असलाम वालेकुम। वेलकम टू बैच नंबर 40। हम स्ट्रक्चर की क्लासेस पढ़ रहे हैं। अच्छा जी थोड़ा सा एक क्विक रिप्ले कर लेते हैं। एक रिकैप कर लेते हैं कि कल हमने क्या चीज पढ़ी थी अपने स्ट्रक्चर की जो हमारी दूसरी क्लास थी। आपको मैं पिछली क्लास में भी बताया था। स्ट्रक्चर की दूसरी क्लास में भी बताया। आज फिर रिपीट कर देता हूं कि अगर आपको स्ट्रक्चर अच्छे तरीके से समझ आ गया। इसलिए मैं उसको इतना स्लो लेके चल रहा हूं। आम तौर पे लोग इसको एक क्लास में ही कवर करवा देते हैं सब चीजें। ये
दो में करवा देते हैं। मैं इसको तीन से चार पे लेके जा रहा हूं। उसकी वजह सिर्फ ये है कि हम स्लो चलेंगे। है। मेरा भी थोड़ा सा ज्यादा टाइम लग गया तो कोई मसला नहीं। आपका भी थोड़ा सा ज्यादा टाइम कुछ दिन एक्स्ट्रा लग गया तो कोई मसला नहीं। चीजें आपको बहुत अच्छे तरीके से समझ आनी चाहिए। अच्छा हमने जो कल चीज पढ़ी थी एक तो उसमें मैंने आपको कुछ आईडिया दिया था। देखिए अभी ये सिर्फ आइडियाज हैं। ये कुछ आपको समझे इंट्रोडक्शनंस हैं। ठीक है? अभी हम मेन उसकी बहुत ज्यादा डेप्थ में नहीं
जा रहे। इंट्रोडक्शन ये था कि कल आपको मैंने बताया था कि इंटरनल और एक्सटर्नल स्ट्रक्चर क्या होता है। ठीक है? बड़े डिटेल से आपको मैंने एक पूरा एक स्केच बना के बताया था। जैसे आप यहां पे देखें तो ये हमारा टोटली एक एक्सटर्नल स्ट्रक्चर है। ठीक है? जिसमें हमारे पास ये एक लो आ रहा है। ठीक है जी। फिर यहां पे प्राइस ने एक हाई लगा दिया। अच्छा हाई के बाद प्राइस फिर नीचे आती है और नीचे आने के बाद यहां पे मल्टीपल लोज़ लगा सकती है। एक लो यहां पे लगा दिया। एक यहां पे
लगा दिया। एक नीचे आ के लगा दिया। लेकिन जितने भी लो लगते जाएं आपने परेशान नहीं होना। आपने बस ये ख्याल करना है कि जैसे ही आपका ये वाला हाई ब्रेक हुआ अपसाइड यानी आपकी एक इंपल्स वेव आ गई। तो इस इंपल्स वेव के नीचे जो भी लोएस्ट पॉइंट है उसको आप मार्क कर लें। और उसको आप कहेंगे कि ये हमारा हायर लो है। यानी एक लो पॉइंट है लेकिन पिछले पॉइंट से हाई है तो ये हमारा हायर लो कहलाएगा। तो ये हमारा एक्सटर्नल स्ट्रक्चर हम मार्क कर रहे हैं। ठीक है? अब इंटरनल स्ट्रक्चर क्या
होता है? ये देखिए मैंने आपको एक्सटर्नल स्ट्रक्चर की लाइंस मार्क कर दी हैं। ये लो हो गया। ये फिर हाई हो गया। फिर ये हायर लो हो गया और ये आपका हायर हाई हो गया। तो ये हो गया एक्सटर्नल स्ट्रक्चर। अब इंटरनल स्ट्रक्चर क्या होगा? का इंटरनल स्ट्रक्चर बहुत आसान है कि आपका जो भी एक्सटर्नल स्ट्रक्चर है जो भी आपकी बैरूनी दीवार है उस दीवार के अंदर प्राइस की जो भी मूवमेंट होगी उससे आपका कोई लेना देना नहीं है। वह जैसी भी हो वो कभी ऊपर जा रही है कभी नीचे आ रही है रेंज कर
रही है नहीं कर रही इससे आपका कोई लेना देना नहीं है। यहां पे हम कोशिश करते हैं कि हम बहुत ज्यादा ट्रेडिंग ना करें। जाहिर है जब हमारे मतलब का सेटअप बनेगा, तो हम ट्रेड भी करेंगे, छोड़ेंगे नहीं। लेकिन यह टाइम ऐसा नहीं होता कि आप इस पे ट्रेड करें। ट्रेड करने के टाइम कौन से होते हैं? किस ज़ोन पे होते हैं? वो आपको इंशाल्लाह डिटेल से हम पढ़ेंगे। हां, जब प्राइस अपना हाई दोबारा ब्रेक कर जाए। अब आपने यह लास्ट हाई अपना स्ट्रक्चर एक्सटर्नल स्ट्रक्चर मार्क किया था इस जगह पे उसको अब जैसे ही
प्राइस ने ब्रेक कर दिया तो अब आपका एक्सटर्नल स्ट्रक्चर ब्रेक हो गया। ठीक है? अब आपने सिर्फ यह चेक चीज़ चेक करनी है कि आपके पास जो भी जब प्राइस ने अपना हाई ब्रेक कर दिया। यह आपका एक हायर हाई था। जब प्राइस ने अपना हायर हाई ब्रेक कर दिया, तो उस ब्रेकआउट के नीचे जो भी लोएस्ट पॉइंट था, उसको मार्क कर लें बस। ठीक है? तो ये आपका एक्सटर्नल स्ट्रक्चर दोबारा शिफ्ट हो गया। अब आपका जो लोअर हाई हायर लो जो पहले इस जगह पे था आपका हायर लो जो इस जगह पे था अब
आपका हायर लो इस जगह पे शिफ्ट हो चुका है। ठीक है? तो इसका पता होना बहुत जरूरी है। जो चीज़ बड़ी आपको एक ताकीद से कल बताई थी वो यह बताई थी कि ऊपर जाती हुई मार्केट में आपको अपने लोज़ का पता होना चाहिए। ठीक है? यानी जैसे कहते हैं ना कि यह मार्केट अपने पैरों पे खड़ी होती है ना। हर चीज़ अपनी बेस पे खड़ी होती है। तो, ऊपर जाती हुई मार्केट में आपने इसकी बेस का आपको पता होना चाहिए कि किस जगह पे मार्केट खड़ी हुई है। यह इस जगह पे खड़ी हुई है।
ठीक है? पहले यहां खड़ी हुई थी। अब यह शिफ़्ट हो गया और यहां पे आ गया। अच्छा उसके बाद जब नीचे प्राइस आ रही होती है तो इसमें आपको पता होना चाहिए अपने लोस का मार्केट कहां से लटकी हुई है कहां से गिरी हुई है इस जगह से गिरी हुई है उसके बाद इस जगह से गिरी हुई है ठीक है तो ये इसकी बेस बन रही है आप देखा जाए तो क्योंकि मार्केट की डायरेक्शन नीचे है ना तो कहां खड़ी है मार्केट यहां खड़ी हुई है तो नीचे जाती हुई मार्केट में आपको अपने हाईज़ का
पता होना चाहिए ऊपर जाती हुई मार्केट में आपको अपने लोस का पता होना चाहिए ये बात बस आपने ध्यान में रखनी है आज की क्लास में भी ताकि अगले स्टेप्स अगले जो हमारी चीजें हैं वो आपको बहुत अच्छे तरीके से समझ आ जाएंI ट्रेंड कंटिन्यूएशन का बताया था आपको अब एक बंदा बच्चे से आप पूछेंगे वो कहेगा कहा जी ये बुलिश ट्रेंड है। लेकिन मैं आपसे पूछूंगा जिस तरह जज होता है ना किसी अदालत में तो वो आपसे एविडेंस मांगेगा। वो उसको भी समझ होगी कि आपने किसी पे या किसी एक शख्स ने ए ने
बी पे इल्जाम लगा दिया कि जिसने हमारे घर ये किया या उसने डाका किया या उसने कत्ल कर दिया फॉर एग्जांपल लेकिन सिर्फ कहने सुनने पे नहीं होता। ठीक है? कोई प्रॉपर एविडेंस चाहिए होगा। उसकी पूरी तफ्तीश होगी। उसके बाद फिर टेक्निकली जवाब दिया जाएगा या फैसला दिया जाएगा। तो यहां पे भी देखने में तो नज़र आ रहा है कि बुलिश है। लेकिन आपके पास कोई टेक्निकल रीज़न होगी। टेक्निकल रीज़न यह है कि प्राइस जब तक अपने हाई ब्रेक कर रही है और अपने लो को होल्ड कर रही है। ठीक है? तब तक प्राइसेस बुलिश
हैं। जब तक यह टूटते जाएंगे आपके हाईज़ प्राइसेस आपके बुलिश हैं। नीचे आती है मार्केट में जब तक आपके हाई सेफ हैं। ये इसका हाई था। सेफ है। ये भी हाई था। यह भी सेफ है। लेकिन लोज़ ब्रेक होते जा रहे हैं। ये लो यहां पे ब्रेक हुआ। फिर ये लो यहां पे ब्रेक हुआ। तो जब तक ये कंटिन्यूएशन होगी, आप कहेंगे कि आपका बियरिश ट्रेंड कंटिन्यू कर रहा है। उसके बाद नेक्स्ट चीज़ जो आपको बताई थी सिर्फ एक-एक मिनट में आपको मैं रिवाइज़ कर रहा हूं चीज़। वो यह बताई थी कि जी वैलिड रिट्रेसमेंट
और इनवैलिड रिट्रेसमेंट क्या होती है? इसका फर्क जाना इंतहाई जरूरी है। इसी में शायद आपको थोड़ी बहुत कंफ्यूजन आ रही होंगी। देखिए मैं एक दफा फिर हल्का सा आपको यहां पे रिपीट कर देता हूं। जब आपकी प्राइसेस बुलिश हैं। ठीक है? इंपल्स वेव आपकी बुलिश लग गई। ऊपर जा रही है प्राइस। आपने बस ये एक चीज़ मार्क कर लेनी है। वो ये है कि आपकी कोई एक ऐसी कैंडल जिसने एक जो इंडिपेंडेंट कैंडल है। इंडिपेंडेंट कैंडल वो होती है जो एक नया हाई लगाती है। ठीक है? अब मैं इंडिपेंडेंट कैंडल क्यों कहता हूं इसको? अब
