पीनस आरट एज इरेक्ट एज बिफोर हर साल हमारा टेस्टोस्टेरोन 1 पर से गिरता जा रहा है 40 ऑफ मेन ए 40 विल सफर फ्रॉम रेक्ट दिस फंक्शन फ इनफर्टिलिटी इज ग्रोइंग एट अ वेरी रैपिड पेस इन इंडिया यू नो देयर एन एपिडेमिक ऑ लो टेस्टोरोन इन यंग मेल हमारे फादर्स के कंपैरिजन में हमारा स्पर्म काउंट आधा रह गया है पहले मर्दों के हाथ हथियार और औजार पकड़ते थे जबकि आज ये हाथ बस फोन पकड़ते हैं जिससे हमारी ग्रिप स्ट्रेंथ भी 25 पर गिर चुकी है और तो और एक स्टडी में यह भी देखा गया कि
मेल्स का टेस्टो गिरने की वजह से उनका बिहेवियर और उनकी आवाज भी लड़कियों जैसी होती जा रही है हमारी आंखों के आगे मर्द अपनी मर्दानगी को लूज कर रहे हैं लेकिन इसकी वजह क्या है क्यों हर चार में से एक मेल इरेक्टाइल डिस्फंक्शन एक्सपीरियंस करता है क्यों लड़कों में पहले जैसी सेक्स ड्राइव नहीं है और क्यों आज राउंड वन से राउंड टू तक पहुंचने में ही लड़कों की हवा निकल जाती है समझते हैं और सॉल्व करते हैं हर प्रॉब्लम को आज के एपिसोड में इरेक्शन किलर नंबर वन लो डोपामिन एंड हाई सेरोटोनिन डोपामिन और से
टोनिन को अक्सर हम हैप्पी केमिकल्स का लेबल देते हैं बट ये दोनों एकदम अपोजिट तरीके से काम करते हैं डोपामिन का काम होता है हमें डिजायर और मोटिवेशन से भरना बिकॉज ये एक्साइट करता है हमें जबकि सेरोटोनिन हमें रिलैक्स करता है और ये हमारे अंदर सेल्फ कंट्रोल को बढ़ाता है तो जब भी एक इंसान के अंदर डोपामिन बहुत ज्यादा हाई होता है तब उसकी सेक्स ड्राइव भी बहुत ज्यादा हाई होती है बिकॉज दिमाग सेक्स को प्लेजर के साथ जोड़ता है तो जब भी हम कोई ऐसी एक्टिविटी करते हैं जिससे हमारी बॉडी में डोपामिन बढ़ता है
जैसे एक्सरसाइज करना किसी नए एडवेंचर पर जाना या फिर डोपामिन बढ़ाने वाले फूड्स को खाना तो उससे हमारी बॉडी में लिबिडो भी बढ़ता है जबकि जब हमारी बॉडी में डोपामिन कम होता है या फिर हम बहुत ज्यादा स्ट्रेस फील कर रहे होते हैं तब सेक्स भी हमारे लिए एक्साइटिंग नहीं बल्कि एग्जॉस्ट ंग बन जाता है इसके अपोजिट जब भी हमारी बॉडी में सेरोटोनिन बहुत ज्यादा होता है तब हम रिलैक्स्ड फील करते हैं एंड वी फील दैट वी आर इन कंट्रोल और अनलाइक डोपामिन जो जुड़ा होता है इमीडिएट प्लेजर से इंस्टेंट ग्रेटिफुली टर्म कंटेंटमेंट से है
डोपामिन किसी के अंदर अगर हाई होता है तो वो जल्दी-जल्दी किसी प्लेजर के सोर्स को चेज करता है उसको कुछ ना कुछ खाना होता है उसको मैस्टरबेट करना होता है पॉन देखना होता है कुछ ना कुछ ब्रेन को स्टिमुलेशन चाहिए होती है लेकिन जब भी एक इंसान के अंदर सेरोटोनिन हाई होता है ही इज लाइक अ मंक या फिर वो एक हाई लेवल अचीवर की तरह होता है सोचो जो भी एक मंक होता है वो सालों तक एक केव में बैठकर मेडिटेटर रहा है और वो जो प्लेजर एक्सपीरियंस कर रहा है जो वो सेटिस्फैक्ट्रिली कराता
