[संगीत] 10th फेब 2006 संत अम्मा पंचायत ऑफिस से अपनी जुड़वा नातिन के डॉक्युमेंट्स कले करके घर वापस लौट रही थी जो कि अभी-अभी पैदा हुई थी लेकिन थोड़ी ही देर में जब वह घर पहुंची और जो उन्होंने वहां देखा वह चीज उनकी पूरी जिंदगी बदलने वाला था उन्हीं के घर में उनकी खुद की बेटी रंजनी और उनकी दोनों ग्रैंड डॉटर्स का किसी ने बेरहमी से कत्ल कर दिया था आखिर किसी का इन मासूम बच्चियों से और रंजनी से ऐसी क्या दुश्मनी रही होगी कि उन्होंने उन्हें इतनी बेरहमी से मारा सो लेट्स न मोर अबाउट टुडेज
केस चच रिवॉल्व अराउंड केरला ट्रिपल मर्डर और द फर्स्ट केस इन इंडिया विच यूज एआई टू सॉल्व इट सेल्फ [संगीत] रंजनी केरला के कोलम डिस्ट्रिक्ट के आंचल टाउन में रहने वाली एक 21 साल की लड़की थी उसने अपना बचपन वहीं गुजारा था और उसकी लाइफ काफी सिंपल और खुशहाल थी उसी टाउन में उसके पड़ोस में एक लड़का रहता था जिसका नाम था देवलकर देवल एक आर्मी मैन था और उनके बीच की पहचान धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई थी इन दोनों की दोस्ती वक्त के साथ और भी ज्यादा गहरी होती गई थी और फिर एक टाइम
के बाद ये दोनों एक रिलेशनशिप में आ गए थे जब रंजनी को प्यार हुआ था देवल से तब वो 20 साल की थी एंड तुम लोग को पता ही होगा कि जब नया नया प्यार होता है जब पहला पहला प्यार होता है तो कितना ज्यादा अच्छा लगता है कितनी ज्याद एक्साइटमेंट होती है एंड द सेम थिंग वाज हैपनिंग विद दिस 20 ईयर ओल्ड रंजनी रंजनी उसके प्यार में पूरी तरह से इवॉल्व हो गई थी या फिर यह कह लो कि वो उसके प्यार में पूरी तरीके से पागल हो गई थी उनका रिश्ता इतना गहरा हो
गया था कि वो एक दूसरे के साथ काफी क्लोज भी हो गए थे और उन्होंने अपने फिजिकल बाउंड्रीज भी क्रॉस कर दिए थे लेकिन वी हैव टू रिमेंबर दिस थिंग कि रंजनी और देवल की शादी नहीं हुई थी फिर भी उन दोनों का रिश्ता एक अलग ही लेवल पर था दोनों एक दूसरे के साथ काफी ज्यादा कंप्लीट महसूस करा करते थे और रंजनी को हमेशा यह लगता था कि दिवेल और उसको कभी भी कोई अलग नहीं कर पाएगा यहां तक तो सब कुछ रंजनी की लाइफ में और इन दोनों के रिलेशनशिप में सब कुछ परफेक्ट
था बट थिंग्स वर अबाउट टू चेंज व्हेन रंजनी गॉट प्रेग्नेंट जब रंजनी को इस बात का पता चला कि वो मां बनने वाली है या फिर शी इज गोना हैव अ बेबी तो वो इस बात से बहुत ही ज्यादा खुश थी उसने ये सोचा कि अब दिबल और मेरा जो रिश्ता है वो एक नए मोड पे आएगा और हम दोनों को और भी ज्यादा क्लोज ले आएगा लेकिन जैसे ही उसने यह बात ये न्यूज़ दिबल को बताई उसके सारे के सारे सपने चूर हो गए थे देवल का रिएक्शन बिल्कुल ऑपोजिट था उसने रंजनी को सीधा