देखिए यहां पे एक कैंडल ये भी बन गई। ठीक है जी? उसके बाद एक कैंडल ये बन गई। अब मैं आपको कहता हूं ना आखिरी बाय की कैंडल देखनी है। आखिरी बाय की कैंडल तो फिर यह भी है। यह लें। यह भी आखिरी बाय की कैंडल है। ठीक है? अब यहां पे अगर प्राइस इसका लो ब्रेक कर जाती है। जो हमने आखिरी बाय की कैंडल मार्क की है। इसका लो प्राइस ब्रेक कर जाती है इस तरीके से। तो अब आप मुझे बताएंगे कि क्या यह इसने एक वैलिड रिट्रेसमेंट ले ली? वैलिड रिट्रेसमेंट नहीं ली। वैलिड
रिट्रेसमेंट कब होगी? जब प्राइस अपनी इंडिपेंडेंट किसी की क्योंकि यह इनसाइड बार है। इनसाइड बार नहीं होनी चाहिए। इसको कहते हैं इन ये भी इनसाइड बार है। यह भी इनसाइड बार है। इनसाइड बार हम मैटर नहीं करती हमारे लिए। हमें एक प्रॉपर जो एक कैंडल थी जिसने हाई को टच किया था वो चाहिए। ठीक है? अब जैसे ही इसका लो ब्रेक होगा अब हम कहेंगे एक वैलिड रिट्रेसमेंट स्टार्ट हो गई है। जब वैलिड रिट्रेसमेंट स्टार्ट हो जाएगी तो जो ऊपर वाला पॉइंट था इसको हम कहेंगे कि ये हमारा रीसेंट हाई लगा है। फिर प्राइस नीचे
आ जाती है। नीचे आने के बाद यहां पे एक लो लगाए दूसरा लगाए जो भी करे दोबारा हाई ब्रेक कर जाती है। जैसे ही हाई ब्रेक करेगी, हम कहेंगे यह हमारा नया हायर लो बन गया। पहले हमारा लो यह था। अब हमारा नया हायर लो यह है। तो वैलिड रिट्रेसमेंट का पता होना बहुत जरूरी है। कल मैंने डिटेल से बताया था। सेल में भी और बाय में भी। अगर आपने वो क्लास देखी है, समझी अच्छी बात है, नहीं देखी या पेंडिंग में है तो उसको देख लीजिएगा। यह जरूरी चीज है। उसके बाद जो कल एक
चीज हमने पढ़नी थी वो आज मैं आपको बताऊंगा इंशाल्लाह वो ये सर जी डिफरेंस बिटवीन रिट्रेसमेंट एंड करेक्शन। अब यह बात बहुत समझने वाली है। ये आज का टॉपिक हमारा स्टार्ट हो गया। पहली चीज इसको हम यहां से खत्म कर देते हैं। आपको मैं रिट्रेसमेंट और करेक्शन का फर्क समझाऊंगा। पहले दिन आपको बताया था कि इस एक होती है इंपल्स वेव, एक होती है रिट्रेसमेंट की वेव। ये समझाया था ना कि मार्केट में जब कोई ट्रेंड चल रहा होता है तो आपके पास दो तरह की वेव्स होती हैं। एक होती है इंपल्स वेव बल्कि इंपल्स
वेव यहां पे हम ग्रीन कलर की बनाते हैं ऐसे। ठीक है? उसके बाद एक रिट्रेसमेंट की वेव आती है। इस तरह रिट्रेसमेंट के बाद फिर दोबारा एक स्ट्रांग इंपल्स वेव लगती है जो एक कैंडल, दो कैंडल, चार कैंडल जितनी भी कैंडल हो सकती हैं। ठीक है? अब ये तो हो गई करेक्शन। सॉरी ये तो हो गई रिट्रेसमेंट की वेव आपको बताया था। एक मैंने बताया था कि कुछ लोग इसको करेक्शन भी कहते हैं। इसी वेव को भी करेक्शन कहते हैं। करेक्शन ये नहीं होती जी। देखिए जब आप इस इस चीज का आपको पता हो या
ना पता हो मेरा ख्याल आपकी ट्रेडिंग पे इतना फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन मसला यह है कि आप जो काम कर रहे हैं ना उसकी बारीकियों का भी आपको थोड़ा बहुत पता होना चाहिए। यानी कोई आपकी बात सुने तो उसको लगे कि यार इसको काम आता है। ठीक है? जिस तरह आप किसी के साथ इंग्लिश बोल रहे हैं फॉर एग्जांपल और आप इंग्लिश में कोई एक पूरा सेंटेंस गलत बोल जाते हैं। अब आप जब वो गलत बोल रहे हैं तो ठीक है उसे उसको बात समझ आ जाएगी। ठीक है? लेकिन वो दिल में थोड़ा सा हंसेगा।
मैं यह नहीं कह रहा कि इंग्लिश ना आना बुरी बात है। आपको वही काम करना चाहिए ना जो आपको अच्छे तरीके से आता है। आपको नहीं आती इंग्लिश आप ना बोले आप उर्दू में बात कर लें। उर्दू भी नहीं आती पंजाबी में बात कर लें। हर जुबान उतनी ही मोहतरम है जितनी बाकी है। मैं मेरा वो मतलब बिल्कुल ना लीजिएगा। लेकिन मैं ये कहना चाह रहा हूं कि अगर आप कोई काम कर रहे हैं तो फिर वो अच्छे तरीके से आपको आता है तो तभी करें वरना छोड़ दें। ट्रेडिंग भी ऐसी ही है। ट्रेडिंग आपको
अच्छी आती है तो बहुत अच्छी आती है तो करें। नहीं आती नहीं समझ आ रही तो बेशक छोड़ दें। अब यहां पे देखें होता यह है जी कि प्राइस एक इंपल्स वेव लेती है। इस तरह अब रिट्रेसमेंट क्या होती है? रिट्रेसमेंट आपको सही समझ आएगी जब हम बमफे बनना पड़ेंगे। रिट्रेसमेंट का मतलब यह होता है कि प्राइसेस कभी भी इस तरह बुलिश नहीं होती कि ऊपर जाती जा रही हैं। फिर नेक्स्ट कैंडल बनी, ऊपर चली गई। फिर नेक्स्ट बनी, ऊपर चली गई। फिर नेक्स्ट इस तरह नहीं होती मार्केट की मूव। मार्केट की मूव हमेशा इस
तरह होती है। ऊपर जाती है। रिट्रेसमेंट्स लेती है। रिट्रेसमेंट के बाद फिर ऊपर जाती है। फिर प्राइसेस में रिट्रेसमेंट्स आती हैं। फिर ऊपर निकलती है। फिर रिट्रेसमेंट। दुनिया की हर मार्केट में ऐसा होता है। चाहे वो आपकी आलू, प्याज, सब्जी की दुकान हो। चाहे वो आपके इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान हो, इलेक्ट्रॉनिक्स की चीजें हो। कोई भी दुनिया की मार्केट है उसमें ये चीज चलती है। आपने सोलर में देखा होगा। बाकी चीजों में देखा होगा कि देखिए एसी की एग्जांपल ले लें। एसी अभी महंगे हैं। क्या आजकल इंपल्स चल रही है एसी की, एयर कूलर्स की, पंखों
की। ठीक है? फ्रिज की। लेकिन क्या होगा कि कुछ अरसे बाद कुछ अरसे बाद इसमें रिट्रेसमेंट आना शुरू हो जाएगी। जब रिट्रेसमेंट आएगी वो कौन सा मौसम होगा? मुश्किन सर्दी के मौसम में इसमें रिट्रेसमेंट आना शुरू हो जाए। ठीक है जी? अच्छा एक सेकंड जरा होल्ड कीजिएगा। अच्छा जी। आ जाए जी दोबारा। तो हर चीज में हर मार्केट में कोई रिट्रेसमेंट्स आती हैं। कोई सीजनल होती हैं। कुछ किसी और वजह आती है। यानी कोई भी वजह हो सकती है। रिट्रेसमेंट्स आती है। इस मार्केट में भी रिट्रेसमेंट्स आती हैं। ये तो हो गई रिट्रेसमेंट। जब आप
फिबिनोसी पढ़ेंगे आपको पता चलेगा कि 20% की रिट्रेसमेंट आ गई। 50% की आ गई, 61% की आ गई। ठीक है? इस तरह कभी प्राइस यहां से उठ जाती है। आपने देखा होगा छोटा रिट्रेस करती है, कभी ज्यादा रिट्रेस करती है, कभी 61% तक रिट्रेस करती है, फिर उठ जाती है। ये फिबोनाची में हम लेवल्स लगाएंगे इंशाल्लाह। इसको कहते हैं रिट्रेसमेंट। अच्छा, करेक्शन क्या होती है? अब करेक्शन की तरफ आ जाए। करेक्शन कहते हैं डीप रिट्रेसमेंट। जब कोई बड़ी रिट्रेसमेंट आई मिसाल के तौर पे ये आपका स्ट्रक्चर चल रहा है। ठीक है जी। प्राइस यहां तक
आई अपने 50% तक। ये 50% किसका 50%? ये जो वेव लगी थी इंपल्स वेव यहां से लेके यहां तक। ये भी हमने टॉपिक पढ़ना है। यहां से लेके यहां तक 50% से क्या मुराद है? इसका जो मिड बनता है। चलिए मिड नाप लेते हैं मिड कहां पे आ रहा है? ताकि बहुत डिटेल से आपको बात समझ आए। ये देखिए। ये हमने इसको नापा। इसकी मिड लाइन यही आ रही है जहां पे मैंने लगाई है। ये ब्लू कलर की लाइन आपको नज़र आ रही होगी। ठीक है जी? इसको कहते हैं 50% रिट्रेसमेंट। यहां तक प्राइस आई
