कि हिंदू विषय रहे इस टो t&c हेलो वेलकम टू स्टडी आइक्यू मेरा नाम है आदेश से हिंदू हजारों सालों से एक ऐसा दृश्य जिसने इंडियन सबकॉन्टिनेंट में जन्म लिया और यहां के कल्चर घोषित किया हिंदू धर्म सिर्फ रिलीज नहीं बल्कि इंडियन की पहचान भी है लेकिन दोस्तों हिंदुइज्म एक ऐसा शब्द है जिसे खुद को हिंदू कहने वाले भी अक्सर पूरी तरह नहीं समझ आता है तो कोई इसे एक आखिर हिंदुइज्म का मतलब है कि अपने इस वीडियो में हम इसी सवाल का जवाब जानने की कोशिश करें और समझेंगे कि हिंदुइज्म कैसे और की तरह शुरू
होकर उनके में डिवैलप होता है दोस्तों हिंदुइज्म दुनिया के सबसे पुराने जिसमें से इसकी शुरुआत कब हुई इसका कोई डेफिनिटी आंसर नहीं मिलता लेकिन ऐसा माना जा है कि यह 4 हज़ार साल से भी पुराना है आज दुनिया के लगभग हर कोने में हिंदुइज्म को फॉलो करने वाले लोग रहते हैं जिनमें से 90% इंडिया को बिलांग करते हैं बॉलीवुड के मामले में लगभग 9986 मिलीयन फॉलोअर्स के साथ हिंदुइज्म क्रिश्चियनिटी ओर इस्लाम के बाद तीसरा सबसे बड़ा रिलेटेड है इसी के साथ संस्कृत लैंग्वेज एक इंपोर्टेंट लैंग्वेज बढ़ती है जो इसी के साथ शुरू हुई और जिसने
हिंदुइज्म के बिलीफ सिस्टम्स को स्ट्रेट करने में इंपोर्टेंट योगदान दिया माना जाता है कि ब्रोट ओं इंडो आर्यन और proto-indo-european लैंग्वेज भी संस्कृत से ही डिवैलप होती है आइए सबसे पहले हिंदू शब्द के और एजिंग को समझते हैं और जोंस उबर हिंदू दोस्तों हिंदू शब्द नॉर्दर्न इंडिया में शुरू होने वाली रिवर इंडस टेरा हुआ है इंफेक्शंस टाइम्स में इस रिवर को सिंधु नाम से जाना जाता था लेकिन जब पोर्शंस कमाई नरेशन एंड होता है तो वह इसे हिंदू कहते हैं और यहां के लैंड को हिंदुस्तान और रहने वाले लोगों को हिंदू उसका नाम देते हैं
इस तरह हिंदू शब्द को पहली बार सिक्सथ सेंचरी बीसी में पोर्शंस ने यूज किया था उस समय हिंदुइज्म शब्द इट्स कल्चरल से ज्यादा ज्योग्राफिकल लेवल हुआ करता था आगे चलकर इसे हिंदू उसकी रिलिजियस प्रैक्टिस इसको डिस्क्राइब करने के लिए यूज किया जाने लगा विलेजर्स बिलीव इसको डिफाइन करते हुए हिंदुइज्म शब्द का रेफ्रेंस पहली बार 7 सेंचुरी सी के एक चाइनीस टेक्स्ट रिकॉर्ड आफ वेस्ट इंडीज बाय स्वर्ग मिलता है लेकिन ऐसा माना जाता है कि जिस प्रैक्टिस और सब्सक्राइब करने के लिए बस इतना ही नहीं कहा जाता है कि पहली बार 1617 में राजा राम मोहन