कह दिया था कि यह बच्चा नहीं हो सकता तुम्हें अबॉर्शन करवाना होगा बट रंजनी ने इस ख्वाहिश की दिबल को साफ मना कर दिया था और उसने उल्टा देवल पर ही प्रेशर बनाने की कोशिश की और कहा कि मैं यह बच्चा अबोर्ड नहीं करूंगी और तुम्हें इसे एक्सेप्ट करना ही पड़ेगा क्योंकि यह तुम्हारा ही बच्चा है अब जैसे कि मैं तुम लोगों को बताया रंजनी अपने बच्चे को लेकर अपनी जिद पर अड़ी थी और देवल इन सब बातों से परेशान हो चुका था तो इसी टेंशन से बचने के लिए और इसी रिस्पांसिबिलिटी से बचने के
लिए देबल वापस अपने आर्मी कैंप चला गया जो पंजाब के पठानकोट में था और वो रंजनी को इस सिचुएशन में अकेला छोड़कर वहां से भाग गया था लेकिन देवल के पठानकोट वापस चले जाने के बाद भी रंजनी ने अपना फैसला नहीं बदला और उसने यह चीज डिसाइड करी कि वो यह बच्चा बिल्कुल भी नहीं छोड़ेगी वो अपनी निशानी बिल्कुल भी नहीं छोड़ेगी जो कि अपने आप में ही एक बहुत बड़ी बात थी फर्स्ट ऑफ ऑल शी वाज यंग शी वाज लेफ्ट बाय हर लवर और द वन शी थॉट लव्ड हिम द मोस्ट एंड देन वो
भी इस सिचुएशन में उसने उसे छोड़ा था सो स्टकिंग टू दिस डिसीजन वाज अ वेरी ब्रेव थिंग इन माय ओपिनियन क्योंकि तुम लोग भी ये चीज जानते होंगे बहुत ज्यादा क्लीयरली कि इंडियन सोसाइटी में एक अनमैरिड प्रेग्नेंट वुमेन का जीना कितना ज्यादा मुश्किल हो जाता है एवरी डे इज अ वॉर एवरी डे इज सर्वाइवल फॉर देम सोसाइटी के लिए वो एक कैरेक्टर लेस औरत बन जाती हैं और लोग ताने मारते हुए उनके संस्कार और परवरिश पर सवाल उठाते हैं और कभी ना कभी तुम लोगों ने ऐसे रिलेटेड सींस को मूवी वगैरह में देखा होगा या
फिर न्यूज़ में सुना होगा कि सोसाइटी कितना ब्रूटल हो हो जाती है एक अनमैरिड वुमन के अगेंस्ट पर एंड स्पेशली जब वो प्रेग्नेंट हो और उसका पार्टनर उसके साथ ना हो लेकिन रंजनी के केस में उसने डिसाइड किया था कि वो अपने बच्चे को उसका हक दिलाकर रहेगी इसीलिए उसने केरला स्टेट वूमेंस कमीशन की मदद से दिवि को डीएनए टेस्ट करने का नोटिस भिजवा दिया था जब भी वो पठानकोट आर्मी कैंप से वापस आए अब यह डीएनए टेस्ट का नोटिस जो रंजनी ने भिजवाया था दिबल को इस केस में बहुत ही इंपॉर्टेंट रोल प्ले करने
वाला था अब जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ रहे थे तो रंजनी की डिलीवरी का टाइम भी आने वाला था तो इसीलिए रंजनी ने डिसाइड करा कि वोह अपनी मां के साथ त्रिवेंद्रपुरम के एक हॉस्पिटल में चली जाएंगी और इसी हॉस्पिटल में उनकी मुलाकात हुई एक अनिल नाम के आदमी से अनिल ने बताया कि वो भी कोलम का ही रहने वाला है और वो भी वहीं रहता है वो भी वही जगह जहां से रंजनी बिलोंग करती है और यह बात सुनते ही दे स्टार्टेड टू टॉक टू हिम मोर कंफर्टेबल अनिल का नेचर रंजनी और उनकी मॉम को
बहुत ही ज्यादा हेल्पफुल लगा वो हमेशा अक्सर एक्चुअली रंजनी की छोटे-मोटे काम में मदद कर देता था या फिर रंजनी की मॉम की छोटे-मोटे काम में मदद कर दिया करता था एंड ही वाज वेरी यू नो नाइस गाय तो क्योंकि वो इतना ज्यादा अच्छा आदमी था तो उन लोगों की बॉन्डिंग और भी ज्यादा अच्छी होती जा रही थी एंड ऑन टॉप ऑफ दैट वो उन्हीं के घर से लाइक उन्हीं के होम टाउन से बिलोंग करता था सो दे वर जस्ट मोर कंफर्टेबल विद हिम तो इसी दौरान ये भी बात हो रही थी वहां पे कि
