चंगेज खान एलेक्जेंडर और हिटलर यह तीनों लोग बिल्ली से डरते आपकी रिसर्च के अकॉर्डिंग ब्रूटल इवेडर्स रहे हैं भारत की हिस्ट्री में भारत की हिस्ट्री में तो एक अहमद शाह अब्दाली है तैमूर लंग है जो बहुत ज्यादा विध्वंस मचाए थे औरंगजेब वगर कम नहीं रहे हैं लेकिन चंगेज खान के बारे में मेरे को बहुत सारी चीजें और मैं इतना चौका हूं उस आदमी के बारे में जान के आप सोचिए वह आदमी अपने एक जीवन में 40 मिलियन लोगों को मार दिया इतने लोगों को मार दिया कि पूरे पृथ्वी का ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का संतुलन
बिगड़ गया चंगेज खान ईरान में घुसा ईरान में जब वो घुसा तो 25 लाख लोगों की आबादी थी ईरान को जब बर्बाद करके निकला तो ढाई लाख लोग बचे थे और ऐसा बोला जाता है माना जाता है कि आज भी हर 200 लोगों में से एक पर्सन में एक पर्सन में उसका डीएनए है और कुल मिला के ऐसे 16 मिलियन लोग हैं जिनमें चंगेज खान का डीएनए है कितना सत्य है इस एक बात पर मुझे नहीं मालूम लेकिन यह सुनने बोलने और बताने के लिए बड़ी इंटरेस्टिंग बात है इसलिए मैं आपके साथ साझा कर रहा
हूं कि हिटलर को हम सेकंड वर्ल्ड वॉर के कारण जानते हैं हिटलर फर्स्ट वर्ल्ड वॉर में एक सैनिक था जर्मनी के लिए लड़ रहा था और एक ऐसा समय आया था जब वो एक अमेरिकन के बंदूक के नोक पर खड़ा था पुनर्जन्म जी एस अक्षत गुप्ता इसमें कितना बिलीव करते हैं हमारे ही देश में पुनर्जन्म होने के बाद एक बंदे ने अपने पिछले जन्म में उसका मर्डर किसने किया था और कैसे किया था यह बता के प्रमाणित किया था और उसके कारण कोर्ट्स खुले थे बोरीवली में रहता था वो बंदा आपको लगता है अक्षत जी
कि अपना टाइम आएगा वो अपना टाइम आ गया है अगर भाई अभी आपकी मेहनत शिद्दत और पहुंच में कहीं ना कहीं कोई कमी होगी कि अभी तक वह एक फोन नहीं बजा जिसका जिस फोन का मैं रोज इंतजार [संगीत] करता आपकी रिसर्च के अकॉर्डिंग आपकी स्टडी के अकॉर्डिंग एस अक्षत गुप्ता आपको लगता है कि ऐसे कौन से ब्रूटल इवेडर्स रहे हैं भारत की हिस्ट्री में भारत की हिस्ट्री में तो एक अहमद शाह अब्दाली है लंग है जो बहुत ज्यादा विध्वंस मचाए थे औरंगजेब वगैरह भी कम नहीं रहे हैं लेकिन वर्ल्ड हिस्ट्री में उनसे अगर हमको
लगता है यही सबसे खराब लोग थे तो इनसे भी बहुत बड़े-बड़े नाम है जैसे मैं रिसेंटली यही सब ढूंढते समय क्या होता है आप अगर कुछ चीज पढ़ रहे हैं ना तो फिर उसी से रिलेटेड चीजें आपके फीट पर आने भी लग जाती और य में अगर आप किसी एक टॉपिक पर देख रहे हैं तो उससे मिलते जुलते आने लग जाते तो मैं थोड़े दिन लगातार चंगेज खान के बारे में मेरे को बहुत सारी चीजें देखी और मैं इतना चौका हूं उस आदमी के बारे में जान के आप सोचिए वह आदमी अपने एक जीवन में
40 मिलियन लोगों को मार दिया और उस समय तो पर बंदूक नहीं होते थे मैं यह सोच के मेरे को मतलब घबराहट होती है कि अगर चंगेज खान जैसा आदमी हिटलर के समय में हो जाता तो सोचिए वो कितने लोग को मारता कि वो अपनी आर्मी के साथ घोड़े में बैठक 40 मिलियन लोगों को एक जीवन मार दिया इतने लोगों को मार दिया कि पूरे पृथ्वी का ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का संतुलन बिगड़ गया कार्बन डाइऑक्साइड गिर गया क्योंकि वो जहां घुसता था वहां सिर्फ इंसानों को नहीं वहां पशु पक्षी कुत्ता बिल्ली सबको मार डालता
था पता नहीं क्या ऑब्सेशन था यह हालत थी कि मैंने कहीं पढ़ा कि चंगेज खान ईरान में घुसा ईरान में जब वो घुसा तो 25 लाख लोगों की आबादी थी ईरान को जब बर्बाद करके निकला तो ढाई लाख लोग बचे थे वो 25 लाख लोगों को आज का जो ईरान है उसमें मार दिया था और उसका मानना यह था कि एक एक पुरुष की स्ट्रेंथ इस बात से है कि वह कितने बच्चे पैदा करता है उसने बहुत बच्चे पैदा किए थे और ऐसा बोला जाता है माना जाता है कि आज भी हर 200 लोगों में
से एक पर्सन में एक पर्सन में उसका डीएनए है और कुल मिलाकर ऐसे 16 मिलियन लोग हैं जिनमें चंगेज खान का डीएनए है चंगेज खान अलेक्जेंडर और हिटलर यह तीनों लोग बिल्ली से डरते थे बड़ी अजीब सी बात इन तीनों को बिल्ली से घबराहट थी हिटलर पर आ जाते हैं हिटलर तो हिटलर एक्चुअल मायने में शैतान की पैदाइश थी क्योंकि हिटलर जब पैदा नहीं हुआ था तो उसकी मां अबोर्ड कराना चाहती थी अबॉर्शन कराना चाहती थी यह सच है और लेकिन उस समय इतना आसान होता नहीं था और यह चौथी पत्नी थी हिटलर के फादर
ने चार शादियां की थी तो चौथी या तीसरी पत्नी थी और जब जब तक उनको समझ में आया कि वो प्रेग्नेंट है और वो डॉक्टर के पास गई अबॉर्शन के लिए तब तक डॉक्टर ने बोला कि अब अबॉर्शन एक समय तक ही हो पाता ना उसके बाद नहीं हो पाता उसके बाद फिर इंसान के जान को खतरा हो जाता तो फिर डॉक्टर ने मना कर दिया कि नहीं अब लेट हो गया अब अबॉर्शन नहीं हो पाएगा चार या 5 साल की उम्र में हिटलर नदी में गिर गया था पक्का था मर जाएगा कोई अनजाना आदमी
