एग्जाम्स पास आ गए हैं ना और डर लग रहा है क्योंकि हर एक स्टूडेंट को एग्जाम के टाइम पे बहुत सारी प्रॉब्लम्स को फेस करना पड़ता है सबसे बड़ी प्रॉब्लम है कि पढ़ने का मनही नहीं कर रहा है ऐसा लग रहा है कि अभी नहीं पढ़ते 10 मिनट बाद पढ़ते हैं 20 मिनट बाद पढ़ते हैं चलो एक स्टूडेंट अगर पढ़ने का मन बना भी लेता है तो उसके बाद अगली प्रॉब्लम स्टार्ट होती है जो कि है द प्रॉब्लम ऑफ डिस्ट्रक्शन यानी जैसे ही वो पढ़ने बैठेगा उसका मन करेगा कि यार थोड़ी देर बाद करा या
फिर फोन चला लेता हूं यह कर लेता हूं वो कर लेता हूं उसके बहुत सारे दिमाग के अंदर डिस्ट्रक्शंस आने लगेंगे चलो उस डिस्ट्रक्शन को भी वो खत्म कर लेगा उसके बाद अगली प्रॉब्लम स्टार्ट होगी कि आखिर पढ़ना कैसे है इतना सारा सिलेबस है इतना कम टाइम है इतनी सारी चीजें पढ़नी है आखिर इतनी सारी चीजें इतने कम टाइम में पॉसिबल कैसे है चलो अगर वो अपने टाइम को भी मैनेज कर लेता है अपने सिलेबस को भी मैनेज कर लेता है उसके बाद एक्चुअल प्रॉब्लम स्टार्ट होती है जो कि है प्रॉब्लम ऑफ ओवरथिंकिंग पढ़ते समय
कितनी बार होता है कि हम ये सोचते हैं कि एग्जाम में मार्क्स अच्छे आएंगे या नहीं आएंगे हमारे पेरेंट्स क्या सोचेंगे हमारे टीचर्स क्या सोचेंगे ये सारी प्रॉब्लम्स जो है ना एक स्टूडेंट को एग्जाम के अंदर अच्छे मार्क्स लाने से बहुत रोकती है और इन्हीं सारी प्रॉब्लम्स के आज सेवन सिंपल स्टेप्स के अंदर तुम्हें सलूशन बताने वाला हूं तो दिन में तीन-चार घंटे बहुत होते हैं अब दिमाग में एकदम छाप जाना चाहिए हर सब्जेक्ट रिमेंबर एनीथिंग दैट यू स्टडीड सो हाय एवरीवन मेरा नाम है प्रशांत मेंटर ऑफ थाउजेंड्स ऑफ स्टूडेंट्स ये जो सारी प्रॉब्लम मैंने
बताई ना इन सारी प्रॉब्लम्स आप भी फेस कर रहे होंगे आपको भी लग रहा है ना कि पढ़ने का मन नहीं कर रहा और भी बहुत सारी प्रॉब्लम है आज इन सारी प्रॉब्लम के साइंटिफिक सेवन सलूशन दूंगा बट उन सलूशन को देने से पहले ना पहली चीज जोकि सबसे इंपॉर्टेंट है वो है सेल्फ कॉन्फिडेंस यार देखो मुझे पता है तुम्हारे एग्जाम पास आ गए हैं तुमने अभी तक नहीं पढ़ाई करी तुम्हें ऐसा लग रहा है पेपर अच्छे नहीं जाएंगे मार्क्स अच्छे नहीं आएंगे बट अगर तुम खुद को हर रोज ये बोल रहे हो ना कि
तुम नहीं कर पाओगे तो रियलिटी में तुम नहीं कर पाओगे क्योंकि तुम्हारे अंदर सेल्फ कॉन्फिडेंस नहीं है जीतता वही है जो कि अपने अंदर कॉन्फिडेंस रखता है तो जो सेल्फ कॉन्फिडेंस है ना वो तुम्हारे अंदर होना चाहिए अगर वो नहीं रखोगे नहीं हो पाएगा तो पहली चीज याद रखो कॉन्फिडेंस खुद के अंदर होना चाहिए वो कैसे आएगा वो आएगा जब तुम खुद से हर रोज बोलोगे कि हां मैं कर सकता हूं मैं कर सकती हूं और यही कमेंट आज आप सभी को करना है इसी कमेंट सेक्शन के अंदर कि हां मैं करूंगा या फिर मैं
