नमस्कार आप सभी का हार्दिक स्वागत आप सभी का हार्दिक अभिनंदन परम आदरणीय अंजना ओम कश्यप जी दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची थी नाराज थी दुखी थी पीड़ित थी परेशान थी समझ सकता हूं मैं गोदी मीडिया के पत्रकारों का दर्द आमतौर पे तो यह लोग देश को दर्द देते हैं लेकिन कभी-कभी इनको भी दर्द हो जाता है। खान सर ने ऐसा दर्द दिया है कि पूरे देश में इनकी काली करतूतों का पर्दाफाश हो गया है। मैडम अंजना और उनका चैनल आज तक क्या करता है यह सब अब देश के सामने आ गया है। अब परेशानी है कि
जब पोल पट्टी खुलती है तो दर्द तो होता है। अब तक तो चैनल पर बैठ के बहुत हिंदू मुसलमान के फसाद करा रही थी मैडम। दिनभर विश्व गुरु की चाटुकारिता में सारी हदें पार कर रही थी मैडम। इस बार मामला ठीक-ठाक लोगों से फंस गया। खान सर ने बाकी टीचरों ने आज तक के चैनल की और मैडम की जब कलई खोलना शुरू हुई तो मैडम को समझ में आया कि असली पत्रकारिता वो नहीं होती है जो एयर कंडीशन कमरे में टीवी चैनल पर बैठ के होती है। दरअसल इस देश के जैन जी नौजवान छात्र युवा
अब यह सब लोग देश का भविष्य बदलने के लिए इन्होंने कमर कस ली है। इनको समझ में आ गया कि ये गोदी मीडिया के चैनल जो है गोदी मीडिया के जो पत्रकार हैं ये सब सिर्फ एक काम करेंगे। जिस समय देश के नौजवानों की बात हो रही होगी। जिस समय देश के छात्रों की बात हो रही होगी। जिस समय पेपर लीक की बात हो रही होगी। जिस समय फर्जी कहानियों की बात हो रही होगी, नौजवानों से कहा जा रहा होगा कि पकोड़े तलना ही नौजवानों का जन्म सिद्ध अधिकार है। तो ये दिखाएंगे कि अब्दुल की
चूड़ी टाइट होगी। ये दिखाएंगे कि साहब देखिए इस मंदिर के नीचे इस मस्जिद के नीचे तो मंदिर है। इस मंदिर को आज से 5000 साल पहले एक मुगल ने एक मुसलमान ने तोड़ दिया था। आपके बच्चों को समझाएंगे। कावड़ यात्रा पर निकलना सबसे बड़ा धर्म है। ऐसी ऐसी बातों में आपकी आने वाली पीढ़ी को उलझा के रखेंगे जिसमें असली मुद्दे नजर ना आ जाए। खास सर और उनके जैसे नौजवान टीचर इस देश में एक क्रांति की बात कर रहे थे। बिहार में, झारखंड में, बस्तर में, उड़ीसा में, उत्तर प्रदेश में दूर दराज इलाके गांव में
बैठा बच्चा एक छोटे से मोबाइल पर पढ़ाई कर रहा था। कोचिंग के बड़ी-बड़ी कोचिंग के पास देने के लिए उसके पास लाखों की दौलत नहीं थी। उसके मां-बाप भी इतने अमीर नहीं थे कि वो आईएएस हो, मंत्री के बेटे हो। जैसे विधानसभा में उत्तर प्रदेश में नौकरी निकल निकली और सब नौकरियां आपस में बांट ली गई। इतना पैसा नहीं है। तो वो खान सर को पढ़ पढ़ के नौजवान गांव का बच्चा पढ़ लिख रहा था। कोचिंग की जगह मोबाइल में पढ़ रहा था। नौकरी में आज आ रहा था। और बड़े सहज भाव में खान सर
