एक 16 साल का लड़का घड़ी के एक बड़े शोरूम के बाहर खड़ा शीशे के अंदर चमचमाती घड़ियों को देख रहा था उसकी आंखों में चमक थी कि ये अमेजिंग घड़ियां बनती कैसे हैं पर तभी वहां पर खड़े सिक्योरिटी गार्ड ने उसे देखा और कहा हट जा दुकान के आगे से तेरी औकात नहीं है इन्हें खरीदने की ये अनाथ लड़का कोई और नहीं रोलेक्स के फाउंडर हंस विल्ड थे जो आगे चलकर दुनिया की सबसे महंगी घड़ियां बनाते हैं पर सवाल यह आता है कि कैसे एक अनाथ लड़का जिसके मां-बाप उसे बचपन में ही छोड़ के चले
गए वो आगे चलकर कैसे दुनिया का सबसे महंगा ब्रांड बनाता है इतना ही नहीं रो एक ऐसा ब्रांड बनता है कि गवर्नमेंट वर्ल्ड वॉर व में अपने सोल्जर्स को रोलेक्स की घड़ियां पहनाते है क्योंकि उस वक्त पर सिर्फ इन्हीं की घड़ियां इतनी प्रे साइज थी जिससे वो प्रॉपर्ली एक जगह पर अटैक कर सकते थे इसके साथ-साथ सबसे पहले माउंट एवरेस्ट को क्लाइम करने वाले टेंसिंग नॉर्वे और एडमंड हिलरी ने भी माउंट एवरेस्ट चढ़ते हुए रोलेक्स की घड़ियां पहनी थी बहुत से लोगों को ये नहीं पता कि रोलेक्स हर साल 80000 करोड़ की घड़ियां बेचती हैं
लेकिन इसके बावजूद ये कंपनी कैसे टैक्स में जीरो देती है ये सब कैसे होता है टैक्सी जीरो क्यों है और ये घड़ियां इतनी महंगी क्यों है इस लड़के ने इतनी बड़ी अचीवमेंट कैसे करी इन सब क्वेश्चंस के आंसर जानने के लिए पॉपकॉर्न उठाइए और एंजॉय कीजिए इस अमेजिंग डॉक्यूमेंट्री [संगीत] को हैंड्स विल्स ड्रॉफ मार्च 22 [संगीत] 18811 हन थे वो अपनी फैमिली के साथ खुश थे लेकिन 2 में जब बिल्स ड्रॉफ 11 साल के हुए तो उनकी लाइफ पूरे तरीके से बदल गई क्योंकि इस साल एक बीमारी की वजह से उनकी मां की डेथ हो
गई और इसके ठीक एक साल के बाद इनके फादर की भी डेथ हो गई 12 साल की उम्र में विल्स ड्रॉफ अनाथ हो चुके थे ल्डफ्लैग्स एम कोबर्ग जो कि बवेरिया में था 133 साल के विल्सडॉर्फ उस स्कूल के हॉस्टल में अकेले हो गए थे जहां पर बाकी बच्चों के मां-बाप उन्हें मिलने आते हैं विल्सडॉर्फ हमेशा अकेले रहते हर एक बच्चा उनका इस बात पर मजाक उड़ाता विल्सडॉर्फ ने पढ़ाई को अपना दोस्त बना लिया मैथ्स और इंग्लिश में वो बहुत अच्छे थे ये दोनों स्किल्स आगे चलकर उन्हें बहुत काम आने वाली थी स्कूल में विल्सडॉर्फ
मिला जिसने विल्सडॉर्फ को अपने देश सुजरलैंड में एक जगह के बारे में बताया इस जगह का नाम था ला चॉक्स दे फनस उसने विल्स ड्रॉफ को बताया कि यहां बहुत सी ऐसी इंडस्ट्रीज बन रही है जो घड़ियां बनाते हैं छोटे विल्स ड्रॉफ ये सुनकर बहुत खुश हुए और उन्होंने डिसाइड कर लिया कि जिंदगी में एक बार वो स्विज जरूर जाएंगे स्कूल खत्म होने के बाद 19 की एज में विल्सडॉर्फ जिनेवा स्विट्जरलैंड शिफ्ट हो गए वहां पर उन्होंने एक कंपनी में अप्रेंटिसशिप ले ली ये कंपनी पर्ल्स को एक्सपोर्ट करती थी विल्सडॉर्फ घड़ी बनाने वाले कंपनी में
