असलाम वालेकुम। वेलकम टू बैच नंबर 40। आप सबको बहुत-बहुत खुशामदीद। हमारे इस एनुअल कोर्स में एनुअल बैच में। एनुअल बैच का मतलब हमारे पास यह होता है कि हमने पहले अपना बैच नंबर जब हमारे चल रहे थे, बैचेस डिफरेंट बैचेस चल रहे थे, तो हमने बैच नंबर 16 में कुछ चेंजज़ किए थे फर्स्ट टाइम। और वो ऐसे चेंजेस होते हैं कि जो चीज मार्केट में ज्यादा चल रही होती है जो चीजें ज्यादा काम कर रही होती हैं एल्गोस के हिसाब से उनको हम थोड़ी ज्यादा तवज्जो देना शुरू कर देते हैं और जो चीजें लैग हो
कर रही होती हैं या हम देखते हैं कि इनकी एक्यूरेसी ड्रॉप हो रही है तो उनको फिर हम उस कुछ टाइम फ्रेम के लिए हम अपने कोर्स से उसको आउट कर देते हैं। बैच नंबर 16 के बाद फिर हम बैच नंबर बैच नंबर 12 था। बैच नंबर के बाद उसके बाद बैच नंबर 16 था। फिर बैच नंबर 30 जब स्किल सेंट्रिक स्टार्ट हुआ था तो बैच नंबर 30 की रिकॉर्डिंग हुई वो लाइव रिकॉर्डिंग थी पूरे बैच की और उसके बाद फिर अब बैच 40 है। तो अब हमने काफी मेहनत के बाद एक पूरा एक नया
सिलेबस आप समझ लें। नया तो नहीं है। थीम वही है। यानी आपके समझे कि फ्रेम वही है। उसके ऊपर जिस तरह होता है ना कि आप देखते हैं कि एक गाड़ी का नया मॉडल ल्च होता है। उसमें कुछ जिद्दत आ जाती है। कुछ नए फीचर्स ऐड हो जाते हैं। तो लेकिन ये है कि मेन उसका फ्रेम मेन उसका थीम वही रहता है। तो इसी तरीके से कोर्स हमारी जो स्ट्रेटजी है जिसको आप सामने देख रहे हैं कि वीएसए बेस ट्रेडिंग विद 95% प्लस विन रेट। तो इंशाल्लाह आपका विन रेट मजीद बढ़ेगा इससे। हमने हमारा हमारी
स्ट्रेटजी वही है। सालों से यही स्ट्रेटजी है और हम सालों से ही अलम्दुल्लाह प्रॉफिट में हैं। आगे भी इंशा्लाह प्रॉफिट में रहेंगे। चीजें नई जिस तरह मैंने आपको बताया कि ऐड करने का मकसद यह था कि और मजीद एक्यूरेसी टाइम के साथ-साथ देखिए मेरा भी एक्सपीरियंस बढ़ता रहता है। ठीक है? यानी अब से 2 साल पहले कुछ और था। उससे 2 साल पहले कुछ और था। तो आज जो एक्सपीरियंस है उसकी बेस पे बिल्कुल एक नई चीज ऐड करी हम कर रहे हैं ताकि मजीद आपकी ट्रेडिंग में निखार आ जाए। कुछ चीजें जो है वो
मैं आपको इस क्लास का मकसद क्या है? पहली क्लास का हमारा टॉपिक क्या है? पहली क्लास सिर्फ इंट्रोडक्शन है। ठीक है? इसमें आपको हम रोड मैप देंगे। इस क्लास का जो नाम है या इस क्लास का जो मकसद है वो यह है कि द रोड मैप टू सक्सेस। ठीक है? ये इसका टॉपिक है कि किस तरीके से हम एक रोड मैप हमारे पास आएगा जिस पे हम काम करेंगे जिस पे हम चलेंगे और इंशाल्लाह सक्सेस की तरफ मूव करेंगे। आप बैच नंबर 40 जो है आपसे मेरा सबसे पहली बात जो मैं आपको कहूंगा वो यह
है कि इंशा्लाह हमारी गारंटी है हमारा वादा है कि अगर आप इस कोर्स में जो चीजें पढ़ेंगे उन पर मनोवान अमल कर लेते हैं तो इंशाल्लाह आप कहीं और जाने की आपको जरूरत नहीं पड़ेगी। कोई और कोर्स करने की, कोई और चीज देखने की, कोई और स्ट्रेटजी पढ़ने की, किसी और जगह जाने की बिल्कुल आपको जरूरत नहीं पड़ेगी। इसी स्ट्रेटजी के साथ हमारे साथ लाइव ट्रेडिंग में बैठ के आप इंशाल्लाह बहुत अच्छे पैसे बनाएंगे। उसके बाद आ जाती है अगली चीज के आमतौर पर एक स्टूडेंट जब हमें ज्वाइन करता है उसे सबसे पहली चीज चाहिए
होती है। वह कहता है डिस्कर्ड में ऐड कर दें। ठीक है? और लाइव zूम ट्रेडिंग पे ऐड कर दें। तो देखें आपने आखिरकार वहीं पे जाना है। कोर्स आपका कंप्लीट होगा। असाइनमेंट्स आपकी कंप्लीट होंगी। जो लोग जरा तहम्मल से रहेंगे जो चीज पढ़ा रहा हूं पहले इस पे नजर रखेंगे। इसको सीखेंगे फिर डिस्कर्ड पे जाएंगे। उसकी ट्रेडिंग में और जो शख्स फ़ौरन से जाना चाहेगा कि जी मुझे आज ही डिस्कर्ड पे ऐड कर दें। उसकी ट्रेडिंग में जमीन आसमान का फर्क रहेगा। यह मैं आपको अभी लिख के दे देता हूं। जो लोग जल्दी करेंगे कि
हमें डिस्कर्ड पर ले जाए, हमें लाइव ट्रेडिंग में ले जाए, उनके लिए आगे का सफर बहुत मुश्किल है क्योंकि वह उधर लग जाएंगे कि मुझे कितने पैसे आ रहे हैं और कितने पैसे जा रहे हैं। और जो शख्स इस एक डेढ़ महीने में दो महीने में जितना भी आपके इस कोर्स पर टाइम लगेगा क्योंकि ये सारी रिकॉर्डिंग हमने लाइव करनी है। अब तो जो शख्स सिर्फ लर्निंग पे फोकस करेगा 1 डेढ़ महीने के लिए बिल्कुल चार्ट से हट जाएगा। हटने से मुराद यह है कि ट्रेड नहीं करेगा। ठीक है? यह नहीं देखेगा कि मुझे आज
कितने पैसे आ गए। आज कितने पैसे चले गए। इस काम से बाहर निकलेगा। सारा फोकस अपनी लर्निंग पे रखेगा। उसको मैं गारंटी देता हूं इंशाल्लाह वो यहां से बहुत सक्सेसफुल होकर निकलेगा। तो हमने क्या पढ़ना है? हमारे कितने फसेस होंगे? कितने मॉड्यूल्स हमने पढ़ने हैं? किस क्या-क्या हमारी स्ट्रेटजीस होंगी? इस बारे में आज मैं आपको मुकम्मल तौर पे गाइड कर दूंगा। कुछ चीजें मैं आपको यहां पे चार्ट पे लिख भी देता हूं जो कि मोस्ट इंपॉर्टेंट है। आप सबको पता होना चाहिए। तो चले यहीं पर लिख देते हैं। पहले तो आ जाए हम क्लास डेज
पे। ठीक है जी। किस-किस दिन हमारी क्लास हुआ करेगी। वह हो गई जी सबसे पहले एक आपकी क्लास मंडे ट्यूसडे उसके बाद वेडनेसडे को आपकी कोई क्लास नहीं है। ठीक है? बुध के दिन आपकी क्लास नहीं होगी। आपको छुट्टी होगी। छुट्टी इसलिए होगी कि जो आपने पढ़ा है उसकी कोई असाइनमेंट वगैरह कोई इस तरह की चीज आपको दी जाएगी। या आप कम से कम जो चीज आप पढ़ रहे हैं उसको आप तो कर सकें। थर्सडे और फिर फ्राइडे। ये चार दिन आपकी क्लास होगी। यार रिकॉर्डिंग मैं कर रहा हूं। आप लोग बार-बार अब अगर कोई
इस तरह करेगा तो यकीन करें मैं फिर मैं जो बातें कर रहा होता हूं वो मेरे ज़हन से निकल जाती हैं। ठीक है? मैं फिर मजबूरन मुझे उस बंदे को आउट करना पड़ेगा क्लास से। इस तरह नहीं करना आपने। कभी कोई रिकॉर्डिंग का बटन दबा रहे हैं। कभी कोई एआई का बटन दबा रहे हैं। इस तरह नहीं करना। बस जो मैं कर रहा हूं उसको समझ जाए। रिकॉर्डिंग आप सबको मिलेगी। हर चीज की रिकॉर्डिंग आपको मिलनी है। मंडे, ट्यूसडे, थर्सडे और फ्राइडे। ये चार दिन आपकी क्लास है। पहली चीज। अच्छा ये मैं इसलिए बता रहा
हूं पहली क्लास में कि ताकि रोज लोग मैसेज करके इधर-उधर स्पोर्ट पे या मुझे मैसेज करके ना पूछना शुरू हो जाए। किस दिन क्लास है, किस दिन नहीं है। ये आपको चार दिन आपकी क्लास हुआ करेगी। वीकेंड आपको ऑफ होगा। वीकेंड पे आप उसको प्रैक्टिस करें जो आपने सारा दिन पढ़ा होगा। अच्छा क्लास टाइमिंग मोस्ट प्रोबेबबली आपकी पूरे कोर्स में क्योंकि ये तकरीबन डेढ़ माह इसमें लगेगा। डेढ़ से दो माह भी लग सकते हैं। उसकी जो टाइमिंग होगी वो सेम रहेगी क्योंकि गर्मी के मौसम में हम यानी आमतौर पे होता है कि ईशा के बाद
हम इसका टाइम रखते हैं पाकिस्तानी वक्त के मुताबिक। तो 9:30 ही आपकी क्लास का टाइम होगा। अब आ जाती है क्लास की रिकॉर्डिंग। क्लास की रिकॉर्डिंग आपको मिला करेगी विद इन नेक्स्ट 24 आवर्स। यानी आज ये क्लास हमारी खत्म होती है तकरीबन 10:30 बजे। 40 45 मिनट की क्लास होती है। तो उसको अपलोड होने में 24 घंटे लग सकते हैं। तो आपने थोड़ा सा सब्र रखना है। समटाइ्स ऐसा होता है कि स्टूडेंट्स फौरन से मैसेज करना शुरू करते हैं। क्लास के फौरन बाद रिकॉर्डिंग नहीं आई। तो रिकॉर्डिंग जाहिर है पहले कन्वर्ट हो गई। फिर डेवलपर
को जाएगी। फिर वहां से अपलोड हो गई तो टाइम लगता है थोड़ा सा। तो इस चीज में आपने थोड़ा ध्यान रखना है। अच्छा जी। आपके क्लास डेज आ गए। आपके क्लास टाइम आ गया। अब आ जाती है अगली चीज। सबसे इंपॉर्टेंट चीज यह है कि जो आपने इस कोर्स में पढ़ना है अगर आपको उस पर एतमाद बन गया तो आप पास हैं आप सक्सेसफुल हैं। अगर आपका एतमाद ही ना बना ठीक है तो फिर आप एक ड्राइवर के साथ बैठ जाते हैं और वो डर रहा है। उसकी टांगे कांप रही है। उसके हाथ कांप रहे
हैं ड्राइविंग करते हुए। आप खुद ही उतर जाएंगे। ठीक है? कि नहीं भाई ये इसमें कॉन्फिडेंस ही नहीं है। ये चीज ट्रेडिंग में है कि अगर आपका इस ट्रेडिंग पे कॉन्फिडेंस बन गया। असल सारी चीज माइंड सेट की है। स्ट्रेटजी जो है ना मैं आपने जो कुछ इस कोर्स में पढ़ना है दो चार कुछ चीजें छोड़ के बाकी सब कुछ YouTube पे हमने पब्लिक कर दिया है। जो चीजें पब्लिक नहीं की उसकी आपको वजह बता देता हूं। समटाइ्स वो होता ये है कि जिस तरह एक बीटा वर्जन होता है ना कि हम कोई नई स्ट्रेटजी