बता रहे थे उसको। समझा रहे थे देश की नीति का है और समझा रहे थे कि अमेरिका की चमचागिरी करने से। फायदा क्या है? विश्व गुरु को। ईरान से हमारे संबंध रहे हैं, नाते रहे हैं, रिश्ते रहे हैं। यह अमेरिका क्यों एक फाइल वाइल अगर कुछ फोटो वोटो मिल भी गए हैं किनहीं के तो क्यों डर रहे हो यार वो ब्लैकमेल होने की तो हद है हमेशा रहती रहती है। ब्लैकमेल तो करते रहेंगे। क्यों तुम्हारे लोगों को हथकड़ी और बेड़ी लगा के अमेरिका भेज रहा है। उसकी इतनी हैसियत क्यों हो रही है? विश्व गुरु जी
बोलो आके बोलो। ये खासकर बता रहे थे कि ईरान का महत्व कितना है? और यह बातें विश्व गुरु को दर्द दे रही थी और विश्व गुरु को दर्द हो जाए तो यह नोएडा के एंकरनिया यह सिर के बल डांस करने लगते हैं। जितना विश्व गुरु को दर्द नहीं होता उतना दर्द इनको हो जाता है कि अरे हमारे मालिक को दर्द कैसे हो गया? हम तो हमारे मालिक से पूछते हैं कि आप आम काट के खाते हैं, चूस के खाते हैं, बटुआ रखते नहीं रखते हैं। आप थकते क्यों नहीं? आप में इतनी ऊर्जा कहां से आ
जाती है? हम तो मालिक के इशारे पर दिन भर हिंदू मुसलमान करते हैं। मालिक को दर्द दे रहे हैं। खान सर जैसे लोग अब सर जैसे लोग ये छोटे-छोटे यूर्स मैथ पढ़ाने वाले लोग साइंस पढ़ाने वाले लोग तो हमें इनकी हालत खराब कर देनी है। और सिस्टम का तकाजा देखिए। अपने आप को देश का सबसे बड़ा चैनल कहने वाला। हालांकि बाल कमाने में ही नंबर वन है। जब वो खान सर ने धज्जियां उड़ाई तो वो हर दर्जे पर उतर आए। अब भैया अंजना ओम कश्यप जी को मुकदमा करना था तो टीचरों पर करते उन टीचरों
की अंजना ओम कश्यप जी की टीचरों की और आज तक की लड़ाई मैं गरीब बेचारा बीच में कहां से आ गया 4 पीएम कहां से आ गया गरीब की जोरू सबकी लोग बुझाई जब भी कोई बात होती है तो कान तुरंत फोर पीएम को उमेड़ने लगते तो सरकार ही उमेटती थी पूछा हमने कि पहलवानों पे हमला हुआ आतंकी कहां से आ गए किसके चाचा लगते थे किसके ताऊ लगते थे गवर्नर साहब क्या केवल पूर्वांचल के लोगों को कश्मीर में बैठकर ठेके ही बांटते रहेंगे। एक नटवर लाल संजय शेरपुरिया से 20 लाख 25 लाख ले रखे
हैं। ठग जेल चला गया और गवर्नर साहब मौज कर रहे हैं। तो गवर्नर साहब ये आतंकी कहां से आए? गृह मंत्री जी का इस्तीफा क्यों नहीं हुआ? हमने ऐसे सवाल पूछे सरकार ने कहा अरे ये तो एंटी नेशनल है। 4 पीएम बंद करो। 4 पीएम बंद हो गया। वो तो हमारे लॉयर मोहम्मद हैदर भाई तल्हा साहब और कपिल सिब्बल जी जिंदाबाद। सुप्रीम कोर्ट तक गए हम। सुप्रीम कोर्ट में खुला मामला, चैनल खुला। फिर हमने ईरान के पक्ष में बात करी। फिर चैनल बंद कर दिया गया। अभी डेढ़ महीने पहले खुला। सरकार हमारे पीछे पड़ी थी।
