कि अ है महाभारत में शांतिपर्व में भीष्म पितामह से राजा युधिष्ठर पूछते हैं है कि सब मनुष्यों के अंदर वह ऐश्वर्य और है इश्वरी तेज है [संगीत] ये सब मनुष्यों की गहराई में वह परमात्मा है वह मालिक व और फिर भी मनुष्य दुखी है परेशान है और उनके दुख का कारण परेशानियों का कारण जो अवगुण हो मुझे आप बताएं ताकि मनुष्य जाति कौन अवगुणों से उस रब के रूहानियत के आनंद से दूर जब ले जाने वाले अवगुणों का पता चले हूं सावधान रहें जैसे पता चलता है कि गाड़ी जा रही है आगे बंपर है तो
थोड़ा सावधान हो जाते खड्डा है तो सावधान हो जाते रेल फाटक के तो सावधान हो जाते तो बच जाते एक्सीडेंट से ऐसे हमारे जीवन की ऊर्जा को जीवन के शक्ति को को शेयर करने वाले कौन से दोष है पितामह आप बताइए के पिता मानेसर से यहां पर शोषण कर रहे थे दोनों की सजा पर सोए थे को आत्म शांति में उस रूम में उस दिलरुबा दिल की सुनाऊं सुनने वाला कौन है जाम में हक भर पिलाऊं उस हक में उस अ आत्मानंद में गोता मारा भीष्म पितामह कि अरविंद सिस्टर को शास्त्रों का सार गर्भित अमृतपान
कराया सिस्टम मैं तुम्हारा प्रश्न रहे लेकिन दोस्तों से इंसान जा बंधी है और परेशान हुई है उन दोस्तों को तुम सुन लो और इंसान जा आपको सुनाओ और जो बचना चाहे तो यही मैं अपने अंतःकरण में छुपे हुए अमृत का अनुभव कर सकता है यदि स्थल कि क्रोधरूपी दोस्त से को आत्म शांति का बगीचा उद्धार हो जाता है घर में चौराहे तब भी कुछ सामान बच जाता है घर में बाढ़ का पानी आए फिर भी कुछ बच जाता है लेकिन घर में आग लगे तो क्या बचता है ऐसे दिल में जब क्रोध की आग लगती
है कि महाराज लोग है तभी भी कुछ चैन होती मोहित अभी भी कुछ रस होता लेकिन क्रोध आता है तो रस हो जाता है जो मनुष्य जाति में यह अ है क्रोध रूपी दोस्त रहता है है क्रोध कैसे होता है बोले लोग से उत्पन्न होता है कि लोग करते जाओ अगर लोग की वस्तु नहीं मिली तो क्रोध पैदा हो जाएगा दूसरे में दोस्त देखने के दुर्गुण से भी क्रोध पैदा हो जाता है बहू वैसी है सरसों ऐसी मुसलमान है इसे बेवकूफ मुसलमान बोलेगा इंदौर से बेवकूफ ने कि एक दूसरे को बेवकूफ़ियां ऐसा-वैसा मानकर अपने दिल
में आप ही क्रोध की आग जला देते हैं एक दूसरे में दोस्त देखने से कि अर्लोब से कि एक रोधक कि आप बढ़ती है समाज के गुण से ये सब में भला देखने के भाव से यह क्रोध की आग शांत हो जाती है और आदमी को अंतरात्मा झाल वह आगमन मिलता है दूसरा दोष क्या है कामनाएं यह मिल जाए मिला और मिले और मिले और मिले और मिलें कामना कामना कामना कामना है नई डिजाइनर डिजाइनर डिजाइनर डिजाइनर अ कि उस कामना से पूरे विदेश के लोग अशांत है हर 20 मिनट में एक आदमी आत्महत्या करता
है दुनिया के कई देशों में घूमकर आया देखकर कई हमारी समितियां काम करें फिर भी जितनी शांति मनुष्य पाने का अधिकार यह उतनी अभी तक नहीं पा रहे हैं क्योंकि कामनाएं है की कामना की अधिकता से मनुष्य का चित्त संकल्प संकल्प विकल्प करता है कामना को पूरा करने के लिए है और कामनाओं का सेवन करने से कामनाएं बढ़ती है ख्वाहिशों को पूरा करने से आवासों का मजा लेने से पास यह बढ़ती है लेकिन ख्वाहिशों को मिटाने से हवा शांत हो जाती है और राधे मां शांति का प्राकट्य होने में मदद मिलती सब ख्वाइश पूरी करना
