्पिरिन और क्या-क्या जो होती है वो बॉडी में जाते ही बस शुरू एब्जॉर्ब होना शुरू और डायरेक्टली
खून में मिल जाती है तो दो टाइप का एब्जॉर्ब है स्टमक लाइनिंग एब्जॉर्ब यानी यहीं पे अब्जॉर्ब होना शुरू हो जाना यहां के वॉल पे सटक और दूसरा वो नीचे जाके इंटेस्टाइन में पचना वो नॉर्मल खाना वैसे ही पचता है नॉर्मल खाना यहां नहीं पचना शुरू होता है नॉर्मल खाना इंटेस्टाइन में जाके पचता है नीचे में चैनल को सब्सक्राइब करके बेल आइकन पे क्लिक करके ऑल पे जरूर क्लिक कर लेना ताकि नई वीडियो आप तक सबसे पहले पहुंच जाए फैक्ट नंबर फोर ये फैक्ट ना आपका होश उड़ाने वाला है आपको मैंने चर्नर एरिया के बारे
में बताया था जहां पे न्यूक्लियर हादसा हुआ था और उस जगह पर ऐसा रेडिएशन फैला है कि हजारों साल तक हम यूज़ कर ही नहीं पाएंगे उस पूरे चर्नर एरिया को पर ऐसा लगता है कि ऊपर वाले ने हमारी बात सुन ली वो चाहता है कि वो जगह जल्दी साफ हो जाए जो श्राप जो कर्स लगा है उस एरिया पे वो जल्दी हट जाए और उस एरिया पे इंसान वापस जी पाए ऐसा मैं क्यों बोल रहा हूं क्योंकि वैज्ञानिकों को एक फंगस मिला है जो कि वहां के रेडिएशन को खा लेता है और वो काइंड
ऑफ एक चीज करता है जिसे कहते हैं रेडियो सिंथेसिस आपने बचपन में स्कूल में फोटोसिंथेसिस पढ़ा था कैसे प्लांट धूप का यूज करके खाना बनाते हैं कैसे प्लांट धूप से एनर्जी लेते हैं तो वैसे ही ये कुछ रेडियो सिंथेसिस करते हैं और यह रेडिएशन से एनर्जी लेते हैं बड़ा अजीब वियर्ड सी बात है बट जो है वो है अब देखो वैज्ञानिकों का कमाल एक ऐसा फंगस मिला थोड़े एरिया में तो वो आर्टिफिशियल इस फंगस को और फैला रहे हैं ये उस जगह पे उगा रहे हैं ताकि उस जगह का रेडिएशन ये खा ले अब ये
बड़ी अजीब बात है कि कोई लिविंग क्रिएचर रेडिएशन को कैसे खा सकता है लेकिन जो है सो है हो रहा है फैक्ट नंबर थ्री मैंने आपको बताया था कि नासा जो टॉयलेट यूज करता है अंतरिक्ष में जिसमें ए टॉयलेट करते हैं और फिर वही मूत्र पानी में वापस कन्वर्ट होता है तो ये टॉयलेट 20000 करोड़ की है तो बहुत लोग कमेंट किए कि भाई उस टॉयलेट का नाम क्या है हमें तो यकीन नहीं हो रहा कि एक टॉयलेट 200 करोड़ का हो सकता है तो देखो ये है उसका रेफरेंस और उस टॉयलेट को कहते हैं
नासा का यूनिवर्सल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम डब्ल्यू एमए और ये 23 मिलियन डॉलर्स का है यानी करीब-करीब 200 करोड़ रुपए फैक्ट नंबर टू ऐसे कई सीक्रेट लोकेशंस है हमारी दुनिया में ऐसे वॉल्ट्स बड़े-बड़े लॉकर्स जो कि तबाही प्रूफ है यानी तबाही भी आ जाए धरती पर प्रलय आ जाए कुछ भी नहीं होगा उनको और कुछ ही गिने-चुने वल्ड्स ऐसे हैं नॉर्वे देश के स्वेल बाड नाम के एक एरिया में एक वल्ट है जिसमें इंसान के सिविलाइजेशन का सारा नॉलेज हजारों पेड़ों के बीच रखे हुए हैं उसके बारे में मैंने बताया था कि ये 10 मैग्निटिया भारी