रंजनी का सी सेक्शन डिलीवरी होना चाहिए था जिसमें बहुत ज्यादा खून की जरूरत पड़ती है तो उसने यह कहा कि अगर रंजनी को खून चाहिए होगा तो वो उसमें खुद रंजनी की हेल्प कर सकता था क्योंकि उन्होंने का ब्लड ग्रुप आई थिंक सो सेम था तो ये चीज सुनकर रंजनी और उसकी मॉम बहुत ज्यादा खुश थे क्योंकि इतनी ज्यादा डायर सिचुएशन में एक अजनबी उनकी इतनी ज्यादा हेल्प करा था सो इट वाज लाइक गॉड सेंट टू देम तुम लोगों ने भी कभी ना कभी अपनी लाइफ में ऑब्जर्व किया होगा कि जब तुम लोग अपनी लाइफ
के किसी ऐसे फेज में होते हो जहां तुम्हें किसी की सपोर्ट की जरूरत होती है कोई ऐसा जिसे तुम कु शेयर कर सको और इसी बीच अगर कोई तुम्हारी हेल्प करने के लिए सामने से आ जाए तुम्हारा ट्रस्ट गेन करने की कोशिश करे तो तुम उसे अपनी सारी बातें बताने लग जाते हो मतलब ये नॉर्मल ह्यूमन टेंडेंसी होती है एंड आई होप यू गाइज आर गेटिंग व्हाट आई मीन तो रंजनी के साथ भी यही चीज हुई और उसने अनिल से अपनी सारी की सारी बातें शेयर कर दी अबाउट देवल एंड कैसे वो उसे छोड़ के
चले गया यू नो एंड हाउ शी लव्ड हिम तो अनिल ने रंजनी के सारे बातें सुनकर उससे वादा करा कि जैसे ही शी विल डिलीवर हर बेबीज तो उसके बाद वो उसकी मदद करेगा दि दिवेल से उसको बदला दिलाने में लेकिन वोह बेचारी इस बात से बिल्कुल अनजान थी कि अनिल और कोई नहीं बल्कि दिवेल का ही दोस्त था जो कि दिवलप्रिड हैंट छुपाकर झूठ बोला था और यहां त्रिवेंद्रपुरम के हॉस्पिटल में वो दिबल के ही कहने पर आया था ताकि वो रंजनी और उसकी मां का ट्रस्टस गेन कर सके और उन परे नजर रख
सके हॉस्पिटल में ही रंजनी ने अपने दो ट्विन डॉटर्स को जन्म दिया था और फिर अनिल उर्फ राजेश उसे और उसकी मां को एक नए किराए का घर दिलाने में भी हेल्प करने लगा था यह कहते हुए कि यह घर रंजनी को उसकी फैमिली और पड़ोसियों से दूर रखेगा जो बार-बार उससे इस बच्चे के बारे में सवाल पूछते रहेंगे अब रंजनी और उसकी मां को भी यही सही लगा क्योंकि दे न्यू हाउ टफ इट वाज टू सरवाइव आउट देयर एंड एज यू गाइज नो कि रंजनी शादी से पहले ही मां बन गई थी सो इट
वाज काइंड ऑफ अ वाइज डिसीजन फॉर हर आल्सो कि वो एक ऐसे घर में रहे जहां उसे उसके पुराने रिश्तेदार या फिर पुराने जो किराएदार होते हैं या फिर पुराने जो नेबर्स होते हैं वो ना जानते हो सो इसीलिए राजेश या फिर अनिल की बात मानकर वो दोनों हॉस्पिटल से सीधा इस बताए गए अपार्टमेंट में चले गए थे 10th फरवरी 2006 जब राजेश रंजनी और उसकी मां का ट्रस्ट पूरी तरीके से जीत चुका था तब उसने डिसाइड किया कि अब वह अपने दोस्त दिबल के साथ मिलकर अपने प्लान को अंजाम देगा देवल भी राजेश की
