हम में से ज्यादातर लोगों के लिए सांपों का मतलब है खतरा और यह डर ठीक भी है यह हर साल 50 लाख से भी ज्यादा लोगों को काटते हैं कुछ में होता है जानलेवा जहर तो कुछ सिर्फ हमला करते हैं पर कुछ दोनों चीजों का इस्तेमाल करते हैं कौन सा सांप सबसे खतरनाक है वो जो आपके सामने है कौन ज्यादा जानलेवा है हम यही तय करके आपको बताएंगे तो आइए देखते हैं वर्ल्डस डेडलिएस्ट स्नेक्स ऑस्ट्रेलिया भारत लेकिन पहले बात दक्षिण पूर्व एशिया की यहां पाए जाते हैं दुनिया के कुछ सबसे खतरनाक सा [संगीत] यह है
इंडोनेशिया के नम और ट्रॉपिकल रेन फॉरेस्ट और यहां रहता है दुनिया का सबसे ताकतवर और बड़े सांपों में से एक रेटिकुलेशन इसकी लंबाई किसी आम बस से भी ज्यादा होती है इसमें जहर तो नहीं लेकिन गुस्सा बहुत होता है वजन 160 किलो इस विशाल शिकारी को खुराक चाहिए किसी इंसान के आकार जितनी बड़ी पाइथन अक्सर रात में शिकार करता है लेकिन छिप सकने वाले अपने शरीर के कारण यह दिन में भी बिना नजर आए घूमता रहता है इतना बड़ा आकार होने के बावजूद यह बहुत फुर्तीला है यह तो बंदरों को भी खा जाता है जंगल
में यह कहीं भी शिकार कर सकता है लेकिन पानी के कारण इसका वजन हल्का हो जाता है यह 20 मिनट तक पानी में डूबा रह सकता है और यह आपको अपनी तरफ बढ़ नहीं दिखेगा जंगल की इन जल धाराओं के जरिए यह विशाल अजगर सीधा इंसानी बस्तियों तक पहुंच जाता है दक्षिण पूर्व एशिया में 65 करोड़ 50 लाख से भी ज्यादा लोग रहते हैं और इनमें से कई समुदाय पाइथन के रेन फॉरेस्ट के पास ही बसे हुए हैं और अक्सर इनके पालतू जीव भी और कभी-कभी तो बच्चे भी गायब हो जाते हैं रात पाइथन के
लिए बहुत माकूल है बिल्ली जैसी उसकी आंखें रात में बहुत अच्छे से देख पाती हैं और थूथन के आसपास मौजूद पिट से इसे गर्म खून वाले शिकार का पता चल जाता है इसके मुड़े हुए करीब 100 दातों में फसने के बाद शिकार भाग ही नहीं सकता जानलेवा कुंडली मारकर यह मिनटों में खून का बहाव रोक देता है और फिर निचले जबड़े तो ये एक बड़ी समस्या हो सकती है किसी रेटिकुलेशन को लेकर डर और हमले का जोखिम काफी होता है लेकिन इसमें ताकत होती है जहर नहीं इसका काटना खतरनाक होता है लेकिन ऐसा कम होता
है बच्चों को छोड़ बाकी के बचने के गुंजाइश काफी होती है बात सांपों की हो तो जानलेवा होने के लिए बड़ा आकार जरूरी नहीं भारत चीन और इंडोनेशिया मशहूर है कॉफी चाय और जहरीले रेप्टाइल्स के लिए यहां पेड़ पौधों की पत्तियों में छोटे और आब बोरियल स्नेक्स होते हैं जिनसे स्थानीय किसानों को डर लगता है यह है ग्रीन पिट वाइपर्स इनकी मर्जी इंसानों को नुकसान पहुंचाने की नहीं होती यह तो बस इनकी शिकार की कमाल की काबिलियत का नतीजा है पाइथन की ही तरह यह अपने सिर के दोनों तरफ मौजूद हीट सेंसिंग पिट ऑर्गन के