किसी नई स्ट्रेटजी तो नहीं होती। हमारा वॉल्यूम बेस्ड ही चक्कर होता है सारा। सब कुछ हम उसी पे चल लेके चल रहे होते हैं। लेकिन होता है कि हमने कोई चीज ऐड कर दी। उसमें कोई कंफर्मेशन कम कर दी, कुछ ज्यादा कर दी। उसको पहले हम यहां पे टेस्ट करते हैं अपने पास। ठीक है? ठीक है? फिर अपने स्टूडेंट्स को देते हैं। उसका रिजल्ट देख रहे होते हैं। उसके बाद फिर सम टाइम जब वो लीक हो जाती है, चीजें निकल पड़ती है, फिर हम पब्लिक भी कर देते हैं उसको। तो दो चार चीजें छोड़ के
बताना मैं चाह रहा हूं कि ज्यादातर चीजें हमारी YouTube पे पब्लिक है। तो वहां से आपने देखी भी होंगी। अब यहां पे आप लोग आए हैं तो उसकी वजह सिर्फ यह है कि आप लोग ट्रेडिंग में इंटरेस्टेड हैं। कुछ लोग स्ट्रगल कर रहे हैं। कुछ लोग नए हैं। कुछ को बहुत टाइम हो गया है। कुछ को अभी दो चार माह हुए हैं। सबसे मैं बात कर रहा हूं। सब लोग मेरे मुखातिब है। मैं सब लोगों से मुखातिब हूं कि आप लोगों ने अगर आपका ट्रस्ट बन जाता है, स्ट्रेटजीस तो हर जगह पे पड़ी हुई है।
हमारे YouTube पे भी पड़ी हुई है। ठीक है? लेकिन स्ट्रेटजी देख के ट्रेडिंग नहीं आती। ट्रेडिंग आती है आपका कॉन्फिडेंस। कॉन्फिडेंस कैसे बनेगा? जो चीज स्ट्रेटजी आप पढ़ेंगे उसी को रोज हमारे साथ डिस्कर्ड पे और लाइव ज़ूम ट्रेडिंग में देखेंगे। उसमें वो पास भी होगी। स्ट्रेटजी उसमें फेल भी होगी। फेलियर से मुराद यह है कि किसी दिन आपने उसने आपका एक स्टॉप लॉस दे दिया। आपने दोबारा ट्राई की फिर स्टॉप लॉस हो गया। इसमें कोई हरज की बात नहीं है। दुनिया की हर स्ट्रेटजी में स्टॉप लॉसेस जाते हैं। लेकिन हमारा जो हाई प्रोबेबिलिटी रेट जो
विन रेट्स ट्रेड्स होती हैं, हाई प्रोबेबिलिटी ट्रेड सेटअप्स जो बनते हैं हमारे उनका विन रेट 95% आप समझ लें कि 5% की गुंजाइश छोड़ी हुई है हमने खुद कि यार फाइल होता होगा। ठीक है? अभी परसों हमारी जो बैच 39 की क्लास थी फ्राइडे की उसमें एक चलती हुई क्लास पे हैं। हालांकि उनको भी मैंने अभी ट्रेडिंग से मना किया हुआ है कि आप लोग भी एक दफा पूरे रेडी हो जाए। उनको सेंट अकाउंट की इजाजत है कि छोटे अकाउंट पे वो काम करें। तो चलती क्लास के दौरान उनको एक हमने ट्रेड लगवाई। हाई प्रोबेबिलिटी
सेटअप था 5 मिनट का। ठीक है? और उसने पौने पिप्स दिए हैं। 5 मिनट के सेटअप ने। उसका स्टॉप लॉस तकरीबन 80 टू 90 या 100 पिप्स के दरमियान बन रहा था। यानी 1 2.5 उसने आराम से दिया। लेट नाइट बनने वाला सेटअप और बहुत हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप था। तो आपको इस तरह के सेटअप भी मिलेंगे। आपको वीक सेटअप्स भी मिलेंगे। आपको ऐसे सेटअप्स भी मिलेंगे जिसमें आप शायद थोड़ा कंफ्यूजन का शिकार हो जाए कि करें ट्रेड या ना करें। तो हर चीज आपको बताएंगे इंशाल्लाह कि किस तरीके से आपने उसको लेके चलना है। किस
सेटअप पे ज्यादा रिस्क ले सकते हैं। किस पे कम ले सकते हैं। समटाइ्स YouTube पे या अक्सर सोशल मीडिया पे कुछ लोग ये ऐतराज करते हैं कि 95% एक्यूरेसी है तो फिर आपके स्टॉप लॉसेस क्यों हिट हुए हैं इस तरफ आए इतने? मसलन हम किसी महीने की रिपोर्ट शेयर करते हैं। हम कहते हैं जी हमारी 20 ट्रेड्स हैं। ठीक है? 16 हमारे टीपी हैं या 15 टीपी है। पांच स्टॉप लॉस हैं। तो वो ये पूछते हैं कि अगर पांच स्टॉप लॉस अगर आपने 95% एक्यूरेसी है तो फिर पांच स्टॉप लॉस नहीं होने चाहिए थे। फिर
तो एक होना चाहिए था मैक्सिमम। उनकी बात ठीक है। लेकिन वह पूरी बात समझते नहीं है जो मैं कई दफा बता चुका हूं। आपको उसका पता होना जरूरी है ताकि आपका ट्रस्ट बन जाए। वो यह है कि हर सेटअप हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप नहीं होता। जब हम लाइव पर ट्रेड करते हैं बैठ के ज़ूम पे हमारी पूरी टीम बैठी होती है तो समटाइ्स हम लो प्रोबेबिलिटी सेटअप को ही पकड़ लेते हैं। उसका स्टॉप लॉस हो जाता है अक्सर। ठीक है? और कभी-कभी हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप का भी स्टॉप लॉस हो जाता है। तो, इसमें कोई ऐसी घबराने
की बात नहीं है। 95% विन डेट जॉब आपने पढ़ना है। कल को यह भी आपके ज़हन में शक ना जाए। आपके ज़हन में बात ना जाए कि फिर ऐसा क्यों हो रहा है? स्टॉप लॉस आज क्यों दो हिट हो गए? या हमारा महीने बाद हमारे अगर हमारे 20 ट्रेड्स थी तो हमारे चार स्टॉप लॉस क्यों हैं? कम क्यों नहीं है? एक क्यों नहीं है? उसकी वजह ये होती है कि हर दफा हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप नहीं बनता। समटाइ्स ट्रेड मार्केट रेंज में है या ऐसा हो गया कि हम 5:00 बजे आके बैठे हैं। 9:00 10:00 बजे
तक हमारे मतलब की ट्रेड नहीं बनी। 9:00 बजे 9:30 हमारा एक लो प्रोबेबिलिटी सेटअप बन गया। हमने उसको इसलिए ट्राई कर लिया कि यार आज कोई ट्रेड नहीं की। छोटा सा रिस्क ले लेते हैं। उस पे हमारा रिस्क बहुत कम होता है। उसका स्टॉप लॉस हिट हो जाएगा। तो जाहिर है वो रिपोर्ट में तो जाएगा। अब हम यह मैनपुलेशन तो नहीं करेंगे कि हम जो स्टॉप लॉस हो जाए उसको लिखे ही ना और जो टीपी हो जाए उसको लिखते हैं अपनी रिपोर्ट में। इस तरह नहीं होता। स्टॉप लॉस को भी हम लिखते हैं। वो काउंट
स्टॉप लॉस ही होता है। लेकिन वो बहुत कम रिस्क वाली ट्रेड होती है और उसकी प्रोबेबिलिटी भी लो होती है। तो इस चीज पे आपने ट्रस्ट बना के रखना है कि जो 95% आप यहां पे लिखा हुआ देख रहे हैं। ये कागजी बात नहीं है। यह कोई ऐसी हवाई बात नहीं है। ठीक है? यह पत्थर पे लकीर है। इंशा्लाह जब आप इसको देखेंगे जो सेटअप आपको पढ़ाएंगे हाई प्रोबेबिलिटी आप उनको देख लेंगे तो आपका खुद यकीन बनेगा। बाकी रह गई डिस्कर्ड की और इसकी एक्सेस के बारे में आपको बताया कि जितना वेट करेंगे उतना इंशा्लाह
आपके लिए फायदेमंद होगा। अच्छा अब आप इस कोर्स में हमने पढ़ना क्या है? थोड़ी सी मैंने तमहीद एक तो लंबी भी हो गई है फर्स्ट टाइम ताकि आपका थोड़ा सा एक कॉन्फिडेंस बन जाए इस कोर्स पे। ये जरूरी है। आपको खुद पे यकीन नहीं होगा तो फिर आप काम भी नहीं कर सकेंगे। दूसरा मुझे यह भी था कि जो लोग ज्वाइन कर रहे हैं तब तक वो भी ज्वाइन कर लें। हमारे ऑफिशियल जो उसका स्टार्ट है स्लाइड्स का उससे पहले पहले। अच्छा जी। जी कोर्स ऑब्जेक्टिव एंड आउटकम्स। ये मैंने टाइमिंग यहां पे लिख दी है।
इसको मैं क्लियर कर देता हूं। देखिए ये जो स्लाइड्स होती हैं इसकी बजाय मैं कोशिश करता हूं कि बिल्कुल सादा अल्फाज़ में देसी तरीके से आपको समझाने की कोशिश करूं ताकि आपको हर चीज़ जबरदस्त तरीके से समझ आ जाए। चार से छह चीजें हमने पढ़नी है टोटल। देखिए सबसे पहले हम देखेंगे कि मार्केट है क्या? इस कोर्स में यह जो अभी लोग आप लोग बैठे हुए हैं लाइव इस बैच में हर तरह के लोग हैं। जैसे मैंने पहले बात की ऐसे लोग भी हैं जो फर्स्ट टाइम कोई कोर्स कर रहे हैं। ठीक है? और मैं
आपको यकीन से कहता हूं कि आप लोग लकी हैं। इंशाल्लाह आप लोगों को इधर-उधर टकरें नहीं मारनी पड़ेंगी। इधर-उधर फिरना नहीं पड़ेगा। डायरेक्ट आप प्रॉफिट टेकिंग पे जाएंगे। दूसरे लोग वो हैं जिनको दो चार छ माह हो गए हैं जो थोड़ा सा एनालिसिस कर चुके हैं मार्केट का देख चुके हैं क्या-क्या चल रहा है। उसके बाद फिर वो लोग भी आ जाते हैं जिनको काफी एक्सपीरियंस है। हमारे साथ पिछले बैचेस में ऐसे लोग भी हैं जो 2002 से ट्रेड कर रहे हैं। ठीक है? जब मैं पढ़ रहा था शायद तो तब से भी लोग ट्रेड
कर रहे हैं। अभी तक अब हमारे कोर्स में एनरोल हुए हैं और प्रॉफिट में है। अल्लाह का शुक्र है। तो आप लोग भी आ जाएंगे। इंशाल्लाह होगा क्या? किस तरीके से हमने क्या-क्या चीजें पढ़नी है। अगर तो आपने इसको करना है बहुत ज्यादा फैंसी। ठीक है? और रंग बिरंगी चीजें लगानी है इसमें तो वह भी हम लगाने को तैयार हैं। एक डेढ़ महीने की जगह दो माह लग जाएंगे। कोई मसला नहीं होगा हमें। लेकिन आपके लिए चीजें हो जाएंगी ओवर बर्डन। ठीक है? ज्यादा आप पे वजन पड़ जाएगा चीजों का। तो इस कोर्स में इतने
सालों की मेहनत के बाद और इतनी टीम के काम के बाद हमने वो चीजें रखी हैं कि जो आपके लिए ट्रेडिंग के लिए फायदेमंद है और जो चीजें छोड़ दी हैं जो हमने नहीं पढ़ानी है आपको। ठीक है? वो वो चीजें हैं जो आप पे सिर्फ एक एक्स्ट्रा एक बटन डाल देंगी जो आपके काम नहीं आनी आगे चलके। ठीक है? ठीक है? तो इसको हमने बिल्कुल फैंसी नहीं रखा। इसको बिल्कुल सादा सा रखा हुआ है हमने। अच्छा हम एक तो कांसेप्ट समझेंगे कि मार्केट है क्या? ठीक है? नए लोगों के लिए और स्टार्ट हम कहां
