अस्सलाम वालेकुम। मेरा नाम आतिफ खान है। हमने जो लिक्विड की क्लासेस शुरू की हुई है। आज उसकी हमारी चौथी क्लास है। तो कल वाली क्लास में थोड़ा सा इंटरनेट का मसला आया था। इसलिए हम पहले उसको रिपीट करते हैं। वो चीजें कल हमने ऑर्डर फ्लो शिफ्ट शुरू किया था। तो ऑर्डर फ्लो शिफ्ट शुरू करने से पहले हमें कुछ चीजों का पता होना चाहिए। वो क्या है? उनसे पहले हम यह डिस्कस करते हैं। उसके दो हिस्से होते हैं ऑर्डर फ्लो शिफ्ट के ना। तो वह दो हिस्से हमें पढ़ना बहुत जरूरी है। तो उसके लिए हम पहले
डिस्कस करते हैं इन्वर्जन को। ठीक है? हम पहले डिस्कस करने लगे हैं इन्वर्जन का कांसेप्ट। इन्वर्जन क्या होता है? बहुत ही सिंपल कांसेप्ट है इसका। जब भी मार्केट में कोई एफजी ब्रेक होता है उसको हम नाम देते हैं इन्वर्जन का। जो एफजी एफजी का क्या काम होता है? एफजी एज अ सपोर्ट काम करता है। अगर बाय का एफजी है तो वह सपोर्ट का काम करता है ना कि मार्केट उसको टेस्ट करके बाय चली जाती है। अगर सेल का एफजी है तो वो रेजिस्टेंस का काम करता है। मार्केट उससे रिजेक्ट हो के सेल हो जाती है।
ठीक है? तो इन्वर्जन का कांसेप्ट क्या है कि वो जो अगर बाय का एफजी है वो ब्रेक हो जाए मार्केट मोमेंटम कैंडल से उसको ब्रेक कर दे नीचे। तो जब वो एस बाय का एफजी नीचे ब्रेक हो जाएगा तो वो पहले सपोर्ट का काम कर रहा था तो अब वो क्या काम करेगा? रेजिस्टेंस का काम करेगा। यानी कि वो अपना उल्टा बिहेवियर शो करेगा। तो ये एक कन्फर्मेशन है। एंट्री कन्फर्मेशन के लिए इसको यूज़ किया जाता है। ठीक है? अभी हम इसका एक हिस्सा पढ़ रहे है। हम इसको अधा नहीं यूज़ करेंगे। अलग से बहुत
सारी दुनिया सिर्फ इसी के ऊपर ट्रेड करती है। इन्वर्जन के कांसेप्ट के ऊपर ट्रेड करती है। लेकिन हम इन्वर्जन के कांसेप्ट को आगे जाके मिलाएंगे क्लाइमेटिक एक्शन बार से। ठीक है? और ऑर्डर फ्लो शिफ्ट को भी। तो अभी हम इन्वर्जन को डिस्कस कर रहे है। तो इन्वर्जन का सिंपल वन लाइनर कांसेप्ट क्या है? किसी भी एफजी का ब्रेक हो जाना। ठीक है? अगर वो बाय का एफजी है। ठीक है? मार्केट ये यहां से जा रही थी ऊपर। और यहां पे एक बाय का एफजी क्रिएट होता है। अब होना क्या चाहिए? वो बाय का एफजी है
तो वहां से टकरा के मार्केट को क्या चला जाना चाहिए? बाय चला जाना चाहिए। ठीक है? अगर तो यहां से बाय चली जाएगी चली जाती है तो वो तो सिंपल कांसेप्ट है ना। बाय का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है। मार्केट वहां से टकरा के बाय चली जाएगी। लेकिन अगर मार्केट यहां से बाय नहीं जाती है बल्कि उल्टा क्या कर देती है? नीचे आती है। और जितना इस एफजी का एरिया है उस एरिया के नीचे मोमेंटम कैंडल क्लोज कर देती है। ठीक है? यह नीचे वाली लाइन तक एफजी का एरिया था ना। अगर मार्केट ये काम करती
है कि उस एफजी को नीचे ब्रेक कर देती है तो पहले जो ये एफीजी बाय के लिए काम कर रहा था, सपोर्ट के लिए काम कर रहा था, अब वो एज अ रेजिस्टेंस काम करेगा। तो फिर हम इसी एफईजी के टेस्ट के ऊपर जाके यहां से सेल कर सकते हैं। ठीक है? सेल कब करेंगे, क्यों करेंगे? वो बाद की बात है। फिलहाल हम इसके कांसेप्ट को डिस्कस करें। इसको देखना कहां पे है वो भी अभी हम डिस्कस करते हैं। अभी हम सिर्फ इसके कांसेप्ट को डिस्कस कर रहे हैं। इन्वर्जन का कांसेप्ट क्या होता है कि
मार्केट बाय जा रही है। यहां पे बाय का कोई भी एफजी है अगर मार्केट उसको रिस्पेक्ट नहीं करती। रिस्पेक्ट करने से क्या मुराद है? किसी भी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट को या किसी एफपीजी को रिस्पेक्ट करने से क्या मुराद है? रिस्पेक्ट करने से मुराद ये है कि ये जो बाय वाला एफीजी था यहां पे अगर मार्केट इसको रिस्पेक्ट करती तो इसको टेस्ट करके यहां से बाय हो जाती। इसी को कहते है ना रिस्पेक्ट करना। ठीक है? अगर मार्केट इसको रिस्पेक्ट नहीं कर रही यानी कि यहां से इस एफजी से बाय नहीं जा रही और इसको नीचे
आके मोमेंटम कैंडल से ऐसे ब्रेक कर देती है। ब्रेकआउट अच्छा होना चाहिए। ब्रेकआउट आपने जिस तरह क्लाइमेट एक्शन बार का पढ़ा है कि मोमेंटम कैंडल से ब्रेकआउट होना चाहिए। किसी भी जगह का आप ब्रेकआउट देख रहे हैं। बेशक वो स्ट्रक्चर एरिया है। क्लाइमेटिक एक्शन बार है। एफजी है या कोई भी आपकी दुनिया जान की स्ट्रेटजी है। अगर आपकी स्ट्रेटजी ब्रेकआउट है तो ब्रेकआउट हमेशा एक अच्छी कैंडल से होना चाहिए। मोमेंटम कैंडल से होना चाहिए। तो वो जो बाय वाला एफजी था अगर मार्केट उसको रिस्पेक्ट नहीं देती है उधर से बाय जाने की बजाय उल्टा उस
एफजी को नीचे ब्रेक कर देती है तो वो क्या काम करेगा पहले जो वो बाय के लिए काम कर रहा था सपोर्ट थी अब वो एज अ रेजिस्टेंस काम करेगी फिर हम उसी उसी एरिया से जो एफजी वाला एरिया था बाय वाला उसके टेस्ट से सेल प्लान करेंगे वहां से सेल कर सकते है तो ये है इन्वर्जन का कांसेप्ट अभी हम यहां पे इसको इसकी एक दो एग्जांपल देंगे देखेंगे तो हमें बिल्कुल क्लियर हो जाएगा अच्छा उससे पहले एक चीज नोट कर ले के जो भी हम कन्फर्मेशन पढ़ते हैं ना ये इन्वर्जन की कन्फर्मेशन हो
क्लाइमेटिक एक्शन बार की कन्फर्मेशन हो जो आप सीआईएसटी पढ़ेंगे वो हो एमएसएस हो या जो अभी हम पढ़ेंगे ऑर्डर फ्लोशिप की कन्फर्मेशन हो या कोई भी टू बार रिवर्सल दुनिया जहान की कोई भी कन्फर्मेशन हो वो आप दो जगह के ऊपर देखते है ठीक है एक आप देखते है इंटरनल लिक्विडिटी के ऊपर अभी तक आपको इंटरनल लिक्विड कासेप्ट बिल्कुल क्लियर हो जाएगा यानी कि किसी भी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट के ऊपर किसी एफजी के ऊपर किसी ऑर्डर ब्लॉक के ऊपर किसी ब्रेक ब्रेकर ब्लॉक के ऊपर या किसी सपोर्ट लेवल के ऊपर ठीक है या किसी रेजिस्टेंस
लेवल के ऊपर यानी के आप दुनिया जान की आपकी कोई भी स्ट्रेटजी है कोई भी चीज है अगर आप कोई कन्फर्मेशन देखते है ट्रेड के लिए एंट्री के लिए तो वो कन्फर्मेशन आप ऑलरेडी किसी अच्छे लेवल के ऊपर देखते होते है ऐसा नहीं हो सकता कि मार्केट चल रही है और चलती मार्केट में कोई पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट नहीं है कुछ भी नहीं है और उसके बगैर आप उसको देखेंगे तो वो बहुत ज्यादा फेल होगी ठीक है इसलिए हर चीज का पीछे कॉन्टेक्स्ट होता है कॉन्टेक्स्ट क्या है कि ये जो आप जितनी भी हम कन्फर्मेशन पढ़ेंगे
हम इनको या तो किसी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट के ऊपर यानी के किसी ऑर्डर ब्लॉक, एफडी के ऊपर ब्रेकर ब्लॉक या किसी सपोर्ट लेवल या रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर देखेंगे या दूसरी जगह कौन सी है देखने की कि मार्केट किसी बहुत बड़ी जगह की किसी अच्छी जगह की लिक्विडिटी ले। ये दो पॉइंट मैं यहां पे लिखने लगा हूं। सब लोग आप अपने पास या स्क्रीनशॉट ले लीजिएगा या अपने पास लिख ले के कोई भी आपकी जितनी भी कन्फर्मेशन एक्सिस्ट करती है या जितनी भी आप कन्फर्मेशन पढ़ चुके हैं या आगे पढ़ेंगे उनको आप हमेशा दो जगह
के ऊपर देखेंगे। या कोई पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट होगा। वह सबसे बेस्ट कब कहां पर काम करेंगी? किसी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट के ऊपर। पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट से मुराद क्या है? मैं यहां पे एग्जांपल के तौर पे पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट हम किसको जगह कहते हैं? जहां से हम अपनी ट्रेड प्लान कर रहे थे। जहां से अगर हमने बाय बाय करना है तो किसी खास जगह से बाय करेंगे ना। वो जो जिस जगह से हमने बाय प्लान की होगी जो ज़ोन होता है उस ज़ोन को कहते हैं पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट। क्योंकि फॉर एग्जांपल हमारे पास कोई ऑर्डर ब्लॉक
हो सकता है या कोई हो सकता है feg ठीक है या ब्रेकर ब्लॉक भी हो सकता है लेकिन एग्जांपल के लिए ताकि आपको समझ आ जाए कि पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट होता क्या है या हमने कोई भी जो कंफर्मेशन देखनी है या हमने दूसरी जगह कहां देखनी है लिक्विडिटी एरिया ठीक है? तभी आपको सक्सेस रेशो वो मिलेगी ना। अगर आप बिना किसी कॉन्टेक्स्ट के हर जगह के ऊपर कैब देखना पड़े शुरू कर देंगे ना बिना किसी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट के, बिना किसी लिक्विडिटी के तो कैब भी आपको फेल स्टेटस मिल जाएंगे। ठीक है? इसलिए हमें कोई