भूकंप झेल ले तो देखो बात यह है ना ध्यान से सुनना इस बात को टेक्नोलॉजी की कोई हद नहीं है इस दुनिया में आपने 90 पर जो बिल्डिंग्स के कंस्ट्रक्शन देखा होगा वो ईंट से बनते हैं ठीक है ईट सीमेंट से जोड़ जोड़कर बिल्डिंग बनता है पर अगर आप टियर वन शहरों में चल जाओ बेंगलोर दिल्ली एनसीआर कोलकाता तो जो जानते हैं वो जानते होंगे कि आजकल बिल्डिंग्स माई वन कंस्ट्रक्शन की बनती है यानी पूरी बिल्डिंग में सिर्फ रॉड और सीमेंट होता है और एक भी ईंट नहीं यूज होता है जो न अपार्टमेंट बन रहे
हैं वो ऐसे होते हैं तो वो भूकंप से और ज्यादा सुरक्षित है एज कंपेयर टू ईंट वाला घर जो कि अब धीरे-धीरे आउटडेटेड होता जा रहा है मेरा भी एक फ्लैट है दिल्ली एनसीआर में और वो भी यही मा वन टेक्नोलॉजी का है और जब भी किसी गांव के बंदे को ये पता चलता है कि हैं बिल्डिंग में ईट नहीं है तो कैसे खड़ा है बिल्डिंग अरे वो नया टेक्नोलॉजी है भाई तो ये जो मावन वाली चीज है ये अमेरिका और दुबई में सालों पहले से ही चलते आ रही है कहते हैं ना वेस्टर्न कंट्रीज
आगे रहती है तो अब उनके यहां ऐसी कई टेक्नोलॉजी आ रही है जैसे सेल्फ हीलिंग कंक्रीट टेक्नोलॉजी ईपीएस सी एलटी और ना जाने कौन-कौन टेक्नोलॉजी तो बात यह है कि यह सब तो ठीक है लेकिन ऐसे भी कई कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी है जिसके बारे में आम जनता नहीं जानती है और कुछ रिसर्चर ही जानते हैं और वहां पे ये जो सीक्रेट वल्ड्स बनते हैं जो कि दुनिया के प्रलय के टाइम काम आएगी ये वैसे ही टेक्नोलॉजी से बनी हुई है यानी दूर-दूर तक हम जैसी टेक्नोलॉजी के बारे में सोच नहीं पाते हैं वो एक्चुअली में कहीं
ना कहीं हो रहा है इस बात को सोचो एक बार ये वल्ड्स वो है जो कि पब्लिक है जिसके बारे में सर्च करने प इंटरनेट प मिल जाता है लेकिन ऐसे भी कई वर्ल्ड्स एजिस्ट करते हैं हमारी दुनिया में जो कि पब्लिक नहीं है जो कि कई प्राइवेट कंपनीज कई लोग कई बिलिनियर बना के रखे हैं लेकिन हमें पता नहीं और आए दिन नासा वार्निंग दे देता है कि एस्टेरॉइड टकराने वाला है धरती पे एलियन आने वाला है धरती पे और ना जाने क्या-क्या है तो जब इतना रिस्क है तो सबसे ज्यादा जो पैसे वाले
लोग हैं वो बिल्कुल भी रिस्क बिल्कुल रिस्क नहीं लेने का वो तैयार है अपने अंडरग्राउंड वल्ड्स बनाकर फैक्ट नंबर वन ये फैक्ट बहुत ही ब्यूटीफुल सा फैक्ट है ध्यान से आपको सुनना होगा एक लाइन है कहावत है एवरीथिंग वी डू इज एडवांस्ड मंकी बिजनेस यानी जो भी हम कर रहे हैं हम थोड़े से एडवांस्ड बंदर हैं जो कि इस धरती पे जी रहे हैं ये काफी डीप बात है मतलब आप और हम लाइफ को सीरियसली लेते हैं भाई इतना टेंशन है लाइफ है जिंदगी है ये है लेकिन थोड़ा सा जूम आउट करो आप हमारे जिंदगी
से और पूरे धरती को ऊपर से एक बार देखो तो तो सभी जानवर है कई जानवर है धरती पे एक्चुअल जानवर सब और इंसान भी प्रकृति नेचर के लिए एक जानवर ही है प्रकृति यानी नेचर के लिए इंसान एक बंदर है हम पहले बंदर थे अब थोड़े सुंदर हो गए हैं बस यही है अब वो येय वाला चेहरा नहीं है पर बेसिक लेवल पे ह्यूमन इंसान एनिमल ही है तो हम लोग जो भी करते हैं वो थोड़ा एडवांस्ड मंकी वाला चीज है इमेजिन करो आप बंदर हो आप एक बंदर हो और आप इस वीडियो को
