जब कयामत की तमाम छोटी और बड़ी निशानियां पूरी हो जाएंगी तो कयामत कायम होना शुरू हो जाएगी कयामत की शुरुआत सुर फूंकने से होगी सुर एक सींग है जिसमें फूंक मारी जाएगी सुर फूंकने वाले फरिश्ते हजरत इराल अलैहि सलाम है और हजरत इराल अलैहि सलाम जब से पैदा हुए हैं अल्लाह तबारक व ताला के हुक्म से सुर अपने मुंह पर रखे हुए हैं और जिस दिन खालिक कायनात की तरफ से सुर फूंकने का हुक्म होगा उस दिन हर जान मौत की माजा चक चुकी होगी चाहे वह परिंदे चरिंडेक्स जिन्नात फरिश्ते इंसान उसके अलावा आसमान फटकर
पिघले हुए तांबे की तरह सुर्क हो जाएगा सूरज और चांद दोनों बेनूर होकर इकट्ठे कर दिए जाएंगे और सितारे बेनूर होकर बिखर जाएंगे जमीन अल्लाह ताला के खौफ से बुरी तरह हिचकोले खाने लगेगी पहाड़ इस तरह रेजा रेजा कर दिए जाएंगे कि बिखरे हुए गर्दों गुब्बार मालूम होंगे दरियाओ और समुंदरों का पानी आग से भड़क उठेगा और जो कुछ भी इस दुनिया में जान की तरह से बाकी होगी सबको फना किया जाएगा यहां तक कि आखिरी वह जान जो इस इसरा फिल अलैहि सलाम सुर फूंक रहे होंगे अल्लाह ताला उन्हें भी मौत अता करेंगे और
उस दिन सिर्फ और सिर्फ तन्हा रब्बे जुल जलाल की जात बाकी रहेगी तो मेरे प्यारे दोस्त कयामत पार्ट दो में कयामत के दिन हश्र के मैदान में क्या होगा से लेकर हम गुनहगार उम्म दियों के साथ जन्नत और जहन्नम में क्या-क्या होगा आप लोग इस वीडियो में जानेंगे तो आप लोगों से गुजारिश है कि आप लोग इस वीडियो को पूरा देखें और हां एक लाइक शेयर करके अपने दोस्त और घर वालों को भी दिखाएं तो मेरे भाई अब उसके बाद जब रब ताला की मर्जी होगी तो फिर से इसरा फिल अलैहि सलाम को उठाएंगे अब
उन्हें दोबारा सूर फूकने का हुक्म होगा तो फिर से वह सूर फुकें तो आदम अलैहि सलाम से लेकर कयामत तक जितने भी जान आए थे फिर से सबको उठाया जाएगा और उस वक्त सबसे पहले कब्र से बाहर ताजदार कायनात इमाम उल अंबिया हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु ताला अलैहि वाले वसल्लम तशरीफ लाएंगे इसके बाद हजरत मूसा अलैहि सलाम अपनी कब्र से उठ खड़े होंगे फिर बाकी लोग भी अपनी कब्रों से बाहर निकलना शुरू हो जाएंगे और वह सब हश्र के मैदान में लाए जाएंगे और वहां सब मर्द और औरतें नंगे बदन और नंगे पांव के साथ
होंगे लेकिन खौफ और दहशत की वजह से किसी को किसी दूसरे की तरफ देखने का होश भी नहीं होगा क्योंकि महेश्वर की मैदान में सूरज 10 गुना ज्यादा तेज होगा और हर आदमी को यूं महसूस होगा कि सूरज जमीन से कुछ गज के फासले पर है धूप की सख्ती की वजह से लोग पसीने में डूबे हुए होंगे और उस दिन सात किस्म के आदमियों को अर्श का साया नसीब होगा नबीए पाक सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया कि धूप और प्यास की वजह से लोग तड़प रहे होंगे कोई किसी का हाल पूछने वाला ना
