तुम्हें लगता है, ट्रेडिंग में पैसा स्ट्रेटजी से बनता है। गलत। मैंने अपनी जिंदगी में हजारों ट्रेडर्स को टूटते देखा है। पास शानदार इंडिकेटर्स थे, कुछ के पास लाखों की कैपिटल, लेकिन फिर भी वो हार गए। क्यों? क्योंकि मार्केट तुम्हारे चार्ट से पहले तुम्हारी आदतों को पढ़ता है। दिन मैंने ये समझा, मेरी ट्रेडिंग बदल गई। मेरा नाम जेसी लिवरमोर है। मैंने करोड़ों डॉलर कमाए और करोड़ों गंवाए भी। स्ट्रीट का किंग भी कहलाया और एक वक्त ऐसा भी आया पास खुद को देखने की हिम्मत नहीं बची थी। आज मैं तुम्हें कोई इंडिकेटर नहीं सिखाऊंगा, ना कोई सीक्रेट
स्ट्रेटजी। आज मैं तुम्हें वो हैबिट सिखाऊंगा जिसने मुझे बर्बाद भी किया और अमीर भी बनाया। क्योंकि सच ये है ट्रेडिंग में पैसा मार्केट से नहीं बल्कि तुम्हारी आदतों से बनता है। ये वीडियो आखिर तक देख ली, तो शायद अगली बार लॉस होने के बाद तुम रिवेंज ट्रेड नहीं लोगे। [संगीत] बार तुम फोमो में एंट्री नहीं करोगे। और शायद पहली बार तुम्हें समझ आएगा कि असल लड़ाई मार्केट से नहीं खुद से है। चलो, मैं तुम्हें उस रात में ले चलता हूं जिसने मेरी पूरी जिंदगी बदल दी। सालों पहले, एक रात मैं अपने ऑफिस में अकेला बैठा
था। सिगरेट का धुआं, खुले चार्ट्स, और सामने एक ऐसा लॉस जिसने मेरी नींद छीन ली थी। मैंने उस दिन लाखों डॉलर गंवाए थे। पैसे [संगीत] का नहीं था। दर्द इस बात का था कि मैं वही गलती फिर कर चुका था। तोड़े थे। सिस्टम को इग्नोर किया था। को नहीं अपने ईगो को फॉलो किया था। वो पल था जहां मुझे पहली बार समझ आया से नहीं हारता, अपनी आदतों से [संगीत] हारता है। भी होता होगा। तुम सोचते हो बड़ा प्रॉफिट निकालना है। होता है? एक ट्रेड, दूसरा ट्रेड, तीसरा ट्रेड और अचानक तुम्हारा दिमाग शांत नहीं रहता।
हार्टबीट तेज [संगीत] होने लगती है। चार्ट पर कैंडल नहीं, इमोशन दिखाई देने लगते हैं। फियर, ग्रीड, होप और फिर एक गलत एंट्री, फिर दूसरा लॉस, फिर रिवेंज ट्रेडिंग और फिर पूरा अकाउंट [संगीत] धीरे-धीरे खत्म होने लगता है। लेकिन सुनो, समस्या तुम्हारी स्ट्रेटेजी नहीं है। समस्या तुम्हारी हैबिट है। मैं तुम्हें एक सच बताता वॉल स्ट्रीट में मैंने ऐसे ट्रेडर्स देखे हैं जो एवरेज इंटेलिजेंस वाले थे, लेकिन करोड़पति बन गए। और ऐसे भी लोग देखे जो जीनियस थे, लेकिन बर्बाद हो गए। डिफरेंस सिर्फ एक था, हैबिट्स। सक्सेसफुल ट्रेडर क्या करता है? वो वेट करता है। वो डिसिप्लिन
फॉलो करता है। वो लॉस को एक्सेप्ट करता है। वो हर कैंडल पर जंप नहीं करता। लेकिन फेल ट्रेडर, वो एक्साइटमेंट ढूंढता है। उसे एक्शन चाहिए। [संगीत] उसे हर मूव पकड़ना है। उसे लगता है, अगर ये ट्रेड मिस हो गया, तो जिंदगी खत्म हो जाएगी। और यही हैबिट उसे खत्म कर देती है। मैं भी ऐसा ही था। जब मैं जवान था, मैं हर टिक पर ट्रेड करता था। मुझे लगता था, जितना ज्यादा एक्शन, उतना ज्यादा पैसा। लेकिन मार्केट कसीनो नहीं है। यहां सबसे ज्यादा पैसा उन लोगों ने बनाया है [संगीत] जो इंतजार करना जानते थे। मैंने
अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा प्रॉफिट एक दिन में नहीं बनाया। मैंने उसे बनाया सही मौके का इंतजार करके। लेकिन लोग वेट नहीं कर पाते, क्यों? क्योंकि उनका दिमाग डोपामिन का आदी हो चुका है। हर ग्रीन कैंडल उन्हें एक्साइटमेंट देती है। हर प्रॉफिट उन्हें हीरो जैसा महसूस कराता है। और हर लॉस उनके ईगो पर हमला करता है। यानी, ट्रेडिंग अब बिजनेस नहीं रहती। वो इमोशनल एडिक्शन बन जाती है। और एडिक्शन हमेशा बर्बादी की तरफ [संगीत] ले जाती है। तुम्हें पता है, सबसे डेंजरस हैबिट कौन सी है? अपने लॉस को एक्सेप्ट ना करना। एक दिन मैंने एक
गलत पोजीशन पकड़ ली। मार्केट मेरे खिलाफ जा रहा था। कर लेना चाहिए था। लेकिन मैंने खुद से कहा थोड़ा वेट करते हैं। मार्केट वापस आएगा। और गिरा। मैंने कहा अब तो रिवर्स होगा। गिरा। [संगीत] और कुछ घंटों बाद मैंने इतना बड़ा लॉस देखा उंगलियां कांपने लगी। उस दिन मुझे समझ आया मार्केट तुम्हारी उम्मीदों पर नहीं चलता। ट्रेडर क्या करता है? वह रियलिटी नहीं देखता। वह होप में जीता है। ट्रेडिंग में सबसे महंगा नशा है। अगर तुम ट्रेडिंग में सच में पैसा बनाना चाहते हो, तो तुम्हें सबसे पहले अपनी आदतें बदलनी होंगी। इंडिकेटर, ना स्ट्रेटेजी, ना
[संगीत] ब्रोकर। आदतें। क्योंकि तुम रोज जो रिपीट करते हो फ्यूचर बनाता है। अगर तुम रोज बिना प्लान के ट्रेड करोगे, तो लॉस तुम्हारी आदत बन जाएगा। अगर तुम रोज फोमो में एंट्री लोगे, तो फियर तुम्हारी आइडेंटिटी बन जाएगी। अगर तुम रोज ओवरट्रेडिंग करोगे, अकाउंट धीरे-धीरे मर जाएगा। अगर तुम डिसिप्लिन रिपीट करोगे, तो प्रॉफिट भी रिपीट होने लगेगा। को गलत समझते हैं। है यह फास्ट मनी गेम है। ट्रेडिंग सेल्फ कंट्रोल का गेम है। खुद को कंट्रोल करना सीख लिया, मार्केट उसे रिवॉर्ड देता है। को मार्केट सिर्फ लेसन देता है। मुझे याद है एक बार मेरे पास
एक नौजवान ट्रेडर आया। उसने कहा जैसी मैं बहुत नॉलेज रखता हूं। लेकिन प्रॉफिट नहीं बना पा रहा। मैंने उससे सिर्फ एक सवाल पूछा तुम लॉस के बाद क्या करते हो? उसने कहा मैं तुरंत अगला ट्रेड लेता हूं ताकि पैसा वापस आ जाए। क्योंकि मुझे उसका फ्यूचर दिख चुका था। [संगीत] कर रहा था। वह रिएक्ट कर रहा था और इमोशनल ट्रेडर कभी कंसिस्टेंट [संगीत] पैसा नहीं बनाता। तुम्हें समझना होगा। मार्केट तुम्हें ट्रैप नहीं करता। तुम खुद ट्रैप होते हो अपनी आदतों से। लेट नाइट चार्ट्स, रैंडम एंट्रीज, YouTube गुरुस, Telegram [संगीत] टिप्स, ओवरकॉन्फिडेंस, रिवेंज ट्रेडिंग, यह सब
धीरे-धीरे तुम्हारी साइकोलॉजी को पॉइजन करते हैं। एक दिन तुम्हारा अकाउंट खत्म हो जाता है। लेकिन सबसे खतरनाक बात पता है क्या है? उसके बाद भी लोग नहीं बदलते। स्ट्रेटेजी खोजने लगते हैं। नया इंडिकेटर, नया कोर्स, लेकिन प्रॉब्लम वहीं रहती है, हैबिट्स। मैं चाहता हूं कि आज तुम खुद से एक सवाल पूछो। क्या मैं सच में ट्रेडर हूं एक्साइटमेंट का शिकार हूं? ट्रेडर ट्रेड नहीं करता। रियल ट्रेडर को चेज नहीं करता। रियल ट्रेडर पहले खुद को जीतता है, फिर मार्केट को। और सुनो, इस वीडियो को सिर्फ मोटिवेशन समझकर मत छोड़ देना। तुमने अपनी आदतें नहीं बदली,