और यहां से आहिस्ता-आहिस्ता फिर उठ गई। इसको तो हमने कह दिया रिट्रेसमेंट। अच्छा अब करेक्शन क्या है? करेक्शन यह होती है कि प्राइस जितना ऊपर गई यह नीचे आई। इसने इंपल्स वेव लगाई। इंपल्स वेव लगाने के बाद उतना ही नीचे आए जहां से उठी थी। यहां तक आई। ठीक है जी। अभी भी यह रिट्रेसमेंट है। कितनी रिट्रेसमेंट है? 100% रिट्रेस कर लिया प्राइस ने। लेकिन करेक्शन क्या हो गई? करेक्शन यह हो गई कि प्राइस इस लेवल तक आ गई। नीचे आ गई। यहां तक आ गई। यानी जहां से उठी थी प्राइस एक्चुअली वहां तक उसने
प्राइस ने अपना डिप लगा लिया। और यहां से दोबारा उठ गई। तो ये हो गई जो कि 50% 20% या 100% हो गई। उसको हम कहते हैं कि ये रिट्रेसमेंट थी और जो ये है जो एक डीप रिट्रेसमेंट आई है। बड़े लेवल तक प्राइस नीचे गिरी है। इसको हम कहते हैं कि ये करेक्शन है। प्राइस को यूं चलना चाहिए। देखें ये बात याद रखें। ऐसे चलती है प्राइस। ठीक है? जहां से प्राइस उठती है उस ज़ोन को दोबारा टच करती है। फिर अगर यहां से उठी है। अब यहां पे प्राइस आती है। इस जगह से
आके उठ जाती है ऐसे। तो इसको दोबारा टच करना चाहिए। इस तरह प्राइस को मूव देनी चाहिए। इसको करेक्शन कहते हैं। जब प्राइस पूरे किसी उस लेवल तक आती है जहां पे पहले उसने टच नहीं किया होता। मैं आपको इसकी एग्जांपल्स अभी दिखाता हूं। पहले आप वो देखें। देखें हम फॉर एग्जांपल आते हैं जी फोर आवर पे। यह हमारा फोर आवर का चार्ट है। ये ठीक है जी। अच्छा उसके बाद यहां पे छोटी-छोटी रिट्रेसमेंट्स आना शुरू हो गई। प्राइस ने एक रिट्रेसमेंट ले ली। रिट्रेसमेंट के बाद फिर ऊपर चली गई। आपने अक्सर ये मैप देखी
होगी ना। मार्केट चलती ऐसे है। पिछले दिनों में जाके देख लें। फोर आवर में ऐसे ही चल रही है। प्राइस फिर ऊपर चली गई। फिर नीचे आती है। फिर एक रिट्रेसमेंट लगती है। प्राइस फिर ऊपर चली जाती है। फिर हाई ब्रेक कर देती हैं। ठीक है जी। इसको क्या हो गया? सॉरी मेरा हाथ लग गया बटन को शेयरिंग स्टॉप हो गई थी दोबारा समझे जी ये देखें ये प्राइस ऊपर गई रिट्रेसमेंट ली रिट्रेसमेंट लेके फिर ऊपर चली गई फिर छोटी-मोटी रिट्रेसमेंट्स लेके नीचे आ गई फिर ऊपर चली गई फिर रिट्रेसमेंट्स आ गई अब यहां से
एक ऐसी वेव आ जाती है ऐसे ठीक है जी अभी भी इसने अपना ट्रेंड चेंज नहीं किया होता ठीक है बड़े टाइम फ्रेम के हिसाब से प्राइसेस अभी भी बुलिश होंगी और यहां से प्राइस दोबारा उठ जाती है यहां यहां से दोबारा जैसे प्राइस तो इस वेव को हम क्या कहेंगे? ये जो डीप रिट्रेसमेंट आई है, ठीक है? जहां से प्राइस उठी थी, जो लेवल्स छोड़ गई थी। अब यहां पे आप देखें ना यहां पे वन सेकंड इस जगह पे अगर आप देखें अब प्राइस यहां से उठी थी। इसने रिट्रेसमेंट कितनी ली? 50 60% ली।
नीचे वाली सारी छोड़ गई। ये पूरी करेक्शन बाकी है। ठीक है? फिर प्राइस ऊपर उठी। 50% से 60% से 70% से फिर उठ गई। ऊपर नीचे वाला ज़ोन सारा बाकी है। ठीक है? फिर प्राइस ऊपर उठ गई। इस दफा प्राइस फुल नीचे आ गई। जो ज़ों्स छोड़ के गई थी, जो करेक्शंस जो रिट्रेसमेंट्स उस वक्त बाकी रह गई थी, उसने उन सबको कवर कर लिया। तो इस वेव को हम कहेंगे कि ये करेक्शन है। ठीक है? सी ओ डबल आर ई सी टी आई ओ एन ये करेक्शन है। और जो ये होती है ये रिट्रेसमेंट
है। समझ आ गई यहां तक बात? इतनी बात आपको अगर समझ आ गई और इतनी बात का आपको पता है तो बहुत है। अब आपने ये नहीं कहना कि जी प्राइस करेक्शन कर रही है। करेक्शन नहीं कर रही। करेक्शन यहां तक आगे करती है। ठीक है जी? रिट्रेसमेंट होती है। जो छोटी वेव्स होती है ये रिट्रेसमेंट की वेव्स होती हैं। अच्छा जी। अब आप मुझे सिर्फ एक सेकंड में यह बता दें कि आपको यह जो बात अभी बताई है यहां तक आपको चीजें समझ आ गई है या नहीं समझ आई। चीजें समझ आ गई तो
फिर आगे चलते हैं। ठीक है जी। चल जी अब चलते हैं जी आज के नेक्स्ट टॉपिक पे। नहीं जी बड़ी एक इंटरेस्टेड सी चीज है। ठीक है? और बड़े मजे की चीज है। अब होता यह है। पहली बात मेरी यह पल्ले से बांध लें। होता यह है कि हमारे यहां जो असूल है जो रिवाज है ट्रेडिंग में पाकिस्तान में इंडिया में बांग्लादेश में नेपाल ये जो हमारा ज़ोन है सबक्टिनेंट जिसे आप कहते हैं बाकियों का मुझे पता नहीं है इतना यहां पे रिवाज क्या है यहां पे रिवाज ये है जी प्राइस जा रही है ऊपर
ठीक है ऊपर जा रही है फिर नीचे आती है फिर ऊपर जा रही है ट्रेडर्स की मेजॉरिटी क्या चाहती है वो चाहते हैं कि हम टॉप से पकड़ लें यहां से पकड़े और प्राइस है वो ₹3000 नीचे आ जाए किस चक्कर में रहते हैं रिवर्सल पकड़ के रिवर्सल मिल जाए रिवर्सल पकड़ने के चक्कर में रहते हैं और सबसे ज्यादा लोग इसमें लॉस करते हैं। प्राइसेस ऊपर जा रही होती है। सेल पे सेल खोल रहे हैं। सेल पे सेल खोल रहे हैं। आपने देखा होगा कि बॉट्स जो फेल होते हैं। बॉट्स के मैं इतने हक में
नहीं हूं। बॉट्स एक मखसूस पैटर्न पे काम कर रहे होते हैं। बॉट क्या करता है? बॉट ये क्या करता है? प्राइसेस ऊपर जा रही हैं। वो यहां से सेल लगा देगा। यहां से सेल लगा देगा। यहां से सेल लगा देगा। ठीक है? जब ये फंस जाएंगी यहां से एक और बड़ी सेल लगा देगा। आम तौर पे ऐसे काम करते हैं। फिर एक ही बार जैसे ही ब्रेक इवन होंगी सबको काट देगा। ठीक है? नीचे वाले लॉस ऊपर वाला प्रॉफिट बराबर होगा। सबको काट के बाहर कर देगा आपको। बॉट्स इस तरीके से अकाउंट्स वाश कर देते
हैं। उसमें भी यह मसला आता है। इसी तरीके से प्राइसेस गिर रही होती है नीचे। तेजी से प्राइसेस नीचे गिर रही होती हैं। इस तरीके से रिवाज क्या है? बस यहां से बाय पकड़ लें। यहां से बाय पकड़ लें विदाउट एनी एविडेंस। ठीक है? विदाउट एनी प्रोमिनेंट लेवल। हम कोशिश करते हैं कि हम बस रिवर्सल पकड़ लें। रिवर्सल पकड़ने का बहुत शौक है। तो एक बात आप याद रखें। रिवर्सल जो होता है ना रिवर्सल रिवर्सल एक पूरा प्रोसेस है। इसको आप फॉलो करेंगे। मसलन आपने किसी खेत से कच्चे चावल तोड़ लिए। कच्ची गंदम तोड़ ली
है। ठीक है? तो गंदम से इस तरह नहीं है कि आपने गंदम पकड़ी एक हाथ में दूसरे हाथ में रोटी पका ली। आटा गंद दिया। ऐसा तो नहीं होता ना। पूरा प्रोसेस होता है उसका। पहले वो गंदम आपने कटी है। सफाई होगी। फिर वो पिसेगा आटा बनेगा। फिर आटा गंदा जाएगा। फिर रोटी पकेगी। तो पूरे प्रोसेस के साथ एक चीज बनती है। एक एक से दूसरी शक्ल बनती है। यहां पे नीचे आती हुई मार्केट से इसको ऊपर जाने के लिए वापस ट्रेंड रिवर्स करने के लिए पूरा एक प्रोसेस चाहिए। लोग इसको मजाक समझ रहे होते
हैं। हां, छोटे टाइम फ्रेम में चलता है मजाक। 1 मिनट, 2 मिनट, 3 मिनट, 5 मिनट इसमें चीजें चेंज होती रहती हैं। जल्दी-जल्दी चेंज हो जाती हैं। लेकिन जो ट्रेंड होता है ना जैसे गोल्ड का ट्रेंड है। अब गोल्ड का ट्रेंड मैं आपको दिखाता हूं। गोल्ड के ट्रेंड को देखें जरा। हम आ जाते हैं जी वीकली में आ जाते हैं पहले। ठीक है जी? ये देखें। असल में आज चार्ट जो है ना इसमें लाइंस इसलिए ज्यादा आपको नजर आ रही हैं। चार्ट है आतिफ सा। तो सर आतिफ का चार्ट पे थोड़ी सी लाइंस लगी होती