आपके बस की बात नहीं है यह जरूरी खास है आप पूरी कर सकते हैं उसमें अल्लाह या भगवान मदद भी करते हैं लेकिन बिनजरूरी ख्वाइश हैं पूरी करने में आप भी जीवन पूरा कर देते हैं अल्लाह की रहमत भी पूरी हो जाती है फिर भी इंसान ख्वाइश के चक्कर चक्कर में चौरासी के चक्कर में भटकता रहता है के अध्यक्ष बने अतिकामना ने जो कामनाओं के चक्कर में आता है वह शांत रहता है और शांत को सुख का सुविधा हो सकती है एयर कंडीशन बंगला है एयर कंडीशन गाड़ी है रोज के 10,000 का 50,000 लाख रुपए
कमाने वाले लोगों को मैं जानता हूं जिनके पास 1000 1000 करोड़ रुपये हैं ऐसे लोगों को मैं जानता हूं है लेकिन शांति नहीं काम मैं और चाहिए चाहिए चाहिए को जितना हो सके कामनाओं के पीछे न दौड़े कि एक होती है अवश्यकता और दूसरी होती है इच्छा कामना आवश्यकता तो आसानी से पूरी होती भोजन की आवश्यकता है ज्यादा मदद हमारे नहीं है आसानी से पूरा हो सकता है पानी की आवश्यकता है मिल जाता है सांस लेने की आवश्यकता है जीवन में आराम से मिलता है अंग ढूंढने की आवश्यकता है आराम से मिल जाता है लेकिन
टेरिकटन हो इतना कीमती हो कि शरीर को संभालने आंधी-तूफान बरसात से बचाने के लिए मकान की आवश्यकता है लेकिन उबल का मकान हो इतना बढ़िया मकान हो यह हो गई ख्वाइश है कि आवश्यकता में और ख्वाइश में आवश्यकता में और इसको में फैसला समझ लेना इच्छा अननेसेसरी होती है और आवश्यकता नेसेसरी होती है जरूर दें और जो जरूर होती है उसको प्रकृति और परमात्मा अल्लाह कहो प्रकृति परमात्मा और आपका थोड़ा सा ब्रश या टक्स उसको आसानी से पूरा कर सकता है लेकिन भाइयों को तो बड़े-बड़े राजा भी पूरी नहीं कर सके 2016 सब्जी पूरी नहीं
हुई अब इच्छाओं को पूरी करना चाहते हो है तो आवश्यकता क्या है इच्छा के है उसका वेट जाने जो आवश्यकता है उसको आप थोड़ी मेहनत से आसानी से पूरी कर लेंगे और इच्छाओं को गुलाम नबी की नई भगा दो कि कुछ चंद विश्नोई की नहीं भरा रहेगा सिंधी साहित्य पाकिस्तान की बात है 1948 के पहले की बात है जब पाकिस्तान हिंदुस्तान की रेखाएं मनुष्य की खोपड़ी से यह धरती वहीं पहाड़ वही नदियां वहीं नाले हुए इंसान की ग्रोसरी ने खींच दिया कि पाकिस्तान हिंदुस्तान यह महाराष्ट्र और गुजरात जय राम जी की यह 13 और यह
मेरा मेरा तेरा करके सारे बंदे चल गए धरती तो वही की वही यही कि ही पढ़ रह गई है है जिसको आज पाकिस्तान बोलते हैं सुर-ताल इसके पहले की बातों समय पाकिस्तान नाम नहीं है है सिंधु नदी के किनारे एक संदेश आने की दुकान थी कि एक लोफर आदमी था जिसकी बहुत हाथी कई गुणों का वह अगुआ था उसने का शिरडी सई ₹100 इन उड़न सिंधी ने देखा ₹100 नहीं दूंगा तो गड़बड़ होगी दे दी ₹100 246 मैंने बीते वह आदमी मिला बोले भाई तू ₹100 लेंगे अब आज बात नहीं चाहिए लेकिन सौगात मिल जाए
तो अच्छा होगा ₹100 समझिए कि डेढ़ तोला सोना आजकल हजारों हजूर इस सिंधी नेताओं ₹100 देते हैं को भोज को और माता बाहरी आदमी था तो उसने कहा के सिंधी मैं सॉल्व कर दूंगा लेकिन तुम मेरी एक बात मानो शिंदे ने का एक बात करें तो चार मानूंगा खाली मेरे पैसे देने के आप बोले बोले हां तू मेरी बात मानो ब्लैक अनुसार सिंधु वह बोलता है कि कर दो साथ सिंघ जी हां भाई ठीक है ओके खोलता है आधा कर दो ठाट ई 300 की कर 260 आधा कर दो काट को बचत इस सिंधी ने
