मध्य प्रदेश भारत का एक ऐसा राज्य जो की देश के बीचों-बीच बस है लेकिन फिर भी इस राज्य में कई रहस्य हैं ऐसे रहस्य जो लोगों की आंखों के सामने है फिर भी हमें दिखते नहीं हैं यह राज्य जंगलों पहाड़ों और कुछ ऐसे ऐतिहासिक किलों के लिए जाना जाता है जो प्राचीन भारत से चली ए रही है लेकिन जब धरती इतनी प्राचीन है तो इससे जुड़ी कहानी भी रहस्यमई रही होगी ऐसे ही कुछ कहानी लोक कथाएं और मध्य प्रदेश से जुड़ी घटनाओं को आज हम अपने चैनल पर डिस्कस करेंगे चुनाव [संगीत] कहते हैं की भोपाल
की स्थापना राजा भोज ने की थी जिनके आगे इस नगर को भॊजपाल नाम दिया गया था फिर एक दिन कुछ लोगों ने राज्य पर हमला कर दिया एक भीषण युद्ध हुआ जिसमें राजा भोज की मृत्यु हो गई लेकिन दुश्मनों की नजर महाराज की रानी कमलापति पड़ती उन्होंने महल में घुसकर रानी को अगवा करना चाहा लेकिन रानी कमलापति अपनी सभी दशन के साथ महल के नीचे बने एक समुद्र में कूद पड़ी और खुद को खत्म की कहते हैं की महारानी कमलापति भगवान को बहुत मानती थी उन्होंने अपने पीछे दुश्मनों पर कोई सांप छोड़ दिया जिसके तहत
सर का सर महल हीरे जवारत आदि इस तालाब में सम गए भोपाल में आज इसी स्थान पर राजा भोज की मूर्ति स्थापित की गई है लोगों का यहां तक मानना है की इस तालाब के अंदर कुछ अलौकिक शक्तियां मौजूद हैं क्योंकि राजा भोज के ख़ज़ाने में पारसमणी भी हुआ करता था जिसकी शक्तियां उसे ऐतिहासिक घटना के बाद इसी पानी में मिल गई अब ये कहानी कितनी सच्ची है यह तो कोई नहीं का सकता लेकिन यह कहानी भोपाल के इतिहास को और भी खूबसूरत और जस्ट जरूर बनती है [संगीत] भोपाल के अशोकनगर में बेस गांव चंदेरी
से कोई शायद ही अनजान रहा होगा यह जगह पुरी तरह ऐतिहासिक मार्गो और पुरातत्व कहानियां से भरे पड़े हैं सच कहा जाए तो चंदेरी की हर गली यहां का हर कोनी अपने आप में एक कहानी छुपाई हुए हैं इनफैक्ट स्त्री फिल्म में भी चंदेरी को कई बार मेंशन किया गया था यही की कहानियां से लोक कथाओ को उठाया गया था जो दो ऑस्ट्री कल आना यानी नलेबा ये कर्नाटक से उठाया गया है मगर आज हम चंदेरी के खास पहलू पर बातें करेंगे जिसे कटी घाटी के नाम से जाना जाता है कहते हैं की कहानी 15वे
शताब्दी में शुरू हुई जब चंदेरी मालवा सल्तनत के अंदर थी जिसे गयासुद्दीन खिलजी के हुकूमत में रखा गया था चंदेरी का राज्यपाल था जीमन खान जो अपने व्यवस्था से खिलजी को खुश करता था जब एक दिन गयासुद्दीन आने का मां बनाए तो जीमन ने पूरे राज्य में ये घोषणा करवा दी की उसे मालवा और बुंदेलखंड के बीच मौजूद बड़े पत्थर को काटकर एक विशाल द्वारा बनवाना है जिसे महाराज सुल्तान का स्वागत हो सके लेकिन इतने कम समय में 65 फिट और 240 फिट चौड़ा पत्थर कौन कैट सकेगा यह मुसीबत सुलझाया उसे समय के चंदेरी में
मौजूद एक स्थापत्य करने इस आदमी केवल इतनी शर्ट थी की जब तक वो इस विशाल पत्थर को एक विशाल द्वारा में बदलें तब तक चंदेरी का कोई आदमी यहां नहीं आएगा क्योंकि उसे जुबान खान को एक भाव तोहफा देना था वह भी ऐसा ही उसे आदमी ने एक खूबसूरत और विशाल द्वारा तैयार किया जिसे आज कटी घाटी के नाम से जाना जाता है लेकिन उससे एक बहुत बड़ी भूल हो गई उसे आदमी ने गलती से अपने डिजाइन में किसी दरवाजे को इंक्लूड ही नहीं किया चंदेरी जो अब तक दुश्मनों से इसी बड़े विशाल पत्थर से
