अस्सलाम वालेकुम। वेलकम टू बैच नंबर 40। बैच नंबर 40 का फेज वन या मॉड्यूल वन वो हम कंप्लीट कर चुके हैं। उसकी 12 क्लासेस हैं टोटल। आज हमारी क्लास नंबर 13 है और हमारे मॉड्यूल नंबर टू की पहली क्लास है। आपको अगर आईडिया नहीं है आपने लेट ज्वाइन किया यानी कोर्स को आपने बैच को लेट जाइन किया तो फिर क्लास नंबर वन में वो उस क्लास का नाम था द रोड मैप टू सक्सेस। उसमें हमने सब चीजें डिटेल से डिस्कस की थी कि फज़ वन में हमने क्या पढ़ना है। फज़ टू में क्या पढ़ना है।
फज़ थ्री में क्या होगा? और फिर फज़ फोर में क्या पढ़ेंगे हम आगे चलके। अच्छा एक छोटा सा एक रीकैप होगा सिर्फ एक से दो मिनट का। उसमें आपको मैं बता देता हूं कुछ चीजें। जो आपने फज़ वन पढ़ा ना उसका नाम प्राइस एक्शन था। आपको मैंने हर क्लास में बताया कि हम प्राइस सेक्शन पढ़ रहे हैं। ठीक है? बिल्कुल जो नए लोग हैं उनके लिए इंट्रोडक्शन मैं दे रहा हूं थोड़ा सा। फेज वन क्यों होता है? फज़ वन एक तो बेसिक चीजें होती हैं। जैसे आपने किसी मेडिकल यूनिवर्सिटी में जाना होता है या किसी
इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी में जाना होता है तो एफएससी में आपके पास वही सब्जेक्ट्स होते हैं जो आपने आगे पढ़ने होते हैं। यानी जो लोग मेडिकल में जाते हैं फिर वो बायो वगैरह और केमिस्ट्री और ये चीजें पढ़ रहे होते हैं। इसी तरीके से जिन्होंने इंजीनियरिंग में जाना होता है फिर उनकी बायो नहीं होती और बाकी चीजें वो इंजीनियरिंग से रिलेटेड मैथ्स और चीजें पढ़ रहे होते हैं। बिल्कुल इसी तरीके से जब आपने एडवांस ट्रेडिंग पढ़नी है तो उसके लिए आपकी एक बेस बनी होनी चाहिए जिसको हम प्राइस एक्शन कहते हैं। उसमें सबसे मेन चीज स्ट्रक्चर है।
हमने स्ट्रक्चर के बारे में पढ़ा था और आपको तब भी बताया था कि आपका स्ट्रक्चर जितना स्ट्रांग होगा आगे चलके आपके लिए ट्रेडिंग उतनी आसान होती जाएगी। दूसरी चीज़ उसमें हमने सपोर्ट रेजिस्टेंस का कुछ कांसेप्ट पढ़ा था। इसके अलावा फिबोनाची पढ़ा था कि किस तरीके से उसको अप्लाई कर सकते हैं हम और उसके अलावा हमने आरएसआई के बारे में पढ़ा और वक ऑफ ट्रेंड लाइंस के बारे में पढ़ा। अब वो चीजें जो आपने पढ़ी है। इसके अलावा आरएसआई था और इसके अलावा हमने उसमें मूविंग एवरेजेस के बारे में पढ़ा था। वो सब चीजें काफी होती
हैं। प्राइस एक्शन मुकम्मल हो जाता है यहां पे आके। और शायद कुछ चीज़ लोग उसमें ऐड करते हो। लेकिन जो चीज जिसप मैं जानता हूं या जिसमें मैं काम करता हूं उसमें प्राइस एक्शन में ये चीजें होती हैं और ये इतनी होती है कि आप इस पर ट्रेडिंग करेंगे तो आप प्रॉफिट में ही रहेंगे लॉस में नहीं जाएंगे। लेकिन ट्रेडिंग में एक्यूरेसी लाने के लिए मजीद इसकी बुनियाद उसकी सॉरी इसके रिजल्ट्स को एक्यूरेट करने के लिए इसकी बुनियाद अच्छी होनी चाहिए। तो वो आपने अच्छे तरीके से पढ़ लिया है। अब हम आ गए हैं मॉड्यूल
नंबर टू में। इसमें अब हम क्या पढ़ेंगे? सेकंड मॉड्यूल में क्या चीज है? इसमें देखिए जी असल चीज ये होती है कि आपको फेज वन में ट्रेंड का पता चला था। अब मेन जो उसकी चीज थी ना अगर मैं कहता हूं आपने सब कुछ उसमें छोड़ दिया। एक चीज़ पढ़ ली है तो फिर वो ये होनी चाहिए थी कि आपको ट्रेंड का पता हो कि बुलिश ट्रेंड क्या होता है? आपका लो कौन सा है? आपका हाई कौन सा है? आपका हायर लो, हायर हाई क्या होते हैं? आपका हायर लो कब कंफर्म होता है? बिल्कुल इसी
तरीके से जब मार्केट प्राइस नीचे आ रही होती है, उस वक्त मोमेंटम शिफ्ट क्या है? चेंज ऑफ़ करैक्टर क्या है? आपके हाई लोज़ कौन से हैं? ये आपको बिल्कुल क्रिस्टल क्लियर होना चाहिए। जैसा मैंने एक-एक चीज़ पढ़ाई थी, ऐसे ही आपको आनी चाहिए। अब आ जाती है ट्रेंड ढूंढने की बारी। आपको स्ट्रक्चर तो पता चल गया। कि इसमें बुलिश है, इसमें बेयरिश है, कहां पे मोमेंटम शिफ्ट है, कहां पे चेंज ऑफ़ करक्टर है, सब चीजें आपको पता है। अब अगली चीज़ जो आती है ना सबसे इंपॉर्टेंट चीज़ वो ये है कि आपको लेवल का पता
हो। अब इसके एग्जांपल ऐसे है कि आपने देखें मैंने पहले भी आपको ये एग्जांपल दी थी कि आपने अगर आप अपने घर से निकलते हैं। आप रहते हैं इस्लामाबाद में और इस्लामाबाद से निकल के आपको जाना है कराची। तो आपको पूरा एक रोड मैप पता होगा। ठीक है? आपको सबसे पहले तो यह पता होगा कि आपने कैसे जाना है। आपने बाय एयर जाना है, ट्रेन से जाना है या बस से जाना है। पहली चीज तो ये आपने किसी प्राइवेट कार में जाना है। उसके बाद आप मानते हैं कि जी आपने ट्रेन पे जाना है। तो
फिर आपको रेलवे स्टेशन पे पहुंचना होगा। बिल्कुल इसी तरीके अब ट्रैक आपको पता है आपने पहुंचना कहां है? मंजिल आपको पता है। लेकिन सबका रास्ता थोड़ा-थोड़ा डिफरेंट होगा। ठीक है? कोई रेलवे स्टेशन जा रहा है, कोई एयरपोर्ट जा रहा है, कोई बस स्टैंड जा रहा है, कोई और किसी तरीके से इंतजाम कर रहा है। तो इसी तरह जब आपने ट्रेडिंग करनी है, आपको स्ट्रक्चर का पता चल गया, तो अब आपको एक प्लेटफार्म चाहिए जहां से आप उस स्ट्रक्चर में उस ट्रेंड का हिस्सा बन सकते हैं। फॉर एग्जांपल ट्रेंड है हमारे पास बुलिश। ठीक है? ये
बुलिश ट्रेंड बन गया हमारे पास। अब इस बुलिश ट्रेंड में आप किस जगह पे शामिल होंगे ट्रेड में? ये सबसे अहम सवाल है। उसकी वजह यह है कि देखिए प्राइस ये नहीं कि सिर्फ कोई भी चीज़ मार्केट में ऐसी नहीं कि वो इस तरह बुलिश जाती जाएगी। इस तरह नहीं होता। कोई भी जितनी भी मर्जी महंगी चीज हो, जितनी भी वैल्यूएबल चीज हो वो क्या करेगी उसकी मूवमेंट ऐसे होती है वो एक इंपल्स वेव लेगी। ठीक है? फिर रिट्रेसमेंट्स आना शुरू होंगी। रिट्रेसमेंट के बाद फिर कोई इंपल्स वेव लगेगी। फिर रिट्रेसमेंट आएगी। तो इसमें अगर
आपको पता नहीं है कि आपने किस जगह से खरीदना है, कहां पे बेचना है तो फिर आप मसाइल का शिकार रहेंगे। मिसाल के तौर पे आप यहां से खरीद रहे हैं। ठीक है? अभी तो कुछ भी नहीं। आपने समझ लिया कि ये आपका एक हायर लो लग गया। आपने यहां से खरीद लिया। प्राइस और नीचे आ गई। आपका स्टॉप लॉस हिट हो गया। या लॉस में चली गई ट्रेड। फिर प्राइस उठी। आपने फिर बाय कर लिया। फिर प्राइस लॉस में आ गई। तो यह मसाइल है इस तरह के। इसी तरह आपने बेचना बैक किया। यहां
पे बेच देना चाहिए। हालांकि आपको यहां पे बेचना चाहिए था। अगर बेचना भी था तो। ठीक है? तो क्या यहां से बेचना चाहिए? आपने बेचने प्राइस ऊपर निकल जाती है। ट्रेंड कंटिन्यू कर जाती है। तो अगेंस्ट अ ट्रेंड विद द ट्रेंड बैठने के लिए आपको लेवल्स की जरूरत पड़ेगी। लेवल मार्किंग के लिए सबसे इंपॉर्टेंट चीज जो है वो आईसीटी के कांसेप्ट्स हैं। एसएमसी के कांसेप्ट्स हैं। जिसमें मैंने ये तीन चीजें यहां पे लिखी हैं। ये छोटा सा फेज होगा हमारा। मॉडल नंबर टू हमारा सिर्फ छोटा है। इसी हफ्ते में कंप्लीट हो जाएगा। एक और बड़ी
इंपॉर्टेंट चीज आपके भी ज़हन में होगी। वो मुझे शुरू में बतानी चाहिए थी कि आप लोगों का जो क्वेश्चन आंसर सेशन होगा वो इस फ्राइडे को हमने प्लान किया हुआ है। अभी आज सोमवार है। सोमवार मंगल हम दो दिन पढ़ेंगे। बुध को छुट्टी होगी। फिर जुमेरात दिन पढ़ेंगे और आपकी चीजें कंप्लीट हो जाएंगी। ये तीन चीजें हमने पढ़नी है। रोज एक टॉपिक पढ़ेंगे। आपका मॉड्यूल टू कंप्लीट हो जाएगा। फिर हम करेंगे फेज नंबर थ्री की तैयारी करेंगे। लेकिन वो नेक्स्ट मंडे से स्टार्ट होगा। उससे पहले फ्राइडे को आपका एक थोड़ा लॉन्ग सेशन होगा। थोड़ा सा
बड़ा सेशन होगा। शायद 9:00 बजे स्टार्ट हो जाए। और 9:00 से 10:30 11 बजे तक इंशाल्लाह आपके क्वेश्चन आंसर सेशन होगा। उसमें आपको जो भी क्वेश्चंस होंगे किसी भी चीज के हवाले से फज़ वन स्पेशली और फज़ टू भी उसमें शामिल कर लेंगे क्योंकि आपने ताजाज़ाज़ा वो चीजें पढ़ी होंगी। तो आपका क्वेश्चन आंसर सेशन हो जाएगा और फिर एक क्वेश्चन आंसर सेशन हम अपने मेन मॉड्यूल के बाद मॉड्यूल नंबर थ्री जो वीएसए के बारे में होगा उसके बाद रखेंगे इंशाल्लाह। तो फ्राइडे को आपने याद रखना है। मैं टाइम आपको अनाउंस कर दूंगा। इंशाल्लाह 9:00 बजे
आपका सेशन स्टार्ट होगा वो उम्मीद है। अच्छा उम्मीद है ये कि 9:00 बजे ही होगा। मुमकिम है 9:30 हो और वो ट्रेड पे डिपेंड करता है। अगर हम ट्रेड करके फ्री हो गए टाइम से तो फिर जल्दी कर लेंगे। वरना 9:30 बजे करेंगे। अच्छा जी। अब आपको मैंने बताया कि मॉड्यूल टू क्यों जरूरी है? या फेज टू क्यों जरूरी है? यह ऑर्डर ब्लॉक, एफएजी, पीपीआर आपको क्या देते हैं? यह आपको देते हैं ट्रेड करने के लिए लेवल्स कि आपको किस जगह से मार्केट में बैठना है। यही जो सेशन है, यही जो मॉड्यूल नंबर टू है,
