पुराने वक्त में किसी गांव में एक आदमी रहता था जिसने एक घोड़ा पाल रखा था उस आदमी के चार बेटे थे बाप के लिए तो वह चारों ही लाडले थे लेकिन थे वह अव्वल दर्जे के बेवकूफ जब वह आदमी मर गया तो उसके बेटों ने आपस में मशवरा किया कि बाप तो दुनिया से चला गया अब इस घोड़े को कौन पाले उन्होंने मिलकर फैसला किया कि घोड़े को काटकर आपस में तकसीम कर लेते हैं और हर भाई के हिस्से में घोड़े की एक-एक टांग आएगी लेकिन उनके लिए मुसीबत यह बनी कि घोड़े के बाकी जिस्म
को कैसे बांटा जाए वह घोड़े के पास खड़े यही हिसाब किताब लगा रहे थे कि इसी दौरान एक शख्स वहां से गुजरा उसने इन चारों भाइयों से पूछा भाइयों आप में किस बात पर आपस में इख्तिलाफ है मुझे बताओ हो सकता है मैं तुम्हारे मसले का कोई हल निकाल सकूं चारों भाइयों में से एक ने जवाब दिया हम चार भाई हैं आप हमें बताएं हम इस घोड़े को आपस में बराबर कैसे बांटे उस शख्स ने कहा यह तो बहुत आसान है ऐसा करो इस घोड़े को बेच दो और जो रकम मिले वो आपस में बांट
लो चारों भाई इस बात पर राजी हो गए और घोड़े को बेचने के लिए शहर की तरफ रवाना हुए सफर के दौरान वह जंगल से गुजरे तो वहीं उन्हें रात हो गई चारों भाई दिन भर के थके हुए थे वो जैसे ही लेटे उन्हें नींद आ गई जब वह गहरी नींद में सो रहे थे तो रात के किसी पहर एक चोर वहां से गुजरा उसने देखा कि चारों आदमी बेखबर सो रहे हैं और जोर-जोर से खराटे ले रहे हैं चोर आहिस्ता से घोड़े की तरफ बढ़ा घोड़े की रस्सी खोली और आहिस्ता से घोड़े को भगाकर
वहां से चला गया थोड़ी देर बाद एक भाई की आंख खुली तो उसने देखा कि घोड़ा वहां से गायब है फौरन उसने दूसरे भाइयों को भी जगाया और बताया कि हमारा घोड़ा चोरी हो गया है एक भाई ने अंगड़ाई लेते हुए कहा सो जाओ सो जाओ रमजान खान ले गया होगा सुबह देख लेंगे सुबह जब चारों भाइयों की आंख खुली तो वह रमजान खान को ढूंढने निकल पड़े रास्ते में उन्होंने एक ऊंट के पांव के निशान देखे तो उनमें से एक भाई कहने लगा यह देखो ऊंट के पांव के निशान दूसरे ने कहा भाई यह
किसी नर ऊंट के पांव के निशान हैं रा कहने लगा यह ऊंट तो एक आंख से अंधा भी लगता है अब चौथा बोला रस्सी तोड़कर भागा होगा फिर वो चारों आगे बढ़े अभी कुछ ही दूर गए होंगे कि उन्होंने देखा कि एक शख्स परेशान हालत में आ रहा है उसने इनसे पूछा आप लोगों ने यहां कोई ऊंट तो नहीं देखा इनमें से एक ने कहा नर ऊंट दूसरे ने कहा एक आंख से अंधा भी था तीसरे ने कहा रस्सी तोड़कर भागा था वो शख्स कहने लगा तुम तुम बिल्कुल ठीक कहते हो यह बताओ ऊंट कहां
