हेलो अस्सलाम वालेकुम आप लोग सबके फेवरेट गेस्ट मैंने पढ़ ली हजारों करोड़ों रिक्वेस्ट और फिर रफी भाई सेने टाइम मांगा मुशर्रफ जैदी कहते हैं कि पब्लिक पॉलिसी में इनसे बेहतर कई सालों में कोई इंसान नहीं आया है विदाउट हिज परमिशन मैंने यह बात पब्लिकली कर दी है लेकिन यह बात तो बजायर है यह बात तो सच है पब्लिक पॉलिसी एनालिस्ट हैं पाकिस्तान की हुकूमत के साथ काम कर चुके हैं इस वक्त कैंब्रिज यूनिवर्सिटी पर अपनी पीएचडी कर रहे हैं रफी उल्ला काकड़ साहब मैंने ऑक्सफर्ड लिख दिया था मैंने नवाब अकबर मुक्ती को भी ऑक्सफर्ड भेज
दिया पता नहीं क्यों मुझे इतने लोगों को ट भेजने का शौक हो रहा है बट रफी भाई कैसे हैं आप जी शुक्रिया शहजाद थैंक यू वेरी मच आप सुनाए आप खैरियत से जी जी सर बिल्कुल खैरियत से हूं आपका तोहफा मुझे मिल गया है आपका तोहफा मैंने कहन भी लिया है थैंक यू सो मच फॉर द लव जी बहुत शुक्रिया बस अब आप इस इसके साथ ट्रेन में कोएटा का सफर करें अ मेरा डोमिसाइल छ जाए पहनने के बाद क्या आप यह कहना चाह रहे सर बंदा दुआ तो करता है कि बेहतर सरकमस्टेंसस आपसे बात
की जाए लेकिन जो वाकया हुआ है दो तीन दिन पहले हार्ट ब्रेकिंग तो बहुत कम अल्फाज है टू डिफाइन व्ट हैपन आप कैसे देखते हैं इस इंसिडेंट को मैसिव एस्केलेशन फ्रॉम द बीएल जी मैं इस इंसीडेंट के हवाले से कोई बहुत ज्यादा स ाज नहीं हूं यह पिछले एक दो साल जो बलूचिस्तान के हालात उनका तल्स है और हम में से जो लोग क्लोज फॉलो करते रहे तो हमारे लिए यह कोई इतनी अच्छे और हैरत वाली बात नहीं है और इस वाक से इस साने से मैं यही नतीजा निकाल रहा हूं जो कि हम कम
से कम मेरे जैसे अदना तालि बलम पिछले पाच छ साल से तो बार-बार ये कह रहे हैं और वो यह कि पहले तो मैं यह कहता था कि मौजूदा निजाम में बलूचिस्तान का मसला हल नहीं हो सकता और बलूचिस्तान के लोग और खासतौर पर बलोच आवाम आपसे बहुत दूर जा रही है अब मैं यह कहने पर मजबूर हो गया हूं कि हालात इतने बदल गए के यह फेर होगा कहना कि मुझे लगता है बलूचिस्तान में हालात तकरीबन पॉइंट ऑफ नो रिटर्न पर पहुंच चुके हैं और यहां से वापसी का कोई मुझे ऐसी ऐसा रास्ता बड़े
मुश्किल से नजर आता है विदाउट मेजर कोर्स करेक्शन मुझे कोई वापसी का रास्ता बड़ा कोई दिखाई नहीं देता एंड जाहिर सी बात है कि सिर्फ एक टेररिस्ट इंसिडेंट हो जाना तो काफी नहीं है यह कहने के लिए आपको तो इस नहज पर लाने वा लाने के लिए क्या मेजर चीजें थी जो आपको लगता है कि अब पानी सर के ऊपर से गुजर चुका है जी शुक्रिया मैं अगर आपकी इजाजत हो इसको दो सवालों में हम दो जवाबाइकिरण पाकिस्तान प्रॉपर का जो डिस्कोर्स मैं देखता हूं उस परे अफसोस भी होता है और एक हैरत भी हम
केंगे तो ताकि उस पाकिस्तान प्रॉपर की ऑडियंस के लिए उसको हम आसान करें बात उनको मेरी नजदीक व दो एक है पाकिस्तानी रियासत का बलूचिस्तान या बलूच आवाम के साथ अथॉरिटेरियन रवैया दरा जो हमारा वफा की निजाम है सो पहले मैं अथॉरिटेरियन रव को और मैं मुख्तसर इनको हाईलाइट करूंगा नहीं बताए हम जी और मैं यह चाहता हूं बल्कि कि आप या जो आपके सुनने वाले हैं आप सख्त से सख्त सवालात करें ताकि पाकिस्तान प्रॉपर के यह जो सवालात जो इनके जनों में है उनके हम जवाबाइकिरण बलूचिस्तान बना है बलूचिस्तान से जब भी अपने हुकूक
अपनी शनातन ने उसको ताकत के थ्रू उस आवाज को दबाया है और ताकत का इस्तेमाल किया है और दिलचस्प बात यह है कि चाहे जमरी दौर हो या मिलिट्री दौर हो वफात में जो सियासी इलीट है उन्होंने हमेशा बलूचिस्तान पॉलिसी फौज के हवाले की हुई है अब फौज के हवाले करने का एक इन्हेरेंट नुकसान है व रेंट नुकसान यह है यह किसी फौजी के अच्छे नियत या बुरे नियत का मसला नहीं है कि फौज बलूचिस्तान को दो ही एंगल से देखती है पहला है एक सिक्योरिटी सेंट्रिक स्ट्रेटेजिक लेंस उनको बलूचिस्तान के शहरी में बलूचिस्तान शहरी
नजर नहीं आता बल्कि वह अफगानिस्तान की लेंस से इंडिया की लेंस से ईरान की लेंस से अमेरिका की लेंस से देखते हैं दूसरा वो बलूचिस्तान को उसके वसाय के एंगल से देखते हैं सो बलूचिस्तान की अहमियत पाकिस्तान प्रॉपर के लिए या उसकी अशरफिया के लिए वह उसकी जिओ स्ट्रेटेजिक लोकेशन है और उसका नेचुरल रिसोर्स है और उनकी तमाम तवज्जो पॉलिसिया हिकमत अमली इसी पर मरकू होती है जिसका मतलब यह कि उनकी पॉलिसी में बलूचिस्तान के शहरिया को कोई प्रायरिटाइज करना कि वह इंसान है उनको शहरी समझा जाए और अपनी पॉलिसिया तरक याती मंसूबे उसके मुताबिक
डिजाइन किए जाए ऐसी कोई थिंकिंग नहीं है हु यह तो तारीखी बात है हुआ यह है कि बार-बार इन एक्सपेरिमेंट्स के बाद बच ने यह बात करना जरूरी है कहीं दफा इस वफा की सियासी निजाम पर भरोसा किया है हर दफा हमने उसका जवाब इनको ताकत से और इनके मसाइल हल ना करके दिया है अब रियासत या फौज का की जो जब आप फौज के हवाले पॉलिसी करते हैं तो वो क्या करते हैं क्योंकि के कोई भी कोई भी हाफ डिसेंट बलोच या पश्तून सियासत दन होगा वो आपकी इन पॉलिसी के मुताबिक आपसे एग्री नहीं
करेगा वह अपने लोगों के लिए आवाज उठाएंगे अपने हुकूक के लिए आवाज उठाएंगे तो यह क्या करते हैं यह 70 साल से पाकिस्तान प्रॉपर को तो अभी पिछले सात आठ साल में यह बात समझ आई है यह सियासी इंजीनियरिंग करके बलूचिस्तान में मसन लोगों को अपने मनपसंद टोले को बिठाते हैं मुसल्लत करते हैं इक्दर्म फौज के पार्टनर्स है उसकी भी क्वालिटी बड़ी ओवर द इयर्स खराब हुई है यानी 90 में या 70 80 में जो पार्टनर्स थे आज उससे बुरे पार्टनर्स है उसकी वजह क्या है कि वक्त के साथ यह पार्टनर्स के भी अपने मफा
दत होते हैं यह थोड़ी सी ऑटोनॉमी चाहते हैं अब वो इतनी ऑटोनॉमी भी देने के लिए तैयार जब नहीं होते तो इन परे मुसलसल प्रेशर होता है फौज पे कि ये नई मसन कयादत पैदा करें नई मसन कयादत पैदा करे ताकि पिछ से पिछले जो जरा ऑटोनोमी असर्ट कर रहे थे अपनी स्पेस लेने की कोशिश कर रहे थे उनको साइडलाइन किया जा इस चक्कर में यह जब यह लेटेस्ट वेव ऑफ कॉन्फ्लेट जनरल मुशर्रफ के दौर में शुरू हुआ उसके बाद से लेकर आज तक देखें ताकत का इस्तेमाल यह कहते हैं कि मिलिट्री ऑपरेशन मिलिट्री ऑपरेशन
तो 20 साल से बलूचिस्तान में चल रहा है मिसिंग पर्सन यह सारे इशू पर तो हम सबने बात की हुई है वो टू वेल नोन है उसको मिसिंग पर्सन कहते हैं कि जी छोटा इशू है आपके साथ 2 साल पहले जब हमने बात की थी हमारा यही मौक था कि भाई 15 साल से सबसे बड़ा इशू है और अगर इतने कम अफराद है आपके ख्याल में रियासत के ख्याल में फिर तो ज्यादा परेशान कुन बात है कि आप 20 साल में इतने छोटे मसले को हल नहीं कर सके उसकी वजह रियासत और शहरी में खलीज
इतना बढ़ गया है और आप इस मसले को हल नहीं कर सके साथ-साथ आपने क्या कर दिया सियासी इंजीनियरिंग की इंतहा कर दी आपने आप देखें पिछले अ जब ये जनरल मुशरफ का दौर खत्म हुआ तो तब आर्गुमेंट यह था कि जमरी दौर आएगा हालात बेहतर हो जाएंगे जमरी दौर आया बीच में 18वीं तरमीम के आसपास के जो तीन चार साल थे उसमें थोड़ी ब्रीदिंग स्पेस मिली सिविलियन लीट्स ने कोशिशें भी की 18वीं तरमीम सेवंथ एनएफसी अवार्ड आगाज के बलूचिस्तान पैकेज यह वोह कोशिश थी जिससे बलूच कुम परस्तों को बलूचिस्तान को कोमी धारे में लाने
की कोशिश की गई बलोच कोम परस्त ने रिस्प किया के इलेक्शन में तमाम कोम परस्तों ने बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया और यह कम परस्तों ने अपनी साख का रिस्क के इस इलेक्शन में हिस्सा लिया अखतर मेंगल डॉक्टर मालिक बाकी बलूच फेडरलिस्ट प उनके पार्टियों से यह प्रेशर ता कि पाकिस्तान के पार्लिन निजाम में हिस्सा लेक आपको कुछ नहीं मिलना आपना हिस्सा ले आप जलील ही होंगे उन्होंने उसके बावजूद हिस्सा लिया पंजाब की सियासी जमात मिया नवाज शरीफ के साथ अलायंस किए जम्हूरियत की हर तारीख में फ्रंट लाइन पर रहे आपने क्या किया वो जो
दो तीन साल स्पेस मिली सियासी लोगों को व जब वापस लेनी शुरू की पॉलिटिकल इंजीनियरिंग चकि मुकम्मल फौज के हवाले किया हुआ वो देखि उसका नतीजा क्या है आप केयर टेकर चीफ मिनिस्टर को निकाल पिछले 10 साल में छ वजीर छ वजीर आला बलूचिस्तान में आए दिस इ जोक टू द पीपल ऑफ बलूचिस्तान वोट ऑफ नो कॉन्फिडेंस आए बलूचिस्तान के सिटिंग मिनिस्टर जो वफा समझे जा वो टीवी पर आके कहते हैं कि जी वोट ऑफ नो कॉन्फिडेंस में ने आपने उस पर क्या त साब किया ओवरनाइट आपने बाप पार्टी बना दी वो तीन साल में
जब आप चले गए की बजाय आपने 2024 में वह पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए आपको याद है 8 फरवरी को आप ही की शो में हमने बात की थी तो मैंने भी ये कहा था कि जो बलूचिस्तान के इलेक्शन हुए इस दफा ये जनरल मुशरफ के 2002 के इलेक्शन के रिकॉर्ड तोड़ गए पहले यह होता था कि आप दूसरे तीसरे नंबर के बंदे को पहले कर देते थे अब तो आपने माशाल्लाह आठवें नंबर दसवें नंबर के बंदे को मुसल्लत कि है और उसमें साथ में जब ये इल्जा मात लगे मसलन बलूचिस्तान में इस वक्त ऐसे
एमपीए है इतनी छोटी सुबाई असेंबली है एक एमपीए सीट पे 50 60 करोड़ रुपए खर्च किए इमेजिन 50 60 करोड़ रुपए एक एमपीए सीट अब वो अच्छा जब वो अभी इसने खर्च कि तो वो बेचारा रिकवर भी तो करेगा 50 60 करोड़ 60 70 करोड़ अगले इलेक्शन के लिए भी बचाएगा 60 70 करोड़ उसने सेविंग भी करनी है अपनी ठाठ और अपनी वो भी मेंटेन रखनी है अब इतनी ये जब ये कहते हैं पाकिस्तान प्रॉपर वाले बलूचिस्तान में बड़ी करप्शन है बिल्कुल मैं आज आपके सामने मैंने तो यह सब करीब से देखा है प्रोबेबली बलूचिस्तान
में सुबाई हुकूमत में अगर किसी सूबे में सबसे ज्यादा बैड गवर्नेंस है तो वो बलूचिस्तान में है इसमें कोई शक नहीं है लेकिन जो पाकिस्तान प्रॉपर मिस करता है वह बात कि यह सब की सहुलत कारी फैसिलिटेशन पेट्रोनेट यह रियासत की सरब आही में हो रहा है यह सब मसन लोग रियासत ने मुसल्लत किए इनकी सोलत कारी रियासत ने की है अभी आप 2024 के इलेक्शन से पहले देखें खवाजा साद रफी साहब के भी मैं ट्वीट देख रहा था वो मंग से मजम्मत का मुतालबा कर रहे थे 2016 में यह मैंने आपको शायद पहले भी
वाकया सुनाया जब नवाब सनाला जरी वजीर आला थे मुस्लिम लीग नून के तो इनके खिलाफ वोट ऑफ नो कॉन्फिडेंस रीक शुरू हुई इनके पास 21 सुबाई सीट थी और इनके इतहाद नेशनल पार्टी पश्तून खवा मिले आवामी पार्टी के पास 25 थी बलूचिस्तान में वोट ऑफ नो कंटेंस डिफीट करने के लिए 33 सीट चाहिए होती तो उन्होंने कहा भाई 2 आपके हमारे 25 26 है हम इनम से 24 इंटैक्ट रख पाएंगे आप 21 में से आठ या न बचा ले हम आपको यह तहरीक हरवा देंगे वो एक भी नहीं बचा सके वो एक भी नहीं बचा
सके और शायद खाका बासी सिटिंग प्राइम मिनिस्टर थे वो आए बलूचिस्तान चले एक एमपीए के घर गए ये जरा सुने एक एमपीए के घर गए रिपोर्टेड उसने अपने घर का कोई बेटा या बंदा भिजवाया बाहर कि जी उनको कहे कि मैं घर पर नहीं हूं अच्छा बट यानी जुल्म की वो क्या है जब मिया साहब अभी दोबारा आए हैं 2024 में सरीना में उनका दरबार लगा और भाई लोगों के कहने पर वो टोला दोबारा मुस्लिम लीग नून में शामिल होने के लिए तैयार तो मैं तस्वीर देख रहा था वही लोग जिन्होंने 2016 में डिच किया
था वो राइट लेफ्ट में बैठे हुए हैं तो ख्वाजा साहब से मैंने यही पूछा अभी उसम कि भाई आप किन लोगों से तसा मांग रहे मंग से बजाय इनसे तसा मांगे आपसे हम मांग रहे जिनको आपने मुसल्लत किया और बारबार मुसल्लत करते हैं तो इस दफा तो यह सियासी इंजीनियरिंग या उसकी हालत यह है कि जहां पर इतनी मसन हुकूमत तो वहां पर और मैंने यह मैं हमेशा कहता हूं इस मसन की आदत का वो य यह बेनेफिशरी है इस कॉन्फ्लेट जब तक जंग रहेगी इनकी रेवेंस रहेगी दूसरा यह क्या करते हैं ये एस्टेब्लिशमेंट को
जमीया क की गलत तस्वीर पेश करते हैं सब अच्छा है की रिपोर्ट पेश करते हैं और इनको वह बातें सुनाना चाहते जिनसे इनको शाबाशी मिलती है मुझे हैरत इस बात पर होती है कि भाई अगर यह इतनी अच्छे है या तो ये एस्टेब्लिशमेंट ने इनको पार्टनर भी इसलिए रखा हुआ है कि जी यह फ्रंट लाइन प यह मीडिया में बोलने के अलावा तो अपने हल्को में जा नहीं सकते तो इनकी असल वैल्यू तो तब हो कि चले यह अपने ह भी जरा जाकर ना आवामी ओपिनियन रियासत के लिए सासग करें वो तो अपने हल्को में
जा नहीं सकते तो र पर बैठ के या मीडिया पर बैठ के इनके एक बयान से व बलूचिस्तान में जिस मकसद के लिए आपने रखा हुआ है वह मकसद हासिल नहीं हुआ जो शिद्दत आई है उसकी वजह यह है कि यह जो 18वीं तरमीम पोस्ट मुशरफ एक टिक हालात माहौल बना उसने जो एक विंडो ऑफ अपॉर्चुनिटी ऑफर की उस विंडो को हमने सियासी इंजीनियरिंग और गलत पॉलिस की वजह से मिस किया है जिसकी वजह से आज एक बलूच नौजवान बलूच नौजवान तो पहले ही मायूस था आज बलूच प फेडरलिस्ट अखतर मेंगल और मालिक और बाकी
नवाब रैसानी इन जैसों को भी आपने इस बात पर पहुंचाया इस नतीजे पर कि भाई 20 साल पहले जो बीएल आपको कहती थी वो ठीक कहती थी पार्लिन सियासत से बलोच के म का तज नहीं हो सकता यह शरीफ लोग है यह पार्लिन सियासत छोड़ देंगे लेकिन सारे नौजवान तो व उनके पास अल्टरनेटिव है बंदूक व बंदूक की तरफ चले जाएंगे तो यह मैं समझता हूं एक सबसे अहम बुनियादी फैक्टर है जो बलूचिस्तान के मसले का तारीखी और ताजा जो कन्फ उसम शत को एक्सप्लेन करती है आपने अखतर मेंगल का ट्वीट देखा जी मैंने देखा