उसको बचा के ले आया और सबसे इंटरेस्टिंग बात है कि हिटलर को हम सेकंड वर्ल्ड वॉर के कारण जानते हैं हिटलर फर्स्ट वर्ल्ड वॉर में एक सैनिक था जर्मनी के लिए लड़ रहा था और एक ऐसा समय आया था जब वह एक अमेरिकन के बंदूक के नोक पर खड़ा था और जब उस बंदे ने गोली चलाई तो व गोली चली नहीं तो उस अमेरिकन को लगा कि शायद जीसस चाहते हैं कि इस नि हत्य को छोड़ दू वो जीसस को मानने वाले ने इस आदमी को छोड़ दिया यह हिटलर था जिसको इसने जिंदा छोड़ दिया
था और बाद में जब हिटलर इतना फेमस हुआ तब वह अमेरिकन बोला कि यह तो वही लड़का है जिसको मैंने जिसकी मैंने जान बख दी थी यह सोच के कि जीसस नहीं चाहते कि मैं मरू क्योंकि मेरे बंदूक के अंदर गोली थी मैंने चलाया और वह गोली नहीं निकली बाद में पता चला कितना सत्य है इस एक बात प मुझे नहीं मालूम लेकिन ये सुनने बोलने और बताने के लिए बड़ी इंटरेस्टिंग बात है इसलिए मैं आपके साथ साझा कर रहा हूं बारूद में अगर एक बूंद भी नम मतलब पानी या नमी हो जाए तो फिर
वो फायर नहीं होती उस समय हाथ से बनते थे गोलियां हाथ से बनती थी तो कहा जाता है कि एक बंदा जो फैक्ट्री में बारूद की फैक्ट्री में काम कर रहा था उसका पसीने का बूंद गिरा ढेरों मतलब लाखों टन बारूद में एक बूंद कहीं पे गिरा वह जिस जितना जिस बारूद के हिस्से को खराब किया होगा वह बारूद का हिस्सा एक गोली में गया लाखों गोलियां बनी उस और लाखों सैनिकों के पास कई 100 200 गोलियां दी गई जिसमें यह गोली उस एक अमेरिकन के पास पहुंची जो उसके पहले कई 100 गोली चला चुका
है और वह गोली उस समय आके उसके पिस्टल में फंसी थी जब हिटलर सामने खड़ा था तो एक पसीने का बूंद हिटलर को तीसरी बार जीवन दान देता है जिसके बाद हिटलर जो करता है वो करता है हिटलर की एक और बड़ी अजीब और इंटरेस्टिंग बात है जो मुझे सुनके अजीब तरीके का थ्रिल हुआ हिटलर जब बर्लिन में अपने बंकर में था आखिरी दिनों में तो उसके सारे लेफ्टिनेंट्स और कर्नल्स उसके पास आए और बोले हम चारों तरफ से गिर गए एलाइड फोर्सेस ने हमको चारों तरफ से घेर लिया है कहीं नहीं जा सकते तो
हिटलर मुस्कुरा के बोला था यह तो खुशी बात है तो वो लोग बोले मतलब इसमें क्या अच्छा है तो हिटलर ने बोला था कि अब निशाना नहीं लगाना पड़ेगा किधर भी गोली चलाओ दुश्मनी गिरेगा चलाओ तो कि किस विकृत मानस मानसिकता का व्यक्ति रहा है व तो यह चंद बातें हैं हिटलर के बारे में फिर ध्यानचंद वाली बात तो सबको पता ही है कि हिटलर ने उनको ऑफर किया था और सुभाष चंद्र बोस हिटलर से मिलने पहुंच गए थे भारत को बचाने के लिए तो भारत से डायरेक्ट कनेक्शन भी दो चीजों पर तो है ही
हिटलर का हालांकि हिटलर ने मे कफ में जो उनकी किताब है उसमें उन्होंने हिंदुस्तानियों के लिए भी लगभग लगभग वैसी ही बात लिखी है जैसी बात उन्होंने यहूदियों के लिए लिखी थी तो वह हिटलर दोस्त तो किसी का नहीं था हमारा तो कता ही नहीं था और मैंने अभी-अभी यह भी पढ़ा कि हिटलर जिस पहली महिला से प्यार करता था वो खुद एक यहूदी थी और बाद में उ उसने जो होलोकास्ट मचाया है वो तो जब तक पृथ्वी रहेगी तब तक उस उसकी बात होती रहे अक्षय जी आपका एक और टॉपिक जो आपके आपको बहुत
इंटरेस्ट करता है और आपको अच्छा लगता है उस पर बात करने का यहां तक कि शो के पहले भी हम बात कर रहे थे पुनर्जन्म जी पहला सवाल कि क्यों आपको इतना इंट्रिग लगता है यह टॉपिक और आप अगेन एस अक्षत गुप्ता इसमें कितना बिलीव करते हैं देखिए अब्राम लैंग्वेजेस जो है ना क्रिश्चियनिटी है इस्लाम है इन लोगों में पुनर्जन्म और आत्मा का कोई है ही नहीं कुछ सिस्टम ही नहीं है मगर अब तो यह प्रमाणिक हो गया है कि आत्मा होती है है ना और पुनर्जन्म होता है यह भी अब मतलब ठोस उसके पुख्ता
सबूत है इनफैक्ट हमारे ही देश में पुनर्जन्म होने के बाद एक बंदे ने अपने पिछले जन्म में उसका मर्डर किसने किया था और कैसे किया था यह बता के प्रमाणित किया था और उसके कारण कोट्स खु और इस नए जन्म के बंदे के बच्चे के की गवाही पर उन लोगों को सजा हुई थी यह इसी देश की बात है हम लोग सभी लोग फादर ऑफ द नेशन के नाम से मोहनदास करमचंद गांधी को जानते हैं उनकी उस समय भी तूती बोलती थी उनकी बात को बहुत सर्वोपरि रखा जाता था उन्होंने एक पूरा पूरे कमेटी का
गठन किया था एक केस हुआ था शांति देवी का एक छोटी सी लड़की जो जैसे ही बोलना शुरू की तो बोली कि अपने मां-बाप को बोल रही कि मेरे को तुम लोग यहां क्यों रखे हुए हो मेरे को मेरे घर जाने दो तो बोले क्या बोल रही है बोले मेरा नाम लुगदी है मेरे को सब चोबाई चोबाई बोलते थे मेरा नाम चोबाई है मेरे को घर जाने दो मेरा पति है पाछ साल की लड़की बोल रही मेरा पति है उसका नाम केदारनाथ है उसके कपड़े की दुकान है बाद में जब पता किया गया तो जो
