है दोस्तों कि आप जानते हैं कि चुइंगम चबाने से आपका स्ट्रेस कम होता है इसलिए आप जब भी किसी स्ट्रेसफुल सिचुएशंस में हो कोई एग्जाम से पहले आप किसी इंपॉर्टेंट मीटिंग में जाने से पहले चुइंगम दबाना आपके स्ट्रैट लाइन को बहुत हद तक कम कर सकता है और आप कोई कॉन्फ्रेंस बूट मिलता है साथ ही क्या आपको पता है अगर आप किसी से बात कर रहे हो और वह प्रसन्न बातों-बातों में अपने हाथ आपको जो कर रहा है तो इसका मतलब होता है कि वह प्रसन्न आप और ट्रस्ट करता है और क्या आप जानते हैं
हमारे बैंक को एक नेगेटिव चीज के फैट को कम करने के लिए हमें पांच पॉजिटिव से करनी पड़ती है और क्या आपको यह भी पता है कि अगर आप एक दवाई खा रहे हो यह सोचकर कि इससे आपका सर का दर्द सही हो जाएगा अब चाहे वह वाइफ इक्वल हो या दवाई में सिर्फ शुगर ही क्यों न हो क्योंकि आपके माइंड नहीं ब्लैक कर लिया है कि इससे आपका सर का दर्द ठीक हो जाएगा तो इस दवा को खाने के बाद आप एक्चुअल में अच्छा फील करने लगे इसे कहते हैं प्लसीबो इफेक्ट जिसे कई बार
Doctors अपने patients पर भी यूज करते हैं ना इसका रिवर्स होता है नो साइड इफेक्ट जहां अगर आपको डॉक्टर यह कहता है कि इस दवाई से आपको कुछ साइड तो सकता है तो इसके हाय चांसेस है कि आपकी बॉडी साइड इफेक्ट ऑफ कर लेगी यकीन नहीं होता लेकिन यह सच है तो दोस्तों इसी तरह के और भी Amazing साइकोलॉजिकल फैक्ट्स आज हम आपके साथ शेयर करेंगे इसे जान के आपकी लाइफ आसान हो जाएगी नंबर वन वी केयर मोर अबाउट सिंगल पर्सन अबाउट मैसिव क्राउड्स अट यूनिवर्सिटी आफ पेंसिलवेनिया की एक स्टडी में एक ग्रुप के लोगों
को यह बताया गया कि एक लड़की भूख से मर रही है वह दूसरे ग्रुप को यह बताया गया कि लाखों लोग भूख से मर रहे हैं वहीं तीसरे ग्रुप को यह दोनों सिचुएशन से बताई गई और इसमें उसके बाद उन्हें ढूंढ चंद्रमा की गई तो सरप्राइजिंगली जब डोनेशंस अकाउंट करी गई तो लोगों ने उस लड़की को बचाने के लिए लाखों लोगों के मुकाबले डबल से भी ज्यादा उन्नत करा था जिसे साइकोलॉजिस्ट ने बताया कि हमारा बैंक जो हमारे सामने होता है और जो हमें लगता है कि यह प्रॉब्लम हमारे बस में है अब इस उसे
सॉल्व करना पसंद करते हैं जबकि हम बड़ी से बड़ी प्रॉब्लम सॉल्व करने के कांटे होते हैं लेकिन हमारा अपना माइंड हमें जाने-अनजाने में रोकता है तो जब आप किसी को कोई बड़ी प्रॉब्लम बताओ तो साथ उनके साथ कोई छोटी प्रॉब्लम भी शेयर करो इससे होने लगे कि वह उसे 100 यह कर सकते हैं पावर मेकस पीपल के िलए सपोर्टर्स स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के फेमस प्रेजेंट एक्सपेरिमेंट में कॉलेज स्टूडेंट्स को एक रीजन में रैंडमली गार्ड्स और प्रिंस के रोल में असाइन कर आ गया जिसमें यह देखा गया कि जो स्टूडेंट्स घाट बने थे वह प्रिजनर्स को अरेस्ट
