एक प्रसिद्ध तिर्थस्थान है हुआ है के संपूर्ण व्यक्तित्व धर्मावलंबियों के द्वारा में मान्य है हुआ है अभी से लेकर संशय ठंडा अ भगवान व्यास व है और और दूसरी ओर से स्मृति में के साथ करके का देखना है को श्रेष्ठ एक अद्वितीय ग्रंथ शत्रुघ्न है एक सेल्फी वेब कि विक्रम विक्रम शुद्ध गणपति उत्सव और गणेश उत्सव की की प्रॉब्लम आराध्या को शांत कर दो थे फैमिली हद तक जा सकते हैं ए ए ग्रूसम हुए द्वारा मानव जीवन दास नंदास मध्य कि हेरोल्ड यंग महाप्रभु के संप्रदायों से हुए गुरुदेव विद्याभूषण श्री रामा मंडी में भी इसी
जाति है आनंददायक नाम से प्रसिद्ध है अ एक विशेष ध्यान सब्जेक्ट संस्कृत वर्ड का नाम कभी नहीं दिया जा रहा है कि शंकराचार्य यह भगवान से अनुज आर्य नगर शंकराचार्य में जो इसका भारत को अधिकाधिक है कि उसकी तनख्वाह कोई 50 के लगभग पहुंचते हैं में संक्रांत प्रदेश में संक्रांत आंसर भ्रांति भावचित्र कल लुट कल्पतरु पर परिवार प्रबोधन रत्ना प्रभा निर्णय पंच प्राथमिकता है और फिक्शन में अलग पंचायत का प्रदूषण के अधिग्रहण पर है दूसरा नाम हर्ष या तत्वदर्शन सभी संप्रदायों के पत्रकार श्री श्री वल्लभाचार्य उस पर राशि में हैं [संगीत] सब्सक्राइब है सब्सक्राइब सब्सक्राइब
में यह सब्सक्राइब करें में श्री कृष्ण अध्याय की शुरुआत कर दी है है तो कि मैं इस तरह से और कि आचार्य में इतना समादृत दूसरा कोई ग्रंथ है नहीं है एक से एक इस वेबसाइट पर हम भोग प्रमेय प्रधान है जो प्रमेय प्रधान कार्य होता है है कि हम यह नहीं देखते हैं है कि बच्चा कौन है कि सिस्टम चल ध्यान नहीं देते हुए कि देखने वाला खबर है अ कि अ किस भाषा में बोला स्पेशली ध्यान नहीं देते हैं है यहां तक कि भाड़ तत्व भाग्य तत्व विज्ञान नहीं देखे थे कि हमारे पास
अशुद्धता तो भी शुद्ध बनाने की शक्ति पर अ का मन हम व्याकरण जानते हैं है जिसमें कि अशुद्धि पर शुद्ध करने की क्षमता है कर दो को देखते हुए हैं कि जो दांत बताई गई इसमें को बच्चों को कि वे सरपंच है कि नहीं है हुआ है की प्रस्तुति प्रधानता से निर्णय होता है बच्चन दिव्या दत्ता की प्रधानता से नहीं है कि अ जो यदि ऐसी किसी वस्तु का प्रतिपादन सरकार है है जिस पर हम नाक पर चुन सकते हैं है कि चमेली की सुगंध है कि गुलाब के फूल कि यदि हम सीख सकते हैं
कि खट्टा है कुंठा जल्दी हम यहां से देख सकते हैं कि लाल है किसी इलाज जल्दी हम श्वेता से रुखसत ऐसी कठोर है कि बंद है है और यदि हम कान से सुनें सकते हैं कि गाली दे रहा गाली है किसको चाहिए तब तक हमारी इंद्रियों से द्वारा तत्त्व का साक्षात्कार हो जाता है कि किसी बटन पर विचार करने की आवश्यकता ही नहीं होते हैं हो तो व्यक्ति काजोल ऊपर शर्मा है दोस्तों है ब्रह्म है हैं नारद पुराण बच्चों का निरूपण करना है कि आप ब्रह्म शब्द का अर्थ जानते हैं मैं सूरत शब्द थे बृहत