ये हमें समझ में आता है। लेकिन ये गोदी मीडिया के चैनल के पीछे पड़ गए। मैंने बड़ा समझा, बड़ा सोचा। मैंने कहा भाई अंजना ओम कश्यप इतना नाराज क्यों हो गई? ये तो मुझे समझ में आया। मैंने उस वीडियो में जिसमें ये चर्चा चल रही मैंने केवल शिक्षकों से एक आह्वान कर दिया था कि भाई अपने अपने प्रदेश में सूचना विभाग में बाकी विभागों में आरटीआई लगाओ। एक नहीं 10,000 आरटीआई लगाओ। पूछो कि भैया ये इंडिया टुडे को हर बार हर महीने हर साल कितना विज्ञापन दिया गया? जिन जिन राज्यों के मुख्यमंत्री नीचे आते हैं
और फिर करोड़ों की डील होती है और फिर मुख्यमंत्री नंबर वन हो जाता है। वो प्रदेश देश का सबसे बढ़िया मुख्यमंत्री हो जाता है अगर उसको छ सात आठ करोड़ दिए जाते हैं। मैगजीन के पर पृष्ठ की आराई के दर होती है। लेकिन साहब इंडिया टुडे के लिए वो दर निर्धारित क्यों नहीं है? 10 10 15 लाख के पेज सुना है दे दिए जाते हैं। 1010 पेज 20 पेज और फिर मुख्यमंत्री की सरकार की कसीदे पढ़ने का अभियान शुरू होता है। कभी आज तक शिखर सम्मेलन करेगा कभी और सम्मेलन करेगा। उसमें कहीं जल जीवन मिशन
कहीं समाज कल्याण कहीं सरकारें करोड़ों करोड़ों रुपए के विज्ञापन देती है। तो मैंने तो भैया यह मांग करी कि शिक्षकों मंच पर आओ नौजवानों मंच पर आओ। तुम्हारे लिए नौकरी नहीं है इस देश में। विश्व गुरु कह रहे हैं तुम पकोड़े तलो और यह गोदी मीडिया के चैनल जो दिन भर हिंदू मुसलमान कहला रहे हैं राज्यों से उनको करोड़ों करोड़ों रुपए के विज्ञापन दे दिए जा रहे हैं। उत्तराखंड छोटा सा राज्य बेरोजगारी से पलायन से जूझ रहा है। वहां हारे हुए विधायक को धामी को मुख्यमंत्री बना दिया गया और कुछ सालों में पता है कितना
रुपया उसने मीडिया को दिया है। ₹1000 करोड़ मीडिया को दिया है। अब आप सोचो देश में इंजीनियरिंग किए हुए एमबीए किए हुए नौजवान 1515000 की नौकरी मांग रहे हैं। एक दिन मेरी आंखों में आंसू आ गए। टॉपर लड़का था एमबीए किया हुआ इंजीनियरिंग करने के लिए वो 14,000 की नौकरी करने के लिए मेरे ऑफिस आया था। जिस देश में क्वालिफाइड बच्चों के लिए 14,000 की नौकरियां नहीं है। वहां पर मीडिया के इन गिद्धों को फिर मानहानि का मुकदमा कर दीजिए। इस बार यह लाइन करिए कि आप गिद्ध हैं जो सरकार के हजार करोड़ रुपए लेकर
छात्रों के नौजवानों के हितों की बात नहीं कर रहे हैं। आप गिद्ध हैं। मीडिया के गिद्ध हैं। लाइन रिपीट कर रहा हूं। मीडिया के गिद्ध कल जाके फिर मानहानि का मुकदमा करिए कि मैंने किनको मीडिया के गिद्ध कहा। मैंने उनको मीडिया का गिद्ध कहा जो हजारों करोड़ पहले रहे हैं उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य से जिन्होंने वहां के पलायन का जहां की बेरोजगारी का जहां के छात्रों का मुद्दा कभी नहीं उठाया क्यों नहीं इस देश में एक नीति बनती मैंने शिक्षकों से आहान किया अपने बच्चों से कहिए चाहे सरकारें सत्ता की हो विपक्ष की हो चाहे
