सोच रहे हो कि हाथ में ₹1 लाख हैं और अब इसे इन्वेस्ट करना है। लेकिन सवाल यह है कहां कैसे? म्यूच्यूल फंड, स्टॉक मार्केट, एफडी, गोल्ड या क्रिप्टो। आज की इस वीडियो में मैं आपको बिल्कुल स्टेप बाय स्टेप गाइड देने वाला हूं। बिगिनर टू प्रो इन्वेस्टर तक जिससे आप अपना पहला ₹1 लाख कॉन्फिडेंटली इन्वेस्ट कर पाओगे। और हां, मैं कोई दो-ती साल पुरानी बातें नहीं करूंगा। स्ट्रेट जुलाई 2026 के लेटेस्ट मार्केट कंडीशंस, टैक्स रूल्स और बेस्ट प्लेटफॉर्म्स के हिसाब से प्रैक्टिकल स्ट्रेटजी बताऊंगा। वीडियो थोड़ी लंबी होने वाली है क्योंकि मैं डेप्थ में जाऊंगा लेकिन अगर आपने आखिरी तक सुन लिया तो आपको किसी और वीडियो की जरूरत नहीं पड़ेगी। तो बिना टाइम वेस्ट किए चलिए शुरू करते हैं। लेकिन उससे पहले एक छोटी सी बात। इस वीडियो में एक ऐसा स्टेप है स्टेप नंबर फाइव जिसे सुनकर आपकी आंखें खुल जाएंगी। 99% लोग इस स्टेप को इग्नोर करते हैं और यही वजह है कि उनका 1 लाख 10 साल बाद भी मुश्किल से ₹1. 5 लाख बनता है। जबकि सही स्ट्रेटजी के साथ वह 5 लाख, 10 लाख या उससे भी ज्यादा हो सकता है। मैं बताऊंगा कि 1 लाख इन्वेस्ट करने के बाद आपको एक्चुअली क्या करना चाहिए जो असली गेम चेंजर है। तो बस लास्ट तक बने रहिए क्योंकि जो मैं स्टेप फाइव में रिवील करूंगा वह आपकी पूरी फाइनेंशियल जर्नी बदल देगा। प्रॉमिस। तो सबसे पहले समझते हैं कि जुलाई 2026 में आपको इन्वेस्ट क्यों करना चाहिए और सिर्फ सेविंग्स अकाउंट में पैसे रखना क्यों फाइनेंशियल सुसाइड है। अभी इनफ्लेशन इंडिया में ऑफिशियली 5.
2% के आसपास है। लेकिन रियलिटी में आपकी डेली नीड्स, एजुकेशन, हेल्थ केयर की इनफ्लेशन 8 टू 10% टच कर रही है। इसका मतलब अगर आपका पैसा बैंक में पड़ा है, जहां 3 टू 4% इंटरेस्ट मिल रहा है, तो आपकी परचेसिंग पावर हर साल कम हो रही है। एफडी की बात करें तो 2026 में टॉप बैंक्स वन ईयर की एफडी पर 6. 8 टू 7. 2% दे रहे हैं। लेकिन टैक्स के बाद अगर आप 30% ब्रैकेट में हो तो एक्चुअल रिटर्न सिर्फ 4.
