एकजन हिंदू धर्म गुरु जे निजे के कृष्ण बंधर बोले परिचय दिए रातो अनाचार साधारण हिंदू के पाप य ि नि ड़ सब बड़ पाचा ुग जुग धरे चरण सेब नामे से पंडित कुमारी मेद करतो सर्वनाश कुमारी मेद के ता बर आगे रात काते होतो से पंडित साथे और अंधविश्वास ब टा समाज नाचार के मने करतो सब बड़ पुण्य काज और जे के त कुमारी नष्ट ज पडित नी सेही मेटी निजे के ब सौभाग्यवती मने खुशी मने पडित का ार दि निज सब किछु बंधुरा हम आजक सिनेमार काहिनी शु को ल्प नय टा 1800 शताब्दी टे
जावा भारत एक सत घटना र ति निर्मित खक नुष ता अंधविश्वास कारण एक धर्म गुरु के कृष्ण बंधर मने ता कुमारी मेद के निजरा खुशी खुशी पाठिए दि चरण सेब नाम से धर्म नाचार करते शु एखाने शेष न अंधविश्वासी लोकरा ता मेद के से पंडित सेवाय पा दि सेब देखतो नी चोखे कारण ता विश्वास लो ते तरा पाप मुक्त ह बंधुरा पाप मुक्ति नाम सब ब पाप शेष होलो कि ना सेही पाप ए ल नते होले ो सपूर्ण स टना र ति निर्म आज सिनेमा टना प्रह ल 182 गुजरा डल नाम एक ग्रामे बैष्णब परिब
जन्म हय एक पुत्र संतान बाबा आदर बाचा नाम राखे कासन दास छोट बेला थे कासन जाना आग्रह लो प्रचुर जमन एक दिन पूजो समय पंडित के आगन मध्ये कला फेलते देखे जिजस टा करले की ह उत्तर पंडित बोले आगन कला के भगवान का पछ दे जा शने करसन बोले आगन की ताले भगवान ठिकाना जाने जाने पंडित मई नि चिंता जा करन रकम नेक प्रश्न बड़द ब ज स उत्तर ताके के दि पतो ना परिब स आदर होले खब ि दिन कासन भाग्य मा बाब आदर टेना कारण मात्र 10 बर बय कासन ता मा के हराय
ता बाबा आ बए नेते कासन के ले असते बमब ता मामा बाड़ी बमब तख लो सब आधुनिक शहर खाने त आ चलतो ब्रिटिश किंतु हुकुम चलतो ष्ण सप्र बैष्णब सा महल लो तख सेखाने और सब बड़ महल के बला होतो हाबेली और हाली प्रधान धर्म गुरु नाम लो जे जे और जे जे लो नक महाराज जाके सई मने करतो से हो कृष्ण बंधर ता से शु साधारण को धर्म गुरु नय से हो एकजन देवता तो देवता प्रसाद पा लो कासन दस मामा ी थे पना करतो देखते देखते कान सा सा त ि ब था त
समय ू म जात पात खू ना होतो श्वास लो नीच जा नु स्प ु जाते मानुष अपवित्र हो जाय किंतु कसन किछु मानतो ना रास्ता बसे था नीच जाते नु थे खाब नि खेते धा करतो ना पशर पापा कसन दस खबर काग लेखालेखी करतो एव सेने त मुक्त चिता नि खी कर म ने े होतो कान दस विवाद धि सर्के लिखतो विधवा ह को पाप न ए सर्के से मानुष के बझा कासन दस लेखा शु नीच श्रेणी ष नय समाज प्रगतिशील सह सकल ध ष का जनप्रिय होए ठेलो एक दिन होली त् कासन चले आ
जे जे महाराज हबते होली उद जापन करते एखाने से चाय ताब स्त्री किशोरी के सब प्रथमे हली रंग लगाते किंतु किशोरी ताके बाधा दिए बोले अरे की करछ तुम महाराज आगे काके रंग लगान निषे ने जाने कसन बोले होमी आ र ताई तुमाके रंग लागन धि जब किशोरी बोले महाराज स्थान स्मीर रे और धर्म स्थान प्रेम रे ताई ज महाराज आगे तुम आय रंग लगाओ ताले पाप होए जाब किशोरी क शने कासन तख ए बप तर्क ना बिए बोले आ किछु दिन पर ब रंग गाते पमा ु ध तो कान ख किशोरी के चुम दि