पंजाब की सरकार हो दिल्ली की सरकार हो उत्तर प्रदेश की सरकार हो बिहार की सरकार हो सुप्रीम कोर्ट ये तय करे आप एक से लेकर एक करोड़ का 100 करोड़ का विज्ञापन देंगे वो सूचना विभाग की विभाग की वेबसाइट पर होगा कि इस चैनल को इस मीडिया को इस मैगजीन को इस अखबार को इतना रुपए दिया गया। इस देश के जनमानस को पता होना चाहिए कि उसके टैक्स के पैसे की यह गिद्ध मीडिया कैसे मजाक उड़ा रही है। कैसे पैसे हजम कर रही है और बदले में चैनल पे अखबार में मैगजीन में बैठ के हिंदू
मुसलमान कर रही है। अब्दुल की चूड़ी टाइट कर रही है। अब्दुल की चूड़ी टाइट करने के पैसे कहां से मिल रहे हैं? इस देश के जनमानस को पता होना चाहिए क्योंकि यह मेरे और आपके टैक्स का पैसा है। बस साहब मैंने इतनी बात कहने का मैं गुनहगार हूं उस वीडियो में। अब यह बात यह बात सीधा पेट पर चोर कर कर रही है। प्राइवेट विज्ञापन जो मिलते थे वह एक तिहाई भी से भी नीचे आ गए हैं। क्योंकि प्राइवेट विज्ञापन देने वालों लोगों ने देखा कि इनका चैनल तो कोई देखता ही नहीं है। अब आप
प्रैक्टिकल देख लीजिए, मालूम कर लीजिए। ये टीवी चैनल कितने लोग देखते हैं। सब के सब सोशल मीडिया पे शिफ्ट हो गए। अभी हमारा चैनल जब सरकार ने बंद किया उससे पहले तीन साल तक लगातार देश में पॉलिटिकल कमेंटेटर के रूप में नंबर वन श्रेणी में था। हर दिन एक करोड़ व्यू आ रहे थे और इन गोदी मीडिया के इनके 10,000 लोग भी नहीं देखते। तो दर्द होना स्वाभाविक है। देश का जनमानस इधर चला गया। उसने देख लिया ये गोदी मीडिया के चैनल सिर्फ हिंदू मुसलमान करेंगे। तो साहब मैंने इतनी बात जरूर कह दी उस मीडिया
में कि अंजना ओम कश्यप जी खान सर दो कौड़ी के हैं या गिद्ध मीडिया दो कौड़ी का है। ये अब देश को तय कर लेने दीजिए। जब वक्त आ गया यह पता चल जाए कि जो गरीबों को बेसहारा को परेशान कमजोर नौजवानों को छात्रों को पढ़ा रहा है मुफ्त में पढ़ा रहा है वो गिद्ध है या एयर कंडीशन में बैठ के नोएडा के एंकर एंकर या गिद्ध है जो सरकार के फेंके हुए टुकड़ों पर पल रहे हैं इतनी देशभक्ति तो मेरे जर्मन शेफर्ड ने भी मुझ पर नहीं दिखाता मेरा काई मुझ पर नहीं दिखाता जितना
ये अपने बाप विश्व गुरु को दिखाते हैं अब ये कौन सा गुनाह है मैंने तो आहान किया था भैया टीचरों से आहान किया आज मैं फिर आहान कर रहा हूं। जितने छात्र जितने नौजवान मेरे सुन रहे हैं ₹ ₹1 खर्च होते हैं आरटीआई लगाने में। आज ही आरटीआई लगाइए। सारे विभागों में लगाइए। पूछिए कि पिछले दो साल में, तीन साल में, चार साल में आपने इन गोदी मीडिया के छह लोगों को कितने रुपए का विज्ञापन दिया है। मैं दावा कर रहा हूं जैन जी जो है ना गुस्से से उबल जाएगा। मैं दावा कर रहा हूं
