सर जब हम साउंड ऑफ साइलेंस एक्सपीरियंस कर रहे होते हैं तो उस टाइम पर हमारा माइंड एट रेस्ट होता है एंड बॉडी एट रेस्ट होता है तब हम ध्यान लगा पाते हैं तो सर जब सेंसेस आर नॉट वर्किंग दे आर नॉट इन एक्शन मोड तो वह सुनने वाला कौन है बिकॉज देर इज नो लिसन देर इज नो एक्सपीरियंस एट दैट मूमेंट एंड अगर मैं उसको अपने स्लीप से कंपेयर करूं साउंड ऑफ साइलेंस तब भी हो बट तब भी मेरा माइंड एट रेस्ट एंड बॉडी एट रेस्ट है तब मुझे नहीं पता है आई एम नॉट अवेयर
ऑफ दैट साउंड ऑफ साइलेंस बट वन आई एम इन मेडिटेशन और अदर वाइज आल्सो न आई एम लिसनिंग तो सर हाउ आई एम अवेयर ऑफ दैट साउंड इन वेकिंग मोड इनका सवाल यह है कि जब हम साउंड ऑफ साइलेंस को सुन रहे होते हैं तब तो हम होते हैं लेकिन बीच में ऐसी भी एक स्टेट आती है जब हम कॉन्शियस नहीं होते इस रियलिटी के बारे में कि हम साउंड ऑफ साइलेंस को सुन रहे हैं उस वक्त क्या होता है क्या उस वक्त गहरी नींद जैसी कोई स्टेट होती है या उसको अवेयरनेस कहेंगे या क्या
कहेंगे यही रियल स्पिरिचुअल इंक्वायरी है मैंने क्या कहा स्पिरिचुअलिटी इ नॉट अबाउट दिस और दैट अबाउट एक्सपीरियंस अबाउट यह अबाउट वो यह सब सुपरफिशियल लेवल की बातें जहां पर हम भटकते रहते हैं रियल स्पिरिचुअलिटी इ कि इस मैं को समझना मैं को देखना चाहे आप साउंड ऑफ साइलेंस को सुन रहे हो या इस पंखे की आवाज को सुन रहे हो जिस वक्त आप सुन रहे हो और आपको पता है कि आप सुन रहे हो उस वक्त सुनना चल रहा है देखो ध्यान से सुनो अभी हम साउंड ऑफ साइलेंस की बात नहीं करते बिकॉज हो सकता
है बहुत सारे लोग जो इस वीडियो को देख रहे हैं वो उससे रिलेट नहीं कर पाएंगे बिकॉज दे हैव नेवर अटेंडेड माय सेशन उन्होंने साइलेंटली कभी बैठ करके एक्सपीरियंस नहीं किया ऐसी किसी रियलिटी को तो बेसिक लेवल की बात करते हैं अभी पंखे की आवाज सबको आ रही है तो एक है लिनर ऑफ दिस साउंड एक है साउंड एक है लिसनिंग एक है थिंकिंग एक है फीलिंग देखना ध्यान से समझना अगर हम लोग बैठे हैं यहां पर और एक जानवर भी बैठा है तो उसके लिए य साउंड है या नहीं है पंखे की यू से
है ऑन द बेसिस ऑफ व्ट और कब है कब नहीं है यह अपने आप में बहुत बड़ा क्वेश्चन है यह हमारे लिए भी आवाज कब होती है कब नहीं होती है अभी हम इसके बारे में बात कर रहे हैं इसलिए आवाज है अगर अभी हम बात करना बंद कर दे तो तो आवाज तो है लेकिन इसको सुनने वाला नहीं है तो देयर इज नो लिसन देयर इज साउंड बट देयर इज नो लिसन मतलब थॉट ऑफ द सेल्फ इज नॉट देयर क्योंकि थॉट ऑफ द सेल्फ टिका हुआ है लिसन के ऊपर या थिंकर के ऊपर या
फील के ऊपर इन अदर वर्ड्स अगर अभी यहां पर कोई जानवर है उसके लिए ये साउंड होगी तब जब या तो उसके साथ में कोई पॉजिटिव फीलिंग जुड़ी होगी या नेगेटिव फीलिंग जुड़ी होगी यानी कि या तो उसको थ्रेट फील होगा इस साउंड से तो ये साउंड उसके लिए एजिस्ट करेगी तो वो रिएक्ट करेगा जानवर बिल्कुल बेसिक लेवल से शुरू करो ना यानी बायोलॉजिकल लेवल से क्योंकि उस लेवल पर हम में और जानवरों में कोई फर्क नहीं है तो वहां से शुरू करते हैं ना इंक्वायरी को फिर धीरे धीरे आगे बढ़ते हैं लेकिन अगर इसके