करने लगे थे जब कि वह सभी एक ही क्लास के स्टूडेंट्स थे फिर भी वह बस अपने एक पेट्रोल के पावडर का यूज करके अपने ही क्लासमेट्स को क्रश कर रहे थे और जितना ज्यादा हो गया था कि छह दिन के बाद इस स्टडी को कैंसिल करना पड़ा बट रिसचर्स को इसका रिजल्ट मिल गया था अब यह तो बहुत ज्यादा अच्छी हो गया था बट कई स्टडीज में देखा गया कि जिन लोगों को यह फील होता है कि वह पावर में है तो वह नैचुरली अपने पॉवर में अंधे हो जाता है और लोगों को अपने
से नीचे समझने लगते हैं कई बार यह शो नहीं करते बट वह सामने वाली फीलिंग को समझ नहीं पाते और ज्यादा MP3 नहीं शो कर पाते हैं इसलिए जब भी आप किसी से बात करो तो अपनी रेपुटेशन टाइटल और किसी भी तरह की पॉवर को अपने ऊपर हावी मत होने दो क्योंकि पावर कब दिमाग में चढ़ जाती है पता ही नहीं चलता कलर ब्लू कैन इंक्रीज प्रोडक्टिविटी साइकोलॉजिस्ट कि आपके वर्कस्पेस रूम में ऑफिस के दीवारों का कलर कैसा है यह आपकी प्रोडक्टिविटी को बहुत हद तक फिट कर सकता है और मॉडर्न साइंस कॉलेज के अकॉर्डिंग
अगर आप अपने आस-पास ए प्रोडक्टिव एनवायरनमेंट क्रिएट करना चाहते हो तो आपको अपने आस-पास ब्लू कलर का सबसे ज्यादा यूज करना चाहिए इन फैक्ट यू आर ऑरेंज कलर नहीं आपको ज्यादा प्रोटीन बनाता है बल्कि आपके मोड और इमोशंस को भी बन सकता है क्योंकि जैसे रेड कलर साइकोलॉजिकली हमारे गुस्से और डेंजर को रेफर करता है वैसे ब्लू कलर हमारे बैंक में पीस और पॉजिटिव मेंटल एनर्जी को प्रमोट करता है ₹1 सीम्स टो डिस्ट्रेक्ट यू वांट टो ब्रेक वो से कॉलेज में एक कंसेप्ट है जिसे रिटर्ंस का जाता है जिसके अकॉर्डिंग जब लोगों को लगता है
कि उनकी फ्रीडम उनसे छीने जा रही है तो नहीं वह सिर्फ उस रूल को ब्रेक करते हैं बट इसके साथ ही वह उससे भी ज्यादा रूल ब्रेक करने लग जाता है जिससे कि वह और भी ज्यादा फील कर पाते हैं और यही रीजन है कि टीनएज में टीनएजर्स बहुत गलत हाथों में पड़ जाते हैं क्योंकि जितना ज्यादा उन्हें पेरेंट्स सोसायटी के दबाव से दबाया जाता है उन पर रूल्स एंड रेगुलेशंस लगा जाता है वह उतना ही ज्यादा उन रोल्स और उस क्षण को तोड़ने का प्रयास करते हैं इसलिए टीनएजर्स के लिए यह फैट जाना इसलिए
जरूरी है ताकि वह पेरेंट्स और सोसायटी द्वारा किए जाने वाले साइकोलॉजिकल प्रेशर से कुछ ऐसा ना करें जिससे वह खुद का ही नुकसान लॉन्ग टर्म में करने लगे पीपल रिटर्न्ड फ्रॉम ऑल थे डाटा इज द बेबी पिक्चरें ने एंड वर्क की साइकॉलजिस्ट ने मिलकर रैंडमली अलग-अलग जगह पर 240 टेस्ट वॉलेट कहीं पर छोड़ दिए थे जिसके बाद उन्हें कुछ लोगों द्वारा वह वॉलेट्स वापस भी दिए गए जिसमें यह देखा गया कि जिन वार्डों में एक छोटे बच्चे की फोटो थी उन वॉलेट के वापस मिलने के चांसेस 98% ज्यादा हो गए थे बाकी वॉलेट के मुकाबले
इसलिए साइकोलॉजिस्ट कहते हैं हमेशा अपने वॉलेट में एक छोटे बच्चे की फोटो रखने का ट्राय करो अगर आपके बच्चे नहीं है तो कोई बात नहीं अपनी खुद की कोई बचपन की फोटो रख लो इससे जब भी आपको अवार्ड कहीं खो जाएगा तो इस फोटो को देखकर कोई ना कोई तो आपके वाइट को टर्न खरीदेगा इस के चांसेस ज्यादा है एक भी हेल्प लाइन भी और प्लांट इस लेस लाइक्ली टो वर्क लाइफ में एक सेकेंड बैक का पोर्शन रखना अच्छी बात है बट साइंस के अकॉर्डिंग यह करना हर बार हमारे लिए सही नहीं होता यूनिवर्सिटी आफ
