गगरे भी गए फुल काया भी गईया कना विच कोकरू ते वालिया भी गईया रेशमी दुपट्टे डोरे जालिया भी गईया कुंड भी गए तो कुंड वालिया भी गईया चल प लेती बाने रुकना है एक बार फिर शुरू करू गेस्ट इन द न्यूज रूम में जोरदार तालियों से स्वागत करिए गुरदास मान साहब का रब ने तोती र र रंग बिरंगी क्या कहानी है ससीए बेखबर की सस बेखबर मैंने खुद का लिखा हुआ एक नाटक था उसमें जो कवाली थी उनको जो चल रही थी तो उसम दिल द मामला दिल द मामला है कुछ ते करो सज्जन पर
अपना दिल का मामला क्या था जो तीन तीन दफा शादी करनी पड़ी एक ही लड़की से मुझे पंडित ने बताया था कि तेरी ऐसे पुठा जा हाथ करके ना कहता तेरी तीन शादी है ये नहीं बताया कि एक ही लड़की से मुझे आपका जो साइकिल सॉन्ग है आनी कु जन जोगी रब दे ख नजारे ना सा कोले मोटरसाइकिल ना कोई मोटर कार एक टुटे साइकिल सादा हर वेले डंग सारे जेकर हैंडल विंगा हो जाए मार ब्रेका खड़ ले गडिया दे विच टायर फसा के हैंडल सिद्धा कर ले पंचर हो जाए हवा निकल पंप मार के
भर ले वा कि लीक नहीं हो थक ला के चेक कर मान साब आप यह गाना गा रहे थे मुझे संधू मैडम और चेयरमैन साहब के घर की वह शराब पार्टी याद आ गई यह अजीब लगता है कि मैं कुछ अपना कुछ गा के जैसे मैं भीख मांगू कि मुझे नौकरी दे दीजिए प्लीज अप डफली ऐसे निकाली और ऐसे जैसे मारा उसके ऊपर तो मैं थोड़े दो बोल बोले और मेरे आसू मैं सिसकी ले रोने लग गया मेरे फील होने लग गया कि मेरे जमीर जमीर है मेरी अलाव नहीं [संगीत] कर और जब तेजपाल के
साथ ही था मैं मैं कहा मुझे नींद भी आ रही है मैं पाठ भी करना कहते कुछ भी कर लो आप बेल्ट लगा लीजिए मैंने बेल्ट भी लगा लि बस मुझे पता नहीं कब एक्सीडेंट हुआ ऐसे मैं हूं और ऐसे ऐसे मैंने ऐसे देखा उसको व समाप्त हो चुके था एक गीत में पूरा उसको डेडिकेट करके अपने एल्बम में डाला था अखा खुलियां जद खुमारी उतर गई बैठी साडे नाल सवारी उतर गई मित्रा दे पिंड दियां रावा ने बचा लिया घरा विच बैठ जो पुत्ता दी उडीक ल ऐसियां करोड़ा लखा मावा ने बचा लिया वेला
साडा आ गया सी जगतो जान द पर मर जाने मान न दुआवा ने बचा लिया क्या बात है मिलिटेंसी की बात कर रहे थे उसी दौर में चमकीला जैसे सिंगर भी थे आपकी मुलाकात हुई कभी उनसे हां चमकीला जी से मुलाकात हुई थीरी हुी उनके गाने और आपके गाने बहुत जमीन आसमान का फर्क है उस वक्त जो चलता था ना जी गाने चलते थे थोड़े से डबल मीनिंग चलते थे मेरी एक धारणा अलग थी मैं जैसे तरह से शुरू हुआ आज तक उसी सिलसिले को बरकरार रखते हुए मैं आगे बढ़ा उस दौर में कभी आपको
किसी किस्म की धमकी आई किसी की तरफ से चिट्ठी आई थी हम कहा गुरुद्वारा साहब माथा टेक के आते हैं मण साब पहुंचे तो वहां पर कुछ लोग मिल ग बाबा जी बला रहे हमने आपको तकलीफ देनी है मैं क्या सजना में सजना तेरे शहर वा सान कि सो ल गीत सुना सज्जना बे सजना तेरे शहर वाली सानू कितनी सोनी लग दी दप क्या बा की बन दुनिया द जब आप उसम गाते हैं ना हर बोली तो वो हम लोगों को लगता है कि कोई हमारी बात कह रहा है बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल हर बोली सीखो
सीखनी भी चाहि मेरे जमाती थे क्लास फेलो जो थे वो हरियाणा के थे मुझे इतनी प्यारी लगती थी उनकी जुबान तो मैंने फिर एक गीत लिखा बाबा अरे मैं हरियाणा का जाट प्यार ताया भर लूगा अरे तीन पांच मत करियो गडिया नीचे धर लूंगा अरे तेरे एक मीठे बोल की खातिर तेरा पानी भर लूगा अरे घनी तीन पाच मत करियो रे घ नीलगा दिलजीत हमारे वक्त के बहुत कमाल के कलाकार है और आप दोनों की जुगलबंदी बहुत अद्भुत है आज का जो नए दौर का सितारा है व तो वो दलजीत के साथ कहते करना है
दलजीत के भी ख्वाहिश है क्योंकि वो बचपन में आपके गीत गाता रहे वो गाया भी फिर वैसे ही मतलब जो भी मिलता गया मैं भी कहा ता उनके साथ क कीट मतलब बनाए नहीं बनती चीज जी वीर दरा की कहानिया बहुत सुनी हम लोग ने कुछ याश कहने लगे कि गुरदास एक थोड़ी म्यूजिक है दो बार सुना तो तीसरी बार मैं कहा यह तो जुगनी इसके अंदर बिल्कुल फिट हो सकती है हो मेरी जुगनी देता बगे जुगनी उस मु तो फबे जिन सट इश्क द लगे साई मेरे जुगनी गीत उसके अंदर फिट हो गया डांस
करते करते करते जब उ ले पंजाब को बड़ा फ महसूस हुआ गुरदास शने [प्रशंसा] उठाया ब य बाय आ भला हो राजवीर लंबरदार का जो एक टेप रिकॉर्डर ले आए ना टेप रिकॉर्डर आता ना तीन लाइने रिकॉर्ड होती जो शुरू हुई थी टूट गई तड़क करके से भला हो नंदलाल का जो गोलियां बेचते हुए ढपली बजाया करते थे ना वो ढपली बजाते ना एक बच्चे को यह चुहल होती यह तो सीखना ही है सीखना था बहुत सीखना था बहुत से उस्ताद थे बहुत से सबक थे बहुत से सन्नाटे थे बहुत से संघर्ष थे बहुत सारी
उठापटक थी और इन सबके बीच था एक जापानी कोच जो ब्लैक बेल्ट धारी था और जूडो सिखाने आया था जापान से आया था और था एक इश्तेहार क्योंकि नाटक होने वाला था और कौन कंबक था जो बिजली विभाग में अपना मन लगाने को राजी था शश और पुन्नू की कहानी क्या कमाल की थी और क्या कमाल की थी वो कवाली जो जालंधर दूरदर्शन के डायरेक्टर साहब ने सुन ली थी पर यह तो कमाल के सिलसिले की शुरुआत नहीं थी शुरुआत में तो एक बच्चा था एक डांग थी और एक शराबी की एक्टिंग थी जिसे दादाजी
पहचान नहीं पाए थे जिंदगी यही तो है कितने ही रूप धरते हैं बहरूपिया होते हैं फिर कुछ होने का भ्रम पालते हैं फिर मान आ जाता है अभिमान आ जाता है लेकिन फिर कोई साधु जो साइकिल चोरों की खबर बता सकता था बताता है यह सब छूट जाना है मान मर जाना है अभिमान मर जाना है एक आवाज है जो विलंबित में गूंजती है आकाश में और खुद अपने लिए कहती है मर जाना है गुरदास मान यह सबसे बड़ा सबक है गुरु का जिसमें आपको पता चलता है कि अपनी खुदी को कुर्बान करना है डूबना
है तब पार लगना है बाबा नानक शाह समेत सारे सूफियों ने फकीरों ने यही तो सिखाया और सिखाई मोहब्बत दरिया की मोहब्बत आपकी मोहब्बत पानी की मोहब्बत यह कभी शहीदे मोहब्बत बूटा सिंह होती है यह कभी सरहद के इस पार और उस पार में बटी सरजमी की तकलीफ होती है जो मंटो की कहानियों में बयां होती है यह गांव-गांव बंजारे की तरह भटकते डफली पर गाते व्यक्ति का नाद होता है आर्त नाद होता है जिसे कोई छल्ला कहता है कोई कुछ और कहता है पर इस कहानी में हमेशा गति नहीं है एक सन्नाटा भी है
क्योंकि कनाडा का एक ऑडिटोरियम है नवंबर 1984 का महीना है ऑर्गेनाइजर है जो खफा रफा दफा सा है क्योंकि एक बड़ा प्रचारित स्टेज शो कैंसिल होने को है कलाकार मंच पर जाता है माफी मांगता है दादी को याद करता है कहता है जब सोग होता है तब 10 12 दिन दादी रेडियो बजाने को नहीं कहती थी आज बड़ा शोग है नहीं गा सकता हूं मैं बैठा हूं टिकट खिड़की पर आप ले जाइए टिकट के पैसे वापस वो सिर्फ कहता नहीं है बैठता भी है कोई पैसे वापस लेने नहीं आता पर आयोजकों का मान अड़ जाता
है मुसीबतें आती रहती हैं पर कहानी यहां ठिठक नहीं है एक और शहर एक और मंजर एक और बरस और एक तंबू है तंबू में कलाकार तैयारी कर रहे हैं बच्चा झांक रहा है कलाकार देखता है भीतर बुला लेता है बच्चे के कांधे पर बसता नहीं है बच्चे के कांधे पर एक पट्टा है पट्टे से लकड़ा हुआ लकड़ी का लटका हुआ लकड़ी का तख्ता है और है बूट पालिश का सामान बच्चा जकता है तस्वीर खींचती है तो उस बूट पॉलिश के सामान को किनारे रखने की कोशिश करता है पर कलाकार कहता है इसी से तुम्हारी
पहचान है और फिर गाना लिखता है रोटी हक दे खाइए चाहे बूट पालिशा करिए कितनी ही कहानियां है जो मैं आपको सुना सकता हूं लेकिन हम एक बार फिर से सूत्रधार की भूमिका में हैं क्योंकि आज ललन टॉप के इस प्रोग्राम गेस्ट इन द न्यूज रूम में कमाल के कलाकार जिन्हो जिन्होने हमारी आत्मा में उजास भरने का भरपूर काम किया है जिन्होंने हमें कुछ गुरु मंत्र दिए हैं और उसके लिए सबसे जरूरी सबक बताया है कि अपने आप को समर्पित करना पड़ेगा दास बनना पड़ेगा और तब आपको असल में व्यक्ति होने का मान समझ में
आएगा जोरदार तालियों से स्वागत करिए गुरदास मान साहब काथ थैंक यू सो मच आपने उ दिया ऐसी इंट्रोडक्शन मैंने आज तक नहीं ऐसी सच्ची सुच्ची दिल से तह दिल से थैंक य मोहब्बत से खुलूस से जो पेश किया है इतना कमाल काम है आपका हम लोग तो धन्यवाद करता हूं आप सबका इतना खूबसूरत स्वागत किया मेरा आपका और आपके दूर दरा जितने भी दर्शक बैठे हैं श्रोता बैठे जो प्यारे लोग बैठे हैं उन सबकी नजरों को मेरी सलाम उनके नैनों को सलाम रखे आप सबको थैंक यू सो मच आहा सब कुछ बयान कर दिया मेरे
कितनी खुशी सी तेरे मिलन दी कितनी उदासी है जान लग कितनी खुशी सी तेरे मिलन द कितनी उदासी है जान लग मेरा ता दिल से कख तो हड़ तुसी भी रोप हसान ल मैं खुद न कह रहे कि हसो थोड़ा थोड़ा हसना जरूर चाहि मैं खुद रो रहा हूं है ना जलवा यह जादूगरी है बाबा आप लोगों की ऐसे टॉप प आए टॉप तो लगा ही हुआ था मगर टॉप पे पहुंचना वहां पर कयाम करना बरकरार रखना अपने आप को य सिलसिला कभी खत्म नहीं होगा पूरी टीम की मेहनत है हां जी पूरी टीम की
मेहनत सिर्फ कप्तान नहीं खेलता पूरी टीम खेलती है बकुल श्रीजेश भी खेलता है सरपंच भी खेलता है जी पूरी हॉकी की टीम जीतती तभी जीतती एक गोल ठोकता है और एक गोल बचाता है श्री जेश ओलंपियन बहुत कमाल के प्लेयर है मेरे मेरे दातो शुरू कीजिए सर शुरू तो होही चुका है हा आप कभी हॉकी खेले हां हॉकी थोड़ी खेली है मैंने स्कूल में कुश्ती ज्यादा खेली कुश्ती थोड़ा थोड़ा सब कुछ कर लेता था पता कुछ बहुत ज्यादा नहीं थोड़ी कबड्डी खेल लेता था उस वक्त यही चीजें होती थी गांव में तो ज्यादातर क्योंकि फ्री
हैंड होती है ना ये चीज बस एक अच्छा पहनना होता है जी और खेल लो गेम पूरी हो जाती है गदर बा में आपका गदर में मेरा गांव है जी डिस्ट्रिक्ट फिरोजपुर था उस वक्त फिर मु फरीदकोट हुआ अभी मुक्तसर है चेंज होते होते छोटा बन गया क्या करते थे आपके माता-पिता खेतीबाड़ी खेतीबाड़ी यस गेहूं होता था कनक यह सब फसलें होती थी वहां पर ज्यादातर कपास अच्छा हां जी और गेहूं तो अक्सर होता है मगर चावल नहीं होते धान नहीं धान के लिए पानी बहुत ज्यादा चाहिए तो दादा जी याद है आपको जो डांग