पाटेक की जाति थी अब वो दुश्मनों के लिए खुला खजाना बन चुकी थी स्थापटकर को इतना बड़ा सदमा पहुंच की उसने इस वक्त खुद को मार दिया तब से लेकर आज तक कटी घाटी के ऊंचे द्वारा पर उसे व्यक्ति का कब्र सजा कर रखा गया है लोगों का मानना है की डर रात में आज भी कभी-कभी उसे आदमी की आत्मकती घाटी के दरवाजे पर खड़ी मिलती है क्योंकि उसे चंदेरी को दुश्मनों से बचाएं रखना है दिखाए तो सिर्फ में भी हमने चंदेरी में अंत में द्वारा को देखा था जहां स्त्री उसकी रक्षा कर रही थी
[संगीत] भूत मिला मलाशपुर जहां हजारों की संख्या में लोग बुद्धि आत्माओं जन्नत और डायन से छुटकारा अपने आते हैं बाहर के लोगों को यह दृश्य भयभीत कर देगा लेकिन मध्यप्रदेश के मलाजपुर में यह के साथ 400 साल पुराना है तो कथा तब किया जब देव जी नाम की एक महान संत मलाजपुर गांव में आते हैं लोगों का मानना है की देव जी के पास अलौकिक शक्तियां थी जो उन्होंने तब साधना से प्राप्त की थी देव जी लोगों के सामने मिट्टी को गुड और पत्थर को नारियल बना देते थे साथी वो कई लोगों को प्रेत प्रकोप
से छुटकारा दिलवाते थे ऐसे में इंसान की पूजा बहुत मां से की जाए लगी और इनके नाम पर मंदिर भी बनाया गया आज भी मलाजपुर के लोग बाबा देव जी को अपना गुरु मानते हैं उन्हें के नाम पर भूत मिला हर साल आयोजित किया जाता है और इस मिले में दाखिल होने के लिए आपको दिल से मजबूत और निडर होना पड़ेगा क्योंकि मिले में हजारों की संख्या में ऐसे लोग आते हैं जो देश विदेश से भूत पाटो से पीड़ित है बाबा के अनुयाई कभी शारीरिक प्रताड़ना तो कभी मानसिक छोड़ दे कर इन लोगों को आत्माओं
से छुटकारा दिलवाते हैं अब क्योंकि काफी बड़े युटुब में ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया इसलिए कई लोग इससे दकियानूसी सोच मानते हैं लेकिन मशहूर के लोगों को अपने भूत मेला और बाबा देव जी की इस कहानी पर पुरी श्रद्धा है तो ऐसा मैं आप मुझे बताइए की आप क्या मानते हैं कमेंट क्षेत्र खुला है वहां जाके अपनी सोच लिख डालिए साथ ही नीचे है तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब भी जरूर कीजिएगा आज कल आप लोग वीडियो देखते हैं लेकिन चैनल को सब्सक्राइब नहीं करते हैं [संगीत] जब मध्य प्रदेश की बात हो तो कहानी उसे हादसे
की तो होगी ही जो आज भी दुनिया के सबसे खतरनाक औद्योगिक हडसन में से जाना जाता है जी हां हम भोपाल गैस ट्रेजेडी की बात कर रहे हैं दो-तीन दिसंबर 1984 की अंधेरी रात को एक ऐसा हादसा हुआ जिसमें 3000 से भी अधिक लोग दर्दनाक मृत्यु के शिकार हुए और ना जान कितने हजार लोग हमेशा के लिए विकलांगता से जूझ गए तो कुछ जीवन भर पीड़ा में रहे ये दर्दनाक किस्सा डाउट फैक्ट्री में हुआ था जो उसे समय यूनियन कार्बाइड इंडिया के कीटनाशक प्लांट के रूप में इस्तेमाल किया जाता था उसे रात इस फैक्ट्री से
40 तन के लगभग मिथाइल आइसोसायनाइड आसमान में फेल गया जिसके करण ये हादसा हुआ था हेड की बात ये है की तकरीबन 39 साल बाद भी लोग इस फैक्ट्री के पास से गुजरते से कतराते हैं लोगों का कहना है की यहां आज भी हजारों की चीखें सुने देती हैं कभी रात में बच्चे भी लगता हुए सुन जाते हैं तो कभी यहां मौजूद लोगों को अपने आसपास किसी की मौजूदगी महसूस होती है यहां से कस्बे जीपी नगर के लोगों का कहना है की यदि कोई शाम के बाद फैक्ट्री में दाखिल होता है है तो उसे आत्माएं
