एक भाई अपनी ही सगी बहन से मिलने के लिए डेल्ली के एक जीबी रोड के कोठे में जाता है पैसे देके वह उसके साथ उसके कमरे में काफी देर तक रहता है लेकिन जब उसका यह जो समय था यह खत्म होने वाला था तो बाहर से उनका दरवाजा खटखटाया जाता है कि तुम्हारा टाइम हो गया और तुम्हें अब बाहर जाना पड़ेगा लेकिन वह भाई कहता है कि वह अभी थोड़ी देर और इस लड़की के साथ रहना चाहता है जो कि उसकी सगी बहन थी लेकिन बाहर से उसको यह बताया जाता है कि अगर तुम्हें ज्यादा
देर अंदर रहना है तो तुम्हें डबल पेमेंट करनी पड़ेगी और यह जो भाई था था यह अपनी बहन के साथ उस कमरे में रहने के लिए डबल पेमेंट करने के लिए भी रेडी था लेकिन आखिरकार उसकी बहन इस कोठे तक पहुंची कैसे थी और यह सगा भाई अपनी ही बहन के साथ उस कमरे में कर क्या रहा था जब आप यह सारा का सारा इंसीडेंट सुनेंगे तो आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे इस इंसिडेंट की शुरुआत हुई थी 2019 में वेस्ट कोलकाता से जहां पे दो लड़कियां वेस्ट कोलकाता के ही एक एमएनसी कंपनी में जॉब करती
थी इनकी सैलरी थी अराउंड 35000 पर मंथ और ये जो दोनों लड़कियां थी ये बेस्ट फ्रेंड थी और इन्हीं में से एक लड़की जिसका नाम जोतना था वो रोती हुई अपनी बेस्ट फ्रेंड के पास जाती है जिसका नाम इस इंसिडेंट में हम राने बताएंगे क्योंकि उसका असली नाम हम नहीं ले सकते इस इंसिडेंट में तो वो उसको जाके ये कहती है कि उसको दिल्ली से एक बहुत अच्छी जॉब का ऑफर आया था जहां पे उसको पर मंथ सैलरी 1 लाख के अराउंड मिल रही थी लेकिन उसकी फैमिली उसको भेजने के लिए राजी नहीं है और
इस बात के लिए व बहुत ही ज्यादा दुखी थी जब रानी ने यह बात सुनी तो वह जोत के लिए बहुत ही ज्यादा दुखी थी क्योंकि जैसा मैंने आपको बताया ये दोनों बेस्ट फ्रेंड्स थी मतलब ऑफिस टाइम में लंच वगैरह ये सब कुछ साथ में करती थी इनफैक्ट ऑफिस के बाद भी अगर कहीं आउटिंग का प्लान हो तो दोनों साथ में ही जाया करती थी इतनी अच्छी फ्रेंड्स थी ये दोनों लेकिन अब सिचुएशन इस तरह से थी कि जोसना बहुत ही ज्यादा परेशान थी क्योंकि उसकी फैमिली उसको बाहर भेजने के लिए रेडी नहीं थी वहीं
रानी दुखी तो थी लेकिन साथ ही उसने जब पूछा कि वहां से सैलरी कितनी ऑफर हो रही है तो उसने बताया 1 लाख के अराउंड पर मंथ और ये जो जॉब थी अब यह रानी भी करना चाहती थी थी इसीलिए उसने जोसना से पूछा कि क्या मैं इस ऑफिस में जाके तुम्हारी जगह जॉइन कर सकती हूं तो जोसना ने उसको बताया कि हां तुम बिल्कुल कर सकती हो और उसने वहां से एक लड़का भेजा जो कि रानी को वहां छोड़ के आया तो यह जो रानी थी यह अब इस ऑफिस में पहुंची यह दिन था
11 जून 2019 का रानी वहां पे इंटरव्यू से पहले बैठी हुई थी और काफी नर्वस भी लग रही थी इतनी ही देर में एक चाय वाला वहां पे आता है ऑफिस के अंदर ही जो कि ऑफिस का ही काम करने वाला था और वह उसको पूछता है कि मैडम आप चाय लेंगे या अब क्योंकि रानी बहुत परेशान थी और नर्वस भी थी तो वह कहती है कि जो भी तुम अच्छा बनाते हो वह ले आओ जरूरत मुझे काफी है क्योंकि इंटरव्यू से पहले मैं काफी नर्वस हूं तो ये ऑफिस में काम करने वाला उसको कहता