है तो अखतर मेंगल ने तो खुलकर ही बोल दिया है कि हमारे हा हाथ से भी निकल चुका है आपके हाथ से भी निकल चुका है जब हम आपको वर्न करते थे आप हमें मॉक करते थे तो आपने जो शुरू में बोला कि आई एम अफ्रेड इट्स टू लेट अखतर मेंगल ने तो खुलकर बोल दिया है कि आपने सारी हुकूम तों ने एस्टेब्लिशमेंट ने जुडिशरी ने सारी पॉलिटिकल पार्टीज ने जो मिलकर किया है बलूचिस्तान में अब आपके हाथ से यह चीज निकल चुकी है आप जब पहली बार पॉडकास्ट प आए थे आपने बोला था कि
डॉक्टर मालिक और अखतर मेंगल जैसे लोग आर द लास्ट रिमेनिंग कनेक्शंस ऑफ द स्टेट ऑफ पाकिस्तान विद द पीपल ऑफ बलूचिस्तान अब अख्तर मेंगल का यह कहना आप किस तरह देखते हैं वो कनेक्शन टूट चुका है यारी मैं यही समझता हूं मेरी तो बल्के कभी-कभी मैं शुक्र अदा करता हूं कि मैं बलूचिस्तान में बलूच के तौर पर पैदा नहीं हुआ हूं मैं एक पश्तून हूं मेरी एमपी है मेरी हमदर्दी है हर बलोच नौजवान के साथ बलोच सियासत दन के साथ क्योंकि इन हालात में बलूच पढ़े लिखे नौजवान बशर सियासी वर्कर के लिए बलूचिस्तान में स्पेस
नहीं है मॉडरेट के लिए स्पेस खत्म हो गई इधर दो ही मॉडल है या आप रियासत के माउथ पीस बने और आपको नवाजा जाएगा या यह मॉडल है या फिर आप बंदूक वाले मॉडल पर चले जाए यह जो अखतर मेंगल इन जैसे लोग है इनकी बदकिस्मती इनको दोनों तरफ से मार पड़ती है उधर से भी मार पड़ती है इधर से भी मार पड़ती है और एक आम बलोच नौजवान जो है इसलिए मेरी इनके साथ मेरी तो बड़ी एमपति है कि यार ये बेचारे किधर फस गए एक तरफ से मार पड़ती है दूसरी तरफ से मार
पड़ती तो मैं समझता हूं यह जो अख्तर मेंगल वाली बात है इससे मैं यह दूसरे फैक्टर को भी जरा एक्सप्लेन करना चाहूंगा कि इस पर तो सब एग्री करते हैं ना कि बलूचिस्तान का मसला फौज और उनकी पॉलिसिया या एस्टेब्लिशमेंट की पॉलिसी एक बात जिस पर पाकिस्तान प्रॉपर को समझ नहीं आती और यह बलूचिस्तान के अपने सियासी लीडर्स को भी यह बात समझ नहीं आती वो यह कि बलूचिस्तान का मसला सिर्फ फौज का की पॉलिसिया नहीं अगर मुकम्मल जम्हूरियत भी आ जाए तब भी बलूचिस्तान का मसला हल नहीं होगा वो इसलिए लिए हल नहीं होगा
कि जो पाकिस्तान का मौजूदा वफा की निजाम है वो हर उस सियासी जमात जो वफा में इक्त में आना चाहती है उसको जीरो इंसेंटिव देता है कि वह बलूचिस्तान के मफा दत का ख्याल रख मैं कुछ स्टेट्स या डाटा आज आपके साथ शेयर करूंगा जो ये एक्सप्लेन करता है कि यह जो नेचुरल रिसोर्स के हवाले से कुदरती वसाय पर कंट्रोल पाकिस्तान में ओवरऑल रिसोर्स डिस्ट्रीब्यूशन इसके हवाले से जो बलूचिस्तान के शिकायात है यह सिर्फ मिलिटरी दौर की नहीं तो ज्यादा जमरी अद्वार की है तो व जमरी अद्वार में यह जितनी चीजें यह सिमटम्स है इस
डीपर इशू के कि जमरी अद्वार में यह मसले हल क्यों नहीं होते वह इसीलिए हल नहीं होते कि यह सिस्टम इन सियासी जमात को इंसेंटिव नहीं देता इसीलिए आप देखते हैं पिछले 40 साल में हर जमरी तारीख में बलूचिस्तान के कोपस फ्रंट लाइन पर होते है अ साहब बेचारे 30 साल से हर एक के साथ है अच्छा लेकिन उनको जो बात समझनी चाहिए कि यह जिस तरह 15 साल मिया नवाज शरीफ के साथ गुजारे आज वो इनको गालिया दे रहे हैं अभी वो इमरान खान के साथ उसी जज्बे के साथ जान देने और लेने पर
तैयार है इनका उनको कोई फायदा नहीं होना जो उनको समझने वाली बात है कि यह पार्टियां जैसे इदार में आएंगी जब यह एस्टेब्लिशमेंट के साथ बारगेन करते हैं पहला तोहफा जो एस्टेब्लिशमेंट को देते हैं जी बलूचिस्तान हवाले और वो इसीलिए वो इस मेजॉरिटेरियन डिजाइन की वजह से तो जो डाटा मैं आपके साथ शेयर करना चाहता हूं मसलन ये आपके उसमें भी बड़े सवालात है कि जी कुदरती वसाय कुदरती वसाय आप ले ले ये जितने ल है मैं कुछ आपके सामने रखूंगा मिसाल के तौर पर सेंदक यह बात याद रखें ये जो गैस और ऑयल के
अलावा कुदरती वसाय है यह 18वीं तरमीम से पहले भी मुकम्मल कुली जज र सूबों का 18वीं तरमीम में ऑयल एंड गैस में 50 पर पार्टनरशिप दिए है मिनरल्स तो पहले ही सूबों के थे सदक 2002 में हमने चाइनीज को दिया व फाकी हुकूमत और रेवेन्यू शेयरिंग अरेंजमेंट क्या आथ कि 50 पर प्रॉफिट चाइना को जाता है 48 फीस इस्लामाबाद को दो फीसद हुकूमत बलूचिस्तान आगाज बलूचिस्तान पैकेज में यह कमिटमेंट हुई कि जीय आपके हवाले किया जाएगा 2012 में सदक का मुदा एक्सपायर हुआ बलूचिस्तान हुकूमत ने इसको वापस लेने की कोशिश की व फाक ने नहीं
दी और इनको फिर आम ट्विस्ट करके आम ट्विस्ट करके पा साल की जबरदस्ती एक्सटेंशन लेली और उसमें भी ये नवाब रिसानी डॉक्टर मालिक इन जैसे लोगों ने रजिस्ट किया तो फिर वो जो मसन कयादत जब ये लाते हैं उसके थ्रू यह करवा लेते हैं 2017 में फिर ऐसे ही दौर में पा साल के लिए मजीद एक्सटेंड किया अभी 2022 में बाप के उसमें फिर मजीद एक्सटेंड किया और बलूचिस्तान को वो कमिटमेंट देने के बावजूद ओनरशिप इसले वाले ने की उनको इस बात पर ठरका या कि चले जो इस्लामाबाद का 50 फीस 48 फीस शेयर है
उसमें से हम 20 25 फीस आपको दे देते हैं बड़ा एहसान किया मेरे ही आप कब्जा करके मुझे उसमें से शेर देंगे यह सदक की सूरते हाल है सुई गैस सुई गैस की कहानी बड़ी वेल नोन है कि अर्ली 1950 में डिस्कवर होती है ये जो 1960 की पाकिस्तान के एशियन टाइगर की बात है ना इसके बैक बोन प सुई का गैस था बलूचिस्तान का गैस था उस वक्त बलूचिस्तान पाकिस्तान का 90 फीस गैस प्रोडक्शन बलूचिस्तान से होती थी ओवर द यक सेकंड लार्जेस्ट इन द वर्ल्ड न इट वास डिस्कवर्ड और बाकी सूबों में जब
डिस्कवरी शुरू हुई तोपो शेर तो कम हुआ लेकिन वो बढ़ता गया आज भी गैस की कंजमेट 4 फीस है और यह पाकिस्तान की इकॉनम जिनका बलूचिस्तान से ताल्लुक नहीं है कैसर बंगाली साहब हमारे एक दोस्त है आसिम बशीर व भी कराची से उन्होंने स्टडी की है सर बंगाली के मुताबिक गैस में यह जो डिस्ट्रीब्यूशन कंमिडी प्रोवाइड करते हैं वो गैस कंजूमिंग प्रोविंसेस को फ देता है एट द एक्सपेंस ऑफ गैस प्रोड्यूस प्रोविंसेस कि आप मेरे माल पर मेरे एक कुदरती वल पर किसी और को सब्सिडी दे रहे हैं मेरे से पूछे बगैर मेरे से हो
के बगैर उसका लॉस मुझे हो रहा है वो 1955 से लेकर 2014 तकली साहब ने जो कैलकुलेट किए सात से आ ट्रिलियन रुपी सिर्फ गैस कीमत में जो बलूच सात से आ ट्रिलियन सिर्फ बलूचिस्तान का शहर इसमें सिम का भी शहर है बाकी के जो इनको लॉस हुआ है अच्छा उसके बाद आप आ जाए जो सबसे इंपोर्टेंट बात 18वीं तरमीम में 18वीं तरमीम में एक बड़ी अचीवमेंट ये थी कि ऑयल एंड गैस प 50 पर ओनरशिप सूबों की रिकॉग्नाइज की गई आर्टिकल 1723 को अमेंड किया गया सूबों ने बड़ा सेलिब्रेट किया वो आज तक उस
परे इंप्लीमेंटेशन नहीं हुई क्यों वफा ने अब इस मिसाल से मैं आपको यह भी समझाऊ कि क्यों यह वफा की निजाम नाकाम है अब ज्यादा से ज्यादा जब आप किसी मुल्क में हुकूक का दिफाई तसल्ली क्या होती आईन में अमेंडमेंट अब आईन से बड़ी जमानत या जामिन क्या हो सकता है आईन में अमेंडमेंट आ गई पहले उफाक ने कहा कि जी ये एसिस्टिंग कांट्रैक्ट्स प नहीं अप्लाई होता चले एसिस्टिंग कांट्रेक्ट एक्सक्लूड हो गए फिर खुदा का करना हुआ कि बलूचिस्तान के जो सबसे बड़ा गैस का जखीरा है सुई में पीपीएल के साथ वो मायदा था
वो 2015 में एक्सपायर हो गया तो उस वक्त डॉक्टर मालिक और इन्होंने शोर मचा कि चल अब तो एक्सपायर भी हो गया भाई अब ये जरा आ जाए पहले 50-50 ओनरशिप लेते हैं फिर हम मुश्तरका डिसाइड करेंगे कि किसको कांट्रैक्ट हमने देना लो एंड बहोल्ड व फाक ने वो बात नहीं मानी हर साल यूनिलैटरली गैर आईनी गैर कानूनी तौर पर एक एक साल की उसको एक्सटेंशन देते हैं यह मामला अब बलूचिस्तान के पास क्या ऑप्शन है यह जब कहते हैं बलूच सियासत दनक डॉक्टर मालिक ने उस वक्त ऑयल एंड गैस के नए एक्सप्लोरेशन ब्लॉक कि
प्रोटेस्ट वफा को खत लिखे सी में इशू उठाया कोई हल नहीं हुआ फिर बलूचिस्तान के सेनेटर्स ने सेनेट में इशू उठाया कि जी आप तो हाउस ऑफ द फेडरेशन है कस्टोडियन है सेनेट के चेयरमैन रजा रबानी है इंटरप्रिटेशन के लिए उनके पास मसला गया कि जी यह वफा और सूबों की इंटरप्रिटेशन में इलाफ है आप इंटरप्रेट करें आपने आइन बनाया था यह तरमीम आपने की चेयरमैन सेनेट ने पार्लिन पाकिस्तान ने उस पर तमाम पार्टीज को बुलाया व फाक सूबों को और एक डिटेल रूलिंग दे दी उस रूलिंग में का मौक सही तस्लीम किया उस परे
जीरो इंप्लीमेंटेशन यह मामला सुप्रीम कोर्ट में गया सुप्रीम कोर्ट के पास जब भी वफा और सूबों का कोई मसला गया है सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रलिटी पोजीशन ली है उसने सेंट्रलाइजेशन को फेवर किया उसने वफा की उसको वो किया इसीलिए मैं अमंग अदर्स ये जो अभी 26 व आईनी तरवीन में कांस्टीट्यूशनल कोर्ट और कांस्टीट्यूशनल कोर्ट में पैरि की बात है सुबू की मैं बिल्कुल इसकी हिमायत करता हूं जब भी सुप्रीम कोर्ट के पास सेंटर प्रोविंस रिलेशन से मुतालिक कोई इशू गया है उसने हमेशा एक सेंटिस्ट पोजीशन ली तो अब मुझे जरा यह बताए जितने इंस्टीट्यूशनल एवेन्यूज
हुकूमत बलूचिस्तान के पास अवेलेबल थे वो सब ट्राई किए कोर्ट सेनेट पार्लिन कमेटी सीसीआई अपने इख्तियार थे कि बंद कर चीजें वो बंद की यहां तक कि बाप जैसी हुकूमत ने जो बाप आपकी मर्जी की हुकूमत उसने भी इसको इन्होंने बड़ी कोशिश य की पीटीआई के दौर में असद उमर साहब ने इमरान खान साहब ने नहीं तस्लीम किया उन्होंने कि हम नहीं मानते आज अभी कोई दो हफ्ते पहले मुझे मीडिया में खबर आई कि वो पीपीएल ने बिलखिरिया है मुझे उसकी डिटेल अभी पब्लिक नहीं है लेकिन सिर्फ पिछले सात साल की अगर मैं बताऊं कोई
60 अरब रुपए का पीपीएल जो है उसने बलूचिस्तान के पैसे देने हैं और उसके ऑन टॉप ऑफ दैट वो कॉरपोरेट थिफ्ट के माहिर बन चुके हैं जाहिरी बात है स्टेट ऑन एंटरप्राइजेस और उनकी रिसोर्स वो अपने डाटा वगैरह शेर नहीं करते कि बलूचिस्तान गवर्नमेंट रिकन साइल कर सके तो इन सब बातों से मैं बताना यह चाहता हूं कि जो 18वीं तरमीम आईनी तरा मम करके भी यह जो कुदरती वसाय के हवाले से कि बलोच के कंसर्न एड्रेस करें उसकी अमली अमल दराद की यह सूरते हाल है जिसकी वजह से जो उसका इंटेंडेड इंपैक्ट आना है
वह इंपैक्ट नहीं आ सका है और आखिर में इसके साथ मैं इस जवाब को कंक्लूजन शेयर करता हूं चले यह चीजें तो छोड़े बिप ले ले अब बिस पूरे पाकिस्तान में दुनिया में तस्लीम किया जाता है कि वन ऑफ द मोस्ट सक्सेसफुल एंटी पॉवर्टी प्रोग्रामस अब जब सीपैक या बाकी चीजों में बलूचिस्तान के शेर की बात आती है तो यह कहते जी वहां पर कमर्शियल सेंस नहीं बनाती इन्वेस्टमेंट वो स्कैटर्ड है मार्कीट डेवलप नहीं है चले हम कहते हैं ठीक है तो गुरबत में तो मेरिट प पहले नंबर पर है ना अब जब एक गुरबत
एंटी पॉवर्टी प्रोग्राम आप शेयर करें आप ये तो एक्सपेक्ट करेंगे ना उसमें तो बलूचिस्तान को आप प्रायोजना कैन यू बिलीव पिछले 16 साल में जब से यह विश्व शुरू हुआ है बलूचिस्तान का शेयर तीन से 4 पर र है बस में लेस देन इवन इट्स शेयर इन पॉपुलेशन अब इसको अगर आप कंट्रास्ट करें मल्टी डायमेंशन पॉवर्टी के मुताबिक पाकिस्तान की गरीब आबादी में बलूचिस्तान की गरीब आबादी का शेर 11 से 12 पर इनकम पॉवर्टी के हिसाब से पाकिस्तान की गरीब आबादी में बलूचिस्तान की गरीब आबादी का शेयर 10 से 11 पर जो पीएसएलएम और एचआईएएस
का डाटा है जो लोएस्ट इनकम क्वानटाइल्स है दो उसमें बलूचिस्तान का शेयर न से 10 फीसद है अब ईमान का कमजोर तरीन दर्जा तो यह कि आप यह न से 10 फीसद शेयर तो बिसम बलूचिस्तान के लिए किसी के कहे बगैर रखते आपको तो करना ये चाहिए कि बमें 20 2 फीसद आप रखें पूरे बलूचिस्तान के रूरल एरियाज को आप यूनिवर्सल कवरेज दे दे लेकिन नहीं और मैंने मैं अपनी बात कर रहा हूं पिछले पाच साल में पाकिस्तान का ऐसा फोरम नहीं है मैंने वजीर आजम मैंने वजीर आला बलूचिस्तान के थ्रू एक दर्जन खत लिखे
हैं मैं वजीर आजम से ऐलान करवा दिया कि इसको चेंज करना है लेकिन आज तक नहीं हो सका यह वह चंद मिसाले हैं जो मैं जिनसे हाईलाइट करना चाह रहा हूं कि यह जो मौजूदा वफा की निजाम है और जो फिर सुबाई लेवल पर वफा प फौज का डिस्पो पोर्श रोल है इसमें बलूचिस्तान के गंभीर मसाइल तो छोड़े बड़े बुनियादी मसाइल हल नहीं हो सकते जिसकी वजह जब भी कोई बलोच जमात पार्लिन सियासत में हिस्सा लेती है वह अपने आवाम के सामने शर्मिंदा होते हैं और इसमें यह जो हमारी मेन स्ट्रीम सियासी जमात इनका यह
किरदार जिक्र करना जरूरी है नवास बात है उनकी मजबूरी है ऐसा नहीं कि वह यह चाहते हैं लेकिन जिधर उनकी गलती है व य है वोह यह जानते हुए भी वह फौज के या मिलिट्री एस्टेब्लिशमेंट के सोलत का बनते हैं यह जो अभी अफगानिस्तान पर डिबेट चल रही है मसलन सीधी सी बात य तान और बलूचिस्तान पॉलिसी पर सिविलियन लीडर्स को ना कोई पूछता है ना इनका कोई इख्तियार है व तो भाई आप मुफ्त में तर्जुमा मत बने ना आपसे पहले किसी ने पूछा है ना आगे पूछेंगे तो आप सोलत का बनने और तर्जुमा बनने
की बजाय या तो डिस्टेंस रखें या फिर उसको हाईलाइट करें उसके खिलाफ आवाज उठाए तो यह सोलत का बनते हैं हालांकि यह जब भी इनको मौका मिला इन्होंने बेहतर करने की कोशिश की है लेकिन वो फैसले चकि कई और होते हैं तो बस इनकी मजबूरिया और बलूचिस्तान पर कंप्रोमाइज करना आसान है उसकी कोई कीमत नहीं है ये जो प्रोवर्स इंसेंटिव्स है आपने काफी डिटेल में समझाया है कि भाई गुजरावाला में जितनी सीटें हैं उतनी तो पूरी बलूचिस्तान में सीटें हैं तो कोई पागल ही होगा कि जो पूरा बलूचिस्तान में डेवलपमेंट करे जबकि पूरे बलूचिस्तान में