देखा तुमने उस पर उन्होंने यक जुबान होकर कहा हमने ऊंट तो नहीं देखा तुम आगे जाकर तलाश करो वह शख्स कहने लगा भाइयों तुम्हारे पास ऊंट से मुतालिक इतनी मालूमात है और फिर भी तुम इंकार करते हो भला यह क्या बात हुई हो सकता है तुम लोगों ने ही मेरा ऊंट चुराया हो चलो बादशाह के पास चलते हैं वही इस बारे में फैसला करेंगे चारों भाई और ऊंट का मालिक बादशाह के दरबार की तरफ रवाना हो गए रास्ते में जमीन पर उन्हें किसी इंसान के पैरों के निशान नजर आए चारों भाइयों में से एक ने
कहा यह औरत के पांव के निशान हैं दूसरे ने कहा यह घर से नाराज होकर निकली है तीसरे ने कहा भाई यह तो पेट से लगती है यानी इसे बच्चा होने वाला है बातें करते-करते जब वह आगे बढ़े तो एक शख्स भागा भागा आया उसने पूछा भाइयों रास्ते में तुम लोगों ने किसी औरत को तो नहीं देखा एक भाई ने कहा वो जो नाराज होकर घर से निकली थी अब दूसरा भाई बोला मेरे ख्याल में पेट से भी थी उसने कहा हां बिल्कुल दुरुस्त कह रहे हो तीसरे ने कहा रात के वक्त घर से भाग
गई थी हां हां बिल्कुल ठीक यह बताओ वह कहां है चारों भाइयों ने फिर से यक जुबान होकर कहा हमने तो उसे नहीं देखा जाकर कहीं और तलाश करो वह शख्स कहने लगा मैं तुम्हारी बात पर कैसे यकीन कर लूं तुम सब कुछ जानते हो और अब कह रहे हो हमें इसके बारे में कुछ मालूम नहीं मेरी औरत यकीनन तुम लोगों के पास है वह भाई कहने लगे अगर तुम्हें हम पर शक है और हमारी बात पर यकीन नहीं तो आओ हमारे साथ बादशाह के पास चलो ताकि वह इस मामले का कोई फैसला करें अब
वो शख्स भी इनके साथ चल पड़ा चलते-चलते वह एक शहर में पहुंच गए एक गली में उन्होंने एक शख्स से पूछा यह रमजान खान का घर कहां है उसने साथ वाले घर की तरफ इशारा किया उसी वक्त एक घर से एक शख्स निकला और कहने लगा रमजान खान मैं हूं कहो क्या बात है वह भाई कहने लगे कल रात तुम हमारा घोड़ा ले गए थे वह हमें वापस कर दो रमजान खान कहने लगा मैं अपने घर पर हूं तुम लोग पागल हो अहमक हो भला मैं कैसे तुम्हारा घोड़ा ले गया वह भाई कहने लगे अगर
तुम्हें इंकार है तो चलो बादशाह के पास चलो अब यह सब बादशाह के दरबार में पहुंच गए बादशाह ने इनसे पूछा तुम लोग यहां क्यों आए हो क्या बात है उन्होंने कहा हम इंसाफ के लिए बादशाह के हुजूर पेश हुए हैं फिर सबने बादशाह को तमाम बात बारी-बारी बता दी ऊंट के मालिक ने कहा जनाब इन लोगों ने पहले मेरे गुमशुदा ऊंट के मुतालिक तमाम बातें दुरुस्त बताई और फिर कहते हैं हमने उसे नहीं देखा ऊंट को चुराने वाले यकीनन यही लोग हैं मुझे इंसाफ चाहिए दूसरा शख्स कहने लगा मेरी बीवी रात को घर से
निकली है और इन लोगों ने उसके बारे में बिल्कुल सही मालूमात दी और साथ ही कहते हैं कि हमने उसे नहीं देखा मेरी बीवी को अगवा करने वाले यही चारों हैं और कोई नहीं बादशाह ने उन चारों भाइयों से पूछा तुम लोग अपनी सफाई में क्या कहना चाहते हो उन भाइयों ने जवाब दिया हुजूर हमारी बात पहले तवज्जो से सुन ले रात को रमजान खान ने हमारा घोड़ा चोरी कर लिया अभी वह इतना ही कह पाए थे कि रमजान खान ने कहा आलीजा मुझे इसके मुतालिक बिल्कुल इल्म नहीं मुझे यह लोग बिला वजह पकड़ लाए