साथ में कोई पॉजिटिव सिग्नल जुड़ा होगा मान लो जब यह पंखा चलता है तो उसको खाने को मिलता है तो जैसे ही पंखे का स्विच ऑन हुआ तो उसकी पूछ लने लग जाएगी क्यों क्योंकि को पता है कि अब इसके साथ में खाना जुड़ा हुआ है बट अगर इसके साथ में ना तो कोई पॉजिटिव है ना नेगेटिव है तो क्या है थॉट तो हम लोगों की बीमारी है जानवर की थोड़ी है जानवर का जो थॉट है दैट इज एट अ वेरी रूडी मेंट्री लेवल वो फीलिंग के हिसाब से ऑपरेट करते हैं स्पॉन्टेनियसली चॉइसलेस यानी कि
अगर मेरी आवाज है उसको सुन कर के उस जानवर को डर लगेगा तो उसके पास में कोई चॉइस नहीं है वो फटाफट से यहां से उठ कर के भाग जाएगा लेकिन अगर उस जानवर को एट द लेवल ऑफ फीलिंग नॉट एट द लेवल ऑफ थॉट थॉट मतलब होता है हम जो अपने अंदर ही अंदर अपने आप को बोलते हैं ट इज थॉट फीलिंग मतलब सेंसेशन तो सेंसेशन हमारे अंदर भी है जानवरों के अंदर भी है तो अगर वो जो सेंसेशन उस जानवर को हो रही है मेरी आवाज सुनके पंखे की आवाज सुनके उसमें कुछ पॉजिटिव
है या कुछ नेगेटिव है यानी राग है या द्वेष है या क्रेविंग है या एवर्जन है तब तो वह साउंड उस जानवर के एक्सपीरियंस में एजिस्ट करेगी बट देर इज नो लिनर ऑफ दैट साउंड देर इज नो डिवीजन जो होगा वो स्पॉन्टेनियसली होगा इमीडिएट होगा देर इज नो गैप मतलब उस जानवर को यह थॉट नहीं आ रहा है कि मैं इस आवाज को सुन रहा हूं देर इज नो लिसन सेपरेट फ्रॉम द साउंड देर इज साउंड देयर इज फीलिंग एंड देयर इज रिएक्शन अगर वो फीलिंग न्यूट्रल है तो वो साउंड तो है बट देयर इज
नो लिसनिंग ऑफ दैट साउंड देर इज नो सेपरेशन बिटवीन द लिसन लिसनिंग एंड द साउंड सस थ्री आर लाइक वन होल ब्लॉक एक साथ है अभी अलग नहीं हुए बट अब इंसानों के केस में क्या होता है अब पंखे की आवाज है अभी मैं इसके बारे में बात कर रहा हूं किस लेवल पर थॉट के लेवल प क्या हम फीलिंग के लेवल पर ऑपरेट करते हैं करते हैं बट कॉन्शियसली नहीं करते सबकॉन्शियसली करते हैं आप एक्ट करते हो जानवरों की तरह इन 99.99% ऑफ द केसेस इसके ऊपर बहुत सारी साइंटिफिक स्टडी हुई है बेस्ड अपन
फीलिंग एंड इमोशन इसीलिए सोशल मीडिया कंपनी इतनी पॉपुलर है क्योंकि वो समझती है मतलब थॉट के लेवल पे आप कहते हो मेरे को नहीं यूज करना है बट करते तो हो ही ना थॉट के लेवल प पता है ये नहीं करना चाहिए पर दुनिया जान के सारे गलत काम करते हो क्यों क्योंकि देर इज नॉट मच डिफरेंस बिटवीन यू एंड एनिमल्स इन टर्म्स ऑफ एक्शंस बेस्ड अपॉन सेंसेशंस एंड फीलिंग चच इज पार्ट ऑफ बायोलॉजी ठीक है यहां तक हम साथ-साथ चल पा रहे हैं तो अब ये साउंड कब होती है पहले इसको देखो यानी पंखे
की की साउंड अभी आ रही है सबको यस सर क्या इससे रिलेटेड कोई क्रेविंग या वर्जन है फीलिंग तो अच्छी दे रहा है ना तो ध्यान गया तो है देर इज लिटिल बिट ऑफ क्रेविंग दैट इज देयर क्यों क्योंकि पहले हमको गर्मी लग रही थी वी वर फीलिंग अनकंफर्ट बल इसके ऑन होने की वजह से हमको अच्छा फील हो रहा है बट ये जो अच्छी फीलिंग है यह तब तक रहती है जब तक कि यह नई है जैसे ही हम इस रियलिटी को एक्सेप्ट कर लेते कि ये तो है ही तो वो फीलिंग से हमारा
ध्यान हट जाता है क्योंकि बाय डिफॉल्ट हम सबका जो ब्रेन है जानवरों की तरह वो पहले थ्रेट को पर्सीव करता है बाद में प्लेजर को पर्सीव करता है प्लेजर थोड़ी देर के लिए रुकता है थ्रेट हमारी नेचुरल स्टेट है इसीलिए सुखी होने के लिए आपको एफर्ट करना पड़ता है दुखी होने के लिए कोई एफर्ट करने की जरूरत नहीं है क्योंकि 24 घंटे आप डरे होते हो कहीं मुझे नौकरी से निकाल तो नहीं देंगे तो नौकरी मिलने की खुशी तो रही कुछ सेकंड्स के लिए बट उसका डर रहा मरते दम तक कहीं जो मेरे साथ में