भी आप कन्फर्मेशन देखते हैं वो बेशक कैब की कन्फर्मेशन हो या दुनिया की कोई भी कन्फर्मेशन हो। आप हमेशा किसी अच्छे पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट के ऊपर या किसी अच्छे लिक्विडिटी की जगह के ऊपर देखते हैं। स्ट्रांग लिक्विडिटी एरिया। ठीक है? सॉरी फॉर माय बैड राइटिंग। ये ए है। जैसा भी है ये ए है। ठीक है? तो किसी स्ट्रांग लिक्विडिटी एरिया के ऊपर देखेंगे या आप किसी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट के ऊपर देखेंगे। कोई भी जो कन्फर्मेशन देखते है अब हम वापस आते है ये चीज अपने बिल्कुल हाईलाइटर के साथ किसी बहुत ही बड़ी जगह के ऊपर
या जहां पे आप डेली देख बेशक इस जगह को किसी ऐसी जगह के ऊपर लिख ले ये आपके लिए हर कन्फर्मेशन के लिए काम करेगी ताकि आपकी डेली नजर पड़े इस जगह के ऊपर की आप कहीं कभी भी ट्रेड ट्रेड प्लान कर रहे हैं कोई कन्फर्मेशन देख रहे हैं तो आपने इन दो जगह के ऊपर लिखनी होती है तीसरी चीज भी है कि कोई और भी कोई सपोर्ट या रेजिस्टेंस लेवल हो तो वहां पे भी देख सकते है लेकिन वो जो सपोर्ट ये ऑर्डर ब्लॉक एफजी इटसेल्फ सपोर्ट एंड रेिस्टेंस लेवल ही होते है ना हम
इनको को इसीलिए यूज़ करते हैं। तो ये दो काफी है। ये लिख लेंगे अपने पास ताकि आपकी डेली इसके ऊपर नजर पड़े। अगर आप इन दो चीजों के ऊपर रहेंगे कि हमेशा अपनी ट्रेड प्लान करेंगे किसी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट के ऊपर या किसी स्ट्रांग लिक्विड एरिया के ऊपर तो यकीन माने आपकी सक्सेस रेशो सबसे अच्छी होगी। ठीक है? और मैक्सिमम आपके सेटअप्स इंशा्लाह चलेंग। कभी हो सकता है कि सेटअप आपका फेल भी हो जाए इन दो जगह होने के बाद भी लेकिन वो शो नाज़िर होगा। मैक्सिमम आपकी ट्रेड्स चलेंग अगर आप इस चीज को प्रायोरिटी
देंगे। इसलिए इसका स्क्रीनशॉट ले रख या इसको बोल्ड लेटर्स में अपने पास लिख ले। जितनी भी हमने कन्फर्मेशन पढ़नी है इनहीं दो जगह के ऊपर पढ़नी है। चले आगे मूव मूव करते हैं। मूव ऑन करते हैं। जो चीज हम जो कांसेप्ट पढ़ रहे थे इन्वर्जन का इन्वर्जन का कांसेप्ट हमने क्या पढ़ा है कि कोई भी मार्केट में जो एफजी है अगर मार्केट उस एफजी को ब्रेक कर देती है तो वो एफईजी इनवर्ट हो जाता है। हम ये समझते हैं कि वो एफईजी इनवर्ट हो गया है। अगर वो बाय का एफजी था तो पहले जो बाय
के लिए सपोर्ट के काम कर रहा था अब वो बाय के लिए रेजिस्टेंस अब वो अब वो सेलर्स के लिए रेजिस्टेंस का काम करेगा। यानी कि उसका जो बाय वाला काम था वो अब खत्म हो गया। अब वो उल्टा चलेगा। ठीक है? इस कांसेप्ट को हम नाम देते हैं इन्वर्जन। और किसी एफजी के ब्रेक होने को हम क्या कहते हैं? वो एफजी इनवर्ट हो गया है। इनवर्ट होने से मुराद यह है कि वो अब उल्टा काम करेगा। पहले बाय के लिए काम कर रहा था तो अब किसके लिए काम करेगा? सेल के लिए। ठीक है?
तो इसकी हम एग्जांपल देखते हैं। तो बिल्कुल हमारे सामने एक एग्जांपल नजर आ रही है। ठीक है? अभी मैंने आपको कहा था कि यह कन्फर्मेशन कहां देखनी है? किसी ऑर्डर ब्लॉक या एफजी को देखने है। काइंडली ऊपर मार्किंग ना करें। ये हमारे पास एक ऑर्डर ब्लॉक है। और ये कौन सा ऑर्डर ब्लॉक है? ये जो आपने हाई प्रोबेबिलिटी ज़ोन का कांसेप्ट पढ़ा है ये वो है। ये एक अनमिटगेटेड ऑर्डर ब्लॉक है जो कि लिक्विडिटी के क्या है? ऊपर है। ऐसे ही है। तो ये हमारे पास क्या है? हाई प्रोबेबिलिटी ऑर्डर ब्लॉक है। यानी कि एक
स्ट्रांग एक स्ट्रांग एरिया है हमारे पास। ऐसी जगह के ऊपर ही हमने कन्फर्मेशन देखनी होती है। अब मार्केट यहां से अगर ऊपर ऑर्डर ब्लॉक ना भी होता सिर्फ मार्केट इस जगह क्योंकि एक स्विंग है इसकी लिक्विडिटी ले भी रही होती तो फिर भी ये चीज चलती। लेकिन यहां पे तो हाई प्रोबेबिलिटी ज़ोन है। दोनों चीज़ इकट्ठी होगी। तो ये हमारे पास अगर आप देखें तो हमारे पास एक बाय का एफजी था। ठीक है? हम इसको हम इसको रिप्ले मोड में लेके जाते हैं ताकि हमें बिल्कुल ही क्लियर हो जाए। अब मुझे बताएं ये हमारे पास
क्या था? बाय का एफजी था। अब असूलन क्या होना चाहिए था? क्योंकि पीछे से मार्केट बाय हो के आ रही है। तो इस एफजी से क्या होना चाहिए था? मार्केट को इस एफजी से टकराना चाहिए था और टकरा के क्या हो जाना चाहिए था? बाय चले जाना चाहिए था। लेकिन मार्केट यहां पे क्या करती है? बिहेवियर क्या करती है? हमने ये पूरा ज़ोन मार्क कर लिया। और एफजी की जो लोअर पॉइंट है, हम वहां पे एक विक लगा देते हैं। यहां पे ठीक है? यहां पे एक लाइन लगा देते हैं। सॉरी। अब अगर ये एफजी
मार्केट लिक्विडिटी लेके हाई प्रोबेबिलिटी ज़ोन में टैप कर रही है तो ये हमारी एक कंफर्मेशन होगी सेल की। हम हाई प्रोबेबिलिटी जोन सेल का है ना ऊपर सेल का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है तो वहां से हम क्या देख रहे होंगे सेल ही देख रहे होंगे ऑब्वियसली तो अब अगर मार्केट इसको इनवर्ट कर देती है नीचे मोमेंटम कैंडल से क्लोज कर देती है इसके नीचे जैसे कि उसने यहां पे कर दिया है फुल मोमेंटम कैंडल से अच्छी कैंडल से उसने क्लोज कर दिया है अब ये जो पहले बाय का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट था जो कि ब्लू
था इसको हमने बाय के पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट को हम ज्यादातर ब्लू या ग्रीन से शो करते है तो अब ये क्या कन्वर्ट हो गया अब हमारे पास एक सेल की कन्फर्मेशन आ गई अब ये कन्वर्ट हो गया रेजिस्टेंस के लिए अब जैसे ही मार्केट इसका टेस्ट करेगी यहां से हम सेल कर सकते हैं। तो, यह सेल के लिए काम करेगा। ठीक है? फौरन से मार्केट नेक्स्ट कैंडल ने उसका टेस्ट किया है और उधर से मार्केट गिरना शुरू हो गई है। क्योंकि ऑलरेडी वो एक हाई प्रोबेबिलिटी ज़ोन था। अब यहां पे वॉल्यूम का सेट अभी था।
हम इसको वॉल्यूम के साथ भी मिलाएंगे। सारी चीज करेंगे। अभी हम सिर्फ इसका कांसेप्ट डिस्कस कर रहे हैं कि इन्वर्शन होती क्या है? उसके बाद आप देखेंगे तो मार्केट ने क्या किया है? एक नीचे एक और बाय का पॉइंट वो दूसरा भी बाय कैफ जीता। अब हम यह भी डिस्कस करेंगे कौन सा इन्वर्जनेंट होता है। कौन सा नहीं होता उसको भी डिस्कस करते हैं। अब दोबारा यह बाय का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट था। ठीक है? यह बाय का एफजी था। अब असूलन क्या होना चाहिए था कि मार्केट इसको बाय एफजी से टैप करके बाय चली जाए।
लेकिन अब देखते हैं कि मार्केट ने इसके साथ क्या किया? अभी तक ये नीचे ब्रेक नहीं हुआ है। ठीक है? अब ये क्या हो गया? मोमेंटम कैंडल से ब्रेक हो गया। तो पहले जो ये बाय का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट था। बाय के लिए काम कर रहा था। अब ये किसके लिए काम करेगा? ये क्या हो गया? एफईजी एफजी इनवर्ट हो गया है। तो पहले ये बाय का एफजी था। बाय के लिए काम कर रहा था। सपोर्ट एरिया था, सपोर्ट का ज़ोन था। अब यह किस में कन्वर्ट हो गया है? रेजिस्टेंस के ज़ोन में। अब जैसे
ही मार्केट इस एरिया के ऊपर टेस्ट करेगी, क्योंकि अगर हमारा ओवरऑल ट्रेंड सेल का है और हमारा बाय सेल का है, तो हम इस जगह से टेस्ट के ऊपर सेल ले सकते हैं। देखिए ये मार्केट ने टेस्ट किया और उसके बाद वो नीचे गिर गई। ठीक है? तो इस तरह से हम इन्वर्जन को यूज़ करते हैं। कहां यूज़ करते हैं? वो मैंने आपको दो जगह बता दी। तो ये है इन्वर्जन का कांसेप्ट। उसके बाद नेक्स्ट जो कांसेप्ट है वह इससे बिल्कुल थोड़ा सा मिलता जुलता है लेकिन वो इससे ज्यादा पावरफुल है। ठीक है? वो इससे
भी ज्यादा पावरफुल है। मुझे ईशान भाई दो मिनट रोकिएगा। ठीक है? अभी हम डिस्कस कर इसकी एक और एग्जांपल देखते हैं। हम कोई बाय के लिए एग्जांपल देखते हैं इसके लिए। ठीक है? बाय के लिए एग्जांपल देखेंगे तो हम यह तो अभी हमने सेल के लिए देखी थी। अभी हम इसके लिए बाय की ढूंढते हैं। यहां से यहां पर अगर आप देखें तो हमारे पास ये नीचे आती हुई मार्केट ने क्या किया? सबसे पहले हम अपना कॉन्टेक्स्ट मार्क करेंगे कि हम कहां से ट्रेड ले रहे हैं। उसके लिए जो दो चीजें थी वो बहुत जरूरी
है। सबसे पहले मार्केट यहां पे काफी सारी लिक्विडिटी स्विसीप कर रही है। ये H1 का टाइम फ्रेम है। ठीक है? लिक्विडिटी स्विप करते हुए इसने क्या किया है? अपना लास्ट जो सेल कैफी था उसको ब्रेक हो जाए। अच्छा इन्वर्जन सबसे बेस्ट काम कब करती है? जब वो पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट को टैप करने लगे या लिक्विडिटी लेने लगे तो उसका जो आखरी एफपीजी होगा वही एफजी इनवर्ट के लिए होगा और वही सबसे बेस्ट काम करेगा। जैसे के आखरी से क्या मुराद है? आखरी से मुराद यह है कि जो हमने ऊपर एग्जांपल देखी थी लिक्विडिटी लेने से