जरिए पक्षियों और चूहों जैसे गर्म खून वाले शिकार का पता लगा लेते हैं के चौड़े सिर में जहर वाली बड़ी ग्लैंड के अलावा लंबे और हिंच फैंगस भी होते हैं दूसरे वाइपर्स की तरह हमले के वक्त इनके मुंह 180 डिग्री तक खुल सकते हैं लेकिन इनकी सबसे जानलेवा चीज जहर नहीं है ग्रीन पेट वाइपर्स इसलिए खतरनाक होते हैं क्योंकि पेड़ों में रहने वाले यह सांप सिर की ऊंचाई पर शिकार और हमला करते हैं अगर यह गलती से किसी इंसान को तो खून बहता है दर्द देने वाली सूजन हो जाती है और कभी-कभी दम घुटने से
मौत भी साउथ ईस्ट एशिया में सांपों के किसी भी दूसरे ग्रुप के मुकाबले यह ज्यादा काटते हैं और इन्हीं के वंश का एक और सांप जमीन पर भी सक्रिय रहता [संगीत] है जमीन पर पड़ी पत्तियों में एक ज्यादा जहरीला सांप मंडराता रहता है ये हर साल कई स लोगों को काट लेता है यह है मलन पिट वाइपर साउथ ईस्ट एशिया के जंगलों में पाम ऑयल और रबर प्लांटेशंस की भरमार है और यहां किसी सांप को काफी चूहे मिल जाते हैं इसकी रणनीति होती है फौरन काटकर तेज असर वाली हीमो टॉक्सिक वेनम को झोक देना जिससे
जबरदस्त दर व्यापक नेक्रोलॉजी ग्रीन पिट वाइपर्स पेड़ों पर रहते हैं जबकि मलय पिट वाइपर जमीन पर चूहों और मेंढक का इंतजार करता रहता है पत्ती जैसे अपने नुकीले सिर और शरीर के धब्बों की वजह से यह पत्तियों के बीच बखूबी घुलमिल जाता है यह दिखता नहीं है इसलिए लोगों का पैर इस पर पड़ जाता है इसके लंबे दांत किसी रबर बूट को भी भेद देते हैं साउथ ईस्ट एशिया के देहाती इलाकों में एंटी वेनम और हॉस्पिटल ट्रीटमेंट की कमी है तो हमले में बचने वाले लोग भी या तो अपाहिज हो जाते हैं या उनके अंग
का ने पड़ते हैं इसीलिए यहां इसे एक्स स्नेक भी कहा जाता है तो अब वक्त है इंडो पैसिफिक के सबसे खतरनाक सांप के खिताब के लिए हमारे पहले कंटेंडर की मार्किंग का पिट वाइपर का जहर अंगों को तबाह करने के लिए काफी है और यह हमला भी बहुत तेजी से करते हैं यह हर साल हजारों लोगों को काटते हैं फिर भी सिर्फ दो फीसद की जान ही जाती है लेकिन जायंट पाइथन को हराने के लिए फिलहाल तो इतना ही काफी है भारत में दुनिया के सबसे खतरनाक सांपों में से चार रहते हैं और यहां की
आबादी है एक अरब 40 करोड़ के आसपास यानी अमेरिका से चार गुना ज्यादा जबकि इस देश का आकार वेस्ट कोस्ट से भी छोटा यहां तरह-तरह के लोग बसते हैं और कई तरह के खतरनाक सांप भी ऐसे में तबाही तय है इन्हीं में से एक जहरीला सांप है कॉमन क्रेट यह आकार में छोटा पतला और मामूली सा लगता है लेकिन शिकार को निष्क्रिय करने वाले इसके जहर से इंसानों की सांस थम सकती है इसकी एक वाइट में सात लोगों को मारने लायक जहर होता है दिन में यह शर्मीला शांत और धीमा नजर है लेकिन रात होते
ही क्रेट चौकन्ना और सक्रिय शिकारी बन जाता है बारिश के मौसम में यह सांप घरों में घुस जाता है सिर छुपाने गर्मी और रेप्टाइल्स को पाने के लिए ऐसे में गलत समय गलत जगह पहुंच जाना जानलेवा हो सकता है कॉमन क्रेट बहुत हल्के से काटता है और वहां दर्द भी नहीं होता यूं लगता है जैसे किसी मच्छर ने काट लिया हो पर कुछ ही घंटों में पूरे शरीर को लकवा मार जाता है और मौत भी हो सकती है इसके शिकार बने कई लोग तो नींद से जागते ही नहीं बेशक कॉमन क्रेट भारत के लिए एक