लोग है मेरे पेरेंट्स मेरे फ्रेंड्स रिलेटिव मर तो नहीं जाएंगे अरे नहीं मर रहे अभी लेकिन वो डर बना हुआ है जिस वजह से उनके साथ में एंजॉय नहीं कर पा रहे उन्होंने कुछ ऐसा कहा या कुछ ऐसा किया जिसकी वजह से आपको थट महसूस हुआ तो जो भी उन्होने आज तक अच्छा किया आपके साथ में हजार चीज वो सब भूल गए वो एक चीज पकड़ के बैठ गए लाइफ में हजार चीज सही हो रही है उन सब से ध्यान हट गया जो एक चीज गलत हो रही है व ध्यान चला गया जानवरों के साथ
भी तो ऐसे ही होता है तो हम भी तो जानवर ही है तोब ध्यान से सुनो क्या होता है कि जब इस को सुना पंखे की आवाज को और अंदर यह जो फीलिंग ट्रिगर हुई जोभी आपने बोला कि पॉजिटिव फीलिंग है यह कुछ देर तक रही फिर जब हमने इस रियलिटी को एक्सेप्ट कर लिया कि हां ठीक है य कोई लाइट तो जाने वाली है नहीं और कोई थ्रेट है नहीं तो इसके बारे में क्या सोचना है बैठ कर के तो बाय डिफॉल्ट आप अलर्ट हो गए और किसी थ्रेट की तरफ अब अगर कोई और
थ्रेट आया तो वह आपकी कॉन्शसनेस में आ गया यह आपकी कॉन्शसनेस से गया तोस साउंड इ देयर बट दिस इ नॉट देयर इन योर कॉशसनेस मान लो किसकी साउंड आ गई मेरी साउंड आ गई अब आपको पंखे की आवाज नहीं आ रही है मेरी आवाज आ रही है और किसको आ रही है यहां पर जो लोग बैठे सबको आ रही है जो ध्यान से सुन रहे हैं कौन ध्यान से सुन रहे हैं और कौन नहीं सुन रहे हैं कौन उबासी ले रहे हैं जिसको यह गलतफहमी है कि शायद मेरी जो बातें हैं इसको सुन कर
के उनकी लाइफ बेटर हो जाएगी वो तो ध्यान से सुन रहे हैं लेकिन जिनको यह क्लेरिटी है कि कुछ नहीं होने वाला है चाहे सुनो या ना सुनो वो महा ज्ञानी है वो मजे से बैठे हैं वो यहां पर आकर के सो रहे हैं और ऐसे लोगों से मुझे बहुत प्यार है क्योंकि वो समझदार है उ उन्हें पता है वैसे भी कुछ होना तो है नहीं लाइफ में हमारा क्यों एफर्ट करना है वो आलसी शिरोमणि है बैठे हैं आराम से उन्हें किसी ज्ञान की जरूरत नहीं है वो ऑलरेडी समाधि में है तो मेरी साउंड किसके
लिए है या तो जिसको सुन कर के या तो इमीडिएट अच्छी फीलिंग हो रही है या फिर अब ये फीलिंग किस लेवल प है सेंसेशन किस लेवल प है बॉडी के लेवल प वो किसके साथ जुड़ी है बेस्ड अपन इंटरप्रिटेशन ऑफ माय वॉइस बेस्ड अपन योर इंटरप्रिटेशन ऑफ माय इमेज इन योर माइंड अगर आपके माइंड में मेरी इमेज नेगेटिव बनी हुई है तो मेरी बातें सुनोगे तो एवर्जन होगा गुस्सा आएगा और अगर अच्छी बनी हुई है तो अच्छा लगेगा तो फीलिंग अच्छी हो रही है इसलिए मेरी साउंड है मतलब साउंड अपने आप में नहीं है
जब साउंड और लिसनिंग के बीच में कोई फीलिंग ध्यान से समझो ये साउंड यह लिसनिंग लिसनिंग इज ऑलवेज देयर इट्स र वेरी नेचर लिसनिंग मतलब क्या सुनने के लिए आपको कोई एफर्ट करना पड़ता है सुनना तो चलता ही रहता है तो जब लिसनिंग के और साउंड के बीच में कोई गैप नहीं होता है कोई फीलिंग नहीं होती है और कोई थॉट नहीं होता है तो लिसनिंग में और साउंड में कोई सेपरेशन नहीं होता है यानी कि आप नहीं होते हो यानी कि मैं ए सेपरेट फ्रॉम साउंड और फ्रॉम दिस यूनिवर्स और मी एज समथिंग और