से लेंगे? ट्रेडिंग व्यू से कि ट्रेडिंग व्यू क्या चीज है? MT5 क्या चीज है? बस सिर्फ एक ओवरव्यू देंगे कि वो चीजें कैसे काम करती हैं। उसके बाद हम आ जाएंगे स्ट्रक्चर पे। मेन जो चीज हमने पढ़नी है वो मार्केट स्ट्रक्चर है। ठीक है? इस पे भी हम डिटेल से बात करते हैं आगे चलके। दूसरे मॉड्यूल में हम स्मार्ट मनी कांसेप्ट्स के बारे में पढ़ेंगे। एसएमसी वॉल्यूम स्प्रेड एनालिसिस ये चीजें हम पढ़ेंगे। डेवलप ट्रेड मैनेजमेंट, स्किल्स एंड इमोशनल कंट्रोल। देखिए सबसे जो इंपॉर्टेंट फज़ है ना इस पूरे कोर्स का सबसेेंट फज़ यह होता है। ये
ठीक है जी। यह आपको YouTube पे 1000 जगह मिल जाएगा। यह आपको 2000 जगह मिल जाएगा। ठीक है? यह आपको नहीं मिलेगा। क्योंकि इस पे लोग तवज्जो नहीं देते। लोग जाते हैं स्ट्रेटजी के पीछे। मांगने वाला भी यह नहीं मांगता कि मुझे यह चाहिए। वो भी स्ट्रेटजी मांगता है हमेशा। आप देखें YouTube पे लाइन लगी होती है स्ट्रेटजी के लिए। कोई एक शख्स पे डिसिप्लिन नहीं मांगता। तो आप लोगों को डिसिप्लिन मांगना है। पहले तो सीखना है डिसिप्लिन। उसके बाद जो आखिरी चीज है वही है जी जॉइन अ सपोर्टिव ट्रेडिंग कम्युनिटी विद लाइव सेशंस। यह
चीज वो है यह मैं आपको बता रहा हूं वो चीज है जो आपको YouTube पे नहीं मिलेगी। ठीक है? आपको सोशल मीडिया पे बहुत कम लोग इसके बारे में बात करते हुए नजर आएंगे। और यह वो चीज है जो आपको कहीं नहीं मिलेगी। ठीक है? आपके लिए बैच नंबर 40 के लिए एक चीज हम बिल्कुल खत्म करने वाले हैं। मैं दो तीन दफा टीम से बात कर चुका हूं क्योंकि हमारे पास भी अब रश बढ़ता जा रहा है। वो यह है कि लाइव ट्रेडिंग जो है इसको अब तक जितने भी बैच चले हैं 39 आप
बैच नंबर 14 हैं। बैच नंबर 40 में जितने लोग आ चुके हैं आप सबसे यह प्रॉमिस है कि हमारी आइंदा की हर अपडेट हर स्ट्रेटजी आइंदा का हर कोर्स यानी जो भी चीजें हम आगे जाके अपडेट करते जाएंगे वो आपके लिए फ्री है। लाइव ट्रेडिंग आपके लिए फ्री है। कॉम्प्लीमेंट्री एक्सेस है। यह बात याद रखनी है। कुछ लोग जो हैं सब ऐसे नहीं होते लेकिन कोई एक आधा ऐसे एक बड़े बैच में से निकल आता है। वह क्या कहते हैं जी आगे चलके ना फॉर ग्रांटेड जैसा एक बंदा ले लेता है कि जी हमने तो
पैसे दिए थे। ट्रेड कहां लगवाई आज? तो कोई बिल्कुल ऐसा चक्कर नहीं है। कोई सिग्नल ग्रुप नहीं है वहां पे। कोई आपसे इस चीज के पैसे नहीं लेंगे हम। पैसे ले रहे हैं इस कोर्स के जो आप ये कोर्स कर रहे हैं। ठीक है? लेकिन जो ये चीज है असल मैं कहता हूं कोर्स ये है। असल कोर्स आपका यहां पे जाके होगा। जब आपने जो कुछ पढ़ा होगा ना फिर टेस्ट होता है मेरा भी और आपका भी। टेस्ट इस तरीके से होता है कि आपने 10 स्ट्रेटजी आपको पढ़ा रही फॉर एग्जांपल अब वह स्ट्रेटजी काम
करती हैं कि नहीं करती। एक तो आप उसको बैक टेस्ट कर लेंगे। दूसरा तरीका यह है कि जब लाइव बैठेंगे मैं भी आप भी हमारी टीम भी तो मार्केट इस तरीके से चल रही है। अब ये आगे सारा कुछ जो है ना ये किसी ने भी नहीं देखा हुआ। दुनिया में किसी ने नहीं देखा कि आगे क्या होने लगा है। तो यहां पे जब आपने ट्रेड स्ट्रेटजीस को टेस्ट करेंगे ना तब दूध का दूध और पानी का पानी होगा। ठीक है? जो चीज़ आपने पढ़ी थी जिस पे मेहनत की थी जिस पे टाइम और पैसा
लगाया था वो किस हद तक काम कर रही हैं? किस हद तक काम नहीं कर रही। तो ये चीज़ आपको नहीं मिलेगी। ये असल आपका जो फायदा है जो असल आपका जूस है वो ये है सब्जेक्ट इस कोर्स का इसमें आपने सिर्फ एक काम करना होता है वैसे तो आपको दोबारा गाइडलाइंस मिल जाएंगी उसकी यहां पे करने का काम ये होता है कि आपने बिल्कुल भी देखिए कुछ लोग ना बदतमीजी की तरफ कुछ लोग नहीं किसी एक की बात कर रहा हूं आज तक शायद मेरा ख्याल है दो लोगों को ब्लॉक किया होगा यानी स्किल
सेंट्रिक बनने के बाद अब डेढ़ साल हो गया लगभग सिर्फ दो लोग ब्लॉक हुए हैं हम बिल्कुल भी शक में नहीं होते किसी को ब्लॉक करें किसी को आउट करें बिल्कुल भी नहीं सब लोग एक ही उम्मीद लेके आते हैं और हमारी कोशिश होती है कि ज्यादा से ज्यादा फायदा उनका हो सके स्टॉप लॉस हो गया, टीपी हो गया। ये चीज़ मैटर नहीं करती। मैटर नहीं करती कि उसने लर्निंग कितनी की है और एट द एंड महीने बाद उसको पैसे कितने बच रहे हैं। प्रॉफिट अच्छा आ रहा है कि नहीं आ रहा है। ये दो
चीजें हमारा मकसद है। तो इसमें जाके आपने बिल्कुल एहतियात से तमीज से सबके साथ रहना है और बहुत कोपरेटिव टीम है। आपको नहीं मिलेगी ऐसी टीम जो आगे ट्रेडिंग करवा रही है इंशाल्लाह। तो इसके बारे में हम बात करेंगे। लोग एक बात आपको और बताऊं। आप में से यहां पे जितने भी लोग बैठे हुए हैं। मेजॉरिटी ऐसी होगी जिन्होंने हमारा लीग कोर्स देखा हुआ है। ठीक है? मुझे अगर 10 लोग मिलते हैं ना बिल मुशाफा मिलते हैं आमने सामने मिलते हैं तो उनमें से आठ ने हमारा कोर्स लीक कोर्स किया हुआ होता है। किसी वेबसाइट
से लिया किसी ने 250 का, किसी ने 400 का, किसी ने 200 का कोर्स अच्छा होता है लेकिन वो फिर भी सक्सेसफुल नहीं हो पा रहे होते। उसकी वजह क्या है? उसकी वजह यह है कि उनके पास कोई सपोर्टिव ट्रेडिंग कम्युनिटी नहीं है। लाइव सेशंस नहीं है। एक चीज आ तो गई है। उसको इंप्लीमेंट करने का हौसला नहीं हो रहा होता। दो चीजें जो है ना यह सिर्फ लाइव ट्रेडिंग में ही मिलती हैं। तो इसकी आपने कदर करनी है। इसकी आपके लिए फ्री रहेगा और इंशाल्लाह फ्री रहेगा। ठीक है जी। बाकी जो ये चीजें हैं
यह तो स्ट्रेटजी है ये आपको हर जगह मिलंगी। यहां भी हम अच्छे तरीके से इंशा्लाह पढ़ेंगे इनको। लाइव ट्रेडिंग में मैं आपको एक और बात बताऊं। ऐसे ऐसे लोग यकीन करें मेरा कि जो लोग 15-15 2020 साल से प्रॉफिट में नहीं थे। बहुत इतना कुछ आता है जिनका मैंने नाम नहीं सुना होता। यकीन करें वो कहते हैं कि जी मैंने 2008 में ये चीज पढ़ी थी। मुझे उसका नाम भी नहीं पता होता समटाइम्स कि क्या पढ़ा था? क्या वो कहते हैं कि जी बस मसला ये पढ़ बहुत कुछ लिया है लेकिन काम एक चीज पे
भी नहीं कर पा रहे तो इस चीज के लिए ही आप इधर आए हैं इंशाल्लाह और आपका भी मसला हल हो जाएगा अच्छा जी आगे जी के मॉड्यूल ओवरव्यू सबसे पहले इंट्रोडक्शन है मार्केट फाउंडेशन इसमें हम क्या चीजें पढ़ेंगे कोर्स ओवरव्यू तो मैंने आपको चले एक हिसाब से दे दिया ये दे रहा हूं साथ-साथ ट्रेडिंग टूल्स क्या होते हैं? अब नए बंदे को नहीं पता जो लोग आप में से काम कर रहे हैं, आप तो फमिलियर होते हैं। ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स क्या होते हैं? MT4, MT5 क्या होता है? किस तरीके से काम करता है? ट्रेडिंग व्यू
किस लिए यूज़ होता है? ये सब चीजें हम इंशाल्लाह पढ़ेंगे। उसके बाद इन चीजों पे आ जाएंगे। यहां से हमारा मेन कांसेप्ट शुरू होगा। मेन काम हमारा शुरू हो जाएगा कि आपने मैं आपको एक बात बताता हूं। मैं काफी टाइम से काफी सालों से अल्लाह का शुक्र है कि सक्सेसफुल ट्रेडिंग में हो। यानी मेरा महीना हफ्ता बल्कि दिन शायद होते हो। मेरा हफ्ता कभी लॉस में नहीं गया। महीना कभी लॉस में नहीं गया। उसकी सिर्फ एक वजह है। मैं आपको पहले दिन ही सबसे बड़ा सीक्रेट बता रहा हूं। और वो यह है कि मैं ट्रेंड
का ख्याल रखता हूं। बस इसके अलावा कुछ भी नहीं। स्टॉप लॉस भी बड़े कर लेता हूं। छोटे भी कर लेता हूं। बड़े-छोटे करने से मुराद ये नहीं कि स्टॉप लॉस हिट करने आ रही है। मैंने नीचे कर लिया। फिर हिट करने आ रही है। फिर नीचे कर लिया। ये काम नहीं। यानी बड़े स्टॉप लॉस से भी काम कर लेते हैं। छोटे से भी काम करते हैं। लेकिन अगेंस्ट अटेंड नहीं जाते। जाते हैं स्कैल्पिंग के लिए चले जाते हैं या हजार दफा 100 दफा सोच के जाते हैं। तो अगर आप यह एक ट्रिक पहले दिन पकड़
लेंगे इंशाल्लाह आप लोग सक्सेसफुल रहेंगे। सिर्फ छोटा सा सीक्रेट है ये। आपने ट्रेंड का ख्याल रखना है। आप देखें दरिया बह रहा है ना तो जिस साइड पे दरिया बह रहा है उस साइड पे आप घंटों के हिसाब से ट्रेड स्विमिंग कर सकते हैं। वह फ्लो में है ना? आपका जोर कम लग रहा है। ठीक है? वो आपको बहा के लेके जा रहा है पानी। अगेंस्ट द वाटर अगेंस्ट द फ्लो जाने की कोशिश करें। फिर देख लें कितनी देर में आप 5 मिनट नहीं गुजार सकते। बिल्कुल इसी तरीके से जो फ्लो है वह मार्केट का
