अस्सलाम वालेकुम वेलकम टू क्लास नंबर 22 बैच नंबर 40 हमारा इससे पहले जो चीजें हमने पढ़ी है वीएसए में बैच नंबर 41 ने भी हम चीजें पढ़ चुके हैं जी सेलिंग क्लाइमेक्स का बेसिकली हमने अभी तक डिस्कस किया है और सेलिंग क्लाइमेक्स का सिनेरियो नंबर वन सिनेरियो नंबर टू सिनेरियो नंबर थ्री और सिनेरियो नंबर फोर कह लें या आप उसको ऑटोमेटिक रैली कह लें। ये चीजें हमने अभी तक डिस्कस की हैं और डिटेल से इनको पढ़ा है। इसमें जो रूल्स आपको बताए हैं उन्हीं रूल्स को आपने फॉलो करना है। उसमें आपको फायदा ये होगा सेम
टू बिल्कुल सेम रूल्स पे रहने का आपको फायदा ये होगा कि आपका अकाउंट भी क्योंकि मेरा अकाउंट उन्हीं रूल्स के साथ ग्रो कर रहा है तो आपका भी उन्हीं रूल्स के साथ ग्रो कर सकता है। दो तरह के लोग ट्रेडिंग में कामयाब हो सकते हैं। एक वो कि जो किसी की स्ट्रेटजी को जो उसने बढ़ाई है, बढ़ाई है या जिस पे वो काम कर रहा है, उसको आप बिल्कुल मनो कॉपी कर लें। जिस तरह वो कर रहा है, सेम रूल्स के साथ आप भी काम करें। तो, अगर उसका अपना अकाउंट प्रॉफिट में है, तो आपका
भी अकाउंट जाहिर है प्रॉफिट में जाएगा। अगर आप सेम रूल्स को फॉलो कर रहे हैं। सेम ट्रेड्स का होना जरूरी नहीं है कि सेम ट्रेड्स हो। ट्रेड्स डिफरेंट भी हो सकती हैं। डिफरेंट टाइम फ्रेम पे भी हो सकती हैं। लेकिन रूल्स सेम होने चाहिए। और दूसरा बंदा वो कामयाब हो जाता है जो फिर अपनी रिसर्च में लग जाए। उसको जाहिर है टाइम काफी लगेगा। लेकिन जो खुद चीजें वो मैनेज करेगा। खुद से अपने रूल्स बनाएगा। फिर उस पे उसको बैक टेस्ट करेगा। फिर उनके साथ स्ट्रिक्टली उनपे काम करेगा डिसिप्लिन के साथ। तो वह बंदा भी
अच्छा काम कर लेता है। लेकिन दूसरे वाले को टाइम ज़रा लग जाएगा तीन 4 5 साल। पहले वाला पहले साल में ही प्रॉफ़िट में आ जाएगा। तो इसलिए मैं बार-बार आपको कहता हूं कि रूल्स आपने चेंज नहीं करने हैं। जो रूल्स बता रहा हूं उन पर रहें। अच्छा जी। अब आज हमने क्या पढ़ना है? पहले आपको पहली क्लास में ही बताया था कि वीएसए में दो तरह के साइन होते हैं। पहले साइन को हम कहते हैं साइन ऑफ स्ट्रेंथ। ठीक है जी? ये होते हैं साइन ऑफ स्ट्रेंथ। इसको हम एसओएस लिखते हैं या बोलते हैं
दूसरे होते हैं एस ओ डब्लू। साइन ऑफ वीकनेस। अच्छा। इंपॉर्टेंट चीज क्या थी कि साइन ऑफ स्ट्रेंथ कब अच्छा काम करते हैं? तो आपको ये बात पता होनी चाहिए। देखिए साइन ऑफ स्ट्रेंथ बना था। अभी आपको मैं चेक भी करवाऊंगा। लेकिन उस साइनोस स्ट्रेंथ ने अच्छा काम नहीं किया। हां ये आपको मैंने बताया हुआ है कि जो टाइम फ्रेम्स होता है बल्कि ये अभी हमने पढ़ना है। बताया सरसरी सा है। अभी हम इसको डिटेल से पढ़ेंगे कि जो ये टाइम फ्रेम्स होते हैं ना ये वाले 1 मिनट 3 मिनट 5 मिनट 15 1 ऑवर इनकी
अपनी एक मखूस रेंज होती है। तो उस रेंज तक प्राइस आपको टारगेट देती है। अक्सर देती है अमूमन देती है। इवन अगर आप अगेंस्ट द ट्रेंड जा रहे हैं। यानी साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ आपको देखने हैं अप ट्रेंड की रिट्रेसमेंट में। ये बात बहुत दफा पढ़ ली है। अप ट्रेंड रिट्रेसमेंट। तो, यहां पे आपने देखना है वह रिट्रेसमेंट स्ट्रक्चर लेवल की भी हो सकती है, वह डीप फ्लो की भी हो सकती है। तो, यहां पे आपको साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ मिलेंगे। यहां से आप इसको प्ले करेंगे। तो, यहां पे इनकी एक्यूरेसी बहुत ज्यादा होगी। ठीक है जी?
अगर यही साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ आप गिरती हुई मार्केट में प्ले कर रहे हैं। प्राइस प्राइसेस नीचे आ रही हैं। यहां पे साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ बनता है। आप ट्रेड लेते हैं, तो प्राइस थोड़ी सी ऊपर जाएगी स्ट्रक्चर लेवल या मैक्सिमम अपने इस हाई तक ट्रेड देके फिर प्राइस ड्रॉप कर जाएगी। फिर साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ बनेंगे। फिर प्राइस यहां तक आएगी। यहां से फिर ड्रॉप कर जाएगी। आप देख रहे हैं आज भी ऐसा हो रहा है। कल भी ऐसा हुआ था। तो इसमें भी साइन ऑफ स्ट्रेंथ काम करते हैं। लेकिन इसमें आपके टारगेट्स छोटे होंगे। इसमें आपके
टारगेट्स बड़े होंगे। इसी तरीके से आज हम स्टार्ट करेंगे साइन ऑफ वीकनेस। साइन ऑफ़ वीकनेस अच्छा कब काम करते हैं? जब आपका बड़ा टाइम फ्रेम बेरिश है। अब आप जब भी प्राइस यानी जैसे यहां पे आपको बताया था कि अप ट्रेंड की रिट्रेसमेंट। तो यहां पे डाउन ट्रेंड, ठीक है जी? यानी एक डाउन वेव लगी, इंपल्स वेव इसकी जो रिट्रेसमेंट आएगी यहां पे, इसमें आप साइन ऑफ़ वीकनेस देखेंगे। ऐसे साइन बनते हैं। साइन ऑफ वीकनेस में ऐसे साइन होते हैं जो आपको यह बताते हैं कि प्राइसेस मजीद कंटिन्यू करेंगे ड्रॉप की तरफ। फिर एक इंपल्स
वेव लगी। यह आपकी इंपल्स वेव आ गई। इंपल्स के बाद फिर ये रिट्रेसमेंट छोटी सी रिट्रेटसमेंट रिट्रेसमेंट पे इस जगह पे आपको साइन ऑफ़ वीकनेस देखना है। तो जैसे आप साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ देखते हैं अप ट्रेंड के रिट्रेसमेंट में। ऐसे ही साइन ऑफ़ वीकनेस देखेंगे डाउन ट्रेंड के रिट्रेसमेंट में। अब यहां पे एक कंफ्यूजन आ जाती है अक्सर लोगों को। वो कंफ्यूजन यह होती है कि अगर आपको साइन ऑफ़ वीकनेस देखने हैं। मैंने कहा बड़ा टाइम फ्रेम बेरिश होना चाहिए। तो कितना बड़ा टाइम फ्रेम? क्या मंथली को बेरिश होना चाहिए? वीकली को डेली को फॉर
ऑवर किस टाइम फ्रेम को बेरिश होना चाहिए? तो देखिए एक बात याद रखें आप जिस टाइम फ्रेम में आप ट्रेड कर रहे हैं आप फॉर एग्जांपल ट्रेड कर देखिए हम गोल्ड पे ट्रेड करते हैं ना अगर आप करेंसी पर जाना चाहते हैं तो करेंसी में तो मैं आपको एक सीधा सा रूल बता देता हूं उसमें आपने ट्रेंड देखना होता है वीकली का और डेली का ठीक है ये दोनों अलाइन होने चाहिए एक साइड पे तो अब आप क्या करेंगे कंफर्मेशन से ज़ोन मार्क करेंगे फोर आवर का फोर आवर का ज़ोन और वन ऑवर की कंफर्मेशन
यानी यह आपके पास अप ट्रेंड है डेली वीकली आपके बुलिश चल रहे हैं। ठीक है जी। अब प्राइस नीचे आती है। यहां पे आपको कोई आपके पास 4 आवर का एफजी है 4 आवर का। ठीक हो गया? 4 आवर के एफजी पे आपको 1 घंटे की क्लाइमेटिक बार मिलती है और 1 घंटे में उसका यानी 1 घंटे का सेटअप बनता है। उसकी क्लाइमेटिक बार बनती है। उसका हाई ब्रेक हो जाता है। तो यह तरीकाकार है करेंसी का। करेंसी बहुत सिंपल है। आपको छोटे टाइम फ्रेम में आना ही नहीं होता। अब बात आ जाती है अगर
आप गोल्ड पे काम कर रहे हैं तो गोल्ड में इसमें आप क्या करेंगे? गोल्ड में तरीकाकार ये है कि आपने जिस टाइम फ्रेम पे काम करना है। फॉर एग्जांपल आप कहते हैं कि मुझे 5 फ्रेम मेरा फेवरेट टाइम फ्रेम 5 मिनट है। ठीक है? 1 मिनट पे मुझे भी थोड़ा सा होता है कि यह बहुत छोटा टाइम फ्रेम है। बहुत ही माइक्रो चीज है ये। तो 5 मिनट अच्छा स्टेबल है। यहां से स्टेबिलिटी शुरू हो जाती है। 15 मिनट बेस्ट है। 5 और 15 बहुत अच्छा काम करते हैं। तो अगर आपने 5 और 15 पे
काम करना है तो कम से कम आपका H1 तो बुलिश हो ना इस तरह। H1 तो बुलिश हो। अब प्राइस नीचे आएगी। 5 मिनट में नीचे आ रही होगी। लो ब्रेक करती हुई नीचे आ रही होगी। तो किसी जहां पे भी आपको 5 मिनट की क्लाइमेटिक बार मिलेगी। अगर आपके पास H1 का ज़ोन आ गया। यानी कोई H1 का लो आ गया है। H1 का एफजी आ गया। कोई ऑर्डर ब्लॉक आ गया। वहां पे 5 मिनट की क्लाइमेटिक बार बनी है। लो ब्रेक हुआ, हाई ब्रेक हुआ। आपने यहां से बाय कर लिया। तो इसका मतलब
