अब हम आपको यह बताएंगे कि क्या अरविंद केजरीवाल अपने सरकारी बंगले और बड़ी सी गाड़ी के त्याग से शराब घोटाले के दाग को धोने में कामयाब होंगे दिल्ली में मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद अरविंद केजरीवाल अब अपने उस सरकारी बंगले को खाली करने वाले हैं जिसके पुनर्निर्माण पर उनकी सरकार ने कोविड काल में 50 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा खर्च कर दिया था और यहां बात सिर्फ इस सरकारी बंगले की भी नहीं है केजरीवाल अग दो हफ्ते में इस सरकारी बंगले को खाली करने के बाद सरकारी गाड़ी को भी त्याग देंगे और
उनकी जगह दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी इस सरकारी बंगले में रहेंगी और केजरीवाल की जो सरकारी गाड़ी है वह भी उन्हें मिल जाएगी और इसीलिए आज बड़ा सवाल यह है कि क्या यह त्याग शराब घोटाले के दाग धो पाएगा अभी जो आप तस्वीर देख रहे हैं यह अरविंद केजरीवाल की बड़ी सी गाड़ी है जिसे अभी आप देख रहे हैं पहले वह कहा करते थे कि वह कभी बड़ी गाड़ी नहीं लेंगे बड़ा बंगला नहीं लेंगे बंगला भी उन्होंने बहुत बड़ा ले लिया और गाड़ी भी बहुत बड़ी ले ली केजरीवाल जब राजनीति में नए-नए आए थे तब
उनके पास एक नीले रंग की वगन आर गाड़ी थी और यह गाड़ी भी उनकी नहीं थी बल्कि उनके परिवार के नाम पर थी लेकिन आजकल केजरीवाल एक बड़ी गाड़ी में चलते हैं जो एमजी ग्लस्टर कहलाती है और इस गाड़ी की कीमत ₹ लाख रप के आसपास इसकी कीमत है तो आज केजरीवाल एक महल जैसे शानदार सरकारी बंगले में रहते हैं और 4 लाख रप की बड़ी गाड़ी में चलते हैं हालांकि अब उन्होंने इस्तीफे के बाद इस सरकारी बंगले को और इस गाड़ी को त्यागने का फैसला कर दिया है बड़ी बात यह है कि जब आपको
वापस से सरकारी बंगले को लेना है और वापस उतनी बड़ी सी गाड़ी को लेना है तो उसके लिए एक छोटा सा त्याग है त्याग का एक छोटा सा शॉर्टकट मार्ग है या आप कह लीजिए कि यह टी20 स्टाइल का त्याग है क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि बस कुछ ही महीनों की बात है यह त्याग करने के बाद जनता का दिल पसीज जाएगा उन्हें सहानुभूति मिलेगी क्योंकि वह मानते हैं कि यह जनता की भी अग्नि परीक्षा है उनकी अपनी भी अग्नि परीक्षा है वह इस अग्नि परीक्षा में पास हो जाएंगे और एक बार फिर से
वह इस बड़ी गाड़ी में चल पाएंगे