लिक्विडिटी लेने के बाद यह आखरी एफडी था ना बाय का जो पहला था यह वाला तो जो पहला या जिसको आप आखरी कह सकते है या कुछ लोग इसको शायद पहला कहेंगे तो लेकिन जो भी खैर करीब तरीन होगा हम इसके लिए लफ्ज यूज़ करते करते हैं करीब तरीन तो जब मार्केट लिक्विडिटी लेगी या किसी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट में टैप करेगी तो उसका जो करीब तरीन एफजी होगा करीब तरीन यही है ना ठीक है या पहला एफजी यही है तो जैसे मार्केट वो ब्रेक करेगी तो सबसे ज्यादा्ट वो है तो यहां पर पहले हमने सेल
की एग्जांपल देखी। अभी हम एक बाय की एग्जांपल देखते हैं। तो जैसे ही मार्केट ने यह लिक्विडिटी ली है। ठीक है? लिक्विडिटी लेने के बाद हमारे पास लास्ट सेल का एफजी कौन था? ये वाला। ठीक है? मार्केट ने क्या किया है? हम इसके हाई के ऊपर लाइन लगा देते हैं। यहां तक एफजी शुरू हो रहा था। यह आप लोगों को समझ ही आ रहा होगा। पूरा जो ज़ोन है एफजी वाला। यह सेल कैफजी था। इसको सेल के लिए काम करना चाहिए था। इसने सेल के लिए काम किया भी है। यहां से रिजेक्शन भी आपको नजर
आ रही होगी। उसके बाद मार्केट ने क्या किया है? इसके ऊपर ये वाली कैंडल जो है मोमेंटम कैंडल क्लोज कर दी है। ठीक है? तो जैसे मोमेंटम कैंडल इसके ऊपर क्लोज कर दी है लिक्विडिटी लेने के बाद लिक्विडिटी लेने के बाद पहली चीज को नहीं भूलना है। या वो स्ट्रांग पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट होगा और ब्लॉक एफजी होगा या क्या होगा? कोई ना कोई लिक्विडिटी स्ट्रांग लिक्विडिटी एरिया होगा। तो यहां से मार्केट ने कल की डेली की लिक्विडिटी स्वीप की है। काफी सारी जितनी लिक्विटी इकट्ठी थी काफी सारी लिक्विटी स्वीप की है। उसके बाद उसने क्या
किया है? इस सेल के एफजी के ऊपर मोमेंटम कैंडल क्लोज कर दिए। तो पहले सेल के एफजी का बिहेवियर क्या होता है? सेल के एफजी से हमेशा हम सेल देखते हैं ना। लेकिन जब यह सेल का एफजी ब्रेक हो जाएगा तो ये किस में कन्वर्ट हो जाएगा? पहले ये रेजिस्टेंस का काम कर रहा था तो अब किसके लिए काम करेगा? सपोर्ट के लिए। इसी एरिया को हम आगे खींच के बढ़ा देंगे और इसका कलर कर देंगे ब्लू। अब ये हमारे किस लिए काम करेगा? बाय के लिए काम करेगा। तो आप देख रहे हैं उसके बाद
मार्केट ने जैसे इसको मोमेंटम कैंडल से ब्रेक हुआ। ये आज की एग्जांपल है H1 की। उसके बाद मार्केट ने उसमें टैप किया और उसके बाद वो बाय चली गई। ठीक है? तो, यह है इन्वर्जन की एक दूसरी एग्जांपल बाय के केस में। अब हम इससे नेक्स्ट कासेप्ट पढ़ने लगे हैं जो कि है बीपीआर का कांसेप्ट। ठीक है? जिसको हम नाम देते हैं बैलेंस प्राइस रेंज का। बैलेंस प्राइस रेंज क्या होती है? इन्वर्जन का जो अगला हिस्सा होता है, इन्वर्जन होता है पहला स्टेप। बीपीआर होता है दूसरा स्टेप। बीपीआर का जो कांसेप्ट है, वो इन्वर्जन से
भी ज्यादा स्ट्रांग है। ठीक है? ये इन्वर्जन से ज्यादा पावरफुल है। और ये असल पावरफुल कब बनेगा? जब हम इसको कैब के साथ मिलाएंगे। अभी हमने इसको कैब का तो कहीं जिक्र ही नहीं किया। अभी हम इसको सिर्फ पढ़ रहे हैं। आगे जाके हम इसको जब क्लाइमेटिक एक्शन बार के साथ मिलाएंगे तो फिर इसकी सक्सेस रेशो और ज्यादा अच्छी हो जाएगी। फिर ये और ज्यादा पावरफुल होगा। तो अभी हम बीपीआर का कांसेप्ट डिस्कस कर करते हैं। ठीक है? अभी तक हम ये डिस्कस करते हैं कि हमने क्या पढ़ा है। हमने डिस्कस किया है इन्वर्जन को।
इन्वर्जन बीपीआर का है। उसका अगला हिस्सा मैं यहां पर कुछ कैंडल्स बनाता हूं। ठीक है। अच्छा मुझे बताएं बीपीआर को बीपीआर को भी हम जो हम पढ़ने लगे हैं इसको भी हम कहां देखेंगे वही चीज दोबारा कि कोई भी कंफर्मेशन होगी तो हम उसको या किसी लिक्विडिटी की जगह के ऊपर देखेंगे मार्केट स्ट्रांग लिक्विडिटी ले रही हो किसी शेयर की या एक स्ट्रांग पीवाई हो अब ऊपर से मार्केट गिर रही है ठीक है ऊपर से गिरती हुई मार्केट में मार्केट ने एक किसी स्ट्रांग जगह की लिक्विडिटी ली है। मैं इसको ड्रा करता हूं या किसी
पीवाई में टैप किया। ये हमारे पास एक बाय का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट था। अभी मार्केट ने इसमें टैप किया है। ठीक है? उसके बाद क्या किया उसने? बाय के पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट में। ऊपर से गिरती हुई मार्केट ने। हमारा ये बाय का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट था। यहां से मार्केट गिर रही थी। ये मैंने लास्ट तीन कैंडल बनाई। अब इसमें आपको एक सेल का एफजी नजर आ रहा होगा। ये ठीक है? मेरी कैंडल्स की फॉर्मेशन पे ध्यान नहीं देना। कासेप्ट पे ध्यान देना। यह क्या है? सेल का एफजी है। जिसको हम रेड से डिनोमिनेट करते हैं।
कोई भी जो सेल का एरिया होगा हम उसको रेड से और बाय के बाय कोशिश करेंगे कि बाय के एरिया को ब्लू से शो करें। ठीक है? ये हमारे पास तीन कैंडल के दरमियान एफजी क्रिएट हो रहा है सेल का। अब अगर मार्केट यहां से उठ के इसके ऊपर मोमेंटम कैंडल क्लोज कर देती है तो फिर ये क्या कन्वर्ट हो जाएगा? इन्वर्जन में। अब हम यहां से ओ यार कंप्लीट हो गया। आ गया। ठीक है? अब हम इसका कासेप्ट डिस्कस करते हैं बीपीआर का सॉरी यहां से मार्केट उठती है और एक कैंडल ये बनाती है
ठीक है जिसके नीचे से विकेट ठीक है फिर यह एक मोमेंटम कैंडल बनाती है फिर यह एक मोमेंटम कैंडल बनाती है। ठीक है? ठीक है? अब क्या हुआ है? अब मार्केट ने बीपीआर क्या मैंने पहले क्या नाम दिया था बीपीआर को कि यह इन्वर्जन का दूसरा हिस्सा है। पहला हिस्सा इन्वर्जन है तो ये उसका उससे अगली फॉर्म है। ये उससे ज्यादा स्ट्रांग है। अब अभी तक जो हमने पढ़ा है हमने क्या पढ़ा है कि अभी तक मार्केट जो सेल का एफडी था मार्केट उसको टैप किसी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट को टैप करके जब उसके ऊपर मोमेंटम
कैंडल क्लोज कर देती है तो वो क्या काम करता है? पहले सेल का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट था तो अब वो बाय के लिए काम करेगा। मार्केट इसमें टैप करके क्या करेगी? बाय जाएगी। लेकिन अब अगर आप देखेंगे थोड़ा सा डिफरेंट केस है। अभी जो पहला सेल एफडी था उसने उसको ब्रेक तो किया है। मोमेंटम कैंडल से उसी तरह ब्रेक किया है। इन्वर्शन बनाई है। लेकिन अब उससे अगला स्टेप है। अगला स्टेप क्या है कि ना सिर्फ उसने उस सेल के एफडी को ब्रेक किया है बल्कि क्या किया? उसी सेल के एफडी के सामने एक बाय
का एफडी बन गया है। ठीक है? ये जो बाय का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट या बाय का एफडी बन गया है। उस सेल के एफडी के सामने इसको हम नाम देते हैं पीपीआर का। अब अब यहां पर अगर आप देखें तो एफजी का एफजी तो पूरा यह जोन है ब्लू वाला। ठीक है? लेकिन यह सारे का सारा जोन बीपीआर का नहीं है। पहले मैं इस कांसेप्ट को दोबारा रिवाइज करता हूं। पहले हमने पढ़ा है कि इन्वर्जन कि मार्केट जब किसी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट में टैप करे या किसी स्ट्रांग जगह की लिक्विडिटी ले उसके बाद उसका जो
करीब तरीन का या लेटेस्ट एफजी होगा अगर वो बाय के पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट में टैप कर रही है जो कि ये बाय का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है तो उसका करीब तीन जो सेल का एफजी होगा अगर मार्केट उसके ऊपर मोमेंटम कैंडल क्लोज करती है तो पहले वो रेजिस्टेंस का काम कर रहा था तो अभी वही हमारे लिए सपोर्ट का काम करेगा और हम उसके टेस्ट के ऊपर बाय कर सकते हैं। ठीक है? अब जो बीपीआर है ये उससे भी अगली चीज है। ये उससे ज्यादा स्ट्रांग है। अब बीपीआर के केस में क्या है कि इन्वर्जन
तो बनी है। ठीक है? मार्केट ने एफजी तो इनवर्ट किया है। लेकिन उससे भी ज्यादा अच्छा काम क्या हो गया है कि उसी सेल के एफजी के सामने हमारे सामने उसी सेल के एफजी के सामने एक बाय का एफजी भी बन गया। अब हमारे पास डबल पावर हो गई है। ठीक है? पहले तो सिर्फ एक एफजी था जो सेल वाला जो कि सपोर्ट में कन्वर्ट हुआ था। अब हमारे पास एक और बाय का एफजी भी आ गया। अब हमारे पास दो एफजी की पावर आ गई। लाजमी बात है पहले एक एफजी था। अब दो एफजी
आ गए। एक सेल का एफजी जो इनवर्ट हुआ है और दूसरा जो बाय का एफपीजी नया बना है और ये आमने सामने बने है। तो इस जो आमने सामने का एरिया होता है जो ओवरलैपिंग एरिया होता है इसको हम नाम देते हैं बीपीआर का। ओवरलैपिंग एरिया कितना है? ओवरलैपिंग एरिया से मेरा मुराद ये है कि बाय एफजी तो यहां तक है। ये सारा क्या है? बाय का एफजी है जो ब्लू जोोन लगा है ये बाय का एफजी है लेकिन इसमें से जो बीपीआर का पोर्शन है वो कितना है सिर्फ इतना ठीक है क्यों क्योंकि हमें