रॉय यूज करना शुरू किया था इसके बाद 830 ब्रिटिश कॉलोनियलिज्म को यूज करने और खुद को बाकी रिलीज इस ग्रुप से अलग अपने के लिए इंडियंस ने हिंदुइज्म को अपना रिलीज बताना शुरू कर दिया था यह वह समय था जब हिंदुस्तानी अपनी आइडेंटिटी के लिए यूज कर रहे थे हिंदू हिंदुइज्म के और लेकिन शब्द यानि कि तो बाद में आया था इससे जुड़े बिली और टिश और और भी पुराना हिंदू धर्म और इस्लाम की तरह हिंदुइज्म का कोई नहीं है और इसका रिकॉर्ड ही पुराना समझा जाता है हिंदू रिलिजन के लिए सनातन धर्म यूज करते
हैं जिसका मतलब है कि ऐसा धर्म जो हमेशा से इंडस वैली सिविलाइजेशन विच एसिड हिंदुइज्म इन ट्रू सेंस करते हैं उदाहरण के तौर पर यह मिलने वाली मदद करने वाली को सबस्क्राइब एनिमल्स इमेजेस झाल आज हिंदू धर्म का एक पाठ है इसलिए यह माना जाता है कि किसी ना किसी फॉर्म में हिंदुइज्म उस समय से एकजुट कर रहा था ऑर्गेनाइज्ड तौर पर हिंदुइज्म की शुरुआत वेदिक कल्चर से मानी जाती है क्योंकि इसी समय हिंदू उसके सीक्वेंस टेक्स्ट वेदर्स का सृजन हुआ था यानी कि हिंदुइज्म का फर्स्ट लिटरेरी एविडेंस हमें वेदिक पीरियड में मिलता है चलिए
यह तो समझ में आ गया कि हिंदुइज्म का ना तो कोई पाउडर था और ना ही कोई डेफिनेटली है इसकी शुरुआत की लेकिन कुछ कोर विलीस है जो हिंदुइज्म को डिफाइन कर सकते हैं आइए जानते हैं कोरबी लिप्स दोस्तों हिंदुइज्म एंड ऑर्गेनाइज्ड रिलिजन नहीं है और किसी सिंगल सिस्टमैटिक अप्रोच से इसकी वैल्यू सिस्टम को नहीं समझा जा सकता और ना ही टेन कमांडमेंट्स की तरह हिंदू उसके पास कोई सिंपल सैटर्न रूल्स ओं हिंदुइज्म के टिप्स अक्षर लोकल रीजनल कास्ट और कम्युनिटी रिप इन फैक्ट थेसे इंस्ट्रूमेंट्स होते हैं लेकिन फिर भी कुछ ऐसे भी लिप्त हों
जो सभी वेरिएशंस में कौन कहे जा सकते हैं इन्हें ही हम कोर बिलीव्स कह रहे हैं इसमें सबसे पहले आता है एक सुप्रीम बीइंग में विश्वास जिसे हिंदुइज्म मे ब्राह्मण कहा गया है इसके अलावा कांसेप्ट वर्मा सूर्य यानी कि आत्मा रिइनकारनेशन यानि पूजन और मोक्ष हिंदुइज्म के सेंट्रल बिलीफ सिस्टम का पाठ है सूर्य आत्मा का कांसेप्ट कहता है कि सभी लिविंग क्रिएचर्स में आत्मा होती है जो कि ईश्वर का ही अंश होती है गर्म का कांसेप्ट हिंदुइज्म में बहुत ही इंपोर्टेंट है इसके अनुसार लोगों के एक्शन सी उनकी प्रेजेंट लाइफ ओर फ्यूचर लाइफ को डिटरमिन
करते हैं हिंदुइज्म ए लाइफ के चार मींस बताए गए हैं धर्म अर्थ काम और मोक्ष की प्राप्ति के बाद साइकिल आफ बर्थ एंड और आत्म सुप्रीम सौल में मिल जाती है अनुसार थे यूनियन गॉड भी हिंदुइज्म का एक इंपोर्टेंट है लोगों को दुनिया भर में हिंदुइज्म का पता हो ना हो पर योग का जरूर होता है 2015 से हर साल इंटरनेशनल योगा डे मनाया जाता तब से यह और फेमस हुआ है और लोगों को इसके रियल वर्ल्ड फिजिकल मेंटल एंड स्पिरिचुअल well-being आफ हिंदुइज्म और की बात करते मेजर गौतम एक टेक्स्ट एंड डिफरेंट हिंदू वैसे