पेंसिलवेनिया में करेगा इस experiment से क्वेश्चसं को यह पता चला कि जो लोग को स्टार्ट करने से पहले अपने बैकअप प्लान के बारे में सोचते हैं वह हमेशा उन लोगों के कंपैरीजन में खराबी परफॉर्म करते थे जिनके पास कोई बैकअप प्लान नहीं था साइकोलॉजिस्ट कहते हैं कि अगर आपके प्रेम को यह लगता है कि आपके पास और बी ऑप्शन है तो उसका में सफल होने के चांसेस कम हो जाते हैं क्योंकि आपका मोटिवेशन लेवल ड्रॉप जाता है वे ऑलवेज स्ट्राइव टो रिटर्न थे फेवर अब इस पॉइंट को ठीक से समझना क्योंकि हम आपको मैनर्स नहीं
दिखा रहा है बल्कि हम आपको एक साइकोलॉजिकल फैक्ट्स बता रहे हैं एक्चुअली अगर किसी ने हमारे हेल्प करिए तो हमारे यह फर्ज बनता है कि हम भी उसकी हेल्प करें यह सोच सिर्फ आपके गुड मैनर्स नहीं है बल्कि यह एनरोल और ऐसी रोटी जिसके अकॉर्डिंग हमारा प्रेम इस तरह से प्रोग्राम है कि हमारे साथ अगर कोई अच्छा भी हेल्प करता है यह हमारी हेल्प करता है तो हमें ऑटोमेटिकली सामने वाले के हेल्प करने का मन करता है या उसे अच्छा फील कराने का मन करता है कई बार बड़े बड़े ब्रांड इस साइकोलॉजिकल पैक का यूज
करके अपने कस्टमर का अटेंशन ग्रेट कर लेते हैं जहां वह पहले तो कुछ चीजें फ्री में दे देते हैं ताकि आप अपने आप ही सेवर को अटेंड करने के लिए उनका प्रोडक्ट खरीद लो अरे यू रिमेंबर थिंग्स बैठे क्यूब इन जस्ट 120 के जर्नल आफ एजुकेशनल साइकोलॉजी में पब्लिश हुई एक स्टडी के अकॉर्डिंग एक क्लास में एग्जाम से पहले स्टूडेंट्स को अपने नोट्स को तीन बार यूज करने को कहा गया जहां उन्होंने अच्छे से निवेदन करा और तीन बार पर नोट को बार-बार पड़ा और उसके बाद हमने अपना फाइनल एग्जाम दिया जिसके बाद यह पता
चला कि उस क्लास में स्टूडेंट्स ने बहुत एवरेज परफॉर्म कर आए जहां सभी स्टूडेंट्स का एवरेज इसको सी प्लस था बट वह इस सिमिलर क्लास के स्टूडेंट्स को खा गयो एग्जाम से पहले तीन मॉक टेस्ट देंगे जहां उन्हें एग्जाम से पहले कुछ पॉइंट्स दिए जाएंगे जो उनकी नॉलेज को टेस्ट करेंगे रिवीजन करने के बजाय उन्होंने तीन मॉक टेस्ट दीय जिसके बाद इन स्टूडेंट्स का एवरेज इसको था यह - जो पहले ग्रुप के असिस्टेंट से बहुत ज्यादा था जिससे यह पता चला कि अगर आपको याद रखना चाहते हो तो उसका सबसे बेस्ट तरीका है अपना टेस्ट
लेते रहो फॉर साइंस मैथ साइंस ऑल वर्ल्ड चैनल एक्सपेरिमेंट एंड सोशल साइंस कॉलेज में पब्लिश टू मेक पेपर के अकॉर्डिंग जो लोग और सैलेंसर एक्सपीरियंस करते हैं तो अक्सर वह straight-forward और क्वार्टर ठीक करने लगते हैं जो किसी भी कॉन्वर्सेशन की वाइफ को खराब कर देता है और इस वक्त से यह पता चला है कि किसी भी कॉन्वर्सेशन को और बनाने में सिर्फ चार सेकेंड का समय लगता है किसी से भी बात करते टाइम अगर आप नहीं चाहते कि आप कि पॉजिशन खराब हो तो बात करते-करते अचानक चार सेकेंड से ज्यादा साइलेंट मत रहो वरना