समवन डज नॉट एक्सिस्ट जब लिसनिंग और साउंड एक साथ जुड़ी हुई है बीच में ना कोई फीलिंग है ना कोई थॉट है ऐसा भी होता है बट बहुत रेयर केसेस में होता है जब एक्चुअल में कोई फीलिंग नहीं है कोई थॉट नहीं है फिर भी आप सुन रहे हो तो उसमें मैं नहीं होता हूं मैं मतलब थॉट ऑफ मी मी एस सेपरेट फ्रॉम यू और फ्रॉम दिस यूनिवर्स और फ्रॉम गॉड और व्ट एवर दस सेपरेट मे इज नॉट देयर दिस ईगो इज नॉट देयर और यह जो स्टेट अभी मैंने जिसकी बात करी वन देर इज
नो सेपरेशन बिटवीन द सीयर एंड द सीन तो देर इ सीइंग बट देर इज नो सीयर देर इज नो सेपरेशन बिटवीन द सीइंग एंड द सीन दिस इज कॉल्ड सहज समाधि जहां प कोई एफर्ट नहीं है एफर्ट मतलब फीलिंग के बेस प फाइट और फ्लाइट रिस्पांस जो ट्रिगर होता है तो किसी एक्शन की जरूरत नहीं है किसी रिएक्शन की जरूरत नहीं है कुछ करने की जरूरत नहीं है कुछ नहीं करने की जरूरत नहीं है अरे सुनने के लिए क्या करता है वो तो अपने आप चल ही रहा है साउंड के लिए क्या करना है वो
तो है ही तो जब कोई फीलिंग नहीं है कोई थॉट नहीं है जब आप नए नए स्टेट में जाओगे जैसे होता है ना कुछ नया नया एकदम से बहुत ज्यादा खा लिया टेस्टी लगा अरे खा लो खा लो खा लो तो डाइजेस्ट नहीं हुआ तो उल्टी हो जाती है ऐसे ही जब नया नया स्टेट को एक्सपीरियंस करते हो तो यू फील इमेंस प्लेजर एंड ब्लिस इन दैट पर्टिकुलर स्टेट बिकॉज देर इज नो यू जैसा गहरी नींद में होता है इसीलिए गहरी नींद से हमको सबको सबसे ज्यादा प्यार है थॉट के लेवल पर आप कुछ भी
बकवास कर सकते हो ब चाहे इंसान हो चाहे जानवर हो गहरी नींद से हमको सबसे ज्यादा प्यार है बोलते हो ना इस इंसान से सबसे ज्यादा प्यार है अगर वो इंसान बोल दे ना मेरी आंखों में आंखें डाल कर के 24 घंटे तक देखते रहो आप कहोगे छोड़ दो भैया बस हो गया प्यार यहीं तक था हमारा दो चार पाच मिनट 10 मिनट बस इससे ऊपर हम नहीं छेल सकते आपको अब मुझे सोना है मतलब आपके सारे गोल सारे ड्रीम्स बड़े से बड़े प्लेजर सब फेल है किसके आगे गहरी नींद के आगे तो गहरी नींद
में होता क्या है सब कुछ होता है यह पूरा यूनिवर्स होता है बॉडी होती है बस आप ए ट फ्रॉम दिस यूनिवर्स नहीं होते हो यह सेपरेशन का थॉट नहीं होता है आप नहीं होते हो ऐसा ही स समाधि में होता है यानी यह गलतफहमी नहीं होती है कि मैं इस सबसे अलग हो लिविंग और नॉन लिविंग का कोई कांसेप्ट नहीं होता है लाइफ और डेथ का कोई कांसेप्ट नहीं होता है इस साउंड के लिए ना कुछ अच्छा है ना बुरा है ना कुछ इसके बारे में आप बोल रहे हो नहीं तो क्या होगा अभी
जब नए नए बात आए हो इस साउंड को सुन कर के आप कहोगे गुरुजी ने कहा साउंड पर ध्यान दो मेडिटेशन कर रहे हो अरे यार साउंड से ध्यान हट गया गुरुजी ने कहा था साउंड पर ध्यान लगाओ चलो वापस से ध्यान लेकर के आते हैं अब सही है ध्यान लगा हुआ है अरे यार ध्यान फिर हट गया सुन कर के कितना मजा आ रहा है क्या बढ़िया फीलिंग हो रही है अरे यार बोर हो गया चलो घर वापस चलते हैं ये कहां फस गया इसमें क्या पड़ा है इससे अच्छा तो काम ही कर लेता
हूं तो क्या हो रहा है देर इज अ थिंकर देयर इज नो लिसन लिसन भी किस पे टिका हुआ है थिंकर पे टिका हुआ है तो यूनिवर्स कब होता है यह तो हमेशा ही होता है था है और रहेगा यूनिवर्स मतलब मैं आप हम वी आर नॉट सेपरेट फ्रॉम दिस तो वी आर ऑलवेज देयर चॉइसलेस एफर्टलेसली बट ये जो मैं है अहंकार है अहम का आकार यह बनता मिटता रहता है यह कभी किसी साउंड को पकड़ लेता है और अंदर कुछ बोलना शुरू करता देता है या फिर उसको सुन कर के कुछ अच्छी फीलिंग होती