है कि आप क्या चाहते हैं वही मैं आपको अच्छे से बना के दे दूंगा तो उसको रानी कहती है कि तुम जाओ और अच्छे से चाय बना के ले आओ कड़क सी चाय ताकि उसको थोड़ा कॉन्फिडेंस मिले और वो थोड़ा सा बेटर फील करे इस इंटरव्यू से पहले अब ये काम करने वाला जाता है और एक अच्छी सी चाय बना के रानी के लिए लेके आता है वहीं रानी इस चाय को पीती है और थोड़ी थोड़ी ही देर में उसको ऐसा लगता है कि उसको बहुत नींद आ रही है और अचानक से वह बेहोश हो
जाती है वह वहां इंटरव्यू देने बैठी थी और उसको यह लग रहा था कि शायद वो थोड़ी ही देर में इंटरव्यू देगी लेकिन उसके साथ जो हुआ वो इससे कहीं ज्यादा भयानक था जब रानी की आंख खुलती है तो उसको धुंधला धुंधला दिखाई देता है उसको दिखता है कि वह एक बेडरूम के अंदर है जहां पे रानी एक बेड पे लेटी हुई है और उसके सामने एक बूढ़ा इंसान खड़ा है जिसके शरीर पे कोई भी कपड़ा नहीं है और वहीं जब रानी ने खुद को देखा तो उसके शरीर पर भी कोई भी कपड़ा नहीं था
वो चीख चाहती थी उस इंसान से लड़ना चाहती थी और वहां से निकलना चाहती थी लेकिन उसको कुछ ऐसा दिया गया था चाय में जिसकी वजह से ऐसा लग रहा था कि उसके शरीर में ताकत ही नहीं है और वह उनसे लड़ नहीं सकती और वह ढंग से उठ तक नहीं पा रही थी यह देख के रानी बहुत ही ज्यादा परेशान बहुत ही ज्यादा दुखी और बहुत ही ज्यादा डरी हुई थी उसको समझ नहीं आ रहा था कि उसके साथ हुआ क्या है थोड़ी ही देर पहले वह एक ऑफिस में इंटरव्यू देने बैठी हुई थी
लेकिन अचानक से व यहां पर कैसे पहुंच गए यह देखते देखते रानी के सामने यह बूढ़ा इंसान बाहर जाता है उसके साथ इंटीमेट होके उसके बाद एक और इंसान आता है जो कि सेम चीज उसके साथ करता है रानी काउंट करती रहती है और पहले ही दिन जो कि 11 जून का दिन था उसी दिन उसके साथ 15 से 16 लोग यह सब कुछ करके जाते हैं 15 से 16 मर्द इनफैक्ट यह सब कुछ करके जाते हैं रानी काउंट कर रही थी 151 लोगों तक लेकिन उसके बाद तो उसने काउंट करना भी बंद कर दिया
क्योंकि जब भी व चीखने की कोशिश करती या फिर उसको लगता कि जो नशा उसको दिया गया था चाय के थ्रू वो उतरने लगा है और वह थोड़ा बेटर फील कर रही है उसी के बाद उसको फिर से मारना पीटना शुरू कर दिया जाता और फिर से उसको इंजेक्शन दे दिए जाते ये गोलियां दे दी जाती जिसकी वजह से वह फिर से बेहोश हो जाती या तो फिर लड़ नहीं पाती या फिर चीख नहीं पाती यह सब कुछ रानी के साथ कंटीन्यूअसली हुए जा रहा था इसके बाद भी रानी बहुत परेशान थी और वह जब
भी खाना मांगती थी तो भी उसको मार पड़ती थी जब भी पानी मांगती थी तो भी मार पड़ती थी यहां तक कि व यह कहती थी कि उसको शरीर पर पहनने के लिए कपड़े तो दे दो लेकिन उसके बदले में भी उसको मारा जाता था पीटा जाता था और हर वो कोशिश की जाती थी कि रानी अपने कमरे तक से बाहर ना निकल सके क्योंकि वह जानते थे कि सिर्फ रानी ऐसी लड़की थी जो कि इस जगह की हैब चुअल नहीं थी असल में रानी जहां पे पहुंच गई थी व कोई और जगह नहीं बल्कि