देखा जब समझा रहे तो 30 से गोल आकार देते हुए लैटर उद्दस छोड़ेंगे छोड़ेंगे साथ 300 की कर दो साथ आधा कर दो काट 10 देंगे 10 छोड़ेंगे और 10 के जोड़ेंगे अलग कर देंगे अभी फिलहाल कुछ ऐसे ही बंद करने बैठो कि यह का जामा पीने के लिए दफन करने बैठो तो मन शॉप इच्छाएं फ़ायर करेगा मन को पैदा करें थैंक फॉर कि कब्ज साथ आधा कर दें काट 1066 पूरी करेंगे क्वेश्चन 10 छोड़ेंगे 10 के हाथ जोड़े अभी तो अब का आनंद लेने दे तो है रस पीने दे यार अभी तो मुझे चैन
से बैठे थे शांति पाने का तरीका यदि तक ऐसा है कि उनकी फसलों के पीछे न दौड़े आवश्यकताएं पूरी कर अकाश मिटाना आपके हाथ की बातें ख्वाहिशों को पूरा करना प्यार की बात नहीं है हैं तो इस कामना को नियंत्रित करें है तीसरा बड़ा दोष क्या है यहां पर आ सकता है कि दूसरों को मारने काटने का जो अंदर में पैर भाव है वह पर आंसुओं इंसान रात को तबाह कर रहा है है इधर मारकाट है कि वह प्रसूता दोष कहा शास्त्र में कि यह क्रोध से लोग से उत्पन्न होती है लेकिन दिल में दया
रखने से कि वह इराक के भाव रखने से यह प्रसिद्ध घोषित होता है आदमी के मन में शांति का संचार हो जाता है यो यो दिशा चौथा दोस्तों यह मोह और अज्ञान से उत्पन्न होता है पाप से इस की वृद्धि होती है विद्वान और सत्पुरुषों के संग से यह मोह बदल जाता है और बंद भी का रूप ले लेता है इसलिए सत्संग करना चाहिए कि युधिष्टर पार्ट्स में दोष है इंसान झाल कि विदिशा कि विदिशा का मतलब है वेद पुराण कुरान शास्त्रों में क्या लिखा है हमें कोई जरूरत नहीं हम तो जो मन में आएगा
करें चाय उल्टा हो जाए फिर दोजख में जाए चैनल में जाए चाहे कोई कुछ कह अपन तो खाएंगे आप कि शास्त्र विरुद्ध जो हमारी भलाई चाहते उन्हें धर्म ग्रंथों के विरुद्ध भी करने की जो आदत है वह विदिशा दोष है को गर्म विरोधी जो को न्याय विरुद्ध जो प्रभावित करने की आदत है वह विदिशा दोष है कि यह है मैं नास्तिक लोगों के संग से पनपता है कि बेलगाम जीवन जीने से बढ़ता है एक अलग नाम डालने वाले सदाचारियों व्यक्तियों के संग से यह दोष मिट जाता है इसलिए ऊंचे लोगों का संग करना चाहिए अ
है जो बुरे काम अकेले में कर सकते हो क्या मां-बाप के सामने कर सकते क्या कि गुरु के सामने कर सकते हैं क्या अगर दोस्त निकाल नहीं तो बड़ों के सामने रहो दोष आराम से निकलेगी कि अप्रैल फुल मनाया जा रहा था जो आदमी बड़े में बड़ा झूठ बोलेगा मैं यहां को अप्रैल फूल बनाया जा रहा है जो आदमी बड़े से बड़ा झूठ बोलेगा उसको कप रकाबी चांदी की सिल्वर इन दी जाएगी कि किसी ने कोई झूठ बोला किसी ने कोई झूठ बोला लेकिन अप्रैल फूल जैसा झूठ अभी तक नहीं आया शाम हो गई इन
बांटने वाला तब हो गया कि इतने से को आदमी करते हुए कोई ऐसा हरी झूठ नहीं बोल सकता एक आदमी उठा बोले हजूर मुंशी पार्टी के बगीचे में बांटकर प्रचार मईया बैठी थी अ है और आधा घंटा एक ही बाइक पर बैठी थी और आपस में बातचीत नहीं की उस आदमी ने कहा इससे ज्यादा दुबई नहीं सकता है बगीचे में एक बाहर खड़े पर माध्यम बैठे चार और चुप रहे आधा घंटा इंपॉसिबल बैर इंपॉसिबल है कुछ लोग का प्रकाश भी तुमने जीत लिया दोस्त शाबास है चार मई आधा घंटा एक साथ नहीं बैठ सकते लेकिन