वाला किस्सा हमने सुना हां डांग वाला किस्सा मेरे मुझे वो मूछे मिल गई जो दुकानों से मिल जाती है ना लगाने वाली ऐसे ना फसा के वो लगा के मैंने अपने जाने कुछ मैं अदायगी से कि शराबी की एक्टिंग करता जाऊंगा डांग मेरे घर वाली जो मतलब जो दादाजी की होती थी वो मैंने उठाई तो चादरा चदरा ऐसे ही लपेटा आड़ी टेढ़ी पगड़ी बांधी और मैं वहां से जहां पर यह बुजुर्ग लोग बैठे होते थे तो वहां से मैं गुजर रहा था तो यार यह जो शराबी गया है बंदा य ऐसे लगता है कि डांग
मार है बंदा कौन है कहते पूछो उनसे जाके उ तो मैं पकड़ के ले आए तो फिर वो हंसने लगे सारे के मैं तो जब मछे उतारी मैं कहा मैं ड्रामा कर रहा था क बच्चे बड़ों के साथ ही ड्रामे करने लगे हमने तो पैदा किया आपको हमारे साथ क्या ड्रामा करोगे हम आपकी रग रग से वाकफ आपकी चाल से वाकिफ है हम आप आप कैसे चल रहे हो उस चीज से तो हम हमें क्या सिखा रहे हो जिन लोगों को इतनी पहचान है वो गांव के लोग हो सकते हैं तारा देख के बता देते
थे कि इतना टाइम हुआ है ये मेरे दादा जीी के साथ मेरा एक्सपीरियंस जी छत पर बैठे हुए छत प तिकोनी निकल गई ये निकल गई व निकल गई यह ध्रुव तरा है जो अपनी जगह से नहीं लता मतलब वो उन लोगों की जो साइंस पढ़ाने का जो तरीका था जो उन लोगों ने सीखी थी तो ये लोग सब कुछ जानते थे बहुत कुछ सीखने को मिला उनकी सथ में बैठे हुए बहुत कुछ सीखने मिला कभी-कभी ऐसी बातें कर जाते थे अभी ताजा कोई अखबार आई तो उसमें लिखा था कि चांद पर पहुंच गया जी
बंदा अच्छा जी चांद पर पहुंच गया दिखाओ जरा तस्वीर और लोगों ने तस्वीर देखी तो तस्वीर देख के कहने लगे किसे टिब्बी टिब्बी के ऊपर टीले के ऊपर किसी ने कोई अपना यह बना के उतार लिया है ये चंद्रमा की फोटो चंद्रमा प कोई नहीं पहुंच सकता चंद्रमा देव है वहां पर कोई नहीं पहुंच सकता ना साइंस दनने पूछो के यारा ऊंट के अंदर व लेडे कौन बना जाता है व पोटी नहीं करते ना पटी उनकी राउंड शेप में होती है कहते वो कौन बट जाता है मतलब ऐ और बकरी बकरी है जो छोटी-छोटी मंगने
क्यों देती है और भैंस ऐसे क्यों करती है गोबर क्यों करती है साइंस दानों से पूछो जरा ये सब बातें चलती रहती थी ऐसी बातें चलती थी कथा ही चलती थी वहा ऐसे प्यारे लोग थे अपनी तरीके से बात कह जाते थे के यह ठीक है साइंस दन पहुंच गए हैं मगर उनको यह बताओ कि हमें यह बता दो कि यह ऐसे कौन कर जाता उनके तो आपने अपने टीचर सरदार बूटा सिंह जी से यह बातें पूछी नहीं भूटा सिंह जी से मतलब हमें वो शायर शेर और शायरी की बात थ बूटा सिंह जी तो
वो हमें पढ़ाते थे हमें डांस सिखाते थे भंगड़ा और बकायदा उन लोगों ने टीचर रखा हुआ था फरीदकोट से वो आता था ढोल बजाने वाला स्पेशल तो सुबह सुबह हमारी जो क्लास से पहले वो एक घंटा हमारा पीरियड होता था जो वो डांस का होता था 10 15 बच्चे मतलब चुन के रखे उन लोग थे तो डांस करवाते थे बकायदा अ प्यारी प्यारी चीजें उनसे सीखने को मिली शायरी के बोल क्या होते हैं तोल क्या होता है सब तो वो चीज सुने तो कविश्री करते थे उस वक्त कविश्री का एक रूप होता है मतलब जो
बिना म्यूजिक के गा जा थ बता सके अग जग जंक्शन रे लादा गड्डी एक आवे एक जावे जग जंक्शन रे कि एक बच्चा पैदा हो रहा है एक जा रहा है एक आ रहा है एक जा रहा है ये जंक्शन है मतलब जिसने लिखा था उस वक्त गीत ये रामूवालिया जी रामू वालिया जी के पिता जो ये मेरा ख्याल है पॉलिटिकल लीडर भी रहे हैं बलवंत रामूवालिया जी जी हां सु रामूवालिया साहब के फादर जी जग जंक्शन रेला दा गड्डी एक आवे एक जावे हो जग जंक्शन रेला द गड्डी आवे एक जावे जग दो मुंडे
और से दो लड़के और थे हमारे साथ वो एक मैं लीड करता था दो पीछे गाते थे मैं लीड करता था दो पीछे गाते थे तो हमारी जब कविश्री खत्म हो जाती थी तो फिर क्योंकि छोटे-छोटे स्कूल के जो बच्चे हैं फर वो तालियां मारते तो हमारा एक हौसला बढ़ जाता तो वहां से यह शुरू हुआ सिलसिला के गाने का के गाना क्या है और नाचना चीज डांस वगैरह क्या है तो ये अचीवमेंट वहीं से शुरू होनी शुरू हुई उससे भी पहले जब हम एक पिड थे जो जहां से दाने वगैरह निकालते हैं ना गेहूं
निकालते हैं जी जी उसके ऊपर फला चलाते थे जी दो बैल आगे लगे हु था पीछे थे लगा हुआ था तो उसमें कयालीरामबिलु को उड़ा के उसके अंदर से दाने अलग हो जाते थे वो चीजें अलग हो जाती ये जो नए जमाने के दर्शक हैं उनकी जानकारी के लिए बता दें कि गेहूं को अलगा की यह विधि है जिसमें इस प्रक्रिया के बाद जब मशीनें आई तो थ्रेशर का इस्तेमाल होता था और अब तो हार्वेस्टर है तो ये उसके पहले की प्रक्रिया है जब एक मोटा सा पाटा होता था बैल चलते थे और उससे उस
पुआल को कुचल रहते ताकि छिलके से दाने अलग होते रहे और उसके बाद हवा का रुख जिस तरफ है उस तरफ से वोह सूप को हिलाया जाता था ताकि भूसा एक तरफ गिरे और अनाज की ढेरी दूसरी तरफ बेशक बेशक और मुझे क्योंकि बिठा देते थे ऊंट के ऊपर तो ऊंट के ऊपर क्योंकि स्कूल से आए होते थे बस्ता बस्ता रख के घर में और वहां चले जाना तो वहां जब जाना तो ऊंट के ऊपर नींद आ जाती थी और नींद आते होते कई दफा मैं उसमें गिरा हूं पुवाल प हां जी हां और उसके
ऊपर से मेरे वो फला भी निकला है वो निकल जाता था ऐसे ऊपर से य दोती तीन दफा मेरे साथ हु क्योंकि नींद आती है क्योंकि बच्चे जब स्कूल में क्योंकि उस उम्र में तो एक खास होता है नींद का आना दोपहर के वक्त और इतनी धूप इतनी गर्मी कि सोच नहीं सकते कि हम एसी में बैठे अब बातें शायरी की बातें करें वो नहीं हो सकते वो फाका मस्ती के जो दिन थे ना जो वो निकला तो सजना सजना तेरे शहर वाली सान कितनी सोनी लग द दोपहर क्या बात है दोपहर का एहसास हुआ
फील हुआ सज्जना बे ना तेरे शहर वाली सानू किन्नी सोहनी लगदी दुपहर वे किन्नी चंगी ओए लगदी दोपहर फिर भी पता नहीं कातो मो जहा आई जांदे भावे साडे सड़ गए ने पैर पावे साडे होए भज गने पैर [संगीत] सज्जना वे सज्जना वे सज्जना मां ने भी रोकेया बापू ने भीरो किया ना जाई मित्रा दे शैर ना जाई मित्रा दे शहर पर साडी भुख सग नी चौनी होई जावे हल पैंदे हल पैंदे रहन च तो पै हल पह रन च तो पैर [संगीत] सज्जना वे सज्जना वे सज्जना क्या बात है मान साहब आप यह गाना
गा रहे थे मुझे संधू मैडम और चेयरमैन साहब के घर की वह शराब पार्टी याद आ गई ओ मेरे जियो जियो उसमें यही गीत मैंने गाया था मगर रोते हुए क्योंकि मुझे नौकरी के लिए बुलाया गया था कि कहते चल गुरदास तेन इस तरह नहीं रहने देना तुझे नौकरी दिलवा है साहब आए हमारे दोस्त है हमारे गांव से मेरे भी गांव के बिल्कुल नजदीक थे बीबी वाला पिंड था वो भी मानो में मान ही थे व तो उनके घर में जब गए तो उनके चाचा जी भी थे वह थोड़े बड़े बुजुर्ग थे तो सब लोग
बैठे हुए हैं तो मेरे हा गले में डफली वाला बैग डाला हुआ था मैं बैग अपना डाल के लेकर गया मैं यार मुझे यह अजीब लगता है कि मैं कुछ अपना कुछ गा के जैसे मैं मांगू कि मुझे नौकरी दे दीजिए प्लीज मुझे अच्छा नहीं लगता मतलब मैं अंदर से टूट रहा था अपने आप में पर मैडम मुझे सख्ती करके वो लेकर चले गए तो जब वहां गाय कहते हां काका कहते अपना ये कौन है मुंडा जो उनके चाचा जी थे कौन है लड़का वो कहता जी कलाकार है क्या कलाकार है कहते जी गाता है
इसके पास गिटार गटर तो है नहीं गिटार को गिटार वो तो है नहीं मेरे पास तो सिर्फ डफली है तो क्या सुनाओ ग मैं जी मैं कुछ मैं कैसे मैं अपनी डफली ऐसे निकाली और ऐसे जैसे हाथ मारा उसके ऊपर तो मैं थोड़े दो बोल बोले और मेरे आंसू निकल मेरे सिसकियां मैं सिसकी लेकर रोने लग गया मेरे फील होने लग गया कि मेरे जमीर है मेरी अलाव नहीं कर और मैं गाना चाहता हूं उनके लिए जमीर आला वो निकल उसने जो मान साहब थे चेयरमैन साहब थे वह बहुत लकत वाले लोग थे उसने कहा
बेटे तेरी नौकरी पक्की सुनेंगे कभी बाद में बंद कर दो इसको मैडम कहते नहीं वो कहते नहीं उसके जज्बात तो देखो उसकी फीलिंग देखो प्लीज आप रहने क्या पियोगे बच्चे चाय मंगवाई चाय प यह मेरी यो दसना थी जहां मैं फि सजना सजना तेरे शहर वाली सान यह मैं गा रहा था जब आप लोगों के सामने पेश कि मेरे कॉलेज के दिनों का गीत मास्टर डिग्री हम कर रहे थे पटियाला से पटियाला फिजिकल एजुकेशन पटियाला तो बीपी एड होती है बीपीएड हमने क्लियर कर ली थी तो फिर मास्टर डिग्री में दो साल लगते हैं तो
प्रीवियस और फाइनल प्रीवियस में हम चले गए तो यह गीत उस वक्त क्योंकि मेरे को नेगलेक्ट कर दिया था रिजेक्ट कर दिया के रेसलिंग के बीच में किसी और को नंबर लेक बना के वो यूनिवर्सिटी इंटरवर्सिटी खिलाने चले गए मेरा बैटम वेट था मैं को खेल कोष्टी के लिए मुझे पता भी नहीं लगा वो कब लेकर वो चले गए तो मैं अपने कोच जो मेरे गांव का था वह जिमनास्टिक कोच थे प्रोफेसर भी थे पढ़ाते भी थे तो मैं उनको गुजारिश की कि मेरे साथ ऐसा हो गया कता मैंने तुझे पहले दिन कहा था कि
आप जो स्पेशलाइजेशन जो भरनी है व जिमनास्टिक भर दीजिए आपने रेसलिंग भर दी रेसलिंग में कंपटीशन बहुत है जिमनास्टिक अभी शुरू हुई है तो मैं कहा जी अब क्या करूं कोई बात नहीं आप शुरू करते हैं करोगे तह दिल से करोगे पूरी जनून से करना पड़ेगा क्योंकि सारा दिन एक्सरसाइज हमारी दूसरी चलती थी फिजिकल एजुकेशन की पहला थ्योरी चलती थी सुबह सुबह पहले तो एक्सरसाइज फिर थ्योरी प्रैक्टिकल यह सारी चीजें होती थी शाम को फिर भागना दौड़ना शॉर्ट पट फेंकना जेवलिन फेंकना य वॉलीबॉल खेलना बास्केटबॉल हर हर खेल के लिए एक तैयार करते हैं ना
जैसे डीपीए एक तैयार होते हैं तो उस तैयारी के लिए बहुत कुछ करना पड़ता था तो उसके बावजूद मुझे जिम में जाके जिम्नेजियम्स की शुरुआत हुई तो हर ऑपरेटर्स पर मैंने करते करते मैं इतना थक गया मुझे बहुत प्रेशर हो गया और टाइफाइड हो गया मुझे टाइफाइड में मेरे प्रोफेसर ने बोला कि आप थोड़ी देर के लिए छ सात दिन के लिए आप चले जाइए वहां से अपने घर गांव में चले जा तु अपने जुबारे में बैठ के फिर यह चीज जो दवाई मुझे दी थी शायद उसका भी नशा था और जवानी का भी नशा
ही होता है जो उनके साथ जुड़ी हुई चीजें होती हैं मोहब्बत आसपास लोग प्यार सत्कार तो वो मुझे अपनी तरफ लेक फिर मैंने यह गीत लिखा था सजना सजना तेरे शहर वा सा देखिए कितनी मेहनत से यह बीपीएड की और सब डिग्री हासिल की और फिर एक वह रात है कि आप नील जी के घर पर किराए पर रह रहे हैं और उस डिग्री के पन्नों को जोड़ रहे हैं जो बच्चों ने फाड़ दिए बरूर में व वो तो बहुत खतरनाक बात रब जो रास्ता देता है ना मेरा ख्याल जो वह करता है वह कमाल