सेल के एफजी के सामने सामने जो बाय का एफजी का हिस्सा है बाय के एफजी का वो हिस्सा जो सेल के एफजी के बिल्कुल सामने है। सिर्फ उतना ही पोर्शन बीपीआर का है। ठीक है? उससे पहले और कोई बीपीआर ये ऊपर सिर्फ एक बाय का एफडी तो है जो ब्लू वाला हिस्सा है लेकिन ये जो रेड जोोन के ऊपर वाला है यह बीपीआर नहीं है। बीपीआर का पोशन सिर्फ उतना ही है जो सेल के एफडी के सामने सामने है। यानी कि इसको हम नाम देते हैं ओवरलैपिंग एरिया। ठीक है? तो ये जो ओवरलैपिंग एरिया है
ये है बीपीआर। अगर अगर मार्केट हमारे किसी स्ट्रांग पीवाई के ऊपर टैप करके सपोज करें कि ये H1 का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है। अगर मार्केट H1 के पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट में टैप करके M5 में बीपीआर क्रिएट कर देती है तो हम उसके बीपीआर के टेस्ट के ऊपर यहां से बाय करेंगे और अपना स्टॉप लॉस नीचे रखेंगे। यहां उस लो के नीचे स्टॉप लॉस रखेंगे और फिर हम 1 या जो भी होगा हम सामने कोई लिक्विडिटी पड़ी होगी तो उसको टारगेट करके हम अपनी ट्रेड डिजाइन करेंगे। ठीक है? तो बीपीआर का कांसेप्ट आपको समझ आ गया
कि सिंपल कांसेप्ट अगर वन लाइनर में करना हो तो सेल के एफजी के सामने अगर बाय का एफजी बन जाता है बिल्कुल सामने तो जो उसका ओवरलैपिंग एरिया होता है जहां पे दोनों एफजीस मिल रहे हैं तो जहां पे दोनों एफजीस का मिलाप हो रहा है उस मिलने वाले एरिया को हम नाम देते हैं बीपीआर का ठीक है अगर सेल के केस होगा तो आप इसको उल्टा कर सकते है सेल के केस में क्या होगा के हमारे पास अब मैं इसको मिटा रहा हूं किसी ने स्क्रीनशॉट लेना है तो वह ले सकता है अब सेल
का केस किस तरह होगा कि मार्केट में यह मैं सिर्फ इसको हाथ से ड्रा कर रहा हूं। कैंडल्स नहीं बना रहा। अब यह हमारे पास एक सेल का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है। ये सेल का एफपीजी है H1 का और छोटे टाइम फ्रेम में 5 मिनट में मार्केट इसको इस तरह अप्रोच करती है। अच्छा मैं कलर ग्रेडिंग कर देता हूं। यहां से मार्केट बाय जा रही थी। इस H1 के Feg के हम सेल देख रहे थे। मार्केट इस जोन को टैप करती है और उसका लास्ट एफजी है बाय का। अगर मार्केट उस एच वन के पॉइंट
ऑफ इंटरेस्ट से टकरा के क्या करती है? ना सिर्फ इस बाय के एफजी को नीचे ब्रेक करती है बल्कि क्या करती है? सामने एक सेल का एफजी भी बना देती है। ठीक है? अब क्या हो गया है? दो एफजीस इकट्ठे हो गए। आमने सामने हो जाए। तो बीपीआर का कांसेप्ट क्या है? दो एफीजीस का आमने सामने होना। जैसे ही मार्केट ने और बीपीआर तब वैलिड होता है जब पहले इन्वर्जन होगी। जब तक यह बाय वाला एफजी नीचे ब्रेक नहीं होगा। बीपीआर आपका एस्टैब्लिश ही नहीं होगा। ठीक है? कुछ लोग क्या करते हैं? फिर दूसरा काम
करते हैं। क्या काम करते हैं? के यहां से मार्केट जा रही थी। यह हमारे पास लास्ट सेल कैफेजी था इतना बड़ा। ठीक है? और उसके बाद मार्केट क्या हुई है? नीचे गिरना शुरू हुई है और उसने यहां पे एक सेल का एफजी बना दिया। यह बाय का एफजी था ना पहले इतना बड़ा बाय का एफजी था। फिर मरकी ने ऊपर किसी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट में टैप करके उसके सामने सेल का एफजी बना दिया। अब ये एफजी है तो उसके सामने लेकिन ये बीपीआर वैलिड नहीं है। क्यों वैलिड नहीं है? क्योंकि बीपीआर के वैलिड के लिए
अगर आपने मेरे अल्फाज़ के ऊपर गौर किया हो तो मैंने कहा है पहले जो बाय का एफजी था उसका नीचे ब्रेक होना लाजमी है। वो ब्रेक एफजी होगा। फिर उसके सामने सेल का एफडीजी बनेगा तो वो बीपीआर इसको हम तब कहेंगे अगर बाय का एफडीजी ब्रेक ही नहीं हुआ और सिर्फ उसके सामने छोटे से पोर्शन में सेल का एफजी बन गया तो ये बीपीआर नहीं है मार्केट हो सकता है इसको दोबारा ऊपर ब्रेक करके चली जाए ठीक है और फिर आके इसको प्रॉपर ब्रेक करे पहले बाय का एफजी ब्रेक होगा फिर उसके सामने सेल का
एफजी बनेगा तब बीपीआर होगा और अगर उल्टा केस होगा तो उल्टा केस किस तरह हो सकता है कि ये हमारे पास बाय का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट था पहले मार्केट यहां से गिर रही थी ये हमारे पास सेल का एफजी था इतना इतना बड़ा। उसके बाद मार्केट ने नीचे पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट में टैप करके यहां पे बाय का एफजी बना दिया। अब मुझे बताएं ये बाय का एफजी है तो सेल के एफजी के सामने। ठीक है? बाकी शर्तें हमारी तो पूरी हो रही है। फिर हम इसको बीपीआर क्यों नहीं कह रहे? इसलिए नहीं कह रहे कि
बीपीआर की शर्त है ये। बीपीआर की जो एक इकलौती शर्त है वो ये है कि उसके लिए पहले अगर आप बीपीआर को देख रहे हैं तो पहले पिछला एफपीजी ब्रेक होगा तब आपका बीपीआर वैलिड होगा। तो यह जो सेल का एफजी था यह मोमेंटम कैंडल से ब्रेक हो गया ऊपर। अब उसके सामने जो बाय एफजी था वो बीपीआर के लिए वैलिड हो गया। अब आप इसको टेस्ट व्यू पर ट्रेड कर सकते हैं। तो बीपीआर की वैलिडिटी के लिए जरूरी है कि पहले पिछला जो अपोजिंग एफजी था वो ब्रेक हो। वो ब्रेक होगा। फिर उसके सामने
नया एफजी बनेगा तो वो बीपीआर होगा। तो हम इसकी एग्जांपल देख लेते हैं। यह देखिए यह हमें बहुत अच्छी एग्जांपल मिल गई है। यहां पे अगर आप देखें तो यह हमारे पास मार्केट ने लिक्विडिटी स्वीप की है इधर से। ठीक है? ऑलरेडी बाय का ट्रेंड चल रहा है। और यहां से मार्केट ने क्या किया? लिक्विडिटी ली है। लिक्विडिटी लेने के बाद यह हमारे पास लास्ट सेल कैफ था। बीपीआर को आप एज अ पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट भी मार्क कर सकते हैं। बड़े टाइम फ्रेम का बीपीआर है तो वो आपका पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट कहलाएगा। यानी कि वो
ज़ोन आपका उसको ज़ोन मार्किंग के लिए यूज़ करेंगे। और छोटे टाइम फ्रेम में होगा तो आप क्या करेंगे? उसको एज अ कन्फर्मेशन के तौर पे यूज़ करेंगे। अभी मैं वैसे एच वन में हूं ताकि क्लियरली समझ आ जाए। यहां पे अगर आप देख तो क्या हुआ है कि ये हमारे पास मार्केट ने लिक्विडिटी ली। यहां से इस रेंज यहां पे जो रेंज हुई है इसकी लिक्विड लेने के बाद ये लास्ट इसका सेल का एफजी था। मार्केट ने जैसे ही इसके ऊपर मोमेंटम कैंडल क्लोज की है। अब ये सेल का एफजी क्या हो गया? इनवर्ट हो
गया है। अगर मार्केट फौरन से इस सेल के एफजी में टैप करती तो हम यहां से क्योंकि ये पहले इनवर्ट हो गया। पहले ये सेल का एफजी था तो अब ये किस में कन्वर्ट हो गया है? बाय के सपोर्ट के लिए। पहले ये रेजिस्टेंस का काम कर रहा था। तो अब ये किसका काम करेगा? सपोर्ट के लिए हम इसको इन्वर्जन बना लेंगे। और अगर यहां से नेक्स्ट कैंडल टेस्ट करती इस एरिया का तो हम यहां से बाय कर सकते थे नीचे स्टॉप लॉस लगा के। ये तो है इन्वर्जन का कांसेप्ट। अब अगर मार्केट ने इसको
फौरन से टेस्ट नहीं करती बल्कि एक और कैंडल बना के इसके सामने बाय का एफजी खड़ा कर देती। अब यहां पे क्या हो गया? एक बाय का एफजी बन गया बहुत बड़ा। ठीक है? इसको मैं रेड कर देता हूं कलर। तो अब अगर यहां पे देखें तो यह जो ओवरलैपिंग वाला एरिया है और मैंने आपको क्या कहा था कि इन्वर्जन और बीपीआर में सबसे मोस्टेंट कौन सा होता है जो लिक्विडिटी लेते साथ बनता है जो लिक्विडिटी के बिल्कुल करीब होता है या किसी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट की अगर यहां पे कोई सपोज करें ऑर्डर ब्लॉक या
फिर होता उस टेस्ट उसको टैप करके जो उसके करीब तीन होता तो यहां से मार्केट ने लिक्विडिटी ली है तो उसके करीब तीन कौन सा ये वाला उससे उसके ऊपर भी ये वाला भी बीपी आ रहा है। ठीक है? ये भी सेल के एफडी के सामने बाय का एफडी का पोर्शन आ रहा है। लेकिन ये इससे ज्यादा स्ट्रांग कौन सा है जो कि करीब तरीन आ रहा है। ये वाला अभी हमने जोों्स की रिफाइनमेंट वगैरह वो भी पढ़नी है कि हमने किस तरह जोन को रिफाइन करना है। अगर एक वेव में बहुत ज्यादा पॉइंट ऑफ
इंटरेस्ट बन रहे है। 101 एफडी बन रहे है या पांच छ एफडी बन रहे है या ज्यादा पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट बने है। हमें कैसे पता चलेगा कि इनमें से कौन सा पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट चलेगा या उसकी रिफाइनर किस तरह करेंगे ये भी हम अगली क्लास में इंशा्लाह डिस्कस करेंगे। तो इसमें ये जो आपको डार्कन एरिया नजर आ रहा होगा मैं ना बाय वाले पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट को ब्लू कर देता हूं। जी अब इस पूरे एरिया में जो आपको डार्क एरिया नजर आ रहा होगा यह है बीपीआर यह सेल का एफडी को मार्केट ने ब्रेक किया