समस्या है लेकिन इस देश के खेती करने वाले इलाकों में एक और ज्यादा जहरीला सांप मंडराता रहता है यह घात लगाकर शिकार करता है और इसे कहते हैं लकर यह सांप जब तक दिखाई देता है तब तक देर हो चुकी होती है इस बेहद जहरीले सांप का नाम है रसल वाइपर यह एशिया के सबसे खतरनाक सांपों में से एक है यह बड़ा गठीला और धीमी रफ्तार वाला सांप छिपने में माहिर है यह खुद को बचाने के लिए बदनाम है अक्सर अपनी जगह से हटता नहीं और इत्तफाक से लोगों का पैर अगर इस पर पड़ जाए
लोग ना सिर्फ इसको देख नहीं पाते बल्कि हमला इतना तेज होता है कि बचने का वक्त ही नहीं मिलता इसके बड़े और चिपटेक में करीब डेढ़ सेंटीमीटर लंबे दो हिंज फैंगस होते हैं जो ताकतवर साइटो टॉक्सिन वेनम की बड़ी डोज इंजेक्ट कर देते हैं इसके काटने पर बहुत दर्द होता है मांस गलने लगता है यह शिकार में तो माहिर है ही लेकिन इंसानी बस्तियों में दाखिल होने की रसल वाइपर की आदत इसे और ज्यादा खतरनाक बना देती है पर ऐसा क्यों इसकी नियत ऐसी नहीं होती यह तो बस चूहों को ढूंढते रहते हैं यहां हॉस्पिटल्स
और एंटी वेनम की सुविधा नहीं है और अगर हो भी तो हमेशा वह असरदार साबित नहीं होती तो इनके काटने से हर साल हजारों लोगों को अपने अंगों और जीवन से हाथ धोना पड़ता है तो यह दुश्मन है या फिर चूहों जैसी मुसीबत से छुटकारा दिलाने वाला फायदेमंद दोस्त [संगीत] [संगीत] [हंसी] चूहे भी काटते हैं तो वाइपर एक अनोखे प्लान का इस्तेमाल करता है काटो और छोड़ दो सांप के सिर के पिछले हिस्से में मौजूद बड़ी ग्लैड्स एक ही बार में 600 से ज्यादा चूहों की जान लेने लायक जहर छोड़ती हैं कॉमन क्रेट और रसल
वाइपर को दुनिया के दो सबसे जानलेवा सांप माना जाता लेकिन एक दूसरे के मुकाबले में वह कहां ठहरते हैं कॉमन क्रेट काटने से झिझक है लेकिन जब काटता है तो दुनिया के सबसे जानलेवा वेनम्स में से एक को छोक देता है यसा पूरे भारत में मिलता है और हर साल हजारों लोगों को काटता है इलाज ना होने पर 80 फीसद लोग मर जाते हैं लेकिन क्या रसल वाइपर का पलड़ा है इसकी जहर वाली ग्लैंड ज्यादा बड़ी होती हैं और जानलेवा जहर की ज्यादा मात्रा इंजेक्ट करती हैं रसल वाइपर क्योंकि पूरे भारत में मिलता है और
अपनी हिफाजत की मुद्रा में रहता है इसलिए यह ज्यादा लोगों को काटता है और हर साल हजारों लोगों की जान लेता है कॉमन क्रेट बेशक काफी खतरनाक होता है लेकिन छोटे फैंगस और कम जहर की वजह से यह पिछड़ रहा है और पहले नंबर पर आया है रसल वाइपर इससे टक्कर लेने वाले किसी चैलेंजर को ढूंढने के लिए हमें उस देश चलना होगा जहां के जंगली जीव सबसे खतरनाक होते हैं यानी ऑस्ट्रेलिया यह इलाका है सन सर्फ और स्नेक्स का यहां हर हैबिटेट में कोई ना कोई खतरनाक सांप होता है लेकिन इसकी एक प्रजाति पूरे
ऑस्ट्रेलिया में मिलती है लोग इस सांप से इतना डरते हैं कि इसका नाम ही रख दिया गया डेथ एडर यह दिखता भी बहुत मुश्किल से है इसके पैटर्न और रंग आसपास के माहौल यानी सूखे बंजर रेगिस्तान या फिर ऑस्ट्रेलिया के जंगलों की झाड़ियों से बखूबी मेल खाते हैं यह रहा डेथ एडर यह तभी दिखता है जब जंगल से गुजरता है सड़कें पार करता है या लोगों के आहात में घुसता है लेकिन यह रुकते ही गायब हो जाता है यह कई कई दिनों तक जमीन पर गिरी पत्तियों में छिपे रहकर इंतजार करता है और फिर अचानक
