क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ लोग बिल्कुल शून्य से शुरुआत करके करोड़ों की संपत्ति बना लेते हैं। जबकि कुछ लोग पूरी जिंदगी मेहनत करने के बाद भी सिर्फ अपने खर्च पूरे कर पाते हैं। क्या उनके पास कोई जादू था? क्या वे हमसे ज्यादा बुद्धिमान थे? या फिर उनके पास कोई ऐसा राज था जिसके बारे में दुनिया के ज्यादातर लोगों को कभी पता ही नहीं चला। अगर आपके मन में भी कभी यह सवाल आए हैं तो आज की यह यात्रा आपके लिए है। लेकिन आगे बढ़ने से पहले मैं आपसे एक वादा चाहता हूं। इस वीडियो
को सिर्फ सुनिए मत। इसे अपने भविष्य के साथ होने वाली एक गंभीर बातचीत की तरह देखिए। क्योंकि हो सकता है कि अगले कुछ मिनटों में आपकी सोच, पैसों को देखने का आपका नजरिया और आने वाले 10 वर्षों का आपका फैसला हमेशा के लिए बदल जाए। ज्यादातर लोग मानते हैं कि करोड़पति बनने के लिए अमीर परिवार में पैदा होना जरूरी है। बहुत बड़ी डिग्री चाहिए। लाखों रुपए का बिजनेस चाहिए या फिर किस्मत का साथ चाहिए। लेकिन अगर यही सच होता तो दुनिया में ऐसे लाखों लोग कभी सफल नहीं बन पाते। जिन्होंने अपनी शुरुआत उधार के पैसों
से की, छोटे से कमरे से की, असफलताओं से की और कई बार तो उनके पास अगला दिन निकालने तक के पैसे नहीं थे। फर्क सिर्फ इतना था कि उन्होंने वही देखा जो बाकी लोग देख ही नहीं पाए। उन्होंने वही फैसले लिए जिन्हें बाकी लोग टालते रहे और सबसे बड़ी बात उन्होंने अपनी पहचान अपनी वर्तमान परिस्थितियों से नहीं बल्कि अपने भविष्य से बनाई। कल्पना कीजिए कि आज से 5 साल बाद आपका बैंक अकाउंट कैसा होगा? आपका घर कैसा होगा? आपके माता-पिता के चेहरे पर कैसी मुस्कान होगी? क्या आप आज भी वही जिंदगी जी रहे होंगे जो
अभी जी रहे हैं या फिर लोग आपको देखकर कहेंगे कि इस इंसान ने अपनी किस्मत खुद लिखी है? सच तो यह है कि भविष्य अचानक नहीं बदलता। भविष्य उन छोटे-छोटे फैसलों से बनता है जिन्हें हम आज महत्वहीन समझकर टाल देते हैं। हर दिन लिया गया एक सही निर्णय, हर दिन सीखी गई एक नई स्किल, हर दिन बचाया गया थोड़ा सा पैसा और हर दिन किया गया थोड़ा सा अनुशासन। यही मिलकर एक ऐसी जिंदगी बनाते हैं जिसे दुनिया सफलता कहती है। लेकिन यहां एक सवाल और है। अगर करोड़पति बनने का रास्ता इतना स्पष्ट है तो फिर
ज्यादातर लोग उस रास्ते पर चलते क्यों नहीं? क्योंकि उन्हें पैसे कमाने से पहले पैसे के बारे में सोचना नहीं सिखाया जाता। उन्हें मेहनत करना सिखाया जाता है। लेकिन मेहनत को संपत्ति में बदलना नहीं। उन्हें नौकरी ढूंढना सिखाया जाता है। लेकिन अवसर बनाना नहीं। उन्हें खर्च करना सिखाया जाता है। लेकिन पैसा अपने लिए काम कैसे करवाया जाए यह नहीं। और यही वह जगह है जहां अधिकांश लोगों की पूरी जिंदगी बदलने से पहले ही रुक जाती है। आज जो बातें आप सुनने वाले हैं वे कोई रातोंरात अमीर बनने का सपना नहीं बेचेंगी। यहां आपको कोई शॉर्टकट, कोई
लॉटरी, कोई जादुई फार्मूला या एक हफ्ते में करोड़पति बनने का झूठा वादा नहीं मिलेगा। इसके बजाय आपको वे सिद्धांत मिलेंगे। जिन्होंने साधारण लोगों को असाधारण परिणाम दिए। ऐसी सोच मिलेगी जो आय से पहले मूल्य बनाना सिखाती है। ऐसी आदतें मिलेंगी जो छोटे कदमों को बड़ी उपलब्धियों में बदल देती हैं और ऐसे फैसलों की ताकत समझ आएगी जो आज मामूली लगते हैं। लेकिन आने वाले वर्षों में आपकी पूरी आर्थिक कहानी लिख देते हैं। हो सकता है इस समय आपके पास ज्यादा पैसे ना हो। हो सकता है आपके पास कोई बड़ा बिजनेस ना हो। हो सकता है
आपके परिवार की आर्थिक स्थिति भी वैसी ना हो जैसी आप चाहते हैं। लेकिन याद रखिए किसी इंसान की शुरुआत उसकी मंजिल तय नहीं करती। उसकी सोच, उसका अनुशासन, उसका सीखने का जुनून और लगातार सही दिशा में उठाए गए कदम उसकी मंजिल तय करते हैं। दुनिया का हर बड़ा साम्राज्य कभी एक छोटे विचार से शुरू हुआ था। हर करोड़पति कभी पहली कमाई का इंतजार कर रहा था। हर सफल इंसान कभी असफलताओं से घिरा हुआ था। फर्क सिर्फ इतना था कि उन्होंने रुकने का फैसला नहीं किया। इसलिए मैं चाहता हूं कि इस वीडियो को आप सिर्फ जानकारी