करूंगी आई होप आपने अभी तक इस कमेंट को कर दिया होगा वीडियो पॉज करके अब पूरी सेवन टिप्स बताऊंगा और उन टिप्स को बताता हूं एक सिंपल सी स्टोरी के साथ ये स्टोरी है दो स्टूडेंट्स की एक था रोहन एक मोहन ये जो रोहन था ना ये हमेशा से टॉपर स्टूडेंट था ये वो था जो कि बहुत अच्छे मार्क्स लेकर आता था जबकि वो जो दूसरा स्टूडेंट था जो कि मोहन था ना वो बैकबेंचर था अब एग्जाम पास आ गए थे रोहन ने तो सब कुछ पढ़ा था वो तो हमेशा मार्क्स लाता था बट मोहन
बेचारा बैकबेंचर जिसने कुछ नहीं पढ़ा था और उसका सिलेबस भी कंप्लीट नहीं हुआ था अब उसको बहुत डर लग रहा था तो भागा भागा आता है रोहन के पास और रोहन से बोलता है यार रोहन मेरी एक मदद कर दे तो रोहन पूछता है क्या मदद करूं तो मोहन बोलता है कि यार मेरे एग्जाम पास आ गए हैं तूने सब कुछ पढ़ लिया है बट मैंने कुछ नहीं नहीं पढ़ाए मेरी इतनी सारी प्रॉब्लम है उनके सलूशन बता दे तो पता है रोहन ने क्या बोला रोहन ने बोला कि यार पता है तुझे मैं टॉपर क्यों
हूं और तू बैक बेंचर क्यों है क्योंकि हमारे बीच में ना एक फर्क है कि तू हमेशा प्रॉब्लम्स प फोकस करता है और मैं सलूशन प फोकस करता हूं मोहन ये सुनते ही शौक हो गया और बोला कैसे मैं समझ नहीं पाया तो रोहन ने बोला कि तेरी जितनी भी प्रॉब्लम्स है ना उनके सलूशन है बस तू ढूंढता नहीं है तो मोहन बोलता है यार मेरी एक प्रॉब्लम नहीं है सात बड़ी-बड़ी प्रॉब्लम है और यही प्रॉब्लम तुम सबकी भी है तो रोहन जवाब देता है कि कोई दिक्कत नहीं है यह सारी प्रॉब्लम के आज हम
सलूशन एक-एक करके जानेंगे तो मोहन बोलता है मेरी जो सबसे पहली प्रॉब्लम है जो कि आप सबकी भी होगी और उस प्रॉब्लम का नाम है द प्रॉब्लम ऑफ प्रोक्रेस्टिनेशन यानी काम को टालना प्रोक्रेस्टिनेशन का मतलब होता है कितनी बार हम ये सोचते हैं ना कि 10 मिनट बाद पढ़ना स्टार्ट करते हैं नहीं नहीं आधे घंटे बाद पढ़ना स्टार्ट करते हैं अरे नहीं यार 2:30 बजे से पढ़ना स्टार्ट करेंगे और जैसे ही 245 होंगे तो हम ये सोचेंगे कि 3:00 बजे से पढ़ना स्टार्ट करेंगे ये सारी प्रॉब्लम आप लोग भी फेस करते होंगे मो महन भी
यही प्रॉब्लम फेस करता था और मोहन बोलता है रोहन से यार ये मेरी इतनी बड़ी प्रॉब्लम है ना इसका कोई सलूशन निकाल दे मैं बार-बार ये सोचता हूं कि थोड़ी देर बाद थोड़ी देर बाद थोड़ी देर बाद और एग्जाम अब इतने पास आ गए हैं ना कि वो टाइम बचा ही नहीं है तो रोहन मुस्कुराता है और बोलता है कि ये प्रॉब्लम ना मैं भी फेस करता था और इसका एक सिंपल सा सलूशन होता है जिसका नाम होता है द 30 सेकंड रूल द 30 सेकंड रूल ये बोलता है ना कि आपको अपनी जिंदगी के
सारे इंपोर्टेंट डिसीजन मात्र 30 सेकंड के अंदर लेने हैं इमेजिन करो आपको सुबह जल्दी उठना है जैसे ही आप सुबह जल्दी उठने की कोशिश करोगे आप एक अलार्म लगाओगे ना अलार्म बजेगा जैसे ही आप अलार्म देखोगे आपके मन में एक थॉट आएगा कि अभी उठूं या बाद में उठूं अगर आपने 30 सेकंड के अंदर डिसीजन नहीं लिया तो आपका जो दिमाग है ना ये आपको बेवकूफ बना देगा ये आप पे हावी हो जाएगा और आपको ये दिमाग बोलेगा कि अभी नहीं उठते 10 मिनट बाद उठते हैं और वो 10 मिनट कब आधे घंटे एक घंटे