है क्योंकि लाइव ट्रेडिंग में लेवल्स लगे होते हैं। यह देखें जी। अब अब यह कौन सा है? ये वीकली का लेवल है। वीकली का टाइम फ्रेम है। अब वीकली पे आप देखें कैसा ट्रेंड चल रहा है। इसमें आपको कहीं पे रिवर्सल नज़र आ रहा है। ये कौन सा टाइम है जी? 10 अक्टूबर 2022। तब से लेके प्राइस हाई पे हाई लगा रही है। ठीक है? कोई लो इसने ब्रेक नहीं किया। सब हाई हैं। तो क्या ये दो कैंडल्स बनने के बाद मैं कह सकता हूं कि ये ट्रेंड रिवर्स हो गया। हमारे यहां असूल ये है
ना? रिवाज ये है कि ये कैंडल बनी थी तो शोर्योर पड़ गया था। ये रिवर्सल आ गया। ये कैंडल बनी रिवर्सल आ गया। फिर कैंडल्स बन रही हैं आजकल। फिर शो है रिवर्सल आ गया। रिवर्सल ऐसे नहीं आता। रिवर्सल के लिए पूरा प्रोसेस है एक। ठीक हो गया? मंथली में आकर देखिए मंथली में भी ऐसे ही है। डेली में भी ऐसे ही है। इतनी जल्दी चेंज नहीं करते। अब वो प्रोसेस क्या है? वह आपको पता होना चाहिए। जब वह प्रोसेस कंप्लीट हो जाएगा तो आप कह सकते हैं रिवर्सल आ गया है। किसी भी टाइम फ्रेम
में चाहे 1 मिनट में हो। अच्छा एक बात और याद रखें जो कुछ भी हम पढ़ेंगे इस पूरे कोर्स में। उसका तलाक होगा 1 मिनट से लेके 1 मंथ तक हर किस्म की कैंडल पे। ठीक है? चाहे आप 1 मिनट पे काम कर रहे हैं, चाहे आप 1 मंथ पे काम कर रहे हैं, आप वन वीक पे काम कर रहे हैं। जिस टाइम फ्रेम में भी आप काम कर रहे हैं। जो चीज़ें आपको पढ़ा रहा हूं, सब पे काम करती हैं। आप टाइम फ्रेम अपनी मर्जी से सेलेक्ट कर लें खुद। अब आ जाते हैं जी
हम रिवर्सल पे। रिवर्सल कैसे होता है? अब आपने मुझे कुछ पॉइंट्स के नाम बताने हैं। बेशक ना बताएं। बस जेहन में रखें अपने जेहन में ठीक है जो मैं मार्क करूंगा आपने बताना है कि वो ठीक थे कि नहीं थे ठीक। चल जी यहां पे इसको रोकते हैं। ठीक है जी। अच्छा जी। अब ये क्या है? जी मैं फटाफट यहां पे ले लेता हूं। ये था जी हमारा लो। यह था हमारा हाई। ये है हमारा हायर लो। और फिर ये हमारा हायर हाई। थोड़ा सा ध्यान से समझनी है यह चीज़। ठीक है जी? फिर हमारा
यह हायर लो। और यह हमारा हायर हाई। फिर यह हायर लो। मैं किस फ़ूले पे काम कर रहा हूं? सबसे डीप लो। जब भी ब्रेकआउट हो रहा है, देखिए इस हाई का ब्रेकआउट हुआ। इस हाई का ब्रेकआउट हुआ। जब भी ब्रेकआउट होता है, उसके नीचे सबसे डीप पॉइंट पे आ जाता हूं। सबसे आसान फार्मूला यह है। ये लें जी। और यह हमारा नेक्स्ट हायर हाई। यह आ गया। चलें जी। पहले तो आपने चैट में यह बताना है कि मैंने ठीक मार्क किया है कि गलत मार्क किया है। ठीक है? राइट करेक्ट और रॉन्ग कोई भी
आप वर्ड यूज़ करना चाहे आप कर लें। मुझे मैसेज में जल्दी से बता दें कि इसमें कोई गलती है आपके ख्याल से ये नहीं है। यस नो कर दें बेशक कोई मसला नहीं। अच्छा यस नो उसे ये नहीं समझ आ रही। अब गलती है क्या बता रहे हैं कि गलती नहीं है। बता रहे हैं। राइट रोंग कर दें वो भी ठीक है। राइट चल जी ठीक हो गया जी। अच्छा अब यानी कि ठीक मार्क किया है। करेक्ट मार्क किया है। अब देखिए इसमें आपने करना क्या है? मैंने आपको कल एक बात बताई थी कि जब
भी मार्केट ऊपर जा रही है बुलिश ट्रेंड में आपको अपने आखिरी हायर लो का पता होना जरूरी है। मुझे यह पता है मैंने यहां पे मार्क कर लिया। अब अगर मैं इसमें गलती कर दूंगा मुझे पता ही नहीं है कि हायर लो यह वाला है कि यह वाला है कि यह है या यह है कौन सा है? हायर लो का पता ही नहीं है तो फिर मेरा सारा स्ट्रक्चर ख़राब हो जाएगा। अब मुझे पता है कि मेरा हायर लो कंफर्म हायर लो ये वाला है। ठीक है जी? इस पे हम एक लाइन लगा देते हैं
यहां पे। यह हमारा कंफर्म हायर लो हो गया। ये अब मुझे इस चीज का वेट करना है। ट्रेंड रिवर्सल कब होगा? अब सुने चीज़ बहुत ध्यान से समझने वाली चीज़ है। ट्रेंड रिवर्सल कब होगा? जब प्राइस यहां से ड्रॉप देना शुरू करे। होता ये है यहां पे एक कैंडल बनी। दूसरी कैंडल बनी। लोग कहते हैं लो जी मोमेंटम शिफ्ट हो गया। ठीक है जी? प्राइस ने अपने लो ब्रेक करना शुरू कर दिए बाक़। हालांकि इसको तो आपने देखना ही नहीं है। ये तो इसका इंटरनल स्ट्रक्चर है। ठीक है? हम तब देखेंगे जब हमने ट्रेड करनी
होगी जाके। ये तो हमारा इंटरनल स्ट्रक्चर है। इसको तो हमने देखना ही नहीं है। एक्सटर्नल तो ये लो है और ये हाई है। इस पे नजर रखनी है। अच्छा अब क्या होता है कि प्राइस इवेंचुअली आके आपका एक लो ब्रेक कर देती है। इसको क्या कहते हैं? ये हमारा हायर लो था। हमारा हायर लो नीचे ब्रेक हो गया। आप में से कोई बता सकता है। आप लोगों ने रिकॉर्डिंग्स देखी होंगी। जाहिर है आप में से अगर कोई शख्स यह बता सकता है कि यह क्या है? यह क्या हुआ है? अभी जो आखरी आपका लो ब्रेक
हुआ है। इसको हम किस नाम से चेंज ऑफ़ करैक्टर, मोमेंटम शिफ्ट चेंज ऑफ़ करैक्टर चेंज ऑफ़ करैक्टर। ठीक है जी। सबका जवाब ठीक है, बेहतरीन है। काफी लोगों को माशाल्लाह काफी कुछ आता है जी। जिनको आता है इंशाल्लाह आसानी हो जाएगी। जिनको नहीं आता आप भी थोड़ा सा ध्यान दें। कल बराबर हो जाएंगे इनके। अच्छा। इसको हम क्या कहते हैं? इसके दो तीन नाम है। मैं आपको यहां पे नाम लिख देता हूं। इसका पहला नाम जो है वो है जी यहां पे इसको हम कहते हैं सी ओ सी ठीक है कुछ इसको चोच भी कह
रहे होते हैं मैं इसको चोच नहीं कहता इसको कहते हैं चेंज ऑफ करैक्टर वो उसको मजीद शॉर्ट फॉर्म करके चोच कह देते हैं चेंज ऑफ करैक्टर चेंज ऑफ करैक्टर क्या होता है चेंज ऑफ करैक्टर ये होता है कि आप किसी शख्स को जानते हैं आप उसकी याद का पता है या आपकी एक गाड़ी है मिसाल के तौर पे आप गाड़ी लेकर निकलते हैं गाड़ी रास्ते में गर्म हो जाती है ठीक है वो हीट हीट अप हो जाती है गाड़ी आप कहते हैं यार इसने आज तक ऐसा नहीं किया। ठीक है? इसने आज तक मैं तो
आता हूं। मैं तो फलाना लंबे-लंबे सफर करता हूं। इसने आज तक ये मसला नहीं किया। तो ये क्या था जो इसने उस दिन किया वो इसका चेंज ऑफ़ करैक्टर था। उस गाड़ी की खासियत ये थी कि उसने कभी रास्ते में हीट अप नहीं हुआ उसका इंजन। चाहे कोई भी सफर आ रहा है पहाड़ी है या सिहरा या जो भी है। इंजन उसका गरम नहीं हो रहा। लेकिन अब हो रहा है। आज हो गया। तो उसको कहते हैं कि ये आज पहली दफा इसने ऐसे किया। यह चेंज ऑफ़ करैक्टर था। तो जब आपका कोई भी कंफर्म
लो, कंफर्म हायर लो नीचे ब्रेक हो जाए। आपने कहना है यह चेंज ऑफ़ करैक्टर है। ठीक है? इसका एक और नाम भी है। उसको भी यहां पे लिख लेते हैं। उसको कहते हैं एमएस। एमएस का क्या मतलब हुआ? मोमेंटम शिफ्ट। ठीक है जी। मोमेंटम शिफ्ट का क्या मतलब है कि अभी तक प्राइस का मोमेंटम क्या था? ये ज्यादा अच्छा नाम है मेरे ख्याल से। अभी तक प्राइस का मोमेंटम क्या था? प्राइस का मोमेंटम ये था कि प्राइस तेजी से ऊपर की। मोमेंटम कहते हैं ताकत को उसके बहाव को। ठीक है? अभी तक प्राइस तेजी से