16 में से पांच छह से ज्यादा भी नहीं जीता अगर जोर भी लगा लेगा तो आपने कहा 10 जीत जाएगा वो गुजरावाला से ही 12 13 14 सीट जीत सकता है लाहौर की कोई 14 सीटें हैं तो लाहौर के 1700 किलोमीटर में वो डेवलपमेंट करेगा ना बलूचिस्तान 35 लाख स्क्वायर किलोमीटर में डेवलपमेंट करके उसको क्या सीटें मिलेंगी तो इवन विद कंप्लीट फ्रीडम विद कंप्लीट डेमोक्रेसी जो हमने फेडरल स्ट्रक्चर बनाया हुआ है उसमें भी बलूचिस्तान के जो मसले हैं व सॉल्व नहीं हो सकते हमने इंसेंटिवाइज ही नहीं किया हुआ और सारी जो हमारी सियासी पार्टीज है
उनको पता है कि रास्ता इस्लामाबाद का लाहौर के थ्रू जाता है तो खैबर जीतने के बावजूद पीटीआई ने सिर्फ फोकस सेंटर पंजाब में किया सिंध में फोकस भी नहीं किया आए भी नहीं तो यह जो फेडरल हमारा स्ट्रक्चर है इवन फफ वी मेक एवरीथिंग परफेक्ट द वे इट डिजाइंड वो एक पंजाब की हे जमनी उधर रहेगी हा और उसने इंस्टीट्यूशनलाइज किया हुआ है पंजाब की हे जमनी बलूचिस्तान की मार्जिनलाइज स्टेटस तो जब तक यह इंसेंटिव स्ट्रक्चर है सिविलियन सुप्रीमेसी भी आ जाए मुकम्मल बलूचिस्तान के मसले हल नहीं हो सकते जम हूरिया से सिर्फ यह होगा
पार्लिन निजाम की रिप्रेजेंटेटिव लेजिटिमेसी इंप्रूव होगी लेकिन लॉन्ग टर्म में कोई मसला हल नहीं होगा इसमें आपने कहा था जी सखत सवाल पूछे तो आप जो बातें कर रहे हैं उसके बाद आप तो बाहर है मेरे लिए ला डाला ही आएगा तो मैं अपने आप को बचाने के लिए गरीरा फारूकी बन जाता हूं सवाल करता हूं ताकि जो लोग कमेंट भी करते हैं मेरी वीडियोस वो भी हो जाए भाई आप हमें क्यों बोल रहे हैं आप अपने लोगों को बोले ना हमने तो दे दिए आपके जो सरदार हैं जो सारा कंट्रोल लेते हैं उनको जो
हम शेर देते है वो आप तक नहीं पहुंचाते तो हम तो दे रहे हैं पैसे आगे वो स्कूल नहीं खोल रहे आप कह रहे हमारी रिप्रेजेंटेशन नहीं है जमाली को भी बना दिया प्राइम मिनिस्टर काकड़ को भी बना दिया प्राइम मिनिस्टर डॉक्टर मालिक भी आ चुके हैं सरदार भी आ चुके हैं नवाब अकबर बुक्ती बड़े आपके लीडर बनते थे पहले वो गवर्नर थे तो सब लोग आप लोग आ चुके हैं सब लोग आप लोग रियासत का हिस्सा बन चुके हैं सब लोग शेर ले चुके हैं अगर वो लोग आवाम को नहीं दे रहे तो पहले
जाकर उन पर शोर डाल आप इस्लामाबाद क्यों आ रहे हैं जी ये जबरदस्त बात है देखें हम उनका मुकाबला बलोच और पश्तून अवाम करना जानते हैं और कर सकते हैं आप दस्त शफकत हटाएं आप सरपरस्ती हटाएं हमने तो आवाम ने हर वक्त अपनी वोट की ताकत के थ्रू अपने मुजाय के थ्रू इन लोगों के खिलाफ अदम एतमाद का इजहार किया है इसको मुसल्लत करने वाला वो रियासत है और जो मेन स्ट्रीम सियासी जमात हैं और वो मैंने जो अपने पिछले कमेंट में आपको मिसाल दी के किस तरह वही लोग जो पा साल छोड़ के जाते
हैं अगले पा साल फिर पीपल्स पार्टी तहरी के इंसाफ और मुस्लिम लीग नून को जब हुकम आता है कि जी इनको दोबारा लेना है और वो तकसीम करके देते इतने उधर जाएंगे इतने उधर जाएंगे तो फिर इन लोगों से सवाल पूछा ना ये आपके लोग हैं इलेक्शन में आप लाते हैं आप दसवें नंबर के बंदे को जब पहले नंबर पर लाएंगे मुसल्लत करेंगे अच्छा वो मैंने कहा ना पहले फिर भी कोई चले आपने किसी सरदार को लाया उसकी कोई लेजिटिमेसी थोड़ी बहुत सोशल लेजिटिमेसी हो अब तो आपने नोबडी को अ बहुत बड़े लोग बना दिए
नहीं तो जब उनको लाया तो उन्होंने क्या कर लिया हां यह ज्यादा परेशान कुन बात है कि है कि जितने बलूच सख्त गीर मौक रखते हैं आपके हिसाब से सख्त गीर बलूचिस्तान में तो उनको ताना दिया जाता है मेरे और जैसे या अख्तर मेंगल जैसे कि आप मॉडरेट है यह हमें सब सबने पहले स्टार्ट लिया हुआ है या जिन्होंने बंदूक भी उठाई है सबने पहले स्टार्ट पार्लिन सियासत से लिया था यह परेशानी हो अकबर बुक्ती ही वाज अ फेडरलिस्ट गवर्नर रहे आपके वजीर आला रहे वो आखिर बंदूक उठाने पर आ गए खैर बख मरी उन्होंने
1970 के इलेक्शन में मेंबर कौमी असेंबली ते आइन साज असेंबली का हिसा है वो क्यों आजादी के उस पर आ गए बालाच मरी हेर बियार मरी सुबाई असेंबली के मेंबर रहे वो क्यों इस नहज पर पहुंचे हर वह बंदा जिस जो जो यह बशीर जेब से लेकर य सब ये इधर बीएसओ के स्टूडेंट थे तो इन्होंने कोई पैदायशी तौर पर यह माइंड नहीं बनाया हुआ था हालात ने ये हालात क्यों इस तरह इनको ले जाते हैं के आखिर में नतीजा यही निकलता है कि अखतर मेंगल बेचारा 20 30 साल पार्लिन सियासत करके इस्तीफा दे देता
है कि भाई यह पार्लिन सियासत इसे रेडी की दुकान बेहतर है क्योंकि इससे मेरा कोई मसला हल नहीं हो सकता और वह अपने आवाम में उसकी जलालत होती है उससे बेहतर है वो छोड़ दे तो मेरे ख्याल से इस पर इस्लामाबाद को गौर करना चाहिए कि यह हम किन लोगों को मुसल्लत कर रहे हैं आपने हमारे ग्रुप में भी खैर ब मरी की जो सोच में तब्दीली आई है उस पर एक मैसेज शेयर किया हुआ था तो वो बताना चाहेंगे हमें भी जी देखें खैर बख्श मरी साहब यह दो तीन विंडोज ऑफ अपॉर्चुनिटी थी पाकिस्तान
में हमारे पास कि बलूचिस्तान को इंटीग्रेट करते पहला अर्ली 1970 का था याद रखिए 1970 की इलेक्शन में तमाम बलोच ने बढ़चढ़ के हिस्सा लिया उस वक्त जो असला उठाया अयूब खान के दौर में जिनको फरारी कहा जाता था उसमें यह सब लोग आए और खैर बख्श मरी जैसे लोग इन्होंने पार्लिन सियासत में हिस्सा लिया आइन साज असेंबली में हिस्सा लिया बलूचिस्तान में हुकूमत बनाई जिसका मतलब है कि ये इनकी विलिंग्स शो कर रही थी कि ये एक पार्लिन वफा की निजाम में चलने के लिए तैयार है उसके जवाब में जो हमने इनके साथ किया
वो मैंने आपसे शेयर किया था कि बट्टो साहब ने क्या किया है वहां पे तो भुट्टो साहब किरदार अदा किया और पहली फुर्सत में फौज को उधर भेजा उसके बाद उसका नतीजा यह निकला के खैर बख्श मरी साहब अताउला मेंगल साहब जैसे लोग तो अपना सबक सीख गए उसके बाद उन्होंने पाकिस्तान के वफा की आईनी निजाम में सियासत की जद्दोजहद नहीं की बिंजो साहब बेचारे वह सियासी आदमी थे बड़े विजनरी आदमी थे उन्होंने अपनी कोशिश जारी रखी उनके साथ हुआ यह वो बाबा सियासत बलूचिस्तान में कि जब अगले इलेक्शन होते हैं 1988 में जनरल जियाला
का मार्शला खत्म होता है इलेक्शन होते हैं बिंजो का बलूचिस्तान में सफाया हो गया उनके शागिर्द ने उनको हराया क्यों क्योंकि बलूच नौजवान में गुस्सा इतना था कि आप पार्लिन सियासत के पीछे पड़े रहे और कुछ हासिल करने की बजाय उल्टा नुकसान करवा बैठे दूसरी विंडो ऑफ अपॉर्चुनिटी हमारे पास थी यह जो 2000 10 के बाद वाला पीरियड था 18वीं तरमीम आया कुछ स्ट्रक्चरल चेंजेज आए उसके बाद हालात हम ठीक कर सकते थे और आपने देखा 2013 में डॉक्टर माल और इनके आने से काफी एक बेहतरी भी आई और एक नए ट्रैक पर जाने की
कोई उम्मीद नजर आई हमने फिर दो-तीन साल बाद अपनी रिवाय इंजीनियरिंग और हथकंडे शुरू किए जिसकी वजह से हमने वो विंडो भी ऑफ अपॉर्चुनिटी भी मिस की तो खैर बमरी इनम से उन बंधु में से थे जिन्होंने आखिर तक अपनी इस बात प फिर वो अड़े रहे हैं कि वो बलूचिस्तान जो है वो पाकिस्तान के पार्लिन फ्रेमवर्क में उसको कुछ मिल नहीं सकता तो वो आजादी के लिए ही ज जहद करते रहे और वो अपनी सियासी फिक्र अपना एक स्टडी सर्कल था हक तबार उसके थ्रू प्रोपेट करते रहे और आज की जो बीएल और उसके
बीएसओ आजाद या बीएनएम के बहुत सारे नौजवान हैं यह खैर बख्श मरी के उस स्टडी सर्कल्स में हाजिर होते थे और वहां पर उनकी सियासी तरबियत हुई मैं वापस अपने पाकिस्तान प्रॉपर एंकर मोड में आ जाता हूं भाई आप कह रहे हैं यह करें वो करें आपको एक आपका ट्राइब मेंबर जो है वो मरी हो व 60 में लड़ा 70 में लड़ा वो बैठे हैं दुबई में लंदन में वो अपनी जिंदगी एंजॉय कर रहे हैं बस उनका बाप का नाम मरी है वो वहां से बोलते हैं जंग करो यहां पर आप जंग करना शुरू हो
जाते हैं तो इन लोगों से क्या बात करें भाई आप लोग तो वो बैठे हुए अयाशी कर रहे हैं उनके नाम पर आप यहां बच्चों को लड़ा रहे हैं लोगों को जी मेरे ख्याल से उनसे आपकी फिर भी बात हो सकती थी बैड न्यूज ये कि उनके हाथ में अब चीजें नहीं है अब जो यह कयादत है यह पढ़े लिखे नौजवान तबका जो जमीन पर उधर ग्राउंड पर बैठे लड़ रहे हैं ये कयादत उनके हाथ में है अब ना ये हेर बियार मरी ना कोई खाने कलात ना बरामद इनकी इतनी नहीं चलती ये इधर बीएसओ
के कारकुन जो है वो जंग लड़ रहे हैं तो वो उनसे फिर भी आपकी बातचीत हो सकती थी क्योंकि जो आइश को जो असाय जिंदगी गुजार रहे उसको फिर भी इट किया जा सकता है जो पहाड़ पर बैठा वो मरने के लिए तैयार हो उसके साथ बात करना मुश्किल हो गया तो वो मैं समझता हूं अब बलूचिस्तान के हालात ऐसे नहीं है कि आप सीधे-सीधे कह कि सॉफ्टवेयर अपडेट करें कल मुजकुवा है मुजा करत के लिए भी अब हालात साजगी मेजर कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर्स लेनी होंगी तो वो कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर्स आप लेंगे फिर आप मुजा
के लिए एक ताकतवर आजाद लोगों का कमेटी कमीशन बनाएंगे फिर कुछ जमानत देंगे जिसमें आपको इंटरनेशनल शायद गारंटर्स भी शामिल करने होंगे तब जाके बलूचिस्तान के हालात आप ट्रैक प आ सकते हैं और जितना ये प्रोलों करेंगे आज से 10 साल पहले जो हम तजा भीज देते थे वो चल सकते थे उस वक्त आज वो नहीं चलेंगे आज आप उसको मजीद उसकी कॉस्ट बढ़ रही है वो वही तजा भीज मुश्किल से होंगी तो वो सीबीएम क्या है उसपे बात हो सक देखि आपको कराची यूनिवर्सिटी की औरत बम भाड़ दे तो आप लोग ही शोर मचाते
हैं अब आप खुद कह रहे हैं कि जो अब लोग हैं ये स्कूल में यूनिवर्सिटीज में अच्छा कह रहा हूं नाना मैं आवाज र तो फुल मूड में आए नहीं मैं ना मिक्स कर देते हैं जब इस रोल में आऊंगा ना तो मैं टोपी ऊपर कर देता हूं तो आप आपको पता चले कि कौन से इदार से बात हो रही है हां बिल्कुल तो आप खुद कह रहे हैं कि भाई ये लोग यूनिवर्सिटी में होते हैं ये लोग करते हैं इंटेलिजेंस गैदर करते हैं फिर ये लोग वापस जाते हैं बीएल जवाइन कर लेते हैं फिर
जब हमें पता चले कि ये लोग हैं हम इनको उठा ले ये पंजाब यूनिवर्सिटी में कराची यूनिवर्सिटी में हम उठा ले तो आप लोग सोशल मीडिया पर शोर मचाना शुरू कर देते हैं ये बीएल के तो लोग हैं अब इनको ना उठाए तो क्या करें हम जी देखिए बुनियादी सवाल आपको यह सोचना चाहिए कि क्यों बलूच नौजवान जो है वह अपनी जान देने के लिए तैयार है और बी अली के साथ तावून के लिए तैयार है या किसी और भी रियासत के खिलाफ असला उठाने के लिए तैयार है लेट्स से आपका आप क्यों नहीं तैयार
मैं क्यों नहीं तैयार पिवर वैली का नौजवान क्यों नहीं तैयार पंजाब में नौजवान क्यों नहीं असला उठाने के लिए तैयार और पैदायशी तो नहीं अगर पैदायशी होता तो मैंने आपको सब का बताया पार्लिन में भी आए हैं ये यूनिवर्सिटी की तालीम हासिल की है जब यूनिवर्सिटी में इसलिए तो नहीं आया कि बंदूक उठाने के लिए अगर बंदूक ही उठानी तो यूनिवर्सिटी ना आते ये लोग तो आपको इस पर सोचना होगा कि ऐसे क्या हालात है कि बलूच नौजवान इस हद तक जा चुका है कि वो अपनी जिंदगी यानी हम सब कुछ आपको आजादी भी किस
लिए चाहिए होती है अपनी अच्छी जिंदगी के लिए चाहिए होती है कि वो अपनी जिंदगी कुर्बान करने पर आ गए हैं इसका मतलब है कि आपने हालात ऐसे बना दिए कि उनके लिए कोई ज्यादा वायबल अल्टरनेटिव चॉइस बड़े कम छोड़े हैं और इसमें यह भी जरा मैं बात प वो देना चाहूंगा यह अहम बात है पाकिस्तान प्रॉपर का एक बड़ा मसला यह है कि यह जो सारी काउंटर नैरेटिव मीडिया में सियासी लोगों के थ्रू इसका ऑडियंस जो है वो बलूच नौजवान वो भी पाकिस्तान प्रॉपर का नौजवान है कमाल बात य लेट्स से आप जरा देखि
यानी प्रोपेगेंडा के लिए भी कोई मेथड चाहिए ना अभी जब लेट्स से पीटीआई के साथ एस्टेब्लिशमेंट की वो लड़ाई चल रही है तो पीटीआई को काउंटर करने के लिए जब ये अपना काउंटर बयानिहान हैं लोगों को आगे करते हैं तो एटलीस्ट उनका टारगेट ऑडियंस तो वो नौजवान है ना देखें यूथ प्रोग्राम शुरू किए मरियम ने और सारी चीजें वो अपनी कोशिश करें कामयाब होते हैं नाकाम होते हैं एक अलग बात है बलूचिस्तान में बेहिस और इग्नोर से और जाहिल अत की हद ये है कि जितना ये काउंटर बयान है ये एम है एट द सिटीजन
ऑफ पाकिस्तान प्रॉपर ओ भाई बलोच नौजवान अगर आपने लेट्स से बीएल को लेजिटिमाइज करना है वो तब होगा जब बलोचन जवानों में उसकी सपोर्ट बेस कम होगी आप कराची या लाहौर में उन लोगों में उनकी सपोर्ट कम हो या ना होसे बीएल को कोई फर्क नहीं पड़ता तो उसके लिए आपको क्या करना है मैं यह मिसाल देता हूं कि ये जब बलूचिस्तान में वो आते हैं हर कोर कमांडर और उनका सेटप होता है तो वो क्या करते हैं वो उधर मसन लोगों के थ्रू ना रैली निकालते पाकिस्तान जिंदाबाद के अच्छा क्यों उन्होंने सिर्फ उनको इस
बात की कंसर्न नहीं है कि जनन हम लोगों के दिलों में पाकिस्तान का प्यार आया और हम दिल और दिमाग की जंग जीते नहीं इस्लामाबाद को सब अच्छा है कि तस्वीर दिखानी कि मेरे दौर में देखें बड़े बलोच तो बड़े मोहिब वतन हो गए हैं और जिसने रैली निकाली होती उसको भी हंसी आ रही होती है बाकी जो हम लोकल लोग है वो तो जानते ही जानते हैं अच्छा इसी तरह जब यह अपने मसन लोगों के जरिए यह जज्बाती तकरीर करवाते हैं अच्छा वो भी पाकिस्तान प्रॉपर से शाबाशी व मीडिया में बैठे हैं उसको शाबाशी