8% रह जाता है। इनफ्लेशन एडजस्ट करोगे तो आप नेगेटिव रिटर्न बना रहे हो। इसलिए सेव से इन्वेस्ट की तरफ शिफ्ट होना आज की बिगेस्ट नेसेसिटी बन चुकी है। मार्केट सिनेरियो देखें तो जुलाई 2026 में निफ्टी 50 25800 के ऑल टाइम हाई ज़ोन में ट्रेड कर रहा है। ससेक्स 85,000 के पास है। पिछले 5 साल में निफ्टी ने लगभग 14% सीएजीआर रिटर्न दिया है। पावर ऑफ इक्विटी जो एफडी कभी नहीं दे सकती। हां वोलेटिलिटी है। मार्केट 10 टू 15% करेक्ट भी हो सकता है। लेकिन अगर आप लॉन्ग टर्म के लिए इन्वेस्टेड रहे तो यही वोलेटिलिटी आपकी वेल्थ क्रिएट करती है। और ₹1 लाख एक ऐसी अमाउंट है जिससे आप प्रॉपर्ली डायवर्सिफाई कर सकते हो। ना बहुत छोटा कि ऑप्शंस लिमिटेड हो ना इतना बड़ा कि गलती से हार्ट अटैक आए। तो चलिए अब हम अपनी स्टेप बाय स्टेप गाइड की तरफ बढ़ते हैं। जहां मैं आपको बिल्कुल प्रैक्टिकल एक्शन ओरिएंटेड प्लान दूंगा। बट वेट 1 सेकंड रुक जाइए। स्क्रीन पर अगर आप ध्यान दे रहे हैं। मैं एक छोटा सा स्टैटिस्टिक दिखा रहा हूं। क्रिसिल और सेबी की रीसेंट इन्वेस्टर बिहेवियर रिपोर्ट के मुताबिक 2020 से 2025 के बीच निफ्टी 50 ने अराउंड 15% एनुअलाइज्ड रिटर्न दिया है। लेकिन गेस करो एवरेज रिटेल इक्विटी इन्वेस्टर ने कितना कमाया? सिर्फ 8. 9%। क्यों?
क्योंकि हम लोग मार्केट डाउन होने पर घबराकर बीच में निकल जाते हैं और जब मार्केट हाई होती है तब एंटर करते हैं। डर, लालच और इंपेशेंस। यही तीन चीजें हैं जो आपको 1 लाख को 1 करोड़ बनाने से रोकेंगी। इसलिए आज मैं स्टेप बाय स्टेप सिर्फ प्रोडक्ट्स नहीं बल्कि माइंडसेट भी बताऊंगा। जिससे आप समझो कि इन्वेस्टिंग सिर्फ पैसा लगाना नहीं अपनी साइकोलॉजी को कंट्रोल करना भी है। चलो अब कोर कंटेंट में एंटर करते हैं। स्टेप बाय स्टेप गाइड टू योर फर्स्ट ₹1 लाख इन्वेस्टमेंट 2026 एडिशन। सबसे पहला और सबसे इंपॉर्टेंट सवाल यह ₹1 लाख आप कब तक यूज़ करना चाहते हो? क्या यह इमरजेंसी फंड का हिस्सा है? 2 साल बाद गाड़ी लेनी है। 5 साल बाद शादी या 15 20 साल बाद रिटायरमेंट। क्योंकि टाइम होराइजन डिसाइड करेगा कि आप किस टाइप के इंस्ट्रूमेंट में जाओगे। एक बेसिक रूल है जीरो से टू इयर्स सिर्फ सेफ डेप्ट इंस्ट्रूमेंट्स जैसे लिक्विड म्यूच्यूल फंड, अल्ट्रा शॉर्ट टर्म फंड या बैंक एफडी। इक्विटी से दूर रहो। थ्री टू फाइव इयर्स कंजर्वेटिव हाइब्रिड फंड्स, बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स या शॉर्ट ड्यूरेशन डेप्ट प्लस थोड़ा गोल्ड, इक्विटी एक्सपोज़र 20 टू 30% मैक्सिमम। फाइव टू 10 इयर्स मॉडरेट इक्विटी एलोकेशन 50 टू 60% इक्विटी बाकी डेप्ट और गोल्ड 10 इयर्स से ज्यादा फुल ऑन इक्विटी गेम 70 टू 80% इक्विटी क्योंकि टाइम आपका सबसे बड़ा दोस्त है तो मान लो आपका गोल 15 साल बाद रिटायरमेंट कॉर्पस बढ़ाना है तो आप इक्विटी हैवी जा सकते हो। अगर 3 साल में फॉरेन ट्रिप करनी है तो डेप्ट और गोल्ड कॉम्बो सही रहेगा। इस सवाल का जवाब लिख लीजिए एक डायरी में क्योंकि आगे के सारे स्टेप्स इसी पर बेस होंगे। स्टेप टू अपनी रिस्क लेने की कैपेसिटी और सहनशीलता जानो। रिस्क टॉलरेंस दो तरह की होती है। फाइनेंशियल मतलब कैपेसिटी और इमोशनल मतलब एपेटाइट। फाइनेंशियल कैपेसिटी मतलब अगर आप 30 इयर्स एंप्लॉयड हो, इमरजेंसी फंड है, लायबिलिटीज कम है, तो आप 40% लॉस भी अब्सॉर्ब कर सकते हो। लेकिन इमोशनल एपेटाइट यह कि कल मार्केट 20% गिर गया। तो क्या आपकी नींद आएगी या आप पैनिकिक सेल कर दोगे?