ऊपर मोमेंटम कैंडल और इस सेल के एफपीजी के सामने जो बाय एफजी है ये है बीपीआर का पोर्शन जैसे मार्केट ये अब हमारा क्योंकि बड़े टाइम फ्रेम में है तो ये हमारा एज अ पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट काम करेगा जैसे मार्केट यहां पे टैप करेगी तो यहां पे हम कन्फर्मेशन देके बाय करेंगे छोटे टाइम फ्रेम में जाएंगे वहां पे वॉल्यूम की कन्फर्मेशन देके हम क्या करेंगे वहां से बाय प्लान करेंगे तो ये मार्केट ने इसी एरिया में देखें आपने एक्सैक्टली उसने क्या किया है? बीपीआर में टैप किया है। बाय का एफजी तो बहुत बड़ा था और
ऊपर भी बी वीपीआर था। लेकिन मैंने आपको अभी बताया कि कौन सा बीपीआर ज्यादा रिस्पेक्ट होगा जो कि करीब तीन होगा लिक्विड के। मार्केट ने उसी ज़ोन में टैप किया और वहां से बाय चली गई। उसके ऊपर भी अगर आप देखें तो दोबारा क्या हुआ? दोबारा मार्केट हमारे पास यहां पे इस पॉइंट ऑफ जैसे उसने H1 के बीपीआर को टैप किया तो ये हमारे पास लास्ट सेल का एफजी था। ठीक है? ये अब यहां पे अगर आप देखें तो यहां पे कांसेप्ट देख ये था सेल का एफजी। अब यहां पर यह बीपीआर नहीं है। क्यों
नहीं है? सेल का एफजी तो ब्रेक हुआ है। यह रहा सेल का एफजी मैं थोड़ा ज़ूम करके बनाता हूं। और उसके बाद बाय का एफजी भी बना है। अब ये एक और कंफर्मेशन है जो कि हम इसके बाद नेक्स्ट वो पढ़ेंगे। ये वाला ये वाला सिनेरियो नेक्स्ट पढ़ेंगे। अब मुझे बताएं सेल का एफजी भी ब्रेक हुआ है। बाय का एफजी भी बना है। लेकिन क्या ये आमने-सामने है? क्या यह ओवरलैपिंग है? एक दूसरे के आमने सामने आ रहे हैं? इसका जवाब है नहीं है। तो जब यह आमने सामने ही नहीं है तो यह बीपीआर नहीं
है। बीपीआर के केस में शर्त है कि मार्केट में वो एक दूसरे के आमने सामने है। एक बीपीआर की और भी शर्त है कि दोनों एफडीस के बीच में कुछ नहीं होना चाहिए। ठीक है? ये बीपीआर की एक और शर्त है कि जो दो एफडीस है आमने सामने उनके बीच में विक्स नहीं होनी चाहिए। अगर विक्स है अगर विक आ गई है तो विक वाला पोशन बीपीआर में काउंट नहीं होगा। कैसे? मैं इसके एग्जांपल यहां पर बनाता हूं। यहां पर मार्केट सेल आ रही है ऊपर से और यहां पे हम इसको यहां पे एक सेल
कैफीजी ड्रॉ कर दें। ठीक है? ये हमारे पास सेल कैफजी है। अब मार्केट ने क्या किया है? इसको मोमेंटम कैंडल से नीचे अब हम यहां से बाइंग शुरू करते हैं। तो हम उसको ब्लू से शो करते हैं। नहीं नहीं एक सेकंड सॉरी ठीक है ये सेल कैफरी था उसके बाद मार्केट ने क्या किया है इस सेल कैफरी को टेस्ट किया है टेस्ट करने के बाद नीचे आई है एक दफा अब इसने क्या किया है ये सेल कैफजी टेस्ट हो गया मिटिगेट हो गया इसके अंदर एक विक लग गई है ठीक है ये वाला पोर्शन एफजी
का है यहां मैंने इसको थोड़ा सा और नीचे बनाता हूं ठीक है ये पूरा जितना एरिया है यही है सेल का एफडी यही है जो मैंने डॉ किया हुआ है मार्केट नीचे आई है उसके बाद नीचे आने के बाद इस सेल के एफडी को टेस्ट करती है और यहां से दोबारा ड्रॉप हो जाती है ठीक है यानी कि उसने सेल के एफजी को रिस्पेक्ट किया उसके बाद क्या होता है नीचे हमारे पास एक बाय का पॉइंट ऑफ टेस्ट है मार्केट उसमें टैप करती है और इस सेल के एफजी को ब्रेक कर देती है मोमेंटम कैंडल
से और सामने क्या करती है बाय एफजी बना देती है जिसको मैं बाय एफजी को भी ड्रप करता हूं यहां और इतना बड़ा पोशन क्या हो गया? बाय कैफे जी का खड़ा हो गया। ये है पूरा एक बड़ा बायोफेजी। ठीक है? अब मुझे बताएं ओवरलैपिंग एरिया कहां कहां से है? ओवरलैपिंग एरिया तो नजर आ रहा होगा आपको। ये अब आप कहेंगे कि यह सारा एरिया क्या है? बीपीआर का है तो नहीं यह सारा एरिया बीपीआर का नहीं है। इसमें उतना एरिया ये ओवरलैप तो कर रहा है। सेल के एफजी के सामने बाय एफजी भी है
लेकिन बीपीआर की वो शर्त है कि सामने जो एफजी आमने सामने है तो उनके बीच में कुछ नहीं होना चाहिए। विक्स नहीं होनी चाहिए। अगर बीच में कोई विक आ गई है तो वो बीपीआर के पोशन नहीं कहलाएगा। अभी अगर मार्केट ने इस सेल के एफजी को ये जो टेस्ट किया है बीपीआर का पोशन होता है अनमिटगेटेड। ठीक है? वो एरिया टेस्ट ना हो। तो इस पूरे एरिया में फदर रिफाइन हो जाएगा। तो क्योंकि बीच में विक आ गई है। तो अब बीपीआर का जो पोर्शन होगा यहां से ले सिर्फ यहां तक ये इसको मैं
ये चीज ठीक है। अब जो बीपीआर का पोर्शन है वो सिर्फ इतना सा है। ये जो ग्रीन है। हालांकि ओवरलैपिंग एरिया तो बहुत सारा है। यहां से शुरू हो के यहां तक आ रहा है। लेकिन इसमें बीपीआर का पोर्शन कितना है? जो एरिया बिल्कुल टेस्ट नहीं हुआ है। सेल के एफजी के बिल्कुल आमने सामने बाय का एफजी होना चाहिए। बीच में विक नहीं आना चाहिए। या बीच वाला एरिया टेस्ट नहीं होना चाहिए तो सिर्फ उतना ही बीपी आ रहा है। ठीक है? अब मैं आपको इसकी एक प्रैक्टिकल एग्जांपल दिखाता हूं ताकि और अच्छे से समझ
आ जाए। इधर से ढूंढता हूं मैं कोई। हां। जैसे कि ये है अगर आप देखें तो ये हमारे पास एक बाय का ऊपर से मार्केट ने पहली शर्त क्या है? मार्केट किसी जगह की लिक्विडिटी स्वीप कर रही हो या किसी स्ट्रांग पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट में टैप कर रही हो। यहां से मार्केट ने लिक्विडिटी ली है। तो अब हम यहां पे इन्वर्जन और बीपीआर देख सकते हैं। ये हमारे पास सबसे पहले क्या था? सेल का बाय का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट जिसको हम ब्लू ज़ोन से रिप्रेजेंट करते हैं। ये हमारे पास बाय का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट यानी
कि बाय कैफेजी था। अब मार्केट ने इसको नीचे मोमेंटम कैंडल से ब्रेक करके उसके सामने सेल का एफजी बना दिया। ठीक है? सेल का एफजी बिल्कुल उसके सामने बनाया है और उनमें ओवरलैपिंग एरिया भी मौजूद है। जहां पे दोनों एफजीस क्या हो रहे हैं? एक दूसरे के सामने और एक दूसरे के ऊपर आ रहे हैं। ओवरलैपिंग एरिया भी मौजूद है। जहां पे जो शेडेड कलर है ये वाला। ठीक है? लेकिन स्टिल ये बीपीआर नहीं है। क्यों बीपीआर नहीं है? क्योंकि अभी हमने जो दूसरी शर्त पढ़ी है बीपीआर की आमने सामने तो होना चाहिए लेकिन उनके
बीच में कुछ भी नहीं आना चाहिए। बीच में आएगी तो उनकी मोहब्बत में फर्क आ जाएगा। वो बीपीआर नहीं कहलाएगा। ठीक है? तो ये जो कैंडल्स आ गई है बीच में ना ये कैंडल्स का नहीं होनी चाहिए थी। बीपीआर बिल्कुल एफजी दोनों एफजी आमने सामने होने चाहिए थे क्योंकि बीच में विक्स आ गई है। कैंडल्स आ गई है बहुत सारी तो ये बीपीआर नहीं कहलाएगा। ये सिंपली एक और चीज है जो इससे नेक्स्ट स्टेप है वो हम पढ़ेंगे। स्टिल ये एक बाय स्टिल ये एक सेल का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट होगा। स्टिल एक सेल की कन्फर्मेशन
है और इस सेल के एफडी को टैप करके स्टिल हम सेल करेंगे लेकिन वो एक डिफरेंट चीज है बीपीआर नहीं है। ठीक है? बीपीआर स्पेशली एक बहुत अच्छी कन्फर्मेशन है। तो इसको हम स्पेसिफिक रखते हैं। अच्छा अब मैं सा भाई दो मिनट के लिए स्टॉप कीजिएगा। ठीक है? अभी हमने इन्वर्जन और बीपीआर पढ़ लिया है। अब हम तीसरा कांसेप्ट पढ़ने लगे हैं ऑर्डर फ्लो शिफ्ट का। ठीक है? ये ऑलमोस्ट सिमिलर सिमिलर इनके कांसेप्ट है। लेकिन इनमें थोड़ा बहुत फर्क है। जो फर्क है इनको वो इनको थोड़ा किसी की प्रोबेबिलिटी ज्यादा बनाती है और किसी की
कम तो अभी हम तीसरा कासेप्ट पढ़ने लगे हैं जिसमें ऑर्डर फ्लो शिफ्ट कासेप्ट अगर आपको इन्वर्जन और बीपीआर की समझ आ गई है तो ऑर्डर फ्लो शिफ्ट का कांसेप्ट आप बहुत ही ज्यादा इजी लगेगा। ठीक है? सबसे पहले हम ये डिस्कस करते हैं कि ऑर्डर फ्लो क्या होता है? ठीक है? ऑर्डर फ्लो का मतलब है कि मार्केट एक ऑर्डर में मूव कर रही है। यानी कि एक तरतीब में मूव कर रही है। ठीक है? एक खास डायरेक्शन में मूव कर रही है। अगर मार्केट बुलिश ऑर्डर फ्लो में है। एक होता है बुलिश ऑर्डर फ्लो और
एक होता है बियरिश ऑर्डर फ्लो। ठीक है? ऑर्डर फ्लो का क्या मतलब है? कि मार्केट एक तरतीब में मूव कर रही है और बुलिश और उसकी दो फॉर्म है। एक होता है बुलिश ऑर्डर फ्लो, एक होता है बियरिश ऑर्डर फ्लो। बुलिश ऑर्डर फ्लो क्या क्या होता है? अगर मार्केट बाय जा रही है और वो अपने बाय के पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट को रिस्पेक्ट करती हुई जा रही है। अगर वो अपने बाय के पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट को रिस्पेक्ट करते हुए जा रही है। यानी के वो नीचे आती है अपने बाय के एफजी में टैप करती है बल्कि