ने तख सई बोलते थाके जे जे महाराज अस होलिर ठे जाने किशोरी तख किश कासन किस स्मी से ताके धक्का मेरे छुटे चले आ होलिर ठे महाराज का बाए कासन तख चले आ होली माटे एखाने से देखे किशोरी खूब नाच गान महाराज सामने होली उद जापन कर और किशोरी के नाचते देखे जेजे महाराज कुजर ग पड़ किशोरी रे और तार जेजे महाराज ठे रंग लाग दे किशोरी के ता माने एब महाराज ता चरण सेब न पछ किशोरी के ते किशोरी और ता मा खुशी बाक बकम करते थाके कारण लीर ठे एतो में ते महाराज शु
किशोरी के आज राते त चरण सेब जन बाई र चे परम पूण्य काज की बा होते पारे ए सब किछु ते ते तरा खुशी गद गद होए जा तो किशोरी मा तखन किशोरी के नि जे रूमे पाए दे चरण से न और न दि कान दास ु किशोरी किशोरी न जे रूम आ त से देखे खब सुंदर परिपाटी राजकी बिछना त राखा हो और जे जे एक लाते कृष्ण मतो भा धरे ुए किशोरी जेजे के देखे भक्ति हा जोड़ प्रणाम करले जे तखन किशोरी का एग आ नद बा कसन दस तो किशोरी केनो खुजे जा
करसन तखन किशोरी छो बोन देवी के े ता जिजस किशोरी को देवी त बोलेन भा किशोरी के तो जेजे महाराज ता चरण सेब न पछ दद तासे महाराज चरण सेवा करते ए खुशी तो आज बाते मिष्टी बनानो हो टा शने कासन देवी के किछु ना बोले से ले जाय जे रूम दिके रण सेवा देखते असले कासन जानना चरण सेवाले कि करनो हय कुमारी मेद दिए दिके जे जर हबली देखा जा एकजन लोक ता ले के साथे नि चरण सेवा देखते लोक तख जे सहकारी के स्वर्ण न दिले सहकारी तखन लोक के बोले सोज ऊपरे चले
जाओ और चुपचाप नाला दिए देखब किछु क्ण पर कासन सेखाने ले आ और से किशोरी किशोरी बोले रे जोरे चित्कार करले सहकारी ताके नाय किशोरी महाराज चरण सेवाय व्यस्त र ए के भतर जेते पब ना तखन कासन से सहकारी के बोले हम किशोरी हबू स्मी जाने सहकारी तख हात जोर खमा चे बोले ओ भुल हो आपनी जेतु किशोरी ह स्मी त अप धि र चरण सेवा ार ए बोले से कासन के पाए दे ऊपरे चरण सेवा देखते अन्य दिके हम देखी किशोरी के ज जे जे महाराज चरण सामने बसे ता सेवा करते किंतु जे जे
महाराज ता एमन सुंदरी भक्तर स्थान ता द चरण ना दिए किशोरी के टेने निए त तीन नं चरण ऊपर बिए एन उल्टो निजे से किशोरी सेवा करा शुरु ओ दि कासन रेसे देखे जे जे महाराज तरा सई हात जोर दए परम भक्ति सहका रम सेवा देख और किशोरी बाबा के ा जाय जे ता मे के महाराज चरण सेवा करते देखे खुशी केद फेल कारण बंधुरा ए अंध भक्त अंधर मतो एटा विश्वास करतो जे जे सब मेरा महाराज चरण सेवा करर सुग पाब से सब मेरा ता परिब सई के निए मृत्यु पर स्वर्ग ले जाब र