ऊपर जा रही थी। इसका मोमेंटम यह था। लेकिन जब प्राइस ने अपना कंफर्म लो ब्रेक कर दिया एक बार। तो इसने अपना मोमेंटम शिफ्ट कर लिया। जो इसका मोमेंटम जो इसका बहाव ऊपर की तरफ था वो नीचे की तरफ आता नजर आ रहा है। ठीक है? ठीक है? तो ये पहली कंफर्मेशन ये कंफर्मेशन नहीं है। ये ये पहला क्लू होता है। आप कह सकते हैं कि यार प्राइस ने अपना मोमेंटम शिफ्ट कर लिया है। चेंज ऑफ़ करैक्टर कर लिया है। ठीक है? आपको जो इंसान की किसी शख्स की एग्जांपल देने लगा था वो ये था।
जब किसी शख्स को गुस्से में देखते हैं उसके मुंह से गाली निकल जाती है। आप कहते हैं यार ऐसा शख्स तो नहीं है। मतलब इससे तो हम इतने अरसे से जानते हैं ये तो गाली गलौज नहीं करता। लेकिन उस दिन क्या हुआ? उसने दे दी गाली। तो वो क्या था? उसका चेंज ऑफ़ फैक्टर था। उसके कैरेक्टर में वो चेंज था। अच्छा अब आप देखते हैं कि उसने दो चार दिन बाद फिर आपने उसको गुस्से में देख लिया। उसने फिर गाली दे दी। फिर क्या होगा? आप कहेंगे यार नहीं ऐसे ये मेरी गलतफहमी थी। समझ आ
गई? इस तरीके से आसान एग्जांपल से समझेंगे आपको समझ आ जाएगी। अब यहां पे देखें अब एक लो प्राइस ने ब्रेक कर दिया। कंफर्म हायर लो ब्रेक कर दिया। उसके बाद प्राइस फिर ऊपर जाती है। ठीक है? ऊपर किसी लेवल पे रिट्रेस करने के बाद ये इसका रिट्रेसमेंट लेवल है। किसी लेवल पे रिट्रेस करती है। यानी 50% 30% 60% रिट्रेस करने के बाद फिर ड्रॉप कर जाती है। अब इसने क्या किया? पहली दफा जो काम किया था उसको दोहरा दिया यहां पे। लेकिन पहली दफा यहां पे किया था वह उसने मोमेंटम शिफ्ट या चेंज ऑफ़
करैक्टर। दूसरी दफा यह जो लो लगाया था इसको भी ब्रेक कर दिया। अब क्या हुआ कि दूसरी दफा इसने फिर यही काम कर दिया। अब आप इसको क्या कहेंगे? मुझे उम्मीद है कि आप में से काफी लोगों को पता होगा। अब इसको कहेंगे यहां पे हम पहली दफा हमने क्या कहा था? चेंज ऑफ़ फैक्टर। जब दूसरी दफा ब्रेक कर देगा यहां पे तो मैं टू के नीचे लिख देता हूं। इसको हम कहेंगे बीओएस। ठीक है जी। इसके नीचे ले चले जाते हैं। बीओएस स्टैंड्स फॉर ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर। ठीक है जी। बीओएस कहते हैं ब्रेक ऑफ
स्ट्रक्चर को। अच्छा एक और चल थोड़ी सी बात। कुछ लोगों ने चार्ट पर ऐसे लिखा होता है। ठीक है? यह ब्रेक वो नहीं है। यह ब्रेक है। गाड़ी वाली ब्रेक। ठीक है? तो, आपने बी आर ई ए लिखना है। उसका मतलब होता है तोड़ना। उस ब्रेक का मतलब है तोड़ना। इस ब्रेक ये गाड़ी वाली ब्रेक होती है। कुछ लोगों ने ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर जैसे गाड़ी वाला लिखा होता है। तो छोटी-छोटी चीजों से बचेंगे तो इंशाल्लाह खुद ही सेटिंग होती जाएगी। तो ये इसको कहते हैं जी ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर। अब यहां पे समझे जरा इसको दोबारा।
ये देखें आपका मोमेंटम था बुलिश। ठीक है जी। कुछ भी नहीं। मैं हायर लो नहीं कह रहा। मैं कह रहा हूं कि प्राइस लो और हाई लगाती जा रही है। फिर लो लगा रही है। फिर हाई लगा रही है। फिर लो लगाती है। अब ऊपर जाने की बजाय नीचे आ जाती है। कंफर्म लो कौन सा था आपका? क्या ये था? ये तो कंफर्म लो नहीं है। क्यों नहीं है? क्योंकि इसके बाद तो प्राइस प्राइस ने ये स्ट्रक्चर ही ब्रेक नहीं किया। कंफर्म लो कौन सा था? इसके पीछे वाला। ये कंफर्म लो था। ये तो प्राइस
ने इसको ब्रेक कर दिया। जब ब्रेक कर दिया तो हम क्या कहेंगे? कि आपका इस जगह पे मोमेंटम शिफ्ट हो गया। यह वह प्रोसेस है मैं जिसका बारे में बात कर रहा था कि वह फॉलो होना जरूरी है। फिर आपका करक्टर शिफ्ट होता है। चेंज ऑफ करक्टर होता है। फिर मोमेंटम शिफ्ट यानी होता है और फिर आपका ब्रेक स्ट्रक्चर की बारी आती है। एक दफा हो गया इसको हमने कह दिया मोमेंटम शिफ्ट। प्राइस ऊपर निकल जाती है और अक्सर यहां से ऊपर निकल जाती है। यह क्या होता है? क्यों मोमेंटम शिफ्ट पे आपको सेल नहीं
करना? यह ट्रैप्स होते हैं आमतौर पे। फिर ट्रैप होता है। आपको दिखाया जाता है कि यार एक लो तो यह ब्रेक हो गया जो कि कंफर्म भी नहीं था। एक लो यह ब्रेक हो गया। तो जब लोग देखते हैं कि दो बार प्राइस ने लो ब्रेक कर दिया। वो यहां से सेल में बैठ जाते हैं। यह हम पढ़ेंगे बहुत डिटेल से लिक्विडिटी के चैप्टर में। कि लिक्विडिटी क्या होती है और ट्रैप्स क्या होते हैं? तो प्राइस यहां पर और उस ट्रैप से बचना कैसे है? तो प्राइस यहां पर ट्रैप बनाती है। ट्रैप बनाने के बाद
कंटिन्यू कर जाती है अपना ट्रेंड। जो उसका बुलिश ट्रेंड था उसको कंटिन्यू करती है। जो ट्रेंड यहां पे चल रहा था उसने एक दफा मोमेंटम शिफ्ट दिखाया और उसको कंटिन्यू कर दिया। ठीक है? तो अवल तो ट्रेंड कंटिन्यू करता है। लेकिन अगर ट्रेंड कंटिन्यू नहीं करता वाकई में ये ट्रेंड रिवर्सल आना है तो फिर प्राइस क्या करेगी? ऊपर जाएगी। और जो ये वाला इसने ब्रेक किया था पहले वाला लो यहां पे तो हो गया हमारा मोमेंटम शिफ्ट या चेंज ऑफ़ करैक्टर। प्राइस दोबारा लो को ब्रेक कर देगी। ये जो उसने अभी लो बनाया था उसको
फिर ब्रेक कर देगी। जब दूसरी दफा ब्रेक करेगी ये दूसरा ब्रेकआउट है। इसको आप क्या कहेंगे? ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर। ठीक है जी? इतनी सी बात अगर आपको आज की क्लास में समझ आ जाती है तो समझे आपके पैसे पूरे हो गए आज की क्लास के। ठीक है? कि मोमेंटम शिफ्ट क्या होता है? ब्रेकअप स्ट्रक्चर क्या होता है? कब हो रहा है? जब दो दफा कंफर्म लो ब्रेक हुआ है। एक दफा तो ये वाला जो कंफर्म ये जो लो था इंटरनल स्ट्रक्चर वाला ये कंफर्म लो नहीं है। इसका ब्रेकआउट हो या ना हो हमारे लिए एक
जैसा ही है। ठीक है? कंफर्म लो के ब्रेकआउट की बात कर रहा हूं। और फिर जो नया लेवल लगा फिर वो दोबारा ब्रेक हो जाए। जब दो दफा ये काम हो जाएगा फिर आपने कहना है कि अब ट्रेंड रिवर्स हो चुका है। अभी भी मैं इसमें मजीद डिटेल में नहीं जाता। अभी भी इसमें एक चीज़ है मैं वो भी आपको दिखाता हूं। अब देखें ये चीज़ थोड़ी सी डिटेल से अगर आप आज हमने आज आपने समझ ली बहुत सारा मसला आपका यहीं पहला हो जाएगा। अच्छा जी। ये चीज़ देखें आप जरा। यह टाइम फ्रेम है
जी हमारे पास बुलिश वन ऑवर का। यह 1 ऑवर का टाइम फ्रेम है। ठीक है जी। यहां तक बात समझ आ गई? सिंपल सी चीज है। अब क्या होता है कि अब आ जाते हैं हम 5 मिनट में। ये 1 ऑवर की ये शक्ल है। ठीक है? आप 5 मिनट के चार्ट पे जाते हैं। 5 मिनट का चार्ट यहां यहां पे 1 ऑवर में इस तरह वेव बनना शुरू होती है। नीचे आना शुरू करती है ऐसे। ठीक है? 5 मिनट में प्राइस नीचे आ रही है। 1 ऑवर में 1 ऑवर में इस तरह की कैंडल
बन रही है। स्ट्रांग कैंडल बन रही है। इसी जगह पे जब आप 5 मिनट में जाएंगे तो 5 मिनट में जाहिर है प्राइस ऐसे नीचे आ रही होगी। लो ब्रेक करती हुई आ रही होगी। ठीक है जी। अब आपके नजदीक तो प्राइस ने अपना 5 मिनट का स्ट्रक्चर ब्रेक कर दिया। 5 मिनट से बेरिश हो गया। आपने सेल कर दिया। अब वह सेल कहां तक चलेगी? ठीक है? यानी इस वेव को देखें। ये वेव्स बराबर हैं ऐसे। 1 ऑवर में इस तरह नजर आ रहा है। एक बड़ी सी कैंडल बन रही है। 5 ऑवर में