तरह आर्मी कैंप से छुट्टी लेकर आया हुआ था सबसे पहले राजेश ने किसी तरह रंजनी की मां को कन्वेंस करा कि वह पंचायत ऑफिस जाके बेबीज का बर्थ रिलेटेड सर्टिफिकेट्स बनवा ले और उन्हें वहां से लेके आ जाए फिर संता मां के जाते ही देवल और राजेश उनके पीठ पीछे घर में घुस गए थे और बड़ी ही बेरहमी से उन्होंने रंजनी और दोनों बच्चियों का गला काटकर उनकी जान ले ली थी और ये खून होते ही वो दोनों वहां से हड़बड़ी में भाग गए थे थोड़ी ही देर बाद जब संत अम्मा पंचायत ऑफिस से लौटी
तो वापस आकर जो उन्होंने देखा एक सेकंड के लिए तो उन्हें इस चीज पर विश्वास ही नहीं हुआ उनके लिए तो सब कुछ खत्म हो चुका था जिन बच्चों के लिए उन्होंने इतना कुछ किया था देवल के उन्हें एक्सेप्ट ना करने के बावजूद भी उन्होंने उसे नहीं छोड़ा था वो अब उनके सामने मरे पड़े थे लेकिन अब उनके इतने महीनों के कष्ट का कोई भी मतलब नहीं रहा था संत अम्मा पूरी तरह से टूट चुकी थी इंसिडेंट के कुछ देर बाद किसी तरह संत अम्मा ने अपने आप को संभाला और पास के पुलिस स्टेशन में
जाके उन्होंने रिपोर्ट लिखवा दी थी पुलिस भी इमीडिएट एक्शन लेते हुए इन्वेस्टिगेशन करने पहुंच गई थी वहां पर और जांच के दौरान उन्हें क्राइम सीन के पास एक गाड़ी मिली थी जब उसका रजिस्ट्रेशन नंबर चेक किया गया तो पता चला कि व गाड़ी राजेश की थी फिर पुलिस ने भी बिना तेर किए पठानकोट मिलिट्री बेस से कांटेक्ट किया लेकिन तब तक वो दोनों वहां से भाग चुके थे एक पल के लिए तो पुलिस को लगा कि यह केस एकदम ओपन एंड शट है सिंस सस्पेक्ट के नाम सामने आ चुके थे लेकिन जैसे-जैसे इन्वेस्टिगेशन आगे बढ़ती
गई राजेश और देवल दोनों को ढूंढना और भी ज्यादा मुश्किल होता जा रहा था पुलिस ने उन्हें पकड़ने की हर मुमकिन कोशिश की लेकिन वो दोनों हाथ से से निकलते ही जा रहे थे और आखिर में इन दोनों के ना पकड़े जाने के बाद पुलिस ने यह केस क्लोज कर दिया और धीरे-धीरे लोगों ने भी इस केस के बारे में बात करना बंद कर दिया था और सभी लोग इस केस को भूल गए थे मतलब सोचो एक मां के साथ ही सब कुछ हुआ और फिर उन्हें जस्टिस भी नहीं मिली उस वक्त पुलिस भी हार
मान गई थी और यह केस एक कोल्ड केस बन चुका था तो पूरे 19 साल तक इस ट्रिपल मर्डर केस को केरला में भूला जा चुका था लेकिन न फिर भी अचानक से यह केस एक नया मोल लेने वाला था बहुत ही ज्यादा जल्द तुम लोगों ने भी ये कहावत सुनी होगी कि भगवान के घर में देर है लेकिन अंधेर नहीं तो क्या होता है ना पुलिस स्टेशन में कि बहुत सारे ऐसे केसेस पड़े रहते हैं कोल्ड फाइल बन के पुलिस स्टेशन में जिन्हें कभी-कभी पुलिस वाले रिविजिट करते हैं एंड बहुत बारी हम लोगों ने
ये भी देखा है बहुत सारे केसेस में कि जो सच छुपा होता है वो समय के साथ एक ना एक दिन बाहर आ ही जाता है एंड द सेम थिंग हैपेंड विद दिस केस आल्सो केरला के करंट एडीजीपी मनोज अब्राहम कुछ पुराने केसेस को रिविजिट कर रहे थे एंड इन्वेस्टिगेशन के दौरान उनके हाथ एक पुरानी तस्वीर लगी जो 2006 की थी जिसमें दोनों कल्पेट्टा क्निएक्सप्रेस वो पुरानी फोटोस के पुराने देवल और पुराने राजेश को अब एक बुजुर्ग राजेश और एक बुजुर्ग देवल की फोटो में कन्वर्ट कर रहे थे और फिर उन्होंने इन फोटोस को सोशल