करता है आदमी कोशिश करता है बड़ी चीज है तदबीर पर नाज करोगे किस्मत पर पछताओगे तदबीर पर नाज करोगे कि अपनी मेहनत मशक्कत पर जो करते हैं उस पर नाज करोगे एक दिन तदबीर पर नाज करोगे किस्मत पर पछताओगे दौलत से बिस्तर ले लोगे नींद कहां से लाओगे क्या बात है झूठ सली से बोलोगे तो सच्चे कहलाओगे सच को अगर तुम सच कह दोगे सूली पर चढ़ जाओगे वाह वो चीजें मतलब के जो मेहनत थी अंदर थी व मगर उसको राजी नहीं था शायद इंटरव्यू मेरी आई नहीं थी हम मास्टर डिग्री कर चुके थे हम
जुडो कर चुके थे जुडो के नेशनल कोच बन गए थे और हम कहीं भी स्पोर्ट्स ऑफिसर लग सकते थे और नेशनल कोच हिंदुस्तान के किसी के हिस्से में हमें भेजा जा सकता तो मेरी पोस्टिंग गोवा में बाद में हुई मगर मैं जा नहीं सका क्योंकि दूरदर्शन ने मेरे को इतना नजदीक कर दिया हिंदुस्तान के लोगों के दिलों के अंदर पंजाब के दिलों के अंदर खास करके वो दिल द मामला फिर ऐसा ऐसी मोर लगी वो हां कि आज तक वो दिल दा मामला ही चल रहा है अंदर इस दिल के मामले से अंदर गीत निकले
सब कुछ निकला वो जो फिर पन्ने फाड़ने वाली बात वो थी कि इंटरव्यू का कुछ नहीं निकला तो एक कहने लगा आपकी आप और अरविंद जा रहे थे हां जी हां जी अरविंद बाबा जी हा बावा उनके नाना का नाम घावा और मोटरसाइकिल जावा वाह साहब उसके मैं कहा यार यह मेरी इंटरव्यू का कार्ड तो निकला ही नहीं तो आप पता करते यूनिवर्सिटी से यूनिवर्सिटी से पता किया कहते यार आज सैटरडे संडे है मैं मंडे को जाऊंगा सुबह 8 बजे मेरे पास पहुंच जाना जी तो हम आपको जो आपका इंटरव्यू कार्ड है वो दे देंगे
वो लिया हमने मोटरसाइकिल लिया बनड़ा आगे जाते जाते पटियाला से निकलते निकलते बनूर की तरफ जाते हैं अंबाला साइड पर र जाता है तो सीधा चंडीगढ़ जाते हैं वो तो बनूर जाके हमारा मोटरसाइकल खराब हो गया हम तो अब थोड़ी दूर गए थे बनूर से आगे तो खराब हो गया मैंने कहा यार बाबा जी बहुत धक्का मेरे सिर लगवा लिया आपने मैं जिंदगी में बहुत धक्के दिए जिंदगी ने मुझे बहुत दिख अब तू भी मुझे से मतलब यह करवा रहा है कि मुझे धक्के दे रहे हैं मैं मोटरसाइकिल को धक्के दे रहा हूं मगर यह
गाड़ी ऐसे नहीं चले गई जब तक उसकी रजा नहीं है तो क्या करें फिर क मैं कहा ये मंजूर नहीं है उसको मैं उस नौकरी पर नहीं जाना वापस चलते और ट्राली एक ट्रैक्टर लेकर आ रहे थे उनको हाथ दिया उनका जो पीछे है ना जो उसका संगल था उसका अंदर लटक रहा था तो उसका पकड़ा ऐसे मैं कहा तू ऐसे चलाई रखो मैं इसको खींच के रखता हूं वहां पहुंचे मैकेनिक पास गए और लोगों ने अपना चेक किया प्लग साफ किया कार्बन जमी हुई थी किक मारी स्टार्ट हो गया मैं क उधर को जाने
के लिए एक सेकंड लगा उधर जाने के लिए कितने धक्के खाए नहीं ग मैं कहा आप बियर लि एक एक प हमने मैं कहा चलो ऐसे करते हैं यार कुछ ना कुछ सीखना चाहिए जिंदगी में आज मैं मोटरसाइकिल सीखता हूं आपसे बताइए मुझे क्या क्या करना है यह करना है करनार पयर पीके माय डियर हो गए ना जी फिर वो सिखाने लगा मुझे यह करना है यह करना है करना मैं क तू अभी यह मेरे दस्तावेज है यह संभाल के रखना पीछे पकड़ के रखो तो मैं शुरू कर दिया आहिस्ता आहिस्ता जाच आई उसको चलाने
की संभल गया फिर मजा आने लगा स्पीड का स्पीड का जब मजा आने लगे फिर भूल जाता आदमी थोड़ा ऐसे चलने ल क्योंकि सड़क बड़ी खाली होती थी उस वक्त फिर आगे जाकर राजपुर आ गया मैं कहा शहर आ जाएगा तो मैं फिर क्योंकि शहर में में चलाना चाहता है क्योंकि उसमें ब्रेक जल्दी लगानी पड़ती है कभी किसी के बच्चे को कोई न हो गया तो अच्छा नहीं लगेगा तो अभी मेरे साब मेरे सर्टिफिकेट जरा दे दीजिए जब मैं देखा वो तो वो चिपक गई जो फाइल थी मैं कहा यार इसमें तो है ही नहीं
कुछ मेरा सिर्फ जो जापनीज कोच ने दिया था वो जापान से ही बन के आया कोडो कान यूनिवर्सिटी ऑफ जापान मतलब उनकी मोहर लगी हुई थी वो बकायदा तरतीब से बनाया हुआ सर्टिफिकेट हमारे तो वसे ना कागजी होते हैं मतलब ये सर्टिफिकेट है ये सर्टिफिकेट है ये सर्टिफिकेट तो उन लोगों का बकाय दगी से बनाया था वो नहीं हिला उसके अंदर से बहुत सारी चीजें निकल गई और मेरा दशवी का जो सर्टिफिकेट तो तो बिल्कुल फड़ा हुआ था क्योंकि बच्चे सड़क पर काम करने वाले जो थे मजदूर लोग उनके बच्चे जो नंग तंग खड़े हो
ना पीपलिया बजा रहे हो वो मेरे सर्टिफिकेट हो की मैं जाके देखा अरेरे प्लीज ये मेरी सारी जिंदगी की कमाई है बच्चे कहते हमने तो बोला कि कोई इश्तिहार फेंक के जा रहे है तो हमने तो इश्तिहार कोई इधर खाले से निकाला कोई कहां से ढूंढा इधर से वो सारी चीजें पकड़ी फिर मैं रात को उनके घर में आकर नील के घर में फिर वो लेवी के साथ मैं उस सर्टिफिकेट को जोड़ रहा हूं और फिर मैंने फिर एक और बियर पी अपने आप को ठंडा करने के लिए कि मैं रोता भी रहा जोड़ता भी
रहा रोता भी रहा ऐसे ना मुकद्दर को सिलना पड़ता है कभी-कभी वो मुकद्दर की लिए थी बस मगर जो मेरा रास्ता था मेरा रास्ता था दूरदर्शन ने मुझे इनायत करनी थी मैं सजदा करता हूं जब भी और उस रास्ते में एक सुर्ख गुलाब इंतजार कर रहा था या उसकी बेटी हा जी सुर्ख गुलाब की बेटी सुर्ख गुलाब की बेटी हरपाल टीवाना जी हा हा देखो हरपाल टीवाना जी ने सरख गुलाब की बेटी का एक मंचन किया उसमें शायर थी तो मैंने एक फकीराना जो अंदाज होता है उसमें चिमटा पकड़ के मैंने वो गाना था उनको
सभी को बहुत अच्छा लगा व यूनिवर्सिटी में था पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में था तो व गाते रहे गाते रहे तो मजा लिया लोगों ने कहता यार यह इसको जो नेक्स्ट जो ड्रामा करना है उसमें लिया गया फिर मुझे उसमें सूफी फकीर की भूमिका निभाई गई सूफी फकीर उस वक्त उम्र तो नहीं थी कि बड़ा दिखे बंदा मगर दाढ़ी दू लगा के उसका मेकअप करके मुझे बड़ा बना दिया जाता था और अंधा फकीर था अंधे फकीर की भूमिका थी वो तो उसमें जब पहली फोटो छप के मेरे गांव में अखबार में पहुंची तो मेरे दादा जी
को बताया किसी ने कहते आपके पोते की फोटो छपी है मगर पहचान में नहीं आता नाम लिखा हुआ है गुरदास मान तो मेरे मेरा बाबा तो फिर वो तो ऐसे ही लिए फिरता तो कई जिसको मिले मेरे पोते की फोटो छपी हुई मेरे पोतो की फो कहता पहचान तो नहीं आ रही कहता यार ये जो बूढा बना हुआ है ना ये आर्टिस्ट कर लेते हैं ऐसे दाढ़ी ड़ी लगा के कर लेते हैं तो उसमें किया हुआ है तो उनको अपने तरीके से वो बता रहा कोई बेखबर ना मगर हां मगर कितनी कितना उनके अंदर वरूर
होगा उस बात का कि मेरा पोता मतलब देखो अखबार में छपी है फिर बाद में तो फिर जब दूरदर्शन के ऊपर आ गए तो फिर तो रोज ही आती थी वो रोज अखबार रोज कोई ना कोई कटिंग कटिंग लेके मतलब तो क्या कहानी है सस बेखबर की सस बेखबर दिल दे मामले के लिए मेरा ख्याल है शायद बनी थी वो जी ससी बेखब मैंने खुद का लिखा हुआ एक नाटक था अच्छा ससी पुनू की दास्तान थी ये आपका लिखा पहला ना मेरा ही लिखा था पहला ही था ये अच्छा पहला था एक पिंड मेरे दे
लोक वो भी लिखा था वह भी हमने उसका हमारे गांव में अबोहर में जहां हम पहले पढ़ के आए थे वहां पर हमने मंचन किया उनका तो उससे फिर मेरा हौसला बढ़ा फिर मैंने स सस बे खबरे लिखा ससी बे खबरे में एक सीन था कि व चाहते थे कि जो पुन्नू है यह ससी के इश्क में पागल हो गया इसको ले जाना बहुत जरूरी है अब्बा हुजूर का बहुत बड़ा हुक्म है तो कम को तामील की जाए तो वो लेकर ऊंट वगैरह सब कुछ आ जाते हैं और नोशी चलती है उस वक्त जब पूरी
सुराही जो है जाम चल रहे हैं जाम चल रहे हैं तो एक दूसरे सबको पिला दिए तो उनको भी पिला देते हैं वह भी मदहोश हो जाती है और मदहोशी की हालत में ही पुन्नू को उठाकर वोह ले गए थे और व भटकती हुई टलो में गर्मी में बहुत जोर की गर्मी जो रेगिस्तान में जो होती है उसमें वो दम तोड़ दिया था उसने मगर उसमें जो कवाली थी उनको जो चब चल रही थी तो उसमें दिल दा मामला था लिखा था उसके लिए दिल दा मामला है दिल द मामला है दिल द मामला है
कुछ ते करो सज्जन तौबा खुदा दे वासते पूछते डरो सज्जन दिल द मामला है दिलदा मामला है यह शुरू किया था उस दिलदा मामला है सा वो ड्रामा में आए थे उस वक्त सानी साहब सुरेंद्र सानी जी दूरदर्शन के तो उन लोगों ने कहा यार यह तो अपना गीत रिकॉर्ड करना है आपका एक व यूनिवर्सिटी में यूथ फेस्टिवल को कैप्चर करने के लिए आए थे शूट करने के लिए आए थे जी तो वहां पर जब चले गए तो वहां पर बोला कि रिकॉर्ड करना है गीत रिकॉर्ड करना है मैं कहा जी कौन सा गीत रिकॉर्ड
करना वही कहते जो अपने सस बेखबर में गाया था तो मैं कहा यार वोह तो ऐसे ही कवाली बनाई थी ज वो तो अच्छा नहीं लगेगा ऐसे मजा ही नहीं आएगा उसका कहते वो मजा बेमजा छोड़ दीजिए हमारे ऊपर हमारी वो लड़की ना उसने खबरें भी पढ़नी है इसके बाद वहीं पर शूट होना है और मिनट आपके पास 10 है आप तैयार होना है और 5 मिनट में वहां करना पा मिनट में गाने लगने चाहिए और उसके बाद लाइव होती थी जो खबरें लाइव होती थी तो ढांचा उठा के इधर किया गया कैमरे पांच पहले
तीन लगे होते थे उस वक्त तो तीन कैमरे के सामने आपने पूरे का पूरा दिल द मामला अपने साथियों के साथ गाया और रिकॉर्ड हो गया रिकॉर्ड होने के बाद हमें वन में ले गए वन में जाकर दिखाया कि आजा त तूने क्या किया है जो तूने किया आज तुम्हे दिखाते हैं तो फिर हर मॉनिटर में व मेरी व आ एक प एडिट करके आ रहा था तो मुझे देख के मैं यार तो अच्छा लगा अच्छा सबसे बड़ी मतलब चीज हुई कि मैंने उनको पहले बोल दिया था कि मैं ऐसे नहीं मैं गा पाऊंगा य
कैमरे के सामने नहीं मैं गा पाऊंगा मुझे ऑडियंस चाहिए जैसे आप लोगों ने ऑडियंस बुलाई है ना तो ऐसे ऐसे सोने सोने मुंडे कुड़ियां आके सामने खड़े जितने भी ऑफिस के थे लोग सब सामने खड़े हुए मैं उनको देख के गा रहा हूं कैमरे को देखा ही नहीं तो वो जो मजा आया मैं देख के खुशी हुई के वो मेरी खुशी की इंतहा थी वही चीज जब दूसरे दिन जब टेलीकास्ट हुआ या तीसरे दिन जब टेलीकास्ट हुआ तो पहचान थी कि यार व दिल वाले अंकल जा रहे हैं वो दिल वाले अंकल जा रहे पटियाला