सत्संग में 50,000 हम आई और मावे एक-दो घंटे चुप बैठे हैं कि सिगरेट वाले कि सिगरेट छोड़ जाती है चाय वाले की चाह छूट जाती है बकवास वाले की बकवास छूट जाती है चिंता वाले की चिंता छूट जाती है अंबालिका हम छुट जाता है वह वाले का मुंह बोला जाता है वह वाले का भय छुट जाता है क्रोध वाले का क्रोध छूट है यह जो दश हैं तेरा दोस्त 15 दोस्त जो है तेरा दोस्त है वह दो से सत्संग ढूंढने पर भी नहीं मिलते क्योंकि सत्यस्वरूप परमेश्वर का संग मिलता है हक के झाम में कि
मुझे कुछ चरणामृत मिलती है दूसरा युवक दिलरुबा दिल की सुनाओं सुनने वाला कौन है जहां मैं हक भर पिलाओं पीने वाला कौन है कह दो हम है बाबा हम है धरम जी बोलना पड़ेगा हेल्प कि यदि सिस्टर छठा दोस्त मनुष्य जाति का क्या है शोक शो कर बीती हुई बातों को याद करके अ ने अपनी प्रेमिका प्रेमी के विषय में अथवा अपने धन या पद के विषय में है जो चला गया है उसको याद कर कर के लोग शो करते एक सेट आश्रम में आया आश्रम में सादा भोजन होता है दिन में भी रात में
दिन में सब्जी रोटी और कुछ चावल कभी हुए उस व रात को घड़ी खिचड़ी लेकिन खड़ी की चिड़ियां सी के एसएचओ के छप्पन भोग से भी ज्यादा टेस्टी बनती आश्रम सेठ ने एक चम्मच बाराखडी का मुंह में डाला तब तक आंसू गिरे पोछा क्यों सेट रोते हो करना अच्छा नहीं लगता खाना प्रज्ञा कि ऐसी कड़ी में नैक ब्लाउज बहुत बहुत अच्छा लगता है तो फिर रोते क्यों 12 साल पहले मुन्ने की मां मस्जिद तु स्थिति ऐसी खड़ी बनाई थी रे है अब 12 साल हो गए बेचारी की हड्डियां भी नहीं मिल रही है अब उसको
याद करके अभी तो खाना खराब क्यों करता है अभी तो खाना खाया तक रुका था कि बीती हुई सुविधा बिकते हुए मित्र अमित हुए सुख को अमित हुई परिस्थितियों को याद करने से शौक होता है विवेक विशेष ज्ञान के विचार से इन बीती हुई बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए ऐसी सावधानी से यह शुक्र दुर्गुण दूर हो जाता है और मन मे शांति प्रकट होती मन की शांति शांति तो तुम्हारा स्वभाव मन में शोक छाया तो अक्षांश हो गया तो शांत मन में क्रोध आया तो वे शांत करो गया तो शांत मन में लोभ माया
तो अशांत लोग गया तो शांत मन चिंता मिट्यो शांत चिंता गई तो शांत इस पानी में हीटर डाला तो गर्म रिटर्न निकाल दिया तो पानी जैसा था वैसा राज है इनको फ्रिज में रखा तो बर्फ जम गया लेकिन सिर्फ पानी को ध्यान रखना चाहिए दिया तो बर्फ बर्फ से जो पानी पानी पानी और बन जाएगा लेकिन तुमको तो कुछ गड़बड़ ना करो शांति और आनंद तो तुम्हारा पाजामा है स्वभाविक है तसल्ली शांति हमारा स्वभाव जिन दोस्तों के कारण अशांति होती है उन दोस्तों को समझ लें फिर उन दोस्तों के गुलाम बने अपितु उन दोस्तों को
