कुरान ए हकीम में दूसरी मर्तबा बयान हो रहा है इससे पहले यह सूरा बकारा में उसके चौथे रुक में ए चुका है अलबत्ता आप देखेंगे की अगर चाहिए किस्सा जो है कराने मजीद में 7 मर्तबा आया है छह मर्तबा मक्की सूरते में और एक मर्तबा मदनी सूरत में लेकिन ये की हर जगह कोई एन कोई बात नहीं है इसलिए की जिस दौर से दिए तनिक जो है हुजूर की दावत की गुजर रही थी उसे दौर के हवाले से कुछ चीज जो है वो हर जगह पर आपको मस्जिद बनाया मिलेगी मिली है की जिसमें जमा का
सीधा किया गया है दूसरी बात जो ए रही है वो ये है की शैतान ने vargalaya हजरते आदम को और हज़रत दस्त का फल खाने से अल्लाह ताला ने उन्हें रोक दिया था की तरीके से margalag करूं मैं उसे दरख्त का फल खाने पर आप अदा कर लिया समझते हैं की शायद ये चीज इस दौर से हो रही थी जैसे की हम एक दूसरे के सामने खड़े बातें कर रहे हैं एक दूसरे को पहचान रहे हैं लेकिन हज़रत जी की है शैतान ने जय श्री शैतान आदमी करता है हमारे दिलों में यह बंगाल में उसे
तरह के नहीं है की वो एक ही महफिल में खड़े हुए आम तौर पर ससुरा बड़ा के चौथे रुको में भी और और दूसरे makkamhat पर भी हमारा तसं भी कुछ और रहता है लेकिन यहां वो पर्दे हाल ही नहीं जो है जिन्नात में से था हजरते आदम अलैहिस्सलाम के दिए उसे वक्त वो उसे वक्त भी वो इनविजिबल था ली राधा नब्ज जो आया है बस बताओ उनके दिलों में डाला बी दिया एक बात ए रही है हाथ ही में शुमार करेंगे यहां एक खास असर जाहिर किया जा रहा है की शहरी बाबा था उसका
फल खाने का नतीजा बरामद हुआ और वह यह हुआ की हज़रत आदम और हवा पर उनकी sharmgahen जो है वो नुमाया हो गई या तो ऐसा है की पहले उन्हें शगुन नहीं था आप शगुन पैदा हो गया अल्लाह ताला ने ताकि किया हुआ था वो लिबास उतर गया उसे का फल खाने के नतीजे में ये चीज ऐसी है की जिससे यकीनन बहुत से लोगों को उसके आस ए रहो का मौका मिला है बात लोगों के नजदीक ये नेकी और बड़ी की तमीज का दलित द असल में की जिसको कहते ही दे कर बड़ी की तकरीर
पैदा हो जाती है बाद में रात का ख्याल यह है की असल में पहला यौन एक्ट है आदम और हवा के माध्यम जिसको इससे ताबीर किया गया है मुख्तलिफ जो है उसमें kayasaat है लेकिन सही बात शकल यही है की इसके विमल में अभी हमें इस गोमूत्र shahabihat ही के दायरे में रखकर और इसके बारे में कोई कटी और hakiti और यकीन हीरे जो है कायम करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए ताकि कहीं और मालूमात जो है हमारी साइज के जरिए से एक शफात और बालू बात का दायरा और वसूल हो जाए तो उससे हम
पहुंच जाएं इसकी कुल्हा ताकि वो रख कौन सा था लेकिन यहां दायित्व किया गया है की शैतान में जो बस फसा दाजी की उनके दिनों में वो ये थी तो बस शैतान मैन रहा तुम्हारा हो जाए फरिश्ते फरिश्ते ना बन जाए आप हमेशा हमेशा रहने वाले अब इसमें सीधी सी बात यह है की फरिश्तों को तो झुकाया गया था आदम के सामने तो फरिश्ता बन जाना कौन सी बहुत बड़ी बात थी लेकिन यह इंसान हकीकत को असल में कम को भूल जाता है और यह बात बोलती शैतान दादी हैं से उनके जहां में पैदा हुई
की आप हमेशा हमेशा आकाश अमर हम इन्हीं अभिनंदन राशिन उन्होंने कस्बे खाकर उसने यकीन दिलाया मैं आपके लिए बहुत ही बहुत यानी मुखलिस हूं और जो राय दे रहा हूं वो बहुत सही है जिसको हम कहते हैं मैं कर ही लिया शीशे में उतार ही लिया था जब उन दोनों ने चख लिया उसे दर्द के फल को बढ़त ना हो मैन saubhaat हो मैन जाहिर हो गई उन पर उनकी शंका है और वो अब लगे दरस के जो जन्नत के पत्तों को गांठ कर अपने लिए लिबास बनाने के लिए तो फिर गांठ में लगे जोड़ने
लगे और अपनी sharmgahon को उठाते अब पुकारा उन्हें उनके परवरदिगार ने क्या मैंने माना नहीं किया था तुम्हें अंतिम कुमार शाह जहां से इस तरह से vakaun मैंने क्या कहा नहीं था तुमसे ना शैतान तुम दोनों के लिए बड़ा खुला दुश्मन है कला रब बना तो दोनों ने कहा की अरब हमारे हमने अपने ऊपर जुल्म किया अब अपनी गलती का एेतराफ करते हैं वही लोग त्रिशूल लगातार हमदर्द तूने हमें माफ का फरवा दिया और हम पर रहा तो हम तो तबाह होने वालों में हो जाएंगे या एक बात और नोट कर लीजिए एक तो यह