बोल रही थी सब दूसरी जगह सही निकला तो उसको वहां लेकर गए गांव के बाहर से अपने घर तक का सफर त की अंदर उसका फिर से एक टेस्ट लिया गया केदारनाथ की जगह पर केदारनाथ के भाई को बैठाया गया बोले ये केदारनाथ बोले झूठ बोल रहे हो तुम लोग केदारनाथ नहीं उनके भाई है वो इस पाच सात साल की लड़की के जो बेटे हैं वह 30 35 40 साल के थे उन लोग को पहचानी उनको देख के रोई और जो बोलती थी कि मेरा नाम चोबाई है चौ बाइन है वहां जाकर पता चला कि
केदारनाथ का पूरा नाम केदारनाथ चौबे था तो जैसे पंडित की पत्नी को पंडिताइन बोलते हैं उसको उस गांव वाले चोवान बोलते थे और उसकी डेथ हो गई थी और उसने कहीं पर कुछ पैसा वैसा छुपाया था तो बताई वहां छुपाई वहां से जाके निकाल के लाई सबके सामने तो महात्मा गांधी ने एक कमेटी का गठन किया था कि इस यह जो पूरा मामला इतना तूल पकड़ रहा है सब लोग इसको मानने लगे इसमें इसमें सत्यता कितनी है और उस कमेटी ने भी आखरी में यही वर्डिक्ट दिया था कि वो जो बोल रही है सच बोल
रही है वो और कोई नहीं है वो शांति देवी के शरीर में लुगदी ही लुगदी उसका पिछला नाम तो ऐसे बहुत सारे पुनर्जन्म की कहानियां हैं और ठोस प्रमाण के साथ है मैं इसलिए भी मानता हूं क्योंकि एक तो मैं हिंदू हूं आपके देवी देवता अगर आप अपने देवी देवता को मानते हैं तो कृष्ण की वह बड़ी प्यारी सी कहानी है जहां उनकी एड़ी में तीर लग जाता है और जब वो मरते रहते हैं और एक कबीले वाला जिसने तीर चलाया होता है वो दौड़ता भागता आता है और उसको लगता है मुझे लगेगा मैंने कृष्ण
को मार दिया तो मरते मरते कृष्ण बोलते हैं कि नहीं तुमको पाप नहीं लगेगा पिछले जन्म में मैं राम था और तुम सुग्रीव के भाई बालि यह वही तीर है जो मैंने तुम पर चलाया था मेरा कर्मा अब क्लोज हो रहा है मेरे पिछले जन्म का एक कर्म बचा हुआ था जो मैं अब काट रहा हूं और तुमको मैंने मारा था इसलिए तुम मुझे मार रहे हो तो कर्मा से और पुनर्जन्म से तो जब हमारे भगवान ही नहीं बचे और अगर हम और आप मानते हैं कि हमारे भगवान सत्य हैं सच में रहे तो फिर
हम इस बात से नहीं मुक सकते कि हां आत्माएं होती है अब तो वेस्टर्न कंट्रीज जो नहीं मानते थे आत्मा को आप सोचिए ना कि एक शरीर कैसे चलता है एक शरीर चलता है हमको लगता है कि हम जो भी खाते हैं उससे हमारे बॉडी में एनर्जी ठीक बात है यह जो जो हम खाते हैं और उससे जो हमको एनर्जी मिलती है ना उसको आप ऐसे देखिए कि एक रिमोट है रिमोट के अंदर बैटरी लगी लेकिन बैटरी के अंदर भी तो कुछ होता है ना हम बैटरी को खोल के थोड़ी ना देखते हैं यूजुअली बैटरी
के अंदर भी कुछ होता है जिसके कारण बैटरी चलती है और क्योंकि बैटरी चलती है इसलिए रिमोट चलता है तो जो बैटरी के अंदर सामान है ना वह है हमारी आत्मा सोल वह जो बैटरी है वह है मटेरियल इसिक फूड जो हम खाते हैं जिसके कारण हमारा हाथ पैर चल रहा है लेकिन हमारा जो डीएनए फॉर्मेशन है जो हमको पिछले जन्म की चीजें याद रह जाती है कई बार बच्चे होते हैं हर बच्चा पानी से नहीं डरता हर बच्चा आग से नहीं डरता कुछ बच्चे पानी से बहुत प्रेम करते हैं कुछ नहीं करते हैं वह
सब ना और वह जैसे जैसे बड़े होते हैं वह फोबिया वो डर अपने आप चला भी जाता है वो शुरुआती डर इस बात इस वजह से होता है क्योंकि उनका पिछला अंत शायद पानी के वजह से हुआ हो तो वह कहीं ना कहीं अभी भी हल्का हल्का है फिर जैसे जैसे हम बड़े होते हैं वह सोल की याददाश्त जाती जाती है और फाइनली हमको याद नहीं रहता उसमें कुछ ग्लिचस हो जाते हैं तो यह शांति देवी और पन्नालाल जैसे लोग निकल बोरीवली में रहता था व बंदा जिसने अपने मर्डर पिछले जन्म के मर्डर की कहानी
बता के उसको मारने वालों को सजा भी दिलवाई है तो इससे ज्यादा क्या प्रमाण चाहिए हमको यह मान लेने के लिए कि भाई पुनर्जन्म होता है आपकी किताब के लिए अक्षय जी य सुनने में आया है कि आप जगह जगह पर यज्ञ कर रहे हैं यज्ञ का आपने एक आपने प्लेज लिया है प्रण लिया है क्यों यह यज्ञ है हो रहे हैं और कुछ आपने मन्नत मांगी थी मन्नत तो क्या लेकिन जैसे जैसे मैं इन लोगों को नागा साधुओं के बारे में पढ़ रहा हूं आप सोचिए कि मुश्किल से एक पन्ने में मेरे परिवार का
कोई सदस्य मेरा अंतिम संस्कार कर देगा अगर सारे ही मर जाएंगे तो फिर अंतिम संस्कार किसका कौन कर पाएगा कई लोगों का शायद ठीक से नहीं हो पाया हो कई लोगों की आत्मा को अभी भी शांति नहीं मिली होगी क्योंकि उनका लास्ट रिचुअल ठीक से नहीं हुआ है कई लोगों को मोक्ष की प्राप्ति शायद नहीं हुई होगी तो यह पूरे यज्ञ का प्लान यह है कि मैं शुरू कर रहा हूं कश्मीर में एक आदि गुरु शंकराचार्य का मंदिर है जहां से नागा साधुओं की रचना हुई है और वहां पर पूजा करेंगे वहां से फिर उत्तर
प्रदेश में दो शहर उत्तराखंड में एक शहर बिहार में एक शहर मध्य प्रदेश में उज्जैन गुजरात फिर महाराष्ट्र उसके नीचे फिर रामेश्वरम और कोचीन में फिर आदि गुरु शंकराचार्य का मंदिर है तो हम शुरू कर रहे हैं आदि गुरु शंकराचार्य के मंदिर से और खत्म भी वही कर रहे हैं वो हर इन सब जगहो पर एक एक 24 घंटे का मैं यज्ञ कर रहा हूं और व जितने भी ऐसे लोग हैं जो धर्म की रक्षा के लिए या धर्म में जो आपको बोला गया है उसके लाइन पर चलते चलते अपनी जान दे दी हैं चाहे