इमेजिन करो आपने ₹1 लाख निफ्टी इंडेक्स फंड में डाला। एक महीने बाद उसकी वैल्यू 80,000 हो गई। दिल धड़क रहा है अगर हां तो शायद आप 50% से कम इक्विटी रखना बेटर है। खुद से ऑनेस्टली जवाब दो। ऑनलाइन रिस्क प्रोफाइलिंग क्वेश्चन भी अवेलेबल हैं। ग्रो, zerodha, Paytm मनी पर फ्री में 2 मिनट लगेंगे। अब रिस्क कैटेगरी के हिसाब से ब्रॉडली तीन टाइप्स हैं। कंजर्वेटिव कैपिटल प्रोटेक्शन चाहिए, थोड़ा रिटर्न भी चाहिए, ज्यादा वोलेटिलिटी नहीं झेल सकते। तो आप 20 टू 30% इक्विटी तक रख सकते हो। बाकी डेप्ट या गोल्ड मॉडरेट कुछ रिस्क ले सकते हो। 50 टू 60% इक्विटी अग्रेसिव हायर रिस्क, हाई रिवॉर्ड 70 टू 90% इक्विटी लॉन्ग टर्म होराइजन के साथ। अपनी कैटेगरी पक्की करो क्योंकि स्टेप थ्री में एसेट एलोकेशन उसी के मुताबिक बनेगी। स्टेप थ्री एसेट एलोकेशन अपने 1 लाख को डिवाइड कैसे करें? अब यह स्टेप गोल्डन रूल की तरह है। आपके पास ₹1 लाख हैं। इसे आपको अलग-अलग एसेट क्लासेस में बांटना है। क्यों? क्योंकि ऑल एग्स इन वन बास्केट फाइनेंसियल बर्बादी का रास्ता है। लेटेस्ट 2026 में मैं सजेस्ट करूंगा कि जो भी कैटेगरी हो तीन चीजें ऑलवेज रखो। इक्विटी, डेप्ट और गोल्ड। और अगर थोड़ा और सोफिस्टिकेटेड होना चाहो तो इंटरनेशनल एक्सपोज़र और रीड्स भी ऐड कर सकते हो। लेकिन पहले बेसिक मान लो आप मॉडरेट हो गोल 10 इयर्स का है तो एक मॉडल पोर्टफोलियो कुछ ऐसा हो सकता है इक्विटी 60% = ₹60 डेप्ट ₹25% = ₹25,000 गोल्ड 10% = ₹10,000 कैश या इमरजेंसी बफर 5% = ₹5,000 जो आप लिक्विड फंड में डाल सकते हो। अगर अग्रेसिव हो 20 इयर्स के लिए तो इक्विटी 80% = ₹80,000 डेप्ट 10% = ₹10,000 गोल्ड 10% = ₹10,000 अगर कंजर्वेटिव हो 3 इयर्स के लिए तो डेप्ट 60% = ₹60,000 गोल्ड 15% = ₹15,000 इक्विटी 25% = ₹25,000 यह परसेंटेज फ्लेक्सिबल है। आप अपनी रिसर्च से एडजस्ट कर सकते हो। लेकिन यह है एसेट एलोकेशन का मैजिक। जब इक्विटी मार्केट गिरेगी, गोल्ड या डेप्ट आपके पोर्टफोलियो को कुशन देंगे। और जब इक्विटी चढ़ेगी, वह हैंडसम रिटर्न देगा। 2022, 2023 में ऐसा ही हुआ था। जब इक्विटी वोलेटाइल थी, गोल्ड ने 15% रिटर्न दिया था। इसलिए डायवर्सिफिकेशन का मंत्र याद रखो। स्टेप फोर, सही इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स चुनना। लेटेस्ट 2026 के हिसाब से। यह स्टेप बहुत डिटेल में समझाऊंगा क्योंकि यहीं पर मैक्सिमम लोग कंफ्यूज हो जाते हैं। हर एसेट क्लास के लिए बेस्ट अवेलेबल ऑप्शंस बता रहा हूं। लेटेस्ट टैक्सेशन और रूल्स के साथ इक्विटी के लिए डायरेक्ट स्टॉक्स लेना मतलब फुल टाइम जॉब के साथ मुश्किल है और हाई रिस्क है अगर नॉलेज नहीं है तो। इसलिए मैं स्ट्रांगली सजेस्ट करूंगा म्यूच्यूल फंड्स या ईटीएफ थ्रू इंडेक्स फंड्स। 2026 में पैसिवली मैनेज्ड इंडेक्स फंड्स का ट्रेंड काफी स्ट्रांग है। क्योंकि इनका एक्सपेंस रेशियो 0.