उसको इनवर्ट नहीं करती और उसके साथ बाय चली जाती है। ठीक है? या मार्केट सीधी-सीधी बाय चली जा रही है। वो अपने किसी भी बाय के एफपीजी को नीचे क्लोजिंग नहीं देती। सिंपली बाय जाई जा रही है जाई जा रही है तो बुलिश ऑर्डर फ्लो में यानी के वो अपने किसी भी बाय के एफजी को नीचे ब्रेक नहीं करती तो वो इट मींस के मार्केट क्या है बुलिश ऑर्डर फ्लो में है हम बाय की एंट्रीज उसमें ढूंढते रहेंगे ठीक है लेकिन अगर मार्केट क्या करती है कि किसी स्ट्रांग जगह किसी स्ट्रांग पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट में
टैप करके या किसी जगह की लिक्विडिटी लेके अपना पहला बाय का एफपीजी क्या करती है ब्रेक कर देती है अगर वो पहला बाय का एफपीजी नीचे ब्रेक कर देती है तो इट का इसका मतलब है कि जो बुलिश ऑर्डर फ्लो था वह टूट गया है। ठीक है? मैं इसको BOF का नाम देता हूं। ठीक है? या BU कर लेते BU.F ठीक है? तो जो इसमें बुलिश ऑर्डर फ्लो था वो क्या है? टूट गया है। अब बुलिश ऑर्डर फ्लो का टूटने का क्या मतलब है? कि जो आपका सेल का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट था उसमें जान थी।
वो एक वाकई अच्छा पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट था। तभी तो उसने क्या किया है? बुलिश ऑर्डर फ्लो को टूट गया है। तोड़ दिया है। ठीक है? या जिस जगह की मार्केट ने लिक्विडिटी ली है वो इतनी स्ट्रांग थी कि पीछे जो मार्केट फुल बाय के मोमेंटम में आ रही थी अपने बाय एफडी को रेस्पेक्ट करते हुए आ रही थी अगर उस किसी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट में टैप करके या मार्केट ने किसी जगह की लिक्विडिटी लेके अगर उस बाय एफजी को नीचे तोड़ दिया है इट मीन्स की वो पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट एक स्ट्रांग था और मार्केट ने
वो जो बुलिश ऑर्डर फ्लो है वो तोड़ दिया है जैसे ही बाय का एफजी नीचे ब्रेक होगा यानी के इन्वर्जन को किस चीज का नाम देते है हम ब्रेक ऑफ ऑर्डर फ्लो ठीक है इन्वर्जन किस चीज का नाम है ब्रेक ऑफ ऑर्डर फ्लो ठीक है। ब्रेक ऑफ ऑर्डर फ्लो ओ डॉटf ठीक है। अगर मार्केट किसी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पहले मार्केट बाय जा रही है अपने बाय एफडीस को रेस्पेक्ट करते हुए जा रही है तो इट मींस कि वो बुलिश ऑर्डर फ्लो में है। अगर मार्केट ऊपर किसी स्ट्रांग एरिया में टैप करके या किसी जगह की
लिक्विडिटी लेके अपना एफजी ब्रेक कर देती है नीचे। नीचे बाय का एफजी नीचे ब्रेक कर देती है। तो इसका मतलब है कि मार्केट ने अपना बुलिश ऑर्डर फ्लो तोड़ दिया है। अभी मार्केट बियरिश ऑर्डर फ्लो में नहीं आई है। अभी उसने क्या किया है? सिर्फ जो उसका बुलिश ऑर्डर फ्लो था वो तोड़ दिया है। तो इन्वर्जन का जो कांसेप्ट है जिसमें एक बाय कैफे नीचे ब्रेक हुआ है। उसको हम नाम देते हैं ब्रेक ऑफ ऑर्डर फ्लो। यानी बुलिश ऑर्डर फ्लो तोड़ दिया है। अब हमें चाहिए क्या? ये सेल का ज़ोन था। हमने सेल करनी थी।
अब हमें क्या चाहिए? सेल का ऑर्डर फ्लो चाहिए। अगर सेल का ऑर्डर फ्लो चाहिए तो जैसे ही मार्केट इस बाय एफपीजी को ब्रेक करके एक पहला सेल का एफपीजी बनाएगी अब वो सेल का एफपीजी इस बाय का एफजी जो ब्रेक हुआ है इसके सामने होगा तो उसको क्या नाम देंगे हम बीपीआर का ठीक है वो बीपीआर भी हो सकता है वो जो बाय वाला एफजी नीचे ब्रेक हुआ है सेल का एफजी उससे नीचे भी क्रिएट हो सकता है उसके सामने भी क्रिएट हो सकता है और हो सकता है मार्केट पहले सेल का एफजी बनाए और
फिर बाय वाले एफजी जी को ब्रेक करे। तो इन तीनों सिनेरियो में हम यह समझेंगे कि जैसे ही मार्केट ने किसी सेल के पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट में टैप करके अपना बाय का एफजी ब्रेक कर दिया है और कम से कम एक सेल का एफजी बनाया है। हम समझेंगे कि मार्केट ने अपना ऑर्डर फ्लो चेंज कर दिया है। मार्केट ने अपनी इंटेंशन चेंज कर दी है। नीचे से जो बाय आ रही थी अगर उसने पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट में टैप करके बाय कैसी ब्रेक कर दिया तो पहले क्या टूटा है? बाय का मोमेंटम टूटा है। ठीक है?
अब बाय का मोमेंटम टूट गया है। हमें सेल करने के लिए क्या चाहिए? सेलर्स का मोमेंटम चाहिए ताकि सेलर्स हावी हो। तो पहले बाय का एफजी ब्रेक होगा तो बयरर्स का मोमेंटम टूटेगा। उसके बाद जैसे ही सेल का एफजी बनेगा तो मार्केट में हमें सेलर्स का मोमेंटम नजर आएगा तो हम समझेंगे कि मार्केट जो पहले बुलिश ऑर्डर फ्लो में थी। अब मार्केट ने अपना ऑर्डर में ठीक है? और उस ऑर्डर फ्लो शिफ्ट में जो सेल का एफजी बनेगा वो सामने अगर तो इन्वर्जन के सामने होगा जो बाय वाला एफजी ब्रेक हुआ है उसके सामने सेल
का एफजी बनेगा तो उसको हम नाम देंगे बीपीआर का ये भी चेंज ऑफ शिफ्ट ऑफ ऑर्डर फ्लो है अगर सेल का एफजी ऊपर बना है तो फिर भी शिफ्ट ऑफ ऑर्डर फ्लो शिफ्ट है और अगर सेल का एफजी नीचे बना है तो स्टिल वो ऑर्डर फ्लो शिफ्ट है। मेन इसका क्रक्स क्या है या वन लाइनर क्या है इसका कि कम से कम अगर हम सेल के अंदर अगर हमने ऑर्डर फ्लो शिफ्ट देखना है सेल के अंदर बियरिश ऑर्डर फ्लो शिफ्ट देखना है तो कम से कम एक बाय का एफजी ब्रेक होना चाहिए और फिर कम
से कम एक सेल का एफजी बनना चाहिए ठीक है अब ये दो शर्तें है शर्तें है शिफ्ट ऑफ ऑर्डर फ्लो की ठीक है की अगर हमने सेल करना है ठीक है ऑर्डर फ्लो शिफ्ट के कन्फर्मेशन के मुताबिक तो कम से कम पहले बाय का एफजी ब्रेक होना चाहिए ठीक है और पहले हो या बाद में हो एक बाय का एफजी ब्रेक होने के बाद एक सेल का एफजी बनना चाहिए। यह है ऑर्डर फ्लो शिफ्ट और इसकी हमें एग्जांपल बिल्कुल सामने सामने नजर आ रही है। ये अभी जो इसको हमने नाम दिया था यह बीपीआर नहीं
था ना क्योंकि इनके बीच में कैंडल्स आ गई थी। लेकिन ये बीपीआर नहीं है। लेकिन ये ऑर्डर फ्लो शिफ्ट है। मार्केट ने यहां से लिक्विडिटी लेके एच वन के टाइम फ्रेम में यहां से सारी लिक्विडिटी लेने के बाद अपना यह बाय का एफजी क्या किया है? नीचे ब्रेक किया है। तो इस बाय एफजी को नीचे ब्रेक होने से क्या मुराद है? देखिए पहले मार्केट क्या कर रही थी? पीछे से बाय आ रही थी। ठीक है? इस जगह से अगर आप देखें इस वेव में यहां से लिक्विडिटी लेने के बाद मार्केट बाय एफपीजी बनाते हुए जा
रही थी। यानी कि बुलिश आउट ऑफ फ्लो में थी। तो जैसे ही उसने क्या किया है? ऊपर से लिक्विडिटी लेने के बाद अपना पहला बाय एफजी नीचे ब्रेक किया है। ब्रेक किया है तो इट मींस इसका मतलब है कि जो बाय के अंदर मोमेंटम था वो रुक गया है। अब वो थोड़ी देर के लिए रुका है या ज्यादा देर के लिए रुका है या कंप्लीटली ट्रेंड चेंज हो जाएगा ये बाद की बात है। ठीक है? से अभी हम ये कन्फर्मेशन पढ़ रहे हैं। तो जैसे ही बाय का एफजी नीचे ब्रेक हुआ है इसका मतलब है
कि जो बाय का ऑर्डर फ्लो था जो बुलिश प्रेशर था या जो बाय का मोमेंटम था वो टूट गया। अब बाय के मोमेंटम के टूटने के बाद हमें अगर हमने सेल करना है तो हमें सेल के अंदर भी मोमेंटम चाहिए ना। तो जैसे ही मार्केट बाय कैफीजी ब्रेक हुआ है उसके बाद जैसे ही पहला बाय कैफीजी ब्रेक होने के बाद पहला जो सेल कैफीजी बनेगा उसको हम नाम देते हैं ऑर्डर फ्लो शिफ्ट का। और अगर मार्केट किसी स्ट्रांग जगह की लिक्विडिटी लेके या किसी पीवाई में करने के बाद यह चीज होती है उसके बाद जैसे
ही मार्केट टेस्ट करती है उस जगह का तो वहां से हम सेल कर सकते हैं ऊपर स्टॉप लॉस लगा के यहां पे भी रख सकते हैं इस सेल के एफजी के ऊपर भी रख सकते हैं इस हाई के ऊपर भी उसके बाद हमें एक स्ट्रांग सेल नजर आ सकती है ठीक है तो इस चीज को हम नाम देते हैं ऑर्डर फ्लो शिफ्ट का और यहां से अगर आप देखें तो नीचे मार्केट सेल के ऑर्डर फ्लो में आ रही थी ये सेल के एफडीस को रिस्पेक्ट दी उसने सेल के ऑर्डर फ्लो शिफ्ट सेल एफजी में टैप
किया और नीचे मार्केट गिर गई है। उसके बाद यह लास्ट सेल एफजी था। अब मार्केट ने जैसे ही यह सेल का एफजी ब्रेक किया है तो इसका मतलब क्या है कि मार्केट सेल का ऑर्डर फ्लो से सेल का ऑर्डर फ्लो टूट गया है। अब ये सेल का ऑर्डर फ्लो टू है तो इसके बाद हमें क्या चाहिए? एक बाय का एफपीजी भी चाहिए। तो बाय का एफपीजी तो हमें यहां पे मिला ही नहीं है। यहां पे मार्केट ने कोई बाय एफजी बनाया ही नहीं है। तो यहां पे ऑर्डर फ्लो शिफ्ट नहीं हुआ। सिर्फ इन्वर्जन हुई है।
ठीक है? तो ये क्या है? सिर्फ इन्वर्जन है। मार्केट ने नीचे टैप करके पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट में टैप करके ये सेल कैफे क्या किया है? इनवर्ट कर दिया। पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट कौन सा था? अभी हम डिस्कस किया कि या पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट में टैप होना चाहिए या किसी जगह की लिक्विड लेनी चाहिए। ये बाय का पीछे बीपीआर था। इसमें टैप करने के बाद मार्केट ने क्या किया है? सेल का एफजी इनवाइट कर दी है। तो पहले ये रेजिस्टेंस का काम करने करना चाहिए था। तो उसके बाद ये क्या करेगा? सपोर्ट का काम करेगा। इसी जगह
