[संगीत] खुशामदीद मेरी बेटी अयान और बेटी ये है मिस यशफा तुम जानती हो इन्हें तुम इन्हें नेमत की शादी पर मिल चुकी हो शायद आपसे मिलकर खुशी हुई मुझे अभी मैं आपको बता दूं कि मेरी बेटी ही यासिर की वकील है। तुम्हारा शुक्रिया। आप यासिर को भी जानते हैं? हां बिल्कुल जानता हूं मैं उसे। अब बेटी ऐसा करो चाय लेकर आओ। क्यों ना पहले गरमा गरम चाय पी ली जाए उसके बाद बात करते हैं। आइए तशरीफ लाइए। [संगीत] कम इन प्रोसकटर साहब नेमत इमरान को तफतीश के लिए लाया हूं। अंदर भेज दो उन्हें। चलिए [संगीत]
[संगीत] आखिर तुमने मुझे अपने ऑफिस बुला ही लिया। अब खुश हो तुम क्या? हां बोलो क्या मसला है तुम्हें? तुमने नहीं कहा लेकिन मैं बैठ रहा हूं। नहीं आप नहीं बैठेंगे। प्रोसीकटर के सामने बाइज्जत तरीके से खड़े होकर अपना बयान दीजिए। अरे ये क्या? यानी मैं खड़ा रहूं यहां। खुद को मेरी जगह रखकर सोचिए। आपके नुक्त नजर से मेरे नहीं। तुम भी आबरू वाले केस में यूं ही खड़े थे ना दूसरे प्रोसीकटर के सामने। तो तुम मुझे बताओ कि अदब से कैसे खड़े होते हैं? मैं सीख जाऊंगा और उसी तरह खड़ा हो जाऊंगा यहां पर।
हम इस पर बात करेंगे और हमारी बात हर चीज पर होगी। फिलहाल हम आपके बिजनेस से आगाज करते हैं। और क्या है वो? मुझे भी तो पता चले कि क्या मामला है। आपके खिलाफ शिकायत है कि अपने साथ काम करने वालों को कि आप उन्हें डराते हैं, धमकाते हैं और भी काफी कुछ करते हैं आप उनके साथ। धोखेबाजी की शिकायत भी दर्ज है इसमें। ये चीजें हमारे काम का प्रोसीजर है। तुम नहीं समझोगे। क्योंकि तुम बचपन से ही कम अकल थे। इतना काफी है मेरे लिए। काफी लॉकअप्स खाली है यहां। वो दिन दूर नहीं है
जब आप इन सलाखों के पीछे होंगे। एक और बात आज के बाद आपका सुकून खत्म हो गया और मेरा वादा है कि रात को भी आप चैन की नींद सो नहीं पाएंगे। बस यही बात थी। नईम ऐसा करोगे? नेमत इमरान साहब को बाहर जाने का रास्ता दिखा दो। कौन? कौन है? [संगीत] चलो अब उतर भी जाओ। मुझे अब भी हैरत हो रही है कि हम यहां क्यों आए हैं फरहत अपनी अधूरी कहानी को मुकम्मल करने के लिए समझी तुम अपनी कहानी क्या तुमने मुझे ख्वाबों की दुनिया से निकलने को नहीं कहा था तुमने फिर से
वही बातें शुरू कर दी है मैं तुमसे बहुत नाराज हूं फरहद क्या मैंने बताया तुम्हें? बहुत दफा बताया। अरे वाह! तुम तो मुस्कुरा भी सकते हो। हालांकि मुझे लगता था कि शायद तुम इसलिए नहीं मुस्कुराते कि कहीं मफलूज ना हो जाओ। लेकिन तुम मुस्कुरा रहे हो। क्या बात है। तुम बातें बहुत करती हो। आदत से मजबूर हूं। आ जाओ। आ जाओ। आ रही हूं। नेमत क्या हुआ? उन्होंने तुम्हें प्रोसकटर ऑफिस में क्यों बुलाया है? कोई खास बात नहीं है अदीला। प्रोसकटर यासिर मुझे खबरदार करना चाहता है बस। तुम सुनाओ तुम अब कैसी हो? बेहतर हूं।
