बात 2015 की है अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी जे जॉनसन हर शाम की तरह अपने घर में बैठकर टीवी देख रहे थे तभी अचानक से टीवी में कुछ खराबी आई और टीवी बंद हो गया जॉनसन सोफे से उठकर टीवी को चेक करने पास ही गए थे कि टीवी अपने आप चालू हो गया और उस पर बड़े-बड़े शब्दों में आई ओ न्यू लिखा हुआ फ्लैश होने लगा यह सब देख जॉनसन कुछ समझ पाते कि तभी पास ही बैठी उनकी पत्नी के आईपैड पर हाय स्पुकी एम आई स्केरिंग यू मैसेजेस आने लगे बात यही नहीं
रुकी उनके घर के हर एक फोन पर एक के बाद एक कई अननोन कॉल्स आना शुरू हो गए एकदम से हुए इस वाक ने जॉनसन को चिंता में डाल दिया उन्होंने जब अननोन कॉलर का कॉल उठाया तो कॉलर ने अपना नाम कैका बताते हुए कहा कि उनके घर का हर फोन आईपैड टीवी और कंप्यूटर सिस्टम उसने हैक कर लिया है खुद को क्रेका बताने वाले स्कॉलर ने जॉनसन को अपना पहला टारगेट बनाया था इसके बाद उसने एक के बाद एक कई अमेरिकन हाई रैंकिंग ऑफिसर्स को टारगेट करना शुरू कर दिया पहले डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस
जेम्स क्लैपर फिर एफबीआई डेप्युटी डायरेक्टर मार्ग गलियानो और यहां तक कि उसने दुनिया की सबसे पावरफुल इंटेलिजेंस एजेंसी सीआईए के डायरेक्टर जॉन ब्रेनन को भी नहीं छोड़ा हैकर ने ना केवल सीआईए डायरेक्टर जॉन ब्रेनन के पर्सनल डाटा को हैक किया बल्कि सीआईए के पूरे सिस्टम को हैक करके कई कॉन्फिडेंशियल एंड सेंसिटिव इंफॉर्मेशन को भी इंटरनेट पर लीक कर दिया यहां तक कि अफगानिस्तान और ईरान में सीआईए के कई क्लासिफाइड इंटेलिजेंस ऑपरेशंस की जान नकारी को भी हैकर ने चुरा लिया जाहिर सी बात थी कि यह सभी इंफॉर्मेशन लीक होने पर अमेरिकन गवर्नमेंट के लिए एक
बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती थी इस हैकिंग को लेकर जब इन्वेस्टिगेशन शुरू हुई तो बहुत ही हैरान करने वाला खुलासा हुआ पता चला कि अमेरिका जैसी सुपर पावर के होश उड़ाने वाला कोई और नहीं बल्कि मात्र 15 साल का लड़का था जो अमेरिका से मीलों दूर इंग्लैंड के लेस्ट शर शहर में बैठकर अपने छोटे से कमरे से इस पूरी हैकिंग को अंजाम दे रहा था इस खबर के बाहर आते ही अमेरिका को पूरी दुनिया के सामने शर्मिंदा होना पड़ा कि कैसे एक स्कूल में पढ़ने वाले लड़के ने अमेरिका की टॉप एजेंसीज की सिक्योरिटी को एक्सपोज
करके रख दिया लेकिन सोचने वाली बात यह है कि आखिर एक 15 साल के लड़के ने सीआईए जैसी ताकतवर इंटेलिजेंस एजेंसी को कैसे हैक कर लिया और आखिर ऐसा करने के पीछे उसका क्या मकसद था हैकिंग की दुनिया में क्रैक नाम से पॉपुलर यह लड़का काफी लंबे वक्त से सीआईए को टारगेट करना चाहता था पर इसके मकसद को कामयाबी 2015 में मिली सीआईए को टारगेट करने के इसके अपने पर्सनल रीजंस थे क्रैक पलेस्टाइन समेत मिडिल ईस्ट में हो रही जंग के लिए अमेरिका को जिम्मेदार मानता था उसे अमेरिका से िड़ होने लगी थी इसलिए वह