दिल्ली का जीवी रोड था जहां पे कोठा नंबर 68 था जिसमें रानी को बेहोश करके इस तरह से पहुंचा दिया गया था और अब वहां पे रानी के साथ वह सब कुछ हो रहा था जो उसने कभी अपनी जिंदगी में इमेजिन तक नहीं किया था लगभग डेढ़ दो महीने हो गए और रानी अभी तक यहीं पे थी वहीं दूसरी तरफ फैमिली परेशान थी कि आखिरकार रानी कहां गई और इसीलिए उन्होंने वेस्ट कोलकाता के ही एक पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट भी लिखवाई थी लेकिन वहीं से भी उनको रानी का कुछ पता ही नहीं चल रहा था
कि रानी आखिरकार है कहां धीरे-धीरे वक्त बीतता जा रहा था और फैमिली एक तरह से उम्मीदें छोड़ती जा रही थी कि रानी उनको कभी मिल भी पाएगी लेकिन इसी बीच रानी ने कुछ ऐसा किया जिस वजह से उसका वहां से छूटना शायद पॉसिबल हो सकता था रानी जैसा मैंने आपको बताया वेस्ट बंगाल से थी यहां पे बहुत सारे कस्टमर्स आते थे जो कि रानी को प्रेफरेंस देते थे रानी के पास पास जाना चाहते थे क्योंकि रानी देखने में सुंदर थी पढ़ी लिखी थी और यंग भी थी तो इसी वजह से ज्यादातर लोग उसी के पास
जाते थे ज्यादा पैसे देके भी और यह सब कुछ रानी के साथ जैसा मैंने आपको बताया लगभग डेढ़ दो महीने से होता आ रहा था लेकिन इसी बीच एक कस्टमर ऐसा आया जो कि रानी के वहां से ही यानी कि वेस्ट कोलकाता से ही था और इसके साथ क्योंकि रानी ने देखा कि वह अपने ही गांव का है और अपनी ही लैंग्वेज भी जानता है तो रानी ने उसमें इंटरेस्ट लेना थोड़ा ज्यादा शुरू कर दिया उससे रानी बाकियों के कंपैरेटिव ज्यादा बातचीत करती थी थोड़ा ज्यादा अच्छे से बात करती थी अच्छे से बिहेव करती थी
और इसी वजह से यह जो कस्टमर भी था यह भी रानी से बहुत ही ज्यादा खुश था ये काफी फ्रीक्वेंसी के साथ इंटीमेट होने के लिए ही लगभग चार से पांच बार इंटीमेट होने के बाद रानी को जब लगा कि शायद वो इंसान ट्रस्ट वर्दी है तो उसने उससे बात करना सही समझा उसने उस इंसान को बताया कि आप मेरी एक हेल्प कर सकते हैं क्या मैं आपके पांव तक छूने के लिए रेडी हूं रानी ने उसको बताया कि यह मेरे भाई का नंबर है और आप मेरे भाई को कॉल करके बताएं कि मैं यहां
पे हूं इस कोठे में हूं और मुझे वह आके बचा ले लेकिन सामने से यह जो इंसान था यह भी बहुत डरा हुआ था हालांकि इसने बाहर किसी से कुछ नहीं कहा लेकिन यह रानी को कंटीन्यूअसली यही बोले जा रहा था कि अगर मैंने तुम्हारे भाई को कुछ भी बताया तो यह लोग मुझे भी जान से मार देंगे और मेरी जान को भी इस वजह से खतरा हो जाएगा लेकिन रानी उसके सामने रो रही थी गिड़गिड़ा रही थी बस बार-बार यही बोले जा रही थी कि अगर तुम मेरे भाई को फोन कर देते हो तो
मेरे यहां से निकलने के चांसेस बन सकते हैं और हो सकता है कि मैं यहां से आजाद हो जाऊं यह जो इंसान था इसका आखिरकार दिल पिघला और इसने वही किया जो रानी ने उसको बोला था उसने कोठे से बाहर जाते ही रानी के भाई को कॉल किया यह कहते हुए कि क्या सामने से जो इंसान बोल रहा है वो रानी का भाई है आगे से रानी के भाई ने बहुत ही ज्यादा क्यूरियस होकर उससे बात की जैसे उसको एक तरह से उम्मीद आ गई थी कि शायद उसकी बहन का कुछ पता चल गया है