में ऐसा ह और ये याद शुरुआत थी फिर मुझे कुछ दिनों के बाद मुझे लेटर आ गया कि आपकी गोवा में पोस्टिंग होगी जुडो कोच बतौर जुडो कोच मगर मैं फिर सोच सोच में पड़ गया कि मैं क्या करूं फिर मेरे दिल में अजीत ने मेरे साथ में जब डिस्कशन किया तो मैं क मैं मेरा ख्याल है मैं नहीं जा पाऊंगा अभी वो चीज मेरे लिए नहीं बनी हुई मेरे लिए यही रास्ता था तो अगर मैं जडो में जाना होता तो मेरा उस मोटरसाइकिल ही ना खराब होता कहते नहीं ठीक है जो मिलेगा वही ठीक
है जो परमात्मा ने तो धीरे-धीरे व सारी चीजें प्रोग्राम आने लगे प्रोग्राम आने लगे तो थोड़ी रौनक बढ़ने लगी नक बढ़ रही थी वो तो ठीक है पर अपना दिल का मामला क्या था जो तीन-तीन दफा शादी करनी पड़ी एक ही लड़की से हे [हंसी] दिल कभी कभी ऐसा होता है क्योंकि सामाजिक तौर पे हम बंधे हुए हैं कुछ रिश्तों से और कुछ रिश्तों की जो मर्यादाओं से रिचुअल से रस्मों से रिवाजों से वो कहते यार आपने शादी तो कर ली है लड़का और लड़की ने शादी तो कर लिए अब हमारे गांव में तो भी
लोगों को बताना पड़ेगा ना यार कि शादी क्या ये हमारे प्रोग्राम मतलब उसमें आइए कि हमारे बच्चों की शादी हो रही है रिसेप्शन करेंगे हम शादी हम वहां पर करके आ गए हैं तो यहां पर रिसेप्शन करेंगे तो रिसेप्शन हो गई एक शादी उधर हो गई एक फिर मायके की तरफ से हो गई मंजीत के कहते हमारे भी रिश्तेदार हैं वो भी बैठे हुए कि लड़की शादी की कैसे कर दी हमें बिना पूछे पूछे बिना बताए तो उनके लिए एक नया फिर ड्रामा करना पड़ा और वो तीन-तीन हो गए ये आपने फास्ट फॉरवर्ड कर दी
पूरी कहानी अपनी लव स्टोरी दुनिया जहां को अपनी भाषा में प्रेम की सीख देने वाला व्यक्ति थोड़ा विस्तार से बताइए कैसे मुलाकात हुई हां ये तो फिर मुलाकात की बात नहीं थी ना आपने बोला कि तीन शादियां की अरे तो मुझे लगा कि मुलाकात से शादी में जाएंगे जी बताइए एक साल जूनियर थी आपकी हां जी मेरे एक साल जूनियर मैं सीनियर था और फिर आगे यार क्या बताए पता ये चीज हो जाती है पता भी नहीं लगता पता तो लगता होगा कुछ तो महसूस होता होगा हा मैं महसूस ही हुआ ना यार यह वो
नगमा है जो हर सास पर गाया नहीं जाता है ना वो चीज हो गया मोहब्बत के लिए कुछ खास दिल मख सूस होते हैं यह वो नगमा है जो हर साज पर गाया नहीं जाता तो यह चीजें जब जुड़ जाती है एक दूसरे के साथ तो फिर शब्दों की गुंजाइश नहीं रह जाती जब प्यार बोलता है तो शब्द खामोश हो जाते जुबान खुश खामोश हो जा जितना गहरा इश्क होता है जितना गहरे आप डूब जाते हैं तो फिर लफ्जों की तो जरूरत ही नहीं पड़ती उस मगर बाद में फिर आहिस्ता आहिस्ता करते हैं कि के
चलो कि आप कुछ आगे बढ़े फिर शादी हो गई शादी के लिए सोचा शादी के लिए मान नहीं रहे थे उनके घर वाले कहते भा मतलब बाल रखने पड़ेंगे तो मैंने ट्राई किया बाल बढ़ाने की कोशिश की बाल जब बड़े बड़ बढ़ गए तो थोड़ा सा खराश होने लगी तो मुझे तकलीफ होने लगी वो कहते मतलब मजीत ने खुद बोला कि आप शादी करनी है आपने यह ड्रामा करने की जरूरत नहीं है शादी करनी है बोलो मतलब हां करनी है तो उनके मदर मतलब बड़े अच्छे निकले कि उन लोगों ने कहा कि मुझे मंजूर है
मतलब ऐसा कुछ करने की जरूरत नहीं कोई नहीं रिश्तेदार कहेंगे तो जो कुछ कहेंगे कहेंगे ठीक है हमारे बच्चे ने पसंद किया तो ठीक तो हमारे घर में भी ऐसा हुआ मेरे दादा जीी मेरे आए इनकी मदर आए और वहां पर जहां शादी हुई हमने पटियाला में की पटियाला में की तो बाकी परिवार वाले नहीं आए बाकी परिवार वाले नहीं फिर शामिल हुए क्योंकि उनको लगा कि हमारे बच्चे ने थोड़ा सा ऐसा किया तो अभी वो बाद में देखेंगे पहले कर ली तो कर ली और क्या अब जा अब जा अब चाहे रा ब्रूट है
जा बाबा हां मैंने कर ली तो कर ली सो वो बात होगी वैसे भी मुझे पंडित ने बताया था कि तेरी ऐसे उठा जा हाथ करके ना कहता तेरी तीन शादी है बाद में पता लगा कि ये तीन शादियां ऐसे होनी थी ये नहीं बताया कि एक ही लड़की से जी बढ़िया आप बता रहे थे कि जब मैं दूरदर्शन में परफॉर्म कर रहा था तो मुझे सामने ऑडियंस चाहिए थी ऑडियंस चाहिए ऑडियंस के बिना ऑडियंस मेरे लिए बहुत महत्त्वपूर्ण जो है एनर्जी देती है ऑडियंस के बिना मैं यहां तो फिर बिल्कुल पेड़ पौधों के साथ
गा सकता हूं जब खेद लवाड़ में जाते थे तो उसी में मतलब मजा लेता था मैं सुबह का वारिस शादी हीर मतलब मुझे नौवी दसवीं में मतलब मैं मेरे तकरीबन मैं पढ़ ली थी वो अच्छा बड़ी बड़ी पोथी है वो मतलब पर पढ़ ली थी मैंने बुजुर्गों ने खूब सुनी आपसे रोक रोक के हां वो हमरे एक दरवाजा था हमारे वहां पे जो बाहर का घर बोलते हैं ना बाहर वाला घर जी बाहर बैठक खाना पशु वगैरह बांधे होते हैं अा आगे जाके पूरा उनके लिए सब कुछ होता है और आगे एक दरवाजा होता है
जहां आगे बिल्कुल कुआ था हमारे और बिजली पर चलने वाला बाद में हो गया पहले वो एक पूरा ऊंट जाता था उसको लेके उसके अंदर चमड़े का बना हुआ जो उसको बोका बोलते थे जी वह पानी खींच के लाता था और पानी फिर वो घड़ों में डालते थे और सबको व देते थे यहां फिर वो गाड़ी में एक टंकी लगी होती थी बैल वाली गाड़ी होती थी उस टंकी में फिर वो घरों में जाके पानी टंकी में डाल के आते थे वो लोग थे वो भी जमाना देखा हमने वो कितनी दूर तक जाता था वो
जो अपना ऊंट था उस रस्सी को खींचते हुए कि वो अंदर से बोका निकल रहा है पानी आ रहा है ऊपर ऊपर आ रहा है ऊपर आ रहा है तो फिर वहां से वो छोड़ते थे फिर वो वापस आता था क्या बात है वो जमाने देखे म तो गांव के दौर की मैं क्या बात कर रहा ह हीर हां हीर तो वहां पे दरवाजे में कहते ले आओ भाई ओ मुंडिया गुरदास इधर आजा व पानी परर के ले आओ तुम चार पांच बाल्टिया थ छिड़का कर दे छिड़का कर दे शिमला बना दे शिमला बना दे
हा ठंडा कर एंड साफ सुफ हो जाना ठंड र क्योंकि वेंटिलेशन थी पूरी इधर से दरवाजा पूरा आगे से खुलता था और हवा के झोंके पूरे बकायदा सामने हमारे बेरी थी बोड़ का दरख्त था बड़ी खूबसूरत था वहा तो जैसे ऐसे छिड़कना पूरा करके कहते चल फिर अब चल हीर सुना मैं कहा कहां से सुनाऊ तो बोलते व हम कल सुन रहे थे व जगह पर छोड़ के गए थे तकदीर वाला कुछ तकदीर के ऊपर कुछ लिखा रशा ने क्या लिखा है पढ़ो व पेज पर निशानी लगाई हुई थी तकदीर के ऊपर कै लिखा जैसे
सहती के पास वो खैर मांगने के लिए जाता है एक घर में प्रवेश करता है अलख जगाता है लख निरंजन लख निरंजन तो सहती जो हीर की ननान थी वह बाहर आती है वह थोड़ी आड़ी टेढ़ी थी लियाकत वाली भी थी मगर वो जानती थी कि पाखंडी साथ लगता है ये इतनी छोटी उम्र में साद होना कोई मामूली बात नहीं ये कोई चक्र है तो उसकी आंखें उसको भांप गई थी तो जब उसके पास आई तो अड़ी मतलब जिद करने लगा जिद करते करते उसका उसका ऐसे हाथ जोर जोर से लगा सती का और कासा
नीचे गिर गया व कासा टूट गया जो खैर मांगने वाला जिसको क्या बोलते हैं ठूठा बोलते हैं कासा बोलते हैं जी फकीर के पास कासा वो टूट गया तो राजा अड़ी करने लगा कि मुझे यह का साबत कर नहीं तो मैं तेरे दरवा मैं तुझे शराब देक जाऊ मैं भी बालनाथ का चेला हूं मैं अपने गुरु पीर की कृपा से कुछ भी कर सकता हूं मेरा कासा जोड़ के दे वो फिर कह दि है गया नाल तकदीर दे पज कासा ब कीमत ले जा साथों तू मट [संगीत] दीवे हो तकदीर अल्ला दन कौन मोड़े हो
वे तकदीर पहाड़ न कट दीवे अच्छे तीर तलवार दे जखम दे वे मर हम नहीं जुबान दे फट दीवे जेड़ा किसे दे वास्ते खू पटे ते तकदीर उसे दाई खाता पट दि क्या [प्रशंसा] बात तीर दे तलवार जखम ठीक हो सकते हैं मगर जबान से निकले हुए तीर जो जो जखम कर देते हैं वह ठीक नहीं हो सकते और जेड़ा किसी दे वास्ते खूब पटे जो किसी के लिए खड्डा खोद दे उसके पास पहले उसको गिरने के लिए जगह कुदरत पैदा कर देती है तो तकदीर के ऊपर आ तो व जब उसको सुना सुनाते थे
लोग मंत्र मुग्ध होकर सुनते थे उनको पता था कि वारस ने क्या लिखा तकदीर के पर लिखा है हर बंदे की मतलब अंदर तकदीर द खेल है ना सारी हम सोचते हैं कि यार तकदीर ने हमारे साथ यह नहीं किया तकदीर त मैं कहता था तदबीर पर नाज करोगे तकदीरों पर पछताओगे आप ये बात कर रहे हैं तकदीर का मामला ही है क्या कि आप और तेजपाल मेटाडोर से जा रहे थे और पुलिस वालों ने चेज किया गोली नहीं मारी बस ओ मेरे साई मेरे साई उस वक्त मौसम ऐसा ही था मौसम हालत हालात यह
सब कुछ ऐसे थे रात को निकले थे हम प्रोग्राम करके तो उस वक्त जो म्यूजिशियंस थे हमारे साथ नहीं थे मैं और तेज पाली थे तो पटियाला में पीछे यूनिवर्सिटी पंजाबी यूनिवर्सिटी के पास से निकले तो हमने वह दूसरा रास्ता जो गांव के अंदर जाने के बीच में निकलता है उस उस रास्ते को अख्तियार कर लिया तो अभी कल हमें पता नहीं था कि यह हमें फॉलो कर रहे हैं मगर वो साथ-साथ में आ रहे हैं तो आगे जाकर जहां सड़कें साफ निकली यहां वाईपीएस यादविंद्र पब्लिक स्कूल है वहां आके उन लोगों ने गाड़ी थोड़ा
आगे करके लगा ले मोटरसाइकिल आगे लगा और ऐसे रख लिया मैं क तेजपाल बिल्कुल हिलना नहीं है यहीं पर बैठे रहो तो वो आए उनके पास आए उनके हाथ ऐसे कितनी देर से हम आपको बोल रहे हैं कि गाड़ी रोको गाड़ी रोको गाड़ी रोको कहते जी मैंने मुझे कुछ सुनाई नहीं दिया मुझे नहीं पता था कि आप लोग हमारा पीछा कर रहे हैं हमने सोचा कि कोई कोई बंदा व्यक्ति कोई आ रहे हमें हमारा पीछा इसलिए कर र है कि उनको शायद पता नहीं था कि रास्ता यही रास्ता जाएगा हमने सोचा कि हम रास्ता ढूंढने
के लिए हमारे साथ आ रहे हैं तो कौन है गाड़ी में व कता गुरुदास मान गुरदास मान सब कुछ चेंज हो गया गुरदास कहां है उधर बैठे मैं उतर के नीचे आ गया जब मिले तो पा जपिया पाई उन्होने प्यार कीता कहता यार ऐसे मत किया करो आदमी को थोड़ा सा कब्बा लगता हैय इसको थोड़ा समझाओ जब कोई लाइट देता है तो उसका मतलब है कि व आपको रोकना चाहता है और हम पुलिस वाले हमारी ड्यूटी दिनों में सख्त है और ऑर्डर यही है कि बंदा कुछ हाथ भी ऐसा ऐसा करे तो गोली मार दो
जा ऐसे ज ऐसा कुछ हाथ करे तो गोली मार कि ये कुछ किसी शास्त्र को ढूंढ रहा है अपने तो ये खतरनाक मैं कहा पाजी तुसी आओ मेरा नालय कर चलो चा चुप पीने फिर उने चा चु पलाई नाल खाना खिलाया और फिर उनकी सेवा की तो बड़े खुश हुए मगर उस वक्त कुछ भी हो जाता बा दौर ही ऐसा था दौर ऐसा था और जब तेजपाल के साथ ही था मैं जब हम सफर कर रहे थे कुराली जाना था सॉरी साईं जी के पास जाना था नकोदर हां जी हां नकोदर जाना था और हमारा