हैं अब बादशाह ने उन चारों भाइयों से पूछा यह बताओ जब रमजान खान घोड़ा चोरी करके ले जा रहा था तो तुम में से किसी ने इसे देखा वह भाई कहने लगे हुजूर हम में से किसी ने इसे नहीं देखा फिर बादशाह ने गुस्से में कहा जब तुम लोगों ने इसे देखा ही नहीं तो इस पर झूठा इल्जाम क्यों लगाते हो और यह जो दूसरे लोग तुम्हें अपने मुकदमों में मुलजिम ठहरा रहे हैं इसकी सफाई में तुम क्या कहना चाहते हो इन चारों बेवकूफ भाइयों ने कहा हुजूर यह लोग हम पर तोहमत लगा रहे हैं
हम मुजरिम नहीं दरअसल हम इल्म गैब जानते हैं हमें सब कुछ इसी इल्म के जरिए मालूम होता है बादशाह ने कहा अगर ऐसा है तो मैं तुम लोगों का इम्तिहान लूंगा और देखूंगा कि क्या वाकई तुम्हें इल्म गैब आता है या तुम बातें बना रहे हो इसके लिए मैं एक चीज को दूसरी चीज के अंदर छुपा कर रखूंगा अगर तुम लोगों ने सही तौर पर बता दिया तो मैं समझूंगा कि तुम लोग वाकई में गैब जानते हो और बेकसूर हो फिर बादशाह ने एक अनार मंगवाया और उसे संदूक में बंद करके उनसे पूछने लगा बताओ
इस संदूक के अंदर क्या चीज है वह चारों भाई एक दूसरे का मुंह तकने लगे सबसे बड़े भाई ने कहा कोई गोल गोल सी चीज है दूसरे भाई ने कहा इसके सर पर कोई छोटा ताज भी है तीसरा कहने लगा इसके बीज में दाने दाने हैं चौथे ने कहा क्यों नहीं कहते कि संदूक में अनार है अब बादशाह को यकीन हो गया कि यह भाई सच्चे हैं और यह इल्म गैब जानते हैं बादशाह ने रमजान खान से कहा कि इन भाइयों का घोड़ा वापस कर दो या इसकी कीमत अदा करो और दूसरों से कहा कि
जाओ तुम अपना ऊंट और यह अपनी बीवी को तलाश करें क्योंकि यह भाई वाकई इल्म गैब जानते हैं रमजान खान से घोड़े की कीमत वसूल करके उन चारों भाइयों ने उस रकम से भेड़ बकरियां खरीद ली और अपने गांव की तरफ रवाना हुए दोपहर के वक्त वह एक जंगल में पहुंचे वहां दरख्तों का साया था और ठंडी-ठंडी हवा चल रही थी चारों भाई थकन से चूर हो चुके थे इसलिए वहीं बेखबर होकर सो गए जब एक भाई की आंख खुली तो उसने देखा कि बकरी का एक बच्चा एक दरख्त पर चढ़ा हुआ है और भेड़े
जुगाली करते मुंह हिला रही हैं उसने अपने भाइयों से कहा चुपके से उठ जाओ भाई पूछने लगे क्यों क्या हुआ उसने कहा बकरियां डंडे तोड़ रही हैं और भेड़े हमें मारने के लिए आपस में मशवरा कर रही हैं चारों भाई वहां से भाग निकले और भेड़ बकरियों को वहीं छोड़ दिया एक भेड़ ने उनके पीछे पीछे भागना शुरू कर दिया तो एक भाई ने पत्थर उठाकर भेड़ पर दे मारा और कहा भाइयों एक को तो मैंने मार दिया है अब जितनी जल्दी हो सके यहां से भाग चलो जब वह काफी देर भागते रहे तो थक