और वैसा ही सामने वाले इंसान ने उसको बताया भी उसने बताया कि मैं अपनी पहचान तुम्हें नहीं बता सकता कि मैं कौन बोल रहा हूं या फिर कौन बात कर रहा हूं बस इतना बताना चाहता हूं कि तुम्हारी बहन जीवी रोड के कोठा नंबर 68 में है और वह चाहती है कि तुम किसी भी तरह से आके उसको बचा लो वह पिछले दो महीने से यहीं पे फंसी हुई है रानी के भाई ने फिर से उससे पूछना चाहा कि आखिरकार वह इंसान है कौन तो उसने यह कह के फोन काट दिया कि वह अपनी पहचान
उसको नहीं बता सकता लेकिन फाइनली अब रानी की फैमिली को पता था कि रानी है कहां और इसीलिए जो रानी का भाई था वह फटाफट से भाग के रोता हुआ अपनी फैमिली के पास पहुंचा अपने मां-बाप के पास पहुंचा जहां पे उसने बताया कि रानी के बारे में उसको पता चला है और उसको अभी के अभी डेल्ली निकलना पड़ेगा यह कह के वो डेल्ली की तरफ निकल गया अब कोलकाता से वह आया हुआ इंसान दिल्ली पहुंचा बिल्कुल नए शहर में जहां पे ना वह किसी को जानता था और ना ही उसको कोई उम्मीद थी कि
किस तरह से वह अपनी बहन को बचाएगा शुरू में तो बस वह अपनी बहन से मिलना चाहता था बस इतना चाहता था कि आखिरकार वह एक बार मुझसे मिल ले और देख ले कि वह ठीक है या नहीं फिर देखेंगे उसको किस तरह से निकालना है यह कहते हुए रानी का भाई सबसे सब से पहले डेल्ली पहुंच के उसी इंसान को फोन करता है जिस इंसान ने उसको कॉल करके बताया था रानी के बारे में सामने से यह इंसान फिर से कॉल उठाता है यह बताता है कि वह करोल बाग से है और रानी का
भाई उससे बहुत इमरजेंसी में मिलना चाहता था यह इंसान आखिरकार रेडी हो गया रानी के भाई से मिलने के लिए इसने रानी के भाई को क्रोल बाग अपने ही घर प बुलाया जब रानी का भाई वहां प पहुंचा तो उस इंसान ने उसको रानी के बारे में सब कुछ बताया जब रानी के भाई ने उस इंसान से पूछा कि आखिरकार वो रानी के बारे में यह सब कुछ कैसे जानता है तो वो इंसान बहुत बहुत ज्यादा शर्मिंदा था उसके सामने उसने बताया कि वह रानी से काफी अच्छे से बातचीत करता है और वह रानी के
पास तीन से चार बार कस्टमर बन के भी जा चुका है उसके साथ इंटीमेट होने उसने उसको बताया कि मैं काफी शर्मिंदा हूं लेकिन तुम्हारे पास अभी मौका है तुम अपनी बहन को बचा सकते हो लेकिन ध्यान रखना कि यह काम बहुत होशियारी से करना पड़ेगा नहीं तो तुम्हारी और तुम्हारी बहन दोनों की जान जा सकती है यहां तक कि उस इंसान की जान को भी खतरा है अब रानी का भाई यह सुनने के बाद और भी ज्यादा डर गया क्योंकि उस इंसान ने बताया कि जहां पे रानी है वो लोग बहुत ही ज्यादा पावरफुल
हैं और उनकी उस एरिया में काफी चलती है और यह पॉसिबल ही नहीं है कि तुम सीधा जाके अपनी बहन को वहां से निकाल के लेके आओ तुम्हें कोई ना कोई वहां पे स्ट्रेटेजी अपनानी पड़ेगी कोई ना कोई तरकीब ढूंढनी पड़ेगी ये सुनके रानी का भाई वहां से चला गया बहुत ही ज्यादा टेंशन में लेकिन अभी क्योंकि वह सबसे पहले अपनी बहन से मिलना चाहता था तो वह इसी जीवी रोड के कोठा नंबर 68 में पहुंचता है जहां पे वो एक मैनेजर से मिलता है जो कि एक लेडी थी और वही इन लड़कियों से उनको