कि जैन जी के होशवाख्त हो जाएंगे। आप इन नौजवानों को पकोड़े तलने की बात कर रहे हैं। ये इंजीनियर और डॉक्टर किए हुए नौजवान पकोड़े तलेंगे। और ये गिद्ध मीडिया के लोग जो अब्दुल की चूड़ी टाइट करते हैं। ये करोड़ों करोड़ों रुपए आपसे कमाएंगे। हमारे और आपके टैक्स के पैसे से ये बैठकर ये हिंदू मुसलमान का फसाद करेंगे। और इस देश का नौजवान छात्र सड़क पर सोएगा। फोटो आए उत्तर प्रदेश में एक परीक्षा में कहा गया जो बच्चे आएंगे उनके लिए बस ट्रेनों से 50% वीडियो आ रहे हैं बच्चे कह रहे हमें कहीं 50% नहीं
मिला जरा सी नौकरी निकलती है सैकड़ों की लाखों लोग आ जाते हैं बेरोजगारी बढ़ती जा रही है और उधर आहान हो रहा है कि हम गाय के लिए गाय हमारी माता है जन्मों जन्मों का नाता है इसके लिए कैसा कानून नानी मरती है इस बात के लिए कि गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दे दे और गाय काटने वालों के लिए बिल ले आए नानी मरेगी नानी गाय केवल चुनावी मंच पर है। गाय के लिए कानून नहीं ला सकते। असम में गोवा में बीफ के बैनर पोस्टर लगे हैं बड़े-बड़े। किरण रिज्जू का बयान सोशल मीडिया
पे है। हम बीफ खाते हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में बाकायदा गाय काटी जाती है। असम के मुख्यमंत्री गाय को लेकर बयान दे चुके हैं। गाय काटना प्रतिबंधित नहीं है। काहे की गाय की सिंपैथी कर रहे हो? उत्तर प्रदेश में और बिहार में गाय मम्मी और वहां यमी डायलॉग गाय के नाम पर कितना गुमराह करते हैं यह लोग और एंकर एंकर नहीं एनकाउंटर पे एक एक घंटे दोद घंटे बाद गाजियाबाद में घटना हो गई दो नौजवानों में लड़ाई हुई मोटरसाइकिल में विवाद था चांस की बात तो एक थी एक एक घंटे का प्राय दिखा रहे हैं मुसलमान
के चेहरे बनाकर चाकू घूमते हुए दिखा रहे हैं जिससे भावनाएं भड़के अब इन गोदी मीडिया के एंकर एंकरनियों की क्या कहानी की जाए तो साहब जब मैंने जब मैंने यह किया अरे कमेंट आ रहा है बृजेश कुमार जी आपके चैनल के नाम से कुछ लोग फोन करके जॉइनिंग के नाम पर लाखों की मांग कर रहे हैं इस पर ध्यान दीजिए बृजेश भाई तुरंत एफआईआर कराइए मेरे यहां मेरे चैनल पे कोई जॉइनिंग मर्जी के बिना नहीं होती एक नहीं हो सकता जो कहे वो झूठ तुरंत एफआईआर कराइए 4 पीएम पर कोई पैसे की डील नहीं है
कोई जॉइनिंग का पैसा नहीं है जो क्वालिटी की बात करेगा वो 4 पीएम पर आएगा। अनिल वर्मा जी कह रहे हैं बहुत ही सुलझे हुए तरीके से अपने देश के हालात के सामने लेकर धन्यवाद भाई ये तो मेरा काम है और प्रज्ञा जी कह रहे हैं लव यू खान सर बिल्कुल लव यू जबरदस्त जवाब संजय जी ईंट का जवाब पत्थर से सभी चैनल YouTube सभी की जिम्मेदारी बिल्कुल ठीक बात है हमारी जिम्मेदारी यही है हमें हमें आप लोग प्यार इसीलिए कहते हैं कि हम लोग हम लोग आपकी बात करें आपके अंजना ओम ही नहीं मैं