यही आपकी लेवल मार्किंग की भी क्लासेस हैं। अच्छा, अब हम चलते हैं जरा। मैं आपको यहां पे बना के दिखाता हूं पहले। पहले हम यहां पे ड्रॉ कर लेते हैं। उसके बाद फिर इसके लाइव चार्ट पे जाके एग्जांपल्स देख लेंगे। देखिए जी, पहली चीज़ तो यह कि आपको ट्रेंड का तो पता चल गया। अब मैं यह आपसे कह रहा हूं कि ये एक इंपल्स वेव है। इसका क्या मतलब हुआ? इंपल्स वेव हमेशा वही होती है जो स्ट्रक्चर ब्रेक करके आती है। चलिए फर्स्ट टाइम मैं आपको यहां पे थोड़ा सा बना भी देता हूं। जी मैंने
आपसे बताया कि ये आपकी इंपल्स वेव है। ठीक है जी। अब इस इंपल्स वेव के होने का मतलब क्या था कि प्राइस ने यहां पे अपना कोई स्ट्रक्चर हाई कोई लेवल अपना ब्रेक किया था। ठीक है? चलो जी। अब आपको समझ आ गई कौन सा लेवल ब्रेक किया है? फॉर एग्जांपल उसने ये लेवल ब्रेक किया है ये वाला। ये आपका एक हाई लगा हुआ था और प्राइस ने एक इंपल्स वेव लगाई और आपका ये लेवल ब्रेक कर गई। चलो जी। यहां तक आपको बात समझ आ गई? जी। इस तरह यह एक इंपल्स वे बन गई।
ठीक हो गया? अब आ जाते हैं वापस अपने फज़ वन पे। आपने क्या पढ़ा हुआ है? आपको मैंने एक चीज़ बताई थी कि आपका जो सबसे बेहतरीन किस्म का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट होता है, आपका पहला पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट जो आपने अभी तक पढ़ा है, वो ये होता है। क्यों होता है ये? याद करें सारी बात। वो इसलिए होता है कि प्राइस ने यह वाली एक रेजिस्टेंस ब्रेक की होती है। ये एक्स रेजिस्टेंस काम कर रही थी। प्राइस जब यहां से उठती है। वापस इस जगह पे टैप करती है। तो यहां पे इसको कोई कंफर्मेशन मिलती
है। अब वो कंफर्मेशंस क्या हो सकती हैं? याद करें जरा ज़हन में। एक तो फिबोनाची हो सकती है। यहां से लेके यहां तक आप फिबोनाची अप्लाई करेंगे। ये आपका गोल्डन ज़ोन बन जाएगा। यहां से आप ट्रेड करेंगे। एक आपको वाइक ऑफ ट्रेंड लाइंस पढ़ाई थी। आपका टच वन नंबर वन ये हो सकता है। सेकंड टच आपका ये हो सकता है। और थर्ड टच आपको यहां पे कहीं पे मिल सकता है। और यहां से प्राइस बुलिश हो सकती है। वो भी एक कन्फर्मेशन आपने पढ़ ली थी। ये भी तो लेवल मार्किंग है ना। यानी आपको पॉइंट
ऑफ इंटरेस्ट क्या होता है? लेवल को कहते हैं कि किस लेवल से आपका इंटरेस्ट है बाय करने में, ट्रेंड के साथ रहने में या सेल करने में। ठीक है जी। तो, यह दो चीजें हो गई। इसके अलावा भी आपको कुछ चीजें हमने पढ़ाई थी, वह भी इसमें आप ऐड ऑन कर सकते हैं। अब आज हमने जो चीज पढ़नी है उसमें भी यह चीज इसी तरीके से काम करेगी। ठीक है? लेकिन वह आएगी हमारी एफपीजी वाले चैप्टर में। आज हम जो चीज पढ़ रहे हैं उसमें हमारा पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट दूसरा पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट बता रहा हूं
वो है ये वाला। यहां पे ऑटोमेटिकली पहले से ही दो लिखा हुआ है। ये हमारा दूसरा पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है। ठीक है? इसको आप जरा आप थोड़ा सा इधर समझे अलग से। चल जी। यहां तक आपको बात पता चल गई कि ये हमारा पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट होता है। ये तो आपने पढ़ा हुआ था। अच्छा जी। अब यहां पे आप देखें जब भी ट्रेंड बुलिश है देखें इस वाली मूवमेंट से परेशान नहीं होना। यह मूवमेंट मार्केट में बहुत तंग भी करती है। ज्यादातर लोग इसी में से ना वो निकालते रहते हैं। बस इसी में घंसे रहते
हैं कि ये क्या हो रहा है? यह कुछ भी नहीं हो रहा। आपको सिर्फ अपना प्रीवियस लो पता होना चाहिए। यह वाला जब तक यह कायम है अपनी जगह पे तब तक कोई खतरा नहीं है। प्राइस बुलिश रहेगी और अपना हाई पता होना चाहिए। हाई क्यों पता होना चाहिए? लो इसलिए पता होना चाहिए कि अगर यह लो ब्रेक हो जाता है कंफर्म लो। तो प्राइस ने तो अपना मोमेंटम शिफ्ट कर लिया ना। ब्रेक स्ट्रक्चर करके प्राइस डाउन हो सकती है। तो ये इस चीज़ का क्लू होता है। इसलिए आपको अपना लो पता होना चाहिए। हाई
क्यों पता होना चाहिए? कि जब तक आपका हाई ब्रेक नहीं होगा आप किसी भी पॉइंट को अपना हायर लो नहीं कह सकते। फॉर एग्जांपल इसके बाद प्राइस हाई ब्रेक कर जाती है। तो अब आपके पास एक चीज़ कंफर्म हो गई। वो क्या है कि आपका ये सबसे डीप पॉइंट था। ये आपका हायर लो है। पहले आपका लो ये था। अब ये लो क्योंकि पिछले लो से ऊंचा हो गया तो ये आपका हायर लो बन गया। ठीक है? तो इसलिए आपको हाई भी पता होना चाहिए, लो भी पता होना चाहिए। दरमियान में जो कुछ हो रहा
है, कभी इसको लोग कहते हैं मोमेंटम शिफ्ट हो गया। कभी कहते हैं बिकॉज़ ये कुछ भी नहीं हो रहा। यह सिर्फ आपको तंग कर रहे हैं या मार्केट का एक बिहेवियर है कि प्राइस ज्यादातर मोस्ट ऑफ़ द टाइम प्राइस रेंज में रहती है दिन में। ठीक हो गया? अब आपने ये भी मार्क कर लिया। अब आ गई बारी जी कि आपका पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट कहां पे है? तो एक तो आपका ये हाई ब्रेक हुआ था। पहला पॉइंट ऑफ़ इंटरेस्ट आपका ये होना चाहिए। जैसे कि ये वाला आपको बताया क्योंकि यही एक रेजिस्टेंस थी प्राइस। यहां
पे कोई साइन बना के बुलिश हो सकती है दोबारा। अगर यहां पे आपको प्राइस बुलिश नहीं मिलती। यहां पे कोई साइन नहीं बनता। जैसे आप लोग शायद जानते हो मॉर्निंग स्टार के बारे में आप लोगों ने कहीं और पढ़ा होगा। हम भी पढ़ेंगे आगे चलके आपको बता दूंगा वो क्या होता है। या यहां पर कोई मोमेंटम कैंडल बन जाती है, मोमेंटम बुलिश कैंडल बन जाती है तो भी आप बाय कर सकते हैं। लेकिन अगर यहां पर साइन नहीं आता तो प्राइस कहां पर आएगी? नीचे आ जाएगी। तो यह आपका दूसरा पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है। जैसे
कि यहां पे हमारे पास ये पॉइंट शो हो रहा है। ठीक है जी? मेरा जो फेवरेट पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है वो ये है। मैं पहले पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे बहुत खुशी से ट्रेड नहीं करता। अनलेस कोई बहुत स्ट्रांग किस्म का सेटअप बन जाए। मुझे यह पसंद है कि प्राइस डीप रिट्रेसमेंट पे आए। अपने किसी डीप लो पे आए। सॉरी मैंने पीछे मार्क कर दिया जिसकी बात कर रहा हूं। यह मैंने पीछे वाली लाइन गलती से लगा दी है। इसको मैं डिलीट कर रहा हूं। यह लाइन है। जी। ठीक है? आपका जो दूसरा पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट
है, स्टंग पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट जो मैं कह रहा हूं कि मेरा फेवरेट पॉइंट पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है वो यह जगह होती है। यानी यहां पे तो मैंने ठीक मार्क किया हुआ है ना। ये मैंने यहां गलती से नीचे लाइन लगाई थी वो इस पॉइंट पे लगा दी थी। तो आपका पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट ये है क्योंकि आपका ये कंफर्म हायर लो है। तो यहां पे आपको एक अच्छी ट्रेड मिलनी चाहिए। उसमें लिक्विडिटी का कांसेप्ट भी शामिल हो जाएगा जो आप आगे चलके पढ़ेंगे। और यहां पे और भी बहुत सारी चीजें मिल जाती हैं। उनमें से पहली
चीज जो है वो ऑर्डर ब्लॉक है। ठीक है जी। ऑर्डर ब्लॉक होता क्या है? देखिए ऑर्डर ब्लॉक हम एक ऐसे पॉइंट को एक ऐसी जगह को कहते हैं कि जहां पे इंस्टीट्यूशनल ऑर्डर्स लगते हैं। ये इंस्टीट्यूशन वे ऑफ़ ट्रेडिंग है। इसीलिए इसको स्मार्ट मनी कॉन्सेप्ट कहा जाता है ना। एसएमसी इसको इसलिए कहते हैं एसएमसी मींस स्मार्ट मनी कॉन्सेप्ट। ठीक है? तो ये जो हमारा स्टार्ट ऑफ मॉड्यूल नंबर टू है ये हम एसएमसी पढ़ रहे हैं। बल्कि इसको भी यहां पे हम ऐड कर देते हैं। अब यहां पे आपके पास जो ऑर्डर ब्लॉक है उसकी क्या
निशानी होती हैं? वह वैलिड कब होता है? वह इनवैलिड कब होता है? यह हमारा आज का टॉपिक है। ठीक है जी? एसएमसी हमारे मॉडल नंबर टू का नाम है। और इसको इसकी फुल फॉर्म है स्मार्ट। मनी कासेप्ट्स स्मार्ट मनी किसे कहते हैं? आपको पहली क्लास में बताया था कि जो इस मार्केट के बड़े प्लेयर्स हैं जो इसके सरमाएदार हैं उनको हम स्मार्ट मनी कहते हैं। ऑर्डर ब्लॉक क्या होता है? ऑर्डर ब्लॉक उस जगह को कहते हैं उस ज़ोन को कहते हैं कि जहां पे स्मार्ट मनी के बड़े-बड़े ऑर्डर्स या इंस्टीट्यूशनल ऑर्डर्स लगे होते हैं। इंस्टीट्यूशनल
