प्रिय नबी हजरत मोहम्मद सल्ला अहि वसलाम एकदा बर्ना करन जे एक दिन हजरत मसा अहि सलाम कोथा जालन तखन पापि शयतान ता सामने उपस्थित होए बोलते लागलो हे मसा नबी अपनाके रिसालत और नबत समाने भूषित छन महान अल्लाह ताला अपना साथे सरासरी कथा बोलेन तखन हजरत मसा अ सलाम बोलेन है तो की होए किंतु ए क बोर पेने र उद्देश्य की तुम का की ओ ओ मुसा न इबन के नते पेन तब तिनी जिजस करले तुम के उत्तरे इब्लीस बोललो हम इब्लीस शयतान हम अपर माध्यमे अल्लाह तार का तौबा करते एसे अपनी अपर प्रभु का
प्रार्थना करुन जे हम तार का तौबा करते चाई तखन अल्लाह ताला पख थे ओही प्रेरण होलो बोलेन हे मसा तुम ताके बोले दाओ जे अल्लाह ताला तुमार आर्ज श्रवण छन अल्लाह ताके हुकुम जे से जन आदम अल सलाम कब सखे सिजदा कर ज से सिजदा कर ने ताले अल्लाह तार आर्जी कबुल कर नेन एवं तार समस्त गुनाह माफ देन हजरत मसा अ सलाम इब्लिस के एक कथा नाले से क्रोध अग्नि शर्मा होए बोलते लागलो हम आदम के जीवित अवस्था सिजदा करनी और एन मृत्युर पर ताके सजदा करबो तब जेतु अपनी जन सुपारी ताई ऊपर आपर
हक एसे गए आपनी जे सब क्षेत्रे आके स्मरण करन अर्थात सर्के सतर्क थाक बन सेग आपना के जानिए राख से काजग होलो जखन अप राग हो तखन मने करन ओ राग प्रभा हो जा आपर अतरे प्रभा फेले सेही समय चोख अपर चोखे ऊपरे बसानो थाके से समय हम अपर रक्तर त दौड़ा दौड़ी करते थाकी जखन ई दल सन्य जिहाद जक्त थाके तखन हम मुजाहिद का ता बब बचार कथा मने कर देई जाते तरा ुर मदन थे पराजित होए पालिए जाय टुक बोर पर इब शतान ले जाय एभ कक दिन पर मुसा अ सलाम मस्जिद दिके
जान तखन इलीस ए नर सामने आबार हाजिर होए बोलते लागलो आपन समान अल्लाह दरबार नेक बशी मुस्लिम होते ई आके साज्य करुन मसा नबी इलीस माथाय एक लाल रंग टुपी देखते पेले एव बोलेन टा किसर जन्य इब्लीस बोललो मानुष मनो जोग आकर्षण जन्य मसा नबी जिजस करले की तुम मानुष के काबु फेलो तखन इलीस बोलो जखन मानुष आत्म प्रशंसा डुब जाय एव के खूब बड़ मने तखन हम मानुष का खूब ताड़ी पछ जाई आपना के तीन काज सतर्क करछ एक जे महिला अपनार जन हलाल नय ताके निए निर्जन जाबेन ना कारण जखन के निर्जन कोन
महिला के निए जाय तखन हम तार मनर भीतर ढुके गए तार के दि पाप काज करई दई अल्लाह साथे अंगीकार कोले ता पूरण करन कारण जे मानुष अल्लाह साथे अंगीकार कर हम तार पेने लेगे थाकी जाति अल्लाह के दिया अंगीकार भंग करते प तीन आपनी जखन ान खरात जन टाका बर करन तखन अवश्य खरच करन कारण जे न जन टाका बर ता पेने लेगे जाई जन ओ टाका पसा सत काज ना लगाते प रप शतान तीन बार चित्कार बोलो ध्वंस धंस ध्वंस एव एर पर से पालिए गलो माका सैतान 74 अल्लाह ताला शतान के एक
ल बर पर दुज थे बा बर करन एव हजत आदम बा आना ताप शतान के सजदा कर जन हुकुम करा ह तखन बारबार इलीस ताते अस्वीकार कर बारबार जहन्नाम निक्षेप करा ह इने कासर 1162 इने माजा 7348 एकही हजरत नूह अ सलाम नौका चड़ कोथा जान तखन हत नौका एक बड़ ब्यक्ति हाजिर होलो चेना ब के देखते पे न अम जिजस करले अपनी के हत किलेन तखन इलीस नि रूप धारण बोलो शयतान तख न सलाम बोलेन खाने नो एसे शतान बोलो आप नुरागी विप करते तार मन मगज खरा ते तार देह गु आपर का थाक
मन गुर का तखन नूह अ सलाम बोले उन री अल्लाह दुश्मन तु धंस हो खान थे बर होए जा तोरी कारण ंग मानुष डुब मरे तु ता सर्वनाश इलीस बोलो की करबो बोलन न अम बोलेन तु तौबा कर इलीस बोले ताले अ अला ता का ने देखन त कबुल संभावना किना ह नम न अला का न तखन अल्लाह प थे नान इलीस आदम कबरे सजदा ताले ता तबा कबुल हो जाब नतान के बोलेन तो तब पति ठीक शतान बोले की हजत नम बोलेन आदम कब तोज करते शतान बोले जातो आदम केदा करन मरा आदम के
प दुल मनसूर 3 33 माका दुस शैतान इब्लीस बोले आके नौका थके नामा बन ना सुनन मानुष के जे पांच खरा काज जन विपद कामी करी सेग म तीन बोल और द गोपन राख से समय जिब्राईल सलाम ही नह अ सलाम के बोलेन तुम शयतान के बोलो मानुष के काब करर जन दुई जिनिस गोपन ख टा जिनिस बोलते शतान बोलो टा जिनिस म एकलो हिंसा अभिशप्त एव विता शयतान हो और दती हो लोभ अल्लाह ताला हजरत आदम अ सला जन जन्नत हलाल दिले किंतु आदम अ सलाम जन्नती चिरकाल थाक लोपन ताई हम निजर उद्देश्य सफल
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