कर्नाटक के एक फेमस फोटोग्राफर है रवि होगल उनको कैमरे से इतना प्यार है वह क्या है की कैमरन को बहुत पसंद करते हैं अपने कैरियर में बहुत पैशन है उनका उन्हें कैमरा इतना पसंद है की वह अपने घर को एक कैमरे के शॉप में बना दिए हैं जी हान इनके घर पे आपको एसडी कार्ड देखने में मिल जाएगा बाहर कैमरा का लांस देखने मिल जाएगा मतलब घर को ही ये कैमरे के रूप में बना लिया है और यह तो कुछ भी नहीं था उन्होंने अपने तीन बेटों का नाम उनके तीन बेटे हैं उनका नाम सुनोगे
निकों कैनन एप्सन फैक्ट नंबर 12 सहारा रेगिस्तान में एक बहुत ही ऑसम सी जगह है जो की ऊपर से देखने में एक आंख की तरह दिखती है और उसको कहते हैं आइस ऑफ सहारा सहारा रेगिस्तान का आंख और उसका जो ड्रोन व्यू है वो एकदम वैसे ही दिखता है फैक्ट नंबर 11 मुंबई में एक जगह है तू पॉइंट वैन स्क्वायर किलोमीटर में फैला हुआ है धारा मुंबई का एक बहुत बड़ा इस्लाम है तो क्या आपको ये बात पता है की उसको अब अदानी टेकओवर कर लिया है और उसको अब रिकंस्ट्रक्ट किया जाएगा वो जो धारावी
है वो हमें कुछ साल बाद ऐसे से ऐसे देखने मिल सकता है क्योंकि स्कोर री डिज़ाइन और रीड डिवेलप किया जा रहा है ताकि जो महाराष्ट्र का सबसे बड़ा स्लम है वो मिट जाए मैप्स है फैक्ट नंबर 10 ये बहुत ही इंटरेस्टिंग सी फैक्ट है मतलब ये कॉमन सी बात है लेकिन इसको रिलाइज करने में बड़ा मजा आता है वर्ल्ड मैप को आप देखते हो नॉर्मली ऐसा होता है लेकिन एक्चुअली में वर्ल्ड मैप को हमें ऐसा देखना चाहिए क्या है की पूरे वर्ल्ड में पानी एक्चुअली में डोमिनेंट है हमारे पॉप हमारे पॉइंट ऑफ व्यू से
क्या लगता है की हम लैंड पर रहते हैं जमीन पर रहते हैं कभी बीच घूमे तो समुद्र दिख गया ठीक है वहां समुद्र है अब लौंडिया में डोमिनेंट फिल होता है एक्चुअली में लैंड जो है वो पानी पे डिपेंडेंट है मतलब कभी अगर ऐसा पर्यावरण आया तो वो जो पानी आप देख रहे हो मैप में वो सब लैंड को खा जाएगा पानी एक्चुअली में डोमिनेंट है इतना तो जो वर्ल्ड में पानी की कमी है जो वाटर क्राइसिस ये सब कहा जाता है ना वो फ्रेश वाटर के लिए कहा जाता है क्योंकि समुद्र के पानी नामक
वाला पानी हम लोग उसे नहीं कर सकते हैं तो इसीलिए फ्रेश वाटर की क्राइसिस है ना की समुद्र के पानी की समुद्र का पानी तो इतना है की वो पूरे लैंड को खा जाए पुरी दुनिया एक्चुअली में एक बड़ा समुद्र है कहीं-कहीं लैंड निकल गया है ऐसा है ना की ये पूरा दुनिया एक लैंड है और समुद्र भी है ये नहीं फैक्ट नंबर नाइन जब कोई फैक्ट पता है की जो लोग आपस में बातें करते हैं ग्रुप में जैसे की आप आपके साथ आपके बहुत सारे दोस्त हैं वो मिल के बातें कर रहे हैं मतलब