वह नागा साधु हैं चाहे कोई भी ऐसा धार्मिक व्यक्ति है उन सब लोगों की मोक्ष प्राप्ति और आत्मा की शांति के लिए हम यह कर रहे हैं यह दिस इज ओपन फॉर ऑल मतलब और मेरे आप आइए मुझसे मिलिए यज्ञ में आहुति दीजिए आहुति मतलब आहुति ही दीजिए हम कोई पैसा वैसा जमा करने नहीं निकल रहे हैं इसमें कोई पैसे के लेनदेन की कहीं कोई बात नहीं है तो यह एक साफ मन से कुछ लोग मिलक मेरे साथ पूरे देश भर में य यज्ञ कर रहे हैं ऐसे महानुभव की आत्मा की शांति के लिए और
मोक्ष प्राप्ति के लिए जिनका किसी भी वजह से अभी तक उनको आराम ना मिला हो तो अक्षय जी इस किताब को लिखने में कोई चैलेंज या जैसे होता है कई बार राइटर्स ब्लॉक हो जाता है जी तो इस किताब को लिखने में ऐसा कोई फेज आया हो मैंने पहले भी यह चीज कहा देखिए क्या होता है और यह मैंने सीखा है म्यूजिक डायरेक्टर से सारे म्यूजिक डायरेक्टर्स क्या करते हैं कि जब उनके पास वक्त होता है जैसे उदाहरण के तौर पर मैं हमेशा हिमेश रेशमिया साहब का नाम लेता हूं एक समय आया था जब हिमेश
रिशम का एक के बाद एक 40 गाने हिट हुए थे हम बैक टू बैक है ना वर्ल्ड रिकॉर्ड है 40 हिट्स का तो आप सोचिए कि उस वक्त में वो व्यक्ति और फिल्मों का म्यूजिक भी कर रहे हैं वह रियलिटी शोज में जज भी बन रहे हैं वो रिलीज होने वाले म्यूजिक वीडियोस के कारण उनको शोज भी मिल रहे हैं शोज मतलब स्टेज शोज उसके अलावा आने वाले गानों में खुद को वो भी बना के मतलब प्रेजेंट भी कर रहे हैं फेस तो शूट भी कर रहे हैं इतनी सारी चीजों के बीच में उनके पास
इस बात का तो वक्त हो ही नहीं सकता ना कि वो बैठ के नया गाना बनाए तो ये गाने वन कपरे थे ये गाने तब बन रहे थे जब वो ये सोच के चल रहे थे कि मेरा एक दिन ये अपना टाइम आएगा तो वो पहले से तैयार करते हैं इसको सारे म्यूजिक डायरेक्टर जो अपना अपने गानों को उसको सॉन्ग बैंक बोलते हैं ये शब्द है उनके लिए अच्छा कि मेरे पास 100 गानों का बैंक है मेरे पास 50 गानों का बैंक है तो आपके पास कहानियों का बैंक है मुझे जब कोई नहीं जानता था
जी तब मैंने बहुत सारी कहानियों को अ अपने पास सहेज के रख लिया है मुझे 2028 तक मैं किताबों के माध्यम से आपके पास क्या-क्या दे रहा हूं मुझे पता है आज अच्छा जी 2028 एंड तक वो मुझे मालूम है मैं हर छ महीने में आपको कौन सी किताब देने वाला हूं तो मैं बार-बार बोलता हूं कि राइटिंग इज अ स्किल थिंकिंग इज एन आर्ट एनीबडी कैन टीच एनीबडी हाउ टू राइट आप किसी को कोई भाषा लिखना बोलना पढ़ना सिखा सकते हैं स्पेलिंग मिस्टेक है बेटा ठीक कर लो पंक्चुएशन मार्क ठीक कर लो सेंटेंस फॉर्मेशन
ऐसे नहीं ऐसे लेकिन कोई किसी को एक कहानी को सोचना कैसे वो नहीं सिखाता आप किसी को सोचना सिखा ही नहीं सकते या तो आप में वो है या नहीं है क्रिएटिविटी की बात है या तो होगी या तो नहीं होगी कटी आप किसी बच्चे को पेंट ब्रश देके यह सिखा सकते हैं कि देखो बेटा यह और यह रंग मिलाने से यह रंग बनता है है ना और ब्रश को ऐसे चलाते हैं इसको कैनवास कहते हैं लेकिन जिस दिन वह सीख जाएगा ना पेंटिंग करना तो वो कैनवास में क्या उके रेगा वो आप सिखा ही
नहीं सकते क्योंकि उसके दिमाग में एक इमेज बनेगी जिसको कैनवास पे उतारे और वो जो इमेज बनेगा ना वो आर्ट है ये जो कैनवास पे उतारे ना ये स्किल है अब समझ रहे मेरे को मेरे को तो इस बात से भी शायद लोगों को नहीं अच्छा लगे लेकिन मेरे को लगता है कि हम लोगों को उपाधि गलत दी हुई है हम लोग हम लोग हम लोगों को राइटर नहीं बोलना चाहिए हम लोगों को थिंकर बोलना चाहिए फिलोसोफर नहीं लेकिन कम से कम हम थिंकर तो हैं क्योंकि हम बहुत सोचते हैं तब हम चार लाइन लिखते
हैं हम आधे घंटे सोचते हैं फिर हम तीन लाइन लिखते हैं तो जब मेरे पास काम नहीं था या जब मैं सोच रहा था कि एक दिन अपना टाइम आएगा तब मैंने बड़ी कहानियां तैयार करके रखी हुई है और कंप्लीट कहानियां तैयार करके रखी तो आर्ट ऑफ थिंकिंग मैंने कर रखा है स्किल ऑफ राइटिंग जब आपको अगर आपकी कहानी आपके किरदार पता है तो फिर आपको वो जैसा आपने सुना होगा ना कि राइटर्स एकदम शांति में और पहाड़ में और रिजॉर्ट में जाके का ऐसा होता नहीं है अगर अगर आपको आपका आर्ट ऑफ थिंकिंग कंप्लीट
हो चुका है तो आप ट्रेन में बस में फ्लाइट में होटल के कमरे में एक मीटिंग और दो मीटिंग के बीच में एयरपोर्ट के लज में कहीं भी लिख सकते तो मैं कहीं भी लिख लेता हूं आपको लगता है अक्षय जी कि अपना टाइम आएगा वोह अपना टाइम आ गया है इतने पॉडकास्ट इतने इंटरव्यूज आई एम शोर फिल्म द हिडन हिंदू ट्रिलजी पे फिल्म आ रही है धोनी एंटरटेनमेंट ने ये फिल्म के राइट्स किताब के ट ले लिए हैं यह किताब का भी राइट्स ले लिए गए इस पर भी फिल्म आने वाले समय पर आएगी