दो घंटे के अंदर बदल जाते हैं वो तो आप सबको पता ही है यानी जितने भी डिसीजन है ना आपको 30 सेकंड के अंदर लेना है इमेजिन करो आप सोच रहे हो कि अभी पढ़े या फिर बाद में पढ़े आप आपके पास होंगे सिर्फ और सिर्फ 30 सेकंड उन 30 सेकंड के अंदर आपको डिसीजन लेना है या तो आप ये सोचो कि यहां पढ़ने बैठ जाता हूं बट अगर आपने अपने दिमाग को 30 सेकंड से ज्यादा समय दिया ना तो आपका दिमाग बोलेगा नहीं यार क्या ही करना है पढ़ के और वो पढ़ाई नहीं कर
पाओगे तुम ये बहुत बड़ी रियलिटी है दिमाग को ये बोलो कि थोड़ा पढ़ेंगे आधे घंटे पढ़ेंगे बट अभी से पढ़ना स्टार्ट करो अगर तुमने अप्लाई करा ना तो होगा क्या जोब आप पढ़ने बैठोगे ना तो आराम से आपका पढ़ाई में फ्लो बन जाएगा और आप एक दो घंटे तो आसानी से पढ़ जाओगे तो मोहन ने बोला यार वाह ये तो बहुत अच्छा तरीका है अच्छा रोहन मेरी एक और प्रॉब्लम तो रोहन ने पूछा कौन सी प्रॉब्लम है तो अब आ जाती है सेकंड प्रॉब्लम जिसका नाम है बहुत सारा सिलेबस यानी ये जो प्रॉब्लम है ये
तो तुम्हारे साथ भी होगी क्योंकि एग्जाम जो है आप सभी के पास आ चुके हैं और सिलेबस इतना सारा है मोहन ने भी यही बोला कि इतना सारा सिलेबस है मैंने कुछ नहीं पढ़ा कैसे पढ़ूंगा तो पता है रोहन ने क्या बोला एक साइंटिफिक स्ट्रेटजी होती है जिसका नाम होता है द रिवर्स स्टडिंग मेथड रिवर्स स्टडिंग मेथड क्या होता है अब तुम्हें डायरेक्टली किताबें नोट्स वगैरह नहीं पढ़ना है तुम्हें क्या करना है सबसे पहले ये देख देखना है कि कौन सा टॉपिक इंपॉर्टेंट है हर एक चैप्टर के तुम इंपॉर्टेंट टॉपिक ढूंढोगे कैसे ढूंढ सकते हो
youtube3 तैयारी कर रहे हो सर्च करो आईआईटी जेई मोस्ट इंपोर्टेंट टॉपिक्स चैप्टर वाइज सारे इंपोर्टेंट टॉपिक्स तुम्हें इजली मिल जाएंगे अब तुम्हें क्या करना है उन इंपॉर्टेंट टॉपिक्स को पढ़ना है और फिर क्वेश्चन प्रैक्टिस करनी है यानी तुम्हें सब कुछ नहीं पढ़ना है आखिरी के टाइम पे वो पढ़ो जो कि बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है और इसी मेथड को बोलते हैं रिवर्स टनिंग तो रोहन ने बोला पता है कभी-कभार ना मैं भी इस मेथड को फॉलो करता हूं कुछ ऐसे सब्जेक्ट होते हैं जो कि मैं नहीं पढ़ पाता तो आखिरी के टाइम पे मैं भी इसी
मेथड को यूज करता हूं जिसकी मदद से मैं बहुत अच्छे मार्क्स लेके आ पाता हूं तो ये थी सेकंड प्रॉब्लम अब मोहन बोलता है कि यार मेरी एक और प्रॉब्लम है तो रोहन बोलता है बता यार वो भी बता दे कौन सी प्रॉब्लम है तो अब आ जाती है प्रॉब्लम नंबर थ्री जिसका नाम है टाइम कहां है तो जो आपका मोहन है ना वो ये बोलता है कि ठीक है यार इतना सारा सिलेबस है तेरी स्ट्रेटेजी से मैं उस सिलेबस को कंप्लीट करने की कोशिश करूंगा बट टाइम कहां है तुझे पता है मैं पढ़ने बैठता