होगा इस हालत में कई हजार साल गुजर जाएंगे फिर आखिर लोग परेशान होकर आपस में मशवरा करके हजरत आदम अलैहि सलाम की खिदमत में पेश होंगे और कहेंगे ऐ हमारे अब्बा जान आप हमारे साथ कदम आगे बढ़ाइए और अल्लाह के हुजूर अर्ज कीजिए कि ऐ अल्लाह इस सख्ती को बर्दाश्त करना मुश्किल है आप हमसे हिसाब ले लीजिए ताकि हमें जाना कहां है वहां जल्दी पहुंच जाएं यह तंगी हमारी बर्दाश्त से बाहर है मगर हजरत आदम अलैहि सलाम उस वक्त यह कहते हुए इंकार फरमा देंगे कि नहीं मैंने भूल की वजह से दाना खा लिया था
और उस दाने की वजह से 300 साल तक रो-रोकर माफी मांगता रहा हदीस पाक में आया है कि पूरे इंसानों के जितने आंसू हैं वे सारे के सारे दसवां हिस्सा हैं और नौ हिस्से आंसू हजरत आदम अलैहि सलाम के उन 300 सालों में निकले और उसके बाद अल्लाह ताला ने उनकी तौबा को कबूल फरमा लिया इतना रोए और माफी मांगने के बाद और तौबा कबूल हो जाने के बाद आखिर उन्होंने बैतुल्लाह शरीफ बनाया और 30 हज पैदल चल कर के मगर कयामत के दिन वह फिर भी फरमाएंगे नहीं मुझे अल्लाह रब्बुल इज्जत के सामने जाने
में शर्मिंदगी महसूस हो रही है गौर कीजिए कि हजरत आदम अलैहि सलाम की तौबा की कबूलियत का भी फैसला आ चुका है लेकिन बंदा अपने की पर पछताता है जब कयामत के दिन हमारे जद्दे अमजद का यह हाल होगा तो हम लोग जब अपने गुनाहों को लेकर जाएंगे और बगैर तौबा के मर जाएंगे तो हमारे लिए कयामत के दिन अल्लाह रब्बुल इज्जत के सामने खड़ा होना कितना मुश्किल होगा उसके बाद हजरत आदम अलैहि सलाम तमाम इंसानों को कहेंगे कि आप लोग हजरत नूह अलैहि सलाम के पास चले जाएं लिहाजा सारी मखलूक हजरत नूह अल हि
सलाम की तलाश में लग जाएगी जब नूह अलैहि सलाम मिलेंगे तो मखलूक अर्ज करेगी ऐ आदम सानी आप हमारे लिए अल्लाह की हुजूर में सिफारिश कर दीजिए और हमें अल्लाह के सामने पेश कर दीजिए हजरत नूह अलैहि सलाम उनको फरमाएंगे कि नहीं मैंने अपने बेटे के लिए दुआ कर दी थी और अल्लाह ताला ने फरमाया था ऐ नूह ऐसी दुआ ना कीजिए कि कहीं आपको नबूवत के मरतबली मुझे तो उस फरमान से डर लगता है कि मैं वह दुआ ही क्यों कर बैठा था मैंने अल्लाह ताला के हुजूर फौरन माफी मांगी थी लिहाजा में अल्लाह
ताला के हुजूर पेश नहीं हो सकता हजरत नूह अलैहि सलाम का असल नाम अब्दुल गफार था मगर वह उस दुआ के मांगने के बाद इतना रो कि उनका नाम नूह पड़ गया नूह का मतलब है नूहा करने वाला यानी रोने वाला इतना रोने के बावजूद कयामत के दिन अल्लाह रब्बुल इज्जत के सामने जाने से जब उनको इतना डर लगेगा तो सोचना चाहिए कि हम तो अपने गुनाहों पर रोते भी नहीं बल्कि जब गुनाह करते हैं तो खुशी खुशी दूसरों को बताते हैं कि मैंने फला गुनाह किया है तो फिर हम सब कयामत के दिन अल्लाह
के हुजूर कैसे पेश हो फिर हजरत नूह अलैहि सलाम सब इंसानों को फरमाएंगे कि आप हजरत इब्राहिम अलैहि सलाम के पास चले जाएं फिर सारी इंसानियत इब्राहिम अलैहि सलाम को ढूंढकर उनसे अर्ज करेगी कि ऐ अल्लाह के खलील आप हमें अल्लाह रब्बुल इज्जत के हुजूर पेश कर दीजिए लेकिन वह फरमाएंगे कि नहीं आज मुझे अल्लाह रब्बुल इज्जत के पास जाते हुए घबराहट हो रही है क्योंकि मेरी जिंदगी में तीन बातें ऐसी थी जो मसलेहट की बिना पर तो हुई लेकिन खिलाफ वाकया थी आज मुझे उन तीनों बातों पर शर्मिंदगी उनमें से पहली बात तो यह