गए और उनकी सांसें फूलने लगी भागते भागते वह रुके और एक ने कहा गिनती करो क्या हम सब मुकम्मल है या नहीं यह कहकर चौथे भाई ने गिनना शुरू किया लेकिन अपने आप को गिनना भूल गया और कहने लगा हम तो तीन हैं हमारा चौथा भाई गायब है दूसरे ने कहा ठहरो मैं गिनती करता हूं फिर उसने गिनती शुरू की यह एक यह दो यह तीन हम में से वाकई चौथा भ भाई गायब है इसी तरह बारी-बारी चारों ने गिनती की और हर एक ने अपने आप को नहीं गिना वह समझते रहे कि चौथा भाई
कहीं गुम गया है इसी दौरान वहां से एक घुड़सवार गुजर रहा था जब उसने इन भाइयों की यह हरकत देखी तो समझ गया कि यह कोई अव्वल दर्जे के बेवकूफ हैं उसने कहा अगर मैं तुम लोगों की गिनती मुकम्मल कर दूं तो मुझे क्या मिलेगा भाई कहने लगे फिर हम सब तुम्हारे गुलाम बन जाएंगे जहां तुम हमें ले जाओगे हम तुम्हारे साथ जाएंगे घुड़सवार ने पहले एक भाई का हाथ पकड़ा और कहा यह एक फिर दूसरे का हाथ पकड़ा और कहा यह दो और इसी तरह गिनती मुकम्मल की इस पर चारों भाई खुश हो गए
और कहने लगे हम आज से तुम्हारे गुलाम हैं घुड़सवार ने उनसे पूछा तुम लोग ऐसे भाग क्यों रहे थे उन्होंने एक आवाज में कहा हमारी बकरियां डंडे तोड़ रही थी और भेड़े हमें मारने के लिए मशवरा कर रही थी घुड़सवार ने उनसे कहा अब मेरे साथ चलो ताकि मैं तुम्हारी भेड़ बकरियों के साथ सुलह करवा सकूं जब वह जंगल के करीब पहुंचे तो रास्ते में वही भेड़ वहां मरी पड़ी थी वह भाई कहने लगे यही वह भेड़ है जो हमें मारने का मंसूबा बना रही थी जंगल में पहुंचकर जब उनकी नजर भेड़ बकरियों पर पड़ी
तो चारों भाई घबराने लगे घुड़सवार भेड़ बकरियों के करीब गया और उनमें से हर एक को सर पर थपकी दी फिर उसने भाइयों से कहा अब भेड़ बकरियां तुम्हें कुछ नहीं कहेंगी इसके बाद उसने कहा आओ तुम भी मेरे साथ चलो घुड़सवार भेड़ बकरियों को लेकर घर पहुंचा चारों भाई भी उसके साथ थे क्योंकि वो उसकी गुलामी कबूल कर चुके थे उसने इन चारों भाइयों को अपने सामने खड़ा किया और सबकी जिम्मेदारी लगाना शुरू की तुम रेवड़ चराने के लिए ले जाओ दूसरे को कहा तुम बैलों के जोड़े के लिए घास काट कर लाओ और
इन्हें खिलाओ तीसरे से कहा मेरी मां बीमार है तुम उसका ख्याल रखोगे और याद रखना उस पर मक्खी भी ना बैठे और आखरी को कहने लगा तुम गंदम की फसल की कटाई करके एक जगह सलीके से रख दो मुख्तलिफ काम इन चारों भाइयों के सुपुर्द करके घुड़सवार अब अपने काम और कारोबार में मसरूफ हो गया जिस भाई के जिम्मे मक्खी उड़ाने का काम था वो एक डंडा लेकर बैठ गया जब घुड़सवार की मां पर कोई मक्खी बैठती तो वो मक्खी को डंडे से मारता और वो बेचारी बुढ़िया चीखती चिल्लाती रही तीन-चार जोरदार डंडे लगने के
बाद वह बुढ़िया बेचारी दम तोड़ गई और अल्लाह को प्यारी हो गई जब वह बिल्कुल खामोश और साक हो गई तो उसने सोचा कि शायद यह बुढ़िया आराम कर रही है इसने बुढ़िया पर चादर डाल दी और खुद एक तरफ होकर बैठ गया जिस भाई के जिम्मे बैलों को चारा खिलाना था उसने अपने दिल में सोचा कि यह काम बहुत मुश्किल है और वह यह नहीं कर सकता लिहाजा उसने फौरन दोनों बैलों को जबाह किया और उनके मुंह घास और भूसे में गाड़ दिए ताकि वह खुद खाते रह गंदम की फसल पर जिस भाई की