मीडिया पर स्कैन किया इससे मिलता-जुलता फीचर तुम लोगों ने तो जब केरला पुलिस ने कई सारे वेरिएशंस को ट्राई करते हुए इन इमेजेस को सोशल मीडिया पर पड़ी इमेजेस से स्कैन करना शुरू किया तो अलग-अलग इमेजेस से वो परसेंटेज वाइज मिलना शुरू हो गई थी लाइक 10 पर और 20 पर बट सून दे गट एन इमेज ओवर अ faceb9ok प्रवीण कुमार लेकिन जब पुलिस ने उस इमेज को ध्यान से देखा तो उन्हें वह राजेश के चेहरे से मिलती-जुलती लगी केरला पुलिस ने यह इंफॉर्मेशन तुरंत सीबीआई को सौंप दी और फिर सीबीआई ने पांडिचेरी पुलिस से
कांटेक्ट किया और पॉन्डिचेरी पुलिस ने इमीडिएट प्रवीण कुमार उर्फ राजेश को गिरफ्तार कर लिया था और राजेश के मिलते ही देवल भी जल्दी पकड़ा गया पुलिस ने दोनों से जब इंटेरोगेशन शुरू किया तब पता चला कि ये दोनों पिछले 19 साल से 19 इयर्स से अपनी आई आइडेंटिटी चेंज करके एक नए नाम के साथ एक नई जिंदगी जी रहे थे दोनों ही पॉन्डिचेरी में एज अ इंटीरियर डिजाइनर काम कर रहे थे और दोनों ने ही अपने नाम चेंज कर लिए थे एज प्रीवियसली मेंशन राजेश ने अपना नाम प्रवीण कुमार रख लिया था और देवल ने
विष्णु इसके अलावा दोनों ने ही स्कूल टीचर से शादी भी कर ली थी जरा सोचो इस बात को इन दोनों ने इतना ब्रूटल मर्डर करा था छोटे-छोटे बच्चे मारता दे वर ओनली 17 डे ओल्ड और उसके बाद इन लोगों ने अपनी ड्राइव ऐसे रीस्टार्ट करी ऐसा रिसेट बटन दबाया दैट दे डिड नॉट केयर अबाउट एनीथिंग उनके लिए तो यह ऐसा था कि यह जो उन्होंने कत्ल करे थे वो कभी हुए ही नहीं थे दे सिंपली मूव्ड ऑन विद देयर लाइफ एंड दे हैड देयर ओन चिल्ड्रन एंड देयर ओन मैरिजस लेकिन फिर भी थैंकफूली एआई की
मदद से और पुलिस की डिटरमिनेशन की वजह से आल्सो इन दोनों को उनकी सजा फाइनली मिल गई थी एक कोल्ड केस जो लगभग भूला जा चुका था वो उनने साल बाद रिओपन हुआ था एंड जस्टिस फाइनली वाज डिलीवर्ड यहां पर एक बात और आती है इस केस को लेकर कि इज एआई रियली हेल्पफुल टू अस ह्यूमन बीइंग्स मोस्ट ऑफ द पीपल ओनली हर्ड अबाउट दिस केस क्योंकि इस केस में एआई का मेंशन हुआ था एंड दिस इज काइंड ऑफ द फर्स्ट टाइम जब इंडियन पुलिस ने एक एआई या फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद ली थी
किसी केस को सॉल्व करने के लिए लेकिन यहां पर ये डिस्कोर्स आता है कि क्या एआई हमारी एजिस्ट हैंस के लिए हानिकारक है या नहीं लेट मी नो व्हाट यू थिंक अबाउट दिस थिंग इन द कमेंट सेक्शन बिलो एंड अभी के लिए यह केस यहीं पे समाप्त होता है बिफोर यू गो गाइज अगर तुम लोग को डोक एंड डॉक्यूमेंट देखना पसंद है देन प्लीज सब्सक्राइब टू मी क्योंकि यहां पर हम लोग वही बनाते हैं एंड आल्सो गो फॉलो मी ऑन माय अदर सोशल मीडियाज बिकॉज़ वहां पे भी मैं कभी-कभी चीजें पोस्ट कर देता हूं बट
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