मैं महिलाओं के सम्मान के खिलाफ कोई बात नहीं करता। अंजना ओम मोदी भी उन्होंने अपने मुंह से कहा तो मैं कह रहा हूं वरना मैं अंजना ओम कश्यप जी कहता तो साहब ये पहुंच गए आज मदे पे आता हूं मैं बहुत इमोशनल हो गया था की बातें करने लगा तो साहब ये लोग पहुंच गए हाई कोर्ट में अब हाई कोर्ट में आज तारीख थी तो साहब गेहूं के संग घुन पिस जाता है ये बड़े-बड़े टीचर मैं छोटा सा आदमी लेकिन साहब 4 पीएम पे मुकदमा कर दिया गया तो हमारे आदरणीय बिल्कुल भाई है तला साहब
और हैदर साहब क्या बढ़िया वकील मिले हैं मुझे एक भी खर्च नहीं होता। बेचारे एफिडेविट भी अपनी जेब से बना के देते हैं। कोई पैसे ही खर्च नहीं होने देते। तो वहां पर बहस हुई। अंजना ओम कश्यप जी के वकील साहब कह रहे हैं कि साहब देखिए कि इस YouTube पे ऐसी बात के बाद लोग जो है अंजना ओम कश्यप जी के परिवार उनकी बेटी को गाली दे रहे हैं। अभद्र भाषा का बात कर रहे हैं। जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। बहुत ही खराब बात है। मैं इसकी कठोर शब्दों में निंदा करता
हूं। किसी के परिवार को खासतौर से बच्चों को बीच में कभी नहीं लाना चाहिए। यह सिद्धांत की बात है। अंजना ओम कश्यप जी ने गोदी मीडिया बनना पसंद किया। उनके चैनल ने 2000 के नोट चिप ढूंढने का फैसला किया क्योंकि उनको मोटा माल मिलता है सरकारों से। उन्होंने फैसला किया कि सुधीर चौधरी जैसे तहाड़ी रिटर्न को हम अपना चेहरा बनाएंगे। उन्होंने अरुण पुरी ने तय किया हम हिंदू मुसलमान के फसाद को आग लगाएंगे। उनकी विचारधारा है। परिवार को इसमें बीच में नहीं लाना चाहिए था। उनके वकील का कहना था न्यायालय से कि तत्काल स्कपियम चैनल
को बाकी सोशल मीडिया के चैनलों को तत्काल इनके वीडियो सबके डिलीट करा दीजिए। एकदम रुकवा दीजिए। हमारे वकील का मानना यह था। हम लोगों ने कहा कि हम लिखित में अपना प्रत्यावेदन देंगे बाद में। हमने कहा साहब ये जो नीचे नफरत की बात हो रही है। हिंसा की बात हो रही है कि साहब बंद अपशब्द कहे जा रहे हैं। परिवार को बुरा बुरा कहा जा रहा है। अंजना ओम कश्यप जी तो बहुत ताकतवर है। लोग मजाक में कहते हैं कि एक जेब में उनकी अगर वो शर्ट पहने मेरी जैसी इसकी दो पॉकेट हो तो एक
जेब में मोदी होंगे। एक जेब में शाह होंगे। उनका इतना रुतबा है हमने देखा है विश्व गुरु के इंटरव्यू करते हुए तो जिस व्यक्ति ने उन्हें धमकी दी है मुझे कोई धमकी दी तो मुझे सात जन्म लग जाएंगे सरकार तो एफआईआर ही नहीं करेगी एफआईआर करेगी तो साथियों को ढूंढेगी नहीं लेकिन अंजना ओम कश्यप जी को उनके परिवार के लिए मेरे ख्याल से उनके पति भी आईपीएस आईपीएस रहे हैं अगर यहां है तो ना भी हो तो जो इतनी ताकतवर महिला है तो जिसने हम लोगों ने हमारे सब सामूहिक वकील ने कहा कि साहब जिसने
