फेरान जखन बुझते पलो तार महा शत्रु मूसा अ सलाम ता राज्य थे पलायन तखन से र जन दाई करलो ता स्त्री हजरत आ अ लाम के ए पलायन कारण आ को किछु ने एकमात्र हजरत आया अ सला रा सभ से दिके मुसा सलाम पलायन पर हजरत आसिया अल्लाह दरबारे ले हजरत आया रकम प्रार्थना त महापाप फेरान ए उपस्थित होलो कधे गजन बोलो आसिया तुमाके बारबार निषेध कर स तुम साथे विधिता कर तुम की जानो ना का विरुद्ध तुम तुमार अल्लाह निकट अभग कर साथे थे न लात पात ध कामना र ने अपराध न तुम धर
सीमा लन सुत तुम ता प्रतिफल ग्रहण करर न प्रस्तुत र मतो ब युक्त शा ते ना पी ताले स मिशर साम्राज्य रान हग न बते प तुम एतो दिन लना ि शत्र मसा सलाम के लालन पालन ताके रेहाई देबो ना किंतु ता आगे तुमाके उचित शा दिब ज दिन आके खुदा मेने स्वीकृति ना दिब ततो दिन तुमाके कठिन शास्ति भोग करते ह तुमाके ति गमय कारागारे बंदिनी करबो ताप पापा निष्ठुर फेरान हजरत आसिया और तार अन्यान्य पुत्र कन्या के बंदी अंधकार कारागार निक्षेप करलो बादशाही बेगम और तार पुत्र कन्या के अंधकारे बंदी करते गेले कारागार
कर्मचारी विश् स्थर होए गलो किंतु मुख टे कोन प्रतिवाद करर साहस के ते पलो नाके अंधकार कारागारे हजरत आसिया परीक्षा शुरू होलो कोक दिन जबत सात लेमे सह कद खाना बंदिनी होए चोख ते बुक भान तार निजर जन नय ब और निरपराधी लेम गु जन खदा तृष्णा सक प्राण जा जाय अस्था कारागार जे त बंदी त निष्ठ लिम एक भीषण दुर्गंध जक्त गलित मृत देह रेखे दिए ता ए दुर्गंध प्राण बर होए ते चा एर मध आ क दिन धरे नाहर बंध द बछर शिशु कंठ ताल शुकी ग एन आ काते पछ ना ताई ु
शिशु कने पासन बगत हो जा किंतु महापाप रान र ष जात सतान न एकट दया माया लेश मात्र ने की कर बन हजरत आसिया प्रतिदिन फेरान सहकर्मी हा मान आसिया निकट आसे और फेरान के खुदा बोले मेने नेर जन जोर कर बोले बेगम आसिया अपनी ज अपर संतान के निए बचते चान ताले शीघ्र फेरान के खुदा हिसाब अपनी स्वीकृति दिन तखन हजरत आसिया उत्तर देनके बृ अनुरोध कोन लाभ हमन एकमात्र अल्लाह तीतो आ काके खुदा बोले मानते राजी नई तखन फेरान आसिया के बोलो शन आसिया शु तुमार अन्याय जद जन तुमार पुत्र कन्या गु आज
दुर्दशा अंतत ता बान न होले तुम तुमार मत परिवर्तन करो नले शास्ति थे तुमाके के र करते पब ना शोर पर हजरत आसिया े बोलेन स्मी मृत्य य त नई एकमात्र अल्ला तीत आ काके य करीना तिनी जान मंगल न करन एनो आपना के अनुरोध कर ज अल्लाह गजब थे र पते न ताले पाप जे पथ बचे निए सेही पथ परिहार करुन ओ अल्लाह कामा न ना होले अल्लाह गजब थे किछु रेहाई पाब ना आसिया कथा शने फेरान कधे र्जे उलो एवं बोललो एनो तुमार तेज कमेनी तखन पापि हान फेरान कथा मतो बृहत एकटी ढेकते