1 टू 0. 3% ही है। जबकि एक्टिव फंड्स 1 टू 2% चार्ज करते हैं। ओवर लॉन्ग टर्म एक्सपेंस रेशियो लाखों का फर्क डाल सकता है। माय रेकमेंडेशन निफ्ट्टी 50 इंडेक्स फंड या ईटीएफ कोर पोर्टफोलियो के लिए 40% एलोकेशन लो कॉस्ट स्टेबिलिटी। निफ्टी नेक्स्ट 50 या मिडcap 110 इंडेक्स फंड 20% एलोकेशन ग्रोथ के लिए थोड़ा वोलेटाइल बट 12 टू 15% रिटर्न का पोटेंशियल अगर एक्टिव फंड लेना है तो एक टॉप रेटेड फ्लेक्सी कैप फंड ले सकते हो जैसे parag पारिक फ्लेक्सी कैप या क्वड फ्लेक्सी कैप जो फंड मैनेजर एक्सपर्टीज दे सकते हैं लेकिन एनश्योर करो कि एक्सपेंस रेशियो 1% से कम हो और एयूएम डिसेंट हो स्मॉल केसेस भी एक ऑप्शन है अगर आपको रेडीमेड स्टॉक बास्केट्स चाहिए लेकिन वो वो डायरेक्टली स्टॉक्स हैं थोड़ा हाई रिस्क बिगिनर्स के लिए इंडेक्स फंड बेस्ट ईएलएसएस इक्विटी लिंक सेविंग स्कीम अगर आप ओल्ड टैक्स रिजीम में हो और एटीसी डिडक्शन लेना चाहते हो तो ईएलएसएस फंड 3 ईयर लॉक इन के साथ टैक्स सेविंग इक्विटी एक्सपोज़र दे सकता है। लॉक इन का पॉजिटिव साइड यह है कि डिसिप्लिन आ जाता है। 2026 में भी ईएलएसएस पॉपुलर है। बस ध्यान रखो कि नए फंड एनएफओ ना लो। एस्टैब्लिश्ड फंड लो डे के लिए। अगर टाइम होराइजन वन टू 2 इयर्स है और सेफ्टी चाहिए तो बैंक एफपी पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट या आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बोंड्स 2020 टैक्सेबल करेंटली जुलाई 2026 में रेट अराउंड 7. 15% हो सकता है। एफडीस में प्रीमेच्योर विथड्रॉल पेनल्टी होती है। इसलिए थोड़ा लिक्विड ऑप्शन भी चाहिए। लिक्विड म्यूच्यूल फंड्स या ओवरनाइट फंड्स रिटर्न एफडी के आसपास 6 टू 6.