है बुरी फीलिंग होती है अब बेचारे जानवर एक लेवल पर जाकर के फंस गए हैं हम उससे आगे हैं क्यों क्योंकि अगर मान लो इससे रिलेटेड इस आवाज से रिलेटेड कोई पास्ट में खराब एक्सपीरियंस हो गया उस जानवर को तोब उसके पास में कोई चॉइस नहीं है वो उससे डरेगा कब तक डरेगा मरते दम तक जैसे एक चिड़िया होती है उसको शीशे में अपनी इमेज दिखती है और वो चोंच मारती है और खून आ जाते हैं क्यों समझने की शक्ति नहीं है ना कि वहां कोई अंदर और नहीं है मैं खुद ही तो हम इस
फीलिंग के ट्रैप से ऐसे बाहर निकल सकते हैं थ्रू आ इंटेलेक्ट इसलिए मन से ऊपर होता है बुद्धि मन बुद्धि चित्त अहंकार फिर आता है आत्मा तो मन से ऊपर क्या है बुद्धि यानी बुद्धि से हम मन को कंट्रोल कर सकते हैं कुछ समझ आ रहा है अब एक जानवर में और इंसान में क्या फर्क है मैंने कहा कि इंसान होने का क्या फायदा तो क्या इसका मतलब य कि जानवर बेटर है इंसान से नहीं क्यों क्योंकि बेचारा जो जानवर है वो हम थ्रेट में जी रहा है डर में जी रहा है ध्यान से एक
जानवर को देखो चाहे आप उसको नहीं भी मारना चाहते तब भी जैसे उसके पास जाओगे वो डरेगा इंसान के साथ तो ऐसा नहीं होता है मेट्रो में या बस में आप बैठे होते हो और आपके पास में एक्चुअल में कुछ ऐसे लोग बैठे हैं जो एक्चुअल में मडरर्स है फिर भी आप नहीं डर रहे क्यों क्योंकि आप अपनी बुद्धि के लेवल पर ऑपरेट कर रहे हो मन के स्तर पर नहीं जानवर मन के स्तर पर ऑपरेट कर रहे हैं और मन का बेसिक नेचर क्या है टू पर्सीव थ्रेट बिफोर प्लेजर मतलब मान लो जानवर को
एक ही डायरेक्शन से दो आवाजें आ रही है एक तरफ प्लेजर है एक तरफ थ्रेट है तो क्या वो उधर जाएगा या नहीं जाएगा अगर पता है कि वहां पे थ्रेट है तो नहीं जाएगा जैसे मछली जाल में क्यों फस जाती है क्योंकि वहां पर जो फूड है उसकी वजह से मुंह में पानी तो आ गया भूख लगी उसके लिए वो वहां पर गई और जाकर के फंस गई बट उसको पता नहीं है कि वहां पर जाल है और उसको पता नहीं वहां पर जाक के फस जाते हैं मर जाते हैं बट वही बायोलॉजिकली उस
मछली को यह पता है कि पैदा होते ही इस बड़ी मछली से बचना है और भागना है उससे दूर भाग रही है या कुछ ऐसे जानवर होते हैं जो अपने बच्चों को खा जाते हैं तो जानवर पैदा होते अपने मां से बचते हैं ऐसे भी कुछ जानवर होते हैं तो बायोलॉजिकली उनको पता है तो अगर बायोलॉजिकली जो उनकी बायोलॉजिकल मेमोरी है उसम व स्टोर्ड है तो व थ्रेट से बचेंगे मतलब थ्रेट इज ओवर प्लेजर तो उनकी जो लाइफ है ट इज ड्रिवन बाय थ्रेट देर ऑलवेज लिविंग इन थ्रेट इन डेंजर एंड देर एक्चुअली इन डेंजर
बिकॉज ऑफ ह्यूमंस सबसे बड़ा खतरा तो हम लोग ही है ना उनके लिए तो यह है जानवरों का लेवल तोय को बहुत अच्छा लेवल नहीं है सोचो हमेशा डर में जी रहे हैं कभी भी आ कर के कोई भी मार सकता है ए दे लवेज अवेयर ऑफ द थ्रेट और एक्चुअल में मरते हैं उनकी लाइफ को अगर एक लाइन में डिफाइन किया जाए ट इ फाइट फॉर सर्वाइवल बस खत्म तो इंसान होने का क्या मतलब है तो इस सर्वाइवल की फाइट से बाहर निकलो वो कैसे निकलोगे काम करके नॉलेज लो इंफॉर्मेशन लो जिसको पढ़ाई लिखाई
बोलते हैं जॉब करो बिजनेस करो किसी तरीके से यूजफुल हो जाओ इस पूरी ह्यूमन सोसाइटी के लिए तोय सोसाइटी आपको रिवर्ड देगी पैसा देगी अगर आप उनके काम के हो तो अगर निकम में हो सोसाइटी के काम के नहीं हो पैसा नहीं मिलेगा थिंक अबाउट इट कैसे आप यूजफुल हो जाओ जब हो गए तो क्या हुआ अब आप कुछ ऐसा कर सकते हो जो जानवर नहीं कर सकते यानी कि यू कैन स्टोर द बेसिक सेंशियल्स ऑफ लाइफ दे कैन नॉट डू दैट व अगले 10 साल का खाना इकट्ठा करके नहीं रख सकते वो सड़ जाएगा