काम करता है। जिस साइड पे मार्केट का फ्लो है। अगर वह बुलिश है तो अगर आप बार-बार सेल करने की कोशिश कर रहे हैं यहां पाकिस्तान में इंडिया में बांग्लादेश में हमारे इस पूरे एरिया में एक मैं कहता हूं एक बीमारी है। ठीक है? ये एक नुकस ये बीमारी है। बीमारी ये है कि प्राइस मोमेंटम से बुलिश है। बहुत ऊपर जा रही है। और हमारा दिल क्या करता है? टॉप से पकड़ लें। फिर कहते हैं हमने बालों से पकड़ ली। ट्रेड सर से पकड़ ली है। यहां से हम रिवर्सल पकड़ लें। आप एक दफा पकड़
लेंगे, दो दफा पकड़ लेंगे। यह वरना इतना बुरा आपको ट्रेंड उखाड़ के ले जाएगा कि आपको जगह दोबारा मिलेगी नहीं वह वाली। इस तरीके से मार्केट गिर रही है। तेजी से गिर रही है। यहां से रिवर्सल पकड़ने की कोशिश करेंगे। फिर यहां से पकड़ने की इवेंचुअली वो अकाउंट वाश हो जाएगा और चीजें खत्म हो जाएंगी। बजाय इसके यह हरकत करने के अगर इंसान इस फ्लो में रहे और डाउन मार्केट में गिरती हुई मार्केट में इस फ्लो में रहे तो कितनी आसान है ट्रेडिंग करनी। तो इतनी सी बस एक छोटा सा चेंज लाना है आपके ज़हन
में। जिन लोगों ने इससे पहले ट्रेडिंग नहीं की, पहली दफा कोर्स कर रहे हैं, आपके लिए आसान है। ठीक है? आपके लिए चीजें आसान है। एक वाइट बोर्ड है जिस पे मैंने जो चाहूंगा मैं लिख दूंगा और इंशाल्लाह अच्छी चीजें लिखूंगा और आप उससे फायदा उठाएंगे। जो लोग पहले कई दफा कोर्सर्सेस कर चुके हैं एक जगह से, दूसरी जगह से, तीसरी जगह से उसके बाद YouTube और फिर बुक्स और फिर चार्ट पैटर्न्स और पता नहीं क्या-क्या आपके लिए मुश्किल है। मुश्किल इसलिए है इन द सेंस कि आपको वो चीजें तंग करेंगी भी। तो आपको ज्यादा
मेहनत करनी है। खासतौर पे वो लोग जो पहले से ट्रेड कर रहे हैं सक्सेसफुल नहीं है। क्योंकि पिछली सब जो चीजें हैं ना समझे खुरज के सफाई करनी है पहले एक दफा उसके ऊपर फिर नई चीजें ओवराइट होंगी। तो यह सब चीजें इंशा्लाह हम पढ़ेंगे। उसके बाद प्राइस एक्शन असल हमारा कोर्स स्टार्ट हो रहा है यहां से। ठीक है जी। उसमें तो थोड़ा बहुत हम चैनल स्ट्रक्चर के बारे में पढ़ेंगे या ये बारे इस बारे में पढ़ेंगे कि ट्रेंड क्या होता है? जैसे मैंने आपको थोड़ा बहुत एग्जांपल्स दिए हैं। उसके बाद प्राइस एक्शन क्या होता
है? प्राइस एक्शन आपने सबने नाम सुना होगा जो लोग ट्रेडिंग करते हैं कि जी हम प्राइस एक्शन पे काम करते हैं। प्राइस एक्शन जो है ना वो समझ लें कि एक बेस है। ठीक है? एक एक बुनियादी चीज है। जैसे आप पानी एक बुनियादी चीज है। ठीक है? पानी से आप शरबत भी बना लेंगे। पानी से आप पेप्सी भी बना लेंगे। पानी से और भी कोई चाय भी बन जाएगी। ठीक है? बहुत सी चीजें बन जाती है। तो आप समझ लें कि ये प्राइस एक्शन जो है वो ट्रेडिंग का पानी है। इसमें अब आप जो
चीज मिक्स करते जाएंगे वैसा टेस्ट आता जाएगा। वैसी चीज आपकी बनती जाएगी। इसका पता होना इसका होना बहुत जरूरी है। ठीक है? लोग आमतौर पर क्या करते हैं कि सिर्फ एक स्पेसिफिक स्ट्रेटजी दे देते हैं। अगर आपको बिल्कुल उसकी बेस का नहीं पता ना कि स्ट्रेटजी बन कैसे रही है, काम कैसे कर रही है। कुछ अरसा वो चलेगा ठीक चलेगा लेकिन उसके बाद फिर वो मार्क आना शुरू हो जाएगा। अच्छा जी मार्केट स्ट्रक्चर के बारे में हम पढ़ेंगे। फिर एडवांस मार्केट स्ट्रक्चर के बारे में पढ़ेंगे। सपोर्ट रेजिस्टेंस के बारे में पढ़ेंगे। हालांकि स्पोर्ट रेजिस्टेंस का
ना लोग मजाक उड़ाते हैं। वो कहते हैं कि जी ये तो पुरानी चीज है। ये तो बिल्कुल ओल्ड स्कूल है या वो। तो ओल्ड स्कूल से ही सब एडवांस चीजें आई है ना। तो यह स्पोर्टिस्ट का अच्छी सपोर्टिंग का कौन सी स्ट्रांग है, कौन सी वीक है इसका पता होना जरूरी है। हम इस पे काम नहीं करेंगे। ठीक है? काम हम अपनी स्ट्रेटजी पे करेंगे। वॉल्यूम बेस्ड स्ट्रेटजी पे काम करेंगे। लेकिन इसका पता होना अच्छे तरीके से बहुत जरूरी है। वक ऑफ ट्रेंड लाइंस ट्रेंड लाइंस आपने शायद पढ़ी होंगी। वक ऑफ ट्रेंड लाइंस आपके लिए
नया कांसेप्ट हो सकता है। जिन लोगों ने नहीं पढ़ा पहले। और ये वो ट्रेंड लाइंस हैं जो आपको बहुत जबरदस्त किस्म की ट्रेड्स भी देती हैं और आपको ट्रेड का टारगेट भी बताती हैं। ठीक है? है कि किस जगह से आपने एंट्री लेनी है और कहां पे आपने आउट होना है। किस जगह पे आपने आउट हो ट्रेंड लाइन आपको बता रही होगी कि यहां पे आप आउट हो जाए। तो ये इंशाल्लाह ये हमने कुछ अरसे के लिए इसको स्किप किया था बीच में से क्योंकि ट्रेंड लाइंस को हमने कुछ टाइम के लिए छोड़ा था बीच
में। लेकिन अब हमें इसकी जरूरत क्यों पड़ी? चलिए ये भी आपको बता देता हूं। हम इसलिए छोड़ते थे कि हम फॉर एग्जांपल जो लोग जानते हैं आपको समझा देता हूं। अब प्राइस ये इस जगह पे है। यहां से हमें कोई एंट्री मिल जाती है इस जगह से। ठीक है? तो हमें अपने टारगेट का पता होता था कि जी ये इसका स्ट्रक्चर टारगेट है। स्ट्रक्चर लेवल है। हम अगर यहां सेंटर हो रहे हैं तो हमारा मिनिमम टारगेट ये है। उसके बाद प्राइस इसको कंटिन्यू करे या ना करे वो अलग बात है। लेकिन ये हमारा टारगेट है।
अब इसको मार्केट से स्किप करने की वजह क्या थी? यानी अपने कोर्स से इसको हटाने की वजह क्या थी? उसकी वजह ये थी कि हम टारगेट निकालते थे इस तरीके से। हमें जरूरत नहीं पड़ रही थी इसकी। हमने कहा ये एक एक्स्ट्रा बर्डन है। इसको साइड पे कर देते हैं। अब मसला ये हुआ कि पिछले दिनों आपने देखा कि गोल्ड ने पिछले कुछ माह में हाई पे हाई लगाया। पहले होता था कि गोल्ड एक हाई लगाता था। उसके बाद छ महीने साल-साल मार्केट नीचे रहती थी। ठीक है? उसको टच करती थी। फिर तेजी से ड्रॉप
आता था। फिर टच करती थी। तेजी से ड्रॉप आता था। तो हाई टूटने का नाम नहीं लेते थे। पिछले दिनों हालात ऐसे चले हैं। ये यूक्रेन रशिया वार खास तौर पे जब से स्टार्ट हुई उसके बाद फिर यह इसराइल वाला मामला हुआ। फिर टेरिफ वार आ गई। अमेरिका में इलेक्शन हुए। तो पिछले कुछ माह में हो ये रहा है कि मुसलसल प्राइस एक नया हाई लगाती है। फिर एक नया हाई लगाती है और जल्द बहुत जल्दी-जल्दी टारगेट टूटते हैं। अब हमें मसला ये आने लग गया कि पहले तो हमारे पास स्ट्रक्चर हाई होते थे। हम
इन जगहों पे जाके ट्रेड लेके इस जगह पे टारगेट लिया आउट हो गए। ऐसी सुरते हाल में अब जब हर चीज आप समझे खला में चल रही है। प्राइसेस हवा में चल रही हैं। तो अब हमें पता नहीं चलता था कि अब टारगेट्स क्या निकाल सकते हैं हम टारगेट्स भी। फिबोनाची के ज़रिए भी निकल आते हैं। और भी बहुत सारे तरीके हैं निकालने के। लेकिन इसमें जब ट्रेंड लाइंस का हमने इस्तेमाल करके देखा तो वो हमें टारगेट बहुत एक्यूरेट किस्म के मिलना शुरू हो गए कि ये हमारा टारगेट है। ठीक है? इसको हमने इसको दोबारा
ऐड कर दिया कोर्स में कि ये अच्छी चीज है। इसको अब हम फायदा उठा रहे हैं इससे तो इसको हम ऐड कर देते हैं। उसके बाद कैंडल स्टिक पैटर्न्स हैं। ये पैटर्न्स इसलिए बताए जाएंगे आपको ताकि थोड़ा सा एक आपको एक आईडिया हो जाए। हम इन पैटर्न्स पे हम काम नहीं करते। मसलन आपने मॉर्निंग स्टार का नाम सुना होगा, इवनिंग स्टार का सुना होगा। उस तरह के पैटर्न्स हमारी ट्रेडिंग में भी हैं। हम उनको देखते हैं। लेकिन हम साथ वॉल्यूम को ऐड करते हैं। तो एक हल्की सी एक क्लास छोटी सी एक क्लास आपको कैंडलस्टिक
पैटर्न्स के बारे में भी हम दे देंगे जो इंपॉर्टेंट है जो चलते हैं जिनको हम टर्म्स देखते रहते हैं साथ-साथ। फिबोनाची रिट्रेसमेंट्स अभी आपको बताया कि हम टारगेट निकालने के लिए फिबोनाची का इस्तेमाल भी करते रहे हैं। बीच में अभी भी करते हैं और फिबोनाची आपको ट्रेड भी देती है। आपके जो पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट होते हैं उनको बनाने में फिबोनाची का बड़ा एक अहम किरदार होता है। तो उसको भी इंशाल्लाह हम डिटेल से पढ़ेंगे। कॉस मोटर पैटर्न स्ट्रक्चर के जो पैटर्न्स होते हैं ना जैसे आपने सुना होगा कि जी यह फ्लैग बन रहा है। ठीक
है? या किसी ने सुना होगा कि जी यह हेड एंड शोल्डर बन रहा है। सुनते हैं ना इस तरह के पैटर्न्स आप उसमें एक ही पैटर्न आपको पढ़ाएंगे हम वो है क्वसी मोटर पैटर्न। यह सबसे ज्यादा एक्यूरेसी वाला पैटर्न है। और इसमें आमतौर पे आपको एक अच्छी ट्रेड ट्रेड नहीं मिलती इनसे। पैटर्न से ट्रेड नहीं मिलती। हमने ट्रेड करनी होती है इंट्राडे ट्रेडिंग। ठीक है? आज हम एंटर हो गए 1 घंटे बाद हमारा टीपीएट हो गया। 2 घंटे बाद, 4 घंटे बाद नेक्स्ट डे उससे अगले दिन इससे ज्यादा लंबा तो नहीं करते हम ट्रेड को।