थ्री 5 मिनट में या 3 मिनट में जाएंगे। वहां प्राइस ऐसे मूव कर रही होगी। अभी आपको एग्जांपल दिखाऊंगा चार्ट पे। परेशान नहीं होना। ठीक है? 5 मिनट में प्राइस ऐसे मूव कर रही होगी। अब 5 मिनट में तो ये ब्रिश है। प्राइस लो पे लो ब्रेक करती हुई आ रही है। ठीक है? तो कहां तक टारगेट होना चाहिए आपका? आपका टारगेट होना चाहिए जहां पे H1 की रिट्रेसमेंट की लेवल है। H1 की रिट्रेसमेंट कहां तक हो सकती है? याद रखें यहां तक हो सकती है और अपने लो तक हो सकती है। जो इसका कंफर्म
हायर लो था। यहां तक रिट्रेसमेंट हो सकती है और या फिर यहां तक हो सकती है। यहां से दोबारा से M5 क्या करेगा? अब देखिए M5 क्या करेगा? M5 नीचे आएगा। यह हाई ब्रेक करेगा। यह क्या हो गया आपका? मोमेंटम शिफ्ट। बस इतना काफी है क्योंकि बड़ा टाइम फ्रेम आपको सपोर्ट कर रहा है। बड़ा टाइम फ्रेम आपको एक भाव में लेके जा रहा है। जैसे ही छोटा टाइम फ्रेम भी बुलिश हुआ यहां से आपकी ट्रेड है। फ़ौरन से ट्रेड है आपकी। ये स्ट्रक्चर बेस्ड ट्रेडिंग है। शायद आपको ये कॉम्प्लेक्स लग रही हो, चीज मुश्किल लग
रही हो। लेकिन जब ये आज पहला दिन है ना हल्का सा टेस्ट दे रहा हूं इसका। सिर्फ बता रहा हूं। जब इसको हम डेली जाके प्रैक्टिस किया करेंगे आगे चलके तो आपके लिए बहुत आसानी हो जाएगी। अब यहां पे देखिए यहां पे क्या हो रहा है? वन ऑवर क्या है? बुलिश है। वन ऑवर का टाइम फ्रेम बुलिश है। बुलिश टाइम फ्रेम की यह रिट्रेसमेंट आ रही जब रिट्रेसमेंट आ रही थी, आपने छोटे टाइम फ्रेम में जाके देखा वह आपको बेरिश नजर आ रहा है। आपने कहा सेल करते हैं। आपने यहां से सेल कर दिया। तो
उस सेल का टारगेट कहां तक होना चाहिए? बस यहां तक। क्योंकि यहां से वन ऑवर की रिट्रेसमेंट कंप्लीट होगी और यह ऊपर चला जाएगा। आप देखें पीछे भी तो ऐसे ही होता है। यह देखें ये ये और यह ऊपर चली गई। तो इसने यहां से उठ के ऊपर चले जाना है। इसलिए यहां पे आके आपको आउट हो जाना चाहिए। और जो आपने सेल किया था यहां पे जो आपकी सेल की ट्रेड थी, यह आपकी अगेंस्ट द ट्रेंड थी। आपका ट्रेंड तो बुलिश है बड़े टाइम फ्रेम में। तो आपने सेल कर दिया तो अगेंस्ट अ ट्रेंड
ट्रेड से आपने जल्दी आउट होना है। अभी हमारा जो फिजिकल क्लासेस चल रही हैं उनका आज लाइव सेशन था एक यानी मैं इधर लाहौर में ही था और उसी आपको कल बताया था कि लाहौर आना है। तो इनका लाइव सेशन है। अब वहां पे एक स्टूडेंट ने यह क्वेश्चन किया। उन्होंने कहा जी कि हम यहां से सेल कर देते हैं। कभी बड़ी लंबी चल पड़ती है। कभी फौरन से उठ जाती है। अब उनको ये चीज मिसिंग है बीच में। ठीक है? हालांकि समझाई है, बताई है लेकिन बस भूल गए जो भी हुआ। अब उन्होंने कहा
जी कि यहां पे एक बात आप याद रखें। बात यह है कि M5 कभी आप M5 में ट्रेडिंग करते हैं। M3 M1 ठीक है? यानी M15 से नीचे नीचे जो भी टाइम फ्रेम है इसकी आप एक एग्जांपल देख लें। पता नहीं एग्जांपल ऐसी है कि बुरी है। कि एक कोई शख्स जा रहा है बाजार में। ठीक है? और जिस तरह वो स्नेचर्स होते हैं। किसी ने मोबाइल छीन लिया। अब वो जो मोबाइल छीनता है ना वो क्या करता है? मोबाइल छीनता है और भागता है फ़ौरन वहां से। बाइक पे है, वो गाड़ी पे है, पैदल
है, साइकिल पे है, जैसे भी है, वो वहां पे रुकता नहीं है। चेक कभी आपने देखा है कि मोबाइल छीन और फ़ौरन चेक करने लग गया। वो मॉडल कौन सा है? बीच में सिम में पैसे है, पैकेज कौन सा लगा हुआ है। ठीक है? या किसी ने बैग स्नैच कर लिया। अब वो बैग में फिर आगे जाके देखेगा उसमें क्या है। वहां पे खड़े होकर के अगर पैसे गिनने लग जाएगा ना तो फिर 2 मिनट में वो पकड़ के उसको सीधा कर देंगे। तो अगर आप यहां पे खड़े हो के पैसे गिनने लग जाएंगे 5
मिनट में कितने बचे हैं तो फिर तो आपको वो पकड़ लेगी मार्केट। वही हाल करेगी जो बाजार में होता है। ठीक है? तो यहां से आपने क्या करना है? ट्रेड ले ली थी भी अगेंस्ट द ट्रेंड। जैसे ही आपका लेवल हिट हो रहा है बस यहां से निकलना है आपने आउट होना है। अब यानी भागने वाली करनी है यहां से छोटे टाइम फ्रेम्स में। अब आ जाते हैं दूसरी तरफ। अगर आपने सेल नहीं किया बल्कि आपने अच्छे स्ट्रांग लेवल पे आके वन ऑवर के अच्छे लेवल पे आके यहां से आपने मोमेंटम शिफ्ट का 5 मिनट
का मोमेंटम शिफ्ट देख लिया बस ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर नहीं कह रहा मैं सिर्फ एक बार हाई ब्रेक कर दे अपना गिरती हुई मार्केट में एक बार हाई ब्रेक कर दे जैसे ही हाई ब्रेक करे अब आप यहां से बाय कर लें अब आप सुकून से बैठ सकते हैं अब इसने यहां तक आपको टारगेट दे देना है लंबा टारगेट है अब ठीक है मुमकिन है इसको भी ब्रेक करके ऊपर निकल जाए क्यों इन दोनों में क्या फर्क है जो आपको पहले दिन चीज बताई थी इसका फर्क है पहले दिन चीज बताई थी ट्रेंड इज योर फ्रेंड
यह बात आपने याद रख लेनी है। इसमें क्यों जल्दी भागना है? जल्दी निकलना है क्योंकि आप अगेंस्ट अटेंड है। भाव के मुखालिफ जा रहे हैं। मुखालिफ में इस साइड पे क्यों आप इसको होल्ड कर सकते हैं? क्योंकि आप भाव के साथ जा रहे हैं। आपको काफी दूर ले जाएगा साथ। ठीक है जी। अच्छा अब हम आ जाते हैं जरा सेल साइट पे। मैं आपको फिर बार-बार बता रहा हूं कि ये जो आपकी क्लासेस हो रही है ना ये आप समझ लें। आपको मैंने उस दिन भी एक एग्जांपल दी थी कि आप समझे कि आप बेस
कैंप की तरफ जा रहे हैं। अभी आपका सफर शुरू होना है और वो कहां पे होगा? जब आप यहां से सारा कुछ बेस कैंप हम किसे कहते हैं? मैं तो कहता हूं डिस्कर्ड को डिस्कर्ड को, लाइव ट्रेडिंग को, zूम को वहां पहुंचेंगे ना तो वहां पे आप देखेंगे कि मेरे से भी गलतियां हो रही होंगी। ठीक है? जो हमारी टीम बैठी है वो भी गलतियां करेगी। मसलन आपने कभी पहाड़ से कौन गिरता है? मैं चले बेस कैंप की एग्जांपल दे रहा हूं। केटू से कौन लोग गिरे हैं आज तक। कभी आपने देखा है कोई सब्जी
बेचने वाला केटू से गिरा हो। वहां से लोग जो गिरते हैं, जख्मी होते हैं या अपनी जान से बाजी हार जाते हैं वही लोग होते हैं जो इनका काम होता है। ठीक है? कोपेमा ही होते हैं ना वही गिरते हैं। तरक्की में गोताखोर होते हैं। वही लोग उन्हीं के साथ हाथ से होते हैं ना। अब एक शख्स है वो उसकी रेडियो ठीक करने की दुकान है। वो तो कभी नहीं समुंदर में डूबेगा। वो जाएगा नहीं उधर अंदर उसके वही डूबेगा जो वो काम करता है। तो जब हम लाइव में बैठेंगे लाइव में मेरे से भी
गलती होगी। हमारी टीम से भी होगी। आपसे भी होगी। लेकिन डायरेक्शन हमें पता होगी तरीकाकार हमें पता होगा। जिसको ह्यूमन एरर कहते हैं वो भी बीच में आ रहा होगा। ह्यूमन एरर भी आ जाता है। समटाइ्स बहुत सी वजूहात होती है। क्फ्यूजन आ जाती है। उसकी वजह से कभी चल पड़ती है, कभी नहीं भी चलती। तो ये चीजों के लिए तैयार रहना होता है हमने। अच्छा अब देखें तो मेरे कहने का मकसद ये है कि जब तक आप वहां नहीं पहुंचते तब तक चीजों का इंट्रोडक्शन लेते जाएं। इनको समझते जाएं, प्रैक्टिस करते जाएं। जब वहां