तुम्हारे पास दुनिया की सबसे बेस्ट स्ट्रेटेजी क्यों ना हो, मार्केट तुम्हें फिर तोड़ देगा। तुमने डिसिप्लिन सीख लिया, स्ट्रेटेजी भी तुम्हें अमीर बना सकती है। अगले पार्ट में मैं तुम्हें वह हैबिट बताऊंगा जिसने लाखों ट्रेडर्स को खत्म कर दिया, और मैं तुम्हें बताऊंगा [संगीत] कैसे एक इंसान प्रॉफिट कमाते-कमाते अपने ही लालच से बर्बाद हो जाता है। में ट्रेडिंग बदलना चाहते हो, तो आगे का हिस्सा ध्यान से देखना। क्योंकि शायद तुम अभी वही गलती कर रहे हो। तुम्हें पता है, ज्यादातर ट्रेडर्स गरीब क्यों रह जाते हैं? लगता है ज्यादा ट्रेड इज इक्वल्स ज्यादा पैसा और यही
सोच उन्हें खत्म कर देती है। [संगीत] मैंने अपनी जिंदगी में सबसे खतरनाक हैबिट अगर कोई देखी है है ओवर ट्रेडिंग। हर कैंडल पर एंट्री हर मूव पकड़ने की कोशिश हर घंटे प्रॉफिट बनाने की भूख यही वह बीमारी है जो ट्रेडर [संगीत] को धीरे-धीरे अंदर से खा जाती है। मैं भी इस बीमारी का शिकार था। एक समय ऐसा था जब मुझे लगता था कि अगर मैं मार्केट से दूर बैठ गया तो कोई बड़ा मौका छूट जाएगा। सुबह मार्केट खुलते ही मैं चार्ट्स पर टूट पड़ता था। एक ट्रेड फिर दूसरा, फिर तीसरा और कुछ घंटों बाद मुझे
खुद समझ नहीं आता था कि मैं पैसा कमाने आया था या बस स्क्रीन का गुलाम बन चुका था। यही हालत आज लाखों ट्रेडर्स की है। वे ट्रेडिंग नहीं कर रहे। वे सिर्फ एक्शन के आदि हो चुके हैं। और मार्केट एक्शन लेने वालों को नहीं पेशेंस रखने वालों को पैसा देता है। मुझे आज भी वह दिन याद है जब मैंने लगातार 14 ट्रेड्स लिए थे। पहले दो ट्रेड्स प्रॉफिट में गए और वहीं मेरा दिमाग बदल गया। मुझे लगा आज तो मैं मार्केट का किंग हूं। यही सबसे डेंजरस [संगीत] मोमेंट होता है। क्योंकि लॉस से ज्यादा खतरनाक
ओवर कॉन्फिडेंस होता है। उसके बाद मैंने बिना सेटअप के एंट्रीज लेना शुरू कर दिया। हर कैंडल अपॉर्चुनिटी लग रही थी। हर छोटा मूव मुझे पैसा दिखाई दे रहा था। लेकिन मार्केट तुम्हारे कॉन्फिडेंस से प्रभावित नहीं होता। कुछ घंटों बाद मेरा पूरा प्रॉफिट खत्म हो चुका था। फिर मैंने क्या किया? रिवेंज ट्रेडिंग। और यही वह पल था जहां मैंने अपने दिमाग पर कंट्रोल खो दिया। मैं अब सोच नहीं रहा था। मैं सिर्फ रिकवर करना चाहता था। याद रखना जिस पल तुम रिकवर करने के लिए ट्रेड लेते हो उस पल तुम ट्रेडर नहीं रहते तुम गैंबलर बन
जाते हो। और गैंबलिंग हमेशा अकाउंट खत्म करती है। यही कारण है कि 90% [संगीत] लोग मार्केट में पैसा नहीं बना पाते। क्योंकि वे डिसिप्लिन नहीं एक्साइटमेंट ढूंढते हैं। उन्हें हर दिन [संगीत] एक्शन चाहिए। अगर एक दिन ट्रेड ना लें, होने लगती है। चार्ट खोलते हैं। बार-बार [संगीत] कैंडल देखते हैं। बार-बार एंट्री खोजते कोई सेटअप ना हो। और यही आदत उन्हें धीरे-धीरे गरीब बना देती है। एक सच्चाई बताता हूं। बड़े प्रॉफिट फास्ट ट्रेडिंग से नहीं आए। वे आए वेटिंग से। हां, सिर्फ इंतजार से। मार्केट शोर मचा रहा था, मैं शांत बैठा था। हर कैंडल पर जंप