तो यह जो चीज़ होती है ना कॉसिम पैटर्न्स हो गए, हेड एंड शोल्डर्स हो गए, यह बड़े टाइम फ्रेम में काम करती हैं फोर आवर में, डेली में और ये आमतौर पे स्टॉक एक्सचेंज वगैरह या ऐसी चीजों के लिए ये करेंसी पेयर्स के लिए अच्छा काम करते हैं। हम कॉसिम पैटर्न सिर्फ इसलिए पढ़ेंगे कि मुमकिन है आप लोग करेंसी पे काम करना चाहें कल को। उसके लिए आपको कोई अच्छे रिवर्सल पैटर्न्स आपको पता चल जाए कि हां अब रिवर्सल आ गया है। या एक डीप रिट्रेसमेंट आने वाली है। तो उसके लिए कॉसिमो एक अच्छी चीज
है। इंशाल्लाह इसको हम पढ़ेंगे डिटेल से। उसके बाद है जी आपका स्मार्ट मनी कासेप्ट। स्मार्ट मनी कासेप्ट हम क्यों यूज करते हैं? एक बात मेरी आप याद कर लें आप। हमने अपना जो ये कोर्स डिजाइन किया हुआ है, आपको चार चीजें चाहिए। देखिए आपको ट्रेड करने के लिए चार चीजें चाहिए टोटल। यह बात आपने बहुत ध्यान से सुननी है। इससे आपको कोर्स का आईडिया हो जाएगा। सबसे पहले आपको पता होना चाहिए ट्रेंड का। जी। सबसे पहली जो चीज आपके लिए जरूरी है, वह ट्रेंड जरूरी है। आपने एक फिकरा सुना होगा। सबने पढ़ा होगा। मैं इसको
यहां पर लिख दूंगा बल्कि मैं अभी लिख देता हूं क्योंकि इसके बगैर ट्रेडिंग नहीं है। आवर नहीं योर आवर तो है ही। ठीक है जी। फ्रेंड इज़ योर फ्रेंड। यह अब आपने 10 जगह सुनी होगी और बस जैसे एक कान से सुन के बंदा निकाल देता है। दूसरे कान से सफाई नहीं माना है। ठीक है? हम भी एक कान से सुनते हैं। दूसरे से निकाल देते हैं लोग। नई सफाई का ख्याल रखते। पढ़ते रोज है। इसी तरीके से ट्रेंड यहां पे भी सफाई जो है वह ट्रेंड है। ट्रेडिंग में ट्रेंड का लोग ख्याल नहीं रखते
और फिर लॉस पे लॉस करवाते रहते हैं। हालांकि एक छोटी सी लाइन अगर आप याद कर लें तो आपकी ट्रेडिंग यहीं से ठीक हो जाएगी। सबसे पहले हमें ट्रेंड चाहिए। ट्रेंड क्यों चाहिए कि जिस साइड का ट्रेंड है उस साइड पे हमने ट्रेड करनी है। तो ये आपका मॉड्यूल वन जिसमें आपने प्राइस सेक्शन पढ़ना है, स्ट्रक्चर पढ़ना है। यह आपका वहां पे कंप्लीट हो जाएगा। ठीक है? अब आपको पता चल गया कि ट्रेंड आपका बुलिश है। आपने गोल्ड में बायर रहना है। बायर नहीं रहना बायर रहना है। ठीक है? आपने खरीदार बनके रहना है गोल्ड
मार्केट में। क्योंकि गोल्ड मार्केट मुस्क बुलिश है। पहली चीज़ तो कंफर्म हो गई। दूसरी चीज़ क्या हो गई? दूसरी चीज़ ये हो गई कि अब अगर हमने गोल्ड में बायर रहना है, हमने बाय करना है गोल्ड को तो कहां से करना है? मतलब यहां से करना है या यहां से करना है? ठीक है? मैं एक जो अक्सर एग्जांपल देता हूं वो ये है कि एक होता है ट्रेंड। जैसे कि आपको यहां पे नजर आ रहा है। एक होती है इसकी भेड़ चाल। ठीक है? जैसे इसकी एग्जांपल भी सुन लें। पाकिस्तान में 2012 13 इसमें आपने
देखा होगा कि सीएनजी स्टेशन पे लाइन लगी होती थी। ठीक है? अब देखें सीएनजी स्टेशन पे कौन जाता है। उन लोगों ने जब ट्रेंड था ना तो जो लोग ट्रेंड में शामिल हुए उन्होंने पैसा कमाया और जो बाद में भेड़चाल का शिकार हो गए कि हम भी बना लेते हैं। हम भी बना लेते हैं। हमारे पास भी जगह है। हम भी बना लेते हैं। उन्होंने नुकसान कर लिया अपना। इसी तरीके से बहुत सारे कारोबार आपकी नजर में होंगे कि जब वो स्टार्ट होते हैं उनका टाइम अच्छा होता है। या वो ट्रेंडिंग होते हैं। उस वक्त
जो लोग उसमें इन्वेस्ट करते हैं वो पैसा बना जाते हैं। और जो लोग उनको देखते रहते हैं, सोचते रहते हैं कि हां हां अच्छा काम है, अच्छा काम है, हम भी करेंगे और फिर कर लेते हैं। वो भेड़चाल का शिकार हो जाते हैं। लेट हो जाते हैं ना वो। तो आपने लेट नहीं होना। आपने ट्रेंड में शामिल होना है। तो ट्रेंड में शामिल होने के लिए कौन सी जगह अच्छी है, कौन सी प्राइस अच्छी है। उसके लिए आपको चाहिए लेवल मार्किंग। आपको लेवल का पता होना चाहिए कि किस लेवल से आपने प्राइस में एंटर होना
है। आपने मार्केट में किस लेवल पर एंटर होना है। उस लेवल मार्किंग के लिए आपको ये स्मार्ट मनी के जो कांसेप्ट्स हैं ये बहुत अच्छी जगह फराहम करेंगे। बहुत अच्छे लेवल्स बताएंगे। इसमें हम क्या-क्या पढ़ेंगे? इसमें हम ऑर्डर ब्लॉक्स पढ़ेंगे। ठीक है? इंट्रोडक्शन टू स्मार्ट मनी एंड इंस्टीट्यूशनल बिहेवियर। इंस्टीट्यूशनल बिहेवियर क्या होता है? इंस्टट्यूट्स कैसे ट्रेड करते हैं? उनके फुटप्रिंट्स को हम कैसे पढ़ेंगे? ऑर्डर ब्लॉक्स क्या होते हैं? उसको कैसे पहचानते हैं? वो कौन सा ऑर्डर ब्लॉक वैलिड है? आप YouTube पे चले जाएं। ऑर्डर ब्लॉक की तारीफ पढ़ें। हर बंदा आपको आधी तारीफ बताएगा उसकी।
पूरा बताएंगे नहीं वो बताएंगे। यह कैंडल ऑर्डर ब्लॉक है। जी। अब वो ऑर्डर ब्लॉक वैलिड भी है कि नहीं? वो काम भी करेगा या नहीं ये कोई नहीं बताएगा आपको। ठीक है? इस बारे में डिटेल से पढ़ेंगे। उसके बाद मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट चेंज ऑफ करक्टर क्या होता है? ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर कब होता है? हमारे यहां मसला ये है कि ये मार्केट ऊपर जा रही है। ट्रेंड बुलिश है। बस यहां से दो कैंडल्स कोई सेल की बनने की देर है। श्योर पड़ जाता है। सेल का ट्रेंड आ गया। जी। क्योंकि हमारे अभी भी हमारे स्टूडेंट्स ऐसा
कर जाते हैं सम टाइम जिन्होंने ठीक तरीके से नहीं क्लासेस ली होती है पढ़ा नहीं होता तो फिर उनको समझाना पड़ता है बार-बार कि यह नीचे आती है मार्केट का मतलब सेल होना नहीं होता या चेंज ऑफ करैक्टर या प्रे का स्ट्रक्चर क्या होता है ये पूरा एक प्रोसेस है पूरा एक प्रोसेस है उसके बाद यह सारा काम होगा मैं आपको जैसे पानी की मिसाल दी थी पानी में चीनी डाल के आपका मिल्कशेक बन गया इस तरह तो नहीं होगा ना पूरा प्रोसेस फॉलो करना पड़ेगा हर चीज जिस चीज का आप बना रहे हैं फ्रूट
डालना पड़ेगा उसको करना पड़ेगा सारा उसके बाद वह मुकम्मल होगा। तो यहां पर भी आपका जब ट्रेंड शिफ्ट होता है तो उसको पूरा प्रोसेस एक फॉलो होता है। वह उसकी पूरी पहचान पूरा तरीकाकार यहां पे हम पढ़ेंगे। उसके बाद इमंबैलेंसेस क्या होते हैं? एफजी क्या होता है? बैलेंस प्राइस रेंजज़ क्या होती हैं? इसके बारे में हम पढ़ेंगे। ये सब चीजें आपके लिए क्यों पढ़ना जरूरी हैं? ये छोटी सी है। तीन चार चीजें हैं। क्यों पढ़ना जरूरी है? ताकि आपको ट्रेंड में लेवल का पता चल जाए। ये सब चीजें इंटरलिंक्ड है। कोई भी चीज़ अलग से
नहीं हम पढ़ रहे। स्ट्रक्चर हमने पढ़ा था ट्रेंड के लिए। ट्रेंड के बाद नेक्स्ट चीज हमें चाहिए कि इस ट्रेंड में शामिल कैसे होना है? उसके लिए हम आएंगे लेवल मार्किंग पे। अब लेवल मार्क आपको पता चल गया जी ये लेवल है या ये लेवल है। यहां से आपको ट्रेड में एंटर होना है या यहां से एंटर होना है। दो जगह आपको बता दी। यहां से आपको ट्र ट्रेड मिल सकती है इस जगह से और या फिर यहां से एक लेवल यह है। दूसरा लेवल यह है। दो लेवल्स हैं। चलिए लेवल्स तो आपने मार्क कर
लिए। यहां पे भी आप चेक कर लेंगे। यहां भी चेक कर लेंगे। लेवल लग गए। तीसरी चीज क्या है? तीसरी चीज है एंट्री कैंडल कंफर्मेशन भी नहीं किस कैंडल पे आपने एंटर होना है अब ठीक है चले कंफर्मेशन भी कह लें कंफर्मेशन कंफर्मेशन क्या है एंट्री कैंडल या एंट्री कंफर्मेशन का मतलब यह है कि प्राइस अब यहां पे आ तो गई ये दो जगह आपने मार्क की है प्राइस आहिस्ता-आहिस्ता यहां पे आ जाती है ठीक है ये रिट्रेसमेंट्स लेती हुई छोटी-छोटी यहां पे प्राइस आ जाती है। तो यहां पे कौन सी कंफर्मेशन हो तो हम
एंटर होंगे। कौन सी कंफर्मेशन होगी तो या कौन सी कंफर्मेशन नहीं होगी तो हम एंटर नहीं होंगे। ठीक है? फिर प्राइसेस यहां पे कोई कंफर्मेशन नहीं देती। प्राइस नीचे आ जाती है। वीएसए का जो सबसे बड़ा फायदा है वो यह है कि आप अगर यहां पे ट्रेड नहीं बनी ना तो यहां पे कोई साइन ही नहीं आएगा। वीएसए यहां पे साइन बनाएगा ही नहीं। ठीक है? हां वीक साइन बना सकता है। वीक साइन का मतलब यह होगा कि अब वो ट्रेड चल भी सकती है और मुमकिन है ना भी चले। तो वीक साइन को ट्रेड
करने का भी एक तरीका होता है कि आप रिस्क कम रख के इसको ट्रेड कर लें। अब यह मैं बात आपको शुरू में बता रहा था कि अगर हमारे 16 में यानी 20 में से हमारे 16 टीपीू में चार स्टॉप लॉसेस हो गए हैं तो उन चार में से दो तीन ट्रेड ऐसी भी होती हैं कि हमें किसी वीक कंफर्मेशन को ट्राई करने की कोशिश करते हैं। आप चाहे हम बता देते हैं कि यह वीक सेटअप है। चाहे तो ट्रेड करें। बिल्कुल लो रिस्क के साथ चाहें तो छोड़ दें। मेन अपने पॉइंट का मेन कंफर्मेशन