हमला कर देता है लेकिन पहले यह मदद लेता है एक तरकीब की यह कोई कीड़ा है या कोई पूछ जब उत्सुक शिकारी इसकी रेंज में आ जाता है तो यह निष्क्रिय शिकारी ऑस्ट्रेलिया का सबसे तेज हमला करता है एक सेकंड के दव हिस्से में यह कमाल का शिकारी इंसानों के लिए इतना खतरनाक क्यों होता है क्योंकि यह खुद को बचाने के लिए पालतू जानवरों और लोगों पर हमला कर देता है यह हाथ लगाने के लिए चुपचाप पड़ा रहता है और अनजाने में ही हाइक इस पर पैर रख देते हैं और तब बड़ी तेजी से करीब
एक सेंटीमीटर लंबे इसके फैंगस खतरनाक जहर झोक करर काफी नुकसान पहुंचाते हैं इसके दमदार न्यूरोटॉक्सिक वेनम से 6 घंटे में किसी भी इंसान की जान जा सकती है इंसान फिर भी इलाज करवा सकता है लेकिन कुत्ते तो सिर्फ 20 मिनट में ही दम तोड़ देते हैं चाहे फिर एंटी वेनम ट्रीटमेंट ही क्यों ना दिया जाए कोई डेथ एडर एक बार काटने के दौरान ही 18 लोगों को मार सकने लायक जहर झुकता है इसका हमला बहुत तेज होता है यह सांप ऑस्ट्रेलिया के बियाबान में छुपा रहता है और हाइक करस अनजाने में ही इस पर पैर
रख देते हैं इसके काटने से हर साल बहुत से पालतू जीव मर जाते हैं लेकिन लगभग सभी इंसान बच जाते हैं डेथ हैडर पिट वाइपर सांपों के मुकाबले ज्यादा डिफेंसिव और जानलेवा होते हैं लेकिन यहां मेडिकल केयर आसानी से मिल जाती है और एंटी वेनम भी इसलिए यह लिस्ट में खिसक गया है कोस्ट से हजारों किलोमीटर दूर सेंट्रल ऑस्ट्रेलिया के आउटबैक इलाके में एक ऐसा सांप है जो बहुत बदनाम है यह है दुर्लभ और अकेला रहने वाला इनलैंड ताईपन यह दुनिया का सबसे ज्यादा जहरीला सांप है कारण यहां जिंदगी गुजारना मुश्किल है तो खुराक पाने
के लिए दो मीटर लंबाई य सांप शांत बैठकर इंतजार नहीं कर सकता इसे शिकार करना होता है [संगीत] इसके शरीर में खास तरह के न्यूरो और हीमो टॉक्सिन वेनम होते हैं तो अगर यह चूहा बच निकला तो कई दिनों तक इसे दूसरा शिकार नहीं मिलेगा और यह पक्का करने के लिए यह इस चूहे को मारने के लिए जरूरी जहर से 40000 गुना ज्यादा जहर झोक सकता है है ना कमाल की बात शायद नहीं एक बार की बाइट में 100 से भी ज्यादा लोगों की जान जा सकती है वह चंद सेकंड में ही सीजर्स पैरालिसिस और
इंटरनल ब्लीडिंग के शिकार हो जाएंगे और उनके बचने का कोई सवाल ही नहीं इस बंजर रेगिस्तान में वक्त बर्बाद नहीं किया जा सकता यहां छाया नसीब नहीं है और टेंपरेचर 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है लेकिन ताईपन अपनी खाल का रंग बदलकर इसके हिसाब से ढल चुका है गर्मियों में इसका रंग हल्का हो जाता है ताकि शरीर ज्यादा गर्म ना हो और सर्दियों में गहरा ताकि गर्मी बनी रहे सिर छुपाने के लिए ताईपन खाली बिल और मैदानों में मौजूद दरारों का इस्तेमाल करता है यह अंडे छिपाने के लिए भी सही जगह है नए जन्म