कर रहे थे, रहा था। मौका आया, किया। यही प्रोफेशनल ट्रेडर और एवरेज ट्रेडर में फर्क है। एवरेज ट्रेडर हर मूव पकड़ना चाहता है। प्रोफेशनल ट्रेडर सिर्फ सही मूव पकड़ता है। वह खुद को बचाता है। क्योंकि असली पैसा [संगीत] ट्रेडिंग करने से नहीं, गलत ट्रेडिंग से बचने से बनता है। यह बात समझना नहीं चाहते। उन्हें लगता है, के सामने 10 घंटे बैठूंगा, तो ज्यादा पैसा बनेगा। स्क्रीन टाइम प्रॉफिट गारंटी नहीं करता। क्लियर माइंड करता है। तुम्हारा माइंड इमोशनल है, तो ज्यादा समय सिर्फ ज्यादा गलती करवाएगा। मुझे याद है, एक बार मैं लगातार कई दिनों तक ट्रेडिंग
कर रहा था। स्ट्रेस ज्यादा। मैं खुद को मशीन समझने लगा था। यह था, [संगीत] टूट रहा था। एक सुबह, एक छोटी कैंडल देखकर बड़ी कोई कंफर्मेशन नहीं, [संगीत] नहीं, कुछ मिनट बाद, मार्केट उल्टा चला गया। कर सकता था। बोल रहा था, "थोड़ा वेट करो, तुम गलत नहीं हो सकते।" वाक्य हर टूटे हुए ट्रेडर की आखिरी सोच होती है। बाद, लॉस इतना बड़ा हो चुका था कि मैं स्क्रीन को घूरता रह गया। पहली बार, से पूछा, "क्या मैं मार्केट को बीट करना चाहता हूं या खुद को साबित करना चाहता हूं क्योंकि दोनों अलग चीजें हैं। ईगो
[संगीत] पैसा नहीं बनाता। डिसिप्लिन बनाता है और ओवरट्रेडिंग डिसिप्लिन का दुश्मन है। अगर तुम सच में कंसिस्टेंट पैसा बनाना चाहते हो यह समझना होगा। हर दिन ट्रेड करना जरूरी नहीं। हर मूव पकड़ना जरूरी नहीं। [संगीत] हर कैंडल अपॉर्चुनिटी नहीं होती। कई बार सबसे बड़ा प्रॉफिट कुछ ना करने में होता है। ट्रेडर यह [संगीत] नहीं समझता। उसे साइलेंस से डर लगता है। उसे लगता है अगर मैं अभी ट्रेड नहीं लूंगा तो मौका चला जाएगा। यही फियर उसे बार-बार गलत एंट्री करवाता [संगीत] है और धीरे-धीरे उसका अकाउंट खत्म होने लगता है। सुनो मार्केट हमेशा रहेगा कैपिटल हमेशा
नहीं रहेगा। इसीलिए प्रोफेशनल ट्रेडर पहले पैसा बचाता है। सोचता है। एवरेज ट्रेडर पहले प्रॉफिट सोचता है और अंत में कैपिटल खो देता है। हूं कि आज से रूल फॉलो करो। जब तक सेटअप क्रिस्टल क्लियर ना हो ट्रेड मत लो। शुरू में तुम्हें बेचैनी होगी। तुम्हारा दिमाग [संगीत] बोलेगा कुछ तो करो। जीत छुपी है शुरुआत में दर्द देता है में फ्रीडम देता है और लैक ऑफ डिसिप्लिन शुरुआत में एक्साइटमेंट देता है में बर्बादी। मैंने अपनी जिंदगी में यही सीखा सबसे पावरफुल इंसान वह नहीं जो सबसे ज्यादा ट्रेड्स लेता है बल्कि वह जो सही समय तक खुद
को रोक सकता है मानो जिस दिन तुमने खुद को रोकना सीख लिया तुम्हें अलग नजर से देखेगा तुम भीड़ का हिस्सा नहीं रहोगे। बनना शुरू हो जाओगे एक और खतरनाक हैबिट बाकी है। जो अच्छे ट्रेडर्स को भी खत्म कर देती है। फियर लॉस का फियर, मिस होने का फियर, गलत साबित होने का फियर। अगले पार्ट में मैं तुम्हें बताऊंगा कि कैसे फियर इंसान की सोच छीन लेता है और कैसे वही फियर तुम्हारे प्रॉफिट को रोक [संगीत] देता है। एक सवाल पूछता हूं। क्या कभी ऐसा हुआ है परफेक्ट सेटअप देखा, सब कुछ सही था, था, कंफर्मेशन