धक्का देती हैं जैसे वह नहीं चाहती की यहां कोई प्रवेश करें अब ये आत्माओं वाली कहानी कितनी सच है आईएसपी तो कोई प्रमाण नहीं है लेकिन जो ट्रेजेडी हुआ वो सच हुआ था और वो बहुत ही भयावत था [संगीत] तो ये बात एक दो साल पुरानी है कहानी है भोपाल के ताजमहल पैलेस की जो कभी बेगम शाहजहां का घर होता था तो इस महल से थोड़ी दूर पर रामदीन अपनी दुकान खोल कर बैठा था अब तक रात के 12 बाज चुके थे और उसे महसूस होता है की दुकान की खिड़कियां खुद बी खुद धीरे-धीरे खोल
रही हैं रामदीन को लगा की शायद हवा का कोई झांक रहा होगा तो उसने तुरंत बाहर की तरफ रुख किया ताकि दुकान बैंड करके घर के लिए निकाल सके लेकिन तभी अचानक दुकान के अंदर काफी तेज ठंडी हवाएं चलने लगी बाहर झांकने पर रामदीन को देखिए एक परछाई सफेद पठानी कुर्ते में यह कोई औरत थी जिसके बाल लंबे थे जो बीच हवा में झूम रही थी और कुछ अजीब तरह से मुस्कुरा रही थी रामदीन की कहानी भोपाल के ताजमहल के गलियों में आम बात है शाहजहां बेगम ने 1871 से 1884 के बीच इस महल को
बनवाया था अपने आखिरी दोनों में भोपाल की ये बेगम यहां अकेली रहती थी उनका उनके परिवार से कोई वास्ता नहीं रहा और ये महल उनका घर हुआ करता था तब से लेकर आज तक कई बार लोगों को बेगम की आत्मा यहां फिरती हुई दिखाई देती है ठीक इसी तरह हवा में हिले हुए है यम कभी कोई नुकसान नहीं पहुंचती शायद वो कुछ कहना चाहती हैं कुछ देखना चाहती हैं लेकिन क्या यह हम में से किसी को मालूम नहीं [संगीत] बेगम शाहजहां ने शाहजहांनाबाद के मोतिया तालाब के पास एक ऐसा मस्जिद बनवाया जो आज भी अपने
खूबसूरत नक्काशी और कल के लिए जाना जाता है निगम ने खास महल में कम करने वालों के लिए इस मस्जिद की स्थापना करवाई थी जिन्होंने मस्जिद में बनकर तैयार हुआ और तब से इन लोगों के कुतूहल का करण रहा है खुद मस्जिद के मुजरिम का कहना है की यहां कई अच्छे जिन रहते हैं जो नमाज अदा करते हैं और मस्जिद की रक्षा करते हैं कई बार लोग जब मस्जिद में सुबह-सुबह प्री करने जाते हैं तो उनका मानना है की उनके आसपास एक ऐसा परछाई होता है जो उन्हें की नकल करता है जी हां ये परछाई
उन्हें की तरह नमाज अदा करता है और फिर कहानी बीच हवा में गायब हो जाता है अब ये किस्सा इतना मशहूर हो रहा है की कई लोग अकेले मस्जिद में आने से डरते हैं अब ये बातें कितनी से चाहिए तो मुझे नहीं पता तो ऐसे में अगर कोई मध्य प्रदेश से है तो प्लीज कमेंट में बताइएगा की हां जिन बटन को मैंने यहां बताया है उनमें कितनी सच्चाई है कितनी नहीं है आप कितनो को मानते हैं कमेंट क्षेत्र खुला है उसका इस्तेमाल कीजिए अपने विचार कीजिए तो बस आज की वीडियो में इतना ही उम्मीद करता
हूं आपको ये छोटी सी वीडियो पसंद आई होगी अगर पसंद आई है तो इस वीडियो को लाइक और शेर कीजिए साथ ही अगर हमारे चैनल पर नए हैं तो हमें सब्सक्राइब करके बेल आईकॉन को जरूर ढाबा दीजिएगा क्योंकि हम अपने चैनल पे ऐसे वीडियो लेट रहते हैं पीस