आप तो नहीं करते होंगे शायद लेकिन ये पाया गया है की इसका 80% टाइम जो लोग आपस में डिस्कस करते हैं बातें करते हैं उन बातों का 80% आदर पीपल के बारे में होता है मतलब किसी और के बारे में बात करना की उसके घर में क्या चल रहा है किसी और के प्राइवेट लाइफ के बारे में बात करना गॉसिप करना यही ह्यूमन के एक टिपिकल कन्वर्सेशन का 80% होता है बाकी जो कम की बातें हैं जो की उसके लाइफ में कोई इंप्रूवमेंट या डाउन फॉर लेगी टेक्निकल वो 20% होता है 80% टाइम सिर्फ कंप्लेनिंग
किसी और के बारे में बात करने में ही बीट जाता है क्या आप भी ऐसे ही करते हो इसका मतलब लोगों को दूसरों की प्राइवेट लाइफ में बहुत इंटरेस्ट है अच्छा इसलिए यूट्यूब पे व्लॉग्स इतने चलते हैं [संगीत] ऑस्ट्रेलिया का ये मैप देखो आपको पता है ऑलमोस्ट पूरा ऑस्ट्रेलिया खाली है सिर्फ कॉस्ट लाइन के आसपास लोग रहते हैं ऐसा क्यों भला ये इसलिए क्योंकि ऑस्ट्रेलिया को जो मिडिल वाला एरिया है ना वो बहुत ही ज्यादा गर्म है 50-50 डिग्री सेल्सियस तक वहां पे कांस्टेंटली टेंपरेचर रहता है और समुद्र के पास वाला जो एरिया है वहां
का टेंपरेचर पानी के चलते मेंटेन रहता है बहुत हद तक इसीलिए पूरा मतलब ऐसा लगता है की ऑस्ट्रेलिया जा रहे ऑस्ट्रेलिया घूम रहे ऑस्ट्रेलिया में लोग रहते हैं अच्छा कंट्री है लेकिन उसका मेजॉरिटी पार्ट तो खाली है उसे लाइन में लोग रहते हैं जहां तक मेरा मतलब एक सवाल ए रहा है की ये तो रिस्की भी होगा ना कभी सुनामी वगैरा आई तो वो तो सबसे पहले कॉस्ट लाइन को ही खागा मिडिल वाला सबसे ज्यादा सेफ रहेगा ना लेकिन यही है की फैसेलिटीज के मामले में और कंफर्ट के मामले में टेंपरेचर कम ये सब भी
तो जरूरी है इसलिए कॉस्ट लाइन पर जाकर लोग रहते हैं ऑस्ट्रेलिया के बारे में और एक अमेजिंग फैक्ट है की वो चंद का जो डायमीटर है जो हमारे चंद का डायमीटर है वो 3400 किमी है लेकिन ऑस्ट्रेलिया का डायमीटर 2 वेस्ट ऑलमोस्ट 4000 किलोमीटर है जो की चंद से भी ज्यादा हुआ फैक्ट नंबर सेवन एक सी क्रिएचर है जिसका नाम है श्रिंप ये वाला इसका जो हार्ट है जो दिल है वो दिमाग में रहता है और मतलब ये सोचता होगा तो मतलब स्ट्रीम का जो कम्युनिटी होगा उसमें दिल और दिमाग से अलग-अलग सोचने का कोई
झंझट ही नहीं होगा उसका तो दिमाग में ही दिल होता है फैक्ट नंबर सिक्स लंदन हमेशा आप इसका जो वीडियो वगैरा देखते होंगे लंदन का छवि अक्सर बिग बेन क्लॉक से जाना जाता है बिग बेन बहुत पॉप्युलर है इधर बिग बेन जो ये फेमस क्लॉक है यह पता है आपको 27 में 2005 को रुक गया था स्टॉप हो गया था चलना ही बंद हो गया था उसे दिन लंदन में जो टेंपरेचर है वो 32 डिग्री के आसपास था लेकिन तब भी यही कहा जाता है की हॉट टेंपरेचर के चलते बिग बैंग बंद हुआ था 10:07