यह है कि आपको ट्रेंड की अलाइनमेंट का वेट करना होता है। इसको ट्रेंड अलाइनमेंट कहते हैं या ट्रेंड का सिंक करना कहते हैं कि आपके पास जो बड़ा टाइम फ्रेम था वन ऑवर वो बुलिश है। ठीक है? छोटा टाइम फ्रेम बेरिश है। तो जब एक एरो ऊपर की तरफ जा रहा है, एक एरो नीचे आ रहा है। ऐसे में यह नो ट्रेड टाइम है। इसमें आपको ट्रेड नहीं करनी होती असल में। जब तक कि कोई खास किस्म का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट ना आ जाए। जैसे यह स्ट्रक्चर लेवल है। यहां पर कोई एफजी है या नीचे
यह इसका स्ट्रक्चर का लो है। प्राइस यहां पे लिक्विडिटी रिसीव करती है। लिक्विडिटी की बात इसलिए मैं कम करता हूं। अभी आपने पढ़ी नहीं है। प्राइस लिक्विडिटी रिसीव करती है। लिक्विडिटी रिसीव करके यहां पे क्लाइमेटिक बार बनती है। उसका हाई ब्रेक कर देती है। तो बहुत जबरदस्त आ गया ना कि H1 का पॉइंट ऑफ़ इंटरेस्ट 5 मिनट की कंफर्मेशन। तो यहां से आप ट्रेड कर लें। अगर आप 4 ऑवर को देख रहे हैं तो 4 आवर बुलिश। अगर आप 15 मिनट में काम करते हैं तो 4 ऑवर को बुलिश होना चाहिए। 4 ऑवर बुलिश है।
अब आप 15 मिनट पे आ जाए। यहां पर आपने देखा कि जी ये 4 ऑवर का लो है। तो प्राइस 15 मिनट में लो ब्रेक करती हुई यहां पे आ जाती है। जब तक यह लो ब्रेक कर रही है आप ट्रेड नहीं करेंगे 15 मिनट में। उसकी वजह क्या है कि एक एरो आपका 4 ऑवर वाला यानी बड़ा ट्रेंड वो बुलिश है और छोटा ट्रेंड जो है आपका वो बेरिश है 15 मिनट वाला। अब दो सूरतें हैं ट्रेड करने की। इसमें भी दूसरी सूरत भी आपको बतानी है। पहली सूरत ये है कि बहुत स्ट्रांग किस्म
का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट आ जाए। ये पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट बहुत अच्छा है। लिक्विडिटी इन्वॉल्व होती है या फिर ये पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट अच्छा है स्ट्रक्चर लेवल वाला। तो जहां पे भी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट आ गया। क्लाइमेटिक बार बन गई। लो ब्रेक हुआ, हाई ब्रेक हुआ। आपने यहां से बाय कर लिया। इसको अब आप होल्ड करेंगे। यह आपकी H4 के साथ ट्रेड चलेगी। H4 का पुश उसका ट्रेंड उसको उठा के लेके जाएगा। दूसरा तरीका क्या होता है? वो स्ट्रक्चर बेस्ड होता है। यह प्राइस नीचे आ रही है 15 मिनट में। आपने देखा जी हमारा आखिरी जो
हाई है वो ये है। इसलिए हम कहता था कि नीचे आती है मार्केट में। आपको अपना कंफर्म हाई पता होना चाहिए। जैसे ही यह ब्रेक होगा स्ट्रक्चर ब्रेक हो गया। तो अब आपको पता है कि अब आपका एलाइनमेंट हो गई है। यह भी अपसाइड है स्ट्रक्चर और यह जो बड़ा टाइम फ्रेम था यह भी अपसाइड है। तो अब आप यहां से ट्रेड स्टार्ट कर सकते हैं वॉल्यूम की कंफर्मेशंस को देखते हुए। तो यह अभी आपको मैं थोड़ा-थोड़ा सिर्फ ना रोज पहले 5 7 मिनट सिर्फ थोड़ा सा तारुफ दे देता हूं ताकि आपको पता चल जाए
कि हमने ट्रेड को मैनेज कैसे करना है कब एंट्री लेनी है कब नहीं लेनी आप 5 मिनट पे करना चाहते हैं तो H1 को फॉलो करें H1 को बुलिश होने दें हां जब तक H1 बुलिश नहीं है H1 आपका नीचे गिर रहा है आपको बुलिश ट्रेड मिल रही है 5 मिनट पे यहां से तो ट्रेड कर लें छोड़ें ना आज भी हमने नहीं छोड़ी 3 मिनट पे लेकिन उसकी जो रेंज होती है ना जो उसके पिप्स की रेंज होती है 5 मिनट की रेंज होती है 25 से 30 पिप्स ये लें और पेश आउट हो
जाए क्योंकि आप अगेंस्ट द ट्रेंड जा रहे हैं जो भाव नीचे आ रहा था इस भाव के अगेंस्ट है हां सेल सेल की ट्रेड आपको अच्छी ऊपर से मिल जाए तो वहां उसको आप होल्ड कर सकते हैं क्योंकि वो H1 का ट्रेंड आपको बता रहा है कि सेल होगा। तो इस तरीके से आपने चलना है। इंशाल्लाह इसको हम डिटेल से पढ़ेंगे अपने नेक्स्ट फज़ में। अभी आपको बताने वाली चीज़ सिर्फ ये थी कि अपटेंड की रिट्रेसमेंट साइन ऑफ स्ट्रेंथ। अपटेंड की रिट्रेसमेंट साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ और गिरती हुई मार्केट की रिट्रेसमेंट पे साइन ऑफ़ वीकनेस। फिर
प्राइस नीचे आती है फिर रिट्रेसमेंट आती है तो साइन ऑफ़ वीकनेस। तो, यह साइन ऑफ़ वीकनेस की जगह है। आज हमने यह पढ़ना शुरू करना है। अब इसी तरीके से आपको एक चीज़ और बताई थी कि जैसे जब भी कोई सेल की कैंडल्स बन रही होती हैं, तो इसमें एक कैंडल बनती है जिसका वॉल्यूम काफी बड़ा होता है। अल्ट्रा हाई वॉल्यूम आ जाता है। सेल की कैंडल होती है। सेलिंग बैकग्राउंड होता है। बिग स्प्रेड कैंडल होती है। उसको हम कहते हैं कि ये हमारा सेलिंग क्लाइमेक्स है। यानी इतनी ज्यादा प्राइस सेल हुई है कि अब
क्लाइमेक्स आ गया है। प्राइस को अब बहुत ज्यादा ड्रॉप नहीं देना चाहिए। यही मतलब बताया था आपको। दूसरा आपको यह बताया था कि इसको हम क्लाइमेटिक एक्शन बार भी कहते हैं। लेकिन क्लाइमेटिक एक्शन बार सेल की कैंड में भी हो सकती है, बाय की भी हो सकती है। वो तो दोनों तरफ उसको हम क्लाइमेटिक बार कहते हैं। तो आप इसको याद रखें। इसको आप कहते हैं सेलिंग क्लाइमेक्स। ठीक है जी? सेलिंग क्लाइमक्स इसको कहते हैं आप। अब जो चीज हमने पढ़नी है वो है बाइंग क्लाइमेक्स। पहले मैं यहां पे आपको सेलिंग क्लाइमेक्स के वो रूल्स
लिख देता हूं। उसी को हम चेंज कर लेंगे बाइंग क्लाइमेक्स में। पहला रूल क्या था? सेलिंग क्लाइमेक्स के लिए सेलिंग बैकग्राउंड। ये रूल बताया था आपको कि सेलिंग बैकग्राउंड होना चाहिए। ट्रेंड बुलिश हो लेकिन बैकग्राउंड में सेलिंग आ रही हो। नंबर टू सेल की ही कैंडल होनी चाहिए। बाय की कैंडल में सेलिंग क्लाइमेक्स नहीं आ सकता। अरूज जो है ना सेलिंग का अरूज वो बाय की कैंडल में हो नहीं सकता। वो सेल की कैंडल में ये रोज आएगा। नंबर थ्री बिग स्प्रेड और नंबर फोर अल्ट्रा हाई वॉल्यूम। ये चार रोल्स आपको बताए सेलिंग क्लाइमेक्स के
लिए। ठीक है? इन्हीं को अब हम कॉपी कर लेते हैं इधर अपने पास साइन ऑफ़ वीकनेस के लिए। तो साइन ऑफ़ वीकनेस का पहला रूल क्या होना चाहिए? सेलिंग बैकग्राउंड की जगह आ जाएगा बाइंग बैकग्राउंड। ठीक है जी? सिर्फ इसको हम उसका अक्स निकाल लेंगे बस। बाइंग बैकग्राउंड। नंबर टू बाय की ही कैंडल होनी चाहिए। सेल की कैंडल में तो बाइंग क्लाइमेक्स नहीं आएगा। बाय कैंडल होनी चाहिए। नंबर थ्री बिग स्प्रेड कैंडल। नंबर फोर अल्ट्राई वॉल्यूम। बाकी सब चीजें सेम हैं। अब इसमें एक चीज़ समझने वाली है हर किसी वो मैंने पॉइंट नंबर फाइव ऐड
नहीं किया हुआ है जानबूझ के पॉइंट्स भी ज्यादा हो जाएंगे और दूसरा ये कि वो इतना इंपॉर्टेंट नहीं है जितने ये चार पॉइंट्स इंपॉर्टेंट है। वो चीज ये है कि अगर आपके पास सेलिंग क्लाइमेक्स बन रहा है तो सेलिंग क्लाइमेक्स की शेप ये होनी चाहिए। अच्छा सेलिंग क्लाइमेक्स वो होता है जिसके नीचे बड़ी विक होती है। कम से कम आधी कैंडल की विकक होती है। वो बहुत स्ट्रांग सेलिंग क्लाइमेक्स इसको यानी आतिफ सर आतिफ को आप जानते होंगे। बैच 40 वाले 41 वाले नहीं जानते। वो कहते हैं जी ये खानदानी कैप बन गई है। ठीक
है? खदानी क्लाइमेटिक बार बन गई। यानी कि बहुत अच्छा काम करने वाली। इसी तरीके से अगर आपके पास बाइंग क्लाइमेक्स बन रहा है तो बाइंग क्लाइमेक्स की शेप यह होनी चाहिए। ऊपर बड़े वीक हो और नीचे कैंडल हो इस तरह ये यानी जिस साइड पे देखिए अब क्लाइमेक्स सेलिंग क्लाइमेक्स का मतलब है कि जितनी सेल होनी थी प्राइस हो गई। उसके बाद बाइंग आनी चाहिए ना। तो फ़ौरन से इसमें बाइंग आ जाती है। और बाइंग क्लाइमेक्स जो है उसका मतलब है कि बहुत ज्यादा प्राइस बाय हुई है। बहुत ज्यादा इस तरह की कैंडल्स बनाती हुई