पहुंच जाएंगे इंशाल्लाह फिर मजीद आपकी और चीजों में निखार आएगा। जब आपकी प्राइसेस डाउन साइड चल रही हैं। फॉर एग्जांपल हम कहते हैं कि जी 4 ऑवर का स्ट्रक्चर बेरिश है। यह फोर ऑवर का स्ट्रक्चर है। मैं सिंपल-सिंपल बना रहा हूं। बिल्कुल जब फोर आवर नीचे गिर रहा था ना तो आपने 15 मिनट जाके देखा तो 15 मिनट में जब ये वाली रिट्रेसमेंट की वेव आती है यानी 4 आवर में जब ये वाली रिट्रेसमेंट की वेव आई है ये वाली वेव आई रिट्रेसमेंट की उससे पहले फोर ऑवर में ये रिट्रेसमेंट की वेव आई अब यहां
पे भी फोर आवर में एक रिट्रेसमेंट की वेव आएगी ऐसे तो जब ये वेव आ रही थी फोर आवर में एक कैंडल बनी स्ट्रांग सी या दो बनी या तीन जितनी भी बनी इस दौरान M5 M15 क्या कर रहे होंगे वो ये कर रहे होंगे ये ये M15 ऐसे चल रहा होगा ठीक है जी अब आपने यहां पे देखा कि जी M15 ने तो एक बार हाई लगाया फिर लो लगाया फिर हाई ब्रेक कर दिया इसने तो यहां पे यानी पहले M15 ऐसे आ रहा था ना लो ब्रेक करता हुआ आ रहा था M15 आपका
यहां पे यहां पे आने के बाद M15 ने अपने हाई ब्रेक कर दिए पहले ये हाई ब्रेक किया फिर ये हाई ब्रेक किया आपने कहा जी M15 ने मोमेंटम शिफ्ट कर लिया है आपने फ़ौरन यहां से बाय कर लिया अब बाय तो आपने कर लिया M15 का ट्रेंड देख के किया मोमेंटम शिफ्ट देख के किया ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर देख के किया बिल्कुल ठीक किया आपने लेकिन अब जल्दी आउट होना है क्यों क्योंकि प्राइस का करैक्टर क्या है प्राइस की खुसूसियत क्या क्या है कि वह नीचे बिहेव लगाती है। तकरीबन 50% 60% लेती है। फिर ड्रॉप
दे देती है। फिर 50% 60% 70% की रिट्रेसमेंट आती है। फिर ड्रॉप दे देती है। तो अभी तो ऐसा ही होगा ना या ऐसा होने के चांसेस हैं। तो आपने अगर बाय कर लिया यहां से मोमेंटम शिफ्ट दे के या ब्रेकआउट स्ट्रक्चर देख के तो आपने इस जगह पे आउट हो जाना है। ठीक है? यहां पे नहीं होते तो आपको दिखता है कि यार नहीं बड़ा तेज़ मोमेंटम है। बड़ी अच्छी बाइंग हो रही है। तो यहां तक हद है बस। क्योंकि यहां पे जाने के बाद प्राइस फिर यह वाली वेव ब्रेक आ गई। समझ आ
रही है आपको? अच्छा थोड़ा सा वापस चलते हैं। अब यह आपकी जो ट्रेड थी बाय की ट्रेड जो आपने नीचे से पकड़ ली इस जगह से इस जगह से इस जगह से यह थी अगेंस्ट द ट्रेंड क्योंकि मेन ट्रेंड फोर आवर वन ऑवर आपका बेरिश है। तो आपने अगेंस्ट द ट्रेंड बाय किया तो जल्दी आउट होना है। लेकिन यहां पहुंचने के बाद स्ट्रक्चर लेवल आ गया आपका। यहां पहुंचने के बाद प्राइस ने लो लगाया और दोबारा लो ब्रेक कर दिया। यानी कि सिर्फ मोमेंटम शिफ्ट किया। ठीक है? सिर्फ और सिर्फ मोमेंटम शिफ्ट किया। यह देखिए
यहां पे। एक दफा ब्रेकआउट किया। एक दफा ब्रेकआउट पे आप यहां से एंट्री ले लें। अब देखिए यहां पे मैं आपको मना करता हूं कि यहां से आपने ऐसे एक ब्रेकआउट पे नहीं लेनी। प्रॉपर वेट करना है कि मोमेंटम शिफ्ट हो और ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर हो। फिर आप ट्रेड करना शुरू करेंगे। ठीक है? स्टंग कंफर्मेशन के बाद लेकिन यहां पे आपको स्ट्रांग कंफर्मेशन नहीं चाहिए। आपके स्ट्रक्चर लेवल पे आई। सिर्फ एक बार इसने अप लो ब्रेक कर दिया। कंफर्म लो, मोमेंटम शिफ्ट किया। साथ ही सेल कर दें। क्यों सेल करेंगे? क्योंकि यह जो ट्रेंड है,
यह आपको सेल की ट्रेड देगा बड़ी अच्छी। एक सेकंड में पानी हां जी। यहां तक आपको समझ आ गई है। अगर यह चीजें इतनी क्लियर है तो बस यह आपका टॉपिक यहां पर क्लोज हो जाएगा। करना आपने ये है कि कल बुध का दिन है। अगल आपको छुट्टी भी है। सिर्फ स्ट्रक्चर आपने मार्किंग करनी है। आपको मैं इसकी एग्जांपल दिखाने लगा हूं। अभी आप ये देखें। जी। हम चलते हैं पहले फोर आवर्स पे। है। उसी की बात कर लेते हैं। हां जी। फोर ऑवर में ये एक स्ट्रांग वेव लगी है आज। ठीक है? ये कल
रात स्टार्ट हुई है। गैप आया बीच में और स्टंग ये गैप आतिफ ने मार्क किया हुआ है। यहां से सेल होगा दोबारा। अच्छा जी। ये हमारे पास एक स्ट्रांग वेव आई है। अब इसी वेव को हम जरा M15 में चल के देखते हैं। इस वेव को पहले हम मार्क कर लेते हैं अपने पास। इस तरह इस पूरे ज़ोन को हम M15 में चल के देखते हैं कि M15 में कैसे नज़र आ रहा है। यह देखें। M15 में प्राइस इस तरह शार्प या बिल्कुल सस्टी वेव के साथ नहीं आई। बिल्कुल तेजी से नहीं गिरी। बल्कि कैसे
गिरी है यहां पे वेव? यहां पे प्राइसेस ने ड्रॉप दिया है। जी इस तरीके से ये देखें। ये देखें। ये ये मैं आपसे बात कर रहा हूं। ठीक है जी। अब अगर आपने यहां से बाय करना है। अब मुझे एक बात बताएं। अब आपने यहां से बाय करना है। अभी तो हमारा मेन ट्रेंड बुलिश है ना? क्योंकि अब हम H4 डेली हमारा बुलिश चल रहा है अभी तक। ठीक है? है वीकली हमारा बुलिश चल रहा है। यानी मेजर अगर आप ट्रेंड्स देखेंगे तो गोल्ड हमारा बुलिश है। लेकिन यहां पे फिर भी बाय करने का तरीकाकार
क्या रखना है? आपने बाय करने का तरीकाकार यह रखना है कि यहां पे प्राइस M15 का स्ट्रक्चर मार्क कर लेते हैं। M15 का आखिरी हाई कौन सा है? यह देखें जी। यह इसका एक हाई था। उसके बाद प्राइस ने यह लो लगाया। लो लगाने के बाद यह आपकी आखिरी सेल की कैंडल थी। इसका हाई ब्रेक कर दिया और फिर यह लो लगा दिया। तो आपका आखिरी हाई ये आ रहा है। ये वाला। M15 में अगर प्राइसेस इसके ऊपर स्टंगली क्लोज कर जाती है मोमेंटम कैंडल के साथ तो यह आपका मोमेंटम शिफ्ट हो गया। अब क्योंकि
मेजर ट्रेंड जो है वह बुलिश है गोल्ड का। गोल्ड बुलिश ही रहता है आम तौर पे हमेशा गुड बुलिश रहता है अक्सर। और नीचे जो लेवल था अभी तो आप क्योंकि इतनी डिटेल में हम गए नहीं है। ये लेवल भी बड़ा स्ट्रांग था। ये वन ऑवर का ऑर्डर ब्लॉक भी है। नीचे लिक्विडिटी लेवल भी है। यहां पे आने के बाद प्राइस अगर मोमेंटम शिफ्ट कर देती है तो हम यहां से किसी भी टेस्ट पे ये ऑर्डर ये ऑर्डर ब्लॉक मार्क किया हुआ है हमने। जिन चीजों की समझ नहीं आ रही उनको इग्नोर करते जाए। ठीक
है? ऑर्डर ब्लॉक का नहीं पता इग्नोर कर दें। बस मैं बताना चाह रहा हूं कि मोमेंटम शिफ्ट हो गया। टेस्ट पे आएगी प्राइस यहां से बाय कर लेंगे। यहां तक बाय हो जाएगी या कम से कम यहां तक बाय हो जाएगी। जब तक यह पूरा प्रोसेस मार्केट फॉलो नहीं करेगी हम बाय नहीं करेंगे। ठीक है? फिर यहां पहुंचती है प्राइस फोर आवर के टॉप पे पहुंच जाती है या इसकी रिट्रेसमेंट लेवल 50% यहीं पे बनता है। यहां पहुंच जाती है। यहां पे आके जैसे ही लो लगा के इसको ब्रेक करेगी। यहां पे सेल कर देंगे।
क्यों? क्योंकि फोर आवर तो आपका बरिश है। जैसे ही बरिश ट्रेंड के साथ आपका लो ब्रेक होगा आप सेल कर दें यहां से। अभी आज लाइव में हमसे लोग पूछ रहे थे कि सेल क्यों नहीं करते? इतनी बड़ी वेव आई है। सेल क्यों नहीं किया? इसलिए नहीं किया हमारे लेवल पे आई नहीं प्राइस। जब लेवल पे नहीं आएगी हमारी मर्जी का जो हम चाहते हैं जो हमारे रूल्स हैं उनको फॉलो नहीं करेगी तो हम सेल नहीं करेंगे। आज हमने बाय किया दो दफा 1 मिनट पे भी किया 5 मिनट पे भी किया। दोनों ट्रेड्स गई