आई थिंक जैसे यह पूरी ट्रिलजी कंप्लीट होगी इस पर भीय दो ही पार्ट ये दो ही पार्ट है तो इस पर भी फिल्म आने की संभावना आपको लगता है कि आपका वो समय आ गया क्योंकि एक बार ऐसा होता है कि करियर में एक बंदे का एक ऐसा पीरियड आता है मैंने किसी का इंटरव्यू सुना था उसने बहुत अच्छी बात कही थी और इससे मैं खुद भी वास्ता रखती हूं जब समय खराब चल रहा होता है या जब समय आपको थोड़ा सा टाइम देता है समय समय देता है जब आपको कि थोड़ा काम कर लो
खुद पर तो खुद पर काम करना चाहिए और तैयार रहना चाहिए कि जो दरवाजा खुलेगा जैसे आप अपने वेपंस लेकर के वेपंस का मतलब आपका स्किल सेट आपको उसको होन करते रहना चाहिए और जैसे ही पहला दरवाजा खिड़की कहीं भी स्पेस मिले आपको वह अपने स्किल सेट या वो वेपंस लेकर के एंटर करना चाहिए आपको लगता है आपका वो समय आ चुका है मेहनत अभी भी जारी है और नहीं अ जी ये डिप्लोमेटिक आंसर होगा आपको लगता है कि आपका वो समय इसी समय का आप पिछले आ सालो से इंतजार कर मैं देखिए मैं दो
चीजों का इंतजार कर रहा था एक अपना टाइम आएगा दूसरा अपना बेटा आएगा है ना तो मेरे को लगता है कि अगर अपना टाइम आ गया होता तो अपना बेटा आ गया होता जिस दिन अपना बेटा आएगा ना उस दिन अपन बोलेंगे अपना टाइम आ गया क्योंकि अगर भाई अभी भी आपकी मेहनत शिद्दत और पहुंच में कहीं ना कहीं कोई कमी होगी कि अभी तक वो एक फोन नहीं बजा जिसका मैं जिस फोन का मैं रोज इंतजार करता हूं तो वो दोनों मेरे लिए मेरे दिमाग में जुड़ा हुआ है मेरी पूरी मेहनत मेरा फेवरेट कोटेशन
हमेशा से है ग्रेटेस्ट रिवेंज इज मैसिव सक्सेस और रिवेंज मैं हाथ पैर से या जबान से नहीं देता हूं आप इतनी मेहनत कर लीजिए कि सामने वाला अपने आप ही सरेंडर कर दे तो यह एक चीज का इंतजार है मैं उस दिन मैं बोलूंगा कि मैं पूरी तरीके से अपना बेटा है ये दो लाइन मेरे दिमाग में थी जब मेरी मेरी मेरा स्ट्रगल और हार्ड वर्क शुरू हुआ था कि एक अपना टाइम आएगा और अपना बेटा आएगा तो मेरा मानना है कि जिस दिन आप मैं अपने बेटे तक पहुंच पाऊं या मेरा बेटा मुझ तक
पहुंच पाए उस दिन सही महीने में ये पूरी मेहनत का जो जो क्रक्स है ना वो एक बूंद अमृत जो है ना वो उस दिन मिलेगा तब तक मैं लगा रहा हूं बहुत शॉर्ट में क्योंकि शायद अ कुछ लोग ये कनेक्ट मिस कर रहे हो आपका बेटे से मतलब आपका जो आपकी फर्स्ट वाइफ के साथ जो आपके जी जी उनसे मतलब है हां मैं तो कैमरे प भी देख के बोल आ जा यार बहुत 9 साल हो गया वेट करते अब आ जाओ चलिए जागरण मंथन के दैनिक जागरण के इस प्लेटफार्म के जरिए ही अगर
अक्षत गुप्ता की एक जो एक एक मंशा है एक जो ख्वाहिश है अगर वह पूरी करने में जागरण मंथन और हमारा दैनिक जागरण का प्लेटफार्म सक्षम रहता है तो यह हम लोग बहुत खुद को लकी मान अक्षत जी आपने बहुत अच्छी बात कही कि राइटर्स का लिखने का कोई स्पेस नहीं होता कोई टाइम नहीं होता लेकिन आप ने जब यह कहानियां लिखी एक इंपॉर्टेंट बात है कि आपका फ्रेम ऑफ माइंड भी इधर-उधर था जब यह कहानिया आप लिख रहे थे ऐसे में उस वक्त आप कैसे लिखना पसंद करते थे क्योंकि कुछ राइटर्स होते हैं वो
पहाड़ों पर ख जाकर के लिखना पसंद करते हैं कु कुछ रात में लिखते हैं कुछ दिन में लिखते हैं उस वक्त आपका टाइम फ्रेम ऑफ माइंड में उस वक्त आप कैसे यह कहानियां लिखते थे इतने डिस्टर्ब माइंड में मैं एक्चुअली वह कहानी ना स्मृति जी मैं पब्लिक के लिए और पब्लिशर के लिए लिख ही नहीं रहा था असल में द हिडन हिंदू लिखने के पीछे मेरा जो थॉट था वह मैं अपने बेटे के लिए लिख रहा था और वो मैं क्या होता है जैसे जैसे आप बड़े होते जाते हैं आप अपने समय को ना कंपार्टमेंटलाइज
करते चले जाते हैं अपने आप सेट हो जाता है सुबह उठेंगे इतना समय खुद का है इतना हस्बैंड का है इतना बच्चे का है इतना ऑफिस है इतना कलीग है इतना वैसे ही मेरे मेरा एक टाइम स्लॉट मेरे बच्चे के साथ जमा हुआ था कि यह टाइम है जब मैं और मेरा बेटा वक्त बिताते हैं अब सडन बिना किसी हिंट के मेरे पास से अचानक से उनको छीन लिया गया था तब मैंने ये डिसाइड किया कि मैं उनके नहीं होने प भी मैं वो वक्त उन्हीं के साथ बिताऊ भाई आप किसी से प्यार करते हैं
इसका यह मतलब थोड़ी ना है कि वो आपको दिखता ही रहे या आपसे सटा ही रहे आप प्यार तो फिर भी करते हैं ना तो वो जो उनका समय था मेरे साथ मैं उस समय को डालने लग गया उनके लिए एक कहानी लिखना क्योंकि उनको मार्बल डीसी बहुत अच्छा लगता था और बच्चों को आप रटवा जाएंगे ना कि दशावतार के 10 नाम याद करो सात चिरंजीवी के सात नाम याद करो युगों का सीक्वेंस याद करो कभी नहीं होगा उनसे उनको कहानी मुझे लगता है कि हमारे लिए खाना कपड़ा और मकान के बाद जो चौथी सबसे
ज्यादा जरूरी चीज है ना वो हमारे जीवन में कहानिया हम नहीं जी सकते उनके ब हमने भी तो बचपन से कहानियां ही तो सुन सुन कर के हम बड़े हुए हैं दादी नानि हों की कहानी उस बना हमारी पौराणिक कहानियां कहानियों के फॉर्म में अलग-अलग चैप्टर समझाना चाहे वो रामायण हो चाहे वो पंचतंत्र की कहानियां हो ये सारी कहानियों को हमारी दादी नानिया ही सुनाया करती थी और तभी से हमारी यह नॉलेज भी इनग्रेन हुई है अक्षय जी आपके स्ट्रगल के डेज का थोड़ा सा मैं बात करूंगी जे के रावलिंग जी 12 पब्लिकेशन के पास