इंट्रोड्यूस करवाती थी जो भी वहां पे कस्टमर्स जाते थे तो इसी तरह से यह इंसान वहां पे पहुंचता है और कहता है कि उसको एक लड़की चाहिए और इसी वजह से वह मैनेजर उसके सामने लड़कियां पेश करना शुरू कर देती है लेकिन वह हर एक लड़की को रिजेक्ट कर रहा था क्योंकि रानी उनमें से एक भी नहीं थी काफी देर होने के बाद यह इंसान कहता है कि उसको कोई फ्रेश लड़की चाहिए अगर उनके पास अवेलेबल है तो तो इतने में ही यह जो कोठे की मैनेजर होती है यह कहती है कि इसके लिए वो
लड़की लेके आओ जो दो महीने पहले ही आई है जिसकी डिमांड सबसे ज्यादा है और इसी बीच उनकी ये कन्वर्सेशन हो ही रही थी कि पीछे से एक इंसान कहता है कि उसकी डिमांड सच में बहुत ज्यादा है और उसके चार्जेस भी ज्यादा लगते हैं और वहीं अभी वह एक कस्टमर के साथ बिजी है यह सुनते ही रानी का भाई समझ गया कि उसी की बात हो रही है इस वजह से वह कहता है कि अगर देर भी लगेगी अगर वह लड़की की डिमांड सबसे ज्यादा है तो मैं उसी से मिलना चाहता हूं मैं वेट
करने के लिए भी रेडी हूं और ज्यादा पेमेंट देने के लिए भी रेडी हूं यह सुनके वो मैनेजर एग्री हो गई इस बात के लिए और इस रानी के भाई को वहां पे वेट करने के लिए कहा गया थोड़ी ही देर में रानी का कमरा खुलता है वहां से एक इंसान निकल के बाहर जाता है और पीछे-पीछे रानी भी निकलती है वह अपने भाई को देखती है अी भी रानी पूरी तरह से सेंसेस में नहीं थी लेकिन अपने भाई को देख के वह बहुत शर्मसार फील कर रही थी कि ऐसी जगह पे एक भाई अपनी
बहन को देखे तो ओबवियस सी बात है फीलिंग्लेस से बात भी करना चाहती थी लेकिन कहीं ना कहीं वह समझ गई थी कि शायद उसका भाई उसको यहां बचाने के लिए ही आया है और अगर वह चुप रहे तो उसी में उसकी भलाई है इससे पहले रानी कुछ बोले रानी के के भाई ने बोला कि हां मुझे यही लड़की चाहिए और इसी लड़की के साथ मैं जाना चाहता हूं यह बोलते ही रानी के भाई ने पैसे दिए और वो रानी के कमरे में चला गया रानी को लेके वहां पहुंचते ही दोनों भाई-बहन बहुत जोर-जोर से
रोने लग पड़े लेकिन क्योंकि उनकी आवाज बाहर ना जाए और बाहर किसी को शक ना पड़े दोनों ने एक दूसरे का मुंह तक बंद कर लिया कितना ज्यादा अनफॉर्चूनेटली था ये सब कुछ आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह से वो दोनों भाई-बहन एक कमरे में जाके एक दूसरे का मुंह बंद कर रहे थे कि बाहर कोई उनका जो रोना है वो ना सुन ले इसके बाद वह दोनों थोड़ी देर के बाद नॉर्मल हुए वोह बातें कर ही रहे थे कि इतने टाइम के बाद वह मिले थे उनको टाइम तक का पता
नहीं चला और वहां से बाहर से दरवाजा ठक ठक आना शुरू कर दिया जाता है कि तुम्हारा टाइम हो गया और तुम्हें बाहर आना पड़ेगा लेकिन राने का भाई अभी अपनी बहन के साथ और रहना चाहता था और इसीलिए वह बोलता है कि वह डबल चार्जेस भी दे देगा लेकिन अभी वह यहां पे और देर रुकेगा ये कह के उनकी सारी कन्वर्सेशन होती है और रानी अपने भाई को सब कुछ बताती है कि किस तरह से वो यहां पे पहुंची एक चाय पीने के बाद और उसको खुद भी नहीं पता उसके बाद उसके साथ हुआ