पहले से बहुत बेहतर। जरूर इस मामले के पीछे भी फरहद का हाथ होगा। पता नहीं किस-किस को परेशान किया उसने। खुद जनाब गायब है और तुम सब मसाइल का सामना कर रहे हो। कॉल करो उसे और पूछो कि क्या है यह? उससे वजाहत मांगो। मामला हल हो गया आपा। मेरा कोई भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता। ना वो प्रोसकटर, ना फरहद और ना ही कोई और। मैं यशवा या गुलशन का नाम दोबारा इस घर में नहीं सुनना चाहता। अंकल आप ज्यादा गुस्सा मत हो प्लीज। ये सच है विलदा। अंकल ने हमेशा इस घर के बारे में
सोचा है। मैंने घर के हर फर्द के लिए कुर्बानियां दी हैं। मगर बदले में मुझे दुख के सिवा कुछ नहीं मिला। इसलिए वक्त आ गया है कि सबको सजा मिले। उन्हें अपने किए का हिसाब चुकाना होगा। आप सही कह रहे हैं। यूनुस तुम मेरे साथ चलो। बात करनी है तुमसे। [संगीत] अंकल अंकल प्लीज अपने आप को संभालिए। देखिए आप अभी अस्पताल से बाहर आए हैं। थोड़ा सुकून रखें। मैं सब कुछ संभाल लूंगा। ये सब उस आसिल की वजह से हो रहा है। मुझे खत्म करना चाहती है वो। तभी उसने फरहद को अपनी तरफ माइल कर
लिया है। आप फिक्र ना करें। आसिल ने तबाह की है अर्श और फरहद भी उसके इश्क में अंधा हो चुका है। मैंने मारने का हुक्म दिया था उसे लेकिन वो खुद उसके हाथों मारा गया। अगर ऐसा है तो हम उसे खत्म कर देंगे। जैसा आप कहेंगे वैसा होगा। बस आप हुक्म करें। क्या तुम मेरा साथ दोगे इस काम में? क्यों नहीं अंकल? तो फिर तुम आसिल का सर मेरे सामने ला के रखो। जैसा आप कहे अंकल अब किसी और के जिम्मे मत लगाना। ये काम तुम्हें खुद करना है। अगर खाली हाथ आना हो तो मत
लौटना। इस बार झुकूंगा नहीं और ना ही खाली हाथ लौटूंगा। जाओ। फरत भाई और असिल भाभी के कपड़े तैयार करो भैया। खैरियत है? वो कुछ दिनों के लिए स्टोन हाउस में ही रुकेंगे। अब बाजी मेरे हाथ में है। [संगीत] रख दो रख दो। छोड़ दो इसे। गर्म है ये। मैंने तुम्हारे कहने पे छोड़ दिया। गिर भी सकता था। चलो। क्या तुम्हें दर्द है अब तक? पहले था अब बिल्कुल ठीक हूं मैं। चलो शुक्र है तुम ठीक हो गए। डॉक्टर अच्छी थी मेरी। मरीज भी काफी बहादुर था। मरीज तो लालाज था। आओ बैठो। मेरा मानना है
कि वक्त सारे जख्म भर देता है। जरा अपनी बात पे फिर से गौर करो। गुलशन ने क्या किया फरहद? बताओ। क्या किया है उसने? कुछ नहीं करेगी वो। क्या उन्होंने नेमत साहब को कुछ बताया? हां अब तक बता चुके होंगे वो घर में कोहराम मचा होगा इस वक्त लेकिन इतनी आसानी से मानेंगे नहीं वो उनकी अना किसी की खुशी से कहीं ज्यादा बड़ी है गुलशन और आबिद कितने खुश होंगे ना होना भी चाहिए एक तो समझ नहीं आती कि तुम कब किस वक्त किस बात पे हंसते हो जब तुमने बच्चे को अपने हाथों में उठाया