तेल तपत करलो जलत आगन तापे ढेक चते तेल टक बक फटते लागलो ए भयावह दृश्य देखे चार दिके लोकजन भरे गलो सई खि भीतो का मुखे कोन कथा ने प्रतिवाद करर कोन साहस ने कारण फेरान आदेश आसिया पखे के कोन कथा बोले ताके फटत तेले निक्षेप करा ह एक परजय फेरान आदेश आसिर बड़ लेटी के धरे डेर का लो एव गरम तेलर म फेले दिलो की करुण और हदय विदारक काहिनी देखते देखते छले पवित्र देह पु ई होए गलो दर्शक अंतरात्मा भ सई करण दश थे ो ि लो कि लिम रा मने एक दया माया
होलो ना निजर संतान के तपत तेल संग मिश दि निर फेरान अहाश फेटे उलो एमन भयावह दृश्य देखे आर नन लेमे गु भए ता मा के ड़ रलो तखन पापि हमन आ आसिया के अनुरोध बोलते लागलो बेगम साहेबा सम आपनी निजर मत परिवर्तन आपर नन्य संतान रक्षा करुन हजरत आसिया जवाब दिलन जाके मिथ्या बोले जानी ताके कख सत्य बोले मेने ना आपर करतब अपनी पालन करन ए सुने पापि फेरान जले उलो बोललो उजर साहेब आसिया के आ बथा अनुरोध करन ना ए बाकी टी लेम गुलो के ते फेले दिब ताप फेरान निर्देश नर पिशाच आरो
एकटी पुत्र के एने उत्त तेलर डेग चते निक्षेप करलो देखते देखते आरो एकटी पवित्र देह तेले भाजा भाजा होए पुरे शेष होए गलो तार पर एक एक पांच संतान पवित्र देह तप्त तेलर संगे गली लो एन शु बाकी रलो सर्ब कनिष्ट दुई बछर से लेटी हजरत आसिया पाथर मूर्ति मतो दा दृश्य देखन मुखे कोन कथा ने चोखे एक फटा पानी नहीं तिनी शोके पाथर होए गन फेरान आदेश लात कोची शिशु के मायर कोल थे छनि आनार जन एग गलो किंतु शिशु तार मायर गला एमन भा ड़ धरे जे तरा किछु छड़ते पलो ना शे फेरान
ग हात बढते पिता आवाने बज शिशु स्थिर ते ना पे जाप पलो पिता कोले शुटी लो ता माता लाद हाते ड़ दि कि पिता हतो ताके ओ ष्ठ हात थे र कर हायरे हत भाग्य शिशु तुम तो जानो ना तुमर पिता ओ नर पिशाच म श्रेष्ठ नर पिशाच निष्ठुर निर्मम पान ताप फेरान निजर औरस जात शिशु संतान के निजर हाते से उपत तेले निप करलो की हदय बधार पापा नर पिशाच पशु र पदभार उन्माद होए महा पापी इब्लीस की पराजित करलो शयतान शिरोमण हमन आ हजरत आसिया के बोललो बेगम साहेबा एक बार जन फेरान के
खदा बोले स्कार करुन ताले अंतत आपर प्राण बचे जाब सुने हजरत आसिया जब दिलन अनाद जा इच्छा ता करन आके बथा अनुरोध विरक्त करन ना पापि फेरान क कंठे आ बोलो आ अनुरोध कोन प्रयोजन नहीं र साहेब ओके पृथिवी थे बदाय दिब किंतु तपत तेले खेप करले से बना जंत्र मुक्ति पे जाब ते मन ला मिटना ओके आस्ते आस्ते ति कष्ट दि मारबो ओके हरे हरे बुझ देब फरान के खदा बोले ना मानर प्रतिफल की भ होते प सा शिशु सतान हत्याकांड सच देखे आसिया धीर स्थिर अचल अटल पापा हमन आ बोलो बेगम साहेबा राज्य
प्रति प्रजा अपर जन दुख प्रकाश कर आपर जन दुखतो किंतु की करबो कतब खाते आके सकल पीतिक काजग करते हो ता हम शेष बार मतो आपना के अनुरोध कर जपना के खुदा बोले स्कार निए आप मूलन जीवन ा करुन कोन एक जीद बशती होए र जीवन धंस दिन ना न क शने आसिया बोले उठले चुप कर पापि तो को कथा शुनते ईना सामान्य जीवन ार आशा मिथ्या के कखन सत्य बो मेने ते पबना तो सती रक ने अल्लाह पवित्रता ा करर न सा संतान के विसर्जन दि नि तु न किस ममता तब तो शेष बार