ड्यूटी थी उसने सोचा यह बहुत बड़ा और मुश्किल काम है क्यों ना इन दानों को भून दिया जाए यह सोचकर उसने गंदम की फसल को आग लगा दी अब चौथा भाई जो भेड़ों को लेकर गया था वह भेड़ों को चरा रहा था कि अचानक वहां भेड़िए आ निकले और भेड़ों को एक-एक करके खाने लगे उसने सोचा कि इस गांव के कुत्ते बेचारे कितने भूखे हैं और लगता है कि इनके मालिक इनको खाने के लिए कुछ नहीं देते इसने भेड़ों को वहीं छोड़ा और खुद वापस घर लौट आया दोपहर को जब घुड़सवार घर पहुंचा तो एक
भाई से पूछने लगा क्या तुमने मेरी मां की अच्छी तरह खिदमत की वह भाई कहने लगा जनाब आप क्या पूछते हैं जब से आप गए हैं वह आराम कर रही हैं जब घुड़सवार ने चादर उठाकर देखा तो मां का चेहरा खून आलू था और वो मर चुकी थी घुड़सवार अब रोने धोने लगा और सोचा कि दूसरे भाइयों की भी खबर लूं ना जाने उन्होंने क्या-क्या गुल खिलाए होंगे जब उसने बैल वाले से पूछा कि तुमने क्या किया तो वह कहने लगा अभी तक बैलों के मुंह भूसे में डाले हुए हैं ताकि उनके पेट अच्छी तरह
भर जाएं वह तो खुद ही खाते जा रहे हैं जब घुड़सवार ने देखा तो बैलों के सर कटे हुए और भूसे में दफन थे उसके बाद उसने फसल वाले से पूछा क्या तुमने फसल की कटाई कर दी दी तो उसने खुशी-खुशी बताया मुझे ख्याल आया कि आपकी मां बूढ़ी है भला रोटी कहां पकाए गी मैंने गंदम को ही भून दिया जब घुड़सवार ने देखा तो उसकी पूरी गंदम की फसल जली हुई थी अब घुड़सवार ने आखिरी भाई से पूछा भेड़ बकरियां कहां हैं तो वह कहने लगा इस शहर के कुत्ते बहुत भूखे हैं आज तक
मैंने ऐसे भूख कुत्ते नहीं देखे वह आकर बकरियों को खाने लगे मैंने उन्हें खाने दिया और उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की घुड़सवार ने सबकी बातें सुनी तो सर पीट लिया और फिर चारों को तलब करके कहा तुम लोगों ने मुझे इस कदर नुकसान पहुंचाया है कि मेरी आइंदा नस्लें भी याद रखेंगी तुम लोगों ने मेरी मां को मार डाला और मेरे कारोबार को तबाह कर दिया खैर तुम लोग हो ही भोले और बेवकूफ इसलिए मैं तुम्हें माफ करता हूं अब तुम सब ऐसा करो कि एक बेलचा लेकर कब्रिस्तान जाओ और वहां एक ऐसी कब्र
तैयार करो जो कान के बराबर गहरी हो चारों भाई कब्र खोदने के लिए कब्रिस्तान रवाना हुए और वहां पहुंचकर एक ने बेलचा मारा और दूसरे भाई ने अपना कान वहां रख दिया और कहने लगा यह कबर तो कान से बड़ी हो गई है बाकी भाइयों ने भी अपना-अपना कान उस कब्र के निशान पर रखा और कहने लगे यह कब तो कान से बड़ी बन गई है उन्होंने सोचा कि घुड़सवार पहले ही उनसे नाराज है और अगर कब्र बड़ी बन गई तो और भी ज्यादा बिगड़ जाएगा उन्हो उ ने कब्र को वहीं छोड़ा और यह सोचकर