एफआईआर धमकी दी उसमें एफआईआर कराई है एक मिनट एड्रेस निकलेगा। किस आईपी के एड्रेस पर धमकी दी गई है? किस फोन नंबर से धमकी दी गई है? तत्काल कड़ी से कड़ी कारवाई कीजिए। और भाइयों, बहनों, दोस्तों, मेरे मैं तो 12 साल से ऐसी गालियां सुन रहा हूं। अभी हफ्ते भर पहले मैंने रिकॉर्ड नहीं डाली अपने चैनल पे। एक आदमी मुझे कितनी गंदी गंदी गाली दे रहा है। पंडित जी हैं शायद वो। कह रहा है तुम कैसे पंडित हो? तुम हिंदुओं के खिलाफ बोलते हो। मुसलमानों के पक्ष में बोलते हो। मैंने कहा भैया ये हिंदू मुसलमान
कहां से आ गए? ना मैं किसी के पक्ष में बोलता हूं ना मैं किसी के खिलाफ बोलता हूं। जो मुद्दे होते हैं वो बोलता हूं। अगर मेरा पंडित होना इस बात के लिए खिलाफ समझते हैं कि मैं हिंदू मुसलमान के एकता की बात करता हूं तो मुझे कल ही पंडित धर्म से निकाल दीजिए। मैं ऐसे किसी धर्म में कभी जो कहीं नफरत करना सिखाए और मैंने जो हिंदू धर्म पढ़ा उसमें तो कहीं नफरत नहीं है। आपके हिंदू धर्म में होगी। मेरे भगवान राम तो प्यार का संदेश देते हैं। आपके भगवान राम जय श्री राम कह
के हिंसा का संदेश देते होंगे। मेरे राम तो ऐसे नहीं है। और आप मुझे ज्ञान मत दीजिए कि मैं हिंदू हूं या पंडित हूं या नहीं हूं। तो उन भाई साहब ने मुझे मैं तुम्हें श्मशान में कर दूंगा। मैं तुम्हारी हत्या कर दूंगा। मैंने साहब कुछ नहीं ट्वीट किया। एप्लीकेशन भेज दी पुलिस को बाकी पुलिस का काम जाने। मेरे को तो मैंने लिखित में किया। राज मंत्री का दर्जा प्राप्त लोगों ने बकायदा मेल पर अपने लेटर पैड पर मेरा सिर काटने की मेरी हत्या करने की धमकी दी। मेरे परिवार के बारे में अपशब्द कहा। अंजना
जी आप एक वीडियो से एक दिन टिटर से डर रही है। हम तो 11 सालों से भक्तों की जिनके दिमाग में गोबर भरा है जो ट्रंप के बनने पर भगवान विष्णु की जगह ट्रंप का फोटो लगा के हवन कर हम तो उनकी गालियां सालों से सुन रहे हैं। हम तो नहीं डरे आप इतनी ताकतवर इतनी बहादुर पत्रकार हो के डर रही। आपको सुरक्षा चाहिए। हमने तो आज तक एक डंडे वाला गला नहीं मारा। सुधीर चौधरी 151 कमांडो के संग चलते हैं। उन्हें देश के लोगों पर भरोसा है। इसलिए वो 15 कमांडो के संग चलते हैं।
उन्हें पता है कि देश के लोग उसे सड़कों पर जब मिलेंगे तो देश के लोग कहेंगे सुधीर चौधरी जी कितने अच्छे हैं आप। आपने इस देश में सामाजिक सद्भाव बनाने के लिए कितना त्याग किया। सुधीर चौधरी जी आप बिहार में केवल प्रवचन देने गए थे। हम मानते हैं आपको। सुधीर चौधरी जी आप 100 करोड़ रिश्वत मांग ही नहीं सकते। आप तो तभी तो ईमानदार है। तभी तो आज तक ने अपना चेहरा बनाया। अंजना कश्यप जी हम आपके पैरों की धूल बराबर है। आप देश में हिंदू मुसलमान के एकता की कितनी अच्छी-अच्छी बातें करती हैं। सोचते