दे रहे हैं एक दूसरे के साथ तो भाई इससे वो जो बलूचिस्तान का नौजवान है उस उसको आप कैसे अपनी तरफ रागब करें आपने मरंग का आपको याद है हमने जिक्र किया था मैंने आपको कहा था किय उन्होने मरंग के साथ बदतमीजी है और मिस ट्रीटमेंट की है इसका वो नतीजा आएगा कि ये याद रखेंगे आज वो नतीजा आ रहा है अब इनको याद आ ग कि मरंग कंडेम करे मरंग यह करे तो भाई मरंग का सपोर्ट बेस बलोच नौजवान है मरंग को आप पाकिस्तान प्रॉपर की नजर में डीले चट माइज करे या ना करे
उसे मरांग या उसको कोई फर्क नहीं पड़ता इतना हां आपने अगर वाकी कोई काउंटर नैरेटिव देना है तो उसके लिए आप ऐसे लोगों को लाएंगे जिसकी बात बलोच नौजवान सुनने के लिए कम से कम तैयार हो आप ऐसे लोग फ्रंट पर बिठाते हैं जिसको देख ही बलोच नौजवान तो कोई बुरे बला गाली देके अगले उस पर चला जाता है सो इस काउंटर नैरेटिव का पॉइंट क्या है नहीं हम आप बताए हम क्या करें हम आपको बुलाते हैं आपको कराची यूनिवर्सिटी में कोटा दिया पंजाब यूनिवर्सिटी में दिया पढ़ाते हैं आप फिर जाकर बम फड़ना शुरू कर
देते हैं हमने पूरे शहर हमारे जो हैं वो सब आप लोग खुले हुए हैं आप लोग आए पढ़े यूनिवर्सिट में हम आने देते हैं इतने सारे बलूच हैं जो पढ़ रहे हैं पंजाब में इस्लामाबाद में फिर फ वापस जाके आप लोग बम पाड़ना शुरू कर देते हैं यार ये देखें आप कोई हम पर कोई एहसान नहीं कर रहे आप भी हमारे पर आके हुक्मरान करते हैं हम आपके यहां पढ़ने के लिए नहीं आते यह पाकिस्तान के इदार हैं पाकिस्तान के आवाम के पैसों से बने जिसमें हमारा भी कोई हिस्सा है तो हम पढ़ने या उसके
आने का मतलब यह नहीं है कि हम अपनी सियासी हकूक और उस पर खामोश हो जाए पढ़ने का तो असल मकसद य व आपको शूर देता है और उसके लिए अगर हमें इनको अपने सियासी हकूक उसके लिए आवाज उठानी पड़े तो वो जाहिरी बात है वो तालीम साथ व शर मजीद बढ़ना चाहिए मैं इस पर भी बात करूंगा शहजाद अगर आपकी इजाजत हो इसका जो इकोनॉमिक साइड है हमने सियासी और वह सारी बात की है एक जो बलूचिस्तान की मौजूदा उसमें जिसका बड़ा ताल्लुक है बलूचिस्तान की इकॉनमी आप समझे बलूचिस्तान की इकॉनमी तीन चीजों पर
स्टैंड करती है एक जरा दूसरा मिनरल्स और तीसरा जो इनफॉर्मल बॉर्डर ट्रेड है अब पिछले चंद सालों में यह हुआ है कि आपने पानी की वजू पानी के जो क्राइसिस है वाटर टेबल्स और उसकी वजह से बलूचिस्तान में एग्रीकल्चर वैसे भी सबसिस्टेंस एग्रीकल्चर से बियोंड सस्टेनेबल नहीं था तो एग्रीकल्चर के हालात तो खराब हो गए बिकॉज ऑफ क्लाइमेट चेंज पानी वगैरह उसके बाद आते हैं मिनरल्स अब मिनरल्स वो हम लो वैल्यू चेन में ट्रैप्ड है जो मिनरल्स बाकी है उसकी एक्सप्लोइटेशन होती है उसका आम आदमी को सरह से फायदा नहीं होता उसके बाद रह गया
बॉर्डर इनफॉर्मल ट्रेन रेट यह आपको मैं बताऊं कि बलूचिस्तान का 53 पर जो आबादी है वो यह जो 1314 अफगानिस्तान ईरान के साथ जिले वो इनमें रहती है बलूचिस्तान की 50 पर से ज्यादा इकॉनमी बॉर्डर ट्रेड पर मुनसर है तो पिछले पाच छ सालों में यह जो एंटी स्मगलिंग और फॉर्मल ट्रेड की प्रमोशन के नाम पर जो क्रैकडाउन हुआ है उससे भी बहुत बड़ा नुकसान हुआ है क्योंकि उधर लोगों का रोजगार इसी इनफॉर्मल इकॉनमी से वाबस्ता था तो वो इन इकमा की वजह से वो भी आम आदमी के लिए जो थोड़े बहुत रोजगार के मवा
के थे वो खत्म हो गए और उस पर एक बड़ा जनन वैलिड सवाल है पाकिस्तान प्रॉपर का कि जी स्मगलिंग होती है स्टेट एक्स चकर को नुकसान होता है तो इसको भी मैं यह जवाब देना चाहूंगा कि बिल्कुल इसमें कोई शक नहीं कि स्मगलिंग होती है और उसके लिए कोई इदामा उठाने जा उठाने जाए चाहिए लेकिन उसका मस कि पहले उसकी तस ठीक करें मैं आपको एक मिसाल देता हूं स्मगलिंग का अभी यह मफ्ता साहब उसकी बड़ी एडवोकेसी भी करते हैं जो ट्रांजिट ट्रेड अफगानिस्तान के साथ उस पर बड़ी पाबंदियां लगाई अब वह उसमें तस
में मसला किया तस इनकी है कि चकि लोग करते हैं तो इसकी अपॉर्चुनिटी कम करो तो भाई जो बॉर्डर में लीकेज है क्यों कराची पोर्ट से लेकर चमन बॉर्डर तक यह जो सिस्टम में लीकेज एक एक चीज चली जा इसका मतलब आपका सिस्टम ठीक नहीं है उसको ठीक करे बजाय तिजारत बंद करने के उससे नुकसान क्या हुआ है वो तिजारत सारी डायवर्ट हो गई है थ्रू ईरान और क्योंकि आपके बॉर्डर के लीकेजेस का आपने इलाज नहीं किया वही माल जो अब ट्रांजिट ट्रेट के थ्रू पाकिस्तान कराची से होते हुए जा रहा था वो अब ईरान
के थ्रू होकर वापस आ रहा है वो ईरान के थ्रू पाकिस्तान में आ रहा है वो ईरान से अफगानिस्तान के थ्रू वापस पाकिस्तान आ रहा है जिसका मतलब यह है कि चूंकि आपने बुनियादी का इलाज नहीं किया कि बॉर्डर के लीकेजेस अब बॉर्डर पर तो आप बैठे हैं रियासत बैठी है तो वो सिस्टम ठीक करने की बजाय आप रेडी बंद कर दो हर चीज बंद कर दो क्या स्मगलिंग होगी तो भई अपना निजाम दुरुस्त करो उसके लिए आप तो यह ऐसा है कि तालीमी इदार खराब है तो बंद कर दो तो उसमें यह एक बुनियादी
वो और इसमें इतनी इनफर और या नासमझी भी है मैं वो एक दिलचस्प वाक सुनाता हूं मैं वजीर आजम ने कमेटी बनाई थी बॉर्डर पर फॉर्मल ट्रेड प्रमोट करने के लिए मैं उसके मीटिंग में बैठा था तो अब यह पाकिस्तान के जितने इदार जो बॉर्डर ट्रेड को डील करते हैं एफबीआर एफ आईए सिक्योरिटी इदार सब बैठे हैं और व फाकी वजीर को प्रेजेंटेशन दे रहे कैन यू बिलीव इन्होंने क्या तजवीज दी तजवीज ये दी अब ये वजीर आजम साहब ने टास्क दिया कि भाई अल्टरनेटिव लाइवलीहुड्स कैसे प्रमोट करें तजवीज य द कि जी ये जो
बलोच और पश्तून है इनकी ये कल्चरल इनकी पैदायशी ट्रेनिंग हुई है प्रो स्मगलिंग है इनकी कल्चरल ट्रेनिंग करें कि स्मगलिंग बुरी चीज है और वो इमेजिन करें चेयर कौन है मीटिंग का सु बाई मैं नाम नहीं लूंगा व फाकी वजीर वो भी बलोच है लेट्स से अगर आप जननली यह बात समझते भी इतने तो आप एथिक्स और एटिकेट्स रखे कि एक बलूच मिनिस्टर को आप यह कह रहे कि आपके लोग पैदाइशी तौर पर या उनकी कल्चर वो प्रो स्मगलिंग है उनकी तरबियत करें वो शरीफ आदमी तो उन्होंने इनको रोका तो उन्होंने रोका कि भाई ये
बात निकाल दीजिए आप क्या बात कर रहे और मैं बैठा उधर फ्रस्ट्रेट हो रहा था कि यानी इन लोगों को क्या बात समझ आई तो मैंने उनकी तबीयत साफ की कि भाई आप फॉर्मल ट्रेड कैसे प्रमोट करेंगे फॉर्मल ट्रेड इन चीजों से प्रमोट होता मैं आपके सामने एक दो तीन फैक्ट रखता हूं मैंने स्टैंडर्ड चार्टर्ड में मेरा अकाउंट है मैंने एक दफा वहां पर मैंने नहीं बल्कि वो उनके एजेंट प्रमोशन एजेंट कॉल करते सर आपको क्रेडिट कार्ड आप एलिजिबल है क्रेडिट पॉडकास्ट इस पॉडकास्ट के बाद आपका पाकिस्तान में कोई अकाउंट नहीं होगा अकाउंट को भल
जी तो उन्होंने मुझे साइन करवाया ना कि जी आपके ये क्रेडिट कार्ड खैर एक दफा हुआ दो दफा हुआ क्रेडिट कार्ड कोई आता नहीं और हर तीन महीने बाद कॉल मैंने वो अगली दफा जब भाई उसको डांटा कि भाई मुझे कॉल मत करें आप तो मुझे लगता है यह कोई फ्रॉड है हर दफा साइन करवाते वो अपने उसने अपने सेल्स प्रमोट करने थे उस बेचारी ने मुझे दोबारा कॉल करके कहा कि सर वो आपका इसलिए नहीं हो रहा आपका एड्रेस कोटा का है आप एक हफ्ते के लिए कोएटा का एड्रेस चेंज करें आपका कार्ड हो
जाएगा मैंने कहा यार य तो अब तो बिल्कुल भी नहीं करूंगा अगर मेरा भी वो नहीं होता तो बलूचिस्तान के एक आम आदमी का क्या होगा मैंने जब डाटा निकाला शहजाद ये जो एडवांस टू डिपॉजिट रेशो है कि क्रेडिट फैसिलिटी यह एक फॉर्मल ट्रेड की प्रमोशन का बड़ा इंडिकेटर है कि सरकार जो है या बैंक्स वो क्रेडिट दे रहे हैं एसएमई को इंडस्ट्रियलिस्ट को बलूचिस्तान में तीन से 4 पर है यानी जो बलूचिस्तान के लोगों ने वहां पर बैंकों में पैसा जमा कराया है उसके अगेंस्ट को तीन से 4 पर उधार मिलता है और उसमें
भी मेरे ख्याल से ये हब वाले शामिल है अगर उसको निकाल के तो ये 1 पर भी नहीं बचता इसके मुकाबले में सिंध और पंजाब में यह रेशो 40 से 50 फीस के आसपास है अब यह एक मिसाल है इसी तरह आप हमारी पैदावार सेब ले ले अगर बलूचिस्तान एक मुल्क होता तो बलूचिस्तान वुड बी द 18 और 17 लार्जेस्ट एप्पल प्रोड्यूस कंट्री इन द वर्ल्ड पाकिस्तान का 90 से 95 फी सेब बलूचिस्तान से आता है जो सेब की वैल्यू चेन है उसकी जो पहली सीढ़ी है अभी मैं एडवांस वैल्यू चेन की बात नहीं कर
रहा पहली सीढ़ ये कि इसका आप कंसंट्रेट या कोई जूस से पहले जो वो बनता है पल्प आप वो बनाते हैं पूरे बलूचिस्तान में एक वैल्यू चेन का कोई यूनिट कोई इंडस्ट्रियल यूनिट या वो नहीं है और एक्सपोर्ट भी जो सेब का होता है वो कराची या पंजाब के कारोबारी बलूचिस्तान का इसब एक्सपोर्ट करते हैं तो ये मैं सिर्फ चंद वो मिसाले दे रहा हूं कि फॉर्मल ट्रेड आप एकदम से बॉर्डर पर पाबंदियां लगा केर इनफॉर्मल उसको बंद करें बिल्कुल बंद करें लेकिन तब करें जब आपके पास यह विल और कैपेसिटी हो कि आप मुत
बादिल रोजगार दे सके मुत बादिल रोजगार के हालात यह कि आप एक्सेस टू फाइनेंस देने की बजाय आप इंडस्ट्रियल वैल्यू चेन प्रमोट करने की बजाय आप रोजगार देने की बजाय कहे कि लोगों की कल्चरल ट्रेनिंग करें यह तो इनके कल्चर में ही है कि जी स्मगलिंग करनी है [संगीत] और बॉर्डर के आसपास तिजारत करनी तो यह मेरा से वो रवैए हैं कि इनको जब तक देखा और समझा ना जाए पाकिस्तान प्रॉपर और बलूचिस्तान में जो खलीज है वो इतना बढ़ चुका है वो इस तरह से रिकवर नहीं होगा इकोनॉमिक उस पर आते हैं वापस ठीक
है हम एहसान नहीं कर रहे बट आपको आने तो देते हैं कराची में इतने सिंधी नहीं है जितने बलूच रह रहे हैं खुश रह रहे हैं यह क्या बात हुई पंजाबी बलूचिस्तान है आप कत्ल कर देते हैं नहीं पंजाबी इधर नहीं आ सकता हम अब ये करना शुरू कर दें तो आप लोगों को पूरा मुल्क खुला है आप पंजाबियों को आने नहीं देते पंजाबी को पंजाबी होने पर कदल कर देते हैं जी देखें पंजाबी पिछले 70 75 साल से बलूचिस्तान में रह रहे हैं और बलूचिस्तान में पंजाबी बल्कि कोएटा के जो पंजाबी है हमारे दोस्त
हैं वहां के लोगों के साथ रिश्ते हैं कोएटा की जो जो पंजाबियों की जो कोएटा की अपनी एक डायलेक्ट है उर्दू का वो कोएटा वाला स्टाइल उर्दू है उसमें पंजाबी पश्तून बलूच सब वही उर्दू बोलते तो वो इतना एक इंटीग्रेटेड शहर था कोटा एक मिनी पाकिस्तान था इस हवाले से ी पार्टीशन बहुत ज्यादा पंजाबी वहां सेटल्ड है जी प्री पार्टीशन सेटल्ड है पंजाबी यह जो वायलेंस है यह पिछले 15 16 साल में शुरू हुई अब वो वायलेंस वो कोई बीएल किसी से पूछ के या आम बलोच से या बलूच या सिधान से पूछ के तोड़ी
करती है वो जाहिरी बात है उसने तो जो बलोच उसम भी उनकी बात नहीं मानते वो उनको भी टारगेट करते हैं और तो इसमें मेरे ख्याल से जो हमें समझना होगा वो यह है के आम पंजाबी और फॉर दैट मैटर आम बलोच या किसी का जो कत्लेआम है बिला वजा कत्ल है उसको ना सिर्फ य कि मजम्मत तो हम सब करें और करनी चाहिए बल्कि उसका कोई या उस पर डिबेट ही नहीं होनी चाहिए वो तो डिबेट उस पर तो हम सबका कंसेंसस होना चाहिए कि इसकी मजम्मत करते हैं लेकिन जब यह पाकिस्तान प्रॉपर और
पंजाब के दानिश्वर उठ के ना सुबह शाम के अभी कुछ हुआ नहीं कि जी मंग मजम्मत करें अभी कुछ हुआ नहीं जी फला मजम्मत करें ये वही जो इराल पलेस्टाइन में हुआ है द मोमेंट आप इसराइल की एट्रोसिटी की बात करें जी आप हमास की मजम्मत करें अब जो बंदे जिसने करना भी हो वो हेजिंग में मैं नहीं आ सकता ये ब्लैकमेल करके मुझे वई आर यू अजूम कि मैं इस चीज की मजम्मत नहीं करूंगा यह वो नी जर्क रिएक्शन है कि आप और दूसरा उनको यह भी समझना चाहिए भाई बीएल या व कोई मरंग
या किसी से पूछ के अपने प्लान नहीं बनाते लेकिन इसके मुकाबले में रियासत के साथ आप और हम सबका रिश्ता है लीगल एक सोशल कांट्रैक्ट है हम उनको वोट देते हैं टैक्स जमा कराते हैं हमने उनको वायलेंस पर लेजिटिमेसी दी हुई है वायलेंस पर मोनोपोली दी हुई है तो मेरा बीएल के साथ कोई ताल्लुक नहीं है मेरा रियासत के साथ है रियासत से मैं सवाल भी पूछूंगा प्रोटेस्ट भी करूंगा और एक नॉन स्टेट एक्टर के साथ मेरा क्या ताल्लुक हो सकता है तो मेरे ख्याल से इसपे ये जो नी जर्क रिएक्शन है इसको भी मैं
ठीक नहीं समझता ये कहते हुए कि ऑफकोर्स पंजाबी सिंधी या कोई भी कोई रोजगार के लिए आते हैं कुछ ये जो कोएटा के पंजाबी ये प्री पार्टीशन उधर सेटल्ड है तो ये आम उसका इसमें ना कोई कसूर है मैंने आपको शायद पहले भी बताया हमारे मेरे उस्ताद थे वो 20089 में मारे गए हैं इस वायलेंस में तो वो यकीनन देख के बड़ा अफसोस भी होता है और एक उन तमाम खानदान के लिए अभी य जो कुछ सरवाइवर्स थे उनके मैं वीडियोस देख रहा था तो यकीनन वह बहुत ही अफसोस है और बहुत दुख और अफसोस
होता है लेकिन जिम्मेदार लोगों को इसको वाइडल वाइडर कम्यून क्लश या उसकी तरफ ले जाने की बजाय रियासत से सवाल करें त साब करें कि यह हालात यहां तक क्यों पहुंचे जो नुआंस है यह सोशल मीडिया डिस्कोर्स में कंपलीटली मिसिंग है कि सिस्टमिक ऑपरेशन बाय द स्टेट कैन नॉट बी कंपेयर्ड विथ बाय नॉन स्टेट एक्टर्स और मिलिटेंट ग्रुप्स या तो हम बोले कि जो पाकिस्तान की रियासत है और बीएल है वह बराबर है कि उनके जिस तरह वो ऑपरेट करते हैं वो बराबर है तो चले फ दो मिलिटेंट ग्रुप्स आपस में लड़ रहे हम लोग
