कम्युनिकेशन स्किल एक ऐसी स्किल है जो चाहे आप स्टूडेंट हो एंप्लॉय बिजनेसमैन हो या कुछ भी और किसी भी आगे में हो ये एक स्केल सीखना हर किसी के लिए जरूरी होती ही होती है चाहे आपकी प्रोफेशनल लाइफ हो या पर्सनल लाइफ हो आप तभी अपना इंप्रेशन दल के आगे बढ़ पाते हैं जब आपकी कम्युनिकेशन स्किल्स अच्छी हो और आप किसी से भी बात करने की कला में माहिर हूं एवं रिचर्ड फिल्म एंड जिन्हें वैन ऑफ डी ग्रेटेस्ट टीचर्स माना जाता है इन पर फेमस साइंस हिस्टोरियन जेम्स ग्लिक जिन्होंने दुनिया के कई ब्रिलिएंट माइंड्स को
स्टडी करके उनकी बायोग्राफी लिखी हैं वो कहते हैं की फिल्म एक ग्रेट टीचर नहीं द बल्कि वो एक ग्रेट लेक्चरर द वो एक ग्रेट कम्युनिकेशन द उन्हें लोगों से बात करने की कला थी इसीलिए एक अच्छी कम्युनिकेशन स्किल डिवेलप करना बहुत जरूरी है और ये बाकी सारी स्किल्स की तरह ही प्रैक्टिस से आप आसानी से सिख सकते हो पर उससे पहले कुछ इंपॉर्टेंट बातें हैं जो आपको पता होना बहुत जरूरी है जो की है नंबर वैन अंडरस्टैंडिंग डी बेसिक ऑफ कम्युनिकेशन दोस्तों लिए सबसे पहले यह समझते हैं की सिर्फ बात करने में और कम्युनिकेशन स्किल
में क्या डिफरेंस होता है एक्चुअली जब आप किसी से कुछ हम बात कर रहे होते हो तो आप बस अपना मैसेज उन्हें पास कर रहे होते हो जो कम्युनिकेशन करना नहीं कहलाता कम्युनिकेशन एक टू-वे प्रक्रिया है जहां आप इनफॉरमेशन को एक्सचेंज करते हो अपनी बात कहते हो और दूसरे की सुनते हो जाइए दोनों ही कम एक्टिवली हो रहे होते हैं उसे कम्युनिकेशन या कम्युनिकेशन स्किल्स कहा जाता है और ह्यूमन तू ह्यूमन कनेक्शन बेल्ट करने का एक यही रास्ता है वो है शेयरिंग ऑफ इनफॉरमेशन जब आप किसी के साथ डेट पे होते हो तो कम्युनिकेट करके
ही आप सामने वाले के बारे में जान सकते हो की वो एक अच्छा पार्टनर है या नहीं जब आप किसी जॉब इंटरव्यू में होते हो तो कम्युनिकेशन करके ही आप ये प्रूफ कर सकते हो की आप इस जॉब के लिए फिट हो लेकिन एक अच्छी कम्युनिकेशन स्किल की तीन लेयर्स होती हैं लागोस अटोस इसलिए का मीनिंग होता है एथिक्स जो स्पीकर की कैटेबिलिटी को दिखाती है की वो आदमी कितना ट्रस्ट वर्दी है जो वो बोल रहा है उसमें वो खुद कितना कॉन्फिडेंट है पाठोस इस लेयर का मीनिंग होता है MP3 किसी से भी कम्युनिकेट करते
समय आप सामने वाले की बातों को कितनी अच्छी तरह से समझ सकते हो लागोस इसका मतलब है लॉजिक ये बात करने वाले की पावर और स्टंट को है की बात करते हुए वह अपनी बात को कितना कन्वींस इंग्लिश सामने वालों को समझा का रहा है यहां उसकी बॉडी लैंग्वेज फेशियल एक्सप्रेशन जैसी चीज मैटर करती हैं ये एक अच्छी कम्युनिकेशन स्किल फाउंडेशन है एक अच्छा कम्युनिकेशन बनने के लिए आपको बस ये तीन चीज मास्टर करनी है जब भी आप बात करो तो कॉन्फिडेंस से बात करो ताकि लोग आपकी बात सुने और जब-जब आपके सामने वाला पर्सन