के लिए ना देखें। इसे अपने जीवन की एक नई शुरुआत मानकर देखें। हो सकता है शुरुआत में कुछ बातें आपकी पुरानी मान्यताओं को चुनौती दें। कुछ बातें आपको असहज महसूस कराएं। कुछ बातें आपको यह एहसास दिलाए कि आपने अब तक कितना समय गलत दिशा में लगाया। लेकिन अक्सर वही सच्चाई सबसे ज्यादा चुभती है जो हमारी जिंदगी सबसे ज्यादा बदल सकती है। और अंत में मैं आपसे सिर्फ एक बात कहना चाहता हूं। अगर आपने इस पूरी यात्रा को धैर्य के साथ अंत तक देखा, हर सिद्धांत को समझा और उनमें से कुछ को भी अपनी जिंदगी में
लागू कर दिया तो संभव है कि आने वाले वर्षों में आपकी आर्थिक पहचान वही ना रहे जो आज है। क्योंकि करोड़ों रुपए कमाने की शुरुआत बैंक अकाउंट से नहीं होती। वह आपके दिमाग में जन्म लेने वाले एक नए विश्वास से होती है। तो अब अपने मन को पूरी तरह खुला रखिए। हर शब्द पर ध्यान दीजिए क्योंकि अब शुरू होने वाली यह यात्रा सिर्फ करोड़ों कमाने की नहीं बल्कि खुद को उस इंसान में बदलने की है जिसके लिए करोड़ों कमाना एक संयोग नहीं बल्कि एक स्वाभाविक परिणाम बन जाता है। अध्याय एक करोड़पति बनने की शुरुआत जेब
से नहीं सोच से होती है। अगर मैं आपसे अभी एक सवाल पूछूं कि करोड़ों रुपए कमाने का पहला कदम क्या है? तो शायद ज्यादातर लोग कहेंगे ज्यादा पैसा कमाना, बड़ा बिजनेस शुरू करना, अच्छी नौकरी पाना या फिर सही समय पर सही निवेश करना। लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। करोड़पति बनने का पहला कदम ना पैसा है, ना बिजनेस और ना ही कोई बड़ा अवसर। पहला कदम है आपकी सोच। क्योंकि जिस इंसान की सोच छोटी होती है, उसके सामने दुनिया का सबसे बड़ा अवसर भी आ जाए, तब भी वह उसे पहचान नहीं पाता। लेकिन जिसकी सोच
बड़ी होती है, वह सबसे छोटी शुरुआत को भी करोड़ों की मंजिल में बदल देता है। जरा अपने आसपास नजर डालिए। कितने लोग हैं जो हर महीने मेहनत करके पैसा कमाते हैं। लेकिन महीने के अंत तक उनके पास कुछ भी नहीं बचता। दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनकी शुरुआत बहुत छोटी होती है। लेकिन कुछ वर्षों बाद वही लोग आर्थिक रूप से इतने मजबूत हो जाते हैं कि उन्हें पैसों के लिए काम करने की जरूरत नहीं पड़ती। आखिर ऐसा क्यों होता है? क्योंकि ज्यादातर लोग पैसे कमाने पर ध्यान देते हैं। जबकि अमीर लोग मूल्य बनाने
पर ध्यान देते हैं। गरीब मानसिकता वाला इंसान हमेशा पूछता है मुझे इससे कितना मिलेगा? लेकिन अमीर मानसिकता वाला इंसान पूछता है मैं लोगों की कौन सी समस्या हल कर सकता हूं? यही एक सवाल दोनों के भविष्य का फैसला कर देता है। दुनिया में जितने भी बड़े उद्योगपति, निवेशक और सफल उद्यमी हुए हैं, उन्होंने अपनी यात्रा की शुरुआत पैसों से नहीं बल्कि एक समस्या को हल करने के विचार से की थी। जब आप लोगों की जिंदगी में मूल्य जोड़ते हैं तब पैसा खुद ब खुद आपकी तरफ आने लगता है। पैसा कभी लक्ष्य नहीं होता बल्कि सही
काम का परिणाम होता है। यही वजह है कि कुछ लोग पूरी जिंदगी सिर्फ वेतन बढ़ने का इंतजार करते रहते हैं। जबकि कुछ लोग अपनी स्किल, अपने ज्ञान और अपनी सोच को इतना मूल्यवान बना लेते हैं कि लोग उन्हें ढूंढकर पैसे देने आते हैं। बाजार किसी की मेहनत की कीमत नहीं देता। बाजार उसकी उपयोगिता की कीमत देता है। अगर आपकी उपयोगिता बढ़ती है तो आपकी आय भी बढ़ती है। अब एक और महत्वपूर्ण बात समझिए। अधिकांश लोग यह मानते हैं कि जब उनके पास ज्यादा पैसा होगा तब वे बचत करेंगे, निवेश करेंगे और अपनी जिंदगी बदलेंगे। लेकिन
वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट है। जो व्यक्ति ₹1000 में अनुशासन नहीं रख सकता, वह ₹1 लाख में भी अनुशासन नहीं रख पाएगा। जो व्यक्ति छोटी कमाई को संभालना नहीं सीखता, वह बड़ी कमाई को भी खो देता है। इस दुनिया में ऐसे अनगिनत उदाहरण हैं जहां लोगों ने करोड़ों रुपए कमाए और कुछ ही वर्षों में सब कुछ खो दिया। वजह यह नहीं थी कि पैसा कम था। वजह यह थी कि उनकी सोच, उनकी आदतें और उनके फैसले उस पैसे को संभालने के लायक नहीं थे। इसलिए अगर आप सच में करोड़पति बनना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने
दिमाग को करोड़पति बनाइए क्योंकि पैसा हमेशा उसी व्यक्ति के पास टिकता है जिसकी सोच उसे संभाल सकती है। एक और गलती जो ज्यादातर लोग करते हैं वह है दूसरों की सफलता देखकर अपनी शुरुआत को छोटा समझना। वे किसी सफल व्यक्ति का आज देखते हैं। लेकिन उसका संघर्ष नहीं देखते। उन्हें करोड़ों की कंपनी दिखाई देती है। लेकिन वह छोटा कमरा नहीं दिखाई देता जहां से सब शुरू हुआ था। उन्हें महंगी कार दिखाई देती है। लेकिन वे उन वर्षों को नहीं देखते जब वही व्यक्ति बिना छुट्टी लिए लगातार काम करता रहा। सफलता हमेशा दिखाई देती है। संघर्ष
