कई बार हमारे जीवन में वैसा नहीं होता जैसा हम चाहते हैं हमारी इच्छा के विरुद्ध चीजें हो जाती हैं पर समय बीतने के साथ हमें यह एहसास होने लगता है कि जो बात हमें उस वक्त सही नहीं लग रही थी उसी बात के लिए आज हम ईश्वर का धन्यवाद दे रहे होते हैं तभी तो कहते हैं कि जो हुआ अच्छा ही हुआ जो हो रहा है अच्छा ही हो रहा है और जो होगा वह भी अच्छा ही होगा एक बहुत ही प्यारी कहानी सुनाती हूं एक राजा का विशाल फलों का बगीचा था उसमें तरह-तरह के
फल लगे हुए थे और उस बगीचे की देखभाल एक किसान और उसका परिवार किया करता था किसान उस बगीचे से तैयार और मीठे फल रोज शाम को राजा के लिए ले जाता एक दिन किसान ने बगीचे में आकर देखा कि नारियल अमरूद सेब अंगूर बेर सब पके हुए थे किसान सोचने लगा कि कौन से फल आज राजा के लिए लेकर जाऊं ना जाने उसके मन में क्या आया उसने अंगूर की टोकरी भरी और राजा के लिए लेकर महल की ओर चल दिया वह रास्ते भर सोचता जा रहा था केवल अंगूर लिए दो चार सेब नारियल
अमरूद ही डाल लेता अलग अलग फल देखकर राजा कितना खुश हो जाता सोचते सोचते वह महल के बाहर पहुंच गया उसने अंगूर से भरा टोकरा राजा के सामने रख दिया और थोड़ी दूर जाकर बैठ गया राजा किन्ने दूसरे खयालों में खोया हुआ था शायद किसी बात से परेशान या नाराज था अपने ही खयालों में गुम राजा टोकरी से एक अंगूर निकाल कर खाता और एक खींच कर किसान के माथे पर निशाना लगाकर मारता राजा द्वारा फेंका अंगूर जब किसान के माथे या शरीर पर लगता तो किसान कहता ईश्वर बड़ा ही दयालु है राजा फिर एक
अंगूर किसान की तरफ फेंक कर जोर से मारता और जब वह किसान को पढ़ता तो किसान फिर कहता ईश्वर बड़ा ही दयालु है थोड़ी देर बाद राजा को अपनी गलती का एहसास हुआ वह सोचने लगा मैं किसान के साथ कितना बुरा बर्ताव कर रहा हूं और प्रति उत्तर क्या आ रहा है राजा ने किसान से पूछा मैं बारबार अंगूर फेंककर तुम पर मार रहा हूं और तुम्हें लग भी रहे हैं फिर भी तुम कह रहे हो ईश्वर बड़ा ही दयालु है किसान ने बड़े भोलेपन से उत्तर दिया महाराज बागान में नारियल सेब अमरूद बेर यह
सब तैयार थे पर मैं अंगूर लाया मैं वह सारे फल भी ला सकता था पर ईश्वर की कृपा से ही मुझे यह भान हुआ कि मुझे अंगूर ही ले जाने चाहिए मैं ईश्वर का धन्यवाद देता हूं क्योंकि अगर मैं दूसरे फल लाता और इसी तरह आप मुझे जोर से मारते तो मेरा क्या हाल होता सच में महाराज ईश्वर बड़ा ही दयालु है दोस्तों यदि जीवन में किसी मोड़ पर सही या आपके हिसाब से घटित ना हो तो धैर्य रखना क्योंकि समय अपने राज समय आने के साथ ही खोलता है और उस समय हमारे मुंह से
यही निकलता है कि जो हुआ अच्छा ही हुआ फिर मिलेंगे दोस्तों अगली वीडियो के साथ तब तक के लिए अपना ख्याल रखना और हमेशा मुस्कुराते रहना [संगीत]