यह जानते हैं देखना है ए ए ग्रुप का कोई भी संतोषजनक नहीं है कि मैंने बृहत शब्द के अर्थ को छोटा करने वाला सूची कोई भी निर्जन है है इसलिए अंतर का बड़ा त्यौहार का बड़ा तबीयत नहीं होता अंदर का बड़ा के नीचे का बड़ा यह प्रश्न उठता है मौन धारण से परीक्षण होने वाले व्यक्ति का विरोध नहीं है यह अब से 10 लाख तरफ रख साल से परिक्षेत्र जो वस्तु होती है उसका विदेश यह नहीं है जब स्कूल से परिक्षण नहीं होते हैं उसका उल्लेख है मैं प्यार से ट्रांसपेरेंट ऐसी इंद्रिय है यह कैंप
ऐसा उपकरण है जिसके द्वारा आप देश और काल से अश्लील वस्तुऐं विषय कर सकते हैं मैं पहले देखना पड़ता है कि जिस वस्तु को देखना है और जिस व्यक्ति से हम देख रहे हैं उसमें उस वस्तु पर देखने की योग्यता दी है कि नहीं है अब आधे तो कि दुनिया का कोई भी व्यक्ति और किसी भी समय है कि यदि यह कि वृषभ का शुक्र क्षेत्र में हो गए और ब्रह्म के अनुसंधान की मृतयु अ अ की प्रशंसा रही कहां से आएगा तुरंत वजह है कि ब्रह्म नाम की कोई वस्तु है अंतकरण में यह संस्कार
हो बिना उसका दूसरा रही कहां से उदय होगा क्योंकि जो चीज किसी भी जिंदगी से नहीं देखी गई है कि सभी अनुभव का विषय नहीं हुई है है और अनुभव स्पेसिफिक बड़ी नहीं है कि मैंने अनुभव की विशेषता भी जितने नहीं है स्वयं अरशद जरुरत है सिर्फ वस्तु के बारे में किसी के मन में कहीं से जानने की इच्छा हुई सुनने की शाह और अनुभव करने की इच्छा हो तो जरूरी कहां से हारेगी से पहले आप में भूसा आप ध्यान मत करना है में एक ऐसी वस्तु है जिसमें इस साल की कल्पना नहीं है मैं
सिर्फ बस तुम इससे होती है परंतु पुरस्कार के साथ धारा के रूप में बहती रहती हैं हेलो व्युअर्स भरपूर होती है परंतु देश के साथ हुए उत्तर देखकर निर्देश में अपनी जा सकता तो कायम रखती है हु इज द तू ऐसी होती है गुस्सा में कारण के रूप से अनुपस्थित होते हैं हैं परंतु अ का कार्य के कि संयुक्त कलेक्टर ऑफिस इस साल की समीक्षा लेख रूप से रहने वाला हूं को अन प्रदेश और गधे तो स्वीकार न करने वाला कि अ है जिसमें कारण अपराधी नहीं हैं में वृद्धि दर्ज नहीं है 20 और बहिर्मुखी
होता है बीच में से अंदर निकलता है ए वेरी एडिक्टिव रूप में हुई वह अंतर दुश्वार दुश्वार समष्टि रूप देश नहीं है कि सागर सर सुविसाल तलाश है ए रुक पदार्थ कुछ जानने की इच्छा हो रही है भी बढ़ पुण्य फल प्राप्त होता है यहां तक कि अंतकरण शुद्ध होने पर होता है यह आंतों का यह कहना है 998 मोदी किया था अ मैं इसमें आठ शब्द का अर्थ यही है इस अखबार ने इसके बाद दो कि अ हनुमान धूप के परीक्षण धातु से तृप्ति नहीं हुई जेठ कृष्ण का जन्म अगर पति-पत्नी के लिए और