अपने तरीके से अमेरिकन गवर्नमेंट से बदला लेना चाहता था लेकिन इतना बड़ा काम अकेले कर पाना मुश्किल था इसलिए उसे इस काम के लिए अपने ही जैसे किसी मास्टर माइंड की जरूरत थी इसलिए कैका ने ककास विथ एटीट्यूड नाम की एक हैकिंग कम्युनिटी बनाई जिसमें वह अपने जैसे कई और हैकर्स को जोड़ लेता है कैका की इस हैकिंग कम्युनिटी में एक डिफॉल्ट नाम का हैकर भी शामिल होता है जो क्रैक से ना सिर्फ उम्र में बड़ा होता है बल्कि हैकिंग के एक्सपीरियंस में भी उससे काफी आगे था यू तो डिफॉल्ट भी केवल 23 साल का
ही था लेकिन वह अब तक हैकिंग की दुनिया में कई कारनामों को अंजाम दे चुका था जिस वजह से कैका द्वारा की गई सीआईए की हैकिंग में डिफॉल्ट एक इंपॉर्टेंट रोल प्ले करता है डिफॉल्ट की हैकिंग की कहानी 2008 में शुरू होती है जब अननमनन का हैकिंग ग्रुप हर दूसरे दिन न्यूज़ की हेडलाइंस में बना रहता था कल्म है रो एनोनिमस कभी सोशल कॉज के लिए तो कभी पॉलिटिकल पर्पस के लिए बड़ी-बड़ी कंपनीज और गवर्नमेंट की वेबसाइट्स को हैक करके उन पर अपने मन मुताबिक चीजें पब्लिश कर देता एनोनिमस की पॉपुलर और पावर को देखकर
डिफॉल्ट को यह काम काफी फैसटिकट सीखने के लिए जी जान से जुट गया पहले उसने कुछ छोटी वेबसाइट्स को हैक करना और वीडियो गेम की प्रोग्रामिंग को चेंज करना शुरू किया लेकिन डिफॉल्ट कुछ बड़ा करना चाहता था इसलिए वह एनन सेक नाम के एक हैक ग्रुप से जुड़ गया एनक ग्रुप की मदद से उसने एक बार कनाडा की विंसर यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर सिस्टम को हैक कर लिया जिसमें उसे यूनिवर्सिटी के फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स का भी एक्सेस मिल गया था उन रिकॉर्ड्स में उसने देखा कि बहुत सारे स्टूडेंट से यूनिवर्सिटी को लोन वसूलना बाकी है जिसकी टोटल
वैल्यू $9 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा है डिफॉल्ट ने ये रिकॉर्ड जरा भी सोचे बिना फॉरेन यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर से डिलीट कर दिया ये डिफॉल्ट की पहली बड़ी कामयाबी थी लेकिन इससे भी बड़ा कारनामा डिफॉल्ट ने 2014 में किया जब डेनमार्क की गवर्नमेंट बेस्टियल्टी को लीगल कर देती है बेस्टियल्टी के लीगल होते ही डेनमार्क में बेजुबान जानवरों के साथ यौन अत्याचारों के मामले बढ़ने लगते हैं इस लॉ के खिलाफ जहां एनिमल राइट एक्टिविस्ट सड़कों पर थे तो वही डिफॉल्ट ने अपने तरीके से इससे निपटने का सोचा बेस्टएलिटी के लीगल होने से डिफॉल्ट को काफी ठेस
पहुंची क्योंकि उसके पास भी एक पालतू कुत्ता था जिससे वह काफी इमोशनली अटैच था जिस वजह से डेनमार्क में जानवरों पर हो रही इस ज्यादती के खिलाफ वह कुछ करना चाहता था इसलिए फॉल्ट ने अपने हैकिंग ग्रुप के साथ मिलकर डेनमार्क गवर्नमेंट की ऑफिशियल वेबसाइट को हैक किया और उसे पूरी दुनिया के सामने एक्सपोज कर दिया उसके बाद उसने बेस्टएलिटी के फेवर में बात करने वाली सभी वेबसाइट्स को भी हैक करके उन्हें बंद कर दिया इस इंसीडेंट के बाद डेनमार्क गवर्नमेंट की खुलकर आलोचना होने लगी लोगों ने सड़कों पर उतर कर गवर्नमेंट का विरोध करना
