अस्सलाम वालेकुम दोस्तों आज हम दुनिया के ऐसे मुस्लिम मुल्क की सैर करने जा रहे हैं जहां दुनिया का हर मुसलमान जाने की ख्वाहिश रखता है ऐसा मुल्क जो मुसलमानों के लिए दुनिया की सबसे मुकद्दस सरजमीन है जी हां आज हम शैर करने जा रहे हैं सऊदिया अरेबिया की आज की वीडियो में हम आपको वह मुकद्दस मकामा दिखाएंगे जो सऊदिया ने खत्म कर दिए हैं सौदिया दुनिया को कौन से प्रोजेक्ट देने जा रहा है जो दुबई को भी पीछे छोड़ देगा मदीना शरी और मक्का शरीफ की जियारत दिखाएंगे जिसके बाद आप जरूर जाने पर मजबूर हो
जाएंगे आज की वीडियो हर मुसलमान के लिए बहुत इंफॉर्मेशन नाम किंगडम ऑफ सऊदिया अरेबिया है इस मुल्क की कुल आबादी 3 करोड़ 75 लाख के करीब है जो आबादी के लिहाज से दुनिया के 40 वें नंबर पर आता है इस मुल्क का कुल रकबा 21 लाख मुरब्बा किलोमीटर है जो रकबे के लिहाज से दुनिया के 13वें नंबर पर आता है अगर इस मुल्क के बॉर्डर की बात करें तो एक तरफ बहिरा अहमद उर्दन इराक कुवैत खलीज फारस कतर मुत्ताहिदा अरब अमारा ओमान और यमन वाकया है इस मुल्क के दो बड़े अहम शहर हैं मक्का शरीफ
और मदीना शरीफ जो पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए सबसे मुकद्दस जगह है पूरी दुनिया के मुसलमान मक्का शरीफ में मौजूद खाना काबा की तरफ रुख करके नमाज पढ़ते हैं और मदीना शरीफ से मुसलमानों का ताल्लुक इश्क जज्बात मोहब्बत इज्जत और एहतराम का है दुनिया के हर मुसलमान की ख्वाहिश इन दो शहरों में आने की हमेशा रहती है दोस्तों यह दोनों जगह ऐसी हैं जहां आप जितनी बार आएंगे आपका दिल नहीं भरेगा बल्कि पहले से ज्यादा ख्वाहिश पैदा होगी इन दो शहरों के मुकद्दस मकामा की जियारत आगे आपको वीडियो में दिखाएंगे सऊदी अरब का ज्यादातर
हिस्सा रेगिस्तान और खुश्क पहाड़ों पर मुश्त मिल है सऊदी अरब की जुबान अरबी है इसके अलावा उर्दू हिंदी बंगाली भी बहुत ज्यादा बोली जाती है इस मुल्क की तारीख भी बहुत पुरानी है बुत परस्तों के दौर में अल्लाह पाक ने अपने प्यारे और आखरी नबी सल्लल्लाहु अलैहि वालि वसल्लम को अरब की सरजमीन मक्का में कुरैश के खानदान बनू हाशिम कबीले में अब्दुल मुतली के घर इनके बेटे अब्दुल्लाह के हाथ दीन इस्लाम की तबलीग के लिए पैदा फरमाया इस दौर में मक्का वही जगह थी जिसे आज भी मक्का कहा जाता है जब नबी पाक सल्लल्लाहु अल
वा वसल्लम ने अल्लाह के हुकम से यश्रफ की तरफ हिजरत की तो इस सरजमीन को चार चांद लगा दिए यशर वही सरजमीन थी जिसे आज का मदीना कहा जाता है रियाद के एरिए को नजत कहा जाता था और मक्का शरीफ और मदीना शरीफ वाले एरिया को हिजाज कहा जाता था जो बाद में पूरे मुल्क का नाम सऊदिया अरेबिया रख दिया गया सऊदी अरब व वाहिद मुल्क है जिसका नाम एक हुक्मरान के नाम से रखा गया है जिसका नाम मोहम्मद बिन सऊद था यह तमाम इलाका सल्तनत उस्मानिया के पास था लेकिन सल्तनत उस्मानिया के जवाल के