था। बहुत फनी लग रहे थे तुम। जैसे तुमने पकड़ाया मैंने उठा लिया। उसमें फनी क्या था? हां वो कोई गन तो नहीं था जिसे तुम ठीक से पकड़ते। मैंने पहली बार किसी बच्चे को उठाया। लेकिन अगर सच कहूं तो ये एक अजीब तरह की कैफियत थी। जो लफ्जों में बयान नहीं हो सकती। और ऊपर से उसका नाम फरहत। वो कितना मासूम था ना। हां मेरे जैसा नहीं था। वो हर गुनाह से पाक है। हालांकि फलत है वो। इसी चीज ने मुझे सोचने पे मजबूर किया। आज तुमने बहुत अच्छा काम किया। डिलीवरी के वक्त तुमने भी
देखो तुम मुझसे इस तरह की बातें मत किया करो। मैं शर्मिंदा हो जाता हूं। तुम जानती हो। फरहद हम सार आंटी को बिना बताए यहां पर आ गए हैं। क्या वो हमारे लिए परेशान नहीं हो रही होंगी? अरे नहीं इसमें परेशानी वाली कौन सी बात है भला? हम फिर जाएंगे। हम वहां दोबारा जाएंगे क्या? हां जरूर जाएंगे। उन्हें सलाम कहेंगे। उनसे दुआएं लेंगे। [संगीत] अब तुम किस लिए हंस रही हो पता नहीं। अब क्या हुआ है? तुम्हें नहीं लगता कि अगर हमने यहां रहना है तो हमें कुछ लकड़ियों की जरूरत पड़ेगी। अरे हां, यह तो
मेरे ज़हन में ही नहीं था। मैं देखता हूं लकड़ी काफी है या नहीं। कुछ तो पड़ी है यहां पे। [संगीत] मिस यशवा की चाय में एक चम्मच चीनी। [संगीत] तुम आज भी चाय में एक चम्मच चीनी लेती हो ना? [संगीत] देखो इस घर को अपना ही घर समझो। और अगर चाहो तो मैं होटल में रहने का इंतजाम करवा देता हूं। लेकिन मैं चाहूंगा कि तुम अपने बच्चों के साथ अपने घर में रहो। [संगीत] गुलशन अम्मी अम्मी मेरी शादी है आज। शाम 5:00 बजे। आज 5:00 बजे। जी अम्मी आबिद ने कहा कि हमें और इंतजार नहीं
करना चाहिए। कल उन्होंने यासिर भाई से भी पूछा था। यासिर से पूछा ये तुम क्या कह रही हो? कल हम यासिर भाई के पास गए थे उनसे इजाजत लेने। क्या यासिर मान गया है? जी अम्मी आपको भी आना होगा अम्मी। देखिए मैं जानती हूं मुझसे गलती हो गई। लेकिन इसका कफारा मेरा बेटा कामिल क्यों अदा करें? मैंने तो अभी तक अपनी शादी का जोड़ा तक नहीं लिया। आप आएंगी ना अम्मी। [प्रशंसा] अम्मी अम्मी सब खैरियत तो है ना यशवा? नहीं कोई मसला नहीं आपका शुक्रिया। अब मुझे चलना चाहिए। मैं यहां रुकना नहीं चाहती क्योंकि मेरे
लिए यहां रुकना मुनासिब नहीं। आप मेरे लिए बस टैक्सी मंगवा दें। मैं आपकी बहुत शुक्रगुजार हूं। यशवा मुझे इजाजत दो कि मैं तुम्हारी मदद करूं। और अगर तुमने मुझे यह इजाजत दे दी तो मुझ पर ये तुम्हारा बहुत बड़ा एहसान होगा। मान जाओ यशवा। [संगीत] मेरे लिए जाना ही बेहतर है। ठीक है। मेरा ड्राइवर जहां कहोगी तुम्हें छोड़ देगा। [संगीत] देखो ये जहां कहती हैं इन्हें छोड़ आओ। [संगीत] [संगीत] क्या हुआ तुम इतनी परेशान क्यों हो? मिस हदीला और नेमत साहब फरहद भाई पे बहुत गुस्सा है। फरहत भाई सब संभाल लेंगे। लेकिन वो यहां है
