क्या तुम्हारे साथ कभी ऐसा हुआ है कि तुम किसी काम से कमरे में गए हो और फिर एकदम से थोड़ी देर बाद तुम्हें रिलाइज होता है कि अबे मैं यहां करने क्या आया था इस चीज को द डोर वे इफेक्ट बोलते हैं अब ये होता क्यों है देखो जब भी हम कुछ देखते या सुनते हैं तो वो चीज हमारे पिल पिली दिमाग में सबसे पहले जाके शॉर्ट टर्म मेमोरी में स्टोर होती है अब शॉर्ट टर्म मेमोरी की खास बात ये है कि इसकी एक कैपेसिटी होती है इसमें सिर्फ सात चीजें और वो भी केवल 30
सेकंड के लिए स्टोर हो सकती है अगर दिमाग को लगा कि कोई चीज इंपॉर्टेंट है तो वो उसे शॉर्ट टर्म से लॉन्ग टर्म मेमोरी में भेज देगा तो अब इमेजिन करो कि तुम किसी आलीशान घर के आलीशान कमरे में बैठे हो इमेजिन और अपना काम कर रहे हो फिर तुम्हें याद आता है कि अरे दूसरे कमरे से कोई चीज लानी है तो जैसे ही तुम दूसरे कमरे में जाओगे तुम्हारा दिमाग पिछले वाले कमरे की चीजें जैसे कि थॉट्स जो अभी अभी शॉर्ट टर्म मेमोरी में स्टोर हुए थे उन्हें डिलीट कर देगा ताकि वो उस नए
कमरे की चीजों को शॉर्ट टर्म मेमोरी में स्टोर कर सके समझ में आया मुझे भी नहीं आया था क्या बात है