ऑर्डर्स लगने से क्या मुराद है? कि जाहिर है प्राइस वहां पहुंचेगी। वहां से तेजी से प्राइस करे। यानी प्राइस ने इस जगह से तेज़ मूवमेंट दी है। एक ये आप देख सकते हैं इस जगह पे तेज़ मूवमेंट दी। अब तेज़ मूवमेंट कब आती है? जब जाहिर है कोई पैसा लगाएगा। ठीक है? इस मार्केट को मूव करने के लिए पैसे की जरूरत है। तो जब कोई इंस्टीट्यूशन या कोई इदारा बहुत ज्यादा पैसे लगाएगा। कोई बैंक बहुत बड़ी में इन्वेस्टमेंट करेगा तो प्राइस तेजी से मूवमेंट देगी वहां से। तो वो जगह जहां से प्राइस तेजी से मूव
करती है उस पॉइंट को हम ऑर्डर ब्लॉक कहते हैं। इसकी कुछ शर्तें होती हैं। अब पहले हम उनके बारे में बात करते हैं। अच्छा जी। शर्तें क्या होती हैं? पहली जो शर्त है वो है एंगल्फिंग। एंगल्फिंग क्या होती है? अब आपको मैंने थोड़े दिन पहले भी बताया था। एनंगल्फिंग यह होती है कि प्राइस नीचे आ रही है। ठीक है? सेल की कैंडल्स बन रही है। बिल्कुल इसी तरीके से जैसे यहां पे आपको बनती हुई नजर आ रही है इन जगहों पे। ठीक है? सेल की कैंडल्स बन रही है। और यहां पे अचानक एक बड़ी मोमेंटम
कैंडल बनती है बाय साइड पे जो कि इस पिछली कैंडल को अपने अंदर कवर कर लेती है। ये देखें पूरी तरह इसके ऊपर हावी हो जाती है। इसके ऊपर छा जाती है। तो ये जो ग्रीन कैंडल है ये एंगल्फर है। ये एंगल्ल्फिंग कैंडल है। इसे एंगल्फ किया है। ठीक हो गया? और जो रेड कैंडल होगी यहां पर जो यह कैंडल आपको नजर आ रही है यह वाली कैंडल रेड कैंडल इसको हम कहेंगे कि यह ऑर्डर ब्लॉक कैंडल है। समझ आ गया आपको ऑर्डर ब्लॉक क्या होता है? पहले तो आपने सिर्फ इसको पहचानना है कि ऑर्डर
ब्लॉक कैंडल कौन सी कैंडल होती है? याद रखें जब भी एंगल्फिंग होगी किसी भी साइड पे देखिए एंगल्फिंग होती कैसे है? एंगल्फिंग होती है अपोजिट डायरेक्शन में। यानी अगर सॉरी अगर सेल की कैंडल्स बन रही हैं। ऐसे सेल की कैंडल्स बनाती है मार्केट नीचे आ रही है। तो यहां पे एंगल्फिंग एक ही सूरत में हो सकती है कि यहां पे ग्रीन बाय की स्ट्रांग कैंडल बन जाए। ऐसे ठीक हो गया। तभी इनल्फिंग होगी ना। अगर इसके बाद एक और सेल बन जाएगी तो एंगल्फिंग कैसे होगी? वह तो इंडिपेंडेंट कैंडल्स नीचे जाती जा रही हैं। एक
के बाद एक कैंडल नीचे आ रही है। एनंगल्फिंग होगी ही तभी ये कैंडल इन कैंडल्स पे तभी छा सकती है जब यह अपोजिट डायरेक्शन में चलेगी। यानी कभी भी सेम कलर की अह जो है ना एंगल्फिंग नहीं होती। सेम कलर में ऑर्डर ब्लॉक नहीं बनते। ऑर्डर ब्लॉक बनते हैं डिफरेंट कलर में। यानी यह प्राइसेस नीचे आ रही हैं। रेड कलर की कैंडल बन रही हैं। यहां पे एक स्ट्रांग वाइर की कैंडल बन जाए जो इस आखिरी कैंडल को अपने अंदर ले ले। इसके इसके ऊपर छा जाए या इसको इनल्फ कर ले तो हम कहते हैं
कि इनल्फिंग हो गई है। अब यह एंगल्फिंग एक कैंडल की भी हो सकती है। यानी एक कैंडल की एनंगल्फिंग दो की भी हो सकती है। तीन की भी हो सकती है। 10 की भी हो सकती है। ज्यादा कैंडल्स की भी हो सकती है। ठीक है? अब जैसे मैंने यहां पे आपको दिखाया यहां पे जो इनंगल्फिंग हुई है। इस एक कैंडल ने ये एक कैंडल जो है ये इन एक दो और तीन कैंडल्स के ऊपर छा गई है। इसको छोड़ दिया। इसको कर दे छोड़ दें। इन दो कैंडल्स के ऊपर इसने एंगल्फ करके क्लोजिंग कर दी
है। तो ये ज्यादा स्ट्रांग एनंगल्फिंग है। आपको समझ आ गई कि इनल्फिंग का कांसेप्ट क्या होता है? अच्छा अब यही एनंगल्फिंग जब बनती है हम कहते हैं कि ऑर्डर ब्लॉक बन गया। अब ये ऑर्डर ब्लॉक बना हुआ है इस जगह पे। ये देखिए। ठीक है? कैसे बना हुआ है? ये सेल की कैंडल्स आ रही थी। सेल की कैंडल्स में से प्राइस ने इसको एंगल्फ कर लिया। ग्रीन कैंडल ने। तो ये आखिरी कैंडल जो थी इस ज़ोन को हमने मार्क कर लिया। हमने कहा जी कि ये हमारा आर्डर ब्लॉक है। आर्डर ब्लॉक बहुत इंपॉर्टेंट कांसेप्ट है।
इसको हम रेगुलर यूज़ करते हैं। आपने इसको ध्यान से समझना है। यहां तक आपको बात समझ आ गई है तो आप मुझे मैसेज में बताएं ताकि फिर मैं आपको इसकी कन्फर्मेशंस की तरफ लेके जाऊं कि ये वैलिड है या नहीं? वैलिड वैलिड कब होता है? आप मुझे मैसेज में बता सकते हैं। अगर यहां तक आपको चीजें क्लियर हैं तो मुझे मैसेज में बता दें ताकि फिर हम आगे चलते हैं। ठीक है जी। हां बिल्कुल आसान चीज बताई सब। चले ठीक है। थैंक यू। अच्छा जी। यहां तक बात समझ आ गई। इसको हम कर देते हैं
डिलीट। अब दोबारा देखें जी सेम चीज हम बनाने लगे हैं दोबारा। यह थी जी हमारे पास एक वेव लगी। उस वेव के बाद हमारे पास आ गई रिट्रेसमेंट। ठीक है जी? ये रिट्रेसमेंट आ गई। हल्की-फुल्की जाहिर है कैंडल्स में फिक्स होती हैं। उनको हम यहां पे ड्रॉ कर लेते हैं। चल जी। इतना काफी है। अच्छा इसके बाद क्या होता है कि स्ट्रांग कैंडल अब बुलिश ट्रेंड है हमारे पास। ठीक है? बुलिश ट्रेंड है। प्राइस क्या करती है कि स्ट्रांगली यहां पे एक इंग्ल्फिंग कैंडल बना देती है बाय के साइड पे। चल जी। अब यह ऑर्डर
ब्लॉक बन गया। ठीक है? ये बताया आपको यही तारीफ बताई है कि जब प्राइसेस ऊपर जा रही है, रिट्रेसमेंट आती है, रिट्रेसमेंट के बाद सेल की कैंडल के फ़ौरन बाद एक बुलिश बाय की स्ट्रांग कैंडल बन जाती है। हमने कहा जी एंगल्फिंग हो गई। जब एंगल्फिंग हो गई तो हमारे पास ऑर्डर ब्लॉक भी बन गया। एक चीज़ यहां पे ये समझ लें कि ये एंगल्फिंग अगर इस शक्ल में होती है तो अब ये ज्यादा स्ट्रांग है। अब ये ज्यादा स्ट्रांग क्यों है? क्योंकि प्राइस ने लो को भी स्वीप कर लिया और हाई को भी एंगल्फ
कर लिया। यानी जो प्रीवियस कैंडल की जो विक थी उसके पीछे उसके नीचे अपनी विक लगा दी। यानी विक को भी कवर कर लिया और पूरा ऊपर से बॉडी को भी कवर कर लिया। और मोमेंटम कैंडल की निशानी यह होती है कि वो एक यानी एनंगल्फिंग कैंडल की निशानी ये होती है कि वो एक स्ट्रांग मोमेंटम कैंडल होती है। उसके ऊपर बहुत बड़ी विक ऐसे नहीं होनी चाहिए। अगर ऐसे होगी ऑर्डर ब्लॉक तो ये अब भी है लेकिन अब ये वीक ऑर्डर ब्लॉक है। क्योंकि ऊपर से रिजेक्शन बहुत ज़्यादा आ गई है। ठीक है? ये
छोटी-छोटी बातें आपको मैं साथ-साथ बताता भी रहूंगा। क्लियर भी करते रहेंगे इंशाल्लाह। तो, यह भी एक अच्छी इंगल्ग्ल्फ़िंग है। लेकिन, अगर बड़ी वीक वाली इनग्ल्फिंग बन जाती है जो कि प्रीवियस कैंडल की विक से भी नीचे निकल जाती है, तो अभी यह एक स्ट्रांग एंगल्फिंग है। एनीवेज, हम इसको यहीं पे रखते हैं इसको। यह इसको हम कहते हैं यह इनल्फिंग हो गई। जब एंगल्फिंग हो गई, तो अब आप इसको मार्क करेंगे। मार्क किस तरीके से करेंगे? हम यहां पे एक ज़ोन ड्रॉ कर लेते हैं। ये हमारा ज़ोन है जी। ये वाला। आपने अक्सर ये इस
तरह के बॉक्सेस मेरे उस पे चार्ट पे देखे होंगे। ये है जी हमारा ऑर्डर ब्लॉक। अब सवाल ये पैदा होता है कि क्या ये ऑर्डर ब्लॉक वैलिड है या नहीं? ठीक है? पहले ऑर्डर ब्लॉक का थोड़ा सा एक कांसेप्ट और समझ लें। ऑर्डर ब्लॉक का मतलब ये ऑर्डर ब्लॉक बन गया। अभी कोई ट्रेड नहीं है। अभी आपने कोई ट्रेड नहीं करनी। एसएमसी का एक कांसेप्ट है छोटा सा वो ये होता है। ये देखिए प्राइस ऊपर जा रही है। ये इंपल्स वेव है। यहां पे कोई ऑर्डर ब्लॉक है इस जगह पे। तो जब वो ऑर्डर ब्लॉक
यहां पे बन रहा था ना प्राइस यहां पे थी। यहां पे समझ लें प्राइस ऊपर गई। नीचे आई और यहां पे इसने एक ऑर्डर ब्लॉक बना दिया। यह वाली चीज़ बना दी जैसे मैंने अभी आपके सामने बनाई है। तो यहां से अभी फिलहाल कोई ट्रेड नहीं लेनी आपने। जो स्मार्ट मनी के कांसेप्ट्स हैं लेवल मार्किंग की जिस पे हम बात करते हैं उसका कांसेप्ट यह होता है कि प्राइस यहां पर ऑर्डर ब्लॉक बना के चली गई वापस आएगी सेम ज़ोन को टैप करेगी तो आपने यहां से बाय कर लेना है अब फ़ौरन से कोई ट्रेड
नहीं है यहां से इस जगह से कोई ट्रेड नहीं है उसकी वजह बताता हूं क्यों नहीं है ट्रेड उसकी वजह ये है कि अभी तक ये जो ऑर्डर ब्लॉक बना है ये इनवैलिड है इनवैलिड क्या होता है यानी इनवैलिड ये है कि ये अब साधार समझे अभी इसमें अभी ये कंफर्म नहीं हुआ ठीक ठीक है? अनकंफर्म्ड है। ये चलेगा कि नहीं चलेगा? इसके लिए शर्त क्या होती है? छोटी सी शर्त वो ये पहचान लें। शर्त इसकी ये होती है कि जब प्राइस यहां से उठे ऊपर जाए और अपना जो प्रीवियस स्ट्रक्चर था यहां पे कोई