भी था, लेकिन फिर भी तुमने एंट्री नहीं ली और कुछ मिनट बाद मार्केट बिल्कुल उसी डायरेक्शन में भाग गया जिसकी तुमने सोच रखी थी। स्क्रीन को देखते रह गए। दिल में सिर्फ एक ही आवाज, यार, एंट्री ले लेता तो आज बड़ा प्रॉफिट हो जाता। अगर यह तुम्हारे साथ हुआ है तो समझ लो तुम्हारी सबसे बड़ी प्रॉब्लम स्ट्रेटजी [संगीत] नहीं और फियर वह धीरे-धीरे ट्रेडर का फ्यूचर खा जाता है। सच बताता हूं, मार्केट में सबसे ज्यादा पैसा नॉलेज से नहीं कॉन्फिडेंस से बनता है। लेकिन कॉन्फिडेंस और ओवर कॉन्फिडेंस में फर्क होता है। कॉन्फिडेंस रूल फॉलो करता
है। रूल तोड़ता है फियर तुम्हें रूल फॉलो ही नहीं करने देता। फियर का शिकार था। [संगीत] लोग मुझे वॉल स्ट्रीट का लेजेंड कहते थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था ऐसी थीं से डरता था। लॉस के बाद चार्ट खोलने तक से डर लगता था। पर होती थी लेकिन क्लिक नहीं हो पाता था। क्यों? क्योंकि दिमाग में पुराना पेन घूम रहा होता था। यही फियर हर ट्रेडर को कमजोर बनाता है। मैंने लगातार कई गलत ट्रेड्स लिए। मैंने खुद से कहा बार रिकवर कर लूंगा। लॉस के बाद मेरा कॉन्फिडेंस टूटता गया और फिर आया जब मेरे सामने एक
परफेक्ट अपॉर्चुनिटी थी। मार्केट बिल्कुल वैसा ही चल रहा था जैसा मैं सालों से पढ़ता आया था। लेकिन मैंने ट्रेड नहीं लिया क्योंकि मेरा दिमाग बोल रहा था अगर फिर लॉस हो गया तो? कुछ घंटों बाद मार्केट रॉकेट की तरह भाग गया। लोग पैसा बना रहे थे सिर्फ स्क्रीन देख रहा था। उस दिन मुझे समझ आया फियर सिर्फ पैसा नहीं छीनता। भी छीन लेता है। याद रखना डरा हुआ ट्रेडर कभी बड़ा पैसा नहीं बना सकता। कंफ्यूज्ड लोगों को रिवॉर्ड नहीं देता। मार्केट क्लेरिटी मांगता है। लेकिन यहां सबसे बड़ा ट्रैप क्या है पता है? लॉस के बाद
इंसान स्ट्रेटजी नहीं बदलता। बदल जाता है। कॉन्फिडेंट था। कैंडल से डरता है। प्लान फॉलो करता था। अब वह सिर्फ सेफ महसूस करना चाहता है और यही सेफ्टी धीरे-धीरे उसे एवरेज बना देती है। सुनो अगर तुम हर ट्रेड में गारंटीड प्रॉफिट ढूंढ रहे हो तो ट्रेडिंग तुम्हारे लिए नहीं है। क्योंकि मार्केट में कोई सर्टेनिटी नहीं होती। यहां सिर्फ प्रोबेबिलिटी होती है। प्रोफेशनल ट्रेडर यह जानता है हर ट्रेड जीतने के लिए नहीं लिया जाता। कुछ ट्रेड्स सिर्फ सिस्टम फॉलो करने के लिए लिए जाते हैं। लेकिन नया ट्रेडर क्या करता है? वह हर ट्रेड को अपनी आईडेंटिटी बना
लेता है। अगर प्रॉफिट हुआ तो वह खुद को जीनियस समझता है। अगर लॉस हुआ तो खुद को फेलियर। इमोशनल रोलर कोस्टर उसे अंदर से तोड़ देता है। हूं कि तुम यह लाइन हमेशा याद रखो। लॉस तुम्हें कमजोर नहीं बनाता। लॉस से डरना तुम्हें कमजोर बनाता है। क्योंकि जिस दिन तुम लॉस एक्सेप्ट करना सीख गए फियर की पावर खत्म हो जाएगी। लॉस को पर्सनल ले लेते हैं। उन्हें लगता है मार्केट ने मुझे गलत साबित कर दिया। नहीं। मार्केट तुम्हें जज नहीं कर रहा। मार्केट को फर्क भी नहीं पड़ता कि तुम कौन हो। लेकिन तुम्हारा ईगो ही