में टैप करके मार्केट क्या चली गई? बाय चली गई। तो अभी हमने तीन कंफर्मेशन पढ़ी है। एक इन्वर्जन की कन्फर्मेशन पढ़ी है। एक बीपीआर पढ़ा है और एक ऑर्डर फ्लो शिफ्ट पढ़ा है। जो बीपीआर है वो ऑर्डर फ्लो शिफ्ट की ही किस सम्म है। लेकिन उसकी हाई प्रोबेबिलिटी फॉर्म है। ठीक है? तो पहले नंबर पे जो सबसे स्ट्रांग है वो बीपीआर है। बीपीआर सबसे स्ट्रांग है। ठीक है? क्योंकि उसमें दोनों सेल कैफी और बाय कैफे आमने सामने होते हैं। दूसरे नंबर पर है ऑर्डर फ्लो शिफ्ट। और तीसरे नंबर पर है हमारे पास इन्वर्जन। आज हमने
ये तीन कन्फर्मेशन पढ़ी है। अभी हमने इनको सीएएसटी के साथ भी मिलाना है। एमएसएस के साथ भी मिलाना है और इनकी सक्सेस रेशियो बढ़ाने के लिए मेन जो हमारी कन्फर्मेशन है क्लाइमेट एक्शन बार उसके साथ मिलाएंगे तो ये और ज्यादा स्ट्रांग होगी। लेकिन इनमें सबसे ज्यादा स्ट्रांग बीपीआर है। उसके बाद है ऑर्डर फ्लो शिफ्ट और फिर है इन्वर्शन। ठीक है? बीपीआर बेसिकली ऑर्डर फ्लो शिफ्ट की का ही नाम है। क्यों? क्योंकि बीपीआर में भी एक अगर मार्केट बाय अगर मार्केट ने बाय का पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट में टैप किया है तो उसने क्या किया? या जगह
की लिखी ली है तो मार्केट पहले सेल का एफजी ब्रेक करती है। फिर सामने बाय का एफजी बनाती है। ये तो ऑर्डर फ्लो शिफ्ट की भी यही कंडीशन होती है ना कि सेल का एफजी ब्रेक करके बाय का एफजी बने या बाय का एफजी ब्रेक होके सेल का एफजी बने। तो बीपीआर ऑर्डर फ्लो शिफ्ट की ही किस्म है लेकिन उसकी हाई प्रोबेबिलिटी फॉर्म है। ठीक है? ऑटो फ्लो शिफ्ट तो तीन किस्म का हो सकता है ना कि मैं फॉर एग्जांपल क्या हो सकता था कि यह जो सेल का एफजी ब्रेक हुआ है इसके ऊपर भी
बन सकता था बाय का एफजी तो फिर भी वह ऑर्डर फ्लो शिफ्ट होता हम उस बाय का एफजी से बाय देखते अगर क्या हो सकता था कि मार्केट इस सेल के एफजी को इधर से नीचे एफजी बना जाती बाय नीचे पहले बाय का एफजी बनाती और फिर ठीक है अगर मार्केट पहले नीचे बाय का एफजी बनाती और फिर ऊपर जाके इस सेल के एफजी को ब्रेक करती तो फिर भी तो वो दोनों काम हुए हैं ना सेल का एफजी ब्रेक हुए और एक बाय का एफजी बना है तो फिर भी वो ऑर्डर फ्लो शिफ्ट होता।
हम मार्केट जैसे बाय कैफजी में टैप करती है हम वहां से बाय देखते। ठीक है? और अगर ये हुआ है सारा काम आमने सामने। आमने सामने क्या है तो वो है बीपीआर जो कि ऑर्डर फ्लो शिफ्ट की किस्म है लेकिन उसकी बेस्ट फॉर्म है। जिसमें मार्केट सेल कैफडी को ब्रेक करके उसी के सामने ही बाय कैफे बना देती है। ठीक है? तो अभी हमारी तीन कन्फर्मेशन पूरी हो गई है। इन्वर्जन ऑटो फ्लो शिफ्ट और बीपीआर। इस बाद में जाके अगली क्लास में या उससे अगली क्लास में हो सकता है हमें दो क्लासेस और भी करनी
पड़े। हम इसको क्लाइमेट एक्शन बार के साथ पढ़ेंगे तो फिर इसकी सक्सेस रेशो बहुत ज्यादा इंशा्लाह बढ़ जाएगी ज्यादा स्ट्रांग हो जाएगा। अभी हमारा एक नेक्स्ट कांसेप्ट है लिक्विडिटी स्वीप और लिक्विडिटी रन का। ठीक है? भाई दो मिनट के लिए स्टॉप कीजिएगा। ठीक है? अभी हम ऑर्डर फ्लो रिपेयर इन्वर्जन पढ़ लिया। अब हम नेक्स्ट कांसेप्ट की तरफ चलते हैं। लिक्विडिटी स्वीप और लिक्विडिटी रन। ठीक है? लिक्विडिटी स्वीप को हमने पहले स्टार्टिंग में जब लिक्विडिटी को इंट्रोडक्शन पढ़ा था तो उस टाइम हमने लिक्विडिटी स्वीप का कासेप्ट डिस्कस किया था। लिक्विडिटी स्वीप क्या होती है? जब भी
मार्केट किसी जगह की लिक्विडिटी लेती है तो वहां से स्टॉप लॉसेस उठाती है तो वहां से रिवर्सल आता है। उस रिवर्सल को हम नाम देते हैं या उन स्टॉप लॉसेस के उठाने को हम नाम देते हैं जो मार्केट गैब करती है उसको हम या लिक्विडिटी गैब कहते हैं या लिक्विडिटी स्वीप कहते हैं। इसी तरह एक चीज और होती है जिसको हम नाम देते हैं लिक्विडिटी रन। ठीक है? उसका नाम होता है लिक्विडिटी रन। इसके तीन सिनेरियोस होते हैं। ये लिक्विडिटी रन का मतलब है जैसे रन का मतलब भागना होता है। इसका सिंपल सा कांसेप्ट है
कि मार्केट में पहले हम लिक्विड स्वीप को एक दफा फिर से डिस्कस करते हैं। फिर लिक्विड रन पे आते हैं। तो पहले हम डिस्कस करते हैं लिक्विडिटी स्वीप क्या होती है? ठीक है? यहां पे मैं लिख देता हूं। सॉरी। ठीक है? ये हमारी हेडिंग है लिक्विडिटी रिसीप्ट की। जब भी मार्केट किसी हाई या लो की लिक्विडिटी लेती है तो लिक्विडिटी लेने के बाद उस हाई या लो के ऊपर जो स्टॉप लॉसेस होते हैं उसको हम नाम देते हैं। जब वो मार्केट वो स्टॉप लॉसेस लेती है तो उसको हम नाम देते हैं कि मार्केट ने लिक्विडिटी
स्वीप की है या लिक्विडिटी ली है। ठीक है? या लिक्विडिटी गैब की है। ये एक हाई था हमारे पास। यहां से मार्केट ने दो दफा यहां से सेल आई थी। ये हमारे पास इक्वल हाईस बने हुए हैं। ठीक है? इन इक्वल हाईस के ऊपर काफी सारे लोगों के स्टॉप लॉसेस होंगे। बहुत दो दफा यहां से सेल आई है ना। पहले भी यहां से इस जगह से सेल आई है। फिर मार्केट ने इस जगह टेस्ट करके फिर यहां से सेल आई है। तो इस हाई के ऊपर काफी सारे लोगों के स्टॉप लॉसेस होंगे जिन्होंने सेल किया
होगा। इस जगह के ऊपर यहां से आपको एक एफजी भी नजर आ रहा होगा यहां पे सेल का ये वाला। तो इस एफपीजी के ऊपर भी काफी सारे लोगों ने सेल किया होगा दोबारा। इसका कुछ पोर्शन रहता था। तो ये जो आपको रिजेक्शन नजर आ रही है यहां से भी काफी सारे लोगों ने सेल किया होगा और अपने स्टॉप लॉसेस कहां लगाए होंगे इन हाईस के ऊपर। ठीक है? तो यहां पे काफी सारे क्या है? स्टॉप लॉसेस है। तो जब मार्केट इन स्टॉप लॉसेस को गैब करती है और वहां से रिवर्स होती है। स्टॉप लॉसेस
को गैब होने के बाद जब वो रिवर्स होती है उसको हम नाम देते हैं लिक्विडिटी स्वीप का या लिक या लिक्विडिटी गैब का। यहां से स्टॉप लॉस हंटिंग का भी नाम दे सकते हैं कि यहां से मार्केट ने स्टॉप लॉस हंटिंग की है। लिक्विडिटी लेके मार्केट क्या हो गई? रिवर्स हो गई। ठीक है? अब वो रिवर्सल हमें कैसे पता चलता है? उसका एक तरीका आपने पढ़ा है कि जैसे मार्केट यहां से लिक्विडिटी स्वीप हो गई तो आपको एक बाइंग क्लाइमेक्स मिलना चाहिए। अगर आपको बाइंग क्लाइमेक्स मिल गया और उसका सेटअप कंप्लीट हो गया तो इसका
मतलब है कि ऊपर से जो मार्केट ने लिक्विडिटी ली है वो जेनुइनली मार्केट ने लिक्विडिटी ले ली है और मार्केट वहां से रिवर्स होना चाह रही है तो आपको कैसे पता चलेगा कि मार्केट ने लिक्विड स्वीप की और यहां से वापस आना चाह रही है उसकी सबसे जो बेस्ट एग्जांपल आपने जो बेस्ट कन्फर्मेशन पड़ी है वो है कैब्स ये क्लाइमेटिक एक्शन बार ठीक है इस हाई के ऊपर अगर मार्केट लिक्विड लेती है और आपके पास एक बाइंग क्लाइमेक्स आता है और उसका सेटअप बनता है तो उसके बाद मार्केट को वहां से हमें ये कन्फर्म होता
है कि यहां से मार्केट ने लिक्विड उठाई है लाजमी बात है यहां से आपको कन्फर्मेशन छोटे टाइम फ्रेम में देखोगे एच वन में नहीं देखोगे यहां पे आपको पांच मिनट 15 मिनट में क्योंकि इमीडिएटली आपने छोटे स्टॉप लॉस के साथ सेल करना है ना तो वहां पे आप 5 मिनट 15 मिनट में अगर आपको वहां पे बाइंग क्लाइमक्स मिलता है उसका सेटअप कंप्लीट होता है तो आपको ये कंफर्म हो जाएगा की यहां पे मार्केट ने जो लिक्विडिटी ली थी जितनी लिक्विडिटी देनी थी वो ले ली है अब यहां से एक रिवर्सल आएगा और आप वहां
से सेल की ट्रेड प्लान करेंगे या दूसरे दो कन्फर्मेशन आपने आज पढ़ी है वो दो कन्फर्मेशन आपने कौन सी पढ़ी है एक आपने पढ़ी है इन्वर्जन एक पढ़ी है बीपीआर और तीसरा पढ़ा है आपने ऑर्डर फ्लोस कैसे आपकी लिक्विड स्वीप कंफर्म होगी कि मार्केट ने यहां से लिक्विड ली है और वहां से मार्केट रिवर्स होना चाह रही है। अगर मार्केट वहां से सेल के सेल की ऊपर से हाई की लिक्विड उठाई है ना अगर मार्केट वहां से क्या करती है? अपना एक बाय एफजी को नीचे ब्रेक कर देती है। अगर बाय कैफजी को नीचे ब्रेक
कर देती है तो वो इनवर्ट हो जाएगा। तो अगर मार्केट उस इन्वर्जन को टेस्ट करती है तो वहां से हम सेल करेंगे क्योंकि हमारे पास इन्वर्जन की कन्फर्मेशन लाई है जो की ये कन्फर्म करती है की ऊपर से जो मार्केट ने स्टॉप लॉसेस उठाए है वो उठा के अब मार्केट रिवर्स होना चाह रही है और दूसरी हमारे पास कन्फर्मेशन है बीपीआर की अगर मार्केट वो लिक्विडिटी उठाने के बाद हाई की वहां पे बीपीआर बना देती है तो बीपीआर हमें ये सजेस्ट करता है ऊपर से मार्केट ने लिक्विडिटी ले ली है लिक्विडिटी स्वीप कर ली है