घर पहुंच गए कि कब्र बन चुकी है तो घुड़सवार हैरान हुआ कि यह लोग इतनी जल्दी वापस कैसे आ गए उसने पूछा क्या तुमने कब्र भी खोदी या वैसे ही वापस आ गए हो वह भाई कहने लगे जनाब यह कोई मुश्किल काम नहीं था हम तो कब्र खोद कर आ भी गए घुड़सवार ने कहा इस काम में तो काफी वक्त लगता है मालूम नहीं तुम लोगों ने इतनी जल्दी कब्र कैसे खोद ली चलो मेरे साथ चलो मुझे दिखाओ जब कब्र न पहुंचे तो कब्र तलाश करने लगे मगर वह कब्र कहीं नजर ना आई कब्र तलाश
करते-करते काफी वक्त लग गया आखिरकार एक भाई बोला जनाब यह देखें यह कान के बराबर कबर घुड़सवार कहने लगा अरे बुद्धू मैंने कान की तरफ इशारा करके गहराई बताई थी यह तो महज एक मुट्ठी भर कब्र है फिर उसने कहा तुम चारों भाई जाओ और मेरी मां की लाश ले आओ मैं खुद उसके लिए कब्र खो दूंगा वो चारों भाई गए और मुर्दा बुढ़िया को चारपाई पर रखकर दौड़ते हुए कब्रिस्तान की तरफ आए मगर रास्ते में वो बुढ़िया चारपाई से कहीं गिर गई कब्रिस्तान पहुंचकर जब उन्होंने चारपाई रखी तो एक दूसरे का मुंह तकने लगे
घुड़सवार ने पूछा मेरी मां कहां है उन्होंने कहा जनाब हम लाश लेकर आ रहे थे लेकिन वह रास्ते में कहीं भाग गई अब हम यहां पहुंच गए हैं हमने जो देखा वह यह है कि चारपाई खाली है घुड़सवार कहने लगा यह कैसे मुमकिन है कि एक मुर्दा भाग जाए फिर गुस्से से कहने लगा जाकर मेरी मां को जिस तरह भी मुमकिन हो तलाश करके लाओ वरना उसकी जगह तुम चारों को यहां दफन कर दूंगा चारों भाई बुढ़िया की लाश तलाश करने जा रहे थे कि रास्ते में उन्हें एक बूढ़ी औरत नजर आई जो लकड़ियां जमा
कर रही थी उन्होंने इस बुढ़िया से कहा तुम यहां लकड़ियां जमा कर रही हो इधर तुम्हारा बेटा हमें जिंदा दफन करने की धमकियां दे रहा है चलो हमारे साथ चलो चारों भाइयों ने उस बूढ़ी औरत को जबरदस्ती पकड़कर चारपाई पर लटा और कब्रिस्तान की तरफ रवाना हो गए वह बेचारी बूढ़ी औरत चीखती चिल्लाती रही मगर इन भाइयों ने एक ना सुनी जब कब्रिस्तान पहुंचे तो घुड़सवार से कहने लगे यह लो अपनी मां अब इसे संभाल लो हम तो मुफ्त में बदनाम हो रहे हैं यह अभी भी नहीं आ रही थी हम इसे जबरदस्ती पकड़ कर
लाए हैं घुड़सवार ने बूढ़ी औरत को देखा तो उससे माफी मांगी और कहने लगा इन्होंने मेरी बूढ़ी मां की लाश को कहीं गुम कर दिया है और उसकी जगह तुम्हें उठाकर ले आए मैं इसकी माफी मांगता हूं इसके बाद घुड़सवार खुद गया और अपनी मां की लाश को तलाश करके लाया और उसे दफन किया घुड़सवार इन बेवकूफ भाइयों की बेवकूफियां से बहुत तंग आ चुका था इसलिए उसने धक्के मार-मार कर चारों को घर से निकाल दिया दोस्तों उम्मीद है आपको आज की यह वीडियो पसंद आई होगी कमेंट्स में अपनी राय का इजहार करें और हमारे
चैनल वाय एम वॉइस को सब्सक्राइब करें शुक्रिया