हैं 70-70 पे लेकिन सेल नहीं किया। सेल इसलिए नहीं किया सेल के हमने ज़ोन मार्क किया। पहले ये ज़ोन मार्क किया। ये ज़ोन मार्क किया। पहले सबसे पहले ये ज़ोन मार्क था। फिर ये फिर ये किसी ज़ोन पे नहीं आ रही। तो जब हमारे ज़ों्स पे आएगी से एविडेंस बनाएगी। स्ट्रक्चर शिफ्ट करेगी हम सेल कर देंगे। फिर कौन सा मुश्किल काम है इसमें फिर अब। लेकिन वेट करना मुश्किल होता है बस। तो इस तरीके से आप देखा करेंगे 4 आवर में देखें क्या चीज बनाई थी। ये देखें 4 ऑवर में यह था। कितनी तेज मूवमेंट
थी और 15 मिनट में वो रिट्रेस करती हुई आ रही है। और देख लेते हैं किसी और जगह पे यहां पे देखें असल में ना ये जो डज़ है मैं आपको एक और बताऊं। पता नहीं आपके डिस्कर्ड पे आने तक क्या बनेगा क्या नहीं बनेगा। ये जो ट्रेडिंग डज़ होते हैं ना खासतौर पे ये वाली चीज ये इंतहाई मुश्किल ट्रेडिंग होती है। इसमें लोग अपने अकाउंट उड़ा लेते हैं। ठीक है? जैसे यह हो गई, यह हो गई। खासतौर पे यहां से लेके यहां तक यानी आप अगर देखें इसको तो 2 जून से ले ये वाले
202 दिन पिछले और खास तौर पे यहां से 16 जून से लेके आज तकरीबन 24-25 जून हो गया। इस जगह तक यह बड़ी मुश्किल मार्केट होती है। इसमें आप क्या करेंगे? सेल करेंगे, बाय करेंगे। किधर से देखेंगे प्राइस को? और यह देखिए यह वही चीज़ जो आपको कांसेप्ट बता रहा था। अभी ट्रेडिंग नहीं बता रहा। यह देखिए यह एक इंपल्स वेव लगी। इंपल्स वेव के बाद यह रिट्रेसमेंट की वेव आई। यहां से उठ जाती तो बहुत अच्छी बात नहीं उठ रही नीचे आ रही है तो फिर अब यहां से लिक्विडिटी लेके उठना चाहिए। यह इस
तरह उठना चाहिए उस प्राइस को दोबारा उठेगी नहीं उठेगी नहीं उठेगी तो नीचे लेवल पे आ जाएगी। यहां पे देखेंगे फिर बहाल यह अभी हमारा टॉपिक नहीं है। हमारा टॉपिक अभी यह है कि आप बड़े टाइम फ्रेम को देखें। उसमें जाके छोटे टाइम फ्रेम की मार्किंग कर लें। मसलन हमारे पास यह फोर आवर है। हम इस वाली वेव को देख लेते हैं। जो ऊपर गई थी जो इंपल्स वेव लगी थी। इस वेव को मार्क कर लेते हैं। स्क्रीन में देखते हैं कि यहां पे प्राइस की मूवमेंट कैसी थी। इस पूरे ग्रीन ज़ोन में चेक करें
जी अब ये देखें क्या प्राइस इस तरह गई है जैसे आपको H4 पे नजर आ रही है। उस तरह बिल्कुल भी नहीं गई। ठीक है? प्राइस किस तरह गई है। ये देखिए इंपल्स वेव लगाती है। फिर करेक्शन करती है। ठीक है? है ये ये पूरा इस ये इसका इंटरनल स्ट्रक्चर है। जो मैं कहता हूं इसका आपसे कोई कंसर्न नहीं है। यह आपके पास यह लो है और यह हाई है। बस यह चीज़ आपके मैटर करती है। यहां पे आके इसने इसका ये हाई ब्रेक कर दिया इस जगह पे। ठीक है? जब हाई ब्रेक कर दिया
तो सबसे डीप लो कौन सा है? यह वाला। तो पहले आपका लो ये था। अब ये शिफ्ट हो के यहां पे आ गया। ठीक हो गया? फिर प्राइस नीचे आती है। रिट्रेसमेंट लेती है। रिट्रेसमेंट के बाद एक और इंपल्स वेव। अब जैसे ही इंपल्स वेव लगी। आपका हायर लो यहां से शिफ्ट हो के यहां पे आ गया। ठीक है? हायर हाई पहले हायर हाई यह बना। उससे पहले यह था और अब और ऊपर चला गया। ठीक है? फिर प्राइस ने रिट्रेसमेंट ली। फिर इसको ब्रेक कर दिया। तो 15 मिनट में आप इस तरीके से इसको
देखेंगे। 15 मिनट के ज़ों्स मार्क कर लेंगे। सारी चीजें आपको बताएंगे इंशाल्लाह कि ज़ोन कैसे मार्क करना है। हर टाइम तो हम H4 की ट्रेड नहीं दे सकते ना। हम तो छोटे टाइम फ्रेम पे ट्रेडिंग करेंगे। 15 मिनट पे, 5 मिनट पे, 30 मिनट पे तो वो लेवल मार्किंग हम देखेंगे इंशाल्लाह डिटेल से। और इस पे मज़द बात भी करेंगे। अभी हम यहीं पे इसको स्टॉप करते हैं। दिन जाया नहीं करना है। अगर हमारी कल की क्लास होती है। कल तो नहीं होगी जाहिर है कल तो छुट्टी है। परसों का मुझे कंफर्म नहीं है। अगर
तो होती है मैं आपको बता दूंगा। अगर नहीं होती तब भी आपको मैं इनफॉर्म कर दूंगा इंशाल्लाह क्योंकि मैं भी लाहौर में ही हूं। मुझे शायद परसों का दिन लग जाए यहां पे। तो उसके बाद इंशाल्लाह दोबारा इसको कंटिन्यू करेंगे। स्ट्रक्चर को थोड़ा सा रिवाइज करेंगे और फिर अगली चीजों पे जाएंगे। तो इस पे थोड़ी सी मेहनत आपने खुद करनी है। मैं आपको असाइनमेंट दे देता हूं। सिंपल सी असाइनमेंट दे देता हूं। कुछ भी काम नहीं है मुश्किल। काम सिर्फ इतना सा है कि आपने चार्ट खोलना है। जो मर्जी टाइम फ्रेम देखें, डेली का देखें,
फोर आवर का देखें, टू आवर का देखें, वन ऑवर देखें और जिसको भी देखें उसको मार्क कर लें। मार्क करने के बाद छोटा टाइम फ्रेम में चले जाए। जैसे आपने वन ऑवर मार्क किया तो 5 मिनट में चले जाएं। फोर ऑवर मार्क किया 15 मिनट में चले जाएं। डेली मार्क किया 30 मिनट्स में 1 ऑवर में चले जाए। ठीक है? वहां पे जाके देखेंगे कैसे ये लो था फिर ये हाई लगा। फिर लो लगा फिर ये हाई लगा। फिर प्राइस ने करेक्शन की। अब ये देखें ये था ना ये आपका लो था। ये हाई था।
तो प्राइस ने रिट्रेसमेंट नहीं बल्कि एक करेक्शन की अपने डीप लेवल पे आई इस जगह पे। फिर उसके बाद एक और वेव लगाई है। अब यहां पे मोमेंटम शिफ्ट हुआ था एक बार। लेकिन मोमेंटम शिफ्ट के बाद प्राइस कंटिन्यू कर गई अपना ट्रेंड। तो, यह चीज़ें बस देख लें। कुछ भी ना करें। ना कुछ लिखें, ना कुछ करें। बस देखते जाएं कि क्या हो रहा है। थोड़ा-थोड़ा मार्क करते जाएं बस। ठीक हो गया जी। उसके बाद इंशाल्लाह हम अगली क्लासेस की तरफ चलेंगे। फिर जैसे ही हमारा यह कंप्लीट होगा तो उसके बाद क्वेश्चंस लेंगे आपके।
उम्मीद है इंशाल्लाह क्वेश्चन आपके एक दफा नहीं समझ आ रही दो दफा देख लें। दो दफा नहीं समझ आ रही एक दफा और देख लें। क्वेश्चंस आपने अपने जितने ज्यादा लोग अपने सवाल के जवाब खुद ढूंढेंगे सबसे ज्यादा जल्दी वो सक्सेसफुल हो जाएंगे। मैं आपको अपनी एक बात बता देता हूं। ये मैं ऑन द रिकॉर्ड बता रहा हूं। शायद दुनिया में कोई ऐसा बंदा हो जिसको मैंने इस तरह की चीज कोई पूछी हो कि ये क्या हुआ है? मैं पहले खुद हां पूछता रहता हूं। जी नहीं अब आतिफ है वो वो भी तो स्टूडेंट है
ठीक है और बाकी जो लोग लाइव में बैठते हैं वो भी स्टूडेंट्स हैं। लेकिन अब वो कलीग इस तरह बन गए हैं कि कुछ चीजें मैं उनसे पूछ लेता हूं मुझे कुछ समझ नहीं आती। इसमें कोई शर्म नहीं है कोई ऐसी बात नहीं है। आप जो चीज आपको नहीं समझ आ रही है आप भी पूछें। लेकिन कोशिश ये करें कि पहले खुद से इसको लिख लें बस एक ये चीज समझ नहीं आई। इसको थोड़ा सा ढूंढे खुद। थोड़ा सा सर्च करें। थोड़ी सी पीछे जाके बैक टेस्टिंग करें। आपको खुद ही समझ आ जाएगी। जो बंदा
खुद ढूंढेगा उसको जल्दी रास्ता मिल जाएगा। हां, जहां तक गाइड करने की बात है मैं आपको साथ-साथ कर रहा हूं इंशाल्लाह। आगे भी करते रहेंगे। चल जी यहां पर इसको स्टॉप करते हैं शेयरिंग को और नेक्स्ट इंशा्लाह मिलते हैं फिर परसों की क्लास में। परसों क्लास में आपको बता दूंगा अगर जो भी इसका स्टेटस हुआ। ठीक है जी।