जी शी वेंट विद हर मैनु स्क्रिप्ट जी 12 पब्लिकेशन ने मना कर दिया इंसान तीन चार पब्लिकेशन से ही अगर रिजेक्ट हो जाती है चीज या तीन चार बार पब्लिकेशन या मैं किसी पर्टिकुलर ऑथर की बात नहीं कर तीन चार बार अपना सीवी लेकर के आदमी कहीं जाता है अप्रोच करता है पांच छह बार निराश हो जाता है एस अ वेरी गुड एंड बिग एग्जांपल फॉर पीपल फॉर जनरेशन 13वीं बार उनकी मैनु स्क्रिप्ट सिलेक्ट हुई और उसके बाद एक सीरीज ऑफ इतना सक्सेसफुल फिल्म्स हैरी पॉटर की मतलब दुनिया बिल्कुल बहुत चक्की रह गई थी जब
वो एक नई एक केटर किया एक नई फिल्म के थ्रू बच्चों को केटर किया बहुत डिफरेंट आपकी स्ट्रगल स्टोरी में रिजेक्शन कितनी बार हुआ क्योंकि यह बहुत जरूरी है अगर जो यंगस्टर्स आपसे कनेक्ट करते हैं गिर गिर गिर गिर गिर कर फिर दोबारा खड़े होना गिरना खड़े होना फिर गिरना फिर खड़े होना फिर गिरते चले जाना फिर खड़े होना और फिर यहां पे इस लेवल पर आना कि लोग आपसे आपके पॉडकास्ट और इंटरव्यू के लिए टाइम मांग रहे हैं मुझे भी आपको चेज करने में थोड़ा वक्त लगा था माफी चाहता हूं अ मुझे किसी ने
थोड़े दिन पहले मेरे बचपन के एक दोस्त और साथी ने बोला कि पता ही नहीं चला कि तू कब इतना लचीला रबर की बॉल हो गया बे दोस्तो ऐसी बात करते हैं तो बोला ये कैसा एग्जांपल है रबर बोले तेरे को जितनी जोर से जमीन में मारता तू उतना ऊपर बाउंस कर लग गया तो वो सुन के अच्छा लगा मैं आपको ना यह पूरी बात इस आपके सवाल में दो चीजें हैं पहला तो मैं आपको द्रोणाचार्य की छोटी सी कहानी सुनाता हूं जिस रोज द्रोणाचार्य मरे थे उस रोज वो अश्वथामा हातो हता वाला पूरा आपको
पता ही होगा मैं उसको लिख रहा था और हम बचपन से इन कहानियों को सुन मेरे को एक चीज समझ में आई कि और फिर मेरा जब स्ट्रगल टाइम चालू हुआ तो भी वो चीज हुआ और मेरे को लगा करेक्ट बात है वोह गए थे युधिष्ठिर के पास यह सुनने कि अगर तुम बोल दोगे कि अश्वत थामा मारा गया तो मैं मार लूंगा कृष्ण जी को लगा कि यह तो सच बक देगा तो उन्होंने बाकी सारे वारियर्स को बोला कि जब मैं इशारा करूंगा तो तुम सब एक साथ शंख बजा देना अब वह दूरी से
द्रोणाचार्य ने पूछा कि हे युधिष्ठिर बताओ कि क्या अश्वत थामा मारा गया तो युधिष्ठिर ने बोला कि हां बताओ कि क्या मेरा बेटा अश्वत्थामा मारा गया तो ी ने बोला कि हां यह सत्य है गुरु जी कि अश्वथामा मारा गया कृष्ण जी ने इशारा कर दिया सब शंख बजाने लग गए और युधिष्ठिर बोले मगर वो जो अश्वत्थामा मारा गया वो आपका बेटा नहीं एक हाथी है वो जो मगर आया ना परंतु किंतु लेकिन बट पर इसके बाद का जो स्टेटमेंट होता है ना स्मृति जी वही हमारे काम का होता है उसके आगे का स्टेटमेंट सिर्फ
हम लोगों को सांत्वना देने के लिए बोला जाता है क्यों कह रहा हूं ऐसा आपने जेके रोलिंग मैम की बात की मुझे भी रिजेक्शन नेचुरली मिले क्योंकि कोई भी नए ऑथर को क्यों ही मौका देगा ऑथर की कमी नहीं है कहानियों की कमी नहीं है उनके पास उनके मेल बॉक्स में मेल्स की कमी नहीं है और ट्रिलजी लिख रहा है कोई पता नहीं कब खत्म होगा चलेगा नहीं चलेगा उससे भी ज्यादा रिजेक्शन ना मैं मैं पब्लिशिंग इंडस्ट्री में प्रोड्यूस इंडस्ट्री प्रोडक्शन हाउस में पाया हूं मुझे द हिडन हिंदू के तीनों पार्ट को एक बार कंपलीट
नरेट करने में 9 घंटे का वक्त लगता है और मैं हर बार यह बोलता हूं कि एक साथ न घंटा मत दीजिएगा मैं तो न घंटे बोलकर सुना लूंगा मेरा काम है आप अब्जॉर्ब नहीं कर पाएंगे इतने किरदार हैं उनका आपस में इतना वीविंग है तो मुझे तीन दिन तीन-तीन घंटे दिया कीजिए आपको बहुत ताज्जुब होगा जान के कि जब धोनी इंटरटेनमेंट ने मुझसे कहानी ली उसके पहले मैं यह 9 घंटे का नरेशन 150 से ज्यादा बार दे चुका था 1 स से ज्यादा बार हर बार नन घंटे का नरेशन और हर जगह जब लोग
कहानी सुनते थे तो बोलते थे बहुत बढ़िया कहानी रक्षत बट कोई बोलता था बट के पीछे कोई लगाता था कि इसका बजट बहुत बड़ा है तुम तो नए राइटर हो तुम्हारा कोई काम बाहर नहीं आया इतना बड़ा खेल कैसे कर ले हज 1500 करोड़ रुपए का यह बॉल गेम है कोई बोलता था बहुत अच्छी कहानी है लेकिन हमको हिंदुत्व हमको हिंदू गॉड्स पे या सात चिरंजीव पे वी डोंट वा टू प्रमोट इट कोई आता था हां वी डू नॉट वांट टू प्रमोट इट यस कि भाई हमको सेकुलर चलना है ना तो अगर हम इन टॉपिक्स
को टच करेंगे तो फिर कोई एक तबका हम हमारी फिल्म देखने नहीं आएगा थिएटर आधा इसलिए खाली रहेगा क्योंकि फलाना रिलीजन हिंदू उस की फिल्म देखने नहीं आएगा तो हम करना तो चाह रहे हैं कुछ लोग ऐसे भी आए बोले तुम द हिडन हिंदू का नाम बदल दो हम ले लेते हैं राइट बुक का भी नाम द हिडन हिंदू मत रखो फिल्म का तो हम नहीं ही रखेंगे और तुम सेवन इम्मोर्टल्स बोलो लेकिन सात चिरंजीवी मत बोलो तुम फोर एराज बोलो लेकिन चार युग मत बोलो तुम एटर्स बोलो लेकिन दशावतार मत बोलो यह सब चेंजेज