प्रोग्राम था यूनिवर्सिटी में यूनिवर्सिटी में प्रोग्राम था तो सॉरी यूनिवर्सिटी नहीं नहीं अपना मेले में नहीं नहीं यूनिवर्सिटी में ही था मेरा क्या यूनिवर्सिटी में प्रोग्राम था और लोहड़ी की रात थी लोहड़ी की रात में मान ही मान उनका नाम [संगीत] था मान ही मान उसका नाम था तो सारे मान वहां पर मौजूद थे तो सभी की बारी आई खत्म हुई खत्म हुई सुबह हुई तो मैंने जाना था साईं जी के पास मजीद का माइग्रेन शुरू हो गया यह कहते मैं तो जा नहीं सकती आप चाहिए रास्ते में जाते हम गड्डी में बैठे और गाड़ी
में बैठे बैठे मुझे नींद भी आ रही थी मैं पाठ भी करना चाहता था पाठ करते करते करते मैं बीच में झोंक लग जाती थी और पहली सीट पर बैठा था ड्राइवर सीट के साथ वो कहते यार मैं क मुझे नींद भी आ रही है मैं पाठ भी करना कहते कुछ भी कर लो आप बेल्ट लगा लीजिए पहली दफा उस शख्स ने मुझे बोला कि बेल्ट लगा लीजिए मैंने बेल्ट भी लगा ली बस मुझे पता नहीं कब एक्सीडेंट हुआ कब कुछ ऐसे हिल ला हूं मैं ऐसे हिलते हिलते हिलते थोड़ा-थोड़ा ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे सीधा
ऐसे हो गया और दूसरे शख्स की बाजू जो ड्राइवर था तेजपाल उसकी बाजू ऐसे मेरे ऊपर गिरी और ऐसे मतलब ऐसे हो ऐसे मैं हूं और ऐसे ऐसे मैंने ऐसे देखा उसको व समाप्त हो चुके था उसको उतारा गया मैं फिर मदहोश था नीचे लेकर चले गए मुझे फिर आकर थोड़ा सा झटका क्योंकि मैं इस झटके से बाहर नहीं आ रहा था फिर ऐसे आहिस्ता आहिस्ता बोला कहते आपके मैं कहा मुझ तेजपाल से मिलना है कहते तेजपाल चला गया मैं कहा नहीं मुझे उसके पास लेकर चलो मैं उसके पास गया मैं कुछ कोई शब्द बोल
नहीं सका हाथ जोड़े और ऐसे सलूट किया उसकी यारी को जो वह निभाकर चला गया चला गया सब कुछ हो गया मगर फिर उसके लिए अखा खुलिया जद खुमारी उतर गई वो खुमारी थी कितना मैं पाठ भी कर रहा था और मुझे नींद भी आ रही थी अखा खुलियां जदो खुमारी उतर गई बैठी सारे नाल सवारी उतर गई एक गीत में पूरा उसको डेडिकेट करके अपनी एल्बम में डाला था मित्रा दे पिंड दिया रावा ने बचा लिया शेर पहला था कि जहां हम जा रहे थे ज साईं जी के पास जा रहे थे मित्रा दे
पिंड दिया रावा ने बचा लिया घरा विच बैठ जो पुता द उड़क ल ऐसियां करोड़ा लखा मावा ने बचा लिया वेला साडा आ गया सी जगतो जान द पर मर जाने मान न दुआवा ने बचा लिया क्या बात फिर यहां से शुरू होता है आखा खुलिया जद खुमारी उतर गई बैठी साडे नाल री उतर गई चंगा सज्जना फिर किसी दिन पिवांगे जिन्नी पीती न तक सारी उतर गई आप मरजानी का जिक्र आया मुझे आपका जो साइकिल सॉन्ग है जी बाबा मुझे बहुत ज्यादा पसंद इनफैक्ट जब आप आ रहे थे शूट के लिए और मैं ये
नोट्स उलट पलट रहा था तब भी मैं वही बजा रहा था और उसमें जो पूरा वो संवाद चलता है साइकिल चोरी हो या मेने क्या कमाल हु मैंने मैंने गीत जो जितने भी लिखे हैं वह तकरीबन लोगों के दिल के साथ लोगों की जिंदगी के साथ लोगों के परिवार के साथ जुड़े हुए गीत लिखे मेरे प्रोग्राम पे सबसे ज्यादा फैमिलीज आती जहां फैमिलीज होंगी तिया तनिया कुड़िया चिड़ियां होंगी जते उथे शोर शराबा नहीं हो कद प्रोग्राम जिथे कले मुंडे होनेे ना हम उथे कुछ भी हो सकता है क् जिन्ने गीत उस तर दे गाए ने
उ उन्होने फिर जोश आ जा तो मेरे मेरे साथ कभी ये चीज नहीं हुई मेरे साथ जब भी मतलब फैमिली आई है जैसे आज बुजुर्ग आए हुए हैं पंचकूला से तो बैठे मुझे मिले तो मुझे मिलके खुशी हुई कि हम कितना प्यार करते हैं कितना आपका गाने सुन सुन के हम जब रसोई में खड़े होते थे आटे में हाथ होते मेरे गुरदास का गाना आ गया यह प्यार सत्कार है तो साइकिल जो सॉन्ग है कोई सोच सकता है कि साइकिल के ऊपर भी गीत लिखा जा सकता किसी को जरूरत ही नहीं साइकिल प गीत लिखने
की कोई जुल्फों की बात करेगा कोई खूबसूरत नैनों की बात करेगा कोई लटका हुई कमर कमर की बात करेगा और अपने अपने अंदाज में सब लोग बात करते हैं मगर ज्यादातर वही करते हैं कि सौदा कैसे बेचना है और क्या बेचना है हमने सौदा कम बेचा है मगर प्यार सत्कार बांटा है अपने गीतों के जरिए सो उसमें गीत है के उस वक्त की बात है जब शादी ब्याह में साइकिल दाज में दिया जाता था हम और नया नया आया था साइकिल और दज में देते थे आज 100 लोग बड़े खुश होते थे यार दज में
साइकिल मिला साइकिल और रेडि हां रेडियो और और दो एक अलमारी होती थी लकड़ी की दो टेबल एक टेबल दो कुर्सियां ये मतलब दाज हुआ करता था और गड्ढे में जाता था बाद में ट्रॉली आ गई मतलब उस वक्त गड्ढे में जाता था जो बैलगाड़ी होती है ना उसमें जाते थे तो ये मतलब मुझे याद है कि वो चवन्नी चवन्नी दे के हम एक घंटा चला सकते थे साइकल वो जब मंडी में जाते थे बाजार में जाते थे हम तो सीखा तो हमारे साथ में जो घर वाले थे उनके पास भी साइकिल था तो वो
बिल्कुल ही अधो राना साइकिल था तो गीत शुरू ऐसे होता है कि कुड़ी लड़की है जो एक सूत्रधार है आनी कुड़ी जन जोगी है रब दे वेख नजारे ना साडे कोले मोटरसाइकिल ना कोई मोटर कार है एक टुटे साइकिल साडा हर वेले डंग सारे दुनिया उते पैर नंगे लखा फिरन बचारे मैं तो फिर भी साइकिल ते सतगुरु दे बलिहार रब द मर्जी द कोई की कर लू मुटियारे कोई नहीं कर सकता किसी को क्या देता है कैसे देता है क्यों देता है यह उसकी मर्जी है रब द मर्जी द कोई की करलो मटरे इसमें एक
चीज डाली थी मैंने शेर कि इना दे कर पुत पुता कर पतरे एकना दे घर धिया िया करर दो तरे इना दे इ पुत्र वो भी जावे मर कौन आखे वजीर द साईन एज नहीं कर तो र की मर्जी द की कर लोटरे फिर दूसरा अंतरा उसमें आनी कु नी कुड़िए साइकिल रंग बरंगा उस वेले साइकिल चेंज हो गए बाद में उसमें बड़ी क्वालिटी के आ गए व आनी कुड़ने कु साइकिल रंग बरंगा बिना ल संस चल दे अपने या साइकिल या दंगा किसी भी में से निकाल के लेके जा किसी भी लाइट में निकाल
के लेके जा साइकिल वाला कभी नहीं रुकता बिना लासेंस चल दे अपने य साइकिल या दंगा ना साइकिल विच तेल पान द ना तू है द पंगा साइकिल ते चलते फिरते कसरत कर ले बंदा बच्च दे लिए बच्च दे लिए पिछली काठी करवाली लिए डंडा महंगी मोटर तो मेरा सस्ता साइकिल चंगा महंगी मोटर तो मेरा सस्ता चल साइकल चंगा सहज स्वभाव विच तुर फिरदा कसरत कर ले बंदा बच्च दे लिए पिछली काठी घरवाली घरवाली डंडा महंगी मोटर तो मेरा सस्ता साइकिल चंगा फिर आनी कुड़िए जोन जोग साइकिल सर्विस करले सारी मशीनरी पर साइकिल लिख के
लगाया होता काब इसकी सर्विस करनी साइकिल पर नहीं लिख के लगाया बच्चे घर में छोटी-छोटी लीर लेके ना वो चक्के साफ करते रहते हैं ऐसे चला चला के ना उसको मजा आता है कितने साफ हो गए कितना आप घर में गाड़ी खड़ी होती है ना मरसडी गाड़ी कुछ कोई पोचा मार के राजी नहीं कोई कपड़ा मार के राजी नहीं उस वक्त लोग अपने साइकिल को इतना साफ करके रखते थे अपनी शाही सवारी मानते थे उसको तो आगे है आनी कु जन जोगी साइकिल सर्विस कर ले जेकर हैंडल विंगा हो जाए मार ब्रेका खड़ ले गडिया
दे विच टायर फसा के हैंडल सिधा कर ले पंचर हो जाए हवा निकल जाए पंप मार के भर ले वाल ते किधर लीक नहीं होया थक ला के चेक कर ले साइकिल में तर शर्त लगा के पड़ लाया यह इसमें खत्म हुई फिर आगे आनी कुड़िए जन जोगी वानी कु जन जोगी शाबाश बजनी दे साइकिल जिसने जिसने जिसने बाई साइकल बनाया शाबाश बजानी जिने बाइसिकल बनाया अमीरा द कसरत गरीबा द हसरत अमीरा द शौक गरीबा द रोटी रोजी ते शरमाया मित्रा दे नाल रेसा लग साइकल बड़ा पजा बड़े पजामे पटान मैं चाइना विच बसाया पयो
तो कुट खा दी मेरी बेबे ने ग लाया ना मागीर स ना मा तेरा पत है व मां दा लाड प्यार बाप द चड़क साला रोज पजामा पवा लेना त फिर हुआ लास्ट में क्या आनी कुड़ी देखनी कुड़ी दर्द दिलान छया पहली नेक कमाई वाला मेरा साइकिल चोरी होया एक फकीर खुदा का बंदा मेरे अगे आन खलोया कहने लगा तुम क्या लाए थे ये अगर गा के बता सके लास्ट मतलब सबसे ज्यादा मजा इसका इसी में जी ये गाने में उतना मजा नहीं है जितना इसमें मैं लास्ट में बताऊंगा हा आनी कु जन जोगी आनी
कुड़ी बनी कु दर्द दिलान छया पहली नेक कमाई वाला मेरा साइकिल चोरी होया एक फकीर खुदा दा बंदा मेरे अगे आन खलोया कहने लगा तुम क्या लाए थे क्या लाए थे साला नंगा आया उ कह मेरिया चीजा गवा क्या गवा गया तेरा मैं कहा बाबा जीी मेरा साइकिल चोरी होया कहता मूर्ख ओए महामूर्ख वह साइकिल लेकर गाड़ी देगा तू क्या जाने मोया मोया जो मर गया जो मिट गया जो खो गया अभिमान मर जाएगा तेरे अंदर का मान मर जाएगा मर जाना गुरदास मान में उसे दिन तो होया मेरे नाम के पीछे लगा होता है
ना मर जाना मान मान इसीलिए लगता है मर जाना मान गुरदास मान जो गीत में लिखा होता है मर जाने मान द कभी भी कोई जो लास्ट जो मकता होगा मतलब उसमें यही पढ़ा जाता तो बात खत्म हो गई यहां पे के मूर्ख वो साइकिल लेकर गाड़ी देगा तू क्या जाना मोया जो मर गया जो मिट गया जो खो गया अभिमान मर जाएगा अभिमान मर जाएगा तेरे अंदर का मान मर जाएगा मर जाना गुरदास मान में उसे दिन तो होया और तेनू साध नाल की तेन चोर नाल की तेनू साध नाल की तेनू चोर नाल
की साध नाल की तेनू चोर नाल की साद नाल की तेनू चोर नाल की ब के अपनी न बे तेनू होर नाल की साद नाल की तेनू चोर नाल की साद नाल की तेनू चोर नाल की साब भी उसदा चोर भी उसदा मिर्ग भी उसदा मोर भी उसदा जान भी उस जोर भी उसदा चुप भी उस शोर भी उसदा बाकी रह गया की किसे दे चरनी लग के जी किसे दे चरनी लग के जी किसे दे चरनी लग के जी किसे दे चरनी लग के जी रुख सुखी खा गोपाला ठंडा पानी पी किसे दे चरनी
लग के जी किसे दे चरनी लग के जी किसे दे क्या बात है साइकिल भी मफत बन ग क साइकल भी मफत बन गया आपकी हम लोग ज जड़ी चाइन उतर जाती ना बहुत पहले साइकिल इतना मतलब कमजोर मतलब पहले चके जाम हो जाता सॉरी उसकी क्या बोलते हैं उसको चेन चक्के फेल हो कुत्ते फेल हो कुत्ते फेल होना है और बंदे कुत्ते पहले फेल हो जा साइकल स्ट्रंग जी बाबा आप पूछ रहे थे मैं कह रहा था कि आपके ज्यादातर गाने हम सुनते हैं तो उसमें जो ह्यूमन वैल्यूज है मोरल्स है जी वो बहुत
आते हैं जैसे एक बहुत बाद का गाना है वो भी हम लोगों को बहुत पसंद है की बनु दुनिया द जो आपने पहले उन्होंने सर्वर साहब ने गाया फिर 1982 में आपने गाया और अभी दिलजीत के साथ भी आपने कोक स्टूडियो के लिए गाया था बूट पालिशा हम देखते हैं तो बहुत वैल्यूज पर जोर है अभी हम लोग 80 के दौर की बात कर रहे थे मिलिटेंसी की बात कर रहे थे उसी दौर में चमकीला जैसे सिंगर भी थे पिछले दिनों उन फिल्म भी बनी आपकी मुलाकात हुई कभी उनसे हां चमकीला जी से मुलाकात हुई