में ताईपन वयस्कों से पांच गुना छोटे होते हैं लेकिन फिर भी खतरनाक होते हैं अंडों से निकलने पर उन्हें खुद अपनी परवरिश करनी होती है और सिर्फ इनका जहर ही इन्ह बचाता है लेकिन एक शिकारी पर ताईपन के काटने का कोई भी असर नहीं होता इस सांप का नाम है मुलगा लंबाई 3 मीटर और वजन 6 किलो के आसपास यह ऑस्ट्रेलिया का सबसे भारी और जहरीला सांप है इसीलिए इसे कहा जाता है किंग [संगीत] ब्राउन यह सांपों का शिकारी है और इस पर ऑस्ट्रेलिया के सबसे जहरीले सांपों के विष का भी असर नहीं होता छोटे
आकार के ताईपन का भी नहीं किंग ब्राउन का जहर बेशक ताईपन जितना जानलेवा ना हो यह मात्रा से उसकी भरपाई कर लेता है यह एक बाइट में छह गुना ज्यादा जहर झुकता है यह आज तक दर्ज की गई सबसे बड़ी मात्रा है शिकार हेमरेजिंग पैरालिसिस और रीनल फेलियर का शिकार हो जाता है ऑस्ट्रेलिया में दुनिया के सबसे जहरीले सांप मिलते हैं लेकिन बाकी सांपों के मुकाबले यह कहां ठहरते हैं इनलैंड टापन सचमुच सबसे खतरनाक सांप है इसके जहर का इलाज ना हो तो एक घंटे से भी कम वक्त में जान चली जाएगी लेकिन यह शर्मीला
सांप मुकाबला करने के जाए भागना बेहतर समझता है और इसीलिए यह अक्सर इंसानों को नहीं काटता ऑस्ट्रेलिया में दो करोड़ 50 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं लेकिन देश की 85 फीसद आबादी कोस्ट से सिर्फ 48 किलोमीटर की दूरी तक बसती है और इनलैंड टापन दूर दराज और बयाबान आउटबैक में छुपा रहता है काटे गए ज्यादातर लोग जल्दी हॉस्पिटल पहुंच जाने की वजह से जिंदा बच जाते हैं तो शक इनलैंड टाइ पन दुनिया का सबसे जहरीला सांप हो लेकिन यह इंडो पैसिफिक का सबसे जानलेवा सांप नहीं है शायद किंग ब्राउन ज्यादा जल्दी जान ले सकता
है बेशक इसका जहर ताईपन जितना घातक ना हो लेकिन यह खतरनाक ढंग से काटता है और काफी जहर झुकता है साथ ही यह ऑस्ट्रेलिया में काफी जगहों पर मिलता है अक्सर लोगों को काटता रहता है लेकिन लोकलाइज एंटी वेनम की वजह से लोगों की मौत कम होती है यानी यह इतना जानलेवा है कि ताईपन को पछाड़ रहा है किंग ब्राउन बेशक दबदबा रखता है लेकिन जानलेवा सांपों के असली किंग को ढूंढने के लिए हमें साउथ ईस्ट एशिया के जंगलों में जाना होगा यह दुनिया के सबसे लंबे और सबसे जहरीले सांप की शिकारगाह है [संगीत] किंग
कोबरा इतना उठ जाता है कि इंसान की आंखों की ऊंचाई तक पहुंच सके 9 किलो वजनी अपने शरीर को यह जमीन से सवा मीटर तक उठा लेता है ज्यादातर कोबरा की तरह यह अपने रिब्स को समतल करके गर्दन की अपनी ढीली त्वचा फैला लेता है यह विशाल सांप जंगल में 20 साल तक जी सकता है और इसकी लंबाई हो सकती है साढ़े मीटर तक किंग के मामले में हर एक चीज बड़ी है चाहे इसकी खुराक हो या जहर की मात्रा अगर यह किसी हाथी को काट ले तो वह सिर्फ तीन घंटे में मर जाएगा और