तो एक नींबू में विश्वास करते थे सुप्रीम बीइंग यानी कि ब्राह्मण का मृग ओमनीप्रेजेंट एनर्जी की तरह इसी के साथ-साथ हिंदुइज्म कहा गया है कि इसके अलग-अलग रूप हो सकते हैं यहीं से पॉलीथििज्म इन हिंदुइज्म के अनुसार सब कुछ ईश्वर कि एक अंश है और यह फॉर्म्स एंड अवतार्स मनुष्यों का भला करने के लिए जाते हैं इसी के साथ-साथ हिंदू नेचर वरशिप भी करते हैं हिंदुइज्म प्लांट से लेकर एनिमल्स तक सब की पूजा होती है नेचर वरशिप करने के पीछे साइंटिफिक रीजंस फॉर है जैसे कि हिंदुइज्म में बनी एंट्री की व शिव का कांसेप्ट है
और हम सभी जानते हैं कि यह थ्री 24 घंटे ऑक्सीजन देता है यानि कि हिंदुइज्म के फॉलोवर्स भी इस फ्री की इंपॉर्टेंट को जरूर समझते थे इसी तरह मेडिसिनल वैल्यू वाले तुलसी प्लांट मामला यानि कि इंडियन गूसबेरी जैसे फिर इसको भी पूजा जाता है करुणा के समय जब विटामिन सी को अच्छे से लेने की सलाह दी गई तब हम सब ने आमला का सेवन और शुरू कर दिया आयुर्वेद इसे सुपर फूड बुलाता है और हमें हर रोज इसे लेने की सलाह भी देता है इसके अलावा वेदिक पीरियड में जहां इंद्र को मेजर गॉड की तरह
पूजा जाता था अपनी लीटर पीरियड में ट्रिनिटी का कांसेप्ट डिवैलप होता है इसके अनुसार तीन मेजर गॉड्स ब्रह्मा तकरीर विष्णु थे प्रिजर्वर एंड डिस्ट्रॉयर आफ हिंदुइज्म फैमिली एनर्जी को भी वश इसे शक्ति माना गया है और किसी दूसरे मेजर रिले दौड़ में गोल्ड को फेमिनिन फॉर्म में वरशिप करने का कांसेप्ट नहीं देखता है इसके अलावा मल्टीपल गॉड्स एंड गॉडेसेस है जिले अलग-अलग एटीट्यूट से जोड़ा जाता है जैसे कि लॉर्ड गणेशा को रिमूवर आफ ऑब्सटेकल्स यानि कि Bigg Boss हरता कहा गया है तो देवी सरस्वती गोडेस आफ नॉलेज जिस तरह हिंदुइज्म का कोई सिंगल फाउंडर में
ही है ठीक उसी तरह बाईबल या कुरान के जैसे कोई सिंगल बुक भी हिंदुइज्म को रिप्रेजेंट नहीं करती बल्कि मल्टीपल टेक्स थे जो हिंदुइज्म में सीक्रेट माने गए हैं इसमें सबसे पुरानी हैं चार वेदर्स ऋग्वेद यजुर्वेद जी तो वैध और अथर्ववेद हिंदू मान्यता के अनुसार वीरवार को लेफ्टिनेंट करते हैं और खुद ईश्वर मेज़बानी रिसीव इसको रिवील किया था इसके अलावा उपनिषादस पुरानस एपिक्स रामायण महाभारत और भागवत गीता हिंदू उसकी मेजर होली बुक से बाकि रिलेशंस की तरह हिंदू उसके भी डिफरेंट सेक्स देखने को मिलते हैं इसमें चार मेजर सेक्ट्स है वे नमक शैव शाक्त और