परिशुद्धता से विलक्षण परम आनंद की प्राप्ति के लिए जेवरात है है सावधान है उस ब्रह्म जिज्ञासा का वृद्धि गया था का उदय होता है का प्रचार तो आपको बाद में इतना में गए थे मैं पहले यह बात देखनी है कि शिक्षा समिति आप 286 नको को हटाना चाहते हैं यदि उससे अलग जगत होगा तो वह अतुल सिंह होगा अ मैं जल्दी उससे चालक मैं होगा तो प्रोग्राम होगा रिएक्शन होगा ना है जिससे अलग मैं हूं और मुझसे अलग जो वह भ्रम नहीं सकता और जगत जिससे अलग हैं और जो जगत से अलग है वह भी
भ्रम नहीं हो सकता इसलिए श्रुति में कि गुसलखाने आगरा यस्मिन विद्यालय यस्मिन ने एक अश्लील विद्यालय प्रबंधक स्तंभन वटी जिसे 8 का विज्ञान हो जाने पर सर्विस का ज्ञान हो जाता है उस ब्रह्म का निरूपण इस ग्रंथ में है और उस वृद्ध वस्तु का साक्षातकार ग्रहण के द्वारा रचना के द्वारा 118 नेत्र के द्वारा स्वच्छता के द्वारा अर्थव्यवस्था पर गहरा रोष भगवान के दोहराव के अक्षरों पर के द्वारा उस अपराधी तत्व का शक का टाइम होता इसके लिए में आ ना जाए तब इन उच्चतम ब्रेक मिलता हूं है जिसने रेट का स्वाध्याय नहीं किया मैंने
जितने वैद्य द्वारा सोती मंत्रों के द्वारा ब्रह्म का विचार नहीं किया है का व्रत नाग व्रत अप इन थे तांबरे संतान फैब्रिक फ्रंट में व्यथा-वृत्त भ्रमण भ्रमण में वृद्धि होती है सब्सक्राइब के उपलक्ष में की कोशिश करें आपको की बात दीदी दीदी सुधा मंदिर चौक मुश्किल करके पेशाब है और सुदृढ़ अध्यक्ष ब्राह्मण प् एक सज्जन शक्ति का कहना है कि मेघनाद इस तरह ना नहीं है ना तो लेंगे है अ नहीं करेंगे एक बार महात्मा रूप में दिखाई पड़ रहा है तो नहीं है मृत व्यक्ति की आत्मा से बात करके रहेगा तो की मृत्यु में
अपनी मृत्यु और जन्म मरण के चक्र है की मृत्यु समृद्ध सांस्कृतिक जागरण करते हैं कि ने हाशिम चला नाना प्रकार फोल्ड करती है सिर्फ अ है और अयमात्मा ब्रह्म इस आत्मा को ब्रह्म बताते हैं कि है तो ऐसे ब्रह्म विचार करने के लिए जिससे परिक्षण बता मून अक्सर वृद्ध आंखों की मृत्यु हो जाए में कोई भी रमेश मेघवाल नहीं उसके लिए यह ग्रंथ प्रारंभ हो रहा है अतः व्यक्त करता हूं कि यह श्रीकृष्ण अग्रवाल पायल का घुंघरू और आजकल तो लोग फिश लिखते हैं ना मैं पहले जो बात नहीं कही गई हो vep जब तक
नहीं कहेंगे तब तक में प्रमाण चाहिए हो गए थे है उसका आधा हिस्सा होगा जब कोई नई बात घर चले आए कि सौरभ में पीएचडी होने के लिए याद दिल तोड़ने के लिए नियुक्त करना जरूरी होता है कर दो 200 जागरण व्यास और श्रीकृष्ण गुप्ता संजय दत्त यह नहीं कि दो है यह सोचती रही हो आप 9th ब्रह्म सूत्र वादरायण व्यास की रचना है कि श्रीकृष्ण तत्व पाए जाते है कि हमारे इतिहास पुराण प्राचीन ग्रंथों के अनुसार श्री कृष्ण भाई पायल और बाद चढ़ाएं यह दोनों व्यास एक ही हैं सुना दो है और यह व्रत
नहीं है हैं और इतने नजदीक जो ग्रंथ रचा है यह सुकृत्यों है श्री वल्लभाचार्य जी महाराज ने बताया कि आप जैसे बहुत से फूलों की एक माला घूंट नही होती है तो सूट एक होता है और उसमें फूल बने होते हैं मणि ने हर खींच के हैं तो किसी प्रकार समिति के उपनिषद के मंत्र से अनेक है कि हे रूद्र मंत्र उपयोग या नहीं एक माला से रुप में फूटकर के समर्थन में उतर बैठा जैसे ₹50 ही जैसे अगर फिर कि मनुष्य के काम आ गए हैं तो उसे जीवन के लिए उसमें भी हो जाए