बट यू कैन स्टोर मनी इन योर बैंक अकाउंट अगले 100 साल का तो अब आपको पैसे की टेंशन नहीं है सर्वाइवल की टेंशन नहीं है कोई थ्रेट नहीं है कोई डेंजर नहीं है नोन अननोन हो सकते हैं बट उससे फर्क नहीं पड़ता है अननोन मतलब अगले पा मिनट बाद भूचाल आने वाला है यहां पर क्या फर्क पड़ता है हमें तो पता ही नहीं है हम तो ऐसे रिएक्ट कर रहे हैं जैसे आ ही नहीं सकता क्यों नहीं आ सकता सिटिंग इन सीमिक जोन फोर आ सकता है बट अननोन है तो अननोन से किसको डर लगता
है अरे जंगल में मोर नाचा किसने देखा या फिर कहीं दूर किसी कंट्री में कहीं कुछ गलत हो भी गया तो किसको फर्क पड़ता है हमारे घर में हो गया हां फर्क पड़ता है हमारे पड़ोस में हो गया हां फर्क पड़ता है अब वहां प या तो मजा आता है या बुरा लगता है डिपेंडिंग अपॉन कि आप उसको कैसे देख रहे हो आप उसको कैसे रिलेट कर रहे हो यूजुअली पड़ोसियों के घर में कुछ गलत होता है तो मजा ही आता है तो कुछ लोग ये समझते हैं मेडिटेशन का अल्टीमेट गोल एक भैस की तरह
जाकर के सड़क पर बैठ जाओ ध्यान में चाहे कोई हन बजा रहा है चाहे कोई ट्रैफिक जैम लग रहा है उसको फर्क ही नहीं पड़ रहा है व बैठी आराम से यह है मेडिटेशन का अल्टीमेट गोल तो फिर तो आप जितना मर्जी एडवांस हो जाओ वो भैंस आपसे ज्यादा एडवांस है क्योंकि आप तो फिर भी हिल जाओगे वो नहीं हिलेगी तो यह बनना है यह मेडिटेशन का अल्टीमेट गोल है लोग जब समाधि की बात करते हैं उसकी भी स्टेजेस की बात करते फिर कहते निर्विकल्प समाधि उसका मतलब लोग क्या समझ लेते हैं कि ऐसी स्टेट
आ गई जहां पर जा करके हम समाधि में बैठे हैं और बहुत अच्छा फील हो रहा है अरे नहीं भाई साहब ये नहीं है निर्विकल्प मतलब चॉइसलेस स्टेट ऑफ एक्जिस्टेंस वो तभी हो सकता है जब जितनी भी चॉइसेज है आपके पास में उस सबको आपने प्लान कर लिया है एट अ बायोलॉजिकल लेवल समझे नहीं तो ये सब जो बातें हैं ये सुनने में बड़ी अच्छी लग रही है लेकिन अगर प्यास लगी है तो सब धरा का धरा रह जाएगा कोई मेडिटेशन कोई स्पिरिचुअलिटी काम नहीं आएगी अगर दो दिन से प्यासे हो तो तो पानी चाहिए
हवा चाहिए खाना चाहिए घर चाहिए यह सब स्पिरिचुअलिटी से नहीं होता है यह सब काम करने से होता है इस दुनिया में एक वर्ड है नॉलेज दुनिया से रिलेटेड व एक्वायर करो उसको देखो कैसे आप इंप्लीमेंट कर सकते हो सिंपल तो इंसान होना जानवर होने से बेटर है क्यों क्योंकि यह जो कांस्टेंट थ्रेट में जानवर जी रहा है उससे एक इंसान ऊपर उठ सकता है कैसे थ्रू एक्शन इन द राइट डायरेक्शन मतलब अपने आप को इतना कैपेबल बना करके कि वो दुनिया के लिए इतना यूजफुल हो जाए कि दुनिया उसको इतना रिवर्ड दे दे कि
उसको अपने सर्वाइवल की टेंशन नहीं है कोई थ्रेट नहीं है मान लो बैंक अकाउंट में इतना पैसा पड़ा है कि अब कुछ ना भी करें तो खर्चा चलता रहेगा टेंशन नहीं है बट अगर आप यह कर नहीं पा रहे और आप स्पिरिचुअल पाथ प आ रहे हो भाई साहब क्या कर रहे हो और क्यों कर रहे हो आप ये यह बताओ अब एक और बेनिफिट क्या है इंसान के पास में जो मैंने बताया के इफ यू वांट टू बी इन अ स्टेट ऑफ एफर्टलेस रिलैक्सेशन चच वी ऑल आर क्रेविंग फॉर डीप विद इन तभी सोने