समर्थ वैष्णव लॉर्ड विष्णु व शिव करते हैं अब लॉर्ड शिवा को और सशक्त देवी शक्ति को समर्थ प्रतिष्ठान में 580 को एक नींबू का पाठ व के अलावा और भी बहुत सारे और सब्सक्राइब मल्टीपल का डिवेलपमेंट तो हुआ है लेकिन बड़ी बात यह है कि इन डेवलपमेंट में कोई हिंसा या वायलेंस देखने को नहीं मिलती सभी सेक्स एक-दूसरे के साथ पीसफुली को एकजुट करते हैं इसकी बड़ी वजह यह है कि सभी हिंदूओं सेक्स के कोर क्लिप सीन है और फिलोसॉफिकल बेसिस पर यह एक दूसरे को काउंटर नहीं करते एक दूसरे के एक्जिस्टेंस को सेक्स रेड्डी
एक्सेप्ट करते हैं क्योंकि टेंस हिंदुइज्म का एक ओर बिलीफ है यह बात हुई हिंदू उसके रिलेटेड टिप्स उनके गॉड और मेजर टैक्स कि अब हिंदुइज्म के साथ ही वॉल्व हुए सोशल सिस्टम के बारे में बात करते हैं ए बिलीयन और हिंदू सोशल सिस्टम्स दोस्तों हिंदुइज्म ए सोशल ऑर्डर की फाऊंडेशन वर्ण सिस्टम से बनती है वर्ण सिस्टम कारपोरेशन ऋग्वेद के पुरुषसूक्त में मिलता है इसके अनुसार सोसायटी को चार वर्णों में डिवाइड किया गया है ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य और शूद्र यह डिप्रेशन कर्म के बे पर किया गया था जिसमें इंटेलेक्चुअल ओर स्पिरिचुअल एक्टिविटीज में काम करने वालों
को ब्राह्मण का आ गया अब लिखो प्रोटेक्ट करने वाले यानि कि वॉरियर क्लास को क्षत्रियस स्किलफुल प्रोड्यूसर्स को वे ट्रैफिक में रखा गया और अनस्किल्ड लेबरर्स को शुद्रास बोला गया लेकिन आगे जाकर यह सिस्टम विजिट होने लगा और बहुत के बेसिस पर डिपेंड शुरू हो गया इसके अलावा बहुत सी क्लास को वर्ण सिस्टम से बाहर रखा जाने लगा और उन्हें अनटचेबल्स मान लिया गया यदि केवल मीनल जॉब्स करने की अनुमति दी जाती थी उसके बाद वर्णन में भी सब डिविजन होने लगे और कास्ट सिस्टम यानी कि ज्योतिष का डिवेलपमेंट शुरू हो गया था जिसकी वजह
से सोशल सिस्टम बहुत ही कांप्लेक्स हो गया इसके साथ ही लो और वर्णन और अनटचेबल्स के साथ इन क्वालिटी का बिहेवियर किया जाने लगा इन सब बीरबल प्रैक्टिस ने सुसाइडल फैब्रिक को कमजोर कर दिया सभी वर्णों के लिए अलग-अलग सोच रूस के साथ ही डिफरेंट विलेजस विच विल बे प्रिसक्राइब्ड कर दिए गए थे इसकी वजह से हिंदुओं समय कांप्लेक्स सोशल ऑर्डर नजर आने लगा था इस कंपलेक्सिटी की वजह से ही सिक्सथ सेंचरी बीसी में बुद्धिज्म और जैनिज्म जैसे डिफरेंट रिलिजियस ट्रेडीशन पॉपुलर होने लगते हैं एक वक्त पर बुद्धिज्म और जैनिज्म का दबदबा पूरे इंडियन सबकॉन्टिनेंट