बाद साउथ फैमली की सरपरस्ती में आ गया आज इस खानदान की तादाद 25000 के करीब है 1920 में तुर्की और सऊदिया में अमन मुआय हुआ 1927 में बतानिया ने सबसे पहले अब्दुल अजीज की बादशाहत को कबूल किया सऊदी अरब में 1932 में तेल दरयाफ्त हुआ जिसने सऊदिया अरब की माशी तरक्की में अहम किरदार अदा किया मुल्क में ना ही कोई सियासी जमात है और ना ही इंतहा बात होते हैं आज भी इस मुल्क में बादशाहत कायम है काफी अरसा तक सौदिया में तमाम फैसले कुरान और सुन्नत की रोशनी में किए जाते थे लेकिन आज सौदिया
में बहुत सी तब्दीलियां आ चुकी हैं इसकी कुल आबादी में से 50 फीसद से भी ज्यादा हिस्सा गैर मुल्की लोगों पर मुश्त मिल है दोस्तों क्या आप जानते हैं पाकिस्तान से बाहर पाकिस्तानी सबसे ज्यादा सऊदिया अरब में मौजूद हैं 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक 26 लाख पाकिस्तानी सद अरब में मुकीम है और इंडियन की तादाद भी 29 लाख के करीब है जो काम के घर से इस मुल्क में मौजूद हैं बहुत से पाकिस्तानी इस मुल्क में टैक्सी चलाते हैं बसेस चलाते हैं और बकाल में भी काम करते हैं बकाला इस मुल्क में जनन स्टोर को
कहा जाता है दोस्तों अगर हम बात करें उमरे की तो इंडिया और पाकिस्तान से ज्यादातर जाने वाले लोग इब्राहिम खलील रोड के होटलों में ठहरते हैं अरम के इर्दगिर्द तमाम होटल फाइव स्टार हैं जिनका करा एक रात का 700 रियाल से 1100 रियाल तक है जिसमें सबसे फेमस होटल क्लॉक टावर है इस टावर के सामने किंग अब्दुल अजीज गेट है इस टावर से आने वाली तमाम कमाई हरम के लिए वक्फ कर दी जाती है इसके बाद अगला गेट किंग फहद गेट है इन दोनों गेट से आमतौर पर उमरा करने वाले हाजी दहल होते हैं बगैर
एहराम के लोगों को ऊपर बेज दिया जाता है इसके अलावा तीसरा गेट किंग अब्दुल्ला गेट है जिसको कुछ अरसा पहले ही तैयार किया गया है इसके अंदर जाकर आप बस देखते ही रह जाएंगे इस गेट के अंदर बगैर एहराम के भी आप जाकर नमाज अदा कर सकते हैं हरम के पास सबसे फेमस शॉप बिन दाउद स्टोर है जहां आपको हर चीज आसानी से मिल जाती है यह स्टोर क्लॉक टावर के नीचे भी मौजूद है और मक्का टावर होटल के अंदर भी मौजूद है दोस्तों आपने अलबेक का नाम तो सुना होगा सबसे ज्यादा रश आपको अलबेक
में नजर आएगा इसकी दो बड़ी वजह हैं एक तो यह सस्ता है दूसरा टेस्ट भी पाकिस्तानी इंडिया ब्रोस्ट जैसा है दोस्तों आप जब भी मक्का शरीफ जाएं तो सफा मरवा वाली साइट पर आप सल्लल्लाहु अल वा वसल्लम की रिहाइश गाह का विजिट जरूर करें जो अब एक लाइब्रेरी में तब्दील कर दी गई है हरम के सामने जो होटल आपको वी की शक्ल में नजर आ रहा है इसके दरमियान हजरत अबू बकर सिद्दीक रजि अल्लाह ताला अन्हो का घर था इस होटल के साथ वाश रूम भी मौजूद है जहां अबू जहल का घर हुआ करता था
दोस्तों अगर आप मरवा की पहाड़ी से पीछे की तरफ जाना शुरू करें तो आपको एक मस्जिद जिन नजर आएगी कुछ लोगों का कहना है कि यहां सहाबा जिन आज भी मौजूद हैं इसके बिल्कुल पास जन्नतुल मुआला का कब्रस्तान मौजूद है जहां हजरत खदीजा रजि अल्लाह ताला अन्हा की कब्र मुबारक भी मौजूद है मदीना शरीफ में भी बहुत सी जियारत मौजूद हैं मदीना शरीफ में तमाम होटल आपको एक जैसी हाइट वाले नजर आएंगे यह तमाम होटलों को तीन रो में बनाया गया है जिनका एक रात का किराया 900 ल से 1500 ल तक है जो गलियां