का वेट कर लें। तो कुछ लोग छोड़ देते हैं। जो ट्रेड करना चाहते हैं वो कर लेते हैं। मैं समटाइम्स ट्रेड करता हूं। मैं बता देता हूं कि मैं भी एंटर हो गया हूं। जब मैं खुद ट्रेड नहीं करता, मैं बताता हूं कि मैं भी हमें या हमारे टीम के लोग वो बता देते हैं कि हम ट्रेड कर रहे हैं खुद या नहीं कर रहे। अच्छा अब यहां पे आपको कंफर्मेशन मिलती है। आप यहां से एंटर हो जाए। नहीं मिलती नीचे वाले लेवल का वेट कर लें। यहां से कंफर्मेशन मिलती है। यहां से एंटर हो
जाए। यहां से भी नहीं मिलती और आने दे नीचे। कम से कम आप लॉस तो नहीं कर रहे ना। ट्रेड आपको यहां से नहीं मिल रही। यहां से नहीं मिल रही। लेकिन लॉस तो नहीं किया आपने ₹1 का भी। जब आपको ट्रेड का साइन मिल जाएगा इसी पूरे अप ट्रेंड में। अप ट्रेंड में आपको साइन मिल गया कि इस कैंडल से बाइंग स्टार्ट है। वहां से आप बाइंग करना शुरू कर देंगे। उधर से आप बायर होंगे। ठीक है जी। तो वो चीज क्या है? वो है हमारा मॉड्यूल नंबर थ्री और वो वीएसए पढ़ेंगे आप। इस
तरीके से ये चीजें इंटरलिंक्ड है। मैं आपको समझाना ये चाह रहा हूं कि पहले आपको ट्रेंड का पता चला। फिर आपने लेवल मार्क कर लिया कि यहां से हमने एंटर होना है। उसके बाद तीसरी चीज़ आ जाती है कि लेवल तो पता चल गया। लेवल तो इसकी एग्जांपल एक मैं इसलिए कहता हूं कि मैं स्लाइड से ज्यादा मेरी कोशिश होती है अपने अल्फाज़ में आपको समझा दूं। मिसाल के तौर पर आपने घर से जाना है किसी दूसरे सिटी में या आपके घर पर हैं। आपने किसी सिटी पर जाना है। तो सबसे पहले आप यह डिसाइड
करेंगे कि आपको जाना कैसे है? कार पे जाना है, बस पे जाना है, ट्रेन पे जाना है, हवाई जहाज पे जाना है, किस चीज पे आपको जाना है वहां पे। जब आपने यह पहले पहला पहला डिसीजन आपका यह है। ठीक है? ट्रेंड कि आपने जाना किस तरफ है। आपने डिसाइड कर लिया जी कि आपको जाना है एयरपोर्ट से। आप एयरपोर्ट पे आ गए। ठीक है? अब उसके बाद अगली चीज़ ये देखें ना। एयरपोर्ट पे आप आ गए। अब आप लेवल बताओगे। लेवल मार्किंग आपने कर ली। आपका लेवल था एयरपोर्ट। एयरपोर्ट की लेवल मार्किंग हो गई।
आप वहां पहुंच गए। अब आपने अपने जहाज में अपने उस शहर में जिधर आपने जाना है उसी जहाज पे आपने बोर्डिंग करनी है ना उसी जहाज पे आपने बैठना है। तो ये है असल चीज़ वो कंफर्मेशन जो आपको वहां से उठाएगी। ठीक है? लेवल आपका लग गया। लेवल के बाद अब आपने किस कैंडल पे ट्रेड करनी है? बहुत सारी कैंडल्स बनेंगी। यहां रेंज स्टार्ट हो जाएगी। एक्यूमुलेशन स्टार्ट हो जाएगी। मार्केट घंटों घंटों यहां पर रेंज शुरू कर देगी। आपने किस कैंडल पे ट्रेड करनी है? असल चीज वह है। ठीक है जी। यानी यहां पर आप
आते हैं एयरपोर्ट पर यहां तो 50 जहाज खड़े होंगे। आपने किस जहाज पर बैठना है? किस गेट से जाना है? उसका जाहिर है पूरा प्रोसेस होता है। तो जब आप उस पे चढ़ेंगे, उस जहाज पे जाएंगे, फिर आप अपने मंजिल पे पहुंच सकते हैं। बिल्कुल उसी तरीके से यहां पे जो आपको कंफर्मेशन की ट्रेड मिलेगी, कंफर्मेशन की कैंडल मिलेगी, वहां से आप ट्रेड करेंगे। उस पे आप एंट्री रखेंगे, नीचे आपका स्टॉप लॉस आएगा और फिर आप की ट्रेड अपनी मंजिल की तरफ जाएगी। यह तो चीजें जो तीन हो गई, यह थी स्ट्रेटजी से मुतालिक। ठीक
है जी। यह सब स्ट्रेटजी का हिस्सा है। ट्रेंड भी स्ट्रेटजी का हिस्सा है। फिर लेवल में लगाना स्ट्रेटजी का हिस्सा है। लेवल लगाने के बाद एंट्री कैंडल कौन सी होनी चाहिए? किस कैंडल पर एंटर होना है? ये भी स्ट्रेटजी का हिस्सा है। अब इस सब को आप चाहें तो मल्टीप्लाई कर दें। इतनी स्ट्रांग थी इससे और चाहें तो सबको मल्टीप्लाई कर दें ज़ीरो से। ज़ीरो से मल्टीप्लाई करेंगे तो जो कुछ पढ़ा था, जो मेहनत की थी, जो सीखा था, वह सब कुछ ज़ीरो हो जाएगा। और वह ज़ीरो करने वाली चीज क्या है? वह है नंबर
फोर। वह है रिस्क। रिस्क मैनेजमेंट। ठीक है? इसको रिस्क मैनेजमेंट भी हम पढ़ेंगे इसमें और ट्रेड मैनेजमेंट भी पढ़ेंगे। ये दोनों चीजें एक ही चीज का नाम है। रिस्क मैनेजमेंट ही ट्रेड मैनेजमेंट है। बेसिकली रिस्क मैनेजमेंट क्या होता है कि आपने सब कुछ पढ़ लिया। आपने लेवल भी लगा लिया। आपने ट्रेड भी ले ली अच्छी जगह से। आपने उस पे रिस्क बेतहाशा रिस्क रख दिया। अंधा रिस्क लगा दिया। आपने अपना अकाउंट जो है वह रिस्क पे लगा दिया पूरा। और वही सेटअप आपका। हमने तो कहा है 95% एक्यूरेसी है। 5% तो हमने रखा हुआ है
मार्जिन के यार स्टॉप लॉस भी हिट हो सकता है। सबसे हाई प्रोबेबिलिटी ट्रेड का भी स्टॉप लॉस हिट हो सकता है। क्योंकि इस मार्केट को हम देख रहे होते हैं। हमें हमारे पास तो महदूद सा इलम है। हम उसी महदूद इल्म को सामने रखते हुए मार्केट को देख रहे होते हैं। लेकिन दुनिया में सैकड़ों मुल्क हैं और हर मुल्क में पता नहीं क्या-क्या हो रहा है। अमेरिका में क्या हो रहा है। इकोनॉमिस्ट क्या सोच रहे हैं? दुनिया में क्या चल रहा है। जंगे हो रही हैं। मायदे हो रहे हैं। उनका कोई भी इंपैक्ट आ सकता
है। कोई भी हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप उस वजह से फेल हो सकता है। आपने रिस्क रखा था बहुत ज्यादा। ट्रेड तो आपने ले ली लेकिन उसी ट्रेड ने आपका स्टॉप लॉस हिट कर दिया। किसी भी वजह से कोई न्यूज़ ऐसी आ गई या कोई खराबी पड़ गई कुछ भी हो गया आपका स्टॉप लॉस हिट हो गया। आपने क्या किया कि जो सारी मेहनत थी, सारी स्ट्रेटजी थी, सारी लेवल मार्किंग थी, आपने उसको ज़ीरो से मल्टीप्लाई करके अपना अकाउंट वाश कर लिया। अपना अकाउंट ज़ीरो कर लिया। ठीक है? दूसरी तरफ आपकी रिस्क मैनेजमेंट इतनी स्ट्रांग है। यह
सब कुछ पढ़ने के बाद कि आपने सिर्फ अपने अकाउंट का आपने देखा हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप बन रहा है। आपने 2% रिस्क ले लिया अपने अकाउंट का। यानी आपके पास ₹100 का अकाउंट है। आपने सिर्फ ₹2 रिस्क पर लगा दिए। ठीक है? बस मेरा छोटा सा रिस्क हो ताकि मेरे अकाउंट पर बड़ा डेंट ना आए। और उस दो ने आपको यहां से आपके अकाउंट को ₹104 का कर दिया जो कि पहले ₹12 का ₹100 का था अब ₹14 का हो गया। यह बंदा सक्सेसफुल है। देखने में शायद कभी ऐसा लगे कि जिस बंदे ने पूरे अकाउंट
का रिस्क लगा लिया था मुमकिन है वह इस 100 को यहां पे 200 कर ले, 300 कर ले, डबल कर ले, डबल से भी ज्यादा कर ले। जब आप उसकी तरफ देखेंगे आप कहेंगे यार तो डबल कर लिया। मैंने सिर्फ ₹4 कमाए हैं। ठीक है? आपके दिल में एक बार आएगा। लेकिन जो शख्स यह चीज कंट्रोल कर लेगा उसको वो मेरे साथ वादा कर ले वो प्रॉफिट में रहेगा हमेशा इंशा्लाह। ठीक है? वजह सिर्फ यह होगी कि उसका रिस्क मैनेज होगा। वो लालच नहीं कर रहा। वो क्या कर रहा है? रिस्क मैनेजमेंट के साथ अपने
अकाउंट को एक बिज़नेस की तरह ग्रो करना शुरू हो गया। आज उसने 4% कमा लिया। कल शायद 1% चला जाए। तीन पे आ गया। फिर नेक्स्ट डे 2% कमा लिया। पांच पे चला गया। फिर नेक्स्ट डे कमा लिया। सात पे चला गया। करते-करते मैंने जो अपना अकाउंट पब्लिक किया हुआ है उस पे आप रिस्क देखेंगे। हैरान रह जाएंगे। आपने देखी होंगी वीडियो आत तौर पे सारे लोग देखते हैं कि उस पे रिस्क कितना छोटा है। 300 अगर उसका अकाउंट बैलेंस है तो उस पे सिर्फ 30 सेंट की लॉट लगी हुई है। ठीक है? लोग वहां
पे चार-चार स्टैंडर्ड लगा रहे होते हैं। लेकिन वो परेशान भी होते हैं। उनके बड़े-बड़े लॉसेस भी होते हैं। मेरा अकाउंट मुसलसल प्रॉफिट में चल रहा होता है। तो आप लोगों ने अगर मुसलसल प्रॉफिट में रहना है तो रिस्क मैनेजमेंट में सिर्फ एक रिस्क मैनेजमेंट नहीं होती। जिसमें मैंने आपको बताया था कि आपके दिल में लालच आएगा कि यार मैंने सिर्फ ₹4 कमाए उसने 250 कमा लिए आज लेकिन उसके जाएंगे भी ऐसे उसके जाएंगे भी किसी दिन सारे चले जाएंगे 400 चला जाएगा 500 चला जाएगा क्योंकि वो एक अंधा रिस्क ले रहा है वो जुआ खेल
रहा है एक किस्म का वो सारे उड़ा सकता है वो डबल भी कर सकता है आपने जुारी तो नहीं बनना ना आपने जुआ तो नहीं खेलना तो आपने क्या करना है आपने ग्रेजुअली ग्रो करना है ग्रेजुअली ग्रो करना है ये वो समझे कछुए वाली रेस है ठीक है चलना शुरू कर देंगे बस आज से इंशाल्लाह देखेंगे साल बाद आप कितना ऊपर होते हैं उस दिन हम हमारे टीम टीम मेंबरी की बात कर रहे थे और उन्होंने मुझे वो चार्ट दिखाया यकीन करें मैं हैरान रह गया खुद भी देखा हालांकि ऐसी चीजें मैंने बहुत देखी हैं