बोले तो आप उन्हें अच्छे से सुनो MP3 क्रिएट करो वो क्या का रहा है क्यों का रहा है उनके बातों के पीछे के इमोशंस को समझो और लास्ट में अपनी बात को इस तरीके से सामने रखो के लोग आपको सुनना चाहे कन्वरसेशनल थ्रेडिंग ये कम्युनिकेशन की सबसे इंपॉर्टेंट स्किल है अगर आपने इसे मास्टर कर लिया तो आपको और सुनाओ और बताओ जैसे वर्ष को उसे करना नहीं पड़ेगा बातें अपने आप ही होती चली जाएंगी दोस्तों कन्वरसेशनल थ्रेडिंग का मतलब होता है किसी की कहीं एक बात से 10 और बातें निकलना ताकि कन्वर्सेशन का फ्लो अच्छे
से बना रहे और बिना ऑफ टॉपिक चलती रहे अब इसे हम एक एग्जांपल से समझ सकते हैं फॉर एग्जांपल मैन लो आप कहीं पे किसी पर्सन से मिले किसी फंक्शन या नॉर्मल गेट टुगेदर में आप कौन से चैनल स्टार्ट करना चाहते हो लेकिन आपके पास बात करने को कुछ भी नहीं है तो आप सिंपली उसे पर्सन को ऑब्जर्व करते हुए एक सरफेस लेवल कन्वर्सेशन स्टार्ट करते हो यह कहते हुए ही हे आप यहां अकेले क्यों खड़े हुए हो बाकी लोगों के साथ एंजॉय क्यों नहीं करते जिस पे वो भी एक सिंपल रिप्लाई करते हुए कहते
हैं बस आज ऑफिस में काफी वक्त था मैं बहुत थक चुका हूं इसीलिए अब यहां आपको क्वेश्चन एक क्वेश्चन नहीं पूछना है बल्कि उनकी बात सुनकर और बात निकालनी है हान आज मैं अभी बहुत बेड फुल कर रहा हूं कम से फिटनेस ट्रेनर जो हूं बाय डी वे तुम क्या करते हो मैं टैक्स फुल में हूं ऐसे सॉफ्टवेयर डाला हुआ अब हो सकता है की वो आपसे क्रॉस क्वेश्चन पूछे या ना पूछे तो आपको अपने बारे में बोलना स्टार्ट नहीं करते हैं बल्कि उनकी कन्वर्सेशन को आगे बढ़ाना है तो काफी इंटरेस्टिंग जॉब लगती है तुम्हें
ये कम करना काफी पसंद होगा ना अब वो इसका जवाब हान या ना में देगा आप उन्हें की कहीं बातों से और बातें निकल सकते हो पर ज्यादातर लोग ये गलती करते हैं की वो कन्वर्सेशन को एक इंटरव्यू मोड में कन्वर्ट कर देते हैं जो सामने वाले को बहुत अनकंफरटेबल बना देता है इसीलिए क्वेश्चन पूछने से पहले एक नॉर्मल स्टेटमेंट तो उसके बाद अपना क्वेश्चन ऐड करो जो कम्युनिकेशन स्किल के बारे में और लर्निंग करके सिख सकते हो कीप डी कन्वर्सेशन इंटरेस्टिंग दोस्तों आपके साथ ऐसा हुआ होगा की जब आप किसी से बात कर रहे
हो कुछ बता रहे हो पर वो आपकी बात में इंटरेस्ट स्टडी नहीं है वो इधर-उधर देख रहा है अपना फोन चेक कर रहा है और उनके फेस पे ही ये नज़र ए रहा है की वो इस बात में बिल्कुल इंटरेस्टेड नहीं है पर आप बहुत ज्यादा ट्रैक कर रहे हो उन्हें अपनी बातों से इंप्रेस करने का पर वो कोई नहीं रहे होते आपको कितना बुरा फुल होता है ऐसे टाइम पर सिमिलरली आप ऐसे लोगों से भी मिले होंगे जो रूस और यूक्रेन की वॉर के बारे में बात कर रहे हैं ब्लैक होल क्या होता है