भी प्रीवियस स्ट्रक्चर है जो उसका हाई है उसको ब्रेक कर दे। जरूरी नहीं है कि फ़ौरन से वन गो में ही ब्रेक करे। मुमकिन है प्राइस यहां पे आधा घंटा लगा दे। घंटा लगा दे छोटे टाइम फ्रेम में तो। बड़े टाइम फ्रेम में तो मुमकिन है कि 2 दिन लगा दे। इसको ब्रेक ना करे। लेकिन जैसे ही इसको ब्रेक कर दे इस ऑर्डर ब्लॉक कैंडल के बाद। जैसे ही इसको ब्रेक करेगा, हम कहेंगे कि अब हमारा जो ऑर्डर ब्लॉक ज़ोन है, अब यह वैलिड है। अब यहां प्राइस आएगी, तो अब हम यहां से ट्रेड करेंगे।
तो, यह होती है लेवल मार्किंग। ठीक है? अब हम क्या करते हैं कि फ़ौरन से जैसे ही ऑर्डर ब्लॉक बनता है, फ़ौरन से लेवल नहीं लगाते। बल्कि हम वेट करते हैं कि यह प्राइस अपना स्ट्रक्चर ब्रेक करे। प्रीवियस साइड का अपनी बैक इसकी लेफ्ट साइड का स्ट्रक्चर ब्रेक करे। अगर वो कर देगा, तो हम यहां पे ज़ोन मार्क कर देंगे। अब अगर प्राइस यहां पे आई, तो हम यहां से बाय करेंगे। क्योंकि अब इस जगह पर पोटेंशियल ऑर्डर्स मौजूद है। आप इसकी एग्जांपल इस तरह समझे कि आप इस्लामाबाद से निकलते हैं। आप लाहौर जाते हैं।
ठीक है? रास्ते में आपको किसी जगह पर कोई बेकरी नजर आई। आप वहां चले गए। बहुत अच्छी आपको लगी। स्टैंडर्ड अच्छा लगा। साफ सुथरी यारी मजे की है। कीमत अच्छी है। सब कुछ ठीक है। तो आपको आपने याद कर लिया कि यार ये जगह है। आइंदा भी आएंगे तो यहीं पे रुका करेंगे। ठीक हो गया? अब आप आते हैं तीन महीने बाद दोबारा सेम रोड पे सेम उसी जगह पे। तो आपको याद आता है कि हमने यहां से फ्लाची ली थी। बहुत अच्छा स्टैंडर्ड था। मजे की चीजें आप फिर वहां रुक जाते हैं। बिल्कुल सेम
कांसेप्ट यहां पे काम करता है कि जब ऑर्डर ब्लॉक बन गया वैलिड हो गया आपने मार्क कर लिया। क्यों मार्क किया? आपने याद रखने के लिए मार्क किया कि यहां पे इस जगह पे स्मार्ट मनी के बहुत ज्यादा पोटेंशियल ऑर्डर्स हैं। बाय के ऑर्डर्स हैं। कैसे पता चला था वो? ऑर्डर्स थे तो प्राइस ने अपना स्ट्रक्चर ब्रेक किया था ना। कभी भी प्राइस अपना स्ट्रक्चर ब्रेक नहीं करती। ये बात याद रखें। प्राइस कभी भी अपना स्ट्रक्चर ये वाला ब्रेक नहीं करती। अगर उसमें ताकत ना हो तो। ताकत होती है तो ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर होता है।
ठीक है? ये क्या था? ये रेजिस्टेंस थी ना? ये प्राइस ने एक रेजिस्टेंस बनाई थी। तो इस रेजिस्टेंस को कोई भी रेजिस्टेंस है वो कब ब्रेक होगी? कोई भी मुजाहमत है दुनिया में। दो फौजें लड़ रही है। एक फौजी यहां पे खड़ा है, एक फौज यहां पे खड़ी है, एक फौज यहां पे खड़ी है। ये दोनों लड़ रहे हैं आपस में। अगर यह इस सारे पे काबिज हो जाए इसका क्या मतलब है कि इसमें ताकत थी तो काबिज हो गया ना। ठीक है? वरना तो वो काबिज हो जाता या फिर ऐसे ही जंग खत्म हो
जाती। अगर वह भी ना होता तो। इसका मतलब क्या है कि अगर इसने इस पे काबू पा लिया है, इसके ऊपर इसको ब्रेक कर दिया है, सारे कब्जा कर लिया है, इसका मतलब क्या है कि यह ताकतवर है। बिल्कुल इसी तरीके से अगर कोई रेजिस्टेंस ब्रेक हुई है, इसका मतलब है कि इस जगह से बायरर्स बहुत ताकतवर थे। अगर बायरर्स ताकतवर ना होते, तो उसको कभी भी ब्रेक ना कर पाते। अब ब्रेक कर दिया तो लोग यहां से बाय कर लेते हैं। ये गलती है असल में। यह कोई ब्रेक ये कोई जगह नहीं है ट्रेड
करने की कि आपने यहां से बाय कर लिया। हमारे पास वीएसए में एक इनफेशन आती है अब्सॉर्प्शन कैन के नाम से। आप लोगों ने वीडियो देखी हैं यकीनन जानते होंगे। वो मैं पढ़ा देता हूं क्योंकि वो अच्छा काम करती है। उसका रिजल्ट ठीक आता है। लेकिन मेरी फेवरेट चीज नहीं है। वो मैं साथ हमेशा यह बताता हूं कि मैं इस ट्रेड बहुत कम करता हूं। यानी 10 दफा बनेगी अब्सॉर्प्शन के तो शायद मैं एक दफा ट्रेड कर लूं। मेरा उस अच्छा नहीं है। यानी मुझे ठीक नहीं लगता वहां से ट्रेड करना। इतनी हाई प्राइस पे
खरीदना। तो फिर वेट कि आपने क्या करना है कि आपने नीचे एक ज़ोन मार्क कर लिया। अब यह वैलिड है। ठीक है? अब इसको यह काट देते हैं। इनवैलिड नहीं रहा। अब यह वैलिड हो गया है। वैलिड क्यों हो गया है? कि अब हमें पता चल गया कि इस जगह पे ताकत है। अब प्राइस आएगी वापस इस जगह पे। जैसे ही वापस टैप करेगी हम यहां से बाय के ट्रेड करेंगे। अब मैंने आपको पहले भी बताया था कि सबसे अच्छी कंफर्मेशन कि बाय करना है या नहीं करना। अभी भी बाय करना है कि नहीं करना।
एक्चुअली के हिसाब से एसएमसी के हिसाब से तो बड़ा जबरदस्त लेवल है ये। बाय करना चाहिए आपको। अग्रेसिवली बाय करना चाहिए। मैं कर भी लेता हूं अग्रेसिवली बाय। अगर ट्रेंड के साथ ट्रेड है ना ट्रेंड आपका बुलिश है। बुलिश ट्रेंड में आपको इस जगह पे अच्छा ऑर्डर ब्लॉक मिल रहा है। तो प्राइस यहां पे आती है तो यहां पे आके टैप करेगी आप यहां से बाय कर लें। प्राइस अपना कंटिन्यू कर जाएगी। लेकिन बहुत दफा आप देखेंगे कि लेवल फेल हो गया। ऑर्डर ब्लॉक ने काम ही नहीं किया। उसकी वजह ये थी कि वॉल्यूम आपको
बता देगा कि ये ट्रेड यहां से करनी है या नहीं करनी। फेल क्यों होता है? फेल इसलिए नहीं होता कि वो वैलिड नहीं था। फेल वो इसलिए होता है कि जहां से आपने तो ऑर्डर ब्लॉक मार्क कर लिया 15 मिनट का। ये 15 मिनट का टाइम फ्रेम ओपन है। आपने M15 का ऑर्डर ब्लॉक मार्क कर लिया था। लेकिन जहां से प्राइस रिजेक्ट हो के आ रही है मुमकिन है वहां पहले से 4 आवर का ऑर्डर ब्लॉक हो। ठीक है? यानी पहले आपकी जंग थी एक छोटी सी रेजिस्टेंस से जिसमें आपके पास फॉर एग्जांपल आपके पास
1000 फौज थी। आपने उसको ब्रेक कर दिया तोड़ दिया। ठीक है? 1000 बायर थे यहां पे आपके पास। लेकिन जहां पे आप ऊपर पहुंचे जिस जगह पे आ गए आपने देखा भाई हमारे पास तो 1000 थे। आगे यहां 10,000 वाले बैठे हैं। ठीक है? उन्होंने मार मार के यहां से प्राइस को नीचे भेज दिया। इसलिए फिर यह फेल हो जाता है। जब ये फेल होता है तो फिर लोग ये कहते हैं कि ऑटो ब्लॉक काम नहीं करता। हालांकि ऑटो ब्लॉक काम करता है। सिर्फ जहां से प्राइस रिजेक्ट हो के आ रही होती है वो उससे
बड़ा ज़ोन होता है। तो हम वो उसको मिस कर जाते हैं। अच्छा ये नहीं कि मैं नहीं करता। मिस या हमारी टीम नहीं करती या हमारे सीखे हुए स्टूडेंट नहीं करते। वो भी मिस कर जाते हैं। उसकी वजह यह है देखिए एक्सीडेंट वही करेगा जो गाड़ी चला रहा है। ठीक है? जो पैदल बैठा है या घर में बैठा है वो तो नहीं करेगा ना। तो ह्यूमन एरर हर इंसान के साथ जुड़ा हुआ है। मेरे साथ भी, आपके साथ भी, हमसे पहले हजारों लाखों लोग हमारे बाद भी। तो ह्यूमन एरर की गुंजाइश रहती है। आपने मुमकिन
है यहां से मिस रीड कर लिया हो। हमें पता ही ना चला हो और यहां से हम बाय कर एक्सपेक्ट कर रहे हो और यहां से बाय ना हुई हो, प्राइस नीचे चली गई हो। फेल हो गया हमारा स्टॉप लॉस हिट हो गया। तो इसलिए हम यहां से ट्रेड करेंगे। अग्रेसिव ट्रेड यह होती है कि प्राइस ने टैप किया, जैसे ही टैप किया, आपने बाय कर लिया क्योंकि पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट था। जैसे ही प्राइस वहां वो पहुंची, आपने बाय कर लिया। लेकिन प्राइस ने हमारा स्टॉप लॉस उड़ा दिया। कोई मसला नहीं है इसका। दूसरा तरीकाकार
क्या है? अगर आपको कंफर्म ट्रेडिंग चाहिए तो प्राइस यहां से नीचे आएगी। यहां पे बनेंगे वॉल्यूम के साइंस जो आपने अभी पढ़ने हैं फेज थ्री में। अभी हम लेवल मार्किंग सीख रहे हैं। देखिए लेवल मार्किंग आपने थोड़ी सीखी है आज। ठीक है जी? तो वॉल्यूम का साइन देखेंगे। वॉल्यूम हमें बताएगा बाय कर लें हम बाय कर लेंगे। अब उसका नुकसान क्या है? फायदा क्या है और नुकसान क्या? फायदा यह है कि कंफर्म ट्रेड मिलेगी। वॉल्यूम जो ट्रेड आपको बताएगा कंफर्म ट्रेड बताएगा। यानी 90% वो कंफर्म ट्रेड होगी। नुकसान क्या है? नुकसान यह है कि जो
ट्रेड आपको यहां से मिलनी थी, वह मुमकिन आपको यहां से मिले जाके। कन्फर्मेशंस आते-आते वॉल्यूम ब्रेक होते प्राइस काफी ऊपर निकल जाती है अक्सर। अब आपको ट्रेड यहां से मिलेगी। स्टॉप लॉस नीचे आएगा। इसमें आप ट्रेड करते स्टॉप लॉस थोड़ा और नीचे आता अग्रेसिव पे और रिस्क आप कम रखते। इन दोनों के यानी फायदे भी हैं, नुकसान भी हैं। मैं थोड़ा सा चार्ट साफ कर लूं। फिर आपको ये बात समझाता हूं। ये देखिए दोनों का नफा नुकसान क्या है? कुछ चीजें समझ ना आए। आपने दोबारा से रिकॉर्डिंग देखनी है। इंशाल्लाह एक-एक चीज आपको क्लियर होगी।
वरना फिर क्वेश्चन आंसर सेशन तो होने ही है आपके। उसके बाद जब आप लाइव में आएंगे जाहिर है तब भी हर रोज नौ से 10 तक आपके सवाल जवाब होंगे। अच्छा जी इसको भी बल्कि यहां से मिटा देते हैं। अभी ये वाला भी हां जी अब समझे बात देखें अगर आपने रिस्क आपने ये ज़ोन मार्क कर लिया। अब हमारे हिसाब से अब ये वैलिड है। वैलिड क्यों है? क्योंकि इसने जो प्रीवियस स्ट्रक्चर था आपका प्रीवियस साइड पे जो आपको हाई ब्रेक नजर आ रहा था हाई नज़र आ रहा था एक्सटर्नल स्ट्रक्चर का वो इसने ब्रेक