थी कि एक बार इनको इनकी कौम कहीं ले जाना चाहती थी मगर इन्होंने कह दिया था कि मैं बीमार हूं वाकई उन मृ कों के साथ जाने में तो रूहानी बीमारी ही थी इसलिए उन्होंने उनको उड़ पेश कर दिया था अल्लाह ताला ने कुरान पाक में फरमाया था कि उन्होंने फरमाया कि मैं बीमार हूं उन्होंने यहां बीमारी का उज तो किया लेकिन हकीकत के खिलाफ था इसलिए फरमाएंगे कि मुझे अल्लाह रब्बुल इज्जत के सामने हाजिर होने से शर्म महसूस हो रही है दूसरी बात यह है कि एक बार वह अपनी बीवी हजरत सारा रजि अल्लाह
अन्हा को लेकर मिस्र के करीब से गुजरे और उस वक्त कत का बादशाह एक जालिम इंसान उसने अपने सिपाही को कहा हुआ था कि तुम जहां कहीं भी किसी खूबसूरत औरत को देखो तो उसे पकड़ कर मेरे पास लेया और इस तरह वह उसकी बेइज्जती करता था अल्लाह ताला ने बीबी सारा रजि अल्लाह अन्हा को हुस्न व जमाल का सांचा बनाया लिहाजा सिपाहियों ने जब उनको देखा तो उन्हें भी पकड़ कर ले गए उसका दस्तूर यह था कि अगर उस औरत के साथ उसका शौहर होता तो वह उसे कत्ल करवा देता और अगर भाई या
बाप होता तो फिर वह उनको कत्ल नहीं करवाता अलबत्ता बुराई का काम करता था जब हजरत इब्राहिम अलैहि सलाम पहुंचे तो उनसे भी उसने पूछा कि तुम कौन हो और इस औरत के क्या लगते हो आपने अपनी जान की हिफाजत को निगाह में रखते हुए कह दिया यह मेरी बहन है अल्लाह ताला ने भी फरमाते हैं कि बेशक ईमान वाले भाई भाई हैं इसलिए ईमान की निस्बत से मोमिन मर्द और मोमिना को दीनी भाई और बहन कह दिया जाता है आपने भी इसी निस्बत से हजरत सारा रजि अल्लाह अन्हा को बहन कह दिया क्योंकि वह
उसी दीन पर थी जिस पर आप थे यह बात 100 फीसद शरीयत के मुताबिक जायज थी जान बचाने के लिए तो हराम चीज भी हलाल हो जाती है मगर उसके बावजूद हजरत इब्राहिम अलैहि सलाम को झिझक महसूस हो गई और तीसरी बात यह है कि एक बार हजरत इब्राहिम अलैहि सलाम ने बुतों को तोड़ा था जब काफिरों ने आकर उनसे पूछा कि हमारे माबूद को किसने तोड़ा तो उन्होंने फरमाया था कि तुम उससे पूछो जो तुम्हें इन बुतों से बड़ा नजर आता है हजरत इब्राहिम अलैहि सलाम ने बुतों को तोड़कर कुल्हाड़ी पर रख दिया था
इसलिए बड़े बुत से पूछने को फरमाया अब जाहिर में यह कोई इतनी बड़ी बात तो नहीं थी काफिरों को समझाने के लिए ऐसा किया था कि वे पूछेंगे तो बुत उन्हें जवाब नहीं देंगे लेकिन बात तो हकीकत के खिलाफ थी लिहाजा इस बात पर भी इतना अफसोस होगा कि अल्लाह का खलील होने के बावजूद उन्हें अल्लाह के सामने जाते हुए शर्मिंदगी महसूस हो रही होगी इस पर हम लोग सोचे जो दिन-रात झूठी कसमें खाते हैं झूठी गवायो देते हैं लोगों के सामने गलतियों पर पर्दे डालने के लिए और अपने आप को दुनिया की शर्मिंदगी से