और अब मार्केट वहां से रिवर्स होना चाह रही है ठीक है और तीसरी चीज है ऑर्डर फ्लो शिफ्ट की जो कि सिमिलर टू बीपीआर है की मार्केट एक बाय का एफजी ब्रेक करके एक सेल कैफ फ्री बनाती है तो वहां से हम टेस्ट सेल लेंगे। हमें कंफर्म हो जाएगा कि मार्केट ने जो ऊपर से लिक्विड उठाई है वो लिक्विड उठा के मार्केट लिक्विड स्वीप करके मार्केट रिवर्स होगी। ये है लिक्विडिटी स्वीप का कांसेप्ट। ठीक है? जो कि हमें कंफर्म होता है बाइंग क्लाइमेक्स से या जो आज हमने कन्फर्मेशन पढ़ी है इनसे या सीआईएसटी से या
एमएसएस से। ये तीन चार चीजें है जो हमें कंफर्म करती है कि मार्केट ने अगर किसी जगह की लिक्विडिटी ली है तो वो जेन्युइन है कि नहीं है और वहां से रिवर्सल आएगा कि नहीं आएगा। अब दूसरा एक कासेप्ट है लिक्विडिटी रन का। ठीक है? लिक्विडिटी रन का क्या कांसेप्ट है? लिक्विड रन का कासेप्ट यह है। यह एक हाई था। यहां से मार्केट ने लिक्विडिटी उठाई है। लिक्विड उठाने के बाद यहां पे हमें एक बाइंग क्लाइमेक्स मिला है। पहले लिक्विड रिसीव को दोहरा रहा हूं। लिक्विड रिसीप्ट क्या थी कि यहां से हाई की मार्केट ने
लिक्विड रिसीव की है। लिक्विड रिसीव करने के बाद यहां पे हमें एक बाइंग क्लाइमेक्स का सेटअप मिल गया सेल का। बाइंग क्लाइमेक्स का अगर मार्केट ने सेटअप बना के नीचे ब्रेक कर दिया तो ये चीज़ हमें कंफर्म हो गई है कि मार्केट ने लिक्विड उठाई है और अब मार्केट यहां से रिवर्स हो जाएगी। ये है लिक्विडिटी का कांसेप्ट। लेकिन अगर मार्केट यहां से लिक्विडिटी उठाती है और सपोज करें कि वो रिवर्स नहीं होती। अब मार्केट ने हमेशा कोई ना कोई एरिया ब्रेक करके फदर मूव भी तो करना होता है ना। हमेशा तो नहीं होगा ऐसे
कि मार्केट वहां से लिक्विडिटी उठाएगी और बिल्कुल ही रिवर्स हो जाएगी। तो मार्केट कभी-कभी क्या करती है कि जो लास्ट हमारे पास हाई था किसी रेंज का ब्रेकउ। ठीक है? ये तीन चीजें याद रखिए। किसी रेंज का ब्रेकउ अगर मार्केट करती है मोमेंटम कैंडल से या किसी हाई का ब्रेकउ करती है या इवन क्लाइमेटिक एक्शन बार का भी ब्रेकउ करती है और अगर ब्रेक आउट करने के बाद उसी जगह के ऊपर मार्केट एक एफजी खड़ा कर देती है जिस जगह को मार्केट ने ब्रेक किया है उसी जगह के ऊपर मार्केट क्या करती है एक यहां
पे एफजी बना देती है अगर मार्केट ने रेंज का ब्रेकआउट किया है ठीक है या किसी हाई या लो का ब्रेक आउट किया है उसके बाद वहां पे एक एफजी बना देती है तो इसका मतलब है कि मार्केट की वापस आने की इंटेंशन नहीं है। यहां पे जो लोगों के स्टॉप लॉसेस थे वो तो उसने उठाए हैं। लेकिन वो स्टॉप लॉसेस उठाने के बाद मार्केट की वापस आने की इंटेंशन नहीं है। बल्कि क्या इंटेंशन है कि मार्केट उसी डायरेक्शन में मूव करना चाहती है। ये इस कांसेप्ट को हम नाम देते हैं लिक्विडिटी रन का। यानी
कि मार्केट जिस डायरेक्शन में भाग रही थी या जा रही थी उसी डायरेक्शन में वो भागती जाएगी। उसी डायरेक्शन में वो अपनी डायरेक्शन कंटिन्यू करेगी। लिक्विडिटी उठाने के बाद भी अपनी डायरेक्शन को कंटिन्यू करेगी। इस कांसेप्ट को हम नाम देते हैं लिक्विडिटी रन का। लिक्विडिटी स्वीप जब होती है तो मार्केट लिक्विड उठा के वापस आ जाती है। लिक्विड रन में भी मार्केट उस हाई के ऊपर लाजमी बात है। लोगों के स्टॉप लॉसेस तो लिए होंगे लेकिन मार्केट उसी डायरेक्शन में चली जाती है। इसको कांसेप्ट को हम नाम देते हैं लिक्विड रन का। और ये हमें
कैसे पता चलता है? जब मार्केट उस एरिया का ब्रेकउ करती है। ब्रेकउ करने के बाद अगर वो उस हाई के ऊपर क्या करती है? एक एफजी बना देती है। हाई का ब्रेकआउट करने के बाद एफजी बना देती है। तो हमारी पहली इंटेंशन क्या होगी? पहला जो हम इस चीज से नतीजा निकालेंगे वह यह नतीजा निकालेंगे कि मार्केट यहां से अपना जो मोमेंटम है वह कंटिन्यू करते हुए उसी डायरेक्शन में मूव करना चाह रही है। ठीक है? और तो सिंपल मैं दोबारा दोहराता हूं। जब मार्केट किसी रेंज का ब्रेकआउट करती है या किसी हाई या लो
का ब्रेकआउट करती है और उसके बाद उस रेंज के सामने या उस हाई यास के सामने या हल्का सा ऊपर नीचे सामने होगा तो बेस्ट होगा। अगर एक एफजी खड़ा कर देती है उसी टाइम फ्रेम के अंदर जिस टाइम फ्रेम का हाई लो है जिस टाइम फ्रेम की रेंज है उसी टाइम फ्रेम में उसके सामने एक एफजी खड़ा कर देती है तो इसका मतलब है कि मार्केट उसी डायरेक्शन में कंटिन्यू करना चाहती है ठीक है इसको हम नाम देते है लिक्विड रन का तो लिक्विडिटी स्वीप भी हमें समझ आ गई लिक्विड रन का यानी कि
ये मार्केट एक दीवार खड़ी कर देती है वापस आने के लिए जो कि उसको वापस नहीं आने देगी सामने जब मार्केट उस एरिया का हाई का ब्रेकउ करती है उस हाई का ब्रेकआउट करने के बाद मार्केट एक अपना सोल्जर खड़ा कर देती है एफजी की फॉर्म में या एक दीवार बना देती जो कि दीवार उसको वापस नीचे नहीं आने देती बल्कि उसको वहां से टकरा के मार्केट ऊपर चली जाती है। अभी हमने लिक्विड रिसीप्ट का एक केस डिस्कस किया। फिर लिक्विड रन कासेप्ट दिया। अब हम तीसरा जो कांसेप्ट है वो है अगर के मार्केट यहां
से एफपीजी भी बनाती है। इस एरिया के ऊपर क्लोजिंग करती है। इस और एक एरिया के ऊपर क्लोजिंग करके सामने एफजी बनाती है और फिर साथ में उस एफीजी को नीचे ब्रेक कर देती है। ठीक है? यानी कि अपनी खुद की बनाई हुई दीवार को मार्केट क्या करती है? तोड़ तोड़ती है। ठीक है? यानी कि प्रॉपर ट्रैप करती है। पहले वह इस एरिया का ब्रेकआउट करके सामने बाय एफजी बनाती है और उसके बाद उसी एफजी को नीचे ब्रेक कर देती है। तो ये अब एक और बहुत बड़ी कन्फर्मेशन है। यानी कि वो इन्वर्जन बना देती
है। तो ये हमारे पास ऑलमोस्ट कंफर्म हो जाता है कि मार्केट ये लिक्विडिटी देना चाह रही थी पर उसने सिर्फ यहां से ट्रैप किया। तो हम यहां से इसके टेस्ट पर दोबारा सेल कर देंगे। तो ये कांसेप्ट है लिक्विडिटी स्वीप का और लिक्विटी रन का। मैं आपको लिक्विडिटी का कांसेप्ट बहुत दफा बता चुका हूं। लिक्विड रन की एग्जांपल आपको दिखाता हूं। यह हमारे पास एक हाई था। ठीक है? जब मार्केट ने इस हाई को ब्रेक किया है। ये मोमेंटम कैंडल जो क्लोजिंग की है इसके ऊपर। उसके बाद उसने क्या किया है? इस हाई के सामने
एक एफीजी खड़ा कर दिया। इस एफजी के खड़े करने का मतलब क्या है? कि मार्केट की अभी फिलहाल वापस आने की इंडिकेशन नहीं है। यहां से जो इसने हाई के ऊपर लिक्विड उठाई थी यह ब्रेकउ करने के बाद यह जो एफजी बनाया कि मार्केट यहां पर अपनी डायरेक्शन कंटिन्यू करना चाहती है और उसी डायरेक्शन में कंटिन्यू करती चली गई है। बाय चली गई। अब उस एफजी का टेस्ट हुआ है या नहीं हुआ या वो कब हुआ है वो बाद की बात है। हम यहां से मार्केट की इंटेंशन जज कर रहे है कि जैसे उसने इस
एरिया को ब्रेक किया है और ये कैंडल बनाई है इसके सामने एक बाय एफजी बना दिया है। अगर टेस्ट करेगी तो यहां से हम बाय देखेंगे और अगर टेस्ट नहीं भी करती तो ओवरऑल हमें डायरेक्शन क्लियर है कि अभी मार्केट का वापस आने का मूड नहीं है यहां से। ठीक है? कि अभी मार्केट अपने उस डायरेक्शन में कंटिन्यू करना चाहती है। उसके बाद अगर आप देखें तो मार्केट ने इस एरिया को ब्रेक किया है नीचे। ये यहां से उठाने के बाद भी उसने क्या किया है? इस एरिया के सामने एक बाय का एफजी बना दिया।
यह भी किस चीज की इंटेंशन शो कर रहा है कि मार्केट लिक्विड रन चलना चाहती है। यानी कि जिस डायरेक्शन में नीचे से आ रही थी उसी डायरेक्शन में कंटिन्यू करना चाहती है। और उसके बाद मार्केट अच्छी खासी खासी दोबारा उसने इसी एरिया का आके टेस्ट किया। इस एरिया का टेस्ट होता है वो बेशक फौरन हो या बाद में हो लेकिन अक्सर 60 70% 80% इस एरिया का टेस्ट लाजमी होता है। और ये हमारे पास एक बहुत ज्यादा स्ट्रांग एरिया होता है जिसको हम सिंपली क्या कहते हैं? ब्रेकर ब्लॉक वाला एफपीजी। ठीक है? जो भी
मार्केट एरिया ब्रेक करती है अगर उसका मार्केट एरिया ब्रेक करके उसके सामने वाला जो एफजी होता है ये हमारे लिए एक बहुत ही स्ट्रांग पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट होता है। तो जब भी मार्केट उस एरिया को टेस्ट करती है वहां से हम अपनी बाय प्लान करेंगे या अगर मार्केट लो ब्रेक करेगी यहां पे ये लो ब्रेक करने के बाद यहां पे सेल कैफरी बनाएगी तो वो भी इस एरिया को उसको भी हम लिक्विड रन का नाम देके वहां से सेल प्लान करेंगे ये कांसेप्ट है लिक्विड स्वीप का और लिक्विडिटी रन का भाई रोक दे आज की
क्लास इधर ही खत्म