ऊपर जा रही है। इस तरह तो टॉप पे जाके एक बाइंग क्लाइमेक्स आएगा। जिसकी शेप भी अगर ऐसी होगी तो बहुत अच्छी बात है। लेकिन अगर ऐसी शेप आ जाती है तो फिर तो भी ट्रेड करने का तरीका नहीं बदलेगा। ट्रेड करने का तरीका वही है। यानी इसकी शेप ऐसी हो जाती है तो भी ट्रेड उसी तरीके से होगा। वही आप ट्रिगर लाइंस लगाएंगे पहले नीचे वाली और वही ट्रिगर लाइन लगाएंगे पहले ऊपर वाली और उसके बाद फिर अगला काम शुरू होगा। अच्छा अब हम एक सिनेरियो यहां पे बना लेते हैं। पहले मुझे ये बताएं
जो इंट्रोडक्शन था इसकी आपको समझ आई है? इसमें कोई क्वेश्चन तो नहीं है आपका इस तरीके से। इसकी समझ आई है तो मुझे बताएं। यस नो कर देंगे मुझे आईडिया हो जाएगा। चल ठीक है। थैंक यू। अच्छा इसको अब हम डिलीट कर देते हैं जी यहां से। सिर्फ ये जो चार हमारे बाइंग सेलिंग बाइंग क्लाइमेक्स जो है इसके रूल्स को सामने रखते हैं। अब इस पे हम काम करते हैं। अच्छा जी। क्या होना चाहिए था? पहली चीज है कि बाइंग बैकग्राउंड होना चाहिए। तो बैकग्राउंड बाइंग होना चाहिए। लेकिन ट्रेंड सेल का होना चाहिए। आपको पता
है कि सेल के ट्रेंड में ही आपने साइन ऑफ वीकनेस देखना होता है। तो सेल के ट्रेंड से क्या मुराद है कि प्राइस नीचे ही ड्रॉप नीचे आ रही होगी इस तरह। ठीक है जी। चलिए अब हम एक काम करते हैं। यह बना ली एक वेव। उसके बाद रिट्रेसमेंट आ गई। और रिट्रेसमेंट के बाद प्राइस ने दोबारा यह लो ब्रेक कर दिया। अब आपको क्लियर नजर आ रहा है बिल्कुल कि यह एक सेल ट्रेंड चल रहा है। चल जी इस तरीके से। ठीक हो गया? यह सेल का ट्रेंड चल रहा है। अब आपने क्या देखा
के आपके पास यह इंपल्स वेव है यहां से लेके और यहां तक यह इंपल्स वेव लग गई। आपको पता चल गया कि प्रीवियस यह लो था। ये आपका लो था यहां पे। प्रीवियस वो ब्रेक करके प्राइस नीचे आई है। इसका मतलब है कि ब्रेकआउट स्ट्रक्चर हो गया या प्राइस कंटीन्यूअसली ये शेप बनाती हुई आ रही है। अब बाइंग क्लाइमेक्स कैसे बनेगा? बाइंग क्लाइमेक्स इस तरह बनेगा कि अब बैकग्राउंड में बाइंग स्टार्ट हो गई। यहां से ये ऐसे बाइंग स्टार्ट होगी बैकग्राउंड में। ठीक हो गया? इस तरह ऊपर आती हुई मार्केट में इसमें सेल की कैंडल्स
भी बन सकती हैं साथ-साथ। लेकिन मोस्टली बाय की कैंडल्स होंगी क्योंकि प्राइस ऊपर आ रही होगी। अब यहां पे आके एक अब एक ऐसी कैंडल बनती है। पहले हम शेप की बात कर लेते हैं कि जो इस तरह आपको नजर आती है। ऐसे ठीक हो गया? अब इस कैंडल को अगर आप देखें अभी मैं लिक्विडिटी की बात नहीं कर रहा लेकिन आप देखेंगे कि इसने प्राइस ने प्रीवियस जो हाई था इसके ऊपर एक विक लगा दी है। ऐसी जो क्लाइमेटिक एक्शन बार होती है जो प्रीवियस किसी हाई की या किसी लो की लिक्विडिटी को स्वीप
करती है। लिक्विडिटी क्या होती है? डिटेल से आपको बताया जाएगा। अभी आपने सिर्फ यह याद रखना है कि हर हाई के ऊपर या हर लो के नीचे लिक्विडिटी होती है। वहां पे लोगों के पेंडिंग ऑर्डर्स होते हैं, स्टॉप लॉस होते हैं, पेंडिंग ऑर्डर्स होते हैं, बाय लिमिट्स होती हैं, सेल लिमिट्स होती हैं। तो यानी इस जगह पे बहुत से ऑर्डर्स होते हैं। ठीक हो गया? तो ऐसी बाइंग क्लाइमेक्स ज्यादा अच्छी होती है। अब पहली शर्त क्या थी? बाइंग बैकग्राउंड। तो बैकग्राउंड तो बाय का बन गया। ट्रेंड तो सेल का है लेकिन बैकग्राउंड बाय का है।
पीछे से बाइंग होती हुई आ रही है। ठीक हो गया? पहली चीज़ हमारी पूरी हो गई। दूसरी शर्त क्या थी हमारे पास? के बाय की कैंडल होनी चाहिए। तो, यह सब के सब कैंडल्स जितनी भी आपको मैंने दिखाई हैं, यह सब बाय की कैंडल्स हैं। तो, इसमें तो हमारी कोई शर्त यानी पूरी है, हर कैंडल में शर्त पूरी है। सब बाय की कैंडल्स हैं। नंबर थ्री, बिग स्प्रेड कैंडल होनी चाहिए। तो, बिग स्प्रेड कैंडल के लिए अगर हम देखें, तो इस कैंडल का और इससे पिछली कैंडल का साइज़ तकरीबन बराबर है। यह लें। या हो
सकता है कि पिछली कैंडल का साइज़ और बड़ा हो। इस तरह कर लें। पिछली और बड़ी है, लेकिन अब हम देख रहे हैं कि इसका भी साइज़ तो अच्छा है। इसका भी साइज़ अच्छा है। तो, इसमें हम कैसे डिफरेंशिएट करेंगे? तो आखिरी चीज़ जो है अल्ट्रा हाई वॉल्यूम। तो यह चौथी चीज जो है वह इन सब चीजों का फैसला कर देगी कि जिसका वॉल्यूम सबसे हाई होगा वही हमारी क्लाइमेटिक एक्शन बार होगी। ये ले जी अब अल्ट्रा हाई वॉल्यूम किस में आ रहा है? वो आ रहा है जी हमारा कैंडल नंबर थ्री में। 1 2
3 तो तीसरी जो कैंडल थी यह वाली इसमें हमारा सबसे बड़ा वॉल्यूम है। इसको हम कहेंगे कि यह हमारी बाइंग क्लाइमेक्स है या क्लाइमेटिक एक्शन बार है। बस फर्क क्या है कि क्लाइमेटिक एक्शन बार कहूंगा तो सुनने वाले को समझ नहीं आएगी कि सेल की बनी है कि बाय की बनी है। लेकिन अगर मैं कहूंगा बाइंग क्लाइमेक्स तो सबको पता है कि ऊपर जा रही है प्राइस और बाइंग क्लाइमेक्स आ गया। एक बड़ा वॉल्यूम आ गया बाय की कैंडल में। यहां तक क्लियर हो गया। अब आपने मुझे एक बात बतानी है आपसे क्वेश्चन में करने
लगा हूं। आपको पता है कि जब क्लाइमेटिक एक्शन बार बन जाती है तो सबसे पहला काम आप क्या करते हैं? उसके ट्रिगर लाइंस लगाते हैं। ये इसके हम ट्रिगर लाइंस का हम कलर चेंज कर लेते हैं। जी ब्लैक कर लेते हैं। ये आ गई हमारी अपर ट्रिगर लाइन और ये आ गई हमारी लोअर ट्रिगर लाइन। अच्छा जी आपसे क्वेश्चन यह है कि यहां से प्राइस डाउन आती है और इसका लो ब्रेक कर देती है इस तरह तो आप में से कोई बता सकता है कि यह कौन सा सिनेरियो बन रहा है इसमें हम सेल देखेंगे
ना जाहिर है अब हमारी यह डाउन ट्रेंड था डाउन ट्रेंड के रिट्रेसमेंट में क्लाइमेटिक एक्शन बार बन गई उसका हाई इस तरीके से आप देख लें मैं इसको डिलीट कर देता हूं लाइन को यह इसके ऊपर इसने एक हाई लगाया प्राइस ने। उसके बाद इसका लो ब्रेक कर दिया। और जो लो ब्रेक किया है आपको जैसे बताया कि ब्रेकआउट रूल आपने हमेशा याद रखना है। और ब्रेकआउट रूल यह होता है कि प्राइस लो वॉल्यूम से और मोमेंटम कैंडल के साथ लो ब्रेक करती है। लेकिन बड़ी नहीं होना चाहिए। कई बार ऐसा इस तरह होता है।
आज भी इस तरह हुआ है कि आपको अपने रूल्स की वजह से ट्रेड मिस हो जाती है। आपके कुछ रूल्स स्ट्रिक्ट होते हैं। ट्रेड मिस हो जाती है। कल हुई थी हमारी एक ट्रेड वो हमने जानबूझ के नहीं ली। मैं उस वक्त वैसे नहीं था। लेवल जानबूझ के नहीं ली क्योंकि उसमें क्या था कि जो ब्रेकआउट तो हो गया बाइंग क्लाइमेक्स का लेकिन विक काफी बड़ी आ गई इस तरह काफी बड़ी रिजेक्शन आ गई उसके बाद नेक्स्ट कैंडल ने एक बहुत बड़ी मोमेंटम कैंडल बना दी तो फिर हम स्टॉप लॉस की वजह से उस ट्रेड
से रह गए उसको हमने ट्रेड नहीं किया लेकिन रूल्स की वजह से समटाइम्स ट्रेड मिस हो सकती है उससे आपने घबराना नहीं है क्योंकि ट्रेड एक दिन में दो-तीन ट्रेड्स आराम से बन जाती हैं आपके स्ट्रिक्ट रूल्स पे भी शाम को 20 सुबह को भी बस ये है कि आप घंटे बाद चेक करते रहें चार्ट के क्या बन रहा है उससे घबराना नहीं है आप लोगों ने चैट में अब ये बताना है कि ये कौन सा सिनेरियो कहना चाहिए हमें वन है टू है थ्री है कौन सा है हां जी ठीक है जी टू और
थ्री है वन वालों का तो जवाब बिल्कुल ही गलत है आप लोगों को तो समझ नहीं आई आप लोगों ने क्लासेस दोबारा से देखनी है ठीक है जी जो लोग कह रहे हैं कि सिनेरियो नंबर वन बन गया है आप लोगों ने ये करना है कि आप लोगों ने जो वीएस की क्लासेस हैं जहां से वो स्टार्ट हुई हैं वहां से दोबारा रिकॉर्डिंग देखना शुरू करनी है क्योंकि मुमकिन है आप लोग लेट आपने ज्वाइन किया हो या कोई और वजह हो तो आप लोग रिकॉर्डिंग दोबारा देखेंगे। जो लोग कह रहे हैं सिनेरियो नंबर टू है