बचाने के लिए झूठी बातें करते फिर रहे हैं कयामत के दिन हमें अल्लाह रब्बुल इज्जत के हुजूर जाते हुए कितनी शर्मिंदगी होगी हजरत इब्राहीम अलैहि सलाम फरमाएंगे कि आप सब लोग मूसा कलीमुल्लाह के पास चले जाएं वह आपकी शफात करेंगे चुनांचे सारी इंसानियत हजरत मूसा अलैहि सलाम के पास आएगी और कहेगी ऐ कलीमुल्लाह आप हमारी शफात फरमा दीजिए मगर हजरत मूसा कलीमुल्लाह फरमाएंगे कि नहीं मैं आपकी शफात नहीं कर सकता क्योंकि एक बार ऐसा हुआ था कि मेरे मुखालिफ ने एक आदमी मेरी इतबा करने वालों से झगड़ रहा था और मैंने नसीहत की खातिर उसको
एक मुक्का मारा था ताकि उसे समझ आ जाए लेकिन उसको वह मुक्का उसको ऐसा लगा कि वह मर गया और मैंने अल्लाह ताला से माफी का ऐलान भी फरमा दिया मगर फिर भी वह मेरा मुक्का लगने की वजह से मरा तो था इसलिए मुझे इस बात की वजह से अल्लाह ताला के सामने जाते हुए शर्म महसूस हो रही है फिर हजरत मूसा अलैहि सलाम सारी इंसानियत को फरमाएंगे कि आप ईसा अलैहि सलाम के पास चले जाएं सारी इंसानियत हजरत ईसा अलैहि सलाम के पास आएगी मगर वह भी कहेंगे कि नहीं मुझे अल्लाह रब्बुल इज्जत के
सामने जाते हुए इसलिए डर लग रहा है कि मेरी उम्मत ने मुझे और मेरी मां को अल्लाह ताला के साथ शरीक बना दिया था आज अल्लाह ताला मुझसे कहीं यह ना पूछ ले कि क्या आपने तो नहीं कहा था कि मुझे और मां को अल्लाह के साथ शरीक बना लो इसलिए आज मुझे अल्लाह ताला के सामने जाते हुए डर लग रहा है फिर हजरत ईसा अलैहि सलाम फरमाएंगे कि आप सब अल्लाह ताला के महबूब नबीए पाक सल्लल्लाहु ताला अलैहि वाले वसल्लम के पास जाएं चुनांचे सब लोग नबीए पाक सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम के पास आएंगे
और इस वक्त अल्लाह ताला अंबिया किराम के लिए मेंबर लगवाए और तमाम अंबिया किराम अपने-अपने मेंबरों पर जलवा अफरोज होंगे और आप सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम के लिए भी मेंबर पेश किया जाएगा मगर अल्लाह ताला के महबूब सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मेंबर पर नहीं बैठेंगे क्योंकि उस वक्त आपके दिल में यह ख्याल होगा कि कहीं ऐसा ना हो कि मैं इस मेंबर पर बैठ जाऊं और यह उड़कर जन्नत में चला जाए और मेरी गुनाहगार उम्मत पीछे रह जाए तो आप सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम से पूछा जाएगा ऐ मेरे महबूब आप मेंबर पर क्यों नहीं बैठ रहे
हैं तो आप अर्ज करेंगे ऐ अल्लाह मेरी उम्मत के गुनाहगारों का तो अभी फैसला भी नहीं हुआ मैं इस मेंबर पर कैसे बैठूं फिर अल्लाह ताला आप पर एक खास तजल्ली फरमाएंगे आप सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया कि उस तजल्ली फरमाने पर अल्लाह ताला मुझे मकाम महमूद अता फरमा देंगे मैं वहां जाकर एक सजदा करूंगा और सजदे में अल्लाह ताला की तारीफें करूंगा जो ना पहले किसी ने ऐसी की और ना बाद में कोई करेगा रोने की हालत में सजदा करूंगा अल्लाह रब्बुल इज्जत मेरे सजदे को कबूल फरमाएंगे और मुझसे पूछेंगे ऐ मेरे