छोड़ देते हैं बीच में बात करना एक रियासत के उसूल होते हैं एक रियासत की कानून होते हैं एक कांस्टिट्यूशन होता है अगर सिस्टमिकली बलूच को अप्रेस कर रही है द स्टेट ऑफ पाकिस्तान उसको आप क्रिटिसाइज कर सकते हैं बेस्ड ऑन दस लॉज एंड कांस्टिट्यूशन एंड नोशन ऑफ ह्यूमन राइट्स मिलिटेंट ग्रुप्स वो मानती ही नहीं है तो बीएल ए का करना गलत है जाहिरी बात है गलत है कंडेम भी करते हैं बट उसकी आप एक इक्विवेलेंसी विद सिस्टमैटिक रिपीटेड कंटिन्यूड ऑपरेशन बाय द स्टेट नहीं कर सकते जो सोशल मीडिया पर होती हुई मुझे नजर आ
रही है बिल्कुल आई थिंक आपने बहुत बेहतर तरीके से इसको हाईलाइट किया है सो आई कांट एग्री मोर आई फुली मैं वापस वापस जी सर आप कह रहे हैं डेवलपमेंट होती नहीं है हम कोशिश करें पाइपलाइन डाले आप फड़ देते हैं ट्रेन डाले आप फाड़ देते हैं रोड डाले फाड़ देते हैं कैसे हम करें हम अगर कोशिश भी करें भाई एक चीज बनेगी फिर वहां से रोजगार जनरेट होगा आप बनने तो दे लेन ट्रैक्स फाड़ने है रोड फाड़ने है पाइपलाइन फाड़ने है हर चीज फाड़ने नहीं है तो कहां से हम डेवलपमेंट करेंगे जी देखि आपको
डेवलपमेंट से किसी ने रोखा नहीं है आपने डेवलपमेंट अगर सिर्फ वो डेवलपमेंट करनी है जो एक्टिव इन नेचर हो जिससे आप मदनी वसाय डाल सके जिससे आप मिलिट्री ऑपरेशन के लिए लॉजिस्टिकल आपकी लॉजिस्टिक्स इंप्रूव हो मसलन यह जरा हमने अंग्रेज से आजादी क्यों ली मटेरियल डेवलपमेंट तो अंग्रेज ने बहुत अच्छी की थी आज भी पंजाब और सिंध का जो कनाल सिस्टम है दुनिया का बेहतरीन निजाम है तालीमी इदार जो उन्होंने बनाए थे तो अंग्रेज से अगर हमने आजादी ली वो सिर्फ इस बात पर तो नहीं ली कि जी वो तरक्की नहीं कर रहे थे अंग्रेज
से हमने आजादी दो बातों पर लिए है एक जो उसकी तरकी थी वो एक्ससक्व थी कनाल कॉलोनी उसने बनाई लेकिन इसलिए बनाई कि वह यहां का एग्रीकल्चर सरप्लस एक्स्टेक्स्ट कर सके और यहां के किसान के खून पसीने की रोटी पर व बतानिया की तरकी करवा सके तो उस एक्ससक्व निजाम को रोकने के लिए हमने आजादी ली दूसरा कि हमारे फैसले हमारी पॉलिसिया हम बनाएंगे अंग्रेज क्यों अंग्रेज को क्या पता कि हमारे लिए अच्छा और बुरा क्या है यही बात बलूचिस्तान आपने जो डेवलपमेंट पर इन्वेस्टमेंट की है वो एक्टिव इन नेचर है उसकी मिसाल अभी ग्वादर
एयरपोर्ट ले ले बलूचिस्तान शायद पाकिस्तान के बड़े एयरपोर्ट में से बना ले उससे क्या होता है किसके लिए उधर उसके बजाय बलूचिस्तान के बुनियादी मसाइल तो वह इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट एक्टिव लेंस की बजाय अगर आप इंक्लूसिव डेवलपमेंट करें बलूचिस्तान की जरूरियत को जो अभी मैंने आपको कुछ गैप्स बताए इस तरह बहुत सी व टेक्निकल तजा है जिससे लोकल इकॉनमी फ्लश हो लोकल लोगों की को रोजगार के मवा के मिले जब तक आप उस माइंडसेट पर शिफ्ट नहीं होते तो आपके यह सारे इंटरवेंशन जो आप अपने और आपके फॉरेन पार्टनर्स को फायदे के लिए कर रहे हैं
उसे आम लोगों को कोई खास फायदा नहीं हो तो जो पाकिस्तान प्रॉपर की ऑडियंस है जो देखती है कि ग्वादर में पीसी बन गया जी जीप रैली हो गई और बोलती है वाओ सो मच डेवलपमेंट उनको क्या मैसेज देना चाहेंगे आप जी मेरे खल से जो य ग्वादर के क्रिकेट स्टेडियम में सेल्फीज लेकर खुश होते हैं या पीसी या जो उधर एक और भी बिजनेस सेंटर है उनको मैं यही मैसेज दूंगा कि वह भाई आके कोई एक हफ्ता ग्वादर में बतौर आम शहरी रहले कोएटा में रहले और आम आदमी की जो जिंदगी है तकलीफ है
दर्द है उसको समझे और उसमें फिर अगर उसको समझ आती है अपने हिस्से का जाहिरी बात है हर कोई सियासत दन भी नहीं बन सकता हम अपनी अपनी हैसियत और इस्तता के मुताबिक फिर आवाज उठाते हैं कंट्रीब्यूट करते हैं ूम की आवाज के लिए उसमें हिस्सा डाले तो तब जाकर मेरे ख्याल से कोई मुश्तरका तौर पर पाकिस्तान में कोई बेहतरी की गुंजाइश निकलेगी वरना यह इसी तरह दो पैरेलल यूनिवर्स में हम रहते रहे के मसलन मेरे जैसा बंदा मैं नहीं समझता कि फ्रेंकली स्पीकिंग बलूचिस्तान के हिसाब से अगर आप देखें मैं बलूचिस्तान के मोस्ट इंटीग्रेटेड
नौजवान तबके में से को रिप्रेजेंट करता हूं मैं फ्रस्ट्रेशन से मेरा खून खोल उठता है जब मैं पाकिस्तान प्रॉपर की यह बेसी और इग्नोर और डिनायल देखता हूं तो और मैं बिल्कुल यह जो सोशल मोबिलिटी अपवर्ड मोबिलिटी के रास्ते हैं मेरे पास बड़े ऑप्शन है और मुझे बहुत वो क्या कहते ओल ब्रांचेस भी ेंड होती रहती है हमेशा कि जी आपने बड़ा पोटेंशियल है और ये और वो मैं इस हर उस चीज को रिजेक्ट करता हूं के क्योंकि इस इस तरह के सिस्टम या उसको मैं सपोर्ट नहीं कर सकता तो अगर मेरी यह हालत है
जहां पर मेरे ना इतने स्टेक्स है ना मैं को उस तरह से डिप्राइव्ड हूं जिस तरह मैंने कहा मैं इन मेनी वेज आई एम प्रिविलेज्ड और मैं उस निजाम और उसको समझता भी हूं तो जब मेरी मेरे शूर के मुताबिक मेरा रिएक्शन यह है तो आम नौजवान फिर आपको कैसे रिएक्ट करर होगा उसे फिर आप अंदाजा लगाए सर मुझे अक्सर लोग पटवारी जला सब चीजें बोलती है क्योंकि सियासत दानों के लिए थोड़ी हमदर्द है क्योंकि मुझे लगता है कि जो सोशल मीडिया डिस्कोर्स है वो सिर्फ इन्हीं चंद लोगों को गालियां देना और बोलना इनको कुछ
नहीं आता अब हमारे साथ रफी उल्ला काकड़ हैं जो बलूचिस्तान से माइंड प्रोड्यूस हुए हैं तारीख में वन ऑफ द बेस्ट माइंड्स वो इसी हुकूमत के आला ीन धों पर हैं डेवलपमेंट का भी हिस्सा है क्यों नहीं वह कुछ कर सके क्या मुश्किलात पेश आती है विदन द सिस्टम जो एक्टर्स है क्या चीज उनको भी रोक रही है यू कन पुट रफी उला काकड़ इन देर एंड स्टिल नथिंग हैपेंस वाई बहुत अच्छा सवाल है य देखि इसके लिए पहली तो सोशल और पॉलिटिकल चेंज की अंडरस्टैंडिंग हमें ठीक करनी होगी वो यह के बड़ी मानी खेज
तब्दीली मीनिंगफुल पॉलिटिकल चेंज कभी भी के अंदर से नहीं आ सकता मैं 10 साल सिस्टम के अंदर रहकर यह बात कर रहा मानी खेस मीनिंगफुल फंडामेंटल सियासी चेंज सिस्टम के अंदर रहकर नहीं आता वह सिस्टम के अंदर से मेरी मुराद यह कि जब तक सियासत चेंज नहीं होगी सो आप जब तक सियासत में फंडामेंटल चेंज नहीं आएगा कोई मीनिंगफुल चेंज नहीं आ सकता अब दूसरी बात मैं यह कहना चाहता हूं कि यकीनन मसलन मुझे बहुत मवा के मिले हैं जो सारी बातें मैं आपसे कर रहा हूं और यह बाज औकात मैं काफी बिला खौफ जब
यह बातें करता हूं मुझे मेरे दोस्त पूछते हैं कि आपको कोई डर नहीं लगता तो वो मैं उनको कहता हूं कि यह बातें मैं हुकाम बाला को मुंह पर भी कह चुका हूं तो एक टेस्ट रन हो चुका है तो मुझे थोड़ी तसल्ली होती है कि यार अगर उधर कुछ नहीं कहा तो अब शायद इधर भी कुछ ना कहे तो यह बातें जब हम उनको करते हैं कहते हैं इसलिए आपकी तरह मेरी जहां मुझे गुस्सा भी आता है मेन स्ट्रीम सियासी जमां पर मेरी हमदर्दी भी है वो इसलिए के नाइन आउट ऑफ 10 टाइम वो
इन अक्सर बातों से एग्री करते हैं अभी मेरी मसलन मेरी बिलावल से मुलाकात हुई थी या मेरी पाकिस्तान में इस्लामाबाद में जब यह सियासी हम हमेशा उनको यही बातें करते हैं इवन जब यह एस्टेब्लिशमेंट फौजी कयादत के साथ कोई मीटिंग में या उसम होता था तो मैं तो यही क्योंकि मैं पब्लिक इतना कह चुका होता तो वहां पर बैक ट्रक करने का कोई फायदा नहीं होता था तो बात उनको समझ आती है ऐसा नहीं है कि उनको समझ नहीं प्रॉब्लम क्या है कि जो राइट स्टेप्स लेने के लिए सियासी अराफिया को जो कुर्बानियां देनी होंगी
उसके लिए कुर्बानिया देनी होंगी कंसेशन देने होंगे उसके लिए वो तैयार नहीं है मैं साल पहली देता हूं फौज की फौज को बहुत अच्छी तरह पता है कि यह मसन की आदत है और यह नहीं डिलीवर कर स लेकिन फौज का मसला यह है कि वह इस मसले का हल भी चाहते हैं साथ में अपनी कंट्रोल और हे जमनी भी बरकरार रखना चाहते हैं जो उनको समझ नहीं आ रही या समझ आ रही है एक्ट करने के लिए तैयार नहीं है वो ये है कि हालात ठीक करने के लिए आपको अपना कंट्रोल सीट करना होगा
आपकी हे जमनी थोड़ी डाइल्यूट करनी होगी तब जाके हालात बेहतर हो इसके लिए वो तैयार नहीं है क्योंकि कंट्रोल लूज करने के लिए वो तैयार नहीं है तो वो जानते हुए भी कि यह मसूई की आदत हैय कुछ डिलीवर नहीं कर सकती वो डबल डाउन करते हैं अपनी गलतियों प और उनका साथ रखते हैं अच्छा इसी तरह जो सिविलियन की आदत है उनको बहुत अच्छी तरह समझ ऐसा नहीं है मैं पंजाब और मेन स्ट्रीम के सिविलियन की आदत की बात कर रहा हूं अतर मेंगल और इनकी बात नहीं कर रहा एक वो फौज के साथ
जब बारगेन करते हैं तो वह बिकॉज फौज डोमिनेंट है तो वह बलूचिस्तान या इन जैसे कॉसेस को इतना वर्त नहीं समझते कि भाई इसके लिए हम अपने तालुकात क्यों खराब करें और वो इंसेंटिव स्ट्रक्चर के साथ लिंक है दूसरा उसके लिए भी लॉन्ग टर्म जो चेंजेज है उसके लिए पंजाब की खासतौर पर सियासी अफिया को कुर्बानी देनी होगी ये जो फेडरल निजाम में तब्दीली है इसकी रेजिस्टेंस पंजाब की सियासी अशराफुल ये कुर्बानी की बात नहीं है तो यह जो वेस्टेड इंटरेस्ट है ताकतवर तबके के अशराफुल बलूचिस्तान से सियासत दन बेचारे ये 30 40 साल से
यही बात कर रहे हैं उनको समझ है इन परे अमल दराद के लिए उनको कंसेशन देने होंगे अपने कुछ छोटे शॉर्ट टर्म मफा दत प कंप्रोमाइज करना होगा उसके लिए वो बदकिस्मती से तैयार इतना खुलकर आप बात कर रहे हैं हम फैसला कर ही लिया आपने कि ये द पाकिस्तान एक्सपीरियंस की आखिरी पॉडकास्ट होगी तो फिर सीधी बात कर ले दो इंटरप्रिटेशंस है कि भाई आपने उजर के साथ भी पॉडकास्ट में बोला जब उन्होंने पूछा कि क्यों लोगों की डेवलपमेंट नहीं कर रहे आपने बोला करना चाहेंगे तो करेंगे ना ना कंट्रोल एंड हेजम इज द
प्रायोरिटी नॉट डेवलपमेंट और नॉट लोगों की बहाली तो इसकी पॉजिटिव इंटरप्रिटेशन ये है कि जो पाकिस्तान की सालमिया है उसको ये लोग अपने रखवाले समझते हैं तो यह समझते हैं हमने कंट्रोल हटा दिया तो ये अलग हो जाएंगे बर्बाद हो जाएंगे उसकी नेगेटिव इंटरप्रिटेशन ये है कि कंट्रोल और हे जमनी से स्मगलिंग और इधर-उधर के जो खांचे और पैसे आते हैं उस वजह से नहीं कर रहे किस वजह से कंट्रोल इन हेजम इ सो इंपोर्टेंट टू देम जी इसकी दो वजू आत है एक जो बलूचिस्तान जैसी जगह में इनफॉर्मल इकॉनमी है इनफॉर्मल इकॉनमी के सबसे
बड़े बेनेफिशरी भी उसमें स्टेट इदार आते हैं और उसकी मैं एक मिसाल देता हूं यह जो बलूचिस्तान में ऑयल की या तेल की स्मगलिंग है जिस परे इस परे एफसी इंटेलिजेंस ने एक रिपोर्ट बनाई एफसी की इंटेलिजेंस विंग ने और बहुत डिटेल कंप्रिहेंसिव रिपोर्ट कि कहां पर होती है कैसे होती है ब उसम कमाल एक बात और कोई 1000 से ज्यादा सियासी सिविल और जर्नलिस्ट तक के नाम लिखे कि ये लोग इवॉल्वड है कमाल बात उसमें य उसमें रियास डिप्टी कमिशनर लिवी रिसालदार पुलिस के लोग इन 1000 से ज्यादा के लोगों में एक भी एफसी
वाले का नाम नहीं था अब अच्छे लोग है जितना बॉर्डर है वो सारा एफसी कंट्रोल करते हैं जितने ये स्मगलिंग के रूट्स है वो एफसी कंट्रोल करते हैं ई रूट्स आप कंट्रोल कर रहे हैं खरात सारे आपके पास है और इंटेलिजेंस रिपोर्ट में आपने वो अभी वजीर आजम साहब ने जो ऐलान किया लेवीज रिफ व लेवीज कमजोर है ना वो कमजोर पर ताकत आके उसका इजहार होता है उन पर सारी बातें आपने डाल दी एक एफसी इधर बलूचिस्तान में ऐसे जिले हैं जिसमें यह जो एफसी के पोस्टिंग है और यह जो डिप्टी कमिशनर की पोस्टिंग
करोड़ों रुपए में व पोस्टिंग होती है तो वो एक यह ब्लैक इकॉनमी या इनफॉर्मल इकॉनमी के बड़े बेनेफिशरी है दूसरा यह जो सियासी बयानिहान जीी निय करनी है तो सियासी बयानिहान को लाएंगे आप महमूद खान अ चकई या असलम रैसानी या अखतर मेंगल डॉक्टर मालिक जैसा बंदा आएगा वो शायद 10 में से दो तीन बातें आपकी सुन लेगा लेकिन सात आठ बातें वह अपनी रखेगा तो इनको यह कबूल नहीं होता और आखिर में व फाक में जो लड़ाई होती है जब पॉलिटिकल इंजीनियरिंग जोड़ तोड़ करनी हो तो आपको पता है चांद पहले बलूचिस्तान में नजर
आता है यहां के इलेक्ट्रिकल्स जो है वो इधर-उधर होते हैं फिर एमक्यूएम फिर कराची की तरफ आता है तो उधर भी चाहिए तो इसलिए ये इनफॉर्मल इकॉनमी प कंट्रोल सियासी जो बलूचिस्तान में अपनी मर्जी अब यहां तक कंट्रोल है के बलूचिस्तान में डीसी भी कोएटा केंट की मर्जी से पोस्ट होता है और मैंने देखें डीसी से लेकर छोटी पोस्टिंग्स प भी सब केंट की तरफ जाते हैं उधर अपनी सिफारिश करवाते हैं तो जहां पर इतना कंट्रोल हो और उसमें मजे क्या है मजे आपके यह है कि हमारे सुबाई उसकी हमारे बड़े-बड़े सीनियर वजीर जाके इंटेलिजेंस
एजेंसी में छोटे से कर्नल साहब या उसके मातहत के दफ्तर में बैठ के अपने गुजारिशा लेकर बैठे होते हैं तो कौन इतनी अपनी प्रिविलेजेस इतनी हे जमनी जब आपकी हो वो वॉलेटर आप क्यों छोड़ना चाहेंगे मतलब हाइब्रिड निजाम भी है फ्रंट प कोई और है फैसले आप कर रहे हैं मरा भी आपको मिल रहे हैं और इस्लामाबाद में अगर यह मुस्लिम लीग या पीटीआई या पीपल्स पार्टी वाले जरा अपनी औकात से बाहर निकलने की कोशिश करें तो उनको तंग करने के लिए भी आपके पास टूल्स होय आप अगर आप समझे अगर रियासत के अंदर का
राहुल जाग जाए और वो बोले कि ठीक है सालों साल अंजलि मैंने तुम्हें बहुत बुरा ट्रीट किया है लेकिन तुम्हारी शादी की रात आकर मैं कहता हूं तुमसे ही प्यार मुझे वापस ले लो खुदा का वास् है आपकी हम सोचे कि भाई इतनी कंपेन थी आर्गुमेंट ी भाई के उन्होने बोला हमारी नियत भी सुधर गई है हम सुधर भी जाएंगे अभी भी टू लेट नहीं हुआ टेक अस बैक व्ट डज दैट लुक लाइक क्या किया जाए कि जिससे पानी जरा निकल जाए बाहर देखिए मैं यह तो नहीं कहना चाहता कि भाई प्यार एक ही दफा