गुलाम बना लें अ को म्यूट सवाल पूछता हूं इन पांचों मींस अ मैं तुमको कोई जबरदस्ती पकड़ के कमरे में बंद कर दे और बाहर से कुंडी लगा दे तो अच्छा लगेगा क्या ए बंधन लगेगा चाहे 10 मिनट के लिए बंद कर दे कोई बुरा लगेगा और तुम अपनी महफिल में अपनी कव्वाली की मस्ती में अथवा फ़क़ीरों की ज्ञान चर्चा जाने के लिए किसी कमरे में चले जाते अपने आप कमरा बंद करके घंटों बैठे तो बुरा लगेगा क्योंकि अपनी मर्जी से अ का प्रावधान नहीं है स्वतंत्र है ऐसे ही जब काम आकर तुम्हें पराधीन कर
दे क्रोध आकर प्रावधान कर दे तुम लाचार हो जाते हो लेकिन तुम स्वयं उनका जब संयम से उपयोग करते हो सदाचार सेवर धर्म मर्यादा के अनुसार तो यह लोग में कोई बुराई तुम्हारा नहीं कर सकते राजा जनक राज्य करते थे मेहकी लोग भी खाते पीते वह क्या हुआ थोड़े से हम लोग हैं कि महाराज है सातवां दोष है मात्र यह अ कि मात्र एक दोस्त कैसे आता है सत्य का त्याग करने से है और गिरे हुए व्यक्तित्व अर्थात दोस्तों का संग करने से मास्टर मास्टर ये दर्शाता है जिससे आदमी फिर अशांति की आग में बचता
है तो जब के तरफ गिरता है इस देश को कैसे नियंत्रित करें श्रेष्ठ पुरुषों का संग और सच्चे फ़क़ीरों की सेवा मिल जाए वह दोस्त फिर खोजने पर भी नहीं मिलता है जिससे व्यक्ति में पाया मान नंदगांव गुणनिध आत्मा को शुद्ध पितामह कह रहे हैं मधोश आत्मा को के अधीन का मध्य सत्ता का मद विद्वता का मध्य रूप लावण्य कि यह जो मदर है उस मदद से भी आदमी की वास्तविक स्वभाविक तक चली जाती है शांति चली जाती हैं कि इस मद दोष को कैसे निवृत्त करें कि यह मधोश अभिमान से बढ़ता है यथार्थ स्वरूप
के ज्ञान से और यथार्थ सत्संग से यह मधोश निवृत्त होते ही चित्र में परम शांति के द्वार खुलने लगते हैं मधोश नियुक्त करने का उपाय करना चाहिए नमः दोष है इरशाद जैसी है कि अब कोई ढूंढे हुआ है उसको देख कर कोई ऊंचा है उसको देखकर दल बात अब हुं अपने मूल स्थान से पुण्य से किसी से अब जैसी करके यहां तक आकाश में जब बिजली चमकती तो अधूरा मानती हैं कि अब बिजली अधिक का क्या बिगाड़ लेकिन बजे की आदत आकाश में बिजली चमकी और दो लात मारते तो उसकी तलाश थी वहां पहुंचे तो
किसी का कुछ ऊंचाई करते-करते अमेरिका में बहुत है कि अड़ोसी-पड़ोसी को देखकर न जाने क्या-क्या करते थे बिना आमिर और हमारे देश में नहीं ऐसी बात नहीं है पहले कम था अब हमारे देश में भी ज्यादा हो रहा है कि इस आदेश को का नेतृत्व करने के लिए मैं अपने कामना की वस्तुओं अपने को नहीं मिल कर दूसरे को मिनिट वर्षा होती है कि उसके स्कूल काम कामना की वस्तु से सुख लेने की जो वासना है उससे वह बढ़ती है लेकिन वे करें कि वह कामना पूर्ति की वस्तु वह भोग रहा है भोगकर खत्म हो
जाएगा वह भी खत्म हो जाएगा वस्तु भी खत्म हो जाएंगे हम नहीं भूलते हैं तो इतना हमारी एनर्जी कम खर्च होगी चलो जो अल्लाह की मर्जी जो ईश्वर की मर्जी तेरा भाणा मीठा लागे ऐसा सोचने से वह ईर्ष्या का दोस्त चला जाता है और चित्र निर्दोष हो जाता है जय राम जी बोलना पड़ेगा ऐ कि महाराज दसवां दोष है में निंदा का दोस्त निंदा क्यों होती है दृष्टि से होती है कि पुराने एक दूसरे के दुख दो बच्चन याद करके जिंदा होती है है और बहती से यह निंदा का दोस्त भरता है लेकिन श्रेष्ठ पुरुषों