प्यारे महबूब आप क्या चाहते हैं मैं अर्ज करूंगा ऐ अल्लाह आप अपने बंदों का हिसाब ले लीजिए अल्लाह ताला फरमाएंगे अच्छा आप लोगों को हिसाब के लिए पेश करो रिवायत में आया है कि जब इजाजत मिल जाएगी तो इस वक्त नबीए पाक सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम अबू बकर रजि अल्लाह अन्हो को हाथ से पकड़कर अल्लाह ताला के हुजूर में पेश करना चाहेंगे कि आप जाइए ताकि हिसाब किताब शुरू हो जाए यह सुनकर हजरत अबू बकर की आंखों में आंसू आ जाएंगे और वह कहेंगे कि ऐ अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम मैं अपनी उम्र
के आखिरी हिस्से में मुसलमान हुआ था मेरी उम्र का ज्यादा हिस्सा इस्लाम से पहले का है इसलिए मैं चाहता हूं कि मैं आगे पेश ना किया जाऊं मगर अल्लाह के महबूब फरमाएंगे अबू बक्र तुझे आगे जाना होगा चुनांचे जब हजरत अबू बकर आगे बढ़ेंगे तो वह वही काम करेंगे जो नबीए पाक सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम ने किया वह भी कदम आगे बढ़ाकर अल्लाह रब्बुल इज्जत के हुजूर सजदे में गिर जाएंगे और रोने लग जाएंगे किताबों में लिखा है कि सिद्दीक अकबर रजि अल्लाह अन्हो इतना रोएंगे कि अल्लाह ताला फरमाएंगे कि ऐ मेरे महबूब के गाड़े
यार क्यों रोते हो सजदे से सर उठाओ क्या चाहते हो चुनांचे अल्लाह ताला उनके सजदे को कबूल फरमाएंगे और उन पर एक खास तजल्ली फरमाएंगे हदीस पाक में आया है कयामत के दिन अल्लाह ताला अपने बंदों पर आम तजल्ली फरमाए लेकिन अबू बकर रजि अल्लाह ताला अन्हो के ऊपर खास तजल्ली फरमाएंगे अल्लाह ताला अपने महबूब सल्लल्लाह ताला अलैहि वसल्लम के इस यार से इतने खुश हो जाएंगे कि खास तजल्ली फरमाएंगे उनके बाद हजरत उमर रजि अल्लाह अन्हो को पेश किया जाएगा हदीस पाक में आया है कि जब हजरत उमर आगे बढ़ेंगे तो अल्लाह ताला फरमाएंगे
ऐ उमर तुझ पर सलामती हो एक और हदीस मुबारक में है कि कयामत के दिन जिसे सबसे पहले अल्लाह ताला सलाम फरमाएंगे वह उमर रजि अल्लाह अन्हा होंगे उन्होंने ऐसी साफ सुथरी जिंदगी गुजारी होगी कि उनके आमाल को देखकर अल्लाह ताला खुश हो जाएंगे फिर उनके बाद अल्लाह ताला के महबूब हजरत उस्मान को पेश करेंगे किताबों में लिखा है कि जब हजरत उस्मान अल्लाह रब्बुल इज्जत के हुजूर पेश होंगे तो अल्लाह ताला उनका हिसाब बहुत ही जल्दी ले लेंगे वह इसलिए कि एक बार ईद का दिन था नबी पाक अलैहि सलाम ईद की नमाज के
लिए तशरीफ ले जाने लगे तो हजरत आयशा रजि अल्लाह अन्हा ने अर्ज किया ऐ अल्लाह के महबूब कुछ दे दीजिए ताकि हम कुछ पका लें मदीने की बेवाए और यतीम बच्चे उम्मीद लेकर आएंगे मैं उनको कुछ दे सकूं अल्लाह के महबूब ने फरमाया कि मेरे पास तो इस वक्त कुछ नहीं है चुनांचे आप सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम नमाज पढ़ने के लिए तशरीफ ले गए और जब वापस आए तो देखा कि घर में सब कुछ पका हुआ है और मदीने की बेवाए और यतीम ले लेकर जा रहे हैं महबूब सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम ने पूछा यह