अक्सर छिपा रह जाता है। याद रखिए हर बड़ा पेड़ कभी एक छोटा सा बीज था। अगर बीज यह सोचकर मिट्टी में जाने से मना कर दे कि मैं अभी बहुत छोटा हूं तो वह कभी विशाल वृक्ष नहीं बन सकता। उसी तरह अगर आप अपनी छोटी शुरुआत को स्वीकार नहीं करेंगे तो बड़ी मंजिल तक कभी नहीं पहुंच पाएंगे। करोड़पति बनने का सफर हमेशा छोटे कदमों से शुरू होता है। लेकिन उन कदमों में निरंतरता असाधारण होती है। आज से अपने आप से एक वादा कीजिए। अब आप पैसे के पीछे नहीं भागेंगे। आप अपनी स्किल बढ़ाएंगे, अपना ज्ञान
बढ़ाएंगे, अपनी उपयोगिता बढ़ाएंगे और हर दिन खुद को कल से बेहतर बनाएंगे। क्योंकि जब इंसान की कीमत बढ़ती है तब उसकी लंबे समय तक ऐसी मेहनत की थी जिसका परिणाम तुरंत दिखाई नहीं देता था। अधिकांश लोग इसी दौर में हार मान लेते हैं। वे बीज बोते हैं और अगले ही दिन फल ढूंढने लगते हैं। लेकिन प्रकृति का नियम है। पहले जड़े बनती हैं, फिर तना, फिर शाखाएं और अंत में फल। इसलिए अगर आज आपकी मेहनत का परिणाम दिखाई नहीं दे रहा तो निराश मत होइए। खुद से सिर्फ इतना पूछिए। क्या मैं हर दिन अपनी क्षमता
बढ़ा रहा हूं? क्या मैं ऐसा कुछ बना रहा हूं जो भविष्य में मेरे लिए काम करेगा? अगर जवाब हां है तो समझ लीजिए कि आप सही रास्ते पर हैं। चाहे मंजिल अभी दिखाई ना दे रही हो। लेकिन एक सवाल अभी भी बाकी है। अगर समय सबसे कीमती संपत्ति है। अगर सिस्टम बनाना ही अमीर बनने का रास्ता है तो फिर ज्यादातर लोग कभी उस स्तर तक पहुंच ही क्यों नहीं पाते? आखिर कौन सी ऐसी अदृश्य दीवार है जो लोगों को हर बार शुरुआत करने से पहले ही रोक देती है? अगले अध्याय में हम उसी सबसे खतरनाक
दुश्मन का सामना करेंगे। डर वही डर जो सपनों को शुरू होने से पहले खत्म कर देता है और वही डर जिसे जीतने वाले लोग एक दिन इतिहास लिखते हैं। अध्याय तीन डर के उस पार ही दौलत छिपी होती है। अगर दुनिया के हर सफल इंसान से एक ही सवाल पूछा जाए कि तुम्हारे रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट क्या थी? तो ज्यादातर लोग किसी इंसान, किसी सरकार, किसी परिस्थिति या पैसों की कमी का नाम नहीं लेंगे। वे एक ही चीज का नाम लेंगे। डर क्योंकि इंसान को असफलता उतना नुकसान नहीं पहुंचाती जितना असफल होने का डर
पहुंचाता है। यही डर लाखों लोगों के सपनों को शुरू होने से पहले ही खत्म कर देता है। जरा सोचिए कितने लोग हैं जिनके पास बेहतरीन आईडिया है लेकिन वे कभी शुरुआत नहीं करते। कितने लोग हैं जो अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं लेकिन सोचते हैं कि अगर नुकसान हो गया तो कितने लोग नई स्किल सीखना चाहते हैं लेकिन डरते हैं कि अगर मैं सफल नहीं हुआ तो लोग क्या कहेंगे और यही सवाल धीरे-धीरे उनकी पूरी जिंदगी का हिस्सा बन जाता है। सबसे दुखद बात यह है कि यह डर बाहर से नहीं आता। इसे हमारा अपना
दिमाग पैदा करता है। हमारा दिमाग हमेशा हमें सुरक्षित रखना चाहता है। इसलिए वह हर नई चीज को खतरे की तरह देखता है। वह कहता है अभी मत करो। समय सही नहीं है। पहले सब कुछ परफेक्ट हो जाए। पहले पैसे इकट्ठे हो जाए। पहले अनुभव आ जाए और देखते ही देखते साल बीत जाते हैं। लेकिन शुरुआत कभी नहीं होती। याद रखिए दुनिया का कोई भी सफल व्यक्ति पूरी तैयारी के साथ शुरुआत नहीं करता। तैयारी रास्ते में होती है। शुरुआत उससे पहले होती है। अगर कोई तैरना सीखने से पहले पानी में उतरने का इंतजार करेगा तो वह
पूरी जिंदगी किनारे पर ही खड़ा रहेगा। यही कारण है कि करोड़पति बनने वाले लोग परफेक्ट अवसर का इंतजार नहीं करते। वे उपलब्ध अवसर का सबसे अच्छा उपयोग करते हैं। उन्हें पता होता है कि पहला कदम छोटा हो सकता है। लेकिन वही कदम उन्हें वहां तक ले जाएगा जहां आज उनकी कल्पना भी नहीं पहुंच पा रही। एक और डर है जो इंसान को अंदर से खोखला कर देता है। यह है लोग क्या कहेंगे। यही चार शब्द दुनिया के करोड़ों सपनों के सबसे बड़े दुश्मन हैं। जब आप कुछ नया शुरू करेंगे, लोग हंसेंगे। जब आप अलग सोचेंगे,