और घर स्क्रीन पर आप देख रहे हैं यह आप सल्लल्लाहु अलैहि वालि वसल्लम के दौर के हैं जहां आप सल्लल्लाहु अलैहि वालि वसल्लम के बहुत से फैमिली मेंबर्स रहा करते थे लेकिन सऊदी गवर्नमेंट इन सबको आहिस्ता आहिस्ता खत्म कर रही है और बहुत से इसमें से खत्म हो चुकी हैं मस्जिदए नबवी शरीफ के 22 नंबर गेट से सीधा रास्ता हुत पहाड़ को जाता है जिसके बारे में आप सल्लल्लाहु अल वा वसल्लम ने फरमाया मुझे ओहद पहाड़ से और ओहद पहाड़ को मुझसे मोहब्बत है जहां आप हजरत अमीर हमजा रजि अल्लाह ताला अन्हो के मजार की
जियारत भी कर सकते हैं यह वही जगह है जहां हजरत खालिद बिन वलीद रजि अल्लाह ताला अन्हो ने इस्लाम कबूल करने से पहले मुसलमानों पर हमला किया और बहुत से सहाबा कराम शहीद हो गए जिनकी कबर इस अहाते में मौजूद हैं इसके अलावा आप मस्जिद किबला तन भी जरूर जाएं जहां अल्लाह के हुकम से कबले का रुख तब्दील हो गया था इसके अलावा मस्जिदे जुमा जहां इस्लाम का पहला जुमा पढ़ाया गया था दोस्तों मस्जिदए कुबा जरूर जाइएगा जहां दो नफल पढ़ना मकबूल उमरे का सवाब है इस मस्जिद में जाने के लिए हरम के गेट नंबर
एक से पैदल रास्ता भी बना दिया गया है इसके अलावा आप टैक्सी पर भी जा सकते हैं मस्जिदए कुबा के पास हजरत सुलेमान फारसी रजि अल्लाह ताला अन्हो का बाग भी मौजूद है इस बाग की अजवा खजूर पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा फेमस है इसे अजवा आलिया भी कहा जाता है इसकी निशानी यह भी है कि खजूर के नीचे गोल्डन लाइंस आपको नजर आएंगी दोस्तों सुलमान पारसी के बाग के बिल्कुल नजदीक एक कुआं मौजूद है जिसके बारे में लोग बहुत कम जानते हैं इस कुएं का नाम गर्स वेल है जिसका पानी बहुत मीठा और फ्रेश
है इब्ने माजा की रिवायत के मुताबिक यह वही कुआं है जिससे आप सल्लल्लाहु अल वा वसल्लम की ख्वाहिश के मुताबिक इसी पानी से गुसल भी दिया गया था रोज रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वा वसल्लम के बिल्कुल साथ जन्नतुल बकी का कब्रस्तान मौजूद है जहां आप फजर की नमाज के बाद जा सकते हैं जिसमें बीबी फातिमा रजि अल्लाह ताला अन्हा हजरत इमाम हसन अल सलाम हजरत आयशा रजि अल्लाह ताला अन्हा और हजरत उस्मान गनी रजि अल्लाह ताला अन्हो की कब्र मुबारक मौजूद है सल्तनत उस्मानिया के दौर में मदीना शरीफ के पास ट्रेन स्टेशन बनाया गया था जिसे
हिजाज स्टेशन कहते थे लेकिन आज इसको म्यूजियम में तब्दील कर दिया गया है यह भी मदीना शरीफ के गेट नंबर एक के पास है जहां जाने के बाद आपके जज्बात पर काबू नहीं रहेगा इस म्यूजियम में आप सल्लल्लाहु अलैहि वालि वसल्लम के दौर की आटे वाली चक्की मौजूद है इसके अलावा पत्थर की वह तख्तियां मौजूद हैं जिस पर सहाबा कराम कुराने पाक लिखकर महफूज करते थे इसके अलावा बहुत सी ऐसी चीजें हैं जिन्हें बस आप देखते ही रह जाएंगे मदीना शरीफ की मस्जिद में जब आप रोज रसूल सल्लल्लाहु अल वसल्लम से सलाम करने के बाद