5% बट एनी टाइम रिडीम कर सकते हो बिना पेनल्टी मनी वन डे में आ जाता है। इमरजेंसी बफर के लिए परफेक्ट शॉर्ट ड्यूरेशन डे फंड्स वन टू 3 ईयर मैच्योरिटी अगर 3 ईयर का होराइजन है। यह बेटर रिस्क एडजस्टेड रिटर्न देते हैं। अराउंड 7 टू 8% टैक्सेशन न्यू रूल के हिसाब से डेप्ट म्यूच्यूल फंड्स के गेंस को अब होल्डिंग पीरियड के हिसाब से इंडेक्सेशन बेनिफिट नहीं है। 2023 से चेंज हो गया था। अब शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन यानी एसटीजीसी स्लैब के हिसाब से टैक्स होगा। लॉन्ग टर्म 3 इयर्स से ऊपर भी स्लैब के हिसाब से टैक्स होगा। तो अगर आप 30% ब्रैकेट में हो तो पोस्ट टैक्स रिटर्न सोच समझ कर लेना। अगर लॉक इन 15 साल एक्सेप्टेबल है तो पीपीएफ अभी 7. 1% टैक्स फ्री रिटर्न दे रहा है। सुपर्ब ऑप्शन डे पोर्टफोलियो के लॉन्ग टर्म पार्ट के लिए। लेकिन 1. 5 लाख एनुअल लिमिट। इसमें आप 1 लाख एक साथ डाल सकते हो। पर मैच्योरिटी 15 साल पार्शियल विड्रॉल सेवंथ ईयर से। सो अगर रिटायरमेंट गोल है 10-15% यहां लगाओ गोल्ड के लिए। सोवरन गोल्ड बॉन्ड अब नए इशूज़ नहीं आ रहे 2026 में क्योंकि गवर्नमेंट ने एफवाई 2526 बजट से इसे डिस्कंटिन्यू कर दिया था कॉस्ट मैनेज करने के लिए। तो जो एकिस्टिंग एसजीबीस हैं सेकेंडरी मार्केट में प्रीमियम पर मिलती हैं। लेना थोड़ा कॉम्प्लिकेटेड है। इसीलिए सिंपल ऑप्शन गोल्ड ईटीf या गोल्ड म्यूच्यूल फंड्स nipon इंडिया गोल्ड ईटीएफ SBI गोल्ड फंड यह फिजिकल गोल्ड की तरह ट्रैक करते हैं। एक्सपेंस रेशियो 0.
5% के आसपास लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स सेम एज डेप्ट स्लैब रेट के हिसाब से। लेकिन आप एनी टाइम खरीद और बेच सकते हो। डिजिटल गोल्ड भी है लेकिन पर्सनली ईटीएफ या एमएफ ज्यादा ट्रांसपेरेंट है। 10% एलोकेशन गोल्ड को रखो इनफ्लेशन हेज और पोर्टफोलियो स्टेबलाइजर के लिए। इंटरनेशनल एक्सपोज़र के लिए ऑप्शनल एडवांस्ड। अगर आप थोड़ा डवर्सिफाई ग्लोबल करना चाहते हो तो nसdc 100 एफओएफ या snp 500 इंडेक्स फंड ले सकते हो। 2026 में यूएस मार्केट्स ऑल टाइम हाई पर हैं। लेकिन लॉन्ग टर्म के लिए टेक स्टॉक्स की ग्रोथ दे सकते हैं। लेकिन इसमें करेंसी रिस्क और हायर एक्सपेंस रेशियो का ध्यान रखो। बिगिनर्स के लिए 5 टू 10% और नए टैक्स रूल के अनुसार इंटरनेशनल फंड्स को डेप्ट फंड की तरह टैक्स किया जाता है। मतलब स्लैब के हिसाब से एलटीसीजी टैक्स जो हाई ब्रैकेट वालों के लिए नुकसान है। सोच समझ कर प्लेटफार्म और डीममेट अकाउंट 2026 में इन्वेस्टिंग के लिए आपको बस एक डीममेट प्लस ट्रेडिंग अकाउंट और एक म्यूच्यूल फंड ऐप चाहिए। टॉप प्लेयर्स हैं Zerodha, Kit, Go, enjel 1, Upstok। Zerodha का ब्रोकरेज इक्विटी डिलीवरी फ्री है। इंट्राडे और एफएओ में चार्ज है। बट म्यूचल फंड डायरेक्ट। Gro uआई बिगिनर फ्रेंडली है। म्यूचल फंड डायरेक्ट प्लांस अवेलेबल। आप सीधा म्यूच्यूल फंड कंपनीज़ की वेबसाइट्स सीएमएस या KN टेक से भी इन्वेस्ट कर सकते हो। लेकिन एग्रीगेटर एप्स कन्वीनिएंट है। एक बार डीममेट अकाउंट ओपन करो। वीडियो केवाईसी से 1 दिन में हो जाता है। कॉइन बाय Zerodha या Go से डायरेक्ट म्यूच्यूल फंड ले सकते हो जिसमें कमीशन नहीं कटता। रेगुलर प्लान से बचकर डायरेक्ट प्लान लो। 