लोग आपका मजाक उड़ाएंगे। जब आप अपने लक्ष्य के लिए दूसरों से ज्यादा मेहनत करेंगे, लोग आपको पागल कहेंगे। लेकिन यही लोग एक दिन आपकी सफलता देखकर कहेंगे कि हमें पहले से पता था कि तुम बहुत आगे जाओगे। सच्चाई यह है कि लोगों की राय हर दिन बदलती है। अगर आप उनके डर के हिसाब से जिएंगे, तो अपनी जिंदगी कभी अपने हिसाब से नहीं जी पाएंगे। इसलिए अपने फैसलों का आधार लोगों की आवाज नहीं अपने लक्ष्य की आवाज बनाइए। अब एक और गहरी बात समझिए। डर हमेशा वहीं होता है जहां विकास छिपा होता है। अगर कोई
काम आपको थोड़ा डराता है, थोड़ा असहज महसूस कराता है तो संभव है कि वही काम आपकी जिंदगी बदलने की ताकत रखता हो क्योंकि आराम का क्षेत्र आपको सुरक्षित तो रखता है लेकिन कभी महान नहीं बनाता। सोचिए अगर एक बीज मिट्टी के अंदर जाने से डर जाए तो क्या वह कभी पेड़ बन पाएगा? नहीं। उसे अंधेरे में जाना पड़ता है। मिट्टी के नीचे दबना पड़ता है। तब जाकर वह एक दिन आसमान को छूता है। इंसान की सफलता भी बिल्कुल ऐसी ही होती है। पहले संघर्ष आता है। फिर विकास आता है और उसके बाद सफलता दिखाई देती
है। याद रखिए हर बड़ा जोखिम गलत नहीं होता। लेकिन बिना सोचे समझे लिया गया जोखिम भी समझदारी नहीं है। सफल लोग अंधाधुंध छलांग नहीं लगाते। वे सीखते हैं, तैयारी करते हैं, छोटे कदम उठाते हैं और फिर धीरे-धीरे अपनी सीमाएं बढ़ाते हैं। इसलिए आपको भी डर से भागना नहीं है बल्कि उसे समझना है। कमाई भी बढ़ती है। और जब कमाई के साथ सही सोच जुड़ जाती है, तब धन सिर्फ आता ही नहीं, टिकता भी है और बढ़ता भी है। लेकिन यह तो सिर्फ शुरुआत है। सही सोच होने के बाद भी करोड़ों लोग कभी अमीर नहीं बन
पाते। वजह एक ऐसी आदत है जो बिना एहसास के उनकी पूरी जिंदगी की दिशा बदल देती है। यही आदत तय करती है कि कोई व्यक्ति हमेशा पैसों के पीछे भागेगा या एक दिन पैसा उसके लिए काम करेगा और अगले अध्याय में हम उसी सबसे महत्वपूर्ण आदत का पर्दाफाश करेंगे जिसे समझे बिना आर्थिक आजादी सिर्फ एक सपना बनकर रह जाती है। अध्याय दो अमीर लोग समय खरीदते हैं। गरीब लोग समय बेचते हैं। अगर आपको जीवन की सबसे महंगी चीज का नाम बताना हो तो शायद आप सोना, हीरा या करोड़ों रुपए की कोई संपत्ति बताएंगे। लेकिन सच्चाई
यह है कि दुनिया की सबसे महंगी चीज समय है। क्योंकि पैसा खोकर वापस कमाया जा सकता है। लेकिन एक बार बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता। यही वह कारण है कि करोड़पति और सामान्य व्यक्ति के बीच सबसे बड़ा अंतर उनकी कमाई में नहीं बल्कि समय को देखने के नजरिए में होता है। ज्यादातर लोग अपने जीवन का सबसे कीमती संसाधन बेच देते हैं। वे सुबह उठते हैं अपना पूरा दिन किसी और के सपनों को पूरा करने में लगा देते हैं और महीने के अंत में एक तय रकम लेकर संतुष्ट हो जाते हैं। इसमें कुछ भी
गलत नहीं है। लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब पूरी जिंदगी इसी चक्र में निकल जाती है। क्योंकि अगर आपकी आय सिर्फ आपके काम करने के घंटों पर निर्भर है तो आपकी कमाई की भी एक सीमा तय हो जाती है। अब एक पल के लिए सोचिए अगर आपको एक दिन काम करने से रोक दिया जाए तो क्या आपकी आय आती रहेगी? अगर जवाब नहीं है तो इसका मतलब है कि आप अभी भी अपने समय के बदले पैसा कमा रहे हैं। लेकिन अमीर लोग इस खेल को बिल्कुल अलग तरीके से खेलते हैं। वे ऐसी व्यवस्था बनाते
हैं जहां उनका पैसा, उनकी स्किल, उनका बिजनेस या उनके बनाए हुए सिस्टम उनके लिए लगातार काम करते रहते हैं। इसलिए वे सिर्फ मेहनत नहीं करते। वे ऐसी मशीन बनाते हैं जो उनके बिना भी मूल्य पैदा करती रहती है। यही वजह है कि दो लोगों की मेहनत बराबर होने के बाद भी उनके परिणाम अलग होते हैं। पहला व्यक्ति हर दिन 8 से 10 घंटे काम करता है और जितना काम करता है उतना ही कमाता है। दूसरा व्यक्ति शुरुआत में शायद उससे भी ज्यादा मेहनत करता है। लेकिन वह ऐसी चीज बनाता है जो एक बार तैयार होने
के बाद बार-बार कमाई करती है। एक किताब, एक डिजिटल प्रोडक्ट, एक बिजनेस, एक निवेश, एक ब्रांड, एक YouTube चैनल, एक ऐप या कोई ऐसी स्किल जो लाखों लोगों तक पहुंच सके। वह अपने समय को गुणा करना सीख लेता है। याद रखिए मेहनत आपको आय दे सकती है। लेकिन सिस्टम आपको संपत्ति देता है। यहीं पर अधिकांश लोग सबसे बड़ी गलती कर बैठते हैं। वे हमेशा आज की कमाई के बारे में सोचते हैं। कल की नहीं। वे हर महीने मिलने वाले पैसे से खुश हो जाते हैं। लेकिन कभी यह नहीं सोचते कि ऐसा क्या बनाया जाए जिससे