कर लो कर लेते मैं बोला आप अपना काम कीजिए हम तो जैसा चाहते हैं वैसे ही निकलेगा यह अपने आप में बहुत बड़ा फाइट रहा है कि नाम द हिडन हिंदू मत रखो किताब का नहीं तो एक समुदाय नहीं पढ़ेगा जो कि आड है इतने सालों में आपने एक आइडेंटिटी बनाई अपने काम की मैं आपके माध्यम से स्पेशली हर अपने मुस्लिम सुनने वाले को मैं मैं रिक्वेस्ट कर रहा हूं हर मुस्लिम से कि आप द हिडन हिंदू जरूर पढ़ो आपकी बहुत सारी जो गलत फहमिया है ना हमारे रिलीजन को लेके जैसे यह पेड़ में सतली
बांधते रहते हैं यह ऐसा कर आपको समझ में आएगा कि वह सब इलॉजिकल नहीं है आप सही है कि मैं गलत मैं सही हूं कि आप गलत हो इस पर तो बात ही नहीं हो रही बात इस पर हो रही है कि आप हमारे बारे में ऐसा और हम आपके बारे में सोचते ही ऐसा इसीलिए सोचते हैं विरोधाभासी इसलिए सोचते हैं क्योंकि हम आपकी चीजें नहीं पढ़ रहे और आप हमारी चीजें नहीं पढ़ रहे हो अगर हम पढ़ ले कि आपके कुरान में क्या लिखा है और आप पढ़ ले कि हमारे गीता में और द
हिडन हिंदू अभी के समझने के लिए मतलब दिस इज द ए बी सीडी फॉर एनीबडी हु वांट्स टू अंडरस्टैंड हिंदुत्व बेसिक्स होता है ना वो ये इसमें बिल्कुल बेसिक कि हम हमारा समय हमने कैसे बांट रखा है हमारे भगवानों को हमने अवतारों में किसकिस युग में कैसे दिया हुआ है सात चिरंजीवी कौन है इस तरीके बहुत इतना आप समझ जाओगे ना तो आप खुद आगे की हमारी भाषा हमारी बातें समझने लगोगे तो आपके माध्यम से मैं स्पेशली बोलना चाहता हूं मुस्लिम्स को कि पढ़ के देखो यार बहुत सिंपल अंग्रेजी और हिंदी में लिखा हुआ है
जो आप सब समझ पाओगे सिर्फ क्योंकि और अगर आप अपने आप को सेकुलर बोलते हैं तो ये तो आपकी जिम्मेदारी बन जानी चाहिए कि आप उन लोगों को गलत साबित करें जिनका मानना यह था कि द हिडन हिंदू को हिंदू के अलावा कोई नहीं पढ़ेगा 7 लाख किताबें तो मैं बेच चुका हूं आप तक जो कि पब्लिशिंग इंडस्ट्री में बहुत बड़े नंबर्स है एगजैक्टली तो पढ़ तो रहे हैं लोग अब आप कब पढ़ेंगे वो आप डिसाइड कीजिए आखरी सवाल अक्षत जी अ यंग जनरेशन को जो आपसे मिलना चाहती क्योंकि आपके फैन फॉलोइंग भी आपका जब
भी लाइव होते हैं बहुत तमाम सवाल होते हैं आप कहीं जाते हैं किसी बुक शॉप पे या किसी लिटरेरी फेस्ट पे लोग आना चाहते हैं आपसे बात करना चाहते हैं बहुत कंटेंपररी ऑथर के रूप में आपकी इमेज आई है लोग पसंद कर रहे हैं जो कंटेंट आप केटर कर रहे हैं जो प्रेजेंट कर रहे हैं यंग जनरेशन के लिए धर्म को लेकर के किताब को लेकर के रीडिंग हैबिट्स को लेकर के ओवरऑल एक होलिस्टिक एक सोसाइटी को यंग सोसाइटी को क्या मैसेज है आप सोचिए कि कितनी अजीब सी बात है कि हमारे देश में जब
एक पेपर किलो के भाव से प्लेन बिकता है तो उसकी कीमत ज्यादा है जब उसमें चीजें लिख दी जाती है तो उसकी कीमत गिर जाती है वो रद्दी के भाव बिकने लग जाता है जबकि किसी पन्ने में कुछ भी लिखा होगा ना तो उससे आप कुछ वो आपको कुछ देके जा रहा है लेकिन जैसे ही पन्नों पर चीजें लिखा जाती है उसकी कीमत कोरे पन्ने से गिर जाती है जबक उसकी कीमत उठनी चाहिए थी तो सबसे पहली बात तो य कि यह जरूरी नहीं है कि आप क्या पढ़ रहे हैं जरूरी है कि आप पढ़
रहे हैं आप आप यह मत पढ़िए आप वो पढ़िए आप कुछ भी पढ़िए हर चीज में आपको जैसे बोला जाता है ना कि घर में महाभारत नहीं रखना चाहिए कलेश हो जाता मैं इस बात के बिल्कुल विरुद्ध हूं यह बिल्कुल गलत बात है यह वो वही बात है कि तू तू शांति है तू युद्ध है तू नरसिमा है तू बुद्ध आप क्या देखना चाह रहे हो महाभारत के अंदर ही तो कृष्ण ने गीता का सार दिया था महाभारत के अंदर ही तो पांच भाई एक दूसरे के लिए मरने मिटने को तैयार हो गए थे और
यह पांच भाई नहीं एक भाई के लिए बाकी के 99 भी मरने मिटने को तैयार हो गए तो आप महाभारत से क्या ले रहे हैं वह तो आपके हाथ में है ना तो यह इस तरीके का कि य यह पढ़ेंगे तो ऐसा हो जाएगा वैसा मत करिए आप पढ़ना जरूरी है क्योंकि आपको फिल्में और स्क्रीन वो कभी नहीं दे पाएंगे जो आपको किताबें देती हैं अगर आप राइटर हैं तो सबसे पहले आप खुद के लिए लिखिए आपको अगर लिखना आप आपके पन्नों पे जो इंक निकल रहा है वह अगर दिल से निकल रहा है तो
आपके जैसे अनगिनत लोग हैं जो वही पढ़ना चाह रहे हैं जो आप लिख रहे हैं तो लिखते समय ये मत सोचिए कि पब्लिशर क्या चाह रहा है मार्केट में क्या चल रहा है क्योंकि मार्केट में जो चल रहा है जब तक आप उस चलन में अपनी कहानी खत्म करेंगे तब तक मार्केट में कुछ और चल रहा होगा पर लिखना और पढ़ना जरूरी है नहीं तो बहुत गरीब हो जाएंगे हम लोग यहां से बहुत सुंदर बात कही अक्षय जी बहुत सुंदर बात कही और बात पहले भी हुई है थ एक और चीज जोड़ दू इस आने