हर लॉस को अटैक समझता है। प्लस फियर सबसे खतरनाक कॉम्बिनेशन है। है कि कई ट्रेडर्स स्टॉप लॉस हटाते रहते [संगीत] हैं। क्योंकि वे गलत साबित नहीं होना चाहते। वे छोटी चोट एक्सेप्ट नहीं करते। में बड़ा घाव ले लेते हैं। मैंने ऐसे ट्रेडर्स देखे हैं। लॉस से बचने के चक्कर में। खत्म कर बैठे। सिर्फ इसलिए। क्योंकि उन्हें एक्सेप्ट करना नहीं आता था। से सुनो। ट्रेडिंग में अमीर बनने के लिए। तुम्हें फीयरलेस नहीं बनना। कंट्रोल्ड बनना है। फीयर हमेशा रहेगा। जब तक पैसा दाव पर है। इमोशन रहेगा। लेकिन प्रोफेशनल ट्रेडर और एमेच्योर ट्रेडर में फर्क यह है।
प्रोफेशनल। इमोशन के बावजूद रूल फॉलो करता है। [संगीत] एमेच्योर। इमोशन देखकर रूल बदल देता है। आदत। उसे सालों तक वहीं फंसाए रखती है। मुझे याद है। एक लड़का मुझसे मिलने आया था। उसने कहा। जेसी। मैं सीख तो गया हूं। लेकिन ट्रेड लेते वक्त डर लगता है। किस बात का डर है? उसने कहा। लॉस का। मैं मुस्कुराया। और उससे कहा। तो तुम अभी भी ट्रेडिंग को गलत समझते हो। क्योंकि लॉस कोई दुश्मन नहीं है। लॉस। ट्रेडिंग का किराया है। में रहने के लिए प्राइस देते हो। [संगीत] कोई भी बड़ा ट्रेडर। 100% विन रेट से अमीर नहीं
बना। वे अमीर बने क्योंकि। लॉस को जल्दी एक्सेप्ट किया। और बड़े प्रॉफिट को बढ़ने दिया। लेकिन एवरेज ट्रेडर उल्टा करता है। बुक करता है। और लॉस को पकड़ कर बैठ जाता है। यानी। वह अपने विनर्स को मार देता है। और लूजर्स को पालता रहता है। सोचो। अगर कोई किसान छोटे पौधे उखाड़ दे। पेड़ को पानी देता रहे। होगा? बर्बादी। और यही लोग अपने ट्रेडिंग अकाउंट के साथ करते हैं। अब मैं चाहता हूं कि तुम आज एक प्रॉमिस करो। से भागूंगा नहीं। क्योंकि जिस दिन तुमने लॉस को नॉर्मल मान लिया। कम होने लगेगा। फीयर कम हुआ।
तुम्हारा दिमाग क्लियर होने लगेगा। नहीं, अपॉर्चुनिटी देखोगे। नॉइज़ नहीं, पैटर्न देखोगे। इमोशन नहीं, लॉजिक देखोगे। और वहीं से रियल ट्रेडिंग शुरू होती है। अगर अभी तक तुम वीडियो देख रहे हो, तो कमेंट में लिखो, को नहीं, रूल को फॉलो करूंगा। पता है, जो इंसान यहां तक पहुंचा है, एंटरटेनमेंट नहीं, बदलना चाहता है। लेकिन अभी सबसे डेंजरस हैबिट बाकी है। जो इंसान को प्रॉफिट के बाद अंधा बना देती है। ग्रीड। लालच। वही लालच, जिसने बड़े-बड़े ट्रेडर्स को सड़क पर ला दिया। अगले पार्ट में, मैं तुम्हें अपनी जिंदगी का वो किस्सा बताऊंगा, करोड़ों कमाए, और फिर अपने
ही लालच में सब कुछ गंवा दिया। मैंने अपनी जिंदगी में बहुत लोगों को टूटते देखा है। लेकिन सबसे दर्दनाक चीज क्या थी, पता है? से नहीं टूटे, वे प्रॉफिट से टूटे। प्रॉफिट। क्योंकि मार्केट में लॉस से ज्यादा डेंजरस चीज अगर कोई है, तो वो है लालच और लालच धीरे-धीरे इंसान की सोच खा जाता है। शुरुआत में ट्रेडर पैसा कमाना चाहता है। फिर क्या होता [संगीत] है? पैसा चाहिए। फिर और ज्यादा। फिर और ज्यादा। और एक दिन, [संगीत] वो इतना ब्लाइंड हो जाता है रिस्क दिखाई देना बंद हो जाता है। अपनी जिंदगी का सबसे खतरनाक दौर