5 साल बाद भी पैसा आता रहे। वे अपनी पूरी ऊर्जा कमाने में लगा देते हैं। लेकिन कमाई को बढ़ाने वाली व्यवस्था बनाने में नहीं। दुनिया का हर बड़ा उद्योग इसी सिद्धांत पर खड़ा है। सोचिए एक लेखक एक बार किताब लिखता है और वर्षों तक उसकी रॉयल्टी आती रहती है। एक सॉफ्टवेयर डेवलपर एक बार प्रोडक्ट बनाता है और लाखों लोग उसे खरीदते हैं। एक YouTube क्रिएटर एक वीडियो बनाता है और वह महीनों या वर्षों तक लोगों तक पहुंचकर आय देता रहता है। शुरुआत में उन्होंने समय लगाया लेकिन बाद में वही समय उनके लिए काम करने लगा।
यही कारण है कि आपको सिर्फ मेहनत करने वाला इंसान नहीं बनना है बल्कि मूल्य पैदा करने वाला इंसान बनना है। हर दिन अपने आप से पूछिए क्या मैं सिर्फ आज के लिए काम कर रहा हूं या मैं ऐसा कुछ बना रहा हूं जो आने वाले वर्षों तक मुझे आगे बढ़ाएगा? यह एक सवाल आपकी पूरी दिशा बदल सकता है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि आपको तुरंत नौकरी छोड़ देनी चाहिए या बिना तैयारी के कोई बड़ा जोखिम उठा लेना चाहिए। असली समझदारी यह है कि जहां हैं वहीं से शुरुआत करें। अगर आप नौकरी करते हैं
तो उसके साथ कोई नई स्किल सीखिए। अगर आप पढ़ाई कर रहे हैं तो अपने ज्ञान को कमाई में बदलने का तरीका खोजिए। अगर आपके पास सिर्फ एक मोबाइल है तो वही आपकी पहली कंपनी बन सकता है। आज के समय में इंटरनेट ने अवसरों की कमी नहीं छोड़ी है। कमी सिर्फ सही सोच और लगातार प्रयास की है। एक और बात जो आपको हमेशा याद रखनी चाहिए। सफलता कभी एक ही दिन में नहीं बनती। जो पेड़ आज फल दे रहा है, उसने वर्षों तक बिना किसी शोर के अपनी जड़े मजबूत की थी। उसी तरह जो इंसान आज
करोड़ों कमा रहा है, उसने भी क्योंकि डर अक्सर यह संकेत देता है कि आप अपनी पुरानी सीमाओं से बाहर निकलने वाले हैं। आज अपने आप से सिर्फ एक सवाल पूछिए। अगर मुझे यह यकीन हो जाए कि मैं असफल नहीं हो सकता तो मैं कौन सा काम आज ही शुरू कर दूंगा। यही सवाल आपकी असली इच्छा को सामने लाएगा। और फिर दूसरा सवाल पूछिए। अगर वह सपना इतना महत्वपूर्ण है तो क्या सिर्फ डर की वजह से उसे छोड़ देना सही होगा? दुनिया में दो तरह के दर्द होते हैं। पहला कोशिश करने का दर्द। दूसरा पूरी जिंदगी
पछताने का दर्द। कोशिश का दर्द कुछ समय बाद खत्म हो जाता है। लेकिन पछतावे का दर्द अक्सर पूरी जिंदगी साथ रहता है। इसीलिए फैसला आपको करना है कि आप किस दर्द को चुनेंगे। आज से डर को अपने रास्ते की दीवार मत समझिए। उसे एक संकेत समझिए कि अब आप पहले से बड़े बनने वाले हैं। क्योंकि हर बार जब आप अपने डर के बावजूद सही कदम उठाते हैं तब आपका आत्मविश्वास पहले से कई गुना बढ़ जाता है। और एक दिन यही छोटे-छोटे साहसिक फैसले आपकी आर्थिक पहचान बदल देते हैं। लेकिन सिर्फ डर पर जीत हासिल कर
लेना ही पर्याप्त नहीं है। दुनिया में ऐसे भी लाखों लोग हैं जो बहादुर हैं, मेहनती हैं, जोखिम भी लेते हैं। फिर भी अमीर नहीं बन पाते। आखिर उनके और वास्तव में करोड़ों कमाने वाले लोगों के बीच क्या अंतर होता है? इसका जवाब छिपा है एक ऐसी ताकत में जिसे अधिकांश लोग नजरअंदाज कर देते हैं। आदतें। अगले अध्याय में हम जानेंगे कि कैसे आपकी रोज की छोटी-छोटी आदतें चुपचाप आपका भविष्य लिख रही होती हैं और कैसे वही आदतें एक साधारण इंसान को करोड़पति बना सकती हैं। अध्याय चार आपकी आदतें ही आपका भविष्य खरीदती हैं। अगर आपको
किसी इंसान का भविष्य जानना हो तो उसके बैंक अकाउंट को मत देखिए। उसके रोज के फैसलों को देखिए क्योंकि इंसान एक दिन में सफल नहीं बनता और ना ही एक दिन में असफल होता है। उसकी छोटी-छोटी आदतें हर दिन उसकी जिंदगी को एक नई दिशा देती हैं। यही कारण है कि दो लोग एक जैसी शुरुआत करने के बावजूद कुछ वर्षों बाद बिल्कुल अलग जगह पर खड़े दिखाई देते हैं। एक आर्थिक आजादी हासिल कर लेता है। जबकि दूसरा अब भी उसी संघर्ष में फंसा रहता है। ज्यादातर लोग अपनी जिंदगी बदलने के लिए किसी बड़े मौके का