आपका जवाब ठीक है। जो लोग कह रहे हैं सिनेरियो नंबर थ्री है। टेक्निकली आपका जवाब भी ठीक है। ठीक है? हुआ क्या है कि टू और थ्री में एक छोटा सा फर्क होता है कि टू में प्राइस सिर्फ विक लगाती है। जो अपर ट्रिक लाइन होती है। इसके ऊपर सिर्फ विक लगती है। बॉडी ऊपर क्लोज नहीं होती। यहां पे थोड़ी सी बॉडी भी क्लोज हुई हुई है। तो दो और तीन दोनों का जवाब ठीक है। क्योंकि दो वाले इसलिए कह रहे हैं कि यह बिल्कुल दो पे ऊपर उसके क्लोजिंग दी है तो उसको हम क्लोजिंग
नहीं मानते। इसको हम सिर्फ़ स्वीप मानेंगे। उनकी बात भी ठीक है और जो इसको भी कह रहे हैं कि नहीं ये भी क्लोजिंग तो हुई है भले एक पिप से हुई है क्लोजिंग तो हुई है तो मैं इसको सिनेरियो नंबर थ्री ही मानूंगा क्योंकि क्लोजिंग तो हुई है बहाल ट्रिगर लाइन के ऊपर चाहे वो दो चार पिप से ही हुई है तो जब क्लोजिंग हो जाती है तो फिर वो मतलब यही है कि आपकी ट्रिगर लाइन ब्रेक हो गई है तो इसको ये स्ट्रांग सिनेरियो है ठीक है अगर सिर्फ इसने बॉडी ऊपर क्लोज ना की
होती सिर्फ पिक लगा देती तो फिर सिनेरियो नंबर टू था लेकिन आप दोनों का जवाब ठीक है टू और थ्री दोनों का जवाब ठीक है क्योंकि यह मैंने जान बुझ के थोड़ा सा कंफ्यूजिंग था मुझे आईडिया था कि इसमें लोग कंफ्यूज होंगे लेकिन कोई मसला नहीं है सब्जेक्टिव चीज है आप इसको टू में लेना चाहें, थ्री में लेना चाहें, ट्रेड तो आपकी यहां से सेल की बन गई। इस तरीके से आप इसको सेल करेंगे और ऊपर आपका इससे इसके ऊपर आपका स्टॉप लॉस आएगा। स्टॉप लॉस छोटे करने के लिए अभी आपको चीजें बताऊंगा मैं। सीएसटी
भी होगी उसमें। उससे भी आपका स्टॉप लॉस छोटा बनेगा। उसके अलावा टू बार रिवर्सल होगा। एफर्ट फिर से रिजल्ट होगा। उन चीजों को अगर आप काम में लेके आएंगे आगे पढ़ने के बाद तो स्टॉप लॉस आपके छोटे होंगे। अब इसमें एक चीज़ याद रखें कि अगर आपका सेटअप ट्रेंड के साथ है। ठीक है? अगर आप चाहे फॉर एग्जांपल ट्रेंड बुलिश है बल्कि रेड कलर में ट्रेंड बुलिश नहीं होता। जी आपका अगर ट्रेंड बुलिश है तो आपकी जो वीक कंफर्मेशंस है ना वीक वीक कंफर्मेशंस वो भी अच्छा काम कर देंगी। ये भी चलेंगी। ठीक है? यानी
आपने किसी छोटे कोई गलत ट्रेड ले ली आपने। आपने किसी कमजोर से एविडेंस पर ट्रेड करी वो भी चलेगी। और अगर आप अगेंस्ट द ट्रेंड जा रहे हैं यानी ये बुलिश है और आप सेल करने की कोशिश कर रहे हैं तो फिर आपकी जो स्ट्रांग कन्फर्मेशन है वो भी फेल हो जाएगी। स्ट्रांग कन्फर्मेशन भी आपकी फेल हो जाएगी। समझ आ गई जी? तो इसलिए इस चीज का बहुत ख्याल रखना है कि ट्रेंड का बहुत ख्याल रखना होता है आपने। अच्छा अब इसको अब हम एक दफा चार्ट पे देखेंगे सब चीजों को। पहले चार्ट पे देखते
हैं उसके बाद अगली बात करते हैं। अच्छा जी चार्ट के लिए हम 5 मिनट का टाइम फ्रेम है। इसमें मैंने यह कुछ एग्जांपल्स आज ही की मैं आपको गोल्ड पे दिखाता हूं। आज की भी दिखाता हूं, कल की भी दिखाता हूं। मैंने एक दो एग्जांपल्स मार्क की हुई हैं। अब आप एक चीज़ जानते हैं बाय चांस हमारे पास इस टाइम जो ट्रेंड है वो डाउन ट्रेंड चल रहा है। ये देखिए ना प्राइसेस ऊपर से ड्रॉप देती हुई आ रही हैं। तो इसी एग्जांपल से हम स्टार्ट कर लेते हैं। अब आपको पता है कि मेन ट्रेंड
जो है आपका यानी 1 घंटे का ट्रेंड भी बेरिश है। 4 ऑवर भी बरिश है। तो 5 मिनट भी बेरिश है। यानी सब ट्रेंड्स जो है आपके वो डाउन साइड चल रहे हैं। चाहे वो 4 ऑवर है, चाहे वो 1 ऑवर है, चाहे वह 5 मिनट है। सब टाइम फ्रेम्स अलाइन है, सिंक्ड हैं। तो, वह बरिश ट्रेंड चल रहा है। अब इसमें क्या करना है आपने कि जब भी एक इंपल्स वेव लग गई आपके पास चलिए यहां पर देखते हैं। इंपल्स वेव लग गई। ठीक है? या यह वेव लग गई। उसके बाद रिट्रेसमेंट आ रही
है। तो रिट्रेसमेंट में आपने देखना है कि सबसे बड़ा वॉल्यूम किस कैंडल में आता है। चल इसको हम वॉल्यूम यहां पे ऑन कर लेते हैं। यह देखिए जी। अब यहां पे भी वॉल्यूम आया। ठीक है? लेकिन अब इस वॉल्यूम इसमें क्या मसला है? इस पे क्यों नहीं हमने ट्रेड की? अब यह देखें अजीब से तरीके से मार्केट ओपन हुई थी सुबह 3:00 बजे। तो 3:00 बजे गैप्स आ जाते हैं मार्केट में ना। अचानक से मार्केट ओपन होती है। गैप के साथ ओपन हो जाती है। तो इसको आप छोड़ दें। दूसरी बात ये है कि ये
तो डायरेक्टली नीचे ब्रेक हो गया। इस पे कोई ट्रेड नहीं है। सिनेरियो वन भी कंप्लीट नहीं हुआ। तो हम देखेंगे इसको यहां पे। यानी हमें पता है कि बरिश ट्रेंड है। प्राइसेस नीचे आ रही हैं। तो इस जगह पे आप देखें तो आपको ये बड़ा वॉल्यूम मिल रहा है। अब यहां पे प्रॉब्लम क्या आ रही है? कि प्राइस तो नीचे है। डाउन ट्रेंड है। डाउन ट्रेंड की रिट्रेसमेंट चल रही है। ठीक है जी। इस एफपीजी में रिट्रेसमेंट में प्राइस आ गई है। यहां पे आपको बाय का बड़ा वॉल्यूम भी मिल गया है। अब इसमें एक
प्रॉब्लम आ रही है कि इसकी शेप ऐसी नहीं है। इसकी तो ऊपर वीक होनी चाहिए भी किसके नीचे है तो इसमें आपने घबराना नहीं है क्योंकि ट्रेड करने का तरीकाकार डिफरेंट नहीं है। ट्रेड उसी तरीके से होगी। हां, इसका यह है कि थोड़ी सी एक्यूरेसी ड्रॉप हो जाती है इन चीजों से। अब यहां पे अगर आप देखें तो प्राइस ने आपने इसकी ट्रिगर लाइंस लगा ली। ट्रिगर लाइंस लगाने के बाद प्राइस ने पहले स्वीप किया इसको और उसके बाद हाई ब्रेक कर दिया। ठीक है जी। नीचे नहीं गई प्राइस अभी तक। इसने हाई ब्रेक कर
दिया। हाई ब्रेक करने के बाद प्राइस में काफी देर रेंज हुई है। 5 मिनट के हिसाब से तकरीबन सारा दिन आप रेंज होती रही है। रेंज होने के बाद शाम को इस जगह पे प्राइस ने इसका लो ब्रेक कर दिया। जिस कैंडल ने लो ब्रेक किया आपने उसका मोमेंटम देखना है। मोमेंटम कैंडल है और क्या यह लो वॉल्यूम कैंडल तो लो वॉल्यूम भी है। तो यहां से आपकी सेल बनती है। यहां से आप सेल करेंगे। सेल आपकी यहां से ही बनेगी। ऊपर से भी ये टू बार रिवर्सल्स बने हुए हैं स्ट्रांग किस्म के और जो
चीजें हैं सीआईएस जो हुआ इस जगह पे आके ये सब चीजें सेल बताती हैं ऊपर से भी। लेकिन अभी हम बात कर रहे हैं कि जो हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप है। यानी जो कंफर्म ट्रेड होगी कि अब यह सेल है। तो वह सेल इस जगह से है। ठीक हो गया जी। तो यहां से आपकी सेल है। स्टॉप लॉस आप यहां भी, यहां भी, यहां भी लेकिन सबसे अच्छा स्टॉप लॉस होता है इसका डेफिनेट हाई पे। डेफिनेट हाई पे क्यों स्टॉप लॉस अच्छा होता क्योंकि उसके ब्रेक होने के चांसेस तकरीबन खत्म हो जाते हैं टारगेट दिए बगैर।
ठीक हो गया? तो, यह आपका सेल का ज़ोन है और उसके बाद यह आपकी ट्रेड है। चल रही है। अभी तक भी चल रही होगी। ये देखें। ठीक है? जी। कितना बड़ा ड्रॉप है उसके बाद। ये देखते जाएं आप। अच्छा, अब मैं यह भी नहीं कहूंगा आपसे कि आप हर दफा इसको होल्ड करके बैठ जाएं। आप अपना दिन का टारगेट देखा करें। कल एक लड़का हमारे पास आया हुआ था। उन्होंने बताया जी के मैंने 20 स्टिप्स का टारगेट रखा हुआ है डेली। बस मैंने 20 पिप्स लेने हैं। कंफर्म स्ट्रेटजी उनकी अपनी कोई थी इसी हिसाब
से। लेकिन सबसे अच्छी चीज यह बंदा सक्सेसफुल क्यों है? क्योंकि 20 पप का टारगेट उसको पता है कि बस मैंने 20 पिप लेने हैं मार्केट से और आउट और लॉट वो बढ़ ही लेते हैं और फिर से स्टैंडर्ड फाइव स्टैंडर्ड लॉट्स इस तरह तो आप लोगों को यह पता होना चाहिए कि आपने लेना कितना है। जब आपको यह नहीं पता कि आपने टारगेट आपका क्या है 20 पिप्स है या आपके अकाउंट का 1% है या आपके अकाउंट का 2% है। परसेंटेज में निकाल लें कि मुझे इतने परसेंट टारगेट चाहिए या आप पेप्स में निकाल लें