के लिए भी लोग गोलियां खाते हैं क्यों क्योंकि सोना जरूरी है तो अगर आप जब चाहे एक एफर्टलेस स्टेट में एंटर करना चाहते हैं तो उसके लिए क्या करना पड़ेगा पहले जो फीलिंग है उसको आपने टेक केयर किया थ्रू एक्शंस थ्रू मनी तो वहां से वो जो फीलिंग्लेस फीलिंग वाली प्रॉब्लम है वो सॉल्व हो गई एक्शन से वो सॉल्व हो गई यानी योगा करके प्राणायाम करके ये सब करके डाइट को अच्छे से से मैनेज करके आपने अपनी बॉडी को एक लेवल पर फिट कर लिया तो अब कोई प्रॉब्लम नहीं है जब कोई प्रॉब्लम नहीं है
तो कोई डेंजर भी नहीं है यू आर एट ईज एज फार एज फीलिंग इज कंसर्न अब अपनी अंडरस्टैंडिंग के थ्रू ऐसी फीलिंग ऐसे इमोशन जिसकी वजह से आपके अंदर कुछ उल्टे सीधे रिएक्शंस ट्रिगर होते हैं उसको भी समझ लिया मानो कोई चाइल्डहुड ट्रामा है उसको बैठ करके आराम से समझ लिया हां ठीक है वो सब बचपन में था अभी तो नहीं है हाउ डज इट मैटर अब कोई आई तो सही अब देखते उसको तो आप उससे भी फ्री हो गए यानी अपने पास्ट से फ्री हो गए पास्ट एक्सपीरियंस से जो कि जानवर नहीं हो सकता
और बहुत सारे इंसान भी नहीं हो सकते वो पास्ट कंडीशनिंग के हिसाब से एक्ट करते हैं पास्ट में कुछ हो गया खराब एक्सपीरियंस उसको कभी क्वेश्चन नहीं करते हैं खुद ने कोई बिजनेस ट्राई किया उसमें फेल हो गए पूरी दुनिया में चीक चक करके कह रहे कि आज के टाइम में बिजनेस करना बहुत मुश्किल है बेटा कुछ भी करना बिजनेस मत करना तो क्या हुआ उन्होंने अपना एक परसेप्शन बना लिया यानी बिजनेस वर्ड सुनते ही उनको डर लगेगा जैसे एक जानवर को कोई पर्टिकुलर आवाज सुनते डर लगता है तो उनके लिए आवाज बिजनेस मतलब डर
और वो डर व ट्रांसफर होता उनके बच्चों के अंदर तो अगर आपके अंदर बुद्धि है तो बुद्धि के स्तर पर आपको बोध हो जाता है आत्म बोध यानी कि मैं कौन हूं तो जो कांसेप्ट ऑफ लाइफ एंड डेथ है यह जिस पर टिका हुआ है उस मैं पर उस मैं के झूठ को आप देख लेते हो जैसे अभी हमने देखा देर इ नो सेपरेट लिनर देर इ लिसनिंग च प्रेजेंट जो आज से हजारों लाखों साल पहले भी थी आज भी है और बाद में भी रहेगी यह प्लानेट बनेगा मिटेगा लेकिन ये लिसनिंग कहीं जाने वाली
नहीं है दिस इज द वेरी नेचर ऑफ एक्जिस्टेंस जानवरों में भी है और इंसानों में भी है इंसानों में क्या हुआ है लैंग्वेज डेवलप होने की वजह से थॉट डेवलप हो गया है और थॉट बहुत ही कॉम्प्लेक्शन यहां फंसा हुआ है तो जिस थॉट में इंसान फंसा हुआ है उसी थॉट की मदद से वो फीलिंग के स्तर से ऊपर उठा फिर उसी थॉट की मदद से खुद के सच को देख लिया थॉट के झूठ को देख लिया खुद को जो एक थिंकर समझ रहा था लिसन समझ रहा था उसने ये भी देख लिया देर इज
थिंकिंग देर इज लिसनिंग देयर इज सीइंग देयर इज फीलिंग इन दिस बॉडी आल्सो दैट बॉडी आल्सो जानवरों की बॉडी में भी है बट देर इज नो सेपरेट फलर दिस इज एन इल्यूजन दिस इज एन एरर मतलब फीर अलग-अलग नहीं है थिंकर अलग-अलग नहीं है जैसे हमारी बॉडी में पानी अलग-अलग नहीं है और इस फीलिंग को ही कॉन्शसनेस कहते हैं इस लिसनिंग को ही कॉन्शसनेस कहते हैं कॉन्शियस निस ऑफ साउंड इज इक्वल टू लिसनिंग बट वेयर इज लिनर देर इज नो लिसन वंस यू सी दैट यू आर फ्री फ्री फ्रॉम व्ट फ्री फ्रॉम योरसेल्फ खुद से