1% एक्स्ट्रा रिटर्न का डिफ लॉन्ग टर्म में बड़ा होता है। तो अब तक हमने गोल सेट किया, रिस्क प्रोफाइल समझी, एलोकेशन बनाई, सही प्रोडक्ट्स चूज़ किए, डायरेक्ट प्लांस लिए, एसटीपी से लमसम को स्मार्टली पार्क किया और सबसे जरूरी एक सिप हैबिट स्टार्ट कर दी। जिससे आपका पोर्टफोलियो लाइफ लॉन्ग ग्रो करता रहेगा। 2026 के हिसाब से सारी लेटेस्ट इंफॉर्मेशन टैक्स रूल्स प्लेटफॉर्म्स के साथ आप एंपावर्ड हो तो एक्साइटमेंट तो बहुत होगी कि अब 1 लाख इन्वेस्ट करना कैसे है? बहुत सारे लोग यही गलती करते हैं। 1 लाख हाथ में आते ही पूरा एक ही दिन में किसी स्टॉक या फंड में झोंक देते हैं। मार्केट हाई है तो फोमो लो है तो और गिरेगा का वेट। यह अप्रोच वेल्थ डिस्ट्रयर है। सही एग्जीक्यूशन का सीक्रेट क्या है? स्टैगरिंग और एसटीपी सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान। और यही है वो स्टेप नंबर फाइव जो 99% लोग इग्नोर करते हैं। रेगुलर इन्वेस्टिंग की आदत जो आपको उस 1 लाख के बाद भी जारी रखनी है। मैं रिवील कर देता हूं। मान लो आप अग्रेसिव इन्वेस्टर हो। 1 लाख इक्विटी में लगाना चाहते हो। आज निफ्टी 25,800 पर है। कल करेक्शन आया तो अच्छा होता अगर 24,000 पर डालते। टाइम किसी को नहीं पता। इसीलिए स्मार्ट स्ट्रेटजी आप अपना 1 लाख एक लिक्विड फंड में डाल दो। फिर वहां से हर हफ्ते या हर महीने 10 2000 इक्विटी फंड में एसटीपी सिस्टैटिक ट्रांसफर प्लान सेट कर दो। इससे आपका एवरेज परचेस कॉस्ट मार्केट के अप्स एंड डाउन्स में बैलेंस हो जाता है। इसे रूपी कॉस्ट एवरेजिंग कहते हैं। 6 महीने में पूरा पैसा इक्विटी में शिफ्ट हो जाएगा बिना टाइमिंग की चिंता के। यह लमसम रिस्क को खत्म कर देता है। ग्रो ईटी मनी zerodha कॉइन सब एसटीपी सपोर्ट करते हैं। एकदम सिंपल। लेकिन रियल गेम चेंजर जो मैंने ओपन लूप में बोला वह सिर्फ एग्जीक्यूशन नहीं बल्कि इसके आगे की आदत है जो आपको उस 1 लाख के बाद भी जारी रखनी है। मैं रिवील कर देता हूं। मान लो आपने ₹1 लाख इन्वेस्ट कर दिया। अब उसको छोड़ दिया 10 साल के लिए। ठीक है?
वह कंपाउंड होगा। लेकिन अगर आपने उस ₹1 लाख के साथ-साथ हर महीने सिर्फ ₹2000 का एसआईपी भी स्टार्ट कर दिया। चाहे वह ₹2000 ही क्यों ना हो। 15 साल तक 12% एनुअल रिटर्न मान लो तो क्या होगा? मैं स्क्रीन पर कैलकुलेटर दिखा रहा हूं। 1 लाख लमसम 15 साल में बनेगा अप्रोक्स 5. 47 लाख 12% सीएजीआर और 2000 मंथली एसआईपी का टोटल इन्वेस्टमेंट 3.