कि मुझे डेली इतने पेप्स चाहिए। दोनों ठीक है। तो उसमें आपने लेना है और वहां से आउट होना है। क्योंकि इसमें एक्यूरेसी इतनी अच्छी है कि यह आपको फेल नहीं करेगा यह सेटअप। मैं आपको खुद कह रहा हूं ना कि चल आप 95 भी छोड़ दें। आप 90% पे आ जाए। ह्यूमन एरर को या सम टाइम ट्रेड मिस हो जाती है या हम गलत कर लेते हैं। गलत ट्रेड पकड़ लेते हैं। उसको भी मार्जिन दे दें। 5 नहीं 10% दे दें। उसके बावजूद यह आपको बहुत अच्छे प्रॉफिट में रखेगी। अच्छा, यह आपका सेल है और
ऊपर आपका स्टॉप लॉस है। डेफिनेट हाई के ऊपर जो सेफ स्टॉप लॉस है जो कि हिट नहीं होगा। और उसके बाद फिर यह आपकी ट्रेड है। तो, यह पहला है। यह सिनेरियो थ्री बन रहा है इस जगह पे। ठीक हो गया? अब दोबारा देखें। देखिए डाउन ट्रेंड कंटिन्यू कर रहा है। ये प्राइस रेंज कर रही है। यानी अप ट्रेंड की ये देखिए डाउन ट्रेंड की रिट्रेसमेंट चल रही है। बेसिकली ये डाउन ट्रेंड था ना प्राइस नीचे आई थी। दोबारा इसने इंपल्स वेव लगाई। इस इंपल्स वेव के बाद ये इंपल्स वेव आई। इस इंपल्स वेव के
बाद ये सारी जो चीज़ है ये इसकी रिट्रेसमेंट है। प्राइस ऊपर आ रही है। ठीक है? इसी जगह पे दोबारा इसको अप्रोच कर रही है लाइंस पे। अब वहां पे आके दोबारा देखें आप एक दफा। दरमियान में भी हैं। देखिए ये वाला भी वॉल्यूम है। और भी वॉल्यूम्स आएंगे। लेकिन कुछ ऐसे होंगे जो ब्रेक ही नहीं हुए और कुछ ऐसे होंगे जो अच्छी जगह पे नहीं है। यानी उनके पीछे बैकग्राउंड में बाइंग नहीं है। तो बाइंग बैकग्राउंड बहुत जरूरी होता है। अच्छा जब यहां पे देखें तो यहां पे ये कैंडल है। ये पीछे पूरी बाइंग
बैकग्राउंड चल रहा है। हमारे पास पूरी इंपल्स ये जो है रिट्रेसमेंट की वेव आ रही है बड़े टाइम फ्रेम पे। बिल्कुल टॉप पे आने के बाद यानी स्ट्रक्चर लेवल पे आने के बाद ये स्ट्रक्चर लेवल भी है ना देखिए। पूरे स्ट्रक्चर लेवल पे आने के बाद यहां पे आपको ये फिर बड़े वॉल्यूम मिल रहे हैं। इससे पहले जो वॉल्यूम थे सब रेंज के वॉल्यूम्स थे। अब आप कह सकते हैं कि ये भी तो बड़ा वॉल्यूम था। यह बिल्कुल बड़ा वॉल्यूम था। लेकिन यह नीचे ब्रेक नहीं ना हुआ। ऊपर तो ब्रेक हो गया। नीचे तो ब्रेक
ही नहीं हुआ। फिर यहां पे फिर यह बड़ा वॉल्यूम आया। यह भी ऊपर ब्रेक हुआ। नीचे तो यह भी ब्रेक नहीं हुआ। इसलिए इस पे भी कोई ट्रेड नहीं है। ये बात आपकी ठीक होगी के बड़े वॉल्यूम्स तो आए हैं पीछे। यहां पे भी आया। यहां पे भी आया। यहां पे भी लेकिन जब वो ब्रेक ही नहीं हो रहा तो फिर हम उसको ट्रेड कैसे करेंगे? और रेंज के वॉल्यूम आपने नहीं लेने हैं। थोड़ा बड़ा जैसे ये बड़ा वॉल्यूम था। ये बड़ा वॉल्यूम था। इनको आपने कंसीडर करना है। तो ये वॉल्यूम बिल्कुल ठीक है। बड़ा
वॉल्यूम है। कैंडल भी अच्छी स्ट्रांग कैंडल है। इसके पीछे बाइंग बैकग्राउंड भी है। लेकिन इसका लो जो नहीं ब्रेक हुआ तो इसको आप ट्रेड नहीं कर सकते। उसके बाद फिर इससे बड़ा वॉल्यूम आ गया यह वाला। इसको अप ट्रेड कर सकते हैं। बिल्कुल। इसको अप ट्रेड कैसे करेंगे? इसकी आपने ट्रिगर लाइंस लगा ली। अपर ट्रिगर लाइन और इसकी लोअर ट्रिगर लाइन। अपर ट्रिगर लाइन स्वीप हुई है सिर्फ एक बार हल्की सी। ठीक है? अगर आप इसको मानते हैं, मैं इसको ऐसे इतना कंसीडर नहीं करता क्योंकि यह बहुत छोटा स्वीप है। स्ट्रोंगली स्वीप होना चाहिए। इस
तरह ऐसा स्वीप होना चाहिए। कम से कम 20 25 स्वीप का स्वप होना चाहिए। बहुत छोटा सा स्वीप हुआ है। अच्छा अगर आप इसको मानते हैं। ठीक है। फिर सब्जेक्टिव टाइप चीज आ गई है कि यह आप पे मैं छोड़ दूंगा कि आप इसको स्वीप मानेंगे या नहीं मानेंगे। बहाल एक दफा इसने लो ब्रेक कर दिया। फिर प्राइस अंदर आ गई। यह सिनेरियो वन बन गया। यह सिनेरियो वन बन गया। क्योंकि प्राइस ने हाई तो स्वीप नहीं किया। अगर किया आप कहते हैं कि यह ठीक है तो फिर आपकी मर्जी है। मैं इसको कंसीडर नहीं
करता इस तरीके से कि ये हाई स्वीप हुआ है। क्योंकि स्ट्रोंगली स्वीप होना चाहिए। अब उसके बाद प्राइस बड़ा वॉल्यूम आ गया। प्राइस नीचे ब्रेक कर गई। तो यह सिनेरियो वन बन गया आपका। तो सिनेरियो वन पे आपने डायरेक्ट से सेल नहीं करना। प्राइस का वेट करें। दोबारा ट्रिगर लाइन के अंदर जाए। अंदर जाने के बाद जब दूसरा ब्रेकआउट देगी मोमेंटम के साथ यह वाला जो ब्रेकआउट दिया है इस पे अब आप सेल करेंगे। स्टॉप लॉस आपका ऊपर आएगा दोबारा। देखिए प्राइस वापस गई है दोबारा। ठीक है? तो अगर आप इस हाई पर स्टॉप लॉस
रखेंगे हिट हो जाएगा। तो आप कोशिश करेंगे इनिशियल स्टॉप लॉस आपका डेफिनेट हाई पे ही होना चाहिए। उसके बाद आप इसकी देख लें कि जैसे ही यह ब्रेक हुआ है नीचे एक दफा यहां पे ब्रेक हुआ है। दूसरी दफा यहां पे ब्रेक हुआ। दोनों दफा जब भी ब्रेक हुआ है यहां पे भी और यहां पे भी। दोनों दफा इसका वॉल्यूम लो था और दोनों दफा अच्छी कैंडल थी। खासतौर पे पहले की बजाय दूसरी जो कैंडल थी ये बहुत अच्छे मोमेंटम से क्लोज हुई है। ये भी देख लें। उसके बाद ये भी हुई है। लेकिन इन
सबके वॉल्यूम्स जो हैं वो इस वाली से छोटे हैं। समझ आ गई? तो बस यही रूल होता है। ब्रेकआउट रूल पे आपने काम करना है। यहां से आपकी सेल लगेगी। ऊपर आपका स्टॉप लॉस आएगा। टीपी आप इसका 1:1 लें या आप इस पे क्योंकि ट्रेंड के साथ है तो होल्ड भी कर सकते हैं। ट्रेंड के साथ होल्ड करने का फायदा यह है कि आप बहुत दूर तक आप ट्रेड ले सकते हैं। उसके बाद दोबारा देखें जी बड़े वॉल्यूम्स कहां पे आ रहे हैं? ये बड़ा वॉल्यूम आ रहा है। ठीक है जी? ये बड़ा वॉल्यूम है।
अब इसमें क्यों नहीं हम लेंगे? क्योंकि इसलिए नहीं लेंगे। इसके पीछे कोई भी बैकग्राउंड नहीं है बाइंग का। यानी आपके ज़हन में सवाल आएगा। ये इसको क्यों नहीं ले रहे हम? इस कैंडल को क्यों? यह भी तो बड़ा वॉल्यूम है। इसकी एग्जांपल क्यों नहीं दे रहा? क्योंकि आपको पहचान होनी चाहिए कि ये क्या ये बाइंग क्लाइमेक्स है? तो क्या बाइंग क्लाइमेक्स गिरती ही मार्केट नहीं बनता है। बाइंग क्लाइमेक्स तो जाहिर है ऊपर जाती है मार्केट में बनेगा। जैसे कि यहां पे प्राइस ऊपर जा रही है। ऐसे बनेगा। ठीक है ना? तो इस चीजों का आपने
ख्याल रखना है कि ऐसे नहीं कि बड़ा वॉल्यूम बाय में आपके बाइंग क्लाइमेक्स आ गया। उसकी जगह देखें। यहां पे हो सकता है मुमकिन हो कि बाइंग क्लाइमक्स हो। यह एक बाइंग क्लाइमेक्स कहला सकते हैं। इसको आप बाइंग क्लाइमेक्स कह सकते हैं इसको। क्यों कह सकते हैं? क्योंकि इसके पीछे पूरी बैकग्राउंड है। बाइंग बैकग्राउंड है। सेल का ट्रेंड है। बाय का बैकग्राउंड है। इसके आप ट्रिगर लाइंस लगाएं। इसका यहां पे लो स्वीप हुआ। यह वो कर्व वाली ट्रेड है जो मैंने आपको बताया था कि मैं आपको बताऊंगा शुरू में कि यह ट्रेड हम नहीं ले
सके थे। अब इसको आप देखें क्यों नहीं ले सके? आपको वजह भी बता देता हूं। ये आपके पास एक बड़ा वॉल्यूम आ रहा है। अच्छा एक अजीब बात है मुझे इसकी समझ नहीं आती। अक्सर लोग जो YouTube पे खास तौर पे वीडियो देखते हैं वो कहते हैं कि इसमें वो सेल के वॉल्यूम्स काम नहीं करते। यानी सेल के लिए कोई स्ट्रेटजी फेल है। सेल में तो स्ट्रेटजी काम नहीं करती। हालांकि मैं आपको यह बिल्कुल देखिए कल परसों की ये आज की एग्जांपल है कल की। फिर अभी आज की भी दिखाऊंगा। उससे पिछले दिन की मुसलसल
दिखाता हुआ आ रहा हूं। जब से सेल ट्रेंड स्टार्ट हुआ है मौसम में गलती यह करते हैं कि बाय के ट्रेंड में वह सेल की कोशिश कर रहे होते हैं। तो अब सेल का ट्रेंड चल रहा है। बड़ा अच्छा काम कर रही है चीजें। अच्छा जी इसकी हो गई यह लोअर ट्रिगर लाइन। यह हो गई इसकी अपपर ट्रिगर लाइन। यहां पे प्राइस ने इसका हाई स्वीप कर लिया। चल ये स्वीप जो है वो एक्सेप्टेबल है। हम मान सकते हैं कि ये स्वीप हो गया। हाई हाई स्वीप हुआ। हाई स्वीप होने के बाद यहां पे अब