वाली जनरेशन को हम लोगों को ए बी सी डी सिखाया गया ये मैं पूरी कोशिश करता हूं कि मैं कहीं मिस ना करूं आई अंडरस्टैंड दैट इट इज वेरी इंपोर्टेंट टू नो इंग्लिश इन ऑर्डर टू स्टैंड इन द ग्लोबल प्लेटफार्म मगर यह कहां लिखा है कि ए फॉर एप्पल बी फॉर बॉल सी फॉर कैट डी फॉर डॉग फॉर एलीफेंट सीखना है हम यह नहीं समझ रहे कि इन लोगों ने ए बी सीडी सिखाते सिखाते सिस्टमैटिकली प्लान वे में हमको जी फॉर गॉड सिखा दिया है लेकिन आपका गॉड जीसस नहीं है ना तो आप आप अपने
बच्चों को ए फॉर अग्नि सिखाइए ए बी सीडी सीखना है ना ए फॉर अग्नि सिखाइए बी फॉर भगवान बी फॉर भगवा सिखाइए बी फॉर बिलीव सिखाइए सी फॉर कैट क्या होता है व तो देख के सीख ही जाएंगे मैं बिल्ली बोलूंगा तो भी वो वही र सी फॉर कल्चर सिखाइए जिस भी कल्चर को मानते हैं डी फॉर धर्म सिखाइए जिस भी धर्म को मानते हैं ई फॉर एलिफेंट ही सिखाना ना ई फॉर एक दन सिखाइए आपका बच्चा आपसे पूछेगा एक दंत मतलब क्या होता है तो गणेश जी की प्यारी सी कहानी आप आपके धरोहर में
फिर वापस लौटेगी एफ फॉर फैन मत सिखाइए कौन सा मेरे बच्चे को फैन बनाना है एफ फॉर फेथ सिखाइए एस फॉर स्नेक सिखाना है ना एस फॉर शेषनाग सिखाइए एस फॉर शिव सिखाइए जी फॉर गॉड सिखाना है ना जी फॉर गणेश सिखाइए जी फॉर गुरु नानक सिखाइए आप मुस्लिम है तो ए फॉर अल्लाह सिखाइए ए फॉर एप्पल छोड़ दीजिए अब हिंदी में क से कबूतर सिखा रहे हैं ख से खरबूजा ग से गधा घ से घर क से काली मां सिखाइए ख से खड़क सिखाइए ग से गधा नहीं ग से गधा सिखाइए और घ से
घर को बचाने के लिए घ से घुसपैठियों से बचना जरूरी है तो अभी घ से घर को साइड रखो और घर से घुस पैठ सिखाओ अगर घर से घुस पैठ घर में नहीं घुसेगा ना तो आपका घर से घर बाद में फिर से बच भी जाएगा और बन भी जाएगा बहुत इंटरेस्टिंग तो अपना अपनी शिक्षा प्रणाली को ए बी सीडी से बदलना शुरू कीजिए बहुत जरूरी है काफी ऑथर से काफी स्कॉलर से भी जिनसे बात हुई है आप ही की विचारधारा पे बात हमारे प्लेटफार्म पे टाइम एंड अगेन लोगों ने रखी है बहुत अच्छा लगा
अक्षत जी अ इस बार थोड़ा वक्त लगा पिछली बार तो एकदम से सब चीजें फिक्स हो गई थी नेक्स्ट डे आप आ ही रहे थे तो हमारा बिलकुल जल्द जल्द वो इंटरव्यू हो गया था लोगों ने बहुत डिमांड भी की थी लिखा हुआ भी बार-बार हमारे कमेंट सेक्शन में आ रहा था कि प्लीज कॉल अक्षत सर अगेन सो अक्षत जी हैज कम हियर एंड ही हैज गिवन अस हिज अ वेरी वैल्युएबल टाइम टू अस दैट मींस अ लॉट अक्षत जी थैंक यू सो मच और आपकी इस बेहद खास किताब के लिए आपको बहुत-बहुत कांग्रेचुलेशन और
बहुत-बहुत शुभकामनाएं जी हमने बड़ी मेहनत से और आप लोगों के लिए बड़े प्यार से लिखा है जितना प्यार द हिडन हिंदू को दिया है उससे ज्यादा नहीं तो उतना तो दे ही दीजिएगा और अभी आपने एक बात बोली थी आपने बोला था कि आपसे मिलना होता लोगों को या बात करनी होती तो कैसे जुड़े तो मैंने और मेरी टीम ने अभी एक कम्युनिटी शुरू की जिसका नाम एनएफ ए है एनएफ ए का फुल फॉर्म है नॉट फॉर ऑल और उसका हमारा इनिशियल फेस का थॉट ये है जैसे उत्तर प्रदेश में लगभग 24 करोड़ लोगों की
आबादी है मैं हर स्टेट से सिर्फ पांच लोग ही जमा कर रहा हू जैसे ही उस एक स्टेट में 500 लोग मेरे साथ कम्युनिटी में जुड़ेंगे मेरी टीम उस स्टेट का दरवाजा फिलहाल के लिए बंद कर देगी तो मेरे क्या बोलते हैं लिंक इन बायो हां तो मेरे instagram2 लोग जोड़ रहे हैं जिसमें आपको बहुत सारे बेनिफिट्स मिलने वाले हैं एक दो बड़ी बेनिफिट्स ये हैं कि आपको हर महीने एक सरप्राइज स्पीकर आएगा जो आपसे जूम कॉल पर बात करेगा जिससे आप भी सवाल पूछ पाएंगे और आपके सवालों का जवाब दिया जाएगा हर महीने आप
मुझसे मुखातिब हो पाएंगे मुझसे बात कर पाएंगे और 1 लाख से भी ज्यादा बुक्स क्योंकि हम बात कर रहे थे ना नई जनरेशन तो आपका पढ़ना मैं और आसान करने की कोशिश कर रहा हूं 1 लाख से भी ज्यादा बुक टाइटल्स पे आपको बहुत हैवी डिस्काउंट्स मिलेंगे अगर आप इस कम्युनिटी के मेंबर है तो तो 12 सरप्राइज स्पीकर्स 12 बार में आप लोगों के सवालों के जवाब यह और ऐसे और बहुत सारे छोटे-छोटे हमने जोड़ के बेनिफिट देने की कोशिश कर रहे हैं तो एनएफ ए जिसका फुल फॉर्म है नॉट फॉर ऑल प्लीज जुड़िए हम
लोगों से नई जनरेशन है इसको कैटर करने का तरीका भी नया होना चाहिए और यह वही नए तरीकों में से एक है सोशल मीडिया बहुत एक्टिवली लोग यूज कर रहे हैं और इससे बेहतर मुझे लगता है तरीका भी फिलहाल नहीं हो सकता एक आम जनता तक पहुंचने का और आम जनता का एक ऐसे पर्सन तक पहुंचने का जिसको वह आइडलाइज कर रहे हैं एक बार फिर से आपको बहुत-बहुत बधाई हो इस किताब के लिए आपको शुभकामनाएं जितना सक्सेस द हिडन हिंदू की ट्रिलजी को मिला है उतना ही सक्सेस इस सीरीज को भी मिले इसी के
साथ थैंक यू वंस अगेन अक्षत जी आपके 91 एपिसोड और 50 एपिसोड खत्म होने की ढेर सारी बधाई भगवान करे हम जल्दी से 500 एकवा भी शूट करें आपके साथरे थैंक यू सो मच अक्षत जी और फिलहाल जाग पर इतना ही मुझे दीजिए इजाजत नमस्कार