काम करना चाहते थे और उनका यह सपना भी जल्दी पूरा हुआ जब विल्सडॉर्फ के दोस्त ने उन्हें एक कंपनी में जॉब दिलवाने में मदद करी इस कंपनी का नाम था कुनो कॉटन जो कि स्विटजरलैंड की सबसे बड़ी घड़ी बनाने वाली कंपनी थी यहां पर विलज ड्रॉफ एक क्लर्क का काम कर रहे थे और उन्हें हर महीने करीबन ₹ मिलते थे वहां पर विल्स ड्रॉफ का काम था प पॉकेट वाली घड़ियों की वाइंडिंग करना एक्चुअली उस टाइम पर मर्द पॉकेट की घड़ियां खरीदते थे और रिस्ट वॉच सिर्फ लड़कियां पहनती थी सबको लगता था कि रिस्ट वॉच
एक गहने की तरह होती है जो सिर्फ लड़कियों के लिए ही है इसके साथ-साथ इन सब घड़ियों में एक प्रॉब्लम थी प्रॉब्लम ये थी कि इन सब घड़ियों में स्प्रिंग लगे होते थे जिसे सुबह-सुबह उठकर पूरा घुमाना पड़ता था ताकि वो घड़ी एक दिन तक चलती रहे और एक बार घुमाने से वो घड़ी सिर्फ एक दिन तक चलती थी इसके साथ-साथ अगर आप ज्यादा हिलते डलते हो तो भी घड़ी का जो टाइम था वो पूरा हिल जाता था विल्स ड्रॉफ को अभी भी वो बचपन में शोरूम के बाहर बेजती वाला सीन याद था जब सिक्योरिटी
गार्ड ने उन्हें शोरूम से भगा दिया था विल्स रॉफ जब भी घड़ियों की वाइंडिंग करते उन्हें हमेशा लगता था कि वो एक बहुत अच्छी प्रेसा इज घड़ी बना सकते हैं जब विल्स डॉफ्ट मिलिट्री में सर्व करना पड़ा क्योंकि उस वक्त उनके देश में यह सर्विस देना मैंडेटरी था जब विल्स ड्रॉफ 22 साल के हुए तो वो लंदन शिफ्ट हो गए जहां पर वो एक लड़की से मिले जिसका नाम था फ्लोरेंस फ्रांसिस जो आगे चलकर इनकी पत्नी भी बनी इस टाइम तक विल्सडॉर्फ को पता चल गया था कि ये कंपनी कैसे काम करती और कैसे घड़ियां
बनती है 1900 5 में विल्सडॉर्फ जेम्स डेविस के साथ मिलके कंपनी खोली और इस कंपनी को नाम दिया विल्सडॉर्फ जितनी सेल्स एक्सपेक्ट कर रहे थे उतनी घड़ियां नहीं बिकरी थी काफी कस्टमर्स के साथ बात करके इन्हें पता चला कि क्योंकि घड़ियों का नाम विल्सडॉर्फ नाम था इसलिए लोग घड़ियां नहीं खरीद रहे थे उस वक्त जर्मनी के नाम से काफी लोग नफरत करते थे और उनका कोई भी सामान नहीं खरीदना चाहते थे 1908 में विल्सडॉर्फ ने जल्दी अपनी कंपनी का नाम बदल के रोलेक्स वच कंपनी लिमिटेड रख दिया लेक्स एक प्रीमियम नाम लगता था जिसकी वजह
से इनकी सेल्स काफी इंक्रीज हुई इस वक्त पर विल्सडॉर्फ बहुत पैसा खर्च रहे थे इसकी रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर ताकि वो एक ऐसी घड़ी बनाए जो बहुत ही प्रेसा हो और पानी में भी चलती रही 1926 में उन्होंने ये सपना पूरा कर दिया और एक मास्टरपीस घड़ी बनाई जिसे उन्होंने नाम दिया रोलेक्स र क्योंकि ये ऑस्टर की तरह वाटरप्रूफ थी जो कि दुनिया की पहली वाटरप्रूफ घड़ी थी इतनी अमेजिंग घड़ी बनाने के बाद भी ब से लोगों को इस क्लेम पर डाउट था कि वाटरप्रूफ घड़ी बन ही नहीं सकती क्योंकि खुद उन सबकी घड़ियां पानी
की एक बूंद गिनने पर भी खराब हो जाती थी लेकिन इसके लिए भी विल्सडॉर्फ फ्रेडी थे जो उस वक्त उनकी कोई भी कंपट कंपनी सोच भी नहीं सकती [संगीत] थी विल्सडॉर्फ एक परफेक्ट प्रोडक्ट बनाना काफी नहीं है उन्हें लोगों को एक कहानी बतानी पड़ेगी एक ऐसी कहानी जो लोग कभी भी नहीं भूलेंगे और विल्स ड्रॉफ ने एगजैक्टली किया भी य 1927 में विल्स ड्रॉफ ने एक ऐसा मौका देखा जो बहुत कम लोग सोच रहे थे एक लड़की थी जिसका नाम था उस वक्त रोलेक्स यस्टर को पहन ले भले ही ये लड़की इस अटेंप्ट में इंग्लिश