इसके लिए यह सूत्र की रचना है की सूचना सुत्र जो किसी बच्चों के अर्थ से सूचित करें उससे सूत्र कहते हैं चाहिए इज्जत किसी वस्तु से हल ढूंढने लगते हैं ना तो कैसे बस उत्तर भिड़ गया इस समाचार का सूत्र मिल गया इस चोरी का सूत्र मिल गया ऐसा विभाग है तब पैसा कहां रखा है उसका भी सूत्र गया सूत्रधार सूचक है है और बीएफ ससुरे अक्षरों में अल्प श्रम पसंद दम सर्वद विश्वभूषण अशोभन अत्यंत सूक्ष्म सूत्र विद 6% कहते हैं जिसमें अक्षर थोड़े हैं और संदिग्ध ना हो है और शाहरुख हो कि एग यहां
पर की थी परीक्षा करके कहा गया है विश्व रिकार्ड है ए ए ग्रुप स्टार्ट न कर दो कि हर निर्देश अगर अ में प्रसिद्ध है दूसरा अनुपात कर्म असंदिग्ध मौनी रॉय विश्वेश शर्मा शुभम को कि अजमेर सूत्र का है ताकत ब्रह्म सोच रहे थे कि अ मैं सिर्फ विनोद की बात आप घोषणा कर दो कि हमारे अलार्म सेट पर स्थित महात्मा थे आप तो कहते थे कि और शतचंडी होते हैं वह अधूरे अधूरे होता है हैं परंतु ब्रह्म शब्द बिल्कुल परिपूर्ण है अ कि को लेकर से परिपूर्ण है कि पीर व्हाट्सएप ऐप मैं तुझे स्वर
और वर्णो की गिनती करते थे कि अ के स्वर और धर्मो की जनता कर सकते हैं तो आप इसे लेकर के 16 तो स्वर होते हैं अ मैं तेरे नारायण कैसे ले करके 339 को बर्न होता हैं सुधीर वृषभ की ओर देखा और की संख्या है यह व्यंजनों में से कौन सा अक्षर है इस गिनती करके बताते थे कि को सौंपना चाहा तथा अनुशासन गुना अधिक हो गया है है और शैटर सुषमा अक्षर हुआ जाओ है और और राहत दादरा उसको दिनों वह कितना हुआ है 131वें तक 25 हुए और यह 26 और राशिफल तो
2738 कितने हो गए थे ने 500 है FD करो कि आदित्य है भोले था अ के पराठे तैयार आलावा सकता था सच्ची और 8034 हो गया कौन था आसफ खान और सच्ची समय है मां इससे जोड़ दो कितने अक्षर हुए को एक सवाल है है तो आप ऐसे फोल्ड कर बताओ कि शुरुआत में तो महात्मा लोग बैठे बैठे हैं महात्माओं का महात्मा का राज्य है जितने अच्छे से सीता राम ने जब सीता राम इसी नियमानुसार है है और उसमें श्रेणी ताण रहा है और मां इतने अच्छा जोड़ने पढेंगे स्वर्ण एक बार फिर राधे कृष्ण ॐ
कि राजस्थान कृषि बैलेंस सर्वे से विशेष अर्थ सीताराम दोनों से वीरवार एग्जाम है कि यह अच्छा यह अ और दूसरा नमूना यह है कि यह जैसे है कि आप कहा में ब्रह्म पुराण मैं इसमें से फंसे जो अपनी जगह से उठा कर कि हे दुर्रानी इसके पहले रख दो कि वह सिद्धार्थनगर फस जायेगा जो पिज़्ज़ा ब्रेड है ना अ मैं तो ऐसा ही अलग है यार उससे बात क्या है राह राबर्ट बाड्रा सब्जियां और फल दोनों मिल जाएंगे इस प्रकार का भय रहेगा और मैं अपनी जगह पर जो चाहते हैं तो यह है कि पहले