हूं ना तो दोदो तीन-तीन घंटे पढ़ लेता हूं बट मेरा पढ़ाई पर फोकस ही नहीं लगता कंसंट्रेशन नहीं लगता टाइम ऐसे निकल रहा है ना कि पता ही नहीं चल रहा है तो यहां पर एक बड़ी ही साइंटिफिक टेक्नीक आती है जिसका नाम है वेदिक साइंस ऑफ वन आर रूल यानी वन आर रूल क्या बोलता है पुराने जमाने से यानी वैदिक टाइम से जब गुरुकुल टाइम चलता था ना उस जमाने से इस टेक्निक को यूज किया जा रहा है इस टेक्निक के अकॉर्डिंग ना आपको जब भी पढ़ना है ना तो ये मत सोचो कि तीन
घंटे पड़ेंगे चार घंटे पढ़ेंगे पाच घंटे नहीं आप एक टाइमर लगाओ मात्र एक से दो घंटे का टाइमर लगाओ और इस एक से दो घंटे के अंदर तुम्हारा सारा फोकस कहां होना चाहिए सारा फोकस होना चाहिए पढ़ाई की तरफ उन एक से दो घंटे के अंदर तुम्हें क्या करना है तुम्हें सारी चीजों के डिस्ट्रक्शंस को दूर रख देना है तुम्हारा सारा फोकस होना चाहिए एक घंटे की जोरदार पढ़ाई की तरफ अगर आपने इसको फॉलो करा ना एक घंटे पढ़ लो बस एक घंटे जरूरत नहीं है तीन-तीन चार-चार घंटे पढ़ने की एक घंटे पढ़ोगे दिमाग सारी
एनर्जी लगा देगा उस एक घंटे के अंदर तुम तीन घंटे की पढ़ाई कर जाओगे और उसके बाद थोड़ा सा ब्रेक लो वापस से एक घंटे आओ फिर ब्रेक लो वापस एक घंटे आओ तो एक एक घंटे के स्लॉट्स बना दो उसके अंदर ऐसी पढ़ाई करो कि तीन घंटे की पढ़ाई तुम एक बार में कर लो इस टेक्निक की मदद से तुम्हारा कंसंट्रेशन भी नहीं लेगा तो ये थी हमारी प्रॉब्लम नंबर थ्री का भी सलूशन अब मोहन खुश हो जाता है बोलता है ये तो बहुत अच्छा तरीका है इसको तो मैं जरूर अप्लाई करूंगा अब ना
मेरी एक और प्रॉब्लम है जो कि है प्रॉब्लम नंबर फोर और उसका नाम है कहां से पढ़ा जाए नोट्स से बुक से इतने सारे रिसोर्सेस हैं तो पता है रोहन क्या जवाब देता है रोहन बोलता है यार मोहन तुझे वो स्ट्रेटेजी नहीं पता क्या कौन सी स्ट्रेटेजी आर क्यू आर स्ट्रेटजी आर क्यू आर स्ट्रेटेजी क्या बोलती है जब भी आप पढ़ने बैठ रहे हो ना तो आप अपना समय खराब मत करो हम ना अपना ज्यादा समय कहां खराब कर रहे हैं हम अपना ज्यादा समय ये खराब कर रहे हैं ढूंढने में कि क्या पढ़े इनके
लेक्चर देखें या उनके लेक्चर देखें नोट्स यहां से बनाए या वहां से बनाए रिवीजन ऐसे करें वैसे बहुत सारी चीजों को हम ढूंढ रहे हैं तो ढूंढने से अच्छा है पढ़ने से पहले आर क्यू आर पहले आर का मतलब है रिसोर्स क्यू का मतलब है क्वेश्चन प्रैक्टिस और तीसरे आर का मतलब है रिवीजन यानी इमेजिन करो आप एक सब्जेक्ट पढ़ने जा रहे हो जैसे इंग्लिश तो आपको पता होना चाहिए कि आप रिसोर्स यानी आप कहां से पढ़ने वाले हो कि आप लेक्चर देखोगे नोट्स देखोगे बुक देखोगे कहां से पढ़ोगे दूसरा क्वेश्चन प्रैक्टिस आप आखिर क्वेश्चन
