इस धरती के सबसे खतरनाक एक्सपेरिमेंट्स जो कि ऑलमोस्ट ऑलमोस्ट धरती को खत्म कर दिए थे सुनो सूरज के कोर का टेंपरेचर है 1 करोड़ डिग्री सेल्सियस तो क्या है कि जब हमारी धरती पे पहली बार न्यूक्लियर टेस्टिंग की गई थी 1945 में द ट्रिनिटी न्यूक्लियर टेस्ट उसमें जब यह आग का गोला बड़ा हुआ था तब वहां जो मिट्टी थी ना उसकी टेंपरेचर पहुंच गई थी डेढ़ करोड़ डिग्री सेल्सियस यानी सूरज के बराबर फिर अमेरिका का कंपीटीटर रूस देश ने कहा कि अभी बताता है मैं फिर 1961 में रूस ने न्यूक्लियर टेस्ट किया और तब टेंपरेचर
पहुंचा 10 करोड़ डिग्री सेल्सियस यानी सूरज से भी सात गुना ज्यादा फिर स्विटजरलैंड ने कहा कि रुक अभी सबको औकात दिखाता हूं मैं और स्विटजरलैंड के सर्न लेबोरेटरी में साल 2012 में दो पार्टिकल्स को लाइट के स्पीड से टकराया गया और तब जो टेंपरेचर निकला वो था 5 लाख करोड़ डिग्री सेल्सियस यानी 360000 सूरज के बराबर लाइक ब्राइब करना