ये बता रहे हैं या हॉलीवुड की कोई मूवी के बारे में बता रहे हैं पर आपको उनकी किसी भी बात में कोई इंटरेस्ट नहीं है ना ही आप इन चीजों के बारे में जानते हो आपको तो टेक्नोलॉजी में इंटरेस्ट है आपको इंडियन मूवी देखना ज्यादा पसंद है हॉलीवुड की नहीं अब ऐसे टाइम पर सामने वाले को बहुत बुरा लगता है जब आप उसके बाद में इंटरेस्ट नहीं होते दोस्तों कम्युनिकेशन एक तू वे गेम है जब दोनों में से एक भी पर्सन सामने वाले की बातों में इंटरेस्ट नहीं होगा और ना ही कुछ इंटरेस्टिंग कहेगा तो
वो कन्वर्सेशन एक दाद एंड की चली जाएगी और बात खत्म होने के बाद लोगों को वो कन्वर्सेशन और वो इंसान याद ही नहीं रहेगा इसीलिए आपको एक ऐसा इंसान बन्ना चाहिए जिससे बात करके वो अपने घर जाए तो भी आपकी बातें और आप उन्हें याद आए और वो सोचे की ये कितना इंटरेस्टिंग पर्सन था और कन्वर्सेशन को इंटरेस्टिंग रखने के लिए आपको उसे पर्सन की बातों और उसको ऑब्जर्व करके एक ऐसा टॉपिक ढूंढना पड़ेगा जिसमें आप दोनों का इक्वल इंटरेस्ट हो यानी जिस टॉपिक पे आपको लग रहा हो की यह पर्सन ज्यादा इंटरेस्ट है बात
करने में तो बिना उसे टॉपिक को स्किप किए आप उससे उसे टॉपिक के बारे में बात कर सकते हो जिसके बारे में बोलने में उससे मजा ए रहा है अगर आपके पास उसे टॉपिक के बारे में ज्यादा कुछ नॉलेज नहीं भी है तो उससे चुपचाप से सुनो और उससे उसे टॉपिक से रिलेटेड क्वेश्चंस कर सकते हो ताकि कन्वर्सेशन ओंगोइंग रहे और कुछ लोग फालतू में सीरियस और गहरी बातें करके सामने वाले पर्सन को दिखाने का ट्राई करते हैं की वो कितने दिमाग वाले या इंटेलेक्चुअल है सामने वाला उनसे ज्ञान मांगता भी नहीं फिर भी वो
ज्ञान देने लगते हैं एडवाइस देने लगते हैं यह सोचकर के सामने वाला पर्सन यह समझेगा की आप उनकी मदद कर रहे हैं जब तक सामने वाला आपकी खुद सामने से एडवाइस ना मांगे तब तक उसे ज्ञान या एडवाइस नहीं करना चाहिए क्योंकि किसी को भी बोरिंग इंसान पसंद नहीं होता सबको इंटरेस्टिंग लोग ही ज्यादा पसंद आते हैं स्टॉप साउंडिंग सेल्फ सेंटर दोस्तों बात करते हुए बहुत से लोग एक मिस्टेक करते हैं वो बात करते करते कब सेल्फ स्टार्ट हो जाता है उन्हें पता ही नहीं चलता फॉर एग्जांपल मैन लो दो लोग बात कर रहे हैं
1% अपने बारे में कुछ बता रहा है की मैं अपनी जॉब में बहुत परेशान हूं बहुत मेहनत का कम है जिसके रिप्लाई में दूसरा पर्सन अपनी बात को कुछ इस तरह से सामने रखता है जिससे यह शो होता है की वो सामने वाले से बटोर है अच्छा मेरी तो जॉब बहुत अच्छी जॉब है तो उन्हें ऐसी जॉब क्यों चुनी यार मुझे तो अपने लिए टाइम ही नहीं मिलता मैं बहुत बिजी रहता हूं अच्छा खैर मैं तो तुझसे भी ज्यादा बिजी रहता हूं लेकिन फिर भी खुद के लिए टाइम निकल लेता हूं मेरे लाइफ में बहुत