पहले भी लेकिन उस दिन जरा डिटेल से बात हो रही थी आपका $1000 का अकाउंट है आप सिर्फ 1% रिस्क लेते हैं अपने अकाउंट पे महीने में 1520 दिन ठीक है और महीने बाद आधे पैसे निकाल लेते हैं आधे को कंपाउंड कर लेते हैं तो तीन चार साल में मिलियंस ऑफ डॉलर के आप मालिक हैं और यह बिल्कुल भी ऐसी चीज नहीं है कि मैं कहूं कि यह गप है आप में से जो लोग करेंगे अब से 2 साल बाद आप देख लीजिएगा खुदास ये रिकॉर्डिंग सब हर जगह पड़ी होगी। शायद इसको हम पब्लिक भी
कर दें YouTube पे। ठीक है? वैसे आपके पास तो रहेगी ना। आप सुन लीजिएगा। और जो बंदा बड़े रिस्क लेगा सिर्फ रिस्क की बात नहीं है। मैं बार-बार ये कह रहा हूं कि सिर्फ रिस्क नहीं इसमें ग्रीड भी शामिल है। इसमें फियर भी शामिल है। इसमें इमोशंस शामिल है। आपने ट्रेड तो ले ली। अब बैक टेस्टिंग लोग करते हैं। क्या मसला आता है? चलिए वो बाद में बात करते हैं। यहां तक समझ आ गई जी? कि ट्रेंड क्यों पढ़ना जरूरी है? लेवल मार्किंग क्या है? फिर लेवल मार्किंग आपने कर ली। तो फिर एंट्री कैसे लेनी
है? ये सब चीजें आपने पढ़ ली। एंट्री लेने के बाद अब आपके पास आ जाती है रिस्क मैनेजमेंट। एंट्री लेने के बाद नहीं उससे पहले। ठीक है? यहां तक तो आपने एंट्री लेनी है। अब रिस्क मैनेजमेंट आ जाती है कि आपने रिस्क कम रखना है अपनी ट्रेड पे। ज्यादा रिस्क नहीं लेना। ज्यादा रिस्क लेंगे तो फिर सब कुछ जीरो भी हो सकता है। इस बात का ख्याल रखना है आपने। पहले थोड़ा सा आगे इसको देख लेते हैं। फिर अगली बात करते हैं। स्लाइड्स जो है वो पीछे रह गई हैं। मैं जरा आगे तक बता गया
हूं। बरा चलें रीएसए वॉल्यूम स्प्रेड एनालिसिस यह हमारा मेन जो इसका समझ लें कि मेन पोर्शन है हमारे इस कोर्स का वह यह है। लोग यह पढ़ने के लिए आते हैं। बाकी सब कुछ वहां पे मिल जाता है। अच्छा इसमें आपको एक बात बताऊं वो ये है कि आप इसको गलत कहें या ठीक कहें वो आपका मसला आपको यह वाला वीएसए नहीं मिलेगा कहीं पे। इसमें मेरी अपनी मॉडिफिकेशंस हमारी टीम की मॉडिफिकेशंस बहुत ज्यादा है। ठीक है? आप आमतौर पे आपको इससे डिफरेंट कांसेप्ट मिल जाएगा। मसलन हम जैसे बताते हैं टू बार रिवर्सल आपको मार्केट
में हर कोई जिसने भी अच्छा मैं ये नहीं किसी को बुरा नहीं कह रहा मैं बस ये बात कह रहा हूं कि जो चल रहा है ना मार्केट में वो टू बार रिवर्सल कुछ हो रहा है जो हम आपको पढ़ाएंगे उसमें काफी सारा डिफरेंस होगा आपको बुक्स में नहीं मिलेगा फिर ठीक है तो आप उसी तरीके से कीजिएगा जिस तरीके से मैं कर रहा हूं क्योंकि मेरा सक्सेस रेट आपके सामने आ जाएगा इंशाल्लाह अच्छा इसमें हमने क्या-क्या पढ़ना है ये सब चीजें आपके सामने लिखी हुई है जी ठीक है फंडामेंटल्स ऑफ यानी कि बुनियादी चीजें
क्या होती हैं बीएसएसए है क्या चीज अंडरस्टैंडिंग वॉल्यूम प्राइस रिजेक्शन शिप कि वॉल्यूम और प्राइस का क्या रिलेशन होता है आपस में? उसके बाद कीवीएसएस सिग्नल्स, क्लाइमेटिक बार यह है वह चीज़ जिसको हम 95% विन रेट पे लेके जाते हैं। ठीक है? इसी के डिफरेंट सिनेरियोज़ हैं। 1 2 3 उसके बाद ऑटोमेटिक रैली। तो ये सब चीज़ इंशाल्लाह आप इसमें पढ़ेंगे। टू बार रिवर्सल है। उसके बाद शेक आउट, अप थ्रस्ट कैंडल्स, एफर्ट पर्स रिजल्ट, अब्सॉर्प्शन कैंडल, नो सप्लाई, नो डिमांड को हमने पिछले एक डेढ़ साल में कोर्स में शामिल नहीं रखा। ठीक है? अब हम
इसको दोबारा लेके आए हैं क्योंकि अब जो उसकी जिस तरीके से अब हम इस पे काम कर रहे हैं उससे हमें बहुत अच्छा रिजल्ट मिल रहा है। तो हमने इस कोर्स में दोबारा बल्कि इस कोर्स में नहीं बैच नंबर 39 में पिछले कोर्स में दोबारा इसको ऐड कर दिया था। उसके बाद स्टॉपिंग वॉल्यूम्स वाइक ऑफ के जितने भी कांसेप्ट्स इसके बाद आप जो बाकी है वो इंशाल्लाह इसके बारे में हम बात करेंगे। वफ जो है वो एक आप समझ जो वॉल्यूम के जो मोज है उनका नाम है उनकी डिफरेंट जितनी भी स्ट्रेटजी इंशा्लाह उस हम
बात करेंगे। अच्छा उसके बाद जी अगली चीज मॉडल नंबर फाइव। यह चीज लिक्विडिटी। लिक्विडिटी वो चीज है कि जिसको अगर आप वॉल्यूम के साथ ऐड कर लेते हैं। ठीक है? जिसको आप आप लोगों ने जो आईसीटी पढ़ के आए हैं या पढ़ चुके हैं। इंड्यूसमेंट के बारे में आपने देखा होगा। इंड्यूसमेंट भी यही चीज होती है। लिक्विडिटी सीपी कहते हैं। बहाल इसमें ये इतनी डिटेल से आप पढ़ेंगे इंशाल्लाह। बिल्कुल छोटी-छोटी इंटरनल लिक्विडिटी क्या होती है? एक्सटर्नल लिक्विडिटी क्या होती बल्कि सारा कंटेंट यहां पे लिखा हुआ है। लिक्विडिटी ज़ों्स कौन से होते हैं? अच्छे लिक्विडिटी ज़ोंस
कौन से हैं? ठीक है? प्राइस कैसे उनकी तरफ अप्रोच करती है? इंटरनल क्या होता है? एक्सटर्नल लिक्विडिटी क्या होती है? उसके बाद इक्वल हाईज़, इक्वल लोज़, सेशन की लिक्विडिटी, ठीक है? कैंडल्स की लिक्विडिटी और रोल ऑफ लिक्विडिटी इन स्टॉप फंड्स एंड रिवर्सल्स। ये सब चीजें यानी बेतहाशा चीजें इसमें हैं। हमने इसको इतने आसान तरीके से इसको बनाया है। इसकी स्लाइड जब आप देखेंगे या इस पे जब आप काम करेंगे आपको चार्ट देख के समझ आ जाएगी कि किस जगह से प्राइस ने एक बड़ी वेव लेनी है। ठीक है? यहां से लेनी है या यहां से
लेनी है या यहां से लेनी है। वो हम इंशाल्लाह आपको इतनी डिटेल से पढ़ाएंगे। जब आप प्राइस लिक्विडिटी लेने आएगी, लिक्विडिटी स्वीप करने आएगी, वहां पे बनेगा वीएसए का साइन। जब यह दो चीजें मिल जाती हैं। लिक्विडिटी प्लस वीएसए। यह दो चीजें जब मिल जाएंगी तो फिर जो चीज बनेगी इंशााल्लाह वह इंतहाई एक्यूरेट और बहुत जबरदस्त काम करने वाली होगी। यह असल चीज है। इस कोर्स का जो हासिल है वो यह होगा इंशाल्लाह आपका कंबाइनिंग लिक्विडिटी विद बीएसए, एसएमसी एंड प्राइस सेक्शन यानी जो कुछ आपने पढ़ा है उसको हम अब एक चीज बना देंगे। ठीक
है? यक जान कर देंगे। जिस तरह कोई मिट्टी का बर्तन बनता है ना। ठीक है? एंड पे आके हर चीज उसमें उसके कलर्स भी उसकी उसके ऊपर जो फूल बूटे बने होते हैं वो भी बिल्कुल कच्चे बर्तन जिस तरह होते हैं तो एंड पे आके एक जगह वो यकजा होता है फिर उसकी खूबसूरती सामने आती है फिर उस पेंट होता है फिर वो सामने रखा जाता है तो बिल्कुल इस तरह जब आप ये सब चीजें पढ़ लेंगे तो एंड पे जाके जब ये चीज बनेगी यह आपको मार्केट में नहीं मिलेगी इस पे आप काम करके
देखेंगे इससे जैसा रिजल्ट आपको कहीं और नहीं मिलेगा यह वो चीज़ जिसके बारे में आपको बताया था ट्रेड मैनेजमेंट और साइकोलॉजी इसके बगैर चीजें ना मुकम्मल है। यह वह चीज़ है जो सब कुछ ज़ीरो भी कर सकती है। सिक्स मॉड्यूल्स हैं हमारे। ठीक है? टोटल छह चीज़ें आपने पढ़नी है। मैंने आपको चार थोड़े इफ्तसार के साथ बताई हैं। कम करके बताई थी कि यह हमारा है। लेकिन यहां पे स्लाइड्स में क्योंकि हम थोड़ा डिटेल से चीजें लिखी हुई हैं। तो ये सिक्स मॉड्यूल्स बनते हैं। अच्छा अब इसमें क्या होगा? देखिए जी। अंडरस्टैंडिंग रिस्क ऑफ लूजिंग
इट ऑल। सारा भी जा सकता है। सिर्फ उसी बंदे का जाएगा जिसकी मैंने एग्जांपल दे दी थी आपको कोई ऊपर। ठीक है? हाउ मच टू ट्रेड? कितनी ट्रेड्स करनी चाहिए दिन में? कितनी दफा ट्रेड करनी चाहिए? साइकोलॉजी को कैसे कंट्रोल करना है? बड़े लॉसेस मेरे भी हुए हैं बीच में। मैंने एक वीडियो में बताया था कि एक दिन का लॉस ₹34 लाख से भी ऊपर था। एक दिन का लॉस। ठीक है? लेकिन उस दिन मैं बिल्कुल परेशान। मुझे पता था ना कि अभी ये वापस आ जाने हैं। अब होता अगर मेरे पास अपना 10 लाख
24 लाख मैंने किसी से मांगा होता। ठीक है? और वो मेरा उठ जाता तो मैं तो अगले दिन मैं तो शायद हॉस्पिटल पहुंचा होता। ठीक है? अगले दिन उठने की हिम्मत ही ना होती। तो कैसे ट्रेड करना है? पैसे कहां से लेने हैं? किसी के पैसे लगाने हैं कि नहीं लगाने? उधार लेना है कि नहीं लेना? ये सब बिज़नेस में इंशाल्लाह हम डिटेल से पढ़ेंगे। देखिए आप इस बात से बस समझ जाएंगे कि 10 लाख मेरे होते 24 किसी और का होता और वो 34 लाख उड़ जाता तो फिर क्या होता? वो सारे पैसे मेरे
अपने थे। उड़ गए थे। हां जाहिर है बंदे का ₹34 लाख गया एक बार होती है टेंशन। लेकिन 34 लाख पाकिस्तानी कन्वर्ट करेंगे तो फिर होगा। आप देखेंगे 11-1000 उड़ गया फिर नहीं होगा। क्योंकि जाहिर है आप कमा भी तो ऐसे ही रहे ना उसमें से तो नेक्स्ट मेरे ख्याल है शायद अगले दिन या 48 घंटे के अंदर-अंदर वो चीज़ रिकवर भी हो गई ₹15,000 अच्छा टीपी उसी ट्रेड से लिया था फिर दोबारा। तो यह चीजें आपने कैसे मैनेज करनी है? यह सब चीजें इंशा्लाह हम आपको साथ-साथ लेके चलेंगे। आपको एक चीज दोबारा रिमाइंड करवा