शुरू कर दिया लगातार हो रहे विरोध के कारण आखिरकार एक साल बाद ही डेनमार्क को बेस्टएलिटी लॉ को रद्द करना पड़ा डिफॉल्ट की एक बड़ी जीत थी अपने इतने बड़े कारनामे के बाद उसका कॉन्फिडेंस आसमान छूने लगता है लेकिन उसे अभी एक और हैकिंग को अंजाम देना था जो उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी हैकिंग होने वाली थी जिसके लिए वो न्यू हैकिंग ग्रुप क्रैकर्स विथ एटीट्यूड से जुड़ चुका था जिसका हेड 15 साल का लड़का क्रैक होता है जो सीआईए को हैक करने का मकसद लिए बैठा था लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि
सालों से हैकिंग की फील्ड में होने के बाद भी क्रैक और डिफॉल्ट 2013 से पहले एक दूसरे को जानते तक नहीं थे लेकिन मई 2013 में एक ऐसा इंसीडेंट हुआ जिस ने इन दोनों को एक कर दिया दरअसल उस वक्त एडवर्ड स्नोड नाम का एक कंप्यूटर कांट्रैक्टर नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी में काम करता था एडवर्ड को अमेरिकन गवर्नमेंट के एक प्रोजेक्ट पर काम करने के दौरान पता चलता है कि यूएस गवर्नमेंट हर अमेरिकन यूजर के डाटा और उसकी प्राइवेट इंफॉर्मेशन को खुफिया कामों के लिए इस्तेमाल करती है यह सब यूजर की परमिशन के बिना किया जा
रहा था ऐसा करना सीधे तौर पर हर एक इंडिविजुअल की प्राइवेसी के खिलाफ था एडवर्ड यूएस गवर्नमेंट और सीआईए के सीक्रेट का खुलासा करना चाहता था लेकिन अमेरिका में रहकर अमेरिकन गवर्नमेंट की सीक्रेट इंफॉर्मेशन को लीक करना उसके लिए सेफ नहीं था इसलिए स्नोडेन कुछ दिन की छुट्टी लेकर हांगकांग चला गया हांगकांग में एडवर्ड ने ग्लेन ग्रीनवाल्ड लरा पोइट और बर्टन जेलमैन समेत कई जर्नलिस्ट को सभी एविडेंसेस के साथ इंटरव्यू दे दिया इंटरव्यू ब्रॉडकास्ट होते ही यूएस गवर्नमेंट का यह सीक्रेट पूरी दुनिया के सामने एक्सपोज हो गया लोग सड़कों पर उतर आए और यूएस गवर्नमेंट
और सीआईए का जमकर विरोध होने लगा डिफॉल्ट भी एक अमेरिकन सिटीजन था और एनएसए एंड सीआईए का इस तरह से यूजर का डाटा कलेक्ट करना उसे बिल्कुल भी पसंद नहीं आया दोनों अब यूएस को टारगेट करने के लिए पूरी तरह से तैयार थे जहां क्रेका गाज वॉर के लिए अमेरिका को जिम्मेदार मानता था और अमेरिकन गवर्नमेंट को सबक सिखाना चाहता था तो वही डिफॉल्ट भी अब अमेरिकन गवर्नमेंट और सीआईए को एहसास दिलाना चाहता था कि किसी की पर्सनल इंफॉर्मेशन जब किसी और के हाथ लगती है तो कैसा महसूस होता है दोनों ही अब अमेरिकन गवर्नमेंट
को अपना दुश्मन समझते थे और हैकिंग के जरिए अमेरिकन अथॉरिटीज से बदला लेना चाहते थे क्रैक सबसे पहले हैक करने का रोड मैप तैयार करता है और फिर सारे प्लान को एग्जीक्यूट करने में लग जाता है इस दौरान डिफॉल्ट लगातार अपने एक्सपीरियंस की मदद से क्रैक को प्रॉपर गाइडेंस प्रोवाइड कर रहा होता है जिसके चलते क्रैक और उसका ग्रुप क्रैक विथ एटीट्यूड अमेरिकन इंटेलिजेंस कम्युनिटी के हाई रैंकिंग ऑफिसर्स को टारगेट करना शुरू कर देता है क्रैक सबसे पहले होमलैंड सिक्योरिटी के सेक्रेटरी जे जॉनसन के कॉमकास्ट अकाउंट को हैक करके उसके घर के टीवी और इंटरनेट