का संग करने से श्रेष्ठ संतों के सद-गुण देखने से कि शर्मा जैसे फकीर को औरंगजेब कुछ-कुछ वक्त है सूफी फकीर थे शर्मा ए जो हुक्म जारी करता है कि जुम्मा मस्जिद में शर्म नमाज पढ़ने नहीं आएगा तो उसे मृत्युदंड दिया जाएगा है और अंजाम समझता कि मैं बड़ा धार्मिक हूं लेकिन इस पर मतदान फोकीर औरंगजेब से बहुत कुछ आगे आ कि निजामुद्दीन बावड़ी खुद आ रहे थे लेकिन राजा ने निजामुद्दीन की बावड़ी न खुद ही इस लिए मजदूरों को अपने पास रख लिया था कि मजदूर दिन में तो राजा के यहां काम करते और रात
को चुपचाप बावड़ी की सेवा करने पहुंच जाते फ़क़ीरों का प्रेम कुछ निराला होता है कि देश और इससे बचने के लिए कि इस नाव में दोस्त से बचने के लिए श्रेष्ठ पुरुषों का संग करना चाहिए और उनके श्रेष्ठ बूंद देखना चाहिए कि वह Bigg Boss बांधों में शांत रहे वक्त बीत जाता है बात रह जाती है क्यों वक्त की उस आग में अपने को झोंके ऐसा समझकर दोष की अग्नि से अपने चित्रों को जो बचा लेता है वह शांति तो हस्तगत कर लेता है महाराज 11वां दोस्त हसुआ थे मेरे दोस्त दर्शन की प्रवृत्ति चाहे हु
तुम्हारे मिल 10 गुण है वह नहीं दिखेंगे लेकिन अवगुण क्या है और डिजिट करें जैसे बैंक में FD करते ने क्या किया उधर ने कहा कुछ गड़बड़ ऐसे इस मैं तुम्हारे किसी के बीच किसी का आदत होती है अच्छा ही कुछ नहीं देखेगा कहीं गड्ढे दोस्त पुतले उसने कहा अरे तेरा पूछ तो बहुत काला-सफेद लगा तो लाइक करें अपने दोस्तों को अपने दूसरे के मुद्दे पर जाते हैं और दूसरे के देखते-देखते अपना चित्र निर्धारण का हकदार है वह अधिकारी बन जाता है इसलिए दोस्तों देखने की वजह से और देखने की वजह उसके दिल में चमकते
हुए चैतन्य सच्चिदानंद परमात्मा को मुसलमान कहते हैं हिंदू राम से कहते हैं लेकिन उसको देख है जिसकी रहमत से यह आंख देख सकती है जिसकी सप्ताह से दिल धड़काने लेता है इसकी शक्ति से हम भोजन में से रक्त और मांस पेशियां का पुष्टि मिलती है और मन बुद्धि को सिंचाई होती है उस परमेश्वर को देखे तो इस देश निवृत्त हो जाएगा दोस्तों देखने की आदत निवृत्त हो जाए मार मार दो शहद कुछ कंजूसी का दोस्त है एक मुट्ठी बंधा में आत्मदेव ब्राह्मण की बात आती है भागवत में इतना कंजूस के अपना धन ग्रह तबीयत मांगकर
खाता कंजूसी नहीं करते हैं जिसके पास बहुत पैसा है अथवा जो दरिद्र जिसने अनाप-शनाप धन इकट्ठा किया और सही जगह पर खर्च करने का मौका मिलता फिर भी मुट्ठी खुद ही नहीं आ है उसका नाम है कंजूस कि यह कार्पण्य दोस्त कि कंजूसों के संग से आता है उदाहरण आत्माओं के साथ रहने से 2 घंटा है और दान-पुण्य करने से कंजूसी का दोष मिट जाता है स्वास्थ्य और अवधार्य सूख प्रकट होता है और हक जमा का एक आधा चम्मच पाने का अधिकारी बन जाता व्यक्ति महाराज 13200 है लोग दोस्त प्राणियों का भोग देखकर दूसरों के
वैभव को देखकर लोगों का घर के लोग बढ़ता है और फिर बेचैनी आ जाती बॉक्स के पास करो फिर भी चाहिए और हुए फिर भी चाहिए पेट में सब्सक्राइब में लाचार हो गया पिंजर हो गया स्वामी विवेकानंद और दूसरे लोगों ने उसे कितना खर्चा करेगा तो ठीक होगा सब्सक्राइब की बात मान ली कि डॉक्टरों ने तो कहां के 24 महीने से जाता तुम नहीं सकते हो रात को नींद नहीं दिन को खाना पचता नहीं कहीं धन न चला जाए कहीं टेक्स्ट में आ जाए कहीं नौकर गड़बड़ ना कर दे जिसके पास ज्यादा संपत्ति है उसको