सुनाता हूं। ऐसा आया, जब मैं लगातार प्रॉफिट बना रहा था। सफल, हर पोजीशन पैसा दे रही थी। अखबार मेरे बारे में लिख रहे थे। लोग मुझे जीनियस बोल रहे थे। और यहीं, [संगीत] मैंने सबसे बड़ी गलती की। को अजेय समझ लिया। याद रखना, जिस दिन ट्रेडर को लगता है, अब मैं गलत नहीं हो सकता, उसी दिन उसकी बर्बादी शुरू हो जाती है। क्योंकि मार्केट अहंकार को बर्दाश्त नहीं करता। मैंने पोजीशन साइज बढ़ाना शुरू कर दिया। मैं सोच कर रिस्क लेता था, अब मैं इमोशन से ट्रेड लेने लगा। लगा को समझ चुका हूं। लेकिन सच यह
था अपने प्रॉफिट के नशे में था और प्रॉफिट का नशा शराब से भी ज्यादा खतरनाक होता है। क्योंकि शराब इंसान का शरीर बिगाड़ती है। लेकिन लालच उसका डिसीजन मेकिंग खत्म कर देता है। एक सुबह मैंने बहुत बड़ी पोजीशन ली। इतनी बड़ी [संगीत] कि अगर मार्केट मेरे खिलाफ जाता खत्म हो सकता था। समय मुझे सिर्फ प्रॉफिट दिखाई दे रहा था। करती है। वह तुम्हें रिस्क [संगीत] नहीं देखने देती। दिमाग में एक झूठ भर देती है। कुछ गलत नहीं होगा। लेकिन मार्केट किसी की कहानी देखकर नहीं चलता। बाद मार्केट अचानक पलटा। पहले छोटा मूव फिर बड़ा मूव
और मैंने स्क्रीन पर वह नंबर्स देखे जिन्होंने मेरे शरीर से पसीना निकाल दिया। लॉस बढ़ता जा रहा था। एग्जिट नहीं किया। क्योंकि लालच अभी भी जिंदा था। कह रहा था थोड़ा वेट करो, [संगीत] मार्केट वापस आएगा। वापस नहीं आया। मैंने सिर्फ पैसा नहीं खोया। मैंने अपनी शांति खो दी। मैं सो नहीं पाया। कमरे में अंधेरा था। दिमाग में सिर्फ एक सवाल घूम रहा था। इतना सब होने के बाद भी क्यों नहीं लिया? सिर्फ एक था। ग्रीड। लालच इंसान को अंधा बना देता है। नहीं देखने देता। है कि लोग प्रॉफिट में पोजीशन होल्ड करते रहते हैं।
प्रॉफिट वापस मार्केट को दे देते हैं। क्योंकि उन्हें लगता है थोड़ा और यही थोड़ा और सब कुछ खत्म कर देता है। सुनो ट्रेडिंग में सबसे मुश्किल काम एंट्री लेना नहीं है। काम है। इनफ कहना। क्योंकि इंसान की नेचर कभी संतुष्ट नहीं होती। प्रॉफिट हुआ। 10000 [संगीत] चाहिए। 10000 हुआ। चाहिए। फिर करोड़ और इस दौड़ में। इंसान धीरे-धीरे डिसिप्लिन खो देता है। हूं कि तुम यह समझो। मार्केट अपॉर्चुनिटी देने की मशीन है। इंसान। हर अपॉर्चुनिटी को जैकपॉट बनाना चाहता है और यही सोच। कर देती है। प्रोफेशनल ट्रेडर क्या करता है? को रिस्पेक्ट करता है। है। करोड़पति
नहीं बनना। कंसिस्टेंसी चाहिए। लेकिन एवरेज ट्रेडर। उसे एक ही दिन में जिंदगी बदलनी है और यही जल्दी बाजी सेट उसे बर्बाद कर देती है। मुझे याद है। मेरे पास आया था। जैसी। जब प्रॉफिट होता है। नहीं पाता। मैंने उससे पूछा। तुम्हें सबसे ज्यादा खुशी कब मिलती है? उसने कहा। प्रॉफिट चलता है। यही तुम्हारी प्रॉब्लम है। क्योंकि वह ट्रेडिंग नहीं कर रहा था। हाई ढूंढ रहा था। ट्रेडिंग इमोशन का खेल बन गई उस दिन लॉजिक मर जाता है। ग्रीडी ट्रेडर कभी लंबे समय तक नहीं टिकता। को एटीएम समझता है। रिस्पेक्ट मांगता है। अगर तुम डिसिप्लिन से