पे वो बंद हुआ था फिर चलने लगा था फिर 10:20 पर फिर बंद हो गया फैक्ट नंबर फाइव क्या आपने कभी क्वांटम कंप्यूटर के बारे में सुना है देखो कंप्यूटर का तीन क्लासिफिकेशन के बारे में आपको पता ही होना चाहिए एक नॉर्मल कंप्यूटर जैसे की कन्वेंशनल कंप्यूटर कहते हैं दूसरा सुपरकंप्यूटर जो की कन्वेंशनल कंप्यूटर का ही एडवांस वर्जन होता है तीसरा क्वांटम कंप्यूटर जो की क्वांटम मैकेनिक्स के जरिए कम करता है जो नॉर्मल कंप्यूटर होता है उससे हजार गुना ज्यादा पावरफुल सुपर कंप्यूटर होता है और जो सुपर कंप्यूटर होता है उससे लाखों गुना ज्यादा पावरफुल
क्वांटम कंप्यूटर होता है नॉर्मल कंप्यूटर इस 01 से कम करता है बाइनरी डिजिटल मतलब जिस तरह हमारी ये दुनिया बेसिकली एटम से बनी है आपका जो घर है वो ईंटों से बना है ना इट एट मिल मिल के घर का रूप लिया है बेसिक बिल्डिंग ब्लॉक इट है वैसे ही जो कंप्यूटर ऑडियो वीडियो जो भी डाटा है डिजिटल फॉर्म में कोई भी डाटा वो बेसिक रूप में 01 ही है 01 का एक गुच्छा है 01 ही आपका मिल्क के इतना सारा परिसर डाटा बनाता है और कंप्यूटर में या तो जीरो या वैन ऑन ऑफ से
कम करता है मतलब बहुत ही परिसर बात है इसको समझने की जरूरत नहीं है आपको बस ये जान लो की कंप्यूटर ऑन ऑफ ऑन ऑफ ऑन ऑफ जीरो वैन जीरो वैन जीरो वैन करके अपने आप को कम करता है ऑन ऑफ या तो ऑन होगा या तो ऑफ होगा बस लेकिन जो क्वांटम कंप्यूटर होता है ये क्यूबिट से कम करता है मतलब क्यूबिट मतलब ये ऑन और ऑफ सिमुल्टेनियसली हो सकता है जिसके चलते जो परिसर प्रॉब्लम्स है जिसका की सॉल्यूशन हमारे नॉर्मल कंप्यूटर नहीं निकल सकते हैं वो क्वांटम कंप्यूटर कर सकते हैं जैसे की एक
प्रॉब्लम के बारे में बता रहा हूं जो बिजली आपके घर में आती है वो पावर ग्रिड से जो आती है आपके घर में तो कुछ मात्रा में बिजली लॉस्ट हो जाती है वायर में और यह बहुत परिसर कैलकुलेशन है नॉर्मल कंप्यूटर से हम लोग यह पता नहीं कर सकते हैं की कितना बिजली गुल हो रहा है और वो जो वायर है उसका फैब्रिक कितना अब्जॉर्ब कर रहा है कितना बिजली लॉस्ट हो रहा है और पूरा वर्ल्ड में दूर-दूर तक हरम बिजली जाती है तो थोड़ा-थोड़ा मात्रा में बिजली लॉस्ट भी होती है लेकिन क्वांटम कंप्यूटर आराम
से यह पता लगा सकते हैं की कितना बिजली लॉस्ट हो रहा है हमें कौन सा मटेरियल उसे करना चाहिए सबसे ज्यादा एफिशिएंट होने के लिए और वेदर वेदर का जो forecastting होता है जो सुपर कंप्यूटर घंटे में कम करती है वही क्वांटम कंप्यूटर सेकेंड्स में कर सकती है और जो नॉर्मल सुपर कंप्यूटर जो की वेदर फोरकास्टिंग करती है की मौसम कैसा रहेगा जो कैलकुलेशन घंटे में होता है उसी को क्वांटम कंप्यूटर कुछ ही सेकेंड्स में कर सकती है फैक्ट नंबर फोर क्या आपको पता है की बेंगलुरु पुलिस ने हाल ही में एक ऐसे ग्रुप को
अरेस्ट किया जो की 18 से किस यूनिवर्सिटी की डिग्री व्हाट्सएप में बेच रही थी कोई भी इंसान डिग्री को खरीद का रहा था फेक डिग्री फेक मार्कशीट और फेक डिग्रीज का बिजनेस कर रहे द ये लोग ये बिजनेस भी हुआ क्या तो बिजनेस की कैटिगरी में आता ही नहीं है और अमेजिंग बात यही की इनका सो कॉल्ड बिजनेस चल भी रहा था लोग एक्चुअली में फेक मार्कशीट और फेक डिग्रीज ले भी रहे द फैक्ट नंबर थ्री ये तो आपको पता ही होगा की दुबई और इंडिया का बहुत ही अच्छा रिश्ता है तो एक्चुअली मेक ट्रेन