कसन रम सेवा ार न ख नाला खले तख से देखे ु स्त्री किशोरी जेर तीन न रण ऊपर बसे सेवा कर जा देखे रागे े कासन तख चित्कार ठे और नीचे नेमे महाराज रूमे ढुके पड़े चरण सेवा न टान जे जे सब तरा जरा जरा ऊपर थे लो तरा सई कासन र खपे गए बोलते थाके पापी मृत्यु पर तु नरके जाब कसन तखन ओद कथ को प्रतिवाद ना जे जे के बोले टा तुम की करले हब स्त्री साथे जब तखन जे जे बोले चरण सेवा शु सेवा न टा परंपरा भक्त तु काम ु कर करन
त क ना ब किशोरी के बोले तुम चलो साथे ड़ते ज किशोरी ताक दिए बोले चरण सेवा लो मतो शेष तब बाते फिर जे तन कसन के बोले तुम फिरे जाओ बाते नले तो किशोरी चरण सेवा शेष तब बाते फिर और ता टा बा सब जन प्रसाद और प्रसाद कख राखी ना दिन न रागे कापते कापते बोले खा अ त होक झुटा बा प्रसाद सेटा तुम रेखे ओ बोले से ब हबली थे और बारी फिरे से ता लोसा के अंधविश्वास का नष्ट होते े रज बंध खूब काते थाके तो पर दिन सकाले कासन दस चले
आ ता कलेजे तख ा जा किशोरी लाज मतो कासन साथे क बोर चेष्टा कासन चुपचाप ते ले किशोरी ताके बोले हबते जा किछु होए सेटा सेवा लो एकमात्र न मिले जाने कानता बोले लो मंद विचार कर न धर्म न बुद्धिर प्रयोजन जा ने र का चार बर ध ा तुमाके ब न आज हात ध य पा तुम से तुम की जेज साथे सहवास करले एकजन ंड पंडित तुमाके ब्यबहार झुटा बोल और सब सुने तुम कि निजर म नु करो किशोरी त ग बोले एकमात्र हाते और आगे नेके गिए और पर नेके जाब और रण सेवा
को पाप करनी बर ते सकल पाप मुछ ग जब कसन बोले तुम जा सेटा के बोले रेवास पालन को धर्म पालन न धर्म मानुष के स्य असभ्य नय एतो सब कथ पर किशोरी निजे के निर्दोष ले कसन ताके बोले बाबा के बोले दिब पंचायत रिबाना दिए बए ेे ते कारण का झुटा खाब खावा इच्छे आ ने बोले कासन ले ले किशोरी काते काते ले जे रण सब किछु शने जे बोले जा किछु ह ईश्वर र जनय तुम आज थे खास भक्त होए सेवा करब ते तुमार पुण्य आ ब जाब तो भंड जेजे त अंध भक्त
के दिए ए सुगे आ किछु दिन त तीन न चरण सेवा कर ने और किशोरी जेजे के खास सेवा करते पे कासन के हरान सब दुख कष्ट भुले जाय तो एक दिन किशोरी घुम थे जेगे एक दसी के जिजस जे जे कोथा ग जब दासी ताके बोले हतो जे जे पूज करते ग तो किशोरी जे के खते मंदर का ले से शने रूम त जे जे महाराज काके बोल सेवा तीन धरन हय प्रथम धन सपद दिए द्वितीय मन दि और तृतीय शरीर दिए धनर मन दि सेवा करर न नेक भक्त तुम की र शरीर दि
सेवा का त एमन सब शने किशोरी चमके ठे कारण रकम कथा तो जेजे ताके बोलो और भतर थे जेजे ता भक्त के बोले चरण सेवा शु करते तख किशोरी से देखब न ख रज टते य त से े त त छो बोन देवी बसे ए किशोरी बुझते पारे जे जेना जानी कतो ता का भक्त बनिए रेखे और ता सर्वनाश र किशोरी दरजा खुले भतर चले आ और ता बोन के सेखा थे बेर दिए जेजे के से बोले ओ बोनय से नाम प्रताना करन आपनी सब मेद साथे नेक विश्वास अपनाके लाम आपनी भगवान किंतु ना आपनी