कहीं भी ऐसा इशारा नहीं है की डैन हजरते हम्मा के दिल में किया आमतौर पर हमारे यहां जो कहानियां मशहूर हैं वो ये है की हवा जो है दरिया बनी है हजरते आदम को भी गुमराह करने का वो इशारा बकरा में इसका है ना यहां है बल्कि जमा कोई जो तस्वीर है इन दोनों के लिए मामला है यह असल में जो ईसाई दुनिया में तसव्वुर पैदा हुआ है की औरत की मुझसे ही बुराई की मज़ार है क्योंकि उनके यहां rahmanit पैदा हुई शादी ना करना जो है वो गया की आधा रूहानी जिंदगी के लिए शर्त
करार पाया औरत से कोई बार टकल ताल्लुक जो है वो बड़ी घटिया बाद दुनियादारी की जिंदगी हैरानी जिंदगी करार पाई तो यह tassburat कुरान में कहीं नहीं है ये तो जैसे की आज़म का मामला था वैसे हम वाका मामला था और शैतान में दोनों को और बनाया है और दोनों ने अल्लाह से माफी मांगी है उसने एक यहां नोट कर लीजिए की यहां ये बता दिया गया की वो अल्फ़ाज़ क्या द वहां पर आया था लक आज़म मेरे भी गले हजरते आदम के दिल में जो एक सख्त शेरमणी के जज्बात पैदा हुए तो उसके लिए
अल्फाज खुद अल्लाह ताला ने talkim फार्मा दी है बकरा में कर चुका हूं तुम एक दूसरे के दुश्मन होंगे अदावत है वह चल रही है शैतान और उसकी आदम की औलाद उसके मां-बहन तो सबसे बड़ी दुश्मनी है mustkiri दुश्मनी है बाकी यह एक इंसानों के अंदर भी आपस में dushmaniyan चलती हैं और अब तुम्हारे लिए ज़मीन में ठिकाना है समान है जरूरत की चीज हैं ilahim एक वक्त के लिए ये आबादी नहीं है हमेशा के लिए नहीं है एक खास वक्त तक के लिए तुम्हें वहां रहना बचाना है और वहां के लिए जो जरूरी चीज
है वहां खराब कर दी गई है साथ यह भी फार्मा दिया की अब उसी जमीन में तुम रहोगे और उसी में तुम मार कर दाखिल हो जाओगी फीह टमी तू उसी में मरोगे और minhajjud उसी में से तुम्हें दोबारा निकल लिया जाएगा अब यहां एक जो रहमाना तसव्वुर ही उनका किस्म का राय बाला तस्सावुर जो है ये समझिए की पैदा हो गया था अरब के लोगों में भी वो समझते जैसे आज भी दुनिया में nudeist सोसाइटी जो है वो कहते हैं लिबास एक तकल्लुफ है खामखा है जब इंसान को अल्लाह ने पैदा किया तो कोई
लिबास नहीं होता फिर हवा नाज़ का कोई लिबास नहीं है ये खामखा अब तकल्लुफ है इंसान ने जो अपने लिए इख्तियार कर दिया है अरब में रिवाज पद गया था की मादरजात बढ़ाना होकर मर्द daurate तवाफ करते द खाने कब का और ये गाया के बड़ा ऊंचा कम था से यानी तलाश करते हैं दूसरे दो आदमी होती है उन्होंने कहा की वह चाबी का तकल्लुफ भी क्या करना है बस जैसा भी अल्लाह ने पैदा किया है मादरजात बढ़ाना मर्द और औरतों जो है वो तवाफ करते द और उसको बड़ा नीचे ने कम समझते द बहुत
वो समझिए की अपनी यानी सेल्फ अन्य रिलेशन या अपनी नाफिया जाट जो है उसका बहुत बड़ा माजरा था अब उसकी यहां तकदीर हो रही है आदम की औलाद कदम जालना अलैकुम लिबास में हमने तुम पर निवास उतारा है कौन जो तुम्हारे sharmgahon को dhapta है बारिश अपमान भी ए रहा है और इससे ऊपर फिर एक और निवास है और वो लिबास से तक हुआ का निवास रैली वो सबसे बेहतर है अगर तक्वा का लिबास नहीं है तो बात और इंसान निवास पहन के भी नंगा होता है इतना तंग लिबास के उसमें जिस्म के सारे नसीबों
फ़राज़ ज़ाहिर हो रहे हो या इतना बारीक के पास औरतों का जिसमें वो जिस मदरसे झलक रहा हो तो वो निवास पहने हुए भी जैसे की हुजूर ने फरमाया अल्लाह ताला लिबास पहनकर भी नंगी रहती है तो जवाब का है शर्म हो जाता हो टकला हो जली कामिल ayatullahi लाल लहू आजक करूंगी अल्लाह ताला की आयात में से है ताकि ये लोग असलियत खुश करें यहां पर शैतान ए बनी आदम देखो तुम्हारे तुम्हें शैतान अपना भी चलाने पाए ना धोखा देने पाए ना फिटने में डालने पाए कमल अखलाक जैसे की तुम्हारे दोनों मां-बाप जगह अमजद
और अम्मा हुआ को उन्होंने उसने निकलवा दिया था तब वो उनसे उतरवा लिया था उसने उनका लिबास जन्नत का मयूर या हम saubhate ही माता के दिखाए हुए उन पर आया करते उनकी शंकाएं इन लहू यारा तुम हो और काबिल हूं मैं सुनाता रहूं एक बात जान लो की वो यानी आईबीएल खुद चूंकि उसे भी छूट मिली हुई या क़यामत तक के लिए वो मुसलसल जिंदा है और कभी भी उसकी कॉम उसकी zururat और उसके जो एजेंट हैं जो नाक में से क्योंकि वो इनविजिबल है और दाव लगाते हैं जहां से तुम उन्हें नहीं देख
सकते