कहां से आया हजरत आयशा ने अर्ज किया जब आप नमाज के लिए तशरीफ ले गए तो हजरत उस्मान ने सामान से लदा हुआ एक-एक ऊंट आपकी सब बीवियों को हदय के तौर पर भेजा है यह सुनकर नबी पाक सल्लल्लाहु ताला अलैहि सलाम का दिल इतना खुश हुआ कि आप ने दुआ मांगी ऐ रहमान तू उस्मान का हिसाब आसान फरमा देना तो नबी पाक अलैहि सलाम की यह दुआ कबूल होगी और हजरत उस्मान का हिसाब किताब बहुत जल्दी ले लिया जाएगा उनके बाद हजरत अली को अल्लाह रब्ब इज्जत के हुजूर पेश किया जाएगा हदीस पाक में
आया है कयामत के दिन सबसे आसान और जल्दी हिसाब अली रजि अल्लाह ताला अन्हो का होगा जब आप सल्लल्लाहु ताला अलैहि वाले वसल्लम के चारों यार पेश हो जाएंगे तो अल्लाह ताला जलाल जमाल में तब्दील हो जाएगा चुनांचे अल्लाह ताला फरमाएंगे मुज म मेरे नेक बंदों से आज जुदा हो जाओ लिहाजा काफिरों और मुशरिक को एक तरफ कर दिया जाएगा और दूसरी तरफ नेक बंदों को कर दिया जाएगा उसके बाद सारे अमल आमाल के हिसाब किताब होने के बाद अल्लाह ताला फरमाएंगे कि जहन्नम के ऊपर बनी हुई पुल सिरात से घुसकर यह नेक लोग जन्नत
में चले जाएं चुनांचे जब मोमिन बंदे पुल सिरात के ऊपर से गुजरने लगेंगे तो कुछ ईमान वाले ऐसे बंदे होंगे जो बिजली की तेजी से गुजर जाएंगे कुछ हवा की तेजी से कुछ घोड़े की तेज रफ्तार के साथ कुछ भागते हुए आदमी की रफ्तार के साथ कुछ चलते हुए आदमी की रफ्तार के साथ और कुछ रेंगते हुए आदमी की रफ्तार के साथ गुजर जाएंगे जो लोग भी पुल सिरात से आगे गुजर जाएंगे अल्लाह ताला उनको जन्नत अता फरमा देंगे पुल सिरात के ऊपर से हर एक को गुजरना पड़ेगा जब पुल सिरात से आगे चले जाएंगे
तो अल्लाह के महबूब सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम यह समझेंगे कि मेरी उम्मत के सारे लोग मेरे साथ आ गए हैं और जहन्नम से पार हो चुके हैं लिहाजा आप उन सब लोगों को लेकर जन्नत में तशरीफ ले जाएंगे यहां तक कि जन्नत में रहते हुए बहुत बहुत अरसा गुजर जाएगा लेकिन जो मुसलमान पुल सिरात से गुजरते हुए जहन्नम में गिरेंगे उन्हें अजाब होगा जहन्नम के सबसे ऊपर के दर्जे में ईमान वाले गुनाहगार होंगे जब बहुत अरसा गुजर जाएगा तो अल्लाह ताला अपनी हिकमत से उनके और काफिरों व मुशरिक के बीच आग को शीशे की तरह
बना देंगे काफिर और मुशरिकीन जब मुसलमान गुनाहगारों को देखेंगे कि वह भी जहन्नम की आग में जल रहे हैं तो वे मुसलमानों को ताना देंगे कि हम तो अल्लाह का इंकार किया करते थे जिसकी वजह से हम जल रहे हैं लेकिन आप तो खुदा को मानते थे रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को मानते थे और इसके बावजूद आप भी हमारी तरह जल रहे हो तो आपका खुदा आपके किस काम आया हदीस पाक में आया है कि जब जहन्नम काफिर मुसलमान गुनाहगारों को ताना देंगे तो अल्लाह ताला जिब्रील अलैहि सलाम को बुलाएंगे और फरमाएंगे कि ऐ