नहीं ना। उनके लिए दूर रहना ही अच्छा है। फरहद भाई आएंगे तो सब ठीक कर देंगे। फिक्र मत करो तुम। इंशा्लाह क्योंकि वो आएंगे तो ये मसला हल होगा। हां बिल्कुल। भाई आते ही हर चीज पर काबू पा लेंगे। तुम भी तैयार हो जाओ। वो क्यों? आबिद अली और गुलशन मैडम का आज निकाह हो रहा है। हम उनके गवाह होंगे। गवाह सीरियसली मैंने तुमसे पूछे बगैर हां कर दी थी। तुम नाराज तो नहीं होना क्योंकि मैंने पूछा नहीं तुमसे मैं गुस्सा क्यों होंगी भला? आपने अच्छा ही किया। बस मुझे हैरानी हो रही है। मैं तो
हर चीज पे हैरान होता हूं आजकल। वो कैसे? तुम जाके तैयार हो जाओ। देर हो रही है। ठीक है। [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] खुशामदीद शुक्रिया गुलशन ये क्या है? तुम खुद देख लो ना। [संगीत] ये शादी का जोड़ा [संगीत] ये बहुत खूबसूरत है। आबिद बहुत शुक्रिया आपका। ये वाकई खूबसूरत है। आप बहुत अच्छे हैं। पता नहीं ये तुम्हें फिट आता है या नहीं आता। मैंने खरीद लिया। बहुत ज्यादा है। ये ज्यादा फैंसी नहीं है। मगर ये ज्यादा अच्छा लगेगा तुम पे। बहुत शुक्रिया आपका। अरे ये तो हर लड़की का ख्वाब होता है ना कि वो खूबसूरत
और उसी जोड़े में मलबूस हो इसलिए खरीदा है। देखो शादी चाहे असली हो या नकली लेकिन शादी होती है। अगर मैं ना खरीदता तो निकाह खान क्या कहता कि इसके पास पैसे नहीं थे वो अपनी बीवी के जोड़े के लिए। आपने मेरे लिए जो कुछ किया उस सबका शुक्रिया। आप हमेशा मेरे करीब रहे और हमेशा मेरी हिफाजत के लिए खड़े रहे। यह शादी का जोड़ा जाहिर करता है कि [प्रशंसा] मुझे एतमाद है आप पे। [संगीत] मैं इस एतमाद का मुस्तहक रहूंगा। तुम फिक्र मत करो। ठीक है। मैं इसे पहन कर अभी आती हूं ताकि हम
लेट ना हो। ठीक है। मैं जाके नासिर को देख लूं। वो है कहां पे वैसे? लिविंग रूम में है। [संगीत] हां बोलो मेरी जान। तुम कहां हो सोया? मैंने ज्वेलरी निकाल ली है। अपनी तरफ से एक सोने का कॉइन और तुम्हारी तरफ से ब्रेसलेट। अच्छा किया तुमने। असगर कहां है? उसे मैं पड़ोस में छोड़ आई थी। ठीक है। मैं तुम्हें रजिस्ट्रार के ऑफिस के सामने मिलता हूं। ठीक है मेरी जान। मैरिज हॉल में मिलते हैं फिर। ठीक है। [संगीत] किसी की बदकिस्मती उसकी खुशकिस्मती बन जाती है। मसलन गुलशन को ही देख लो। क्या कुछ नहीं
हुआ उसके साथ? वो किसी के प्यार में पड़ी। उसका बच्चा हो गया। उस बच्चे के बाप ने उसे कबूल नहीं किया और फिर उसकी मां उससे दूर हो गई। भाई उसे देखना नहीं चाहता और फिर उसकी जिंदगी में आबिद भाई आए और आके उसका हाथ थाम लिया। इसलिए हमें मायूस नहीं होना चाहिए। ठीक कह रही हो। तुम्हें लगता है कि मोहब्बत किस्मत है? हां बिल्कुल। आप किसी को चाहे और वो भी आपको चाहे। इससे बढ़के क्या चाहिए? कुछ भी नहीं। और कुछ नहीं चाहिए। फरहद भाई और मिस हासिल को ही देखो। वो दोनों कितने मुख्तलिफ