लो ब्रेक हुआ। लो तो ब्रेक हुआ। थोड़ी सी बॉडी नीचे क्लोज हुई है। लेकिन हमारे काम की नहीं है। हमें मोमेंटम कैंडल चाहिए। नेक्स्ट कैंडल मोमेंटम कैंडल के साथ ब्रेक हुई इस जगह पे ये। अब इसमें वॉल्यूम बड़ा आ रहा है। ठीक है? अगर हम वॉल्यूम को इस वजह से इग्नोर भी करें कि यह सेल के ट्रेंड में ही हम ट्रेड लेना चाह रहे हैं। जिस साइड पे वॉल्यूम है उस साइड पे काम करना चाह रहे हैं। और ये ऊपर इसने बड़ा वॉल्यूम एक दफा ब्रेक कर दिया तो ब्रेक करने के बाद ही बड़ा वॉल्यूम
आया तो फिर चल जाता है। लेकिन मसला क्या है कि यहां से अब ट्रेड करने का दिल नहीं करता फिर। उसकी वजह यह है कि ये बहुत ही बड़ा स्टॉप लॉस बन जाता है इस जगह पे और ऐसे टाइम में कि जब हम यानी यूएस सेशन के टाइम में उसमें फिर थोड़ी सी होती है मसला। क्योंकि बहुत बड़ा जब हो जाएगा फिर आप इसको कोशिश करते हैं कि छोटे टाइम फ्रेम में जाएं। रिफाइंड करें। कोई एफजी ऑर्डर ब्लॉक नजर आए तो वहां से इसको सेल करें। बहाल अगर इस चीज़ को आप देखेंगे यहां पे ब्रेकआउट
रूल भी ठीक नहीं था ना। अगर यह वाला हो भी जाता यानी अगर हम इस पे ट्रेड करना भी चाहते कि इतनी नीचे से हम ट्रेड कर लें। बिल्कुल लो पे आके हम इसको सेल करें। कर सकते थे। लेकिन अगर वॉल्यूम इतना बड़ा ना आता। यह भी एक मसला था हमारे लिए। तो इसलिए इसको हमने कल छोड़ दिया। इसको हमने ट्रेड नहीं किया। नीचे से बाय कर लिया था। अच्छा बाय के लिए ज़ोन कल बताया हुआ था। यह क्यों था? यह भी आपको मैं बता देता हूं कि यह आपके पास डेली का एफजी है। आप
यहां पे जाके देखेंगे ना सॉरी 1 ऑवर का। का वन ऑवर का एजी था इस जगह पे। तो वहीं से प्राइस उठी हुई है। यह मार्क था ज़ोन हमारे पास। अच्छा उसके बाद दोबारा प्राइस ऊपर जाना शुरू कर देती है। देखिए ना डाउन ट्रेंड है। डाउन ट्रेंड की दोबारा रिट्रेसमेंट आ गई। अभी इस रिट्रेसमेंट में ये बड़ा वॉल्यूम है ये वाला। लेकिन लो ब्रेक नहीं हुआ। हाई ब्रेक हुआ। प्राइस ऊपर चली गई। हमारा कोई सेटअप कंप्लीट नहीं हुआ। यहां पे क्या है? जी ये वाला है। इसका भी लो ब्रेक नहीं हुआ। ठीक है? इसका कोई
लो ब्रेक नहीं हुआ ना यहां पे। तो इसलिए अभी हमने इसको मार्क तो किया हुआ है। इससे बड़ा वॉल्यूम फिर आया ही नहीं इसके बाद। तो सबसे बड़ा वॉल्यूम यही था। इसका अब आपने ट्रिगर लाइन मार्क करके रखनी है। पहले इसका हाई ब्रेक हुआ। यहां पे तो लो ब्रेक हुआ ही नहीं ना। सिर्फ स्वीप हुआ। तो पहले हाई ब्रेक हुआ। हाई ब्रेक होने के बाद यहां पे लो ब्रेक हो गया। मोमेंटम कैंडल लो वॉल्यूम वॉल्यूम देखें कितना छोटा है और कैंडल भी ये मोमेंटम कैंडल है। ठीक है? ये वाली कर लें या पिछली वाली कर
लें जो भी करेंगे आप। तो अब इसमें आपकी यहां से दोबारा सेल हो गई है। ये सेल का ज़ोन है आपका और ऊपर आपका स्टॉप लॉस आ जाएगा और अभी ये ट्रेड अभी तो ये रिसेंट मार्केट चल रही है इस टाइम। ठीक है? वेल ये है कि इसने आपको एक अच्छा टारगेट कर दिया है। एक ट्रेड हमारी आज की और थी। अच्छा यहां पे ना एक और ट्रेड थी बल्कि जो आज हम नहीं कर पाए। यहां से थी। बिल्कुल एक्सैक्ट। अब यहां पर देखें किस तरह हमारी ट्रेड मिस हुई है। चंद पिप्स के फर्क से।
अब देखें प्राइस दोबारा उठी है। दोबारा ट्रिगर लाइंस पे आई है। यानी शाम को 5:00 बजे के बाद ये 5:00 बजे हैं। जी यहां पे ये 5:00 बजे का टाइम है। प्राइस इस ज़ोन के अंदर थी दोबारा। तो प्राइस ने अपर ट्रिगर लाइन को दोबारा टेस्ट किया। यहां फिर बड़ा वॉल्यूम आ गया। सॉरी ये नहीं था वो वॉल्यूम। वो वॉल्यूम सर जी ये वाला। देखिए। इसके बाद जिस पे हमने ट्रेड आपको बताई है। इसके बाद बड़ा वॉल्यूम आया यह वाला। ठीक है? सबसे बड़ा वॉल्यूम यह वाला। उसके बाद इसको हमने मार्क कर लिया। इसको मार्क
कर लिया। प्राइस ने इसका लो भी ब्रेक कर दिया यहां पे। अब यह जब लो ब्रेक हो गया, एक तो यह मोमेंटम कैंडल से नहीं हुआ। नीचे वीक है। अगली कैंडल का वेट किया कि इसकी वीक के नीचे क्लोज करे। इसकी वीक के नीचे भी क्लोजिंग आ गई। सब चीजें पूरी हैं। अब यहां पे ना एक छोटा सा एफएजी था। मोस्ट ऑफ़ द टाइम्स ये एफएजी प्ले होता है। प्राइस यहां पे विक लगाती है और फौरन से ड्रॉप दे जाती है। तो हमारी मेरी यहां पे लिमिट लगी हुई थी। ठीक है? नमाज़ का शायद टाइम
था। यहां पे लिमिट लगी हुई थी। लेकिन जब मैं आया तो यह 5 7 10 पिप्स के फर्क से इसने लिमिट को टच नहीं किया और प्राइस ड्रॉप दे गई। देगी तो फिर ड्रॉप देगी। बात ख़ हो गई बस फिर। ठीक है? यहां तक इसका टारगेट था। अगर इसने दे दिया पहले ही तो फिर अब आप इसको छोड़ देंगे। 5 मिनट का टाइम फ्रेम है और 5 मिनट का यह एफजी है फेयर वैल्यू गैप। तो जब भी आप याद रखें जब भी आपकी क्लाइमेटिक एक्शन बार ब्रेक होती है डाउन साइड ब्रेक होने के बाद ऊपर
एफजी छोड़ जाती है तो यह बहुत स्ट्रांग ज़ोन होता है। प्राइस यहां टैप करती है और यहां से ड्रॉप देती है। यह बड़ी जबरदस्त हाई प्रोबेबिलिटी ट्रेड होती है। स्टॉप लॉस इसका आप इसके ऊपर ही लगाते हैं इस जगह पे। लेकिन अनफॉर्चुनेटली उसने उसको टैप नहीं किया तो कोई मसला नहीं है। कल कल कर लेगी टैप। कल नहीं तो रात को कर लेगी। किसी टाइम कोई और सेटअप बन जाएगा। तो इसलिए आपने इस पे परेशानी में नहीं जाना कि सेटअप मिस हो गया। फोमो में नहीं जाना। यहां से नहीं सेल करना। कोई सेल नहीं किया
हमने। इसे किसी ने भी सेल नहीं किया। एक बाय की ट्रेड थी यहां पे वो थी 3 मिनट्स में। अब उसको समझें जरा। मैं आपको रोज एक बात समझाता हूं ना कि टाइम फ्रेम को जरूर देखा करें। ये देखिए बड़ा वॉल्यूम सेलिंग क्लाइमेक्स बन गया। नीचे आती हुई मार्केट में अगेंस्ट द ट्रेंड सेलिंग क्लाइमेक्स। ये वाला इसकी आप लगाएं ट्रिगर लाइंस। ये हमने इसकी लगाई ट्रिगर लाइंस। ये थी इसकी पहली ट्रिगर लाइन। अपर ट्रिगर लाइन। ये इसकी लोअर ट्रिगर लाइन। यह इसने पहले ब्रेक किया। मोमेंटम कैंडल भी नहीं है और पहला ब्रेकआउट है। कोई बाइंग
नहीं है। ठीक हो गया? दूसरा जैसे ही इसने नीचे आके स्वीप किया और स्वीप करने के बाद यहां पे दूसरा ब्रेकआउट दिया इस जगह पे यहां से हमने बाय कर लिया। साथ ही आपको बाय करवा दिया कि बाय कर ले। प्राइस ने अब यहां से कितने पिप्स दिए हैं? पहली चीज यह देखने वाली है। इस जगह से प्राइस ने पिप्स दिए हैं 25। तो 3 मिनट का टारगेट आपको क्या बताया हुआ है? 1 मिनट का बताया हुआ है कि 15 पिप्स, 15 से 20 पिप्स। 2 मिनट का बताया है 15 से 25 पिप्स या 3
मिनट का कि 15 से 25 पिप्स के दरमियान आपको इसमें से ट्रेड से आउट होना होता है। तो, वह उसने दे दी। अब इसमें यह होता है बल्कि यह बात ठीक है। मैं यह नहीं कह रहा कि यह नहीं क्योंकि इसने 1 वन नहीं दिया। 1 वन तो नहीं मिला ना। यहां से आपने बाय किया तो स्टॉप लॉस तो आपका इनिशियल स्टॉप लॉस हमने यहां पे रखा था। लेकिन बाद में मैंने इसके नीचे करवा दिया था स्टॉप लॉस कि अब आप इस जगह पे आए हैं जब प्राइस ऊपर निकल गई है। फिर दूसरी टर्म ना
यहां से मेरी ट्रेड ब्रेक इवन हो गई। मुझे इसमें लॉस बल्कि उससे मुझे $30 आए हैं। इस ट्रेड में अगर आपको मैं दिखाऊं तो इसमें मुझे $30 आए हुए हैं इस जगह पे। तो मेरी ट्रेड ब्रेक इवन हो गई। बहरहाल अब क्यों नहीं चला ये सेटअप? ये प्राइस दोबारा क्यों नीचे आई है? इसलिए नहीं चला क्योंकि यह सिंपली अगेंस्ट द ट्रेंड है। प्राइस नीचे आ रही है 3 मिनट में 5 मिनट में। अब हमारे पास कोई ऑप्शन नहीं था। सेल तो हमारी मिस हो गई थी। यहां वेट करते-करते हमने इस पे एक छोटी सी बाय