में हो जाता है और हिंदुइज्म कुछ हद तक डिक्लाइन होता दिखता है लेकिन एक बार फिर हिंदुइज्म को रिवाइव करने का काम भी शुरू होता है वह बल एंड रिफॉर्म इन हिंदू है जब दोस्तों इतना पुराना रिलेशन होने के बाद भी हिंदुइज्म आज तक सरवाइव कर रहा है इसकी एक बड़ी वजह यह है कि समय-समय पर हिंदुइज्म में रिस्पोंस लाए गए और इसे रिवाइव किया जाता रहा फिर चाहे वह सात से आठ सेंचुरी के बीच शुरू हुए साउथ इंडियन भक्ति मूवमेंट के द्वारा किया गया हो या फिर अलग-अलग आचार्य के द्वारा भक्ति मु कि के
दौरान अल्बर्स और नाइन और सींस ने विजिट कास्ट सिस्टम को चैलेंज किया साथ ही रिचुअल्स और रिलिजियस प्रैक्टिसेज को भी सिंपलीफाई करने का काम किया उनके प्रयासों से ही हिंदुइज्म बुद्धिस्म जैनिज्म से मिल रहे चैलेंजर्स को मात दे पाता है इतना ही नहीं हिंदुइज्म समय के साथ लोकल कॉल्स और डेड सेल्स को भी अब जॉब कर लेता है फिर बात चाहे नागा कल की हो तो यक्ष-यक्षिणी कल की फेमस जगन्नाथपुरी की जिन्हें ट्राइबल डैडी माना जाता है धीरे-धीरे सब हिंदू टेंपल रन का हिस्सा बन जाते हैं यहां तक कि बुद्ध को भी विष्णु का एक
अवतार बताया जाता है यह स्ट्रैटिजी भी हिंदुइज्म के सर्वाइवल में इंपोर्टेंट रोल प्ले करती है हिंदुइज्म को रिवाइव करने की बात हो और आदि शंकराचार्य का नाम ना आए ऐसा तो हो ही नहीं सकता शंकराचार्य ने एक सेंचुरी रेड्डी में हिंदुइज्म कूरियर ऑर्गनाइज़ और रिफॉर्म करने का काम किया इन्हें अद्वैत फिलॉसफी को अपील अराइज किया जिसके अनुसार सिर्फ ब्राह्मण ही सत्य है और बाकी सारा संसार बस उसकी ही माया है शंकराचार्य हिंदू फिलॉसफी को पॉपुलर अराइज करने के लिए पूरे इंडिया में ट्रेवल करते हैं इस दौरान अलग-अलग ठीक है इसके साथ और डिबेट्स और डिसकोर्सेज
में भाग लेते हैं इन्होंने इंडिया के फोन कॉल्स में मॉनेस्ट्रीज इस्टैबलिश्ड की थी जिन्हें मडर्स यह पीटर्स कहा जाता है फ्री में शारदा पीठ अकड़ द्वारका में तालिका पीठ बद्रिका आश्रम में ज्योर्तिपीठ और जगन्नाथ पुरी में गोवर्धन पीठ की स्थापना की गई इन हिंदुइज्म के चार धाम कहा जाता है इस तरह उन्होंने ज्योग्राफिकली भी हिंदुइज्म के फॉलोवर्स को जोड़ दिया था इन्होंने पंचायतन फॉर्म आफ वरशिप को भी अपील अराइज किया जिसमें 5 डेविल्स गणेश शिव व विष्णु सूर्य और देवी की एक साथ पूजा अभी है इसमें कहा गया है कि यह सभी सुप्रीम बीइंग यानि
कि ब्राह्मण के ही अलग-अलग कौन से इस तरह शंकराचार्य ने डिफरेंट सेल्स को भी यूनाइटेड किया इसके अलावा हिंदू स्क्रिप्टर्स को भी इन्होने सिंप्लिफाइड किया शंकराचार्य ने वेदास उपनिषादस पुरानस जैसे रिलीजस टेक्स्ट पर कमेंट्रीज लिखकर इनकी टीचिंग्स को एक बार फिर से जीवित करने का काम किया था शंकराचार्य के बाद रामानुजा माधवाचार्य जैसे सींस ने भी हिंदुइज्म को रिपोर्ट करने में अपना योगदान दिया इसके बाद मिडिवल पीरियड में जब इस्लाम एंड हिंदुइज्म को चैलेंज करना शुरू किया तो निर्गुण और सगुण भक्ति सेंस नहीं हिंदुइज्म को पॉपुलर बनाए रखा इसमें रामानंद कबीर नानक मीराबाई तुलसीदास जैसे