इंतजार करते हैं। उन्हें लगता है कि जब ज्यादा पैसा आएगा तब वे बचत करेंगे। जब समय मिलेगा तब नई स्किल सीखेंगे। जब सही अवसर मिलेगा तब मेहनत शुरू करेंगे। लेकिन सच्चाई यह है कि बड़े बदलाव कभी बड़े फैसलों से नहीं आते। वे उन छोटे फैसलों से आते हैं जिन्हें लोग अक्सर महत्वहीन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। सोचिए अगर कोई इंसान हर दिन सिर्फ एक घंटा किसी ऐसी स्किल को सीखने में लगाए जिसकी बाजार में बहुत ज्यादा मांग है तो एक साल बाद उसके पास लगभग 365 घंटे का अनुभव होगा। अब कल्पना कीजिए कि यही आदत
वह 5 साल तक जारी रखता है। क्या वह वही इंसान रहेगा जो आज है? बिल्कुल नहीं। उसकी सोच बदल जाएगी, उसकी क्षमता बदल जाएगी और उसके अवसर भी बदल जाएंगे। यही छोटी आदतों की ताकत है। उनका असर एक दिन में दिखाई नहीं देता, लेकिन समय के साथ वही सबसे बड़ा अंतर पैदा करती है। इसी तरह पैसों की दुनिया में भी एक नियम काम करता है। अगर आप हर महीने अपनी कमाई का एक छोटा हिस्सा बचाते हैं और उसे सही जगह निवेश करते हैं तो शुरुआत में परिणाम बहुत छोटे लगेंगे। लेकिन समय के साथ वही पैसा
बढ़ना शुरू करता है। धीरे-धीरे आपका पैसा भी आपके लिए काम करने लगता है। यही वह सिद्धांत है जिसे समझने में अधिकांश लोग बहुत देर कर देते हैं। वे तुरंत परिणाम चाहते हैं। जबकि धन हमेशा धैर्य रखने वालों का साथ देता है। एक और आदत है जो लगभग हर सफल इंसान में मिलती है। वह है सीखना कभी बंद ना करना। जैसे-जैसे दुनिया बदलती है, वैसे-वैसे अवसर भी बदलते हैं। जो इंसान सीखना बंद कर देता है, उसकी कमाई भी धीरे-धीरे रुकने लगती है। लेकिन जो हर दिन कुछ नया सीखता है, वह हर बदलते समय के साथ खुद
को और अधिक मूल्यवान बनाता जाता है। याद रखिए, आपकी सबसे बड़ी संपत्ति आपका बैंक बैलेंस नहीं है। आपकी सबसे बड़ी संपत्ति आपका ज्ञान है क्योंकि पैसा खो सकता है लेकिन सही ज्ञान आपको दोबारा पैसा कमाने की क्षमता देता है। यही वजह है कि सफल लोग किताबों, अनुभवों, नए विचारों और सही लोगों से सीखने में कभी कंजूसी नहीं करते। अब एक ऐसी आदत की बात करते हैं जो चुपचाप लोगों की पूरी जिंदगी बर्बाद कर देती है। यह आदत है टालमटोल। बहुत से लोग जानते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए। लेकिन वे उसे आज नहीं कल पर
छोड़ देते हैं। फिर वह कल कभी नहीं आता। वे सोचते रहते हैं कि अभी समय है, अभी उम्र है। अभी बाद में शुरू कर लेंगे। लेकिन समय किसी का इंतजार नहीं करता। हर बीतता हुआ दिन या तो आपको आपके लक्ष्य के करीब ले जा रहा होता है या उससे दूर। अगर आप सच में करोड़ों कमाना चाहते हैं तो आज से एक नियम बना लीजिए। जो काम आपके भविष्य को बेहतर बना सकता है उसे सबसे पहले कीजिए और जो काम सिर्फ कुछ मिनटों की खुशी देता है लेकिन आपका समय बर्बाद करता है उसे सबसे आखिर में
रखिए। यही छोटा सा बदलाव कुछ वर्षों बाद आपकी पूरी आर्थिक स्थिति बदल सकता है। एक और बात हमेशा याद रखिए अनुशासन प्रेरणा से कहीं ज्यादा शक्तिशाली होता है। प्रेरणा कुछ समय के लिए आती है और चली जाती है। लेकिन अनुशासन आपको उस दिन भी काम करने की ताकत देता है जब आपका मन बिल्कुल नहीं होता। करोड़पति लोग हर दिन उत्साहित नहीं होते। लेकिन वे हर दिन अपने लक्ष्य के लिए कुछ ना कुछ जरूर करते हैं। यही निरंतरता उन्हें बाकी लोगों से अलग बनाती है। जिंदगी में सफलता का कोई जादुई रहस्य नहीं है। यह रोज किए
गए सही कामों का जमा हुआ परिणाम है। जिस तरह एक-एक ईंट जोड़कर इमारत बनती है, उसी तरह एक-एक अच्छी आदत जोड़कर असाधारण जीवन बनता है। शुरुआत में यह आदतें आपको बनानी पड़ती हैं। लेकिन कुछ समय बाद यही आदतें आपको बनाने लगती हैं। इसीलिए आज फैसला कीजिए कि आप अपनी आदतों के गुलाम बनेंगे या उनके मालिक। क्योंकि आने वाले 5 साल आपकी किस्मत नहीं बदलेंगे। उन 5 सालों में हर दिन दोहराई जाने वाली आपकी आदतें आपकी किस्मत बदलेंगी। अगर आपने अपने दिन को बदल दिया तो आपने अपना भविष्य बदल दिया। अगर आपने अपने भविष्य को बदल
दिया तो करोड़ों कमाना सिर्फ एक सपना नहीं रहेगा बल्कि एक संभावित वास्तविकता बन जाएगा। लेकिन अभी इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बाकी है। अच्छी सोच, सही समय का उपयोग, डर पर जीत और मजबूत आदतें होने के बाद भी एक ऐसी चीज है जिसके बिना बड़ी दौलत लंबे समय तक टिक नहीं सकती। यही वह सिद्धांत है जो साधारण कमाई और स्थाई अमीरी के बीच का अंतर तय करता है। अगले अध्याय में हम जानेंगे कि पैसा कमाना बड़ी बात नहीं है। असली खेल है पैसे को अपने लिए काम करवाना। अध्याय पांच जब पैसा आपका कर्मचारी बन