प्रैक्टिस कहां से करने वाले हो किताब से करने वाले हो कहीं और से करने वाले हो और तीसरी और इंपॉर्टेंट चीज रिवीजन कि आप रिवाइज कहां से करोगे आपके अपने नोट्स से अपने दोस्त के नोट्स से ये तीनों चीजें हर एक सब्जेक्ट के लिए तुम्हारे पास क्लियर होनी चाहिए तो मोहन बोलता है ये तो बहुत अच्छी स्ट्रेटेजी है अब अगली प्रॉब्लम पे आ जा अगली प्रॉब्लम क्या है अब आ जाती है हमारी अगली प्रॉब्लम जिसका नाम है टफ सब्जेक्ट्स अब मोहन ये बोलता है कि यार पता है कुछ सब्जेक्ट तो मैं पढ़ लेता हूं मेरे
कुछ सब्जेक्ट बहुत स्ट्रंग है तो उनको ना पढ़ने में मुझे मजा आता है मेरा ऐसा मन करता है पूरे पूरे दिन इनको पढ़ लू बट कुछ सब्जेक्ट मेरे वीक हैं जिनको मुझे पढ़ने का मन ही नहीं करता तो आखिर वो जो टफ सब्जेक्ट है उनको कैसे पढ़ूं तो पता है रोहन क्या बोलता है रोहन ये बोलता है कि प्रॉब्लम मेरे साथ भी थी फिर मैंने एक नए तरीके को इस्तेमाल करा जो उस तरीके का नाम था ना वो नाम था द साइंटिफिक वे ऑफ स्टडिंग द टफ सब्जेक्ट यानी इस मेथड के अंदर आपको क्या करना
है ना जब भी आप एक टफ सब्जेक्ट पढ़ने जा रहे हो तो कभी भी टफ चैप्टर से शुरुआत मत करो एक सब्जेक्ट है उसका एक आसान टॉपिक तो होगा आसान चैप्टर तो होगा हमेशा उस आसान चैप्टर को तुम्हें शुरू में पढ़ना है उससे क्या होगा जैसे ही तुम आसान चैप्टर को पढ़ोगे ना तो तुम्हारे दिमाग को लगेगा अरे ये तो बहुत आसान है उससे क्या होगा आपके दिमाग को इंटरेस्ट आता रहेगा और उसके बाद आप टफ चैप्टर्स की तरफ भी धीरे-धीरे धीरे धीरे बढ़ सकते हो उसके साथ-साथ आप यहां पर क्या करना ना एक रिवॉर्ड
सिस्टम लगाओ ये सोचो अगर एक घंटे मैंने अपना टफ सब्जेक्ट पढ़ा ना तो मैं खुद को एक गिफ्ट दूंगा गिफ्ट क्या हो सकता है आधे घंटे मोबाइल चला लिया दोस्तों से बात कर ली बाहर घूमने चले गए ऐसा तो एक गिफ्ट दो खुद को रिवॉर्ड दो जब खुद को रिवॉर्ड करोगे ना तो ऑटोमेटिक देखना आपका दिमाग कैसे तेज तेज भागता जाएगा और आप आराम से टफ सब्जेक्ट्स को भी इजली पढ़ पाओगे तो है ना बड़ी इंटरेस्टिंग स्ट्रेटेजी अब वो जो मोहन था वो बोलता है कि यार थैंक यू इतनी मदद करने के लिए अब छोटे-मोटे
मेरे डाउट्स और रह गए हैं बस दो क्वेरीज और रह गई है दो क्वेरीज क्या है अगली प्रॉब्लम थी रिवीजन कैसे करना है रिवीजन स्ट्रेटेजी क्या होनी चाहिए तो रोहन हंसता है और बोलता है कि रिवीजन ना यह नहीं होता कि तू किताब वापस से उठाएगा सारी चीजों को पढ़ेगा अंडरलाइन करेगा नहीं ऐसे नहीं करते रिवीजन स्मार्ट रिवीजन तरीका टॉपर का क्या होता है टॉपर्स क्या करते हैं रिवीजन करने के लिए पहले क्वेश्चन प्रैक्टिस करते हैं यानी वो एक किताब उठाएंगे क्वेश्चन प्रैक्टिस करेंगे सारे के सारे उसके क्वेश्चन प्रैक्टिस करेंगे और जैसे ही वो उसके
क्वेश्चन प्रैक्टिस कर लेंगे उन्हें पता चल जाएगा उनका कौन सा चैप्टर वीक है और जैसे ही उन्हें ये पता चल गया कि अच्छा मेरे ये ये चैप्टर वीक है अब तो क्या करेंगे उन सारे वीक चैप्टर्स को वापस से पढ़ लेंगे यानी उन्हें सब कुछ नहीं पढ़ना है सारे चैप्टर रिवाइज नहीं करने उन्हें वो चैप्टर पढ़ने होते हैं जिनके क्वेश्चंस वो सॉल्व नहीं कर पाए और यही होता है टॉपर का रिवीजन मेथड तुम भी फॉलो करना बहुत मदद होने वाली है अब मोहन स्माइल करता है और बोलता है यार तूने मेरी सारी प्रॉब्लम खत्म कर