थी मेरी हुई थी और चरणजीत अहोज जी के घर में हुई थी बाकायदा और मेरे सुबह 5छ बजे के करीब वो अपनी जगह पर रुक्त हुए हम अपनी जगह पर हमारी रिकॉर्डिंग चल रही थी वो उनको मिलने के लिए आए हुए थे चरण जीता हजा जी को तो हमारी रिकॉर्डिंग चल रही थी एचएमवी में दरियागंज में दिल्ली में वहीं से हमारी शुरुआत हुई थी ना दिल द मामला जो रिकॉर्ड था और उसके बाद फिर मस्ती आई फिर दिल होना चाहिदा जवान उमराज की रख बाकी दियाला छो दिल साफ होना चाहि वो गीत था आजकल मुंडे
कुड़िया सब माफ होना चाहिए क इसलिए पूछ र था ये सवाल क्योंकि उनके गाने और आपके गाने बहुत जमीन आसमान का फर्क है बोल में उस वक्त जो चलता था ना जी गाने चलते थे थोड़े से डबल मीनिंग चलते थे जब मेरा दौर शुरू हुआ मतलब मेरे से फिर लोगों ने कहा कि यार लोग कहते थे कि यार इनके जो जो पंजाबी गाने हैं दिल्ली तक ऐसे था कि नहीं पंजाबी तो ऐसे होते तो आशा सिंह मस्ताना सुरेंद्र कौर जी के गाए गीत बहुत मतलब मानते थे वो थोड़ा कल्चरल स्ट्रंग थे सॉन्ग जड़ तो अच्छे-अच्छे
गीत थे तो वहां फिर एक दौर था मतलब उसमें थोड़ा डबल मीनिंग चल जाता था तो लोग गांव के लोग अपने तरीके से एंजॉय करते उनको इंटरटेनमेंट तो कोई है ही नहीं था गांव में तो यही चीजों से शब्दावली से मजा ले लेते थे व जैसे भोजपुर बिहार में कितना सीधा साधा य बिल्कुल काम भोजपुरी का स्टाइल जो है उनके गीत सुने आप फिर कहां तक पहुंच जाते हैं तो वो फिर मेरा जो अंदाज था मैंने जो पहली दफा किसी ने मैं यहां पे एक हाउस ऑफ म्यूजिक ये ऑर्केस्ट्रा था जिनके साथ मैं करने आया
था प्रोग्राम करने के लिए आता था जिनकी बेटी है उनकी हाउस ऑ म्यूजिक वालो के तो खैर उनकी बात मुझे कहा कि आपके गाने बहुत अच्छे हैं जो आप स्टेज पर गाते हैं तो हम इसको रिकॉर्ड करना चाहेंगे कहता हमें थोड़ा से चंदे चौधे गीत चाहिए हम मैंने कहा चंदे चौधे किस तरह आपको पता नहीं चौधे चौधे गीत गड़े हो मतलब चौधे चौधे मीन मतलब थोड़ा उसमें ऐसे तीखी तेज तरारी कोई बातें कुछ हो तो उसको मतलब थोड़ा हम यश शॉर्टकट शब्दों में बोलते हैं च चंदे च च कुछ हो जाए कई आज तक भी
कहते पर अभी नहीं कहता कोई भी चौ चौ हो जाए तो मेरी एक धारणा अलग थी मैं जैसे तरा से शुरू हुआ आज तक उसी सिलसिले को बरकरार रखते हुए मैं आगे बढ़ा उस दौर में कभी आपको किसी किस्म की धमकी आई किसी की तरफ से 80 के 90 के मिलिटेंसी के दौर में उस वक्त किसी ने हा ये मतलब एक खत ऐसे किसी ने क कई दफा डाल देते हैं ऐसे क कई लोग बीच में डाल देते हैं ऐसे चीज या जेलेसी पॉइंट ऑफ व्यू से कोई हमारा कोई कलाकार भी हो सकता है किसी
ने डाला हो या हमारे किसी मैं वो कह नहीं सकता कि क्या था मगर एक चिट्ठी आई थी के ऐसे वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह यह हम दुश्मन को भी बुलाते हैं तो आगे जो मजमून था उसका वह था कि फलाने फलाने जगह पे फलानी फलानी चीज पर हमें फलानी फलानी जगह पर फलाने फलाने नंबर में आके मिलिए तो वो गोल्डन टेंपल का पता था तो हमने कोई गौर नहीं किया उसको जाके अपने मंदिर में रख दिया चिट्ठी को और तेरिया तू जाने मौला ऐसे रख के हमने कभी उसका जिक्र भी नहीं
किया किसी तक और व आई और चलाई हो गई फिर एक दिन जब हम बंबई में थे बंबई में थे किसी ने नीचे से लेख के भेजा कि कोई डॉक्टर साहब आपसे मिलना चाहते हैं तो हमने कहा जाकर कोई उनको ऊपर बुलाकर लेकर आओ तो वो ऊपर आए सरदार जी हमारे साथ बैठे वगैरह खाया खाना खाने के बाद वह कहने लगे आप लोगों ने डरना नहीं मैं फलाना फलाना राजस्थानी हूं उसके नाम के आगे कुछ लगता था तो मैं फिर उनसे फिर हम खुल गया मैं आप कहती हमारी जिंदगी बहुत थोड़ी देन की थी मैं
चाहता था कि मैं आपसे मुलाकात मेरी तमन्ना थी व चरमपंथी थे हां उस वक्त वो थे हा जी तो तभी उन लोगों ने बता मतलब डॉक्टर क बे डरना नहीं मतलब मैं उन्हीं में से हूं जिनके बारे में आप लोग सुनते हैं कहानिया पढ़ते हैं तो मेरा नाम फलाना फलाना है तो हमने एकदम मतलब यार तो बहुत मशहूर मतलब व्यक्ति है तो उसने कहा मैं सिर्फ मैं आप मिलने के लिए आया था मैं कहा आप आपके कुछ लोगों ने हमारे साथ वो चिट्ठी वगैरह लिखी थी हमारे लोग चिट्ठी नहीं लिखते ऐसे नहीं हमारे लोग तो
आपको बहुत प्यार करते हैं कोई भी हमारे मतलब जो जितने भी जितने भी हैं जितने भी ग्रुप बने हुए थे उस वक्त सारे हम एक दूसरे से मिलते थे मगर आपका जिक्र कभी इस तरीके से नहीं किया गया और मुझे याद है मणिकरण गुरुद्वारा साहब में वैसे हम माथा टेकने के लिए गए थे कुल्लू मनाली हमारा प्रोग्राम था टूरिजम की तरफ थे तो करते करते हम कहा गुरुद्वारा साहब माथा टेक के आते हैं मनीक साहब तो रात तक पहुंचे वहां पर पहुंचे तो वहां पर कुछ लोग मिल गए कह जी हमारे बाबा जी बुला रहे
हैं मैंने कहा चलो जी बाबाजी ले आओ भाई दूध लेके आओ गुरदास के लिए दूध लेके आओ दूध लेके आए हमने को तकलीफ देनी है मैं कहा जी क्या सजना में सजना तेरे शहर वाले सान कितनी सोनी लग गीत सुना गीत सुन लिया बका दिया सुन लिया मैं मुझे पहले लग गया था कि यह लोग कुछ क्योंकि उनके हाथ के इधर उधर पड़े हुए चीजें ऐसी बता रही थी तो जब दूध ग पिया गाया उनके साथ गाया और लाई बेकदरा ना जारही टूट ग तड़ करके वोह सुना पीड़ तेरे जान द सुना ये सारे गीत
सुन के फिर हमसे कहने लगे कि मतलब हम थोड़ा इस सिलसिले में थे मगर आप आ गए कुदरती हमें तो यह हमारे लिए बहुत बड़ी बात हुई आपसे दो बोल सुन लिए मीठे हमारी जिंदगी का कोई पता नहीं है हम तो चलते फिरते मुसाफिर है तो इतना प्यार करने वाले लोग थे अंदर उनके भी कोई ऐसी क्योंकि जब कुछ मैंने ऐसा लिखा ही नहीं गाया ही नहीं गाए ही वह है जो दिल के लगे आप यह दिल को लगेगा किस्सा सुना रहे हैं वो ऑस्ट्रेलिया में आदमी मिला था आपको जिसने बूट पालिशा सुनके पहले छोटे
काम नहीं कर रहा था फिर उसने होटल में काम शुरू किया और फिर वो हेड शेफ तक पहुंच गया था ओ व भी अपना बिस्तर बांध चुका था कि मैं जाना है अपने दोस्तों से बोल दिया कि मैं जा रहा हूं उसी वक्त किसी ने ले आकर कहता यार गुरदास मान की एक नई टेप आई कह यार टेपा टपा की सुनने या मेरे दिल टूट चुके है मतलब इस रती तो मैं जाना क कोई नहीं बैठ तो सही है तो उसम जब वो गाना लगा रोटी हक दि खाई पा बूट पाल कर मंगते नालो मेहनत
चंगी मेहनत विच तंदुरुस्ती मंग नालो मर्या चंगा ना आलस ना सुस्ती इस तानने मुक जाना भावे रोज मालिशा करिए रोटी हक द खाई है जी भावे बूट बाशा कर वही बच्चे से शुरू होती है व कहानी कि वो बच्चा जो फोटो खचाने वाला जोय लुधियाना का मामला था नहीं नहीं य मुल्लापुर का मुलापुर लुध्याना से आगे जाकर मुल्लापुर है जगराओ और उनके बीच में आते जग वो बच्चा बाद में इतना पॉपुलर हुआ उनको मंचों पर बुलाने लग गए लोग कि वो यार जिसको गुरदास मान ने जिसके लिए गीत गाया था उस बच्चे को बुलाओ उसको
पैसे मिलते थे अच्छा इनाम में व गीत चला देता था पीछे और फिर आगे बूट का पॉलिश करके दिखा तो हमारे प्रोग्राम प आ गया कपूर थले तो उनके साथ मैं मैंने फिर उसको आवाज दी फिर उसको बुलाया फिर ऊपर बैठ के उसके साथ बैठ के मैंने भी पॉलिश की मैंने अपने ही मजीन के जूते उतार के जो हमारे साथ भोला ना ठोलक वाला भोला बहुत मशहूर है भोला हम मैं कट मशहूर हूं वो ज्यादा मशहूर है हम उनका एक फोन आया वहां पे ऑस्ट्रेलिया से हम कहते जी अपना आप कौन बोले मैं कहा गुरदास
मल बोल कहता जो भोला के साथ गाते हैं ओ मेरे मतलब वो इतना अशूर है क्योंकि हम किसी ना किसी स्टेज पे उ किसी ना किसी बहाने उसका जिक्र करते हैं कि हमारा जो एक मिस्टर कैदी थे बहुत जुमले बहुत अच्छे बनाते मतलब उसको बहाना बना के जरिया वो बनाते लो जी क भोला जिस दिन पैदा होया इस तर होया इस तर होया इस तर होया कुड़िया बिया मर दि छोटा मतलब हमारा जो भला साइड पर बैठता बढ़िया कुड़िया मर दि बड़े हके पर दिया कुड़िया एक कुड़ी कल परसों हके पर रही हाय मैं मर
जा अ तक ऐसे ऐसे जम लोग बहुत एंजॉय करते थे उसको तो हमारा एक स्टेज का सितारा य हो तो बूट पलि करि उस बच्चे के लिए लिखा था और बच्चा फिर मैं उसके शूज उतार मैं कहा पोले दे आपके शूज मैं तेरी सेवा करला यार फ बूट प ना गाया स्टेज प माइक मेरे सामने रख दिया बूट पॉलिश वो भी कर रहा है मैं भी कर रहा वो मजा लिया हमने आप इस बच्चे का जिक्र कर रहे थे एक बच्चा अरेना के बाहर मिला था व्हील चेयर पर बैठा हुआ ओ जिंदगी खूबसूरत है व्हीलचेयर
व्हीलचेयर पर बहुत आप इतने मैं कहना नहीं चाहता कि परमात्मा द खेड़ है सब किसी को तंदुरुस्त रखना किसी को निरोग रखना किसी की काया कैसी किसी की काया किस तरह की बनाई है जिंदगी बड़ी कमाल है उसकी मेरे प्रोग्राम में बहुत ज्यादा वल चेयर पर आने वाले लोग जिनको सुद बुध भी नहीं होती ऐसे मतलब बह रहे होते मतलब मतलब मगर हंसी उनकी कमाल होती है उनके अंदर कोई है कोई इनट्यूशन जो कनेक्शन है जो जुड़ता है तो फिर मैं उनके राजी उनका नाम था लड़के का व लड़की थी वो फिर उनके घर में
जाकर मैं यूके में यह प्रोग्राम था यह उसकी बात कर रहा हूं अभी इन दिनों में एक लड़का अमृत था हस्पताल में वह दाखिल हो गया मेरे दोस्त का ही भाई था वह तो उनका फोन आया मुझे कलवन दूर है उनका फोन आया कि यार अमृत को बहुत बड़ा अटैक आया उसकी हेल्थ ठीक नहीं है व्हीलचेयर पे था वो और इतना कमाल का बंदा व्यक्ति इतनी भाग के मिलता था वो स्पीड से उनके और वो रिहर्सल करते थे भंगड़े की भंगड़े की रिहर्सल करते करते उसने देख लिया कि गुरदास आ गया क्योंकि हम उतर के
आए थी अभी जहाज से तो उनकी रिहर्सल देखने चले गए भंगड़े की तो जब भाग के आया तो ऐसे कुर्सी के ऊपर ही ऐसे खड़ा हो गया एकदम अपने घुटनों के बल से इतना इतना ियर फुल व्यक्ति जब वो उसने बोला यार व आप अमृत आपसे बात करना चाहता है वीडियो कॉल करना वीडियो कॉल करते करते मैंने जब उसने मिलाया तो मैंने उसको देखा मैं कहा यार यह क्या हो गया तो वह बोल नहीं रहा था कुछ तो उसके भाई ने कहा मतलब यह थोड़ा खामोशी में है तो आप इनसे बस बातचीत कर लीजिए मैंने