को अपने कंट्रोल में ले लेता है और फिर जॉनसन और उसकी फैमिली को परेशान करना शुरू कर देता है इसके बाद क्रैक ने ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन के इंटेलिजेंस डायरेक्टर जेम्स क्लैपर को अपना शिकार बनाया उसने किसी तरह जेम्स क्लैपर के इंटरनेट और फोन सर्विस के अकाउंट का एक्सेस हासिल किया और फिर क्लैपर के फोन पर आने वाली सभी कॉल्स को फ्री पलेस्टाइन हॉटलाइन पर रूट कर दिया यह सारी इंफॉर्मेशन और इनके प्रूफ कैका लगातार माशे को पूरी दुनिया बड़े चाव से देख रही थी जेम्स क्लैपर के बाद क्रैक और डिफॉल्ट सीआईए के डायरेक्टर जॉन ब्रेनन को
टारगेट करते हैं क्रैक इंटरनेट पर जॉन ब्रेनन के बारे में रिसर्च करना शुरू कर देता है जिसके चलते ब्रेनन का पब्लिक फोन नंबर उसके हाथ लग जाता है क्रेका ने जब उस फोन नंबर की जांच की तो पता चला कि ये नंबर राइजन का था कका ने राइजन के इंटरनल टेक टीम को उसी कंपनी का टेक्निशियन बनकर फोन किया और उन्हें बताया कि जॉन ब्रेनन नाम का एक कस्टमर अपने अकाउंट में कुछ प्रॉब्लम फेस कर र रहा है इसलिए उनके इशू को रिजॉल्व करने के लिए उसको कस्टमर की पर्सनल डिटेल्स चाहिए राइजन की टीम ने
उसकी आइडेंटिटी को वेरीफाई करने के लिए एंप्लॉई कोड मांगा जो क्रैक पहले ही हैक कर चुका था वेरिफिकेशन के बाद जॉन ब्रेनन की पर्सनल डिटेल्स जैसे अकाउंट नंबर प्राइवेट फोन नंबर एड्रेस और बैंक कार्ड के लास्ट फोर डिजिट्स राइजन ने यह सब कुछ क्रैक के साथ शेयर कर दिया इन सभी डिटेल्स के हाथ लगते ही क्रैक ने जॉन ब्रेनन की पर्सनल ईमेल आईडी को हैक करना शुरू कर दिया उसने देखा कि ब्रेनन एओ के ईमेल का इस्तेमाल करता है उसने फौरन एओ की सपोर्ट टीम को जॉन ब्रेनन बनकर कॉल किया और बताया कि वह अपने
ईमेल का पासवर्ड भूल गया है और उसको रिसेट करना चाहता है एओ की टीम ने वेरिफिकेशन के लिए उससे बैंक कार्ड के लास्ट फोर डिजिट्स पूछे जो क्रैक राइजन कंपनी को बेवकूफ बनाकर पहले ही हासिल कर चुका था लास्ट फोर डिजिट्स बताकर वह जॉन ब्रेनन के पर्सनल ईमेल का भी एक्सेस हासिल कर लेता है क्रैक ब्रेनन के ईमेल्स को खंगालना शुरू करता है और साथ ही वह डिफॉल्ट को ब्रेनन का प्राइवेट फोन नंबर शेयर कर देता है नंबर मिलते ही डिफॉल्ट ने जॉन ब्रेनन को कॉल पर कॉल करना स्टार्ट कर दिया कभी वो ब्रेनन से
बदतमीजी से बात करता तो कभी उसको गालियां देता वो कभी 2 ट्रिलियन डॉलर्स की डिमांड करता है तो कभी गुस्से में पलेस्टाइन को आजाद करने और वहां हमलो को रोकने के लिए धमका ता यह ब्रेनन की जिंदगी का पहला इंसीडेंट था जब उनके साथ ऐसा कुछ हो रहा था वो क्लूलेस थे अमेरिका के सबसे पावरफुल इंसानों में से एक जॉन ब्रेनन को फोन करना तो दूर की बात उनका पर्सनल नंबर जानना भी एक बहुत बड़ी बात थी लेकिन यहां ना केवल फोन नंबर बल्कि सीआईए के डायरेक्टर का पर्सनल ईमेल का कंट्रोल भी एक 15 साल