तो एक ंड जे भगवान नाम भक्त साथे प्रताना ए बोले से ता बोन के निए नते नते बड़ते निए आ माने ता बोन आते लो ना की तो बाते असार पर किशोरी बोन खूब राग बोलते थाके चरण सेब ज ख तुम जेर का ले तख तो खूब खुशी ले ड़ते मिष्ट बनानो होलो त न आप र ना की किशोरी त किछु ना बोले काते ले देवी जिजस दद की हो र किशोरी काते काते बोले नेक बड़ भुल फेले शरीर र कासन अधिकार लो त जे म एक ंड के ार दिए मृत्यु पर स्वर्ग पाब आशा
चे थे जीवन के नरके फेले दिए से ता बोन के आ बोले जेर फ प कारण कासन बए भे दिए जाने देवी त त गिट दिए बोले मा सब समय जे कोन मानत पूरा करर जन्य ए आले गिट दिए राखे ता ज दिन कासन भाई साथे र गजम मिट से दिन आचल गट खुल न दिके कासन मामा कासन के खूब बका बकी कर बए भे देब जन करसन के बोले चरण सेवा करा कोन पाप नय किशोरी जा र मामी एक समय ताई निज स्त्री के दिए एकजन भंड लोक चरण सेवा करिए मामा केतो गर्वित होते
देखे कासन तो खूब अक हो जा से ता मामा के बप निंदा करले करसन के ता मामा थाप मेरे बाड़ी थे बेर दे र करसन दास पु रात टाउन हल सामने शुए थाके पर दिन सकाले श गोकुल दास और सोहराब जी कसन के शुए ते देखे ता का आ रा दुजन नियमत कान लेखा पतो रा कासन मतो चिंता भावना धिरी लो कन के सब किछु खुले बोले ता सर्के जाने तरा दुजन ता साथे नि जा कसन के अन दि हम जेजे के देखी तबली तख जे स्त्री जेजे के जिजस कासन दस के हाली सई ता
बप कथा बोल जर उत्तर जे बोले कासन दस एकजन नास्तिक से नरके जाब तखन सेखाने जे सेवक आ और से बोले ममजी और ता बोन लीलावती जोर हबली के ढुके पड़े तरा चाय एकनी अपना साथे देखा करते लीलावती किछु दिन आगे जे चरण सेवालो तो लीलावती भाई शमजी जेर पाए पड़ हा बोते था महाराज बोन अप रण सेवा गर्ती हो आपनी बोन त र कर त जेज एक डक्टर बोले सेखाने ग बा फेले ओ नेज जे र ख रेगे जा मारते य त जे सेव ता धरे ले र लीलावती जे र पड़ जा बोले र्
देवता ने र बा जन बा नष्ट करना लातीन बोले कारण सेनक नुष तख जेजे के ता भगवान बोले मने करतो तोर जे जे लीलावती के प्रसाद क बोले एक लाडू खाए दे और ताप ता के हबली थे बर देय तोर ची हबल बहिरे साज न चिलाते थाके का से लडडू खे लीलावती भमरा शुरु तखन कसन दस सेखा दि जालो से शमजी लीलावती के साज्य करते एग आ ताप से ता के सेखाने अपे करते बोले ड़ी निए आ जाते लीलावती के चिक नि जा किंतु न से गाड़ी खाने तखन से देखे ममज लीलावती सेखाने ने तन
कान दबल द्वितीय महाराज लालजी महाराज का आ और कासन दास ताके जिजस ममजी के से देखे किना तखन लालजी महाराज उत्तर बोले ना जानीम कतो मानुष के हाब गिले खे फेले तखन कान दा लालजी के जिजस न आपनी न महारा ब बोले ना तख लालजी महाराज त माथा नीचू ले और बोले हाब सकल समप लि जे जे हम किछु करते पब ना जेज विरुद्ध किंतु तुम हाल बहिरे तुम प पत्रिका लिखे जे सकल अपकर्म फसते तो पर दिन सकाले करसन दास रजी ईजन का आ और से ताके महाराज सकल अपकर्म सर्के खुले बोले से महाराज