कहा यार कमाल है अमृत आप तो ऐसे मिलते थे और जब डांस करते थे आप पूरी चेयर ऐ इतने चक्कर घुमा दे कोई नृत की मतलब इसका ऐसा डांस नहीं कर सकते जैसा आप करते रहे हो आपका जोश देख के मैं फिर उसने ऐसे दोनों हाथ ऐसे मेरे लिए तो मैं उसके लिए मैं कहा यार आपके लिए मैं क्या गाऊं उसने कहा पीड़ तेरे जान द किदा जरा मैं तेरे बगैर जिंदगी नख करा यह दो बोल मैंने गीत गाया मैं खुद भी रोने लगा वह खुद भी रोने लगा यकीन नहीं आता कभी-कभी कुदरत पे यह
बातचीत खत्म हुई है सुबह उसकी डेथ होती है डेथ होने से पहले वह अपने सभी को देखता है आते हैं उनके मिलने ऐसे खड़े हुए हैं तो पता नहीं उसके अंदर कैसी एनर्जी आई उनको बोला कि मेरे ऊपर रोना नहीं कि ने मुझे मेरी डेथ को सेलिब्रेट करना है और मेरे क्रीमेशन पर पीड़ तेरे जान दी चलेगा कोई पूजा पाठ नहीं होनी चाहिए बस पीड़ तेरे जान दी जितनी देर तक मेरा सारा दास संस्कार नहीं होता ब पीड़ तेरे जान द चले ग घर में जाकर कुछ मर्जी कर लो मगर यहां पीड़ ते रे जान
चले फिर मैं बाद में उसम व्हील के चेर के ऊपर एक उसके जब उसका भोग था वहां के लिए फिर मैंने एक वीडियो बनाकर भेजी उसम फिर मैंने लिखा उसका एक हाथ मैंने ऐसे पकड़ा हुआ था जो पहली फोटो थी उसकी मैं या अपना उस वक्त का मेरा ऐसा अपने हाथ पकड़े हुए थे मुझे याद है आपने हमारी तस्वीर कहता हा बसो फर मेरे दिल से आ गया कि जे हाथ मेरा फड़ सजना वे य हाथ मेरा तू छडी ना बुरा वक्त भी आ जाए मेरे ते मेन दिल अपने कडी ना य वल चेरी मेरी
मां वरगी य वल चेर मेरी मां वरगी मैन कमदी फिरदी है य वल चेर मेरी मां वरगी गोदी खड दी फिर दी है ऐसे गोदी है नाय य भील चेर मेरी मां वरगी मैंने गोदी खी फिर दी है मा आप ते चलन जोगा नहीं ही ही पज फिर है कुछ इस तर बोल मेरे बाप न कह दी मेरे ली किसे मुरे पल्ला अडी ना मेरा हाथ ज फड़े सज्जना य हाथ कभ भी छडी ना ये गीत जब तो व मतलब गीत जब वहां से उनको सुनाया जा रहा था तो सब लोग रो रहे थे मैंने
बकायदा उसको नरेट किया कि उसने उस कि मेरी सेलिब्रेशन बनाना मेरे ऊपर कोई वो नहीं करना मेरी सेलिब्रेशन करना मेरी मौत को मतलब मैं मैंने जिया है जिंदगी को यार जो आधा अधूरा व्यक्ति कह सकता है कि मैंने जिंदगी जी है तो हमें क्या हो जाता है यार पूरे संपूर्ण मनुख को क्या हो जाता है इसी काम में उलझे हुए हम तेरी मेरी मेरा मैं बड़ा यह बड़ा मेरा काम ज्यादा मेरा धर्म बड़ा उसकी जात यह है उसकी बात जिंदगी का पता ही नहीं कि सब कब स्वास खत्म हो जाने सो जीले जीले मोहब्बत से
जीले बस ऑन दैट नोट ऑडियंस के क्वेश्चन आंसर शुरू करते हैं देखिए मेरे पास मुझे बहुत पूछना है लेकिन आपकी फ्लाइट है तो मेरी मजबूरी है कि मैं संक्षिप्त रखूं मैं बहुत सारे सवाल मुल्तवी कर रहा हूं अगली मुलाकात के ओ मेरे पक्का पक्का मैं वादा करके जा रहा हूं सर जी मुझे भी नहीं पता लगा समय का तो पता ही नहीं लगता बातचीत वही होती है जो जिसमें समय का पता लगे हा इसको बोलते हैं समय बंद जाना यह कुदरत है आपने सवाल आपने जो स्टार्ट ही कर दिया ना या वो बहुत कमाल था
सब कुछ संक्षेप में बयान कर दिया अभी मेरे तो बताने की मेरी गुजारिश नहीं थी रियली तो सवाल आप पूछना चाहते हैं प्लीज पूछिए नमस्ते सर सर आपने वीरजरा में कैम किया था उसका एक किस्सा है कि यश जी और आप एक होटल में रुके हुए थे वो आप बता सकते हैं यशराज जी हां यश चोपड़ा साहब यश चोपड़ा साहब हां वीर जारा की कहानियां बहुत सुनी हम लोगों ने क कुछ गाने की उसमें कैसे अप्रोच किया उन्होंने आपको फिर आपने अमिताभ जी के साथ भी परफॉर्म किया लोड़ी वाले गाने में क्योंकि साथ में क्योंकि
हमारी फिल्म की शूट भी चल रही थी देश हो या प्रदेश और उनकी फिल्म वीरजारा मतलब शुरू हुई थी तो उनको एक सिचुएशन थी [संगीत] के नील अंबर कुछ ऐसे बोल थे उसमें हम धरती सुनहरी अंबर हां धरती सुनहरी नीला नीला अंबर वो बोल थे और रिकॉर्ड करने थे कते हमने वो आपको पंजाब क्योंकि हमने उधर वागा बॉर्डर से आना है बस के ऊपर बैठे हुए हैं जो शाहरुख खान जी थे ऐसे ऐसे मतलब सिचुएशन है तो हम पंजाब की धरती को दिखा के उसका जो कहते ना कि उसकी उत करते हुए गाना गाना है
धरती के तो उससे हमारा यह ओपनिंग होगी कि पंजाब में प्रवेश कर रहे ठीक है चार बोल थे जो भी थे वहां रिकॉर्ड हुआ बंबई में जाके मुंबई में जाकर रिकॉर्ड किया थोड़ी देर बाद याश कहने लगे कि अगर बुरा ना माने तो गुरदास एक थोड़ी म्यूजिक है हम म्यूजिक को गीत से फिट मतलब कोई गीत फिट करना चाहते उसम कुछ जैसे माइया कोई टप्पे कोई कुछ इस तरह की कोई चीज है मतलब थोड़ा थोड़ा सा ही है मगर कुछ चार लाइनों का कुछ हो जाए तो मैं कहा सुनाइए तो उन लोगों ने सुनाया व
जो म्यूजिक था फिर उसमें दो बार सुना तो तीसरी बार मैं कहा यह तो जुगनी इसके अंदर बिल्कुल फिट हो सकती है हो मेरी जुगनी दता ब जुगनी उस मु तो फे जिन सट इश्क द लगे सा मेरेया जुगनी हरदिया मेरी मेरे जुगनी क है ज नाम साही द लेी है वो इतना फेट हो गया ऐसे ही म्यूजिक खत्म होया वो गीत उसके अंदर फिट हो गया जितने बोल थे उसमें फिट आ गई कहते यार यह भी हो गया वो कर लिया उस करने के बाद वो शूट करने लगे शूट करने लगे कहते आपको चाहिए
क्योंकि आप आ सकते हैं बस दो घंटे का काम जो सारे लड़के उनके जो ड्रेस पहने हु थे भांगड़े वाले उनके साथ थे तो तैयार थे और मेरा ख्याल है जो उनकी कोरियोग्राफर थी क्या नाम बहुत बड़ा खान मैडम खान सरोज खान सरोज खान जी थे तो पहले भी हम उनसे जब लंग पहली फिल्म हमारी दूसरी फिल्म थी उसमें भी सरोज खान जी आए थे हमारे व जो करवा के गए थे सारी शूटिंग गाने वगैरह जितने भी जगजीत सिंह जी का म्यूजिक था उस चित्रा सिंह जी तो जब हुआ तो उसने डांस करते करते करते
जब वो शाहरुख मुझे उठा लेता ऐसे बाहो में तो पंजाबियों को बड़ा फखर महसूस हुआ कि यार सा गुरदास न शाहरुख ने उठाया मतलब कितना उत्साह करती है ये बात कि किस कोई बड़ा कलाकार किसी कलाकार को इतनी इज्जत दे दे कि उसको उठा के ऐसे उनके साथ भंगड़ा करे और पूरा घुमा दे तो वोह हो गया जश बहुत खुश हुए सारे खुश हुए ना वहां पर जब उसको देखा सारा सब कुछ अच्छा हो गया फिर मुझे फिर संदेशा भेजा गुरदास एक और बात है अमिताभ जी की ख्वाहिश है कि गुरदास जो लोड़ी वाला सॉन्ग
है व गुरदास की आवाज में हो जाए तो मैं कहा मेरी आवाज तो सूट कैसे करेगी उनको कते उसी ने बोला है मतलब अमिताभ जी ने बोला है मैं अमिताभ जी ने बोला मदन मोहन जी का म्यूजिक अमिताभ जी शाहरुख जी लता जी बड़े-बड़े नाम सोज जी मन जी उस वक्त कैमरामैन होते थे उनके तो मैंने कहा यार इतने बड़े लोगों का जो नाम है तो मेरे ल शायद मुझे यह इज्जत मिलाने के लिए परमात्मा मेरे लिए कोशिश कर रहे हैं मैंने कहा चलो ठीक है करके देखते हैं मैं ट्राई करके देखता हूं मैं मुझे
क्योंकि मेरी हिंदी जुबान मतलब मेरे प सहज में नहीं आएगी मुझे थोड़ी सी मशक्कत करनी पड़ेगी तो जब उनके के बेटे थे मदन मोहन जी के उनके पास रिकॉर्ड था वो चला के सुनाया उन लोगों ने पहले फिर मुझे उन लोगों ने फिर याद करवाया अपने बाजे पे बाजे पे याद करवाया तो ऐसे ऐसे ऐसे ऐसे थोड़ा-थोड़ा ढलता गया मैं और मुझे अच्छा लगने लगा अच्छा उदित नारायण जी की भी आवाज थी उसमें लता जी की आवाज थी जो हैमा माल जी के ऊपर थी मेरी अमिताभ जी के ऊपर थी तो वो जब हो गई
तो जब सुना गया तो बहुत अच्छा लगा और मेरे आहो भाग्य हो गए यार इतने बड़े स्टारों के साथ मैंने काम किया मेरी खुशनसीबी की वो इंतहा थी स्टार तो आप भी बहुत बड़े हैं जी यमन जी हां जी हां जी हां सर आपने एक फिल्म की है शहीद मोहब्बत भूटा सिंह तो सर इसकी कहानी आप तक कैसे पहुंची और क्या यह असली कहानी पर आधारित है और ऐसा भी कहा जाता है जो गदर फिल्म बनी थी बॉलीवुड में वो इसी से इंस्पायर्ड थी गदर हमारे बाद में बनी है पहले हमारी फिल्म थी हां शहीद
मोहब्बत भूटा सिंह सबसे पहले मैं उनको बताता हूं कि सुनील दत्त साहब 31 न्यूरी में हमारा एक बंगलो था उसमें उनको हमने सबने निमंत्रण दिया था कि प्लीज मतलब ऐसा आपके पास टाइम हो तो थोड़ा क्योंकि हम उनके लिए कैंसर सोसाइटी के लिए उनकी जो बनाई हुई थी हम उनके लिए उनके लिए ऑस्ट्रेलिया में प्रोग्राम करके आए थे जी नरग दत जी बना हां बिना कुछ लिए बिना कुछ उसके लिए सिर्फ उनकी अपनी जो टिकट वगैरह थी जो तो वो करके आए थे तो हमारे लिए मतलब मान गए वो आए वहां पर कहते जो आपने
फिल्म बनाई है शहीद मोमद बूटा सिंह सबसे पहले हम बनाने वाले थे तो हमें लगा कि यह बस सरदार के बाद उनका वो जो होना मतलब मुसलमान बनना यह थोड़ा अच्छा नहीं लगा तो मुझे शायद लगा के मुझे नेगलेक्ट कर देंगे लोग के जो उसके लिए खास लोग बनाए हम तो शायद इसको मना ना कर द कि ये नहीं चला सकते आप फिल्म तो हम इसलिए डर गए धर्म भाजी भी वह भी बना रहे थे फिल्म यही मगर वह भी इसी घबराहट में कि यार कोई किंतु परंतु ना हो जाए हमारे जो उसके जब सब्जेक्ट
ले गया सूरज नीम साहब मनोज पुंज मजीत मान यह तीनों ने डिसाइड किया कि यह कहानी चुनी गई है फ्रीडम एट मिडनाइट उसके उसके अंदर के जो एक चैप्टर था बूटा सिंह का जो लिखी हुई किताब थी व फ्रेंच राइटर की थी तो उसमें बूटा सिंह का जिक्र था उस उसको मद्देनजर रख के उस कहानी को बनाया गया पिरोया गया तो सारी चीजें बनी जब दिल से करते हैं कोई काम तो मेरा ख्याल है कुदरत साथ देती है नियत से करते हैं तो कुदरत साथ देती है तो शायद हमारे नाम आना था उसका तो वो
फिल्म ऐसे बनी और बनी बहुत अच्छी और चली बहुत अच्छी उन दिनों में तो सबसे महंगी व बिकी थी उस वक्त ये यूके वगैरह में बर फॉरेन कंट्री में तो हमारे लिए बहुत बड़ी बात थीय उसके बाद गदर बनी अगला सवाल पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री से दो नाम आते हैं आजकल बहुत चर्चा का विषय भी है हनी सिंह और बादशाह इन दोनों के बीच में गाने को लेकर कंट्रोवर्सी चल रही कि किसने लिखा और ब्राउन रंग गाना है तो यह चीजें आप तक पहुंचती है क्या दूसरा घोस्ट राइटिंग इंडस्ट्री में कितनी ज्यादा है कितने गाने कितने
आर्टिस्ट लोग होस्ट टिंग करवाते हैं आप कभी इनके गाने सुनते हैं हनी सिंह बादशाह हनी सिंह को मैंने सुना है बादशाह को भी सुना है मैं सबको सुनता हूं कोई भी मेरे लिए मतलब मैं जब चैनल पे जब इनका होता है खास करके पंजाब में पठाराघाता खुल जाते कि कौन क्या कर रहा है क्या क्या क्या होता है तो सारी मैं सुनता हूं अच्छी लगती है बहुत सारी चीजें अच्छे कई दफा नहीं अच्छा अच्छा लगता मगर मैं यह नहीं कह सकता कि यह प्रॉब्लम मेरे ख्याल कोई ऐसी कोई प्रॉब्लम भी नहीं होगी क्योंकि वह उनका