के लड़के के हाथ में था जो ब्रेनन के एक-एक ईमेल को खोल कर देख रहा था हर एक ईमेल के साथ कैका का एक्साइटमेंट बढ़ता जा रहा था दरअसल जॉन ब्रेनन के ईमेल में ना सिर्फ उनका पर्सनल डाटा था बल्कि उनमें सीआईए और एफबीआई समेत अमेरिकन गवर्नमेंट के काफी सेंसिटिव और कॉन्फिडेंशियल डॉक्यूमेंट भी मौजूद थे ईमेल के अंदर सभी सीनियर ऑफिसर्स का पर्सनल डाटा उनके सोशल सिक्योरिटी नंबर्स और गवर्नमेंट से मिलने वाले सभी सीक्रेट इंस्ट्रक्शंस की फाइल्स भी अवेलेबल थी क्रैक अब इन डॉक्यूमेंट के साथ वो करने वाला था जिससे यूएस गवर्नमेंट की रातों की
नींद उड़ने वाली थी उसने बिना देर किए जॉन ब्रेनन के ईमेल का सारा सीक्रेट डाटा विकीलीक्स पर अपलोड कर दिया इन सीक्रेट डॉक्यूमेंट में जॉन ब्रेनन के एसएफ 86 सेंसिटिव फॉर्म के साथ-साथ अफगानिस्तान और इराक वॉर में सीआईए के इवॉल्वमेंट से रिलेटेड भी सारी जानकारी मौजूद थी वि लीक्स के फाउंडर जूलियन असांज ने इस मामले में काफी दिलचस्पी दिखाई और उन्होंने खुद आगे आकर अक्टूबर 2015 में यह सारा डाटा दुनिया के सामने खोल कर रख दिया इस लीग डाटा ने सीआईए को कहीं भी मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा इतनी कॉन्फिडेंशियल और सीक्रेट इंफॉर्मेशन का इस
तरह इंटरनेट पर वायरल होना सीआईए की क्रेडिबिलिटी पर एक क्वेश्चन मार्क बन गया वर्ल्ड की टॉप इंटेलिजेंस एजेंसी माने जाने वाली सीआईए अपने ही डाटा को सिक्योर करने में नाकाम हो चुकी थी इस डाटा के लीक होने पर सीआईए को 1.5 मिलियन डॉलर्स के डैमेजेस भरने पड़े पड़े उनके बहुत से सीक्रेट एजेंट्स को अंडरग्राउंड होना पड़ गया तो वही कई लोगों को रिजाइन तक करना पड़ गया सीआईए और एफबीआई का डिपार्टमेंट इस पूरी हैकिंग से हैरान और परेशान था वोह अभी तक यह नहीं पता कर पाए थे कि इस हैकिंग का मास्टर माइंड कौन है
वही इंग्लैंड में बैठा क्रेका अभी भी अपने मिशन में लगा हुआ था व अगले कुछ दिनों में एफबीआई के डेटाबेस से लेकर डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस की वेबसाइट तक सब कुछ हैक करता गया उसने इस तरह डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के 9000 और एफबीआई के 20000 एजेंट्स की पर्सनल इंफॉर्मेशन को भी पब्लिक कर दिया एक के बाद एक एजेंसी और ऑर्गेनाइजेशन का हैक होना और उनका सीक्रेट डाटा इस तरह लीक होना यूएस गवर्नमेंट को भारी मुश्किल में डाल देता है 15 साल के इस लड़के ने अमेरिकी सरकार की नाक में दम करके रख दिया था लगातार हो