जिब्रील आज हमारे मानने वालों को ताना दिया जा रहा है उनके साथ भी वही सुलूक हो रहा है जो ना मानने वालों के साथ हो रहा है जाओ जरा जहन्नम के हालात मालूम करके आओ चुनांचे जिब्रील अलैहि सलाम जहन्नम में जाएंगे जहन्नम के दरवाजे पर उसके दारोगा मालिक खड़े होंगे वह दरवाजा खोलकर हजरत जिब्रील अलैहि सलाम को अंदर दाखिल करेंगे जब गुनाहगार मुसलमान उनको देखेंगे तो वह फरिश्तों से पूछेंगे कि यह कौन है उस वक्त उनको बताया जाएगा कि यह वह फरिश्ता है जो तुम्हारी नबी पाक अलैहि सलाम के पास वही लेकर जाते थे जब
उनके पास नबीए रहमत सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम का जिक्र किया जाएगा तो उस वक्त गुनाहगार लोगों को आप सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम की याद आएगी और वे कहेंगे वाह मोहम्मदा वाह मोहम्मदा जहन्नम लोग इन अल्फाज में जिब्रील अलैहि सलाम को रोकर कहेंगे कि ऐ जिब्रील आप सल्लल्लाह ताला अलैहि वसल्लम के पास अल्लाह का पैगाम लेकर जाते थे आज हम गुनाहगारों का पैगाम भी हमारे सरदार सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम को पहुंचा देना कि आका आप तो हमें भूल ही गए हैं हम जहन्नम की आग में जल रहे हैं और आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जन्नत के अंदर
हैं जिब्रील अलैहि सलाम उनके साथ वादा करेंगे कि मैं आपका पैगाम अल्लाह ताला के महबूब सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम को जरूर पहुंचा हंगा चुनांचे जब जिब्रील अलैहि सलाम जहन्नम से बाहर आएंगे तो अल्लाह रब्बुल इज्जत फरमाएंगे जिब्रील आपने मेरे महबूब सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के गुनाहगार उम्मती हों से जो वादा किया है उस वादे को निभाना जरूर लिहाजा जिब्रील अलैहि सलाम जन्नत में जाएंगे उस वक्त आप सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम जन्नतुल फिरदौस में अंबिया किराम की मजलिस में मेंबर पर तशरीफ फरमा होंगे जिब्रील अलैहि सलाम को जब आप देखेंगे तो फरमाएंगे जिब्रील आज कैसे आना हुआ जिब्रील
अलैहि सलाम अर्ज करेंगे कि मैं आज आपकी उम्मत के गुनाहगारों का पैगाम आपके पास लाया हूं जब आप सल्लल्लाह ताला अलैहि वसल्लम यह सुनेंगे कि मेरी उम्मत के कुछ गुनाहगार अभी भी जहन्नम में हैं तो आप हैरान होंगे कि अच्छा मुझे तो ख्याल ही नहीं था चुनांचे नबीए पाक सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम उस वक्त अल्लाह रब्बुल इज्जत के हुजूर सजदा फरमाएंगे और अल्लाह रब्बुल इज्जत के सामने कहेंगे ऐ परवरदिगार मेरी उम्मत के गुनाहगारों को माफ फरमा दीजिए तो अल्लाह ताला उनको शफात कुबरा की इजाजत फरमाएंगे कि ऐ मेरे महबूब आप जिसके बारे में चाहें शफात
फरमाइए हम उसको जहन्नम से निकाल देंगे शफात कुबरा की यह खुशखबरी सुनकर नबीए पाक सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम जहन्नम की तरफ चलेंगे उस वक्त जिब्रील अलैहि सलाम एक ऐलान कर देंगे कि ऐ जन्नति हों नबीए पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जहन्नम हों की शफात के लिए जा रहे हैं तुम भी साथ चलो चुनांचे उस दुल्हे के साथ शफात करने के लिए एक बासक चलेगी फिर नबीए करीम सल्लल्लाहु ला अलैहि वसल्लम शफात फरमाएंगे दूसरे अंबिया किराम भी शफात फरमाएंगे और सारे जन्नती भी शफात फरमाएंगे जिसका जो भी वाकिफ होगा उस बंदे को जहन्नम से निकाल लिया जाएगा