कर दिया। ठीक है? जब ब्रेक कर दिया तो अब ये हमारे पास वैलिड हो गया ज़ोन। अब प्राइस यहां पे टैप करने के लिए वापस आती है। आहिस्ता-आहिस्ता रिट्रेस होती है। वापस पहुंचती है यहां पे। जब वापस पहुंचती है आप यहां से अग्रेसिव बाय कर लेते हैं। अग्रेसिव बाय। अग्रेसिव बाय क्या होती है कि जैसे ही टैप किया आपने बाय कर लिया उसका आपको फायदा क्या होगा? देखिए अग्रेसिव बाइंग का फायदा होता है। फायदा यह होगा कि आपने बिल्कुल लो से ट्रेड पकड़ ली। फ़ौरन से जैसे ही प्राइस ऊपर जा रही है आपका प्रॉफिट आना
शुरू हो गया। ठीक हो गया? प्राइस ऊपर जाएगी आपको ज्यादा से ज्यादा प्रॉफिट होगा। इसका नुकसान क्या है? नुकसान यह है कि मुमकिन है यह लेवल बिल्कुल सिरियस से ही काम ना करे। ठीक है? और प्राइस यहां से ड्रॉप कर जाए। आपका स्टॉप लॉस हिट कर दे। कोई यहां से बाय ना आए। एक मैं आपको बात बता दूं। यह तजुर्ब की बात है। आप लोग इसको आजमा के देख लीजिएगा। अगर ऊपर है 4 आवर का कोई रिजेक्शन जोन। ठीक है? या ऑर्डर ब्लॉक ही है। उसने प्राइस को रिजेक्ट कर दिया स्ट्रांगली और प्राइस ने टैप
किया M15 वाले ऑर्डर ब्लॉक को या किसी भी छोटे टाइम फ्रेम में 30 वाले को, H1 वाले को। एक दफा प्राइस उठेगी जरूर। एक दफा रिजेक्शन जरूर आएगी। फिर चाहे उसको फेल कर दे। एक दफा जरूर उठती है। इसी रिजेक्शन को पकड़ने के लिए मैं अग्रेसिव ट्रेड कर लेता हूं। लेकिन रिस्क आपने कम रखना है। क्योंकि अग्रेसिव ट्रेड है। पता नहीं यह चलेगी नहीं चलेगी। लेकिन यह जो आपको बता रहा हूं कि एक दफा रिजेक्शन जरूर आती है टाइम फ्रेम के हिसाब से। ये मैं आपको ट्रेड मैनेजमेंट पढ़ाऊंगा इंशाल्लाह जाके जब हमारा लास्ट फज़ होगा
ना ट्रेड मैनेजमेंट उसमें आपको बताऊंगा कि 15 मिनट का टाइम फ्रेम है ना तो 15 मिनट का टाइम फ्रेम का मतलब यह है कि आपको 40 से 50 पिप मिलने ही मिलने हैं। उसका तरीका यह है कि जैसे ही टैप करें छोटा रिस्क रख के बाय कर लें। 40 50 पे अगर कोई वॉल्यूम की कंफर्मेशन बन गई है ठीक है नहीं बनी तो आउट हो जाए। ये वेव आपने पकड़ ली। टाइम फ्रेम के हिसाब से ये वेव आपने पकड़ ली। ये जरूर मिलेंगे आपको। बैक टेस्ट करेंगे। आपको आईडिया हो जाएगा जाके। उसका फायदा क्या है
कि जैसे ही टैप किया आपने बाय किया आपको प्रॉफिट आ 40-50 का फ़ौरन से नुकसान क्या है? नुकसान यही है कि मुमकिन है प्राइस इसको ज़्यादा रेस्पेक्ट ना करे और छोटी सी एक वेव देने के बाद 40-50 की आपका स्टॉप लॉस हिट कर दे। अगर आप इसको बड़ा एक्सपेक्ट कर रहे हैं। जाहिर है आप बड़ा ही एक्सपेक्ट करेंगे क्योंकि आपका स्ट्रक्चर बुलिश है। ये स्ट्रक्चर चल रहा है आपका। तो आप यही एक्सपेक्ट करते हैं कि प्राइस नीचे आई है। मैंने इस ऑर्डर ब्लॉक से बाय किया तो यह दोबारा कंटिन्यू करेगी इसको। तो हर बार कभी-कभी
ऐसा होता भी है। अक्सर होता है लेकिन कई बार नहीं भी होता। तो आपका नुकसान हो सकता है यहां से। तो ये इसका नुकसान है। फायदा क्या है? फ़ौरन से ट्रेड मिल जाती है। अगर आप वॉल्यूम कंफर्मेशन का वेट करते हैं। उसका फायदा क्या है? उसका फ़ायदा यह होगा कि जब यहां से बाय का साइन बन जाएगा। ठीक है? प्राइस यहां पे थोड़ी देर स्टे करती है, रेंज करती है और बाय का एक स्ट्रांग साइन बना देती है, तो अब आपको स्ट्रक्चरल हाई तक कंफर्म ट्रेड मिल जाएगी। और आपका स्टॉप लॉस छोटा हो के इसी
सेटअप के नीचे आ जाएगा। ये जो यहां पे कैंडल्स बनती हैं इसी के नीचे स्टॉप लॉस। स्टॉप लॉस भी डिफाइन हो गया कि ये छोटा सा स्टॉप लॉस आपका। छोटे से मुराद यह है कि पांच पॉइंट का भी है तो 50 60 का तो होगा ना। 30 40 50 60 का तो होगा। तो वो आपने लगा लिया। ठीक है जी। स्टॉप लॉस आपने लगा लिया। अब आपको टारगेट पता है कि मेरा स्ट्रक्चर हाई टारगेट है क्योंकि आपके ट्रेड ट्रेंड के साथ है और वॉल्यूम ने कंफर्मेशन ज़ोन में आके दे दी है। नुकसान क्या है? नुकसान
यह है कि जब तक पहले वाला बंदा यहां से प्रॉफिट टेकिंग कर चुका होता है 50 की आपका साइन तब बन रहा होता है। लेकिन अब आपकी ट्रेड कंफर्म है। पहले ट्रेड कंफर्म नहीं थी। अब ट्रेड भी कंफर्म है। तो दोनों चीजों के कुछ ड्रॉप्स हैं। दोनों चीजों के कुछ फ़वायद हैं। आपने इनको ज़हन में रखना है। अपनी पसंद से आप इसको ट्रेड कर सकते हैं। मैं कभी आपको नहीं बताऊंगा। आप M5 पे ट्रेड करें। आप M15 पे करें और फला शख्स आप जो है आप H4 पे करें। ये आपने खुद देखना है। जैसे आपको
खाने में चीजें पसंद है, मैं नहीं बताता कि आप ये खाया करें। आपको खुद पता है आपने क्या खाना है। ना मैं आपको बताऊंगा आप यह कपड़े पहना करें। आपको पता है आपने क्या पहनते हैं। आपको क्या पसंद है। इसी तरीके से आपने यहां पे अपने टाइम फ्रेम्स और अपनी स्ट्रेटजी खुद डिफाइन करनी है कि मुझे अग्रेसिव ट्रेडिंग अच्छी लगती है या मुझे थोड़ी सी कंफर्म ट्रेड के जब सेटअप बन जाए कंफर्म ट्रेड हो। अब मैं तसल्ली से इसको ट्रेड करूं। दोनों ऑप्शंस आपके पास हैं। ठीक है? अब इसकी समरी देखें बुलिश साइड की। फिर
इसकी एग्जांपल्स देखते हैं। समरी हमारे पास क्या आ रही है? समरी ये आ रही है जी के कैसे हम अभी हम एक चीज पढ़ रहे हैं। सिर्फ अभी तो हमने एफेजी पढ़ना है। उसमें भी ये चीजें शामिल होंगी। हां जी। समरी हमारे पास यह है कि प्राइस बुलिश ट्रेंड में है इस तरीके से। ठीक है जी। अब प्राइस आ रही है रिट्रेस करने के लिए वापस। जब रिट्रेस करने के लिए वापस आती है और हमारा कोई डीप फ्लो है या किसी भी जगह पे जहां पे ऑर्डर ब्लॉक बना हुआ है। ऑर्डर ब्लॉक कैसे बनता है
कि प्राइसेस नीचे आ रही थी। रेड कैंडल को इनल्फ कर लिया ग्रीन कैंडल ने। तो ऑर्डर ब्लॉक बन गया। अब हमें देखना है यानी यहां पे रेड कैंडल थी आखिरी। ऐसे इसको एनंगल्फ कर लिया ग्रीन कैंडल ने। ठीक है जी। अब हमें ये देखना है कि क्या हमारा ये ऑर्डर ब्लॉक कंफर्म भी है कि नहीं है। ठीक है? ठीक है? अब इसका तरीका यानी वैलिड भी है कि नहीं है? अब हमें क्या कैसे पता चलेगा? उसका तरीका ये है कि आप वेट करें प्राइस अपना प्रीवियस स्ट्रक्चर लेफ्ट साइड पे जो है उसको ब्रेक करे। प्राइस
ब्रेक कर जाती है। ब्रेक करने के बाद अब आपने इस ज़ोन को मार्क कर लिया कि जी इसने तो ब्रेक कर दिया। इसमें तो बड़ी ताकत थी। इस बात से परेशान भी नहीं होना कि यार यहां से लेकर यहां तक ऊपर जा रही है प्राइस। हम तो रह जाएंगे। हम तो देखते रह जाएंगे। आईसीटी के मुताबिक आपको देखना चाहिए। वेट करना चाहिए। जब हम वॉल्यूम पढ़ेंगे तो वॉल्यूम में आपको बहुत दफा यहीं से ट्रेड मिल जाएगी। साथ-सा ट्रेड कर लेंगे हम। फ़ौरन यहीं से। इसलिए परेशान अभी नहीं होना किसी भी बात पे। पे अभी आप
सिर्फ सीख रहे हैं चीज़। सिर्फ समझ रहे हैं। अच्छा बन गया। अब प्राइस जाना शुरू करती है ऊपर। ऊपर जाती है। सेल की कैंडल भी बीच में बन सकती है। बाय की बन सकती है। मैं यहां पे दोनों बना देता हूं। कभी सेल की बनेगी, कभी बाय की बनेगी, कभी सेल की बनेगी, कभी बाय की बनेगी। आखिरकार यह ब्रेक हो जाएगा। जब यह प्राइस ने ब्रेक कर दिया, आपने नीचे अपना ज़ोन मार्क कर लिया कि यह हमारा ऑर्डर ब्लॉक ज़ोन है। अब आपने इसका वेट करना है। ठीक है जी। अब प्राइस यहां से मुड़ेगी, वापस
आएगी, ऊपर जाके भी आ सकती है। 1 घंटे बाद भी आ सकती है। एक दिन, एक हफ्ते बाद भी आ सकती है। जरूरी नहीं है उसी टाइम वापस आए, ब्रेक करते ही वापस आए। मुमकिन है ना आए, 10 दिन ना आए, 11वें दिन आए। ठीक है? लेकिन आती है। अक्सर और बेशतर जरूर आती है। अब प्राइस नीचे आ गई। आपने यहां से अग्रेसिव ट्रेड कैसे ले लेनी है? आपने इस जगह पे सोचा हुआ था कि मैं यहां से खरीदूंगा। क्यों खरीदेंगे? क्योंकि जिस वेव ने यह स्ट्रक्चर ब्रेक किया उसमें ताकत थी वो आपको नजर आ
गई है। तो उसी ताकत का आपने फायदा उठाना है। प्राइस नीचे आएगी। यहां से आप इसको बाय करेंगे। स्टॉप लॉस इसी के नीचे लगाएंगे ऑटो ब्लॉक के नीचे और आप इसको होल्ड करेंगे। स्ट्रक्चर लेवल तक दोबारा यहां से प्राइस गिरी है। यहां से गिरी है। इसी स्ट्रक्चर लेवल तक आपको अब टारगेट मिलेगा। ठीक है? अब अग्रेसिव ट्रेड करेंगे तो जल्दी ट्रेड मिल जाएगी। लेकिन वो थोड़ी खतरे वाली होगी। मुमकिन है ना चले प्राइस ड्रॉप कर जाए। अगर आप वीएस की कंफर्मेशन देखेंगे जो भी हमने पढ़नी है। फिर आपको ट्रेड मिलेगी थोड़ा सा ऊपर जाके यहां