इंसान सिर्फ 30 मिनट में लेकिन यह इतना घातक किसी खास वजह से है यह दूसरे बड़े सांपों को खूब खाता रहता है यह छोटे आकार के जहरीले क्रेट्स और दूसरे कोबरा को तो खाता ही है यह उनकी बड़ी प्रजातियों यहां तक कि अजगर का भी शिकार करता है तीन मीटर के इस रट स्नेक को नहीं पता कि इस पर किसी की नजर है रट स्नेक अक्सर खुद को अपने आखिरी शिकार की गंध में छिपा लेते हैं इसीलिए दूसरे चूहों को उनकी मौजूदगी का पता नहीं चलता लेकिन कोबरा इसे भाप जाता है किंग अपने निचले जबड़े
के जरिए जमीन पर होने वाली मामूली सी थरथराहट को भी जानकर अपने टारगेट तक पहुंच जाता है और फिर ढेर सारे जहर ताकत और साइज के जरिए हमला करता है जो रड स्नेक के लिए भी बुरा है और हमारे लिए भी हाइपोथर्मिक नीडल्स जैसे इसके डेढ़ सेंटीमीटर लंबे फैंस एक ही बाइट में ज्यादातर सांपों के मुकाबले 20 गुना ज्यादा जहर झकते हैं कुछ ही मिनटों में यह न्यूरोटॉक्सिंस नर्वस सिस्टम को सुन्न करके शरीर को पैरालाइज करते हुए फेफड़ों और दिमाग को नाकाम बना देते जबकि दूसरे टॉक्सिन पचाने का काम शुरू करते हैं अंदर की तरफ
से पीछे को मुड़े कोबरा के दांत शिकार को अंदर की तरफ खींचते हैं साढ़े मीटर के कोबरा में 3 मीटर का रट स्नेक आराम से समा जाता है बेशक किंग सबसे बड़ा और जहरीला सांप हो किसी किंग कोबरा के सिर्फ एक बार काटने से एक इंसान की मौत 20 बार हो सकती है लेकिन अपने साइज और अपनी बदनामी के बावजूद यह बहुत हमलावर नहीं होता पर यह खुद को बचाने के मामले में झिझक भी नहीं है यह हर साल हजारों लोगों को काटता है और इलाज ना होने पर इंडो पैसिफिक में इनमें से बहुत से
मारे भी जाते हैं किंग हर लेवल पर सबसे खतरनाक सांपों के साथ मुकाबला करता है लेकिन ज्यादा टोलरेंट होने की वजह से पहले नंबर से पिछड़ रहा है अगर किंग पहले नंबर पर नहीं आ सकता तो एशियन कोवरा के पूरे कुनबे के बारे में क्या कहेंगे इंडो पैसिफिक में कोबरा की 12 प्रजातियां मिलती हैं और वह यहां रहने वाले लोगों को काफी तादाद में शिकार बनाते हैं कुछ जहर को थूकते हैं जबकि कुछ अपने साइज चालाकी और जानलेवा बाइट पर निर्भर करते हैं मोनो क्लेट कोबरा पूरे साउथ ईस्ट एशिया यहां तक कि पश्चिम में थाईलैंड
तक मिलता है करीब 2 मीटर लंबा यह विशाल सांप खुले मैदानों और धान के खेतों में चूहों का शिकार करता है जिससे यह इंसानों के संपर्क में आता रहता है अपनी हिफाजत को लेकर यह बहुत ही गुस्सैल है इसे अपना नाम मिला है इसके फन के पिछले हिस्से में मौजूद एक बड़े से सर्कल की वजह से और इसका बेहद जबरदस्त न्यूरोटॉक्सिक वेनम दुनिया के सबसे तेज असर वाले वेनम्स में शामिल है लेकिन एशिया के बिग फोर कहे जाने वाले सांपों में से एक पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में मिलता है यह जंगलों खेतों और गांव के किनारों
पर रहता है खासकर पानी के [संगीत] नजदीक और इसके शरीर पर एक नहीं बल्कि दो सर्कल होते हैं नाम है स्पेक्टल कोबरा स्पेक्टल कोबरा किसी भी हरकत के प्रति बहुत चौकन्ना रहता है बहुत जहरीला है और अक्सर हमले करता रहता है इसका हुड कब जैसे आकार का होता है जिसकी कोबरा खूब नुमाइश करता रहता है इसकी स्पेक्टल आई अलग ही नजर आती हैं तो इस दुश्मन को अच्छी तरह से पहचान लीजिए यह खुराक की तलाश में गांव की सीमा तक आ जाता है इसके काटने से ना सिर्फ मांस कलने लगता है बल्कि पूरे शरीर में