क्या जब उसने देखा तो उसके सामने बहुत सारे मर्द थे जो बारी-बारी से आके उसके साथ इस तरह से ये नीच हरकत कर रहे थे और वो भी उसकी मर्जी के बिना वो चाहती थी चीखना वो चाहती थी भागना लेकिन उसमें इतनी ताकत भी नहीं थी कि वो ये सब कुछ कर पाए बेचारी फंस गई थी वहां पे और उसके पास कोई ऑप्शन भी नहीं था यह सुनके यह सारी बातें होने के बाद रानी का भाई उसको कहता है कि तू चिंता मत कर मैं तुझे यहां से बाहर निकालूं यह कह के वो वहां से
निकल जाता है अब थोड़ी देर बाद बाहर जाकर वह सोचने लगता है कि आखिरकार वह करे तो करे क्या अगर पुलिस स्टेशन में जाए और अगर पुलिस को भी इसके बारे में पता हो तो दोनों की जान को खतरा हो सकता है और पुलिस अगर कहीं इस कोठे वाले से मिली हुई हो तो वह सच में बहुत बड़े ट्रबल में आ सकते हैं तो इसी वजह से उसने पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट नहीं लिखवाई बहुत ज्यादा सोचने के बाद भी उसको कोई भी सलूशन नहीं दिख रहा था कि किस तरह से वह रानी को इस कोठे
से बाहर निकाले अब एक दो दिन बीतने के बाद फिर से वह उस कोठे प गया कोठा नंबर 68 वहां पर जाके उसने फिर से रानी के लिए पेमेंट की और रानी के कमरे में चला गया वहां पर जाक उसने रानी से ही पूछा कि आखिरकार वह करे क्या किस तरह से रानी को वहां से बाहर निकाले उसको कुछ समझ नहीं आ रहा और वह चाह के भी पुलिस स्टेशन की तरफ नहीं जा पा रहा तो इतने में ही रानी ने ही उसको सलूशन बताया रानी ने उसको एक लेडी के बारे में बताया जो कि
उस कोठे पे बहुत फ्रीक्वेंसी रहती थी उन लेडीज की सुरक्षा के लिए कि अगर किसी को फोर्सफुली यहां पे रखा गया है या फिर किसी को कोई तकलीफ है यहां पे तो उनकी वो हर पॉसिबल वे में कानूनी तौर पे हेल्प कर और यह जो लेडी थी इनका नाम था स्वाति मालीवाल यह महिला आयोग की अध्यक्ष थी और कहीं कभी रानी ने शायद उस कोठे पे ही उनका नाम सुन लिया था कि वह इस तरह से महिलाओं के लिए यह कदम उठाती रहती हैं और उनकी हेल्प के लिए हमेशा आगे रहती हैं तो रानी ने
अपने भाई को यही बताया कि वह जाके स्वाती मालीवाल से मिले और वही उसकी हेल्प कर सकती हैं रानी का भाई यह सुनके बहुत उम्मीद लेके इस कोठे से बाहर निकला अब यहां से निकल के रानी का भाई सबसे पहले डेल्ली के डीसीडब्ल्यू में गया डेल्ली कमीशन फॉर वूमेन की एक मेंबर से मिला जिनका नाम था किरण नेगी और किरण नेगी से रानी के भाई ने ये सब कुछ शेयर किया कि किस तरह से वह अपनी बहन से अभी मिलक आ रहा है और किस तरह से वो पिछले दो महीनों से वहीं प परेशान है
और उसको बहाने से वहां प लेकर गए हैं वो एक जॉब के लिए कोलकाता से डेल्ली आई थी लेकिन किस तरह से उसको वहां से नशे की गोलियां उसकी चाय में मिलाकर उसको वहां से ले जाया गया इस कोठे में और तब से उसको वहीं पे जबरदस्ती रखा गया है ये सुनने के बाद किरण नेगी ने इस मामले की गंभीरता को समझा उन्होंने तभी के तभी स्वाती मालीवाल को कॉल किया और ये सब कुछ बताया कि इस लड़की का भाई तक उनके साथ बैठा है और वह अभी के अभी उससे मिल के आ रहा है