सकल अपकर्म सपके पत्रिका सवाद प्रकाश करते सबु रजी करसन के बोले जेखाने हाब न्य महाराज जेज विरुद्ध किछु करते पब ना सेखाने हम की बा करते पी रजी तख कासन के बोले ज तुम नुष अंधविश्वास विरुद्ध लड़ाई करते ओ ताले आगे तुमाके परिवर्तन होते ह तुम किशोरी के ता भुल तो देखिए किंतु ताके ध ने सुग तुम ताके ओनी रजी ईर क शने कासन ता निजर भुल बुझते प ई से सिद्धत य आज से किशोरी साथे ा ताके माफ दे तो सब बप नि कासन रजी भाई आलाप साला करते थाके तखन दौड़ते दौड़ते सेखाने एकजन
लोक चले आ और कासन के द्रुत बहिरे आते बोले जखन करसन बहिरे आ तखन से किशोरी लाश देखते पाय कारण किशोरी निजर भूल केमा करते ना पेरे निजे के से मेरे फेले किशोरी लाश देखे कासन अनु सूचना भुगते थाके तखन किशोरी बोन देवी कासन के एक ि दे ि किशोरी कासन न लिखे रेखे ग ि किशोरी लिखे ध हो ला नुष और स म पथक भुले ला और ख दृष्ट फ पेला तख र ख दिके तान साहसी ह फेला चे ते बुझाते पनी रे त कत लज ला ता मरे बुझ दि ला र साथे जे
न विरुद्ध ड़ते ना प कि लड़ाई शु कारण हि नि र् दि ला रा साने न्न दिन ा ि प शे कासन सज र का ले आ और ताके बोले आज थे र विरुद्ध लड़ाई शुरु हो ग और र असल चेहरा समाज सब सामने न्न ड़ तोर दिन कसन दस र अपकर्म बप नूज लिखे रजी ईजन का से निए आ से ता पत्रिका छपन न किंतु रजी भाई जे विरुद्ध ूज ते राजी होयना कारण ता पत्रिक अधिकांश पाठक बैष्णब संप्रदाय और बैष्णब ता महाराज विरुद्ध को ूज मेने नेब ना तख श गोकुल दस और सहज
त रजी भा कथ साथे सति दे तखन कासन सिद्धांत नेय से निजे एक पत्रिका खुले जेजर विरुद्ध नज करब कसन सिद्धांत सई मेने नय और कासन ता पत्रिका नाम दे सत्य प्रकाश तोर कासन सोहराब जीर का थे एक जायगा निए सेखाने पत्रिका छते थाके पत्रिका नो होले कसन दस लोकरा से पत्रिका गु नि वितर जन ब पड़ किंतु रास्ता जे लोकरा गाड़ी थामिए सकल पत्रिका पुए लेद जे जे ख से पत्रिका गुलो देखे से रेगे जाय और ता से आदश ार काल थे हाब को रज खुल ना ण ना कासन पा धमा ना चाब तख
लालजी महाराज जेजे के बोले भक्त तो मंगल दर्शन ना न्य एक दना मुखे तुल ना तखन जेजे हसते हसते बोले तो एटा ई तरा सई ेे ग कान दास के बाध करु का क्षमा प्रार्थना करते तो पर दिन सकाले हबलर बा एक नोटिस टांगो हय ज जना कासन दस जेजर का क्षमा चाब तण पर्यंत हबलर दरजा बंध थाक सकल तरा ए नोटस पड़े चित्कार कसन के डकते थाके तख कसन के ा जाय से जे सकल तद राग साथे लड़ाई करर न एक उपाय ब निए आ से देवता ब ी तुले निए आ और से सेब
सामने गा नीचे स्थापित र सकल तद बोले नाराज साथे ु तो र रज बं करब किंतु आपरा सई तो ता भक्त महाराज आपद सब न न हाब रज बंध अनाद के र् अस् रेखे जे ता उद्देश्य हासिल करते य एमन करते दिन ना ताके देव दर्शन ना अन्य मुखे देन ना तो अपनारा ठीक ंद ी र् नि न मुखे दि न ली र खुले दे करसन क शने र पेन थे राज नाम एकटी ताली दि दि एग आ और से बोले आज प्रथम बार के साहस सत्य क बोले ते ने तखन कान न ताली बाते