होता है दोबारा जो है टूटे हुए दिल जोड़ना बड़ा मुश्किल काम है लेकिन आप कह रहे हैं हम एक बार जीते एक बार मरते हैं और प्यार भी एक दफ ही होता है तो लेकिन अगर आइडियल हालात हम समझे कि जी आइडियल हालात हो तो आज मैं आपके सामने बिल्कुल वो तजवीज अभी रख देता हूं पहले तो यह मैं इस पर कन्विंस्ड हूं कि इस वक्त कोई डायरेक्ट मुजा करराय हालात साग नहीं है पहले आपको सीबीएम लेने होंगे मुजा करराय सीबीएम व सीबीएम क्या है सबसे पहले यह जो मौजूदा हुकूमत है सुबाई हुकूमत इसकी ब
लेजिटिमेसी नहीं है इस हुकूमत को खत्म करें ट्रुथ एंड रिकंस कमीशन बनाए उसमें इंटरनेशनल इंडिपेंडेंट कोई इंटरनेशनल कोर्ट या एमनेस्टी इंटरनेशनल के लोग डाले पाकिस्तान के क्रेडिबल लोग डाले पिछले 20 साल के कॉन्फ्लेट प ट्रुथ एंड रिकंस रिपोर्ट पेश करें जो मिसिंग पर्सन है आपके पास जिंदा उनको रहा करें जो नहीं है उनके साथ क्या करना है वो ट्रुथ एंड रिकंस कमीशन व वो डैमेजेस और रिपरेशन का वो मैंडेट दे डी मिलिटराइजेशन का एक ग्रेजुएट करें अभी आप बेशक उस पर अमल ना करे कि हालात खराब है यह सीबीएम लेके आप एक पावरफुल जब आप
यह सीबीएम लेंगे और एक पावरफुल कमेटी बनाए कांस्टीट्यूशनल पॉलिटिकल रिफॉर्म्स की और एक उसी को सियासी डायलॉग की आप मैंडेट दे दें लेकिन सियासी डायलॉग के लिए तब बात होगी जब उससे पहले एक सीबीएम आप नहीं लेंगे जो मैंने आपको बताया जब आपने वो कर दिए फिर आप यह सियासी कमेटी बनाए उनको डायलॉग का मैंडेट दे और पॉलिटिकल कांस्टिट्यूशन रिफॉर्म्स का एक पैकेज कि ये ये जो स्ट्रक्चरल इशू की हम बात करते हैं वो ऐसे हल होंगे उसके बाद आप बलूचिस्तान में आजाद फेर एंड फ्री इलेक्शन कराए जी जब आप आजाद फेर एंड फ्री इलेक्शन
कराएंगे उसके बाद वो जो कांस्टीट्यूशनल एंड पॉलिटिकल रिफॉर्म पैकेज है उनकी सिफारिश उस पर अमल दरात शुरू करें और पांच चार साल यह जो सारा पोस्ट कॉन्फ्लेट एक फेज है उसको आप इन स्टेप बाय स्टेप उसकी कोई नेशनल लेवल पर कोई ताकतवर वो रखे जो सुपरवाइज करे और कांस्टीट्यूशनल रिफॉर्म या जो भी करने हैं तब जाकर मुझे कोई हालात के बेहतरी के गुंजाइश नजर आते हैं अदर वाइज कोई इतने रेडिकल चेंजेज के बगैर मुझे कोई बेहतरी के इम कानात नजर नहीं आते आप जो कह रहे हैं कि रा आगार नहीं है इ इट बिकॉज न
एपेटाइट ऑन द अदर साइड आपने शुरू में भी तारीख का जिक्र किया था नवाब नौरोज खान हो उनको कुरान पर पीस डील करवाकर सरेंडर करवाया फिर मिलिट्री कोर्ट में उनकी फैमिली के पांच मेंबर्स को सेंटेंस टू डेथ कर दिया नवाब अकबर बुक्ति से हमारी सियासत के लोग गए सजाद हुसैन की उनसे बात हुई फिर हेलीकॉप्टर भेजा वोह खाली आ गया हाथ फिर आपने उनको बमिंग कर दी फिर जो येर मेंगल हो बेंजो साहब हो जो इनका पार्लिन सियासत की तारीख रही है इज दैट व्हाई देयर इज नो ट्रस्ट तो अगर हम दिल से भी इंगेज
करना चाहे तो दूसरी तरफ का कोई भरोसा नहीं है अब आप पर जी बलोच नौजवान जो है जहनी तौर पर उसको आप खो चुके हैं सियासी तौर पर यह जंग आप हार चुके हैं सिर्फ ताकत के जरिए अब आपने काबू किया हुआ है ताकत के जरिए कब तक कर लेंगे वो तो वक्त ही बताएगा लेकिन जो नौजवान है जिन लोगों की वह बात सुनते थे वो लोगों को आपने नाकाम करवा दिया उनकी लेजिटिमेसी नहीं है अब जिन लोगों की नौजवान बात सुनने के लिए तैयार है वो आपसे बात करने के लिए नहीं तैयार उनका आपसे
बंदूक वालों के अलावा भी मसलन डॉक्टर मरंग बलोच बलूच एक जद कमेटी इस वक्त बलूचिस्तान की आई थंक तारीख की सबसे पॉपुलर तहरी है है वो आपसे बात नहीं करेंगे या क्यों कर करेंगे अनलेस आप ये जो मैं बता रहा हूं इतने मेजर चेंजेज करें कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मे फिर शायद वो बात करें क्योंकि आपसे बात करने का फायदा नहीं है ये जो तारीख आपने दोहराई उनसे उन्होंने यही सबक सीखा है कि बात करके हम बलूच आवाम की नजर में भी अपनी क्रेडिबिलिटी खराब करेंगे और कोई मसला हल भी नहीं हो ऑनेस्ट आंसर दीजिएगा य थक
मार बलूच मूवमेंट ज सेपरेटिस्ट मूवमेंट जी मैं नहीं समझता कि यह सेपरेटिस्ट मूवमेंट है यह तो पाकिस्तान के आईन के अंदर अपने हुकूक की बात करते हैं यस किसी भी सियासी तहरीक के जो असरात होते हैं वो उसके इंटेंडेड अन इंटेंडेड कंसीक्वेंसेस होते हैं और वो कंट्रोल नहीं कर सकती यह मंग का कसूर नहीं है कि उसका जो वर्कर है या जो उसका फॉलोवर है उसकी एक नेचुरल प्रोटी होगी टुवर्ड्स द रेडिकल स्टंस ऑफ बीएल तो यह मरंग ने ठेका नहीं लिया हुआ कि वो नौजवानों को काबू करे आपकी तरफ लाए मरंग अपनी बात कर
रही है उसके नतीजे में यस इसके बिल्कुल इकाना है कि चूंकि पार्लिन सियासत में आपने जगह छोड़ी नहीं वो गैर पार्ले मानी सियासत है तो उसमें इट इट्स ओनली मैटर ऑफ टाइम सोशल मीडिया के दौर में कि कोई बीएल के पास चला जाए तो वो जो बीएल को इनडायरेक्ट सेपरेटिस्ट उसको फायदा हो सकता है इस बात में कोई शक नहीं है लेकिन इसमें मरंग की बजाय यह तो मैं रियासत से सवाल पूछूंगा ना कि ये आप वो तो रियासत ही एक तरह से हम हमेशा कहते हैं कि अपने गलत पॉलिसी की वजह से फायदा पहुंचा
रही वई ड यू थिंक बलोच इ यूनिक और इज इट यूनिक हमने सिं में भी देखा है एमआरडी मूवमेंट में बम चलाए गए बट जुल्फिकार अली भुट्टो आपने कहा जिस तरह बलोच नेशन को टट किया जिस तरह सिंधी नेशनलिज्म को टट किया इट्स डिफरेंट जो जो इमरान खान पिछले एक साल में बोल चुके हैं अगर मरंग बलोच अपनी बाकी कोमों से उसमें सिमिलरिटीज भी है लेकिन यूनिक भी है वो यूनिक इस वजह से है एक बलोच की तादाद बलोच की तादाद इतनी छोटी है लेकिन उनका एरिया और कुदरती वसाय माशाल्लाह इतने ज्यादा है कि जो
आपके रिवाय इंस्टीट्यूशनल स्ट्रक्चर है उसमें वह हमेशा आउट नंबर ही होंगे वो हमेशा सिस्टम और बाकी ग्रुप्स उन पर हावी तो ये एक यूनिक डायमेंशन है जिसका मतलब है रिवाय फॉर्मल इंस्टीट्यूशनल स्ट्रक्चर्स रिवायत उसे बलूच के मफा दत का तहफ्फुज नहीं कर सकता उसके लिए आपको चकि एक्सेप्शनल केस एक्सेप्शनल अरेंजमेंट्स करनी होंगी तो एक तो मेरे ख्याल से इस वजह से यूनिक है एंड इट इज बिकॉज ऑफ द सेम रीजन अनलाइक एनी अदर एथनिक ग्रुप इन पाकिस्तान देखिए रियासत कैसे बनती है रियासत कोई खला में चीज नहीं होती समाज में उसकी रूट्स होते हैं तो
स्टेट सोसाइटी इंबेडेड होती है इस तरह बलोच वा ग्रुप है पाकिस्तान का जो पाकिस्तान के इक्त सादी सियासी समाजी निजाम में बिल्कुल भी इंटीग्रेटेड की बजाय ऐसा पैरेलल वो कंपलीटली एक्सक्लूडेड है जो के खतरनाक बनाती है बलोच को मसलन आप पश्तून ले ले पश्तून फाटा या उसम वर न टेरर बाकी इतनी मार खाई है बेचारे ने लेकिन पछत की फिर भी मजबूरी है वय वो पाकिस्तान की कम से कम इनफॉर्मल इकॉनमी में तो इंटीग्रेटेड है वो पाकिस्तान के पिशा वैली कम से कम पाकिस्तान के पावर स्ट्रक्चर मिलिटरी ब्यूरोक्रेसी में तो इंटीग्रेटेड है तो जिसका मतलब
यह है कि अगर आज लत से पाकिस्तान को खुदा नखता कोई इकोनॉमिक कोलप्पन लीट्स पश्तून मजदूर वो भी अफेक्ट होंगे उनको भी नुकसान होगा तो यह जो एंबेडेडनेस होती है इंटीग्रेशन होती है स्टेट के साथ यह फिर रियासतों को या मुल्कों को मजबूत बनाती है रेसिलियंस देती है बलोच को मैं कि आज अगर पाकिस्तान की इकॉनमी खुदा नखता क्लैप्स करे सियासी हालात वो बलोज को कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि ना तो वो आपके इकॉनमी में इंटीग्रेटेड है ना वो आपके मीडिया में है ना वो सियासी स्ट्रक्चर में है ना वो ताकत के दारो में तो
ये वो दो चीज है जो बलोच को यूनिक भी बनाती है और इसीलिए इस मसले को खतरनाक भी बनाती इसमें आपने अच्छी बात की थी कि जब हम स्मॉलर प्रोविंसेस की बात करते हैं स्मॉलर एडमिनिस्ट्रेटिव यूनिट्स की बात करते हैं मेरे नजर में भी कराची को सिन से अलग कर देना लसानी बुनियाद पर एक बहुत बेवकूफ आना मंसूबा है कोई इसकी लेजिटिमेसी मुझे नहीं नजर आती लेकिन मेरी नजर में पंजाब जो है जो सदन पंजाब है वो बिल्कुल एक सूबा बनना चाहिए क्योंकि पंजाब एक बहुत बड़ा सूबा है तो आपकी एक अच्छी राय थी कि
जो फेडरेशन है दुनिया भर में उसमें शायद पाकिस्तान यूनिक ही है कि जो एक यूनिट है ट्स बिगर देन ऑल द अदर थ्री यूनिट्स कंबाइंड अगर हम इंडिया में भी देखें पंजाब बड़ा है लेकिन पंजाब डज नॉट मैटर द ट मच कुछ बाकी और भी बहुत बड़े-बड़े यूनिट्स है तो वो बैलेंस आउट हो जाते हैं पर पाकिस्तान में इतना बड़ा है पंजाब कि तीनों बाकी मिल भी जाए तो पंजाब की हे जमनी चैलेंज नहीं हो सकती क्या यह वजह है कि आपको लगता है कि ए फेडरेट यूनिट और फर पाकिस्तान टू फंक्शन बेटर एस फेडरेशन
यू नीड टू क्रिएट मोर पैरि एंड मे बी क्रिएट स्लर प्रोविंसेस इन पंजाब स्पेसिफिकली जी देखि पंजाब जो पंजाबी अराफिया को एक बात समझनी चाहिए कि जब हम बात करते हैं वो यूं समझते हैं वो पर्सनल ले लेते हैं कि ये किसी ये इस मतलब ये नहीं कि किसी दो पंजाबी ने मिल के बैठ के कोई साजिश की कि हम ये करेंगे ये उनके किसी इंडिविजुअल उसका मसला नहीं है जब पाकिस्तान बना उस वक्त पंजाब को एज ता बाकी पाकिस्तान पर वो क्यों क्योंकि जो मार्शल रेस थेरी थी कॉलोनियल एडमिनिस्ट्रेशन की पंजाब जो था वो
उस वक्त भी फौज में ओवर रिप्रेजेंटेड था उसकी हेजम मनी थी और सिविल ब्यूरोक्रेसी में उस वक्त जो हमारे उर्दू स्पीकिंग या महजर भाई थे उनकी हे जमनी थी अब होना यह चाहिए पोस्ट कॉलोनियल स्टेट्स ने जो इन्हेरिटेंस करने की कोशिश की उनको न्यूट्रलाइज करने की डालूट करने की कोशिश की हमारे व फाकी निजाम ने और फौज की कंटिन्यूड हे जमनी ने रिइंफोर्स किया है पंजाब की एस फेडरेट यूनिट उसकी हे जमनी को अब उसका यह जो उस हे जमनी को जब तक आप डाइल्यूट नहीं करेंगे और यह आज भी मैं र पर देख रहा
पड़े लिखे साहब है कि जी दुनिया में कोई ऐसी य सवाल मुझसे भी होता है कि कोई ऐसा पार्लिन व फाकी निजाम नहीं है जिसमें सेनेट के खरात जो है वो कौमी असेंबली से ज्यादा या बराबर हो तो पहले तो इसमें दो चीजें दो मिस परसेप्शन दूर करने की बात है एक कि दुनिया में यह कोई स्टैंडर्ड टेंप्लेट नहीं है कि पार्लिन और वफा की ही साथ चलेंगे पार्लिन यूनिटरी सिस्टम भी है पार्लिन फेडरल भी है फेडरल पार्लियामेंट्री सिस्टम है फेडरल यूनिटरी सिस्टम भी है तो यह इसलिए अपनी मर्जी की कॉमिनेशन के फिल्टर्स लगा के
यह सवाल करना दुरुस्त नहीं है यह कोई रिजिम नहीं है हर मुल्क अपने हालात के मुताबिक ये स्ट्रक्चर डिसाइड करते हैं दूसरा दुनिया में पर कोई ऐसा मुल्क भी नहीं है जिसमें एक फेडरेट यूनिट बाकी सबसे कंबाइंड ज्यादा हो एक फेडरेट यूनिट बाकी सबसे कंबाइंड ज्यादा हो उसका इंसेंटिव स्ट्रक्चर क्या बनता है उसका मतलब यह कि आप सियासी जमां को ये इंसेंटिव दे रहे हैं यानी थियोरेटिकली स्पीकिंग कि वो तीन सूबों को मुकम्मल जीत ले तब भी उनके इक्त में आने के इकाना बड़े काम जीतना पंजाब को ही है यह ना सिर्फ यह कि बाकी
तीन सूबों को नुकसान दे है इन इक्विटेबल पॉलिसी की तरफ जाता है बल्कि यह पाकिस्तान की जो पॉलिटिकल इंस्टेबिलिटी है उसका भी एक ड्राइवर ये है आपने इतनी पावर एक जगह कंसंट्रेट करके उसको सबसे कीमती सॉर्ट आफ्टर मोस्ट सॉर्ट आफ्टर पॉलिटिकल वो बना दिया है जिसका मतलब है कि कोई तब तक चैन से नहीं बैठेगा जब तक वह उधर लड़ाई ना करें तो इसको डालूट करने का तरीका यह कि आप छोटे सूबे बनाए और मैं वैसे यह नहीं समझता मेरे ख्याल से जो मतलब कराची या किसी का भी वह हक है मुहाजिर केस में सिर्फ
यह फर्क है कि चूंकि जो हिस्टोरिकल टेरिटरी की ओनरशिप है वह सिंधी उनकी है तो उधर एक सिंधी नेशनलिस्ट सेंसिटिविटी आती है बट अदर वाइज मैं बिल्कुल इस हक में हूं कि आप छोटे सूबे बनाए पंजाब में भी बनाए तान में भी बना है खैबर पख्तून खवा में भी बना है और जब आप छोटे सूबे बनाएंगे आप क्या करेंगे एक जो एक सूबे की हे जमनी है वो डाइल्यूट करेंगे सियासी जमात को इंसेंटिव मिलेगा कि भाई ताकत का रास्ता सिर्फ नॉर्थ सेंट्रल पंजाब नहीं और जगह है और जब आप साथ सेनेट को एंपावर करेंगे तो
वो क्या होगा इन सबका वजन बढ़ेगा सियासी निजाम में और जब आप वो वजन बढ़ाएंगे तो फिर यह सिंधी वजीर आजम पश्तून वजीर आजम बलोच वजीर आजम इतना मैटर नहीं करेगा वो इंसेंटिव स्ट्रक्चर पीछे भागेंगे और विद द पैसेज ऑफ टाइम आहिस्ता आहिस्ता यह निजाम ट्रैक पर आ सकता है आई थ कराची की वो एक तारीख भी है ना जिस तरह लैंग्वेज इशू बर्थ बंगाल नेशनलिज्म वो जो एक गाव था व उसकी एक बहुत लंबी तारीख है तो वो बड़ी मुश्किल से अन डन हुआ तो फिर सर्ट ऑफ फियर्स वापस आ जा आपने जो तारीख
में किया था फ सिंध की गवर्नमेंट तक डिस्मिस कर दी सिंध की असेंबली ने जब कंडेम किया कराची को अलग करना आपने असेंबली डिस्मिस कर दी गवर्नर लगा दिया व एक बहुत लंबी तारीख है जो इवोक हो जाती है कराची के केस में वि वा इमोशन गेट फ्लेड अप इन ट केस लोगों के 500 सवाल थे तो इनको हम 10 10 सेकंड पा सेकंड के आपको जवाब देने पड़ेंगे यू थिंक ट बलूचिस्तान सेकंड बांग्लादेश इन मेकिंग पहला ही सवाल इतना सखत जी मैं हालात के हिसाब से बिल्कुल सिर्फ मसला यह कि बंगाल जो था उसमें