वाले को बीच में रखते भ्रम भ्रम भ्रम भ्रम भ्रम है कि अथातो ब्रह्म जिज्ञासा को शांत कर एक संप्रदाय विशेष शारीिरक दर्शन बोलते हैं शारीरिक श्रम से है इसका अर्थ यह है अब इस शरीर में ही जुड़ा आत्मा है शरीर विधायक शामिल थे अब इस शरीर में है जो आत्मा है वह शरीर के हिसाब से छोटा नहीं करना है मैं ब्राह्मण हूं तू माने तुम्हारा दो हमर खैर तुम्हारा जो मैं उसी का नाम ब्रह्म है यह बात बताने के लिए शाक्त संप्रदाय में पुष्प शारीरक बर्तन धोते हैं और शारीरिक औपचारिक दर्शन हुं और विभिन्न संप्रदायों
ने इसमें ₹10 लाख विचार है इसलिए इसको वेदांत दर्शन बोलते हैं दूध का जो अंतिम भाग है उसका इसमें प्रतिपादन है इसलिए उसका नाम वेदांत दर्शन है कोई पूर्ण प्रदर्शन बोलते हैं इसको मधु आचार्य जी महाराज उसका नाम पूर्ण प्रदर्शन हुए हैं जिसकी प्रज्ञा चल शुरू हो गई है जिससे दांत प्रज्ञा के विकास का दूसरा कोई खास प्रगति नहीं रह जाता जैस्मिन दुग्ध संघ ने जिस अधिग्रहण होने पर सड़क का ज्ञान हो जाता है वह यह पूर्ण अरण्य पूर्ण प्रदर्शन है कि कि अ इससे शरीर के संबंध में बात करता हुं है कि दांत दर्शन
एक गर्म है इसमें चार अध्याय हैं कि मानव एक तो समझाने के लिए चार विभाग करके बात समझाई गई है समन्वय है अनुरोध है साधन है और फल हैं आ जाओ मैं तुझे में स्पष्ट रूप से मेरे दिल में स्पष्ट रूप से परब्रह्म परमात्मा का वर्णन है कि रुचिका की संगति लगाने के लिए समझ में आते हैं का एग्जाम छुट्टियां धारण करते हैं उनको अवधि से देख रहा है और ब्रह्मज्ञान का मिट्टी का ब्रह्मज्ञान का साधन क्या है इस पर विचार करने के लिए साधन होता है कि सैफ अल क्या होता है भक्ति का स्वरूप
क्या है सफल पर विचार करने के लिए तो उठा यार कि विक्रम समय चार अध्याय और फिर एक अध्ययन में चार चांद है और सुनाओ अच्छा ऐप शंकर मतानुसार 191 अधिकरण है इसमें दो है और अश्लील सूत्र है यह ग्रंथ का शरीर है कुल मिलाकर 555 सूत्र इसमें दो कि सैफ सूत्र का सार्थक निर्णय करने के लिए ऐसी ऐसे संकेत हैं है अब आपको एक नमूना करना था की जिज्ञासा से ग्रस्त प्रारंभ हुआ है है और अनावृष्टि से समाप्त हुआ मन पहला सूत्र था खुर्रम दिया था और आखिरी सूत्र चाहे अनावृत शब्दार्थ यह क्या हुआ
का प्रदर्शन किया साधन चाहे ज्ञाता अ अपने हेयर्स का खर्चा है का अनावृत हो को अनावृत माने जिससे संसार में जो जन्म विवरण होता है जो सुख दुख होता है राग-द्वेष होता है टॉप कोई नहीं होता है धर्म-अधर्म होता है उसके चक्कर से छुटकारा मिल जाए यह तो है ग्रंथ का पेड़ ऐड यह फल प्राप्त करने के लिए फल प्राप्त करने के लिए उपाय क्या है वह जिज्ञासा है कि वह इसका अर्थ हुआ था है कि इस चीज तो तुम जानो है और जानने से ही तुम देखोगे कि तुम पहले से ही स्वयं मुक्त हो