थे ना एक दूसरे से। अब उनके लिए हर श एक जैसी है। तो तुम्हारा मतलब है कि प्यार नामुमकिन को मुमकिन भी बना देता है क्या? मुझे यकीन है। [संगीत] [संगीत] [संगीत] ऐसे क्या देख रहे हैं आप? अच्छी नहीं लग रही। बहुत अच्छी लग रही हो। [संगीत] जच रहा है ये तुम पे। बहुत खूबसूरत लग रही हो। [संगीत] आपका शुक्रिया। आपने बहुत अच्छा जोड़ा लिया मेरे लिए। [संगीत] गुलशन काश के काश के क्या यानी काश कि ये सब इस तरह ना होता काश कि तुम भी दूसरी लड़कियों की तरह उसके साथ होती जिससे तुम प्यार
करती हो यानी काश तुम इतनी दुखी ना होती एक आम दुल्हन की तरह खुश होती काश कोई भी तुमसे रिश्ते के लिए इंकार ना करता काश कि तुम भी एक खुशकिस्मत दुल्हन होती। मुझे कोई भी फैसला मजबूरन ना करना पड़ता। मगर मैं तो खुश हूं। मुझ पर अपने बेटे की एक पहाड़ जितनी जिम्मेदारी है जिसके लिए मुझे एक मजबूत सहारा चाहिए था। और वो सहारा आपने मुझे दिया है आबिद। [संगीत] ये सुनकर खुशी हुई। खुदा खुश रखे। आपको भी एक मिनट। [संगीत] तुम कैसे हो मेरी चाहत? [संगीत] पता है हम कहां जा रहे हैं आज?
आज शादी है अम्मी की। हां हां तुम्हें मुबारक हो बेटा। [संगीत] अगर मेरे बेटे को कुछ हो गया तो क्या होगा? अपनी बात पूरी करो नेमत इमरान तो मैं जिंदा नहीं छोडूंगा तुम्हें। मुझे इजाजत दो कि मैं तुम्हारी मदद करूं और अगर तुमने मुझे यह इजाजत दे दी तो मुझ पर ये तुम्हारा बहुत बड़ा एहसान होगा। तुम मुझे भूल गई हो ना। मैंने पहचाना नहीं। मैं तुम्हें अच्छी तरह से जानता हूं। यशवा मुझे मालूम है कि तुम्हें इस नौबत तक किसने पहुंचाया है। अगर कोई कीमत अदा करेगा [संगीत] मेरी अम्मी नहीं आई। [प्रशंसा] कोई बात
नहीं है गुलशन। जो आना चाहता है जो नहीं आना चाहता ना आए। असल तो आ जाती। कोई काम होगा उसे। जी हां। एक्चुअली भाभी यहां पर है नहीं। अगर वो होती तो जरूर आती। भाई को पता चलेगा तो क्या करेंगे वो। उनका क्या रिएक्शन हो पता नहीं। देखो गुलशन अब इन बातों का वक्त नहीं है। जो भी होगा देखा जाएगा। आओ अब चलते हैं। देर हो रही है हमें। हां ठीक है। कामिल को मुझे पकड़ाओ। गुलशन मैडम आप इसे मेरे पास ही रहने दे। लिबास खराब हो जाएगा आपका। बहुत शुक्रिया उरिया। आबिद ने पसंद किया
था ये। थोड़ी देर पकड़ो इसे। कितना सुकून है ना इस जगह पे। बहुत इस शोर में भी अजीब तरह का सुकून है। तुम्हारे पास असला नहीं है ना? ये बात है। तुमने पिस्तल नहीं लिया ना? तुम ही ने मना किया। चलो शुक्र है कि जिंदगी में पहली बार तुमने मेरी भी कोई बात मान ली। हां वो तो है। मुझे हैरत हो रही है वैसे। कुछ बातों पे शदीद हैरत हो रही है। किन बातों पे? जब तुम्हारे पास तुम्हारी गन नहीं होती तो तुम अधूरा महसूस करते हो। जैसे तुम मुकम्मल ना हो। जैसे पता नहीं तुम्हें