6 लाख उसकी वैल्यू बनेगी अप्रोक्स 10. 1 लाख टोटल कॉपस 15. 57 लाख। कंपेयर करो अगर सिर्फ लमसम किया और कुछ नहीं सिर्फ 5.
5 लाख। फर्क देखा लगभग तीन गुना। यह जो एडिशनल रेगुलर एडिशन है वो कंपाउंडिंग को टर्बो चार्ज करता है। तो मेरा स्टेप फाइव का असली राज यही है। फर्स्ट इन्वेस्टमेंट के बाद रुकना नहीं बल्कि उससे एक आदत बनाना चाहे 500 ही सही हर महीने ऐड करते रहना। 99% लोग इसीलिए फेल होते हैं क्योंकि वह सोचते हैं बस 1 लाख डाल दिया। अब वेट करेंगे। जबकि अमीर बनना है तो इन्वेस्ट करते रहो। मंत्रा है। आज से कमिटमेंट करो। 1 लाख डालने के साथ एक एसआईपी शुरू करो। चाहे वह ₹1000 ही क्यों ना हो। ऑटोमेटिकली यही वेल्थ क्रिएशन की फाउंडेशन है। एंड दैट इज द बिगेस्ट रिवील ऑफ दिस वीडियो। चलो अभी थोड़ी देर के लिए रुकते हैं और एक लाइव एक्सरसाइज करते हैं। स्क्रीन पर दो ऑप्शंस दिख रहे हैं। ऑप्शन ए आप आज 1 लाख निफ्टी इंडेक्स फंड में एक साथ डाल देते हैं। अगले 10 साल तक टच नहीं करते। ऑप्शन बी आप 1 लाख को 6 महीने में स्लोली इक्विटी में ट्रांसफर करते हो एसटीपी से और उसके बाद 3000 मंथली एसआईपी ऐड करते हो। दोनों में से कौन सा ऑप्शन आपको लगता है 10 साल बाद ज्यादा पैसा बनाएगा? कमेंट्स में फास्टफास्ट जवाब दो। मैं देखता हूं कौन सही बोलता है। सोचो मत। गट फीलिंग बताओ। टाइम्स अप। ऑब्वियसली ऑप्शन बी क्योंकि उसमें टोटल इन्वेस्टेड अमाउंट ज्यादा है और रेगुलर इन्वेस्टिंग ने कंपाउंडिंग को एक्सीलरेट किया। लेकिन इंटरेस्टिंग बात यह है कि मार्केट उस दौरान कंसिस्टेंटली गिरता रहा। तो ऑप्शन ए की वैल्यू इनिशियल इयर्स में नेगेटिव दिखेगी। आप डर से एग्जिट कर सकते थे। जबकि ऑप्शन बी में आप डिसिप्लिन रहोगे। एवरेज कॉस्ट लो होगी और एग्जिट का टेंप्टेशन कम। तो यह साइकोलॉजिकल एज भी दे गया एसटीपी प्लस एसआईपी। अब मैं आपको फाइनल और सबसे पावरफुल इन्वेस्टिंग इनसाइट देता हूं जो इस पूरी स्क्रिप्ट का क्लाइमेक्स है और जिसने मेरी खुद की लाइफ बदल दी। जब मैंने अपना पहला 1 लाख इन्वेस्ट किया था 2018 में। मैंने सोचा बस सही स्टॉक पिक कर लूं। एक साल में डबल रिजल्ट, लॉस, स्ट्रेस और रिग्रेट। फिर मैंने यह एक सिंपल प्रिंसिपल सीखा जो शायद आपने सैकड़ों बार सुना होगा लेकिन कभी सीरियसली नहीं लिया। इट्स नॉट अबाउट टाइमिंग द मार्केट, इट्स अबाउट टाइम इन द मार्केट। और इस प्रिंसिपल को असली धार तभी मिलती है जब आप रेगुलर कंट्रीब्यूशनंस के साथ अपने पोर्टफोलियो को एक स्नो बॉल की तरह बढ़ाते हो। द मेन रेवोलेशन इज दैट इन्वेस्टिंग इज अ मैराथॉन नॉट अ स्प्रिंट। आपका पहला 1 लाख एक बीज है। उसे मिट्टी में डालकर छोड़ मत दीजिए। उसे रोज पानी दीजिए। छोटे-छोटे सिप्स के थ्रू तब जाकर वह पेड़ बनता है जिसकी छांव में आप और आपकी फैमिली आराम से बैठ सकते हैं। और यह रेवोलेशन डायरेक्टली लिंक्ड है स्टेप फाइव से जो हमने डिस्कस किया। वहां मैंने नंबर्स दिखाए 15 लाख वर्सेस 5. 