प्रॉब्लम्स है मेरी लाइफ तो भाई तुझसे भी ज्यादा मुश्किल है मेरा फोन भी खराब हो रहा है यह सब केयर करने की बात है देख तूने मैंने से टाइम पर लिया था और मेरा फोन आज भी कितना बढ़िया चल रहा है दोस्तों ये ऐसे सुनने में बहुत क्लीयरली समझ ए रहा है की यहां सामने वाला अपने आप को एक अब दिखाने की कोशिश कर रहा है डायरेक्टली नहीं बल्कि इनडायरेक्टली वो पुरी कन्वर्सेशन को अपने बारे में बना रहा है ज्यादातर लोग अनजाने में सेल्फ स्टैंडर्ड साउंड कर रहे होते हैं और उन्हें पता भी नहीं होता
इससे बचने का सबसे बेस्ट तरीका है जब तक सामने वाला आपसे आपके बारे में कुछ ना पूछे तब तक उसे आप अपने बारे में कुछ मत बताओ इनफेक्ट नॉर्मल बाद में भी जब आप किसी से पूछते हो हो आर यू और उसे पे रिप्लाई करने के बाद वो आपसे रिटर्न में नहीं पूछते की आप कैसे हो तब तक कुछ मत बताओ और ये प्रैक्टिस करो की जब भी आप लोगों से बात करोगे तो आप मैं मेरा या मुझे जैसे शब्द का कम से कम उसे करोगे आपका खुद से ज्यादा दूसरे पर्सन पे फोकस होना चाहिए
टैक्टिकल थेरेपी सेशन के दौरान एक साइकैटरिस्ट अपने पेशेंट को बात करने के लिए इनकरेज करती है जबकि वो बहुत इंटेंसिटी अपने पेशेंट की बात सुनती है उनका पेशेंट जो भी का रहा है उसके पीछे की फिलिंग्स को समझने की वो पुरी कोशिश करती है एक बच्चे की तरह उनसे क्वेश्चंस पूछती रहती हैं की आप ऐसा फुल क्यों कर रहे हो उन्हें कभी जज नहीं करती कई बार उन्हें अपने पेशेंट की प्रॉब्लम पहले से ही समझ ए जाती है बट फिर भी वो पेशेंट से हर चीज की स्पेसिफिक डिटेल्स nikalvati है साइकैटरिस्ट ऐसा इसलिए करते हैं
क्योंकि वो जानते हैं की जब वो अपने पेशेंट को ये फुल कराएंगे की वो उनको सन रहे हैं उनकी बातों को समझ कर का रहे हैं वो जानते हैं की वो कैसा फुल कर रहे हैं इससे उनके पेशेंट्स लेस डिफेंस से हो जाते हैं और वो अपने डॉक्टर पर ट्रस्ट करने लगते हैं जिससे डॉक्टर्स को भी अपनी बात लवाना बहुत आसान हो जाता है यही से प्रिंसिपल हर कन्वर्सेशन को बहुत वैल्युएबल बनाता है जब तक आप सामने वाले को यह फुल नहीं करते की आप उनके बातों को उतना ही इंपॉर्टेंट समझते हैं जितनी खुद की
बातों को उनके कंसर्न्स की केयर नहीं कर पाते तब तक वो आप पे ट्रस्ट करने और कोई बॉन्ड बिल्ड करने में अनकंफरटेबल रहेंगे अब चाहे वो किसी को प्रपोज करना हो इंटरव्यू के दौरान सैलरी की बात करनी हो या अपना कोई बिजनेस आइडिया पिच करना हो आपको समझना होगा की सामने वाला आपसे चाहता क्या है तो अगर आपको ये वीडियो अच्छी लगी तो वीडियो को लाइक और चैनल को सब्सक्राइब करके हमें सपोर्ट करो और बैल नोटिफिकेशन ऑन कर लीजिएगा ताकि आप आने वाली वीडियो में अपना घर पाओ थैंक यू फॉर वाचिंग