सींस का योगदान रहता है अगर मॉडर्न पीरियड की बात करें तो राजा राम मोहन रॉय स्वामी दयानंद सरस्वती और स्वामी विवेकानंद जैसे रे तो उसने हिंदू ग्लोरी को एक बार फिर से रिवाइज किया था 1972 रीमें इन सोशल रिलिजियस रिफॉर्म इसकी वजह से क्रिश्चियन मिशनरीज हिंदू इसको कन्वर्ट करने में बहुत ज्यादा सफल नहीं रहते जिस तरह की सफलता हाथ इन्हें अफ्रीका या दूसरी कॉलोनी में मिली थी इंडिया में वैसी सफलता देखने को नहीं मिलती स्वामी विवेकानंद ने 893 में शिकागो में आओगे ना इज वर्ल्ड रिलीजियस कांफ्रेंस में जाकर वर्ल्ड स्टेज पर हिंदुइज्म की फिलॉसफी को
पॉपुलर राज किया स्वामी जी की स्पीच पर कमेंट करते हुए एक अमेरिकन न्यूज़ पेपर में लिखा था कि है से रिलिजियस ट्रेडीशन वाले देश में क्रिश्चियन मिशनरीज को भेजने की क्या जरूरत है इस तरह रेगुलर इंटरवल्स पर हिंदुइज्म ए रिफॉर्म मूवमेंट सोते रहे हैं हिंदू सलाह सभी ने कहा भी गया है कि जब-जब धर्म संकट में आता है तब तब उसकी रक्षा के लिए खुद इश्वर अवतार लेते हैं इसलिए यह रिफॉर्म मूवमेंट्स हिंदू फिलासफी द्वारा भी जस्टिफाई किए जा कि हिंदुइज्म डिटेल मिल रहा है क्योंकि यह टेक्नीक नहीं है और इसमें खुद को नया बनाने
की अभिनेत्री भी दिखती है अथर्ववेद में सनातन वर्ड का एक्सप्लेनेशन भी कुछ इसी तरह सनातनम एवं राहु दश या तो पुनर्नवा मीनिंग आफ क्लाइम्स टो बे [संगीत] यूनीक फीचर है इसके ऊपर और स्वस्थ होते हुए भी यह को रेफर करता यह समझने की जरूरत हिंदुइज्म एंड सब्सक्राइब यूनिटी इन डायवर्सिटी आफ हिंदुइज्म में असंख्य देवी-देवताओं का अलग-अलग सब्सक्राइब साथ रिचुअल्स और में भी बहुत ज्यादा डाइवर्सिटी देखने को मिलती है इस सब के बाद भी हिंदुइज्म अपने फॉलोअर्स को यूनाइट करता है क्योंकि हिंदू फिलासफी इतनी फ्लैक्सिबल है कि सभी व्यूअर्स को इसने एक्सेप्ट किया है हिंदुइज्म मान्यता
है कि रास्ते अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन सबकी मंजिल एक ही है हिंदुइज्म तो बाकी रिलायंस को भी सत्य ही मानता है इसमें कहीं भी यह कौन से नहीं है कि हिंदुइज्म के अलावा जो Reliance है वह ईश्वर की प्राप्ति का मार्ग नहीं हो सकते इसी वजह से हिंदुइज्म को एक टॉयलेट रिलीजन कि बोला जाता है लेकिन टोरेंट शब्द इस क्लिप को जस्टिफाई नहीं करता क्योंकि हिंदू उस न सिर्फ दूसरे Reliance का सम्मान करते हैं बल्कि उन्हें भी हिंदुइज्म की बराबरी पर ही रखते हैं इसलिए हिंदुइज्म में पोस्ट कन्वर्शन का कॉन्सेप्ट भी नहीं आता हिंदुइज्म