फ्री हो गए तो जिस इंसान को ऐसा बोध हो गया अब जब वह बैठ करके यहां पर इस पंखे की आवाज को सुनेगा तो पहले तो यह है कि उसके अंदर डिजायर ही नहीं है पंखे की आवाज को सुनने का बट मान लो वो बैठा है कोई ना नेगेटिव फीलिंग है ना पॉजिटिव फीलिंग है थॉट क्या होगा ऐसे इंसान में जिसने जान लिया अहम ब्रह्मस्मी वेदों के महावाक्य है तत्व मसी यानी मैं ही वो सत्य हूं तब उसके अंदर क्या थॉट उठेगा क्या कोई डिजायर है क्या कोई डर है बायोलॉजिकल क्रेविंग्स और अजंस है यानी
अगर कोई आ कर के हाथ पर कुछ गर्म टच करेगा तो पहले उसको मना करेगा अगर व नहीं मानेगा तो उससे लड़ेगा बायोलॉजिकली है बायोलॉजिकली भूख है फूड शेल्टर क्लोथिंग यह सब चाहिए जो काम किससे हो रहा है पैसे से पैसा कहां से आ रहा थट से तो थॉट यूज हो रहा है तो वह चीज जब सेट हो गई तो वहां से फ्री हो गया फीलिंग से यानी जानवरों के स्तर से ऊपर उठ गया अब जो इंसानों का स्तर है वह एक्चुअल में बहुत खतरनाक है जहां पर इंसान जी रहा है व थॉट का स्तर
अब ऐसे ज्ञानी के लिए जो खुद को जानता है उसके लिए थॉट कहां है व जब आपको देख रहा है या किसी को भी देख रहा है इस लाइट को देख रहा है पंखे को देख रहा है इस कमरे को देख रहा है पेड़ों को देख रहा है या खुद को शीशे में देख रहा है या किसी और को देख रहा है थॉट कहां है थॉट का ग्राउंड क्या है मैं मैं मतलब मैं सेपरेट फ्रॉम दिस यूनिवर्स मैं ही नहीं तो थॉट कहां है बर्थ क्या होता है डेथ क्या होती है रीबर्थ क्या होता है
यह इनलाइटनमेंट क्या होता है मुक्ति क्या होती है बंधन क्या होता है उसके लिए सारे कांसेप्ट नॉन एसिस्टेंट है करने के लिए क्या है कुछ भी नहीं नहीं करने के लिए क्या है कुछ भी नहीं इसको सहज समाधि बोलते हैं इसके बारे में कहा गया है स्क्रिप्चर में ऐसा जो ज्ञानी होता है जो खुद को पूरी तरह से जान जाता है वह होता है महा कर्ता महा कर्ता महा भोक्ता और महा त्यागी महा करता मतलब वो कुछ भी कर सकता है उसके लिए कुछ भी करना इंपॉसिबल नहीं है क्योंकि उसके अंदर डर नहीं है महा
करता महा भोक्ता महा भोगी है वो क्यों क्योंकि वो कुछ भी भोग सकता है अरे जो अपने थॉट से फ्री हो गया है वही तो भोग सकता है इफ देर इज अ फुल मून नाइट तो यू डोंट सी दैट क्योंकि उसमें आपका कोई इंटरेस्ट नहीं है आपके राग द्वेष आपको भगा रहे हैं आपका थॉट आपको भगा रहा है तो यू आर नॉट अवेयर ऑफ दैट बट वो बैठ कर के उस फुल मून को कई घंटों तक देख सकता है बिना बीच में थॉट की इंटरफेरेंस के और अगर थॉट की इंटरफेरेंस हो भी तब भी उसको
कोई प्रॉब्लम नहीं है थॉट क्या है बोलना तो चाहे बोले चाहे ना बोले क्या फर्क पड़ता है कोई फीलिंग हो रही है नहीं हो रही है क्या फर्क पड़ता है अच्छी फीलिंग हो रही है बुरी हो रही है क्या फर्क पड़ता है अच्छा अब देखने का मन नहीं कर रहा क्या फर्क पड़ता है चल रहे हैं क्या फर्क पड़ता है बैठे हैं क्या फर्क पड़ता है सो रहे हैं क्या फर्क पड़ता है तो क्या हो गया वह महा भोक्ता फिर क्या है उसके बारे में क्या कहा गया है महा त्यागी उसने त्याग कर दिया सबसे
बड़ा त्याग जो लोग बात करते हैं ना त्याग करो यज्ञ में आहुति दो किसकी आहुति वो जिससे तुमको सबसे ज्यादा प्यार है लोग इसका मतलब क्या निकालते हैं कि मेरे पास में इतना पैसा है उसमें से इतना सा पैसा मैं त्याग कर देता हूं तो मैंने बहुत बड़ा त्याग कर दिया अरे नहीं इस सबका सेंटर पॉइंट क्या है मेरा जो कुछ भी है मेरे जो कुछ भी है उस सबका सेंटर पॉइंट क्या है मैं जिसने मैं का त्याग कर दिया उसने सब कुछ ही त्याग दिया तो वो क्या हो गया महा त्यागी