रही इन हैकिंग से अमेरिका को पूरी दुनिया के आगे शर्मिंदा होना पड़ रहा था इसलिए जल्द से जल्द हैकर्स को पकड़ने के लिए सीआईए ने एडी चोटी का जोर लगाना शुरू कर दिया क्रैक और डिफॉल्ट भी यह बात जानते थे कि उन्होंने जो कारनामा किया है उसके बाद सीआईए और एफबीआई उनका पीछा जरूर करेगी और इसलिए यह दोनों बहुत ही सावधानी से अपनी पहचान छुपाकर अपने काम को अंजाम दे रहे थे दोनों ही हैकर्स हर 5 मिनट के बाद प्रॉक्सी चेंज करते और आईपी स्विच करते ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस ना हो सके यहां तक कि
ये अपने घर के वाईफाई का इस्तेमाल भी नहीं करते थे जिससे कि उनका इंटरनेट सर्वर हैक होने पर उन्हें पकड़ा ना जा सके उनके प्लान के मुताबिक सब कुछ सही चल रहा होता है व हर दूसरे दिन किसी ना किसी हाई प्रोफाइल अमेरिकन को हैक करते और उसका डाटा लीक करते कर देते लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिससे क्रैक और डिफॉल्ट की शामत आने वाली थी और उनका भांडा फूटने वाला था एक रात शराब के नशे में डिफॉल्ट अपने दोस्तों के साथ एक् बॉक्स लाइव पर बातें कर रहा था और उस वक्त न्यूज़ चैनल्स
पर खबरें चल रही होती है कि क्रैकर्स विथ एटीट्यूड नाम के हैकिंग ग्रुप ने किस तरह सीआईए और यूएस गवर्नमेंट को हिलाक रख दिया है डिफॉल्ट इस वक्त काफी नशे में था उसका खुद पर बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं होता इसलिए बातों ही बातों में उसके मुंह से निकल गया कि सीआईए को हैक करने वाला ग्रुप रूप उसका है और अब तक होने वाली सभी हैकिंग को उसने क्रेका नाम के लड़के के साथ मिलकर अंजाम दिया है डिफॉल्ट की इन सभी बातों को उसके दोस्तों ने मजाक में लिया और हंसकर टाल दिया लेकिन उनमें एक ऐसा
भी इंसान था जो डिफॉल्ट से अंदर ही अंदर नफरत करता था उसने इस बात को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लिया और इस सारी जानकारी किसी तरह एफबीआई तक पहुंचा दी यहीं से डिफॉल्ट और क्रैक के पकड़े जाने की उल्टी गिनती शुरू हो जाती है कुछ ही दिनों के बाद एफबीआई ने डिफॉल्ट के कमरे पर छापा मारकर उसे अरेस्ट कर लिया और उसके कंप्यूटर और हार्ड ड्राइव्स को सीज कर लिया डिफॉल्ट से पूछताछ शुरू करने पर क्रैक के बारे में खुलासा हुआ इसके बाद इंग्लैंड में ब्रिटिश पुलिस ने क्रैक के कमरे पर रेड डाली और
उसको भी अरेस्ट करके उसके कंप्यूटर को भी सीज कर लिया गया इन दोनों के पकड़े जाने के बाद इनके असली नाम सामने आए जिसमें क्रक का नाम केन गैंबल और डिफॉल्ट का नाम जस्टिन ग्रे लिबरमन होता है क्रक यूके में हैकिंग के लिए जेल जाने वाला पहला नाबालिक था इसलिए क्रेका की कम उम्र को देखते हुए उसको केवल दो साल की सजा सुनाई जाती है लेकिन डिफॉल्ट को 5 साल के लिए जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाता है साथ ही उसको 145000 डॉलर का हरजाना भी भरना पड़ता है दो साल की सजा पूरी करने
के बाद क्रेका जब जेल से छूटता है तो वह किसी को भी कोई इंटरव्यू नहीं देता और इसके बाद से वह हैकिंग और इंटरनेट की दुनिया से बिल्कुल गायब हो जाता है वही डिफॉल्ट 5 साल की सजा काटकर बाहर आता है और हैकिंग छोड़कर क्रिप्टो ट्रेडिंग में अपना करियर शुरू कर देता है i