टेंशन ज्यादा होता है में रुकी भली सूखी वाली सारी से संताप जो चाहेगा चौपड़ी तो बहुत करेगा पापा कपड़े कपड़े कपड़े को कि गाड़ियां तो है लेकिन साहब घूम नहीं सकते क्योंकि वक्त नहीं है घर में तो मिठाई बनी और लेकिन उस आप और साहब कह नहीं सकते कि यह अ कि घर में तो खीर बनी है लेकिन शाहरुख खान नहीं सकते कि दमे की बीमारी है तो फिर साहब के लिए तो मुसीबत साथ ही और बोले तुम लड्डू खाओ मैंने खा सकूं डायबिटीज से खीर खाओ बोले नहीं कर सकता हूं तब मैं है एक
अच्छा तो रोटी और सब्जी खाओ बोले महाराज पता नहीं अच्छा तो दूध पियो थोड़ा सा घोटालों के बोलो हजम नहीं होगा दूध ऐसे लोगों ने फिर दूसरा पानी पीने से नींद नहीं कर सकता तो जिंदगी तो मुसीबत मोल ली है [हंसी] के लक्ष्य को बात समझ में आ गए उसने मुट्ठियां खोली अच्छे कर्मो में अपने लाखों करोड़ों रुपया लुढ़कता जो मुट्ठियां खुली महाराज दिल भी खुला डॉक्टर ने का 24 महीने में तुम मर जाओगे लेकिन बॉक्स पर लगता है कि मैंने जीने का ढंग से जीने का ढंग देने वालों की कृपा रहमत है सत्संग बहुत
बड़ी चीज है इस मशीन को काम दिया जाता है वह इंसान को ज्ञान दिया जाता है और ज्ञान तीन प्रकार का होता है एग दुनिया का ज्ञान दूसरे अलौकिक दुनिया का ज्ञान और तीसरा एक दुनिया और अलौकिक दुनिया जिससे दिखती है उस दुनिया के मालिक का ज्ञान ब्रह्म का ज्ञान दिया जाता है अगर वह मिल गया तो महाराज फतेह हो गए कल्याण हो गया है हैं दान पुण्य से लोगों का दोष व्रत होता है संसार क्षण भंगुर एक दिन छोड़कर मरना है ऐसा बार-बार याद करने से लोगों का दुर्गुण दूर हो जाता है ओम शांति
पाना कि हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है में भीष्म पितामह कहते हैं कि एक दोस्त को नियुक्त करने के लिए मैंने एक उपाय बताया लेकिन धर्म राजा युधिष्ठर सारे दोस्तों को घर निवृत्त करने की कुंजी पूछता तो मैं वह भी बताता हूं कि देता सारे दोस्तों को निवृत्त करना है तो तू शांति को धारण कर जो आदमी सब दोस्तों को एक साथ नियुक्त करना चाहता है वह शांति को धारण करें शांत रहने का अभ्यास करें तो सारे दोस्तों पर पानी फिर जाएगा और शांतात्मा में आवश्यक सामर्थ्य आ जायेगा और अवांछनीय दोष अपने आप भाग जाएंगे इसी टेक्निक
भारत के संत जानते इसीलिए चीन की दादी वालों मशहूर है कविता पेट्रोलियम मशहूर है अमेरिका के डॉलर मशहूर भारत के फकीर अभी भी दुनिया में मशहूर है अ ओम शांति समान सुख नहीं मारा जब शांति कैसे पाएं सारे दोस्तों को मिटाने का सामर्थ्य शांति में आ मेरे सारे गुणों को पनपाने का सामर्थ्य शांति में व शांति कैसे पाए यह जो प्रयोग बताए थे स्वास्थ्य स्वास्थ्य आज रात को सोते समय वह प्रयोग करेंगे पांच-सात मिनट लेट जाएं सुबह फिर 2 5 मिनट शांत होकर स्वास्थ्य अनुसंधान करें में नींद खुल जाए तो कोई बात नहीं आंखन खुले