देख रहे हो आप एक बंदर हो जो कि पढ़ाई कर रहे हो बंदर स्कूल में पढ़ा रहे हैं तो कैसे फनी टाइप का फील आता है ना कि हम तो एनिमल है जो कि धरती पे जी रहे हैं तो प्रकृति के लिए हम फनी हैं हम क्यूट क्यूट एनिमल्स है जो इधर-उधर काम कर रहे हैं और ये ब्रह्मांड ये प्रकृति ये नेचर इस चीज को जब देखता होगा तो क्यूट क्यूट बंदर नजर आता होगा प्रकृति को हम इंसान सब तो ये काफी डीप लाइन थी एवरीथिंग वी डू इज जस्ट एडवांस्ड मंकी बिजनेस हम जिस तरह
बंदरों को देखते हैं दे कैसे कर रहा है कैसे कर रहा है वो देख वो देख मां उसको दूध पिला रही है वैसे ही प्रकृति हमें देख के कहता है ट वास डीप इंटरेस्टिंग बोनस फैक्ट नंबर थ्री मोदी जी ने इंटरनेशनल डिस्कशन में यह कहा था कुछ अजीब कहा था आप यह देख सकते हो इ य आ सेम ए टू ड्र एन इमेज ऑफ समवन राइटिंग विद दर लेफ्ट हैंड द ए विल मोस्ट लाइक ड्र समवन राइटिंग विद द राइट हैंड बिकॉज दैट इज व्ट द ट्रेनिंग डटा इ डोमिनेटेड बाय इन्होने यह कहा था कि
अगर एआई का यूज करके इमेज क्रिएट करोगे यह बोल के कि एक लड़का अपने बाए हाथ से लिख रहा है तो वो इमेज क्रिएट करने वाला एआई ऐसा इमेज क्रिएट कर देगा जिसमें में नॉर्मल हैंड से लिखा जा रहा है तो ये चीज को लेकर इंटरनेट प बाढ़ आ गई कि एक पीएम टेक्नोलॉजी के बारे में ऐसा कैसे बोल सकते हैं और जब इनकी बात सुनके लोग इंटरनेट प जा रहे थे और टाइप कर रहे थे कि एक लड़का अपने लेफ्ट हैंड से लिख रहा है तो फिर तो एआई अच्छा खासा बना के दे दे
रहा था तो क्या इसका मतलब ये कुछ फालतू सा गलत बोल दिए इन स्क्रिप्ट राइटर से मिस्टेक हो गई यही ना इसका मतलब हुआ असल में नहीं ऐसा नहीं है इन्होंने ऐसा कहा था कि वो ज्यादा चांस है कि राइट हैंड से लिखते हुए आ जाए इमेज क्योंकि एआई जो है वो सीखता है इंसानों की तरह और वो किस जगह से सीखता है एआई सीखता है इंटरनेट के बाकी इमेजेस को फेच करके और क्योंकि 90 पर लोग इसी हाथ से लिखते हैं तो ज्यादातर एआई एक लड़का राइट हैंड से किताब में लिख रहा है यह
चीज बना देते हैं लेफ्ट हैंड बोलने पे भी अब इस भाषण के बाद और एक चीज हुई कुछ नूब एआई कंपनीज जो नई नई थी वो इसको सुनने के बाद अपने आप को तुरंत फिक्स कर दी नया डाटा डाल दी ताकि लेफ्ट हैंड वाला इमेज भी आ जाए और अगर अभी आप ट्राई करोगे एआई से ये इमेज बनवाने का तो वो बना देगा इजली लेकिन इनकी बात कहीं ना कहीं सही थी और मेन जो नॉलेज मिल रहा है वो सुनना चाहिए हमें कि एआई मॉडल्स ट्रेन होते हैं एसिस्टिंग डाटा से जो डाटा इंटरनेट पे पहले
से है और बाकी देश का पीएम कोई भी भाषण दे रहा है तो उसके जो स्क्रिप्ट राइटर्स होते हैं वो कोई फिल्मी स्क्रिप्ट राइटर या फिर लोकल ड्रामा राइटर नहीं होते हैं कई आईएएस ऑफिसर्स लिखते हैं इनके बातों को और वो भी बहुत हैवी रिसर्च के बाद मतलब बताऊं आपको एक चीज सुनो एक आम इंसान जितना एक साल में कमाता है उतना ऑलमोस्ट एक हफ्ते में एक देश के पीएम के पब्लिक स्पीच पे खर्चा होता है आपने सुना ही होगा कि देश के पीएम के पीछे करोड़ों रुपए पर डे खर्चा होता है ये उसी का