पैरालाइज होने की वजह से कुछ ही घंटों में सांस लेना मुश्किल हो जाता है इंसानी बस्तियों के आसपास क्योंकि खुराक की कमी नहीं होती तो यहां स्पेक्टल कोबरा अक्सर दिखता है लेकिन क्या यह इतना खतरनाक है कि लिस्ट में नंबर वन पर रहे मोनोक्ले और स्पेक्टाकल्ड कोबरा दोनों का ही जहर एक जैसा खतरनाक होता है और मौत जल्दी आती है यह जरा सी हरकत होते ही हमला कर देते हैं लेकिन इन्हे वाकई खतरनाक बनाती है इनकी संख्या किंग के विपरीत यह पूरे भारत और साउथ ईस्ट एशिया में मिलते हैं और करोड़ों लोगों के बीच में
रहते हैं और इसी वजह से हर साल हजारों लोग इनका भी बनते हैं सीमित एंटी वेनम और हॉस्पिटल केयर की वजह से हजारों लोग मारे भी जाते हैं और इसी वजह से फिलहाल मोनोक्ले और स्पेक्टल कोबरा एशिया के सबसे खतरनाक सांप माने जाते हैं कोबरा को नंबर वन से हटाने के लिए इनसे भी जबरदस्त सांप की जरूरत होगी लेकिन शायद दुनिया का दूसरा सबसे जहरीला सांप ऐसा कर सके यहां कई जानलेवा सांप एक से लगते हैं ताईपन मलका जी नहीं यह एक ईस्टर्न ब्राउन है जिसके काटने से ऑस्ट्रेलिया में किसी भी दूसरे सांप के मुकाबले
ज्यादा जान जाती हैं टाइपंस की तरह इस सांप का जहर भी तेज रफ्तार शिकार को झटपट मारने के लिए बना है यह फुर्ती सांप अपने शिकार का बहुत तेजी से पीछा करते हैं लेकिन जो बात इस सांप को इतना खतरनाक बनाती है वो यह है कि यह पूरे ईस्ट कोस्ट के शहरों और कस्बों में खूब फलता फूलता है और यह ऑस्ट्रेलिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले हिस्से में डेढ़ मीटर लंबा पतला सांप घरों के दरवाजों और शेड्स के छोटे-मोटे गैप से होकर निकल जाता है लिस्ट में मौजूद कई और सांपों की तरह यह भी यहां
चूहों की ताक में आते हैं लेकिन अक्सर हमसे इनका सामना हो जाता है अगर यह डिस्टर्ब हो जाए तो यह एस आकार में हमला करता है यानी अपनी पूरी ताकत के साथ इस वक्त इसकी रफ्तार होती है 64 किलोमीटर प्रति घंटा और अक्सर यह इस वक्त मुंह खोले होता है ताकि अपने छोटे और स्थिर फैंगस की भरपाई कर सके इसके काटने पर दर्द नहीं होता और ना ही वह जगह दिखती है लेकिन हर वाइट के दौरान यह विश की थोड़ी मगर जानलेवा मात्रा झोंक देता है इससे पैरालिसिस और लगातार ब्लीडिंग होने लगती है अगर इलाज
ना हो तो इसका शिकार कुछ ही मिनटों में इतना टॉक्सिक होता है कि एंटी वेनम से भी जान नहीं बच सकती यह गुस्सैल सांप बिना खास चेतावनी दिए हमला करता है और इसीलिए हर साल हजारों लोग इसका शिकार बन जाते हैं पिछले 10 सालों में ऑस्ट्रेलिया में सांप के काटने से हुई कुल मौतों में से 60 प्र के लिए यही जिम्मेदार था इनके पास जानलेवा जहर खुद को बचाने का जज्बा और मौका होता है लेकिन झटपट इलाज हो पाने की वजह से यह टॉप पर नहीं पहुंच पा रहे हैं सबसे जानलेवा कहलाने के लिए किसी