उनकी आबादी भी ज्यादा थी और इंटरनली भी वो ज्यादा ऑर्गेनाइज थे बलूच जो है वह अभी भी थोड़े ट्राइबल और रीजनल लाइंस पर ज्यादा डिवाइडेड है लेकिन सोशल मीडिया हायर एजुकेशन और अर्बनाइजेशन ने जो इनके इंटरनल कलेक्टिव एक्शन के मसले थे वो काफी हद तक रिजॉल्व कर रहे जिसकी वजह से मैंने पहले भी आपसे कहा था दो साल पहले मैं पाच साल से कह रहा हूं कि मुस्तकबिल में यह हालात मजीद खराब होंगे पाकिस्तान पॉलिटिकल टेंशन स्ट्रेंथ लोकल गवर्नमेंट गेटिंग मोर पावर टू द सेनेट और क्रिएटिंग एडिशनल प्रोविंसेस टू रिड्यूस द हे जमनी ऑफ वन
कुड बी वायबल सलूशन हा रियल चैलेंज लाइ इन इंप्लीमेंटेशन हाउ कैन दस रिफॉर्म प्रैक्टिकली रिलाइज इन स्टेट ट है लेबल अथॉरिटेरियन इन लेटेस्ट डेमोक्रेसी इंडेक्स बड़ा अच्छा सवाल है व जो तीन चार तो जा तीन मैं ही इनको प्रोगेट करता हूं आई एंडोर्स ल ऑफ देम इसका एक ही है देख कोई ऊपर से नहीं ना ये पाकिस्तान प्रॉपर की और खास तौर पर पंजाब की सियासी और सिविलियन और मिलिट्री अशरफिया ने इस बात पर एग्री करना होगा और यह कड़वा घूंट पीना होगा कि पाकिस्तान के वफा को मजबूत करने का यही हल है अदर वाइज
यह मैं आपको बताऊं एक वक्त ऐसा भी आएगा कि जिस तरह अभी मैंने आपसे कांस्टिट्यूशन कोर्ट में पैरि की बात की छोटे सूबे डिमांड करेंगे कि आर्मी में मिलिट्री में भी पैरि हर वफा की इदार में पैरि है सर आपने बंगाल से पैरिटो 5050 तो वो कहेंगे कि आबादी छोड़े हर वफा की इदार में फिर 50-50 पेरिट ले मिलिट्री में भी 50 फीस से 252 फीसद चारों सुबाई इकाइयां तो तब आप क्या करेंगे तो खुदा नख्वा स्ता कहीं ऐसे हालात ना आ जाए कि तीन सूबे ये डिमांड कर सर ये मत सजेस्ट करें हम सिंधी
हमें कोई लड़ने का शौक नहीं हां तो हमारे यहां तो फोर्स कंस्क्रिप्शन करनी पड़ेगी प्लीज आस्क इफ एनी पॉलिटिशियन पर्सन वि बलोच इंसर्जनल एज मरंग बलूच ट्रस्ट फॉर नेगोशिएशन फॉर देयर राइट्स पर हैप्स इमरान खान सर इमरान खान को ट्रस्ट करेंगे नहीं नहीं यार ये देखें ये मजक खेज बात है ये जो सोशल मीडिया पर मैं देख रहा हूं कि पीटीआई वाले समझते हैं कि कोई इमरान खान आके इस मसले का इमरान खान के दौर में खड़ कमर का वाकया हुआ था फाटा में इमरान खान के दौर में बलूचिस्तान में यही मसाइल हुए थे और
इसमें मेरा इमरान खान य जिस तरह मैंने कहा ये इन एक सियासी जमात का मसला नहीं है वन इट कम्स टू बलूचिस्तान ये सब एकश पर है तो इसलिए कोई गलत उम्मीद मत रखें और यह आके जब इक्त में आएंगे पहला वही काम करेंगे जो बाकि ने यह कह रहे हैं कि आर्मी और आर्मी के एक्स सर्मन जो है व कह रहे लोकल इंसर्जनल करता है बलूचिस्तान कोकी क्या राय इस पर लोकल इ आ अमिंग बेले की बात हो रही हैरी बात व लाइज कर उनका मकसद व आजादी के लिए लड़ रहे तो वो तो
कर रहे य हाउ ड द ब्रिटिश कॉलोनियल एडमिनिस्ट्रेशन शेप द पॉलिटिकल ट्राइबल स्ट्रक्चर ऑफ बलूचिस्तान एंड व्ट लास्टिंग इंपैक्ट कैन बीन इन रीजन आई थ डिटेल प रला काकर बात कर चुके हैं रि मोटली कॉलोनियल भी किताब है जो य सजेस्ट कर चुके हैं तो कुछ ब्रीफ कहना चाहेंगे कितना उन्होंने फेक्ट किया मे ल से ये लंबा सवाल है मैं मुख्तसर इतना कहूंगा जो बलूचिस्तान में यह ऑपरेसिव पॉकेट्स में सरदारी निजाम है और यह जो स्टेट सरदार अलायंस है इसकी बुनियाद ब्रिटिश ने डाली थी और माशाल्लाह से पोस्ट कॉलोनियल स्टेट ने उसको जारी रखा और
उसके आज तक हमें नजर आता है जो अभी मिलिटेंसी है और जो मुसले मसाइल है इसको देखते हुए व्ट ड यू थिंक इ द अपकमिंग फ्यूचर फॉर बलूचिस्तान एंड इ स्टिल वे टू सेव इट हमने कवर कर लिया है थोड़ा बहुत बट है अभी भी रास्ता रास्ता तो न विल वो तो रास्ता निकल ही जाता है ले जो रिवाय गपशप वाली रिकंस पर ये रास्ता नहीं निकलेगा इसके लिए बड़े मेजर वो लंबा सा सवाल है लेकिन चलिए इसको इस तरह फ्रेस कर देते हैं कि मरंग बलोच क्यों इलेक्टोरल पॉलिटिक्स का हिस्सा नहीं बन रही मरंग
बलूच पागल है इलेक्टोरल पॉलिटिक्स का हिस्सा बने जो बने उनका आपने क्या अंजाम किया है मरंग बलूच बन जाए तो वो भी अपनी तमाम साक और क्रेडिबिलिटी खराब करें सर पाकिस्तान जो है ना वो कंस्पिरेशन थ्योरी हर तरह की सोच लेता है तो मेरे तो ख्याल में मजाका खेज सवाल है बट मैं आपसे पूछ लेता हूं यू बिलीव दैट बीएल इ प्रॉक्सी ऑफ पाकिस्तान अंडर कंट्रोल इंटरनल डिस्टेबलाइजेशन पॉलिसी इन पाकिस्तान तो क्या आपको लगता है कि जानबूझ के आसाई ने बीएल बनाई है ताकि डिस्टेबलाइज हो ये मेरे फ प भी मुझे बहुत सवाल आते है
लेकिन इससे आप अंदाजा हां ये सवाल बहुत इससे आप अंदाजा लगाए ये व अभ और अक्सर य पश्तून लड़के कर रहे होते हैं पश्तून नौजवान अब इससे जो शहजाद हैरत वाली बात है वो ये है कि रियासत और शहरी का के दरमियान एतमाद इतना खत्म हो चुका है कि उधर आदी आबादी इस बात को मानने के लिए तैयार ही नहीं है पश्तून बेल्ट में कि ये बीएल एक्चुअली खुद इतनी वो कर सकती यह भी फौज की कोई इसके पीछे भी फौज है अब मैं समझता हूं यह बहुत ही फजूल बात है दिस इज रिडिक लेकिन
यह जो रियासत में ना जो काउंटर नैरेटिव फ्रेम कर रहे हैं और अपने मसूई लोगों को बिठा के मुत बादिल बयान देते उनके लिए सोचने वाली बात है कि ये नयज है तुम काउंटर नरेट के माशाल्लाह से के बेचारे मर भी फौजी रहे व भी नुकसान भी उसका हो रहा है लेकिन आम आदमी उधर यह तक मानने के लिए तैयार नहीं है कि बील या कोई इ रीजन के टीपी म वो कह रहे य भी आप करवा इतनी वट हैव यू फाउंड द मोस्ट इफेक्टिव मेथड फर इलस एलिमेंट र् डिसीजन य अच्छा सवाल है नहीं
इसका कोई मेथड नहीं सियासी मुजम जब तक पाकिस्तान प्रॉपर के लोग जमरी सियासी उसके लिए निकलेंगे नहीं व फाकी पाकिस्तान के लिए नहीं निकलेंगे सियासी मुजम नहीं करेंगे इसके अलावा कोई लेटरली मैं आपको बलूचिस्तान की मिसाल दी इतनी प्रिविलेज पोजीशन कोई आपको मुफ्ते में प्लेट पर रख के छोड़ के नहीं देगा य प्रिल वी नीड टू बीट बीएल फर्स्ट बिफोर व बिगिन डेवलपमेंट इन बलूचिस्तान और कैनस टू थिंग्स बी डन करेंटली इसमें नजम सेठी ने भी बोला है कि बातचीत वाला टाइम खत्म हो गया एक टाइम था कि आप बैठ के बातचीत कर सकते थे
अब आप कोई बातचीत नहीं कर सकते अब इन ग्रुप्स को आपको मिलिटरी डील करना पड़ेगा आपकी राय क्या है मैं समझता हूं यह जो जिस एंगल से वो कह रहे हैं ये मैं इत्तफाक नहीं करता मैं तो इसको बहुत फजूल बात समझता हूं बातचीत आपने की कब है आप तो 20 साल से ऑपरेशन ही कर रहे हैं लड़ाई कर रहे पॉलिटिकल इंजीनियरिंग के तू कंट्रोल एंड कोर्जन कर तो आपने बातचीत नहीं की है तो इसलिए यह कहना कि बातचीत का वक्त खत्म हो गया नहीं यह बहुत फजूल बात है आपने बातचीत नहीं की हां आप
यह कहे कि जो कंट्रोल और कोर्जन जिस इंटेंसिटी की थी उसकी शिद्धत हम मजीद बढ़ा रहे हैं आप जो मर्जी बढ़ा ले मैं समझता हूं ट्स एगजैक्टली व्ट बी एल वांट्स ये जो आप करेंगे उससे क्या होगा पाकिस्तान प्रॉपर में आप एक दूसरे को शाबाशिया देंगे हो सकता है आपको आरजी टेंपरली कामयाबी भी मिले इंटेंसिटी कम हो लेकिन मैं सात साल से शहजाद ये कह रहा हूं आपके पास भी सात आ साल पहले टीवी पर भी क बलूचिस्तान के सोशो इकोनॉमिक हालात ऐसे है और वहां पर ट्रेन ऐसा है कि लो स्केल इंसर्जनल सकती अब
जहां पर यह ह कायक हो तो आप काइनेटिक मेजर्स और यह ताकत के इस्तेमाल पर आप क्या करेंगे उसमें आप जोर जाती करेंगे आप उठाएंगे लोगों को तो वो आप बीएल के रिक्रूट्स बढ़ाएंगे बीएल को मजीद फायदा होगा इससे नुकसान नहीं होगा खास तौर पर इन हालात में जब उसके आधे से ज्यादा लोग तो फिदाई है व उनको वो मरने के लिए आए हैं तो इसलिए मैं समझता हूं यह इनकी जहालत है बल्कि अगर अफसोस की बात है कि सेठी साहब और यह लोग भी यह सवाल कर रहे हैं कि आप अपने सिस्टम प नजर
डाले कि हम यहां तक पहुंचे क्य है तो मैं समझता हूं यह मिलिट्री ऑपरेशन कंट्रोल कोर्जन पहले था अब उसकी शिद्दत में इजाफा होगा कर ले शौक पूरा कर ले हालांकि सेठी साहब तो खुद बीएलएम में लड़ चुके वो एक तस्वीर इस्तेमाल की जाती आपने अगर देखी हो किसी कोई वो नहीं है वो मरी है ना कोई मरी मैं नाम भूल गया बट मरी कोई है जिनकी शक्ल नजम सेटी से मिलती है तो लोग पोस्ट करते हैं कि देखो नजम सेठी पहले बलूचिस्तान में लड़ता था यही सेठी साहब या पाकिस्तान प्रॉपर के इंटेलिजेंसिया सियासी लोगों
की कि बलूचिस्तान के बारे में भाई सीधी सधी बात रखें और पाकिस्तान की खातिर मतलब नॉ आप बील उसकी छोड़े इससे पाकिस्तान को कोई फायदा नहीं होगा और अगर होना है चल इतना तो ईमान का कमजोर तरीन दर्जे वाला एसाफ करें पिछले 20 साल जो पॉलिसिया रही उसकी पहले हसाब तो करें कि वो कामयाब है या नाकाम है अगर नाकाम है तो फिर कौन जिम्मेदार है किसने इन पॉलिसीज को प्रोपेगेटर मूविंग फॉरवर्ड क्या उन पॉलिसी से कोई सबक आप सीख सकते हैं क्या नहीं बखैर काकर साहब कैन यू प्लीज एक्सप्लेन सेल्फ एंड शेयर्ड रूल विथ
एग्जांपल यू टॉक अबाउट इन पॉडकास्ट विथ उजर यूनिस बट वाज टू ब्रीफ थैंक यू इसपे अब अलग वो होगा लेकिन मैं इतना मुख्तसर कह देता हूं कि वफा की निजाम अच्छा वो होता है जो कुछ इख्तियार निचले सतह पर दे और कुछ इख्तियार तमाम फेटिंग यूनिट्स मिलक चलाए जो फेडरेट यूनिट्स ने मिलकर जिन खरात को चलाना है उसको हम शेड रूल कहते हैं तो पाकिस्तान के व फाकी निजाम में यह कि 18वीं तरमीम ने कम से कम थरेट कली सेल्फ रूल दे दिया है शेड रूल अभी तक इसलिए नहीं है कि मरकज में पंजाब की
हे जमनी है तो वो मरकज में पंजाब की हे जमनी खत्म करने के लिए आपको उधर जनन सेंस में शेर रूल लाना होगा छोटे सूबों को भी वहां के सियासी अदलिया और मिलिट्री और ब्यूरोक्रेटिक स्ट्रक्चर्स में ड्यू स्पेस और रिप्रेजेंटेशन देनी होगी तब हकीकी मानों में शेड रूल आ सकता है और तब पाकिस्तान का व फाकी निजाम मजबूत हो इज देर एनी इवॉल्वमेंट ऑ सपोर्ट ऑफ अफगानिस्तान एंड ईरान एंड बलूचिस्तान इश्यूज बिकॉज सिस्तान एंड बलूचिस्तान रीजन कैन एक्सिस्ट इन ईरान एज वेल वी टॉक अबाउट द इवॉल्वमेंट ऑफ इंडिया बट आवर सो कॉल्ड मुस्लिम नेबर्स आर
बैकस्टैबिंग अस जी मेरे ख्याल से अ बिल्कुल आई वट बी सरप्राइज अफगानिस्तान ईरान इंडिया इन सबकी एक इवॉल्वमेंट और वो है और होगी दो बातें इसमें फिर भी करना जरूरी है एक के यह याद रखें हम जिस खते में रह रहे हैं जि पॉलिटिक्स उसकी ऐसे और माशाल्लाह हमारा तारीख ऐसा हमने भी हर अमसाय ममालाकंडम है यह मसला बुनियादी तौर पर अंदरूनी है खारिज वो मामाक उसको एक्सप्लोइट कर रहे हैं वो है लेकिन वो बुनियादी ड्राइवर इस मामले का नहीं है आपने कहा कि इंडिया फंडामेंटल फैक्टर नहीं है फट ड्राइविंग फैक्टर नहीं है एट ल
आपने क्या इस्तेमाल किया था ब आई वुडन बी सरप्राइज अगर इवॉल्वमेंट स्परिंग या टेररिज्म ट्रेनिंग शायद मे बी टू हेवी अ वर्ड बट कहीं ना कहीं अगर इवॉल्वमेंट हो जो डिसेंडेंट ट अब्रॉड है उन्होंने भी ऑलमोस्ट तस्लीम किया हुआ है कि अच्छा जी हम पैसे देंगे तो हम मना नहीं करेंगे च मींस के शायद लिए ही हो फिर यहां कुलभूषण यादव भी मिले थे तो यू वुडन बी सरप्राइज और और कैन यू कमिट टू सेइंग कि इंडिया इवॉल्वड है व्हाट्स योर टेक नहीं मैं यही कह रहा हूं कि कमिट टू सेइंग मैं इसलिए नंस बात
कर रहा हूं कि कोई ऐसी मेरे पास ऐसी फैक्चर या एविडेंस बेस नहीं है लेकिन जिस तरह मैंने कहा बिल्कुल ये हो सकता है और वो होंगे और उसमें जो मेरा इसमें नंस मैं ड करता हूं वो ये कि ये बुनियादी ड्राइवर नहीं है और हमें सरप्राइज भी नहीं होना चाहिए हम भी यही काम करते रहे तो हमें अपने हमसाय से औकात नहीं रखनी चाहिए तो हमें उसकी बजाय इस बात पर गौर करना चाहिए कि क्यों एक बलोच नौजवान उनसे कोलबेट करने के लिए तैयार है और दूसरा एक बंदा खुदकुशी हमले के लिए तैयार होता
है वो इंडिया या फॉर दैट मैटर कोई कितना पैसा दे लोगों को खुद कश के लिए तो आप पैसों पर नहीं तैयार कर सकते बलूचिस्तान केपी एंड सिं विदन एंड अमंग देम ल थी हैव पॉइंट ऑफ फ्रिक्शन एंड सम कॉमन इंटरेस्ट हाउ ड यू सी दिस एस्पेक्ट ऑफ इट प्लेइंग आउट गोइंग फॉरवर्ड हा नहीं इसमें कोई य तो हेल्दी सियासी बात है हर सुबह कुछ सेल्फ रूल के चीजों पर अपना सियासी मौक रखिएगा शेड रूल पर वो खलाफा रखेंगे तो यह तो एक हेल्दी डिबेट है आई थिंक असल बात यह है कि व फाकी निजाम
को ऐसा कैसे बनाया जाए कि तमाम छोटे सूबे भी अपने आप को महफूज समझे उस कंपेयर्ड टू द पश्तूनस देयर इज एन इंक्रीज प्रेजेंस ऑफ बलोच इन पब्लिक सेक्टर इन द प्रोविंस शल वी एक्सपेक्ट पछत बलोच बैलेंस इन पब्लिक सर्विसेस इन बलूचिस्तान पोस्ट द राइज ऑफ इंसर्जनल भी आपके पॉडकास्ट प आता हूं ना आप उधर मुझे मरवाते हैं वो होता आपने जो बातें की है आपने मुझे खुद तो आप यूके में बैठे हुए हैं आज आप बदले उतार रहे हैं मुझे बचाया भी आपने था और धक्का भी आप ही दे रहे हैं अब अब जी
ये जो हमेशा जो पछत नौजवान है वो जाहिरी बात है अपने सवालात करते हैं व पश्तून रीजन के मुतालिक करते हैं और मुझसे गिले भी बड़े करते हैं कि आप बलोच उस पर बोलते हैं और इधर नहीं बोलते तो मैं दो उनको जवाब देना चाहूंगा एक तो यह कि देखें बलूच इस वक्त हालत जंग में है और बहुत संगीन सूरते हाल है मैं मुनासिब नहीं समझता कि जब मुझे कोई बलोच इशू पर बुलाए तो मैं गैर जरूरी तौर पर ना अपना पश्तून वो बीच में घुसाओ आई डोंट थिंक दैट इज एप्रोप्रियेट सवाल पे एक अलग