से मिलेगी। लेकिन अब आपका स्टॉप लॉस यहां से उठ के इधर आ जाएगा और दूसरी बात ये है कि आपको ट्रेड आपकी जो एक्यूरेसी पहले अगर फॉर एग्जांपल 80% पे या 75% पे थी वो एक्यूरेसी आपकी मूव कर जाएगी 90 टू 95% पे। क्योंकि अब आपने वॉल्यूम की कन्फर्मेशन के बाद ट्रेड की है। ठीक हो गया? कभी आप कल ट्रेड भी कर लेंगे। कभी आपसे ट्रेड मिस भी हो जाएगी। यह होता रहता है। यह सारी जिंदगी साथ-साथ चलेगा। आप जितने मर्जी इंतजामात अच्छे कर लें। हर मुल्क में चोरी शिकारी तो है। हर मुल्क में एक्सीडेंट
भी है। तो यह ह्यूमन एरर भी होता है। कुछ चीजें साथ-साथ चल रही होती हैं। उनको आपने नजर में रखना है। कोई भी चीज कानून बना के नहीं चलनी आपने। यहां तक बात समझ आ गई है तो मुझे बताएं। फिर हम एक सेल की एग्जांपल देखते हैं। बल्कि सेल के एग्जांपल देख लेते हैं। सेल में कैसे होगा? बिल्कुल सेम तरीकाकार पे आपने चलना है। प्राइसेस नीचे आ रही हैं। ये आपकी इंपल्स वेव है। इंपल्स वेव से क्या मुराद है? इसने किसी स्ट्रक्चर का ब्रेकआउट किया। फिर प्राइस ऊपर चली गई। यहां से रिट्रेस होकर प्राइस ऊपर
निकल गई। इस जगह पर आके एक स्ट्रांग मोमेंटम कैंडल बनती है डाउन साइड जो कि बाय की कैंडल को एंगल्फ कर लेती है। अब कैंडल एनंगल्फ हो गई। आप चाहें तो आप यहां पे एक मार्क कर लें ज़ोन ना चाहें तो अभी ना करें। मैं भी नहीं करता। मैं तो नहीं करूंगा क्योंकि मैं तब करता हूं जब ऑर्डर ब्लॉक वैलिड हो जाता है। अभी ये इनवैलिड है। यह वैलिड कब होगा? जब प्राइस ये वाला लो ब्रेक कर देगी। ये लो लगा हुआ है ना। अब प्राइस यहां से गिरती है और अपना लो ब्रेक कर जाती
है। ऐसे विक्स को ऐसे ये ऐसी रहती है ऐसे विक्स ऐसी कैंडल्स बनती हैं। जरूरी नहीं है कि कंजक्टिव कैंडल्स हो। यहां पे मैंने पहले भी बताया कि मुमकिन है बाय होना शुरू हो जाए। ठीक है? बाय के बाद फिर सेलिंग आना शुरू हो जाए। आपने क्या करना है? लो मार्क करके रखना है कि लो ब्रेक होना चाहिए। ये ले जी लो ब्रेक हो गया। ठीक है जी। एक एक सेकंड सिर्फ होल्ड कीजिएगा। मैं एक ट्रेड मैनेज करनी है। अच्छा जी। प्राइस ने लो ब्रेक कर दिया। जैसे ही प्राइस लो ब्रेक करेगी, अब आप क्या
करेंगे? आपको पता चल गया कि आपका जो ऑर्डर ब्लॉक था यह वाला, यह वैलिड है। इस पूरे ज़ोन को आप मार्क कर लेंगे। ऐसे ये मार्क कर लिया आपने। ठीक है जी? अब ये आपका वैलिड ऑर्डर ब्लॉक है। अब आपने क्या वेट करना है कि प्राइस दोबारा इस ज़ोन को अप्रोच करे। अब प्राइस दोबारा यहां पे अब कब आएगी कोई पता नहीं है। लेकिन आ जाती है। अक्सर आ जाती है और जल्दी आ जाती है। जैसे ही इस ज़ोन को टैप करेगी यहां पे आप यहां से सेल की ट्रेड लेंगे। ठीक है जी? इस जगह
से जब इस ज़ोन को टैप करेगी, आप इस जगह से सेल करेंगे और ये सेल आपकी क्या कहलाएगी? अग्रेसिव सेल कहलाएगी। स्टॉप लॉस आपका इसी ज़ोन के इसी ऑर्डर ब्लॉक की जो विक होती है ना प्रीवियस ऑर्डर ब्लॉक कैंडल तो ये वाली है। तो जिस कैंडलफ किया होता है इसकी जो विक होती है या इसकी जो विक होती है जो भी ऊपर है उसके ऊपर आप स्टॉप लॉस लगा देंगे। यहां पे आपका एल आ जाएगा। ठीक हो गया? और यहां से आप सेल की ट्रेड करेंगे और आपका टारगेट ये होना चाहिए। जहां से पहला टारगेट
कम से कम टारगेट जहां से प्राइस उठी थी। यहां तक आपका पहला टारगेट होगा इस तरह। अब अगर आपने कंफर्मेशन ये भी अग्रेसिव ट्रेड थी। आपको अग्रेसिव ट्रेड बताइए। अगर कंफर्मेशन चाहिए तो मुमकिन है कंफर्मेशन थोड़ा सा नीचे आ के बने फिर आपकी ट्रेड यहां से होगी स्टॉप लॉस नीचे हो जाएगा वो यहां पे आ जाएगा टारगेट आपका वही होगा बल्कि इससे भी बड़ा होगा क्योंकि अब कंफर्मेशन आ गई है इसने स्ट्रक्चर ब्रेक किया तो ये दोबारा प्राइस आएगी नीचे यहां तक बात समझ आ गई सिर्फ ख्याल ये रखना है कि ये वैलिड है कि
नहीं सबसे अहम चीज ये है वैलिड यह तब होगा जब इसने जो भी स्ट्रक्चर प्रीवियस साइड पे बताया था अपने आपने लेफ्ट साइड पे देखना है आपने हमेशा राइट पे तो है ही कुछ नहीं ना अभी पर लेफ्ट में आपने देखना है स्ट्रक्चर यह था लो यह लो ब्रेक कर दिया अब ऑर्डर ब्लॉक वैलिड है अब जब यह ऑर्डर ब्लॉक में आएगी अब आप वहां से बाय सेल कर सकते हो अभी इतना बहुत एफ एजी के साथ क्योंकि कल हम एफएजी पढ़ेंगे इंशााल्लाह। तो एफएजी के साथ फिर ऑर्डर ब्लॉक बनता है। उसको भी आपको मैं
चेक करवाऊंगा। इसको अभी आप एग्जांपल्स देखें इसकी आप जरा आज। ये देखें जी। अब प्राइस ने ना एक टॉप पे आने के बाद यहां पे अगर आप देखें तो प्राइस यहां पे अरेंज करना शुरू हो गई। ठीक है जी? एक ऑर्डर ब्लॉक ये बना। बना है ना ऑर्डर ब्लॉक आपके सामने। देखिए ये से बाय की कैंडल है। उसको एंगल्फ कर लिया स्ट्रांग सेल की कैंडल ने। इस कैंडल ने इसको एनंगल्फ कर लिया। अब होना क्या चाहिए था कि ये आपका लो था। ये लो था। ठीक है जी? या इससे पहले कौन सा लो ऑर्डर ब्लॉक
से पहले जो लो लगा उसको मार्क कर लें। ये एक लो है। इंटरनल लो की बात कर रहा हूं। अब मैंने आपको ये नहीं पढ़ाई कि एक्सटर्नल देखें ज्यादा ये इंटरनल देखें। ये इससे पहले लो लग चुका था। देखिए ये प्राइस यहां पे जब रेंज कर रही थी ना तो ये लो लग चुका था। यह लो लगने के बाद यह ऑर्डर ब्लॉक बन गया। तो यहां पे जब ऑर्डर ब्लॉक बना उसके बाद प्राइस नीचे आई। उसने लो ब्रेक तो नहीं किया। यह देखिए ना सब फिक्स है नीचे। लो तो नहीं ब्रेक हुआ तो इसको छोड़
दें। क्यों? क्योंकि ये वैलिड नहीं है अभी। ठीक है? ये अभी वैलिड नहीं हुआ। अच्छा दोबारा देखें प्राइस फिर यहां पे इसके अंदर आ गई। इससे काम इसने किया वैसे लेकिन हम वही देखेंगे जो हमारे रूल्स हैं वैलिड है कि नहीं है। देखिए चला तो है ये प्राइस ने इसको टैप किया दोबारा सेल हो गई। लेकिन हम काम करेंगे अपने रूल्स पे। दोबारा देखें इस जगह पे प्राइस फिर अंदर आई। यहां पे फिर ऑर्डर ब्लॉक बना है। ये देखिए ये बाय की कैंडल और ये सेल की कैंडल एंगल्फ कर लिया। अब जब एंगल्फ कर लिया
तो अब ये जो लो था ये ब्रेक हो गया। ये लो ब्रेक हो गया। अब यह आपका वैलिड ऑर्डर ब्लॉक है। इस ज़ोन को मार्क कर लें। दोबारा जब भी प्राइस यहां टैप करेगी इस जगह पे, यहां से आप सेल करेंगे, ऊपर आप स्टॉप लॉस लगाएंगे। यह आपका सप्लाई ज़ोन है। इसी को कहते हैं सप्लाई ज़ोन। जहां से प्राइस गिर रही होती है ना स्ट्रोंगली, उसी को हम सप्लाई ज़ोन कहते हैं। पहले यहां से गिरी थी इस ऑर्डर ब्लॉक से ये हमारा सप्लाई ज़ोन बन गया। जैसे ही दोबारा इसको टैप करेगी अब आप यहां से
सेल करेंगे। ठीक हो गया जी। नीचे आ जाएं जरा। ये देखिए ये क्या? अच्छा देखिए अभी तक उसने इसको टैप नहीं किया है ये देखें। अभी तक टैप नहीं किया है। सिर्फ मैं कह रहा था कि जरूरी नहीं है कि टैप करे भी। फॉरेन टैप करें। जरूरी नहीं है। शायद कभी दोबारा आ जाए। कभी-कभी फौरन आ जाती है। मैं आपको नीचे एग्जांपल दिखाऊंगा। अभी ये देखें यहां पे देखें जी। ये देखें ये एग्जांपल मैंने क्यों मार्क की हुई है? ये क्यों नहीं मार्क की? ये भी तो ऑर्डर ब्लॉक बना था पीछे। ग्रीन कैंडल थी इसको
एंगल्फ किया रेड कैंडल ने। लेकिन कोई लो ब्रेक नहीं किया ना। इसने क्या किया? इस कैंडल ने यह देखिए दोबारा बाय की कैंडल्स बनी है। यह आपकी ऑर्डर ब्लॉक कैंडल बन गई ग्रीन वाली। यह रेड कैंडल ने इसको डाउन साइड एंगल्फ कर लिया और यह लो भी ब्रेक कर दिया। जो भी इस रेंज पे लो लगा हुआ था उसको ब्रेक कर दिया। ठीक है? यह मैं आपको दिखा रहा हूं इंटरनल पे। अभी हम इंटरनल एक्सटर्नल में नहीं जा रहे। इसका जो एक्सटर्नल स्ट्रक्चर है वो तो नीचे है। वह तो यहां पे है। मैं इंटरनल की
बात कर रहा हूं। सिर्फ अभी आपको उसकी वैलिडिटी दिखा रहा हूं। अभी आपने क्योंकि ट्रेड नहीं लेनी ना इस पे। अभी तो आप सिर्फ समझ रहे हैं। इसकी निशानी समझ रहे हैं। तो आप यही कंसीडर कर रहे हैं कि ये इसका लो है। इस पूरी रेंज का लो ये था। वो प्राइस ने ब्रेक कर दिया। ब्रेक करने के बाद प्राइस दोबारा ऑर्डर ब्लॉक के ज़ोन में आई। यह देखिए ऑर्डर ब्लॉक के ज़ोन। इसको टैप किया। प्राइस फिर डाउन चली गई। ठीक है? उसी जगह से। अब यहां से ऑर्डर ब्लॉक को टैप क्यों नहीं किया? एग्जैक्टली