आप और सामने वाला दोनों अनकंफर्टेबल फील करने लगेंगे फीयर कैन फील गुड ठे वेयर नॉट वेल इन डेंजर किसी को हॉरर मूवी देखना पसंद नहीं होता बट जिन लोगों को ऐसे एक्सपीरियंस एस बहुत पसंद होते हैं जो बाकी लोगों के लिए बहुत डरावनें होते हैं इसके पीछे भी एक साइकोलॉजिकली साल है जब आप एक हॉरर मूवी देख रहे होते हैं फिर कुछ ऐसा काम कर रहे होते इसमें आपको डर लगता है ऐसे टाइम पर आपके ब्रेन को पता होता है कि आप डेंजर में नहीं हो और आप को डरने की जरूरत नहीं है बटन एक्सपीरियंस
से आप अपने प्रेम को ट्रैक करके अगला एंड प्रोफैशंस एंड वूमेन हार्मोंस को रिलीज़ कर देते हो जिससे आपको बहुत अच्छा फील होता है तभी कुछ लोगों को हॉरर मूवीस देखना बहुत पसंद होता है self-confidence इज मोर इंपॉर्टेंट देन अपीरियंस कई सारी स्टेज शो करती है कि मैम के अट्रैक्ट इस पर डिपेंड नहीं करती थी वह दिखने में कितने ज्यादा अच्छी है आपके गुड लोग आपका ड्रेसिंग सेंस यह सब सिर्फ फर्स्ट इंप्रेशन जमाने के लिए इंपोर्टेंट है और जो चीज बाकियों को सबसे ज्यादा अट्रैक्ट करती है वह होता है सामने वाले महंगा self-confidence कि वह
जो बात कह रहा है उस बात में कितना दम है और अपने बारे में कितना हाईली सोचता है कई स्टडीज में देखा गया है कि जिन कपल्स में लड़कियां लुक्स के मामले में अपने पार्टनर से ज्यादा अच्छी होती है उनकी रिलेशनशिप ज्यादा लोग मशीन होती है बजाएं उनके जहां आदमी लड़की से ज्यादा ट्रैक्टर देख रहा होता है जैसे स्विच ऑफ बर्थ डे सिर्फ एक बार सचस राइटिंग डाउन योर थॉट्स योर स्ट्रेस कई सारी स्टडीज ने अशोक राय कि अपने रोमांटिक एक्सपीरियंस इसको लिखने से आपका इम्मोर्टल स्टेट पहले से बेहतर हो जाता है इस सप्ताह स्ट्रेस
कम होता है और आप मेंटली हील होने लगते हो ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपके साथ जो भी बड़ा होता है वह आपके माइंड में हमेशा घूमता रहता है पर आपको हर्ट करता रहता है और हमारे माइंड की एक बात आप इसे जितना ज्यादा एक चीज को बढ़ाने को कहेंगे इसे वही चीज उतना ज्यादा याद आएगी इसलिए जब आप अपने थॉट्स को लिख देते हो तो आप उसके बाद अच्छे से सोच पाते हो और खुद को जज कर पाते हो जिससे धीरे-धीरे वह थॉट्स आपको परेशान करना बंद कर देते हैं दोस्तों इस चीज को हम
खुद भी फॉलो करते हैं जनरल इनकी मदद से क्योंकि देश फैट की राइटिंग से आप अपने थॉट्स को क्लीयरली देखते हुए अरब का थोड़ा लाइट और क्लियर हो जाता है लेकिन अगर आप और साइकोलॉजिकल फैक्ट्स जान के अपने माइंड नॉलेज को और ज्यादा बढ़ाना चाहते हो तो आप हमारी यह अमेजिंग साइकोलोजी फैक्स पर बेस्ट वीडियो देख सकते हो तो अगर आपको यह वीडियो अच्छी लगी तो वीडियो को लाइक और सब्सक्राइब बटन पर क्लिक करके इस चैनल को सपोर्ट करो और नोटिफिकेशन ऑन कर लीजिए ताकि आप आने वाली वीडियोस मिस ना कर पाए थैंक यू फॉर
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