थाके तख सेखाने लालजी महाराज ले आ और उपस्थित सई लालजी महाराज और कासन साथे सेखाने मंगल आती और ए कासन जेजर प्लान नष्ट दे और सब किछु जे जे र थे देखते थाके तोर सने देख राज नाम मेटा कासन का काज खते आ और कासन ताके काजे रेखे दे तो दि जे जे ता नन ल चाले से कासन बाबा के गुजरात थे डेके निए आ जे जे कासन बाबा के बोले तुम र ले के बोलो से जनसे पाए पड़ क्षमा चाय नले जे कोनो किछु घटते पारे तोर कसन बाबा कासन काछ आसे और से कसन
पत्रिका छपन जन एक नोटिस दे नोट लेखा लो आज थे ता कासन म कोन संपर्क ई माने से के तज पुत्र घोषणा करसन के से बोले ज तुम ग जेजे महाराज कामा ना चाओ ताले नोटिस तुमार पत्रिका छाप दियो करसन तबु हार माने ना से रास के बोले ए नोटिस पत्रिका छाप दते ते कसन बाबा राग सेखा थे चले आ और कासन दास मन राप नदीर पार दए थाके तखन रास सेखाने चले आसे से कासन मन लो करब जन चेष्टा किंतु कसन मन पुपरी भे गलो कारण ता लड़ पु परिब ताके परित्याग तखन राज ताके
साहस य और बोले आ तुमार साथे जे कोन परिस्थिति मोकाबला करते और ताप कासन मन हल्का होले रास कासन के प्रेम निवेदन एव बोले पत्रिका र लेखा गुलो पड़े तुमाके लो बसे फेले किंतु करसन राजर कामा चे निए बोले ए लड़ाई सफल ना ह पर्यंत तुमाके बए करते पबो ना तोर कसन त प्रेसे चले आ एव जे रुद्ध आ पत्रिका सवाद प्रकाश और रा आधार गोपने कसन लोकरा पत्रिका गु निए बए पड़ और एब जे लोकेरा एसे गाड़ी था माय तब ब तरा किछु खुजे पाय ना कारण कासन ब त पत्रिका गु अन्य एक गाड़ी
तुले सब्जी दिए ढेके फेरी वालाद धमे नाना पचार एव र होते पु शहरे स हाते हाते जे कुक ूज ड़ पड़ जे निजे पत्रिका पड़े तख ा जा जे स्त्री जे का बोले डक्टर ए न ु नि बोले खब जरुरी अपनाके ा करते ता माने देवता जे जे अस्थ होए तब कीता रोग ता न पर तो जे त पत्रिका े डक्ट साथे ा करते ले जे स्त्री ूज े ले रज बंद खा जे न दना किछु पालो ना कारण सकल तरा ल बाता पूज करते थाके त बा सम रज ते बा त मव भक्त तो
ठीक पूजा अर्चना करते किंतु जखन जे जे कोन मे के पछ करलो ता दु चरण माझे थाका चरण सेवा करन न तख सई को ना को एक बाना बनिए सेखा थे ले जालो जे जे बुझते पारे तद माझे ता जन भक्ति कमे जा ए जन से तप्त होए कासन विरुद्ध 500 टा नहानी मामला मामल शने कासन चिंता पड़ कारण ते जे विरुद्ध कोर्टे साी देब न के लोना त गोकुल द किछु साी साथे निए कासन का आ जरा जेज विरुद्ध कोर्टे साी दि राजी लो कारण ता ब बेटी के दि जे जे ता चरण सेवा