यानी इसको टच क्यों नहीं किया? यह लें। लाइन तो यह है। टच तो नहीं किया। टच क्यों नहीं किया? ये कल पता चलेगा हमें। ठीक है? सम टाइम टच करती है। सम टाइम्स टच नहीं करती। तो वो बीच में बीपीआर इन्वॉल्व हो जाता है और एफजी इन्वॉल्व हो जाता है। वो इंशा्लाह हम कल पढ़ेंगे। अच्छा जी। आगे देखें। ये देखें जी। प्राइस ऊपर गई। ठीक है? ऑर्डर ब्लॉक बनाया। ठीक हो गया जी? फिर अपने लेवल पे आई। ये देखें। अभी आपने यह बताना है मुझे मैसेज में कि जो यह वाला ऑर्डर ब्लॉक था देख ना
इसमें एक कैंडल ऊपर आई है ना रिट्रेसमेंट हल्की सी आई है 50% पिछली कैंडल की रिट्रेसमेंट आई है उसके बाद ऑर्डर ब्लॉक की कैंडल बन गई ये वाली प्राइस नीचे आ गई नीचे आने के बाद उसी ऑर्डर ब्लॉक को टैप किया और वहां से एक सेल की वेव आपको फिर मिल गई ठीक है जी आपने मुझे एक बात बतानी है आपने ये बताना है कि जब ये ऑर्डर ब्लॉक जो ये वाला ऑर्डर ब्लॉक है इसलिए इस पे मैं निशान लगाने लगा हूं आपने बताना है कि क्या ये वैलिड ऑर्डर ब्लॉक था कि ये वैलिड ऑर्डर
ब्लॉक नहीं था अभी ये आप मुझे जल्दी से चैट में बता दें है कि ये ऑर्डर ब्लॉक वैलिड था या नहीं था? ठीक है जी। इनवैलिड सब लोगों का तकरीबन ये जवाब है जी तकरीबन नहीं बल्कि सभी का कि ये नहीं मिटिगेशन तो मैंने आपको नहीं बताया भाई बताइए अभी। तला तला रियाज़ अभी आपको मिटिगेशन तो बता ही नहीं रहा ना अभी। आप बस ये देखें के क्या यह वैलिड था? वैलिड नहीं था। वैलिड ही तब होता है जब अपना प्रीवियस कोई स्ट्रक्चर ब्रेक करता है। इसका प्रीवियस स्ट्रक्चर यह था। ठीक है? अभी तक इसने
ब्रेक यह बन तो गया। इसने ब्रेक तो कुछ नहीं किया। बहाल प्राइस दोबारा आई है। उसको यहां पे इसने टैप किया और यहां से सेल कर दिया। अभी ये इनवैलिड है। जब इनवैलिड है ना तो फिर आप ये देखें कि प्राइस ने स्ट्रक्चर प्राइस ने भी ब्रेक नहीं किया यहां पे। तो कोई भी ब्रेक नहीं किया। बस क्योंकि इंटरनल स्ट्रक्चर था ये एक्सटर्नल स्ट्रक्चर तो ब्रेक ही नहीं हुआ। तो इसकी पावर ऑर्डर ब्लॉक की कम थी। सिर्फ इतनी थी कि वो चलो प्राइस को नीचे तक धकेल दे। बस इससे ज्यादा नहीं थी। ठीक है? दोबारा
देखें। जो ये ऑर्डर ब्लॉक बना है अब ये वाला। इस पे मैं निशान लगा रहा हूं। क्या ये वाला ऑर्डर ब्लॉक वैलिड था? यह वाला ऑर्डर ब्लॉक भी वैलिड नहीं है। अब मैं आपको समझाने लगा हूं इंटरनल और एक्सटर्नल की। ठीक है? पीछे मैंने आपको दो तीन एग्जांपल दिखाई है। वो इंटरनल था। यह भी इंटरनल है। यह देखें ये एक्सटर्नल जो आपका लो लगा हुआ है ना अभी तक वो अभी तक ये लगा हुआ है ये वाला। ठीक है जी? यानी प्राइस ने सबसे डीप लो ये लगाया हुआ है। फॉर एग्जांपल हम इसी को मान
लेते हैं। अभी ये सबसे डीप लो है। अभी तक किसी भी ऑर्डर ब्लॉक ने इसको ब्रेक नहीं किया। इस वाले ने भी ब्रेक नहीं किया। इस वाले ने भी ब्रेक नहीं किया। ये देखिए रिजेक्शन लेके ऊपर ही क्लोज हुआ है। तो ये लेकिन इसका एक इंटरनल मॉडल था। इसका एक इंटरनल देखिए ना यह हाई लो हाई फिर एक लो लगा जो कि कंफर्म नहीं हुआ। यहां पे प्राइस ने ऑर्डर ब्लॉक बना दिया। ना यह लो कंफर्म हुआ ना यह ऑर्डर ब्लॉक कंफर्म हुआ। क्योंकि ऑर्डर ब्लॉक कब कंफर्म होगा? जब ये पीछे लो ब्रेक होंगे। जो
ये डीप लो था यह ब्रेक होगा। यह तो ब्रेक ही नहीं हुआ यहां पे। जब ब्रेक नहीं हुआ तो फिर यह इनवैलिड है। अब प्राइस इसको आके टैप करती है। देखिए इस जगह पे टैप किया दोबारा और एक वेव छोटी सी दे दी। बड़ी वेव क्यों नहीं आई स्ट्रांग? क्योंकि यह वैलिड नहीं है। यह वैलिड कब होता है? जब प्रीवियस साइड पे मेन स्ट्रक्चर ब्रेक करता है तब। ठीक है? अभी आपको इसकी एग्जांपल दिखाऊंगा। मैं जानबूझ के एक-एक करके चीजें दिखा रहा हूं। ज्यादा उसको कॉम्प्लेक्स नहीं कर रहा क्योंकि वह करेंगे आगे चलके। जाहिर है
हम तो रोज इसकी कॉम्प्लेक्स सिचुएशन देखेंगे आगे चलके। अभी सिर्फ आपने समझना है। हां जी। ये वाला ऑर्डर ब्लॉक देखें। अब आपने मुझे ये बताना है कि क्या ये वाला ऑर्डर ब्लॉक वैलिड है या इनवैलिड है? देखिए ना कितना प्यारा बुलिश ऑर्डर ब्लॉक है। प्राइसेस नीचे आ रही थी। यहां पे इस कैंडल ने इसको इन्व कर लिया। बुलिश ऑर्डर ब्लॉक बन गया। अब क्या यह वैलिड है या यह वैलिड नहीं है? यह आपने बताना है। कैसे पता चलेगा? आपने देखना यह है। चल अभी अभी मैं इसको थोड़ा सा आसान रखता हूं। आपने आसानी के लिए
ये देखना है कि क्या प्राइस ने इससे जो प्रीवियस स्ट्रक्चर था प्रीवियस उसको ब्रेक कर दिया? चल जी ब्रेक कर दिया। बेशक एक ही कैंडल से किया लेकिन उसने इसको ब्रेक कर दिया। ठीक है? अब हम देखेंगे कि ये कैसे काम करता है। हमने इसको मार्क कर लिया क्योंकि हमारे नजदीक तो ये बुलिश हो चुका। इसने प्रीवियस स्ट्रक्चर को ब्रेक कर दिया। तो इस जगह पे ये हाई यही लगा हुआ है ना। इसको इसने ब्रेक कर दिया है। तो, हम यहां पे एक कैंडल मार्क कर लेते हैं। इस सॉरी ज़ोन मार्क कर लेते हैं कि
यह हमारा ऑर्डर ब्लॉक है। ठीक है? अब यहां पे आप देखें प्राइस दोबारा इस ज़ोन में पहुंची है। ऊपर गई। पहले थोड़ा सा पहले से ऊपर निकल गई। यहां पे रेंज करती रही। जब टैप किया प्रॉपर इसको इसने टैप करने के बाद वही ट्रेड इसने दोबारा दिया जहां तक प्राइस गई थी। यही आपको टारगेट बताया हुआ है ना कि जहां से प्राइस गिरती है वहां तक वो दोबारा टारगेट देती है अपना। तो वहां तक इसने दोबारा आपको टारगेट दे दिया देखिए इस जगह तक। ठीक है? अभी आपको मैं सिर्फ छोटे-छोटे ऑर्डर ब्लॉक दिखा रहा हूं।
बड़ा ऑर्डर ब्लॉक आपको मैं दिखाऊंगा एफजी के साथ। अभी आपको वो दिखा रहा हूं जो छोटे-छोटे रेंज के इंटरनल और एक्सटर्नल जो छोटे-छोटे रेंज के जो इंटरनल मैटर वो हैं ऑर्डर ब्लॉक्स स्ट्रक्चर सॉरी सिर्फ उनको ब्रेक कर रहा है। अब ये देखें कितना जबरदस्त ऑर्डर ब्लॉक बना है। ये देखिए ये वाला ठीक है यानी प्राइसेस नीचे आ रही हैं। और यहां पे ये टू कैंडल की रिट्रेटसमेंट आई है। उसके बाद एक स्ट्रांग ऑर्डर ब्लॉक बन गया। लेकिन अब ये ऑर्डर ब्लॉक वैलिड नहीं है। क्यों नहीं वैलिड? क्योंकि प्रीवियस स्ट्रक्चर आपका हाई तो यह आ रहा
है। तो जब स्ट्रक्चर हाई ये आ रहा है यह तो यहां से प्राइस गई है। देखिए वापस आ गई है। दोबारा इसने इस ऑर्डर ब्लॉक को टैप किया है। यहां आई है प्राइस ऑर्डर ब्लॉक पे। लेकिन इसने कोई रिएक्शन नहीं दिया है। देखें ये देखें। कोई रिएक्शन नहीं है। प्राइस वहां से नीचे चली गई सीधा। फेल हो गया ना ये ऑर्डर ब्लॉक। ये देखें। क्यों फेल हुआ है? इसमें ऑर्डर ऑर्डर ब्लॉक की गलती है। ऑर्डर ब्लॉक की गलती नहीं है। ऑर्डर ब्लॉक की गलती नहीं है। क्यों ऑर्डर ब्लॉक गलती नहीं है? क्योंकि वैलिड नहीं था
ये। इसने कोई स्ट्रक्चर लेफ्ट साइड पे ब्रेक नहीं किया। इनवैलिड था। एक बात आपको मैंने और बताई थी कि जब ऑर्डर ब्लॉक की प्राइस टैप करती है ना एक बार रिजेक्शन जरूर देती है। देखिए ये रिजेक्शन है वो। अभी तो ये इनवैलिड है। वैलिड वाले में दिखाऊंगा आपको। शायद वो सही मजे की होती है। ये देखें जी। ये वाला ऑर्डर ब्लॉक। ये भी वैलिड नहीं है। जाहिर है इसने अभी स्ट्रक्चर ब्रेक नहीं किया। ठीक है। उसके बाद ये ऑर्डर ब्लॉक आ गया। ये वाला ऑर्डर ब्लॉक वैलिड है कि इनवैलिड है। जी। अब बताएं अब आप।
मैं इसको मार्क करता हूं। ये आर्डर ब्लॉक। ये आपने बताना है कि वैलिड है या इनवैलिड है। ठीक है जी? ये लें। ये हमारा ऑर्डर ब्लॉक आ गया। इनवैलिड है या वैलिड है? पीछे स्ट्रक्चर देख के बताएं। देखिए ये हो गया हमारा इंटरनल स्ट्रक्चर। प्राइस कहां से गिरना शुरू हुई है? यहां से गिर रही है प्राइस। ठीक है जी? ये पूरी एक वेव लगती आ रही है। यहां पे आके प्राइस रुकी है। ये चले यहां पे आके रुकी। फिर ये हाई लगाया और फिर यह लो लगा दिया। यहां पे थोड़ी सी गलती हो गई है।
यह देखें। यह इसने लो लगाया था पहले। एक यह रिट्रेसमेंट हुई। आखिरी सेल की कैंडल ब्रेक हुई। फिर प्राइस नीचे आई और इसने लो लगा दिया। तो, यह हमारे पास लो आ गया। यह हमारा प्रीवियस हाई था। अब उसके बाद ये ऑर्डर ब्लॉक बना और ऑर्डर ब्लॉक ने यह वाला हाई ब्रेक कर दिया। अब आप मुझे बताएंगे कि ये ऑर्डर ब्लॉक वैलिड है या इनवैलिड है। जल्दी से बता दे जरा चैट पे। वन सेकंड ये चैट यहां से डिसेबल हुई हुई है। हां जी वैलिड या अनवैलिड है? बस इतनी सी बात आपने समझनी है। आपको
ऑर्डर ब्लॉक का कॉ कांसेप्ट समझ आ जाएगा। ठीक है जी। सब लोग कह रहे हैं कि जी वैलिड है। क्यों वैलिड है? क्योंकि लेफ्ट साइड पे देखा स्ट्रक्चर ब्रेक हो गया। अब देखिए यहां से जब ये वैलिड था ना इसने ब्रेक कर दिया। प्राइस यहां पे होती है। सब लोग समझ रहे होते हैं ट्रेड निकल गई। यहां से नीचे से बाय होना था वो हम बाय कर नहीं सके। ट्रेड निकल गई। ट्रेड नहीं निकली। ट्रेड अब बनी है। अब वैलिड ट्रेड बन गई है। अब इंतजार किस बात का करना है आपने? फिर इंतजार इस बात