कर ली। बहुत कम रिस्क लगवाया कि अगेंस्ट द ट्रेंड सेटअप है। तो यहां से आपने बाय कर लिया। बाय करके उसने जो 3 मिनट की रेंज थी क्योंकि 3 मिनट का सेटअप है। तो 3 मिनट के हिसाब से उसने 25 पे पूरे अपने दे दिए। इसलिए मैं कहता हूं कि इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये आपको इस तरह अचानक से फेल नहीं करता। यह आपको ये जो टाइम फ्रेम्स हैं इनके पिप्स जरूर देगा। इनके पिप्स देने के बाद फिर बेशक फेल कर दे। हां अगर विद द ट्रेंड है तो फिर आप इसको 1
2 1 4 5 जहां तक खींचना चाहते हैं खींच सकते हैं। अगेन सर ट्रेंड बहुत एतियात करनी है। फिर यहां पे एक एफजी भी था। यह भी हमारी नजर में था ये वाला एफएजी उसी एफएजी को इसने टैप किया। प्राइस दोबारा नीचे आ गई। तो इसलिए बहुत सी चीजों को देखना पड़ता है। बहुत सी चीजों को नजर में रखना पड़ता है। सिर्फ ट्रेंड देखते रहेंगे तो आपको फायदा होता रहेगा। ट्रेंड के अगेंस्ट आएंगे तो फिर बहुत एहतियात से चलना है। अब दोबारा यहां पे कहीं पे प्राइस ऊपर आती है इस जगह पे। यहां पे फेजेस
मौजूद हैं। 5 मिनट में भी आपको दिखाता हूं। जो आज हमारा प्राइस ने टैप नहीं किया। यह वाला ज़ोन बड़ा अच्छा ज़ोन है। स्ट्रांग ज़ोन है। यहां प्राइस आती है दोबारा से बाइंग क्लाइमेक्स बनाती है। बाइंग क्लाइमेक्स कैसे बनेगा? बड़ा वॉल्यूम आएगा बाय की कैंडल में। क्या प्राइस उसका हाई ब्रेक करती है। फिर लो ब्रेक करती है। देन ये बाइंग क्लाइमेक्स है। पहले उसका हाई ब्रेक हुआ फिर लो ब्रेक हुआ। यहां से आप सेल कर दें और ऊपर स्टॉप लॉस लगा दें। टीपी आप यहां तक दोबारा ले लें लो तक। तो ये बिल्कुल काम करते
हैं। ये मैंने आपको इकट्ठी एग्जांपल्स 5 मिनट के टाइम फ्रेम पे ना छोटे टाइम फ्रेम पे ना बड़े पे। 5 मिनट पे दिखा दी है सारी। सेम रूल्स के साथ आप इसको बड़े टाइम फ्रेम पे अप्लाई कर सकते हैं। सेम रूल्स के साथ छोटे टाइम फ्रेम पे अप्लाई कर सकते हैं। सेम रूल्स के साथ आप इसको करेंसी या बीटीसी में अप्लाई कर सकते हैं। करेंसी को बीटीसी पे आ जाए। टाइम फ्रेम भी चेंज कर लें। ये लें। ठीक है? कल भी शायद कोई एग्जांपल आपको दिखाई हो इस पे मैंने। मैंने मार्क करके रखी हुई है।
हां ये है। 15 मिनट में हैं। जी। सॉरी। वन ऑवर की शायद कल दिखाई होगी आपको। यह 15 मिनट की है। परसों की बात कर रहा हूं। अब यहां पे देखें क्या है। ओवरऑल ट्रेंड पहले चेक करें। ओवरऑल ट्रेंड आपको पता है कि प्राइस नीचे गिर रही थी। यानी ये 122 23 24 तक गया। अब इसने यहां पे मोमेंटम शिफ्ट कर लिया। फिर यहां पे वेव लगा दी डाउन साइड। ये पूरा स्ट्रक्चर ब्रेक कर दिया। तो ये फिर रिट्रेसमेंट्स पे है। तो अब इन रिट्रेसमेंट्स पे आपने देखना है कि कैसे वॉल्यूम्स आ रहे हैं। यहां
पे देखें सेलिंग क्लाइमेक्स। सेलिंग क्लाइमक्स का हाई ब्रेक हुआ तो बाय। यहां पे आके अपने स्ट्रक्चर लेवल पे टॉप स्ट्रक्चर लेवल पे आके बाइंग क्लाइमेक्स। से देखिए बाय कितना बड़ा वॉल्यूम है। ये बाइंग क्लाइमेक्स है। शेप इसकी भी अच्छी नहीं है क्योंकि फील्ड कैंडल है। लेकिन आपने ट्रिगर लाइंस लगा दी क्योंकि सेम तरीका है ट्रेड करने का। इसने अगर सेल में कन्वर्ट होना है तो सेम रोल्स हैं इसके। तो पहले इसने हाई ब्रेक कर दिया। हाई ब्रेक किया फिर अंदर आ गई। फिर हाई ब्रेक किया। ऊपर नहीं जा रही प्राइस। जिस तरह सेलिंग क्लाइमेक्स ने
बताया था कि बहुत ज्यादा ड्रॉप नहीं देती। रेंज करती रहती है इस तरह। रेंज करने के बाद एकदम हाई ब्रेक करती है। बिल्कुल इसी तरीके से यहां पे भी इसने कोई इस तरह फ्री फॉल नहीं होता। इस तरह यहां पे बिल्कुल से प्राइस उड़ नहीं गई। रेंज कर रही है। रेंज करने के बाद यहां पे इसने ब्रेक कर दिया इसका लो। जिस कैंडल ने लो ब्रेक किया उसका वॉल्यूम छोटा है एज कंपेयर टू बाइंग क्लाइमेक्स और यह मोमेंटम कैंडल है। तो यहां से आपकी सेल है। स्टॉप लॉस इसका भी ऊपर लगेगा और यह ट्रेड अभी
आपकी चल रही होगी। ठीक है जी। यह देखिए यह इसने इसका जितना ऊपर आपने स्टॉप लॉस लगाया था कम से कम उतना इसने आपको टीपी दे दिया। अभी देखा जाए तो अभी हायर रेंज में उससे ही बड़ा टीपी शायद दे दिया है यह वाला। अब यहां पे नीचे आके इसने दोबारा से बाइंग क्लाइमक्स बना दिया। यह देखिए buying climx बनाया। buying climx का हाई ब्रेक कर दिया। अब आपको मैंने बताया था कि कुछ जगहों पे आप बाइंग क्लाइमक्स पे फौरन से भी बाय सेल कर सकते हैं। इसमें यह वाली लिक्विडिटी इन्वॉल्व है पूरी यह वाली।
अगर लिक्विडिटी के फौरन साथ क्लाइमेटिकेशन बार बड़ी बन गई है तो पहले ब्रेकआउट पे भी ट्रेड कर सकते हैं। वरना रिकमेंडेड यही है कि दूसरे ट्रेड ब्रेकआउट पे ट्रेड करें। एक ब्रेकआउट हो जाए इसका अपसाइड फिर अंदर आया प्राइस दूसरे ब्रेकआउट पे आप बाय कर लें। अगर सिनेरियो वन बन रहा है तो। फिर प्राइस यहां से ऊपर गई। ऊपर जाने के बाद यह फिर बड़ा वॉल्यूम आ गया। यह भी आया बड़ा वॉल्यूम। देखें। यह भी तो बड़ा वॉल्यूम आया ना। लेकिन यहां पे क्या मसला हुआ कि ना इसका हाई स्वीप हुआ ना कोई चीज। प्राइस
ने डायरेक्टली लो ब्रेक कर दिया। तो यहां से सेल नहीं करना आपको मना किया हुआ है। यह डेंजरस होता है। ठीक है? ब्राइस ऊपर चली गई। ऊपर जाने के बाद फिर बड़ा वॉल्यूम कौन सा आ रहा है? जी आपके पास ये वाला बड़ा वॉल्यूम आ रहा है। ये वाला उतना बड़ा तो नहीं है लेकिन एक और बड़ा वॉल्यूम आ गया। ये भी आया पहले लेकिन इसका भी कोई लो शो अभी तक ब्रेक नहीं हुआ था ना। उससे बड़ा वॉल्यूम फिर आ गया ये वाला। तो जब बड़ा वॉल्यूम आ जाए पिछला कैंसिल कर दें। इसको अब
आप कंसीडर करेंगे। इसकी मैं आपको थोड़ी सी ज़ूम इन कर देता हूं। अब देखें। देखिए ना बड़ा वॉल्यूम तो यह भी आया इसके बाद। लेकिन यह नीचे ब्रेक नहीं हुआ। इसके ऊपर एक और बड़ा वॉल्यूम आ गया। और इसकी इसकी जो शेप है वो परफेक्ट है। बहुत जबरदस्त किस्म की शेप है इसकी। ठीक हो गया? अब यहां से आपके पास बड़ा वॉल्यूम भी आ गया। फौरन से प्राइस ने इसका लो ब्रेक कर दिया लो वॉल्यूम के साथ। अगर देखा जाए तो यहां से आप इसको पहले ब्रेकआउट पे भी ट्रेड कर सकते हैं। क्योंकि सीधी-सीधी मैंने
आपको वजह बताई है कि अगर लिक्विडिटी स्वीप करे किसी हाई लो के ऊपर विक लगाए बड़े वॉल्यूम के साथ और लो ब्रेक करे तो आप साथ ही फ़ौरन से सेल या बाय कर सकते हैं। यहां से हम सेल करेंगे सिनेरियो में। तो यहां से भी कर सकते हैं। लेकिन अगर आप कहते हैं कि नहीं सिनेरियो वन पे यही रूल है कि आपने डायरेक्टली पहले ही ब्रेकआउट पे सेल नहीं करना तो फिर प्राइस दोबारा अंदर गई है। ये अंदर आई दोबारा। अंदर आने के बाद फिर ब्रेक किया। दूसरी दफा फिर से लो वॉल्यूम और मोमेंटम कैंडल
है। तो यहां से अब आप सेल करेंगे। अगर आपने यहां से नहीं किया तो फिर आप यहां से सेल करेंगे। स्टॉप लॉस ऊपर आएगा और ये इसका टारगेट दोबारा से दे दिया प्राइस रें। समझ आ गई? अब फिर ये बड़ा वॉल्यूम आया बाय में ये वाला। लेकिन इस बड़ा वॉल्यूम हमारे काम का नहीं है। क्योंकि इसके पीछे बाइंग बैकग्राउंड नहीं है। सेलिंग बैकग्राउंड है। तो ये हमारे काम का नहीं है। ठीक हो गया? तो इस तरीके से आप इसको देखेंगे। हर चीज पर ट्रेड बनती है। सिर्फ थोड़ा सा टाइम लगता है इसको पढ़ने में, इसकी
पहचान में। इसलिए मैं पहचान पे अपनी तवज्जो देता हूं कि जितनी ज्यादा आप इसकी पहचान अच्छी कर लेंगे, उतना ज्यादा आप इसको आराम से इसको ट्रेड कर सकेंगे। बिल्कुल सिंपल चीज है। मैं इसीलिए वजह से मैं कभी भी पैनिकिक नहीं होता। चाहे मैं लाइव में बैठा हूं, चाहे मैं अकेला बैठा हूं या मैं कोई दोस्त आए हुए हैं। मैं इसलिए पैनिकिक नहीं होता ट्रेडिंग में। क्योंकि आपके पास कुछ क्लियर चीजें हैं। बिल्कुल क्रिस्टल क्लियर चीजें हैं। अगर उनप चीज बन गई है तो कर लें। नहीं बन रही तो सारा दिन बैठे रह। आपने ट्रेड नहीं