साथ के हमलावर तेवर जानलेवा बाइट मौका और ह्यूमन वल्नरेबल होना जरूरी है और उसके लिए हमें भारत लौटना होगा भारत में करीब डेढ़ अरब लोग रहते हैं और इनमें से बहुत से लोग घनी आबादी वाले देहाती इलाकों में बसे होते हैं खेती करने वाले खुले इलाके में पुरुष महिलाएं और बच्चे दुनिया के चार सबसे खतरनाक सांपों के साथ रहते हैं हम इनमें से तीन से मिल चुके हैं और हर साल करीब 500 लोग सांपों के काटने से मर जाते हैं यानी कह सकते हैं कि हर साल एक कस्बे का सफाया हो जाता है और इनमें
ज्यादातर मौतें होती हैं चौथे सबसे खतरनाक सांप की वजह से जिसका नाम है 100 स्केल्ड वाइपर बहुत से सांप लोगों को खुद से दूर रहने की साफ चेतावनी देते हैं लेकिन यह सांप धोखेबाज है 100 स्केल्ड वाइपर की लंबाई सिर्फ 30 सेंटीमीटर होती है लेकिन फिर भी यह बहुत ज्यादा खतरनाक है इसका जहर किसी भी कोबरा के मुकाबले ज्यादा दमदार होता है और बहुत हो सैल होने की वजह से यह बहुत तेजी से बारबार हमला करता है वो भी बिजली की तेजी से डिस्टर्ब किए जाने पर यह कुंडली मारकर हमले वाली पोजीशन में आ जाते
हैं तब यह लकड़ी काटने जैसी आवाज पैदा करने के लिए अपने सख्त नील्ड स्केल्स को आपस में रगड़ हैं जिससे इन्हे यह नाम मिला चेतावनी पर ध्यान नहीं देंगे तो हमला फौरन होता है उसके बाद यह जहर झकते हैं लेकिन यह सांप मुसीबत बनता है इंसानों के करीब होने की वजह से 100 स्केल्ड वाइपर भारत और पाकिस्तान दोनों जगहों पर मिलता है यह घनी आबादी वाले हिस्सों में भी और खेती वाले दूर दराज देहाती इलाकों में भी रहता है यहां हॉस्पिटल्स और एंटी वेनम तक पहुंच सीमित होती है और शिकार बनने वाले लोग पारंपरिक और
बेअसर इलाज पर निर्भर करते हैं पूरी दुनिया में 100 स्केल्ड वाइपर की वजह से जितने लोगों की जान जाती है उतनी तो बाकी तमाम सांप प्रजातियों के कारण भी नहीं जाती और इनमें बहुत से बच्चे भी होते हैं [संगीत] यह वाइपर अपने छोटे आकार और शानदार कैमफ्लेज की वजह से पत्तियों और घास के नीचे दिखता नहीं है और रसल के विपरीत ना यह भागने की कोशिश करता है और ना ही किंग की तरह नकली हमला इसकी बजाय स स्केल जहां का तहां रुक जाता है और जो भी करीब आता है उसे काट लेता है कुछ
ही मिनटों में नेक्रोलॉजी तीखे दर्द के बाद ऑर्गन फेलियर और फिर मौत भी हो जाती [संगीत] है यह ना तो सबसे बड़ा ना सबसे तेज और ना ही सबसे जहरीला है पर यह हमारे घरों के करीब रहता है बेहद हमलावर है और बिना डरे हमला करता है और इसीलिए पूरे इंडो पैसिफिक इलाके में 100 स्केल्ड वाइपर सबसे खत नाक सांप है यह सांप बहुत बदनाम है लेकिन यह अपने बचाव में काटते हैं इंसान इनके शिकार नहीं है और सांप जानबूझकर हमें नुकसान नहीं पहुंचाते इनके हाथ पैर नहीं होते तो कुदरत ने इन्हें इनके माहौल के
हिसाब से इनकी हिफाजत के लिए हथियार दिए हैं यह है केमिकल वेपन निखरी हुई सेंसस और मसल्स की जबरदस्त ताकत यह ना हो तो चूहे बेकाबू हो जाएंगे खेती बर्बाद हो सकती है और हमारे घर बीमारी के शिकार हो जाएंगे बेशक हम इनसे डरते हैं लेकिन इस दुनिया से सांपों को हटा दे तो यह कहीं ज्यादा खतरनाक जगह बन जाएगी हे