का करना है कि आप इस ज़ोन को मार्क करें और बैठ जाएं या प्राइस यहां पे टैप करने आए। तो अब आप ये क्लियरली देख सकते हैं कि प्राइस दोबारा जब यहां पे आई है। सिर्फ टच किया उस ज़ोन ऑर्डर ब्लॉक ज़ोन को सिर्फ इसने टच किया है और टच करने के बाद कितनी बड़ी वेव आई है। ठीक है? कहां तक आती है? आपको क्या बताया था? कहां तक आती है? जहां तक प्राइस जाती है, जहां से गिरती है, यहां से गिरी है, तो वहां तक आपको कम से कम टारगेट मिलेगा। स्टॉप लॉस छोटा सा
होगा। जैसे अगर आप अग्रेसिव बाय करते हैं, तो इसी ज़ोन पे बाय है। नीचे इसी इसी विक के नीचे जो विक यहां पे लग रही है, लेस्ट यह वाली इसके नीचे आपका स्टॉप लॉस है। अगर आप कंफर्मेशन का वेट करते, तो मुमकिम है कन्फ़र्मेशन आपको यहां पे या यहां पे कहीं पे आती, तो फिर आपका स्टॉप लॉस छोटा होके यहां पे आ जाता नीचे। और आपका टारगेट फिर भी सेम रहता वही वाला। कंफर्मेशन वाली ट्रेड भी मैं करता हूं और अपना अग्रेसिव ट्रेड भी कर लेता हूं। अग्रेसिव ट्रेड करूं तो लो रिस्क से करता हूं।
कंफर्म ट्रेड करूं तो थोड़े बड़े रिस्क के साथ करता हूं। हां जी। अब आपको उम्मीद है कि समझ आ गई होगी चीजों की। अब यहां पे आप देखें इस ऑर्डर ब्लॉक के बारे में बताइएगा कि यह वैलिड है कि इनवैलिड है। यह भी वैलिड है। क्यों वैलिड है? इसलिए प्रीवियस जो भी हाई था आपके पास हम यहां पे मार्क कर लेते हैं। यह आपकी आखिरी रिट्रेसमेंट है। ठीक है जी। उसके बाद प्राइस ने लगाया जी यह वाला लो लगा दिया। यह लो लगा दिया। फिर प्राइस ने एक हाई लगाया और फिर लो लगा दिया। तो
आपका आखिरी हाई ये आ रहा है। तो ऑर्डर ब्लॉक बनाने के बाद जब प्राइस ने अपना हाई ब्रेक कर दिया तो इसका मतलब क्या हुआ कि यह अब वैलिड है। जब भी प्राइस यहां पे टैप करेगी यहां से आप इसको दोबारा बाय करेंगे और प्राइस आपको दोबारा एक ट्रेड देगी। आगे चल के देखते हैं। इस वाले ऑर्डर ब्लॉक को देखें। यह वैलिड है कि इनवैलिड है? यह भी वैलिड है। देखिए आखिरी सेल की कैंडल उसको इनल्फ किया स्टंग बाय की कैंडल ने। तो, इसको हम मार्क कर लेते हैं यहां पे। एग्जांपल्स की डेट देखें पीछे।
मैं ज्यादा पीछे नहीं जाता कभी भी। मैं इसी महीने में हूं। यह 25 जून अब से 10 दिन पहले एक एग्जांपल दिखा रहा हूं आपको जो जो अच्छी अच्छी बन रही है। यह आपके पास ऑर्डर ब्लॉक आ गया। चल जी यह ऑर्डर ब्लॉक आ गया। ठीक है जी। स्टॉप लॉस कहां पे रखते हैं? जिसमें स्टॉप लॉस रखते हैं जो भी डीप विक होती है उस डीप पिक के नीचे आपका स्टॉप लॉस। यानी ये इसने शायद मुमकिम है यहां पे एक बार नीचे विक लगाई हो। अगर आपने अग्रेसिव बाय कर ली। मुमकिम है एक बार उसने
स्टॉप लॉस लगा दिया हो आपका। ठीक है? लेकिन देखिए कोई भी कैंडल इसके नीचे क्लोज नहीं हुई। विक लगाई है इस कैंडल ने। इसने भी विक लगाई है। क्लोजिंग किसी की भी ऑर्डर ब्लॉक के नीचे नहीं हुई। यह भी बड़ा अच्छा साइन होता है। तो प्राइस ने अपना स्ट्रक्चर ब्रेक किया। वापस टैप करने आई। यहां से आपने इसको बाय करना है। स्टॉप लॉस आपका लगेगा इसी के नीचे। कंफर्मेशन का वेट करेंगे तो स्टॉप लॉस फिर कंफर्मेशन के नीचे आएगा। और यहां से आपको ट्रेड कहां तक मिलेगी? जहां से प्राइस गिरी थी। जहां से प्राइस ऊपर
से नीचे आई थी वहीं तक आपका ट्रेड होता है। ठीक है जी। अब इस केस में क्या हुआ? प्राइस ने पूरा टारगेट आपको नहीं दिया। कहां तक प्राइस टारगेट देती है? प्राइस टारगेट देती है। जी जहां से उसने ड्रॉप दिया होता है। यानी यह ऑर्डर ब्लॉक बनाया। आर ब्लॉक के बाद यह इसकी हाईएस्ट प्राइस थी। अब उसको टैप करने आई है। टैप करने के बाद ट्रेड तो उसने आपको दी है। 1 1 जितनी भी दी होगी। लेकिन यह जो ब्रेकर ब्लॉक्स थे स्ट्रांग जगह थी। यहां से प्राइस दोबारा रिजेक्ट हो गई है। इसलिए ट्रेड मैनेजमेंट
आखिरी ज़ोन में जाके पढ़ना बहुत जरूरी है। और इसलिए मैं आपको कहता हूं कि कोई भी रूल नहीं है। रूल कोई नहीं है। ठीक है? सिर्फ हमारे अंदाजे हैं, प्रोबेबिलिटीज हैं, स्ट्रेटजी हैं। रूल कुछ नहीं है। रूल यह होता है जो मैं आपको बताता हूं हमेशा कि 2 + 2 = 4 यह पूरी दुनिया में यही है। दिन में करेंगे यही है, रोशनी में करेंगे यही है। अंधेरे में करें कैलकुलेट तब भी यही है। लेकिन ये यहां पे कोई रूल नहीं है। मैं आपको कहता हूं कि ये वहां तक टारगेट देता है जहां से प्राइस
गिरती है। ये रूल नहीं है। ये एक मुशायदा है। ऑब्जरवेशन है कि यहीं तक आती है प्राइस दोबारा। ठीक है? अब यहां पे अगर आपको वॉल्यूम पढ़ा जाएगा ना जब तब आप देखेंगे वॉल्यूम कंफर्मेशन आए तो वॉल्यूम आपको टारगेट देता है स्ट्रक्चर हाई तक। लेकिन अगर मुमकिन है यहां पे कोई साइन ना बना हो तब इसने छोटा टारगेट दिया है। कई बार वॉल्यूम की कंफर्मेशन आती है फिर भी छोटा टारगेट दे जाती है। इसलिए कहता हूं कि वो मैनेजमेंट आपकी अच्छी होनी चाहिए। ठीक है? क्योंकि कोई कंफर्म हार्ड एंड फास्ट रूल तो कोई भी नहीं
है यहां पे कि हम कहेंगे कि हां ये चीज़ बन गया। अब कंफर्म ऐसा ही होगा। ऐसा कुछ नहीं होता। चलिए जी यह आपकी एग्जांपल्स हैं। अब आपके असाइनमेंट यह है या जो आपने काम करना है खुद से आपने इस तरह के आर्डर ब्लॉक्स को मार्क करना है। अच्छे ऑर्डर ब्लॉक वो होते हैं जो इस कंडीशन में बनते हैं। जैसे ये बना हुआ है कि एक अच्छी वेव आ रही है बाय की और यहां पे स्ट्रांग एक मोमेंटम कैंडल सेल की बन गई। ठीक है जी? अब इसने इसका लो ब्रेक कर दिया। देखिए ये लो
था। लो ब्रेक कर दिया यहां पे। अब जब भी दोबारा अपने ऑर्डर ब्लॉक पे आएगी यहां से सेल होगी। अभी आपने बहुत चीजें पढ़नी है। अभी सिर्फ आपको यह एक आसान सी चीज बताई है। इसकी आपने प्रैक्टिस करनी है। इसको आपने देखना है। कहां-कहां बनता है। बड़े टाइम फ्रेम में चले जाए वन ऑवर में। इसको भी टेस्ट कर लेते हैं। अभी ये देखिए वन ऑवर में कहां-कहां बनते हैं ऑर्डर ब्लॉक्स। बहुत सारे बने हुए हैं। जी। आपको मैं ऐसा दिखाता हूं जो आपके असाइनमेंट में काम आ सकता है। यह देखें। यह बना हुआ है ऑर्डर
ब्लॉक। ठीक है? यह प्रीवियस आपका लेवल आ रहा है। प्राइस इसको ब्रेक कर दिया। ब्रेक करके दोबारा टेस्ट करने आई। टैप करे दोबारा वहीं तक टारगेट मिल गया। यह कितना स्ट्रांग ऑर्डर ब्लॉक है। मार्क भी हुआ है हमारे पास शॉर्ट टाइम फ्रेम में। यह देखिए ऑर्डर ब्लॉक। ठीक है जी। यह ऑर्डर ब्लॉक बना आपका। यह देखें बाय का बुलिश ऑर्डर ब्लॉक। इसको आपने मोमेंटम ये मार्क कर लिया। जब प्राइस दोबारा इसको टैप करने आएगी। यहां से आप बाय करेंगे और इसका आपको अच्छा टारगेट मिल जाएगा। अब क्यों नहीं इसको टैप करने आई? ऊपर से क्यों
उठ गई है? ये इंशाल्लाह कल हम एफजी का हमारा टॉपिक है। हम कल पढ़ेंगे। एफजी और ऑर्डर ब्लॉक जब इकट्ठे बन जाते हैं तो फिर ट्रेड कहां से करनी चाहिए? फिर आपको इसका वेट नहीं करना। फिर थोड़ी सी ऊपर से ही आपको ट्रेड मिल जाती है। वो कल हम इंशाल्लाह डिटेल से पढ़ लेंगे। यह देखिए यह भी एक ऑर्डर ब्लॉक है। ठीक है? अब फिर प्राइस उसको टैप करने नहीं आई। थोड़ा ऊपर से उठ गई। ये देखिए यहां से उठ की है। ठीक हो गया? सेल के ऑर्डर ब्लॉक देखें। ये देखिए सेल का ऑर्डर ब्लॉक
है। उसके बाद और देख लें। ये देखिए ये सेल का ऑर्डर ब्लॉक है। ये देखें ना। ये ऑर्डर ब्लॉक बना। ये ऑर्डर ब्लॉक ज़ोन बना। प्राइस ने लो ब्रेक कर दिया। अब लो ब्रेक कर दिया। अब प्राइस का वेट करें दोबारा ऊपर आने का। प्राइस ऊपर आई। उसी ऑर्डर ब्लॉक ज़ोन को मिटिगेट किया और प्राइस वहां से फिर अपने सेल की तरफ आ गई। ठीक है? ठीक है? इसने आपको एक अच्छी ट्रेड वन रेशियो देखा जाए तो वन रेशियो शायद ये फाइव या से भी ज्यादा की ट्रेड होगी। तो बड़ी अच्छी-अच्छी ट्रेड्स आपको सिर्फ ऑर्डर
ब्लॉक दे सकता है। लेकिन जब हम बाकी चीजों को साथ इसकी इन्वॉल्व करेंगे तो इंशाल्लाह और भी अच्छी एक्यूरेसी आपको देखने को मिलेगी। चल जी टाइम हो गया है 10:30 स्टॉप करते हैं रिकॉर्डिंग को। बस सिर्फ असाइनमेंट्स से मुराद मेरी ये होती है कि खुद प्रैक्टिस किया करें। ज्यादा से ज्यादा अपने सवाल का स्क्रीनशॉट लें। साथ सवाल लिख लें। जैसे आज किसी ने भेजा हुआ था। मैंने साथ ही जवाब दे दिया। तो हमारा क्वेश्चन आंसर सेशन होगा। तब तक तैयारी भी कर लें। वीडियोस भी देख लें। इंशा्लाह फिर इस डिटेल से बात करेंगे।