और आंख खुल जाए तो फिर बंद कर दो 2 मिनट शांत बैठे लेटे रहो जी हा शांति शांति आज का दिन मेरे चित्त की शांति बढ़ाऊंगा मेरे अंतर आत्मा की शांति बढ़ाऊंगा शांति शांति शांति धन से बढ़ी है शांति सप्ताह से बढ़ी है शांति सोम दर से बढ़ी है ओम शांति रुपयों से बढ़ी है शांति कि स्वर्गीय सुख से बड़े है शांति अष्ट सिद्धियों से बढ़ी है शांति नव निधियों से बढ़िया अष्ट सिद्धियों और अशांत है तो एक आदमी ढूंढ और आसान है तो फिर उसके जैसा गरीब को मिले डा कि कई लोग सफल दरिद्र
होते हैं और कई विफल दरिद्र होते हैं में सफल तरी द्रव्य होते हैं जिनके पास धन है सब कुछ है लेकिन दबे का सुख नहीं वह सफल खरीद रहे हैं और विफलता खरीद रहे होते हैं जिनके पास धन वैभव और सुख-शांति नहीं आ कि अ कई सफल अमीर होते हैं उत्तर प्रदेश के अमीर होते बाहर है तब भी मस्त और नई है तब भी मस्त पूरे है वह मर्द जो हर हाल में खुश हैं मिला अगर माल तो उस माल में खुश है हो गए बेहाल तो उस हाल में घुसने कभी उठ तो कभी बांट
में घुस है पूरे है वह मर्द जो हर हाल में कुछ कभी समावेश चना चबीना कभी लपटा लेख सिर आधी वाह रे मौज फकीरा दी तभी तो डेढ शाल दुशाले कभी गुजरिया इरावदी वाह रे मौज फकीरा दी मंगत अंग के टुकड़े घंटे चलने चाल अमीर आधी वाह रे मौज फकीरा थी जिसने संचय कृपा की कर ली इस बीच मंगू का नाम फ़क़ीर नहीं है ध्यान देना है जो दर-दर फूटते हैं खुदाताला हर रोजी में बरकत दे दे दे दे लाखों रुपए के आशीर्वाद भगवान राम यह उद्देश्य से भैया राम जी ब्रोकर देखो कि Bigg Boss
का नाम फ़क़ीर नहीं है में संशय सबको खाता है इस संशय सबका पीर संशय की जो फकीर करें उसका नाम फ़क़ीर हद टो बे सोल्ड यह बेहद स्टोर पर सो पीर हद बेहद मैदान में श्यामदास कवि है अरे ओम [संगीत] लुट हरे ॐ लुट शांति से दोस्त निवृत्त होते हैं शांति से गुण संपन्न होते आप थोड़ी देर हरि नाम उच्चारण करते करते थोड़ी मिनटों के लिए शांत होते जाए कि हरी हरी ओम लुट मैं अभी वैज्ञानिक लोग कहते गहरी शब्दोच्चारण करने से यकृत में फायदा होता है गर्भाशय में फायदा होता है किडनी पैदा होता और
महाराज पधार धारण करने से लीजिये सब्सक्राइब और कौन से मंत्र का इफेक्ट पड़ता है उस शब्द की पिक्चर देखने में मजा आता तो हिंदू और मुसलमान थोड़े दाग बन जाते हैं [प्रशंसा] तु तो फायदा होना दवाई लेते हैं तो ऐसा थोड़ी करते उनकों की दवाइयां होती मुसलमानों को अलग होती है कि अ खून देखो तो हिंदुओं के पुनर मुसलमानों के खून का रंग एक मच्छर भी सोचता कि मुसलमान भी अधिक है और हरिहर हो अरे हरि ओम ओम ओम लुट हो तो कि हरी ॐ का उच्चारण करते जाए और भीतर भावना कि चीन के सारे
दोस्तों को हरने वाली मैं शांति पाऊंगा सारे गुणों को भरने वाले मैं उस अल्लाह शांति को खुदाई शांति को इश्वरी शांति को अरे यह ओम जिनकी उम्र 45 साल से ज्यादा हो गए हाथ कि उंगलियां मिलाकर रख लें और फिर व्याख्या करें तो बुढ़ापे की कमजोरी और इस साल से कम उम्र वाले लोगों को और पहली उंगली को अंगूठे के नीचे पति ऐसा करके कभी-कभार बैठकर ध्यान करें तो ज्यादा लाभ होता है आज के वक्त में ओम शांति पाने के वक्त वोट बंद रखें सुबह शाम जब भी शांति पाने के लिए बैठते वोट बंद ऊपर
और नीचे के दांतों के बीच एक उंगली का फैसला दो-तीन मिनट ऐसा प्रयोग करने से शरीर की थकान और मन की चंचलता नियंत्रित होती है कि हरिहर जी ओ जी ओ [संगीत] अजय को [संगीत] हुआ है कर दो कर दो