है कि जितना है मेरे पास मैं उससे संतुष्ट हूं तो डोपामिन अगर उसके अंदर हाई हो जाए एक मंग के अंदर यू कैन इमेजिन उसके अंदर सेक्स ड्राइव भी बढ़ जाएगी और वो खुद को कंट्रोल नहीं कर पाएगा तो जब भी आप अचीव करने की बात करते हो आप मेडिटेशन की बात करते हो इट इज रिलेटेड टू सेरोटोनिन नॉन डोपामिन जब भी आप प्लेजर के बारे में बात करते हो चीप प्लेजरस के बारे में इट विल ऑलवेज बी रिलेटेड टू डोपामिन डोपामिन इज इंस्टेंट ग्रेटिफुली है उसकी बॉडी में सेरोटोनिन नेचुरली हाई होता है इवन बहुत
सारी स्टडीज में यह भी देखा गया है कि जो भी बच्चा एक बहुत यंग एज से अपने अंदर सेल्फ कंट्रोल रख पाता है वो आगे चलकर ज्यादा सक्सेसफुल बनता है एंड दैट्ची बॉडी में पता है केमिकल्स कैसे होते हैं उसकी बॉडी में डोपामिन और सेरोटोनिन दो दोनों कम होते हैं वो ऐसा फील कर रहा होता है कि मैं किसी प्लेजर को भी क्यों चेज करूं बिकॉज किसी भी चीज से प्लेजर नहीं मिल रहा है और वो बोलता है मेरी लाइफ में कोई मीनिंग भी नहीं है तो उसका सेरोटोनिन भी कम होता है एंड दिस इज
द वर्स्ट ऑफ ऑल आपको क्या करना है आपको अपनी बॉडी में डोपामिन और सेरोटोनिन को अकॉर्डिंग ऑप्टिमाइज करना है अब मैं ये नहीं बोल रहा कि हर एक के अंदर डोपामिन हाई होना चाहिए सेरोटोनिन लो होना चाहिए ऐसा नहीं है बिकॉज अगर कोई इंसान ऐसा है जो प्रीमेच्योर एजैकुलेशन फेस करता है और वो बहुत ज्यादा एक्साइटेड रहता है उसका मतलब ये है कि बाय डिफॉल्ट उसकी बॉडी में डोपामिन बहुत ज्यादा है और सेरोटोनिन कम है [संगीत] दैट्ची जो आपको मिलता है पंपकिन सीड सीड बनाना मिल्क योगर्ट और चीज जैसी चीजों में एल फिनाइल अलीन व्हिच
इज अनदर अमीनो एसिड जो मिलता है होल एग्स में चिकन में और डेरी प्रोडक्ट्स में और जिंक और मैग्नीशियम जो मिलता है डार्क चॉकलेट बनाना और पंपकिन सीड्स में अगर आप इन सारे फूड्स को कंज्यूम करते हो तो इससे आपकी बॉडी को एल टायरोसिन मिलेगा व्हिच इज अ डायरेक्ट प्री कर्सर टू डोपामिन जो आपको स्ट्रांग इरेक्शंस और सेक्स ड्राइव देता है जबकि दूसरी तरफ अगर आपको अपना सेरोटोनिन बढ़ाना है यानी आपको रिलैक्स करना है और आपको अपनी सेक्स ड्राइव को कंट्रोल में करना है तो आपने बेसिकली अपने स्ट्रेस को कम करना है आपको ज्यादा मेडिटेटर
है और आल्सो आपको सोसाइटी में अपना स्टेटस गेन करना है इरेक्शन गिलर नंबर टू हाई प्रोलैक्टिन प्रोलैक्टिन वो हार्मोन है जो एक फीमेल बॉडी में मिल्क प्रोडक्शन को स्टिमुलेटिंग की सेक्स ड्राइव चली जाती है और वो अपनी मैस्कुलर को खोने लगते हैं और एक मेल की बॉडी में प्रोलैक्टिन के बढ़ने के तीन मेन कॉसेस होते हैं नंबर वन फ्रीक्वेंसी बॉडी में प्रोलैक्टिन बढ़ता है ताकि वो अपना फोकस सेक्स से हटाकर सर्वाइवल से जुड़े दूसरे टास्क पर लगा सके आप इस चीज के बारे में खुद सोचो अगर एक मेल बिना रोके कंटीन्यूअसली सेक्स कर पाता तो
वो सर्वाइवल से जुड़े दूसरे प्रोसेसेस जैसे खाना ढूंढना हंट करना अपनी फैमिली को जानवरों से प्रोटेक्ट करना एक वैल्यूड गोल की तरफ काम करते जाना वो इन चीजों पर फोकस कर ही नहीं पाता और वो बहुत जल्दी मर भी जाता तभी नेचर ने हमारी बॉडी के अंदर एक इनबिल्ट मैकेनिज्म सेट किया है जिससे हम एक राउंड के बाद थोड़ी देर के लिए एक रिकवरी पीरियड में आ जाते हैं और ये रिकवरी पीरियड तभी स्टार्ट होता है जब हमारा डोपामिन गिरता है और हमारा प्रोलैक्टिन बढ़ जाता है तो जब आप रेगुलर बेसिस पर पॉन देखते हो