जिन व्यक्तियों के साथ तुम बधा हुआ आपने को मानते हो कि प्रदेश में के साथ बंद हुए नहीं हो कि जैसे देते है कौन सी संसार में कोई मरता है है या कोई चीज छोड़ती है है या कोई चीज नष्ट हो जाते हैं कि उसके मरने पर बिछड़ने पर नष्ट होने पर बड़ा कष्ट होता है है और यह कट जो है मैं सिर्फ वस्तुओं में से निकलकर के हमारे भीतर आता है कौन सी कि बच्चों के साथ एक बस तू का जो छूटना है सूचना रूप दुर्गा है उसमें से निकल कर आता है कि जो
उसके फूटने का शान है उसमें से निकल जाता है छुटने का दर्शन है तो कमेंट बहुत से लोग मरते दिखते हैं बिछड़ पर दिखते हैं शूट से धोते हैं बदलते देखते हैं कौन से बदलने से तो दुख नहीं होता है जिनके स्टार्ट अपना नियम होता है वे होता है ममता होते हैं संबंधों का आधार होता है सुनी के लिए तो देख लेता है के विकास हेतु मेघ सिध्दि की दुख का हेतु वस्तु नहीं है यदि आपको यह बात मालूम हो जाए कि जिस समय हमें सदस्यों के साथ अपना संबंध थे उस समय भी वह बस
तू अपनी इस संबंधी नहीं अखिलेश पसंद सुश्री बहन तो उस समय भी उस असंगध उदासीन थे और उस समय भी पसंद उदासीन है कि यह जान हो जाए तो आप सबसे अधिक मिट जाता है कि नहीं मिल जाता है मां ने दुख रुद्रम बाहर नहीं है रुक रुदन भीतर है अच्छा एक बात आप देखो दुख दोनों में से कर्णशूल समय और कौन सा स्कूल है ये दुनिया सुरेश शेट्टी के मालूम पड़ते हैं वह कौन से दोनों में कुछ रावण और गहराई मालूम पड़ते हैं अ ए प्रूफ की गति जागृत स्वप्न दोष केवल दो ही अवस्था
में है और सुख की गति तो छुट्टी में दी है आ जाए बेहतर वेतन से न होने पर भी सूख महत्व आप सम्यक इंच यदि शाम है अध्ययन और सुख पर छुट्टी में यह कहते हैं परंतु दुख तो छुट्टी में नहीं होता स्वप्न दोष देता है चतुर्विघ होता है इसका मतलब यह हुआ था कि ब्रिक भीतर नहीं है सुख बाहर से आया हुआ है और वे अधिक से अधिक अश्लील अवस्था तक जा सकता है छुट्टी में नहीं रह सकता लेकिन उनके बारे में यह साफ मालूम पड़ता है कि बैठकर अच्छा हुआ है वह भीतर से
आया हुआ है सूख समस्या हाथ में रूपम आत्मा का स्वरूप चुका है और जहां आत्मा है वहां खींच तो रहता ही रहता है रुचा आश्चर्य है यह हमें अपने जीवन में जहां हर चीज वस्तुओं से पकड़कर के दुखी हो रहे हैं और वे भी हमारे भीतर है ऑफिस हमारे भीतर है है मैं उसको नहीं पहचानते हैं सुधीर वाली चीज को पहचानना यह आवश्यक है अजय और बातें करो है यह बताते हैं कि ज्ञान होना चाहिए वैसे जिज्ञासा शब्द का प्रयोग किया हुआ है और सौरभ से आपको सुनाएंगे शीघ्र आज नहीं कल सहित आज तो मंगलवार
है हैं जो काम थोड़े-थोड़े करके किया जाता है वह कल्याणकारी होता है मैं बहुत जल्दी में करने से तो काम करता है अब एक दो कि घड़ी को यहां से बाहर उठा कर रखना हो तो हम रख सकता है है लेकिन हम जो चाहे सो इच्छा नहीं करते हो मैं आपके साथ पर से बैठो प्रतिसाद नहीं है कल सुबह नहाने के लिए मिनट में यह करेंगे कि हम यहां से निकल कर बाहर आ जायेगा को पिकअप करना है को शुभ समय तुम्हारे मन में इच्छा है सब बोल रहे हो आप हैं अगले मिनट बाहर जाने