दी बस एक लास्ट प्रॉब्लम और ये ना एक ऐसी प्रॉब्लम है जो कि तुम्हारी जिंदगी के अंदर भी सबसे बड़ी प्रॉब्लम है और इस प्रॉब्लम का नाम है द प्रॉब्लम ऑफ ओवरथिंकिंग यानी कितनी बार ऐसा होता है ना कि हम चीजों के बारे में बहुत कुछ सोचने लगते हैं हम ये सोचते हैं कि हमारे पेरेंट्स क्या बोलेंगे मार्क्स अच्छे नहीं आए तो क्या होगा एग्जाम अच्छा नहीं हुआ तो क्या होगा हम ओवरथिंक करने लगते हैं इस चीज को ना मैं तुम्हें एक सिंपल सी कहानी से समझाता हूं इमेजिन करो एक लड़का था जो कि रोड
क्रॉस नहीं कर पाता क्यों क्योंकि उसे डर लगता था वो ये सोचता था कि यार अगर रोड से मेरा एक्सीडेंट हो गया तो किसी गाड़ी ने मुझे टक्कर मार दी तो तब क्या होगा मेरा एक दिन क्या होता है अचानक से उसका एक दोस्त आता है उसको हाथ पकड़ता है जबरदस्ती और उसको रोड क्रॉस करा देता है जैसे ही वो रोड क्रॉस करता है ना तो लड़का पीछे मुड़ के देखता है और उसे रिलाइज होता है कि इतने सालों तक वो ऐसे डर रहा था क्योंकि डरने वाली तो कोई बात ही नहीं थी डर उसका
दिमाग रहा था उसका दिमाग बार-बार चीजों के बारे में ओवरथिंक कर रहा था और यही तुम करते हो अपने साथ हर रोज जो तुम रात को बैठ के सोच रहे हो ना कि होगा नहीं होगा मार्क्स अच्छे आएंगे सिलेक्शन होगा टॉपर बन पाऊंगा नहीं बन पाऊंगा ये सब तुम्हारा दिमाग तुम्हें पागल बनाता है तुम्हें क्या करना है ना जब भी ऐसी प्रॉब्लम है ओवरथिंकिंग की एक पेपर उठाओ और अपने थॉट्स लिख दो वहां पर क्या-क्या प्रॉब्लम आ रही है ठीक है मम्मी डांट लगा सकती है अगर मेरे मार्क्स कम आ गए तो अच्छा पापा डांट
लगा सकते हैं अच्छा मेरे रिश्तेदार मेरे बारे में यह बोलने लगेंगे अच्छा मेरे मार्क्स अच्छे नहीं आए तो ये हो जाएगा सब कुछ लिख लो जैसे ही तुम लिखोगे ना तो तुम्हें रिलाइज होगा कि इन प्रॉब्लम की वजह से तुम ओवरथिंक कर रहे हो और उसके बाद तुम्हें रिलाइज होगा कि ये तो सब बेकार प्रॉब्लम है तुम्हें कुछ नहीं करना है तुम्हें बस अपने एग्जाम्स पे फोकस करना है और अच्छे मार्क्स लाने पे फोकस करना है बाकी तुम्हें कुछ नहीं सोचना है मैं गारंटी से बोलता हूं इसके बाद तुम्हारी ओवर थिंकिंग भी खत्म हो जाएगी
तो ये जो सारी मोहन की प्रॉब्लम्स थी ना आई होप ये तुम्हारी प्रॉब्लम्स भी थी और इन सारे प्रॉब्लम के एक एक सलूशन मैंने तुम्हें दे दिए ऑन दिस नोट शुक्रिया एवरीवन अगर वीडियो से मदद हुई है तो अपने एक दोस्त के साथ जरूर शेयर करना और याद रखना सबसे इंपोर्टेंट है सेल्फ कॉन्फिडेंस खुद में फियर मत रखो खुद के अंदर डाउट मत रखो खुद के अंदर भरोसा रखो शुक्रिया एवरीवन मेरा नाम है प्रशांत मिलते हैं किसी नेक्स्ट वीडियो के अंदर टेक केयर