हिस्ट्री में कभी भी दूसरे रिलेशन के अगेंस्ट धर्म के नाम पर गौर नहीं हुए हैं फिर चाहे वह वसुधैव कुटुंबकम् की फिलॉसफी हो जिसके अनुसार विश्व एक ही फैमिली माना जाता है या फिर सर्वे भवंतु सुखिनः अ जैसे हम हिंदुइज्म हमेशा ही सबके कल्याण की बात करता आया है हिंदुइज्म संपूर्ण मानव जाति के इक्वल वर्थ का भी कांटेक्ट है यह हमें इस इंसल्ट हिम से साफ पता चलता है जेल शैंपू अकनिष्ठ शुरू इतनी सम्राट थ्रो वाह बहु सौभाग्य जिसका मतलब है कि लोगों ने सुपीरियर न इनफीरियर टो ऑल ब्रदर्स मार्चिंग फॉरवार्ड टो प्रोस्पेरिटी यही वजह
है कि आप चाहे शिव की पूजा करते हो या कृष्ण की या फिर देवी के भक्त हूं यह शायद किसी की पूजा ही ना करते हो लेकिन फिर भी आप खुद को हिंदू कह सकते हैं हिंदू होने के लिए न तो किसी एक भगवान की वर्शिप करना कंपलसरी है और ना ही किसी मंदिर में जाना यहां तक कि किसी इंडियन स्क्रिप्ट्स और की स्टडी करना भी मैंडेटरी नहीं है कि हिंदुइज्म तो सब को अपना मानता है अगर आप खुद को हिंदू मानते हो तो आप एक हिंदू ही हो फिर चाहे कितनी भी डाइवर्सिटी आ जाए
हिंदुइज्म आपको उसके नाइन हंड्रेड मिलीयन से ज्यादा फॉलोअर्स के साथ टुनाइट कर ही देता है कंट्रीब्यूशन दोस्तों जैसे हमने देखा कि बाकी रिलायंस की तरह ना तो हिंदुइज्म के पास कोई सिंगल फाउंडर है ना कोई सिंगल टेक्स्ट और ना ही कोई सिंगल गॉड इसीलिए उसे ट्रेडिशनल रिलेशन की डेफिनेशन में समझ पाना मुश्किल होता है एक रिलेशन से ज्यादा यह अवे ऑल लाइंस की तरह डिवैलप होता है लेकिन समय के साथ दूसरे रिलीज इंच का डिवेलपमेंट शुरू होता है और यह सभी हिंदू वे आफ लाइफ को चैलेंज करते हैं इन्हीं को काउंटर करने के लिए और
इनके कंपटीशन में हिंदुइज्म एक रिलीज उनकी फॉर्म लेने लगता है हिंदू परंपरा के अनुसार अपने धर्म को सनातन धर्म कहा है और धर्म शब्द की परिभाषा रिलीजन से अलग भी बताई जाती है धर्म का मतलब एक सेट रूल्स माना गया है और सनातन धर्म का मतलब हुआ ऐसे रूल्स जो हमेशा ही बैलट रहते हैं बाकी रूम्स इनलॉज़ तो समय और कंडीशन के अकॉर्डिंग चीज होते रहते हैं लेकिन जो हमेशा चलता रहे वहीं है सनातन धर्म दोस्तों हिंदुइज्म को एक वीडियो में समझा पाना तो नामुमकिन जैसा डांस है फिर भी हमने कोशिश की है कि आपको
हिंदुइज्म की मूल बातों से परिचित कराया जाए अगर आपको हमारी यह कोशिश अच्छी लगी हो तो कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं और यह वीडियो अपने फ्रेंड्स और फैमिली के साथ शेयर करना ना भूलें थैंक यू एंड गॉड ब्लेस ऊ