गाने का तरीका अपना है उनका स्टाइल अपना बादशाह का अपना है हनी का अपना है हनी थोड़ा पहले आए हैं और हनी का अपना नाम रहा है या तो मैं दोनों की मतलब तारीफ करता हूं कि बहुत अच्छा उन लोगों ने अपने तरीके से काम किया है नई जनरेशन को एक नई एक रास्ता बनाया उन लोगों ने कि रप भी कोई ची होती है मगर उसम अंदर क्या वो दूसरा सवाल वो ये पूछना चाह रहे हैं मान साहब कि कई बार ये इजाम जैसे आप आप अपने गाने खुद लिखते हैं कई लोगों के लिए कहा
जाता है कि उन्होंने कहीं और से गाना ले लिया गाना चोरी किया ये किया इस तरह के इल्जाम बहुत लगते हैं आप इन सब के बारे में क्या सोचते हैं मैं अगर कोई मैं गाना कोई चीज लेता हूं तो उसको बकायदा उसका नाम लिखता हूं और के वहां से आया है या उसकी पूरी तफसील देता हूं डिटेल देता हूं फिर मैं उस अपने उस एल्बम में डालता हूं सो मैंने भी गाए नातिया कलाम कुछ गाए हैं इस फिल्म में अपना सॉरी एल्बम जो नई आ रही है जी साउंड ऑफ सोइल इसमें नौ गीत हैं नवरत्न
है मतलब नाइन सोंग्स है और डिफरेंट्स है उसमें एक हिंदुस्तानी भी डाली हुए है जो बहुत पहले मैंने 80 हां 80 के दिन में 79 78 79 में जब मैं एनएस की थी नाइन नेशनल इंस्टिट्यूट स्पोर्ट से मैंने जुड़ की थी ना तो उस वक्त हमने कवाली सुनी थी वो कवाली में था के देख लैला तेरे मजनू का कलेजा क्या है देख लैला तेरे मजनू का कलेजा क्या है खाक में मिल के भी कहता अब बिगड़ा क्या है मैं तो तेरी मस्त निगाही के मजे लेता हूं वरना साकी तेरे मैखाने में रखा क्या है जिनकी
मैयत पर हसीनों ने दिए हो कांधे जिनकी मैयत पे हसीनों ने दिए हो काधे वो तो बारात है बारात जनाजा क्या है देख लैला तेरे मजनू का कलेजा क्या है इस चीज को मैं इसलिए डालना चाहता हूं क्योंकि वो चीजें जो नई जनरेशन है उनको भी सुन के अच्छी लगे यह चीज भी होती है साउंड ऑफ सोइल गुरदास मान जी के नए एल्बम का नाम है और यह बातचीत भी उसी के संदर्भ में आयोजित हो पाई है क्योंकि मानसा इस नए एल्बम के प्रमोशन के लिए दिल्ली आए हुए थे तो हमारी टीम ने उनसे गुजारिश
की तो अगर आप अच्छे संगीत के शौकीन है मुरीद हैं तो आपको यह जो एल्बम है ये जरूर एक्सप्लोर करना चाहिए एक आखिरी सवाल लेंगे मानसा समय की म ज्यादा है आखरी मत कहिए क्योंकि आगे सिलसिला चलना है इस बातचीत का आखिरी सवाल वो तो आपने हमें आशीर्वाद और कॉल दे ही दिया है कि ये सिलसिला चलेगा मेरे सा जी की बन दुनिया द उसकी भी जो लिरिक्स हैं वर्डिल है और एक और बड़ी कमाल चीज यह दिखी कि आपको हम लोग ने बचपन में देखा सबसे पहले दूरदर्शन के ब्लैक एंड वाइट के दौर में
हमारे पेरेंट्स ने अपनी जवानी के दौर में आप लोगों को देखा और दिलजीत हमारे वक्त के एक बहुत कमाल के कलाकार हैं और आप दोनों की जुगलबंदी बहुत अद्भुत है और वो ऐसा लग रहा है कि पिछली पीढ़ी नई पीढ़ी को उन्हीं की आवाज के जरिए यह खबरदार भी कर रही है कि सतर्क रहो वो गाना उस गाने की फिलोसोफी सब बहुत कमाल है तो ये क्या कैसे यह विचार बना कि आप और दिलजीत य जुगलबंदी करें और यह गाना नए सरे से गाए जुगलबंदी के लिए दोनों तरफ से राय ली गई बीच में हमारे
जितेंद्र शाह जी थे उन लोगों ने यह फैसला किया कि हम एक गाना जो पुराना है मेरा ही गाया हुआ बहुत पहले का तो उस गाने को इस तरीके से पेश किया जाए कोक स्टूडियो में करना है जी कोक स्टूडियो तो मेरे लिए मेरी एक ख्वाहिश थी कोक स्टूडियो में गाना करना है पर मेरे मतलब कोई मेरी अप्रोच नहीं थी कि मैं वहां तक जाऊं मैं कैसे कहूं कि मैंने गाना गाना है कोई आया भी नहीं और जब ईश्वर देता तो फिर ऐसे ही देता है तो वो दलजीत के साथ कहते हैं करना है दलजीत
की भी ख्वाहिश है क्योंकि वह बचपन में आपके गीत गाता रहे उनके सारे गीत मु जबानी याद है तो कोई दिक्कत उनको भी नहीं आएगी आपको भी नहीं आएगी तो फिर ऐसे करते हैं तो एक मीटिंग छोटी सी हुई रिहर्सल हुई जी रिहर्सल करने की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि उनको भी वो तैयार था व पूरी तरीके से क्योंकि आजकल आज का जो नए दौर का एक सितारा है वो हम तो उसने अपनी जवानी को और अपने कम काम को बहुत बकाय दगी से संभाला है और उसने जब किया तो उनको बोला कि आपको बोल कौन-कौन
से चाहिए मतलब इसमें कौन-कौन से गए अच्छा उनकी बड़ी विनम्रता से उसने कहा कोई भी दे दीजिए अच्छा कोई जिद नहीं कोई कुछ नहीं मतलब इतना प्यार करना कि अदब से मतलब ऐसे ही ऐसे ही खड़ा रहता हो मतलब जैसे एक मुरीद जो किसी को प्यार करता हो मैं यही विनम्रता है जो आदमी को ऊपर लेकर जाती है अपने सीनियर का सत्कार करना अपने गुरुजनों का सत्कार करना अपने बड़ों का सत्कार करना तो फिर जब वो गाया वो गाया भी फिर वैसे ही मतलब जो भी मिलता गया साथ मैं भी गाता गया उनके साथ मतलब
बनाए नहीं बनती चीज जी ये चीज बनाए नहीं बन हो गई वो बन गई ऐसी बनी के मतलब वो मैं मुझे भी उसकी आदत पड़ गई कि उसके फॉलोअर्स कहते इतने हो गए यार इतने व्यूवर्स मतलब होगी तो मुझे मतलब बड़ा अच्छा लगने लगा मैं शाहजी से पूछने लगा शाहजी कहां तक पहुंच गए वो कहता पाजी मिलियन हो गए जी ओ मैं मिलियन हो गए अच्छ दूसरे तीसरे दिन मैंने फिर पूछा शाह जी कहां पहुंचे मैं वो कता यार इतने हो गए तो मैं एक दिन साई जी के दरबार में बैठा हुआ था तो वो
भी जाने लगा था वहां पर तो मैं कहा साई जी कहा अपना शाह जी कहां तक पहुंचे कगवाड़े पहुंच गया मैं मैं कहा वो वाला नहीं मैं वो वाला पूछ रहा क्योंकि मुझे भी क्योंकि इस मीडिया का जो सदुपयोग है जो है उसका मजा आने लगा हां आप कह रहे कहां पहुंच गए मुझे ध्यान आ रहा है कि अब आप यूएस टूर के लिए जा रहे हैं कहां कहां पहुंचने वाले हैं वो भी कह रहे हैं कि कहां पहुंच गए हां यूएसए वाले बोल रहे हैं कब से टूर शुरू हो रहा है ये ये शुरू
हो रहा है पाच तारीख से पाच तारीख से पहला शो पा अक्टूबर से 5 अक्टूबर से न्यूयॉर्क में पहला शो हो रहा है और छह को डलस में हो रहा है उसके बाद फिर मेरा ख्याल है जगह के नाम आपके जब हम लोग ललन टॉप शुरू किया था तब कई लोगों ने इस बात का मजाक उड़ाया था कि यह कैसा नाम है ऐसा देसी सा नाम है ऐसे गवार पिन टाइप के लोग उते चले आए जब आप उसमें गाते हैं ना कि हर बोली सिखा सखी तो वो हम लोगों को लगता है कि कोई हमारी
बात कह रहा है व कि ठीक है हम दुनिया जहां की चीजें सीखना चाहते हैं पर हम अपने अपने वतन अपनी मिट्टी को छोड़ के नहीं हर बोली सिखो सिखने भी चाहि जी मैंने बड़े मेरे मेरे जमाती थे क्लास फेलो जो थे वो हरियाणा के थे भैंसवाल उनका इलाका था भैंसवाल वो मुझे ले गया अपने गांव में मेरे गांव में भी गया वो शादी थी मेरी सिस्टर की तब वो मेरे साथ ही थे तो बहुत एंजॉय किया मैंने भैंसवाल जाके उनका देखा उनके दादाजी हुक्का पी रहे हैं और उनके साथ ही मतलब पूरी वो खुशबू
फैल रही है अंदर तो बहुत मजा ली हमने तो व वो मेरे साथ बोलता था के चाला पाटन लग र भाई तो मुझे इतनी प्यारी लगती थी उनकी जुबान तो मैंने फिर एक गीत लिखा बाबा जी अरे हरियाण का जाट प्यार तोमी भर लूगा अरे तीन पांच मत करियो ग नीचे धर लूगा [प्रशंसा] अरे मैं सीधा सा मानस रबल फेर नाया मनने अरे स बाता की एक बात सरे बात बता दी तने अरे तेरे एक मीठे बोल की खातिर अरे तेरे एक मीठे बोल की खातिर तेरा पानी भर लूंगा अरे घनी तीन पांच मत करियो
रे लगा क्या मुझे अच्छा लगता सीखने जुबाने सीखने नहीं साहब हरियाणा की जबान है बत कमाल कीप प साउथ इंडियन हमारे साथ कैमरामैन और डांसर कोरियोग्राफर र कुछ मुझे ऐसा बताओ कि खाना खाने की मतलब वो क्या बोलते हैं कते सिगम सगम साप प छेती छेती खाना खा लो शीघ्रम शीघ्रम फस्ट फास्ट साप खाना आज आपने अच्छा लगता आज आपने घर में मेरे खाने में मेरी रोटी में घी बढ़वार की तारीफ करके हाय हाय हाय क्या बात बहुत मेहरबानी आपकी ये तो मतलब यार मैं तो मैं तारीफ करता हूं हरियाने के जो मेडल लेके आए
हैं नौजवान लड़के लड़कियां मनु भाकर अने सबसे पहले मेडल लेके दिया जी जी पहल उसने की या नाम की ज ताली मारो अरे साब जो लोग जीत के अरे खेड ओलंपिक वर्ल्ड कप मेंडल मेडल जीतते से अरे खेड ओलंपिक वर्ल्ड कप में मेडल जीते से अरे बब्बर शेरा की आगे की होवे चीते से क्या बात है अरे बड़े बड़ की खड़िया कर दी खाट दिखाऊ रे अरे आजा तने हरियाणा का जाट दिखाऊ रे क्यों होवे जाट के ठाट रे तने ठाट दिखाऊ रे आजा तने हरियाणा का जाट दिखाओ लगता है कि मैं पंजाबी बोल रहा
हूं अ पंजाबी तो हिंदी इकट्ठी कर दे हरियाणवी बन जा है आप अगर वो हर बोली वाला उतना सुना द अच्छा हर बोली सिखो से जी जय हो की की ब दुनिया से ही शुरू तो शुरू करना पड़ गगरे भी गए फुल काया भी गईया कन्ना विच कोकरू ते वालिया भी गईया रेशमी दुपट्टे डोरे जालिया भी गईया कुंड भी गए तो कुंड वालिया भी गईया चल पे लेती बने रुकना है एक बार फिर शुरू करो हो कगने भी गए फुल काया भी गईया कन्ना विच कोकरू ते वालिया भी गईया रेशमी दुपट्टे डोरे जालिया भी गईया
ंड भी गए ते कुंड वालिया भी गईया चल पे बलाती बाने हो की बनू हो की बनू दुनिया द सच्चे पातशाह बा गुरु जाने की बन दुनिया दा हैय अल्लाह बिस्मिल्लाह तेरी जुगनी य तारे आवे तेरी जुगनी य बोड़ा वाले आवे जुगनी हो हर बोली सिखो सखनी भी चाहि दी ना पहले नहीं शुरू होगा हेलो हेलो हेलो हेलो थैंक यू करण नडिया आगया भले तो अंग्रेज वडिया आई डोंट लाइक द पंजाबी हिंदी न शर्म नहीं आंदी सानू गाला दिदी हर बोली सिखो सखनी हर बोली सिखो सखनी भी चाहि दी पर प कीवे के कचनी टाई
दी पर प कीवे के कची नहीं टाई दी नशिया ने पटते पंजाबी गबरू नशिया ने पटते पंजाबी गबरू कड़क हड्डिया बज डमरू ससता ने मार ली जवानी चढ़ दी ससता ने मार ली जवानी चढ़ दी दिल मिले किते अख किते लड़ दी दिल मिले कि लड़ मार जाने मना की भरोसा कल द बुरा नहीं मनाई किसे द गल द क गने लोग सयाने की बन की की की की की बन की बन दुनिया दा सच्चे पातशाह वाहगुरु जाने की बन दुनिया दा सच्चे पातशाह वाहगुरु जाने अल्ला बिस्मिल्ला तेरी जुगनी य तार आवे तेरी साई बोड़ा
वाले जुगनी ह तार आवे तेरी [प्रशंसा] जुगनी थंक य दुनिया को समझने का सिलसिला चलता रहेगा संवाद के जरिए आप देखते रहिए ललन टॉप [संगीत]