जब बाहर निकले तो आपको दो विंडो नजर आएंगी एक विंडो के ऊपर थोड़ा अलग डिजाइन है जो आप सल्लल्लाहु अल वा वसल्लम के पाव मुबारक की निशानदेही करती है आप इसके बराबर में खड़े होकर मुंह किबला रूख करके जरूर दुआ मांगे यह भी कबूलियत वाली जगह है दोस्तों सऊदी अरब में बहुत तेजी से तब्दीली आ रही है इस मुल्क को भी दुबई की तरह टूरिस्ट कंट्री बनाया जा रहा है सिनेमा हल आहिस्ता आहिस्ता पूरे मुल्क में खोले जा रहे हैं कुछ सालों तक आपको दुबई और सौदिया में फर्क बहुत कम महसूस होगा दुनिया की सबसे
ऊंची बिल्डिंग बुर्ज खलीफा है लेकिन कुछ ही अरसा बाद यह दूसरे नंबर पर चली जाएगी क्योंकि बुर्ज खलीफा से भी ऊंची बिल्डिंग जद्दा में बनाई जा रही है जिसकी ऊंचाई 3200 फीट है जबकि बुर्ज खलीफा की ऊंचाई 2717 फीट है यूटा मो प्रोजेक्ट दुनिया का एक मुनफरीद प्रोजेक्ट है जिसमें पहाड़ के अंदर हैरान कर देने वाला आर्किटेक्चर डिजाइन किया जा रहा है यह प्रोजेक्ट भी नम प्रोजेक्ट का हिस्सा है और गल्फ ऑफ अकबा के पास बनाया जा रहा है इसके अंदर म्यूजिकल प्रोग्राम और डांसिंग प्रोग्राम भी किए जाएंगे सिराना एक ऐसा प्रोजेक्ट है जिसमें लग्जरी
होटल पहाड़ों के अंदर बनाए जाएंगे और इन होटल में हेलीकॉप्टर या बोट के जरिए सिर्फ जा सकते हैं यह होटल आम होटल की तरह बिल्कुल नहीं होंगे जैसा कि आप स्क्रीन पर देख रहे हैं सिं दला सऊदिया अरब के नॉर्थ वेस्ट में जजीरा है जिसको डेवलप किया जा रहा है यह रेड सी पर वाकया है जहां आपको अयाशी का हर तरह का सामान मिलेगा और फहशी भी आम होगी सऊदी अरब का दारुल हुकूमत रियाद है जहां मुल्क के तमाम सरकारी काम देखे जाते हैं लेकिन फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट जद्दा है रियाद सिटी के पास भी न्यू मराबा
डिस्ट्रिक्ट बनाया जा रहा है जो अपने मुनफरीद डिजाइन की वजह से आने वाले वक्त में दुनिया का सबसे अलग किस्म का डिस्ट्रिक्ट बन जाएगा यह 2030 तक प्रोजेक्ट मुकम्मल कर लिया जाएगा दोस्तों यहां आपको एक हैरान कुन मुकाम के बारे में बताता चलूं जिसका नाम अल उला है इस जगह हजरत सालेह अलसलाम की कौम आबाद थी लेकिन यह बुद्धों की पूजा करते थे मोज के तौर पर अल्लाह ताला ने इनके के पास एक ऊंटनी भेजी लेकिन इस कौम ने उसे ही कत्ल कर दिया जिस पर अल्लाह ने इन पर अजाब नाजिल फरमाया आप सल्लल्लाहु अलैहि
वा वसल्लम ने इस जगह रुकने और खाने से मना फरमाया है लेकिन आज इसको टूरिस्ट प्लेस बना दिया गया है ताकि टूरिस्ट आएं और सौदी गवर्नमेंट पैसा कमाए सऊदी रॉयल फैमिली का लाइफस्टाइल पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा फेमस है दुनिया की महंगी गाड़ियां और इनके महल देखकर आप दंग रह जाएंगे सौदिया के मर्द हजरात एक से जायद शादियां करते हैं इनमें जहे का रवाज बिल्कुल भी नहीं है सौदी लोग खाने में ऊंट का गोश्त मंदी और हरीशा बहुत शौक से खाते हैं खजूर और कावा इनकी जिंदगी की आम खुराक है आज से कुछ साल पहले
फहाश इतनी आम नहीं थी लेकिन आज सौदिया में नाइट क्लब और कसीनो भी खोले जा रहे हैं सऊदी अरब की जीडीपी 1:1 ट्रिलियन डॉलर है और यहां पर रहने वाले लोगों की सालाना आमदनी 0000 है सऊदी अरब में कम से कम तनख्वा 4000 रियाल है जो पाकिस्तानी 3 लाख के बराबर है इस मुल्क की करेंसी रियाल है जो पाकिस्तानी ₹ के बराबर और इंडियन [संगीत]