जाता है। अब तक हमने समझा कि करोड़ों की यात्रा सही सोच से शुरू होती है। समय के सही उपयोग से आगे बढ़ती है। डर पर जीत से मजबूत बनती है और अच्छी आदतों से गति पकड़ती है। लेकिन अब हम उस मोड़ पर पहुंच चुके हैं जहां अधिकांश लोग पूरी जिंदगी आकर रुक जाते हैं। यही वह जगह है जहां मेहनती लोग और वास्तव में अमीर लोग अलग-अलग रास्तों पर निकल जाते हैं। क्योंकि मेहनती लोग पैसे के लिए काम करते रहते हैं। जबकि अमीर लोग एक समय के बाद पैसे को अपने लिए काम करवाना सीख जाते हैं।
जरा एक साधारण सवाल का जवाब अपने मन में दीजिए। अगर आज से आप काम करना बंद कर दें तो आपका पैसा कितने दिनों तक आपका साथ देगा? 1 महीना, 6 महीने या शायद कुछ ही दिन। यह सवाल सुनने में जितना आसान लगता है, उतना है नहीं। क्योंकि यही सवाल तय करता है कि आप सिर्फ कमाने वाले इंसान हैं या धीरे-धीरे संपत्ति बनाने वाले इंसान। ज्यादातर लोग जैसे ही पैसा कमाते हैं, उनका पहला विचार होता है अब क्या खरीदूं? नई बाइक, नया मोबाइल, महंगे कपड़े, बड़ी गाड़ी या ऐसी चीजें जो कुछ समय के लिए खुशी तो
देती हैं, लेकिन भविष्य में एक भी रुपया वापस नहीं लाती। दूसरी तरफ जो लोग आर्थिक रूप से आगे बढ़ते हैं, वे हर कमाई से पहले एक अलग सवाल पूछते हैं। इस पैसे का कितना हिस्सा मेरे लिए आगे और पैसा बना सकता है? यही एक सवाल उनकी पूरी जिंदगी बदल देता है। याद रखिए हर रुपए के सामने दो रास्ते होते हैं। पहला रास्ता उसे खर्च करने का है और दूसरा रास्ता उसे काम पर लगाने का है। अगर हर बार आपका पैसा सिर्फ खर्च होता रहेगा तो आपको पूरी जिंदगी उसके लिए काम करना पड़ेगा। लेकिन अगर धीरे-धीरे
आपका पैसा आपके लिए कमाना शुरू कर दे तो एक समय ऐसा आता है जब आपकी मेहनत और आपके निवेश दोनों मिलकर आपकी आय को कई गुना बढ़ा देते हैं। कल्पना कीजिए कि आपके पास एक छोटा सा बीज है। अगर आप उसे खा लेते हैं तो वह एक दिन की भूख मिटाएगा। लेकिन अगर आप उसे मिट्टी में बो देते हैं, उसकी देखभाल करते हैं और धैर्य रखते हैं, तो वही बीज आने वाले वर्षों तक फल देता रहेगा। पैसा भी बिल्कुल ऐसा ही है। हर बार जब आप उसे सिर्फ खर्च करने की बजाय सही जगह लगाने का
फैसला करते हैं, तब आप अपने भविष्य में एक नया बीज बोते हैं। लेकिन यहां एक बात बहुत जरूरी है। पैसा आपके लिए तभी काम करेगा जब आप पहले पैसे के लिए समझदारी से काम करेंगे। बिना ज्ञान के किया गया निवेश अक्सर नुकसान देता है। इसलिए सबसे पहले अपने ज्ञान में निवेश कीजिए। वित्तीय शिक्षा किसी भी निवेश से पहले आती है। क्योंकि जिस इंसान को पैसे की भाषा समझ नहीं आती उसके हाथ में बड़ी रकम भी ज्यादा समय तक नहीं टिकती। दुनिया के लगभग हर सफल निवेशक की एक समान आदत रही है। वे जल्दी अमीर बनने
की कोशिश नहीं करते। वे लगातार अमीर बनने की कोशिश करते हैं। वे जानते हैं कि धीरे-धीरे बढ़ने वाली संपत्ति ही सबसे मजबूत होती है। इसलिए वे धैर्य रखते हैं। सही फैसले लेते हैं और समय को अपना सबसे बड़ा साथी बना लेते हैं। यही कारण है कि आपको भी अपनी कमाई को तीन हिस्सों में देखना शुरू करना होगा। पहला हिस्सा आपकी जरूरतों के लिए। दूसरा हिस्सा सीखने और खुद को बेहतर बनाने के लिए और तीसरा हिस्सा उस भविष्य के लिए जो आज दिखाई नहीं देता। लेकिन कल आपकी पूरी जिंदगी बदल सकता है। जो इंसान हर कमाई
में अपने भविष्य का हिस्सा निकाल देता है वही धीरे-धीरे आर्थिक आजादी की तरफ बढ़ता है। एक और बड़ी गलती जो लोग करते हैं, वह है अपनी पहचान को अपनी कमाई से जोड़ लेना। जैसे ही आय बढ़ती है, खर्च उससे भी तेज बढ़ने लगते हैं। इसे लोग सफलता समझते हैं। जबकि असल में वे सिर्फ अपनी जिम्मेदारियां बढ़ा रहे होते हैं। अमीर बनने का मतलब महंगी चीजें खरीदना नहीं है। अमीर बनने का मतलब है ऐसी संपत्तियां बनाना जो भविष्य में आपकी आय को लगातार बढ़ाती रहे। हम अक्सर बाहर से चमकती हुई जिंदगी देखकर प्रभावित हो जाते हैं।