और मैस्टरबेट करते हो तब आपकी बॉडी में प्रोलैक्टिन क्रॉनिकली एलिवेटेड रहता है और आपका रिकवरी पीरियड तब तक बढ़ता चला जाता है जब तक इवेंचर क्टाइम डिस्फंक्शन नहीं हो जाता इस चीज को ध्यान से समझो डोपामिन और प्रोलैक्टिन इनवर्ट ली रिलेटेड होते हैं तो जब भी आप इजैकुलेट करते हो क्यों उसके बाद आप एकदम से पोस्ट नट क्लेरिटी एक्सपीरियंस करते हो और आपको हर चीज क्लीयरली समझ आने लग जाती है ऐसा इसलिए होता है बिकॉज एजैकुलेशन के बाद प्रोलैक्टिन बढ़ता है और इस वजह से डोपामिन से जुड़ी एक्साइटमेंट गिरने लग जाती है बट इन केस
अगर आप अपनी एक्साइटमेंट को बढ़ाए रखना चाहते हो आप लंबे टाइम तक परफॉर्मेंस अपनी कंटिन्यू रखना चाहते हो तो आपको सीमेंट टेंशन करना जरूरी है और आपको कम मैस्टरबेट करना कम पॉन देखना जरूरी है अगर आप अपनी पॉन और मैस्टरबेशन से रिलेटेड एडिक्शन को खत्म नहीं कर पा रहे तो आप यह समझो कि इसके लिए आपको बहुत ज्यादा गाइडेंस और नॉलेज की जरूरत है जो आपको मिल सकती है हमारे पॉन्ड और मैस्टरबेशन क्विटिंग गाइड में 5 घंटे से भी ज्यादा के इस कोर्स में हमने सिर्फ उन प्रॉब्लम्स के बारे में बात नहीं की है जो
आप दूसरे लोगों से शेयर भी नहीं कर सकते बल्कि इसके साथ-साथ हमने इस कोर्स में कई साइकोलॉजिकल और स्पिरिचुअल टेक्निक्स भी आपको दी हैं जिनसे आपको अपनी पॉर्न और मैस्टरबेशन एडिक्शन को क्विट करने में बहुत ज्यादा मदद मिलेगी इसलिए 50 पर ऑफ लॉन्च ऑफर को लेने के लिए लिए डिस्क्रिप्शन में दिए पहले लिंक पर क्लिक करो नंबर टू एस्ट्रोजन इंक्रीजिंग फूड्स जब भी आपकी डाइट में बहुत ज्यादा जंक फूड सोय प्रोडक्ट्स शुगर या फिर अल्कोहल जैसी चीजें बहुत ज्यादा होती हैं तब इस तरह की चीजें आपके बेसलाइन डोपामिन को गिरा देती हैं जिससे आपकी बॉडी
में प्रोलैक्टिन बहुत ज्यादा बढ़ता है और इससे आपकी बॉडी में एक फेमिनिन एनवायरमेंट बनने लग जाता है जैसे ही बॉडी में प्रोलैक्टिन बढ़ता है आपका टेस्टोस्टरॉन गिरता है और टेस्टोस्टरॉन जब एक मेल बॉडी में गिरता है तब उसकी बॉडी में फैट स्टोरेज बढ़ जाती है और जब भी एक मेल बॉडी में फैट सेल्स बहुत ज्यादा होते हैं तब ये फैट सेल्स ऐसे होते हैं जिनमें एक एंजाइम होता है जिसको बोलते हैं अरोम टेज और अरोम टेज हमारे ब्लड में मौजूद फ्री टेस्टोस्टेरोन को एस्ट्रोजन में कन्वर्ट कर देता है इसके साथ ही अगर आप अपना खाना
प्लास्टिक के कंटेनर्स में डाल के माइक्रोवेव में गर्म करते हो या फिर आप प्लास्टिक की बोतल से पानी पीते हो या फिर आप जो भी शैंपू यूज करते हो परफ्यूम यूज करते हो फेस क्रीम यूज करते हो उनमें फेलेट या फिर पैराबे जैसे पदार्थ मौजूद हैं तो इस तरह की चीजें लेने से आपकी बॉडी में माइक्रोप्लास्टिक्स और जनो एस्ट्रोजेंस बढ़ते हैं यानी यह पदार्थ फीमेल बॉडी में ज्यादा मिलने वाले हार्मोन एस्ट्रोजन को मिमिक करते हैं और एक मेल बॉडी में टेस्टोस्टरॉन को गिराते हैं जिस वजह से आपकी डाइट जितनी ज्यादा अनहेल्दी होती है और आप