चैनल को पान नहीं कर पाई पर जो मिस्टर विल्सडॉर्फ को चाहिए था वो हो गया था रोलेक्स यस्टर घड़ी समंदर में बिल्कुल परफेक्ट तरीके से काम कर रही थी वेल्स ॉफुल भी टाइम वेस्ट नहीं किया वो लंडन डेली मेल में गए और एक फुल पेज ऐड चलाई जिसमें उन्होंने प्राउडली अनाउंस किया कि रोलेक्स यर द वंडर वच दैट डिफा द एलिमेंट्स ये सिर्फ एक ऐड नहीं थी ये कहानी थी जो लोगों को सुननी थी लेकिन विल्स रॉफ यहां नहीं रुके ये समझते हुए कि लोगों को खुद ये देखने की जरूरत है उन्होंने लंडन की दुकानों
में फिश बोल्स रख दिए जहां पर मछलियों के साथ-साथ रोलेक्स की घड़ियां पानी में डूबी हुई थी लोग जब शोरूम में इन घड़ियों को पानी में डूबते हुए देखते वो हैरान हो जाते कि ये घड़ियां अभी तक काम कैसे कर रही है इसके बाद जब सेल्स काफी इंक्रीज हुई तो विल्स ड्रॉफ को 1953 में पता चला कि दो लेजेंड फिगर्स टेंसिंग नॉर्वे और सर एडमंड हिलरी दुनिया के सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर जाएंगे तो उन्होंने इन दोनों को भी अपनी घड़ियां पहना दी जब ये दोनों माउंट एवरेस्ट में पहुंचने वाले पहले क्लाइंबर्स बने तो
इनकी कलाइयों पर रोलेक्स घड़ियां थी ये कोई सिंपल क्लाइम नहीं था ये एक छोटी न्यूज़ नहीं थी ये हिस्ट्री बन गई थी रोलेक्स इन क्लाइंबर्स के साथ हर कदम पर था सब जीरो टेंपरेचर और इंटेंस प्रेशर को झेलते हुए एक बार फिर इन्होंने प्रूफ कर दिया था कि ये घड़ी लेजेंड्स के लिए बनाई गई है विल्सडॉर्फ ने दोबारा से एवरेस्ट की सक्सेस की न्यूज़ हर जगह पर पब्लिश करी इसके साथ-साथ 1935 में रेस कार ड्राइवर मैलकम कैं पेल ने वर्ल्ड स्पीड रिकॉर्ड तोड़ दिया था वो 300 माइल पर आर की स्पीड से कार चला रहे
थे और उनके हाथ में भी लेक्स खड़ी थी कैमल जो प्रीसीजन के लिए जाने जाते थे उन्होंने एक बहुत बड़ी स्टेटमेंट दी इस स्टेटमेंट में उन्होंने कहा जब मैं इतनी स्पीड पर ड्राइव कर रहा हूं मुझे कुछ ऐसा चाहिए जिससे मैं पूरी तरीके से भरोसा कर पाऊं और रोलेक्स वो घड़ी है इसके बाद लेक्स यर्स को बहुत से सर्टिफिकेट्स मिले पहले उन्हें मिला स्विफ सर्टिफिकेट ऑफ क्रोनोमेट्रिक प्रेसीजन इसके बाद लंडन के प्रेस्टीजियस की ऑब्जर्वेटरी ने रोलेक्स रिस्ट वॉच को क्लास ए प्रेसीजन सर्टिफिकेट दिया इन सब मार्केटिंग और सर्टिफिकेशन की वजह से रोलेक्स एक प्रीमियम बंड
बन गया वर्ल्ड वॉर वन के दौरान घड़ियां सिर्फ एक ज्वेलरी नहीं थी बल्कि लाखों सोल्जर्स की जान बचा सकती थी सोल्जर्स जिन्हें जंग में अपने अटैक्स को कोऑर्डिनेट करना पड़ता था जिसके लिए एकदम प्रेसा घड़ियों की जरूरत थी अगर सोल्जर्स की एक बटालियन की घड़ी कुछ और टाइम दिखा रही है और दूसरी बटालियन जो दूर खड़ी है उनकी घड़ी कुछ और टाइम बता रही है तो वो दोनों मिलकर एक साथ कभी भी दुश्मन पर अटैक नहीं कर पाएंगे इस मूवमेंट पर गवर्नमेंट ने एक फैसला लिया कि वो रोलेक्स की घड़ियां अपने सोल्जर्स को देंगे चाहे