लेकिन हमें यह नहीं दिखता कि बहुत से लोग दिखावे के लिए अमीर दिखाई देते हैं और वास्तव में कर्ज में डूबे होते हैं। दूसरी ओर कई लोग साधारण जीवन जीते हुए चुपचाप ऐसी संपत्तियां बना रहे होते हैं जो कुछ वर्षों बाद उन्हें आर्थिक रूप से पूरी तरह स्वतंत्र बना देती हैं। इसलिए कभी भी अपनी सफलता की तुलना किसी की बाहरी चमक से मत कीजिए। असली दौलत वह है जो दिखाई नहीं देती लेकिन समय आने पर आपकी पूरी जिंदगी बदल देती है। आज से अपने हर रुपए को एक कर्मचारी की तरह देखना शुरू कीजिए। अगर कोई
कर्मचारी आपके लिए काम नहीं कर रहा तो आप उसे हमेशा अपने पास क्यों रखेंगे? उसी तरह अगर आपका पैसा सिर्फ पड़ा हुआ है या सिर्फ खर्च हो रहा है तो वह आपकी आर्थिक प्रगति में मदद नहीं करेगा। लेकिन अगर वही पैसा सीखने, निवेश करने या कोई मूल्यवान संपत्ति बनाने में लगाया जा रहा है, तो धीरे-धीरे वह आपके लिए नए कर्मचारियों की तरह काम करना शुरू कर देगा। याद रखिए करोड़पति बनने का मतलब सिर्फ ज्यादा कमाना नहीं है। करोड़पति बनने का मतलब है ऐसी व्यवस्था बनाना जहां आपकी मेहनत, आपका ज्ञान, आपकी स्किल और आपका पैसा मिलकर
हर साल आपकी आर्थिक ताकत को पहले से बड़ा बनाते जाए। यही वह खेल है जिसे समझने के बाद पैसा आपका मालिक नहीं रहता बल्कि आपका कर्मचारी बन जाता है। लेकिन अभी भी एक आखिरी रहस्य बाकी है। कुछ लोग अच्छी कमाई करते हैं। सही निवेश भी करते हैं। फिर भी वे उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाते जहां वास्तव में असाधारण सफलता मिलती है। क्योंकि उनके पास एक ऐसी शक्ति की कमी होती है जो साधारण लोगों को भी असाधारण बना देती है। अगले अध्याय में हम जानेंगे उस अंतिम सिद्धांत को। जो करोड़ों कमाने वालों को सिर्फ अमीर
नहीं बल्कि प्रभावशाली, सफल और लंबे समय तक याद रखा जाने वाला इंसान बनाता है। दोस्तों, अगर आपने इस पूरी यात्रा को शुरुआत से लेकर यहां तक ध्यान से सुना है तो अब आप समझ चुके होंगे कि करोड़ों रुपए कमाने की शुरुआत बैंक अकाउंट से नहीं बल्कि सोच से होती है। सही फैसले, सही आदतें, समय का सही उपयोग, लगातार सीखते रहना और पैसे को अपने लिए काम पर लगाना। यही वे सिद्धांत हैं जो एक साधारण इंसान को असाधारण बना सकते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि कुछ लोग इन्हें सुनकर भूल जाते हैं। जबकि कुछ लोग इन्हें
अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लेते हैं। आने वाले 5 सालों में आपकी जिंदगी कैसी होगी? इसका फैसला आपकी किस्मत नहीं बल्कि आज के बाद लिए गए आपके फैसले करेंगे। अब मैं आपसे सिर्फ एक सवाल पूछना चाहता हूं। 5 साल बाद जब आप पीछे मुड़कर आज के दिन को देखेंगे तब क्या आपको इस बात का गर्व होगा कि आपने बदलाव की शुरुआत कर दी थी या फिर आपको अफसोस होगा कि आपने सब कुछ जानते हुए भी कुछ नहीं बदला। याद रखिए दुनिया में सबसे महंगी चीज असफलता नहीं बल्कि वह अवसर है जिसे हमने सिर्फ डर या
आलस की वजह से खो दिया। अगर इस ऑडियो बुक की एक भी बात ने आपकी सोच को बदल दिया है तो उसे सिर्फ प्रेरणा बनाकर मत छोड़िए। आज ही एक छोटा सा कदम उठाइए। एक नई स्किल सीखना शुरू कीजिए। अपनी कमाई का एक हिस्सा बचाइए। एक अच्छी किताब पढ़िए। अपना समय बर्बाद करना कम कीजिए। और हर दिन खुद को कल से बेहतर बनाने का संकल्प लीजिए। क्योंकि छोटी-छोटी जीतें ही एक दिन बड़ी सफलता का कारण बनती है। और अगर आपको लगता है कि यह ज्ञान उन लोगों तक भी पहुंचना चाहिए जो अपनी जिंदगी बदलना चाहते
तो इस वीडियो को लाइक कीजिए। इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर कीजिए और अगर आपने अभी तक चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया है तो जरूर सब्सक्राइब करें। इस चैनल पर हम ऐसी ही किताबों, सफल लोगों की सोच और जीवन बदल देने वाले सिद्धांतों को आसान हिंदी में आपके लिए लेकर आते रहेंगे। याद रखिए सफलता की राह पर चलने वाले लोग कभी यह नहीं कहते कि एक दिन मैं शुरू करूंगा। वे कहते हैं मैं आज से शुरू करता हूं। हो सकता है आपकी शुरुआत छोटी हो। लेकिन अगर आपके कदम सही दिशा में हैं तो
आपकी मंजिल बहुत बड़ी हो सकती है। इसी विश्वास के साथ मिलते हैं अगली ऑडियो बुक में एक नए विचार, एक नई सीख और एक नई शुरुआत के साथ। तब तक सीखते रहिए, आगे बढ़ते रहिए और अपने सपनों को सिर्फ सपने मत रहने दीजिए। उन्हें अपनी पहचान बना दीजिए। धन्यवाद।