जितना ज्यादा लो क्वालिटी प्रोडक्ट्स अपनी बॉडी पर लगाते हो उतना ही ज्यादा आप कमजोर और फीमेल लाइक बनते चले जाते हो नंबर थ्री क्रॉनिक स्ट्रेस एंड स्लीप डेप्रोसिस रिलीज होता है जो कि डोपामिन को इन्हेबिटिंग के गिरते ही प्रोलैक्टिन को बढ़ने का मौका मिल जाता है जिस की मौजूदगी में हमारी बॉडी टेस्टोस्टरॉन प्रोडक्शन को मेंटेन नहीं कर पाती है और जब भी हमारा टेस्टोस्टरॉन इतना कम होता है तब बॉडी बहुत ज्यादा फैट इकट्ठा करने के साथ-साथ बहुत ज्यादा कमजोर और सॉफ्ट होने लग जाती है स्ट्रेस इज द ऑपोजिट ऑफ एक्साइटमेंट अक्सर मेल्स के बारे में
ये सोचा जाता है कि हम सेक्स करके अपने स्ट्रेस को कम करते हैं व्हिच इज ट्रू इन सम केसेस बट एक्चुअल जब हमारे को क्रॉनिक स्ट्रेस होता है तब एक मेल के लिए एक इरेक्शन को मेंटेन करना भी बहुत ज्यादा मुश्किल हो जाता है तभी हमेशा अपनी स्लीप और अपने रेस्ट को प्रायोरिटी इज करो और अगर आप अपने काम या फिर अपनी पढ़ाई को लेकर बहुत ज्यादा स्ट्रेस रहते हो तो जो भी आपका गोल है उसको मैने जबल चंक्स में डिवाइड करो और दिन के शुरू होते ही सबसे मुश्किल टास्क सबसे पहले कर दो ताकि
रेस्ट ऑफ द डे आप स्ट्रेस फ्री रहो इरेक्शन किलर नंबर थ्री नो एफर्ट डराइड मैनली अस कोट मी ऑन दिस एक मर्द के अंदर मर्दानगी बढ़ती है जब भी वो दुनिया में अच्छाई लाने के लिए मेहनत करता है और इसके ऊपर एक स्टडी भी हुई थी स्टैनफोर्ड में एक स्टडी हुई थी जहां पर चूहों को लिया गया था के ऊपर स्टडी इसलिए होती है बिकॉज़ उनका नर्वस सिस्टम हमारे से बहुत ज्यादा सिमिलर होता है तो इस स्टडी में दो ग्रुप्स लिए गए और उनके आगे एक मिठास का एक शुगर का रिवॉर्ड रखा गया पहले ग्रुप
को एक लिवर को 50 बार दबाना पड़ा जिसके बाद उनको एक शुगर रिवॉर्ड मिला जबकि दूसरे ग्रुप को उस लिवर को बस एक बार दबाना था और इस पूरे प्रोसेस में रिसर्चस उनके ब्रेन में हो रही एक-एक एक्टिविटी को नाप रहे थे और तब उनको पता चला कि जिन चूहों ने बहुत ज्यादा मेहनत की थी एक रिवॉर्ड को पाने के लिए उनके ब्रेन में डोपामिन लेवल ज्यादा स्पाइक करा जिससे उनकी पीट ट्री ग्लैड्स ने लुटेनाइजिंग हार्मोन हार्मोन को रिलीज किया और लुटेनाइजिंग हार्मोन टेस्टिकल्स को टेस्टोस्टरॉन बनाने का सिग्नल देता है यानी जब भी एक मर्द
मेहनत करना शुरू करता है और वो अपने रास्ते में आने वाले हर चैलेंज को ओवरकम करता चला जाता है तब उसकी बॉडी उसको ज्यादा अग्रेशन ज्यादा स्ट्रेंथ और ज्यादा मोटिवेशन के साथ रिवॉर्ड करती है बाय इंक्रीजिंग योर टेस्टोस्टेरोन इज हाउ योर बॉडी अडेप्ट्स टू द इंक्रीजड एफर्ट जितना ज्यादा एक मर्द मेहनत करता है उतना ही ज्यादा उसमें मैस्कुलर क्वालिटीज बढ़ती हैं बट अगर आप ये बोलो कि मेरे को मेहनत नहीं करनी मैं लॉ ऑफ अट्रैक्शन से चीजें खुद के पास बुला लूंगा देन देयर इज नो डोपामिन एंड देयर इज नो टेस्टोस्टरॉन फॉर यू काम करके
ही एक मर्द बनता है और जो मर्द काम नहीं करता वो मर्द मर्द नहीं रहता ऐसी और नॉलेज के लिए इस चैनल पर बने रहो हमारे कोर्सेस के लिंक डिस्क्रिप्शन में है और मैं आपसे मिलता हूं ऐसी ही एक बहुत एनर्जी पैक्ड और वैल्यू से भरी हुई अगली वीडियो में