फिर वो कीचड़ हो या गंगोल बारिश इन घड़ियों की मदद से सोल्जर्स को अपने मूवमेंट सिंक्रोनाइज करने में मदद मिलेगी गवर्नमेंट का रोलेक्स घड़ियों में विश्वास देख के नॉर्मल पब्लिक में इसकी सेल्स और इंक्रीज हो गई रोलेक्स र ने तो धमाल मचा दिया था लेकिन विल्स डॉ कुछ और बेटर करना चाहते थे उस वक्त पर जितनी भी घड़ियां थी इंक्लूडिंग ऑस्टर सब में एक प्रॉब्लम थी उन सबको मैनुअली वाइंड करना पड़ता था विल्स ड्रॉफ को उस वक्त पर एक ऐसी घड़ी बनानी थी जिसे चला लाने के लिए मैकेनिक कुछ भी ना करना पड़े और उन्होंने
दुनिया की सबसे पहली सेल्फ वाइंडिंग रिस्ट वॉच इंट्रोड्यूस की रोलेक्स यर परपे चुअल इस घड़ी में एक परपे चुअल रोटर था जिसका मतलब है कि अगर आप इस घड़ी को पहनते हैं तो आपकी मूवमेंट से ही ये चार्ज हो जाएगी और हर बार घड़ी को बाहर निकालकर उसे मैकेनिक चार्ज यानी चाबी भरने की जरूरत नहीं होगी इस इंजीनियस एडवांसमेंट ने रोलेक्स की रेपुटेशन को और बेटर बना दिया लेकिन इतना सक्सेसफुल होने के बाद भी किस्मत को कुछ और ही मंजूर थ [संगीत] जैसे-जैसे साल बीते विल्ज ॉफुल हैंस फ्रांसेस उन्हें छोड़ के चली गई इस दुख
के बाद विल्फ बहुत गहरी सोच में चले गए उन लोगों के कोई बच्चे नहीं थे इसलिए उन्हें चिंता होने लगी कि उनकी मौत के बाद रोलेक्स का क्या होगा बहुत महीनों तक सोचने के बाद विल्सडॉर्फ ने एक बड़ा फैसला लिया 1945 में उन्होंने हैंस विल्ड फाउंडेशन की स्थापना की जो कि एक प्राइवेट ट्रस्ट है जिसमें उन्होंने रोलेक्स के अपने सारे शेर दान कर दिए विल्ड ने सिर्फ इतना ही नहीं सोचा उन्होंने फाउंडेशन को इस तरीके से बनाया कि लेक्स अब से जितने भी प्रॉफिट्स करेगी उसे दान में दे दिया जाएगा ये सारा दान एजुकेशन आर्ट्स
और सोशल वेलफेयर प्रोग्राम्स को दिया जाएगा जब 6 जुलाई 1960 को विल्स की डेथ हुई तो उनके हेंस विल्स फाउंडेशन ने इंश्योर किया कि रोलेक्स हमेशा इंडिपेंडेंट रहेगी और कभी भी किसी पब्लिक शेयर होल्डर या कॉरपोरेट टेकओवर्स की वजह से अप कनी इनोवेशन नहीं छोड़ेगी अब हम में से कई लोग सोच रहे होंगे कि rx3 साल की उम्र में अनाथ हो गए थे जिसे एक शोरूम से भगाया गया था उन्होंने आज एक ऐसा ब्रांड बना दिया जो दुनिया पहनने के लिए तरसती है इन शॉर्ट एवरीथिंग इज पॉसिबल एगजैक्टली सेम स्टोरी है इलन मस्क और स्टीव
जॉब्स की जिसे सबसे अच्छे तरीके से बताया है वाल्टर आइस सेक्सन ने अपनी बुक में इन दोनों की बुक समरी आप ग ए में हिंदी में पढ़ सकते हैं और सुन सकते हैं यहां पर 200 से ज्यादा बुक सरीज हिंदी में फ्री में अवेलेबल हैं और हर हफ्ते हम इसमें एक बुक समरी ऐड करते हैं तो अगर आप वो इंसान है जिसे नॉलेज में इंटरेस्ट है तो इस एप्लीकेशन को आप डाउनलोड कर सकते हैं इसका लिंक मैं डिस्क्रिप्शन ऑफ फर्स्ट कमेंट में दे दूंगा और हां जो भी आपके फ्रेंड्स या फैमिली मेंबर्स हैं जो थोड़े
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