मतो साधन दि ओ सर्वनाश पाप पथ त्याग कर अलाह निकट आत्म समर्पण कर मिथ्या शक्ति ं निद विनाश आशना ए महा शक्तिशाली निराकार एक अल्ला प्रति ईमान आन निजर को ख ने अलाह संतान नन आज अलाह न अला त न ते ख करर किछु ने तब मने एकटी मात्र ख र लो मृत्यु आगे स्मी के सुप ि आते पलाम ना सत्य ऊपरे प्रतिष्ठित े ते पलाम ना आया क शने फरान चित्कार बोलो र साहेब अ नारीर को क स करते पना ओ किछु आके खदा बो मेने ना ताई ताके दुनिया थे रोत विदाय दिब आपनी
एक पे जत्र ु पे जत्र त आध हम ओके तिले तिले दुख जंत्र दिए ष दिब दुनिया बासी देख तार स्त्री फेरान के खुदा बोले मेने नयनी ताई तार ए निर्मम परिणति होए तार पर पापि फेरान आदेश एकटी मजबूत पेण जंत्र आना होलो आसिया के ताते अध करा होलो धीरे धीरे पेण जंत्र कोसते लागलो भीषण जंत्रण आसिर बाग शक्ति रुद्ध होए गलो हमन बोललो बेगम साहेबा अप जन स कष्ट हो आपनी शु मौखिक भा एक बार जपना के खुदा बोले स्कार करुन आपना के महा जंत्र थे मुक्ति दे ह हजरत आसिया निर्ग ले फरान उलो
पे जंत्र आओ जलाद आ जोरे पे जंत्र कोते शुरु करलो ण ममा जंत्र निस्तब्ध होए ते लागलो आ शति आसिया ति बोलते लागले ओ दयामय अल्लाह मूर्ख मानव तावत तुमार सा ता कर तुम तोता के सुप परिचालित करो निश्चय तुम गफ रहीम तुम ता के क्षमा करो ताप आ किछु बोलते पले ना आसिया धीरे धीरे ता बाक शक्ति त लो रो लो प्राण शक्ति जंत्र टट करते करते प्राण पाखी ड़ गलो जा आगे शु न कंठे उच्चारण को लेन ला इलाहा इल्लल्लाह ताप पवित्र आत्मा पिंजर छड़े असम अनंते मिश गलो पृथिवी इतिहास रतम एक हत
जग हो लो शोके पाथर होए गलो मिशर बासी हजरत आसिया मृत्यु फेरान राजरा मिशर हाहाकार प गलो भय ति और निदर सं राज्य आना कानाचे ण संत्रास सृष्ट होलो फेरान सत्र कीती ग राज आग ने ब लो जत दिन हजरत आसिया जीवित थे सिंहासन अधित लेन त दिन किती गन बनी इराल उपर प्रकाश नितन करते साहस पेना जखन हजरत आया केही होलो तख थे कीती ग सुग ड़ लो तरा नाना भा बनी राइल र ण नविक निर्जन लाते शुरु करलो सारा मिशर राज्य जोड़ अत्याचार निर्जन और राह जानी ली खला शुरु हो लो निर् जातित
नुष का आकाश बाता विषाक्त हो लो ज दिन चंद्र सूर्य ग्रह तारा यस्त ह ज दिन नुष और जीव जतु पृथिवी बुके त दिन दुनियार इतिहास नपी पशु महापाप फेरान निष्ठुर कलंक काहिनी जलं रे लिपिबद्ध थाक हे अल्लाह संतान सह हजरत आसिया मृत्यु के शहीदी मजादा दान करुन आमीन प्रियो दर्शक श्रोता आज पंत इस्लाम विभिन्न काहिनी नियमित जानते होले आद चैनल सब्सक्राइब करु एवं लाइक कमेंट शेयर करु धन्य b