करिए निलो साी हाते पे कासन लड़ाई कर स्प आ एक बार जेगे ठे ए जन से ता ल के साथे निए हबते चले आ एव जे जे के से सब सामने बोले आ जे जे तुम रेडी होए नाओ अदालते सब सामने ए बार हम तुमाके नंग टा कोही छड़ और ताप कसन कोर्टे जाब जन प्रस्तुति ते थाके तख गोकुल दस थिर होए आ कासन का और बोले जे जे सकल ी के हमकी दिए ता तरा के साी दि अदालते जाब ना गोकुल दस और कासन नि क बोललो तख सेखाने रास दौड़े चले आ और द्रुत
कासन के बहिरे असते बोले कसन बहिरे देखे जे लोक कासन छापाखाना जालिए दिए ग बार कासन आ े पड़ और बोले काद न लड़ाई करबो जाद मा बोद त र जन ड़ से तारा एसे प्रेस लि दिए लो तख राज कासन के ता एक गोपन कथा बोले से बोले यस ख 16 बर लो तख बाबा माके निए गलो जेजर रण सेवा करन न्य छोट ला लो मंद बस तेम लो ना तब टा ठीक बुला जे सेखाने चरण सेब नामे जे जे जा करते लो सेखाने पाप छ पुण्य किछु ने ता तख चित्कार ची थे लेला
किंतु मत तो सब मेरा नि ओ जेज रण थे र करते पना ई तुम ओ सब मेद न लड़ाई करब जाते आ को मे के किशोरी मतो ता प्राण विसर्जन ते नाय किशोरी क शने कासन लड़ाई ल खुजे पाय तखन सेखाने एकजन लोक चले आ और से कर्सन दास के बोले जे जर स्त्री ता साथे देखा करते चाय रप कर्सन जख जेजर स्त्रीर साथे ा तखन से कसन के एक ठिकाना दिए बोले ए ठिकाना चले जाओ सेखाने तुम एमन एकजन मानुष के पाब जिनी जेजर अपकर्म विरुद्ध साी देब प्रमाण देब तोप कासन तखन से ठिकाना
चले आ एखाने असले से देखे शमजी और ता सेही बोन लीलावती जर पेट बा दिए दिलो जेजे से खाने लुकिए कसन खाने ता दुजन के देखे बशक होए जाय कारण से तो े लो से राते ता दुजन के हबली निए मेरे फेला होए तखन शमजी करसन के बोले से राते जे जे आ के हत करते पनी कारण जेजर स्त्री आ के लुकिए हबली निए लो और ताप से लीलावती चिकित्सा ताके सुथ तोले तोर ममज करसन के बोले शर ता बोन अदालते गए जेजर अपकर्म ब्यापार साी देब कसन ब परिष्कार बुझते पारे जे जेजर स्त्री चाय
गोपने गोपने जेजर विरुद्ध रूखे दते रप कासन आ एक बार तार पुरे जा प्रेस के सचल और जेजर विरुद्ध लड़ाई करर ज प्रस्तुति ते थाके तब जे कि चुपचाप ुए बसे ने जे ता गुप्तचर माध्यमे जानते पारे कासन लीलावती के ता विरुद्ध ब्यबहार करब ता जे एक दिन कासन के हाब डेके नि आ और बोले मामला तुम रे जाब ो समय चरण धरे क्षमा चे नाओ तुमाके माफ देब जब कसन बोले क्षमा चाब ना र का बरं तुम का कोटे कमा चा सब सामने ए बोले कासन चले ते ले जे जे ताके थाम बोले ठीक
तुम जेतु हबते एसे पड़े तब एक प्रसाद खे जाओ ए बोले से लीलावती के डकते थाके तखन अक होए कासन पेन फिरा ताले से देखे लीलावती जे ज सहकारी हात धरे बरिए आ असले जेजे जखन जानते पारे कसन लीलावती और तार भाई के साी हिब ब्यबहार करब तखन जे जे लीलावती भाई के खूनन लीलावती के तुले निए राता राती ता सेवक साथे बए कर दे जाते अदालते टा प्रमाणित हय लीलावती पेटर बच्चा जेज सेवक जेजर नय कसन जेजर परिकल्पना देखे क्रोधात हय और से मने मने संकल्प जेजे के से शिक्षा दिए छड़ तो कोर्टर तारीख