हर वक्त कोई अनजान खतरा हो। अब मैं समझा। तुमने इसीलिए मुझे गन लाने से मना किया ताकि मैं ऐसा महसूस करूं। इस बात का क्या मतलब है? वो कैसे? अब मुझसे हर बात का जवाब मत मांगो तुम। या अल्लाह कितनी अच्छी बातें कर रहे थे तुम लेकिन आखिर अपनी असलियत पर आ ही जाते हो। क्या कर सकता हूं? मेरे फैक्चिंग फॉल्ट है। मैं जानती हूं कि तुम्हारा मसला क्या है। सब मालूम है मुझे। तो डॉक्टर ने आखिर खोज लगा ही लिया। हां, लगा लिया। तो फिर मुझे भी बता दो। तुम्हें अपना आप पसंद नहीं? अपने
साथ से चिढ़ा है तुम्हें। देख सकती हूं मैं। देखो हम एक ऐसे दौर में रहते हैं जहां लोग अपनी फोटो बनाकर उन्हें बहुत से फिल्टर्स लगाकर पोस्ट करते हैं और खुद को पसंद करते हैं। तुम खुद को ना पसंद क्यों करते हो? ये सच है ना? [संगीत] तो तुम्हारा मतलब है कि मैं भी उन जैसा बन जाऊं। जो पागलों की तरह कहीं पर भी इस तरह फोन उठाकर बतख जैसा मुंह बनाकर तस्वीरें बनाते हैं। आई एम सॉरी यार। ये सिर्फ एक एक्सप्रेशन है। फरहद के लोग खुद को चाहते हैं। मैं चाहकर भी उन जैसा नहीं
बन सकता। ठीक है। अब फ़ की बात छोड़ो और मुझे बताओ क्या है? तुम्हारे पास मेरे इस लालाज मर्ज की दवा है। क्योंकि मुझे नहीं लगता कि कभी मैं इससे शिफायाब हो पाऊं। बच पाऊंगा मैं। अगर मरीज चाहेगा तो इलाज तो हो सकता है। मगर इलाज कैसे होगा? किस तरह? [संगीत] [संगीत] प्यार से। मोहब्बत से। कभी इस तरह से भी इलाज होता है। अच्छा ठीक है। बस इस इलाज के लिए एक शर्त है कि तुम्हें चुप रहना होगा कुछ देर के लिए। अच्छा ठीक है लेकिन तुम मेरी तरफ मत देखो कम से कम। [संगीत] मौसम
काफी अच्छा है। हासिल। ऐसा करते हैं बाहर चलते हैं। चुप रहो। मैंने कहा है ना चुप रहो। पता है मैं बहुत ही अलग महसूस कर रहा हूं। बहुत अच्छे लग रहे हो। बहुत शुक्रिया आपका। यासिर भाई आप आ गए? कैसे ना आता मैं? काश भरत भाई और अम्मी भी होते। फिलहाल तो तुम दोनों अंदर जाओ ताकि रस्म का आगाज किया जाए। जी ठीक है। [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] खुशामदीद निकाह की तकरीब शुरू करते हैं। दुल्हन अपना नाम और सरनेम बताएं। गुलशन अरसलान। दूल्हा साहब आपका नाम और सरनेम आबिद अली। गुलशन अरसलान क्या आप बगैर किसी दबाव
के आबिद अली को अपने निकाह में दूल्हा के तौर पर कबूल करती हैं? [संगीत] कबूल है। [प्रशंसा] और आप आबिद अली साहब बगैर किसी दबाव के गुलशन को निकाह में कबूल करते हैं? जी कबूल है। क्या आप सब इस निकाह के गवाह हैं? जी हां। हां [संगीत] मैं निकाहखा होने के नाते से आज से आप दोनों को मियां बीवी करार देता हूं। बहुत मुबारक हो आप दोनों को। बहुत शुक्रिया। [प्रशंसा] [संगीत] हम [संगीत]