ट्रेड करोगे। लालच। तुम्हें लेसन देगा। बहुत महंगा होता है। [संगीत] सालों की मेहनत। लालच में गवा देते हैं। पोजीशन एक ओवरकॉन्फिडेंस एक थोड़ा और और सब खत्म। इसलिए मैंने अपनी जिंदगी में एक रूल बनाया। जब इमोशन बढ़े तो पोजीशन छोटी कर दो। क्योंकि इमोशन जितना बड़ा होगा। गलती उतनी बड़ी [संगीत] होगी। के बाद तुम्हारा हार्टबीट तेज हो रहा है, अगर तुम्हें लग रहा है आज पूरा मार्केट जीत लूंगा तुम्हारा दिमाग क्लियर नहीं रहा और क्लाउडेड माइंड हमेशा गलत डिसीजन लेता है। सच्चाई यह है ट्रेडिंग अमीर बनने का फास्ट तरीका नहीं। यह सेल्फ कंट्रोल की परीक्षा
है। यहां वही जीतता है जो खुद को संभाल सकता है। कभी फेयर में हारते हैं में लेकिन दोनों का रिजल्ट एक ही होता है बर्बादी। हूं कि आज से को चेस करना बंद करो। बस प्रोसेस फॉलो करो। सही होगा आने लगेगा। लेकिन अभी सबसे बड़ी लड़ाई बाकी है माइंडसेट। क्योंकि अगर तुम्हारा माइंड मजबूत नहीं तो ना स्ट्रेटजी काम आएगी, ना नॉलेज, ना एक्सपीरियंस। अगले पार्ट में मैं तुम्हें वह मेंटालिटी सिखाऊंगा जिसने मुझे बार-बार गिरने के बाद भी वापस खड़ा किया। चीज तुम्हें भी एवरेज ट्रेडर से अलग बना दे। मैंने अपनी जिंदगी में एक चीज बहुत
देर से सीखी। नहीं है, चार्ट दुश्मन नहीं है, लॉस भी दुश्मन नहीं है। [संगीत] हमारे अंदर बैठा वह इंसान है अमीर बनना चाहता है। ट्रेड लेता है। में कांपता है। जो ग्रीड में अंधा हो जाता है। लॉस के बाद टूट जाता है। तक तुम उस इंसान को नहीं बदलोगे कोई स्ट्रेटजी तुम्हें बचा नहीं सकती। मैंने करोड़ों कमाए [संगीत] लेकिन उससे ज्यादा जरूरी चीज सीखी। ट्रेडिंग का मतलब पैसा कमाना नहीं खुद पर कंट्रोल पाना है। दिन तुमने खुद को कंट्रोल कर लिया उस दिन फोमो खत्म होने लगेगा। ओवरट्रेडिंग खत्म होने लगेगी। पड़ने लगेगा। होने लगेगी। से
कंसिस्टेंसी शुरू होगी। मार्केट में जीतने वाले लोग सबसे ज्यादा इंटेलिजेंट नहीं होते। हैं जो सबसे ज्यादा डिसिप्लिन्ड होते हैं। जो वेट कर सकते हैं। जो लॉस एक्सेप्ट कर सकते हैं। जो ईगो को साइड में रख सकते हैं। क्योंकि आखिर में ट्रेडिंग एक माइंड गेम है। वही जीतता है जो खुद को हरा देता है। की इस कहानी में तुमने खुद को कहीं ना कहीं देखा है। यह वीडियो तुम्हारे लिए ही था। पहली बार आया होगा कि प्रॉब्लम स्ट्रेटजी नहीं हैबिट्स थी। अपनी आदतें बदल ली तो शायद [संगीत] एक दिन तुम सिर्फ प्रॉफिट नहीं बनाओगे। तुम एक
रियल ट्रेडर बन जाओगे। वीडियो तुम्हारे सोचने का तरीका बदल पाया तो चैनल को सब्सक्राइब जरूर करना। हम सिर्फ ट्रेडिंग नहीं सीखते। [संगीत] साइकोलॉजी को समझते हैं। को मार्केट में टिकाए रखती है। [संगीत] वीडियो पसंद आई हो तो लाइक करो। रखना मार्केट हमेशा मौका देगा। लेकिन डिसिप्लिन खो दिया तो मौका देखकर भी पैसा [संगीत] नहीं बना पाओगे। जेसी लिवर मोर और अगली बार जब तुम ट्रेड लो तो पहले खुद से पूछना। डिसिप्लिन बोल रहा है या मेरा इमोशन?