को प्लान किया गया है जो की दुबई से मुंबई तक चलेगा अब आपके मैन में सवाल आएगा की इन दोनों के बीच तो समुद्र है वही ना टेक्नोलॉजी मतलब इतना आगे बढ़ गया है की क्या ही बोले समुद्र के नीचे से ट्रेन जाएगी अंडरवाटर ट्रेन सर का कैसे खा गया तो ट्रेन को पता नहीं कुछ ना कुछ सॉल्यूशन ढूंढने गए लोग फैक्ट नंबर तू एक अमेजिंग फैक्ट है की अभी आप धरती को सर्च करते हो ना अर्थ तो जो जितने भी फोटोस आती है उनमें से एक ऐसा फोटो है जो सबसे ज्यादा रीप्रोड्यूस सबसे ज्यादा
सर्कुलेटेड है वो है ये वाला फोटो दी ब्लू मार्बल इसको 7 दिसंबर 1972 को धरती के ऊपर 29000 कम से लिया गया था और इसको अपोलो 17 स्पेसक्राफ्ट में बैठे जो क्रू द वो इसको लिए द आज तक का पूरे इतिहास में सबसे ज्यादा रीप्रोड्यूस्ड इमेजेस में से एक है पूरे नॉन इतिहास के इस इमेज का ऑफिशल नाम है दी ब्लू मार्बल हमारा प्यारा धरती ट्रैक नंबर वैन कभी आप अटलांटिक ओशन या फिर पैसिफिक ओशन जाओगे घूमने तो आप एक चीज नोटिस करोगे जहाज के ऊपर से की ये दोनों समुद्र जहां पे मिल रहा है
उसे पॉइंट पे पानी एक साथ हो ही नहीं रहा है ऐसा लगेगा की कोई की इनविजिबल सा दीवार है कोई बॉर्डर है जो की पानी को नहीं मिलने दे रहा है बट ऐसा क्यों होता है वो जो ना जरा ना हुआ है की दो समुद्र आपस में मिलते नहीं है बहुत सारे रिवर्स यानी नदियों में भी ऐसे ही होता है दो नदियां आपस में मिलते हैं लेकिन उनका संगम हमें दिखता है बिल्कुल साफ साफ बात ये है की वाटर जो है पानी वो एक ही तरह का नहीं बल्कि बहुत डिफरेंट टाइप्स के हो सकता है
एकदम सिंपलीफाइड बेसिक लैंग्वेज में बोलूं तो ये होता है सैलिनिटी के चलते जैसे पैसिफिक और अटलांटिक ओशन का समुद्र में नामक होता है ये तो पता ही होगा ना तो इन दोनों में जो नामक का कंटेंट है वो अलग-अलग मात्रा में होता है इसीलिए वो आपस में मिलते नहीं है जहां पे ये होता है जहां पे ये दिखता है इनकी नहीं मिल रहा है इसको ओशन क्लाइंट्स कहते हैं आप खुद ये एक्सपेरिमेंट अपने घर पे कर सकते हो की एक ग्लास लेना और आधे ग्लास नामक वाला पानी डालना और आधे क्लास में साफ पानी डालना
तो दोनों देखना मिलेंगे नहीं अलग-अलग रहेंगे बिल्कुल वैसे ही बड़ी स्केल में नेचर के साथ यह होता है तो यह फैक्ट्स वीडियो को लाइक जरूर करना और नीचे कमेंट जरूर करना और इस चैनल को सब्सक्राइब करके बैल आइकन पर क्लिक करके ऑल पे जरूर क्लिक कर लेना ताकि नई वीडियो आपको सबसे पहले मिल जाए स्क्रीन पे और भी बहुत सारे फैक्ट वीडियो है आप इन्हें भी देख सकते हो थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग दिस वीडियो [संगीत]