करनी। और कोई काम कर लें। बुक पढ़ लें। मूवी देख लें कोई कुछ और कर लें कोई काम कर लें ट्रेड नहीं करेंगे जब तक आपको एग्जैक्ट आपके रूल्स के मुताबिक ट्रेड नहीं मिलती अब हमेशा एग्जैक्ट रूल्स अब आज नहीं मिली ना मैं बता रहा हूं आज हमारे पास गोल्ड में है हमें कुछ नहीं मिला इतना खास कोई चीज दिन में ट्रेड्स हैं एक दो मैंने ट्रेड कर ली थी वो अच्छी मेरा डेली टारगेट पूरा है आज का फिर भी ठीक है जी आज का डेली टारगेट मैं आपको देख के बताता हूं फिर उसी अकाउंट
पे जो आपको दिन में शेयर किया था उसप मेरा डेली टारगेट पूरा है तो यह चीज़ है मिल जाती है ट्रेड्स दिन में नहीं तो शाम को शाम को नहीं तो दिन में मिल जाती है तो यह अब आपने बाइंग क्लाइमेक्स को अगर आप गोल्ड पर काम करते हैं तो बाइंग क्लाइमेक्स इसमें कम चलते हैं, कम बनते हैं, कम काम करते हैं क्योंकि गोल्ड ओवर ऑल बुलिश रहता है। तो इसमें आपको आसानी यह है कि आप साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ को अच्छी तरीके से पढ़ लेंगे तो फिर भी आप बहुत अच्छा काम करते जाएंगे। मैं बल्कि
गोल्ड को ही ओपन कर लेता हूं यहां से। अब आपकी असाइनमेंट आपका काम यह है कि बाई आपको सिनेरियो तो पता है ना? सिनेरियो तो मैंने आपको बताए हैं। तीनों सिनेरियोस बताए हैं। मैं एक दफा यहां पे हल्का सा रिपीट कर देता हूं। सिनेरियो बताने की जरुरत आपको इसलिए नहीं है क्योंकि थोड़ा सा आपने खुद मेहनत भी करनी है साथ। मैं वैसे बना देता हूं आपको। मैं बनाने की वजह से नहीं कह रहा। मैं इसलिए कह रहा हूं कि आपको आईडिया होना चाहिए अब इन चीजों का। ये देखें। ये सेलिंग बैकग्राउंड था। सॉरी सेल की
वेव थी इंपल्स वेव। ये आपका बाइंग बैकग्राउंड है। ये ऊपर आपकी क्लाइमेशन बार है। यहां पे आपने लगा देनी है इसकी ट्रिगर लाइंस। ये आ गई इसकी अप्पर ट्रिगर लाइन। ये आ गई इसकी लोअर ट्रिगर लाइन। ठीक है जी? अब क्या सिनेरियोस हैं? हमारे पास कितने सिनेरियोस हैं? अगर तो प्राइस फॉरेन से लो ब्रेक कर जाती है। अब आपका टेस्ट है थोड़ा-थोड़ा सा। फौरन से लो ब्रेक कर जाती है। नेक्स्ट कैंडल ठीक है? तो ये सिनेरियो कौन सा बनेगा? आप मुझे चैट में अगर जल्दी-जल्दी बताएंगे मुझे आईडिया हो जाएगा कि मुझे ये डिटेल में जाना
चाहिए कि नहीं जाना चाहिए। सिनेरियो कौन सा बन गया? जी ये वन बन गया। ठीक है? बिल्कुल ठीक है। बेहतरीन है। अब वन पे आप फौरन से ट्रेड नहीं करते। ठीक है? अनलेस कोई लिक्विडिटी स्वीप हुई हो। तो यहां पे आपने ट्रेड इस जगह पे नहीं करनी। आपने क्या वेट करना है? आपने वेट करना है कि प्राइस यहां से दोबारा उठे अंदर आए। लोअर ट्रिगर लाइन के अंदर आए और एक दूसरा ब्रेकआउट मिले। दूसरा ब्रेकआउट मिले वह भी मोमेंटम के साथ और लो वॉल्यूम के साथ। ब्रेकआउट रूल जरूर याद रखना है। तो अब यहां से
आप इसको ट्रेड कर सकते हैं। तो ये आपका सिनेरियो वन बन गया। ठीक है? सेम अब हम चले जाते हैं सिनेरियो टू कैसे बनेगा? सिनेरियो टू ऐसे बनेगा कि प्राइस किसी भी कैंडल से चाहे वो रेड कैंडल हो, चाहे वो ग्रीन कैंडल हो, किसी भी कैंडल से बल्कि अब हम कैंडल ही बनाते हैं। किसी भी कैंडल से इसका हाई स्वीप कर दे। ऐसे ये हाई स्वीप हो गया। हाई स्वीप करने के बाद लो ब्रेक कर दे। बस यह सिनेरियो टू बन गया। सिंपल चीज बिल्कुल सिंपल चीज। पहले में डायरेक्ट ब्रेक कर दिया था। ऊपर गई
नहीं थी प्राइस। टच कर सकती है अपर ट्रिगर लाइन को। लेकिन उसने वह भी नहीं किया। कभी करती है कभी नहीं करती। दूसरे सिनेरियो में क्या होगा कि अपपर ट्रिगर लाइन के ऊपर स्वीप होगा। एक 25 30 की एक विक लग जाएगी और प्राइस इसका लो ब्रेक कर देगी। जैसे ही लो ब्रेक करेगी स्ट्रेट अवे आपकी सेलिंग यहां से स्टार्ट हो जाएगी। अगर आप सेल ट्रेंड में है। ऊपर आपका स्टॉप लॉस आ जाएगा इस जगह पे और आपका टारगेट नीचे वन ट्रेंड के साथ फिर आप इसको होल्ड कर सकते हैं। ठीक है? कम से कम
टारगेट आपका स्ट्रक्चर लेवल होगा। दो चीजें हो गई। तीसरा सिनेरियो इससे भी आसान है। उसमें आपने कुछ भी नहीं करना। उसमें आपने यह करना होगा। यार ये मैंने डिक्लाइन कर दिया। अच्छा जी। तीसरा सिनेरियो क्या होता है? तीसरा सिनेरियो में ये होगा कि प्राइस इसकी अप्पर ट्रिगर लाइन को ब्रेक कर देगी। ऐसे ठीक है जी। अब यह सिनेरियो थोड़ा सा लंबा भी होता है। थोड़ा सा मुश्किल भी होता है ट्रेड करना। क्योंकि प्राइस सिनेरियो थ्री कंप्लीट करने के लिए यहां पे रेंज शुरू कर देती है। कुछ कैंडल्स ऊपर जाएंगी। फिर कुछ कैंडल्स नीचे आएंगी। इस
तरह इस तरह की एक रेंज स्टार्ट हो जाती है। समटाइम्स ये रेंज अपर ट्रिगर लाइन के ऊपर ही रहती है। समटाइम्स अपर ट्रिगर लाइन से अंदर भी आ जाती है। यानी इस सूरत में भी प्राइस ट्रेड इस तरह इस तरह भी रेंज करती रहती है। ठीक है? यहां से आएगी। इसको टैप करेगी या इसको स्वीप करेगी और दोबारा ऊपर निकल जाएगी। यानी काफी तंग कर सकती है प्राइस आपको यहां पे। इस तरीके से। अब हमें पता है कि हमारी क्लाइमेटिक बार यह है। हमें कैसे पता है? क्योंकि अल्ट्रा हाई बार यही थी। ठीक है? यह
वाली कैंडल जो है इसकी बात कर रहा हूं। अब आपने किस चीज का वेट करना है? आपने वेट करना है कि हाई तो ब्रेक हो चुका। अब कैंडल जैसे ही मोमेंटम कैंडल लो वॉल्यूम के साथ इसका लो ब्रेक करेगी। मोमेंटम कैंडल और लो वॉल्यूम के साथ इस कैंडल का लो ब्रेक करेगी। आप इसको यहां से सेल करेंगे। यह सबसे हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप है। आपका स्टॉप लॉस आपके जो आपका एक्सट्रीम हाई है जिसे हम डेफिनेट हाई कहते हैं। इसके ऊपर आपका स्टॉप लॉस आ जाएगा और इस ट्रेड को आप लंबा होल्ड कर सकते हैं क्योंकि ये
हाई प्रोबेबिलिटी ट्रेड विद द ट्रेंड बन गई है। ठीक हो गया जी। तो यहां पर हमारी यह बाइंग क्लाइमेक्स की जो क्लास थी वह यहां पर खत्म हो गई है। अभी जो चीजें आपने पढ़नी है इसमें आगे हमारी जो कल की क्लास होगी। अब हम शुरू करेंगे ऐसे टेस्ट जो हमें सेल और बाय करवा सकते हैं क्लाइमेटिक एक्शन बार के बगैर भी क्योंकि ये हर टाइम तो नहीं बन रही। तो उसमें सबसे अहम चीज जो है वो टू बार रिवर्सल है। फिर शेक आउट और एफर्ट वो है हमारा अप्सरा स्कैंडल है। शेक आउट है। उसके
अलावा एफर्ट वर्सेस रिजल्ट है। ये जो तीन चार किस्म के टेस्ट हैं ये इंशाल्लाह हमारे अगले तीन से चार क्लासेस में ये चीजें कंप्लीट हो जाएंगी। उसके फ़ौरन बाद हम रिस्क मैनेजमेंट पे चले जाएंगे और एंड पे फिर आप लिक्विडिटी और सीईएसटी और आईसीटी की जो चीजें रहती हैं आपकी फिर एंड पे आप वो पढ़ेंगे इंशाल्लाह। यानी मैक्सिमम अब से 10 दिन है। 10 दिन के अंदर-अंदर इंशाल्लाह आप कंप्लीट कर चुके होंगे। बैच 41 को फिर मैसेज देना शुरू कर देंगे डिस्कर्ड की और लाइव ज़ोन की और उसके बाद फिर आप लाइव ट्रेड स्टार्ट कर
सकेंगे। इस दौरान आपको मैं भेजूंगा जो बाइंग क्लाइमेक्स होता है ना ऊपर जाती है मार्केट में जो क्लाइमेक्स आता है। बाइंग क्लाइमेक्स का ऑटोमेटिक रैली कैसे बनती है वो भी फिर आपको बताएंगे इंशाल्लाह। उसकी मैं आपको एग्जांपल्स भी भेजूंगा। लेकिन उसको हम डिस्कस करेंगे ज्यादा। आपको मैं असाइनमेंट ये होगी आपकी जब आपका क्वेश्चन आंसर सेशन होगा कि उसमें आपने वो सेटअप ढूंढ के लाने हैं। चाहे आप करेंसी पे ढूंढ लें, चाहे वो आप बिटकॉइन पे ढूंढ लें या आप वैसे बना के ले आएं। और उसको फिर आप जो भी आपका क्वेश्चन होगा आपको जो चीज
उसमें समझ नहीं है वह फिर हम क्वेश्चन आंसर सेशन करेंगे। आप उसको शेयर करेंगे चैट में हम उसको ओपन करेंगे। उसमें आपका क्वेश्चन ले लेंगे साथ। तो चलिए इंशा्लाह कल मिलते हैं कल के क्लास में। तब तक के लिए अल्लाह हाफिज।