होंगे लोग ऐसा कहे हमारे लिए। नहीं कह रहे हैं तो डर लग रहा है। हम तो आज तक डंडा ले भी नहीं चलते। दिल्ली हो, लखनऊ हो, मुंबई हो, चाय की दुकानों पर सड़क चलते हुए लोग फोटो खचाते हैं। लगाते हैं, हाथ चूमते हैं। क्योंकि हमने अपनी जान पर खेलकर इस देश के सामाजिक सौहार्द को बनाने की लड़ाई लड़ी है। हमारी आत्मा का कोना कोना इस देश की एकता अखंडता की बात कहता है। हम तो नहीं डरते। हमारे वकील ने कहा कि साहब अगर आपको धमकी दी है तो ये क्रिमिनल केस है। ये मानहानि का
केस कहां है? आपने यहां मुकदमा खान सर पर और बाकी अध्यापकों पर 4 पीएम के लिए कहा है तो मारना नहीं कहां ये तो कोर्ट का क्रिमिनल केस है इसमें एफआईआर दर्ज करिए गिरफ्तारी करिए माननीय न्यायालय का शतशत नमन आभार मैं देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा पूरा यकीन है दो बार चैनल बंद हुआ एक बार सुप्रीम कोर्ट ने खोला एक बार YouTube ने खोला आज भी माननीय न्यायालय ने अंजना ओम कश्यप जी को तत्काल राहत नहीं दी है 17 तारीख को सुनवाई होगी कि जो वीडियो हटाने की बात कही है अंजना राम कश्यप जी
ने उस पर न्यायालय क्या फैसला देगा मैं 4 पीm पर आज तक के प्यार भरे वीडियो बनाता रहूंगा आप भी इतना करते रहिए आरटीआई मांगते रहिए जो आरटीआई आ जाए तो मेरे YouTube का जब खोलेंगे आप तो उसके नीचे एक फोन नंबर है उस फोन नंबर पर उस आरटीआई की कॉपी डाल दीजिएगा हम लोगों को सामूहिक रूप से देश के लोगों को अब ये बात करनी चाहिए एक अभियान चलाना चाहिए जैसे जैसे काकरोच पार्टी ने चलाया एक अभियान चलाना चाहिए कि मीडिया को जितने पैसे सरकार दे वो पैसे सारे सार्वजनिक होने चाहिए। एक रुपया भी
छुपा नहीं होना चाहिए। चाहे वो शिखर सम्मेलन के नाम पर हो, चाहे वो मैगजीन के विज्ञापन के नाम पर हो। यकीन मानिए जिस दिन यह सच सामने आने लगेगा कि किस सरकार ने कितने रुपए दिए उस दिन ये लोग मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे। किसी चैनल पर हिंदू मुसलमान का फसाद करने की हिम्मत नहीं करेंगे। औकात में आ जाएंगे। और देश के लोग ही गांधीवादी तरीके से इन एंकर एंकरनियों को औकात पे लाना जानते हैं। मुझे यकीन है जरूर लाना जाएंगे। तो अंजना जी थोड़ा सोचिए। क्यों आपकी जबान से कभी अंजना ओम मोदी निकला था।
इस पर विचार करिए। पत्रकार का काम सत्ता की चाकरी करना नहीं होता। विश्व गुरु की चमचागरी करना नहीं होता। पत्रकार का काम आम आदमी की समस्या को उठाना होता है। उसके दुख दर्द की बात करना होता है। काश यह बात आपको और आपके चैनल को समझ में आ जाए तो बहुत सही रहेगा। पुनः प्यार से मैं कहना चाहता हूं। मैं डरने वाले लोगों में से नहीं हूं। आज तक चैनल हो या आज तक चैनल का बाप कोई चैनल हो। मैं किसी से डरता नहीं। सच की बात कहता हूं। होंगे आप आज तक। हम आने वाले
कल तक हैं। इतिहास हमारा लिखा जाएगा। वर्तमान हमारा है और भविष्य भी हमारे जैसे लोगों का रखा जाएगा। गोदी मीडिया का कोई भविष्य इतिहास नहीं है। वर्तमान नहीं है। और भविष्य तो होगा ही नहीं। जय हिंद। मैं