और इस मामले में कुछ भी झूठ नहीं है उसका भाई यहां पर बैठ के हमें सब कुछ सच बता रहा है और जहां तक कि वो उससे मिल के आया है इससे बड़ा सच क्या हो सकता है यह सुनके स्वाती मालीवाल ने डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट मनदीप सिंह रंधावा को कॉल की और उन्होंने उनको बताया कि इस तरह से जीवी रोड के कोठा नंबर 68 में एक लड़की को जबरदस्ती रखा हुआ है और इस कोठे प उनको रेड मारने है और इस लड़की को वहां से सुरक्षित बाहर निकालना है तो ये जो मंदीप सिंह रंधावा थे
इन्होंने भी बहुत खूब इनका साथ निभाया और उन्होंने कहा कि इसके लिए वो एक डेट डिसाइड करेंगे और ये जो डेट डिसाइड हुई थी ये थी 9 अगस्त 2019 मतलब रानी को उस कोठे में फंसे हुए लगभग 2 महीने पूरे होने वाले थे अब उन्होंने इस मामले में भी एक प्लान बनाया कि हो सकता था वो रेड मारने जाते लेकिन वहां से रानी को गायब कर दिया जाता तो उन्होंने इसके लिए प्लान यह बनाया कि जो रानी का भाई है वह 9 तारीख को भी कस्टमर बनके रानी से मिलने जाएगा और वह तब तक रानी
के कमरे में रहेगा जब तक पुलिस वहां पे रे बड मारने नहीं पहुंचती यह सब कुछ डिसाइड होता है और एज डिसाइडेड रानी का भाई 9 अगस्त को भी रानी से मिलने कोठा नंबर 68 में पहुंचता है वहां पे पहुंचने के बाद वह रानी के साथ एक रूम में रुक जाता है जहां पे वह रानी को इसके बारे में सब कुछ बताता है कि किस तरह से उसका इस कोठे में आज आखिरी दिन है और आज वह सारी बंदिशों से मुक्त होने वाली है आज वह फाइनली घर जाने वाली है यह कह के वो वहां
पे दोनों भाई-बहन इस कमरे में बैठे रहते हैं इंतजार करने कि कब पुलिस पहुंचती है और कब वो वहां से बाहर निकलते हैं और जैसा डिसाइडेड था मनदीप सिंह रंधावा अपनी टीम को लेके इस कोठे प पहुंचते हैं जैसे ही रेड के दौरान वह इस कमरे को खोलते हैं तो दोनों भाई बहन को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला जाता है जिसके बाद व भाई अपनी बहन को लेके फाइनली घर चला जाता है और वहीं कोठे की जो मैनेजर थी उसको अरेस्ट कर लिया जाता है इसके अलावा जो भी लोग इस सारे सिनेरियो में जुड़े थे
जब से रानी के साथ ये सारी चीजें होनी शुरू हुई थी उन सबको मैनेजर के साथ ही अरेस्ट कर लिया जाता है तो इस तरह से उस ड्यूरिंग जब ये इंसीडेंट हुआ था तो हर इंसान ने इस मामले में हर इंसान की बहुत प्रेज की थी जिसने भी रानी के भाई का और रानी का साथ दिया था चाहे वो किरण नेगी हो चाहे व स्वाति मालीवाल हो या फिर मंदीप सिंह रंधावा हर इंसान ने बहुत अच्छे से काम किया था और इनको बहुत ही ज्यादा प्रेज मिली थी सबके लिए और साथ ही इस भाई की
भी बहुत तारीफ की गई थी जिस तरह से जिस क्लेवर निस से उसने अपनी बहन को वहां से निकाला था एकदम सुरक्षित तो ये था एक ऐसा इंसीडेंट जो कि बताता है कि आप चाहे जैसी भी सिचुएशन में हो जितनी भी भयानक सिचुएशन में हो अगर आप सूझबूझ से काम लेते हैं तो आप हर उस सिचुएशन को टैकल कर सकते हैं जो एक टाइम पे इंपॉसिबल नजर आती है आई रियली होप आपको ये वीडियो पसंद आया हो अगर वीडियो पसंद आया तो वीडियो को लाइक करना ना भूले चैनल को सब्सक्राइब करना तो बिल्कुल भी ना
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