की इच्छा है उससे तुम ढाणी से अभिव्यक्ति दे रहे हो अ कि इच्छा दुर्गे कि जुर्म निकलने पर तब पालन करते हैं है इच्छा पूर्ति साध्य नहीं है करता के अभी नहीं है जब हो लेती है सब मालूम पड़ते हैं इस समय जब उनकी इच्छा करते हैं जाने दिया जाता कर्तव्य बोध कर्तव्य तो सरकार के अधीन नहीं है हम जो चाहे कर सकते हैं करना ही छाए रहे हो जाते हैं कि बाघ को मैं इसी से मन में इच्छा होना मैं चार्ट फ्रेंड कौन है कि यदि उस इच्छा के अनुसार कर्म करोगे यह सुनकर मजबूत
होगा तो कौन होगा और मैं शुद्ध होगा तो साफ होगा और का प्रशिक्षण करने न करने में समय को इसका युधिष्ठिर घड़ी उठा लो है लेकिन धोनी ने कहा अभी 5 मिनट बाद क्यों है वित्त मंत्री ने द कि सूर्य जो इच्छा होती है वह साथ कर्म नहीं है और इच्छा बुद्धि नहीं है अ कि इच्छा के अनुचित या अनुचित से का विचार जिससे होता है वह बुद्धि है कि अ किसी के मन में यह प्रश्न हुए कि हमारे मन में तो गलत तड़प इच्छाएं हुआ करती हैं उनको कैसे मिटाना है इस पुनीत बुद्धि से
समर्थन मध्य और बुद्धि से युक्त इच्छा कर उचित मत कमजोर और दूसरे उसको कर्म पर्यंत मत ले जाओ तो बुद्धि और कर्म इन दोनों पार्टियों के बीच में रहकर के वृक्ष अपशिष्ट जाएगी समाप्त हो जाएंगे अच्छा अगर आप यह दावा हो कि हमारे मन में जो उठाएगी शुरू करेंगे हैं तो आपके मन में जो हिसाब से तो बोल कर बता दो ना कि रक्षाबंधन का काम नहीं करोगे यह जितने नेता होते हैं मंत्री होते हैं बड़े आदमी होते हैं लुट होता है इस जार लेंगे यह जुबान करते हैं तो आप लोगों के ऊपर हमारे आप
हमारे भविष्य के प्रति समर्पण और दूसरे में करो कि कल से विचार करना पड़ेगा नाग ने करते हैं वृद्धि का निर्णय शीघ्र के अनुसार सब्सक्राइब क्लिक करने में दुरुस्त करना पड़ता है 167 दूसरा स्थान में नहीं होती हैं मैं इकठ्ठा में नहीं होती या तो कर्मों में होती है और या तो विचार में होते हैं 178 बदल जाता है ए पटाखे धर्म दिया था तो ब्राह्मण जाता है अब रह जाता है यह लिखित सुविचार विचार विचार विचार करना पड़ेगा में गुजार बुद्धि से धो से विचार किया जाता है तो अब विचार करना चाहे का बुरा
मत करो और अधिक रहेगी बीच होता है आप भोज में और ब्रह्मा तोरे कर दो मैं एक चीज होता है तो उसमें पहले से अंकुर का तत्काल दो सफल होने वाला है पत्ता होने वाला है अंकुर निकलने वाला है उसका संस्कार बीच में विद्यमान होता है तो बीच में कहां से आया है अरे भाई उसके पहले दृश्यता उसमें से आया सबसे पहले कहां से आया बीच में से आएगा मैं तुझसे बिछड़ उससे भी यह प्रमाणसिद्ध परंपरा जो है विजन पुण्याय इसको बोलते हैं चलता रहता है लेकिन ब्राह्मण त्यागी जरूरत है यह प्रश्न है कि अनंत