दूं कि असल चीज जो है वो यह है कि ये सब चीजें लेके जब हम लाइव पे जाके बैठेंगे। अभी आपका यह कोर्स नहीं है। यह बस आपकी एक बेस बन रही है। मैं पिछले बैच को मैंने यह बात बताई थी कि आपकी जो मंजिल है ना वह यह नहीं है। यह नहीं है ये। ठीक है? यह भी नहीं है। आपकी मंजिल टॉप है। बिल्कुल टॉप। अब ये क्या है? यह कोर्स जो हम कर रहे हैं वो यह और यह है। बस ठीक है? यह आपके बेस कैंप्स हैं। समझ लें। आपने किसी चोटी पर जाना
है ना बिल्कुल टॉप पर पहुंचना है तो आपका यह पहला बेस कैंप है। यह दूसरा बेस कैंप है। आप समझिए कि आप बेस कैंप की तरफ जाना शुरू हुए हैं। अभी आप यहां पे हैं इस जगह पे। पहले आप यहां पहुंचेंगे फिर आप यहां पहुंचेंगे। असल चीज है यहां पहुंचना। और यहां तब आप पहुंचेंगे जब आपको ये सारा कुछ पढ़ने के बाद सब चीजें रिमाइंड करने के बाद ग्रिप बनाने के बाद जब आप लाइव पे आके बैठ जाएंगे हमारे साथ जिसके मैं फिर बता रहा हूं कि उसके हमने कोई पैसे आपसे नहीं लिए। वो एक
कॉम्प्लीमेंट्री एक्सरसा है। जो लोग अच्छे तरीके से डिसेंट तरीके से वहां पे रहेंगे। गपशप में हिस्सा लें। ने बेशक कोई ममानत नहीं है। प्रैक्टिस भी है बहुत सारे स्टूडेंट के साथ टीम की। ठीक है? उसमें भी कोई ममानत नहीं है। हंसीज़ाक सारा दिन वहां पे चलता रहता है। लेकिन बदतमीजी नहीं होती। देखिए ना एक बंदे ने आपको ट्रेड करवाई है। मिसाल के तौर पे उसका स्टॉप लॉस हिट हो गया। ठीक है? उस पे कोई ऐसा कमेंट भी किसी ने डायरेक्ट कुछ नहीं कहा। मैं आपको फिर बता रहा हूं। सिर्फ दो लोग ब्लॉक हुए थे। और
ये बार-बार क्यों रिपीट कर रहा हूं ताकि आप लोगों के ज़हन में ये चीज़ बैठ जाए। इसके अलावा बहुत अच्छा माहौल रहता है। बहुत अच्छा ट्रेडिंग एनवायरमेंट है वहां पे। बहुत अच्छे प्रॉफिट में है सब लोग। लेकिन बस होता यह है कि अगर कोई एक बंदा ऐसा कमेंट कर देता है उसको फिर हम बर्दाश्त नहीं करते क्योंकि यह कोई पेड सर्विस नहीं है। यह सिर्फ एक कॉम्प्लीमेंट्री एक्सरसाइज है कि जो चीज आपने पढ़ी है आपको उसको लाइव बैठ के देखने का मौका मिले। हमें भी अच्छा लगता है कि बड़ी कम्युनिटी हमारे साथ बैठ के ट्रेड
करती है। उसके बाद ब्रोकर की कोई शर्त नहीं है। आप तौर पे लोग आपको साथ बिठाएंगे। लाइव में बिठाएंगे जी आ जाए लाइव। हम आपको ट्रेड करवाते हैं। लेकिन पहले आपको कहेंगे यह हमारा लिंक ले लें। इस पे ब्रोकर पे चले जाए। इससे इतने पैसे जमा करवाएं और फिर आ जाए। तो वह भी चक्कर नहीं है। कोई ब्रोकर नहीं है। कोई पाबंदी नहीं है। आप जिस मर्जी ब्रोकर पे दुनिया में बैठ के काम कर लें। हमारा उससे कोई कंसर्न नहीं है। सिर्फ फ्री सर्विस है ये। ठीक है? फ्री आपके साथ बैठ के ट्रेड करेंगे इंशा्लाह
और चीजें सीखेंगे साथ-साथ। तो अभी आप यहां पे पहुंचेंगे। फिर आप इंशाल्लाह यहां पहुंचेंगे और यहां पहुंचने के लिए सबर रखना है थोड़ा सा। एक महीना लगे, डेढ़ महीने लगे जो लोग जल्दी करेंगे कि जी बस हमें एक्सेस दे दें। हम वहां पहुंच के अमीर होना चाहते हैं। वो फिर मजीद गरीब रह सकते हैं चंद माह। चलिए जी। बाकी जो अगली चीजें हैं इंशाल्लाह इसको फिर हम आगे चल के देखेंगे। अभी हम यहां पे कुछ जो मैं आपको बताया था कि ट्रेडिंग टूल्स के बारे में बताएंगे। ये हम आपको कल की क्लास में आपको बताऊंगा।
इंशाल्लाह कल हम स्टार्ट ही यहां से करेंगे कि ट्रेडिंग व्यू क्या चीज है? बैक टेस्टिंग कैसे करनी चाहिए? मैं उस टाइम बैक टेस्टिंग की बात करने लगा था। उसको मैंने इसीलिए उस वक्त रोक दिया कि ये हमारे कल के टॉपिक में है। इस पे इंशाल्लाह बात करेंगे। लोग पहले पूछते हैं कि स्ट्रेटजी पढ़ ली है। बैक टेस्ट कैसे करें? तो बैक टेस्ट करना इंतहाई फिजूल काम है। कुछ भी नहीं आपको उससे ₹1 का फायदा नहीं होगा। ठीक है? डेमो पर ट्रेड करना फज़ूलतरीन काम है। आपको बिल्कुल भी उससे कोई लर्निंग नहीं होगी। कैसे करना है?
बैक टेस्टिंग कैसे होगी? फॉरवर्ड टेस्टिंग कैसे होगी? कैसे आपका कॉन्फिडेंस बनेगा? यह सब चीजें आगे चल के इंशा्लाह हमारी नेक्स्ट क्लास का हिस्सा होंगी। तो क्लास को यहां पे खत्म करते हैं। रिकॉर्डिंग को स्टॉप करते हैं। मिलते हैं इंशाल्लाह कल 9:30 बजे और क्लास टेस्ट मैंने आपको बता दी है। वहां से देख के उस हिसाब से रेडी रहिएगा। टाइम पे आने की कोशिश करें। अच्छा एक चीज और इंपॉर्टेंट चीज वो ये है जी कि लोग की कोशिश करते हैं कि कोई बात नहीं लाइव नहीं बैठते। कौन बैठे इस टाइम लाइव आज खाना खाने जा रहे
हैं। इसकी रिकॉर्डिंग देख लेंगे। मेरे पास इतनी रिकॉर्डिंग्स पड़ी हुई हैं। ठीक है? यानी अपने बैचेस की जो मैंने करवाई हैं। लोग मांग भी लेते हैं। यकीन करें खोलते भी नहीं है। मांगते हैं पहले पीछे पड़ जाते हैं। रिकॉर्डिंग नहीं मिल रही है। वो फला जो शुरू के बैच थे। खोलते भी नहीं है। फिर रिकॉर्डिंग देखने का ना किसी को आज तक टाइम मिला है ना आपको मिलेगा। रिकॉर्डिंग से बचना है। हां होगी सही। एक्सेस आपको मिलेगी उसकी। लेकिन वो इसलिए कि आपने एक लाइव क्लास ले ली। कोई पॉइंट समझ नहीं आया। चले अगले दिन
रिकॉर्डिंग देख ली या कोई चीज समझ नहीं आ रही रिकॉर्डिंग में जाकर समझ ली। इस तरह नहीं होता कि आप क्लासेस लेना छोड़ दें और फिर आप कहें मैं रिकॉर्डिंग देख लूंगा। तो इसे जरूर लाइव ज्वाइन करें। लाइव में बैठेंगे तो वो चीज समझ आएगी जो आपको रिकॉर्डिंग में समझ नहीं आ सकती। अच्छा उसके बाद रह गया क्वेश्चन आंसर्स का चक्कर कि क्वेश्चन आंसर्स कैसे होते हैं? आपके क्यूएनए सेशंस होंगे। ठीक है? जो चीज आप पढ़ेंगे आपका जैसे ही एक फज़ मुकम्मल होगा उसका हम क्यूएनए सेशन कर देंगे। एक यानी आपने प्राइस सेक्शन पढ़ लिया।
आपका एक मॉड्यूल कंप्लीट हो गया या सचिन एसएमसी मिला लिया। अब आपके पास एक स्ट्रेटजी आ गया। एक तरीकाकार बन गया। अब उसके बारे में सवालात आपके ज़हन में आएंगे। अवल तो पढ़ा पढ़ा के बैचेस करवा करवा के अब ये चक्कर है कि मुझे क्वेश्चन पता होते हैं कि कौन से क्वेश्चंस आते हैं कौन से नहीं आते। तो जो आते हैं वो मैं स्पेशली पहले ही यहां पे उनको एड्रेस कर देता हूं। फिर भी आपके ज़हन में सवालात कोई आएंगे तो हम क्यूएनए सेक्शन में करेंगे। ठीक है? यहां पे टीकाकार क्या होगा कि हर क्लास
के बाद मैं आपका 5 से 10 मिनट के लिए मैं चैट्स ओपन करता हूं। उसमें जो उसी क्लास से रिलेटेड जो भी क्वेश्चंस होते हैं लोग लिख लेते हैं ना 5 मिनट में लिख लेते हैं लोग अपना आराम से। तो आप सवाल लिख लें। टेक्निकल चीज उसी टॉपिक पे जो उस दिन पढ़ी है। तो आप लिख के यहां पर मैसेज पर भेजेंगे। मैं आपको उसका साथ ही जवाब दे दूंगा। तो रोज के रोज तो इस तरह होंगे। ठीक है? कि क्लास के एंड पर चैट पढ़ के मैं आपको जवाब दे दूंगा। लेकिन जो डिटेल्स से
होते हैं उसका तरीकाकार क्या होगा कि हम क्यूएनए सेक्शन करेंगे। उसमें आप डिटेल से अपना चार्ट भेज सकेंगे। उसको हम चेक करके आपको जवाब भी दे देंगे। असाइनमेंट्स भी आपकी चेक होंगी आहिस्ता-आहिस्ता साथ-साथ। उसके बाद अब आप आ जाते हैं लाइव पे लाइव डिस्कर्ड पे और लाइव ज़ूम पे। वहां पे रोज रात को 9:00 बजे के बाद 9 सवा5 बजे के आसपास जब हम ट्रेड कर चुके होते हैं पहले 4 घंटे में। तो फिर हम माइक्स ओपन कर देते हैं। ठीक है? वह हमारा आप समझ लें कि ओपन माइक आवर होता है। उसमें क्या होता
है कि हम माइक्स ओपन करते हैं और स्पेशली उन लोगों को प्रेफरेंस देते हैं जो लेटेस्ट बैज में चल रहे होते हैं। जैसे बैच 39, बैच 40 तो उनको हम प्रेफर करते हैं कि पहले आप लोग पूछ लें। ठीक है? आमतौर पे वैसे तो क्यू चल रही होती है। उसमें लोग पूछ रहे होते हैं सवालात एक जैसे होते हैं। एक बंदा सुनता है। एक बंदे का सवाल आता है 10 लोगों को जवाब मिल जाता है। क्योंकि बाकी 10 का भी उस जैसा ही कोई सवाल होता है। तो वहां पे भी आपको टाइम मिला करेगा। इसलिए
इस चीज से परेशान नहीं होना कि हमारे क्वेश्चंस हैं। क्वेश्चंस आपके साथ-साथ साथ-साथ कवर होते जाएंगे। कोर्स खत्म भी हो जाएगा। फिर भी कोई सवाल होगा तो आपके पास लाइव में फिर भी ऑप्शन है। वहां पे भी आप पूछ सकते हैं। माइक में भी पूछ सकते हैं। मैसेज करके भी पूछ सकते हैं। स्पोर्ट से भी हम इंशा्लाह शुरू करेंगे कि स्पोर्ट पे भी आप मैसेज करके टेक्निकल चीजें पूछ सकें। चल जी मिलते हैं इंशा्लाह कल की क्लास में और इसको कंटिन्यू करेंगे। तब तक के लिए अल्लाह हाफिज।