चले आ और जे लाखो भक्त कोर्ट सामने दए थाके जेजे जखन अदालते ले आ तख ा जाय र तरा सई टी ुए पड़े निद हात बए रण तरा ता देवता पाखो ते लागते देब ना और जे जे महाराज भक्त हाते ऊपर दि टे आल प्रश निमता जाहिर आदालत क असार पर कसन ल जे बप जिज्ञासा कर न जे व्यक्ति चिकित्सक के डेके आने डॉक्टर तखन सई के बोले जे ंद का रोग माने गनेरिया होए और गने एकजन पुरुष तख ख से नेक महिला साथे लाशा कि तु डक्टर के मिथ्या प्रमाण करते बो डॉक्टर ु शने
ता का थे ंद रोग ख नी ष प्रकार रा ा न्य किछु न डक्टर हतो नते ु शने ए बोले काल मारते न कि डॉक्टर तखन जोर दि बोले जे रोग ंद न ंद का अर्थात जे गनेरिया होए ज कथा विश्वास नाय को ताले अन्य जे कोन डॉक्टर के डेके निए तार मेडिकल चेकअप कराते पारे तो खाने जे जे अशे फ जा त जिज्ञासा न जे सहकारी के ड ता जिजस लाती स्त्री तखन से बोले लीलावती स्मी आ और ता पेटर बाचा एकमात्र बाबा आ उकिल तखन बोले तो अपनाके लीलावती पेटे कार बाचा सर्के किछु
जिजस करनी माने सेगम क बोलते ग फेसे जाय और त करसन ल सई के बोले लीलावती पेटर बचार बाबा जे जे और जे जे निजे के ए दय थे मुक्त करते गत राते से ता सहकारी साथे लीलावती बए दिए दे करन ल ती प जे सजना ल साधन दिए बोले हिरे जे नता ड़ तरा किंतु ता देवता असमा सज करब ना ताई जा किछु बोलबा मुख साले बोलो तो जेजर हुम कीते कोट तखन भय पे जाय तई कर्सन ए बार निजे चले आ जेजर पर्दा फास करते कोर्टे थाका समस्त लोक के कसन बोले चरण सेवा
नामे कोन प्रथा हमद धर्मे ने चरण सेवा नामे मेदर के पंडित बिछना पाए देर म पुण्य किछु ने टा महापाप धर्म अनुज एकजन स्त्रीर रे एकमात्र अधिकार थाके ता स्वामीर ताले एमन आज गभ नियम एलो कोके जे स्त्री लोक के प्रथमे महाराज भोग करब और ताप त स्मी रप करसन आ अनेक बड़ बड़ किछु जुक्ति ए सपे तुले धरे एव से ता शेष क बोले सब किछु ार पर जे अंध होए थाक थाक और ज के आके समर्थन नाओ तबु एई लड़ जाबो ए जेजर विरुद्ध जेज म शुरु थे एक ओवर कॉन्फिडेंस लो जे जेज
विरुद्ध लड़ाई करर जन कासन पा काके खुजे पाब ना ता जे तखन ले ते ले पेन थे आवाज े आ साी देबो जेर विरुद्ध तखन करसन देखे ता मामी एसे खाने जेजर विरुद्ध साी दते करसन मामी देखा देखी आ बश किछु महिला ड़ पड़े जेर विरुद्ध साी ते कारण जे जे ए सब महिला दिए कखन ना कखन ता चरण सेवा करिए निए और ए जे मुख स सामने ोचन एव से केसे रे जाय कासन ऊपर थे नहानी तुले ने तो जे जे आदालत थे हिरे ब होए आ त से ल ए ता को त ता
हाट न निद हात ब दि ना सब मने जे प्रति णा ले आ ए आ के जेजे के भक्ति ना कारण सई बुझे ए ला बाटपार ंड ए दिके करसन विजय े किशोरी बोन ता दिके दौड़ ले आ एव से काप ट खुले ले कारण आज कासन किशोरी शे इच्छा तो बंधुरा सा संपूर्ण स घटना निर्मित हमद आजक सिनेमा समाप्त य