पे ब्रह्मांड का भी जिसमें घ्र है कल सुबह तो बीच में पूर्व ता संस्कार है के साथ बीज पर फूटने के लिए साल चाहिए है और बीच में अधिकारी होना प्रभाव से उसका अ कि वीर्य का रूपा धान के लिए प्रतिरूप कि भीड़ में सरकार पहले विरुद्ध कर्म का अ इस बीच कहां प्रभाव होगा अधिकारी अ है और बीच में एक ही उन्हें पटना होगा उस पर स्थन चाहिए है और बीज पर प्रदर्शित खाना चाहिए सब भोज वृक्ष के रूप में परिणत होता है अब समझो कि जो जगत का मूल तत्व है ब्राह्मण जल्दी बुध
इज्जत है हैं और फिर उसमें दास अभियुक्त ध्यान रखना चाहिए एक बात और डाट तभी तो प्रधानता होने पर चार गिरफ्तार परिणाम होने से वृक्ष टूट जाएगा उसमें पहले से शर्म का संचार चाहिए एक वस्तु के बने रूप में होती है तो देना संस्कार के कैसे होगे अच्छा और उसके काल चाहिए फाइन चाहिए और उससे खांड भी चाहिए तब शिक्षक रखिए सप्ताह में बीज जो है वह वृक्ष के रूप में परिणत होगा स्टूडेंट को कि ब्रह्मांड garuds खो स्वाद चा से एप्स अ यह वृक्ष है यह जो विष वृक्ष है वह साल ब्रह्मभोज से उत्पन्न
नहीं होता है यह चकली प्रश्न है पुराणों में इज्जत को है कि नहीं है मैं तुम्हें धर्मा अजहरुद्दीन सर्विस की परंपरा तो लोकसिद्ध प्रमाणसिद्ध है परंतु धर्म अधर्म से निर्मित व से शरीर की प्रति और शरीर के निमित्त से भरमार धर्म की उत्पत्ति जी यह बे भरना घर में से शरीर की तरफ शरीर से धर्म धर्म की उत्पत्ति है यह यह परंपरा है के बेटे विक्रांत पर अन्याय है ईशान कोण में आया है देते दान पुण्य हैं और उसकी परंपरा प्रमाण सिर्फ है वह इसे धर्म से बेहद उनसे धर्म धर्म धर्म धर्म से देश की
जो परंपरा है यह नोटिस प्रमाणसिद्ध हैव लेफ्ट प्रमाण सिर्फ ग्रह किसने की 200 फीट करने वाले तो करने से मानते नहीं है उनके ऊपर तो कोई रुकावट नहीं है कि असल में यह भरवां धर्म से दो पत्ती का प्रसिद्ध है और देश से धर्माधर्म उत्पत्ति का प्रसंग है और दूसरा प्रणाम सलाउद्दीन संयुक्त राष्ट्र से हुई प्रतीत नहीं है टॉर्च लाइट संशोधन है के ससुर शास्त्र के सिद्ध कार्यकारणभाव अर्थशास्त्र से घी ज्यादा चर्चित कार्य-कारण लीला लीला है ब्राह्मण होने का कारण है इसलिए कि का यह भी प्रवेश नहीं होगा नहीं होगा इस शरीर का नहीं होगा
तो दांत का उपयोग की निवृत्ति के लिए क्या होगा और कहां से कहां से होगी परंतु यह जिज्ञासा दो है वह महाराज बिल्कुल बोलते हैं जी हां यह अरे बम है अरे बम फैंस ज्ञान से अज्ञान की वृद्धि होती है घ्र कि किसी भी चीज का ध्यान उस चीज पर नहीं मिलता है जली चीज डालने से चाहिए यह ब्राह्मण ब्राह्मण ब्राह्मण होने की यह सारे के सारे के सारे ब्राह्मण ब्राह्मण से पूछा ब्राह्मण ने विपक्ष से अपील की है कि कि कल प्रातः गोन मद का पानी सुख न [संगीत] लुट का विवाह हुआ था लुटेरे
को लुट [संगीत] कर दो [संगीत] के अशोक हाल में राहत देते तनु की सुबह संपत्ति लुट उम्र सीमा प्रेयर तुने ग्रह मिशन मंगलम लुट अतिथि कल्याणरूप प्रभात नित्य कल्याण समिति प्रयुक्त सिमर प्रणाम