5 लाख। यह डिफरेंस सिर्फ पैसों का नहीं माइंडसेट का है। जो लोग सोचते हैं बस इतना इन्वेस्ट कर दिया, अब हो गया, वह इनफ्लेशन के रेस में पीछे रह जाते हैं। जो लोग डिसिप्लिन से हर महीने थोड़ा-थोड़ा डालते रहते हैं, वह करोड़पति बनते हैं। 2026 में मार्केट कितनी भी महंगी लगे, सिप का यह छोटा हैबिट आपको हर करेक्शन का फायदा दिलाता है बिना स्ट्रेस के। तो, रियल रेवोलेशन यही है दैट रियल वेल्थ इज बिल्ट बाय कंसिस्टेंसी नॉट बाय वन टाइम ब्रिलियंस। अगर आप आज के बाद यह एक आदत पकड़ लेते हैं हर महीने इन्वेस्ट मार्केट अप हो या डाउन ऑटोमेटिक बिना सोचे तो आपका पहला 1 लाख सिर्फ शुरुआत है मंजिल नहीं यही वह बात है जो मैं चाहता था आप तक पहुंचाना लेकिन एक वार्निंग भी जरूरी है डार्क साइड पर ध्यान दो एक्सपेंस रेशियो के चक्कर में मत पड़ना मैं पहले भी हिंट दे चुका हूं अगर आपने ₹1 लाख कहीं ऐसे म्यूच्यूल फंड में डाला जिसका एक्सपेंस रेशियो 2% है रेगुलर प्लान और एक सिमिलर इंडेक्स फंड है जिसका एक्सपेंस रेशियो 0.
2 2% है तो 20 इयर्स में 12% मार्केट रिटर्न के साथ रेगुलर प्लान आपकी ₹1 लाख को बनाएगा अप्रोक्स 6. 7 लाख जबकि डायरेक्ट इंडेक्स फंड बनाएगा 9. 1 लाख फर्क है 2.
4 लाख का 25% से ज्यादा कमाल है ना? इसीलिए हमेशा डायरेक्ट प्लान लो। पैसिवली मैनेज्ड इंडेक्स फंड लो जो सिर्फ मार्केट रिटर्न कैप्चर करें। आपका पैसा फीस में ना जाए। यह पैटर्न इंटरप्ट है ताकि आप अभी अपना फोन उठाकर चेक करें कि जिस फंड में सोच रहे हो उसका एक्सपेंस रेशियो कितना है। 1% से ज्यादा है तो सीरियसली रिकंसीडर। तो दोस्तों अब आप कंप्लीटली रेडी है अपना पहला ₹1 लाख इन्वेस्ट करने के लिए। रिककैप फास्ट गोल सेट किया, रिस्क प्रोफाइल जानी, एसेट एलोकेशन बनाई, सही प्रोडक्ट्स चुने, डायरेक्ट प्लानांस लिए, एसटीपी से लमसम को स्मार्टली पार्क किया और सबसे जरूरी एक सिप हैबिट स्टार्ट कर दी जिससे आपका पोर्टफोलियो लाइफ लॉन्ग ग्रो करता रहेगा। 2026 के हिसाब से सारी लेटेस्ट इंफॉर्मेशन टैक्स रूल्स प्लेटफॉर्म्स के साथ आप एंपावर्ड हो। अगर आपको यह वीडियो जेनुइनली हेल्पफुल लगी तो क्या करोगे? हां, लाइक बटन को जोर से दबाओ और अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करो जो इन्वेस्टिंग करना है पर शुरू नहीं कर पा रहे फेज में हैं। नीचे कमेंट बॉक्स में एक काम जरूर करना बताओ कि आप अपना पहला ₹1 लाख किस एसेट में इन्वेस्ट करने वाले हो?