एक हैवी पार्ट है और यह स्पीच यूनिक इसलिए थी क्योंकि ऐसा कोई एक्सपेक्ट नहीं किया था कि एआई का एक ऐसा मिस्टेक मोदी जी पब्लिक में वो भी बाहर देश में बोलेंगे पर हां यह स्मार्ट बात थी टेक्नोलॉजी वाले जानते हैं मैं टेक्नोलॉजी के एंगल से बोल रहा हूं पॉलिटिक्स में नहीं घुस रहा हूं इंटरेस्टिंग बोनस फैक्ट नंबर टू इस दुनिया में दो तरह के लोग हैं एक है वो जो apple-fruit अन इंस्टॉल करने के बाद काफी स्मार्ट अपने आप को फील कर रहे हैं कि google2 हो गए पर क्या ये सही है देखो ये
बहुत बड़ी अफवा है नहीं रखता है यह बात google-my यूज कर रहे हो वो पूरा का पूरा google2 में किस लिए बनाया गया है वो ऐप आपके फोन को स्कैन करता है और कुछ खतरनाक आपके फोन में हो तो उसको डिटेक्ट करता है कुछ मैलवेयर वगैरह या फिर कोई वेबसाइट खोलते समय कुछ सस्पिशंस मार्ट बन रहे हैं भाई अब google3 ये बिल्कुल भी नहीं आना चाहिए पीछे का टेक्नोलॉजी समझो और स्मार्ट रहो google2 अब ये मत बोलना कि google3 हों के मिट्टी के बारे में जानकारी दी थी आपको और आप लोगों को यह पता चला
कि सोलर सिस्टम के इतने सारे ग्रहों में सिर्फ एक उपग्रह चांद ही एक ऐसा उपग्रह है जिसका मिट्टी वापस धरती पर आया है 322 किलो चांद का मिट्टी धरती पर आया है धरती उतना वेट में बढ़ा है खैर तो चांद का मिट्टी ही आ पाया है तो मंगल ग्रह के मिट्टी को एक्चुअली में धरती पे वापस लाने के लिए मतलब जाके फिर कलेक्ट करके फिर सक्सेसफुली वापस भी आना है यही मिशन होने वाला है उसका नाम है मार्स सैंपल रिटर्न मिशन नाम सेही पता कर सकते हो मार्स का सैंपल को वापस लाने वाला मिशन तो
कुछ लोगों ने उस जानकारी पे कमेंट किया कि मार्स का मिट्टी का कॉस्ट क्या उतना ही होगा जितना खर्चा हमें जाके लाने में लगेगा तो हम मार्केट वैसे ही काम करती है और मंगल ग्रह का मिट्टी धरती पर वापस लाने के लिए 70000 से 0000 करोड़ रपए खर्चा करने वाली है नासा अब इस चीज को जब लोग सुनते हैं तो पूछते हैं कि इतना थोड़ा सा गरीबी भी खर्चा कर देते हैं तो देखो जो यूएसए है वो डेवलप्ड कंट्री है वहां पे गरीबी है लेकिन बहुत कम है एज कंपेयर टू बाकी कंट्रीज तो इसलिए उनका
एक्सपेंस जायज है थोड़ा सा वैसे मार्स का मिट्टी वापस लाने वाला मार्स रिटर्न मिशन ये सब तो ठीक है लेकिन लोग वेट कर रहे हैं आर्टेमिस मिशन का अभी मैं अगर आपसे पूछूं कि सबसे अवेटेड मिशन कौन सा है जिसके लिए लोग पागल हैं तो उसका आंसर है आर्टेमिस इतने सालों बाद फिर से चांद पे कदम रखेगा 1960 70 में इतने बार अपोलो अपोलो अपोलो अपोलो अपोलो करने के बाद जैसे सब कुछ ठप पड़ गया था लेकिन अब फिर नए और इंप्रूव्ड टेक्नोलॉजी के साथ इंसान चांद पे जाने वाला है और नाम भी फिल्मी सा
रखा है आर्टेमिस मिशन साइंस फिक्शन टाइप का सुनने में लग रहा है और ये असल में होने वाला है दैट विल बी अमेजिंग तो ये थे आज के सारे अमेजिंग फैक्ट्स वीडियो को लाइक जरूर करना और नीचे कमेंट करना ये वीडियो कैसा लगा और चैनल को सब्सक्राइब करके बेल आइकॉन जरूर ऑन कर ले थंक यू सो मॉर वाचिंग मिलते हैं अगली वीडियो में