अ ये आपके उधार है हम किसी दिन इस पर अलग डिबेट करेंगे ताकि उन सबके सवालों के जवाबाइकिरण हर हफ्ते होस्ट करने के लिए तयार ह जि उर के साथ करता हूं आप पर है यह पॉडकास्ट करता है रफी उला काकड़ के लिए जितने मेरा हैय आपका भी प्लेटम है आर देर एनी प्रोमिन बलोच एल्डर लीडर बलोच पीपल कैन ट्रस्ट ए हैव द पोटेंशियल टू यूनाइट बलूचिस्तान वाइल इफेक्टिवली इंगेजिंग इन डायलॉग वि गवर्मेंट एंड एस्टेब्लिशमेंट मारस जी है मंग नौजवानों की नुमाइंदगी करती है पुराने लोगों में अखतर मेंगल डॉक्टर मालिक नवाब र इन जैसे लोग
हैं जिनकी बात अभी भी सुनी जा सकती है लेकिन उनको आपको इख्तियार देना होगा वो इस तरह आपके पास नहीं आए और कोई है मरंग के अलावा आप नजर में जो कर सके मैंने म नाम लिए जो पुराने सियासी लोगों में अखतर मेंगल असलम रे सानी साहब डॉक्टर मालिक साहब इन जैसे लोग है जिनकी अभी भी कोई बात लोग सुनने के लिए शायद तैयार हो आई वांट टू अंडरस्टैंड वन थिंग ट डि स्पाइट मैसिव प्रोटेस्ट एंड आल्सो मार्स टू इस्लामाबाद वाई स्टेट सीम अन रेस्पों टू द ग्रीवस एंड डीलिंग अग्रेसिव मैंने इनका रिप्लाई किया था
बिकॉज द स्टेट डजन केयर आपका क्या रिप्लाई है मैंने भी आपको जो इतने सारे जवाबाइकिरण बलोच सादिक संजरानी पीटीआई वाले सवाल ये पीटीआई वाले नहीं ये बड़ी नुवास बात है पहले तो उसको देखें यह समझना होगा कि जी इनम से जो अक्सर का नाम आपने लिया है यह पश्तून है बलूचिस्तान के पश्तून है काजी ईसा साहब पे मुझे आपके पॉडकास्ट प लोगों ने फीडबैक दिए कि वो पश्तून भी नहीं है लेकिन मुझे खैर ये एथनिक उसम मैं नहीं जाता तो पहले और दूसरा तो बलोच जो है वो कोई इनके थ्रू इतना ना तो कनेक्टेड फील
करता है और दूसरा यह आपने बहुत सारे अच्छे और मिक्स लोगों को एक कैटेगरी में डील सीटीआई वाला सवाल इसलिए लग रहा है जस्टिस जमाल मंदो केल या काजी ईसा की अभी भी बलूचिस्तान में एक रिस्पेक्ट है और इन्होंने वहां पर खास तौर पर जमाल मंदो केल साहब और इन्होंने बड़े प्रोग्रेसिव डीएचएफ जजमेंट से लेके जमीन लोगों की लोगों के हवाले करने बड़े प्रोग्रेसिव जजमेंट्स दिए हुए हैं तो उनको यह बात क के साथ मिलाना वो पीटीआई के यूथ के लिए शायद ये हो लेकिन बाकी पश्तून यूथ सब इस तरह से नहीं देखती जहां तक
बलूच यूथ है तो वो इनसे इतना ज्यादा कनेक्ट नहीं करते वो तो इनको अपना वो नहीं समझते लोगों ने अमेरिका की इवॉल्वमेंट के बारे में बोला है मेरी नजर में तो आई वुडन बी सरप्राइज आपकी क्या टेक है यार इधर मैं थोड़े एहतियात से यह बात करता हूं ये एक ट्रेंड बन गया पाकिस्तान में कि जी यह सीपक को सबोता करने के लिए अमेरिका करवा रहा है मैं कोई ज्यादा इत्तफाक नहीं करता इस बात से अमेरिका जो है वह सीपक को इन टैक्टिक्स के थ्रू सबता नहीं कर सकता और दूसरा जिस दिन अमेरिका ने बलूच
इं सर्जेंट की मदद शुरू की यह गेम बड़ी खतरनाक हो जाएगी तो फिलहाल ऐसी मुझे वो नजर नहीं आती हां यह जरूर होगा वुडन बी सरप्राइज कि अमेरिका इसको यकीनन बड़े गौर से देख रहा होगा और खुश हो रहा होगा दिल ही दिल में कि जी चले अच्छा है यह जरा चाइना भी बड़ी भड़के मार रहा था तो इधर फस जाए तो बट कोई प्रो एक्टिव कोई अमेरिकन सपोर्ट आई डोंट थिंक सो और उसके अमेरिका की जो स्टाइल है वोह चाइना को काउंटर करना है इस वक्त उनकी बुनियादी तरजीह है तो वो इस तरीके से
नहीं करेंगे उनके लिए बड़े और ऑप्शन मौजूद है डे इवन द एवरेज सिटीजन फ्रॉम पाकिस्तान प्रॉपर सिंप विद द बलोच कॉज आपने पाकिस्तान प्रॉपर फेमस कर दिया एंड रेगना ट सलूशन ला पिक नॉट पटरी एक्शन वई डज द एस्टेब्लिशमेंट रिमन इन ट्रांस जेंट इ इट शयर पोलिटिकल शर्ट साइटेडनेस और इनेबिलिटी टू लर्न फ्रॉम हिस्ट्री और इ डिलिट कैलकुलेटेड स्ट्रेटेजी न बाय वेस्टेड इंटरेस्ट इन कीपिंग बलूचिस्तान अनस्टेबल एंड अनवेलप रामशा आपने जीआर स्कोर क्या था आपका इस पर मैंने जवाब दे दिया कि ये उनके डेलिब वो है वेस्टेड इंटरेस्ट है क्योंकि उनको जो कंसेशन देने होंगे
अपने मफा दत पर कंप्रोमाइज करना होगा उसके लिए वो तैयार नहीं है और अपने जो जिन लोगों को इन्होंने पेट्रोनेट देके यहां तक पहुंचाया है उसकी कुर्बानी देने के लिए तैयार नहीं इज द पॉपुलर ऑफ नेशनलिस्ट पार्टीज एंड लीडर्स डिक्लाइंग इन बलूचिस्तान एंड इफ सो व्हाट आर दे रिप्लेसमेंट्स जी बलूच नेशनलिस्ट जो है वो उनकी पॉपुलर काफी हद तक नीचे चली गई है उनकी रिप्लेसमेंट अब सारे वो मंग की तहरीक में जा रही है तो उनकी रिप्लेसमेंट कोई नहीं है भाई उनकी रिप्लेसमेंट उन्हीं जैसी सियासी पार्टियां है लेकिन वो नहीं आएंगी अनफॉर्चूनेटली जो उनके फॉलोअर्स
है जो नाराज हो रहे हैं वो मरंग और इंसर्जनल जा रहे हैं कैन वी एक्सप्लोर अल्टरनेट सलूशन टू बीएल करंट स्ट्रेटेजी नॉन वायलेंट रेजिस्टेंसस एज एमप्लीफाइड बाय मरंग एंड हर सपोर्टर्स माइट बी अ वायबल ऑप्शन लेट्स एनालाइज द स्टेट्स रिस्पांस टू मरंग अप्रोच एंड इमेजिन हाउ वुड वी फील इफ आर फैमिली वाज इन अ सिमिलर सिचुएशन आई थिंक ये आपसे ज्यादा रियासत के लिए सवाल है कि अगर आप मरंग के साथ यह करेंगे तो अल्टरनेटिव फिर दूसरा ही है बिल्कुल इफ द गवर्नमेंट र टू डिवाइड द बलूचिस्तान इनटू टू सेपरेट प्रोविंसेस वन फॉर द बलोच
एंड अनदर फॉर द पश्तून कुड दिस पोटेंशियली लीड टू ग्रेटर स्टेबिलिटी एंड रिडक्शन इन टेररिज्म एंड इ वायबल ऑप्शन फॉर द गवर्नमेंट टू कंसीडर मैं बिल्कुल इसका बड़ा हामी हूं कि बलूचिस्तान को दो सूबों में तकसीम करना चाहिए क्या इससे दहशतगर्दी या ये मसाइल कम होंगे या बलोच का म मला हल होगा नहीं वो अपनी जगह उसके और ड्राइवर है लेकिन इससे कम से कम जो पश्तून बलूच इक्वेशन है उसमें स्टेबिलिटी आएगी तो ये रिगार्डलेस एडमिनिस्ट्रेटिव उसके लिए भी यह होना चाहिए आई थिंक ये आपके लिए अच्छा सवाल है आर पाकिस्तानी इंटेलेक्चुअल्स जेनुइनली अनवेयर ऑफ
बलूचिस्तान इश्यूज और देर सलूशन और आर दे लिबरे इगनोरिंग द रियलिटी व्हेन एवर अ ट्रैजिक इंसिडेंट अकर्स दे एडवोकेट फॉर मिलिटरी ऑपरेशन एज इफ देर र एन अल्टीमेट सोल्यूशन इवन सरफराज भुक्ति एकज अ सिमिलर नैरेटिव एक साहब है जो अपने आप को एनालिस्ट कहते हैं और जो कराची में लोगों के हुकूक की बात करते हैं कि यार लोगों के साथ बुरा हुआ उन्होंने ट्वीट किया हुआ था रेड एवरी हाउस तो जो डिस्कोर्स आपने भी देखा मैंने भी देखा जो मेन स्ट्रीम में हुआ लोगों ने ये भी बात की कि यार मेन स्ट्रीम टीवी चैनल जो
है ये किसी बलोच को नहीं बुला रहे बलूचिस्तान बात करने के लिए तो आपकी क्या राय है अबाउट द जनरल डिस्कोर्स अराउंड बलूचिस्तान और जो पाकिस्तानी इंटेलेक्चुअल्स हैं उनकी राय बलूचिस्तान के बारे में जी मैं समझता हूं पाकिस्तान में एक छोटा सा तबका है खास तौर पर प्रोग्रेसिव का जो बेचारे हमेशा बलूचिस्तान की बात करते हैं जिसमें मैं समझता हूं जिस तरह चंद लोग उनके नाम भी लेने चाहिए मेरे ख्याल से बेचारे वो इतने वो करते हैं जि स आसिम सज्जाद है आपको भी मैं उसी कैटेगरी में उद नहीं अमार अली जान है हामिद मीर
भी खास तौर पर बलोच मसले पे तो चंद ऐसे लोग हैं जिन्होंने हमेशा प्रोग्रेसिव पाकिस्तान के उन्होंने आवाज उठाई है लेकिन वो बड़े महदूद है और वो खुद भी फ्रिंज है पाकिस्तान में वो खुद भी यानी उनके लिए भी इतनी स्पेस या वो नहीं है जो आपका मेन स्ट्रीम जिससे मेरा ज्यादा गिला होता है वो पाकिस्तान की प्रोग्रेसिव जो नहीं लिबरल जो सो कॉल इंटेलिजेंस है और जो जर्नलिस्ट खास तौर पर है वो बिल्कुल उन्होंने हमेशा रियासती बयानिहान पे और इसलिए मैं तो उनको पाकिस्तान प्रॉपर का वर्ड भी मैं इसीलिए यूज करता हूं कि इसमें
मैं थोड़ी सी कलेक्टिव रिस्पांसिबिलिटी डालता हूं सियासी मिलिट्री अ शराफिया के साथ-साथ जो पाकिस्तान प्रॉपर की य जो मेन स्ट्रीम इंटेलिजेंसिया और मीडिया है कि इन्होंने भी उसमें हमेशा रियासती इकमा उसकी हिमायत की और सवालात कम पूछते हैं और गलत उसकी हिमायत ज्यादा करते सर अब जिस तरह डीजी आईएसपीआर की स्टेटमेंट आई मुझे भी लोगों ने तन कीद की कि यार तुम वही बात कर रहे हो जब इंफॉर्मेशन मिलेगी नहीं मैं ठीक है जिन लोगों के एजेंडा है उन्होंने बोला 100 लोग मर गए 200 लोग मर गए डीजे एसपीआर झूठ बोल रहे हैं मैं यह
बात कर कैसे सकता हूं जब मेरे पास कोई इंफॉर्मेशन ही नहीं तो व्हाट डू वी इवन रिलाई ऑन वी कैन से कि यार हो सकता है कुछ ज्यादा मरे हो चार ये लोग बता रहे हैं चार नहीं शायद 10 हो 12 बट हाउ कैन आई से एनीथिंग एल्स जब ना कोई जर्नलिस्ट है ना कोई मीडिया है ना किसी को वो जाने दे रहे हैं हाउ डू वी इवन नो एगजैक्टली व्ट हैपेंड द ओनली थिंग वी कैन रिलाई ऑन इज द डीजी आईपीआर स्टेटमेंट और वही सबने पैरेट की है फिर देखिए मेरे ख्याल से आप 100
फीस दुरुस्त बात करें जर्नलिज्म के एथिक्स का भी फिर यह तकाजा है ना कि या तो आप दोनों साइड प जाके आपकी एक्सेस हो आप खुद देख के अपनी एनालिसिस करें फिर आप जिसके मर्जी की बात की तस्दीक करें या करें लेकिन अगर आपको एक साइड मुकम्मल तौर पर ब्लॉक्ड है बलूचिस्तान आप जा नहीं सकते आपने एक्सेस टू इंफॉर्मेशन प मुकम्मल ब्लॉक लगाए हुए हैं लोगों तक एक्सेस नहीं है इस ऑपरेशन से हट के भी मैं यह बात कर रहा हूं तो फिर जब जब ये पाकिस्तान प्रॉपर के उसको यह मालूमात पहुंचती है तो वो
एक साइड की उसको एज इट जब आप बयान करते हैं आप ना करे एज इट आप कम से कम दूसरा पर्सपेक्टिव भी सुनो ग्राउंड प जाए नहीं जा सकते अनोले करे अपनी लिमिटेशन बजाय कि आप कॉन्फिडेंस के साथ जो है एकतरफा वो प्रमोट करें माय क्वेश्चन टू रफी उला काकड़ वड बी आफ्टर द जाफर एक्सप्रेस इंसिडेंट द डीजी एमफ साइज डीलिंग विथ सच एलिमेंट विथ एन आयरन फिस्ट हावर रिसेंट वीडियोस एंड पोस्ट शोट फाइट एंड ऑर्गेनाइजेशन हैव सिग्निफिकेंट सिंथी अक्रॉस बलूचिस्तान फ्रॉम द पश्तून इंटेलिजेंसिया इन योर ओपिनियन हाउ फीजिबल इट इ टू काउंटर दस फाइटर्स
न दे हैव डीप रूटेड सपोर्ट सिंपी अमंग द कॉमन पीपल अच्छा सवाल जी मैं इसीलिए समझता हूं कि ताकत के इस्तेमाल से इस मसले को सिर्फ आप हल नहीं कर सकते उसकी वजह बहुत पॉपुलर इंसर्जनल नौजवान में इसकी मुकम्मल हमदर्दी और सपोर्ट है तो वो वहां पर आप जब ताकत का इस्तेमाल करेंगे यह पुरा जमाने की इजेंसी नहीं है कि मरी में है बुटी में है या खुदार में चंद इलाकों में है इट कंपलीटली अर्बन यूनिवर्सिटी में चलते फिरते बाजारों में दफ्तरों में नौजवान सपोर्ट करते हैं तो इसको आप इस तरह से मुकाबला नहीं कर
सकते य ताकत के इस्तेमाल से मजीद आप सिर्फ सरहाल को खराब करेंगे चलिए आपके पेज पर भी 120 है ब इस सवाल पर खत्म कर देते हैं रना तो हम चलते ही रहेंगे व्ट आर द पॉसिबल सलूशन टू एंड दिस इनसरजेंस डिमांड दे डिमांड सेपरेशन एंड आर नॉट रेडी टू सिट ऑन द नेगोशिएशन टेबल आर देयर एनी वर्ल्ड वाइड प्रैक्टिकल मेथड्स ऑफ एलिमिनेटिंग इंसर्जनल हल बता दिया एक जुमले में मैं रिपीट करता हूं कि आपको बहुत मेजर कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर्स लेने होंगे कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर से जो मैंने गिनवाला रिलीज करें ट्रुथ एंड रिकंस इंडिपेंडेंट उसमें
इंटरनेशनल जूरिस्ट आप डालें वो बनाए मौजूदा मसन हकूमत को खत्म करें और उसके बाद एक हाई पावर्ड कांस्टीट्यूशनल पॉलिटिकल रिफॉर्म्स कमेटी बनाए जिसमें पाकिस्तान और बलूचिस्तान के जो क्रेडिबल लोग हैं उनको डालें उनको कांस्टीट्यूशनल पॉलिटिकल रिफॉर्म्स के साथ-साथ आप पॉलिटिकल र कंसन का मैंडेट लोगों से जाकर बात करें फिर जाकर नए इलेक्शंस का ऐलान करें और वो जो कांस्टीट्यूशनल पॉलिटिकल रिफॉर्म्स है मीडियम टर्म स्ट्रक्चरल इश्यूज के लिए उन परे अमल दराद का एक रोड मैप दे डी मिलिटराइज्ड का प्लान दे तब जाकर शायद कोई हालात बेहतरी की तरफ जाए कोई चीज सर आपको लगता है
रह गई है जो पाकिस्तान प्रॉपर को समझनी चाहिए या जाननी चाहिए नहीं मेरे ख्याल से हमने तो आज हर इतनी बातें कर रही सवालात में भी कुछ बहुत ज्यादा रिपीट हो गए हैं कुछ यह जो बाकी मेरे ख्याल से इस पर भी हम इंशाल्लाह नेक्स्ट बात करेंगे पश्तून क्वेश्चन पर और यह अफगान पॉलिसी पर भी जरा मैं यह बात कहना चाहता हूं जिस तरह बलूचिस्तान अफन पॉलिसी की भी पॉलिटिकल इकॉनमी यही है वो फौज करती है पाकिस्तान प्रॉपर सब उसके दिफाई जो अफगानिस्तान वाली सूरते हाल अभी हम कहते हैं ना कि लेट्स से उन्होंने पना
दी हुई है बलोच इं सर्जेंट तो मेरे जैसे अदना तालिब इल्म और बहुत सारे लोगों ने 15 साल से हम लिख रहे हैं कि आप अफगान तालिबान को सपोर्ट ना करें आपको जो लगता है कि यह आपके मफा दत का तहफ्फुज करेंगे यह नहीं करेंगे आपने जो हार्ड वन गेन है टेररिज्म की वो रिवर्स हो जाएंगी तो मुझे अफसोस होता है कि कोई अकाउंटेबिलिटी नहीं कि किधर है वो लोग जिन्होंने यह 20 साल यह पॉलिसी इस अजम पर बनाई थी वही तो एत साब करें वही अकाउंटेबिलिटी करें आज फिर वही लोग मैं उन्ही लोगों के
हाथों पॉलिसी पर एतमाद कैसे करू जिनकी पॉलिसी पिछले 203 साल की फेलियर ही फेलियर है सर मैं तो कह रहा हूं हम मंथली सीरीज शुरू करते हैं पखल टाइम पखल टॉक और फिर हम यह आपसे जो क्योंकि हर चीज के के बारे में आपके पास इतनी नॉलेज है और इतनी हम सुनना चाहते हैं आपको जो लोग सुन रहे हैं ना आप रफी उला काकड़ को स्पैम करना शुरू कर दें कि आप श मंथली सीरीज शुरू कर ताकि वी कैन डू डीप डाइज ऑन ऑल ऑफ दस थिंग्स थैंक यू सो मच फॉर गिविंग अस टाइम एंड
थैंक यू लिसनिंग टेक केयर बाय बाय