यहां तक कि अगर दुनिया में किसी मोमिन को एक प्याला पानी पिलाया होगा तो अल्लाह ताला उसके अमल की बरकत से उसको भी जहन्नम से निकाल लेंगे और इस तरह उस वक्त जो कोई मुसलमान के अंदर एक राई के बराबर का भी ईमान उसके अंदर होगा तो उसे भी जहन्नम से निकाल लेंगे और जब सब लोग शफात कर चुक तो अल्लाह ताला फरमाएंगे ऐ मेरे प्यारे महबूब मैंने आपसे वादा किया था कि मैं आपकी उम्मत के तीन लब भरकर जहन्नम से निकालू हगा लिहाजा अल्लाह रब्बुल इज्जत अपनी कुदरत के दोनों हाथों से जहन्नम से तीन
लप भरकर निकालेंगे यानी जैसे आदमी दोनों हाथों से आटा निकाल लेता है उस लप में इस उम्मत के खरबों लोग होंगे जिनको अल्लाह ताला अपनी रहमत से जहन्नम से निकाल देंगे लेकिन जहन्नम से निकले हुए लोगों का जिस्म जल जलकर कोयला हो चुके होंगे तो अल्लाह ताला की तरफ से हुक्म होगा कि इनको नहरे हयात से गुस्ल दिया जाए चुनांचे जब उनको गुसल दिया किया जाएगा तो उनके जिस्म ठीक हो जाएंगे लेकिन उनके माथे पर उत्का और रहमान का नाम लिख दिया जाएगा जिसका मतलब यह होगा कि रहमान के अपनी रहमत से उनकी बख्श कर
दी है उसके बाद उनको जन्नत में भेज दिया जाएगा अब नबीए करीम सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम की उम्मत का कोई गुनाहगार भी पीछे नहीं रहेगा सबको बख्श दिया जाएगा लेकिन हदीस पाक का मफू है कि जब ये लोग जन्नत में जिंदगी गुजारने लगेंगे तो वह जन्नती जो पहले से जन्नत में होंगे जब उनको देखेंगे तो मजाक किया करेंगे और कहेंगे कि देखो हम पर तो अल्लाह ताला की रहमत हो गई और उसने हमारे अमलोक कबूल फरमा लिया लेकिन आप लोग तो रियायती पास हैं आपके माथे पर उत्का और रहमान का नाम लिखा हुआ है उन
जन्नति हों के साथ पहले वाले जन्नती इस तरह मजाक करेंगे जिन जन्नति हों के माथो पर उत्का और रहमान लिखा होगा उनको यह बात महसूस होगी लिहाजा एक बार वे सब जन्नती अल्लाह रब्बुल इज्जत के हुजूर दुआ करेंगे ऐ अल्लाह आपने हमें जहन्नम से निजात तो दे दी लेकिन माथे पर एक मोहर भी लगा दी जिसकी वजह से सब पहचान रहे हैं कि हम खुद इस काबिल नहीं थे बल्कि रियायती पास होकर आ गए हैं ऐ अल्लाह हमें इससे बचा लीजिए तो अल्लाह ताला उनकी इस फरियाद को कबूल करेंगे और फरमाएंगे कि हमने खुद यह
मोहर लगाई थी ताकि तुम्हारे अपने दिल में यह कैफियत पैदा हो और तुम हमसे मांगो और हम तुम्हें अता कर दें चुनांचे उनकी फरियाद पर अल्लाह रब्बुल इज्जत उनके माथो पर से उतका और रहमान की इस मोहर को भी हटा देंगे तो मेरे प्यारे भाई काश कि हम भी इन रियायती पास लोगों में कयामत के दिन शुमार हो जाएं अपने अमल तो इस काबिल नहीं है मगर अल्लाह रब्बुल इज्जत के के महबूब सल्लल्लाहु ताला अलैहि वसल्लम की शफात नसीब हो जाए आमीन तो सब्सक्राइब योर चैनल